Author: bharati

  • Bhopal: होटल में चल रहा था शादी समारोह.. अचानक भड़की आग, मची अफरा-तफरी

    Bhopal: होटल में चल रहा था शादी समारोह.. अचानक भड़की आग, मची अफरा-तफरी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के एक होटल (Hotel) में सोमवार रात को भीषण आग लग गई। बताया जाता है कि जिस समय यह घटना हुई उस वक्त शादी समारोह (Wedding Ceremony) चल रहा था। आग लगने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

    राजधानी भोपाल में शादी समारोह में लगी आग इतनी भयानक थी कि लपटें कई मीटर ऊंची उठती रहीं. शादी खजूरी थाना क्षेत्र के भौंरी स्थित एक होटल में हो रही थी. उस दौरान शादी समारोह में लगभग 170-200 लोग मौजूद थे और आग लगते ही लोग इधर-उधर भागने लगे. आग और भगदड़ के बीच शादी समारोह में रखे एक गैस सिलेंडर में ब्लास्ट (Cylinder Blast) हो गया. इससे और ज्यादा अफरा-तफरी मच गई. लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे. सूचना मिलने के बाद दमकल (Fire Department) और पुलिस (Bhopal Police) भी पहुंच गई. आग के दौरान होटल में कई लोग भी फंस गए थे, जिन्हें निकालने के लिए जेसीबी मशीन बुलानी पड़ी. इससे दीवार तुड़वाकर रास्ता बनाया और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.


    तीन फायर स्टेशनों से पहुंची गाड़ियां

    गांधीनगर, बैरागढ़ और फतेहगढ़ फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया. लोगों का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी और देखते ही देखते लपटें करीब 50 फीट तक ऊपर उठने लगीं . हालांकि, आग लगने की स्पष्ट वजह नहीं पता चली है. पुलिस इसकी जांच कर रही है. करीब आधी रात तक मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया और रात में ही आग पूरी तरह बुझा दी गई. राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया।

    बता दें कि भोपाल में एक दिन पहले भी आग लगने की घटना हुई थी। भोपाल के इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) के सामने स्थित मेहता इंडस्ट्री के गोदाम में रविवार दोपहर पौने चार बजे आग लग गई थी। फैक्ट्री के पिछले हिस्से में बने गोदाम में रखे लकड़ी और प्लाईवुड के सामान ने आग पकड़ ली जिससे लपटें उठने लगीं। भोपाल में कल हुई आग की घटना की खबर मिलते ही नगर निगम की 12 दमकलें वहां पहुंच गईं और दो घंटे की मेहनत के बाद आग को बुझा दिया गया। फायर ब्रिगेड ने गोदाम के पीछे की टिन की दीवार काटकर पानी और झाग का छिड़काव किया। इस आग में गोदाम पूरी तरह जलकर राख हो गया है लेकिन अच्छी बात यह है कि किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई है।

    आग लगने के समय फैक्ट्री के पास वाली झुग्गी बस्ती के लोग घरों का सामान बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर चले गए। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। फैक्ट्री मालिक अरुण जैन ने भी मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों से बात की। दमकल और पुलिस कर्मियों की सावधानी से बड़ी दुर्घटना टल गई। हालांकि गोदाम में रखा सामान पूरी तरह जल गया।

  • Gold: सबसे सुरक्षित निवेश…. Gen-G का सोने के प्रति बढ़ा क्रेज, म्यूचुअल फंड-क्रिप्टो से मोहभंग

    Gold: सबसे सुरक्षित निवेश…. Gen-G का सोने के प्रति बढ़ा क्रेज, म्यूचुअल फंड-क्रिप्टो से मोहभंग


    नई दिल्ली।
    देश की युवा पीढ़ी (Young Generation) के बीच सोने के प्रति क्रेज तेजी (Increasing Craze Gold ) से बढ़ रहा है। एक हालिया सर्वे के अनुसार जेन-जी (Gen-G ) और मिलेनियल वर्ग (Millennials) के करीब 62 प्रतिशत लोग सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं। जबकि म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट, शेयर मार्केट और क्रिप्टो जैसे विकल्प पीछे रह गए हैं।

