Author: bharati

  • बुखार आते ही घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सांस फूलना हो तो रहें अलर्ट; स्वाइन फ्लू से बचाव और टेस्ट की पूरी जानकारी

    बुखार आते ही घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सांस फूलना हो तो रहें अलर्ट; स्वाइन फ्लू से बचाव और टेस्ट की पूरी जानकारी


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के इंदौर में 60 वर्षीय महिला की स्वाइन फ्लू से मौत के बाद देश के कई हिस्सों में इस बीमारी को लेकर चिंता बढ़ गई है। दिल्ली में इस साल स्वाइन फ्लू के मामले पिछले साल की तुलना में करीब छह गुना बढ़ने की बात सामने आई है। वहीं बेंगलुरु के एक स्कूल में 500 से ज्यादा विद्यार्थी और 21 स्टाफ सदस्य बीमार पड़ने की खबर ने भी स्वास्थ्य व्यवस्था को सतर्क कर दिया है। मेरठ में भी मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हरियाणा चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश समेत कई जगहों पर स्वास्थ्य विभागों ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अब हर बुखार को स्वाइन फ्लू मानकर H1N1 टेस्ट कराना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक इसका जवाब नहीं है। हर बुखार में तुरंत स्वाइन फ्लू टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होती। टेस्ट का फैसला मरीज के लक्षणों बीमारी की अवधि आसपास संक्रमण की स्थिति और उसके जोखिम वाले कारकों को देखकर किया जाता है।

    स्वाइन फ्लू जिसे H1N1 इन्फ्लुएंजा भी कहा जाता है उसके लक्षण कई बार सामान्य फ्लू जैसे ही दिखाई देते हैं। इसमें बुखार खांसी गले में खराश शरीर में दर्द सिरदर्द थकान और कमजोरी जैसी समस्या हो सकती है। कुछ मरीजों में नाक बहने या बंद होने जैसी शिकायत भी देखी जाती है। सामान्य तौर पर हल्के लक्षण होने पर घबराने के बजाय आराम करना पर्याप्त हो सकता है। पर्याप्त तरल पदार्थ लेना और लक्षणों पर नजर रखना जरूरी है। हालांकि अगर बुखार लगातार बढ़ रहा हो सांस लेने में परेशानी हो छाती में दर्द हो अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या बीमारी के लक्षण लगातार बिगड़ रहे हों तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।

    स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति के खांसने छींकने बोलने या सांस लेने के दौरान निकलने वाली बूंदों के जरिए फैल सकता है। संक्रमित सतह को छूने के बाद आंख नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण का खतरा हो सकता है। खास बात यह है कि संक्रमित व्यक्ति लक्षण दिखाई देने से पहले भी वायरस फैला सकता है। बच्चों में संक्रमण फैलने की अवधि कुछ मामलों में अधिक हो सकती है। यही वजह है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और बीमारी के दौरान दूसरों से दूरी रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।

    स्वाइन फ्लू का खतरा हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता। दो साल से कम उम्र के बच्चे 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग गर्भवती महिलाएं और अस्थमा डायबिटीज या हृदय रोग जैसी पुरानी बीमारियों से जूझ रहे लोगों में गंभीर बीमारी का जोखिम ज्यादा हो सकता है। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करने में देरी नहीं करनी चाहिए।

    स्वाइन फ्लू की पुष्टि के लिए डॉक्टर जरूरत के अनुसार नाक या गले के स्वैब से जांच करा सकते हैं। RT-PCR जैसे टेस्ट वायरस की पहचान में मदद करते हैं। लेकिन हर सामान्य बुखार में जांच कराना जरूरी नहीं है। यदि लक्षण हल्के हैं और मरीज की हालत स्थिर है तो डॉक्टर स्थिति देखकर टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। इसके उलट तेज या लगातार बुखार सांस लेने में परेशानी तेजी से बिगड़ती तबीयत या हाई रिस्क श्रेणी में आने वाले मरीजों के मामले में जांच और उपचार को लेकर जल्द चिकित्सकीय सलाह जरूरी हो सकती है।

    देश के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभागों की ओर से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचना हाथ साफ रखना बीमारी के दौरान भीड़ से दूरी बनाना और बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं न लेना महत्वपूर्ण है। सबसे जरूरी बात यह है कि स्वाइन फ्लू को लेकर डरने के बजाय लक्षणों को समझकर समय पर चिकित्सा सलाह ली जाए। वर्ष 2009 में H1N1 वैश्विक महामारी का कारण बना था लेकिन आज H1N1 मौसमी इन्फ्लुएंजा का हिस्सा है। इसलिए मौजूदा मामलों को सीधे कोरोना जैसी नई महामारी मानना सही नहीं होगा। फिर भी बुजुर्गों बच्चों गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह संक्रमण गंभीर हो सकता है। ऐसे में सावधानी और समय पर इलाज ही सबसे बड़ा बचाव है।

