Author: bharati

  • उत्तर से दक्षिण तक हर दिशा का है अपना महत्व, वास्तु के अनुसार घर में क्या रखें और किन बातों से बचें जानें पूरी जानकारी

    उत्तर से दक्षिण तक हर दिशा का है अपना महत्व, वास्तु के अनुसार घर में क्या रखें और किन बातों से बचें जानें पूरी जानकारी


    नई दिल्ली । 
    वास्तु शास्त्र में घर की दिशाओं को विशेष महत्व दिया गया है। धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार घर में मौजूद अलग अलग दिशाएं ऊर्जा और वातावरण से जुड़ी होती हैं और इनका सही तरीके से उपयोग घर के माहौल को सकारात्मक बनाए रखने में सहायक माना जाता है। यही वजह है कि घर बनवाते समय या घर में सामान व्यवस्थित करते समय लोग वास्तु के दिशा नियमों का ध्यान रखते हैं। हालांकि वास्तु से जुड़े उपायों को वैज्ञानिक तथ्य के बजाय पारंपरिक मान्यता के रूप में ही देखना चाहिए। घर की सही योजना के साथ साफ सफाई रोशनी हवा और सुविधाजनक व्यवस्था को भी प्राथमिकता देना जरूरी है।

    वास्तु के अनुसार उत्तर दिशा को धन और अवसरों से जुड़ा माना जाता है। इस दिशा को साफ सुथरा और खुला रखने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि उत्तर दिशा में अनावश्यक सामान या भारी वस्तुएं रखने से घर की ऊर्जा का संतुलन प्रभावित हो सकता है। इसलिए इस हिस्से में कबाड़ और लंबे समय से इस्तेमाल न होने वाली चीजें जमा करने से बचना बेहतर माना जाता है।

    पूर्व दिशा का संबंध सूर्य की ऊर्जा और सकारात्मकता से जोड़ा जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर की पूर्व दिशा में पर्याप्त रोशनी और हवा का प्रवेश होना अच्छा माना जाता है। सुबह के समय खिड़की दरवाजे खोलने से प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा घर के वातावरण को बेहतर बना सकती है। इस दिशा में अत्यधिक भारी सामान रखने से बचने की सलाह दी जाती है।

    दक्षिण दिशा को लेकर वास्तु में विशेष नियम बताए गए हैं। पारंपरिक मान्यता के अनुसार घर की इस दिशा में भारी वस्तुएं रखना उचित माना जाता है। कई वास्तु विशेषज्ञ दक्षिण दिशा में मास्टर बेडरूम या स्टोरेज जैसी व्यवस्था की सलाह देते हैं। हालांकि घर की संरचना और परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही कोई बदलाव करना चाहिए।

    पश्चिम दिशा को भी वास्तु में महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिशा में ऐसी चीजों की व्यवस्था करने की सलाह दी जाती है जिनके लिए घर में स्थिर स्थान की आवश्यकता हो। पश्चिम दिशा में साफ सफाई बनाए रखना और अनावश्यक सामान को जमा न होने देना घर के वातावरण के लिए उपयोगी हो सकता है।

    वास्तु में उत्तर पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को सबसे महत्वपूर्ण दिशाओं में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस हिस्से को साफ और हल्का रखना शुभ माना जाता है। कई लोग यहां पूजा स्थान बनाने को प्राथमिकता देते हैं। वहीं दक्षिण पश्चिम दिशा यानी नैऋत्य कोण को स्थिरता से जोड़कर देखा जाता है और यहां भारी सामान रखने की परंपरा है।

    वास्तु के अनुसार घर की दिशाओं का ध्यान रखने के साथ मुख्य दरवाजे के आसपास साफ सफाई रखना भी जरूरी माना जाता है। घर में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और हवा का प्रवाह बनाए रखना सकारात्मक वातावरण के लिए व्यावहारिक रूप से भी उपयोगी है। टूटे फूटे सामान और बेकार वस्तुओं को लंबे समय तक घर में जमा करने से जगह अव्यवस्थित हो सकती है। इसलिए समय समय पर घर की सफाई और सामान की व्यवस्थित व्यवस्था करना बेहतर है।

    कुल मिलाकर वास्तु दिशा से जुड़े नियम लोगों के लिए अपने घर को व्यवस्थित और सकारात्मक बनाने का एक पारंपरिक तरीका हैं। किसी भी वास्तु उपाय को अपनाते समय अंधविश्वास के बजाय अपनी सुविधा और व्यावहारिक जरूरतों को प्राथमिकता देना जरूरी है। साफ घर पर्याप्त रोशनी अच्छा वेंटिलेशन और शांत वातावरण किसी भी परिवार के सुखद जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं।

  • ईडी के 715 करोड़ रुपये मामले में रिलायंस पावर को नोटिस, नकारात्मक खबर के बीच शेयर पांच फीसदी से ज्यादा चढ़े

    ईडी के 715 करोड़ रुपये मामले में रिलायंस पावर को नोटिस, नकारात्मक खबर के बीच शेयर पांच फीसदी से ज्यादा चढ़े

