Author: bharati

  • पहले ही मैच में कप्तानी की कड़ी परीक्षा, श्रेयस अय्यर के साथ जुड़ा ऐसा रिकॉर्ड जिसे कोई कप्तान नहीं चाहेगा

    पहले ही मैच में कप्तानी की कड़ी परीक्षा, श्रेयस अय्यर के साथ जुड़ा ऐसा रिकॉर्ड जिसे कोई कप्तान नहीं चाहेगा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम  का आयरलैंड दौरा उम्मीदों के विपरीत शुरुआत के साथ आगे बढ़ा। बेलफास्ट में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में मेजबान आयरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 34 रन से शिकस्त दे दी। यह मुकाबला सिर्फ हार की वजह से ही चर्चा में नहीं रहा बल्कि भारतीय टीम के नए कप्तान श्रेयस अय्यर के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया जिसे कोई भी कप्तान अपने करियर की शुरुआत में नहीं देखना चाहता।

    श्रेयस अय्यर पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत की कप्तानी कर रहे थे लेकिन उनका डेब्यू जीत के बजाय हार के साथ समाप्त हुआ। इसी के साथ वह उन चुनिंदा भारतीय कप्तानों की सूची में शामिल हो गए जिन्होंने अपने पहले टी20 कप्तानी मैच में हार का सामना किया। यह हार इसलिए भी बड़ी मानी जा रही है क्योंकि भारत का जनवरी 2024 से चला आ रहा टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में अजेय रहने का सिलसिला भी टूट गया।

    मुकाबले में आयरलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 183 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। जवाब में भारतीय बल्लेबाजी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और पूरी टीम 18.5 ओवर में 148 रन पर सिमट गई। भारतीय बल्लेबाज बड़ी साझेदारी बनाने में नाकाम रहे जबकि आयरलैंड के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। परिणामस्वरूप भारत को 34 रन से हार झेलनी पड़ी।

    इस हार के साथ श्रेयस अय्यर का नाम भारतीय क्रिकेट के कुछ बड़े कप्तानों के साथ एक अनचाही सूची में जुड़ गया। इससे पहले विराट कोहली भी अपने टी20 कप्तानी डेब्यू में जीत दर्ज नहीं कर सके थे। साल 2017 में कानपुर में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए अपने पहले टी20 मुकाबले में भारत को सात विकेट से हार मिली थी। विराट के नाम एक और अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है। वह भारत के ऐसे पहले कप्तान बने जिन्होंने टेस्ट वनडे और टी20 तीनों प्रारूपों में कप्तानी की शुरुआत हार के साथ की।

    साल 2022 में ऋषभ पंत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज में कप्तानी का मौका मिला था। उस मुकाबले में भारत ने 211 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था लेकिन गेंदबाज लक्ष्य का बचाव नहीं कर सके और पंत का कप्तानी डेब्यू भी हार के साथ समाप्त हुआ।

    इसके बाद साल 2024 में शुभमन गिल को जिम्बाब्वे दौरे पर पहली बार टी20 टीम की कमान मिली थी। हरारे में खेले गए पहले मुकाबले में भारत को 13 रन से हार मिली थी। हालांकि गिल ने शानदार वापसी करते हुए पूरी सीरीज 4-1 से अपने नाम की और आलोचकों को करारा जवाब दिया था।

    अब साल 2026 में श्रेयस अय्यर भी इसी सूची का हिस्सा बन गए हैं। हालांकि क्रिकेट में एक मुकाबला किसी कप्तान की क्षमता तय नहीं करता। भारतीय टीम के सामने अब सीरीज में वापसी करने का मौका है और श्रेयस अय्यर की कोशिश होगी कि अगले मुकाबलों में टीम बेहतर प्रदर्शन करे तथा अपनी कप्तानी का सफल आगाज जीत के साथ आगे बढ़ाए। भारतीय टीम के पास मजबूत बल्लेबाजी और अनुभवी गेंदबाजी आक्रमण है इसलिए अगले मैचों में वापसी की पूरी उम्मीद बनी हुई है।

  • मध्य प्रदेश में मानसून पर लगा ब्रेक 43 जिलों में बारिश की चेतावनी ग्वालियर चंबल को करना होगा सबसे ज्यादा इंतजार

    मध्य प्रदेश में मानसून पर लगा ब्रेक 43 जिलों में बारिश की चेतावनी ग्वालियर चंबल को करना होगा सबसे ज्यादा इंतजार


