Author: bharati

  • पंजाब केसरी' लाला लाजपत राय की जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अर्पित की भावांजलि: राष्ट्र सदा कृतज्ञ रहेगा

    पंजाब केसरी' लाला लाजपत राय की जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अर्पित की भावांजलि: राष्ट्र सदा कृतज्ञ रहेगा


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान स्वाधीनता संग्राम सेनानी और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के स्तंभ रहे ‘पंजाब केसरी’ लाला लाजपत राय की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन किया है। बुधवार को भोपाल में जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने लाला जी के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और उनके महान बलिदान को याद करते हुए कृतज्ञता व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाला लाजपत राय एक ऐसे महानायक थे, जिन्होंने अपनी अंतिम सांस तक मातृभूमि की रक्षा और स्वाधीनता के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा, “श्रद्धेय लाला लाजपत राय जी का बलिदान और उनके द्वारा दिया गया नेतृत्व भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम अध्याय है, जिसने गुलामी की बेड़ियों में जकड़े लाखों भारतीयों के भीतर आजादी की अलख जगाई और उन्हें स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।

    स्वतंत्रता संग्राम के लाल को सलाम

    लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को हुआ था। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रसिद्ध ‘लाल-बाल-पाल’ लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल की तिकड़ी के प्रमुख सदस्य थे। मुख्यमंत्री ने उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक सुधारों का भी मार्गदर्शक रहा है।

    सांयकाल की लाठी और ब्रिटिश साम्राज्य का पतन डॉ. यादव ने उन ऐतिहासिक क्षणों को भी याद किया जब साइमन कमीशन के विरोध के दौरान लाला जी ने अंग्रेजों की लाठियां खाते हुए कहा था कि मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश साम्राज्य के ताबूत की अंतिम कील साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके इन शब्दों ने भारतीय जनमानस में वह ऊर्जा भरी जिसने अंततः अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया।

    बलिदान के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता

    मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज का आत्मनिर्भर भारत उन्हीं महान बलिदानियों के सपनों का भारत है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे लाला लाजपत राय जैसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लें और राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ें। डॉ. यादव ने ट्वीट और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से भी चित्र साझा कर ‘पंजाब केसरी’ को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय: 369 सांदीपनि विद्यालयों से संवरेगा प्रदेश का भविष्य, CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान

    शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय: 369 सांदीपनि विद्यालयों से संवरेगा प्रदेश का भविष्य, CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और मूल्य-आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि साझा की है। बुधवार को जारी एक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे राष्ट्र की अनमोल पूंजी हैं और उनका भविष्य संवारना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 369 नए सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं, जो अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को भी आत्मसात करेंगे।

    सांदीपनि विद्यालय: आधुनिकता और परंपरा का संगम

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सांदीपनि विद्यालयों की परिकल्पना गुरुकुल शिक्षा पद्धति से प्रेरणा लेकर की गई है। अत्याधुनिक सुविधाएं इन विद्यालयों में केवल भवन ही नहीं, बल्कि बेहतर अधोसंरचना, स्मार्ट क्लास और कुशल मानव प्रबंधन शिक्षक सुनिश्चित किए गए हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा इसका उद्देश्य हर विद्यार्थी तक समावेशी और उच्च स्तरीय शिक्षा की पहुंच बनाना है, ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।

    शिक्षा का अधिकार 8.50 लाख बच्चों के लिए पुख्ता

    मुख्यमंत्री ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ RTE के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश की सरकार हर बच्चे को अनिवार्य शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्थायी प्रबंधन प्रदेश के 8.50 लाख से अधिक विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए सरकार ने स्थायी और पुख्ता इंतजाम किए हैं। समावेशी दृष्टिकोण आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को भी मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए निजी स्कूलों में आरक्षण और सरकारी स्कूलों के उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री का संकल्प भविष्य संवारने में नहीं होगी कमी

    डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की शिक्षा प्रणाली अब केवल साक्षरता तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि यह बच्चों के समग्र विकास और कौशल संवर्धन पर आधारित होगी। उन्होंने कुशल मानव प्रबंधन को शिक्षा की रीढ़ बताते हुए शिक्षकों की ट्रेनिंग और शैक्षणिक वातावरण में सुधार के लिए निरंतर कार्य करने की बात कही। मुख्यमंत्री के अनुसार, ये 369 सांदीपनि विद्यालय भविष्य में प्रदेश के शैक्षणिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल देंगे और मध्य प्रदेश को एक एजुकेशन हब के रूप में स्थापित करेंगे।

