Author: bharati

  • पश्चिम एशिया संकट का असर: महंगाई से धीमी ग्रोथ तक, IMF की चेतावनी

    पश्चिम एशिया संकट का असर: महंगाई से धीमी ग्रोथ तक, IMF की चेतावनी


    नई दिल्ली वैश्विक अर्थव्यवस्था एक बार फिर अनिश्चितता के दौर में प्रवेश कर चुकी है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चेतावनी दी है कि अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच जारी तनाव और युद्ध का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। संस्था के अनुसार, इस संकट का सीधा असर महंगाई में बढ़ोतरी और आर्थिक विकास की रफ्तार में गिरावट के रूप में देखने को मिलेगा।

    ऊर्जा संकट से बढ़ेगा दबाव, आयातक देशों पर सबसे ज्यादा असर
    आईएमएफ के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। दुनिया के करीब 25-30 प्रतिशत तेल और 20 प्रतिशत एलएनजी की सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्य से होती है। ऐसे में यदि यहां किसी तरह की बाधा आती है, तो इसका सीधा असर एशिया और यूरोप के उन देशों पर पड़ेगा, जो ऊर्जा आयात पर निर्भर हैं।

    गरीब और विकासशील देशों पर दोहरी मार
    रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ्रीका और एशिया के कई गरीब देश पहले ही आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। अब बढ़ती ऊर्जा कीमतों और सप्लाई में कमी के कारण उनकी स्थिति और खराब हो सकती है। इन देशों को महंगे दाम पर भी पर्याप्त ईंधन नहीं मिल पा रहा, जिससे आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

    खाद्य और उर्वरक संकट गहराने का खतरा
    आईएमएफ ने आगाह किया है कि यह संकट केवल ऊर्जा तक सीमित नहीं रहेगा। खाद्य और उर्वरकों की कीमतों में बढ़ोतरी से भी वैश्विक स्तर पर दबाव बढ़ेगा। खासकर गरीब देशों में खाद्य संकट गहरा सकता है और उन्हें बाहरी सहायता की जरूरत पड़ सकती है।

    लंबा चला युद्ध तो बढ़ेगा संकट का दायरा
    संस्था का मानना है कि अगर यह संघर्ष अल्पकालिक रहा, तो तेल-गैस की कीमतों में अचानक उछाल देखने को मिलेगा। लेकिन यदि यह लंबे समय तक चला, तो ऊर्जा की कीमतें लगातार ऊंची बनी रहेंगी, जिससे आयात करने वाले देशों की आर्थिक स्थिति और कमजोर होगी।

    उद्योग और आम उपभोक्ता दोनों प्रभावित
    एशिया के बड़े मैन्युफैक्चरिंग देशों में ईंधन और बिजली की लागत बढ़ने से उत्पादन महंगा हो रहा है। इसका असर सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। साथ ही कई देशों में भुगतान संतुलन पर दबाव बढ़ने से उनकी मुद्रा भी कमजोर हो रही है।

    यूरोप में दोहराया जा सकता है गैस संकट जैसा हाल
    आईएमएफ ने चेतावनी दी है कि यूरोप में 2021-22 जैसा गैस संकट फिर से पैदा हो सकता है। इटली और यूनाइटेड किंगडम जैसे देश ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं, जबकि फ्रांस और स्पेन अपनी परमाणु और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के कारण अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में रह सकते हैं।

    सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स पर भी असर
    इस संघर्ष के चलते वैश्विक सप्लाई चेन भी प्रभावित हो रही है। जहाजों के रूट बदलने से ट्रांसपोर्ट और बीमा लागत बढ़ गई है, जिससे सामान की डिलीवरी में देरी हो रही है। साथ ही, खाड़ी क्षेत्र से मिलने वाले हीलियम और अन्य जरूरी संसाधनों की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है।

    वित्तीय बाजारों में बढ़ी अस्थिरता
    इस भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर भी दिख रहा है। शेयर बाजारों में गिरावट, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। हालांकि, यह गिरावट अभी पिछले बड़े संकटों जितनी गंभीर नहीं है, लेकिन इससे वित्तीय स्थितियां सख्त हो गई हैं।

    आईएमएफ की सलाह: सतर्क रहें और सही नीतियां अपनाएं
    आईएमएफ ने देशों को सलाह दी है कि वे इस स्थिति से निपटने के लिए संतुलित और प्रभावी नीतियां अपनाएं। खासतौर पर कम संसाधनों वाले देशों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि “अनिश्चितता भरे इस दौर में अधिक देशों को समर्थन की जरूरत है और हम उनके साथ खड़े हैं।”

