Author: bharati

  • रामपुर जेल में आजम खान से मिले अखिलेश यादव, एक घंटे की मुलाकात के बाद 2027 चुनाव को लेकर भाजपा पर साधा निशाना

    रामपुर जेल में आजम खान से मिले अखिलेश यादव, एक घंटे की मुलाकात के बाद 2027 चुनाव को लेकर भाजपा पर साधा निशाना

    नई दिल्ली । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को रामपुर जिला जेल में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। मुलाकात के बाद जेल से बाहर आए अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य भाजपा को सत्ता से हटाना है। इस मुलाकात को उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों और पार्टी के राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।

    अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि समाजवादी पार्टी का उद्देश्य स्पष्ट है और पार्टी के कार्यकर्ता भाजपा को हराने के लिए मजबूती से काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सत्ताधारी दल का जनाधार कमजोर हो रहा है और आगामी चुनावों में उसे जनता के विरोध का सामना करना पड़ेगा। अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता भाजपा को सत्ता से बाहर करने का फैसला करेगी। ये बयान सपा अध्यक्ष की राजनीतिक रणनीति और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी के रुख को दर्शाते हैं।

    सपा प्रमुख ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन परिणामों से जनता का संदेश सामने आ चुका है। अखिलेश यादव के मुताबिक, 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की रणनीति में पीडीए की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। पीडीए से आशय पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों से है। पार्टी इस सामाजिक समीकरण के साथ सामाजिक न्याय और जमीनी मुद्दों को भी अपने राजनीतिक अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाने पर जोर दे रही है।

    मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय और अन्य शिक्षण संस्थानों से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की स्थापना का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से वंचित और पीडीए समुदायों को आगे बढ़ने का अवसर देना रहा है। उनके बयान में शिक्षा, सामाजिक न्याय और संस्थानों पर हो रही कार्रवाई से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। हालांकि, इन कार्रवाइयों के विशिष्ट मामलों और उनके कानूनी पहलुओं का विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

    आजम खान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं और रामपुर की राजनीति में उनका लंबे समय से प्रभाव रहा है। ऐसे में अखिलेश यादव की उनसे जेल में हुई मुलाकात को पार्टी के भीतर संपर्क और राजनीतिक एकजुटता के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। मुलाकात के दौरान किन विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि, जेल से बाहर आने के बाद अखिलेश यादव की टिप्पणियों में भाजपा के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष और 2027 के चुनाव की तैयारी प्रमुख रही।

    रामपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज होने की संभावना है। समाजवादी पार्टी के समर्थकों के लिए यह मुलाकात वरिष्ठ नेताओं के बीच संवाद का संकेत है, जबकि इसके राजनीतिक प्रभाव का आकलन आगामी घटनाक्रम और पार्टी की रणनीति के आधार पर किया जा सकेगा। फिलहाल अखिलेश यादव ने सार्वजनिक रूप से भाजपा को हराने और पीडीए के मुद्दों को आगामी विधानसभा चुनाव में केंद्र में रखने का संदेश दिया है।

  • महाराष्ट्र में इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन, 18 हजार का स्टाइपेंड बढ़ाकर 30 हजार करने की मांग, 2 नवंबर से हड़ताल की चेतावनी

    महाराष्ट्र में इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन, 18 हजार का स्टाइपेंड बढ़ाकर 30 हजार करने की मांग, 2 नवंबर से हड़ताल की चेतावनी

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र में इंटर्न डॉक्टरों ने मासिक स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जे.जे. अस्पताल में एसोसिएशन ऑफ स्टेट मेडिकल इंटर्न्स (ASMI) के बैनर तले सैकड़ों इंटर्न डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। उनकी प्रमुख मांग है कि मौजूदा मासिक स्टाइपेंड 18,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये किया जाए। डॉक्टरों ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि यदि 1 नवंबर तक उनकी मांग पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे 2 नवंबर से हड़ताल शुरू कर देंगे। हालांकि, प्रस्तावित हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है।

    प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि महाराष्ट्र में इंटर्न डॉक्टरों को मिलने वाला स्टाइपेंड दूसरे राज्यों की तुलना में कम है। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश, बिहार और कई अन्य राज्यों में इंटर्न डॉक्टरों को 25,000 रुपये या उससे अधिक मासिक मानदेय दिया जा रहा है। इसके विपरीत, महाराष्ट्र में उन्हें 18,000 रुपये ही मिलते हैं। डॉक्टरों ने कहा कि मुंबई जैसे महंगे महानगर में आवास, भोजन और रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च काफी अधिक है। ऐसे में मौजूदा स्टाइपेंड से जीवनयापन करना मुश्किल हो रहा है। उनका तर्क है कि काम की जिम्मेदारियों और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए मानदेय बढ़ाना जरूरी है।

