Author: bharati

  • लुधियाना में युवक की कलाई काटकर लिफाफे में दुकानदार को थमाई, पुरानी रंजिश के मामले में पुलिस की जांच तेज

    लुधियाना में युवक की कलाई काटकर लिफाफे में दुकानदार को थमाई, पुरानी रंजिश के मामले में पुलिस की जांच तेज

    नई दिल्ली । पंजाब के लुधियाना में आपसी रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ हमलावरों ने युवक के घर में घुसकर तेजधार हथियारों से हमला किया और उसकी कलाई काटकर शरीर से अलग कर दी। इसके बाद आरोपी कटी हुई कलाई को लिफाफे में रखकर एक दुकानदार के पास पहुंचे और उसे युवक के घर पहुंचाने के लिए कहा। घटना के सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    घायल युवक की पहचान बसंत नगर निवासी शक्ति सिंह उर्फ भूरा के रूप में हुई है। उसकी उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष बताई जा रही है। यह घटना रेडू साहिब गुरुद्वारे के नजदीक हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमलावर तेजधार हथियार लेकर युवक के घर में दाखिल हुए और उस पर हमला कर दिया। हमले के दौरान उसकी कलाई कटकर अलग हो गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    वारदात के बाद आरोपी सतगुरु नगर की गली नंबर 9 स्थित राणा करियाना स्टोर पहुंचे। बताया गया है कि उन्होंने कटी हुई कलाई को एक लिफाफे में रखा और दुकानदार को सौंप दिया। आरोपियों ने कथित तौर पर दुकानदार से कहा कि वह इसे युवक के घर पहुंचा दे। इसके बाद वे वहां से फरार हो गए। इस असामान्य घटनाक्रम की जानकारी दुकानदार की ओर से पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। संबंधित थाना प्रभारी जतींदर सिंह ने मामले की जांच शुरू कराई। घायल युवक को एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, अस्पताल ले जाते समय युवक होश में था और बातचीत कर रहा था। हालांकि, उसकी चोट की गंभीरता और आगे के उपचार से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    पुलिस की शुरुआती जांच में हमले के पीछे पुरानी आपसी रंजिश होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, घायल शक्ति सिंह उर्फ भूरा के खिलाफ पहले से लगभग 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, हमले में शामिल बताए जा रहे आरोपियों का भी आपराधिक रिकॉर्ड होने की जानकारी मिली है। हालांकि, मामले में आरोपियों की भूमिका और हमले के पीछे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और राणा करियाना स्टोर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ली है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुकानदार को लिफाफा सौंपने पहुंचे आरोपी कैमरे में दिखाई दिए हैं। पुलिस इन फुटेज की मदद से संदिग्धों की पहचान करने और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

    आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास भी किया जा रहा है कि हमले में कितने लोग शामिल थे और वारदात को अंजाम देने के बाद वे किस दिशा में गए। फिलहाल, मामले में पुरानी रंजिश को संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन हमले से जुड़ी सभी परिस्थितियों की पुष्टि होना बाकी है।

    लुधियाना की इस घटना में पुलिस के सामने घायल युवक पर हमले, कलाई काटे जाने और दुकानदार को लिफाफा सौंपने की पूरी कड़ी स्पष्ट करने की चुनौती है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान तथा गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच से मिलने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

  • मुंबई में रैपिडो राइडर गिरफ्तार, जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध और टेलीग्राम पर भड़काऊ भाषण साझा करने का आरोप

    मुंबई में रैपिडो राइडर गिरफ्तार, जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध और टेलीग्राम पर भड़काऊ भाषण साझा करने का आरोप

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध होने के संदेह में 33 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर के रूप में हुई है। उसे माहिम मेट्रो स्टेशन के पास से पकड़ा गया। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी रैपिडो राइडर के रूप में काम करने के साथ इत्र बेचने का व्यवसाय भी करता था। उसके सोशल मीडिया इस्तेमाल और मोबाइल फोन में मिली संदिग्ध सामग्री की जांच की जा रही है।

    एटीएस का आरोप है कि आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के बीच नफरत फैलाने वाली सामग्री साझा कर रहा था। जांच एजेंसी के मुताबिक, वह टेलीग्राम पर एक समूह भी संचालित करता था। आरोप है कि इस समूह में उसने 1 जून को जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के भड़काऊ भाषण साझा किए थे। इन भाषणों में बाबरी मस्जिद सहित कुछ अन्य मुद्दों का उल्लेख होने की बात कही गई है।

    जांचकर्ताओं का यह भी दावा है कि आरोपी पाकिस्तान समर्थित बताए जा रहे ‘इब्न-ए-कासिम’ नाम के टेलीग्राम चैनल से जुड़ा हुआ था। हालांकि, उसके कथित संबंधों और गतिविधियों की वास्तविक प्रकृति का पता लगाने के लिए जांच जारी है। मोबाइल फोन से मिली सामग्री, सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधियों और संबंधित डिजिटल संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और उसके ऑनलाइन समूह में किस तरह की सामग्री साझा की जाती थी।