  • उज्जैन में सड़कों पर उतरी कांग्रेस बिजली दर बढ़ोतरी और गेहूं खरीदी टलने पर उग्र आंदोलन का ऐलान

    उज्जैन में सड़कों पर उतरी कांग्रेस बिजली दर बढ़ोतरी और गेहूं खरीदी टलने पर उग्र आंदोलन का ऐलान


    उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन में बढ़ती महंगाई और जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शहर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और बिजली दरों में प्रस्तावित वृद्धि गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी तथा ईंधन संकट को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने आम जनता और किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार को चेतावनी भी दी है।

    प्रदर्शन की शुरुआत देवास गेट चौराहे से हुई जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित हुए। यहां से रैली मालीपुरा होते हुए एटलस चौराहे तक निकाली गई। पूरे रास्ते कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए महंगाई और सरकारी नीतियों के खिलाफ विरोध जताया। रैली के समापन के बाद कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया जिसमें 1 अप्रैल से लागू होने वाली बिजली दर वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।

    कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियां आम नागरिकों के हितों के विपरीत हैं। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है जिससे आम परिवारों का बजट बिगड़ गया है। साथ ही पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर भी संकट की स्थिति बताई जा रही है जिससे लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में यह भी कहा गया कि प्रदेश में लगातार बिजली बिलों में वृद्धि की जा रही है और अब एक बार फिर प्रति यूनिट दर बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले ही महंगाई से जूझ रही जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। कांग्रेस ने इस निर्णय को जनविरोधी बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।

    इसके साथ ही किसानों से जुड़े मुद्दे को भी जोरशोर से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होनी थी लेकिन इसे बढ़ाकर 10 अप्रैल कर दिया गया है। इस फैसले से किसानों को नुकसान होगा क्योंकि उन्हें मजबूरी में अपनी फसल कम दामों पर बेचनी पड़ सकती है। इसे किसानों के साथ अन्याय बताते हुए कांग्रेस ने सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की।

    प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कई स्थानों पर गैस सिलेंडर और ईंधन की कमी के कारण लोगों को ज्यादा कीमत देकर सामान खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि जो गैस सिलेंडर पहले कम कीमत में मिलता था अब वह ब्लैक में काफी महंगा बिक रहा है जिससे आम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

    कांग्रेस ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 1 अप्रैल से बिजली दरों में वृद्धि लागू की जाती है और जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस प्रदर्शन ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में महंगाई और जनहित के मुद्दों पर राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है।

  • 1 अप्रैल 2026 से बदलेंगे कई नियम, नए टैक्स सिस्टम के साथ वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत

    1 अप्रैल 2026 से बदलेंगे कई नियम, नए टैक्स सिस्टम के साथ वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत


    नई दिल्ली  भारत में 1 अप्रैल 2026 से नए वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत के साथ ही टैक्स सिस्टम में कई बड़े और अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं। सरकार द्वारा पेश किया गया नया आयकर अधिनियम, 2025 अब लागू होगा, जो लगभग 60 साल पुराने कानून की जगह लेगा। इन बदलावों का मकसद टैक्स प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और अधिक व्यवस्थित बनाना है।

    अब ‘टैक्स ईयर’ से होगी पहचान, खत्म होंगे FY और AY
    नए सिस्टम में सबसे बड़ा बदलाव ‘फाइनेंशियल ईयर (FY)’ और ‘असेसमेंट ईयर (AY)’ की जगह एक ही ‘टैक्स ईयर’ का कॉन्सेप्ट लागू होना है। इससे टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइलिंग और समझने की प्रक्रिया सरल हो जाएगी। अब अलग-अलग सालों के भ्रम से राहत मिलने की उम्मीद है।

    ITR फाइलिंग की समयसीमा में राहत
    सरकार ने आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा में भी बदलाव किया है। जहां सैलरीड क्लास के लिए 31 जुलाई की डेडलाइन पहले की तरह बनी रहेगी, वहीं नॉन-ऑडिट केस वाले करदाताओं जैसे फ्रीलांसर और प्रोफेशनल्स को अब 31 अगस्त तक का समय मिलेगा। इससे उन्हें अतिरिक्त समय का फायदा मिलेगा।