    यह सर्वे 18 से 39 साल के 5,000 से अधिक युवाओं से बीच किया गया। रिपोर्ट बताती है कि सोने पर भरोसा अब भी कायम है, लेकिन खरीदने का तरीका बदल रहा है। अब युवा पारंपरिक पारिवारिक फैसलों के बजाय खुद छोटी-छोटी रकम से सोना खरीद रहे हैं। यह रुझान दर्शाता है कि आर्थिक अनिश्चितता और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच युवा वर्ग सोने को सुरक्षित ठिकाना मान रहा है।


    क्या दिखा सर्वे में

    सर्वे के मुताबिक, अगर आज 25,000 रुपये निवेश करने हों, तो 61.9% युवा सोना चुनेंगे। इसके मुकाबले म्यूचुअल फंड को 16.6%, एफडी को 13%, शेयर बाजार को 6.6% और क्रिप्टो को सिर्फ 1.9% लोगों ने प्राथमिकता दी। लोगों का कहना है कि बैंक बचत, म्यूचुअल फंड या इक्विटी की तुलना में सोना उन्हें सबसे सुरक्षित विकल्प लगता है। सर्वे में यह भी सामने आया कि करीब 65 प्रतिशत युवाओं का मानना है कि जब अर्थव्यवस्था में अस्थिरता होती है, तब सोना सबसे सुरक्षित निवेश साबित होता है।


    खरीदने का तरीका बदला

    खास बात यह है कि अब सोना खरीदने का तरीका भी बदल रहा है। अधिकांश युवाओं ने बताया कि उन्होंने हाल में पांच ग्राम से कम सोना खरीदा। इससे संकेत मिलता है कि युवा छोटी-छोटी मात्रा में नियमित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं, न कि एकमुश्त बड़ी खरीदारी की ओर। इसका मतलब है कि सोना अब सिर्फ शादी-ब्याह तक सीमित नहीं रह गया है। यह शुरुआती कमाई से जुड़ा एक लचीला बचत विकल्प बन गया है।


    खुद फैसले लेने का ट्रेंड बढ़ा

    एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह रहा कि लगभग दो-तिहाई युवाओं ने कहा कि सोना खरीदने का फैसला वे खुद लेते हैं। सर्वे में शामिल 42.3% लोगों ने कहा कि घर में हालिया सोना खरीदने की शुरुआत उन्होंने खुद की, जबकि 40% ने माना कि माता-पिता या बड़े सदस्यों की भूमिका रही। जेन जी में ज्यादा आत्मनिर्भरता दिखी है। वहीं मिलेनियल अब भी सोने को परिवार की लंबी सुरक्षा से जोड़कर देखते हैं।


    पहला वेतन मिलते ही खरीदा सोना

    सर्वे के परिणाम बताते हैं कि पहला वेतन या शुरुआती आय मिलने के बाद बहुत से युवा इसे सोने में निवेश के रूप में खरीदते हैं। लगभग 24.3% ने कहा कि पहला वेतन मिलते ही उन्होंने सोना खरीदा। जबकि 23.9% ने इसे निवेश विकल्प के रूप में लिया। इससे यह भी पता चलता है कि युवा अब सोने को केवल आभूषण की तरह नहीं देखते, बल्कि निवेश का बेहतरीन विकल्प मान रहे हैं।

    सोना पहली पसंद
    सोना — 61.9%
    म्यूचुअल फंड — 16.6%
    फिक्स्ड डिपॉजिट — 13%
    इक्विटी शेयर — 6.6%
    क्रिप्टो — 1.9%

  • Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में आज फिर गिरावट; चांदी 4000 रुपये फिसली, शादी सीजन में मिली राहत

    Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में आज फिर गिरावट; चांदी 4000 रुपये फिसली, शादी सीजन में मिली राहत

    Gold Silver Price Today: घरेलू फ्यूचर मार्केट में मंगलवार, 17 फरवरी को सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 2 अप्रैल, 2026 का एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा मंगलवार को 1,53,551 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर ओपन हुआ. इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,54,760 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था.

