Author: bharati

  • भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को गति देने के लिए कुशल इंजीनियरों और उद्योग-अकादमिक सहयोग पर डॉ. प्रीति अदाणी ने दिया जोर

    भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को गति देने के लिए कुशल इंजीनियरों और उद्योग-अकादमिक सहयोग पर डॉ. प्रीति अदाणी ने दिया जोर

    नई दिल्ली । भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और विनिर्माण संयंत्रों के साथ कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी जरूरी है। अदाणी विश्वविद्यालय की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी ने उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा कि देश के सेमीकंडक्टर मिशन की सफलता के लिए ऐसी प्रतिभाओं की आवश्यकता है, जो जटिल तकनीकों को डिजाइन करने, विकसित करने और उनमें सुधार करने की क्षमता रखती हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी प्रगति का वास्तविक महत्व केवल मशीनों की बढ़ती क्षमता में नहीं, बल्कि मानव बुद्धिमत्ता का विवेकपूर्ण उपयोग करके बेहतर भविष्य तैयार करने में है।

    अहमदाबाद में आयोजित कॉन्क्लेव ऑन हार्डवेयर, इनोवेशन, प्रोसेसिंग एंड सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजीज (चिप्स) 2026 को संबोधित करते हुए डॉ. अदाणी ने भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं के लिए शिक्षा, शोध और उद्योग के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। सम्मेलन का उद्देश्य सेमीकंडक्टर क्षेत्र में उभरते अवसरों, तकनीकी चुनौतियों और आवश्यक कौशल पर चर्चा करना था। इसमें विभिन्न कंपनियों और संस्थानों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लेकर इस क्षेत्र के भविष्य से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए।

    सम्मेलन में क्वालकॉम, एनएक्सपी सेमीकंडक्टर्स, माइक्रोन टेक्नोलॉजी, सिनोप्सिस और इनफिनियन टेक्नोलॉजीज सहित कई कंपनियों के विशेषज्ञ शामिल हुए। कानूनी क्षेत्र से भी विशेषज्ञों ने चर्चा में भाग लिया। विचार-विमर्श के दौरान वायरलेस तकनीक, सेमीकंडक्टर डिजाइन, मेमोरी एवं स्टोरेज, पावर सिस्टम और कानूनी ढांचे से जुड़े विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इन क्षेत्रों को सेमीकंडक्टर की पूरी मूल्य शृंखला के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

    कार्यक्रम में तीन प्रमुख परिचर्चाएं आयोजित की गईं। पहली चर्चा भारत में सेमीकंडक्टर डिजाइन की संभावनाओं और देश की डिजाइन क्षमताओं को मजबूत करने के उपायों पर केंद्रित रही। दूसरी परिचर्चा में सेमीकंडक्टर विनिर्माण की भूमिका और भारत के तकनीकी भविष्य पर उसके संभावित प्रभावों पर विचार किया गया। तीसरे सत्र में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में रोजगार के अवसरों, जरूरी कौशल और भविष्य में करियर बनाने के रास्तों पर चर्चा हुई। इन सत्रों के माध्यम से तकनीकी शिक्षा और उद्योग की वास्तविक जरूरतों के बीच अंतर को कम करने पर जोर दिया गया।

    इस सम्मेलन का आयोजन आईआईटी मंडी, वीएलएसआई सोसाइटी ऑफ इंडिया और सिरिल अमरचंद मंगलदास के सहयोग से किया गया। इसमें गुजरात स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन, सेमीकंडक्टर कंपनियों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। चर्चाओं में शोध को प्रोत्साहित करने, तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की आवश्यकता सामने आई।

    भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र केवल चिप बनाने वाले संयंत्रों तक सीमित नहीं है। चिप डिजाइन, विनिर्माण और पैकेजिंग में विशेषज्ञता विकसित करना भी देश की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन ने इस दिशा में प्रयासों को गति दी है। गुजरात के धोलेरा और साणंद में चल रही परियोजनाएं भी राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास से जुड़ी हैं।

    कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के तेजी से विस्तार ने उन्नत चिप्स, डेटा सेंटर और भरोसेमंद ऊर्जा अवसंरचना की मांग बढ़ा दी है। ऐसे में सेमीकंडक्टर तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में विकास के लिए तकनीकी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और प्रशिक्षित इंजीनियरों की जरूरत भी बढ़ सकती है।

    अदाणी विश्वविद्यालय ने अहमदाबाद में प्रस्तावित अपने बहुविषयक वैश्विक परिसर में सेमीकंडक्टर डिजाइन, विनिर्माण और पैकेजिंग के क्षेत्र में विशेष विशेषज्ञता विकसित करने की योजना घोषित की है। इसके तहत युवा इंजीनियरों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, उद्योग में कार्यरत पेशेवरों के लिए कार्यकारी शिक्षा और शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने से जुड़े कार्यक्रम शुरू करने की योजना है। इसका उद्देश्य शिक्षा और शोध को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ना तथा भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए भविष्य की कुशल प्रतिभाएं तैयार करना है।

  • सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, एक सप्ताह में सोना 3.5 प्रतिशत और चांदी 7.8 प्रतिशत फिसली

    सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, एक सप्ताह में सोना 3.5 प्रतिशत और चांदी 7.8 प्रतिशत फिसली


    नई दिल्ली ।
    वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह तेज गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू वायदा कारोबार तक दोनों कीमती धातुओं पर बिकवाली का दबाव बना रहा। सोने की कीमतों में साप्ताहिक आधार पर करीब 3.5 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि चांदी 7.8 प्रतिशत फिसल गई। सोने का यह जून के बाद सबसे कमजोर साप्ताहिक प्रदर्शन बताया जा रहा है। वहीं, चांदी की कीमत नवंबर 2025 के बाद के निचले स्तर तक पहुंच गई।

    विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखने की आशंका ने कीमती धातुओं के बाजार को प्रभावित किया है। आम तौर पर सोने को आर्थिक अनिश्चितता के दौरान सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में महंगाई और मौद्रिक नीति से जुड़े जोखिमों ने इसकी कीमतों पर दबाव बढ़ाया है। सोना निवेशकों को नियमित ब्याज नहीं देता, इसलिए ऊंची ब्याज दरों के माहौल में अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्प अपेक्षाकृत आकर्षक हो सकते हैं।

    घरेलू बाजार में भी गिरावट का असर साफ दिखाई दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दिसंबर वायदा सोने का भाव गिरकर करीब 1,42,150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसकी कीमत 1,42,079 रुपये प्रति 10 ग्राम तक फिसल गई। यह पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में लगभग 1,230 रुपये यानी 0.86 प्रतिशत की गिरावट थी।

    चांदी की कीमतों में इससे भी अधिक कमजोरी दर्ज की गई। दिसंबर वायदा चांदी का भाव करीब 1,95,408 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। इसमें 4,191 रुपये यानी लगभग 2.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। लगातार बिकवाली के कारण चांदी का भाव दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बना रहा।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों धातुओं की कीमतें नीचे आईं। कॉमेक्स पर सोना करीब 1.24 प्रतिशत गिरकर 4,010 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। कारोबार के दौरान यह 3,989.10 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया, जो 20 जुलाई के बाद का सबसे निचला स्तर बताया गया। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी लगभग 1.9 प्रतिशत गिरकर 53.96 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

    कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को इस गिरावट की प्रमुख वजहों में शामिल किया जा रहा है। पश्चिम एशिया में तनाव और हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच ब्रेंट क्रूड का भाव 116.7 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। तेल महंगा होने से वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं, जिससे सोने और चांदी जैसी ब्याज नहीं देने वाली संपत्तियों की मांग प्रभावित हो सकती है।

    इसके अलावा, मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड पर बढ़ती यील्ड ने भी सोने की मांग को कमजोर किया है। बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक और दिसंबर में संभावित ब्याज दरों से जुड़े फैसलों पर बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर बाजार में चिंता बनी हुई है, हालांकि मौद्रिक नीति के वास्तविक फैसले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेंगे।

    आने वाले दिनों में अमेरिकी व्यक्तिगत उपभोग व्यय यानी पीसीई मुद्रास्फीति के आंकड़े महत्वपूर्ण रहेंगे। फेडरल रिजर्व महंगाई के आकलन में इस सूचकांक पर विशेष ध्यान देता है। इसके साथ यूरोपीय केंद्रीय बैंक की बैठक, चीन के आर्थिक आंकड़े और वैश्विक ऊर्जा बाजार की परिस्थितियां भी कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। यदि महंगाई ऊंची रहती है और ब्याज दरें लंबे समय तक सख्त बनी रहती हैं, तो सोने-चांदी पर दबाव जारी रह सकता है। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव या बड़ी आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने पर सोने को सुरक्षित निवेश की मांग से दोबारा समर्थन मिल सकता है।

  • मध्य पूर्व में युद्ध का खतरा बढ़ने से कच्चा तेल छह महीने के उच्चतम स्तर पर, ब्रेंट 116 डॉलर पार

    मध्य पूर्व में युद्ध का खतरा बढ़ने से कच्चा तेल छह महीने के उच्चतम स्तर पर, ब्रेंट 116 डॉलर पार

    नई दिल्ली । मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका तथा ईरान के बीच संभावित सैन्य टकराव की आशंकाओं ने अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में हलचल बढ़ा दी है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को कच्चे तेल की कीमतें छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। ब्रेंट क्रूड का भाव 116 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया, जबकि अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत भी 102 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता को कीमतों में तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत 2.60 प्रतिशत बढ़कर 116.13 डॉलर प्रति बैरल हो गई। यह 30 अप्रैल के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर रहा। वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव लगभग 2.90 प्रतिशत बढ़कर 102.56 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। दोनों प्रमुख मानकों में तेजी ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ते दबाव को रेखांकित किया।

    साप्ताहिक प्रदर्शन के लिहाज से भी कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती दिखाई दी। ब्रेंट क्रूड में सप्ताह के दौरान लगभग छह प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके साथ ही इसमें लगातार तीसरे सप्ताह तेजी बनी रही। दूसरी ओर, डब्ल्यूटीआई क्रूड के वायदा भाव में साप्ताहिक आधार पर करीब 3.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के पीछे भू-राजनीतिक परिस्थितियों और संभावित आपूर्ति व्यवधानों को महत्वपूर्ण कारक माना जा रहा है।