    एसोसिएशन ऑफ स्टेट मेडिकल इंटर्न्स के महासचिव डॉ. रमन पवार ने बताया कि स्टाइपेंड बढ़ाने का मुद्दा वर्ष 2024 से लंबित है। उस समय भी इंटर्न डॉक्टरों ने प्रदर्शन कर मासिक स्टाइपेंड 30,000 रुपये करने की मांग उठाई थी, लेकिन उनके अनुसार सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब डॉक्टरों ने एक बार फिर इसी मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया है।

    डॉ. पवार के मुताबिक, संगठन ने अगस्त से अक्टूबर के बीच राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को कई पत्र भेजे। इनमें शिक्षा मंत्री, प्रधान सचिव, उपमुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सहित अन्य अधिकारियों को मांग से अवगत कराया गया। सितंबर में भी अनुरोध पत्र भेजकर सरकार को जवाब देने के लिए 15 से 20 दिन का समय दिया गया था। इसके बाद 5 अक्टूबर को पुनर्विचार के लिए एक और पत्र सौंपा गया। संगठन का कहना है कि इसके बाद भी करीब 10 दिन तक इंतजार करने के बावजूद कोई ठोस जवाब नहीं मिला।

    डॉक्टरों ने बताया कि अधिकारियों से मुलाकात की कोशिश भी की गई और दो बार बातचीत हुई, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन मिले। किसी निश्चित बैठक या निर्णय की जानकारी नहीं दी गई। इसी वजह से मामला अब तक लंबित है। संगठन के अनुसार, यह आंदोलन सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों के इंटर्न डॉक्टर भी इसमें शामिल हैं।

    अस्पताल प्रशासन के स्तर पर भी इस मुद्दे को उठाया गया है। डॉ. पवार ने बताया कि पिछले तीन महीनों में डीन को तीन बार पत्र दिए गए। डीन की ओर से स्टाइपेंड बढ़ाने का प्रस्ताव चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान निदेशालय (DMER) को भेजा गया है। संगठन ने भी इसी अवधि में डीएमईआर को लगभग छह पत्र सौंपे हैं। डॉ. पवार के अनुसार, प्रस्ताव आगे भेजे जाने के बावजूद अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मामला वित्त मंत्रालय तक पहुंच चुका है, तो फैसला लेने में देरी क्यों हो रही है।

    फिलहाल इंटर्न डॉक्टरों ने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखते हुए सरकार से 1 नवंबर तक निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि तय समय सीमा तक स्टाइपेंड बढ़ाने पर ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो 2 नवंबर से हड़ताल शुरू की जाएगी। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन के दौरान आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी। अब इस मामले में राज्य सरकार के फैसले पर नजर है, क्योंकि समय सीमा समाप्त होने पर अस्पतालों की नियमित सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका हो सकती है।

  • हिंगोली स्टेशन पर RPF पर मारपीट का आरोप, यात्रियों ने पटरी पर बैठकर रोकी जोधपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस

    हिंगोली स्टेशन पर RPF पर मारपीट का आरोप, यात्रियों ने पटरी पर बैठकर रोकी जोधपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के हिंगोली रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों पर मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगने के बाद यात्रियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यात्रियों ने आरोप लगाया कि आरपीएफ कर्मियों ने एक युवक के साथ मारपीट की और उसे बचाने पहुंची महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया। घटना से नाराज यात्रियों ने जोधपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस को स्टेशन पर रोक दिया। प्रदर्शन के कारण ट्रेन करीब दो घंटे तक प्रभावित रही। यात्रियों ने संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस के हस्तक्षेप और जांच का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ, जिसके बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया।

    जानकारी के अनुसार, संबंधित यात्री नागपुर में आयोजित दशहरा कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे। बताया गया है कि ये लोग डॉ. बी.आर. आंबेडकर के अनुयायी हैं और अकोला रेलवे स्टेशन से नांदेड़ जाने के लिए भगत की कोठी-काचेगुड़ा एक्सप्रेस में सवार हुए थे। यह ट्रेन संख्या 17606 है। यात्रा के दौरान वाशिम स्टेशन पार करने के बाद समूह के साथ चल रहा एक युवक गलती से सामान्य श्रेणी के डिब्बे के बजाय आरक्षित डिब्बे में पहुंच गया।

    यात्रियों का आरोप है कि युवक के आरक्षित डिब्बे में प्रवेश करने के बाद आरपीएफ कर्मियों और कुछ यात्रियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर युवक के साथ मारपीट की गई। उसके साथ यात्रा कर रही महिलाओं ने बीच-बचाव करते हुए युवक को बचाने की कोशिश की, लेकिन उनके साथ भी कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें धक्का देकर पीछे हटाया गया। समूह के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।