    17 फरवरी की सुबह करीब 9:50 बजे, एमसीएक्स पर 2 अप्रैल का एक्सपायरी वाला गोल्ड 0.70 प्रतिशत या करीब 1100 रुपये की गिरावट के साथ 1,53,680 रुपए पर ट्रेड कर रहा था. गोल्ड फ्यूचर वायदा शुरुआती कारोबार में 1,53,959 रुपए के हाई लेवल पर पहुंचा था. आइए जानते हैं प्रमुख शहरों में सोना-चांदी का ताजा भाव…

    चांदी की कीमत

    एमसीएक्स पर 5 मार्च 2026 का एक्सपायरी वाला सिल्वर 1.33 फीसदी या 3,200 रुपये की गिरावट के साथ 2,36,700 रुपये (प्रति किलो) पर ट्रेड कर रहा था. चांदी ने कारोबारी दिन की शुरुआत 2,35,207 रुपये पर की थी. दिन के कारोबार के दौरान चांदी का हाई लेवल 2,37,720 रुपये था.

    दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी के दाम गिर गए है. दिल्ली और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,600 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 26,000 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,650 रुपये चल रही है.

    आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)

    दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,56,580 रुपए
    22 कैरेट – 1,43,540 रुपए
    18 कैरेट – 1,17,470 रुपए

    मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,54,910 रुपए
    22 कैरेट – 1,42,000 रुपए
    18 कैरेट – 1,16,180 रुपए

    चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,57,520 रुपए
    22 कैरेट – 1,44,390 रुपए
    18 कैरेट – 1,23,490 रुपए

    कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,54,910 रुपए
    22 कैरेट – 1,42,000 रुपए
    18 कैरेट – 1,16,180 रुपए

    अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,56,480 रुपए
    22 कैरेट – 1,43,440 रुपए
    18 कैरेट – 1,17,370 रुपए

    लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,56,580 रुपए
    22 कैरेट – 1,43,540 रुपए
    18 कैरेट – 1,17,470 रुपए

    पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,56,480 रुपए
    22 कैरेट – 1,43,440 रुपए
    18 कैरेट – 1,17,370 रुपए

    गुड रिटर्न के अनुसार प्रति 10 ग्राम सोने का भाव इस प्रकार है: दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,56,580 रुपये, 22 कैरेट 1,43,540 रुपये और 18 कैरेट 1,17,470 रुपये पर है। मुंबई में 24 कैरेट 1,54,910 रुपये, 22 कैरेट 1,42,000 रुपये और 18 कैरेट 1,16,180 रुपये पर बिक रहा है। चेन्नई में 24 कैरेट सोना 1,57,520 रुपये, 22 कैरेट 1,44,390 रुपये और 18 कैरेट 1,23,490 रुपये है। कोलकाता में 24 कैरेट 1,54,910 रुपये, 22 कैरेट 1,42,000 रुपये और 18 कैरेट 1,16,180 रुपये दर्ज किया गया है। अहमदाबाद में 24 कैरेट 1,56,480 रुपये, 22 कैरेट 1,43,440 रुपये और 18 कैरेट 1,17,370 रुपये है। लखनऊ में 24 कैरेट 1,56,580 रुपये, 22 कैरेट 1,43,540 रुपये और 18 कैरेट 1,17,470 रुपये है। पटना में 24 कैरेट 1,56,480 रुपये, 22 कैरेट 1,43,440 रुपये और 18 कैरेट 1,17,370 रुपये है, जबकि हैदराबाद में 24 कैरेट 1,54,910 रुपये, 22 कैरेट 1,42,000 रुपये और 18 कैरेट 1,16,180 रुपये पर सोना बिक रहा है।
    हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,54,910 रुपए
    22 कैरेट – 1,42,000 रुपए
    18 कैरेट – 1,16,180 रुपए

  • MP: शिवपुरी में वकील की हत्या के बाद अधिवक्ताओं में आक्रोश, कार्य का बहिष्कार कर सड़क पर उतरे

    MP: शिवपुरी में वकील की हत्या के बाद अधिवक्ताओं में आक्रोश, कार्य का बहिष्कार कर सड़क पर उतरे


