Author: bharati

  • ड्रोन तकनीक का कमाल चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने वालों की बढ़ी गिरफ्तारी आरपीएफ की सख्ती से घटी घटनाएं

    ड्रोन तकनीक का कमाल चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने वालों की बढ़ी गिरफ्तारी आरपीएफ की सख्ती से घटी घटनाएं


    नई दिल्ली । दिल्ली एनसीआर में चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल ने जिस नई रणनीति को अपनाया है उसके सकारात्मक परिणाम अब साफ दिखाई देने लगे हैं। रेलवे पटरियों के किनारे ड्रोन से निगरानी शुरू होने के बाद न केवल ऐसी घटनाओं में कमी दर्ज की गई है बल्कि पत्थरबाजी करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। आधुनिक तकनीक और सतर्क निगरानी के इस संयोजन ने रेल यात्रियों की सुरक्षा को पहले से कहीं अधिक मजबूत बना दिया है।

    आरपीएफ के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में मई तक चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी की 176 घटनाएं दर्ज की गई थीं। इनमें 144 मामले रेलवे अधिनियम के तहत दर्ज हुए थे और 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं वर्ष 2026 की इसी अवधि में घटनाओं की संख्या घटकर 144 रह गई जबकि 138 मामलों में कार्रवाई करते हुए 79 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकार गिरफ्तारियों में लगभग 146 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई जो आरपीएफ की नई रणनीति की प्रभावशीलता को दर्शाती है।

    आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में संवेदनशील रेलवे मार्गों पर दो ड्रोन लगातार निगरानी कर रहे हैं। आदर्श नगर नरेला पानीपत रेलखंड को सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल किया गया है। जैसे ही कोई ट्रेन इस मार्ग से गुजरती है ड्रोन हवा में सक्रिय हो जाते हैं और आसपास की गतिविधियों पर रियल टाइम नजर रखते हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही निकट मौजूद सुरक्षा दल को तुरंत अलर्ट भेजा जाता है जिससे आरोपी मौके पर ही पकड़ लिए जाते हैं।

    हालांकि आरपीएफ का मानना है कि पत्थरबाजी की हर घटना के पीछे संगठित अपराध नहीं होता। कई मामलों में रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले बच्चे भी शरारत में पत्थर फेंक देते हैं। वर्ष 2025 में 37 बच्चों की संलिप्तता वाली 32 घटनाओं में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था जबकि इस वर्ष 11 बच्चों से जुड़ी छह घटनाएं सामने आईं। इन मामलों में भी कानूनी कार्रवाई के बजाय समझाइश और परामर्श को प्राथमिकता दी गई।

    अधिकारियों का कहना है कि रेलवे लाइन के आसपास रहने वाले कई बच्चे स्कूल नहीं जाते और अपना अधिकांश समय पटरियों के पास खेलते हुए बिताते हैं। खेल खेल में वे गुजरती ट्रेनों पर पत्थर फेंक देते हैं जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ जाती है। इस चुनौती से निपटने के लिए आरपीएफ गैर सरकारी संगठनों के सहयोग से जागरूकता अभियान चला रही है। बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है और अभिभावकों के साथ बैठक कर उन्हें रेलवे ट्रैक के पास बच्चों को न खेलने देने की सलाह दी जा रही है।

    आरपीएफ की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि रेलवे पटरियों के किनारे बनी अनधिकृत बस्तियां असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का केंद्र बनी हुई हैं। कई बार शराब के नशे में लोग ट्रेनों पर पत्थर फेंक देते हैं। इसके अलावा अवैध रेलवे क्रॉसिंग का इस्तेमाल करने वाले कुछ लोग ट्रेन गुजरने के दौरान इंतजार से नाराज होकर भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं।