    इस घटना के बाद यात्रियों में नाराजगी फैल गई। जब ट्रेन हिंगोली रेलवे स्टेशन पहुंची, तो विरोध कर रहे यात्री नीचे उतर गए और रेलवे ट्रैक पर जाकर इंजन के सामने बैठ गए। उन्होंने रेलवे प्रशासन और आरपीएफ के खिलाफ नारेबाजी की तथा आरोपित कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग उठाई। यात्रियों के पटरी पर बैठने के कारण ट्रेन का परिचालन रुक गया। इसके चलते निर्धारित यात्रा में देरी हुई और रेल संचालन भी प्रभावित हुआ।

    प्रदर्शन की सूचना मिलने पर हिंगोली नगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने यात्रियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी अपनी शिकायत पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और शिकायत पर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।

    पुलिस के हस्तक्षेप के बाद यात्रियों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद रेलवे ट्रैक खाली कराया गया और जोधपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस को आगे नांदेड़ की ओर रवाना किया गया। हालांकि, ट्रेन के रुकने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और अन्य रेल सेवाओं पर भी असर पड़ने की बात सामने आई।

    यह पूरा मामला आरक्षित डिब्बे में गलती से प्रवेश करने के बाद शुरू हुए विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। यात्रियों ने आरपीएफ कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन घटना में शामिल सभी पक्षों के बयान और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यात्रियों की मुख्य मांग संबंधित कर्मियों के व्यवहार की जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस की ओर से जांच का आश्वासन मिलने के बाद स्थिति सामान्य हुई और रेल यातायात बहाल हो सका।

  • तुर्किये-पाकिस्तान के साथ इंडोनेशिया के रक्षा समझौते से ब्रह्मोस तकनीक पर सवाल, विशेषज्ञों ने बताई भारत की सुरक्षा रणनीति

    तुर्किये-पाकिस्तान के साथ इंडोनेशिया के रक्षा समझौते से ब्रह्मोस तकनीक पर सवाल, विशेषज्ञों ने बताई भारत की सुरक्षा रणनीति

    नई दिल्ली । तुर्किये, कतर, पाकिस्तान और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए हुए बद्र मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के बाद भारत के रक्षा हितों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इस समझौते का उद्देश्य सैन्य उत्पादन, रक्षा क्षमताओं, तकनीकी प्रशिक्षण और अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है। इसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या इस साझेदारी से भारत और इंडोनेशिया के बीच हुए मिसाइल सौदों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है और क्या भारत की संवेदनशील सैन्य तकनीक उसके प्रतिद्वंद्वी देशों तक पहुंचने का जोखिम पैदा हो सकता है।

    भारत ने जुलाई 2026 में इंडोनेशिया के साथ करीब 630 मिलियन डॉलर यानी लगभग 5,300 करोड़ रुपये के दो रक्षा समझौते किए थे। इनमें ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल और अस्त्र हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल की बिक्री से संबंधित समझौते शामिल हैं। ऐसे में चार देशों के नए रक्षा सहयोग को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि इंडोनेशिया के दूसरे देशों के साथ बढ़ते सैन्य संबंधों का इन सौदों पर कोई प्रभाव पड़ेगा या नहीं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में विशेषज्ञों ने केवल बद्र MoU के आधार पर भारतीय मिसाइल तकनीक को खतरा मानने की आशंका को उचित नहीं बताया है।

    डीआरडीओ के चेयरमैन एमेरिटस और ब्रह्मोस एयरोस्पेस के पूर्व महानिदेशक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक सुधीर कुमार मिश्रा के अनुसार, इंडोनेशिया के साथ हुए समझौतों में तकनीकी जानकारी की सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रावधान शामिल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया को हथियारों के इस्तेमाल से संबंधित उपयोगकर्ता पुस्तिका दी जाएगी, न कि तकनीक हस्तांतरण से जुड़ी पुस्तिका। उनके मुताबिक, समझौतों में डेटा सुरक्षा, बौद्धिक संपदा अधिकार और रक्षा संप्रभुता से जुड़े सख्त प्रावधान भी शामिल हैं, जिनका पालन इंडोनेशिया को करना होगा।

    मिश्रा की राय में, इन सुरक्षा उपायों के रहते ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों की संवेदनशील तकनीक भारत के प्रतिद्वंद्वियों तक पहुंचने की आशंका नहीं है। हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए जरूरी जानकारी साझा करना और उनके निर्माण या तकनीकी विकास से जुड़ी विस्तृत जानकारी हस्तांतरित करना अलग-अलग बातें हैं। यही अंतर भारत के रक्षा निर्यात समझौतों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    रक्षा विशेषज्ञ और सेवानिवृत्त ग्रुप कैप्टन अजय अहलावत ने भी भारत-इंडोनेशिया रक्षा सौदों के प्रभावित होने की अटकलों को खारिज किया। वह सेंटर फॉर एयरोस्पेस पावर एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज में वरिष्ठ फेलो हैं। उनके अनुसार, किसी समझौता ज्ञापन को सैन्य गठबंधन के बराबर नहीं माना जा सकता। केवल एक MoU पर हस्ताक्षर होने से यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि पहले से तय रक्षा निर्यात सौदे खतरे में पड़ गए हैं।