    इसी बीच, गुजरात में भी जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े मामले में पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ रही है। गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते ने बिलाल आबिदभाई शेरा, मोहम्मद अयूब कदीवाला, मोहम्मद पालनपुरी उर्फ खाली अयूब सुनसारा, शफिया रईस मुख्ती और मोहम्मद हसन करदिया को गिरफ्तार किया था। इन पांचों को गुजरात के पाटन जिले के खडियाल गांव से पकड़े जाने की जानकारी दी गई है।

    अधिकारियों के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद के आठ कथित सदस्यों से संबंधित जांच के दौरान इन पांच लोगों के नाम सामने आए थे। मामले में उनकी भूमिका और अन्य संदिग्धों के साथ उनके संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी यह स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों के बीच किस तरह का संपर्क था और कथित गतिविधियों में उनकी क्या भूमिका रही।

    अदालती कार्यवाही के दौरान सरकारी वकील पी.आर. दंतानी ने पांचों आरोपियों से पूछताछ की आवश्यकता बताई थी। उनके अनुसार, एक आरोपी पर टाइम बम बनाने की कोशिश करने का आरोप है। जांच एजेंसी को कथित तौर पर बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और प्रतिबंधित संगठन से संबंधित उर्दू में लिखे साहित्य की तलाश है।

    एटीएस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदिग्ध सामग्री कहां से लाई गई, उसे कहां रखा गया था और प्रतिबंधित संगठन से जुड़ी बताई जा रही सामग्री आरोपियों तक कैसे पहुंची। इन सवालों के जवाब जुटाने के लिए आरोपियों से पूछताछ की आवश्यकता बताई गई थी। अदालत ने पांचों आरोपियों को एटीएस की हिरासत में भेज दिया था।

    मुंबई और गुजरात के इन मामलों में जांच एजेंसियां कथित आतंकी संपर्कों, डिजिटल गतिविधियों और संदिग्ध सामग्री से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही

  • पीएम मोदी का यूपी और ओडिशा दौरा कल, वाराणसी में एयर डिस्प्ले और भुवनेश्वर में RBI की नई सुविधाओं का उद्घाटन

    पीएम मोदी का यूपी और ओडिशा दौरा कल, वाराणसी में एयर डिस्प्ले और भुवनेश्वर में RBI की नई सुविधाओं का उद्घाटन


    नई दिल्ली ।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश और ओडिशा के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वाराणसी में औद्योगिक विकास से जुड़ी नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री भारतीय वायुसेना के ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर डिस्प्ले में शामिल होंगे। दौरे के अगले चरण में वह ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचेंगे, जहां भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन करेंगे।

    प्रधानमंत्री का कार्यक्रम उद्योग, रोजगार, महिला भागीदारी, रक्षा क्षमताओं और डिजिटल वित्तीय बुनियादी ढांचे से जुड़ी पहलों पर केंद्रित रहेगा। दोनों राज्यों में प्रस्तावित कार्यक्रमों के जरिए विनिर्माण क्षेत्र और वित्तीय तकनीक से संबंधित सुविधाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

    वाराणसी में प्रधानमंत्री सुबह करीब 11 बजे अरविंद लिमिटेड की नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन करेंगे। आधुनिक विनिर्माण प्रक्रियाओं पर आधारित इस इकाई से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। परियोजना में महिलाओं की भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे महिला-नेतृत्व वाले विकास को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।

    इस इकाई में तैयार होने वाले परिधानों को कंपनी के वैश्विक ग्राहक नेटवर्क के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जाएगा। इससे वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं बन सकती हैं। परियोजना को उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    वाराणसी में प्रधानमंत्री दोपहर करीब एक बजे नमो घाट पर भारतीय वायुसेना के एयर डिस्प्ले-2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। ‘विंग्स ओवर गंगा’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर उसकी परिचालन क्षमता और हवाई कौशल प्रदर्शित किया जाएगा।

    एयर डिस्प्ले में तेजस, एलसीएच प्रचंड, सुखोई-30 एमकेआई और राफेल जैसे लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे। इनके साथ परिवहन विमानों की भी भागीदारी होगी। भारतीय थलसेना और नौसेना की मौजूदगी के माध्यम से तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और संयुक्त संचालन क्षमता को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

    कार्यक्रम में वायुसेना की सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम हवाई करतब दिखाएंगी। इन प्रदर्शनों में विमानों और हेलीकॉप्टरों के बीच सटीक तालमेल, नियंत्रित उड़ान और संचालन संबंधी दक्षता देखने को मिलेगी।

