Author: bharati

  • तमिल स्टार रवि मोहन का बड़ा दावा: एक्स-वाइफ पर काला जादू और प्रताड़ना के आरोप, प्रेस कॉन्फ्रेंस में फूट-फूटकर रोए

    तमिल स्टार रवि मोहन का बड़ा दावा: एक्स-वाइफ पर काला जादू और प्रताड़ना के आरोप, प्रेस कॉन्फ्रेंस में फूट-फूटकर रोए



    नई दिल्ली। तमिल फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता रवि मोहन (जयम रवि) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। शनिवार, 16 मई को उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी निजी जिंदगी और तलाक विवाद को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान वह भावुक हो गए और रोते हुए अपनी बात रखी।

    रवि मोहन ने अपनी एक्स-वाइफ आरती और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के बाद से ही उनकी जिंदगी काफी कठिन हो गई थी। उन्होंने दावा किया कि उन पर मानसिक दबाव बनाया गया और उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।

    ‘मुझे बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा’
    अभिनेता ने कहा कि उन्हें अपने बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा है, जो उनके लिए सबसे दर्दनाक बात है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बच्चों की सुरक्षा के नाम पर उन पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं और उन्हें परिवार से अलग किया गया है।

    ‘काला जादू किया जा रहा है’ – रवि मोहन
    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रवि मोहन ने यह भी आरोप लगाया कि उनके ऊपर काला जादू किया जा रहा है और यह सिलसिला पहले भी चल चुका है और अब भी जारी है। उन्होंने कहा कि इस वजह से उनकी सेहत और मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ा है।

    आत्महत्या की कोशिश का भी किया दावा
    भावुक होते हुए रवि मोहन ने दावा किया कि उन्होंने खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी और अपनी कलाई काट ली थी। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उन्होंने काम करना नहीं छोड़ा और अगले दिन शूटिंग पर भी पहुंचे थे।


    ‘फिल्मों से लूंगा ब्रेक, तलाक के बाद वापसी करूंगा’
    अभिनेता ने यह भी ऐलान किया कि वह फिलहाल फिल्मों से ब्रेक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनका निजी जीवन और तलाक का मामला पूरी तरह सुलझ नहीं जाता, तब तक वह अभिनय नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह पहले अपनी जिंदगी को ठीक करेंगे और फिर ही इंडस्ट्री में वापसी करेंगे।

    2009 में हुई थी शादी, 2024 से अलग रह रहे हैं
    रवि मोहन और आरती की शादी साल 2009 में हुई थी और उनके दो बेटे हैं। दोनों साल 2024 से अलग रह रहे हैं। पिछले कुछ समय से उनके तलाक को लेकर कानूनी प्रक्रिया भी चल रही है। इस बीच उनका नाम सिंगर केनिशा फ्रांसिस के साथ भी जोड़ा गया था, हालांकि उन्होंने इससे इनकार किया था।

    निजी जीवन में बढ़ा तनाव
    पहले दिए गए इंटरव्यू में रवि मोहन ने कहा था कि उन्हें शादी में घुटन महसूस होने लगी थी और उनके पास अलग होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। उन्होंने कहा था कि वह अपने फैसले पर अडिग हैं और अब केवल आगे बढ़ना चाहते हैं।

  • मौसम 17 मई: 19 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 80 km/h तक हवाएं; IMD ने जारी किया बड़ा अपडेट

    मौसम 17 मई: 19 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 80 km/h तक हवाएं; IMD ने जारी किया बड़ा अपडेट


    नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 17 मई के लिए देश के मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, अगले 12 से 24 घंटों में देश के 19 राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

    IMD ने बताया कि मध्य उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जबकि दक्षिणी राजस्थान के ऊपर भी एक और वायु परिसंचरण बना हुआ है। इन्हीं मौसमी सिस्टम के कारण देश के बड़े हिस्से में मौसम तेजी से बदल रहा है।


    इन राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
    मौसम विभाग के अनुसार बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मध्यम से भारी बारिश और तेज आंधी का अनुमान है।

    इन राज्यों में कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और वज्रपात की भी चेतावनी दी गई है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

    दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश का मौसम
    दिल्ली में 17 मई को मौसम शुष्क और गर्म रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। लू चलने की भी संभावना है।

    उत्तर प्रदेश में भी ज्यादातर जिलों में भीषण गर्मी और लू का असर रहेगा। नोएडा, आगरा, मथुरा, कानपुर, वाराणसी, लखनऊ और आसपास के इलाकों में दिन के समय तेज गर्म हवाएं परेशान कर सकती हैं। लखनऊ में तापमान 42 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।

    बिहार और झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी
    बिहार में गया, पटना, भागलपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और अन्य जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना है। कई जगहों पर बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है।

    झारखंड में रांची, धनबाद, बोकारो, दुमका और अन्य जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।

    उत्तराखंड और हिमाचल में मौसम बदलेगा
    उत्तराखंड के नैनीताल, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, चंपावत और अन्य क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। वहीं हिमाचल प्रदेश में बादल छाए रहने और तेज हवा चलने की संभावना है।

    पश्चिम और दक्षिण भारत का हाल
    राजस्थान और पंजाब में भीषण गर्मी और लू का असर जारी रहेगा। कुछ जगहों पर धूल भरी आंधी चल सकती है। वहीं केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

    IMD के अनुसार देश का मौसम इस समय दो हिस्सों में बंटा हुआ है—एक तरफ कई राज्यों में बारिश और आंधी का असर, तो दूसरी तरफ उत्तर भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

  • बदायूं: निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक से गिरा सांड, दर्दनाक मौत; लापरवाही पर उठे सवाल

    बदायूं: निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक से गिरा सांड, दर्दनाक मौत; लापरवाही पर उठे सवाल


    बदायूं । बदायूं के किसरुआ गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां निर्माणाधीन ओवरहेड पानी की टंकी पर चढ़े एक आवारा सांड की गिरकर मौत हो गई। यह पूरी घटना आसपास मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के मुताबिक, गांव में जल निगम की ओर से ओवरहेड पानी की टंकी का निर्माण कार्य चल रहा था। टंकी का ढांचा लगभग 60 से 70 फीट की ऊंचाई तक बन चुका था, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। इसी दौरान शनिवार तड़के एक आवारा सांड किसी तरह खुली सीढ़ियों के रास्ते टंकी के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया।

    सांड को इतनी ऊंचाई पर देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश की। कुछ लोगों ने हरा चारा दिखाकर उसे नीचे लाने का प्रयास किया, जबकि अन्य लोग आवाज लगाकर उसे शांत करने की कोशिश करते रहे।

    काफी देर तक सांड टंकी पर इधर-उधर घूमता रहा, लेकिन इसी दौरान वह नीचे उतरने लगा। बताया जा रहा है कि उतरते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 40 फीट की ऊंचाई से सीधे जमीन पर गिर पड़ा। गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद मौके पर सन्नाटा पसर गया और ग्रामीण इस दर्दनाक हादसे को लेकर चर्चा करते नजर आए। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    स्थानीय लोगों ने जल निगम और संबंधित विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि निर्माण स्थल पर सुरक्षा घेरा और उचित बैरिकेडिंग होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

    फिलहाल इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

  • सीएम योगी से झगड़ लूंगा, पर आपको मंत्री बनवा दूंगा,अखिलेश पर ओमप्रकाश राजभर का तीखा पलटवार

    सीएम योगी से झगड़ लूंगा, पर आपको मंत्री बनवा दूंगा,अखिलेश पर ओमप्रकाश राजभर का तीखा पलटवार



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर बेहद सख्त और व्यंग्यात्मक अंदाज में हमला बोला है। यह पूरा विवाद अखिलेश यादव के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे पर सवाल उठाए थे।

    अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि यूपी में नए मंत्रियों के नाम तय होने के बाद भी उनके विभागों का बंटवारा नहीं किया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि सरकार में मंत्रालयों और विभागों के बंटवारे में देरी की वजह अंदरूनी खींचतान और कमीशन का विवाद है। अखिलेश ने यह भी कहा था कि नए मंत्री सिर्फ “दर्शक दीर्घा” में बैठे नजर आ रहे हैं और फैसलों का इंतजार कर रहे हैं।