    ड्रोन निगरानी के साथ साथ रेलवे पटरियों के किनारे सोलर ऊर्जा से संचालित सीसीटीवी कैमरे भी तेजी से लगाए जा रहे हैं। पहले दो चरणों में 76 कैमरे लगाए जा चुके हैं और अब 50 नए कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं। आधुनिक तकनीक मजबूत निगरानी और जनजागरूकता के संयुक्त प्रयासों से आरपीएफ को उम्मीद है कि आने वाले समय में चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं में और अधिक कमी आएगी तथा रेल यात्रियों की सुरक्षा पहले से कहीं अधिक सुनिश्चित हो सकेगी।

  • MP: CM मोहन यादव ने प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू में रात्रि चौपाल लगाकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

    MP: CM मोहन यादव ने प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू में रात्रि चौपाल लगाकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं


    बैतूल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने शनिवार को बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू (Kukru Hill Station) में रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। चौपाल के दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी ग्रामीण को पटवारी, थानेदार या अन्य अधिकारी द्वारा परेशान किया जाता है तो वे सीधे उन्हें अवगत कराएं. रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के सामने गांव में हाईस्कूल, पेयजल व्यवस्था और 20 बिस्तरों वाले अस्पताल की मांग रखी. मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी.उन्होंने पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए तालाब निर्माण के निर्देश दिए. वहीं बालिका छात्रावास, जामूखेड़ी मार्ग और बुंदियाखुर्द पुलिया निर्माण की स्वीकृति देने की घोषणा भी की।


    शुरू होगी ग्रामीण बस सेवा

    मुख्यमंत्री ने कुकरू को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कहते हुए बताया कि अगले माह से यहां ग्रामीण बस सेवा शुरू की जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को प्रदेश में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है. उन्होंने किसानों से खेती के साथ पशुपालन को अपनाने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की अपील की. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 25 गाय या 25 भैंस पालन के लिए 40 लाख रुपये तक की ऋण सहायता दी जाएगी, जिसमें 10 लाख रुपये सरकार वहन करेगी. साथ ही कोदो-कुटकी की समर्थन मूल्य पर खरीदी जारी रहने की बात भी कही।


    राखी बंधवाई, भजन गाया और ग्रामीणों के साथ बिताया समय

    रात्रि चौपाल के दौरान स्थानीय कोरकू समाज के कलाकारों ने पारंपरिक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए. मुख्यमंत्री भी ग्रामीणों के साथ घुलमिल गए और ‘गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो’ भजन गाकर सभी का मन मोह लिया. इस दौरान शिपा शनवारे ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी. मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की और उन्हें स्नेहपूर्वक दुलार किया।


    महिलाओं की सराहना, योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश

    स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वो कृषि सखी, जेंडर सखी, बकरी पालन, भैंस पालन, मुर्गी पालन और सूक्ष्म उद्योगों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं और कई महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं. मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए किसान सम्मान निधि और लाडली बहना योजना की जानकारी ली और पात्र किसानों की ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए. उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को सूक्ष्म व लघु उद्योगों से जोड़ने, आजीविका भवन और कोदो-कुटकी प्रसंस्करण इकाई के लिए ऋण सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।


    सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने की अपील

    मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से विवाह समारोहों में अनावश्यक खर्च से बचने, सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने और मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है. रात्रि चौपाल के बाद मुख्यमंत्री ने एक ग्रामीण के घर भोजन किया और रात्रि विश्राम के लिए कुकरू स्थित फॉरेस्ट रेस्ट हाउस पहुंचे. इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री एवं सांसद दुर्गादास उइके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, संभागायुक्त श्रीकांत बनोठ, आईजी मिथलेश कुमार शुक्ला, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।

  • UP: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस का एक्शन, आरोपियों के घरों पर मारे छापे

    UP: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस का एक्शन, आरोपियों के घरों पर मारे छापे


    लखनऊ।
    अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले (Ram Mandir offering theft case) में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. इस केस की जांच कर रही टीमों ने रविवार को अयोध्या में रहने वाले सभी आरोपियों के घरों पर छापेमारी की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अपनी जांच में तेजी ला रही है, ताकि इस पूरे मामले से जुड़े तथ्यों का पूरी तरह खुलासा हो सके. पुलिस इस मामले के हर एक पहलू को गहराई से देख रही है, जिससे सच्चाई सामने आ सके।