    वाराणसी के कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री ओडिशा रवाना होंगे। शाम करीब 4:45 बजे भुवनेश्वर में वह RBI के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

    RBI का नया डेटा सेंटर देश की वित्तीय प्रणाली के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें चार अत्याधुनिक डेटा सेंटर होंगे, जहां महत्वपूर्ण भुगतान और निपटान प्रणालियों सहित RBI की प्रमुख डिजिटल सेवाओं से जुड़े सिस्टम संचालित किए जाएंगे। इस सुविधा को अपटाइम इंस्टीट्यूट के टियर-IV मानक का प्रमाणन मिला है, जो डेटा सेंटर की परिचालन मजबूती और विश्वसनीयता से संबंधित उच्च स्तर का मानक है।

    भुवनेश्वर में स्थापित होने वाला साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान वित्तीय क्षेत्र में तकनीकी विशेषज्ञता, शोध और प्रशिक्षण को बढ़ावा देगा। यहां क्वांटम कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और अन्य उन्नत तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य वित्तीय संस्थानों की साइबर सुरक्षा क्षमता मजबूत करना और नई तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए विशेषज्ञ तैयार करना है।

  • दिल्ली हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद भी नेहा बोरा का इनकार, 10 हजार रुपये का पीस बॉन्ड भरने से किया मना

    दिल्ली हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद भी नेहा बोरा का इनकार, 10 हजार रुपये का पीस बॉन्ड भरने से किया मना

    नई दिल्ली । ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 10,000 रुपये का व्यक्तिगत बॉन्ड और एक जमानतदार देने से इनकार कर दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट से उनकी याचिका खारिज होने के बाद भी उन्होंने अपना रुख नहीं बदला। नेहा बोरा ने स्पष्ट कहा कि उनकी ओर से कोई शर्त नहीं रखी गई है और वह बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने नहीं जा रही हैं। यह मामला दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन और उसके बाद पुलिस की ओर से जारी नोटिस से जुड़ा है।

    मामले की शुरुआत 16 अक्टूबर को हुई थी, जब दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में विरोध प्रदर्शन और ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के सिलसिले में पुलिस ने नेहा बोरा को हिरासत में लिया था। इसके बाद विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) की अदालत की ओर से उन्हें नोटिस जारी किया गया। इसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की संबंधित धाराओं के तहत जांच के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 10,000 रुपये का व्यक्तिगत बॉन्ड और एक जमानतदार प्रस्तुत करने को कहा गया था।

    नेहा बोरा ने इस नोटिस को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनकी ओर से दलील दी गई कि नोटिस अस्पष्ट है और इसमें तथ्यात्मक गलतियां हैं। याचिका में यह भी कहा गया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन से शांति भंग होने की कोई आशंका नहीं थी। ऐसे में बॉन्ड भरने का निर्देश अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार को प्रभावित करता है। उन्होंने अदालत से नोटिस में हस्तक्षेप करने की मांग की थी।

    हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इस याचिका को खारिज कर दिया और पुलिस की कार्रवाई में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के पास नेहा बोरा के खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध थी। अदालत के अनुसार, जारी किया गया नोटिस कानूनी आवश्यकताओं के अनुरूप था और इसे केवल सुनी-सुनाई बातों के आधार पर जारी नहीं किया गया था।

    अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस स्तर पर हाईकोर्ट विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की जगह लेकर उपलब्ध सामग्री के आधार पर उनकी संतुष्टि का दोबारा आकलन नहीं कर सकता। मामले में उपलब्ध सामग्री में नेहा बोरा का उल्लेख करने वाली छह प्राथमिकी, विभिन्न स्थानों पर हुई घटनाओं से संबंधित सामान्य डायरी की प्रविष्टियां और मंडी हाउस क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू होने की जानकारी शामिल थी। अदालत ने इन्हीं तथ्यों के आधार पर नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका में हस्तक्षेप करने से इनकार किया।

    हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बावजूद नेहा बोरा ने बॉन्ड भरने से साफ मना कर दिया है। उनका कहना है कि वह इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं करेंगी। इस तरह मामला अब अदालत के फैसले के बाद भी उनके रुख को लेकर चर्चा में है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में बॉन्ड भरने से इनकार करने के बाद उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई के संबंध में कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है।

    यह मामला शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े सवालों को सामने लाता है। फिलहाल हाईकोर्ट ने नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है, जबकि नेहा बोरा ने 10,000 रुपये के व्यक्तिगत बॉन्ड और जमानतदार देने से इनकार करने का अपना रुख कायम रखा है।

  • दो महीने में 250 रुपये प्रति क्विंटल महंगा हुआ गेहूं, त्योहारों से पहले आटा, मैदा और सूजी के दाम बढ़ने की आशंका