    नई दिल्ली । अनिल अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस पावर के शेयरों में शुक्रवार को तेज उछाल देखने को मिला। कंपनी को करीब 715 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नोटिस मिलने की जानकारी सामने आने के बावजूद कारोबार के दौरान शेयर 5.55 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 23.38 रुपये तक पहुंच गया। इस तेजी ने बाजार में निवेशकों के रुख को लेकर भी चर्चा बढ़ा दी है।

    रिलायंस पावर और उसकी सहायक कंपनी रिलायंस क्लीनजेन लिमिटेड को नई दिल्ली स्थित विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश की ओर से प्री-कॉग्निजेंस नोटिस मिला है। यह नोटिस प्रवर्तन निदेशालय की शिकायत के आधार पर जारी किया गया है। मामला रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और उससे जुड़े अन्य पक्षों से संबंधित बताया गया है।

    प्रवर्तन निदेशालय ने करीब 715 करोड़ रुपये की कथित रकम से जुड़े मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत शिकायत दर्ज की है। इसमें अधिनियम की धारा 3 और 4 का उल्लेख किया गया है। शिकायत में रिलायंस पावर और उसकी सहायक कंपनी का नाम संभावित आरोपियों के रूप में शामिल किए जाने की जानकारी कंपनी की ओर से दी गई है।

    नोटिस की खबर सामान्य तौर पर कंपनी के लिए नकारात्मक मानी जा सकती है, लेकिन शुक्रवार को शेयर बाजार में इसका तत्काल असर अलग दिखाई दिया। रिलायंस पावर के शेयरों में खरीदारी बढ़ी और कीमत 23.38 रुपये तक पहुंच गई। हालांकि शेयर की मौजूदा स्थिति को केवल एक कारोबारी सत्र की तेजी से नहीं देखा जा सकता, क्योंकि पिछले कुछ समय में स्टॉक में काफी उतार-चढ़ाव रहा है।

    कंपनी के शेयरों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो छह महीने की अवधि में इसमें करीब 9.73 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। एक साल के दौरान शेयर करीब 53 प्रतिशत टूट चुका है। हालांकि पांच साल की अवधि में स्टॉक ने लगभग 131.49 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। इससे कंपनी के शेयर में लंबी अवधि और छोटी अवधि के प्रदर्शन के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है।

    शुक्रवार को कारोबार के दौरान रिलायंस पावर का बाजार पूंजीकरण करीब 9,574 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कंपनी के शेयर का 52 सप्ताह का उच्च स्तर 50.90 रुपये और निचला स्तर 20.23 रुपये बताया गया है। मौजूदा भाव इन दोनों स्तरों के बीच कारोबार कर रहा है।

    रिलायंस पावर मुख्य रूप से बिजली उत्पादन से जुड़ी कंपनी है। इसे भारत और विदेशों में बिजली परियोजनाओं के विकास, निर्माण और संचालन के लिए स्थापित किया गया था। कंपनी के पास बिजली उत्पादन से संबंधित परियोजनाओं का पोर्टफोलियो है, जिसमें चालू और निर्माणाधीन परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं का संचालन कंपनी सीधे या अपनी सहायक कंपनियों के माध्यम से करती है।

    715 करोड़ रुपये के मामले में जारी नोटिस अब कंपनी के लिए कानूनी और कारोबारी दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। हालांकि नोटिस मिलना अपने आप में आरोपों का अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाता। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान संबंधित पक्षों का पक्ष और उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।

    इस बीच शेयरों में आई तेजी यह दिखाती है कि बाजार में किसी खबर पर तत्काल प्रतिक्रिया हमेशा उसी दिशा में नहीं होती, जिस दिशा में खबर को सामान्य तौर पर देखा जाता है। रिलायंस पावर के मामले में भी कानूनी खबर के बीच शेयरों में खरीदारी देखने को मिली है, जबकि निवेशकों के लिए कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और आगे की कानूनी प्रक्रिया दोनों पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहेगा।

  • देश के कई हिस्सों में आफत बन सकती है बारिश, 22 अगस्त को भारी वर्षा और तेज हवाओं का अलर्ट, जानें आपके शहर का मौसम

    देश के कई हिस्सों में आफत बन सकती है बारिश, 22 अगस्त को भारी वर्षा और तेज हवाओं का अलर्ट, जानें आपके शहर का मौसम


    भोपाल 22 अगस्त 2026 को देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के मुताबिक मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है और कुछ इलाकों में भारी वर्षा के साथ गरज चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। मौसम में बदलाव का असर सामान्य जनजीवन के साथ यातायात और स्थानीय गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में लोगों को अपने क्षेत्र के मौसम अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

    मध्य प्रदेश की बात करें तो 22 अगस्त की सुबह से 23 अगस्त की सुबह तक कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। रायसेन नर्मदापुरम दतिया भिंड सिंगरौली सीधी छिंदवाड़ा सिवनी बालाघाट पन्ना दमोह सागर छतरपुर टीकमगढ़ निवाड़ी और पांढुर्णा में भारी बारिश के साथ गरज चमक और करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना बताई गई है। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी गरज चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

