Author: bharati

  • रक्षाबंधन विज्ञापन में कृति सेनन के लुक पर यूजर्स ने उठाए सवाल, कुछ प्रशंसकों ने ट्रोलिंग को बताया अनावश्यक विवाद

    रक्षाबंधन विज्ञापन में कृति सेनन के लुक पर यूजर्स ने उठाए सवाल, कुछ प्रशंसकों ने ट्रोलिंग को बताया अनावश्यक विवाद


    नई दिल्ली । 
    बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन इन दिनों अपने एक नए रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। एक ज्वेलरी ब्रांड के लिए बनाए गए इस विज्ञापन में कृति को रक्षाबंधन के मौके पर अपने छोटे भाई और पालतू डॉग के साथ नजर आते दिखाया गया है। विज्ञापन सामने आने के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने अभिनेत्री के पहनावे और विज्ञापन की प्रस्तुति पर सवाल उठाए हैं।

    विज्ञापन में कृति सेनन सफेद रंग के लहंगा-चोली में दिखाई देती हैं। उन्होंने अपने लुक को हल्के मेकअप और सीमित ज्वेलरी के साथ पूरा किया है। विज्ञापन की कहानी में वह सबसे पहले अपने पालतू डॉग को राखी बांधती नजर आती हैं और इसके बाद भाई के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाती दिखाई देती हैं।

    सोशल मीडिया पर विज्ञापन के सामने आने के बाद कुछ यूजर्स ने कृति के आउटफिट को लेकर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक और पारंपरिक त्योहार के विज्ञापन में अभिनेत्री का पहनावा अधिक पारंपरिक होना चाहिए था। कुछ टिप्पणियों में उनके कपड़ों को जरूरत से ज्यादा रिवीलिंग बताया गया और इसी आधार पर विज्ञापन की आलोचना की गई।

    कुछ यूजर्स ने कृति के लुक की तुलना ब्रा से करते हुए भी टिप्पणी की। एक वर्ग ने सवाल उठाया कि परिवार के साथ रक्षाबंधन मनाने के दृश्य में इस तरह का पहनावा क्यों चुना गया। वहीं कुछ लोगों ने विज्ञापन में भाई को राखी बांधने से पहले पालतू डॉग को राखी बांधने के दृश्य पर भी प्रतिक्रिया दी।

    हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आई प्रतिक्रियाएं एकतरफा नहीं रहीं। कृति सेनन के कुछ प्रशंसकों ने अभिनेत्री का बचाव किया और कपड़ों को लेकर की जा रही टिप्पणियों को अनावश्यक ट्रोलिंग बताया। समर्थकों का कहना है कि विज्ञापन में अभिनेत्री का पहनावा व्यक्तिगत शैली और ब्रांड की रचनात्मक प्रस्तुति का हिस्सा है तथा इसे लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करना उचित नहीं है।

    एक यूजर ने कृति का बचाव करते हुए कहा कि विज्ञापन में दिखाए गए परिधान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। वहीं कुछ अन्य प्रतिक्रियाओं में भी लोगों ने कहा कि त्योहार की भावना को केवल पहनावे के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए। इस तरह विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग विचार सामने आए हैं।

    रक्षाबंधन भारत में भाई-बहन के रिश्ते और आपसी स्नेह से जुड़ा प्रमुख त्योहार है। इसी वजह से त्योहार आधारित विज्ञापनों में पारंपरिक प्रतीकों और पारिवारिक भावनाओं को विशेष महत्व दिया जाता है। कृति के विज्ञापन को लेकर हुई बहस भी इसी सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भ से जुड़ती दिखाई दे रही है।

    काम की बात करें तो कृति सेनन हाल में शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना के साथ फिल्म कॉकटेल 2 में नजर आई थीं। फिल्म में उनकी भूमिका और अभिनय को दर्शकों से प्रतिक्रिया मिली। अब प्रशंसकों की नजर उनके आगामी प्रोजेक्ट्स पर है। फिलहाल रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा ने अभिनेत्री को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

  • जापान की पहली पसंद भारत…. लेकिन कारखाने थाईलैंड में ज्यादा

    जापान की पहली पसंद भारत…. लेकिन कारखाने थाईलैंड में ज्यादा


    टोक्यो।
    जापान (Japan) के लिए भारत (India) कागज पर पहली पसंद है, कारखाने के लिए थाईलैंड (Thailand)। जापानी कंपनियों (Japanese Companies) की पसंद में भारत भले 61.8% वोट के साथ पसंदीदा ठिकानों की सूची में लगातार चौथे साल शीर्ष पर है, पर जापानी कंपनियां (Japanese Companies) भारत में 1400 हैं जबकि थाईलैंड में छह हजार।