  • सावन में शिव आराधना के साथ खानपान और पूजा विधि का रखें ध्यान, जानिए महिलाओं के लिए बताए गए जरूरी नियम

    सावन में शिव आराधना के साथ खानपान और पूजा विधि का रखें ध्यान, जानिए महिलाओं के लिए बताए गए जरूरी नियम


    नई दिल्ली । 
    हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं और शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में की गई शिव उपासना, सोमवार व्रत और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का अलग महत्व होता है। सुहागिन महिलाएं भी पति की सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ इस महीने में विभिन्न व्रत और पूजा करती हैं।

    सावन के दौरान महिलाओं के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करने और स्वच्छ वस्त्र धारण करने की परंपरा बताई गई है। इसके बाद भगवान शिव की पूजा और अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत या धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है। मान्यता है कि दिन की शुरुआत धार्मिक कार्यों और सकारात्मक विचारों के साथ करने से पूजा के प्रति एकाग्रता बनी रहती है।

    धार्मिक मान्यताओं में सावन के दौरान काले वस्त्रों से परहेज करने की बात कही जाती है। इसके स्थान पर हरे रंग को शुभ माना जाता है। सावन में हरा रंग प्रकृति, हरियाली और सौभाग्य से जोड़ा जाता है। हालांकि इन परंपराओं को धार्मिक मान्यता के रूप में ही देखा जाना चाहिए और अलग-अलग क्षेत्रों तथा परिवारों में इनके पालन का तरीका अलग हो सकता है।

    शिव पूजा से जुड़ी सामग्री को लेकर भी कुछ मान्यताएं प्रचलित हैं। सावन में भगवान शिव को बेलपत्र, भांग और धतूरा अर्पित करने की परंपरा है। वहीं तुलसी, हल्दी और केतकी के फूल को शिव पूजा में अर्पित न करने की धार्मिक मान्यता बताई जाती है। पूजा सामग्री का उपयोग करते समय श्रद्धालु अपने परिवार की परंपरा और स्थानीय धार्मिक विधि का भी ध्यान रखते हैं।

    सावन के व्रत के दौरान सात्विक भोजन करने पर विशेष जोर दिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में मांसाहार और मदिरा से दूर रहने की परंपरा है। व्रत रखने वाली महिलाएं अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार फलाहार या सात्विक भोजन करती हैं। भोजन को लेकर किसी भी प्रकार का व्रत रखने से पहले अपनी शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।

    सावन के व्रत और पूजा के दिनों में बैंगन, मूली तथा कुछ पत्तेदार सब्जियों से परहेज करने की परंपरा भी बताई जाती है। इसके पीछे धार्मिक मान्यताओं के साथ मौसम संबंधी पारंपरिक कारण भी बताए जाते हैं। बारिश के मौसम में कुछ सब्जियों में कीड़े लगने की संभावना अधिक मानी जाती थी, इसलिए पुराने समय से इनके सेवन को सीमित करने की परंपरा विकसित हुई।

    मासिक धर्म को लेकर भी कुछ पारंपरिक धार्मिक नियम बताए जाते हैं, जिनमें शिवलिंग को स्पर्श न करने की मान्यता शामिल है। हालांकि यह धार्मिक परंपरा का विषय है और अलग-अलग परिवारों तथा समुदायों में इसके पालन के तरीके भिन्न हो सकते हैं। इस दौरान महिलाओं के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वास्थ्य का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।

    सुहागिन महिलाओं के लिए सावन में मंगली गौरी, शिवरात्रि और हरियाली तीज जैसे व्रतों का भी विशेष महत्व बताया जाता है। वहीं अविवाहित लड़कियां भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से सावन के सोमवार का व्रत रखने की धार्मिक परंपरा का पालन करती हैं। सावन का मूल उद्देश्य श्रद्धा, संयम और भगवान शिव की भक्ति से जुड़ा माना जाता है। इसलिए पूजा और व्रत करते समय धार्मिक आस्था के साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता और अपनी क्षमता का ध्यान रखना भी आवश्यक है।

