रेसिप्रोकल टैरिफ में कटौती
कानूनी समझौते की तैयारी
जीरो टैरिफ और बाजार तक पहुंच
7 फरवरी का संयुक्त बयान
ऐतिहासिक कदम: पीयूष गोयल

रेसिप्रोकल टैरिफ में कटौती
जीरो टैरिफ और बाजार तक पहुंच
ऐतिहासिक कदम: पीयूष गोयल

2025 में भोपाल में 19 हजार से अधिक डॉग बाइट के मामले दर्ज हुए लेकिन लगातार करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद आवारा कुत्तों की संख्या घटने का नाम नहीं ले रही। सीएम मोहन यादव ने कहा कि नसबंदी की बात राष्ट्रीय स्तर तक जाएगी और आवारा श्वान सदियों से हमारे बीच रहे हैं। नगर निगम की टीम लगातार श्वानों की नसबंदी और एंटी-रैबीज टीकाकरण कर रही है।
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि डॉग्स लवर की वजह से कई निर्णय रुक गए और लोग कुत्तों के हमलों में मारे जा रहे हैं। वहीं राजन मंडलोई ने सदन में मांग की कि डॉग बाइट के कारण हुई मौतों के मुआवजे की जानकारी भी दी जाए।
भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नसबंदी के लिए डॉक्टरों की संख्या कम है और सरकार दूसरे राज्यों से विशेषज्ञ बुलाएगी। उन्होंने लोगों को श्वानों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास दिलाया। स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने एंटी-रैबीज टीके की गुणवत्ता में कोई कमी न होने की पुष्टि की। सदन में इस मुद्दे पर मंथन और सुझाव लेने की प्रक्रिया जारी रहने की घोषणा की गई।

लंबे समय से खबरें थीं कि अभिषेक इस एक्शन थ्रिलर में नेगेटिव भूमिका निभाने वाले हैं। अब उनका बदला हुआ अंदाज बढ़ी हुई दाढ़ी सख्त चेहरे के भाव और एग्रेसिव बॉडी लैंग्वेज इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि वह पर्दे पर एक दमदार विरोधी के रूप में नजर आ सकते हैं। अभिषेक पहले भी ग्रे और निगेटिव शेड्स में अपनी छाप छोड़ चुके हैं। युवा और रावण में उनके अभिनय को सराहा गया था वहीं वेब सीरीज ब्रीद: इनटू द शैडोज़ में उन्होंने अपने किरदार की जटिलता से दर्शकों को चौंका दिया था। ऐसे में किंग में उनका संभावित खलनायक अवतार और भी ज्यादा रोमांच पैदा कर रहा है।
फिल्म की एक और खास बात यह है कि इसमें शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान भी अहम भूमिका में नजर आएंगी। पहली बार पिता-पुत्री की जोड़ी बड़े पर्दे पर साथ दिखेगी जो अपने आप में बड़ा आकर्षण है। हालांकि दर्शकों की उत्सुकता इस बात को लेकर भी है कि शाहरुख और अभिषेक जो पहले हैप्पी न्यू ईयर में साथ नजर आए थे इस बार दोस्त नहीं बल्कि आमने-सामने होंगे। हीरो और विलेन की यह भिड़ंत फिल्म का सबसे बड़ा हाईलाइट मानी जा रही है।
किंग का निर्देशन मशहूर फिल्ममेकर सुजॉय घोष कर रहे हैं जबकि इसे प्रोड्यूस कर रहे हैं सिद्धार्थ आनंद जो पठान और फाइटर जैसी सफल फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। बताया जा रहा है कि फिल्म की कहानी अंडरवर्ल्ड की दुनिया और सत्ता की जंग के इर्द-गिर्द घूमेगी जिसमें अभिषेक का किरदार सबसे बड़ा सरप्राइज फैक्टर होगा। मेकर्स को भरोसा है कि उनका इंटेंस स्क्रीन प्रेजेंस कहानी में नई धार जोड़ेगा।
सोशल मीडिया पर अभिषेक के इस नए लुक को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। फैंस कमेंट कर रहे हैं कि यह रोल फिल्म में अलग ही स्वैग और खौफ का माहौल बनाएगा। कुछ का मानना है कि यह किरदार उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या किंग बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास रचेगी और क्या अभिषेक बच्चन का यह खतरनाक अवतार लंबे समय तक याद रखा जाएगा। फिलहाल तो उनका वायरल लुक ही फिल्म के लिए जबरदस्त बज बना चुका है।