    शिवपुरी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी जिले (Shivpuri district) में एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना (Advocate Sanjay Kumar Saxena) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने से प्रदेश भर के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है. इस घटना के विरोध में मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के आह्वान पर सोमवार को पूरे मध्य प्रदेश में वकील न्यायालयीन कार्य से विरत रहे और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की मांग दोहराई है।

    दरअसल शिवपुरी में हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद प्रदेश का अधिवक्ता समुदाय एकजुट हो गया है. राज्य अधिवक्ता परिषद जबलपुर के आह्वान पर सोमवार को मध्यप्रदेश के सभी जिलों में वकील न्यायालयीन कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं. इसी कड़ी में इंदौर में जिला कोर्ट और हाईकोर्ट के अधिवक्ता भी अपने कार्य से विरक्त रहे. अधिवक्ताओं का कहना है कि वे पिछले बीस वर्षों से लगातार एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से केवल आश्वासन ही मिला है।

    इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष यादव ने कहा कि वर्ष 2012 से अब तक राज्य सरकार द्वारा अधिवक्ता संरक्षण कानून लागू करने का आश्वासन दिया जाता रहा है, लेकिन इसे अमल में नहीं लाया गया. वकीलों का कहना है कि यदि जल्द ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.

  • MP: CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान…सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर स्थापित करेंगे 1.01 करोड़ का पुरस्कार

    MP: CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान…सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर स्थापित करेंगे 1.01 करोड़ का पुरस्कार


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने उज्जैन (Ujjain.) के शासक रहे सम्राट विक्रमादित्य (Emperor Vikramaditya) के नाम पर पुरस्कार देने की घोषणा की है। उज्जैन में विक्रमोत्सव 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने इसकी घोषणा की। यादव ने कहा कि विक्रमादित्य का शासनकाल स्वर्ण युग के रूप में प्रसिद्ध है।

    मध्य प्रदेश सरकार ने उज्जैन के शासक रहे सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर 1.01 करोड़ रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को उज्जैन के महान शासक की स्मृति में 21 लाख रुपए के राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार और 5-5 लाख रुपए के तीन राज्य स्तरीय पुरस्कारों की भी घोषणा की।


    उज्जैन में विक्रमोत्सव में की घोषणा

    सीएम यादव ने उज्जैन में विक्रमोत्सव 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने और उनके शौर्य, न्याय तथा प्रजावत्सल आदर्शों को अमर बनाने के लिए उनकी स्मृति में एक करोड़ एक लाख रुपए का सम्राट विक्रमादित्य अंतरराष्ट्रीय अलंकरण सम्मान शुरू किया जाएगा।


    सबसे बड़े धार्मिक आयोजन का पुरस्कार

    उन्होंने कहा कि यह देश का सबसे प्रतिष्ठित अलंकरण भारत की सांस्कृतिक गरिमा को विश्व मंच पर नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा। यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव की ख्याति तेजी से बढ़ रही है और यह प्रसन्नता का विषय है कि विक्रमोत्सव को एशिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन का पुरस्कार मिला। ज्ञात हो कि विक्रमोत्सव-2025 को ईमैक्सम ग्लोबल अवार्ड द्वारा ‘लांगस्टैडिंग आईपी ऑफ द इयर’ से सम्मानित किया गया है।


    विक्रमादित्य का शासनकाल स्वर्ण युग

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष और आने वाले समय में भी विक्रमोत्सव अपनी उत्सवधर्मी सांस्कृतिक पहचान को दुनिया में स्थापित करेगा। यादव ने कहा कि विक्रमादित्य का शासनकाल दुनिया भर में शिक्षा, विज्ञान, ज्योतिष और साहित्य के स्वर्ण युग के रूप में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि विक्रम संवत और भारतीय कैलेंडर हमारी वैज्ञानिक सोच और सांस्कृतिक समृद्धि के गौरवशाली प्रतीक हैं। उज्जैन का सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजन, विक्रमोत्सव, हमारी परंपराओं को सशक्त करेगा।


    उज्जैन पृथ्वी का नाभि स्थल

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन पृथ्वी का नाभि स्थल कहा जाता है और सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था इसे सनातन के विश्वास का केंद्र भी बनाती है। उन्होंने कहा कि इसी दिव्य परंपरा को अधिक भव्य व्यवस्थित और श्रद्धालु केंद्रित बनाने के लिए सिंहस्थ की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।