    मध्यप्रदेश मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री के बाद उसकी रफ्तार फिलहाल थम गई है। दक्षिण पूर्वी हिस्से के 15 जिलों तक पहुंचने के बाद पिछले तीन दिनों से मानसून आगे नहीं बढ़ पाया है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में परिस्थितियां अनुकूल बनने की संभावना जताई है। इसके साथ ही शनिवार को प्रदेश के 43 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार मानसून ने 24 जून को मध्य प्रदेश में प्रवेश किया था। इसके बाद आलीराजपुर इंदौर धार हरदा बैतूल खंडवा बुरहानपुर खरगोन छिंदवाड़ा पांढुर्णा सिवनी बालाघाट मंडला डिंडोरी और बड़वानी सहित 15 जिलों में इसकी आधिकारिक एंट्री दर्ज की गई। इसके बाद मानसून की प्रगति धीमी पड़ गई। विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून सबसे पहले भोपाल और उज्जैन संभाग की ओर आगे बढ़ सकता है जबकि ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में इसकी दस्तक सबसे आखिर में होने की संभावना है।

    शनिवार के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर झाबुआ आलीराजपुर धार बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन उज्जैन रतलाम आगर मालवा शाजापुर देवास नर्मदापुरम बैतूल हरदा जबलपुर कटनी नरसिंहपुर छिंदवाड़ा पांढुर्णा सिवनी बालाघाट मंडला डिंडोरी रीवा सतना सीधी सिंगरौली मऊगंज मैहर शहडोल उमरिया अनूपपुर सागर पन्ना दमोह और छतरपुर में बारिश की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा ग्वालियर श्योपुर मुरैना भिंड दतिया शिवपुरी गुना अशोकनगर नीमच मंदसौर निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों में भी कहीं कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। सिवनी में करीब दो इंच बारिश दर्ज की गई जबकि उज्जैन में डेढ़ इंच से अधिक पानी गिरा। शाजापुर के शुजालपुर और अकोदिया सहित कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा हुई। दतिया इंदौर राजगढ़ शिवपुरी मंडला रीवा सागर बालाघाट खंडवा आगर मालवा और मंदसौर सहित अनेक जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा।

    बारिश के बीच कुछ स्थानों पर हादसे भी हुए। बालाघाट जिले में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चों सहित तीन लोगों की मौत हो गई जबकि छह लोग झुलस गए। वहीं देवास जिले के खटांबा गांव में आंधी और बारिश के दौरान एक गैलरी गिरने से दो महिलाओं की जान चली गई और तीन लोग घायल हो गए।

    लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। खरगोन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा जबकि खंडवा सागर छिंदवाड़ा बैतूल सिवनी उमरिया धार और नर्मदापुरम में भी तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में भोपाल और इंदौर का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस उज्जैन का 33.5 डिग्री जबलपुर का 36.7 डिग्री जबकि ग्वालियर सबसे गर्म रहा जहां अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग का कहना है कि यदि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो अगले दो से तीन दिनों में मानसून एक बार फिर सक्रिय होगा और प्रदेश के शेष हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ेगा।

  • MLA रेस्ट हाउस विवाद ने लिया नया मोड़ आरोपी पक्ष ने थाने में पिटाई का लगाया आरोप अब होगी पुलिस जांच

    MLA रेस्ट हाउस विवाद ने लिया नया मोड़ आरोपी पक्ष ने थाने में पिटाई का लगाया आरोप अब होगी पुलिस जांच


    नई दिल्ली। भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित एमएलए रेस्ट हाउस के बाहर कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे देवराज सिंह गुर्जर से कथित मारपीट के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। घटना में आरोपी बनाए गए लक्की यादव की मां ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर पुलिस कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं। शिकायत के बाद पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

    आरोपी पक्ष की ओर से की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान पहले उनके बेटों के साथ एमएलए रेस्ट हाउस के बाहर मारपीट की गई। इसके बाद अरेरा हिल्स थाने में भी पुलिस की मौजूदगी में उनके बेटों के साथ कथित रूप से मारपीट हुई। शिकायत में कहा गया है कि दोनों युवकों के शरीर पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण उनकी शिकायत पर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई।

    पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने शिकायत मिलने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    दूसरी ओर विधायक पुत्र देवराज सिंह गुर्जर ने भी पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष रखा है। उनके अनुसार 24 जून की रात वह मालवीय नगर स्थित एमएलए रेस्ट हाउस स्थित अपने आवास की बालकनी में टहल रहे थे। इसी दौरान घर के बाहर कुछ युवक शराब पी रहे थे। उन्हें वहां से हटने के लिए कहने पर विवाद शुरू हो गया।