    जांच टीम ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अयोध्या में रहने वाले आरोपियों के घरों पर कार्रवाई की है. पुलिस की अलग-अलग टीमें अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मुख्य आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, मनीष यादव, करुणेश पांडे और रमा शंकर मिश्रा के घर पहुंचीं. इन सभी ठिकानों पर पुलिस पूरी बारीकी से तलाशी ले रही है, ताकि केस से जुड़े अहम सबूत जुटाए जा सकें. जांच टीमें एक-एक घर के कोने खंगाल रही हैं ताकि कोई भी सबूत छूटने न पाए।


    दो नाम छोड़कर बाकी सभी के परिवारों से पूछताछ

    कार्रवाई के दौरान लोकल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस इन आरोपियों के परिवार के सदस्यों से कड़ी पूछताछ कर रही है. हालांकि, जांच टीम सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और प्रतापगढ़ के रहने वाले अविनाश शुक्ला को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों के परिजनों से सवाल-जवाब करने में जुटी है. साथ ही पुलिस आस-पड़ोस में रहने वाले लोगों से भी इन आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है. पुलिस यह जानना चाहती है कि इन लोगों की गतिविधियां पिछले कुछ समय में कैसी रही हैं।

    इस मामले की गहराई से जांच कर रही टीमें सिर्फ चोरी की कड़ियों को ही नहीं जोड़ रहीं, बल्कि आरोपियों की कमाई के जरियों का भी पता लगा रही हैं. अपराध के जरिए जो पैसा या संपत्ति जुटाई गई है, उसके सोर्स को ट्रेस किया जा रहा है. आरोपियों के पास मौजूद संपत्तियां कहां से आईं और उनके पास फंड कहां से आ रहा था, इसकी पूरी हिस्ट्री निकाली जा रही है. पुलिस बैंकों के खातों और लेन-देन की भी जांच कर रही है, ताकि यह साफ हो सके कि पैसे को कहां-कहां भेजा गया या किस काम में इस्तेमाल किया गया।

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए ये सभी आरोपी राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे और कैश को गिनने के काम से जुड़े हुए थे. जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि इन्होंने वहीं से पैसों का हेरफेर किया. जांच टीमों ने अब तक इस मामले में करीब 79 लाख 85 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं. इस मामले में पुलिस ने चोरी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज किया है।

    यह बड़ी कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई तीन सदस्यों की SIT की शुरुआती रिपोर्ट के बाद शुरू हुई है. कोर्ट ने दो दिन पहले ही सभी आठ आरोपियों को 29 जून तक के लिए जेल भेजा था. पुलिस सोमवार को इन सभी आरोपियों को दोबारा कोर्ट में पेश करेगी. मामले की कड़ियों को जोड़ने और आगे की पूछताछ के लिए पुलिस अदालत से इन सभी की कस्टडी रिमांड मांगेगी, ताकि बाकी की रकम और संपत्ति का भी पता लगाया जा सके।

  • बाबा श्याम के भक्तों की भीड़ से रींगस रेलवे स्टेशन की रिकॉर्ड कमाई, तीन दिनों में ₹1.25 करोड़ का राजस्व

    बाबा श्याम के भक्तों की भीड़ से रींगस रेलवे स्टेशन की रिकॉर्ड कमाई, तीन दिनों में ₹1.25 करोड़ का राजस्व


    नई दिल्ली। खाटूश्यामजी के विश्वप्रसिद्ध मंदिर में बाबा श्याम के दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने उत्तर पश्चिम रेलवे की कमाई में जबरदस्त इजाफा कर दिया है। निर्जला एकादशी और द्वादशी के मेले के साथ-साथ वीकेंड की छुट्टियों के चलते रींगस रेलवे स्टेशन जंक्शन पर यात्रियों का अभूतपूर्व दबाव देखने को मिला। इसी अवधि में रेलवे को रिकॉर्ड राजस्व की प्राप्ति हुई है।

    रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन दिनों में करीब 1.50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने ट्रेन से यात्रा की, जिससे रींगस स्टेशन को ₹1.25 करोड़ से अधिक की आय हुई है।

    ट्रेनों में भारी भीड़, यात्रियों की बढ़ी संख्या

    रींगस स्टेशन अधीक्षक बाबूलाल बाजिया के अनुसार, बाबा श्याम के दर्शन के लिए आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक रही कि कई ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। रविवार को वीकेंड की वजह से भीड़ और बढ़ गई, जिससे आने वाले दिनों में राजस्व में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।

    सुरक्षा के लिए 160 जवान तैनात

    भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए रेलवे प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। जीआरपी चौकी प्रभारी एएसआई मुकेश कुमार सैनी ने बताया कि स्टेशन परिसर में 100 आरपीएफ और 60 जीआरपी जवानों की तैनाती की गई है। इनमें महिला कर्मियों को भी शामिल किया गया है ताकि महिला यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    इसके अलावा स्वयंसेवक भी व्यवस्था संभालने में सहयोग कर रहे हैं। जयपुर मंडल से सीनियर डीसीएम जगदीश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम लगातार स्टेशन पर निगरानी बनाए हुए है।

    भीषण गर्मी को देखते हुए यात्रियों के लिए अस्थायी शेल्टर और विश्राम स्थल भी बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालु धूप और लू से राहत पा रहे हैं।

    भीड़ नियंत्रण के लिए खास इंतजाम

    स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग रूट तय किए गए हैं ताकि अव्यवस्था या भगदड़ जैसी स्थिति न बने। यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 21 टिकट काउंटर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 12 मैनुअल और 9 ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (ATVM) शामिल हैं।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ये विशेष व्यवस्थाएं रविवार देर रात तक जारी रहेंगी ताकि वीकेंड की भीड़ को सुचारु रूप से संभाला जा सके।

    रींगस: खाटूधाम का मुख्य प्रवेश द्वार

    गौरतलब है कि खाटूश्यामजी कस्बे में फिलहाल कोई रेलवे स्टेशन नहीं है, इसलिए देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रींगस जंक्शन ही प्रमुख पड़ाव है। यहां से खाटूधाम की दूरी लगभग 17 किलोमीटर है, जिसे यात्री सड़क मार्ग, निजी वाहनों, ई-रिक्शा या पैदल यात्रा के जरिए पूरा करते हैं।

    श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में खाटूश्यामजी से करीब 11 किलोमीटर दूर सुंदपुरा गांव में नया रेलवे स्टेशन बनाने की घोषणा की है। इसके बाद भविष्य में भक्तों को खाटूधाम पहुंचने के लिए एक और नजदीकी विकल्प मिलेगा, जिससे रींगस स्टेशन पर दबाव भी कम होने की उम्मीद है।

  • तमिलनाडु में बदले सियासी समीकरण: DMK से अलग हुई MDMK, विजय की TVK को दिया समर्थन

    तमिलनाडु में बदले सियासी समीकरण: DMK से अलग हुई MDMK, विजय की TVK को दिया समर्थन


    चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। डीएमके (DMK) की लंबे समय से सहयोगी रही मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (MDMK) ने डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) से अलग होने की घोषणा कर दी है। पार्टी ने डीएमके पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाते हुए गठबंधन से बाहर निकलने का फैसला किया है। साथ ही अभिनेता और तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय को आगामी उपचुनावों और स्थानीय निकाय चुनावों में समर्थन देने का भी ऐलान किया है।

    शनिवार को चेन्नई में आयोजित एमडीएमके की सामान्य परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया। पार्टी की ओर से पारित प्रस्ताव में कहा गया कि चुनाव पूर्व गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय उचित समय पर लिया जाएगा, लेकिन फिलहाल एमडीएमके डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा नहीं रहेगी।

