Author: bharati

  • इस साल 5 राज्यों में होंगे विधानसभा चुनाव….. असम से बंगाल तक विपक्षी गठबंधन तक अकेले घेरेगी BJP

    इस साल 5 राज्यों में होंगे विधानसभा चुनाव….. असम से बंगाल तक विपक्षी गठबंधन तक अकेले घेरेगी BJP


    नई दिल्ली।
    इस साल होने वाले पांच विधानसभाओं के चुनावों (Five Legislative Assemblies Elections) के लिए भाजपा (BJP) के अधिकांश हमलों के निशाने पर कांग्रेस ही रहेगी, भले ही उसका मुकाबला विपक्ष के किसी भी दल के साथ क्यू न हो। दरअसल, भाजपा का मानना है कि देशभर में उसकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस (Congress) है और वही विपक्ष के गठबंधन (Opposition Alliance) की धुरी भी। इन चुनावों में असम में भाजपा का सीधा मुकाबला कांग्रेस से है, जबकि केरल में उसे कांग्रेस और वामपंथी दलों के गठबंधनों से जूझना है। तमिलनाडु में कांग्रेस सत्तारूढ़ गठबंधन का अहम हिस्सा है। केवल पश्चिम बंगाल ही ऐसा है, जहां भाजपा व तृणमूल कांग्रेस में सीधा संघर्ष है।

    भाजपा के चुनाव रणनीतिकारों का मानना है कि विपक्ष के केंद्र में कांग्रेस है इसलिए भाजपा का निशाना भी कांग्रेस ही रहेगी। वैसे भी बीते 75 वर्षों में अधिकांश समय कांग्रेस के सत्ता में रहने से भाजपा को उस पर हमला करने के लिए काफी मुद्दे रहते हैं। पार्टी के एक प्रमुख नेता ने कहा कि सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को देखें तो भाजपा कांग्रेस को हराकर ही केंद्र व अधिकांश राज्यों में सत्ता में है और भाजपा का बड़ा समर्थक वर्ग भी वही है, जो कभी कांग्रेस का हुआ करता था। ऐसे में बड़े स्तर पर उसके लिए चुनौती भी कांग्रेस ही बन सकती है।

    सूत्रों के मुताबिक रणनीति के अनुसार भाजपा के केंद्रीय चुनाव प्रचारक सभी जगहों पर कांग्रेस को केंद्र में रखकर हमलावर रहेंगे। राज्य के नेता स्थानीय समीकरणों के अनुसार राज्य के विरोधी खेमे पर निशाना साध रहे हैं। गठबंधन की राजनीति में भाजपा अपने सहयोगी दलों की रणनीति का भी अनुसरण कर अपना ऐजेंडा भी उसी तरह से आगे बढ़ाएगी। चूंकि भाजपा राष्ट्रीय दल है इसलिए वह कई मुद्दों पर क्षेत्रीय दलों के स्तर पर नहीं जा सकती है।

  • BJP सांसद मनोज तिवारी, अभिनेता गोविंदा समेत 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज… जानें क्या है मामला?

    BJP सांसद मनोज तिवारी, अभिनेता गोविंदा समेत 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज… जानें क्या है मामला?


    जमशेदपुर।
    करोड़ों की ठगी करने वाली गाजियाबाद की मैक्सीजोन टच प्रालि कंपनी के खिलाफ शुक्रवार को जमशेदपुर में गबन का एक और मामला दर्ज किया गया। कोर्ट में शिकायतवाद के आधार पर यह मामला साकची थाने में फिल्म अभिनेता सह सांसद मनोज तिवारी, सिने स्टार गोविंदा, चंकी पांडे और शक्ति कपूर समेत कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह, उनकी पत्नी प्रियंका सिंह के साथ जमशेदपुर शाखा प्रबंधक शिव नारायण पात्रो के खिलाफ दर्ज किया गया।