  • भारत-EU ट्रेड डील अर्थव्यवस्था के लिए 'गेम चेंजर', राज्यों को मिलेगा समृद्धि का नया मार्ग: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    भारत-EU ट्रेड डील अर्थव्यवस्था के लिए 'गेम चेंजर', राज्यों को मिलेगा समृद्धि का नया मार्ग: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और यूरोपियन यूनियन बीच हुए ऐतिहासिक द्विपक्षीय व्यापार समझौते न्यू ट्रेड डील का पुरजोर स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को मीडिया को जारी एक विशेष संदेश में इस समझौते को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह ‘न्यू ट्रेड डील’ न केवल देश के निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, बल्कि इसका सीधा और सकारात्मक लाभ राज्यों की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देगा।

    आयात में कमी और निर्यात में आएगी क्रांति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समझौते की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत के लिए अपने आयात को नियंत्रित करना और स्वदेशी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। यूरोपियन यूनियन के साथ हुई यह डील इसी दिशा में एक प्रभावी कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस समझौते से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय वस्तुओं की पहुंच सुगम होगी, जिससे देश के भीतर वस्तुओं की कीमतों में कमी आएगी और आम जनता के लिए उत्पाद सस्ते होंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह डील हमारी घरेलू अर्थव्यवस्था को वह मजबूती प्रदान करेगी, जिसकी कल्पना प्रधानमंत्री मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प में की गई है।

    विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी की ओर बढ़ते कदम वैश्विक कूटनीति और आर्थिक उतार-चढ़ाव का जिक्र करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि आज जब दुनिया के कई विकसित देशों में आर्थिक अस्थिरता का वातावरण बना हुआ है, तब प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने डेढ़ अरब की आबादी वाले भारत को एक सुरक्षित और विकासशील आर्थिक धुरी के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत अब विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तीव्र गति से अग्रसर है और यूरोपियन यूनियन के साथ व्यापारिक संबंधों का यह नया अध्याय इस लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्प्रेरक का कार्य करेगा।

    राज्यों के लिए विकास के नए द्वार मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस ट्रेड डील का लाभ केवल केंद्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग और हस्तशिल्प क्षेत्रों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा। निर्यात की नई संभावनाओं से राज्यों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे और स्थानीय राजस्व में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस ऐतिहासिक कूटनीतिक और आर्थिक उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए इसे ‘समृद्ध भारत’ की दिशा में एक निर्णायक प्रहार बताया।

  • भारत की डिफेंस टेक फंडिंग 2025 में ऑल-टाइम हाई, 247 मिलियन डॉलर तक पहुंची

    भारत की डिफेंस टेक फंडिंग 2025 में ऑल-टाइम हाई, 247 मिलियन डॉलर तक पहुंची

    नई दिल्ली | भारत के डिफेंस टेक इकोसिस्टम ने 2025 में नया रिकॉर्ड कायम किया है। इस सेक्टर में फंडिंग 247 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा वार्षिक स्तर है। यह जानकारी बुधवार को जारी डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ट्रैक्सन की रिपोर्ट में दी गई।

    2016 से 2025 तक फंडिंग में जबरदस्त उछाल

    रिपोर्ट के मुताबिक,

    2016 में जहां वार्षिक फंडिंग सिर्फ 5 मिलियन डॉलर थी

    वहीं 2025 में यह बढ़कर 247 मिलियन डॉलर के शिखर पर पहुंच गई

    अब तक डिफेंस टेक सेक्टर में

    232 इक्विटी राउंड

    कुल 711 मिलियन डॉलर की फंडिंग हो चुकी है

    मेगा राउंड बना फंडिंग उछाल की बड़ी वजह

    2025 में फंडिंग राउंड की संख्या घटकर 30 रह गई, लेकिन इसके बावजूद कुल निवेश में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

    इसका प्रमुख कारण रहा

    100 मिलियन डॉलर का मेगा फंडिंग राउंड, जिसने सालभर की कुल फंडिंग को ऊंचाई पर पहुंचा दिया

    शुरुआती चरण की कंपनियों को मिला सबसे ज्यादा सपोर्ट

    रिपोर्ट में बताया गया कि फंडिंग का बड़ा हिस्सा शुरुआती चरण की कंपनियों को मिला—

    सीड-स्टेज:

    174 राउंड

    लगभग 118 मिलियन डॉलर

    अर्ली-स्टेज:

    56 राउंड

    527 मिलियन डॉलर

    लेट-स्टेज:

    5 राउंड

    66 मिलियन डॉलर

    इंफ्रास्ट्रक्चर और नॉन-कॉम्बैट सिस्टम्स पर निवेश का फोकस

    पूंजी वितरण से साफ है कि निवेशकों का झुकाव बुनियादी ढांचे और सपोर्ट सिस्टम्स की ओर ज्यादा रहा—

    नॉन-कॉम्बैट सिस्टम्स: 551 मिलियन डॉलर

    कॉम्बैट वेपन सिस्टम्स: 106 मिलियन डॉलर

    डिफेंस सपोर्ट और एनेबलमेंट सिस्टम्स: 27 मिलियन डॉलर

    ट्रेनिंग और सिमुलेशन सॉल्यूशंस: 27 मिलियन डॉलर

    बेंगलुरु बना डिफेंस टेक फंडिंग का हब

    शहरों के लिहाज से फंडिंग में—

    बेंगलुरु

    61 राउंड

    216 मिलियन डॉलर

    नोएडा

    19 राउंड

    168 मिलियन डॉलर

    चेन्नई

    26 राउंड

    88 मिलियन डॉलर

    इंटीग्रेटेड डिफेंस सिस्टम्स की ओर बढ़ रहा भारत

    ट्रैक्सन के अनुसार, भारत का डिफेंस टेक इकोसिस्टम अब

    बिखरे हुए नवाचार से निकलकर

    निष्पादन-आधारित, इंटीग्रेटेड कैपेबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बढ़ रहा है

    आज डिफेंस टेक केवल अलग-अलग प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें

    AI,

    ऑटोनॉमी,

    ISR,

    सिक्योर कम्युनिकेशन,

    और मैन्युफैक्चरिंग कैपेबिलिटी जैसे अत्याधुनिक तत्व शामिल हैं।

    2025 में भारत की डिफेंस टेक फंडिंग 247 मिलियन डॉलर के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई।
    यह संकेत है कि भारत तेजी से एक मजबूत, टेक-ड्रिवन और आत्मनिर्भर रक्षा इकोसिस्टम की ओर बढ़ रहा है।

  • महिला-नेतृत्व वाले विकास पर सरकार का फोकस, ब्लू इकोनॉमी में भारत की बड़ी छलांग: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

    महिला-नेतृत्व वाले विकास पर सरकार का फोकस, ब्लू इकोनॉमी में भारत की बड़ी छलांग: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

    नई दिल्ली | संसद के बजट सत्र की शुरुआत बुधवार, 28 जनवरी से औपचारिक रूप से हो गई। सत्र की शुरुआत संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण से हुई। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने महिला-नेतृत्व वाले विकास, ब्लू इकोनॉमी, आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।

    ब्लू इकोनॉमी में भारत की मजबूती

    राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश बन चुका है, जो ब्लू इकोनॉमी में देश की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
    उन्होंने बताया कि दूध उत्पादन में भारत विश्व में अग्रणी है, जो सहकारी आंदोलन की बड़ी सफलता का परिणाम है।

    विकास और न्याय व्यवस्था पर जोर

    राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी न्याय व्यवस्था की असली सफलता इस बात से आंकी जाती है कि वह नागरिकों में सुरक्षा और भरोसे की भावना कितनी मजबूत करती है।
    उन्होंने कहा कि सरकार अविकसित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

    ग्रामीण रोजगार और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण

    राष्ट्रपति मुर्मु ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने के लिए ‘विकसित भारत जी राम जी’ कानून लागू किया गया है, जिसके तहत गांवों में 125 दिनों के गारंटीड रोजगार का प्रावधान किया गया है।
    उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और लीकेज रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं, जिससे किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को नए अवसर मिलेंगे।

    राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद पर सख्त रुख

    राष्ट्रपति ने कहा कि सिंधु जल संधि का निलंबन आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई का हिस्सा है।
    उन्होंने बताया कि मिशन सुदर्शन चक्र के जरिए देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया जा रहा है और माओवादी आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों ने निर्णायक कार्रवाई की है।