    दो महीने में 250 रुपये प्रति क्विंटल महंगा हुआ गेहूं, त्योहारों से पहले आटा, मैदा और सूजी के दाम बढ़ने की आशंका

    नई दिल्ली । त्योहारों के मौसम में आम लोगों के घरेलू बजट पर गेहूं की बढ़ती कीमतों का असर पड़ सकता है। पिछले दो महीनों में गेहूं के भाव में करीब 250 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई है। बाजार में कीमतें बढ़कर 3,110 से 3,135 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई हैं। ऐसे में आगामी त्योहारों के दौरान आटा, मैदा और सूजी की कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बाजार में गेहूं की उपलब्धता, मिलों की खरीद और विभिन्न क्षेत्रों से आ रही मांग को इस तेजी की प्रमुख वजहों में गिना जा रहा है।

    गेहूं की सरकारी खरीद निर्धारित लक्ष्य से अधिक होने के बावजूद बाजार में कीमतों में मजबूती बनी हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस बार सरकार ने 356 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा था, जिसे पार कर लिया गया। इसके बावजूद पिछले सप्ताह मंडियों में गेहूं की आवक कम होने से कीमतों को सहारा मिला। नमी और रंग के आधार पर गेहूं के भाव 3,110 से 3,135 रुपये प्रति क्विंटल के बीच पहुंच गए। हाल के दिनों में कीमतों में 30 से 35 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त बढ़ोतरी भी दर्ज की गई।

    बाजार से जुड़े कारोबारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों से गेहूं की मांग में तेजी बनी हुई है। इसके चलते कीमतों में लगभग 250 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ है। वहीं, निचले स्तरों की तुलना में भाव में कुल तेजी का अंतर 500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचने की बात कही जा रही है। पिछले एक महीने से किसानों की ओर से मंडियों में गेहूं की आवक का दबाव भी कम रहा है। इससे कारोबारियों को पर्याप्त मात्रा में माल जुटाने के लिए खरीद जारी रखनी पड़ रही है।

    गेहूं की कीमतों को मजबूती देने में रोलर फ्लोर मिलों की मांग की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। ये मिलें गेहूं से आटा, मैदा और सूजी तैयार करती हैं। त्योहारों के दौरान इन उत्पादों की खपत बढ़ने की संभावना को देखते हुए मिलों की खरीद प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही मैदा और सूजी के व्यापार में बढ़ती गतिविधियों से भी गेहूं की मांग को समर्थन मिल रहा है। यदि कच्चे माल की लागत ऊंची बनी रहती है, तो इसका असर प्रसंस्करण से जुड़े कारोबार पर पड़ सकता है।

    दक्षिण भारत की ओर गेहूं की खेप भेजे जाने से भी बाजार में मांग बनी हुई है। माल की ढुलाई के लिए रेल रैक उपलब्ध होने से दूसरे क्षेत्रों तक आपूर्ति करने में मदद मिल रही है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की मंडियों में भी गेहूं के भाव में दोबारा तेजी आने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा निर्यात मांग को भी कीमतों को सहारा देने वाले कारकों में शामिल किया जा रहा है। हालांकि, अलग-अलग मंडियों में गेहूं की गुणवत्ता, उपलब्धता और परिवहन लागत के आधार पर भाव में अंतर हो सकता है।

    अब बाजार की नजर सरकारी गेहूं की बिक्री पर टिकी हुई है। कारोबारियों का मानना है कि यदि सरकार बाजार में पर्याप्त मात्रा में गेहूं उपलब्ध कराती है, तो कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। दूसरी ओर, सरकारी आपूर्ति सीमित रहने और मंडियों में आवक कम बनी रहने की स्थिति में भाव मजबूत रह सकते हैं। आगे कीमतों की दिशा काफी हद तक इन दोनों कारकों पर निर्भर करेगी।

    आम उपभोक्ताओं के लिए गेहूं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय बन सकती है। आटा, मैदा और सूजी रोजमर्रा के भोजन के साथ त्योहारों पर तैयार होने वाले कई पकवानों में इस्तेमाल होते हैं। मांग बढ़ने पर इन उत्पादों की खुदरा कीमतों में बदलाव की आशंका रहती है, हालांकि गेहूं के थोक भाव में हुई तेजी का असर उपभोक्ताओं तक कितना पहुंचेगा, यह भी प्रसंस्करण लागत, व्यापारियों के मार्जिन और स्थानीय बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।

  • टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में नया दावा, सलमान खान की तारीफ से जुड़ रही हमले की वजह

    टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में नया दावा, सलमान खान की तारीफ से जुड़ रही हमले की वजह

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान एक नया दावा सामने आया है। गिरफ्तार आरोपी फूल सिंह ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि अभिनेता को निशाना बनाने के पीछे सलमान खान की तारीफ से जुड़ी पुरानी बात हो सकती है। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है और मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है।