    शिप्रा नदी में 30 किमी घाटों की व्यवस्था

    उन्होंने कहा कि उज्जैन तथा आसपास के क्षेत्रों में विकास के कार्य तेजी से जारी हैं। श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए उज्जैन के आसपास ‘फोर लेन’ और ‘सिक्स लेन’ सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। शिप्रा नदी में स्नान के लिए 30 किमी घाटों की व्यवस्था की गई है। इसे निर्मल और अविरल बनाए रखने के लिए व्यवस्थित कार्य योजना प्रगति पर है।

  • Uttarakhand : चारधाम यात्रा के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने पर अब देना पड़ेगा शुल्क…

    Uttarakhand : चारधाम यात्रा के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने पर अब देना पड़ेगा शुल्क…


    देहरादून।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) में चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) को अब और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण (Online Registration) प्रक्रिया में शुल्क लगाने का निर्णय लिया गया है। यह कदम मुख्य रूप से फर्जी रजिस्ट्रेशन और यात्रियों की वास्तविक संख्या का सही अनुमान लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस सप्ताह पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी। शुल्क तय करने के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा।

    सोमवार को ट्रांजिट कैंप में होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन, संयुक्त रोटेशन और डंडी-कंडी संचालकों के साथ बैठक में आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पंजीकरण पर शुल्क लगाने के लिए अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है, जो शुल्क की राशि तय करेगी।


    फर्जी रजिस्ट्रेशन की समस्या

    होटल संचालकों ने बैठक में बताया कि कई बार यात्रियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया होता है, लेकिन वे यात्रा पर नहीं आते। इससे फर्जी रजिस्ट्रेशन बन जाते हैं और वास्तविक यात्री कई बार होटलों में ठहरने के बावजूद पंजीकरण नहीं पा पाते। होटल एसोसिएशन ने इसके समाधान के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पर न्यूनतम शुल्क लगाने का सुझाव दिया।

    आयुक्त पांडेय ने कहा, “अपर आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिश मिलने के बाद एक-दो दिन में आवश्यक निर्णय लेते हुए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यात्रियों की संख्या सीमित नहीं की जाएगी, लेकिन पंजीकरण अनिवार्य होगा। फर्जी रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने के लिए न्यूनतम शुल्क तय किया जाएगा।”


    पंजीकरण प्रक्रिया कब शुरू होगी?

    सूत्रों के अनुसार, ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया इसी सप्ताह शुरू होने की संभावना है। यात्रियों को पहले अपना पंजीकरण सुनिश्चित करना होगा, ताकि यात्रा और होटल बुकिंग के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत न हो। अधिकारियों का कहना है कि शुल्क और पंजीकरण लागू होने से यात्रा के दौरान भीड़ और व्यवस्थाओं में सुधार आएगा। इससे चारधाम यात्रा में प्रवासी पर्यटकों और स्थानीय व्यवस्थाओं पर दबाव कम होगा।

  • MP: रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में मिला सैटेलाइट कॉलर लगे बाघ का शव…

    MP: रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में मिला सैटेलाइट कॉलर लगे बाघ का शव…


    सागर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व (Rani Durgavati Tiger Reserve) में सैटेलाइट कॉलर (Satellite Caller) से लैस एक युवा बाघ मृत पाया गया है। 3-4 वर्षीय नर बाघ का शव 15 फरवरी को मोहली रेंज के मनगांव बीट क्षेत्र में मिला। यह बाघ बीते महीने कान्हा टाइगर रिजर्व से ट्रांसफर करके यहां छोड़ा गया था। उसे 18-19 जनवरी की रात को कोर एरिया में रिलीज किया गया था और 24 घंटे निगरानी के लिए रेडियो सैटेलाइट कॉलर लगाया गया था।