    देवराज का आरोप है कि विरोध करने पर चारों युवक उनके घर की सीढ़ियों तक पहुंच गए और शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे। मना करने पर उनके साथ मारपीट और छीनाझपटी की गई। उन्होंने बताया कि शोर सुनकर उनके दोस्त मौके पर पहुंचे और बीच बचाव कर उन्हें बचाया। आरोप है कि जाते समय युवक उन्हें धमकी देकर वहां से चले गए।

    घटना के बाद देवराज ने जेपी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया और अरेरा हिल्स थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उनकी शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।

    अब आरोपी पक्ष की ओर से लगाए गए नए आरोपों के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। पुलिस दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान क्या हुआ और किस पक्ष के आरोप सही हैं। फिलहाल पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है और कहा है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026 बना सबसे धमाकेदार टूर्नामेंट 59वें मैच में टूटा सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड अभी कई मुकाबले बाकी

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 बना सबसे धमाकेदार टूर्नामेंट 59वें मैच में टूटा सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड अभी कई मुकाबले बाकी


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 ने गोलों के मामले में नया इतिहास रच दिया है। अमेरिका कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट ने अभी आधा सफर भी पूरा नहीं किया है लेकिन एक संस्करण में सबसे ज्यादा गोल होने का रिकॉर्ड पहले ही टूट चुका है। नए 48 टीमों वाले प्रारूप ने विश्व कप को पहले से अधिक रोमांचक बना दिया है और मैदान पर गोलों की लगातार बारिश देखने को मिल रही है।

    टूर्नामेंट के 59वें मुकाबले में अमेरिका और तुर्किये के बीच खेले गए मैच के दौरान विश्व कप का 173वां गोल दर्ज हुआ। इसके साथ ही कतर में आयोजित 2022 विश्व कप में बने 172 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया गया। इसके बाद गोलों की संख्या लगातार बढ़ती रही और अब तक कुल 177 गोल हो चुके हैं। खास बात यह है कि नॉकआउट चरण के कई बड़े मुकाबले अभी बाकी हैं जिससे यह आंकड़ा और आगे जाने की पूरी संभावना है।

    इस रिकॉर्ड के पीछे सबसे बड़ा कारण विश्व कप का नया प्रारूप माना जा रहा है। पहली बार टूर्नामेंट में 48 टीमों को शामिल किया गया है। इससे पहले 1930 से 2022 तक विश्व कप में 32 टीमें हिस्सा लेती थीं और कुल 64 मुकाबले खेले जाते थे। अब मैचों की संख्या बढ़कर 104 हो गई है जिससे खिलाड़ियों को गोल करने के अधिक अवसर मिल रहे हैं और दर्शकों को अधिक रोमांचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं।

    इस विश्व कप में कई स्टार खिलाड़ियों ने भी नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। पुर्तगाल के दिग्गज क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ गोल कर लगातार छह अलग अलग विश्व कप में गोल करने वाले पहले पुरुष फुटबॉलर बनने का गौरव हासिल किया। 41 वर्ष की उम्र में भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी है।

    फ्रांस के स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बाप्पे ने भी अपनी शानदार फॉर्म बरकरार रखते हुए विश्व कप इतिहास में सबसे अधिक छह बार किसी मैच में दो या उससे अधिक गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उनके कुल विश्व कप गोलों की संख्या 16 तक पहुंच गई है। वहीं अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी भी 18 गोल के साथ बेहतरीन लय में बने हुए हैं।

    ब्राजील के विनिसियस जूनियर भी गोल्डन बूट की दौड़ में मजबूती से शामिल हो गए हैं। स्कॉटलैंड के खिलाफ उनके दो गोलों ने ब्राजील को अगले दौर में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नए प्रारूप के तहत हर टीम को ग्रुप चरण में कम से कम तीन मैच मिलने से खिलाड़ियों के पास बेहतर प्रदर्शन और अधिक गोल करने के अवसर भी बढ़ गए हैं।

    विश्व कप के इतिहास पर नजर डालें तो 1930 के पहले टूर्नामेंट में कुल 70 गोल हुए थे। इसके बाद 1998 और 2014 में 171 गोल तथा 2022 में 172 गोल का रिकॉर्ड बना था। अब 2026 विश्व कप ने इन सभी उपलब्धियों को पीछे छोड़ दिया है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा रफ्तार जारी रही तो फाइनल तक कुल गोलों की संख्या 200 के आंकड़े को भी पार कर सकती है। इससे यह विश्व कप गोलों और रोमांच दोनों के लिहाज से अब तक का सबसे यादगार संस्करण बनने की ओर बढ़ रहा है।