    DMK पर लगाए गंभीर आरोप

    पार्टी प्रमुख वाइको ने आरोप लगाया कि डीएमके ने हिंदुत्व समर्थक ताकतों के साथ मिलकर एआईएडीएमके (AIADMK) के नेतृत्व वाली सरकार बनाने की कोशिश की थी। उनका कहना था कि यह राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय रहा और इस घटनाक्रम के बाद सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस के अस्तित्व का उद्देश्य ही समाप्त हो गया।

    पार्टी के प्रस्ताव में कहा गया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए गठबंधन में बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह गया था, इसलिए कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर यह निर्णय लिया गया।

    विजय की पार्टी को समर्थन

    एमडीएमके ने अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके (TVK) के प्रति खुला समर्थन जताया। वाइको ने कहा कि टीवीके भ्रष्टाचार विरोधी एजेंडे, दो-भाषा नीति और सी.एन. अन्नादुरै के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का दावा करती है। उन्होंने संकेत दिए कि भविष्य में दोनों दलों के बीच राजनीतिक सहयोग और मजबूत हो सकता है।

    विधायकों के इस्तीफे को लेकर दावा

    वाइको ने यह भी दावा किया कि विजय ने एमडीएमके के दोनों विधायकों को इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ने का सुझाव दिया था और उनके पक्ष में चुनाव प्रचार करने की पेशकश भी की थी। हालांकि दोनों विधायकों ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया।

    एमडीएमके के विधायक आर. सेंथिलसेल्वन और टी.एम. राजेंद्रन वर्ष 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में डीएमके के ‘राइजिंग सन’ चुनाव चिह्न पर जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। उस चुनाव में एमडीएमके ने गठबंधन के तहत चार सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें दो पर जीत हासिल की थी।

    ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ के आरोपों पर जवाब

    विजय पर लगाए जा रहे ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ के आरोपों का जवाब देते हुए वाइको ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी के विधायकों को डीएमके में शामिल कराने की कोशिश होती है, तो उसे क्या कहा जाएगा।

    एमडीएमके वर्ष 2017 से डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थी। हालांकि पिछले कुछ महीनों से दोनों दलों के रिश्तों में लगातार खटास देखने को मिल रही थी। विजय और वाइको की हालिया मुलाकात तथा एमडीएमके नेताओं की नाराजगी के बाद अब गठबंधन टूटने से तमिलनाडु की राजनीति में नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना बढ़ गई है।

  • 24 घंटे में दूसरी बार अमेरिका की ईरान पर एयर स्ट्राइक, सैन्य ठिकानों और ड्रोन केंद्रों को बनाया निशाना

    24 घंटे में दूसरी बार अमेरिका की ईरान पर एयर स्ट्राइक, सैन्य ठिकानों और ड्रोन केंद्रों को बनाया निशाना


    वॉशिंगटन। अमेरिका ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार ईरान में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित कई अहम ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में ईरान के सैन्य निगरानी तंत्र, संचार प्रणाली, एयर डिफेंस साइट्स, ड्रोन भंडारण केंद्रों और समुद्री बारूदी सुरंग (माइन) बिछाने की क्षमताओं को निशाना बनाया गया।

    सिरिक के पास सुने गए धमाके

    ईरान के सरकारी मीडिया IRIB ने सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया कि दक्षिणी शहर सिरिक के नजदीक विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। रिपोर्ट के मुताबिक कई प्रोजेक्टाइल एक दूरसंचार टावर से टकराए, हालांकि घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी तत्काल साझा नहीं की गई।

    युद्धविराम के बाद फिर बढ़ा तनाव

    अमेरिका ने शुक्रवार को भी ईरान के भीतर कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब हाल ही में वॉशिंगटन और तेहरान के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी थी। लगातार दूसरे दिन हुई अमेरिकी एयर स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