  • अखिलेश के बयान पर सियासी घमासान: जयंत के समर्थन में उतरीं मायावती, बोलीं- तुरंत माफी मांगें सपा प्रमुख

    अखिलेश के बयान पर सियासी घमासान: जयंत के समर्थन में उतरीं मायावती, बोलीं- तुरंत माफी मांगें सपा प्रमुख


    नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के ‘चवन्नी को रुपया बना दिया’ वाले बयान को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय लोकदल (RLD) अध्यक्ष जयंत चौधरी के जाट समाज को निशाना बनाए जाने के आरोप के बाद अब बसपा सुप्रीमो मायावती भी उनके समर्थन में उतर आई हैं। मायावती ने अखिलेश यादव के बयान को अहंकारी और अशोभनीय बताते हुए उनसे तुरंत माफी मांगने की मांग की है।

    जयंत बोले- राजनीतिक लड़ाई में मेरा नाम लेते, समाज को क्यों घसीटा?

    जयंत चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के बीच अखिलेश ने पूरे जाट समाज को निशाना बनाया। जयंत ने कहा कि अगर अखिलेश को उनसे कोई शिकायत थी तो सीधे उनका नाम लेकर बात करनी चाहिए थी। पूरे समाज को इस विवाद में घसीटना उचित नहीं है।

    जयंत ने अखिलेश के रवैये को अहंकारी बताते हुए कहा कि उन्होंने इस तरह के राजनीतिक अहंकार को करीब से देखा है और यही किसी के राजनीतिक पतन की वजह बनता है।

    मायावती ने जयंत का किया समर्थन

    मायावती ने भी X पर पोस्ट कर जयंत चौधरी का समर्थन किया। उन्होंने अखिलेश यादव के बयान को न केवल जयंत और राष्ट्रीय लोकदल का अपमान बताया, बल्कि इसे पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और जाट समाज का भी अपमान करार दिया।

    मायावती ने कहा कि अखिलेश यादव को अपने बयान के लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया।

    1993 के सपा-बसपा गठबंधन का भी किया जिक्र

    मायावती ने सपा पर निशाना साधते हुए 1993 के सपा-बसपा गठबंधन का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के इसी अहंकारी रवैये के कारण गठबंधन टूट गया था और इसके बाद स्टेट गेस्ट हाउस कांड हुआ।

    मायावती का कहना है कि बाद में दोनों दलों के बीच राजनीतिक गठबंधन जरूर हुआ, लेकिन अखिलेश यादव के रवैये में भी कथित तौर पर वही अहंकार दिखाई दिया। उन्होंने सपा पर राजनीतिक जरूरत के हिसाब से रुख बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी काम निकलने के बाद ‘गिरगिट की तरह रंग बदलती है।’

    PDA में पंडितों को शामिल करने पर भी साधा निशाना

    मायावती ने अखिलेश यादव के PDA में ‘P’ को पंडितों से जोड़ने वाले बयान पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अब पंडित समाज को अपना हितैषी बताने की कोशिश कर रही है, जबकि उनके मुताबिक पार्टी ने कभी पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों या ब्राह्मण समाज के हित में वास्तविक रूप से काम नहीं किया।

    क्या था अखिलेश का ‘चवन्नी’ वाला बयान?

    दरअसल, कुछ दिन पहले एक कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने अपने सहयोगी दलों और राजनीतिक साथियों का जिक्र करते हुए बिना नाम लिए आरएलडी और जयंत चौधरी पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि समाजवादी पार्टी ने अपने सहयोगियों को आगे बढ़ाया, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग पार्टी का साथ छोड़कर चले गए।

    अखिलेश ने इसी संदर्भ में कहा था कि ‘हम लोगों ने चवन्नी का रुपया बना दिया, फिर भी हमें छोड़कर चले गए।’ इसी बयान को लेकर अब जयंत चौधरी और मायावती ने सपा प्रमुख पर हमला बोला है।

  • वेट लॉस के लिए मूंग दाल क्यों मानी जाती है बेहतर, जानिए प्रोटीन फाइबर से भरपूर हेल्दी रेसिपी का आसान तरीका

    वेट लॉस के लिए मूंग दाल क्यों मानी जाती है बेहतर, जानिए प्रोटीन फाइबर से भरपूर हेल्दी रेसिपी का आसान तरीका

    नई दिल्ली । वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए डाइट में ऐसी चीजों को शामिल करना जरूरी माना जाता है, जो स्वाद के साथ शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी दें। रोजाना के भोजन में शामिल दाल इस लिहाज से एक उपयोगी विकल्प हो सकती है। खास तौर पर मूंग दाल को हल्के और संतुलित भोजन के तौर पर डाइट में शामिल किया जा सकता है।