    अहलावत ने बद्र समझौते की भाषा को रक्षा अनुसंधान एवं विकास में सहयोग और कार्य विभाजन की व्यवस्था के रूप में देखा। उनके मुताबिक, यह साझा इस्लामी पहचान वाले देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में तालमेल बढ़ाने की कोशिश भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारत को इस घटनाक्रम पर नजर रखनी चाहिए, लेकिन इसे लेकर अनावश्यक चिंता नहीं करनी चाहिए। किसी देश को हथियार बेचने का अर्थ यह नहीं है कि उसे उनके निर्माण और विकास की पूरी तकनीक भी सौंप दी जाए।

    भारत के लिए आगे सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि बद्र MoU के तहत चारों देशों के बीच रक्षा अनुसंधान, सैन्य उत्पादन और तकनीकी सहयोग किस स्तर तक बढ़ता है। साथ ही, भारत-इंडोनेशिया समझौतों में तय सुरक्षा प्रावधान किस तरह लागू होते हैं, यह भी अहम रहेगा। फिलहाल विशेषज्ञों की राय है कि नए रक्षा सहयोग पर नजर रखना जरूरी है, लेकिन केवल इस समझौते के आधार पर ब्रह्मोस और अस्त्र की तकनीक की सुरक्षा को लेकर खतरे का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

  • निंगबो ओपन में युवा अमेरिकी खिलाड़ी का जलवा, पाओलिनी को सीधे सेटों में हराकर रचा कमाल

    निंगबो ओपन में युवा अमेरिकी खिलाड़ी का जलवा, पाओलिनी को सीधे सेटों में हराकर रचा कमाल


    नई दिल्ली। अमेरिका की युवा टेनिस खिलाड़ी इवा जोविक ने निंगबो ओपन में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ा उलटफेर किया है। 18 वर्षीय जोविक ने गुरुवार को राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में इटली की स्टार खिलाड़ी जैस्मीन पाओलिनी को सीधे सेटों में हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। दो बार ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंच चुकीं पाओलिनी के खिलाफ जोविक ने 6-4 और 6-3 से जीत दर्ज की। इस मुकाबले में युवा अमेरिकी खिलाड़ी ने शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी की और अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

    निंगबो ओपन में चौथी वरीयता प्राप्त इवा जोविक को पहले दौर में बाय मिलने के कारण सीधे अगले राउंड में प्रवेश मिला था। राउंड ऑफ 16 में उनका सामना अनुभवी पाओलिनी से हुआ। पहले सेट में जोविक की शुरुआत अच्छी नहीं रही और वह 1-3 से पिछड़ गईं। पाओलिनी ने उनकी सर्विस तोड़कर मुकाबले में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की। हालांकि जोविक ने दबाव में धैर्य बनाए रखा और धीरे-धीरे मैच में वापसी शुरू कर दी।

    अमेरिकी खिलाड़ी ने पहले सेट के पांचवें और नौवें गेम में पाओलिनी की सर्विस ब्रेक की। इस शानदार वापसी के दम पर उन्होंने पहला सेट 6-4 से अपने नाम कर लिया। शुरुआती पिछड़ने के बाद सेट जीतना जोविक के आत्मविश्वास के लिए महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने अपनी आक्रामकता बनाए रखी और पाओलिनी को आसानी से अंक हासिल करने का मौका नहीं दिया।

    दूसरे सेट में भी इटली की खिलाड़ी को अपनी सर्विस बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। जोविक ने उनकी सर्विस पर लगातार दबाव बनाया और चार बार सर्विस ब्रेक करने में सफलता हासिल की। हालांकि इस दौरान अमेरिकी खिलाड़ी की सर्विस भी दो बार टूटी लेकिन वह अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहीं। अंततः उन्होंने दूसरा सेट 6-3 से जीत लिया और मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत के साथ जोविक और पाओलिनी के बीच आमने-सामने के मुकाबलों का रिकॉर्ड 2-2 से बराबर हो गया है। यह पाओलिनी के खिलाफ जोविक की लगातार दूसरी जीत भी है। इससे पहले उन्होंने इसी साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी इटली की खिलाड़ी को हराया था। इस प्रदर्शन से साफ है कि जोविक बड़ी खिलाड़ियों के खिलाफ भी दबाव में बेहतर खेल दिखाने की क्षमता रखती हैं।