    तेल टैंकर पर ड्रोन हमले का दिया जवाब

    अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने शनिवार तड़के वन-वे अटैक ड्रोन से पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर M/T Kiku को निशाना बनाया, जिससे युद्धविराम का उल्लंघन हुआ। CENTCOM के मुताबिक, यह टैंकर 20 लाख से अधिक बैरल कच्चा तेल लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला किया गया।

    अमेरिकी सेना का कहना है कि शुक्रवार की कार्रवाई के बाद ईरान को युद्धविराम का पालन करने और तनाव कम करने का अवसर दिया गया था, लेकिन ताजा ड्रोन हमले के बाद जवाबी कार्रवाई करना आवश्यक हो गया।

    अमेरिका ने दी सतर्क रहने की चेतावनी

    CENTCOM ने अपने बयान में कहा कि होर्मुज से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है और अमेरिकी सेना क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क तथा किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

    इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों के साथ रडार ठिकानों को भी निशाना बनाया था। वॉशिंगटन का कहना है कि वह कार्रवाई 25 जून को सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज M/V Ever Lovely पर हुए कथित ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में की गई थी।

    उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की चेतावनी

    बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को आगे किसी भी सैन्य कार्रवाई से बचने की चेतावनी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और अमेरिका ने उसका पालन किया। यदि समझौते को लेकर कोई मतभेद है तो उसे बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है, लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा।

  • एमपी के 45 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, 3-4 दिन में मानसून आगे बढ़ने के आसार

    एमपी के 45 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, 3-4 दिन में मानसून आगे बढ़ने के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून के आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल मानसून 15 जिलों तक पहुंचने के बाद ठहर गया है। हालांकि, इसके बावजूद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। रविवार को भोपाल समेत 45 जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर में आंधी और बारिश की संभावना है।

    वहीं, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में हल्की बारिश के आसार हैं। इन जिलों में दिन के समय धूप रहने की संभावना है, लेकिन शाम के बाद मौसम का मिजाज बदल सकता है।

    ग्वालियर-चंबल में अब भी गर्मी का असर

    ग्वालियर-चंबल संभाग सहित प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून अभी तक नहीं पहुंचा है। इसके चलते यहां गर्मी का असर बना हुआ है। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है।

    भोपाल समेत कई जिलों में बारिश का असर

    शनिवार रात राजधानी भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। उधर, शिवपुरी में मानसून की पहली तेज बारिश और आंधी ने व्यापक नुकसान पहुंचाया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। रतलाम में भारी बारिश से सड़कें और अंडरब्रिज जलमग्न हो गए, जबकि झाबुआ में भी कई इलाकों में जोरदार बारिश दर्ज की गई। विदिशा में दिनभर की उमस और गर्मी के बाद शाम को गरज-चमक के साथ बारिश होने से लोगों को राहत मिली।

    सामान्य से अब भी 41 फीसदी कम बारिश

    प्रदेश में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। कई जिलों में चार इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जिससे प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़ों में सुधार हुआ है। 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 107.3 मिमी (4.2 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 63.5 मिमी (2.5 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 41 प्रतिशत कम है।

    हालांकि, 24 जून तक बारिश की कमी 50 प्रतिशत थी, जिसमें अब 9 प्रतिशत का सुधार हुआ है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में औसत से 67 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में वर्षा की कमी घटकर 16 प्रतिशत रह गई है।

  • खाटू श्याम यात्रा पर निकला परिवार हादसे का शिकार, जीजा, ससुर और साली की दर्दनाक मौत

    खाटू श्याम यात्रा पर निकला परिवार हादसे का शिकार, जीजा, ससुर और साली की दर्दनाक मौत


    करनाल/जींद। हरियाणा के जींद में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। श्री खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए निकला करनाल का एक परिवार रास्ते में हादसे का शिकार हो गया। दुर्घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