    भोपाल में भी 22 अगस्त को मौसम सुहावना रहने के साथ बादल छाए रहने की संभावना है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल में शनिवार को न्यूनतम तापमान करीब 20.3 डिग्री और अधिकतम तापमान करीब 26.4 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। अगले कुछ दिनों में भी शहर में बादल और कहीं कहीं बारिश की स्थिति बनी रहने का अनुमान है। ऐसे में सुबह और शाम के समय मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।

    देश के दूसरे हिस्सों में भी 22 अगस्त को मौसम पूरी तरह सामान्य रहने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार दिल्ली उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश जम्मू कश्मीर पश्चिम बंगाल पंजाब राजस्थान मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं की रफ्तार 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है जबकि निचले इलाकों में जलभराव की परेशानी सामने आ सकती है।

    लगातार बारिश वाले इलाकों में नदी नालों और छोटे जलस्रोतों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बारिश के दौरान बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले मैदान पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना जरूरी है। वाहन चालकों को भी तेज बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखने और जलभराव वाली सड़कों से गुजरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    मौसम के इस बदले मिजाज का असर किसानों पर भी पड़ सकता है। जहां बारिश फसलों के लिए राहत लेकर आ सकती है वहीं अत्यधिक वर्षा से खेतों में जलभराव और फसल को नुकसान की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए किसानों को स्थानीय मौसम विभाग की सलाह के अनुसार कृषि कार्य करने की जरूरत है।

    कुल मिलाकर 22 अगस्त को मानसून कई क्षेत्रों में सक्रिय रहने वाला है। मध्य प्रदेश में कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है जबकि भोपाल समेत कई इलाकों में बादल और बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम को देखते हुए लोगों के लिए जरूरी है कि घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देखें और भारी बारिश या आंधी की स्थिति में प्रशासन की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करें।

  • शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार को ऐसे करें व्रत, पूजा विधि से लेकर किन चीजों का करें दान जानें पूरी जानकारी

    शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार को ऐसे करें व्रत, पूजा विधि से लेकर किन चीजों का करें दान जानें पूरी जानकारी

    नई दिल्ली । शनिवार का दिन भगवान शनिदेव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिदेव कर्मों के फलदाता हैं और व्यक्ति को उसके अच्छे और बुरे कर्मों के अनुसार परिणाम प्रदान करते हैं। माना जाता है कि शनिवार के दिन श्रद्धा और नियम के साथ शनिदेव की पूजा तथा व्रत करने से जीवन में चल रही परेशानियों से राहत पाने की कामना की जा सकती है। नौकरी में बाधा हो कारोबार में परेशानी हो आर्थिक संकट बना हो या किसी कार्य में बार बार रुकावट आ रही हो तो भक्त शनिवार के दिन शनिदेव की आराधना करते हैं। हालांकि व्रत के दौरान मन की शुद्धता और नियमों का पालन करना भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है।

    शनिवार व्रत रखने वाले व्यक्ति को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और साफ वस्त्र पहनकर पूजा की तैयारी करनी चाहिए। इसके बाद घर के पूजा स्थल की सफाई करके शनिदेव का ध्यान करना चाहिए। यदि संभव हो तो शनिदेव के मंदिर जाकर दर्शन और पूजा करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान शनिदेव को सरसों का तेल काले तिल और काले वस्त्र जैसी चीजें अर्पित करने की परंपरा है। कई भक्त शनिदेव को तेल चढ़ाकर उनकी प्रतिमा के सामने दीपक भी जलाते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की नकारात्मक परिस्थितियां दूर होने की कामना की जाती है।

    शनिवार व्रत में भगवान हनुमान की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिदेव भगवान हनुमान के भक्तों पर विशेष कृपा रखते हैं। इसलिए शनिवार के दिन हनुमान मंदिर जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करना और बजरंगबली का ध्यान करना भी शुभ माना जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार शनिदेव के मंत्रों का जाप कर सकते हैं और शनि स्तोत्र का पाठ भी कर सकते हैं। पूजा के दौरान मन को शांत रखना और किसी के प्रति गलत भावना न रखना व्रत की आध्यात्मिक भावना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

    व्रत के दौरान भोजन को लेकर अलग अलग परंपराएं प्रचलित हैं। कुछ लोग पूरे दिन निराहार रहते हैं जबकि कुछ लोग फलाहार करते हैं। कई भक्त शाम के समय पूजा करने के बाद व्रत खोलते हैं। व्रत रखने वाले व्यक्ति को अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार ही उपवास करना चाहिए। विशेष रूप से बच्चों बुजुर्गों गर्भवती महिलाओं या किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को बिना चिकित्सकीय सलाह के कठिन उपवास नहीं करना चाहिए।

    शनिवार के दिन जरूरतमंद लोगों को दान देना भी शुभ माना जाता है। काले तिल काला कपड़ा सरसों का तेल उड़द की दाल और लोहे से जुड़ी वस्तुओं का दान करने की धार्मिक परंपरा है। इसके अलावा किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना भी पुण्यदायक माना जाता है। मान्यता है कि दान करते समय दिखावे से बचना चाहिए और सेवा की भावना रखनी चाहिए।