  • हार्ट ट्रीटमेंट में नई उपलब्धि बुजुर्ग मरीज को लगाया 25 साल तक चलने वाला आधुनिक हार्ट वाल्व जटिल प्रक्रिया रही सफल

    हार्ट ट्रीटमेंट में नई उपलब्धि बुजुर्ग मरीज को लगाया 25 साल तक चलने वाला आधुनिक हार्ट वाल्व जटिल प्रक्रिया रही सफल


    नई दिल्ली। हृदय रोगों के उपचार में आधुनिक चिकित्सा तकनीक ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। टेंडरपाम हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग ने 78 वर्षीय एक बुजुर्ग मरीज पर अत्यंत जटिल हृदय प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए उन्हें नई जिंदगी देने का दावा किया है। मरीज को गंभीर हृदय संबंधी समस्याओं के साथ एक ऐसा अत्याधुनिक हार्ट वाल्व लगाया गया है जिसकी अनुमानित कार्यक्षमता लगभग 25 वर्षों तक बनी रह सकती है।

    अस्पताल के अनुसार मरीज मधुमेह कोरोनरी आर्टरी डिजीज सौम्य प्रोस्टेट वृद्धि पेसमेकर और गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस जैसी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थे। इन बीमारियों के कारण पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी का जोखिम काफी अधिक था। ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने कम जोखिम वाली आधुनिक तकनीक अपनाते हुए एक ही सत्र में ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन और जटिल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी करने का निर्णय लिया।

    प्रक्रिया के दौरान मरीज में एडवर्ड सैपियन अल्ट्रा रेसिलिया नाम का अत्याधुनिक ट्रांसकैथेटर हार्ट वाल्व प्रत्यारोपित किया गया। इस वाल्व की सबसे बड़ी विशेषता इसका विशेष रेसिलिया टिश्यू है जो सामान्य बायोलॉजिकल वाल्व की तुलना में अधिक समय तक टिकाऊ माना जाता है। उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर इसकी अनुमानित आयु लगभग 25 वर्ष बताई जाती है। इसी कारण इसे सरल भाषा में पूरी जिंदगी के लिए एक वाल्व के रूप में भी प्रचारित किया जा रहा है।

    इलाज के दौरान की गई कोरोनरी एंजियोग्राफी में मरीज की हृदय धमनियों में गंभीर कैल्सीफाइड ब्लॉकेज का पता चला। यह स्थिति सामान्य एंजियोप्लास्टी से उपचार के लिए काफी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। डॉक्टरों ने आधुनिक ऑर्बिटल एथेरेक्टॉमी तकनीक की मदद से धमनियों में जमा कैल्शियम को हटाया और इंट्रावास्कुलर लिथोट्रिप्सी तकनीक का उपयोग कर ब्लॉकेज को खोला। इसके बाद मुख्य धमनी एलएडी में दो स्टेंट सफलतापूर्वक लगाए गए।

    अस्पताल के अनुसार एक ही सत्र में दोनों जटिल प्रक्रियाएं पूरी करने से मरीज का कुल जोखिम कम हुआ और उपचार अधिक प्रभावी रहा। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर रही तथा उन्हें केवल तीन दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी तकनीकों के कारण अब ऐसे बुजुर्ग और उच्च जोखिम वाले मरीजों का भी सफल उपचार संभव हो रहा है जिनके लिए पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी सुरक्षित विकल्प नहीं मानी जाती। अस्पताल ने इस उपलब्धि को उत्तर प्रदेश में अपनी तरह की शुरुआती जटिल प्रक्रियाओं में से एक बताया है।

    हालांकि चिकित्सा विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि किसी भी हार्ट वाल्व की वास्तविक आयु मरीज की स्वास्थ्य स्थिति जीवनशैली संक्रमण के जोखिम और नियमित चिकित्सकीय देखभाल जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है। इसलिए हर मरीज के लिए उपचार और परिणाम अलग हो सकते हैं।

  • 1971 के नायक के साथ हुआ था बड़ा अन्याय वर्षों तक मिली आधी पेंशन फिर राष्ट्रपति कलाम ने दिलाया पूरा सम्मान

    1971 के नायक के साथ हुआ था बड़ा अन्याय वर्षों तक मिली आधी पेंशन फिर राष्ट्रपति कलाम ने दिलाया पूरा सम्मान