    साकची थानेदार के अनुसार, मामला बर्मामाइंस निवासी जसपाल सिंह की ओर से दर्ज शिकायतवाद का है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने मैक्सीजोन कंपनी में आठ लाख रुपये निवेश किए थे। कंपनी की ओर से उन्हें हर माह 15 प्रतिशत ब्याज देने का वादा किया गया था, लेकिन न तो तय समय पर ब्याज दिया गया और न ही मूल राशि लौटाई गई। कोर्ट के आदेश पर साकची थाने में केस दर्ज किया गया है। सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    अभिनेताओं पर क्या लगा आरोप

    वादी के अनुसार, निवेश कराने से पहले उन्हें कंपनी से जुड़े फिल्म अभिनेताओं के विज्ञापन और प्रचार सामग्री दिखाई गई। इन प्रचार के जरिए भरोसा दिलाया गया कि नामी फिल्म कलाकार कंपनी के लिए काम और प्रचार करते हैं, जिससे कंपनी पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि जमशेदपुर शाखा के प्रबंधक शिव नारायण पात्रो ने कहा था कि कंपनी को फिल्म अभिनेताओं का समर्थन है। इस भरोसे में आकार जसपाल सिंह ने बड़ी रकम निवेश कर दी। बाद में जब पैसे और ब्याज मांगे तो टालमटोल किया जाने लगा। शिकायतवाद पर सुनवाई के बाद अदालत ने साकची थाने को एफआईआर दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।


    करोड़ों की ठगी में निदेशक और पत्नी हो चुके हैं गिरफ्तार

    गाजियाबाद की मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड ने हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी की है। कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह, उनकी पत्नी प्रियंका सिंह बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले हैं। उन्हें पिछले साल पुलिस ने कोडरमा स्टेशन पर राजधानी एक्सप्रेस से गिरफ्तार किया था। अभी दोनों जेल में हैं।

  • MP : उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में गैर-हिन्दुओं की एंट्री पर लगे प्रतिबंध…. जानें क्यों उठी ऐसी मांग ?

    MP : उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में गैर-हिन्दुओं की एंट्री पर लगे प्रतिबंध…. जानें क्यों उठी ऐसी मांग ?


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) में स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) में गैर हिन्दुओं के प्रवेश को लेकर हिन्दू जागरण मंच (Hindu Jagran Manch) और मंदिर पुजारी ने प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है। यह मांग उत्तराखंड (Uttarakhand) के गंगोत्री धाम (Gangotri Dham) में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की खबर सामने आने के बाद उठी है जिसमे देश के बारह ज्योतिर्लिंग में भी इस तरह की व्यवस्था लागू करने की मांग की जा रही है। इस पूरे मामले में हिन्दू जागरण मंच के पदाधिकारी का कहना है कि पिछले साल 25 के करीब गैर हिन्दू महाकाल मंदिर सहित आसपास से पकड़े गए थे। जो यहां घूमने आए थे। वंही महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी का कहना है कि गैर-हिंदू सनातन धर्म में आस्था रखता है तो उसे मंदिर आने से नहीं रोका जाना चाहिए। उस पर रोक तब लगे जब वह घूमने की मंशा से आया हो।


    इन मंदिरों में भी प्रतिबंध की मांग

    माहेश्वरी ने दावा किया कि साल 2025 में हिंदू जागरण मंच ने महाकाल मंदिर परिसर से एक दर्जन से अधिक युवकों को पकड़ा है, जो लड़कियों के साथ मंदिर परिसर में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील रहा है, ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। इसी तरह काल भैरव, मंगलनाथ और सांदीपनि आश्रम जैसे शहर के प्रमुख मंदिरों में भी गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

    देश के उत्तराखंड के गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की खबर सामने आने के बाद देश के बारह ज्योतिर्लिंग में भी इस तरह की व्यवस्था लागू करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसकी शुरुआत उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से होती नजर आ रही है। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा और उससे जुड़े मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग के बीच अब उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में भी इसी तरह की मांग उठने लगी है। महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महेश शर्मा और हिंदू जागरण मंच ने केंद्र और राज्य सरकार से महाकाल मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

    महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महेश शर्मा ने कहा कि यदि कोई गैर-हिंदू सनातन धर्म में आस्था रखता है तो उसे मंदिर आने से नहीं रोका जाना चाहिए, लेकिन यदि कोई व्यक्ति केवल घूमने-फिरने या गलत मंशा के साथ मंदिर में प्रवेश करता है और इससे सनातन धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचती है, तो ऐसे लोगों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

    हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने कहा कि यह व्यवस्था केवल महाकाल मंदिर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंग में लागू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग घर वापसी कर चुके हैं, उन्हें छोड़कर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जाए।

  • देश में आज फिर करवट लेगा मौसम… इन राज्यों में ठंडी हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर गिरेगी बर्फ

    देश में आज फिर करवट लेगा मौसम… इन राज्यों में ठंडी हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर गिरेगी बर्फ


    नई दिल्ली।
    देश में एक बार फिर मौसम करवट (Weather change) लेने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज उत्तर भारत (North India) में तीन पश्चिमी विक्षोभों (Western disturbances) का प्रभाव रहेगा। इसके चलते 31 जनवरी और 1 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश (Rain) होगी। बर्फबारी होने की भी संभावना है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में छिटपुट से भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ और तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चल सकती हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी 1-2 फरवरी को कुछ स्थानों पर हल्की-मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

    सुबह के समय पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में घना कोहरा बना रहेगा, जो दृश्यता प्रभावित करेगा। न्यूनतम तापमान में अगले कुछ दिनों में 3-5 डिग्री की वृद्धि संभव है, लेकिन ठंड बनी रहेगी। 2 से 3 फरवरी तक मौसम की गतिविधि थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन उत्तर-पश्चिमी राज्यों में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है। हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी कम होगी, जबकि मैदानी इलाकों में मौसम साफ होने लगेगा। पूर्वी और दक्षिणी भारत (जैसे बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल) में मुख्य रूप से शुष्क मौसम रहेगा, केवल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश संभव है।


    इन राज्यों में बारिश होने के आसार

    गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 2 फरवरी तक हल्की बारिश हो सकती है। कोहरा अब कम होगा और तापमान में स्थिरता आएगी। 4 फरवरी को मौसम सामान्य रहेगा। अधिकांश राज्यों में आसमान साफ होगा और बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत में हल्की ठंड बनी रहेगी। दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में मौसम सामान्य रहेगा, कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। 5 फरवरी से तीसरा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिससे 5 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड और पंजाब-हरियाणा में फिर से हल्की-मध्यम बारिश/बर्फबारी शुरू हो सकती है। दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में छिटपुट बारिश संभव है।

  • इस मुस्लिम देश के पूर्व राष्ट्रपति ने किया भगवान तिरुपति बालाजी का पूजन…हाथ जोड़कर पैदल ही पहुंचे मंदिर

    इस मुस्लिम देश के पूर्व राष्ट्रपति ने किया भगवान तिरुपति बालाजी का पूजन…हाथ जोड़कर पैदल ही पहुंचे मंदिर


    बेंगलुरु।
    इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति जोको विडोडो (Former Indonesian President Joko Widodo) ने गुरुवार को तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर (Lord Venkateswara Swamy Temple at Tirumala) में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे। सोशल मीडिया पर उनका वीडियो भी वायरल हो रहा है। वह मंदिर परिसर में हाथ जोड़कर पैदल ही दर्शन के लिए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अधिकारियों ने विडोडो का स्वागत किया और बाद में उन्हें मंदिर में दर्शन के लिए ले गए।

    एक अधिकारी ने बताया, ‘‘इंडोनेशिया के सातवें राष्ट्रपति (विडोडो) ने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए और उनका स्वागत टीटीडी के अधिकारियों ने किया।’’ दर्शन के बाद टीटीडी के अधिकारियों ने उन्हें रेशमी वस्त्र और प्रसाद भेंट किया तथा रंगनायकुला मंडपम में भगवान वेंकटेश्वर की एक तस्वीर प्रदान की।