    शनिवार व्रत के दौरान कुछ बातों से बचने की सलाह धार्मिक मान्यताओं में दी जाती है। किसी का अपमान करना झूठ बोलना क्रोध करना और जरूरतमंद व्यक्ति को परेशान करना शुभ नहीं माना जाता। शनिदेव को कर्मों का न्याय करने वाला देवता माना जाता है इसलिए इस दिन अच्छे कर्म करने और दूसरों की सहायता करने पर विशेष जोर दिया जाता है। इस तरह शनिवार का व्रत केवल पूजा पाठ तक सीमित नहीं है बल्कि संयम सेवा और सदाचार से जुड़ी धार्मिक परंपरा भी है। श्रद्धा के साथ व्रत रखकर शनिदेव का ध्यान करने से भक्त सुख शांति और जीवन में सकारात्मक बदलाव की कामना करते हैं।

  • आईआरसीटीसी में पर्यटन मॉनिटर के 9 पदों पर भर्ती, 8 और 9 सितंबर को वॉक-इन इंटरव्यू, जानें योग्यता और वेतन

    आईआरसीटीसी में पर्यटन मॉनिटर के 9 पदों पर भर्ती, 8 और 9 सितंबर को वॉक-इन इंटरव्यू, जानें योग्यता और वेतन

    नई दिल्ली । इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन ने पर्यटन क्षेत्र में काम करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए भर्ती का अवसर जारी किया है। कंपनी ने संविदा के आधार पर पर्यटन मॉनिटर के कुल नौ पदों को भरने के लिए अधिसूचना जारी की है। इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति दो वर्ष की अवधि के लिए की जाएगी। उपलब्ध पदों में छह रिक्तियां कॉरपोरेट ऑफिस और तीन पद नॉर्थ जोन के लिए निर्धारित किए गए हैं।

    इन पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन वॉक-इन इंटरव्यू, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल फिटनेस के आधार पर किया जाएगा। चयन प्रक्रिया में सफल रहने वाले अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता और निर्धारित मानकों के अनुसार लगभग 30 हजार से 35 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त पद और नियमों के अनुसार अन्य लाभ तथा भत्ते भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

    पर्यटन मॉनिटर के पद के लिए शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव को महत्वपूर्ण रखा गया है। उम्मीदवार के पास पर्यटन विषय में तीन वर्ष की बैचलर डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा किसी भी विषय में तीन वर्ष की स्नातक डिग्री के साथ ट्रैवल एंड टूरिज्म में एक वर्ष का डिप्लोमा और टूर ऑपरेशन या ट्रैवल एजेंसी से जुड़े काम में कम से कम एक वर्ष का अनुभव रखने वाले उम्मीदवार भी पात्र होंगे।

    एक अन्य निर्धारित योग्यता के अनुसार किसी भी विषय में तीन वर्ष की बैचलर डिग्री के साथ ट्रैवल एंड टूरिज्म में दो वर्ष की पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री या डिप्लोमा रखने वाले अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं। इस श्रेणी में उम्मीदवार के पास टूर ऑपरेशन या ट्रैवल एजेंसी फर्म में कम से कम दो वर्ष का कार्य अनुभव होना आवश्यक है।

    आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की अधिकतम उम्र एक सितंबर 2026 को 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन से पहले अपनी शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और आयु संबंधी सभी निर्धारित शर्तों को ध्यान से जांच लें।

    वॉक-इन इंटरव्यू 8 और 9 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। दोनों दिनों इंटरव्यू का समय सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित किया गया है। इंटरव्यू का आयोजन आईआरसीटीसी नॉर्थ जोन कार्यालय, बी-148, 11वीं मंजिल, स्टेट्समैन हाउस, बाराखंबा रोड, कनॉट प्लेस, नई दिल्ली में किया जाएगा।

    इंटरव्यू में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को निर्धारित समय से पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। उन्हें भरे हुए आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी के साथ शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, आयु और अन्य जरूरी दस्तावेजों की मूल प्रतियां तथा उनकी फोटोकॉपी साथ ले जानी होगी। इसके अलावा पासपोर्ट साइज फोटो भी रखना जरूरी होगा। इंटरव्यू से पहले अभ्यर्थियों का पंजीकरण और दस्तावेज सत्यापन किया जाएगा।

    आवेदन पत्र के लिए उम्मीदवार संबंधित भर्ती अधिसूचना में उपलब्ध फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। फॉर्म का प्रिंट निकालने के बाद उसमें मांगी गई सभी जानकारियां सावधानीपूर्वक भरनी होंगी। उम्मीदवारों को यह आवेदन पत्र इंटरव्यू के दिन निर्धारित दस्तावेजों के साथ लेकर जाना होगा। भर्ती संविदा आधार पर होने के कारण उम्मीदवारों को नियुक्ति की अवधि और अन्य शर्तों को भी अधिसूचना के अनुसार समझना चाहिए।

  • जिम जॉइन करने से पहले करा लें ये टेस्ट, शरीर में छिपी कमी का चल जाएगा पता

    जिम जॉइन करने से पहले करा लें ये टेस्ट, शरीर में छिपी कमी का चल जाएगा पता


    नई दिल्ली। फिट रहने के लिए नियमित एक्सरसाइज जरूरी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम स्तर की शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए। हालांकि, अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं कर रहा है और अचानक हैवी वर्कआउट शुरू करने की तैयारी में है, तो पहले अपनी सेहत की स्थिति जानना जरूरी है।