    डेरिवेटिव ट्रेडिंग होगी महंगी
    फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) में निवेश करने वालों के लिए झटका है। सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है, जिससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी। इसका असर शेयर बाजार के सक्रिय निवेशकों पर साफ दिखाई देगा।

    HRA क्लेम के नियम हुए सख्त
    हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर टैक्स छूट लेने के नियमों को भी सख्त किया गया है। अब कई मामलों में मकान मालिक का PAN देना अनिवार्य होगा। हालांकि राहत की बात यह है कि बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे शहरों को अधिक छूट वाली सूची में शामिल किया गया है।

    टैक्स बेनिफिट्स में भी मिली राहत
    सरकार ने कुछ मामलों में टैक्सपेयर्स को राहत भी दी है। खाने-पीने से जुड़े टैक्स बेनिफिट्स बढ़ाए गए हैं और टैक्स-फ्री गिफ्ट की सीमा में भी इजाफा किया गया है। साथ ही पुराने टैक्स सिस्टम में बच्चों की शिक्षा और हॉस्टल खर्च पर मिलने वाली छूट भी बढ़ाई गई है।

    शेयर और निवेश पर बदले नियम
    अब शेयर बायबैक पर टैक्स डिविडेंड के बजाय कैपिटल गेन के रूप में लगेगा। वहीं, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट केवल मूल इश्यू के दौरान खरीदे गए बॉन्ड्स पर ही लागू होगी। इसके अलावा, डिविडेंड और म्यूचुअल फंड आय पर लिए गए कर्ज के ब्याज पर टैक्स छूट खत्म कर दी गई है।

    TDS और TCS नियमों में बदलाव
    अब टैक्सपेयर्स एक ही घोषणा पत्र के जरिए कई इनकम सोर्स पर TDS से बच सकते हैं। NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर अब TAN की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ PAN से काम चल जाएगा। विदेश यात्रा पर TCS घटाकर 2% कर दिया गया है, जबकि शिक्षा और इलाज के लिए विदेश भेजे जाने वाले पैसे पर भी राहत दी गई है।

    रिवाइज्ड रिटर्न और ITR फॉर्म में बदलाव
    अब टैक्सपेयर्स 31 मार्च तक अपने रिटर्न में संशोधन कर सकेंगे, हालांकि दिसंबर के बाद देरी से करने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। साथ ही ITR-1 फॉर्म में अब दो मकानों से होने वाली आय दिखाने की सुविधा भी दी गई है, जिससे कई लोगों के लिए फाइलिंग आसान हो जाएगी।

  • ग्रामीण विकास को रफ्तार: केंद्र ने 6 राज्यों को जारी किए 1500 करोड़ से ज्यादा

    ग्रामीण विकास को रफ्तार: केंद्र ने 6 राज्यों को जारी किए 1500 करोड़ से ज्यादा

    नई दिल्ली  ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने 15वां वित्त आयोग के तहत 6 राज्यों को 1,500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की है। इस फंड का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं और ग्रामीण स्थानीय निकायों को मजबूत बनाकर जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को गति देना है।

    किन राज्यों को मिला फायदा

    इस वित्तीय सहायता का लाभ तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, मिजोरम और मेघालय को मिला है। यह राशि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाओं को लागू करने में मदद करेगी।

    तेलंगाना और उत्तराखंड को मिली पहली किस्त

    तेलंगाना को 247.94 करोड़ रुपए की अनटाइड ग्रांट जारी की गई है, जिससे राज्य की 12,600 ग्राम पंचायतों को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं उत्तराखंड को 91.31 करोड़ रुपए की दूसरी किस्त दी गई है, जिससे जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा रुकी हुई राशि भी जारी कर दी गई है, जिससे अतिरिक्त पंचायतों को भी फायदा पहुंचेगा।

    राजस्थान और मेघालय में विकास को बल

    राजस्थान को 315.61 करोड़ रुपए की दूसरी किस्त जारी की गई है। इससे राज्य की जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायतों को मजबूती मिलेगी। वहीं मेघालय को स्वायत्त जिला परिषदों और ग्राम परिषदों के लिए कुल मिलाकर करीब 49 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि दी गई है, जिससे स्थानीय प्रशासन को और सशक्त बनाया जा सकेगा।