    जानकारी के अनुसार, करनाल के सेक्टर-8 निवासी धर्मपाल अपनी पत्नी, सास-ससुर और साली के साथ सुबह घर से खाटू श्याम धाम के लिए रवाना हुए थे। जींद के पास उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि धर्मपाल, उनके ससुर और उनकी साली ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    कार में कुल पांच लोग सवार थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    घर में पसरा मातम

    हादसे की खबर जैसे ही करनाल स्थित परिवार तक पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के घर पर रिश्तेदारों और पड़ोसियों का तांता लग गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    बताया जा रहा है कि धर्मपाल के बच्चे विदेश में पढ़ाई और नौकरी के सिलसिले में रहते हैं। हादसे की सूचना उन्हें भी दे दी गई है, जिसके बाद उनके भारत लौटने की तैयारी की जा रही है।

    पुलिस कर रही जांच

    स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक यात्रा पर निकले इस परिवार के साथ हुई यह दुखद घटना पूरे क्षेत्र के लिए गहरे सदमे का कारण बन गई है।
  • ब्रांड इंडिया' को नई पहचान मिल रही, उद्यमियों से पीयूष गोयल ने कही बड़ी बात

    ब्रांड इंडिया' को नई पहचान मिल रही, उद्यमियों से पीयूष गोयल ने कही बड़ी बात


    नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि किसी भी उत्पाद पर ‘मेड इन इंडिया’ लिखना केवल एक कारोबारी पहचान नहीं, बल्कि पूरे देश की प्रतिष्ठा और जिम्मेदारी का प्रतिनिधित्व करना है। उन्होंने भारतीय उद्यमियों से गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि आज दुनिया में ‘ब्रांड इंडिया’ तेजी से भरोसे और उत्कृष्टता का पर्याय बन रहा है।

    ‘मेड इन इंडिया’ का मतलब सिर्फ उत्पाद नहीं, देश की पहचान
    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय उद्यमियों के लिए गुणवत्ता केवल व्यावसायिक मानक नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी भी है। जब कोई उत्पाद ‘मेड इन इंडिया’ के नाम से वैश्विक बाजार में पहुंचता है, तो वह पूरे देश की छवि को दर्शाता है।

    अंबूर की कंपनी का दिया उदाहरण
    पीयूष गोयल ने तमिलनाडु के अंबूर स्थित फ्लोरेंस शू कंपनी के संस्थापक अकील पनारुना का उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि लंदन में आयोजित एक बिजनेस प्लेनरी सेशन के दौरान अकील ने उन्हें एक रोचक अनुभव सुनाया।

    अकील के अनुसार, एक अंतरराष्ट्रीय ग्राहक ने काहिरा हवाई अड्डे पर ह्यूगो बॉस ब्रांड का एक प्रीमियम जूता खरीदा। जब उसने जूते का लेबल देखा तो उस पर ‘Made in India’ लिखा था। यह जूता अंबूर स्थित उनकी कंपनी में तैयार किया गया था।

    रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर भी जोर

    गोयल ने कहा कि अकील पनारुना जैसे उद्यमी केवल वैश्विक ब्रांडों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद नहीं बना रहे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित कर रहे हैं। उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ जैसी पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने की भी सराहना की।

    भारत-यूके व्यापार समझौते से बढ़ेंगे अवसर

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के माध्यम से दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे। इससे भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में नए अवसर मिलेंगे और ‘ब्रांड इंडिया’ को और मजबूती मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि अकील जैसे उद्यमी दुनिया को यह दिखा रहे हैं कि भारतीय उत्पाद गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उत्कृष्टता के मामले में किसी से कम नहीं हैं।

    निवेश और सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

    पीयूष गोयल ने बताया कि उन्होंने एशिया हाउस और कई वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गोलमेज बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में भारत के मजबूत विनिर्माण तंत्र, निवेश के नए अवसरों और आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।

    इसके अलावा उन्होंने यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल (UKIBC) के सदस्यों के साथ भी संवाद किया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में निवेश, व्यापार विस्तार और साझा विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