    यह मौजूदा सीजन में जोविक का सातवां क्वार्टर फाइनल है। इससे पहले वह छह क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में से पांच जीतकर सेमीफाइनल तक पहुंच चुकी हैं। पाओलिनी के खिलाफ जीत उनकी शानदार फॉर्म का एक और उदाहरण है। इस सीजन में वह टूर स्तर पर 42 जीत दर्ज कर चुकी हैं जो उनके करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

    जोविक ने पिछले महीने ग्वाडलहारा ओपन का खिताब भी सफलतापूर्वक अपने नाम किया था। उन्होंने 2025 में भी यह खिताब जीता था। इसके अलावा यूएस ओपन में पहली बार चौथे दौर तक पहुंचना भी उनके लिए बड़ी उपलब्धि रही। अब निंगबो ओपन के क्वार्टर फाइनल में उनका सामना एलेक्जेंड्रा एला या फ्रेंच ओपन की सेमीफाइनलिस्ट डायना श्नाइडर में से किसी एक से होगा। एला के खिलाफ जोविक का रिकॉर्ड 3-0 है जबकि श्नाइडर के खिलाफ वह 1-0 से आगे हैं। युवा खिलाड़ी की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उनसे अगले मुकाबले में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।

  • वोट चोरी के मुद्दे पर INDIA गठबंधन की बैठक स्थगित, खरगे की अध्यक्षता में होनी थी चुनाव आयोग के खिलाफ रणनीति पर चर्चा

    वोट चोरी के मुद्दे पर INDIA गठबंधन की बैठक स्थगित, खरगे की अध्यक्षता में होनी थी चुनाव आयोग के खिलाफ रणनीति पर चर्चा


    नई दिल्ली ।
    कथित वोट चोरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ आगे की रणनीति तैयार करने के लिए प्रस्तावित विपक्षी गठबंधन INDIA की बैठक फिलहाल स्थगित कर दी गई है। गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 की शाम होने वाली इस ऑनलाइन बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को करनी थी। बैठक में विपक्षी दलों के नेताओं को आगामी विरोध प्रदर्शनों की रूपरेखा, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आगे की कार्रवाई की मांग और दिल्ली में प्रस्तावित रैली की तैयारियों पर चर्चा करनी थी।

    विपक्षी गठबंधन के नेताओं की यह बैठक ऐसे समय में प्रस्तावित थी, जब कथित वोट चोरी का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में बना हुआ है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं। बैठक में इस मुद्दे को आगे उठाने के लिए साझा रणनीति तैयार किए जाने की योजना थी। हालांकि, बैठक स्थगित होने के बाद गठबंधन की अगली बैठक की तारीख को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

    प्रस्तावित बैठक के एजेंडे में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव बनाने के तरीकों पर विचार करना भी शामिल था। विपक्षी नेता कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर अपने विरोध को आगे बढ़ाने के विकल्पों पर चर्चा करने वाले थे। इसके साथ ही यह तय किया जाना था कि विभिन्न विपक्षी दल इस मुद्दे पर किस तरह संयुक्त रूप से अपनी गतिविधियां संचालित करेंगे। फिलहाल बैठक टलने के कारण इन विषयों पर प्रस्तावित चर्चा नहीं हो सकी।

    बैठक का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य एक नवंबर को दिल्ली में होने वाली INDIA गठबंधन की रैली की तैयारियों की समीक्षा करना भी था। विपक्षी दलों को रैली के आयोजन और उसमें उठाए जाने वाले मुद्दों पर विचार-विमर्श करना था। इसके अलावा कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर आगे के प्रदर्शनों की रूपरेखा पर भी चर्चा प्रस्तावित थी। गठबंधन की ओर से इस मुद्दे पर विरोध जारी रखने की रणनीति तैयार करने की योजना थी।

    सूत्रों के अनुसार, कुछ विपक्षी नेताओं के व्यस्त कार्यक्रमों के कारण बैठक स्थगित की गई। हालांकि, इसे दोबारा आयोजित करने के लिए किसी नई तारीख की घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में एक नवंबर की रैली से पहले गठबंधन के नेताओं के बीच आगे कब चर्चा होगी, यह स्पष्ट नहीं है।

    यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब महिला आरक्षण अधिनियम को जल्द लागू करने के उद्देश्य से परिसीमन से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। हालांकि, प्रस्तावित बैठक के स्थगित होने की वजह के रूप में विपक्षी नेताओं के व्यस्त कार्यक्रमों का उल्लेख किया गया है।

    इससे पहले विपक्षी दल कथित वोट चोरी के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च कर चुके हैं। पिछले सप्ताह किए गए इस मार्च के जरिए विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया से संबंधित अपनी चिंताओं को सामने रखा था। इससे पहले 13 अक्टूबर को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने आवास पर INDIA गठबंधन के नेताओं को चाय पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया था।

