Author: bharati

  • नरसिंहपुर में सड़क हादसा: ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में युवक की मौत, CCTV में दिखा खौफनाक मंजर

    नरसिंहपुर में सड़क हादसा: ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में युवक की मौत, CCTV में दिखा खौफनाक मंजर


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर के करेली क्षेत्र में सोमवार सुबह रांकई रोड पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। घटना की जानकारी के अनुसार पिपरिया के प्रवीन नौरिया सुबह करीब 9 बजे ट्रेन पकड़ने की जल्दी में बाइक चला रहे थे। जैसे ही वह रानी कमलापति से अधारताल जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन के समय से मेल खाने की कोशिश कर रहे थे, उनकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई।

    इस दौरान सामने से आ रही एक अन्य बाइक से जोरदार टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर दूर तक घिसटते चले गए। हादसा यहीं खत्म नहीं हुआ, पीछे से आ रही एक तीसरी बाइक ने भी गिरे हुए दोनों बाइक सवारों को टक्कर मार दी, जिससे हादसा और गंभीर हो गया।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रवीन को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना का CCTV फुटेज भी सोमवार रात सामने आया, जिसमें प्रवीन की तेज रफ्तार और असंतुलित बाइक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। फुटेज में हादसे की पूरी भयावहता दिखाई दे रही है।

    करेली पुलिस ने मामले में तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच कर रहे हैं कि हादसे के लिए किन-किन कारकों ने भूमिका निभाई। पुलिस ने बताया कि जल्दबाजी और तेज रफ्तार इस दुर्घटना के प्रमुख कारण हैं। हादसे की वजह से इलाके में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन करने की गंभीर जरूरत पर ध्यान दिया जा रहा है।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सड़क पर बाइक की तेज रफ्तार और नियंत्रण खोना किस हद तक जानलेवा साबित हो सकता है, इसका यह हादसा जीता जागता उदाहरण है। प्रशासन और पुलिस की कोशिश है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।

  • शहडोल में रिहायशी इलाके में बायो वेस्ट बम: अस्पतालों ने सड़क को बना दिया डंपिंग ग्राउंड, गोवंश और इंसानों के लिए खतरा

    शहडोल में रिहायशी इलाके में बायो वेस्ट बम: अस्पतालों ने सड़क को बना दिया डंपिंग ग्राउंड, गोवंश और इंसानों के लिए खतरा


    शहडोल । शहडोल के बुढार नगर में एक ऐसा दृश्य सामने आया है जिसने लोगों को हिलाकर रख दिया। हनुमान मंदिर के ठीक बगल सड़क किनारे खुलेआम फेंके गए मेडिकल बायो वेस्ट ने न सिर्फ इंसानों के लिए खतरा बढ़ा दिया है बल्कि बेजुबान गोवंश की जान भी खतरे में डाल दी है। इंजेक्शन, नीडल और दवाइयों के खतरनाक कचरे को मवेशी चारे की तरह खा रहे हैं।

    स्थानीय निवासी नरेंद्र तिवारी ने बताया कि सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान उन्होंने हनुमान मंदिर के पास सड़क किनारे पड़े मेडिकल अपशिष्ट का ढेर देखा। आश्चर्य की बात यह रही कि कई गोवंश इस कचरे के बीच विचरण कर रहे थे और उसे चारे की तरह ग्रहण कर रहे थे, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

    रिहायशी इलाके में खुले में मेडिकल कचरा फेंके जाने से संक्रमण फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बुढार नगर में कई निजी क्लिनिक संचालित हैं, जहां से निकलने वाले मेडिकल अपशिष्ट का उचित निस्तारण नहीं किया जाता। नतीजा यह हुआ कि सड़कें डंपिंग ग्राउंड बन गई हैं और पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

    विशेष रूप से, उपयोग किए गए इंजेक्शन, सुइयां और दवाइयों की शीशियां सीधे तौर पर लोगों और मवेशियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं। स्थानीय लोग चिंता जताते हुए प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जिम्मेदार क्लीनिक संचालकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