    इसके जवाब में ओमप्रकाश राजभर ने पहले अवधी भाषा में एक तीखा पोस्ट किया और फिर उसे हिंदी में भी साझा किया। उन्होंने अखिलेश यादव पर निजी और राजनीतिक दोनों तरह के तंज कसे। राजभर ने कहा कि अखिलेश के भाई के निधन के बाद उन्हें कुछ समय तक राजनीति से दूर रहकर शोक मनाना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय वे लगातार राजनीतिक बयान दे रहे हैं।

    राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा कि अखिलेश “परिवार में गमी” के बावजूद राजनीति कर रहे हैं और दूसरों के घर की चिंता कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश को कम से कम तेरहवीं तक राजनीति से दूरी बनाए रखनी चाहिए थी।

    बात यहीं नहीं रुकी। ओमप्रकाश राजभर ने आगे व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर अखिलेश यादव को मंत्री पद की इतनी इच्छा है, तो वे सुभासपा जॉइन कर लें। उन्होंने दावा किया कि वह खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी झगड़ लेंगे, लेकिन अखिलेश को किसी न किसी विभाग का मंत्री जरूर बनवा देंगे।

    उन्होंने यह भी कहा कि बेगाने मंत्रिमंडल में अखिलेश “दीवाने” बन रहे हैं और बिना वजह सरकार के फैसलों पर टिप्पणी कर रहे हैं।

    इस पूरे विवाद ने यूपी की सियासत में एक बार फिर गरमाहट बढ़ा दी है। जहां अखिलेश यादव सरकार पर निशाना साध रहे हैं, वहीं ओमप्रकाश राजभर उनके बयानों का कड़ा और चुटीला जवाब दे रहे हैं।

  • भारतीय एथलेटिक्स में नया नाम, सावन बरवाल का संघर्ष और सफलता की कहानी

    भारतीय एथलेटिक्स में नया नाम, सावन बरवाल का संघर्ष और सफलता की कहानी


    नई दिल्ली। भारत में लंबे समय तक मैराथन और लंबी दूरी की दौड़ को क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेलों की तरह पहचान नहीं मिल पाई, लेकिन हिमाचल प्रदेश के धावक Sawan Barwal ने अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से इस सोच को बदलने की कोशिश की है। हाल ही में उन्होंने देश का 48 साल पुराना राष्ट्रीय मैराथन रिकॉर्ड तोड़कर भारतीय एथलेटिक्स में नया इतिहास रच दिया।

    हिमाचल की जोगिंदर नगर की पहाड़ियों से निकलकर भारतीय सेना में एथलीट बनने तक का उनका सफर आसान नहीं रहा। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, सीमित सुविधाओं और संसाधनों की कमी के बावजूद सावन ने लगातार अभ्यास और अनुशासन के बल पर खुद को शीर्ष स्तर के धावकों में स्थापित किया।

    अपने सफर पर बात करते हुए सावन कहते हैं कि पहाड़ों में पले-बढ़े होने से उन्हें सहनशक्ति और मानसिक मजबूती मिली। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण ने उनकी क्षमता को निखारा और बाद में प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की।

    उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों में संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन बाद में जब उन्हें एक्सीलेंस सेंटर में बेहतर ट्रेनिंग, रिकवरी और न्यूट्रिशन की सुविधाएं मिलीं तो उनका प्रदर्शन और बेहतर हुआ। सेना में शामिल होने के बाद उन्हें स्थिरता और पेशेवर माहौल मिला, जिससे उनका करियर आगे बढ़ा।

    सावन के अनुसार, लंबी दूरी की दौड़ सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक खेल भी है। हर दिन लक्ष्य तय करना, समय के अनुसार प्रशिक्षण लेना और लगातार सुधार की कोशिश ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। वे कहते हैं कि “हमें ट्रेनिंग की रुकावटों को तोड़ना होगा” और लगातार अनुशासन बनाए रखना ही सफलता की कुंजी है।

    उनके करियर में परिवार का भी अहम योगदान रहा है। उनके बड़े भाई ने आर्थिक रूप से सहायता कर उन्हें स्पोर्ट्स शूज़, स्पाइक्स और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए। यह सहयोग उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ, खासकर उस समय जब वे आर्थिक रूप से स्थिर नहीं थे।