    11 साल में निवेश का लक्ष्य 3.5 लाख करोड़ येन (2.10 लाख करोड़ रुपये) से बढ़कर 10 लाख करोड़ येन (6 लाख करोड़ रुपये) हो गया, कंपनियों की गिनती नहीं बढ़ी। रकम के वादे काम नहीं आए, इसलिए इस बार सरकार 220 भारतीय उद्योगपतियों को सीधे जापानी कारखानों के दरवाजे पर ले जा रही है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal Japan visit) के नेतृत्व वाला यह दल सोमवार से 27 अगस्त तक जापान में रहेगा। रणनीति दौरे के नक्शे से समझ आती है। पैसा टोक्यो में है, पर कारखाना लगाने वाली कंपनियां वहां नहीं हैं।

    जापान की असली विनिर्माण ताकत आइची और कंसाई की उन हजारों मझोली कंपनियों में है, जो बड़ी कंपनियों को कलपुर्जे देती हैं। कोई जापानी कंपनी जब कहीं जाती है, तो आपूर्तिकर्ताओं का पूरा झुंड साथ ले जाती है। इसीलिए भारत पहली बार इंतजार के बजाय खुद उनके पास गया है। भारतीय दल नागोया में चुकेइरेन व नागोया चैंबर के साथ रोड शो करेगा, ओसाका व क्योटो में क्षेत्रीय उद्योग से जुड़ेगा।

    सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स व एआई पर गोलमेज बैठक
    इस कार्यक्रम में मशीन को समझने या जानने पर जोर है। सेमीकंडक्टर, एआई और इलेक्ट्रॉनिक्स पर एक गोलमेज बैठक है, पूंजीगत वस्तुओं, मशीनरी और वाहन उद्योग पर दूसरी। दौरे का मकसद दोतरफा निवेश बढ़ाना है। इसी क्रम में भारतीय कंपनियों का जापान जाना भी अहम है, जहां अभी सिर्फ 100 भारतीय कंपनियां हैं।


    भारत सिर्फ खरीदार नहीं…

    दल में रिलायंस के औद्योगिक नगर मेट सिटी के प्रमुख हैं, जो जापानी कंपनियों को जमीन बेचते हैं। मारुति सुजुकी है, गुजरात राज्य उर्वरक एवं रसायन है, बीमा व संपत्ति प्रबंधन कंपनियां हैं, जो जापान की सस्ती पेंशन पूंजी की तलाश में हैं, और स्टार्टअप का पूरा जत्था है, जिसके लिए टोक्यो में अलग बैठक होगी।

    दल में कौन-कौन?
    आरपीजी समूह के उपाध्यक्ष अनंत गोयनका, एसोचैम से निर्मल कुमार मिंडा, टीसीआई के विनीत अग्रवाल, रिन्यू पावर के सुमंत सिन्हा, किर्लोस्कर सिस्टम्स की गीतांजलि विक्रम किर्लोस्कर, एडवर्ब टेक के जलज दानी, कार्स24 के विक्रम चोपड़ा, गुजरात राज्य उर्वरक एवं रसायन के राजेंद्र कुमार, मारुति सुजुकी के राहुल भारती, मोबिक्विक की उपासना टाकू, न्यूस्पेस रिसर्च के जूलियस अमृत, निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट के संदीप सिक्का, रिलायंस मेट सिटी के श्रीवल्लभ गोयल, स्नैबिट के आयुष अग्रवाल, स्टार यूनियन दाई-इची लाइफ के अभय तिवारी और एसपीएफ की श्वेता राजपाल कोहली। वाहन, वाहन कलपुर्जे, अभियांत्रिकी, रसायन, पेट्रो रसायन, तकनीक और स्टार्टअप, यानी हर क्षेत्र से नाम हैं।

  • सभी को कराना PNG कनेक्शन …. मीडिल ईस्ट संकट के बीच केन्द्र ने राज्यों को दिए आदेश

    सभी को कराना PNG कनेक्शन …. मीडिल ईस्ट संकट के बीच केन्द्र ने राज्यों को दिए आदेश