    नरेंद्र तिवारी ने कहा कि अगर तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। स्थानीय प्रशासन से भी आग्रह किया गया है कि रिहायशी इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए और मेडिकल अपशिष्ट का सही निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। यह मामला न केवल शहडोल बल्कि पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य और पर्यावरण प्रबंधन की प्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। ऐसे बायो वेस्ट की अनदेखी से संक्रमण और जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ता है।

  • सतना में बदमाशों के हौसले बुलंद: युवती के साथ सड़क पर लूट का प्रयास, CCTV में कैद वारदात

    सतना में बदमाशों के हौसले बुलंद: युवती के साथ सड़क पर लूट का प्रयास, CCTV में कैद वारदात


    सतना । सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में नवरंग पार्क कॉलोनी की सुनसान गलियों में सोमवार की सुबह एक सनसनीखेज घटना ने लोगों को हिला कर रख दिया। कॉलोनी की एक युवती अकेले गुजर रही थी, तभी अचानक एक अज्ञात बदमाश ने उस पर हमला कर दिया और मोबाइल झपटने की कोशिश की। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी तेजी से युवती के हाथ से मोबाइल छीनने का प्रयास कर रहा था।

    हालांकि, युवती ने इस अचानक हुए हमले के सामने अदम्य साहस का परिचय दिया और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर और पकड़े जाने के डर से बदमाश मौके से भाग गया, जबकि मोबाइल सुरक्षित रहा। घटना की पूरी प्रक्रिया पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो अब पुलिस के लिए मुख्य सुराग बन गई है।

    इस वारदात के बाद कॉलोनी और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासी पुलिस से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। वहीं कोलगवां थाना पुलिस ने फुटेज को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान और जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    स्थानीय लोग इस घटना से चिंतित हैं और लगातार पुलिस प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि इलाके में सुरक्षा बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातें रोकी जा सकें। पुलिस ने भी चेताया है कि नागरिकों को अकेले सुनसान गली या अंधेरी जगहों से गुजरते समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह घटना यह दिखाती है कि अपराधियों के हौसले किस हद तक बढ़ चुके हैं, लेकिन साथ ही यह भी प्रमाण है कि साहसिक और सतर्क नागरिक अपने आप को सुरक्षित रख सकते हैं।

  • वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघ की संदिग्ध मौत, एक माह पहले कान्हा से किया था शिफ्ट

    वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघ की संदिग्ध मौत, एक माह पहले कान्हा से किया था शिफ्ट

    सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिजर्व से एक दुखद खबर सामने आई है। कान्हा नेशनल पार्क से करीब एक महीने पहले ही शिफ्ट किए गए एक युवा बाघ का शव रिजर्व के कोर एरिया में मिला है। इस घटना के बाद वन विभाग और टाइगर रिजर्व प्रबंधन में हड़कंप मच गया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृत बाघ को 18-19 जनवरी की दरमियानी रात को रेडियो कॉलर लगाकर नौरादेही के कोर एरिया में छोड़ा गया था। वन विभाग की विशेष टीम लगातार इसकी मॉनिटरिंग कर रही थी। पिछले दो दिनों से बाघ का सिग्नल एक ही स्थान से मिल रहा था, जिससे टीम को किसी अनहोनी की आशंका हुई। रविवार की शाम करीब जब मॉनिटरिंग दल मोहली परिक्षेत्र के मानेगांव बीट (कक्ष क्रमांक 159) पहुँचा, तो वहां बाघ मृत अवस्था में पाया गया।

    सोमवार को टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बाघ की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। वन विभाग निम्नलिखित पहलुओं पर जांच कर रहा है। क्या किसी दूसरे बाघ के साथ आपसी संघर्ष में इसकी जान गई, या फिर शिफ्टिंग के बाद बाघ नए वातावरण में खुद को ढाल नहीं पाया, हालांकि अधिकारी अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं, लेकिन डॉग स्क्वायड की मदद से शिकार की संभावनाओं की भी पड़ताल की जा रही है।

    सोमवार सुबह से ही डॉग स्क्वायड और विशेषज्ञों की टीम मौके पर मौजूद है। बाघ के शव का पोस्टमार्टम वरिष्ठ पशु चिकित्सकों के पैनल द्वारा किया जा रहा है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।