    चोट और कठिन दौरों पर बात करते हुए सावन ने स्वीकार किया कि 2023 में लगी गंभीर चोट के बाद छह से सात महीने तक उनका करियर अनिश्चितता में रहा। उस समय उन्होंने खुद पर संदेह भी किया, लेकिन धैर्य और निरंतर प्रयास ने उन्हें वापसी का रास्ता दिखाया। सावन का मानना है कि भारत में अब लंबी दूरी की दौड़ को पहले की तुलना में ज्यादा पहचान मिल रही है। युवाओं की भागीदारी बढ़ी है और मैराथन में प्रतिस्पर्धा का स्तर भी लगातार ऊपर जा रहा है।

    उनकी कहानी यह साबित करती है कि सही लक्ष्य, मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर अभ्यास से कोई भी एथलीट राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकता है।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने सराहा भारतीय मूल के लोगों का क्रिकेट योगदान

    प्रधानमंत्री मोदी ने सराहा भारतीय मूल के लोगों का क्रिकेट योगदान


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड दौरे के दौरान वहां के क्रिकेट विकास में भारतीय समुदाय के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय खिलाड़ियों ने नीदरलैंड क्रिकेट को नई पहचान दी है और यह खेल देशों को जोड़ने का मजबूत माध्यम बन रहा है।

     प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने विदेश दौरे के दौरान नीदरलैंड में क्रिकेट और प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि खेल, खासकर क्रिकेट, आज वैश्विक स्तर पर देशों को जोड़ने और आपसी संबंध मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है।

    पीएम मोदी ने अपने संबोधन में नीदरलैंड क्रिकेट में भारतीय मूल के खिलाड़ियों और प्रवासी समुदाय की भूमिका की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि Netherlands की क्रिकेट टीम ने पिछले कुछ वर्षों में तेजी से प्रगति की है और इसमें भारतीय समुदाय का योगदान उल्लेखनीय रहा है।

    उन्होंने हाल ही में आयोजित ICC Men’s T20 World Cup 2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने इस टूर्नामेंट की मेजबानी की थी और नीदरलैंड की टीम ने अपने प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को प्रभावित किया। भारत जहां विश्व चैंपियन बना, वहीं नीदरलैंड ने कई बड़े मुकाबलों में मजबूत चुनौती पेश की।

    नीदरलैंड टीम ने ग्रुप स्टेज में भारत, अमेरिका और पाकिस्तान जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया। हालांकि टीम को अधिकांश मैचों में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन हर मुकाबले में उसने अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता से क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान खींचा।

    इससे पहले भी ICC Cricket World Cup 2023 में नीदरलैंड ने शानदार प्रदर्शन कर दुनिया को चौंकाया था। दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश जैसी मजबूत टीमों को हराकर उसने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।

    नीदरलैंड क्रिकेट टीम में भारतीय मूल के कई खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने टीम को मजबूती दी है। ऑफ स्पिनर Aryan Dutt सबसे प्रमुख नामों में से एक हैं। वह अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई वनडे और टी20 मैच खेल चुके हैं और अपनी गेंदबाजी से टीम को अहम सफलताएं दिला चुके हैं।

    इसके अलावा Teja Nidamanuru और Vikramjit Singh जैसे खिलाड़ी भी नीदरलैंड क्रिकेट का अहम हिस्सा हैं। इन खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि नीदरलैंड क्रिकेट में भारतीय समुदाय की बढ़ती भागीदारी आने वाले वर्षों में टीम को और मजबूत बनाएगी। वहीं पीएम मोदी की टिप्पणी को “क्रिकेट डिप्लोमेसी” के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें खेल के जरिए देशों के बीच संबंधों को नई दिशा मिल रही है।

    क्रिकेट अब सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और कूटनीतिक पुल बन चुका है, जो भारत और नीदरलैंड जैसे देशों को और करीब ला रहा है।

  • गोरखपुर के रेस्टोरेंट में छाई ‘रोबो दीदी’, टेबल तक पहुंचा रहीं खाना, ग्राहक बोले- मजा आ गया!