    बाजार में तेजी की एक प्रमुख वजह अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा युद्ध शुरू होने की आशंका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका फिलहाल ईरान के साथ बातचीत नहीं कर रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि जल्द ही कुछ बड़ा हो सकता है। उनके बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

    इसी बीच, अमेरिका और इजरायल की सैन्य तैयारियों को लेकर सामने आई रिपोर्टों ने भी बाजार की चिंताएं बढ़ाई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों ने एक सीमित लेकिन सघन सैन्य अभियान की तैयारी के तहत अभ्यास तेज किए हैं। इसमें ईरान के पश्चिमी पड़ोसी इराक के ऊपर से उड़ान भरने जैसी गतिविधियां भी शामिल बताई गई हैं। इन अभ्यासों का उद्देश्य संभावित हमले की रणनीतियों का पूर्वाभ्यास करना बताया गया है।

    रिपोर्ट में संभावित लक्ष्यों के रूप में ईरान के ऊर्जा केंद्रों, परमाणु सुविधाओं तथा मिसाइलों और ड्रोन के भंडार का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन संभावित लक्ष्यों को लेकर किसी वास्तविक सैन्य कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी, ऐसी परिस्थितियों में तेल उत्पादक क्षेत्र से आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बाजार में कीमतों को ऊपर ले जा सकती है।

    दूसरी ओर, ईरान की सेना की ओर से भी कड़ा रुख सामने आया है। ईरान के सेना प्रमुख ने कहा है कि अपनी क्षमताओं को मजबूत करने के बाद देश की सेना युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बयान ने क्षेत्रीय तनाव की गंभीरता को और उजागर किया है।

    इसके अतिरिक्त, सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के कारण भी तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। मध्य पूर्व वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां सैन्य संघर्ष बढ़ने या तेल परिवहन में बाधा आने की आशंका से बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई दोनों के भाव में तेजी के बीच निवेशकों की नजर क्षेत्र के घटनाक्रम और संभावित आपूर्ति प्रभावों पर बनी हुई है।

  • रग्बी मैच में कर्टिस ग्रेगरी ने विरोधी खिलाड़ी की टांग पर मारी लात, रेड कार्ड मिलने के बाद आजीवन बैन की मांग

    रग्बी मैच में कर्टिस ग्रेगरी ने विरोधी खिलाड़ी की टांग पर मारी लात, रेड कार्ड मिलने के बाद आजीवन बैन की मांग

    नई दिल्ली । वेल्स में खेले गए सुपर रग्बी सिमरू मुकाबले के दौरान एब्बू वेले के खिलाड़ी कर्टिस ग्रेगरी की एक हरकत विवाद का कारण बन गई। लैंडोवरी के खिलाफ मैच में उन्होंने रक के दौरान विरोधी टीम के खिलाड़ी की टांग पर पैर से हमला कर दिया। घटना के बाद रेफरी ने उन्हें सीधे रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद रग्बी प्रशंसकों ने ग्रेगरी के व्यवहार की आलोचना की और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। कुछ प्रशंसकों ने तो उन्हें खेल से आजीवन प्रतिबंधित करने की मांग भी की है।

    यह घटना शुक्रवार को लैंडोवरी और एब्बू वेले के बीच खेले गए मुकाबले के 36वें मिनट में हुई। उस समय दोनों टीमों के खिलाड़ी गेंद पर कब्जा हासिल करने के लिए रक की स्थिति में थे। रग्बी में रक तब बनता है, जब गेंद जमीन पर होती है और दोनों टीमों के खिलाड़ी उस पर नियंत्रण पाने के लिए एक-दूसरे के सामने जोर लगाते हैं। इसी दौरान लैंडोवरी के एक खिलाड़ी की टांग बाहर की ओर थी। ग्रेगरी ने उसकी टांग पर पैर से हमला कर दिया। मैदान पर मौजूद लोगों के लिए यह घटना चौंकाने वाली थी।

    36वें मिनट में दिखाया गया रेड कार्ड

    रेफरी ने घटना को गंभीर मानते हुए कर्टिस ग्रेगरी को सीधे रेड कार्ड दिखाया। रेड कार्ड मिलने का अर्थ है कि खिलाड़ी को मैच से बाहर जाना पड़ता है। इस कार्रवाई के बाद मुकाबले में उनकी भागीदारी समाप्त हो गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिस खिलाड़ी की टांग को निशाना बनाया गया था, उसे इस घटना में चोट नहीं आई। हालांकि, इस तरह के व्यवहार को लेकर खेल प्रशंसकों के बीच नाराजगी देखने को मिली।

    घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कई प्रशंसकों ने इस हरकत को खतरनाक बताते हुए कहा कि इससे विरोधी खिलाड़ी को गंभीर चोट लग सकती थी। कुछ लोगों ने आशंका जताई कि यदि पैर गलत तरीके से लगता, तो खिलाड़ी के घुटने या टांग को बड़ा नुकसान पहुंच सकता था।