    कभी बौद्ध और हिंदू राजाओं का था शासन
    बता दें कि इंडोनेशिया सबसे बड़ा मुस्लिम राष्ट्र है, इसके बावजूद यहां हिंदू संस्कृति की झलक साफ दिखाई देती है। इसे मुनियों का देश कहा जाता है। यहां की आबादी करीब 27 करोड़ है जिनमें से 90 करोड़ मुस्लिम हैं। यहां कभी हिंदू और बौद्ध राजाओं का राज हुआ करता था। ऐसे में आज भी इंडोनेशिया में कई प्रसिद्ध हिंदू मंदिर हैं। इसके अलावा यहां रामायण की भी मान्यता है।

    यहां 8वीं सदी में मुस्लिम व्यापारी पहुंचे थे। इसके बाद धीरे-धीरे यहां इस्लाम का प्रचार होने लगा। कछ शासकों ने इस्लाम अपनाया तो घराने ही इस्लामिक हो गए। जो मुस्लिम व्यापारी यहां आते थे वे यहां की स्थानीय महिलाओं से शादी करते थे। ऐसे में धर्मांतरण का एक बड़ा दौर यहां चला। इसी वजह से हिंदू और बौद्ध राजाओं वाला देश एक मुस्लिम राष्ट्र बन गया।

  • बिहार के दरभंगा में 15 दिनों में 10 हजार कौवों की मौत, बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हाई अलर्ट… शहर में दहशत का माहौल

    बिहार के दरभंगा में 15 दिनों में 10 हजार कौवों की मौत, बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हाई अलर्ट… शहर में दहशत का माहौल


    दरभंगा।
    बिहार (Bihar) बर्ड फ्लू (Bird flu) पांव पसार रहा है। दरभंगा शहर (Darbhanga city) में पिछले 15 दिनों में हजारों कौवों (Thousands Crows) की मौत हो गई है। डेयरी, मत्स्य व पशु संसाधन विभाग की ओर से कराई गई जांच में इनमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। आम लोगों से सतर्क रहने और किसी आशंका पर प्रशासन को सूचित करने की अपील डीएम ने की है। स्वास्थ्य विभाग ने आसपास के जिलो को अलर्ट किया है।

    मरे हुए नगर निगम की ओर से जेसीबी मशीन की मदद से गड्ढा खोदकर वैज्ञानिक तरीके से दफनाया गया। इसमें कबीर सेवा संस्थान ने भी सहयोग किया। इस दौरान स्वास्थ्य व पशुपालन विभाग की टीम भी मौजूद रही। बताया गया है कि मरे हुए कौवों की संख्या करीब 10 हजार है। मौके पर पहुंचे वार्ड पार्षद नफीसुल हक रिंकू और नवीन सिन्हा ने बताया कि जिले में बर्ड फ्लू तेजी से फैल रहा है। दरभंगा जिले के कई इलाकों से मुर्गों और मुर्गियों की मौत होने की सूचना मिल रही है। विभागीय टीम सैंपल लेकर जांच कर रही है।

    जिला प्रशासन ने लोगों से फिलहाल चिकेन और अंडा खाने से परहेज करने की अपील की गई है। साथ ही किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को देने को कहा गया है। कबीर सेवा संस्थान के संरक्षक और वार्ड पार्षद नवीन सिन्हा ने कहा कि एक किलोमीटर के दायरे में सभी पॉल्ट्री फार्म व बिक्री केंद्र की निगरानी सहित पक्षियों को रखने वाले पॉल्ट्री फार्म की सूची तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोलकाता और भोपाल में कराई गई जांच की रिपोर्ट गुरुवार की देर रात आई है। इसमें इन कौवों की मौत का कारण बर्ड फ्लू बताया गया है। कौवों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने की खबर से जिले में हड़कंप मच गया है।