    महाराष्ट्र को कई मदों में बड़ी सहायता

    महाराष्ट्र को अलग-अलग मदों में बड़ी रकम जारी की गई है। इसमें टाइड और अनटाइड ग्रांट की कई किस्तें शामिल हैं। इस राशि से जिला और ब्लॉक पंचायतों के साथ हजारों ग्राम पंचायतों को फायदा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति मिलेगी।

    क्या है इस फंड का उद्देश्य

    15वां वित्त आयोग के तहत जारी यह फंड ग्रामीण भारत में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, स्वच्छता, जल प्रबंधन, सड़क निर्माण और अन्य आवश्यक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए दिया जाता है। इससे स्थानीय निकायों को अपनी जरूरतों के हिसाब से योजनाएं लागू करने की स्वतंत्रता भी मिलती है।

    जमीनी स्तर पर दिखेगा असर

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की वित्तीय मदद से गांवों में विकास की रफ्तार तेज होगी और स्थानीय प्रशासन अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।
    निष्कर्ष केंद्र सरकार का यह कदम ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने और पंचायतों को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

  • CSK पर ऐतिहासिक जीत: राजस्थान रॉयल्स ने दर्ज की अपनी सबसे बड़ी जीत

    CSK पर ऐतिहासिक जीत: राजस्थान रॉयल्स ने दर्ज की अपनी सबसे बड़ी जीत


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स ने धमाकेदार अंदाज में शुरुआत करते हुए इतिहास रच दिया है। रियान पराग की कप्तानी में टीम ने गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से हराकर आईपीएल इतिहास की अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।

    47 गेंद शेष रहते हासिल किया लक्ष्य

    राजस्थान ने 128 रनों के लक्ष्य को महज 12.1 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत की सबसे खास बात यह रही कि टीम ने 47 गेंदें बाकी रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया, जो गेंदों के लिहाज से उसकी अब तक की सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले साल 2014 में राजस्थान ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 42 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की थी।

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी का तूफान

    इस ऐतिहासिक जीत के हीरो रहे महज 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मैच को एकतरफा बना दिया। वैभव ने सिर्फ 17 गेंदों में 52 रन ठोक दिए और महज 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। 305 के स्ट्राइक रेट से खेली गई इस पारी में उन्होंने 4 चौके और 5 छक्के जड़े। उनके आउट होने तक राजस्थान जीत की दहलीज पर पहुंच चुका था। वहीं यशस्वी जायसवाल ने 36 गेंदों में 38 रन बनाकर नाबाद रहते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया।

    सीएसके की बल्लेबाजी रही पूरी तरह फ्लॉप

    चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाज इस मुकाबले में पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए। टीम का टॉप ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया और पूरी टीम सिर्फ 127 रन पर ढेर हो गई। सीएसके की ओर से जेमी ओवरटन ने सबसे ज्यादा 43 रन बनाए, जबकि कार्तिक शर्मा ने 18 रनों का योगदान दिया।

    गेंदबाजों ने रखी जीत की मजबूत नींव

    राजस्थान की जीत में गेंदबाजों की भी अहम भूमिका रही। जोफ्रा आर्चर ने 4 ओवर में 19 रन देकर 2 विकेट झटके। वहीं नांद्रे बर्गर ने भी 2 विकेट लेकर सीएसके के टॉप ऑर्डर को झकझोर दिया। रवींद्र जडेजा ने अपनी स्पिन से बल्लेबाजों को परेशान करते हुए 3 ओवर में 18 रन देकर 2 अहम विकेट निकाले।

    आंकड़ों में भी राजस्थान का दबदबा

    यह जीत इंडियन प्रीमियर लीग में सीएसके के खिलाफ राजस्थान की 16वीं जीत है। इस आंकड़े के साथ राजस्थान और पंजाब किंग्स संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। सीएसके को सबसे ज्यादा बार हराने का रिकॉर्ड मुंबई इंडियंस के नाम है, जिसने 21 मुकाबले जीते हैं। राजस्थान रॉयल्स ने इस मैच में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और रणनीति—तीनों मोर्चों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए आईपीएल 2026 में अपने इरादे साफ कर दिए हैं।

  • RR vs CSK: राजस्थान की धमाकेदार जीत, वैभव सूर्यवंशी की तूफानी फिफ्टी से चेन्नई ढेर