    प्रशंसकों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

    इस घटना को लेकर कई प्रशंसकों ने ग्रेगरी पर लंबे समय तक प्रतिबंध लगाने की मांग की। कुछ प्रतिक्रियाओं में कहा गया कि ऐसी हरकत करने वाले खिलाड़ी को दोबारा मैदान पर उतरने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। अन्य लोगों ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताते हुए नाराजगी जताई। प्रशंसकों की मांगों में आजीवन प्रतिबंध की बात भी शामिल रही।

    हालांकि, किसी खिलाड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला संबंधित खेल अधिकारियों और अनुशासनात्मक प्रक्रिया के तहत किया जाता है। उपलब्ध जानकारी में ग्रेगरी के खिलाफ आजीवन प्रतिबंध लगाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए प्रशंसकों की मांग को आधिकारिक निर्णय नहीं माना जा सकता।

    खेल भावना और अनुशासन पर फिर चर्चा

    रग्बी जैसे शारीरिक संपर्क वाले खेल में खिलाड़ियों के बीच गेंद हासिल करने के दौरान जोरदार टक्कर और संघर्ष देखने को मिलता है। इसके बावजूद मैदान पर खिलाड़ियों से नियमों का पालन करने और विरोधियों की सुरक्षा का ध्यान रखने की अपेक्षा की जाती है। कर्टिस ग्रेगरी की इस घटना ने खेल में अनुशासन और अनुचित शारीरिक व्यवहार को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

    फिलहाल इस मामले में सामने आई प्रमुख कार्रवाई रेड कार्ड के रूप में है। प्रशंसकों की ओर से अतिरिक्त सजा की मांग जरूर उठी है, लेकिन आगे किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई या प्रतिबंध के बारे में पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

  • इंस्टाग्राम पर दोस्ती फिर ब्लैकमेलिंग का आरोप: ग्वालियर में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में FIR दर्ज; आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

    इंस्टाग्राम पर दोस्ती फिर ब्लैकमेलिंग का आरोप: ग्वालियर में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में FIR दर्ज; आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस


    ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नीट की तैयारी कर रही 17 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि इंस्टाग्राम पर दोस्ती करने वाले युवक ने छात्रा को होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और इस दौरान उसके निजी वीडियो बना लिए। इसके बाद आरोपी वीडियो इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देकर छात्रा को डराता रहा और उसका शोषण करता रहा। मामला तब सामने आया जब आरोपी ने छात्रा के निजी वीडियो उसके रिश्तेदारों के इंस्टाग्राम अकाउंट पर भेज दिए। घटना के बाद से छात्रा मानसिक रूप से परेशान है और बदनामी के डर से उसने कोचिंग जाना भी बंद कर दिया है। पीड़िता की शिकायत पर गोला का मंदिर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

    इंस्टाग्राम पर हुई थी युवक से पहचान

    पुलिस के मुताबिक गोला का मंदिर थाना क्षेत्र में रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी 12वीं कक्षा की छात्रा है और नीट की परीक्षा की तैयारी कर रही है। छात्रा ने पुलिस को बताया कि करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से उसकी पहचान आरुष मिश्रा नाम के युवक से हुई थी। बातचीत बढ़ने के साथ दोनों के बीच दोस्ती हो गई। आरोप है कि 11 फरवरी 2026 को छात्रा रोज की तरह कोचिंग जाने के लिए घर से निकली थी। कॉलोनी के बाहर उसे आरुष मिला और घूमने के बहाने अपने साथ ग्वालियर किले ले गया। वहां से लौटने के दौरान छात्रा ने उसे कोचिंग छोड़ने के लिए कहा लेकिन आरोपी उसे टंकी तिराहे के पास स्थित दीप होटल ले गया।

    होटल में दुष्कर्म और वीडियो बनाने का आरोप

    शिकायत के अनुसार होटल में आरोपी ने छात्रा को जान से मारने की धमकी दी और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि इसी दौरान उसने छात्रा के निजी वीडियो भी बना लिए। घटना के बाद आरोपी ने वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर छात्रा पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। छात्रा को डराया गया कि यदि उसने किसी को घटना के बारे में बताया या आरोपी से मिलने से इनकार किया तो वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर दिए जाएंगे। इसी डर के चलते छात्रा ने काफी समय तक किसी को कुछ नहीं बताया। आरोप है कि आरोपी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसका लगातार शोषण करता रहा। शिकायत में यह भी बताया गया है कि एफआईआर दर्ज होने से करीब सात दिन पहले आरोपी ने छात्रा को दोबारा होटल बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

    रिश्तेदारों को वीडियो भेजने के बाद खुला मामला

    बताया गया है कि तीन से चार दिन पहले आरोपी ने छात्रा के मामा और चाचा के इंस्टाग्राम अकाउंट पर उसके निजी वीडियो भेज दिए। रिश्तेदारों ने इसकी जानकारी छात्रा के पिता को दी। इसके बाद परिजनों ने छात्रा से बात की तो उसने रोते हुए पूरी घटना बताई। परिवार को मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। घटना के बाद छात्रा काफी डरी हुई है और उसने कोचिंग जाना बंद कर दिया है। परिजन उसे संभालने और मानसिक रूप से सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं।