    नई दिल्‍ली।
    भारत सरकार (Indian Government) ने देश में रसोई गैस (LPG – Liquefied Petroleum Gas) यानी LPG सिलेंडर को लेकर एक बड़ा निर्देश जारी किया है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया है कि LPG सिलेंडर की जगह पाइपलाइन वाली नेचुरल गैस (Piped Natural Gas- PNG) के इस्‍तेमाल को तेजी से बढ़ाव दें, ताकि एलपीजी की सप्‍लाई को कम किया जा सके।

    साथ में यह भी कहा गया है कि जिन इलाकों में पीएनजी कनेक्‍शन पहुंचा है और लोग फिर भी एलपीजी गैस का यूज कर रहे हैं तो उनका कनेक्‍शन अपने आप ही कैंसिल हो जाएगा, जिसका मतलब है कि उन्‍हें रसोई गैस की समस्‍या का सामना करना पड़ सकता है।

    इसका मकसद गैस आपूर्ति व्यवस्था को डिजिटल और सुरक्षित बनाना है. नए ‘एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर 2026’ और ‘नैचुरल गैस डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ के तहत नए निर्देश जारी किया गया है. इस निर्देश के तहत PNG और LPG दोनों तरह के कनेक्‍शन रखना प्रतिबंधित है. इसका मतलब है कि ऐसे लोगों को अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा।


    कराना ही होगा पीएनजी कनेक्‍शन?

    पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने राज्‍यों के भेजे लेटर में कहा कि सरकार ने एलपीजी से पीएनजी शिफ्ट होने के नियमों को सख्‍त कर दिया है. उन्‍होंने कहा‍ कि जिन सोसायटीज या इलाकों में पीएनजी नेटवर्क आ चुका है, वहां के यूजर्स को नोटिस दिया जाएगा. अगर नोटिस मिलने के बाद भी समय से कोई ग्राहक पीएनजी कनेक्‍शन नहीं लेता है, तो उसका एलपीजी सिलेंडर कनेक्‍शन अपने आप ही कैंसिल कर दिया जाएगा।


    मिडिल ईस्‍ट में संकट जारी

    अमेरिका-ईरान के बीच जंग को लेकर अनिश्‍चतता बनी हुई है. दोनों देश होर्मुज पर अपना-अपना दावा कर रहे है, जिस कारण मिडिल ईस्‍ट से एशिया क्षेत्र की ओर, होर्मुज से होकर आने वाली तेल-गैस से भरी जहाजें प्रभावित हो रही हैं. इसी कारण, गैस की सप्‍लाई को लेकर समस्‍या आ रही है. हालांकि, भारत कई देशों के साथ तेल-गैस की सप्‍लाई कर रहा है, लेकिन लागत में बढ़ोतरी हुई है. ऐसे में भारत अब LPG से निर्भरता को कम करने के लिए PNG की ओर शिफ्ट कर रहा है. इस कारण पाइपलाइन गैस लगाने को प्रमुखता दे रहा है।


    हर जिले में PNG कोऑर्डिनेशन कमेटी

    PNG कनेक्‍शन प्रॉसेस को तेजी से लागू करने के लिए सरकार ने खास इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर तैयार किया है. तेल डिस्‍ट्रीब्‍यूशन कंपन‍ियों और सिटी गैस डिस्‍ट्रीब्‍यूशन संस्‍थाओं को हर क्षेत्र में पीएनजी कोऑर्डिनेशन कमेटी में बनाने का निर्देश दिया गया है. राज्‍यो से कहा गया है कि वे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) स्तर के अधिकारी को जिले का नोडल ऑफिसर बनाएं।

  • ईरान का बड़ा फैसला, बोला- Hormuz से गुजरने वाले अधिकृत देशों के जहाजों से देना पड़ेगा सेवा शुल्क

    ईरान का बड़ा फैसला, बोला- Hormuz से गुजरने वाले अधिकृत देशों के जहाजों से देना पड़ेगा सेवा शुल्क


    तेहरान।
    ईरान (Iran) ने रविवार को कहा कि अधिकृत देशों के जो जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरेंगे, उन्हें अब तेहरान को सेवा शुल्क (Service Fees ) देना होगा। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह शुल्क समुद्री, पर्यावरण और लॉजिस्टिक से जुड़ी कई तरह की सेवाओं के लिए लिया जाएगा।

    सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के मुताबिक, यह फैसला ‘होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और प्रगति सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक कार्रवाई’ योजना के अनुच्छेद 3 को मंजूरी मिलने के बाद लिया गया है।

    रेजाई ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग ने इस योजना के अनुच्छेद 3 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति पाने वाले देशों के जहाजों को ईरान की ओर से दी जाने वाली सेवाओं का भुगतान करना होगा।


    जहाजों से किस वजहों से शुल्क लिया जाएगा?