    जिम शुरू करने के बाद कुछ लोगों को अत्यधिक थकान, चक्कर, मांसपेशियों में ऐंठन या दिल की धड़कन तेज होने जैसी शिकायत हो सकती है। इन्हें हमेशा सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर लंबे समय से एक्सरसाइज से दूर रहे लोगों, अधिक उम्र वालों या पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर की सलाह लेकर ही हैवी वर्कआउट शुरू करना चाहिए।

    CBC से पता चल सकती है खून की कमी

    कंप्लीट ब्लड काउंट (CBC) से लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स समेत कई जरूरी मानकों की जानकारी मिलती है। हीमोग्लोबिन कम होने पर कमजोरी, जल्दी थकान, सांस फूलना और चक्कर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर पहले से लगातार कमजोरी, थकान, पीलिया या सांस फूलने की शिकायत है तो जिम शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

    लिपिड प्रोफाइल से समझें हार्ट रिस्क

    लिपिड प्रोफाइल में LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल, HDL यानी गुड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स की जांच होती है। अगर कोई व्यक्ति अचानक भारी वर्कआउट शुरू करने वाला है, तो हृदय संबंधी जोखिमों को समझना महत्वपूर्ण है।

    खासकर अधिक वजन वाले लोगों, धूम्रपान करने वालों या परिवार में हृदय रोग का इतिहास होने पर डॉक्टर इस जांच की सलाह दे सकते हैं। रिपोर्ट में कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड्स बढ़े हों तो एक्सरसाइज की तीव्रता तय करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लें।

    सोडियम-पोटैशियम का बैलेंस भी जरूरी

    सोडियम, पोटैशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बार-बार मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी या बहुत अधिक पसीना आने जैसी स्थिति में डॉक्टर इलेक्ट्रोलाइट्स की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।

    इनका स्तर बहुत कम या ज्यादा होना दोनों ही शरीर के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। इसलिए खासकर हैवी वर्कआउट करने वालों को शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना चाहिए।

    आयरन, B12 और विटामिन D की भी जांच

    अगर पहले से थकान, कमजोरी, हाथ-पैरों में झनझनाहट या मांसपेशियों-हड्डियों से जुड़ी परेशानी है, तो डॉक्टर की सलाह पर आयरन, विटामिन B12 और विटामिन D की जांच कराई जा सकती है। इन पोषक तत्वों की कमी से थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं और व्यायाम के बाद शरीर की रिकवरी प्रभावित हो सकती है।

    हर व्यक्ति को सारे टेस्ट जरूरी नहीं

    ध्यान रखें कि हर स्वस्थ व्यक्ति के लिए जिम शुरू करने से पहले इन सभी ब्लड टेस्ट की जरूरत हो, ऐसा जरूरी नहीं है। जांच की जरूरत उम्र, मेडिकल हिस्ट्री, लक्षण, फिटनेस लेवल और डॉक्टर की सलाह के आधार पर तय होती है। अगर लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं की है या कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो वर्कआउट शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।

  • यूक्रेन के क्रिवी रिह में रूसी ड्रोन अटैक, शॉपिंग मॉल को बनाया निशाना, 14 की मौत, 121 घायल

    यूक्रेन के क्रिवी रिह में रूसी ड्रोन अटैक, शॉपिंग मॉल को बनाया निशाना, 14 की मौत, 121 घायल


    कीव। रूस ने शुक्रवार को मध्य यूक्रेन के क्रिवी रिह शहर में कई ड्रोन से हमला किया। हमले में एक बड़े शॉपिंग मॉल को निशाना बनाया गया। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई है, जबकि 121 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 22 बच्चे भी शामिल हैं। 29 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, इनमें पांच बच्चे हैं। राहत और बचाव अभियान जारी रहने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई गई है।

    मॉल पर बार-बार किए गए ड्रोन हमले

    क्रिवी रिह रक्षा परिषद के प्रमुख ओलेक्सांद्र विकुल के अनुसार, शॉपिंग मॉल को कई बार निशाना बनाया गया। उन्होंने बताया कि जेट इंजन वाले शाहेद ड्रोन बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते हुए हमला कर रहे थे। क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, रूसी सेना ने क्रिवी रिह के चार जिलों में करीब 60 हमले किए। इनमें ड्रोन, तोपों और एक हवाई बम का इस्तेमाल किया गया।

    हमले की चपेट में क्रिवी रिह जिले के जेलेनोडोल्स्क और ह्रुशिव्का इलाके भी आए। निकोपोल जिले में तीन और सिनेल्निकोव जिले में दो लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

    लगातार बढ़ती गई घायलों की संख्या

    हमले के तुरंत बाद दो लोगों की मौत और 15 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद घायलों की संख्या 50, 91 और फिर 96 तक पहुंच गई। शाम तक अधिकारियों ने 14 मौतों और 121 लोगों के घायल होने की पुष्टि की।