    महिला-नेतृत्व वाले विकास की ओर भारत

    राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सरकार का मानना है कि देश का विकास तभी संभव है जब सभी को समान अवसर मिलें।
    इसी सोच के साथ भारत आज महिला-नेतृत्व वाले विकास के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है।
    उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही 3 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य हासिल करने जा रही है, जिससे महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी।

    आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया

    राष्ट्रपति ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ के तहत बने उत्पाद आज वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहे हैं।
    स्वदेशी उत्पादों को लेकर देशवासियों में उत्साह बढ़ा है और भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    एआई और डीपफेक पर चेतावनी

    राष्ट्रपति मुर्मु ने एआई के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि डीपफेक, गलत सूचना और फर्जी कंटेंट लोकतंत्र, सामाजिक सद्भाव और जनता के भरोसे के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं।
    उन्होंने इस विषय पर गंभीर और सतर्क रहने की जरूरत पर जोर दिया।

    नारी शक्ति की ऐतिहासिक उपलब्धि

    राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते महिलाएं देश के हर महत्वाकांक्षी क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
    उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) से महिला कैडेट्स का पहला बैच पास आउट हुआ, जो नारी शक्ति की बढ़ती भूमिका का प्रतीक है।

    युवाओं, स्टार्टअप और सामाजिक सुरक्षा पर फोकस

    राष्ट्रपति ने बताया कि—

    60 हजार युवाओं को सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए प्रशिक्षण दिया गया

    10 लाख युवाओं को एआई के लिए ट्रेन किया जा रहा है

    सोशल सिक्योरिटी योजनाओं का दायरा 25 करोड़ से बढ़कर 95 करोड़ लोगों तक पहुंचा

    मुद्रा योजना के तहत 38 लाख करोड़ रुपये जारी किए गए और 12 करोड़ लोन दिए गए

    पीएम स्वनिधि योजना से 72 लाख लोगों को 16 लाख करोड़ रुपये की मदद मिली

    देश में करीब 2 लाख स्टार्टअप पंजीकृत हैं, जिनमें 20 लाख से अधिक लोग काम कर रहे हैं और लगभग 40 फीसदी स्टार्टअप्स में महिला डायरेक्टर हैं

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत महिला-नेतृत्व वाले विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और ब्लू इकोनॉमी में बड़ी छलांग लगा चुका है।
    सरकार की नीतियों से रोजगार, सुरक्षा, स्टार्टअप और महिला सशक्तीकरण को नई मजबूती मिली है।

  • भारत-ईयू एफटीए से यूरोप के 572.3 अरब डॉलर के दवा बाजार के द्वार खुले

    भारत-ईयू एफटीए से यूरोप के 572.3 अरब डॉलर के दवा बाजार के द्वार खुले

    नई दिल्ली | भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से भारतीय दवा और मेडिकल उपकरण उद्योग को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत भारत को यूरोप के 572.3 अरब डॉलर के फार्मा और मेडिकल डिवाइस बाजार तक सीधी पहुंच मिली है। सरकार का कहना है कि इससे भारत की वैश्विक फार्मा ताकत और मजबूत होगी।

    भारतीय दवा उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ

    रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अनुसार, यह एफटीए भारतीय दवा कंपनियों को अपने कारोबार का विस्तार करने, नई नौकरियां पैदा करने और भारत को एक भरोसेमंद वैश्विक दवा आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
    मंत्रालय ने कहा कि इससे भारत की पहचान ‘दुनिया की फार्मेसी’ के रूप में और सुदृढ़ होगी।

    रोजगार और एमएसएमई को मिलेगा बढ़ावा

    मंत्रालय के मुताबिक, इस समझौते से—

    कुशल और औद्योगिक रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

    छोटे और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) की भागीदारी मजबूत होगी

    भारत का वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ाव और गहरा होगा

    जेपी नड्डा बोले— नए अवसरों के दरवाजे खुले

    केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह एफटीए दवा और मेडिकल उपकरण उद्योग के लिए नए अवसरों के द्वार खोलता है।

    उन्होंने कहा,

    “यूरोप के 572.3 अरब डॉलर के फार्मा और मेडिकल टेक्नोलॉजी बाजार तक पहुंच और भारतीय मेडिकल उपकरणों पर कम टैरिफ से इस सेक्टर की तेजी से वृद्धि होगी।”

    नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वास्थ्य और निर्माण क्षेत्र में एक विश्वसनीय वैश्विक साझेदार के रूप में लगातार अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है।