    RR vs CSK: राजस्थान की धमाकेदार जीत, वैभव सूर्यवंशी की तूफानी फिफ्टी से चेन्नई ढेर


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के तीसरे मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से रौंद दिया। गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में राजस्थान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ। सीएसके की टीम 127 रन पर ही सिमट गई, जिसे राजस्थान ने महज 13 ओवर में हासिल कर लिया।

    वैभव सूर्यवंशी की तूफानी फिफ्टी ने बदला मैच

    128 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। वैभव सूर्यवंशी ने आते ही गेंदबाजों पर हमला बोल दिया और सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक ठोक डाला। उन्होंने 17 गेंदों में 52 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल थे।

    उनके आउट होने तक टीम का स्कोर 75 रन हो चुका था और मैच लगभग राजस्थान की झोली में जा चुका था। इसके बाद यशस्वी जायसवाल और कप्तान रियान पराग ने संयम से खेलते हुए 13वें ओवर में ही जीत दिला दी।

    सीएसके की बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप

    पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही। संजू सैमसन और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौट गए।

    नांद्रे बर्गर ने शुरुआती झटके देकर सीएसके की कमर तोड़ दी। टीम ने जल्दी-जल्दी विकेट गंवाए और 51 रन पर ही 5 विकेट गिर गए।

    हालांकि जेमी ओवरटन ने 43 रन की पारी खेलकर टीम को 127 तक पहुंचाया, लेकिन यह स्कोर मुकाबले में टिकने के लिए काफी नहीं था।

    राजस्थान के गेंदबाजों का कमाल

    राजस्थान की गेंदबाजी बेहद अनुशासित रही। नांद्रे बर्गर और रविंद्र जडेजा (बतौर गेंदबाज) ने अहम विकेट निकालकर सीएसके को उबरने का मौका नहीं दिया। बीच के ओवरों में लगातार विकेट गिरने से सीएसके दबाव में आ गई।

    सीएसके की चिंता बढ़ी

    चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यह हार चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि पिछले सीजन में भी टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। इस मुकाबले में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में टीम कमजोर नजर आई।

    राजस्थान रॉयल्स ने इस मैच में हर विभाग में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन असली हीरो रहे वैभव सूर्यवंशी, जिनकी विस्फोटक पारी ने मैच को एकतरफा बना दिया।

  • ‘रामायण: राम’ का ट्रेलर-1 तैयार, सेंसर बोर्ड से U सर्टिफिकेट के साथ मिला पास

    ‘रामायण: राम’ का ट्रेलर-1 तैयार, सेंसर बोर्ड से U सर्टिफिकेट के साथ मिला पास

     
    नई दिल्ली। बॉलीवुड की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक ‘रामायण’ को लेकर आ रहे हर अपडेट पर फैंस की पैनी नजर है। एक रिपोर्ट के मुताबिक आज यानि 30 मार्च को फिल्म के नए वीडियो एसेट ‘रामा’ को CBFC ने पास कर दिया है। फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा इस प्रोजेक्ट को ग्रैंड बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। करीब डेढ़ साल पहले 3 जुलाई 2025 को फिल्म का इंट्रोडक्शन वीडियो जारी किया गया था, और अब लंबे इंतजार के बाद फिल्म की एक नई झलक दर्शकों के सामने आने वाली है।

    फिल्म के प्रोमो वीडियो को मिला ‘U’ सर्टिफिकेट
    सेंसर सर्टिफिकेट ने ‘रामायण’ के इस नए वीडियो का नाम ‘रामा’ रखा गया है। खास बात यह है कि सेंसर बोर्ड ने इसे बिना किसी कट के ‘U’ सर्टिफिकेट दिया है, जिसका मतलब है कि इसे हर उम्र के लोग देख सकेंगे। इस वीडियो की लंबाई 158 सेकंड (2 मिनट 38 सेकंड) का है। मेकर्स ने 27 मार्च को यह घोषणा की थी कि ‘रामा’ की यह खास झलक 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर रिलीज की जाएगी। यह वीडियो फिल्म की ग्रैंडनेस और इसकी कहानी के बारे में एक डीप इनसाइट पेश करेगा। बता दें कि यह फिल्म आनाउंसमेंट के वक्त से ही सुर्खियों में बनी हुई है।