    उन्होंने कहा कि इन सेवाओं में जहाजों की आवाजाही के लिए मदद, पर्यावरण से जुड़ी सेवाएं, कुछ परिस्थितियों में ईंधन, बीमा, सुरक्षा और दूसरी सेवाएं शामिल हैं। प्रवक्ता ने बताया कि भुगतान के लिए लचीली वित्तीय व्यवस्था तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि शुल्क ईरानी रियाल या इस्लामी गणराज्य ईरान की ओर से पसंद की जाने वाली किसी दूसरी मुद्रा में लिया जा सकता है।


    होर्मुज जलडमरूमध्य अब भी बंद है: रेजाई

    इससे पहले शनिवार को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है। उन्होंने कहा था कि जब तक अमेरिका अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं करता और अपना रवैया नहीं बदलता, तब तक यह जलमार्ग दोबारा नहीं खोला जाएगा।

    आईआरआईबी को दिए इंटरव्यू में रेजाई ने कहा कि अमेरिकी दावों के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है और अमेरिका का रवैया ठीक होने तक यह नहीं खुलेगा। उन्होंने कहा कि इस बार अमेरिका को पहले अपनी जिम्मेदारियां पूरी करनी होंगी।

    रेजाई ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका सैन्य विकल्पों से निराश हो चुका है और अब आर्थिक नाकाबंदी के जरिये ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भरोसा दिलाया है कि आर्थिक नाकाबंदी ईरान को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर देगी।

    दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने फिर होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका के नियंत्रण का दावा किया है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर साझा की। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को ‘न्यू यूएस टेरिटरी’ यानी ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’ बताया गया है। ट्रंप ने इससे पहले 18 अगस्त को एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में उन्होंने यही तस्वीर साझा की थी।

  • Madhya Pradesh Weather: 27 अगस्त तक बारिश का दौर, डिंडौरी-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट; विदिशा से रीवा तक बारिश बनी मुसीबत

    Madhya Pradesh Weather: 27 अगस्त तक बारिश का दौर, डिंडौरी-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट; विदिशा से रीवा तक बारिश बनी मुसीबत


    भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मानसून ट्रफ चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव क्षेत्र से बने मजबूत मौसम सिस्टम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। अगले 24 घंटे में खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने डिंडौरी और बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए 4 से 8 इंच तक बारिश की आशंका जताई है। इसके अलावा विदिशा सागर रायसेन नर्मदापुरम बैतूल छिंदवाड़ा पांढुर्णा नरसिंहपुर दमोह सिवनी जबलपुर मंडला कटनी उमरिया शहडोल अनूपपुर रीवा मऊगंज सीधी और छतरपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    राजधानी भोपाल में रविवार रात तेज बारिश हुई। वहीं विदिशा जिले के लटेरी में करीब एक घंटे हुई मूसलाधार बारिश के बाद मुख्य बाजार में पानी भर गया। सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अशोकनगर में बारिश ने एक परिवार पर दुखों का पहाड़ गिरा दिया। ईसागढ़ के नरसूखेड़ी गांव के पास पुलिया पार करते समय करीब 30 वर्षीय अजय मराठा बाइक समेत तेज बहाव में बह गया। काफी तलाश के बाद सोमवार सुबह उसका शव झाड़ियों में फंसा मिला।

    सीधी में भी बारिश के दौरान हादसा सामने आया जहां प्रसिद्ध बढ़ौरा शिव मंदिर के पास एक महिला की पुल से गिरने के बाद मौत हो गई। दूसरी ओर रीवा के जवा जनपद की रौली गांव में बाढ़ ने अंतिम यात्रा का रास्ता भी रोक दिया। संजय गांधी अस्पताल रीवा में मोतीलाल तिवारी के निधन के बाद जब उनका शव गांव ले जाया जा रहा था तो रास्ते में तेज बहाव के कारण आगे जाना मुश्किल हो गया। ग्रामीणों ने दो ड्रमों को आपस में बांधकर उनके ऊपर शव रखा और बाढ़ के पानी को पार कराया। इसके बाद शव गांव पहुंचाया गया और अंतिम संस्कार किया गया।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में 27 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी हिस्से के साथ अब पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कई जगह तेज बारिश होने की संभावना है। भोपाल सीहोर राजगढ़ इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच आगर मालवा मंदसौर शाजापुर देवास रतलाम हरदा ग्वालियर गुना शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर सतना सिंगरौली मैहर पन्ना टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    मौसम विभाग के मुताबिक जून में बारिश की कमी के बाद जुलाई में स्थिति कुछ सुधरी थी लेकिन मानसून के दो बार ब्रेक लेने से बारिश का आंकड़ा फिर पीछे चला गया। अब अगस्त के आखिरी सप्ताह में सक्रिय हुए मजबूत सिस्टम ने प्रदेश के कई हिस्सों में राहत दी है। हालांकि लगातार भारी बारिश के कारण नदी नालों के उफान पर आने और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और तेज बहाव वाले रास्तों व पुलियाओं को पार करने से बचने की सलाह दी गई है। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का असर देखने को मिलेगा।
  • भूपेंद्र पटेल ने न्यू जर्सी अक्षरधाम को भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और सेवा का वैश्विक प्रकाशस्तंभ बताया, स्वयंसेवकों की सराहना की