    उस बैठक के बाद विपक्षी गठबंधन ने कथित वोट चोरी के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने और इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने का संकल्प जताया था। अब 22 अक्टूबर को प्रस्तावित ऑनलाइन बैठक स्थगित होने के बाद गठबंधन की अगली रणनीतिक चर्चा और एक नवंबर की रैली की तैयारियों पर नजर रहेगी।

  • ओलंपिक में चूके लेकिन उपलब्धियों से चमके रंजन सोढ़ी, वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतकर बने भारत के स्टार निशानेबाज

    ओलंपिक में चूके लेकिन उपलब्धियों से चमके रंजन सोढ़ी, वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतकर बने भारत के स्टार निशानेबाज


    नई दिल्ली। भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में रंजन सोढ़ी का नाम खास सम्मान के साथ लिया जाता है। डबल ट्रैप शूटिंग में अपनी सटीक निशानेबाजी और शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान मजबूत की। कॉमनवेल्थ गेम्स से लेकर एशियन गेम्स और आईएसएसएफ वर्ल्ड कप तक सोढ़ी ने कई महत्वपूर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। उनकी उपलब्धियों ने भारतीय शूटिंग को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    रंजन सोढ़ी का जन्म 23 अक्टूबर 1979 को पंजाब के फिरोजपुर में हुआ था। बचपन से ही निशानेबाजी के प्रति उनका झुकाव आगे चलकर एक सफल खेल करियर में बदल गया। उन्होंने मेहनत और निरंतर अभ्यास के जरिए डबल ट्रैप शूटिंग में अपनी अलग पहचान बनाई। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया और वह भारतीय निशानेबाजी के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।

    साल 2010 रंजन सोढ़ी के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने दो सिल्वर मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसी वर्ष चीन के ग्वांगझू में आयोजित एशियन गेम्स में उन्होंने डबल ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके अलावा डबल ट्रैप टीम स्पर्धा में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल भी जीता। इन उपलब्धियों ने उन्हें देश के प्रमुख निशानेबाजों की कतार में खड़ा कर दिया।

    विश्व स्तर पर भी सोढ़ी का प्रदर्शन शानदार रहा। साल 2010 में इटली के लोनाटो में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में उन्होंने डबल ट्रैप स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद 2011 में चीन की राजधानी बीजिंग में हुए वर्ल्ड कप में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उसी वर्ष स्लोवेनिया के मेरिबोर में आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। लगातार अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतना उनकी निरंतरता और कौशल को दर्शाता है।

    चार अक्टूबर 2011 को संयुक्त अरब अमीरात के अल ऐन में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में सोढ़ी ने फिर गोल्ड मेडल जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। साल 2011 में वह वर्ल्ड कप खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने वाले पहले भारतीय निशानेबाज बने। यह उपलब्धि भारतीय शूटिंग के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है और इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी प्रतिष्ठा और मजबूत हुई।

    विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के दम पर रंजन सोढ़ी ने 2012 के लंदन ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई किया। उन्होंने डबल ट्रैप स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि वह पदक जीतने में सफल नहीं रहे। क्वालिफिकेशन राउंड में 134 अंक हासिल कर वह 11वें स्थान पर रहे। प्रतियोगिता की शुरुआत में उन्होंने 48 अंक बनाकर अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन आगे वह अपनी लय बरकरार नहीं रख सके। ओलंपिक पदक भले ही उनके खाते में नहीं आया लेकिन वहां तक पहुंचना भी उनके करियर की बड़ी उपलब्धि रही।

    निशानेबाजी में उनके योगदान और उपलब्धियों को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया। रंजन सोढ़ी की कहानी मेहनत अनुशासन और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने साबित किया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय खिलाड़ी भी अपनी प्रतिभा के दम पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

  • सुवर्णा राज से स्वाति चौधरी तक, पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर राष्ट्रपति गदगद, कहा- देश को आप पर गर्व है

    सुवर्णा राज से स्वाति चौधरी तक, पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर राष्ट्रपति गदगद, कहा- देश को आप पर गर्व है


    नई दिल्ली। एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया है। प्रतियोगिता में सुवर्णा राज ने महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। वहीं स्वाति चौधरी ने व्यक्तिगत तीरंदाजी में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। बैडमिंटन में भी भारतीय खिलाड़ियों ने कई पदक जीतकर अपनी प्रतिभा और मेहनत का परिचय दिया। खिलाड़ियों की इन उपलब्धियों पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी और उनके प्रदर्शन को देश के लिए गौरवपूर्ण बताया।

    राष्ट्रपति ने सुवर्णा राज को विशेष रूप से बधाई देते हुए उनकी सफलता को ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया। महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में गोल्ड जीतने वाली सुवर्णा की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि यह कामयाबी उनकी असाधारण क्षमताओं का परिणाम है। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि सुवर्णा की उपलब्धि अन्य खिलाड़ियों को भी बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखने के लिए प्रेरित करेगी। उनका प्रदर्शन इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