    रामायण में दिखेगी सितारों की लंबी-चौड़ी फौज
    स्टारकास्ट की बात करें तो इस फिल्म में बॉलीवुड और साउथ के कई सुपरस्टार्स एक साथ नजर आने वाले हैं। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि सई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। ‘KGF’ फेम यश फिल्म में रावण की भूमिका में नजर आएंगे। वहीं सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में दिखाई पड़ेंगे। फिल्म का निर्देशन ‘दंगल’ फेम नितेश तिवारी कर रहे हैं और इसका म्यूजिक ए आर रहमान और हंस जिमर मिलकर तैयार कर रहे हैं।

    दो पार्ट में रिलीज होगी रामायण की ये महागाथा
    मेकर्स ने इस एपिक सागा को दो पार्ट में रिलीज करने का फैसला किया है। फिल्म का पहला पार्ट साल 2026 में दिवाली के मौके पर रिलीज किया जाएगा। वहीं दूसरे पार्ट के लिए दर्शकों को बहुत लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि ‘रामायण’ का दूसरा पार्ट दिवाली 2027 में रिलीज करने की प्लानिंग है। फिल्म की मार्केटिंग स्ट्रैटजी बहुत सॉलिड रखी गई है ताकि रिलीज तक फिल्म का बज बना रहे। फिलहाल सबकी नजरें 2 अप्रैल पर टिकी हैं, जब फिल्म का पहला ट्रेलर रिलीज किया जाएगा।

  • कपिल शर्मा ने रणवीर सिंह पर ली मजेदार फिरकी, अमिताभ बच्चन के जवाब ने सब चौंका दिया

    कपिल शर्मा ने रणवीर सिंह पर ली मजेदार फिरकी, अमिताभ बच्चन के जवाब ने सब चौंका दिया


    नई दिल्ली। कॉमेडी किंग कपिल शर्मा ने एक अवॉर्ड शो में अपने मशहूर अंदाज में सितारों की खिंचाई करते हुए ऐसा माहौल बनाया कि वहां मौजूद हर किसी की हंसी रुकना मुश्किल हो गया। यह किस्सा 2016 के स्क्रीन अवॉर्ड्स का है, जब कपिल ने फ्रंट रो में बैठे रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण से नखरों पर सवाल पूछा।

    रणवीर-दीपिका के बीच नखरों की बहस

    कपिल के साथ करण जौहर भी होस्टिंग की कमान संभाल रहे थे। कपिल ने रणवीर से पूछा, “लड़कों और लड़कियों में से ज्यादा नखरे कौन दिखाता है?” रणवीर मुस्कुराते हुए बोले, “लड़कियां, क्योंकि तैयार होने में काफी समय लगाती हैं और उनके नखरे देखने वाले होते हैं।” दीपिका ने इस बात को पलटते हुए कहा कि “लड़के कहीं ज्यादा नखरेबाज होते हैं।” इस पर कपिल ने अपना फेमस सेंस ऑफ ह्यूमर इस्तेमाल करते हुए ‘ऑड-इवन’ फॉर्मूले पर मजाकिया सवाल किया कि अगर औरतों को सिर्फ ईवन दिनों में और पुरुषों को ऑड दिनों में बोलने का मौका मिले, तो क्या पुरुषों को कभी बोलने का मौका मिलेगा? इस पर हंसी का माहौल और भी गहरा गया।

    अमिताभ बच्चन की धमाकेदार एंट्री

    जब रणवीर और दीपिका के बीच बहस नहीं बनी, तो दीपिका ने कपिल से कहा कि “सिर पर बैठे अमिताभ बच्चन और जया बच्चन से सलाह लो।” कपिल तुरंत बिग बी के पास गए और मजाक में पूछा, “सर, घर पर किसकी चलती है?”कपिल ने बाद में कहा कि अमिताभ की आवाज इतनी दमदार है कि उनका ‘पास आओ’ कहना भी जेल भेजने का आदेश लगता है। अमिताभ ने बड़े ही फिल्मी अंदाज में जवाब दिया, “मेरे घर में तो आपकी (कपिल की) ही चलती है।” इस पर कपिल ने तुरंत कहा कि उनके इस बयान ने अब मार्केट फीस बढ़ा दी है। पूरे हॉल में मौजूद लोग हंसी रोक नहीं पाए।