  • मप्रः 400 के.व्ही. इंदौर–नागदा ट्रांसमिशन लाइन में लाइव लाइन मेंटेनेंस

    मप्रः 400 के.व्ही. इंदौर–नागदा ट्रांसमिशन लाइन में लाइव लाइन मेंटेनेंस

    भोपाल। मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) की इंदौर टीम ने 400 के.व्ही. इंदौर–नागदा महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन लाइन पर सफलतापूर्वक लाइव लाइन मेंटेनेंस कार्य कर सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। लगभग 200 मेगावाट पॉवर फ्लो वाली चालू लाइन पर यह कार्य संपन्न किया गया, जिससे न केवल ग्रिड की स्थिरता बनी रही, बल्कि 400 के.व्ही. लाइन के संभावित लंबे आउटेज को भी टाला जा सका।

    एम पी ट्रांसको, इंदौर की अतिरिक्त मुख्य अभियंता नीलम खन्ना ने सोमवार को बताया कि विगत दिवस 400 के.व्ही. इंदौर–नागदा लाइन के एक फेज में डिस्क इंसुलेटर स्ट्रिंग को बदलना आवश्यक हो गया था। महाशिवरात्रि पर्व के दौरान ग्रिड की स्थिरता प्रभावित न हो, इस उद्देश्य से कार्य को चालू लाइन में ही करने का निर्णय लिया गया।

    वेयर हैंड तकनीक से हुआ मेंटेनेंस

    उन्होंने बताया कि व्हीकल-माउंटेड इंसुलेटेड एरियल वर्क प्लेटफॉर्म की सहायता से अत्याधुनिक हॉट-स्टिक उपकरणों और वेयर-हैंड तकनीक का उपयोग करते हुए यह कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस दौरान विद्युत आपूर्ति में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आया।।

    लाइव लाइन मेंटेनेंस का यह रहा फायदा

    लाइव लाइन मेंटेनेंस करने से ग्रिड की विश्वसनीयता और स्थिरता बनी रही। साथ ही संभावित लंबे शटडाउन को टालते हुए इंदौर और नागदा क्षेत्र के बीच विद्युत आदान-प्रदान का विकल्प सुरक्षित रखा गया एवं ट्रांसमिशन चार्ज से संबंधित वाणिज्यिक क्षति से भी बचाव संभव हुआ।

    इनका रहा विशेष योगदान

    इंदौर के समीप राऊ क्षेत्र में ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस का नेतृत्व सहायक अभियंता राजेन्द्र कनोजे ने किया। भोपाल, इटारसी और इंदौर के वेयर-हैंड प्रशिक्षित लाइन मेंटेनेंस स्टाफ मनाराम पटेल, जाधो पंवार, सुंदरलाल, मधुर मौसम रायकवार, गुलाबराव एवं दीपक कोरी ने समन्वित रूप से कड़े सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए अत्यंत सावधानी और दक्षता के साथ यह कार्य संपन्न किया।

  • उज्जैन में कुडियाट्टम की अद्भुत प्रस्तुति से दर्शक मंत्रमुग्ध

    उज्जैन में कुडियाट्टम की अद्भुत प्रस्तुति से दर्शक मंत्रमुग्ध

    उज्जैन। मध्य प्रदेश उज्जैन में विक्रम उत्सव अंतर्गत आयोजित विक्रम नाट्य समारोह में सोमवार शाम प्रसिद्ध नाट्य प्रस्तुति ‘जटायूवधम्’ (कुडियाट्टम शैली) का प्रभावशाली मंचन किया गया। केरल के सुप्रसिद्ध कलाकार मार्गी मधु चाक्यार द्वारा प्रस्तुत इस शास्त्रीय रंगमंच ने अपनी पारंपरिक गरिमा,सशक्त भावाभिनय और सजीव मंच संयोजन से दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।

