Author: bharati

  • भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट में ब्रह्मोस सबसे आगे, 2027-28 तक आएगा हल्का वर्जन: CEO जयतीर्थ जोशी

    भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट में ब्रह्मोस सबसे आगे, 2027-28 तक आएगा हल्का वर्जन: CEO जयतीर्थ जोशी


    नई दिल्ली। भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को पूरी तरह स्वदेशी बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस के एमडी और सीईओ डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी के मुताबिक, भारत के रक्षा निर्यात में ब्रह्मोस की अहम भूमिका है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस मिसाइल के इस्तेमाल के बाद वैश्विक स्तर पर इसकी क्षमता और प्रतिष्ठा को लेकर चर्चा बढ़ी है। कंपनी अब उत्पादन बढ़ाने, सप्लाई चेन मजबूत करने और ब्रह्मोस के हल्के वर्जन विकसित करने पर जोर दे रही है।

    ब्रह्मोस को भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना में शामिल किया जा चुका है। अब इसके नेक्स्ट जेनरेशन वर्जन ब्रह्मोस-एनजी पर काम चल रहा है। इसके अलावा, लंबी दूरी तक मार करने वाले स्ट्राइक वेरिएंट की अवधारणा पर भी काम किया जा रहा है।

    डिफेंस एक्सपोर्ट में ब्रह्मोस की बढ़ती भूमिका
    भारत का रक्षा निर्यात सालाना 62.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 38,400 करोड़ रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया है। इसमें ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम की अहम हिस्सेदारी है।

    डॉ. जोशी के मुताबिक, ब्रह्मोस की निर्यात सफलता की शुरुआत 2025 में इसके युद्ध में इस्तेमाल से पहले ही हो गई थी। वर्ष 2022 में भारत को इस मिसाइल के लिए पहला बड़ा निर्यात ऑर्डर मिला था। इस सौदे ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय रक्षा उत्पादों की संभावनाओं को मजबूती दी।

    फिलीपींस के साथ शुरुआती निर्यात समझौते के बाद इस साल दक्षिण-पूर्व एशिया के दो और देशों के साथ सौदे किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, फिलीपींस, इंडोनेशिया और वियतनाम को मिले ऑर्डर और डिलीवरी के साथ ब्रह्मोस का निर्यात 600 मिलियन डॉलर से अधिक होने का अनुमान है।

    सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए बढ़ेंगे साझेदार
    ब्रह्मोस की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी उत्पादन क्षमता और सप्लाई चेन का विस्तार कर रही है। डॉ. जोशी ने बताया कि हैदराबाद, नागपुर, पिलानी और लखनऊ स्थित उत्पादन इकाइयां तेजी से काम कर रही हैं।

    कंपनी हर सिस्टम और सब-सिस्टम के लिए औद्योगिक साझेदारों की संख्या बढ़ाने की तैयारी में है। अभी जहां एक या दो प्रमुख साझेदारों पर निर्भरता रही है, वहीं इसे बढ़ाकर 45 सोर्स तक विकसित करने की योजना है। इससे उत्पादन में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता और लागत के स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    2027-28 तक तैयार हो सकता है ब्रह्मोस-एनजी का प्रोटोटाइप
    ब्रह्मोस के नए संस्करणों में ब्रह्मोस-एनजी यानी नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल महत्वपूर्ण है। यह मौजूदा मिसाइल की तुलना में छोटी और हल्की होगी। इसका उद्देश्य लड़ाकू विमानों में इसे एकीकृत करना आसान बनाना और भारत की हवाई हमले की क्षमता को मजबूत करना है।

    इस मिसाइल को भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और रूस की एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया के सहयोग से विकसित किया जा रहा है।

    डॉ. जोशी के अनुसार, ब्रह्मोस-एनजी का पहला प्रोटोटाइप 2027 या 2028 तक तैयार होने की उम्मीद है। इसमें अधिक स्वदेशी तकनीक और उन्नत सामग्री का इस्तेमाल करने की योजना है। इसके लिए व्यापक अनुसंधान एवं विकास की जरूरत होगी।

    1,500 किलोमीटर रेंज वाले वर्जन पर भी काम
    ब्रह्मोस एयरोस्पेस 1,500 किलोमीटर की रेंज वाले स्ट्राइक वेरिएंट पर भी काम कर रहा है। कंपनी के मुताबिक, मिसाइल ने जमीन, समुद्र और हवा से किए गए परीक्षणों में लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता दिखाई है। हालांकि, 1,500 किलोमीटर रेंज वाला वर्जन अभी अवधारणा के स्तर पर है।

    ब्रह्मोस की खासियत इसकी सुपरसोनिक गति, सटीक निशाना लगाने की क्षमता और अलग-अलग प्लेटफॉर्म से लॉन्च किए जाने की सुविधा है। नए संस्करणों के विकास से भारतीय सेनाओं की परिचालन क्षमता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात की संभावनाओं को मजबूत करने का लक्ष्य है।