    नई दिल्ली। भारतीय सेना के इतिहास में फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ का नाम अदम्य साहस दूरदर्शी नेतृत्व और ऐतिहासिक सैन्य रणनीति के लिए हमेशा याद किया जाएगा। वर्ष 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध में उनके नेतृत्व में भारतीय सेना ने केवल 13 दिनों में ऐसी निर्णायक जीत हासिल की जिसने दक्षिण एशिया का भूगोल ही बदल दिया और बांग्लादेश के रूप में एक नए राष्ट्र का जन्म हुआ। लेकिन देश को इतनी बड़ी जीत दिलाने वाले इस महान सैन्य अधिकारी को अपने जीवन के अंतिम वर्षों में लंबे समय तक पूरा वित्तीय अधिकार नहीं मिल पाया।

    3 अप्रैल 1914 को अमृतसर में एक पारसी परिवार में जन्मे सैम होर्मूसजी फ्रैमजी जमशेदजी मानेकशॉ के पिता चाहते थे कि वे डॉक्टर बनें लेकिन उन्होंने सैन्य जीवन को चुना और 1932 में भारतीय सैन्य अकादमी के पहले बैच में शामिल हो गए। आगे चलकर उन्होंने अपने नेतृत्व और साहस के दम पर भारतीय सेना में सर्वोच्च सम्मान हासिल किया। गोरखा सैनिकों ने उन्हें सम्मानपूर्वक सैम बहादुर नाम दिया जो आज भी उनकी पहचान बना हुआ है।

    1971 के युद्ध से पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पूर्वी पाकिस्तान की स्थिति को देखते हुए तत्काल सैन्य कार्रवाई का सुझाव दिया था लेकिन सैम मानेकशॉ ने मौसम और सैन्य तैयारियों का हवाला देते हुए कुछ महीनों का समय मांगा। उन्होंने भरोसा दिया कि पूरी तैयारी के बाद सफलता निश्चित होगी। उनकी रणनीति पूरी तरह सफल साबित हुई और 3 दिसंबर 1971 को युद्ध शुरू होने के बाद भारतीय सेना ने तेजी से अभियान चलाकर ढाका को चारों ओर से घेर लिया। आखिरकार पाकिस्तान के लगभग 90 हजार सैनिकों ने बिना शर्त आत्मसमर्पण कर दिया और बांग्लादेश का गठन हुआ।

    सैन्य सेवा से 15 जनवरी 1973 को सेवानिवृत्त होने के बाद भी फील्ड मार्शल का पद आजीवन माना जाता है। इस पद पर आसीन अधिकारी को पूर्ण वेतन और सभी सुविधाएं मिलने का अधिकार होता है। हालांकि प्रशासनिक और नौकरशाही कारणों से सैम मानेकशॉ को लंबे समय तक केवल आधी पेंशन ही मिलती रही। यह स्थिति कई वर्षों तक बनी रही और उनका बकाया भुगतान लंबित रहा।

    बाद में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। उनके प्रयासों के बाद अप्रैल 2007 में तत्कालीन रक्षा सचिव शेखर दत्त अस्पताल पहुंचे और सैम मानेकशॉ को 1.16 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान सौंपा। यह केवल एक आर्थिक भुगतान नहीं बल्कि देश की ओर से अपने महान सैनिक को दिया गया सम्मान भी था।

    27 जून 2008 को तमिलनाडु के वेलिंगटन स्थित सैन्य अस्पताल में फेफड़ों के संक्रमण के कारण 94 वर्ष की आयु में सैम मानेकशॉ का निधन हो गया। उन्होंने अपने जीवन से यह साबित किया कि नेतृत्व केवल युद्ध जीतने का नाम नहीं बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेने का साहस भी होता है। आज भी भारतीय सेना में उनकी रणनीति नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण प्रेरणा का स्रोत माने जाते हैं।

  • NOTTO का बड़ा फैसला किडनी ट्रांसप्लांट अस्पतालों को वेबसाइट पर बताने होंगे सफलता दर और ग्राफ्ट फेलियर के आंकड़े

    NOTTO का बड़ा फैसला किडनी ट्रांसप्लांट अस्पतालों को वेबसाइट पर बताने होंगे सफलता दर और ग्राफ्ट फेलियर के आंकड़े


    नई दिल्ली। देश में किडनी ट्रांसप्लांट प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले सभी अस्पतालों को अपने ट्रांसप्लांट के नतीजों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। इसके तहत मरीजों के जीवित रहने की दर मौत के मामले ग्राफ्ट फेलियर और अन्य दीर्घकालिक परिणामों का डेटा अस्पतालों की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा ताकि मरीज और उनके परिजन सही जानकारी के आधार पर अस्पताल का चयन कर सकें।

    नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन यानी NOTTO ने देशभर के ट्रांसप्लांट सेंटरों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। यह फैसला ट्रांसप्लांट प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और मरीजों को बेहतर जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे पहले मरीजों को किसी अस्पताल की सफलता दर या लंबे समय के परिणामों की जानकारी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती थी।

    NOTTO के निदेशक डॉ. अनिल कुमार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि प्रत्येक ट्रांसप्लांट अस्पताल अपनी वेबसाइट पर ट्रांसप्लांट के बाद के परिणाम प्रमुखता से प्रदर्शित करे। साथ ही सभी अस्पतालों को राष्ट्रीय ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट रजिस्ट्री में समय पर और पूर्ण फॉलोअप डेटा भी जमा करना होगा।

    इस पहल के पीछे संसद में उठाई गई चिंता भी अहम वजह रही। भाजपा सांसद कैप्टन बृजेश चौटा ने ट्रांसप्लांट के दीर्घकालिक परिणामों में पारदर्शिता की कमी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि आमतौर पर केवल सफल ट्रांसप्लांट की चर्चा होती है जबकि ग्राफ्ट फेलियर जटिलताओं और ट्रांसप्लांट के बाद होने वाली मौतों के आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होते। ऐसे में मरीजों के लिए सही निर्णय लेना मुश्किल हो जाता है।

    नई व्यवस्था के तहत अस्पतालों को मरीज और उनके परिजनों से सहमति लेने से पहले पूरी प्रक्रिया संभावित जोखिम और संभावित परिणामों की स्पष्ट जानकारी देना भी अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीज पूरी जानकारी के साथ उपचार का फैसला लें।

    दिल्ली के एक वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अनुपम रॉय का मानना है कि ट्रांसप्लांट परिणामों को सार्वजनिक करना पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इन आंकड़ों को मरीजों की बीमारी की गंभीरता और जोखिम के स्तर को ध्यान में रखकर ही समझना चाहिए क्योंकि सभी मामलों की परिस्थितियां समान नहीं होतीं।

    फिलहाल देश के 824 ट्रांसप्लांट सेंटर राष्ट्रीय ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट रजिस्ट्री से जुड़े हुए हैं। इन सभी केंद्रों के लिए ट्रांसप्लांट और फॉलोअप से संबंधित जानकारी निर्धारित लॉगिन के माध्यम से दर्ज करना अनिवार्य है। NOTTO का मानना है कि इससे ट्रांसप्लांट परिणामों की निगरानी मजबूत होगी डेटा की विश्वसनीयता बढ़ेगी और भविष्य में स्वास्थ्य नीतियां तैयार करने में भी मदद मिलेगी।

    निर्धारित रिपोर्टिंग प्रणाली के तहत अस्पतालों को डिस्चार्ज के समय तथा छह महीने एक वर्ष तीन वर्ष और पांच वर्ष बाद मरीजों की स्थिति से संबंधित जानकारी देनी होगी। इसमें जीवित मरीजों की संख्या मौत के मामले ग्राफ्ट फेलियर और फॉलोअप से बाहर हुए मरीजों का पूरा विवरण शामिल रहेगा। इस नई व्यवस्था से किडनी ट्रांसप्लांट प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के साथ मरीजों का भरोसा भी मजबूत होने की उम्मीद है।

  • पहले ही दिन छाई वेलकम टू द जंगल अक्षय कुमार की नई फिल्म ने ओपनिंग में मारी बाजी फिर भी नहीं थमी कॉकटेल 2 और मैं वापस आऊंगा की रफ्तार

    पहले ही दिन छाई वेलकम टू द जंगल अक्षय कुमार की नई फिल्म ने ओपनिंग में मारी बाजी फिर भी नहीं थमी कॉकटेल 2 और मैं वापस आऊंगा की रफ्तार


    नई दिल्ली। बॉक्स ऑफिस पर इस सप्ताह तीन फिल्मों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर फिल्म वेलकम टू द जंगल ने रिलीज के पहले ही दिन शानदार कमाई कर अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा दी है। फिल्म की जोरदार ओपनिंग ने अक्षय कुमार की हालिया रिलीज फिल्मों के शुरुआती रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि नई रिलीज के बावजूद कॉकटेल 2 और मैं वापस आऊंगा जैसी फिल्मों की कमाई पर बड़ा असर दिखाई नहीं दिया है और दोनों फिल्में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं।

    ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार वेलकम टू द जंगल ने रिलीज से पहले हुए पेड प्रीव्यू से 3.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके बाद पहले दिन फिल्म ने करीब 15 करोड़ रुपये की नेट कमाई दर्ज की। इस तरह फिल्म की कुल ओपनिंग 18.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 22.50 करोड़ रुपये रहा जबकि दुनियाभर में पहले दिन इसका ग्रॉस कलेक्शन करीब 29 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

    यह ओपनिंग अक्षय कुमार की पिछली फिल्मों भूत बंगला और जॉली एलएलबी 3 से बेहतर मानी जा रही है। फिल्म को दिनभर दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला और शाम के शो में ऑक्यूपेंसी में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली। अब फिल्म की असली परीक्षा वीक डेज में होगी जहां यह तय होगा कि दर्शकों का उत्साह कितने समय तक बना रहता है।

    वेलकम फ्रेंचाइजी की इस नई फिल्म में अक्षय कुमार के साथ सुनील शेट्टी दिशा पाटनी जैकलीन फर्नांडीस रवीना टंडन लारा दत्ता परेश रावल अरशद वारसी तुषार कपूर श्रेयस तलपड़े आफताब शिवदासानी और जैकी श्रॉफ जैसे कई बड़े कलाकार नजर आ रहे हैं। बड़े स्टारकास्ट और कॉमेडी एंटरटेनमेंट के कारण फिल्म को देशभर में बड़ी संख्या में स्क्रीन और प्राइम टाइम शो मिले हैं।

    दूसरी ओर शाहिद कपूर कृति सेनन और रश्मिका मंदाना अभिनीत कॉकटेल 2 भी मजबूत प्रदर्शन कर रही है। पहले सप्ताह में शानदार कमाई करने के बाद दूसरे शुक्रवार को भी फिल्म ने लगभग 4.25 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कुल नेट कमाई करीब 74.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गई जबकि दुनियाभर में इसका ग्रॉस कलेक्शन 114.67 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। फिल्म को मल्टीप्लेक्स दर्शकों का लगातार अच्छा समर्थन मिल रहा है और रोमांटिक ड्रामा पसंद करने वाले दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता बनी हुई है।

    इधर इम्तियाज अली की फिल्म मैं वापस आऊंगा भी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। तीसरे सप्ताह में प्रवेश करने के बाद भी फिल्म की कमाई स्थिर बनी हुई है। रिलीज के पंद्रहवें दिन फिल्म ने लगभग 2.85 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 44.85 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है जबकि दुनियाभर में इसकी कमाई 58.65 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। खास बात यह है कि नई रिलीज के बावजूद फिल्म पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ के दम पर यह लगातार दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल रही है।

    फिलहाल बॉक्स ऑफिस पर वेलकम टू द जंगल ने शानदार शुरुआत जरूर की है लेकिन कॉकटेल 2 और मैं वापस आऊंगा की मजबूत पकड़ ने यह साफ कर दिया है कि दर्शकों के पास इस समय अलग अलग शैली की फिल्मों के कई विकल्प मौजूद हैं। आने वाला वीकेंड तीनों फिल्मों के लिए बेहद अहम साबित होगा।

  • 1 जुलाई से बदलेंगे ये 5 बड़े नियम, आम जनता की जेब और रोजमर्रा पर पड़ेगा असर

    1 जुलाई से बदलेंगे ये 5 बड़े नियम, आम जनता की जेब और रोजमर्रा पर पड़ेगा असर


    नई दिल्‍ली । जून का महीना (June Month) खत्म होने में अब चंद दिन बाकी हैं। हर बार की तरह इस बार भी नए महीने यानी जुलाई की शुरुआत कई बड़े बदलावों (Rule Change) के साथ होगी। इन बदलावों का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और जेब दोनों पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं पहली तारीख से होने वाले 5 बड़े बदलावों के बारे में।

    एलपीजी सिलेंडर 
    हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसलिए 1 जुलाई को भी घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में बदलाव देखने को मिल सकता है। हाल के दिनों में अमेरिका-ईरान तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर एलपीजी कीमतों पर भी देखने को मिला है। 1 जून को 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 53.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 3,113.50 रुपये हो गई थी। वहीं 5 किलो वाले सिलेंडर के दाम भी बढ़े थे। हालांकि, 14.2 किलो वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया था।

    हवाई यात्रा
    हर महीने ऑयल कंपनियां एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी संशोधन करती हैं। अगर ATF महंगा होता है तो एयरलाइंस की लागत बढ़ती है, जिसका असर यात्रियों के टिकट पर पड़ सकता है। वहीं यदि इसकी कीमत घटती है तो हवाई यात्रा का खर्च कम होने की संभावना रहती है। इसलिए 1 जुलाई को ATF की नई कीमतें भी यात्रियों के लिए अहम रहेंगी।