    जिला प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। डीएम कौशल कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी मृत पक्षी को हाथ न लगाएं। उधर, डीएम कौशल कुमार ने गुरुवार को जिला पशुपालन अधिकारी को पत्र जारी कर कहा है कि शहर के वार्ड 31 में मृत कौवों के नमूने की जांच में एवियन इंफ्लूएंजा की पुष्टि हुई है। अत: नगर आयुक्त व वन प्रमंडल से समन्वय स्थापित कर प्रभावित क्षेत्र में बचाव सं संबधित काम कराएं। साथ ही पूरे जिले में इसकी निगरानी सुनिश्चित अकराएं।

  • जल्द झारखंड के पर्यटन का प्रचार करते नजर आएंगे एमएस धोनी… ब्रांड एंबेसडर बनाने की तैयारी में विभाग

    जल्द झारखंड के पर्यटन का प्रचार करते नजर आएंगे एमएस धोनी… ब्रांड एंबेसडर बनाने की तैयारी में विभाग


    रांची।
    भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (Mahendra Singh Dhoni) को झारखंड सरकार (Jharkhand Government) पर्यटन के क्षेत्र में ब्रांड एंबेसडर (Brand Ambassador) बनाने की तैयारी में है। पर्यटन विभाग के इस प्रस्ताव की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जल्द ही राज्य सरकार इसकी अधिसूचना जारी कर सकती है।

    सूत्रों के अनुसार, राज्य के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ऐसा फैसला लिया गया है। पर्यटन को लेकर धौनी जल्द ही जागरूक करते नजर आ सकते हैं। बता दें कि बीते साल मंत्री सुदिव्य और धौनी में शिष्टाचार मुलाकात के बाद से ही ब्रांड एंबेसडर बनाने की चर्चा होने लगी थी।

    हाल ही में हुई थी CM हेमंत सोरेन से अचानक मुलाकात

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली रवाना हुईं। उनके साथ गुरुवार शाम विधायक कल्पना सोरेन भी गईं हैं। एयरपोर्ट तक मुख्यमंत्री भी गए। इस बीच मुख्यमंत्री की भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी से मुलाकात हुई। हेमंत ने एक्स पर मुलाकात की तस्वीर अपलोड कर लिखा ‘माही से अचानक मिलना हुआ।’

  • रसोई का सबसे मुश्किल काम होगा आसान: इस जादुई ट्रिक से मिनटों में छीलें ढेर सारा लहसुन, बचेंगे नाखून और समय

    रसोई का सबसे मुश्किल काम होगा आसान: इस जादुई ट्रिक से मिनटों में छीलें ढेर सारा लहसुन, बचेंगे नाखून और समय


    नई दिल्ली । भारतीय रसोई में लहसुन केवल एक मसाला नहीं, बल्कि स्वाद की जान है। चाहे तड़के वाली दाल हो, चटपटी चटनी या फिर सर्दियों में बनने वाला गरमा-गरम सूप, लहसुन का तीखापन हर डिश के जायके को दोगुना कर देता है। लेकिन इस स्वाद तक पहुँचने का रास्ता बेहद थकाऊ होता है। किचन में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति से पूछें, तो लहसुन छीलना सबसे उबाऊ कामों की सूची में सबसे ऊपर आएगा। कलियों से छिलका चिपकना, नाखूनों में होने वाला दर्द और घंटों तक हाथों से आने वाली तीखी गंध अक्सर लोगों को इसे इस्तेमाल करने से रोकती है। लेकिन अब आपको आलस करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम आपके लिए लाए हैं कुछ ऐसी जादुई ट्रिक्स जो घंटों का काम मिनटों में निपटा देंगी।