    नौसेना के लिए ब्रह्मोस का नया कॉन्ट्रैक्ट
    रक्षा मंत्रालय ने 6 अक्टूबर को भारतीय नौसेना के जहाजों के लिए ब्रह्मोस फायर कंट्रोल सिस्टम और लॉन्चर खरीदने के लिए ब्रह्मोस एयरोस्पेस के साथ अनुबंध किया। इस परियोजना में कम से कम 68 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) सहित विभिन्न भारतीय उद्योगों की भागीदारी भी रहेगी।

    डॉ. जोशी के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर ने ब्रह्मोस की परिचालन क्षमता को प्रदर्शित किया है। कंपनी का जोर अब इस मिसाइल को अधिक स्वदेशी बनाने, उत्पादन बढ़ाने और नई पीढ़ी के संस्करणों को विकसित करने पर है।

  • MP में 7 दिन से आंधी-बारिश का दौर, आज 5 जिलों में अलर्ट, रात का पारा 3 डिग्री तक गिरेगा

    MP में 7 दिन से आंधी-बारिश का दौर, आज 5 जिलों में अलर्ट, रात का पारा 3 डिग्री तक गिरेगा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी आंधी और बारिश का सिलसिला थम नहीं रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में पिछले 7 दिनों से बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को इंदौर संभाग के आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, 24 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका असर 2 से 3 दिन बाद प्रदेश में दिखाई दे सकता है। फिलहाल साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम में बदलाव हो रहा है। गुरुवार को इंदौर, धार समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। वहीं, भोपाल में दिनभर तेज धूप रहने के बाद शाम को बादल छा गए।

    प्रदेश में पहली बार रात का तापमान 14 डिग्री से नीचे
    मौसम में बदलाव के साथ प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट आने लगी है। बीती रात इस सीजन में पहली बार न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में और गिरावट होने का अनुमान है। रात का पारा 2 से 3 डिग्री तक लुढ़क सकता है।

    कटनी के करौंदी में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमरकंटक में 14.5, रीवा में 15, उमरिया में 15.4 और शहडोल के कल्याणपुर में 15.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। इंदौर और टीकमगढ़ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है।

    अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में बारिश के साथ बढ़ेगी ठंड
    मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। 24 अक्टूबर से सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ का असर खासतौर पर उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में दिखाई दे सकता है। इस दौरान रात के तापमान में भी गिरावट होने का अनुमान है। ऐसे में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में प्रदेश में बारिश के साथ ठंड का असर बढ़ सकता है।

  • आज का राशिफल 23 अक्टूबर 2026, किसी को मिलेगा भाग्य का साथ तो किसी को रहना होगा सावधान, जानें सभी 12 राशियों का हाल

    आज का राशिफल 23 अक्टूबर 2026, किसी को मिलेगा भाग्य का साथ तो किसी को रहना होगा सावधान, जानें सभी 12 राशियों का हाल


    नई दिल्ली। 23 अक्टूबर 2026 का दिन शुक्रवार है और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह दिन कई राशियों के लिए नए अवसर और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। किसी राशि के जातकों को करियर में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है तो किसी को आर्थिक मामलों में सोच समझकर फैसले लेने की जरूरत होगी। नौकरी करने वालों को अपने काम पर ध्यान देना होगा जबकि व्यापार से जुड़े लोगों के लिए योजनाओं की समीक्षा करना फायदेमंद रह सकता है। पारिवारिक जीवन में आपसी समझ और धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रह सकता है।

    मेष राशि के जातकों के लिए दिन उत्साह से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और आपके प्रयासों की सराहना हो सकती है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें। परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा।

    वृषभ राशि वालों को आज अपनी योजनाओं पर ध्यान देने की जरूरत होगी। नौकरी और कारोबार में धीरे धीरे आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें। जीवनसाथी के साथ बातचीत से आपसी संबंध मजबूत हो सकते हैं।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए दिन रचनात्मक कार्यों में आगे बढ़ने का संकेत दे सकता है। नए लोगों से संपर्क भविष्य में उपयोगी साबित हो सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सकारात्मक खबर मिलने की उम्मीद रह सकती है। हालांकि महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करें।

    कर्क राशि वालों को परिवार और काम के बीच संतुलन बनाकर चलना होगा। किसी पुराने मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए निकल सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखना बेहतर रहेगा। भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचें और अपनी सेहत के लिए भी समय निकालें।

    सिंह राशि के जातकों के लिए कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है। अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाए रखना लाभकारी रहेगा। व्यापार में नई योजना बनाने से पहले उसकी पूरी जानकारी जुटाएं। पारिवारिक जीवन में खुशियां बनाए रखने के लिए अपनों की बात भी सुनें।

    कन्या राशि वालों के लिए दिन योजनाबद्ध तरीके से काम करने का है। अधूरे कार्यों को पूरा करने में सफलता मिल सकती है। आर्थिक मामलों में बजट बनाकर चलना फायदेमंद रहेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखनी चाहिए। अनावश्यक चिंता से बचने का प्रयास करें।