    कार्यक्रम पंडित सूर्यनारायण व्यास कला संकुल,कालिदास संस्कृत अकादमी में आयोजित हुआ,जहां कला प्रेमियों की बड़ी संख्या उपस्थित रही। प्रस्तुति में कुडियाट्टम की शास्त्रीय बारीकियों और अभिनय की सूक्ष्मता ने वातावरण को आध्यात्मिक और भावनात्मक ऊंचाई प्रदान की। निर्देशक मार्गी मधु चाक्यार,पद्मश्री मुझिक्कुलम कोच्चुकूटन चाक्यार के पुत्र और अम्मानूर माधव चाक्यार के भतीजे हैं। उन्हें रंगकर्म की समृद्ध परंपरा विरासत में मिली है। उनके मंडल ने भारत के साथ-साथ स्विट्जरलैंड,इटली,फ्रांस और दुबई के प्रतिष्ठित उत्सवों में भाग लिया है तथा जेरूसलम,सिंगापुर और येल विश्वविद्यालय (यूएसए) सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुति दी है।

    जटायु के बलिदान का गौरवशाली प्रसंग

    नाटक में रामायण का अत्यंत भावुक प्रसंग प्रस्तुत किया गया। कथा के अनुसार रावण मायारूपी वेश में माता सीता का हरण कर ले जाता है।माता सीता के हाथ में भगवान श्री राम द्वारा दिया गया चूड़ामणि होता है,जिसके जादुई रत्न के रावण के स्पर्श में आते ही उसका मायारूप टूट जाता है,किंतु रावण को इसका आभास नहीं होता। माता सीता को संकट में देख वीर पक्षी जटायु सहायता के लिए आते हैं और रावण से भीषण युद्ध करते हैं। अंततः रावण छलपूर्वक जटायु का वध कर लंका की ओर प्रस्थान करता है। प्रस्तुति के इस चरम दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

    विश्व की प्राचीन जीवित संस्कृत नाट्य परंपरा

    कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पद्मश्री भरत गुप्त (वाइस चेयरपर्सन,एनएसडी), आयुष गुप्ता मध्य प्रदेश के एक रेकी ग्रैंड मास्टर,योग प्रैक्टिशनर, राजेश कुशवाह (वरिष्ठ कार्य परिषद सदस्य,सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय), नरेश शर्मा (समाजसेवी) और संजू मालवीय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर निर्देशक ने कहा कि कूडियाट्टम विश्व की सबसे पुरानी जीवित संस्कृत नाट्य परंपरा मानी जाती है,जिसे यूनेस्को की मान्यता भी प्राप्त है। केरल में विकसित यह कला एक हजार वर्षों से अधिक पुरानी है।

    प्रस्तुत नाटक संस्कृत नाट्यकार शक्तिभद्र की रचना आश्चर्य चूड़ामणि के चतुर्थ अंक पर आधारित है,जिसमें जटायु के गौरवपूर्ण बलिदान का अत्यंत मार्मिक चित्रण किया गया है। भाव,भंगिमा और परंपरा के अद्भुत संगम से सजी ‘जटायूवधम्’ की प्रस्तुति विक्रम उत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही और दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की।

  • बड़वानी में केला उत्पादन तकनीक और निर्यात पर आज कार्यशाला सह कृषि संवाद

    बड़वानी में केला उत्पादन तकनीक और निर्यात पर आज कार्यशाला सह कृषि संवाद


    बड़वानी। जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग, बड़वानी के तत्वावधान में 17 फरवरी को कृषि विज्ञान केन्द्र, तलून में एक दिवसीय सेमिनार सह कार्यशाला कृषि संवाद का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम एकीकृत बागवानी विकास मिशन और पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। जिसका मुख्य केंद्र केला उत्पादन की उन्नत तकनीक एवं निर्यात है। साथ ही मिर्च, डॉलर चना और क्षेत्र की एक्सोटिक फसलों के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी।

    कार्यशाला का उद्देश्य जिले के किसानों को केले की खेती में आधुनिक तकनीकों, टिश्यू कल्चर के लाभ, कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के तरीकों और अंतर्राष्ट्रीय बाजार (एक्सपोर्ट) की बारीकियों से अवगत कराना है। कार्यशाला में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 900 से 1000 किसान शामिल होंगे।

    इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें शामिल होने वाले प्रत्येक कृषक को विभाग द्वारा एक विशेष बुकलेट (मार्गदर्शिका) प्रदान की जाएगी। बुकलेट में केला व अन्य प्रमुख फसलों का संपूर्ण जीवन चक्र, खेती के दौरान आने वाली व्यावहारिक परेशानियाँ और उनके समाधान,एक्सपोर्ट (निर्यात) की संभावनाएँ और अंतर्राष्ट्रीय मानक विषयों का विस्तृत संकलन किया गया है, जिससे किसान कार्यशाला के बाद भी इसे एक संदर्भ के रूप में उपयोग कर सकें।

    कृषि संवाद कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा किसानों को कृषि के क्षेत्र में मार्गदर्शन दिया जाएगा। इस क्रम में जैन इरीगेशन जलगांव के अंर्तराष्ट्रीय केला विशेषज्ञ श्री केबी पाटिल, एग्रोनॉमिस्ट श्री अजहर जैदी, जैन कृषि तीर्थ जलगांव के डॉ. सुधीर भोंगले द्वारा टिश्यू कल्चर तकनीक पर, मुंबई एवं बुरहानपुर के केला एक्सपोर्टर श्री शाहिद अली, श्री अमोल महाजन, श्री विकास अग्रवाल द्वारा केला एक्सपोर्ट, टेरा ग्लैब खरगोन के सीईओ श्री संजय पाटीदार, वैज्ञानिक डॉ. महेन्द्रसिंह, डॉ. आरपी शर्मा, रिटायर्ड वैज्ञानिक डॉ. व्हाय के जैन, अवार्ड टू बनाना फॉर्मर ऑफ इंडिया श्री संतोष लछेटा द्वारा केला उत्पादन तकनीक एवं जिले के प्रगतिशील किसान श्री जयदेव पाटीदार, श्री बलराम जाट और कृषि विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिया जाएगा। साथ ही इस कार्यक्रम में एपिडा जैसे राज्य स्तरीय संस्थाओं के भी शामिल होने की संभावना है।

    क्षेत्र के प्रमुख केला निर्यातकों जैसे राजेश्वरी केला ग्रुप, श्री सांई केला ग्रुप आदि की सूची और निर्यात के मानकों की जानकारी भी साझा करेंगे, जिससे किसान अपनी फसल को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार कर सकेंगे।

  • रेल नेटवर्क से दुर्लभ कछुओं की तस्करी का भंडाफोड़, 313 जीवित कछुए और 2 तोते बरामद

    रेल नेटवर्क से दुर्लभ कछुओं की तस्करी का भंडाफोड़, 313 जीवित कछुए और 2 तोते बरामद


    भोपाल ! स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ), भोपाल ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) एवं वनमंडल भोपाल के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए रेल नेटवर्क के माध्यम से दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी करने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

    ट्रेन संख्या 19322 पटना-इंदौर एक्सप्रेस में संत हिरदाराम स्टेशन पर दिनांक 3 फरवरी 2026 को कार्रवाई करते हुए प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कोच में अटेंडेंट के रूप में कार्यरत आरोपी अजय सिंह राजपूत, निवासी इंदौर, के कब्जे से 311 दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के जीवित कछुए जब्त किए गए थे। इस संबंध में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 237/23 दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई। पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर प्रदेश के विभिन्न शहरों—नीमच, मंदसौर, रतलाम, इंदौर, देवास, उज्जैन, नागदा, शाजापुर तथा उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक साथ छापामार कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पालतू पशु दुकानदार, डॉग ब्रीडर, रेल एसी कोच अटेंडेंट आदि के रूप में कार्य करते हुए रेल मार्ग से वन्यजीवों की तस्करी कर रहे थे।

    कार्रवाई के दौरान कुल 313 जीवित दुर्लभ, प्रतिबंधित एवं अनुसूची-1 में दर्ज चार प्रजातियों के कछुए (इंडियन टेंट टर्टल, इंडियन रूफ्ड टर्टल, क्राउनड रिवर टर्टल एवं स्टार टॉरटॉइस) तथा 2 जीवित रोज-रिंग्ड पैराकीट (तोते) बरामद किए गए। आरोपियों के कब्जे से एक मोटरसाइकिल एवं सात मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों में अरविंद परिहार, परवेज खान, नवीन ऊर्फ दीपह पारखे, करण मालवीय, आसिफ खान, अजय सिंह राजपूत और एक नाबालिग आरोपी शामिल हैं। सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय भोपाल में प्रस्तुत कर जेल भेज दिया गया है। प्रकरण में विवेचना जारी है।