    ‘मेड इन इंडिया’ को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन

    इस एफटीए से—

    ‘मेड इन इंडिया’ मेडिकल उपकरणों पर टैरिफ कम होगा

    रसायन, उर्वरक, दवाएं, कॉस्मेटिक, साबुन और डिटर्जेंट जैसे क्षेत्रों में तेज विकास होगा

    उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और एमएसएमई क्लस्टर विकसित होंगे

    राज्यों और निर्यात केंद्रों को फायदा

    यह समझौता गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के औद्योगिक केंद्रों के लिए भी नए अवसर लाएगा।
    समुद्री तटीय निर्यात केंद्रों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार, प्रोसेसिंग और निर्यात आधारित उद्योगों को मजबूती मिलेगी।

    रणनीतिक साझेदारी की दिशा में अहम कदम

    मंत्रालय ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए साझा मूल्यों को मजबूत करता है, नवाचार को बढ़ावा देता है और भारत व यूरोप दोनों के लिए समावेशी, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार विकास की नींव रखता है।

    भारत-ईयू एफटीए से भारतीय दवा उद्योग को यूरोप के 572.3 अरब डॉलर के विशाल बाजार तक सीधी पहुंच मिली है।
    इस समझौते से रोजगार, एमएसएमई, निर्यात और ‘मेड इन इंडिया’ को बड़ी ताकत मिलने की उम्मीद है।

  • मोहम्मद यूसुफ के 'व्यूअरशिप' दावों पर छिड़ा विवाद: बांग्लादेश के समर्थन में ट्वीट कर बुरी तरह फंसे पाक दिग्गज

    मोहम्मद यूसुफ के 'व्यूअरशिप' दावों पर छिड़ा विवाद: बांग्लादेश के समर्थन में ट्वीट कर बुरी तरह फंसे पाक दिग्गज

    नई दिल्‍ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों के बीच क्रिकेट जगत में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ को बांग्लादेश के पक्ष में खड़ा होना उस वक्त भारी पड़ गया, जब उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे आंकड़े पेश किए जिन्हें फैंस ने भ्रामक और फर्जी करार दे दिया। इस ट्वीट के बाद यूसुफ को न केवल आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि वे सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल भी हो रहे हैं।

    क्या था यूसुफ का वो विवादित ट्वीट
    मोहम्मद यूसुफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बांग्लादेश के वर्ल्ड कप से बाहर होने पर दुख जताते हुए एक पोस्ट साझा की। उन्होंने बांग्लादेश की क्रिकेट व्यूअरशिप दर्शक संख्या को लेकर एक बड़ा दावा किया दावा यूसुफ के मुताबिक, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, अफगानिस्तान और जिम्बाब्वे समेत 10 देशों की कुल व्यूअरशिप 178 मिलियन अकेले बांग्लादेश 176 मिलियन के बराबर है। तर्क उन्होंने आईसीसी पर सवाल उठाते हुए लिखा कि इतने बड़े बाजार वाले देश की सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज करना गलत है और क्रिकेट सिद्धांतों के आधार पर चलना चाहिए, न कि किसी के दबाव में।

    क्यों हो रहे हैं ट्रोल

    यूसुफ के इन आंकड़ों को क्रिकेट फैंस और डेटा विशेषज्ञों ने पूरी तरह खारिज कर दिया। यूजर्स का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े क्रिकेटिंग नेशन और नेपाल-नीदरलैंड्स जैसे उभरते बाजारों की व्यूअरशिप की तुलना इस तरह करना तथ्यों के साथ खिलवाड़ है। बिना किसी आधिकारिक स्रोत के आईसीसी पर निशाना साधने के कारण उन्हें ‘प्रोपेगेंडा फैलाने’ वाला बताकर ट्रोल किया जा रहा है।

    बांग्लादेश क्यों हुआ वर्ल्ड कप 2026 से बाहर

    आईसीसी ने एक कड़ा फैसला लेते हुए बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को जगह दी है। इस विवाद की जड़ें सुरक्षा चिंताओं से जुड़ी हैं भारत आने से इनकार: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में खेलने से मना कर दिया था। मुस्तफिजुर रहमान मामला: आईपीएल के दौरान मुस्तफिजुर रहमान से जुड़ी एक घटना को आधार बनाकर बांग्लादेश ने पूरी टीम की सुरक्षा पर सवाल उठाए।ICC का कड़ा रुख: आईसीसी ने स्पष्ट किया कि आईपीएल एक घरेलू लीग है और उसकी किसी घटना का असर वर्ल्ड कप की सुरक्षा व्यवस्था पर नहीं पड़ना चाहिए। नियमों के उल्लंघन के कारण बांग्लादेश पर यह गाज गिरी।