    पूछताछ में सामने आए दावे के मुताबिक, फूल सिंह ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसे कथित साजिश की पूरी वजह की जानकारी नहीं थी। उसके अनुसार, मामले में वांछित आरोपी अनिल पंडित ने उसे बताया था कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग टाइगर श्रॉफ से बदला लेना चाहता है। आरोपी के इस बयान के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रंजिश की बात कितनी विश्वसनीय है और फायरिंग की घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

    बताया जा रहा है कि इस दावे का संबंध वर्ष 2022 में फिल्म ‘हीरोपंती 2’ के प्रचार के दौरान टाइगर श्रॉफ के एक बयान से जोड़ा गया है। उस समय अभिनेता से फिल्म की ईद पर रिलीज को लेकर सवाल पूछा गया था। जवाब में उन्होंने सलमान खान की तारीफ करते हुए कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में असली ‘टाइगर’ सलमान खान हैं और उनके सामने वह खुद को बिल्ली की तरह मानते हैं।

    टाइगर का यह बयान उस समय चर्चा में आया था। अब फायरिंग मामले में आरोपी की ओर से इसे कथित रंजिश की वजह बताए जाने के बाद पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है। हालांकि, केवल इस बयान के आधार पर हमले का कारण तय नहीं किया गया है। जांच पूरी होने और तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही मामले की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

    लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम पहले भी सलमान खान से जुड़ी धमकियों के मामलों में सामने आता रहा है। वर्ष 1998 के काले हिरण शिकार मामले को लेकर सलमान खान से माफी मांगने की मांग किए जाने की खबरें भी सामने आई थीं। इसी पृष्ठभूमि में फिल्म जगत की अन्य हस्तियों को कथित तौर पर धमकियां दिए जाने की घटनाओं की भी जांच होती रही है।

    मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार, अनिल पंडित और गैंग के एक अन्य सदस्य हरमन संधू से जुड़े बताए गए ऑडियो संदेशों में सलमान खान के साथ काम करने वाले फिल्मी सितारों को निशाना बनाने की चेतावनी दिए जाने का दावा किया गया था। हालांकि, टाइगर श्रॉफ और उनके पिता जैकी श्रॉफ ने किसी तरह की धमकी मिलने से इनकार किया था। फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी ने भी धमकी मिलने की बात से इनकार किया था। रणवीर सिंह, आमिर खान और आयुष शर्मा के नाम भी पहले कथित धमकियों के संदर्भ में चर्चा में आ चुके हैं।

    टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। सामने आई जानकारी के मुताबिक, उनकी कार पर पांच से छह राउंड गोलियां चलाई गई थीं। इस घटना में टाइगर सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक व्लॉगर के घायल होने की जानकारी दी गई थी।

    घटना के बाद अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध होने का दावा करते हुए फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस इस दावे और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है।

    जांच अधिकारी इस संभावना की भी पड़ताल कर रहे हैं कि गोलीबारी का उद्देश्य फिल्म जगत में भय पैदा करना या गैंग का प्रचार करना था। फिलहाल, सलमान खान की तारीफ को हमले की वजह बताए जाने वाला दावा जांच के दायरे में है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के पीछे व्यक्तिगत रंजिश थी या इसके तार किसी संगठित साजिश से जुड़े हैं।

  • सोने-चांदी में गिरावट के बीच तांबे की कीमतों में तेजी, सप्लाई संकट से बढ़ी बाजार की चिंता..

    सोने-चांदी में गिरावट के बीच तांबे की कीमतों में तेजी, सप्लाई संकट से बढ़ी बाजार की चिंता..

    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में 23 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के बीच तांबे में तेजी दर्ज की गई। घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स तक तांबे की कीमतों में बढ़त देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर औद्योगिक जरूरतों के लिए तांबे की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है, जबकि इसकी आपूर्ति को लेकर चुनौतियां बढ़ रही हैं। मांग और उपलब्धता के बीच इसी अंतर का असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

    घरेलू बाजार में एमसीएक्स पर तांबे का भाव 0.53 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,369.90 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में इसकी कीमत 0.95 प्रतिशत बढ़कर 6.4590 डॉलर प्रति औंस दर्ज की गई। दोनों बाजारों में तेजी के बीच तांबा निवेशकों और औद्योगिक क्षेत्र की नजर में बना हुआ है। दूसरी ओर, इसी दिन सोने का भाव एमसीएक्स पर 1,42,871 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 1,95,999 रुपये प्रति किलोग्राम रहा।

    तांबे की कीमतों में तेजी के पीछे सबसे प्रमुख कारण वैश्विक मांग में बढ़ोतरी और आपूर्ति का सीमित होना है। आधुनिक उद्योगों में इस धातु का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण, बिजली के पावर ग्रिड, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास में तांबे की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके अलावा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े डाटा सेंटरों के विस्तार के कारण भी तांबे की जरूरत बढ़ रही है। इन क्षेत्रों में बिजली के तारों, विद्युत प्रणालियों और अन्य उपकरणों के लिए तांबे की आवश्यकता होती है।