    तुला राशि के जातकों के लिए रिश्तों में सामंजस्य बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा। किसी पुराने मित्र से बातचीत हो सकती है। कार्यक्षेत्र में अपनी बात स्पष्ट रूप से रखें और दूसरों की राय का सम्मान करें। खर्च करते समय भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखना बेहतर होगा।

    वृश्चिक राशि वालों को आज धैर्य के साथ काम करने की जरूरत है। किसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को पूरा करने का अवसर मिल सकता है। कारोबार में जोखिम भरे फैसलों से बचें। निजी जीवन में गलतफहमी होने पर बातचीत से समाधान निकालने का प्रयास करें।

    धनु राशि के जातकों के लिए सीखने और आगे बढ़ने का दिन रह सकता है। करियर में नए विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। यात्रा की योजना बनाते समय जरूरी तैयारियां पूरी रखें। आर्थिक मामलों में दूसरों की सलाह सुनें लेकिन फैसला अपनी जरूरतों और परिस्थितियों को समझकर ही लें।

    मकर राशि वालों को मेहनत और अनुशासन का लाभ मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में लंबित काम पूरे करने पर ध्यान दें। धन से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें और बचत को प्राथमिकता दें। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक सुकून मिल सकता है।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए नए विचारों पर काम करने का अवसर मिल सकता है। टीम के साथ मिलकर काम करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। किसी भी योजना को लागू करने से पहले उसकी व्यावहारिकता जांच लें। रिश्तों में स्पष्टता और भरोसा बनाए रखना जरूरी होगा।

    मीन राशि वालों के लिए दिन आत्ममंथन और अपनी प्राथमिकताएं तय करने का हो सकता है। कामकाज में धैर्य रखने से फायदा मिल सकता है। आर्थिक लेनदेन में सतर्क रहें और भावनाओं के आधार पर फैसले न लें। परिवार के साथ समय बिताने और आराम करने से मन हल्का रह सकता है।

    कुल मिलाकर 23 अक्टूबर का दिन सभी राशियों के लिए अपनी जिम्मेदारियों को समझने और सोच समझकर आगे बढ़ने का संदेश देता है। सफलता पाने के लिए मेहनत के साथ सही योजना और धैर्य भी जरूरी है। राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित सामान्य अनुमान है। इसे निश्चित भविष्यवाणी न मानें और जीवन के महत्वपूर्ण फैसले अपनी परिस्थितियों तथा व्यावहारिक जानकारी के आधार पर लें।=

  • अमित शाह के 62वें जन्मदिन पर अक्षय कुमार ने दी बधाई, बोले- आपने हमेशा देश को सबसे पहले रखा

    अमित शाह के 62वें जन्मदिन पर अक्षय कुमार ने दी बधाई, बोले- आपने हमेशा देश को सबसे पहले रखा

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। गुरुवार, 22 अक्टूबर को अमित शाह के 62 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अभिनेता ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा कर उनकी सराहना की। अक्षय कुमार ने अपने संदेश में कहा कि अमित शाह ने हमेशा देश को सबसे पहले रखा है। इसके साथ ही उन्होंने महादेव से गृह मंत्री पर अपना आशीर्वाद बनाए रखने और उनके अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना की।

    अक्षय कुमार ने अपने संदेश में लिखा, “जन्मदिन की अनेक शुभकामनाएं अमित शाह जी। आपने हमेशा देश को सबसे आगे रखा है। महादेव का आशीर्वाद आप पर बना रहे… आपका स्वास्थ्य हमेशा अच्छा रहे और संकल्प हमेशा सच्चा रहे। जय महाकाल।” अभिनेता की इस पोस्ट में उन्होंने अमित शाह के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ जीवन और संकल्पों की सफलता की कामना की।

    अमित शाह के जन्मदिन पर सोशल मीडिया पर उन्हें शुभकामनाएं देने का सिलसिला जारी रहा। अक्षय कुमार का संदेश भी इसी क्रम में सामने आया। अभिनेता ने अपने संदेश में देश को प्राथमिकता देने के लिए गृह मंत्री की प्रशंसा की और धार्मिक आस्था से जुड़े शब्दों के जरिए उनके लिए मंगलकामना व्यक्त की।

    अक्षय कुमार हिंदी सिनेमा के चर्चित अभिनेताओं में शामिल हैं। उन्होंने वर्ष 1991 में फिल्म ‘सौगंध’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। हालांकि, वर्ष 1992 में रिलीज हुई फिल्म ‘खिलाड़ी’ से उन्हें खास पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने एक्शन फिल्मों में अपनी अलग जगह बनाई और ‘खिलाड़ी कुमार’ के नाम से लोकप्रिय हुए।