    पाकिस्तान का ‘बहिष्कार’ वाला दांव

    इस पूरे मामले में पाकिस्तान अब बांग्लादेश के बचाव में आ गया है। पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने इसे गलत फैसला बताया है। चर्चा तो यहां तक है कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैचों के बहिष्कार या टूर्नामेंट में अपनी भागीदारी को लेकर सरकार से सलाह ले सकता है।

  • बीते 10 वर्षों में विमानों की संख्या दोगुनी, अब एविएशन मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा भारत: राम मोहन नायडू

    बीते 10 वर्षों में विमानों की संख्या दोगुनी, अब एविएशन मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा भारत: राम मोहन नायडू

    नई दिल्ली | केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने बुधवार को कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत में एयरपोर्ट्स और विमानों की संख्या दोगुनी हो चुकी है और अब देश का फोकस नागरिक विमानों के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को विकसित करने पर होगा।

    ‘विंग्स इंडिया 2026’ में भारत दिखाएगा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता

    हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पर आयोजित नागरिक विमानन सम्मेलन ‘विंग्स इंडिया 2026’ का उद्घाटन करते हुए मंत्री ने कहा कि आने वाले 10–20 वर्षों में यह इकोसिस्टम केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत को वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में भी स्थापित करेगा।

    उन्होंने कहा कि इस बार के सम्मेलन में भारत नागरिक विमानन क्षेत्र, खासकर एविएशन मैन्युफैक्चरिंग, में अपनी बढ़ती क्षमता का प्रदर्शन करेगा।

    ‘उड़ान’ योजना से बदली देश की एविएशन तस्वीर

    राम मोहन नायडू ने कहा कि देश में एयरपोर्ट्स, यात्रियों और विमानों की संख्या में आई तेज़ वृद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना का नतीजा है।

    “पिछले एक दशक में भारत का नागरिक विमानन क्षेत्र अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ा है,” उन्होंने कहा।

    एम्ब्रेयर–अदाणी एयरोस्पेस करार से मिलेगा बड़ा बूस्ट

    मंत्री ने बताया कि मंगलवार को ब्राजील की कंपनी एम्ब्रेयर और अदाणी एयरोस्पेस के बीच देश में विमान निर्माण को लेकर करार हुआ है।

    दोनों कंपनियां मिलकर भारत में मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करेंगी

    इस साझेदारी की समयसीमा अगले महीने तय होगी

    ब्राजील के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी से बातचीत के बाद इसकी रूपरेखा स्पष्ट होगी

    उन्होंने कहा,

    “यह नया भारत है, जो एविएशन सेक्टर में एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार बनकर उभर रहा है।”

    अगले दो वर्षों में दिखेगी ठोस प्रगति

    राम मोहन नायडू ने उम्मीद जताई कि अगले दो वर्षों में एविएशन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ठोस और सकारात्मक प्रगति देखने को मिलेगी।

    बोइंग 787-9 का निरीक्षण, एयर इंडिया को पहली डिलीवरी

    विमानों की प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मंत्री ने बोइंग 787-9 विमान का निरीक्षण किया।

    उन्होंने बताया,

    “यह विमान विशेष रूप से एयर इंडिया के लिए तैयार किया गया है और यह इसकी पहली डिलीवरी है।”

    विमानों की उपलब्धता बड़ी चुनौती

    मंत्री ने कहा कि विमानन उद्योग की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक विमानों की उपलब्धता है।

    बोइंग और एयरबस को बड़ी संख्या में ऑर्डर दिए जा चुके हैं

    डिलीवरी इस साल से शुरू हो चुकी है

    अगले साल भारत के यात्रियों के लिए खास तौर पर डिजाइन किए गए विमान मिलने से सेक्टर को मजबूती मिलेगी

    भारत से 2 अरब डॉलर तक के पुर्जे खरीद रहीं बोइंग–एयरबस

    राम मोहन नायडू ने बताया कि बोइंग और एयरबस पहले से ही भारत से 2 अरब डॉलर तक के विमान पुर्जे खरीद रही हैं।