    भूपेंद्र पटेल ने न्यू जर्सी अक्षरधाम को भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और सेवा का वैश्विक प्रकाशस्तंभ बताया, स्वयंसेवकों की सराहना की

    नई दिल्ली । गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान न्यू जर्सी के रॉबिन्सविल स्थित बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम का दौरा किया। उन्होंने अक्षरधाम को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत, सामुदायिक सेवा तथा स्वयंसेवकों के समर्पण का प्रभावशाली वैश्विक प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री के साथ गुजरात सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा।

    अक्षरधाम पहुंचने पर बीएपीएस के संतों ने भूपेंद्र पटेल का स्वागत किया। इस दौरान वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. संजीव कुमार और मुख्यमंत्री के सचिव विक्रांत पांडे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने परिसर की वास्तुकला और वहां संचालित गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।

    भूपेंद्र पटेल ने निर्माणाधीन अक्षरधाम संग्रहालय का विशेष भ्रमण भी किया। उन्हें बताया गया कि भारतीय विरासत को समर्पित यह संग्रहालय अमेरिका में अपनी तरह के शुरुआती हिंदू सांस्कृतिक संग्रहालयों में शामिल होगा। संग्रहालय में भारत की गौरवशाली विरासत को आधुनिक और दृश्य माध्यमों के जरिए प्रस्तुत करने की योजना है।

    संग्रहालय में 12 वास्तुशिल्प प्रतिकृतियां, 40 मल्टीमीडिया प्रस्तुतियां, 85 डायोरामा और 200 सजीव प्रतिमाओं के माध्यम से भारतीय इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी प्रस्तुति विभिन्न आयु और पृष्ठभूमि के लोगों को भारतीय मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

    उन्होंने आस्था, सद्भाव, करुणा, पारिवारिक मूल्यों और निःस्वार्थ सेवा जैसे विषयों को सार्वभौमिक महत्व वाला बताया। अक्षरधाम मंदिर की सूक्ष्म नक्काशी, विशाल स्वरूप और शांत वातावरण से भी मुख्यमंत्री प्रभावित हुए। संग्रहालय के भ्रमण के दौरान उन्होंने कहा कि यहां भारत की प्राचीन संस्कृति को प्रभावशाली तरीके से पुनर्जीवित किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने अक्षरधाम में सेवा कर रहे स्वयंसेवकों से भी मुलाकात की। उन्होंने स्वयंसेवकों के अनुशासन, विनम्रता, आतिथ्य और सेवा भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि अक्षरधाम के निर्माण में योगदान देने वाले बीएपीएस स्वयंसेवकों की मेहनत और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा दे सकता है।

    भूपेंद्र पटेल ने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से से यहां आने वाला व्यक्ति शांति का अनुभव कर सकता है। उनके अनुसार अक्षरधाम केवल एक धार्मिक परिसर नहीं, बल्कि भारतीय कला, संस्कृति, अध्यात्म और मानवीय मूल्यों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने वाला महत्वपूर्ण केंद्र है।

    मुख्यमंत्री की अमेरिका यात्रा वाइब्रेंट गुजरात पहल से जुड़ी गतिविधियों का हिस्सा है। करीब तीन दशकों में गुजरात के किसी मुख्यमंत्री की यह पहली अमेरिका यात्रा बताई गई है। अक्षरधाम के अनुभव का उल्लेख करते हुए पटेल ने कहा कि उनकी यात्रा का केंद्र वाइब्रेंट गुजरात है, लेकिन अक्षरधाम में भारत की संस्कृति स्वयं जीवंत रूप में दिखाई देती है।