    गोरखपुर के रेस्टोरेंट में छाई ‘रोबो दीदी’, टेबल तक पहुंचा रहीं खाना, ग्राहक बोले- मजा आ गया!




    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक रेस्टोरेंट इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां ग्राहकों को खाना परोसने का काम कोई वेटर या वेट्रेस नहीं, बल्कि एक रोबोट कर रहा है। रामगढ़ ताल इलाके के नौका विहार स्थित सोबो रेस्टोरेंट में ‘रोबो दीदी’ नाम की यह रोबोट वेट्रेस लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

    रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहक ‘रोबो दीदी’ को देखकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। यह रोबोट टेबल तक जाकर खाना सर्व करती है, ग्राहकों का हालचाल पूछती है और जरूरत का सामान पहुंचाती है। खासकर बच्चे और महिलाएं इसके साथ सेल्फी लेने में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

    रेस्टोरेंट के मालिक निखिल ने बताया कि उन्हें यह आइडिया चंडीगढ़ से मिला था। पहले चीन से ऐसे रोबोट मंगाने की योजना थी, लेकिन ज्यादा खर्च और तकनीकी दिक्कतों के कारण उन्होंने हैदराबाद की एक कंपनी से संपर्क किया। वहीं से इस रोबोट को तैयार कराकर गोरखपुर लाया गया।

    उन्होंने बताया कि फिलहाल ‘रोबो दीदी’ का इस्तेमाल 20 फीसदी क्षमता के साथ किया जा रहा है। इसे रिमोट और डिवाइस दोनों के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है। रेस्टोरेंट प्रबंधन का कहना है कि रोबोट आने के बाद ग्राहकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है और लोग खासतौर पर इसे देखने पहुंच रहे हैं।

    रेस्टोरेंट की मैनेजर सुकन्या के मुताबिक, ‘रोबो दीदी’ को फॉरवर्ड, लेफ्ट और राइट जैसे कमांड देकर कंट्रोल किया जाता है। यह ग्राहकों से बातचीत भी करती है और उनके ऑर्डर टेबल तक पहुंचाती है। लोगों को इसका अंदाज काफी पसंद आ रहा है।

    रेस्टोरेंट पहुंचे ग्राहकों का कहना है कि यह उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव है। कई लोगों ने इसे तकनीक और मनोरंजन का शानदार मेल बताया। सोशल मीडिया पर भी ‘रोबो दीदी’ के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे रेस्टोरेंट की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।

  • गुजरात टाइटंस का KKR के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड, आंकड़े देते हैं गवाही

    गुजरात टाइटंस का KKR के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड, आंकड़े देते हैं गवाही


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का 60वां मुकाबला क्रिकेट फैंस के लिए बेहद रोमांचक होने वाला है, जहां Kolkata Knight Riders और Gujarat Titans एक बार फिर आमने-सामने होंगे। इस सीजन में दोनों टीमों की यह दूसरी भिड़ंत होगी। गुजरात की टीम प्लेऑफ में जगह बनाने के बेहद करीब पहुंच चुकी है, जबकि कोलकाता के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा माना जा रहा है। ऐसे में दोनों टीमों के बीच हेड टू हेड आंकड़े भी काफी चर्चा में हैं।

    हेड टू हेड में गुजरात का पलड़ा भारी
    अब तक IPL इतिहास में GT और KKR के बीच कुल 6 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें गुजरात टाइटंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 मैच अपने नाम किए हैं। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स को सिर्फ 1 मुकाबले में जीत मिली है, जबकि एक मैच बेनतीजा रहा था। आंकड़े साफ बताते हैं कि गुजरात ने शुरुआत से ही KKR के खिलाफ दबदबा बनाए रखा है।

    GT vs KKR Head to Head रिकॉर्ड
    कुल मैच: 6
    गुजरात टाइटंस जीता: 4
    कोलकाता नाइट राइडर्स जीता: 1
    बेनतीजा मैच: 1
    हाई स्कोरिंग मुकाबलों के लिए मशहूर रही भिड़ंत