    कछुए जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और नदियों को जीवंत एवं स्वच्छ बनाए रखने में सहायक होते हैं। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि दुर्लभ एवं प्रतिबंधित जलीय वन्यजीवों को पालना, रखना या उनका क्रय-विक्रय करना दंडनीय अपराध है। ऐसे अपराध में 7 वर्ष तक के कारावास एवं जुर्माने का प्रावधान है।


  • अक्की और मैं हमेशा दोस्त रहे हैं; अक्षय संग रिश्ते पर बोलीं रवीना टंडन, शिल्पा से भी है खास रिश्ता

    अक्की और मैं हमेशा दोस्त रहे हैं; अक्षय संग रिश्ते पर बोलीं रवीना टंडन, शिल्पा से भी है खास रिश्ता


    नई दिल्ली । 90 के दशक में बॉलीवुड की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में से एक थी अक्षय कुमार और रवीना टंडन का रिश्ता। दोनों की नजदीकियां सगाई और फिर अचानक हुआ ब्रेकअप उस दौर की फिल्मी पत्रिकाओं की सुर्खियां बना करता था। बाद में इस कहानी में शिल्पा शेट्टी का नाम जुड़ा और विवादों ने तूल पकड़ लिया। लेकिन वक्त के साथ रिश्तों की परिभाषा बदली और अब यही तिकड़ी दोस्ती और परिपक्वता की मिसाल बन गई है।

    हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में रवीना टंडन ने अक्षय कुमार और शिल्पा शेट्टी के साथ अपने रिश्तों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अब सब कुछ पीछे छूट चुका है और आज तीनों के बीच केवल दोस्ती और आपसी सम्मान है। रवीना ने साफ कहा हम सब अब दोस्त हैं। उस वक्त हम बहुत छोटे थे। इंडस्ट्री में लिंक अप और ब्रेक अप आम बात है। कौन है जो इन सब चीजों से नहीं गुजरता? आज अक्षय और मैं दोस्त हैं शिल्पा और मैं दोस्त हैं। हम अपने अपने परिवारों और बच्चों के साथ खुश हैं।”

    रवीना ने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में अक्षय कुमार के साथ फिल्म वेलकम 3 की शूटिंग पूरी की है। इतने सालों बाद साथ काम करने के अनुभव को उन्होंने बेहद सकारात्मक बताया। उनके मुताबिक सेट पर माहौल हल्का फुल्का और मजेदार था। हमने फिल्म की शूटिंग के दौरान बहुत एन्जॉय किया। यह एक बहुत फनी फिल्म है और हमने साथ काम करते हुए खूब हंसी मजाक किया। जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए इंसान को मैच्योर होना पड़ता है। अक्की और मैं हमेशा से अच्छे दोस्त रहे हैं ” रवीना ने कहा।

    एक समय था जब रवीना और शिल्पा के बीच बयानबाजी ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। दोनों ने अपने अपने अनुभव साझा किए थे और मीडिया में कई तरह की बातें सामने आई थीं। लेकिन अब रवीना साफ कहती हैं कि उनके मन में किसी के लिए कोई कड़वाहट नहीं है। वह आगे बढ़ चुकी हैं और पुरानी बातों को पीछे छोड़ चुकी हैं।

    90 के दशक में अक्षय और रवीना का रिश्ता इतना गंभीर माना जाता था कि उनकी सगाई तक की खबरें सामने आई थीं। हालांकि बाद में यह रिश्ता टूट गया और अक्षय का नाम शिल्पा शेट्टी के साथ जुड़ा। वह रिश्ता भी ज्यादा लंबा नहीं चला। लेकिन आज तीनों सितारे अपनी अपनी जिंदगी में स्थिर और खुश हैं।

    रवीना का यह बयान बताता है कि समय हर घाव को भर देता है। जहां कभी रिश्तों में कड़वाहट थी वहीं आज समझदारी और दोस्ती है। फिल्म इंडस्ट्री में जहां रिश्ते अक्सर चर्चा और विवाद का कारण बनते हैं वहीं यह उदाहरण दिखाता है कि परिपक्वता के साथ पुराने मतभेद भी दोस्ती में बदल सकते हैं।