    मांग में इस बढ़ोतरी के बावजूद उत्पादन में कई बाधाएं सामने आ रही हैं। दुनिया की विभिन्न तांबा खदानों में उत्पादन प्रभावित होने से बाजार में उपलब्धता पर दबाव बना हुआ है। चिली जैसे प्रमुख तांबा उत्पादक क्षेत्र में खनन गतिविधियों पर असर पड़ने की जानकारी है। कुछ खदानों में हड़तालों के कारण कामकाज बाधित हुआ है, जबकि दूसरी जगहों पर अयस्क की गुणवत्ता घटने से उत्पादन संबंधी चुनौतियां बढ़ रही हैं। इससे मौजूदा खदानों से तांबे की आपूर्ति बनाए रखना कठिन हो रहा है।

    नई खदानें विकसित करना भी आसान नहीं है। इसके लिए लंबा समय और बड़ी पूंजी की जरूरत होती है। दूरदराज के क्षेत्रों में खनन परियोजनाएं शुरू करने पर लागत बढ़ जाती है। नई परियोजनाओं से उत्पादन शुरू होने में देरी होने के कारण बढ़ती वैश्विक मांग के अनुरूप आपूर्ति बढ़ाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में तांबे के बाजार में उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई है।

    अमेरिका की टैरिफ नीतियों को लेकर बनी आशंकाएं भी बाजार की परिस्थितियों को प्रभावित कर रही हैं। संभावित शुल्क संबंधी बदलावों के मद्देनजर अमेरिका में तांबे का भंडार बढ़ाए जाने से वैश्विक आपूर्ति के प्रवाह पर असर पड़ सकता है। इससे विभिन्न बाजारों में उपलब्ध धातु की मात्रा और कीमतों पर दबाव की स्थिति बन सकती है।

    बाजार में तांबे की भविष्य की कीमतों को लेकर भी चर्चा तेज है। मजबूत औद्योगिक मांग, सीमित उत्पादन और नई खदानों के विकास में लगने वाला समय इसकी कीमतों के लिए महत्वपूर्ण कारक बने हुए हैं। हालांकि, भविष्य में कीमतें किस दिशा में जाएंगी, यह मांग, आपूर्ति, उत्पादन और व्यापार नीतियों में होने वाले बदलावों पर निर्भर करेगा। फिलहाल, सोने-चांदी में गिरावट के विपरीत तांबे में दर्ज तेजी ने कमोडिटी बाजार में इस धातु की अलग स्थिति को रेखांकित किया है।

  • कच्चे तेल की कीमत 116 डॉलर के पार, फिर भी 24 अक्टूबर को पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर..

    कच्चे तेल की कीमत 116 डॉलर के पार, फिर भी 24 अक्टूबर को पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर..

    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी है। शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 की सुबह ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव बढ़कर 116.27 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे एक दिन पहले इसकी कीमत 114.52 डॉलर प्रति बैरल थी। इस तरह एक दिन के भीतर कच्चे तेल के भाव में 1.75 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी के बावजूद भारत में शनिवार को पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया।

    देश में पेट्रोल और डीजल के दैनिक खुदरा भाव तेल विपणन कंपनियों की ओर से जारी किए जाते हैं। 24 अक्टूबर को जारी दरों के अनुसार, प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें पहले के स्तर पर बनी रहीं। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में करों, स्थानीय निकाय कर और अन्य शुल्कों में अंतर होने के कारण पेट्रोल-डीजल के दाम शहर और राज्य के हिसाब से अलग-अलग हैं।

    हाल के दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी भी हुई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया था। इसके बाद अब 24 अक्टूबर को दोनों ईंधनों के भाव में कोई नया बदलाव नहीं हुआ है।

    राजधानी दिल्ली में शनिवार को पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध रहा। आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल का भाव 97.83 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया।

    कोलकाता में एक लीटर पेट्रोल के लिए 113.47 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं, जबकि डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 107.87 रुपये प्रति लीटर और डीजल का भाव 99.66 रुपये प्रति लीटर रहा। इन महानगरों में ईंधन की कीमतों में अंतर स्थानीय कर व्यवस्था और अन्य लागतों के कारण बना हुआ है।

    अन्य प्रमुख शहरों की बात करें तो लखनऊ में पेट्रोल 101.86 रुपये और डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर रहा। चंडीगढ़ में पेट्रोल 101.54 रुपये और डीजल 89.47 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध था। पटना में पेट्रोल की कीमत 113.37 रुपये और डीजल का भाव 99.36 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया।