    जेलेंस्की ने रूस पर साधा निशाना

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का गृहनगर होने के कारण क्रिवी रिह पर हुए हमले को लेकर उनकी प्रतिक्रिया भी सामने आई। जेलेंस्की ने शॉपिंग सेंटर पर हमले को निंदनीय बताते हुए इसे आतंकवादी कार्रवाई करार दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से रूस पर प्रभावी दबाव बनाने की अपील की।

    क्रिवी रिह इससे पहले भी रूसी हमलों का निशाना बन चुका है। 16 अगस्त को शहर की प्रमुख इस्पात कंपनी आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह पर हुए हमले में दो कर्मचारियों की मौत हुई थी।

    बच्चे भी हुए हमले में घायल

    ताजा हमले में 22 बच्चों के घायल होने की पुष्टि हुई है। गंभीर रूप से घायल 29 लोगों में पांच बच्चे भी शामिल हैं। घटनास्थल से घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। बचाव दल प्रभावित इलाकों में राहत और खोज अभियान चला रहा है।

    पहले भी हो चुका है बड़ा हमला

    क्रिवी रिह में अप्रैल 2025 में भी बड़ा रूसी हमला हुआ था। उस दौरान शहर के एक बच्चों के खेल मैदान को निशाना बनाया गया था, जिसमें कम से कम 18 लोगों की मौत हुई थी और दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

    ताजा हमले ने एक बार फिर यूक्रेन के नागरिक इलाकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शॉपिंग मॉल जैसे सार्वजनिक स्थान पर बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने से रूस-यूक्रेन युद्ध में नागरिकों पर पड़ रहे असर की तस्वीर और गंभीर हुई है।

  • ENG vs PAK: रॉबिन्सन-टंग ने उड़ाई पाकिस्तानी बल्लेबाजी की धज्जियां, इंग्लैंड ने जीता पहला टेस्ट

    ENG vs PAK: रॉबिन्सन-टंग ने उड़ाई पाकिस्तानी बल्लेबाजी की धज्जियां, इंग्लैंड ने जीता पहला टेस्ट


    हेडिंग्ले। पाकिस्तान की बल्लेबाजी एक बार फिर इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने बेनकाब हो गई। हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को दूसरी पारी में महज 135 रन पर समेटते हुए पारी और 103 रन से करारी शिकस्त दी। इसके साथ ही तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने 1-0 की बढ़त बना ली। ओली रॉबिन्सन और जोश टंग ने दोनों पारियों में पांच-पांच विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी, जबकि जोफ्रा आर्चर ने भी अहम मौकों पर विकेट चटकाए।

    171 पर ढेर हुआ पाकिस्तान, इंग्लैंड ने खड़ा किया 409 का पहाड़
    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम पहली पारी में सिर्फ 171 रन बना सकी। अब्दुल्ला शफीक ने 61 और इमाम-उल-हक ने 42 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज इंग्लैंड के पेस अटैक के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सके। रॉबिन्सन और टंग ने पांच-पांच विकेट लेकर पाकिस्तानी पारी को समेट दिया।

    जवाब में इंग्लैंड ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 409 रन बनाए और पहली पारी के आधार पर 238 रन की विशाल बढ़त हासिल कर ली। हैरी ब्रूक ने 93 गेंदों में 91 रन बनाए। जॉर्डन कॉक्स ने 73, जो रूट ने 66 और डेन लॉरेंस ने 51 रन की पारियां खेलीं।

    दूसरी पारी में भी नहीं संभला पाकिस्तान
    238 रन से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान को मैच बचाने के लिए लंबी बल्लेबाजी करनी थी, लेकिन उसकी शुरुआत ही खराब रही। जोफ्रा आर्चर ने इमाम-उल-हक को आउट किया, जबकि अजान अवैस 9 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद रॉबिन्सन ने अब्दुल्ला शफीक को 15 रन पर चलता कर दिया।

    शान मसूद ने 29 रन बनाकर संघर्ष की कोशिश की, लेकिन जोश टंग ने आते ही पाकिस्तान के मध्यक्रम को तहस-नहस कर दिया। उन्होंने सऊद शकील को 14 रन पर आउट करने के बाद एक ही ओवर में शान मसूद और सलमान आगा के विकेट निकाल दिए। टंग ने महज 11 गेंदों में तीन विकेट लेकर पाकिस्तान को 76 रन पर छह विकेट के संकट में पहुंचा दिया।

    रिजवान ने दिखाया संघर्ष, फिर भी 135 पर सिमटी टीम
    विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान ने 39 गेंदों पर 41 रन बनाकर कुछ प्रतिरोध जरूर किया। वह दूसरी पारी में पाकिस्तान के सबसे सफल बल्लेबाज रहे, लेकिन उनकी पारी भी टीम को हार से नहीं बचा सकी। गस एटकिंसन ने रिजवान को आउट किया और इसके बाद आर्चर ने आखिरी बल्लेबाज को पवेलियन भेज दिया। पाकिस्तान की पूरी टीम 37.3 ओवर में 135 रन पर ऑलआउट हो गई और इंग्लैंड ने तीन दिन में ही मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    रॉबिन्सन-टंग ने मिलकर बरपाया कहर
    इंग्लैंड की जीत में ओली रॉबिन्सन सबसे बड़े नायक रहे। उन्होंने पहली पारी में 5/51 और दूसरी पारी में तीन विकेट लिए। मैच में कुल 8/80 के शानदार आंकड़े के साथ उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    जोश टंग ने भी मैच में आठ विकेट लिए। उन्होंने पहली पारी में 5/46 और दूसरी पारी में तीन विकेट चटकाए। जोफ्रा आर्चर ने दूसरी पारी में तीन विकेट हासिल किए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने लगातार फुल लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए पाकिस्तानी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