    अपने लंबे फिल्मी सफर में अक्षय कुमार ने केवल एक्शन ही नहीं, बल्कि कॉमेडी, रोमांस, सामाजिक विषयों और देशभक्ति से जुड़ी फिल्मों में भी काम किया है। ‘हेरा फेरी’, ‘गरम मसाला’, ‘भूल भुलैया’, ‘नमस्ते लंदन’, ‘सिंह इज किंग’ और ‘हाउसफुल’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने पसंद किया। इन फिल्मों ने उन्हें अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाने वाले अभिनेता के रूप में पहचान दिलाई।

    अक्षय कुमार ने गंभीर विषयों पर बनी फिल्मों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। ‘बेबी’, ‘एयरलिफ्ट’, ‘रुस्तम’, ‘केसरी’ और ‘मिशन मंगल’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं। वहीं, ‘पैडमैन’ और ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने सामाजिक मुद्दों को मनोरंजन के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया।

    अभिनय के क्षेत्र में योगदान के लिए अक्षय कुमार को वर्ष 2009 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा, फिल्म ‘रुस्तम’ में उनके अभिनय के लिए वर्ष 2017 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। विभिन्न शैलियों की फिल्मों में काम करने के कारण उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई है।

    अमित शाह को जन्मदिन पर दी गई अक्षय कुमार की शुभकामनाएं उनके सार्वजनिक संदेश के रूप में सामने आईं। अभिनेता ने अपने पोस्ट में गृह मंत्री के प्रति सम्मान जताने के साथ उनके अच्छे स्वास्थ्य और दृढ़ संकल्प की कामना की। उनका संदेश जन्मदिन के अवसर पर अमित शाह को बधाई देने वाली सोशल मीडिया पोस्टों में शामिल रहा।

  • लाल सागर में 14 भारतीयों को ले जा रही नाव पर सऊदी हवाई हमले का दावा, हूतियों ने शुरू किया बचाव अभियान

    लाल सागर में 14 भारतीयों को ले जा रही नाव पर सऊदी हवाई हमले का दावा, हूतियों ने शुरू किया बचाव अभियान

    नई दिल्ली । लाल सागर में 14 भारतीय नागरिकों को ले जा रही एक नाव पर सऊदी अरब की ओर से हवाई हमला किए जाने का दावा सामने आया है। यमन के हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि जुकर द्वीप के पास एक भारतीय नौका को निशाना बनाया गया। हूती पक्ष के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद नाव पर सवार लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया है। हालांकि, हमले की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और नाव पर मौजूद भारतीयों की मौजूदा स्थिति को लेकर भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि सऊदी अरब ने लाल सागर में जुकर द्वीप के नजदीक इस नाव पर हवाई हमला किया। उनके मुताबिक, नौका पर 14 भारतीय नागरिक सवार थे। उन्होंने कहा कि घटना की सूचना मिलने के बाद हूती बलों की बचाव टीमों को सक्रिय किया गया, जो कथित तौर पर नाव में मौजूद लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रही हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं या हमले में किसी को चोट पहुंची है।

    इस घटना को लेकर सऊदी अरब प्रशासन या सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन की ओर से हमले की पुष्टि अथवा खंडन किए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए फिलहाल इसे हूती विद्रोहियों की ओर से किया गया दावा माना जा रहा है। भारतीय नागरिकों की संख्या और उनकी स्थिति की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

    जिस इलाके में कथित हमले की बात कही गई है, वह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के करीब स्थित है। लाल सागर को अदन की खाड़ी और आगे हिंद महासागर से जोड़ने वाला यह समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से बेहद अहम है। इस रास्ते से बड़ी मात्रा में वैश्विक माल और ऊर्जा संसाधनों का परिवहन होता है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी सैन्य कार्रवाई की खबर से समुद्री सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

    हूती प्रवक्ता ने कथित हमले की निंदा करते हुए सऊदी अरब पर गैर-जिम्मेदाराना सैन्य कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं लाल सागर में सामान्य नौकाओं और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। हूती पक्ष ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों से मामले पर ध्यान देने तथा ऐसी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने के लिए दबाव बनाने की अपील भी की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

    लाल सागर और यमन के आसपास का समुद्री क्षेत्र लंबे समय से क्षेत्रीय संघर्ष और सैन्य गतिविधियों के कारण संवेदनशील बना हुआ है। यहां किसी भी संभावित हमले का असर केवल स्थानीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन और व्यापार पर भी पड़ सकता है। जुकर द्वीप के पास भारतीय नागरिकों को ले जा रही नाव पर हमले का दावा इसी कारण चिंता का विषय बन गया है।

    फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल नाव पर सवार बताए जा रहे 14 भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बचाव अभियान चलाए जाने का दावा किया गया है, लेकिन उसके नतीजों का विवरण सामने नहीं आया है। भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से मामले की पुष्टि, नागरिकों की पहचान और उनकी स्थिति को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध होने तक घटना से जुड़े दावों को सावधानी से देखना जरूरी है।

  • न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा रन चेज, संजू सैमसन की फिफ्टी और नमन धीर के तूफान से जीता मुकाबला

    न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा रन चेज, संजू सैमसन की फिफ्टी और नमन धीर के तूफान से जीता मुकाबला


    नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की। बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने आखिरी ओवर तक चले रोमांचक मुकाबले में न्यूजीलैंड को चार विकेट से हरा दिया। भारत ने 226 रन का लक्ष्य 19.4 ओवर में छह विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज पूरा किया और पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। मुकाबले के आखिरी पलों में नमन धीर ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की उसने भारतीय प्रशंसकों का उत्साह बढ़ा दिया। नमन ने केवल 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन ठोककर मैच का रुख भारत के पक्ष में कर दिया और आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को यादगार जीत दिलाई।

    नमन धीर ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर खत्म किया रोमांच

    मैच के अंतिम ओवर में भारतीय टीम को जीत के लिए जरूरी रन बनाने थे और न्यूजीलैंड के गेंदबाज मैट हेनरी पर दबाव साफ नजर आ रहा था। ऐसे समय में नमन धीर ने धैर्य और आक्रामकता का शानदार मेल दिखाया। उन्होंने ओवर में पहले चौका लगाया और फिर एक रन लेकर स्ट्राइक अपने पास रखी। इसके बाद आखिरी गेंद पर नमन ने छक्का जड़कर भारतीय टीम की जीत सुनिश्चित कर दी। शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलने के प्रयास में बल्ले का ऊपरी किनारा लगा लेकिन गेंद फाइन लेग की बाउंड्री के पार चली गई। इस छक्के के साथ ही भारतीय ड्रेसिंग रूम में जश्न शुरू हो गया। नमन की 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन की पारी ने साबित कर दिया कि टी20 क्रिकेट में अंतिम ओवरों की आक्रामक बल्लेबाजी किसी भी बड़े लक्ष्य को आसान बना सकती है।

    संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी

    226 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम को शुरुआत से ही तेजी के साथ रन बनाने की जरूरत थी। संजू सैमसन ने 67 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और समझदारी दोनों नजर आईं। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी 42 रन बनाकर लक्ष्य का पीछा करने में अहम योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों की पारियों से भारत की जीत की उम्मीद मजबूत हुई लेकिन बीच के ओवरों में विकेट गिरने के कारण मुकाबला फिर रोमांचक हो गया। एक समय ऐसा लगा कि न्यूजीलैंड की टीम मैच में वापसी कर सकती है लेकिन नमन धीर ने तेजी से रन बनाकर समीकरण बदल दिए। अंतिम ओवरों में उनके बेखौफ अंदाज ने भारतीय टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचा दिया।

    ग्लेन फिलिप्स की पारी से न्यूजीलैंड ने बनाया बड़ा स्कोर

    इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट खोकर 225 रन बनाए। कीवी टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन की पारी खेली। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और न्यूजीलैंड को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। भारत के सामने 226 रन का लक्ष्य था जो किसी भी टीम के लिए आसान नहीं माना जाता। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव में बिखरने के बजाय मुकाबले में वापसी की और अंततः जीत हासिल कर ली।

    सीरीज में भारत को मिली शुरुआती बढ़त

    इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। टीम इंडिया के लिए यह जीत केवल सीरीज में आगे निकलने तक सीमित नहीं रही बल्कि टी20 इंटरनेशनल में सबसे बड़े सफल रन चेज का नया रिकॉर्ड भी लेकर आई। संजू सैमसन की अहम पारी श्रेयस अय्यर का योगदान और नमन धीर की विस्फोटक बल्लेबाजी इस मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत रही। अब भारतीय टीम की नजरें अगले मैच में भी जीत हासिल कर सीरीज में अपनी स्थिति मजबूत करने पर रहेंगी। वहीं न्यूजीलैंड की टीम अगले मुकाबले में वापसी करने के इरादे से उतरेगी। पहले मैच ने साफ कर दिया कि दोनों टीमों के बीच आगे भी कड़ा और रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

  • पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने की पीएम मोदी की तारीफ, भारत को बताया दुनिया के लिए उम्मीद की किरण

    पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने की पीएम मोदी की तारीफ, भारत को बताया दुनिया के लिए उम्मीद की किरण


    नई दिल्ली ।
    पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें अनिश्चितता और राजनीतिक उथल-पुथल के दौर में दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बताया। भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए टस्क ने द्विपक्षीय बातचीत के बाद संयुक्त बयान में कहा कि उन्हें मोदी को अपना मित्र कहने पर गर्व है। उन्होंने भारत और पोलैंड के बीच मजबूत होते संबंधों, साझा मूल्यों और आर्थिक विकास की भी सराहना की।

    डोनाल्ड टस्क ने कहा कि भारत जैसे शक्तिशाली देश का नेतृत्व नरेंद्र मोदी जैसे व्यक्ति के हाथों में होना हम सभी के लिए उम्मीद की किरण है। उन्होंने दोहराया कि उन्हें वास्तव में गर्व है कि वह खुद को प्रधानमंत्री मोदी का मित्र कह सकते हैं। टस्क के मुताबिक, दोनों देशों के बीच बातचीत बेहद सफल रही है। इसकी वजह केवल भारत और पोलैंड के बीच समानताएं नहीं, बल्कि यह भी है कि भौगोलिक दूरी को छोड़कर दोनों देशों के संबंधों में कोई बड़ा अंतर या बाधा नहीं है।

    पोलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और पोलैंड के बीच तालमेल स्वाभाविक है और दोनों देशों के हितों में कोई टकराव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कोई ऐतिहासिक मुद्दा नहीं है जो दोनों देशों को एक-दूसरे से अलग करता हो। दोनों देश भरोसे, साझा मूल्यों और विचारों के आधार पर अपनी मित्रता को आगे बढ़ा रहे हैं। टस्क ने विशेष रूप से अहिंसा के विचार का उल्लेख करते हुए इसे दोनों देशों के साझा मूल्यों में शामिल बताया।

    टस्क ने भारत और पोलैंड की आर्थिक प्रगति की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पिछले 35 वर्षों में दोनों देशों ने असाधारण आर्थिक सफलता और तेज विकास देखा है। उनके अनुसार, दुनिया भारत और पोलैंड की विकास यात्रा को ईर्ष्या की नजर से देखती है। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब वैश्विक स्तर पर राजनीतिक अनिश्चितता और विभिन्न क्षेत्रों में जारी संघर्षों के बीच देशों के बीच सहयोग और संवाद को अहम माना जा रहा है।

    बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड रक्षा, अंतरिक्ष तथा परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करने और आपसी सहयोग को व्यापक बनाने के लिए कई कदम उठाने का फैसला किया है। मोदी के मुताबिक, भारत और पोलैंड द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने तथा विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए किए जा रहे सार्थक प्रयासों को भारत का समर्थन जारी रहने की बात भी कही। टस्क की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब यूक्रेन में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग के साथ वैश्विक शांति से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहे।

    मोदी ने अपनी वर्ष 2024 की पोलैंड यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस दौरान डोनाल्ड टस्क ने उनका और उनके प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया था। उन्होंने टस्क का भारत में स्वागत करने पर खुशी जताई। दोनों नेताओं के बयानों से भारत और पोलैंड के बीच राजनीतिक संवाद, आपसी विश्वास और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने की साझा इच्छा सामने आई। रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति इस साझेदारी के महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल है।

  • हिमाचल के सिंदूरी अनार दुबई पहुंचे, किसानों के लिए खुलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमाई बढ़ाने का नया रास्ता

    हिमाचल के सिंदूरी अनार दुबई पहुंचे, किसानों के लिए खुलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमाई बढ़ाने का नया रास्ता

    नई दिल्ली । हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी उपज पहुंचाने का एक नया अवसर सामने आया है। राज्य के कुल्लू में पैदा होने वाले सिंदूरी अनारों की 1.3 मीट्रिक टन खेप सफलतापूर्वक दुबई भेजी गई है। इस निर्यात से भारतीय कृषि उत्पादों को विदेशी बाजारों में पहचान दिलाने और स्थानीय किसानों को व्यापक बाजार से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ी हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को इस उपलब्धि की जानकारी दी।

    इस खेप का निर्यात कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से किया गया। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय कृषि उपज को वैश्विक खरीदारों तक पहुंचाना है। विदेशों में भारतीय फलों की मांग और बाजार तक सीधी पहुंच बढ़ने से किसानों को अपनी उपज के लिए नए खरीदार मिल सकते हैं। हालांकि, किसानों की आय पर इसका वास्तविक प्रभाव निर्यात की निरंतरता, बाजार की मांग, कीमतों और आपूर्ति व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

    कुल्लू के सिंदूरी अनारों का दुबई पहुंचना हिमाचल प्रदेश की कृषि उपज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। विदेशी बाजार में उत्पाद पहुंचाने के लिए गुणवत्ता, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन और समय पर आपूर्ति जैसे पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी होता है। यदि ऐसे निर्यात नियमित रूप से आगे बढ़ते हैं, तो स्थानीय उत्पादकों और उनसे जुड़े कारोबारियों को अपने व्यापार का विस्तार करने का अवसर मिल सकता है।

    कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अन्य राज्यों में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी महीने की शुरुआत में एपीडा ने हरियाणा के सोनीपत से कनाडा के लिए 24 मीट्रिक टन जमे हुए खाद्य उत्पादों की खेप भेजने में सहायता की थी। इस खेप में हरी मटर, मिश्रित सब्जियां, मटर और गाजर, स्वीट कॉर्न तथा समोसे जैसे उत्पाद शामिल थे। यह निर्यात किसान उत्पादक संगठनों के नेतृत्व में किया गया था। निर्यात करने वाली इकाई को एपीडा की वित्तीय सहायता योजना से भी मदद मिली।