    गोयल ने विश्वास जताया कि भारतीय उद्यमियों की गुणवत्ता और नवाचार की बदौलत ‘मेड इन इंडिया’ आने वाले समय में वैश्विक बाजार में और मजबूत पहचान बनाएगा।

  • गगनयान मिशन के लिए इसरो पूरी तरह तैयार सफल इंजन परीक्षण के बाद जल्द होगी पहली मानव रहित उड़ान

    गगनयान मिशन के लिए इसरो पूरी तरह तैयार सफल इंजन परीक्षण के बाद जल्द होगी पहली मानव रहित उड़ान


    नई दिल्ली । भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन की तैयारियां अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने स्पष्ट किया है कि देश के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन को पूरी तरह सुरक्षित और सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी परीक्षण तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। इसरो के चेयरमैन डॉ वी नारायणन ने बताया कि मिशन से जुड़ी अधिकांश महत्वपूर्ण तकनीकों का विकास पूरा हो चुका है और अब अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने से पहले तीन मानव रहित मिशनों का संचालन किया जाएगा। इनमें पहला मिशन जल्द लॉन्च किए जाने की तैयारी अंतिम चरण में है और इसकी तारीख भी जल्द घोषित की जाएगी।

    डॉ वी नारायणन ने कहा कि गगनयान केवल एक अंतरिक्ष मिशन नहीं बल्कि भारत की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता का सबसे बड़ा प्रदर्शन है। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर मानव जीवन से जुड़े इस मिशन में जोखिम की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। इसलिए हर तकनीक और सुरक्षा प्रणाली को कई स्तरों पर परखा जा रहा है ताकि वास्तविक मिशन पूरी तरह सुरक्षित और सफल हो सके।

    इसरो प्रमुख ने हाल ही में सफल रहे सेमी क्रायोजेनिक इंजन के पावर हेड परीक्षण को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस परीक्षण के दौरान इंजन की लगभग अट्ठासी प्रतिशत क्षमता का सफल परीक्षण किया गया। यह उपलब्धि भविष्य में पूर्ण क्षमता वाले इंजन परीक्षण और भारी प्रक्षेपण यानों के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वैज्ञानिक अब इंजन को उसकी पूरी क्षमता पर संचालित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

    इसरो के अनुसार चौबीस जून को तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में सेमी क्रायोजेनिक इंजन के पावर हेड टेस्ट का सफल हॉट टेस्ट किया गया। यह परीक्षण एक सौ पचहत्तर टन थ्रस्ट स्तर पर किया गया जो अब तक का सबसे बड़ा परीक्षण रहा। इससे पहले इंजन का परीक्षण कम क्षमता पर किया गया था लेकिन इस बार मिले परिणामों ने वैज्ञानिकों का आत्मविश्वास और बढ़ा दिया है।

    परीक्षण के दौरान इंजन के सभी प्रमुख सिस्टम उम्मीद के अनुरूप कार्य करते रहे। मुख्य टर्बोपंप ने भी निर्धारित दबाव पर सफल प्रदर्शन किया जिससे यह साबित हुआ कि इंजन भविष्य के जटिल अंतरिक्ष अभियानों के लिए पूरी तरह सक्षम बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस सफलता के बाद अब दो सौ टन यानी पूर्ण क्षमता वाले इंजन परीक्षण की तैयारी शुरू कर दी गई है।

    गगनयान मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। इस मिशन के सफल होने के बाद भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जिन्होंने अपने दम पर मानव को अंतरिक्ष में भेजने की क्षमता विकसित की है। इससे अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान रक्षा तकनीक और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों को नई गति मिलेगी।

    इसरो का मानना है कि गगनयान केवल वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं बल्कि देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा। सफल इंजन परीक्षण और तेजी से आगे बढ़ती तैयारियां इस बात का संकेत हैं कि भारत अब मानव अंतरिक्ष अभियान के अपने सबसे बड़े सपने को साकार करने के बेहद करीब पहुंच चुका है।