    मूंग दाल में प्रोटीन और फाइबर पाए जाते हैं। प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है, जबकि फाइबर युक्त भोजन लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। इससे बार बार कुछ खाने की इच्छा को नियंत्रित करने और भोजन के बीच अनहेल्दी स्नैकिंग कम करने में सहायता मिल सकती है।

    वजन घटाने के लिए मूंग दाल को बनाने का तरीका भी महत्वपूर्ण है। यदि दाल में बहुत अधिक तेल, घी या क्रीम का इस्तेमाल किया जाए तो भोजन की कुल कैलोरी बढ़ सकती है। इसलिए इसे हल्के मसालों और सीमित मात्रा में तेल के साथ तैयार करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

    मूंग दाल की आसान रेसिपी बनाने के लिए सबसे पहले दाल को अच्छी तरह साफ करके धो लें। इसे करीब 15 से 20 मिनट के लिए पानी में भिगोया जा सकता है। इसके बाद दाल को कुकर में पानी, हल्दी, नमक और कटे हुए टमाटर के साथ डालकर पकाएं। दाल के अच्छी तरह नरम होने के बाद इसमें जीरा, हींग और लहसुन का हल्का तड़का लगाया जा सकता है।

    वेट लॉस डाइट के दौरान तड़के में तेल या घी की मात्रा कम रखना बेहतर रहता है। स्वाद बढ़ाने के लिए धनिया, हरी मिर्च और दूसरे हल्के मसालों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे दाल स्वादिष्ट भी रहेगी और भोजन को अनावश्यक रूप से भारी बनाने से भी बचा जा सकेगा।

    मूंग दाल को और ज्यादा पौष्टिक बनाने के लिए इसमें अलग अलग सब्जियां भी मिलाई जा सकती हैं। पालक, लौकी, गाजर, टमाटर और तोरई जैसी सब्जियों को दाल के साथ पकाने से भोजन में पोषक तत्व और फाइबर की मात्रा बढ़ सकती है। इस तरह तैयार दाल दोपहर या रात के भोजन का हिस्सा बन सकती है।

    हालांकि वजन कम करने के लिए केवल किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है। दाल के साथ भोजन में हरी सब्जियां और सलाद शामिल किए जा सकते हैं। जरूरत के अनुसार रोटी या चावल की संतुलित मात्रा भी ली जा सकती है। भोजन की मात्रा और पूरे दिन की कुल कैलोरी का ध्यान रखना भी वजन प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है।

    इसके अलावा नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त पानी और संतुलित भोजन की आदत वजन घटाने की कोशिश में मददगार हो सकती है। हर व्यक्ति की पोषण संबंधी जरूरत अलग हो सकती है, इसलिए किसी विशेष स्वास्थ्य स्थिति या लंबे समय से चल रही समस्या में व्यक्तिगत डाइट के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहता है।

    मूंग दाल को इसलिए वजन घटाने की कोई जादुई चीज नहीं माना जाना चाहिए। यह प्रोटीन और फाइबर वाले संतुलित भोजन का एक हिस्सा हो सकती है। सही मात्रा, कम तेल में तैयारी और सब्जियों के साथ इसका सेवन रोजाना की डाइट को अधिक संतुलित और पौष्टिक बनाने में मदद कर सकता है।

  • शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से, 19 को अष्टमी-नवमी एक साथ, जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

    शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से, 19 को अष्टमी-नवमी एक साथ, जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र मां दुर्गा की आराधना का प्रमुख पर्व है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होने वाले नौ दिनों में देवी के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान व्रत, दुर्गा सप्तशती पाठ, पूजा-अर्चना और कन्या पूजन जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। साल 2026 में शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी, जबकि अष्टमी और नवमी का पर्व 19 अक्टूबर को एक ही दिन मनाया जाएगा।

    11 अक्टूबर को होगी घटस्थापना

    पंचांग के अनुसार आश्विन शुक्ल प्रतिपदा 11 अक्टूबर 2026 को रहेगी। इसी दिन घटस्थापना के साथ नवरात्र शुरू होंगे। प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात करीब 9:19 बजे शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात 9:30 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार नवरात्र का पहला दिन 11 अक्टूबर माना जाएगा।