    इन पहलों के जरिए कृषि और खाद्य उत्पादों के कारोबार से जुड़े छोटे उत्पादकों तथा संगठनों को विदेशी बाजारों तक पहुंचने में सहायता देने का प्रयास किया जा रहा है। किसान उत्पादक संगठन सामूहिक रूप से उपज जुटाने, उसकी गुणवत्ता बनाए रखने और बड़े खरीदारों की जरूरतों के अनुसार आपूर्ति करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। वित्तीय सहायता और निर्यात संबंधी मार्गदर्शन से ऐसी इकाइयों के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भागीदारी आसान हो सकती है।

    इस बीच, मुक्त व्यापार समझौतों यानी एफटीए के लाभों को कारोबारियों तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। गांधीनगर में हुई राज्यस्तरीय कार्यशाला में 200 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें राज्य सरकार के अधिकारी, निर्यात संवर्धन परिषदों के प्रतिनिधि और निर्यातक शामिल थे। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को मुक्त व्यापार समझौतों के तहत उपलब्ध अवसरों की जानकारी देना था।

    पीयूष गोयल ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय कारोबारियों और निर्यातकों की भागीदारी बढ़ाने से एफटीए का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। इससे भारत के कुल निर्यात में गुजरात की हिस्सेदारी बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

    मंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में हुए मुक्त व्यापार समझौतों ने भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर खोले हैं। सरकार का जोर इन समझौतों का लाभ किसानों, श्रमिकों, महिलाओं, युवाओं, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और छोटे कारोबारियों तक पहुंचाने पर है, ताकि देश में बने उत्पादों को वैश्विक बाजारों में अधिक अवसर मिल सकें।

    गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की ओर से स्थानीय कारोबारियों को नए निर्यात बाजार तलाशने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयासों की भी सराहना की गई। केंद्र सरकार के वाणिज्य विभाग की योजना राज्यों के साथ मिलकर ऐसी और पहल आयोजित करने की है। इससे राज्यों को अपनी विशिष्ट निर्यात क्षमता पहचानने, मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाने और देश के निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है।

  • अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का दूसरी तिमाही में मुनाफा 145 प्रतिशत उछला, आय 51 प्रतिशत बढ़कर 10,239 करोड़ रुपये पहुंची

    अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का दूसरी तिमाही में मुनाफा 145 प्रतिशत उछला, आय 51 प्रतिशत बढ़कर 10,239 करोड़ रुपये पहुंची

    नई दिल्ली । अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान कंपनी का मुनाफा पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 145 प्रतिशत बढ़कर 1,364 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी की कुल आय 51 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10,239 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। ट्रांसमिशन और ऊर्जा समाधान कारोबार में बेहतर प्रदर्शन को कंपनी की वृद्धि का प्रमुख आधार बताया गया है।

    कंपनी के परिचालन से प्राप्त आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी तिमाही में यह सालाना आधार पर 51 प्रतिशत बढ़कर 7,167 करोड़ रुपये रही। इसी अवधि में कंपनी का एबिटडा 67 प्रतिशत बढ़कर 3,548 करोड़ रुपये हो गया, जबकि ऑपरेशनल एबिटडा में 68 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 3,070 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ये आंकड़े कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में सुधार को दर्शाते हैं।

    वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में भी कंपनी ने मुनाफे और आय के मोर्चे पर बढ़त दर्ज की। अप्रैल से सितंबर की अवधि में कंपनी का समेकित मुनाफा सालाना आधार पर 137 प्रतिशत बढ़कर 2,600 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, इस दौरान कुल आय 46 प्रतिशत बढ़कर 20,092 करोड़ रुपये दर्ज की गई। कंपनी के प्रबंधन ने पहली छमाही के वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन को भविष्य की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण बताया है।

    कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कंदर्प पटेल के अनुसार, पहली छमाही के दौरान वित्तीय प्रदर्शन के साथ परिचालन गतिविधियों में भी मजबूती रही। उन्होंने बताया कि विजाग और सतारा में रणनीतिक ट्रांसमिशन परिसंपत्तियों का अधिग्रहण कंपनी की विस्तार योजना का हिस्सा है। इन परिसंपत्तियों के जुड़ने से कंपनी की सक्रिय ऑर्डर बुक लगभग 87,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह ऑर्डर बुक भविष्य में परियोजनाओं के क्रियान्वयन और कारोबार के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    मुंबई के बिजली वितरण कारोबार में भी कंपनी ने वृद्धि दर्ज की। प्रबंधन के अनुसार, इस कारोबार में बेची गई बिजली की इकाइयों में लगभग 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं, स्मार्ट मीटरिंग कारोबार के तहत लगाए गए मीटरों की कुल संख्या बढ़कर लगभग 1.5 करोड़ हो गई है। स्मार्ट मीटरिंग कंपनी के ऊर्जा समाधान कारोबार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें बढ़ती गतिविधियां आय में योगदान दे रही हैं।