    इस अवसर पर अमेरिका के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों और सामुदायिक नेताओं ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया। यात्रा के दौरान बीएपीएस के सांस्कृतिक संरक्षण के साथ शिक्षा, मानवीय राहत, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण जागरूकता, युवा विकास और सामाजिक सेवा से जुड़े वैश्विक योगदान को भी रेखांकित किया गया।

    भूपेंद्र पटेल ने अपने अनुभव को प्रेरणादायक और आध्यात्मिक रूप से सुखद बताया। उन्होंने भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी सांस्कृतिक जड़ों और आध्यात्मिक परंपराओं को जीवित रखने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने सभी की शांति, भलाई और प्रगति की कामना की।

  • होटलों में सफेद तौलिया रखने के पीछे सफाई, लॉन्ड्री और मेहमानों के भरोसे से जुड़े ये व्यावहारिक कारण होते हैं

    होटलों में सफेद तौलिया रखने के पीछे सफाई, लॉन्ड्री और मेहमानों के भरोसे से जुड़े ये व्यावहारिक कारण होते हैं


    नई दिल्ली ।होटल में ठहरने के दौरान सफेद तौलिया एक सामान्य दृश्य होता है। बाथरूम में हाथ पोंछने से लेकर नहाने के लिए इस्तेमाल होने वाले तौलियों का रंग अक्सर सफेद रखा जाता है। इसके पीछे केवल पसंद या सजावट की वजह नहीं होती, बल्कि सफाई, लॉन्ड्री व्यवस्था, रखरखाव और मेहमानों के अनुभव से जुड़े व्यावहारिक कारण भी होते हैं।

    होटल में रोज बड़ी संख्या में तौलिए इस्तेमाल होते हैं और हर मेहमान के बाद उन्हें साफ करके दोबारा तैयार करना पड़ता है। सफेद रंग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि उस पर गंदगी, दाग या किसी तरह का निशान आसानी से दिखाई देता है। यदि तौलिया ठीक से साफ नहीं हुआ हो या उस पर दाग रह गया हो तो होटल का कर्मचारी उसे जल्दी पहचान सकता है और दोबारा धुलाई के लिए भेज सकता है।

    रंगीन तौलियों में कुछ दाग या हल्की गंदगी कम दिखाई दे सकती है। ऐसे में सफेद तौलिया होटल की सफाई व्यवस्था में एक तरह के दृश्य निरीक्षण का काम करता है। इससे हाउसकीपिंग टीम को इस्तेमाल किए गए लिनेन की स्थिति समझने और साफ तौलिया उपलब्ध कराने में सुविधा होती है।

    सफेद रंग चुनने का एक महत्वपूर्ण कारण लॉन्ड्री प्रक्रिया भी है। होटल में तौलियों की संख्या काफी अधिक होती है और उन्हें नियमित रूप से उच्च तापमान वाली धुलाई तथा जरूरत के अनुसार उपयुक्त सफाई उत्पादों से धोया जाता है। सफेद कपड़े पर दाग हटाने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान होती है और रंग फीका पड़ने की चिंता रंगीन कपड़ों की तुलना में कम रहती है।

    होटल में सफेद तौलिए का इस्तेमाल इसलिए भी सुविधाजनक माना जाता है क्योंकि सभी तौलिए एक ही रंग के होने पर उन्हें एक साथ धोना आसान होता है। अलग-अलग रंगों के लिनेन को रंग छोड़ने या रंग मिल जाने की आशंका के कारण अलग-अलग संभालना पड़ सकता है। एक समान सफेद लिनेन बड़े होटल की लॉन्ड्री व्यवस्था को व्यवस्थित रखने में मदद करता है।

    इसके अलावा सफेद रंग मेहमानों के मन में स्वच्छता और ताजगी की भावना पैदा करता है। सफेद चादर, तकिया और तौलिया कमरे को साफ, सादा और व्यवस्थित दिखाने में मदद करते हैं। होटल में प्रवेश करने वाले मेहमान के लिए यह दृश्य अनुभव महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि कमरे की साफ-सफाई का आकलन अक्सर दिखाई देने वाली चीजों से ही किया जाता है।

    सफेद तौलिया होटल की पेशेवर छवि से भी जुड़ा हुआ है। अलग-अलग कमरों में एक जैसा लिनेन इस्तेमाल करने से होटल की व्यवस्था एकरूप दिखाई देती है। इससे हाउसकीपिंग, स्टॉक प्रबंधन और तौलियों की गुणवत्ता की निगरानी भी आसान हो सकती है। साथ ही, एक ही रंग के लिनेन से कर्मचारियों को इस्तेमाल, धुलाई और दोबारा कमरे में रखने की प्रक्रिया में पहचान संबंधी सुविधा मिलती है।