    दोनों टीमों के बीच कई रोमांचक और हाई स्कोरिंग मुकाबले देखने को मिले हैं।
    GT का KKR के खिलाफ सबसे बड़ा स्कोर: 204 रन
    KKR का GT के खिलाफ सबसे बड़ा स्कोर: 207 रन
    KKR का सबसे कम स्कोर: 148 रन
    GT का सबसे छोटा स्कोर: 181 रन
    इन आंकड़ों से साफ है कि जब भी दोनों टीमें आमने-सामने आती हैं, फैंस को चौके-छक्कों से भरपूर मुकाबला देखने को मिलता है।

    पिछली भिड़ंत में शुभमन गिल ने दिलाई थी जीत
    इस सीजन की पिछली टक्कर में गुजरात टाइटंस ने कोलकाता को रोमांचक मुकाबले में हराया था। उस मैच में कप्तान Shubman Gill ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। GT की बल्लेबाजी इस पूरे सीजन में काफी मजबूत दिखाई दी है। खासतौर पर शुभमन गिल और Sai Sudharsan की जोड़ी लगातार रन बना रही है।

    KKR पर बढ़ा दबाव
    वहीं दूसरी ओर KKR का प्रदर्शन इस सीजन में उतार-चढ़ाव भरा रहा है। टीम को कई करीबी मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। अब प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए कोलकाता को हर मैच जीतना जरूरी हो गया है। ऐसे में Eden Gardens में होने वाला यह मुकाबला बेहद रोमांचक माना जा रहा है।

  • अर्जेंटीना ने रिटायर किए पुराने A-4 जेट, तेजस छोड़ अमेरिकी F-16 पर जताया भरोसा

    अर्जेंटीना ने रिटायर किए पुराने A-4 जेट, तेजस छोड़ अमेरिकी F-16 पर जताया भरोसा



    नई दिल्ली। अर्जेंटीना ने अपने पुराने A-4AR/OA-4AR फाइटिंगहॉक लड़ाकू विमानों को आधिकारिक तौर पर सेवा से रिटायर कर दिया है। इन विमानों ने करीब छह दशक तक अर्जेंटीना की वायुसेना में अहम भूमिका निभाई। अब उनकी जगह अमेरिकी F-16 लड़ाकू विमान लेने जा रहे हैं। खास बात यह है कि अर्जेंटीना पहले भारत के स्वदेशी तेजस फाइटर जेट को खरीदने पर विचार कर रहा था, लेकिन आखिरकार उसने अमेरिकी F-16 को चुना।

    अर्जेंटीनाई वायुसेना ने सैन लुइस प्रांत के विला रेनॉल्ड्स एयर बेस पर आयोजित कार्यक्रम में फाइटिंगहॉक बेड़े को विदाई दी। यह एयर बेस अर्जेंटीना की 5वीं एयर ब्रिगेड का मुख्य केंद्र था, जहां A-4 विमान तैनात थे। वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि पुराने विमानों की ऑपरेशनल लागत लगातार बढ़ रही थी और उनका रखरखाव भी मुश्किल होता जा रहा था। इसी वजह से उन्हें सेवा से हटाने का फैसला लिया गया।

    A-4 फाइटिंगहॉक दरअसल पुराने अमेरिकी A-4 स्काईहॉक का अपग्रेडेड वर्जन था, जिसे खास तौर पर अर्जेंटीना के लिए तैयार किया गया था। लॉकहीड मार्टिन ने अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के पुराने विमानों को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया था। इनमें F-16 के शुरुआती मॉडल में इस्तेमाल होने वाला AN/APG-66 रडार लगाया गया था। इसके अलावा विमान AIM-9M साइडवाइंडर मिसाइलों से लैस थे और इनमें आधुनिक कॉकपिट, मल्टीफंक्शन डिस्प्ले और एडवांस नेविगेशन सिस्टम भी दिया गया था।

    अर्जेंटीना को इन विमानों की डिलीवरी 1990 के दशक में शुरू हुई थी। कुल 32 A-4AR और चार OA-4AR विमान वायुसेना में शामिल किए गए थे। हालांकि समय के साथ इनकी तकनीक पुरानी पड़ने लगी और रखरखाव महंगा होता गया। ऐसे में अर्जेंटीना ने अपनी वायुसेना को आधुनिक बनाने के लिए नए लड़ाकू विमान की तलाश शुरू की।