    एक रिपोर्ट में वन विभाग के हवाले से बताया गया है कि शुरुआती जांच में क्षेत्रीय संघर्ष (टेरिटोरियल फाइट) की आशंका जताई गई है। घटनास्थल के पास दूसरे बाघ के पगमार्क मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि शिकार या बिजली प्रवाह जैसी अवैध गतिविधि के तत्काल संकेत नहीं मिले हैं। रिजर्व परिसर में पशु चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया है और फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे।

    हालांकि वाइल्डलाइफ एक्टविस्ट अजय दुबे ने इस मामले में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि सैटेलाइट डेटा में बाघ की लोकेशन दो दिनों तक स्थिर दिखाई दी, जो राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के प्रोटोकॉल के तहत चेतावनी संकेत है। उन्होंने स्वतंत्र जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।

    आपको बताते चलें कि नौरादेही इलाका, जो अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व लैंडस्केप का हिस्सा है में इस साल चीता पुनर्वास योजना प्रस्तावित है। ऐसे में यह घटना वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। वन अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती बाघ आबादी में क्षेत्रीय संघर्ष सामान्य है और फिलहाल किसी साजिश के प्रमाण नहीं मिले हैं।

  • Kerala: 10 माह की बच्ची ने 5 लोगों को दी नई जिंदगी… हादसे में मौत के बाद पैरेंट्स ने किया अंगदान

    Kerala: 10 माह की बच्ची ने 5 लोगों को दी नई जिंदगी… हादसे में मौत के बाद पैरेंट्स ने किया अंगदान


    तिरुवनंतपुरम।
    केरल (Kerala) से एक बेहद भावुक करने वाली कहानी सामने आई है। यहां पर हादसे में 10 महीने की एक बच्ची (10 Months Girl) बुरी तरह से घायल हो गई। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत के बाद उसके पैरेंट्स ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसके मुरीद प्रदेश के मुख्यमंत्री (Chief Minister) समेत तमाम सेलेब्स भी हो गए हैं। बच्ची के माता-पिता ने उसका अंगदान करने का फैसला किया। उनके इस फैसले की बदौलत पांच लोगों को नई जिंदगी मिली है। इस बच्ची का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी भी मौजूद रहे।


    कौन थी आलिन शेरिन

    जिस बच्ची का अंगदान किया गया, उसका नाम आलिन शेरिन है। उसके माता-पिता का नाम अरुण अब्राहम और शेरिन एन जॉन है। यह लोग केरल के पाथनमथिट्टा जिले के रहने वाले हैं। पांच फरवरी को आलिन अपनी मां और दादा-दादी के साथ यात्रा कर रही थी। इसी दौरान गलत दिशा से आ रही कार ने उनके वाहन में टक्कर मार दी। इस हादसे में आलिन को बेहद गंभीर चोटें आईं। वहीं, उसकी मां और दादा-दादी भी गंभीर रूप से घायल हैं। शुरुआत में आलिन को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए कोच्चि ले जाया गया। बहुत कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और डॉक्टरों ने 12 फरवरी को उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया।


    बताया गया ग्रीन कॉरिडोर

    महज दस महीने की बेटी को खोकर आलिन के माता-पिता गहरे दुख में थे। लेकिन इसी दौरान उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया, जो नजीर बन गया। दोनों ने तय किया कि वह अपनी बच्ची का अंगदान करेंगे। इसके बाद हेल्थकेयर सिस्टम, पुलिस और आम लोगों ने गजब का तालमेल दिखाया। चूंकि सिविल एविएशन रूल्स के चलते रात में हेलिकॉप्टर ट्रांसफर संभव नहीं था। इसलिए केरल सरकार ने एंबुलेंस के जरिए अंगों को भेजने का फैसला किया। आनन-फानन में कोच्चि से तिरुवनंतपुरम के बीच ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।


    किसे दिए गए अंग

    इसके लिए कड़े ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किए गए। पूरे रास्ते में मैनुअल सिग्नलिंग की व्यवस्था की गई। इसके जरिए 230 किलोमीटर की दूरी मात्र 3 घंटे और 20 मिनट में तय हुई। इसके बाद सुरक्षित तरीके सभी अंग गंतव्य तक पहुंचे। यहां पर एक निजी अस्पताल में छह साल की बच्ची को लिवर ट्रांसप्लांट किया गया। वहीं, किडनी सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक 10 साल के बच्चे को लगाया गया। हार्ट वॉल्व तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज कैंपस को ट्रांसफर किया गया, जबकि कॉर्निया एक निजी अस्पताल के आई बैंक को डोनेट कर दिया गया।