    तीरंदाजी में सिल्वर मेडल जीतने वाली स्वाति चौधरी को भी राष्ट्रपति ने बधाई दी। महिलाओं की व्यक्तिगत तीरंदाजी स्पर्धा में पदक जीतकर स्वाति ने भारत के लिए एक नई उपलब्धि दर्ज की। राष्ट्रपति ने उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता इस खेल से जुड़े अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरणा देगी। उन्होंने स्वाति के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उम्मीद जताई कि वह आगे भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करेंगी।

    बैडमिंटन में भी भारतीय खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। महिला डबल्स व्हीलचेयर बैडमिंटन में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली अल्फिया जेम्स और पल्लवी केएम को राष्ट्रपति ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस स्पर्धा में भारत के लिए पहला पदक जीतना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन से देश में पैरा खेलों को बढ़ावा मिलेगा और आने वाले खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

    पुरुषों की बैडमिंटन सिंगल्स स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले अभिजीत सखूजा की भी राष्ट्रपति ने प्रशंसा की। अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर ही पदक हासिल करना उनके लिए खास उपलब्धि रही। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि यह शानदार शुरुआत भविष्य में और सफलताओं का रास्ता खोलेगी।

    बैडमिंटन मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉन्ज जीतने वाली सुमति सिवन और कृष्णा नागर की जोड़ी को भी बधाई दी गई। राष्ट्रपति ने टूर्नामेंट के दौरान उनके जज्बे और प्रदर्शन की सराहना की। इसके साथ ही प्रमोद भगत और मनीषा रामदास को भी मिक्स्ड डबल्स में कांस्य पदक जीतने पर शुभकामनाएं दी गईं। उन्होंने खिलाड़ियों के टीम वर्क और खेल के प्रति समर्पण को सराहा।

    राष्ट्रपति ने इस बात पर भी जोर दिया कि हर पदक के पीछे लंबे समय तक की गई मेहनत और तैयारी होती है। एशियन पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों की सफलताएं उनकी प्रतिभा और लगन को दर्शाती हैं। इन उपलब्धियों से पैरा खेलों को नई पहचान मिलने के साथ ही देश के अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों को भी अपने सपने पूरे करने की प्रेरणा मिलेगी।

  • न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ ठोका 225 रन का पहाड़, ग्लेन फिलिप्स की तूफानी पारी से गेंदबाजों की उड़ी धज्जियां

    न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ ठोका 225 रन का पहाड़, ग्लेन फिलिप्स की तूफानी पारी से गेंदबाजों की उड़ी धज्जियां


    नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के पहले मुकाबले में कीवी बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। हेगले ओवल के मैदान पर खेले जा रहे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 225 रन बनाए। इस दमदार प्रदर्शन के साथ न्यूजीलैंड ने टी20 इंटरनेशनल में भारत के खिलाफ अपने सबसे बड़े स्कोर की बराबरी कर ली। इससे पहले टीम ने साल 2026 में तिरुवनंतपुरम के मैदान पर भी भारत के खिलाफ 225 रन बनाए थे। इसके अलावा हेगले ओवल में यह अब तक का सबसे बड़ा टी20 स्कोर भी रहा।

    न्यूजीलैंड की पारी की शुरुआत टिम सीफर्ट और फिन एलन ने आक्रामक अंदाज में की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। सीफर्ट ने 17 गेंदों में 24 रन बनाए लेकिन वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। दूसरी ओर फिन एलन ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने 24 गेंदों का सामना करते हुए 45 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी पारी ने न्यूजीलैंड के बड़े स्कोर की नींव तैयार की।

    इसके बाद डेरिल मिचेल ने भी उपयोगी योगदान दिया। उन्होंने 19 गेंदों में 28 रन बनाए लेकिन बड़ी पारी खेलने से पहले आउट हो गए। शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद न्यूजीलैंड की रन गति पर कोई खास असर नहीं पड़ा। ग्लेन फिलिप्स और बेवन जैकब्स ने मैदान पर उतरते ही भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रुख अपना लिया। दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बटोरते हुए केवल 32 गेंदों में 73 रन की साझेदारी कर दी। इस साझेदारी ने भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं।

    बेवन जैकब्स ने महज 16 गेंदों में 31 रन बनाए। उनकी पारी में तेज बल्लेबाजी का शानदार नमूना देखने को मिला। दूसरी तरफ ग्लेन फिलिप्स ने एक छोर संभाले रखा और लगातार बड़े शॉट लगाते रहे। उन्होंने 27 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। फिलिप्स ने आखिरकार 40 गेंदों में 82 रन की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में आठ चौके और तीन छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी के दम पर न्यूजीलैंड की टीम 225 रन के बड़े स्कोर तक पहुंचने में सफल रही।