    रीगैलिया गोल्ड कार्ड 
    अगर आप HDFC Bank Regalia Gold Credit Card इस्तेमाल करते हैं तो 1 जुलाई से आपके लिए नया नियम लागू होगा। बैंक के नए नियम के मुताबिक, घरेलू एयरपोर्ट लाउंज की फ्री सुविधा जारी रखने के लिए कार्डधारकों को पिछली तिमाही में कम से कम 60,000 रुपये खर्च करना होगा। यदि यह खर्च पूरा नहीं किया गया, तो अगली तिमाही में मुफ्त एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस का लाभ नहीं मिलेगा।

    ईमेल अपडेट
    1 जुलाई से आधार कार्ड धारकों के लिए भी एक राहत की खबर है। UIDAI ने घोषणा की है कि आधार में ईमेल आईडी अपडेट कराने की सुविधा अब मुफ्त दी जाएगी। यह सुविधा अगले 6 महीने, यानी दिसंबर तक उपलब्ध रहेगी। इससे पहले आधार में ईमेल अपडेट कराने के लिए 75 रुपये का शुल्क देना पड़ता था।

    कार खरीदना 
    अगर आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं तो 1 जुलाई से पहले फैसला करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। Kia Motors ने अपनी कारों की कीमतों में 2 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। वहीं, Tata Motors भी अपने ICE (Internal Combustion Engine) और Electric Vehicle (EV) मॉडल्स की कीमतों में 1.5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। इस बदलाव के बाद नई कार खरीदने वालों को पहले के मुकाबले अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।

  • आज शनि प्रदोष व्रत, बन रहा दुर्लभ संयोग, जानिए पूजा का शुभ समय और मुहूर्त

    आज शनि प्रदोष व्रत, बन रहा दुर्लभ संयोग, जानिए पूजा का शुभ समय और मुहूर्त


    नई दिल्ली। आज, 27 जून 2026 को शनि प्रदोष व्रत का विशेष और दुर्लभ संयोग बना है। शनिवार को पड़ने वाली त्रयोदशी तिथि पर रखा जाने वाला यह व्रत धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की आराधना के साथ शनिदेव की पूजा का भी विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से शिव एवं शनिदेव दोनों की कृपा प्राप्त होती है।

    शनि प्रदोष व्रत का महत्व
    हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। जब यह तिथि शनिवार को आती है, तब इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है और इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव और उनके परिवार की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि, दीर्घायु और मानसिक शांति का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या अन्य अशुभ प्रभावों से राहत मिलने की भी मान्यता है।

    पूजा का शुभ मुहूर्त
    प्रदोष व्रत में प्रदोष काल को सबसे शुभ समय माना गया है। आज 27 जून 2026 को प्रदोष काल शाम 7:04 बजे से रात 9:06 बजे तक रहेगा। इसी अवधि में भगवान शिव की पूजा करना सर्वाधिक फलदायी माना गया है। इसके अलावा दिन का अभिजित मुहूर्त दोपहर 1:21 बजे से 2:26 बजे तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है।

    पूजा की विधि
    व्रत के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूरे दिन उपवास का संकल्प लें।

    प्रदोष काल में सबसे पहले शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करें। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत अभिषेक करें।

    पूजा के दौरान भगवान शिव को सफेद चंदन, सफेद पुष्प, भांग, धतूरा, अक्षत और शमी पत्र अर्पित करें। चूंकि यह शनि प्रदोष है, इसलिए शमी पत्र का विशेष महत्व माना गया है।

    इसके बाद भगवान गणेश, माता पार्वती, कार्तिकेय और नंदी महाराज का स्मरण करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ मंत्र का जप करें। अंत में भगवान शिव की आरती कर घर में बनी शुद्ध खीर का भोग अर्पित करें।

    व्रत पारण का समय
    शनि प्रदोष व्रत का पारण अगले दिन 28 जून 2026 को सूर्योदय के बाद किया जाएगा। श्रद्धालु सुबह 5:49 बजे के बाद व्रत का पारण कर सकते हैं।

    विशेष उपाय
    धन-समृद्धि की कामना रखने वाले श्रद्धालु प्रदोष काल में दूध में केसर मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। वहीं परिवार की सुख-शांति और कष्टों से मुक्ति के लिए जौ के आटे की रोटियां बनाकर गाय के बछड़े को खिलाना शुभ और फलदायी माना गया है।