    भारत का तेजस लड़ाकू विमान इस दौड़ में मजबूत दावेदार माना जा रहा था। दोनों देशों के बीच इसे लेकर कई दौर की बातचीत भी हुई थी। लेकिन तेजस में इस्तेमाल होने वाले कुछ ब्रिटिश मूल के पार्ट्स अर्जेंटीना के लिए बड़ी बाधा बन गए। दरअसल, फॉकलैंड युद्ध के बाद से ब्रिटेन ने अर्जेंटीना को अपने रक्षा उपकरणों और पार्ट्स की बिक्री पर रोक लगा रखी है। तेजस में ब्रिटिश तकनीक से जुड़े कई पार्ट्स होने के कारण अर्जेंटीना यह विमान नहीं खरीद सका।

    आखिरकार अर्जेंटीना ने अमेरिकी F-16 फाइटर जेट खरीदने का फैसला किया। इसे उसकी वायुसेना के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं भारत के लिए यह मौका हाथ से निकलने जैसा रहा, क्योंकि तेजस को पहला बड़ा विदेशी ग्राहक मिलने की उम्मीद जताई जा रही थी।

  • ट्रंप-शी की नजदीकी से भारत की बढ़ी टेंशन! सुरक्षा से व्यापार तक बदल सकते हैं एशिया के समीकरण

    ट्रंप-शी की नजदीकी से भारत की बढ़ी टेंशन! सुरक्षा से व्यापार तक बदल सकते हैं एशिया के समीकरण



    नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की हालिया मुलाकात ने भारत की रणनीतिक चिंताओं को बढ़ा दिया है। 13 से 15 मई तक बीजिंग में हुई इस बैठक को वैश्विक राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि अगर अमेरिका और चीन के रिश्तों में नरमी आती है तो इसका सीधा असर भारत की सुरक्षा, व्यापार और क्षेत्रीय प्रभाव पर पड़ सकता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले दो दशकों में भारत ने अमेरिका-चीन तनाव के बीच खुद को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक मजबूत साझेदार के रूप में स्थापित किया था। लेकिन अगर वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच समझौते बढ़ते हैं तो अमेरिका के लिए भारत की रणनीतिक अहमियत कम हो सकती है। इससे रक्षा सहयोग, खुफिया साझेदारी और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर असर पड़ने की आशंका है।

    व्यापार के मोर्चे पर भी भारत के लिए खतरे की घंटी मानी जा रही है। हाल के वर्षों में कई वैश्विक कंपनियां चीन से बाहर निकलकर भारत में निवेश कर रही थीं, लेकिन अगर अमेरिका चीन पर लगाए गए टैरिफ और तकनीकी प्रतिबंधों में ढील देता है तो निवेश दोबारा चीन की ओर लौट सकता है। इससे भारत के “चीन प्लस वन” रणनीति के तहत मिले फायदे कमजोर पड़ सकते हैं।

    चीन-पाकिस्तान गठजोड़ भी भारत की चिंता का बड़ा कारण है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर अमेरिका चीन के साथ रिश्ते सुधारने की दिशा में आगे बढ़ता है तो पाकिस्तान में चीन की बढ़ती गतिविधियों पर उसका दबाव कम हो सकता है। इससे चीन खुलकर पाकिस्तान का समर्थन कर सकता है, जिसका असर कश्मीर और सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों पर दिखाई दे सकता है।

    पश्चिम एशिया और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर भी भारत सतर्क नजर आ रहा है। भारत की बड़ी तेल जरूरतें होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर हैं। अगर अमेरिका और चीन ईरान और खाड़ी क्षेत्र को लेकर किसी नई रणनीति पर साथ आते हैं तो भारत की भूमिका सीमित हो सकती है। इससे क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप-शी मुलाकात केवल दो देशों की कूटनीतिक बैठक नहीं है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की शक्ति संतुलन पर पड़ेगा। भारत के लिए यह संकेत है कि आने वाले समय में उसे अपनी विदेश नीति, आर्थिक रणनीति और सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करना होगा, ताकि बदलते वैश्विक समीकरणों में उसका प्रभाव कायम रह सके।