उन्होंने बताया कि जिस शख्स पर वह भरोसा करती थीं, उसी ने उनके खिलाफ काम किया। उस वक्त उन्हें समझ आया कि इंडस्ट्री में हर कोई आपका भला नहीं सोचता। कभी-कभी लोग मामूली अंतर से भी असुरक्षित महसूस करने लगते हैं और नहीं चाहते कि आप आगे बढ़ें या उनसे ज्यादा चमकें।
ऋचा ने माना कि शुरुआत में वह थोड़ी भोली थीं, लेकिन इस घटना ने उन्हें सिखाया कि:
अपनी पसंद और फैसलों का बचाव करना जरूरी है
हर किसी पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं किया जा सकता
सही लोगों को पहचानना और अपनी सीमाएं तय करना बेहद अहम है
दिलचस्प बात ये है कि उन्होंने इस कड़वे अनुभव को कटुता में नहीं बदला। बल्कि अब वह इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर्स को खुलकर आगे आने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। उनका साफ कहना है कि बड़े कलाकारों तक पहुंचना उतना मुश्किल नहीं जितना समझा जाता है।
उनके लिए सबसे अहम है:
अच्छी और सच्ची स्क्रिप्ट
असरदार कहानी
ईमानदार लेखन
वह चाहती हैं कि इंडी क्रिएटर्स बिना झिझक उनसे संपर्क करें, खासकर अगर कहानी में दम हो।
साथ ही, ऋचा इन दिनों एक नई नॉन-फिक्शन सीरीज प्रोड्यूस कर रही हैं, जो भारत की जानी-पहचानी जगहों को नए नजरिए से दिखाएगी। यह सीरीज ट्रैवल, कल्चर और उन कहानियों पर केंद्रित होगी जो अक्सर मुख्यधारा की नजर से छूट जाती हैं। इसका उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विविधता, समुदायों और मानवीय जज्बे को संवेदनशील और इमर्सिव तरीके से सामने लाना है।
सच कहूं तो, ये वही ग्रोथ आर्क है जो किसी भी कलाकार को गहराई देता है—धोखा, सीख, और फिर दूसरों के लिए दरवाजे खोल देना।