    जो रूट की कप्तानी में शानदार वापसी
    बेन स्टोक्स के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास और ब्रेंडन मैकुलम के कोच पद से हटने के बाद इंग्लैंड नए दौर में प्रवेश कर रहा है। ऐसे में पूर्णकालिक टेस्ट कप्तान के तौर पर जो रूट की वापसी जीत के साथ हुई। इंग्लैंड ने गेंदबाजी, बल्लेबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में पाकिस्तान को पछाड़ दिया। पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने भी मैच के बाद माना कि इंग्लैंड ने उनकी टीम को हर विभाग में मात दी।

    लॉर्ड्स में होगी अगली भिड़ंत
    इस जीत से इंग्लैंड को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 में भी अहम अंक मिले हैं। वहीं पाकिस्तान का अंक प्रतिशत गिरकर 19.05 हो गया है। दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा टेस्ट 27 अगस्त से लॉर्ड्स में खेला जाएगा।

    पाकिस्तान के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपनी बल्लेबाजी को संभालने की है। हेडिंग्ले में जिस तरह उसका शीर्ष और मध्यक्रम इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने बिखरा, अगर यही कहानी लॉर्ड्स में भी दोहराई गई तो सीरीज में वापसी मुश्किल हो सकती है।

  • एक लाख रुपये के निवेश में FD और RD का फर्क, जानिए ब्याज, परिपक्वता राशि और टैक्स से जुड़ी जरूरी बातें

    एक लाख रुपये के निवेश में FD और RD का फर्क, जानिए ब्याज, परिपक्वता राशि और टैक्स से जुड़ी जरूरी बातें

    नई दिल्ली ।बैंक में सुरक्षित निवेश की बात आती है तो फिक्स्ड डिपॉजिट और रिकरिंग डिपॉजिट आम निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय विकल्प हैं। दोनों योजनाओं में पैसा बैंक में जमा किया जाता है और उस पर तय दर के अनुसार ब्याज मिलता है, लेकिन दोनों में निवेश करने का तरीका अलग होता है। इसी अंतर की वजह से समान ब्याज दर होने के बावजूद मिलने वाला अंतिम रिटर्न अलग हो सकता है।

    फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD में निवेशक एकमुश्त रकम बैंक में निश्चित अवधि के लिए जमा करता है। जमा की गई पूरी राशि पर निवेश शुरू होने के बाद से ही निर्धारित नियमों के अनुसार ब्याज मिलता है। FD की अवधि बैंक और योजना के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। वहीं रिकरिंग डिपॉजिट यानी RD में निवेशक हर महीने एक निश्चित रकम जमा करता है। इस वजह से पूरी निवेश राशि शुरुआत में बैंक के पास नहीं रहती और ब्याज की गणना भी उसी हिसाब से होती है।

    रिटर्न के अंतर को एक उदाहरण से आसानी से समझा जा सकता है। मान लीजिए किसी निवेश पर सालाना ब्याज दर 6.5 प्रतिशत है और निवेश की अवधि पांच साल है। अगर कोई व्यक्ति एक लाख रुपये की FD करता है तो पांच साल की अवधि पूरी होने पर उसे लगभग 1,38,042 रुपये मिल सकते हैं। इसमें मूलधन के साथ ब्याज भी शामिल होगा।

    दूसरी तरफ, यदि वही व्यक्ति पांच साल तक हर महीने लगभग 1,666 रुपये की RD करता है तो कुल जमा रकम करीब एक लाख रुपये होगी। इसी उदाहरण में परिपक्वता राशि लगभग 1,18,270 रुपये के आसपास बताई गई है। इस तरह दोनों में जमा की गई कुल मूल रकम लगभग समान होने के बावजूद FD से मिलने वाली राशि करीब 19,772 रुपये अधिक हो सकती है।

    इस अंतर की मुख्य वजह निवेश की अवधि और रकम के बैंक में उपलब्ध रहने का समय है। FD में पूरी राशि पहले दिन से जमा होती है, इसलिए पूरी रकम पर निर्धारित अवधि के दौरान ब्याज मिलता रहता है। RD में पैसा धीरे-धीरे हर महीने जमा होता है, इसलिए बाद में जमा होने वाली रकम को पूरी अवधि का ब्याज नहीं मिल पाता।

    हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर निवेशक के लिए FD ही बेहतर विकल्प है। यदि किसी व्यक्ति के पास एकमुश्त रकम उपलब्ध है और निकट भविष्य में उसकी जरूरत नहीं है, तो वह FD पर विचार कर सकता है। इसके विपरीत जिन लोगों के पास एक साथ बड़ी रकम नहीं है, लेकिन वे नियमित रूप से बचत करना चाहते हैं, उनके लिए RD उपयोगी हो सकती है।