    देश के अलग-अलग हिस्सों में कई एविएशन मैन्युफैक्चरिंग सेंटर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे भारत की वैश्विक भूमिका और मजबूत होगी।

    पिछले 10 वर्षों में भारत में विमानों और एयरपोर्ट्स की संख्या दोगुनी हो गई है।
    अब भारत एविएशन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देकर खुद को वैश्विक निर्यात हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

  • अस्थिर वैश्विक माहौल में भारत का तेज़ी से आगे बढ़ना एक दुर्लभ उदाहरण: कुमार मंगलम बिड़ला

    अस्थिर वैश्विक माहौल में भारत का तेज़ी से आगे बढ़ना एक दुर्लभ उदाहरण: कुमार मंगलम बिड़ला

    नई दिल्ली | आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा है कि मौजूदा अस्थिर वैश्विक हालात के बीच भारत की अर्थव्यवस्था का मजबूती से आगे बढ़ना एक दुर्लभ और उल्लेखनीय मामला है। ऐसे समय में जब दुनिया राजनीतिक अनिश्चितता, व्यापारिक नियमों में बदलाव और भू-राजनीतिक तनावों से गुजर रही है, भारत आर्थिक स्थिरता का उदाहरण पेश कर रहा है।

    वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की मजबूती

    अपने ‘वार्षिक चिंतन’ नोट के सातवें संस्करण में बिड़ला ने कहा कि वैश्विक वातावरण अस्थिर बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद भारत की आर्थिक रफ्तार लगातार स्थिर और मजबूत बनी हुई है।

    उन्होंने इस नोट को एक व्यक्तिगत अभ्यास बताते हुए कहा कि यह उनके लिए दुनिया, अपने व्यवसाय और अपने बदलते विचारों पर सोचने का एक ‘अनुशासित विराम’ है।

    “दुनिया अब भू-राजनीतिक बाजार बन चुकी है”

    बिड़ला ने लिखा,

    “वैश्विक राजनीति अब निश्चित नियमों से नहीं, बल्कि लगातार बदलती बातचीत और समझौतों से संचालित होती है।”

    उन्होंने कहा कि आज की दुनिया एक भू-राजनीतिक बाजार की तरह काम कर रही है, जहां—

    ऊर्जा क्षेत्र में आज के साझेदार,

    तकनीक के क्षेत्र में सहयोगी न भी हों,

    और आज के मित्र, कल समान प्राथमिकताएं साझा न करें।

    इससे देशों और कंपनियों के लिए फैसले लेना पहले से कहीं ज्यादा जटिल और कम पूर्वानुमानित हो गया है।

    बड़ी आबादी भारत की ग्रोथ की सबसे बड़ी ताकत

    कुमार मंगलम बिड़ला के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की विकास यात्रा मजबूत बनी हुई है। इसकी प्रमुख वजहें हैं-

    विशाल जनसंख्या

    तेज़ी से बढ़ता बुनियादी ढांचा

    अर्थव्यवस्था का बढ़ता औपचारिकरण

    लोगों और व्यवसायों में बढ़ती महत्वाकांक्षा

    उन्होंने कहा,

    “ऐसी दुनिया में जहां बड़े पैमाने पर सौदेबाजी हावी है, भारत आकार, विश्वसनीयता और निरंतरता प्रदान करता है।”

    भारत के साथ-साथ बढ़ा आदित्य बिड़ला ग्रुप

    आदित्य बिड़ला समूह की यात्रा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रुप ने भारत की विकास कहानी में केवल लाभार्थी की भूमिका नहीं निभाई, बल्कि एक सक्रिय योगदानकर्ता के रूप में भी खुद को स्थापित किया है।

    उन्होंने कहा,

    “समूह का हमेशा यही लक्ष्य रहा है कि वह जिस राष्ट्र की सेवा करता है, उसके साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़े।”

    MSME लोन में जबरदस्त बढ़ोतरी

    बिड़ला ने पिछले एक दशक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को दिए गए कर्ज में तेज़ वृद्धि पर भी रोशनी डाली।

    देश में MSME लोन पिछले 10 वर्षों में तीन गुना बढ़ा

    वहीं आदित्य बिड़ला समूह की NBFC लोन बुक

    ₹17,000 करोड़ से बढ़कर

    लगभग ₹1.5 लाख करोड़ तक पहुंच गई

    कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति एक दुर्लभ उदाहरण है।
    बड़ी आबादी, मजबूत बुनियादी ढांचा और बढ़ती महत्वाकांक्षा भारत की ग्रोथ को लगातार सपोर्ट दे रही है।