ग्रुप ए की बात करें तो इसमें से भारतीय टीम ने सुपर 8 का टिकट कटा लिया है जबकि नामीबिया की टीम 3 मैच हारने के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। इस ग्रुप में पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर यूएसए है जो 4 में से दो मैच जीत चुकी है। तीसरे नंबर पर पाकिस्तान है जिसने 3 में से 2 मैच जीते हैं। नीदरलैंड ने 3 में से एक मैच जीता है जो चौथे स्थान पर है। सबसे आखिरी पायदान पर नामीबिया है।
ग्रुप बी की बात करें तो इस ग्रुप की भी हालत ग्रुप ए जैसी ही है। एक टीम ने सुपर 8 में जगह बना ली है जबकि एक टीम इस ग्रुप से एलिमिनेट हो गई है। श्रीलंका ने 3 मैच जीतकर सुपर 8 में जगह पक्की की है जबकि ओमान की टीम तीन मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई है जो पांचवें पायदान पर है। दूसरे नंबर पर जिम्बाब्वे है जिसने दोनों पहले मैच जीते हैं। ऑस्ट्रेलिया 3 में से एक मैच जीतकर तीसरे नंबर पर है। चौथे नंबर पर आयरलैंड है जिसने भी 3 में से एक मैच जीता है।
ग्रुप सी की पॉइंट्स टेबल पर नजर डालें तो इस ग्रुप की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। इस ग्रुप से वेस्टइंडीज और इंग्लैंड ने सुपर 8 के लिए क्वालीफाई किया है जो क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर ग्रुप फेज को समाप्त करेंगी। पॉइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर स्कॉटलैंड है जो 3 में से एक मैच जीती है इटली का भी यही हाल है और नेपाल ने तीनों मैच हारे हैं। स्कॉटलैंड इटली और ओमान की टीमें टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं।
ग्रुप डी की बात करें तो इस ग्रुप से सिर्फ साउथ अफ्रीका ने सुपर 8 के लिए क्वालीफाई किया है। बाकी चारों टीमें अभी टूर्नामेंट में जीवित हैं। हालांकि आज होने वाले मैच में न्यूजीलैंड ने कनाडा को हरा दिया तो फिर न्यूजीलैंड को भी सुपर 8 का टिकट मिल जाएगा। इस स्थिति में अफगानिस्तान यूएई और कनाडा की टीम टूर्नामेंट से एलिमिनेट हो जाएगी। अगर कनाडा ने उलटफेर किया तो पॉइंट्स टेबल और दिलचस्प हो जाएगी।

म्यूनिक सुरक्षा सम्मलेन में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ मिलकर एक इंटरव्यू दे रहे वेडफुल ने यूरोप की बदलती रणनीति का भी जिक्र किया। वेडफुल ने कहा कि यूरोप अब इन देशों के साथ अपने रिश्तों का पुनर्मूल्यांकन कर रहा है। भारत और ब्राजील जैसे साझेदार देशों के साथ साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और समान हितों पर अधिक ध्यान दे रहा है। यूरोप अब मानता है कि भारत जैसे देशों के साथ उनके रिश्ते अब केवल इसलिए प्रभावित नहीं होने चाहिए, क्योंकि भारत रूस और चीन के किसी समूह का सदस्य है।
चीन और रूस के साथ तनाव
वेडफुल ने यहां पर रूस और चीन के साथ यूरोप के तनाव पर भी बात की। उन्होंने कहा कि मॉस्को के साथ यूरोप का तनाव बहुत बुनियादी है। इसके अलावा चीन के साथ भी मतभेद हैं। उन्होंने कहा, “भारत और ब्राजील जैसे देशोंके साथ हमारे कई साझा हित और मूल्य हैं। क्यों न हम इन साझा हितों और मूल्यों पर ध्यान केंद्रित करें। चीन और रूस के साथ हमारे मतभेद हैं, वह अलग बात है।”
भारत, चीन से अलग साझेदार
वेडफुल ने कहा कि चीन की तुलना में भारत की स्थिति एक विशिष्ट साझेदार के रूप में है। दोनों देशों के आपसी संबंधों में भरोसे को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि भारत कहां खड़ा है, वह भरोसेमंद है, हम उन पर भरोसा कर सकते हैं, और शायद वह भी हम पर भरोसा कर सकते हैं।” बकौल वेडफुल वैश्विक राजनीति में भारत चीन से ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद साथी है।
इसके इतर जर्मन विदेश मंत्री ने भारत और जर्मनी के साझा मूल्यों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “हम दोनों ही लोकतंत्र हैं, हमारे यहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। हमारे यहां कानून का शासन है और हमारे लिए यह बहुत मायने रखता है।”
आपको बता दें, अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप का शासन आने के बाद से यूरोप अपनी वैश्विक रणनीति में बदलाव करता नजर आया है। पहले अमेरिका का पिछलग्गू बनकर यूरोप के देश अपनी विदेश नीति को अमेरिका को केंद्र में रखकर बनाते थे। लेकिन ट्रंप के आने और फिर यूरोपीय देशों के साथ उनके सलूक को देखते हुए यूरोपीय देश अब दूसरे विकल्पों की तरफ देखने लगे हैं। एक मजबूत और लोकतांत्रिक साझेदार के रूप में भारत उनकी सभी जरूरतों को पूरा करता है, इसकी वजह से यूरोपीय देश लगातार भारत के करीब आने की कोशिश में लगे हुए हैं।
हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच में हुआ व्यापारिक समझौता इस बात का उदाहरण है। यह समझौता कई वर्षों से ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ था। लेकिन अब यह समझौता हो चुका है और यूरोपीय देशों में यह जीत के रूप में देखा जा रहा है, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समझौते से भारत को ज्यादा फायदा होगा।