    POCSO और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज

    गोला का मंदिर थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव के अनुसार नाबालिग छात्रा की शिकायत पर आरोपी आरुष मिश्रा के खिलाफ दुष्कर्म पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में दबिश दे रही हैं और उसे जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में पुलिस की जांच जारी है।

  • एशियन पैरा गेम्स में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 114 पदक जीतकर तोड़ा अपना पुराना रिकॉर्ड, खाते में आए 30 गोल्ड

    एशियन पैरा गेम्स में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 114 पदक जीतकर तोड़ा अपना पुराना रिकॉर्ड, खाते में आए 30 गोल्ड


    नई दिल्ली ।
    एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया इतिहास रच दिया है। भारतीय दल ने प्रतियोगिता में कुल 114 पदक जीतकर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। इन पदकों में 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य शामिल हैं। इसके साथ ही भारत ने 2023 में हांगझोऊ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में जीते गए 108 पदकों के अपने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। प्रतियोगिता के अंतिम दिन शुक्रवार को भारतीय खिलाड़ियों ने नौ स्वर्ण पदक अपने नाम किए और देश के कुल पदकों की संख्या को नई ऊंचाई तक पहुंचा दिया।

    इस बार भारत ने 168 खिलाड़ियों का दल प्रतियोगिता में उतारा था, जो 2023 में भेजे गए दल के आकार का लगभग आधा था। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने पिछले प्रदर्शन से बेहतर परिणाम हासिल किए। प्रतियोगिता के दौरान एथलेटिक्स, बैडमिंटन, तीरंदाजी और निशानेबाजी में खिलाड़ियों ने पदक जीतकर भारत की स्थिति मजबूत की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर था। शनिवार को कुछ अन्य स्पर्धाओं के फाइनल होने थे, जिनमें भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी नहीं थी। ऐसे में अंतिम पदक तालिका में स्थान बदलने की संभावना बनी हुई थी।

    एथलेटिक्स में भारत को मिले सबसे ज्यादा पदक

    भारतीय दल की कुल पदक संख्या बढ़ाने में एथलेटिक्स की सबसे बड़ी भूमिका रही। इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 65 पदक जीते, जो 2023 के एशियन पैरा गेम्स की तुलना में 12 अधिक थे। एथलेटिक्स में मिले इन पदकों ने भारत के अभियान को मजबूती दी। इसके अलावा बैडमिंटन खिलाड़ियों और निशानेबाज मोना अग्रवाल ने भी अपने प्रदर्शन से पदक तालिका में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    बैडमिंटन में नितेश और नवीन ने जीते स्वर्ण
    बैडमिंटन में भारतीय खिलाड़ियों ने तीन स्वर्ण पदक हासिल किए। पेरिस पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार ने पुरुष एकल एसएल3 वर्ग के फाइनल में हमवतन प्रमोद भगत को हराकर स्वर्ण पदक जीता। नितेश ने यह मुकाबला 21-18, 21-16 से अपने नाम किया। प्रमोद भगत टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता हैं। नितेश ने मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 वर्ग में थुलासिमथी मुरुगेसन के साथ मिलकर रजत पदक भी जीता।

    पहली बार एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा ले रहे नवीन शिवकुमार ने पुरुष एकल एसएल4 वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। फाइनल में उन्होंने इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 21-9, 21-17 से हराया। नवीन का यह प्रदर्शन भारतीय बैडमिंटन दल के लिए एक बड़ी उपलब्धि रहा।

    थुलासिमथी मुरुगेसन ने जीते तीन पदक

    24 वर्षीय थुलासिमथी मुरुगेसन ने प्रतियोगिता में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण और दो रजत पदक हासिल किए। महिला युगल एसएल3-एसयू5 वर्ग में उन्होंने मानसी जोशी के साथ मिलकर स्वर्ण पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में चीन की यांग क्यूशिया और शियाओ जूजियान को 21-16, 21-13 से पराजित किया।

    थुलासिमथी ने महिला एकल एसयू5 वर्ग में रजत पदक भी जीता। फाइनल में उन्हें चीन की यांग क्यूशिया के खिलाफ 18-21, 11-21 से हार का सामना करना पड़ा। मिश्रित युगल में नितेश कुमार के साथ जीते रजत पदक के साथ उनका अभियान तीन पदकों पर समाप्त हुआ।

    भारतीय खिलाड़ियों के इस सामूहिक प्रदर्शन ने एशियन पैरा गेम्स में देश के लिए नया मानक स्थापित किया। 114 पदकों की उपलब्धि ने 2023 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए भारत के पैरा खेलों में बढ़ते प्रदर्शन को रेखांकित किया।

  • इंदौर में गर्मी से पहले जलसंकट से निपटने का मेगा प्लान, 6000 ट्यूबवेल सुधारेगा निगम; 100 नए टैंकर खरीदने की तैयारी

    इंदौर में गर्मी से पहले जलसंकट से निपटने का मेगा प्लान, 6000 ट्यूबवेल सुधारेगा निगम; 100 नए टैंकर खरीदने की तैयारी