  • ICC रैंकिंग में टीम इंडिया का दबदबा: अभिषेक शर्मा इतिहास रचने के करीब, 'सूर्या' की टॉप-10 में धमाकेदार वापसी

    ICC रैंकिंग में टीम इंडिया का दबदबा: अभिषेक शर्मा इतिहास रचने के करीब, 'सूर्या' की टॉप-10 में धमाकेदार वापसी


    नई दिल्‍ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ICC की ताजा टी20 रैंकिंग जारी होते ही भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए दोहरी खुशी की खबर सामने आई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों के प्रचंड फॉर्म का असर अब वर्ल्ड रैंकिंग पर साफ दिखाई दे रहा है। युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने न केवल नंबर-1 की कुर्सी पर अपना कब्जा बरकरार रखा है, बल्कि रेटिंग पॉइंट्स में इतनी बड़ी छलांग लगाई है कि वे अब एक ऐतिहासिक कीर्तिमान रचने की दहलीज पर खड़े हैं। दूसरी ओर, भारतीय टी20 टीम के कप्तान और ‘मिस्टर 360’ सूर्यकुमार यादव ने भी अपनी खोई हुई लय हासिल करते हुए टॉप-10 बल्लेबाजों की सूची में जोरदार वापसी की है।

    अभिषेक शर्मा: रिकॉर्ड्स की नई परिभाषा भारत और न्यूजीलैंड के बीच जारी टी20 जंग के बीच आईसीसी ने जो आंकड़े पेश किए हैं, उनमें अभिषेक शर्मा का कद सबसे ऊंचा नजर आ रहा है। अभिषेक लगातार दुनिया के नंबर-1 टी20 बल्लेबाज बने हुए हैं। पिछली रैंकिंग में उनके पास 903 रेटिंग पॉइंट्स थे, जो अब बढ़कर 929 तक पहुंच गए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि साल 2025 में उन्होंने 931 रेटिंग पॉइंट्स का अपना सर्वश्रेष्ठ स्तर छुआ था। अब वे अपने ही उस रिकॉर्ड को तोड़ने से मात्र दो अंक पीछे हैं। यदि सीरीज के आगामी दो मैचों में अभिषेक का बल्ला इसी तरह गरजता रहा, तो वे टी20 क्रिकेट के इतिहास में रेटिंग पॉइंट्स का एक ऐसा नया शिखर स्थापित करेंगे, जिसे छूना भविष्य के बल्लेबाजों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल दूसरे नंबर पर मौजूद इंग्लैंड के फिल साल्ट (849 पॉइंट्स) और अभिषेक के बीच का अंतर बहुत ज्यादा बढ़ गया है।

    सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा का जलवा अभिषेक के साथ-साथ सूर्यकुमार यादव की फॉर्म ने भी विरोधियों की नींद उड़ा दी है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछले दो मैचों में नाबाद अर्धशतक जड़ने वाले सूर्या ने रैंकिंग में पांच पायदानों की लंबी छलांग लगाई है। वे अब 717 रेटिंग पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं। सूर्या की इस वापसी ने ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड और मिचेल मार्श जैसे दिग्गजों को नीचे खिसकने पर मजबूर कर दिया है। वहीं, टीम इंडिया के एक और युवा सितारे तिलक वर्मा भी मैदान से बाहर होने के बावजूद अपनी कंसिस्टेंसी के दम पर तीसरे स्थान 781 पॉइंट्स पर मजबूती से जमे हुए हैं।

    टॉप-10 में भारतीय तिकड़ी ताजा रैंकिंग के बाद अब टॉप-10 में भारत के तीन बल्लेबाज शामिल हैं, जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिहाज से भारतीय टीम की मजबूत बल्लेबाजी इकाई का प्रमाण है। तिलक वर्मा, अभिषेक शर्मा और सूर्यकुमार यादव की यह तिकड़ी वैश्विक स्तर पर भारतीय क्रिकेट के प्रभुत्व को दर्शा रही है। शीर्ष 6 स्थानों पर कोई बड़ा बदलाव न होना यह बताता है कि जॉस बटलर और साहिबजादा फरहान जैसे खिलाड़ी अपनी स्थिति बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि भारतीय खिलाड़ी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।