दिन भर से कांग्रेस पार्टी के अंदर जारी घमासान पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने जमकर तंज कसा। उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस कहती है राहुल को हटाओ, ममता को लाओ, ‘इंडी-गठबंधन’ को बचाओ। असम के कांग्रेस नेता भूपेन बोरा ने इस्तीफा दिया। मणिशंकर अय्यर कहते हैं कि कांग्रेस केरल हारेगी और विजयन जीतेंगे।” भाजपा नेता ने सवाल किया कि क्या यह समझने के लिए और सबूतों की जरूरत है कि न तो गांधी की अपनी पार्टी के नेता और न ही उनके सहयोगी उन्हें गंभीरता से लेते हैं। भाजपा नेता ने अपने हमले को और भी तीखा करते हुए कहा, “राहुल गांधी के पास न तो जनमत है और न ही संगत… वह बस एक असफल विशेषाधिकार प्राप्त वंशवादी हैं।”
आपको बता दें, खबर लिखे जाने तक असम के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने इस्तीफे को वापस ले लिया था। इसके अलावा मणिशंकर अय्यर को लेकर कांग्रेस पार्टी की तरफ से कहा गया कि वह अब पार्टी में नहीं है, ऐसे में उनके बयान को पार्टी से जोड़ने का कोई मतलब नहीं है। दरअसल, मणिशंकर अय्यर ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अपने पद पर बने रहेंगे। इसके अलावा उन्होंने प्रवक्ता पवन खेड़ा और शशि थरूर पर भी निशाना साधा था। उनके इस बयान को लेकर कांग्रेस पार्टी की तरफ से जबरदस्त विरोध देखने को मिला था। पार्टी की तरफ से कांग्रेस से संबंध न होने की बात पर पूर्व सांसद ने कहा कि उन्हें केवल अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ही पार्टी से निकाल सकते हैं।
कांग्रेस पार्टी ने भले ही खुद को इस बयान से दूर कर लिया हो लेकिन भाजपा ने हमला बोलने का कोई मौका नहीं छोड़ा। प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, “कांग्रेस नेताओं द्वारा राहुल गांधी को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया है। राहुल गांधी को कांग्रेस के कट्टर वफादार मणिशंकर अय्यर ने खुलेआम नकार दिया।”
भंडारी ने कहा, ”अय्यर हों या तृणमूल कांग्रेस या भूपेन बोरा सब जानते हैं। राहुल गांधी राजनीतिक ‘पप्पू’ हैं। कांग्रेस में अपना पूरा जीवन बिताने वाले वफादार अब खुलेआम राहुल गांधी के खिलाफ बोल रहे हैं।”
दरअसल, यह पूरा मामला कांग्रेस के पूर्व सांसद मणिशंकर अय्यर के बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेताओं के ऊपर निशाना साधा। उन्होंने पवन खेड़ा, केसी वेणुगोपाल और शशि थरूर को भी अपने निशाना पर लिया। इसके अलावा असम से पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन के इस्तीफे ने भी कांग्रेस पार्टी के दिन को बर्बाद करने की कोशिश की। मणिशंकर के मामले पर कांग्रेस पार्टी की तरफ से तीखी टिप्पणी आई, जिसमें कहा गया कि मणिशंकर अय्यर अब पार्टी में नहीं है, तो उस पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वह नेहरू वादी और राजीववादी हैं लेकिन राहुलवादी नहीं है। इतना ही नहीं अय्यर ने कहा कि उन्हें पार्टी से निकालने का अधिकार केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को है।