    इंदौर । इंदौर में इस साल कम बारिश के कारण आगामी गर्मी में जलसंकट की आशंका बढ़ गई है। अप्रैल मई और जून के दौरान पानी की मांग में होने वाली बढ़ोतरी को देखते हुए नगर निगम ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर में जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए करीब 6000 बोरिंग की सर्विसिंग कराई जाएगी और खराब मोटरों को बदला जाएगा। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने के लिए 100 नए टैंकर खरीदने की तैयारी है। निगम की योजना मालवा गंभीर और नर्मदा की लाइन से पानी लाकर नवंबर और दिसंबर में यशवंत सागर को भरने की भी है। इसके अलावा चार नई पानी की टंकियां चालू करने और जिन बस्तियों तक टैंकर नहीं पहुंच पाते वहां बोरिंग से जोड़कर नई वितरण लाइनें बिछाने की योजना बनाई गई है।

    नगर निगम का मानना है कि गर्मी शुरू होने से पहले मौजूदा जल स्रोतों को दुरुस्त करना जरूरी है ताकि नर्मदा जलप्रदाय पर दबाव बढ़ने की स्थिति में भी लोगों को स्थानीय स्तर पर पानी उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए शहर में संचालित करीब 6000 बोरिंग की जांच और सर्विसिंग कराई जाएगी। जिन बोरिंग में मोटरें पुरानी हो चुकी हैं या खराब हैं उन्हें बदलने की योजना है। इससे मौजूदा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा और उन इलाकों में वैकल्पिक जलापूर्ति का सहारा मिलेगा जहां गर्मियों में पानी की मांग ज्यादा रहती है।

    जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू के मुताबिक निगम का ध्यान केवल पानी की उपलब्धता बढ़ाने पर ही नहीं बल्कि वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी है। गर्मी के दौरान जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या अधिक होती है वहां वैकल्पिक इंतजाम तैयार किए जाएंगे। इसके लिए बोरिंग की मरम्मत के साथ टैंकरों और नई वितरण लाइनों की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित बस्तियों तक पानी पहुंचाया जा सके।

    कम बारिश का असर यशवंत सागर में जमा पानी पर भी पड़ा है। इस बार जलाशय में उसकी क्षमता के मुकाबले कम पानी जमा होने से एरोड्रम रोड और आसपास के क्षेत्रों में गर्मियों के दौरान जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसे देखते हुए नगर निगम नवंबर और दिसंबर में मालवा गंभीर तथा नर्मदा की लाइन के जरिए पानी लाकर यशवंत सागर को भरने का प्रयास करेगा। इसका उद्देश्य मई और जून में पानी की मांग बढ़ने से पहले जलाशय में पर्याप्त पानी उपलब्ध रखने की तैयारी करना है।

    पानी की आपूर्ति के लिए निगम करीब 100 नए टैंकर खरीदने की योजना पर भी काम कर रहा है। गर्मी में जिन क्षेत्रों में नियमित जलप्रदाय प्रभावित होगा वहां जरूरत के अनुसार टैंकरों से पानी पहुंचाया जा सकेगा। वहीं ऐसी बस्तियां जहां संकरी गलियों या अन्य कारणों से टैंकर नहीं पहुंच पाते वहां बोरिंग को जोड़कर नई वितरण लाइनें बिछाने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर पानी पहुंचाने के विकल्प बढ़ेंगे और लोगों की परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।

    जल वितरण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए गोंदवले धाम आजाद नगर नवलखा और यूनिवर्सिटी कैंपस की चार नई पानी की टंकियों को चालू करने की भी तैयारी है। इनके शुरू होने से संबंधित क्षेत्रों में जल वितरण व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इसके अलावा फलबाग में 30 एमएलडी क्षमता का सम्पवेल बनाया जा रहा है जिसे जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तैयार होने से बीआरटीएस कॉरिडोर से गुजरने वाली 1700 एमएम की मुख्य लाइन और महिला पॉलिटेक्निक क्षेत्र के जल वितरण नेटवर्क को लाभ मिलने की उम्मीद है।

    नगर निगम की इन तैयारियों का मुख्य उद्देश्य गर्मी शुरू होने से पहले जलप्रदाय से जुड़े संसाधनों को दुरुस्त करना और पानी की बढ़ती मांग के अनुरूप व्यवस्था तैयार करना है। हालांकि योजनाओं का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि मरम्मत टंकियों का संचालन और अन्य कार्य समय पर पूरे हो पाते हैं या नहीं। ऐसे में आने वाले महीनों में इन तैयारियों की प्रगति इंदौर की जलापूर्ति व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।

  • मुंबई की मेयर को धमकी भरा ईमेल, दिलजीत दोसांझ के 27 नवंबर के कॉन्सर्ट और अमिताभ बच्चन का भी जिक्र

    मुंबई की मेयर को धमकी भरा ईमेल, दिलजीत दोसांझ के 27 नवंबर के कॉन्सर्ट और अमिताभ बच्चन का भी जिक्र