  • इलैयाराजा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, सारेगामा के कॉपीराइट दावे पर लगी अंतरिम रोक

    इलैयाराजा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, सारेगामा के कॉपीराइट दावे पर लगी अंतरिम रोक


    नई दिल्ली । दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा को दिल्ली उच्च न्यायालय से बड़ा कानूनी झटका लगा है। अदालत ने म्यूजिक कंपनी सारेगामा इंडिया लिमिटेड के पक्ष में एकतरफा अंतरिम आदेश पारित करते हुए इलैयाराजा को उन गानों और साउंड रिकॉर्डिंग्स के इस्तेमाल या उन्हें किसी तीसरे पक्ष को लाइसेंस देने से रोक दिया है जिन पर कंपनी ने अपना कॉपीराइट होने का दावा किया है। यह आदेश एक वाणिज्यिक वाद की सुनवाई के दौरान पारित किया गया।

    न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेज और असाइनमेंट समझौते यह संकेत देते हैं कि संबंधित साउंड रिकॉर्डिंग्स और म्यूजिकल वर्क्स पर अधिकार वादी कंपनी के पास हैं। अदालत ने माना कि वर्ष 1976 से 2001 के बीच विभिन्न फिल्म निर्माताओं और सारेगामा के बीच हुए असाइनमेंट समझौतों के तहत कई भारतीय भाषाओं की फिल्मों के संगीत और रिकॉर्डिंग्स के अधिकार कंपनी को सौंपे गए थे।

    सारेगामा की ओर से दलील दी गई कि इन समझौतों के जरिए कंपनी को संबंधित सिनेमैटोग्राफ फिल्मों का हिस्सा बनने वाले संगीत और साउंड रिकॉर्डिंग्स को दोबारा बनाने लाइसेंस देने और व्यावसायिक रूप से उपयोग करने के विशेष विश्वव्यापी और निरंतर अधिकार प्राप्त हुए। कंपनी ने आरोप लगाया कि फरवरी 2026 से इलैयाराजा ने इन रिकॉर्डिंग्स को तीसरे पक्ष को लाइसेंस देना शुरू कर दिया और उन्हें अमेजॉन म्यूजिक आईट्यून्स तथा जियो सावन जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध कराया साथ ही उन पर मालिकाना हक का दावा भी किया।

    कंपनी का कहना है कि यह कदम उसके वैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है और इससे बाजार में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। सारेगामा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने तर्क दिया कि कॉपीराइट कानून के तहत फिल्म के लिए तैयार किए गए संगीत और साउंड रिकॉर्डिंग का प्रथम स्वामी फिल्म निर्माता होता है जब तक कि अनुबंध में कुछ और प्रावधान न हो। चूंकि निर्माताओं ने अपने अधिकार विधिवत असाइनमेंट के माध्यम से कंपनी को हस्तांतरित कर दिए थे इसलिए कंपनी ही वैध अधिकारधारी है।

    पीठ ने शिकायत प्रस्तुत दस्तावेजों और दलीलों की समीक्षा के बाद कहा कि वादी ने प्रथम दृष्टया एक मजबूत मामला स्थापित किया है। अदालत ने यह भी माना कि यदि कथित उल्लंघन जारी रहा तो वादी को ऐसा अपूरणीय नुकसान हो सकता है जिसकी भरपाई केवल आर्थिक मुआवजे से संभव नहीं होगी। साथ ही सुविधा का संतुलन भी वादी के पक्ष में पाया गया।

    अदालत ने प्रतिवादियों को समन जारी करते हुए निर्देश दिया कि वे समन प्राप्ति के 30 दिनों के भीतर अपना लिखित बयान दाखिल करें। अंतरिम रोक से संबंधित आवेदन का जवाब चार सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है।

    यह आदेश संगीत उद्योग में कॉपीराइट असाइनमेंट समझौतों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संगीत के अधिकारों को लेकर चल रही बहस को और तेज कर सकता है। अब निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं जहां इस विवाद के कानूनी पहलुओं पर विस्तार से विचार होगा।