    हालांकि हर होटल में सफेद तौलिया होना अनिवार्य नियम नहीं है। कुछ होटल अपनी सजावट, ब्रांड पहचान या डिजाइन के अनुसार दूसरे रंगों के तौलिए भी इस्तेमाल करते हैं। फिर भी सफेद रंग अपनी साफ-सफाई दिखाने, लॉन्ड्री प्रक्रिया को सरल रखने और मेहमानों को ताजगी का एहसास कराने जैसे कारणों से होटल उद्योग में लंबे समय से लोकप्रिय बना हुआ है।

  • राजनाथ सिंह ने कोलकाता में 3500 करोड़ की लागत की पोत निर्माण फैक्ट्री की रखी आधारशिला

    राजनाथ सिंह ने कोलकाता में 3500 करोड़ की लागत की पोत निर्माण फैक्ट्री की रखी आधारशिला


    कोलकाता।
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने रविवार को कोलकाता (Kolkata) में पोत निर्माण (Shipbuilding) से जुड़ी पांच विस्तार परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं को 3500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। रक्षा मंत्री ने इसे देश के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि भारत में पोत निर्माण का वैश्विक केंद्र बनने की क्षमता है।

    रक्षा मंत्री ने रविवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Suvendu Adhikari) की मौजूदगी में ऑनलाइन माध्यम से ‘गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स’ (जीआरएसई) की तीन और ‘यंत्र इंडिया लिमिटेड’ की दो परियोजनाओं की आधारशिला रखी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक पोत निर्माण उद्योग में एक शून्यता आ रही है। भारत इस स्थिति का लाभ उठा सकता है।

    उन्होंने पश्चिम बंगाल के लिए इन परियोजनाओं के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि यह राज्य के विकास के लिए नए दौर की शुरुआत है। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में कारखानों के बंद होने और तालाबंदी की खबरों की जगह अब नयी परियोजनाओं की शुरुआत ने ले ली है।’ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इन परियोजनाओं के विकास से राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ कोलकाता को पोत निर्माण क्षेत्र में वैश्विक पहचान भी मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘ये परियोजनाएं सहायक उद्योगों, खासकर एमएसएमई के XXलिए अधिक अवसर पैदा करके पश्चिम बंगाल की औद्योगिक पारिस्थितिकी को फिर से खड़ा करने में मदद करेंगे।’


    युद्धपोत निर्माण और मरम्मत की क्षमता बढ़ेगी

    जीआरएसई के एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी ने युद्धपोत बनाने और उनकी मरम्मत करने की अपनी क्षमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह, कोलकाता (एसएमपीके) के साथ पट्टा समझौते किए हैं। इस समझौते के तहत हुगली नदी के दोनों किनारों पर दो छोटे शिपयार्ड और रायचक में नदी के किनारे 32 एकड़ जमीन ली गई है।

  • रवींद्र जडेजा ने रचा इतिहास, WTC में 50 टेस्ट खेलने वाले एशिया के पहले क्रिकेटर बने

    रवींद्र जडेजा ने रचा इतिहास, WTC में 50 टेस्ट खेलने वाले एशिया के पहले क्रिकेटर बने


    नई दिल्ली।
    श्रीलंका (Sri Lanka) के खिलाफ कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (Sinhalese Sports Club, Colombo) में रविवार को मैच के पहले दिन भारतीय बल्लेबाजों का दमदार प्रदर्शन देखने को मिला. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने पहले दिन पांच विकेट खोकर 300 रन बना लिए हैं।

    यह टेस्ट मैच भारत (India) के स्टार ऑलराउंडर (Star all-rounder) रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) के लिए ऐतिहासिक बन गया है. इस मैच में मैदान पर कदम रखते ही जडेजा ने एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया जो अब तक कोई भी भारतीय या एशियाई खिलाड़ी नहीं कर पाया था.

    जडेजा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के इतिहास में 50 मैच खेलने वाले पहले एशियाई और भारतीय क्रिकेटर बन गए हैं. दुनिया के नंबर एक टेस्ट ऑलराउंडर ने अपनी फिरकी और बल्ले के दम पर इस टूर्नामेंट में एक खास मुकाम हासिल किया है।


    WTC में कैसा रहा है जडेजा का सफर?