    नई दिल्ली । मुंबई की मेयर को शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को एक धमकी भरा ईमेल मिला। इस ईमेल में मेयर के कार्यालय को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के मुंबई में होने वाले संगीत कार्यक्रम और बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन का भी उल्लेख किया गया है। ईमेल में इन तीनों को निशाना बनाने की बात सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। फिलहाल धमकी भेजने वाले की पहचान और ईमेल की विश्वसनीयता के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    ईमेल में दिलजीत दोसांझ के इंडिया टूर के तहत मुंबई में आयोजित होने वाले कार्यक्रम का विशेष रूप से जिक्र किया गया है। यह कॉन्सर्ट 27 नवंबर 2026 को महालक्ष्मी रेसकोर्स में प्रस्तावित है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रशंसकों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए धमकी का मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि धमकी के बाद आयोजकों या संबंधित अधिकारियों की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं।

    ईमेल में अमिताभ बच्चन को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इस तरह एक ही संदेश में मेयर के कार्यालय, संगीत कार्यक्रम और फिल्म अभिनेता का नाम आने से मामले की गंभीरता बढ़ गई है। लेकिन धमकी देने वाले व्यक्ति या समूह के बारे में कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसी तरह यह भी स्पष्ट नहीं है कि ईमेल में किए गए दावों की जांच में अब तक क्या निष्कर्ष सामने आए हैं।

    दिल्ली में दिलजीत के कार्यक्रम को नहीं मिली अनुमति

    मुंबई में धमकी भरे ईमेल का मामला ऐसे समय सामने आया है, जब इससे एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने दिलजीत दोसांझ के प्रस्तावित संगीत कार्यक्रम को अनुमति देने से इनकार कर दिया था। यह कार्यक्रम 30 अक्टूबर को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित होना था। पुलिस ने विशेष खतरे से जुड़ी जानकारी, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी।

    दिल्ली पुलिस के दक्षिणी जिले के उपायुक्त अनंत मित्तल ने 21 अक्टूबर को कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध करने वाली कंपनी के निदेशक अनिल मखीजा को पत्र लिखकर निर्णय की जानकारी दी थी। पत्र में कहा गया कि सुरक्षा से जुड़ी विशेष सूचनाओं, त्योहारों के दौरान पुलिस की अन्य जिम्मेदारियों और कानून-व्यवस्था संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए कार्यक्रम की मंजूरी देना संभव नहीं है। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना भी सुरक्षा प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण थी।

    भारत दौरे में सात शहरों का कार्यक्रम था प्रस्तावित

    दिल्ली में होने वाला संगीत कार्यक्रम दिलजीत दोसांझ के ‘ऑरा वर्ल्ड टूर’ के भारत चरण की शुरुआत करने वाला था। इसके बाद गायक के इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु, लखनऊ और चंडीगढ़ में कार्यक्रम प्रस्तावित थे। इस तरह भारत दौरे में दिल्ली के बाद छह अन्य शहर शामिल थे।

    दिलजीत दोसांझ इससे पहले अपने विश्व दौरे के तहत उत्तर अमेरिका, यूरोप के कई देशों और ऑस्ट्रेलिया में प्रस्तुतियां दे चुके हैं। मुंबई में 27 नवंबर को होने वाले कॉन्सर्ट को लेकर धमकी भरा ईमेल सामने आने से अब कार्यक्रम की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित हो गया है। हालांकि, ईमेल और कार्यक्रम के बीच सुरक्षा संबंधी कार्रवाई की स्थिति को लेकर अभी अतिरिक्त पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    फिलहाल इस मामले में धमकी की विश्वसनीयता, भेजने वाले की पहचान और संभावित सुरक्षा कदमों से जुड़े विवरण सामने आने बाकी हैं। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।

  • पीथमपुर में नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप, पुलिस ने तलाश कर परिवार को सौंपा; पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज

    पीथमपुर में नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप, पुलिस ने तलाश कर परिवार को सौंपा; पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज


    इंदौर । धार जिले के पीथमपुर में लापता हुई 16 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने तलाश कर उसके परिवार के पास पहुंचा दिया है। मामले में एक अन्य नाबालिग पर किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने किशोरी के बयान के आधार पर पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को पकड़ लिया है। इसके बाद उसे झाबुआ स्थित बाल संप्रेषण गृह भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    पुलिस के मुताबिक किशोरी 12 अक्टूबर 2026 को लापता हुई थी। इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद पीथमपुर के सेक्टर-1 थाना पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीम गठित की गई। टीम ने किशोरी का पता लगाने के लिए प्रयास किए और आखिरकार उसे खोज लिया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करते हुए किशोरी को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया।

    सेक्टर-1 थाने के उपनिरीक्षक सुशील यदुवंशी ने बताया कि आरोपी नाबालिग पर 12 अक्टूबर को किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का आरोप है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तलाश अभियान चलाया। किशोरी के मिलने पर उसके बयान दर्ज किए गए। इन्हीं बयानों के आधार पर दुष्कर्म के आरोप और पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

    पुलिस ने मामले में आरोपित नाबालिग को भी पकड़ लिया है। चूंकि आरोपी नाबालिग है इसलिए उसे झाबुआ के बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    इस मामले में किशोरी की सुरक्षित बरामदगी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि घटना से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगी। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। नाबालिग से जुड़े मामले में पीड़िता की पहचान और उसकी निजता सुरक्षित रखना भी आवश्यक है।