    हंसी-मजाक का सिलसिला

    कपिल ने इसके बाद एक्ट्रेस श्रिया सरन की ओर रुख किया और उनकी राय पूछी। श्रिया ने मासूमियत से कहा कि लड़कियां बहुत सिंपल होती हैं। कपिल ने तुरंत पलटवार करते हुए पूछा, “तो क्या हमारे ऊपर कोई कढ़ाई की हुई है?” इस पर सभी दर्शक ठहाके मारकर हंसने लगे। इस पूरे एपिसोड ने साबित कर दिया कि कपिल शर्मा का ह्यूमर सिर्फ लोगों को हंसाने तक सीमित नहीं, बल्कि सितारों के बीच की जिंदादिली और पावर डायनामिक्स को भी बेबाक तरीके से उजागर करता है।

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    सबकी हंसी रुकने वाला पल

    अमिताभ बच्चन का जवाब इतना सटीक और मजेदार था कि वहां मौजूद सभी लोग ठहाके मारते हुए रह गए। रणवीर-दीपिका की नखरों की बहस, श्रिया की मासूमियत और कपिल का चुटकुलों भरा अंदाज—सब कुछ मिलकर अवार्ड शो के सबसे यादगार लम्हों में शामिल हो गया। यह किस्सा आज भी सोशल मीडिया पर साझा किया जाता है और बॉलीवुड की हंसी-मजाक की कहानियों में प्रमुख रूप से गि
  • अमेरिका ने खोली पाकिस्तान की पोल, आतंकियों के पनाहगाह के भारत विरोधी झूठों का पर्दाफाश

    अमेरिका ने खोली पाकिस्तान की पोल, आतंकियों के पनाहगाह के भारत विरोधी झूठों का पर्दाफाश

    नई दिल्ली । पाकिस्तान और आतंकवाद का पुराना नाता किसी से छिपा नहीं है। दशकों तक आतंकियों को सुरक्षित पनाह देने वाले पाकिस्तान को अब अमेरिका ने भी चेतावनी दी है। ताजा अमेरिकी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान आज भी आतंकियों और चरमपंथियों का प्रमुख ठिकाना बना हुआ है। रिपोर्ट ने भारत को लेकर पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे झूठों का भी पर्दाफाश किया है।

    यह रिपोर्ट US कांग्रेस रिसर्च सर्विस (CRS) ने जारी की है। रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग में खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है।

    पाकिस्तान में सक्रिय 15 बड़े आतंकवादी समूह

    रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में आज भी करीब 15 बड़े आतंकवादी समूह सक्रिय हैं। इनमें वैश्विक स्तर पर सक्रिय, भारत-केंद्रित, अफगानिस्तान-केंद्रित, घरेलू स्तर के और सांप्रदायिक समूह शामिल हैं। इनमें से 12 समूहों को अमेरिकी कानून के तहत ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ (FTOs) घोषित किया गया है और अधिकांश चरमपंथी विचारधारा से प्रेरित हैं। रिपोर्ट में इस बात पर चिंता जताई गई है कि पाकिस्तान इन नेटवर्कों को खत्म करने में विफल रहा है। 2014 के ‘नेशनल एक्शन प्लान’ में सभी सशस्त्र मिलिशिया को समाप्त करने का आदेश दिया गया था, लेकिन पाकिस्तान अब तक इन आतंकियों को पाल रहा है।

    भारत के लिए खतरा: सक्रिय समूहों के दस्ते

    रिपोर्ट में विशेष रूप से भारत-केंद्रित समूहों की ओर ध्यान खींचा गया है। हिजबुल मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूहों के पास 1,500 से अधिक सक्रिय समर्थक मौजूद हैं। लश्कर-ए-तैयबा, जैश और हिजबुल जैसे समूह भी पाकिस्तान में सुरक्षित ठिकाने बना रहे हैं।

    पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश

    रिपोर्ट ने पाकिस्तान की दलीलों की पोल भी खोली। पाकिस्तान बलूचिस्तान में उग्रवाद को भारत प्रायोजित बताता है, जबकि अमेरिकी रिपोर्ट ने हक्कानी नेटवर्क का सीधा संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों से जोड़ा है। भारत पहले ही इन आरोपों को खारिज कर चुका है और स्पष्ट कर चुका है कि पाकिस्तान को अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए दूसरों पर आरोप लगाना बंद करना चाहिए।