    तिरुवनंतपुरम में पेट्रोल 115.49 रुपये और डीजल 104.40 रुपये प्रति लीटर रहा। बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत 111.68 रुपये और डीजल 99.56 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई। भुवनेश्वर में पेट्रोल 108.97 रुपये और डीजल 100.68 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध रहा।

    वहीं, हैदराबाद में पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर रहा। जयपुर में पेट्रोल की कीमत 113.19 रुपये और डीजल का भाव 98.25 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि अलग-अलग शहरों में वाहन चालकों को ईंधन के लिए अलग-अलग राशि चुकानी पड़ रही है।

    कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के भाव स्थिर रहने से वाहन चालकों को शनिवार को तत्काल कोई अतिरिक्त कीमत नहीं चुकानी पड़ी। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में आगे होने वाले बदलावों पर नजर बनी हुई है। फिलहाल 24 अक्टूबर की जारी दरों के अनुसार, देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई नया संशोधन नहीं किया गया है।

  • अगले सप्ताह छह कंपनियों के डिविडेंड पर रहेगी नजर, रिकॉर्ड डेट से पहले जानें किस शेयर पर कितना मिलेगा लाभ

    अगले सप्ताह छह कंपनियों के डिविडेंड पर रहेगी नजर, रिकॉर्ड डेट से पहले जानें किस शेयर पर कितना मिलेगा लाभ

    नई दिल्ली । शेयर बाजार में अगले सप्ताह छह कंपनियों के अंतरिम डिविडेंड को लेकर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों के साथ इन कंपनियों ने शेयरधारकों के लिए लाभांश घोषित किया है। इनमें हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज, एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज, सायंट, निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट, चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और एडोर वेल्डिंग शामिल हैं। इन कंपनियों के प्रति शेयर घोषित डिविडेंड को जोड़ने पर कुल रकम 83.50 रुपये होती है। यह छह अलग-अलग कंपनियों के एक-एक शेयर पर घोषित लाभांश का जोड़ है, न कि किसी एक कंपनी के शेयर पर मिलने वाली राशि।

    हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 9.50 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के दूसरे अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है। कंपनी के शेयर का अंकित मूल्य एक रुपये है। इस आधार पर घोषित लाभांश अंकित मूल्य का 950 प्रतिशत है। कंपनी ने 26 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इस तारीख के आधार पर तय होगा कि कौन से शेयरधारक घोषित डिविडेंड पाने के पात्र होंगे।

    एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 20 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी के शेयर का अंकित मूल्य दो रुपये है, इसलिए यह लाभांश अंकित मूल्य का 1,000 प्रतिशत बैठता है। कंपनी ने 27 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट निर्धारित की है। लाभांश का लाभ उन्हीं शेयरधारकों को मिलेगा, जो लागू नियमों के अनुसार पात्र होंगे।

    सायंट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों के साथ 12 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है। कंपनी के शेयर का अंकित मूल्य पांच रुपये है। इस हिसाब से घोषित लाभांश अंकित मूल्य का 240 प्रतिशत है। सायंट ने 28 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। आईटी क्षेत्र की इस कंपनी का डिविडेंड भी अगले सप्ताह निवेशकों के ध्यान में रह सकता है।

    निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट ने दूसरी तिमाही के परिणामों के साथ 9.50 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है। कंपनी के शेयर का अंकित मूल्य 10 रुपये है और घोषित लाभांश इसके 95 प्रतिशत के बराबर है। कंपनी ने पात्र शेयरधारकों की पहचान के लिए 28 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट निर्धारित की है।

    चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने 22 अक्टूबर 2026 को हुई बोर्ड बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 25 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की। कंपनी के शेयर का अंकित मूल्य 10 रुपये है, जिसके आधार पर लाभांश 250 प्रतिशत होता है। इसकी रिकॉर्ड डेट 30 अक्टूबर 2026 रखी गई है। पात्र शेयरधारकों को भुगतान 21 नवंबर 2026 तक किए जाने की जानकारी दी गई है।

    एडोर वेल्डिंग लिमिटेड ने 7.50 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है। कंपनी ने इसके लिए भी 30 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इस प्रकार, छह कंपनियों की रिकॉर्ड डेट 26, 27, 28 और 30 अक्टूबर को निर्धारित हैं।

    निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि डिविडेंड की घोषणा और शेयर के अंकित मूल्य के आधार पर निकाला गया प्रतिशत, शेयर की मौजूदा बाजार कीमत पर मिलने वाले प्रतिफल के समान नहीं होता। रिकॉर्ड डेट के साथ पात्रता और लागू बाजार नियमों को भी ध्यान में रखना चाहिए। केवल डिविडेंड की राशि के आधार पर निवेश का निर्णय लेना उचित नहीं है।

  • एलन मस्क के फॉलो किए ऋषभ यादव कौन हैं, अमेरिका में भारतीय इंजीनियर की कामयाबी से छिड़ी ब्रेन ड्रेन बहस