    भारतीय गेंदबाज इस मुकाबले में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को रोकने में नाकाम नजर आए। अर्शदीप सिंह ने चार ओवर में 45 रन देकर एक विकेट हासिल किया। भुवनेश्वर कुमार ने चार ओवर में 49 रन खर्च किए और उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। मयंक यादव ने चार ओवर में 40 रन देकर एक विकेट लिया। अक्षर पटेल भारत के सबसे महंगे गेंदबाज रहे। उन्होंने चार ओवर में 51 रन दिए और एक विकेट हासिल किया। नीतीश कुमार रेड्डी ने भी अपने चार ओवर में 40 रन खर्च किए।

    न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी ने पहले ही मुकाबले में भारतीय टीम के सामने बड़ा लक्ष्य खड़ा कर दिया। अब भारतीय बल्लेबाजों के सामने इस लक्ष्य का पीछा करते हुए मजबूत शुरुआत करने और मुकाबले को रोमांचक बनाने की चुनौती रही।

  • अभिषेक शर्मा का तूफानी अंदाज, पहली ही गेंद पर छक्का जड़ने का सातवां कारनामा, टी20 इंटरनेशनल में बने नंबर-1 बल्लेबाज

    अभिषेक शर्मा का तूफानी अंदाज, पहली ही गेंद पर छक्का जड़ने का सातवां कारनामा, टी20 इंटरनेशनल में बने नंबर-1 बल्लेबाज


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के आक्रामक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ गुरुवार को क्राइस्टचर्च के हैगली ओवल में खेले जा रहे टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में अभिषेक ने अपनी पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर इतिहास रच दिया। यह सातवीं बार था जब उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाया। इस उपलब्धि के साथ अभिषेक इस प्रारूप में सबसे ज्यादा बार पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि ने एक बार फिर उनके आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज और पहली गेंद से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता को चर्चा में ला दिया है।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में अभिषेक को भारतीय पारी की छठी गेंद पर स्ट्राइक मिली। सामने न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी थे लेकिन अभिषेक ने बिना समय गंवाए गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचा दिया। टी20 क्रिकेट में पहली गेंद से ही बड़े शॉट खेलने के लिए पहचाने जाने वाले अभिषेक ने इस छक्के के साथ अपने रिकॉर्ड में एक और उपलब्धि जोड़ ली। इस मामले में अफगानिस्तान के शफीकुल्लाह शिनवारी छह बार पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाने के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं भारत के पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव पांच बार ऐसा कर चुके हैं।

    मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट के नुकसान पर 225 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने नाबाद 82 रन की शानदार पारी खेली जबकि फिन एलन ने 45 रन और बेवॉन जैकब्स ने 31 रन का योगदान दिया। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और निर्धारित 20 ओवर में रन गति को तेज बनाए रखा। भारत के सामने जीत के लिए बड़ा लक्ष्य था और ऐसे में सलामी बल्लेबाजों से तेज शुरुआत की उम्मीद थी।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए केवल 35 गेंदों में 93 रन जोड़ दिए। अभिषेक ने 12 गेंदों में तीन छक्कों और दो चौकों की मदद से 29 रन बनाए। दूसरी ओर संजू सैमसन ने 33 गेंदों में चार छक्कों और आठ चौकों की मदद से 67 रन की शानदार पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को शुरुआती ओवरों में मजबूत स्थिति में पहुंचाया और बड़े लक्ष्य का पीछा करने की उम्मीदों को बढ़ाया।

    अभिषेक और संजू की जोड़ी ने इस मुकाबले में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। दोनों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष के दौरान पांचवीं बार 50 या उससे अधिक रन की ओपनिंग साझेदारी की। इससे पहले अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल ने 2025 में पांच बार यह कारनामा किया था। वहीं रोहित शर्मा और केएल राहुल की जोड़ी ने 2021 में पांच बार 50 से अधिक रन की शुरुआती साझेदारी की थी। रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी ने 2018 में चार बार ऐसा किया था।

    इस मुकाबले में अर्धशतक लगाने वाले संजू सैमसन ने भी एक खास उपलब्धि हासिल की। वह 2026 में भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 50 से अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गए। इस सूची में सूर्यकुमार यादव 2022 में 11 अर्धशतकों के साथ शीर्ष पर हैं जबकि विराट कोहली ने 2022 में और अभिषेक शर्मा ने 2026 में नौ नौ बार 50 से अधिक रन बनाए हैं। संजू सैमसन और ईशान किशन 2026 में आठ आठ बार यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। इस तरह न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने व्यक्तिगत रिकॉर्ड के साथ साझेदारी में भी अपनी आक्रामक क्षमता का प्रदर्शन किया।