    जार वाली शेकिंग ट्रिक बिना छुए उतरेंगे छिलके

    लहसुन छीलने की सबसे असरदार और ‘जादुई’ ट्रिक है ‘जार शेकिंग मेथड’। इसके लिए आपको बस दो स्टील के कटोरे या एक ढक्कन वाला जार चाहिए। सबसे पहले लहसुन की पूरी गांठ को हथेली से दबाकर उसकी कलियों को अलग कर लें। अब इन कलियों को जार में डालें और ढक्कन कसकर बंद कर दें। अब इसे करीब 30 से 60 सेकंड तक पूरी ताकत से ऊपर-नीचे हिलाएं  जब आप जार खोलेंगे, तो आप हैरान रह जाएंगे कि घर्षण  की वजह से लहसुन के छिलके खुद-ब-खुद अलग हो चुके हैं। यह तरीका तब सबसे ज्यादा काम आता है जब आपको अचार या बड़ी पार्टी के लिए ढेर सारा लहसुन तैयार करना हो।

    गर्म पानी और माइक्रोवेव का कमाल

    यदि आपके पास जार हिलाने की फुर्सत नहीं है, तो पानी आपकी मदद कर सकता है। लहसुन की कलियों को हल्के गुनगुने पानी में 15 से 20 मिनट के लिए भिगोकर छोड़ दें। पानी छिलके और कली के बीच की परत को ढीला कर देता है, जिससे आप बस हल्का सा दबाएंगे और लहसुन छिलके से बाहर आ जाएगा। इसके अलावा, आधुनिक किचन के लिए ‘माइक्रोवेव ट्रिक’ भी वरदान है। लहसुन की पूरी गांठ को महज 15-20 सेकंड के लिए माइक्रोवेव करें। गर्मी के कारण छिलकों के भीतर नमी पैदा होती है और वे कली को छोड़ देते हैं। माइक्रोवेव से बाहर निकालते ही छिलके कागज की तरह अपने आप उतरने लगेंगे।

    चाकू का सही इस्तेमाल और हाथों की सुरक्षा

    प्रोफेशनल शेफ अक्सर ‘क्रशिंग मेथड’ का इस्तेमाल करते हैं। इसमें लहसुन की कली को चॉपिंग बोर्ड पर रखकर चाकू के चौड़े हिस्से सपाट हिस्से से जोर से दबाया जाता है। कली के चटकते ही छिलका अलग हो जाता है। हालांकि, इन सभी प्रक्रियाओं के बाद हाथों से आने वाली गंध एक बड़ी समस्या बनी रहती है। इससे बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि लहसुन छीलने के बाद अपने हाथों को किसी स्टेनलेस स्टील के बर्तन या नल पर रगड़ें। स्टील लहसुन के सल्फर अणुओं को सोख लेता है और गंध गायब हो जाती है। इन आसान उपायों को अपनाकर आप न केवल अपना कीमती समय बचा सकते हैं, बल्कि अपनी कुकिंग को भी अधिक आनंददायक बना सकते हैं। अब अगली बार जब किचन में लहसुन छीलने की बारी आए, तो नाखूनों का इस्तेमाल करने के बजाय इन स्मार्ट ट्रिक्स को आजमाएं।

  • Maharashtra: सुनेत्रा अजीत पवार बनेंगी राज्य की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री, आज लेंगी शपथ

    Maharashtra: सुनेत्रा अजीत पवार बनेंगी राज्य की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री, आज लेंगी शपथ


    मुंबई।
    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा अजीत पवार) (Nationalist Congress Party – NCP Ajit Pawar) में शुक्रवार को तेजी से बदलते घटनाक्रम में महाराष्ट्र (Maharashtra) के दिवंगत पूर्व उप-मुख्यमंत्री की जगह पर उनकी पत्नी सुनेत्रा अजीत पवार (Sunetra Ajit Pawar) को सूबे की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इस पर सुनेत्रा पवार ने अपनी सहमति दे दी है।

    राकांपा (एपी) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने पत्रकारों को बताया कि शनिवार दोपहर दो बजे उनकी पार्टी के विधायकों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में पार्टी के सभी नेता उपस्थित रहेंगे। बैठक के बाद सारी जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दी जाएगी।