    एलन मस्क के फॉलो किए ऋषभ यादव कौन हैं, अमेरिका में भारतीय इंजीनियर की कामयाबी से छिड़ी ब्रेन ड्रेन बहस

    नई दिल्ली । दुनिया के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल एलन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जिन लोगों को फॉलो करते हैं, उनमें भारतीय मूल के इंजीनियर ऋषभ यादव का नाम भी शामिल है। ऋषभ को लेकर एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उनकी पहचान, पेशेवर उपलब्धियों और अमेरिका में उनके काम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसके साथ ही भारत से प्रतिभाशाली युवाओं के विदेश जाने यानी ब्रेन ड्रेन के मुद्दे पर भी बहस तेज हो गई है।

    यह चर्चा तब शुरू हुई, जब सोशल मीडिया यूजर माधव ने सवाल उठाया कि एलन मस्क द्वारा फॉलो किए जाने वाले ऋषभ यादव आखिर कौन हैं। उन्होंने बताया कि मस्क एक्स पर करीब 1,418 लोगों को फॉलो करते हैं और इनमें ऋषभ का नाम भी शामिल है। माधव ने यह भी कहा कि उन्हें पहले लगा था कि ऋषभ भारतीय होंगे, लेकिन उनका सोशल मीडिया अकाउंट अमेरिकी दिखाई देता है। इसके बाद उन्होंने इस इंजीनियर की पहचान जानने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चैटबॉट ग्रोक से सवाल किया।

    ग्रोक के जवाब के अनुसार, ऋषभ यादव कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े कोडिंग टूल कर्सर के संस्थापक इंजीनियर हैं। यह टूल सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को कोड लिखने और उससे जुड़े काम में सहायता देता है। ऋषभ भारतीय मूल के हैं और अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में रहते हैं। वह इससे पहले एप्पल और सिस्को जैसी बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों में काम कर चुके हैं। एप्पल में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने आईफोन के बैक टैप फीचर पर भी काम किया था।

    ऋषभ की पेशेवर पृष्ठभूमि और मस्क के साथ उनके जुड़ाव को लेकर भी सवाल उठे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कर्सर और स्पेसएक्स के बीच हुए सौदे के बाद ऋषभ ने मस्क से जुड़ी कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनी स्पेसएक्सएआई में काम शुरू किया। इसी पेशेवर संबंध को मस्क द्वारा उन्हें फॉलो किए जाने की चर्चा से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, केवल सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति को फॉलो करना अपने आप में किसी विशेष व्यक्तिगत संबंध का प्रमाण नहीं है।

    इस मामले ने भारतीय प्रतिभाओं के विदेश जाने के मुद्दे को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। माधव की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने कहा कि भारत की प्रतिभा हर साल अमेरिका चली जाती है। कुछ लोगों ने इसे देश के लिए प्रतिभा पलायन की चुनौती बताया, जबकि अन्य ने विदेशों में काम कर रहे भारतीय पेशेवरों की उपलब्धियों को उनकी मेहनत और कौशल का परिणाम माना।

    बहस के दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों और भारतीय प्रबंधन संस्थानों से पढ़ाई करने वाले युवाओं का भी उल्लेख किया गया। कुछ यूजर्स का कहना था कि देश के प्रतिभाशाली विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद विदेशों में काम करते हैं और वहां नई तकनीकों तथा कारोबार के विकास में योगदान देते हैं। उनके मुताबिक, इससे भारत में उपलब्ध अवसरों और प्रतिभाओं को रोकने की क्षमता पर सवाल उठते हैं।

    दूसरी ओर, कुछ प्रतिक्रियाओं में कहा गया कि केवल देशभक्ति की भावना के आधार पर प्रतिभा पलायन को नहीं रोका जा सकता। इसके लिए भारत में बेहतर रोजगार, अनुसंधान, तकनीकी विकास, प्रतिस्पर्धी वेतन और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। इस दृष्टिकोण के अनुसार, यदि प्रतिभाशाली युवा देश में रहकर भारतीय कंपनियों और संस्थानों के साथ काम करें, तो उनकी विशेषज्ञता का लाभ घरेलू अर्थव्यवस्था को भी मिल सकता है।

    ऋषभ यादव की चर्चा इस तरह एक इंजीनियर की पेशेवर पहचान से आगे बढ़कर भारतीय प्रतिभाओं के वैश्विक योगदान और देश में उपलब्ध अवसरों के सवाल तक पहुंच गई है। विदेशों में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों की सफलता जहां उनकी क्षमता को दर्शाती है, वहीं यह बहस भी महत्वपूर्ण बनी हुई है कि भारत किस तरह अपने युवाओं को देश में ही बेहतर अवसर उपलब्ध करा सकता है।