उपराज्यपाल कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘सुरक्षा की गहन समीक्षा और विचार-विमर्श के बाद, मैंने कश्मीर और जम्मू संभागों में एहतियाती तौर पर अस्थायी रूप से बंद किये गए और भी पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने का आदेश दिया है।’ इसके साथ ही, अस्थायी रूप से बंद किए जाने के बाद फिर से खोले गए पर्यटन स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 26 हो गई है।
इससे पहले, पिछले साल 26 सितंबर को उपराज्यपाल ने 12 पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने का आदेश दिया था। सिन्हा ने कहा, ‘कश्मीर संभाग के 11 पर्यटन स्थलों- कोकरनाग में यूसमर्ग, दूधपथरी, दांडीपुरा पार्क, शोपियां में पीर की गली, दुबजान और पदपावन, श्रीनगर में अस्तनपोरा, ट्यूलिप गार्डन, थजवास ग्लेशियर, गांदेरबल में हंग पार्क और बारामुला में वुलर और वाटलाब – को तत्काल फिर से खोला जाएगा।’
उन्होंने कहा कि जम्मू संभाग के तीन पर्यटन स्थल – रियासी में देवी पिंडी, रामबन में महू मंगत और किश्तवार में मुगल मैदान – भी तत्काल प्रभाव से फिर से खोले जाएंगे। सिन्हा ने कहा, ‘कश्मीर संभाग में तीन स्थल- गुरेज, अथवाटू और बंगस- और जम्मू संभाग में एक स्थल – रामबन में रामकुंड – बर्फ हटने के बाद फिर से खोल दिए जाएंगे।’
23 फरवरी से शुरू हो रहे ‘खेलो इंडी शीतकालीन खेल’
जम्मू कश्मीर के गुलमर्ग में 23 फरवरी से शुरू होने वाले ‘खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों’ (केआईडब्ल्यूजी) में 700 से अधिक खिलाड़ी और अधिकारी भाग लेंगे। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। स्की सहायक मोहम्मद रफीक चेची ने कहा, “इस सर्दी में अच्छी बर्फबारी हुई है, जिससे ‘स्कीइंग’ और ‘स्लेजिंग’ गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों का यहां आयोजन हो रहा है और इससे हमें अपनी आजीविका कमाने में मदद मिलेगी।”
इस वर्ष ‘बर्फ स्पर्धाओं’ के लिए केआईडब्ल्यूजी का पहला चरण लद्दाख के लेह में 20 से 26 जनवरी तक आयोजित किया गया था, जबकि ‘हिम स्पर्धाओं’ के लिए खेलों का दूसरा चरण 23 से 26 फरवरी तक गुलमर्ग में आयोजित किया जाएगा। युवा सेवाओं और खेल विभाग द्वारा जारी एक वीडियो में चेची ने कहा, “गुलमर्ग तैयार है, आपका इंतजार है।”

क्या था ये साल 2017 का मामला?
यह मामला इवेंट ऑर्गनाइजर पवन वर्मा की शिकायत से शुरू हुआ था। पवन वर्मा ने आरोप लगाया था कि अमीषा को 16 नवंबर, 2017 को एक शादी में परफॉर्म करने के लिए हायर किया गया था। इसके लिए उन्हें 14.50 लाख रुपये का एडवांस भी दिया गया था। लेकिन एक्ट्रेस इवेंट में नहीं आईं। अमीषा पटेल ने कथित तौर पर पूरी रकम वापस करने का वादा किया। हालांकि, पवन वर्मा का दावा है कि उन्होंने पैसे वापस नहीं दिए हैं। वहीं अमीषा पटेल का कहना है कि उन्होंने ये मामला सेटल कर लिया था।