    राकांपा के सूत्रों ने बताया कि आज पूर्व उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार और प्रफुल्ल पटेल के राजनीतिक सलाहकार नरेश अरोरा बारामती में जाकर सुनेत्रा अजीत पवार और पार्थ पवार से मिले थे। इसके बाद प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, पार्थ पवार के बीच वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बैठक हुई। इसके बाद नरेश अरोरा ने सुनेत्रा और पार्थ से इस संबंध में चर्चा की। इसपर दोनों सहमत हो गए हैं। नरेश अरोरा बारामती से मुंबई के लिए रवाना हो गए और शनिवार को सुबह अरोरा राकांपा एपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल से मुलाकात करेंगेे। इसके बाद सिर्फ औपचारिकता के लिए राकांपा एपी के विधायकों की बैठक होगी और शाम को राजभवन में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

    इसकी पुष्टि करते हुए मंत्री माणिकराव कोकाटे ने कहा कि विधायक दल के बैठक की तो सिर्फ औपचारिकता है, सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री और राकांपा एपी का अध्यक्ष पद देना आम राकांपा कार्यकर्ताओं की इच्छा है। सुनेत्रा पवार को पार्टी कार्यकर्ता हर तरह से मदद करने को तैयार हैं।

    राकांपा एपी के कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल आज राकांपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिले थे। इसके बाद प्रदेश कार्यालय में सुनील तटकरे ने राकांपा नेताओं के साथ बैठक की और राकांपा के सभी विधायकों को शनिवार को मुंबई में बुलाया गया है। शनिवार को दिन में ११ राकांपा विधायक दल की बैठक होगी और इसके बाद शाम को राजभवन में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

  • भारत-चिली एफटीए जल्द होगा, महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र के खुलेंगे रास्ते : गोयल

    भारत-चिली एफटीए जल्द होगा, महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र के खुलेंगे रास्ते : गोयल


    नई दिल्‍ली।
    केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने शुक्रवार को कहा कि भारत और चिली (India and Chile) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) (Free Trade Agreements – FTAs) के लिए बातचीत जल्द ही पूरी हो जाएगी। इस समझौते से घरेलू व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच आसान हो जाएगी।

    ग्रेटर नोएडा में भारतीय सनदी लेखागार संस्थान (आईसीएआई) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि हम कई विकसित देशों के साथ सक्रिय बातचीत कर रहे हैं और जल्द ही चिली के साथ एफटीए को अंतिम रूप देंगे। यह हमारे लिए महत्वपूर्ण खनिजों के रास्ते खोल देगा।भारत और चिली ने 2006 में एक तरजीही व्यापार समझौते (पीटीए) को लागू किया था और अब इसे एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) में बदलने के लिए बातचीत कर रहे हैं। इस नए समझौते का उद्देश्य डिजिटल सेवाओं, निवेश प्रोत्साहन, एमएसएमई और महत्वपूर्ण खनिजों सहित विभिन्न क्षेत्रों की एक विस्तृत श्रृंखला को शामिल करना है।

    वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले चार वर्षों में भारत ने मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, न्यूजीलैंड, ओमान, ईएफटीए (ईएफटीए), ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (ईयू) सहित आठ विकसित राष्ट्रों और समूहों के साथ व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से 32 प्रमुख यूरोपीय देशों के साथ सहयोग बढ़ाया है। गोयल ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्‍त व्‍यापार समझौते (एफटीए) के असर के बारे में बात करते हुए कहा कि इससे ‘मेक इन इंडिया’ को बहुत बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

    दक्षिण अमेरिकी देश चिली के पास लिथियम, तांबा, रेनियम, मोलिब्डेनम और कोबाल्ट जैसे प्रमुख खनिजों का विशाल भंडार है। ये इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन और सौर ऊर्जा क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं। भारत और चिली के बीच द्विपक्षीय व्यापार अभी मध्यम स्तर पर है। वित्त वर्ष 2024-25 में चिली को भारत का निर्यात 2.46 फीसदी घटकर 1.15 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 72 फीसदी बढ़कर 2.60 अरब डॉलर हो गया।