    कंपनी ने महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड यानी एमएसईडीसीएल के साथ 2.5 गीगावाट की चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति से संबंधित एक बड़ा अनुबंध भी हासिल किया है। प्रबंधन के मुताबिक, यह समझौता विभिन्न स्रोतों से ऊर्जा जुटाने और ग्राहकों को बिजली आपूर्ति बेहतर बनाने की कंपनी की क्षमता को मजबूत करता है। हालांकि, इस अनुबंध से होने वाली अतिरिक्त आय का विस्तृत ब्योरा जारी आंकड़ों में नहीं दिया गया है।

    कारोबार के अलग-अलग क्षेत्रों में दूसरी तिमाही के नतीजे भी सामने आए। ट्रांसमिशन कारोबार की परिचालन आय सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 1,521 करोड़ रुपये रही। बिजली वितरण कारोबार, जिसमें एईएमएल और एमयूएल शामिल हैं, की आय दो प्रतिशत बढ़कर 3,181 करोड़ रुपये हो गई। स्मार्ट मीटरिंग से आय 129 प्रतिशत की तेज वृद्धि के साथ 267 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जबकि ऊर्जा समाधान कारोबार से आय 2,197 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

    शेयर बाजार में अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का शेयर बीएसई पर 1,293 रुपये के भाव पर बंद हुआ। उपलब्ध एक्सचेंज आंकड़ों के मुताबिक, शेयर का पिछले 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 1,789 रुपये और न्यूनतम स्तर 804.70 रुपये रहा है। कंपनी के तिमाही नतीजों में मुनाफे, आय और परिचालन लाभ में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि भविष्य का प्रदर्शन परियोजनाओं के क्रियान्वयन और कारोबार के विस्तार पर निर्भर करेगा।

  • शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 460 अंक टूटा और निफ्टी 22,688 के करीब बंद

    शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 460 अंक टूटा और निफ्टी 22,688 के करीब बंद

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 460.30 अंक यानी 0.62 प्रतिशत टूटकर 73,249.39 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 123.70 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,687.65 पर आ गया। बाजार में बिकवाली का दबाव कई प्रमुख क्षेत्रों में दिखाई दिया। मीडिया, एफएमसीजी और रक्षा क्षेत्र के शेयरों में गिरावट ने प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ाया।

    बाजार के जानकारों के मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं। कारोबारी सत्र की शुरुआत कमजोर रुख के साथ हुई। इसके बाद प्रमुख सूचकांकों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निचले स्तरों पर कुछ समय के लिए खरीदारी भी आई, जिससे गिरावट को सीमित करने में मदद मिली, लेकिन बाजार अंत तक मजबूती हासिल नहीं कर सका। लगातार तीसरे दिन की कमजोरी से संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।

    क्षेत्रीय सूचकांकों में निफ्टी मीडिया सबसे ज्यादा दबाव में रहा और 2.35 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। निफ्टी एफएमसीजी में 1.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी इंडिया डिफेंस 1.21 प्रतिशत टूटा, जबकि निफ्टी एनर्जी और निफ्टी आईटी दोनों में 1.05 प्रतिशत की कमजोरी रही। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स भी 0.96 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। इन क्षेत्रों में बिकवाली ने बाजार की कमजोरी को और व्यापक बना दिया।

    हालांकि, सभी क्षेत्रों में गिरावट नहीं रही। निफ्टी फार्मा, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी हेल्थकेयर बढ़त के साथ बंद हुए। इन क्षेत्रों में खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा मिला, लेकिन इसका असर प्रमुख सूचकांकों की गिरावट को पलटने के लिए पर्याप्त नहीं रहा। निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक घटनाक्रम और आने वाले कारोबारी संकेतों पर बनी हुई है।

    बड़े शेयरों के साथ मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी कमजोरी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 501.90 अंक यानी 0.87 प्रतिशत गिरकर 57,063.95 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 211.40 अंक यानी 1.14 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 18,275.90 पर आ गया। छोटी कंपनियों के शेयरों में अपेक्षाकृत अधिक गिरावट से पता चलता है कि बिकवाली का असर केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा।

    सेंसेक्स में शामिल बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल, अदाणी पोर्ट्स, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बजाज फिनसर्व बढ़त के साथ बंद हुए। इन शेयरों में खरीदारी के बावजूद बाजार की समग्र दिशा कमजोर बनी रही।

    दूसरी ओर, इटरनल, एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड, ट्रेंट, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, आईटीसी, बीएसई, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस, एलएंडटी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, टाइटन, इंडिगो, एनटीपीसी और एक्सिस बैंक गिरावट के साथ बंद हुए। इन शेयरों में कमजोरी ने बाजार पर दबाव बनाए रखा।

    विशेषज्ञों के अनुसार, प्रमुख सूचकांकों और व्यापक बाजार में लगातार गिरावट निवेशकों की जोखिम लेने की सीमित इच्छा को दर्शाती है। फिलहाल बाजार की दिशा पर कच्चे तेल की कीमतों, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक संकेतों का प्रभाव महत्वपूर्ण बना हुआ है। ऐसे माहौल में निवेशक बाजार के अगले रुझान को समझने के लिए सतर्कता से कारोबार कर रहे हैं।