  • संकट के बीच राहत की खबर…. 6000 PNG उपभोक्ताओं ने सरेंडर किए LPG कनेक्शन

    संकट के बीच राहत की खबर…. 6000 PNG उपभोक्ताओं ने सरेंडर किए LPG कनेक्शन


    नई दिल्ली।
    सरकार (Government) द्वारा पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) (PNG – Piped Natural Gas) को बढ़ावा देने और एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) (LPG – Liquefied Petroleum Gas) की सप्लाई को सुव्यवस्थित करने के प्रयासों के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, शनिवार तक 6000 पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं।

    इस विषय पर मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इन उपभोक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘कल तक 6000 पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपनी एलपीजी सरेंडर कर दी! उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद!!’ उन्होंने अन्य पीएनजी यूजर्स से भी अपील की कि वे उन लोगों की मदद के लिए अपना एलपीजी कनेक्शन छोड़ दें, जिनके पास अभी तक पीएनजी की सुविधा नहीं है।


    तीन महीने बाद बंद हो सकती है एलपीजी सप्लाई

    सरकार की योजना है कि जिन घरों में पीएनजी का एक्सेस यानी पाइपलाइन की पहुंच है, लेकिन उन्होंने अभी तक कनेक्शन नहीं लिया है तो वहां तीन महीने बाद एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई रोक दी जाएगी। यह नियम उन जगहों पर लागू नहीं होगा जहां पीएनजी की सप्लाई तकनीकी रूप से संभव नहीं है, बशर्ते किसी अधिकृत संस्था द्वारा ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ (NOC) जारी किया गया हो।

    पश्चिमी एशिया से आयात में आ रही बाधाओं के कारण एलपीजी आपूर्ति पर दबाव है। सरकार का लक्ष्य पाइपलाइन वाले क्षेत्रों के लोगों को पीएनजी पर शिफ्ट करना है, ताकि वहां की एलपीजी को उन ग्रामीण या दूरदराज के इलाकों में भेजा जा सके जहां पाइपलाइन का बुनियादी ढांचा नहीं है।


    गैस आपूर्ति में घरेलू और परिवहन क्षेत्र को प्राथमिकता

    – मौजूदा स्थिति को देखते हुए गैस क्षेत्र में आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर बांटा गया है।
    – पीएनजी और सीएनजी: घरेलू पीएनजी और परिवहन के लिए सीएनजी को 100% (पूर्ण आवंटन) गैस दी जा रही है।
    – औद्योगिक और वाणिज्यिक: इन उपभोक्ताओं को उनके औसत उपयोग का लगभग 80% गैस मिल रही है।
    – उर्वरक संयंत्र: इन्हें 70-75% क्षमता पर गैस की आपूर्ति की जा रही है। कमी को पूरा करने के लिए अतिरिक्त एलएनजी कार्गो की व्यवस्था की जा रही है।

    एलपीजी की स्थिति और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
    भू-राजनीतिक स्थितियों के कारण एलपीजी आपूर्ति प्रभावित जरूर हुई है, लेकिन एक रिपोर्ट के अनुसार डिलीवरी सामान्य है और कहीं से भी किसी कमी की सूचना नहीं है। प्रतिदिन 55 लाख से अधिक गैस सिलेंडरों की डिलीवरी की जा रही है। कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति को संकट-पूर्व के स्तर के लगभग 70% तक बहाल कर दिया गया है। इसमें हॉस्पिटैलिटी (होटल-रेस्तरां), खाद्य सेवाओं और प्रमुख उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है।

    छापेमारी और जब्ती: सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। हाल के दिनों में लगभग 2,900 छापेमारी की गई हैं और करीब 1,000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा राज्यों का केरोसिन आवंटन भी बढ़ाया गया है।

    पीएनजी को बढ़ावा देने के लिए कंपनियों के इंसेंटिव्स
    पीएनजी नेटवर्क (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) के विस्तार को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। अकेले मार्च महीने में 2,90,000 से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन जोड़े गए हैं। इंद्रप्रस्थ गैस (IGL), महानगर गैस (MGL), गेल गैस (GAIL Gas) और बीपीसीएल (BPCL) जैसी कंपनियां लोगों को एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट होने के लिए कई तरह के इंसेंटिव्स (प्रोत्साहन/छूट) भी दे रही हैं।

    सरकार की अपील
    केंद्र सरकार ने राज्यों से निगरानी तेज करने, दैनिक ब्रीफिंग आयोजित करने और गैस बुनियादी ढांचे के लिए अप्रूवल में तेजी लाने को कहा है। सरकार ने जनता से यह भी अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।