    सबने की तारीफ

    महज 10 महीने की उम्र में बच्ची की दु:खद मौत और उसके माता-पिता द्वारा अंगदान के फैसले की केरल समेत तमाम जगहों पर तारीफ हुई। केरल के राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर ने कहाकि वह बच्ची के माता-पिता के इस फैसले बहुत प्रभावित हुए हैं। उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया, जिससे दूसरों को जीवन मिला है। अभिनेता कमल हासन ने भी पैरेंट्स को संबोधित एक भावुक संदेश लिखा। इस संदेश में उन्होंने लिखा कि बेबी आलिन पांच बच्चों को जिंदगी देकर गई है। अभिनेता मोहनलाल ने भी आलिन को लिटिल एंजेल कहा।

  • जब कीमतें आसमान थी,,, सोने ने तोड़ डाले आयात के सभी रिकॉर्ड, व्यापार घाटा भी बढ़ा

    जब कीमतें आसमान थी,,, सोने ने तोड़ डाले आयात के सभी रिकॉर्ड, व्यापार घाटा भी बढ़ा


    नई दिल्ली।
    जनवरी में जब सोने-चांदी की कीमतें (Gold and Silver Prices) आसमान पर थी सोने के आयात (Gold Import) ने तो सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए, जो पिछले साल जनवरी के 2.66 अरब डॉलर के मुकाबले इस बार 350 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर पर पहुंच गया। दूसरी ओर, इसने भारत के व्यापार घाटे (Trade Deficits) पर बड़ा इंपैक्ट डाला। भारत का व्यापार घाटा जनवरी 2026 में बढ़कर 35 अरब डॉलर हो गया है। यह आंकड़ा दिसंबर में दर्ज 24 अरब डॉलर से कहीं अधिक है।


    सोने की चमक ने बढ़ाई व्यापार घाटे की टेंशन

    सोने का आयात भारत के व्यापार घाटे में उतार-चढ़ाव की एक अहम वजह बनकर उभरा है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से साफ होता है कि बढ़ती सोने की कीमतों ने आयात बिल को काफी प्रभावित किया है। पिछले छह वर्षों में सोने के आयात मूल्य में 76 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि हुई है, जो वित्त वर्ष 2018-19 में 32.9 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 58.0 अरब डॉलर हो गया।


    आयात की मात्रा घटी, बिल बढ़ा

    हैरानी की बात यह है कि इस दौरान आयात की मात्रा में 23 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो 982.7 टन से घटकर 757.1 टन रह गई। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह एक संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है, जहां कीमतों में बढ़ोतरी आयात बिल बढ़ाने की मुख्य वजह है, न कि ज्यादा खपत।

    चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-दिसंबर के दौरान ही सोने का आयात बिल 49.39 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि इस दौरान सिर्फ 474.99 टन सोना आयात किया गया। अप्रैल-जनवरी की अवधि में यह आंकड़ा 61.46 अरब डॉलर हो गया। नवंबर में सोने के आयात के आंकड़ों में भी भारी संशोधन देखने को मिला था, जो शुरुआती 14.8 अरब डॉलर से घटाकर 9.84 अरब डॉलर कर दिया गया था, जो इसकी अस्थिरता को रेखांकित करता है।


    चांदी के आयात में भी जोरदार उछाल

    सोने के साथ-साथ चांदी के आयात ने भी रफ्तार पकड़ी है। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-दिसंबर के दौरान चांदी के आयात मूल्य में 128.95 प्रतिशत का उछाल आया है। यह 3.39 अरब डॉलर से बढ़कर 7.77 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसकी वजह आयात की मात्रा में 56.07 प्रतिशत और कीमतों में 46.69 प्रतिशत की बढ़ोतरी बताई जा रही है।