  • बिग बॉस 20 में स्काउट और लव गिल पर भड़के रोहित शेट्टी, कंबल और पैर दबाने की हरकत पर उठाए सवाल

    बिग बॉस 20 में स्काउट और लव गिल पर भड़के रोहित शेट्टी, कंबल और पैर दबाने की हरकत पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली । रियलिटी शो बिग बॉस 20 के आगामी वीकेंड का वार में इस बार रोहित शेट्टी घरवालों से सवाल-जवाब करते नजर आएंगे। सामने आए प्रोमो में वह सलमान खान की जगह शो की कमान संभालते दिखाई दे रहे हैं। प्रोमो के मुताबिक, रोहित पूरे सप्ताह घर में हुई घटनाओं पर अपनी बात रखेंगे। इस दौरान उनका गुस्सा आसिफ खान के साथ-साथ तन्मय सिंह उर्फ स्काउट और लव गिल के व्यवहार पर भी नजर आएगा। घर में कैप्टेंसी बदलने के बाद अब प्रतियोगियों के आपसी रिश्ते और उनके व्यवहार चर्चा में हैं। स्काउट की कप्तानी खत्म हो चुकी है और माही विज नई कप्तान बनी हैं।

    प्रोमो में रोहित शेट्टी शुरुआत में ही स्पष्ट करते हैं कि इस बार वीकेंड का वार पहले से लिखी गई पटकथा के आधार पर नहीं होगा। उनका कहना है कि पूरे सप्ताह घर में जो कुछ हुआ है, उसी पर वह बात करेंगे। इसके बाद वह आसिफ खान से काजी तौकीर के साथ हुए विवाद को लेकर सवाल करते हैं।

    आसिफ खान के व्यवहार पर उठाए सवाल
    रोहित शेट्टी आसिफ से कहते हैं कि काजी के साथ बातचीत के दौरान उनका तरीका और नजदीक जाकर आंखें दिखाना उचित नहीं लग रहा था। प्रोमो में रोहित इस बात पर आपत्ति जताते हैं कि आसिफ जिस तरह आक्रामक अंदाज में काजी के सामने पहुंचे, उससे ऐसा लग रहा था मानो वह उन पर हमला करने के लिए तैयार हों। वह यह भी कहते हैं कि काजी के पास पहले कई लोग एक समूह की तरह पहुंचे, जबकि बाद में कुछ अन्य सदस्य उन्हें बचाने के लिए आगे आए।

    रोहित की इन टिप्पणियों से साफ है कि वह घर के भीतर हुए विवाद और प्रतियोगियों के एक-दूसरे के साथ व्यवहार को लेकर सीधे सवाल उठाने वाले हैं। हालांकि, पूरे घटनाक्रम और बातचीत का विस्तृत संदर्भ प्रोमो से स्पष्ट नहीं होता।

    स्काउट और लव गिल के रिश्ते पर टिप्पणी

    प्रोमो का एक अन्य प्रमुख हिस्सा स्काउट और लव गिल के बीच की नजदीकी से जुड़ा है। रोहित शेट्टी दोनों से कहते हैं कि उनके व्यवहार का एक पहलू उन्हें ठीक नहीं लग रहा है। वह बताते हैं कि जब दोनों एक-दूसरे के करीब लेटते हैं और पैर दबाने की स्थिति बनती है, तो इसके बाद कंबल आ जाने तथा उसके भीतर हाथों की गतिविधि दिखने से दृश्य असहज लगता है।

    रोहित यह भी कहते हैं कि लव गिल स्काउट से पीठ दबाने के लिए कहते हैं और ऐसा करते समय उनकी प्रतिक्रिया भी उन्हें उचित नहीं लगती। वह इशारों में दोनों को समझाते हैं कि दर्शकों के सामने इस तरह की हरकतें अच्छी छवि पेश नहीं करतीं। रोहित की टिप्पणी से संकेत मिलता है कि वह घर के भीतर दोनों के व्यवहार को लेकर स्पष्टता चाहते हैं। हालांकि, इस बातचीत पर स्काउट और लव की पूरी प्रतिक्रिया सामने आए प्रोमो में स्पष्ट नहीं है।

    मैरी कॉम के एविक्शन की चर्चा
    इस बीच शो से बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम के बाहर होने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, उनके निष्कासन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में फिलहाल इसे संभावित एविक्शन की खबर के तौर पर ही देखा जा रहा है।

    शो में पहले रोहेद खान, ईशा रिखी, रीति तिवारी, अमन गांधी और वाइल्ड कार्ड प्रतियोगी नकुल धुल उर्फ मिट्ठू डॉन बाहर हो चुके हैं। घर में माही विज, कनिका मान, आम्रपाली दुबे, खुशी दुबे, अरिश्फा खान, कुशल तंवर उर्फ गुल्लू, स्काउट, यंग डीएसए, आसिफ खान, काजी तौकीर, उदिति सिंह और मनीष गोयल सहित अन्य प्रतियोगी मौजूद हैं। आगामी वीकेंड का वार में रोहित शेट्टी की टिप्पणियों और घरवालों की प्रतिक्रियाओं पर दर्शकों की नजर रहेगी।