    साल 2012 में अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले जडेजा ने WTC के हर साइकल में भारत के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन किया है. अब तक खेले गए अपने 50 मैचों में उन्होंने 2675 रन बनाए हैं और 160 विकेट भी चटकाए हैं. 2019-21 के दौरान उन्होंने 11 मैच खेले, जिसमें 500 रन बनाए और 29 विकेट लिए. दूसरे वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप में साल 2021-23 के दौरान उन्होंने 13 मैचों में अपनी अहम भूमिका निभाते हुए 721 रन ठोके और 47 विकेट झटके।

    तीसरी साइकल 2023-25 के 15 मुकाबलों में जडेजा 664 रन बनाए और 55 शिकार किए. मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप साइकल में वह अब तक 11 मैच खेल चुके हैं, जिसमें उनके नाम 700 से अधिक रन और 29 विकेट दर्ज हो चुके हैं।


    दूसरे भारतीय खिलाड़ियों का हाल

    भारत की तरफ से सबसे ज्यादा WTC मैच खेलने के मामले में जडेजा के बाद तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज दूसरे नंबर पर हैं. कोलंबो में चल रहा टेस्ट सिराज का 47वां मैच है, जिसमें उनके नाम अब तक 141 विकेट हैं. विराट कोहली ने 2019 से 2025 के बीच 46 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 2617 रन बनाए हैं।

    कोहली के बाद युवा स्टार शुभमन गिल और विकेटकीपर ऋषभ पंत का नंबर आता है. दोनों ने 42-42 मैच खेले हैं. पंत के नाम इस टूर्नामेंट में 2885 और गिल के नाम 2867 रन दर्ज हैं. दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 41 मैचों में 195 विकेट चटकाए हैं, जबकि कप्तान रोहित शर्मा 40 मैचों में 2716 रन बना चुके हैं।

  • चीनी की किल्लत के बीच सरकार बोली- हमारे पास 20-25 लाख टन का अतिरिक्त स्टॉक… आयात की भी तैयारी

    चीनी की किल्लत के बीच सरकार बोली- हमारे पास 20-25 लाख टन का अतिरिक्त स्टॉक… आयात की भी तैयारी


    नई दिल्ली।
    भारत (India) में चीनी की किल्लत (Sugar Crisis) की खबरों के बीच अब सरकार (Government) एक्शन मोड में आ गई है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) ने रविवार को कहा है कि त्योहारों के मौसम से पहले चीनी की उपलब्धता और बढ़ती कीमतों को लेकर चिंताओं को दूर करने के लिए केंद्र सरकार कई कदम उठा रही है। जोशी ने कहा कि रेड रॉट (गन्ने की फसल में होने वाली बीमारी) और अल नीनो की स्थितियों के कारण चीनी के उत्पादन में कमी आई है। इससे न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में चीनी सहित कुल कृषि उत्पादन में कमी आई है।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि सरकार इसे लेकर चिंतित है और इसीलिए सरकार ने तुरंत कई कदम उठाए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी बताया है कि भारत की जरूरत लगभग 280 लाख टन है और आज की स्थिति में हमारे पास 20 से 25 लाख टन से ज्यादा का अतिरिक्त स्टॉक है।


    ब्राजील से आएगी चीनी

    वहीं सहकारी चीनी मिलों की संस्था एनएफसीएसएफ के प्रमुख ने कहा कि भारत आने वाली चीनी की कुछ खेप 15 अक्तूबर से पहले देश में पहुंच सकती है। हालांकि अभी इसकी सही मात्रा का अंदाजा लगाना मुश्किल है। वहीं, जमाखोरी के खिलाफ सरकार की सख्ती से कीमतों में कुछ कमी आने लगी है।

    एनएफसीएसएफ के अध्यक्ष प्रकाश नाइकनवारे ने रविवार को बताया कि फिलहाल आयात के लिए ब्राजील ही एकमात्र व्यावहारिक स्रोत है, क्योंकि पारंपरिक आपूर्तिकर्ता थाईलैंड खुद चीनी की कमी से जूझ रहा है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में सप्लाई सबसे पहले पहुंचेगी। ब्राजील से भारत तक सामान आने में 40-45 दिन लगते हैं।


    कीमतों में आ रही गिरावट

    नायकनवरे ने कहा कि केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने फेडरेशन और इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। उन्होंने बाजार में पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने और कीमतों पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। इससे पहले चीनी की कीमत 65-67 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई थी, हालांकि शनिवार को खुले टेंडरों में 5 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर गई।