    अमेरिका और चीन के साथ व्यापारिक रिश्ते

    टैरिफ के दबाव के बावजूद, अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात स्थल बना हुआ है। अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के दौरान अमेरिका को निर्यात लगभग 6 प्रतिशत बढ़कर 72.46 अरब डॉलर रहा। हालांकि, दिसंबर की तुलना में जनवरी में अमेरिका को निर्यात में 4.5 प्रतिशत की गिरावट जरूर आई है। वहीं, चीन भारत का सबसे बड़ा आयात स्रोत बना हुआ है। अप्रैल-जनवरी के दौरान चीन से आयात 13 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 108.18 अरब डॉलर हो गया। सकारात्मक पहलू यह है कि इसी अवधि में चीन को निर्यात में भी 38 प्रतिशत से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह 15.88 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

  • इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भारत दिखाएगा INS विक्रांत की ताकत, विदेशी जहाज भी पहुंचे विशाखापत्तनम

    इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भारत दिखाएगा INS विक्रांत की ताकत, विदेशी जहाज भी पहुंचे विशाखापत्तनम


    विशाखापत्तनम। भारत अपनी समुद्री शक्ति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का जोरदार प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। विशाखापत्तनम में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR 2026) और एक्सरसाइज मिलन (MILAN 2026) में विदेशी नौसैनिक जहाजों का आगमन शुरू हो गया है। सोमवार को भारतीय नौसेना ने इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और बांग्लादेश के युद्धपोतों का स्वागत किया।

    विदेशी जहाजों का आगमन
    इंडोनेशियाई नौसेना का फ्रिगेट KRI Bung Tomo-357 पहले ही विशाखापत्तनम पहुंच चुका है। पूर्वी नौसेना कमान ने इसे “सेलामल दातंग” कहकर अभिनंदन किया। संयुक्त अरब अमीरात का नौसैनिक कोर्वेट Al-Emarat भी अभ्यास में शामिल हुआ, जो भारत और UAE के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक है। वहीं, पड़ोसी बांग्लादेश का फ्रिगेट BNS Somudra Avijan भी बेड़े में शामिल हो गया।

    इससे पहले थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के जहाज भी पोर्ट में पहुँच चुके हैं, जिससे यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक भव्य और विविधता पूर्ण बन गया है।

    IFR 2026: राष्ट्रपति करेंगी समीक्षा
    18 फरवरी को समुद्र में होने वाले इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का निरीक्षण भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। यह स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े नौसैनिक आयोजनों में से एक माना जाता है। इस वर्ष कुल 71 जहाज इस आयोजन में हिस्सा लेंगे, जिनमें भारतीय नौसेना के 45 जहाज, 19 विदेशी युद्धपोत और शेष कोस्ट गार्ड, मर्चेंट नेवी और अनुसंधान जहाज शामिल हैं।

    मुख्य आकर्षण के रूप में भारतीय विमानवाहक पोत INS विक्रांत पहले ही विशाखापत्तनम में पहुंच चुका है। यह जहाज समारोह का केंद्रबिंदु होगा और दर्शकों का ध्यान सबसे अधिक खींचेगा। सभी जहाजों को छह पंक्तियों में व्यवस्थित किया जाएगा।

    मिलन अभ्यास: समुद्री सहयोग का बड़ा मंच
    1995 में महज चार देशों के साथ शुरू हुआ मिलन अभ्यास अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशाल मंच बन गया है। इस साल 65 देशों की नौसेनाएं इसमें भाग ले रही हैं। इसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना और मित्र देशों के बीच पेशेवर बातचीत को मजबूत करना है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इसके लिए ‘मिलन विलेज’ का उद्घाटन किया गया है, जो 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के लिए एक सांस्कृतिक और मैत्री केंद्र के रूप में कार्य करेगा।

    इंटरनेशनल सिटी परेड
    उत्सव के रूप में 19 फरवरी की शाम को विशाखापत्तनम में रोड पर भव्य इंटरनेशनल सिटी परेड आयोजित की जाएगी। इसमें 45 सैन्य दल हिस्सा लेंगे। मनोरंजन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए 7 से 8 विदेशी बैंड अपनी प्रस्तुति देंगे, जिससे यह न केवल सैन्य ताकत बल्कि दोस्ताना संबंधों का उत्सव भी साबित होगा।