    RD के जरिए हर महीने एक निश्चित राशि बचाने की आदत भी विकसित की जा सकती है। नौकरीपेशा लोगों या नियमित आय वाले निवेशकों के लिए यह तरीका भविष्य में किसी बड़े खर्च के लिए रकम तैयार करने में मददगार हो सकता है। दूसरी ओर, FD उन लोगों के लिए सुविधाजनक हो सकती है जिनके पास पहले से पर्याप्त एकमुश्त बचत मौजूद है।

    टैक्स के लिहाज से भी निवेश से मिलने वाले ब्याज को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। FD और RD से प्राप्त ब्याज कर नियमों के तहत आय का हिस्सा हो सकता है। निर्धारित सीमा और लागू नियमों के अनुसार बैंक ब्याज पर TDS भी काट सकता है। इसलिए निवेश करने से पहले ब्याज दर के साथ टैक्स प्रभाव, अवधि, समय से पहले निकासी के नियम और अपनी वित्तीय जरूरतों को भी देखना जरूरी है।

    अंततः FD और RD में चुनाव केवल ज्यादा रिटर्न के आधार पर नहीं होना चाहिए। एकमुश्त रकम और निवेश की अवधि उपलब्ध हो तो FD का विकल्प उपयोगी हो सकता है, जबकि नियमित छोटी बचत के जरिए भविष्य के लिए रकम तैयार करने वालों के लिए RD अधिक सुविधाजनक हो सकती है।

  • शनि देव की नजर में अच्छे कर्मों का होता है सबसे बड़ा महत्व, ऐसे करें पूजा और पाएं शुभ आशीर्वाद

    शनि देव की नजर में अच्छे कर्मों का होता है सबसे बड़ा महत्व, ऐसे करें पूजा और पाएं शुभ आशीर्वाद

    नई दिल्ली । धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिदेव को न्याय और कर्म का देवता माना जाता है। मान्यता है कि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार ही शुभ और अशुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। यही वजह है कि शनिवार का दिन शनिदेव की पूजा और उन्हें प्रसन्न करने के उपायों के लिए विशेष माना जाता है। ज्योतिष और धार्मिक परंपराओं में ऐसा माना जाता है कि अगर व्यक्ति ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करे जरूरतमंदों की मदद करे और गलत कार्यों से दूर रहे तो शनिदेव की कृपा प्राप्त हो सकती है। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए केवल पूजा पाठ ही नहीं बल्कि अच्छे आचरण और सेवा भाव को भी महत्वपूर्ण माना गया है।

    शनिवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद घर के पूजा स्थान की साफ सफाई करके शनिदेव का ध्यान किया जा सकता है। भक्त शनिदेव के मंदिर जाकर उनकी पूजा भी करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिदेव को सरसों का तेल काले तिल और काला वस्त्र अर्पित किया जाता है। कुछ लोग दीपक में सरसों का तेल डालकर शनिदेव के समक्ष दीप प्रज्वलित करते हैं। पूजा के दौरान शनिदेव के मंत्रों का जाप करने और मन को शांत रखने की परंपरा भी है।

    शनिदेव की कृपा पाने के लिए हनुमान जी की पूजा को भी विशेष माना जाता है। मान्यता है कि शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से भक्त को मानसिक मजबूती और सकारात्मकता मिलती है। इस दिन जरूरतमंद लोगों को काली उड़द काले तिल कंबल कपड़े या भोजन का दान करने की परंपरा भी है। दान करते समय दिखावे से बचना और अपनी क्षमता के अनुसार सहायता करना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। किसी गरीब बुजुर्ग असहाय या जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना भी शनिदेव की उपासना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

    शनिवार के दिन व्रत रखने की भी परंपरा है। कुछ लोग पूरे दिन उपवास रखते हैं जबकि कुछ लोग फलाहार या सात्विक भोजन करके व्रत का पालन करते हैं। हालांकि हर व्यक्ति के लिए उपवास जरूरी नहीं है। जिन लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है या जिन्हें नियमित दवा और भोजन की आवश्यकता होती है उन्हें बिना चिकित्सकीय सलाह के कठोर उपवास नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यता में पूजा के साथ व्यक्ति का व्यवहार भी महत्वपूर्ण माना गया है।

    शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन झूठ बोलने क्रोध करने किसी का अपमान करने छल कपट करने और गलत कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि शनिदेव कर्मों का फल देने वाले देवता हैं इसलिए उनके प्रति सच्ची श्रद्धा का सबसे बड़ा आधार अच्छे कर्म माने जाते हैं। माता पिता बुजुर्गों और जरूरतमंदों का सम्मान करना पशु पक्षियों के प्रति दया रखना और अपने काम के प्रति ईमानदार रहना भी शुभ माना जाता है। इसलिए शनिदेव की कृपा पाने के लिए केवल एक दिन की पूजा के बजाय पूरे जीवन में अच्छे कर्म और संयम अपनाना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।