    कलश स्थापना के लिए ये समय शुभ

    11 अक्टूबर को कलश स्थापना के लिए सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक शुभ मुहूर्त बताया गया है। इसकी अवधि करीब 3 घंटे 52 मिनट रहेगी। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। शहर के अनुसार सूर्योदय और स्थानीय पंचांग की गणना में थोड़ा अंतर होने के कारण मुहूर्त में बदलाव संभव है।

    नौ दिनों में किस देवी की पूजा होगी
    11 अक्टूबर – मां शैलपुत्री
    12 अक्टूबर – मां ब्रह्मचारिणी
    13 अक्टूबर – मां चंद्रघंटा
    14 अक्टूबर – मां कूष्मांडा
    15 अक्टूबर – मां स्कंदमाता
    16 अक्टूबर – मां कात्यायनी
    17 अक्टूबर – मां कालरात्रि
    18 अक्टूबर – मां महागौरी
    19 अक्टूबर – मां सिद्धिदात्री

    19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी

    2026 में तिथियों के क्रम में बदलाव के कारण दुर्गा अष्टमी और महानवमी दोनों 19 अक्टूबर, सोमवार को पड़ेंगी। ऐसे में अष्टमी-नवमी के पूजन, कन्या पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान इसी दिन किए जाएंगे। संधि पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा। श्रद्धालुओं को अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा का समय देखना चाहिए।

    घर में ऐसे करें कलश स्थापना

    सबसे पहले पूजा स्थल की साफ-सफाई करें। चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। मिट्टी के पात्र में जौ बोएं। इसके बाद कलश में जल भरकर उसमें अक्षत, सुपारी और सिक्का डाल सकते हैं। कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाकर ऊपर नारियल स्थापित करें।

    इसके बाद मां दुर्गा का ध्यान कर पूजा का संकल्प लें और विधि-विधान से आराधना करें। जिन घरों में अखंड ज्योति जलाने की परंपरा है, वहां दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखना जरूरी है।

    नवरात्र में इन बातों का रखें ध्यान

    नवरात्र के दौरान पूजा स्थल को स्वच्छ रखने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन दिनों सात्विक भोजन किया जाता है और मांसाहार, शराब व अन्य तामसिक भोजन से परहेज रखा जाता है। व्रत रखने वाले लोग अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही उपवास करें। अखंड ज्योति जलाने पर उसे सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि आग लगने का खतरा न रहे।

    20 अक्टूबर को विजयदशमी

    नवरात्र के समापन के अगले दिन 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को विजयदशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा। कई स्थानों पर इसी दिन दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की परंपरा भी निभाई जाएगी।

    शारदीय नवरात्र 2026 की प्रमुख तारीखें

    पर्व – तारीख
    नवरात्र प्रारंभ/घटस्थापना – 11 अक्टूबर 2026
    दुर्गा अष्टमी – 19 अक्टूबर 2026
    महानवमी – 19 अक्टूबर 2026
    विजयदशमी – 20 अक्टूबर 2026

  • आज का राशिफल 22 अगस्त 2026: इन राशियों के लिए खुलेगा तरक्की और धन का रास्ता, जानें मेष से मीन तक का हाल

    आज का राशिफल 22 अगस्त 2026: इन राशियों के लिए खुलेगा तरक्की और धन का रास्ता, जानें मेष से मीन तक का हाल


    नई दिल्ली । 22 अगस्त 2026 का दिन ग्रहों की स्थिति के लिहाज से कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज कुछ राशि के जातकों को कामकाज में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं तो कुछ लोगों को अपने खर्च और फैसलों पर विशेष नियंत्रण रखना होगा। नौकरी करने वालों के लिए कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं वहीं कारोबार से जुड़े लोगों को किसी पुराने संपर्क से लाभ मिलने की उम्मीद है। पारिवारिक जीवन में भी दिन मिला जुला रह सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के जीवन पर अलग अलग प्रभाव डालती है इसलिए आज का दिन अपनी राशि के अनुसार योजनाएं बनाने और सावधानी से निर्णय लेने का संकेत दे रहा है।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रह सकता है। कामकाज में आपकी सक्रियता से वरिष्ठ लोग प्रभावित हो सकते हैं। किसी पुराने काम को पूरा करने का अवसर मिलेगा। कारोबार में जल्दबाजी से बचें और आर्थिक मामलों में सोच समझकर फैसला लें। परिवार में किसी सदस्य के साथ अच्छा समय बीतेगा।

    वृषभ राशि के जातकों को आज धन से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि किसी पर आंख बंद करके भरोसा करने से बचें। परिवार में छोटी बात को लेकर तनाव हो सकता है लेकिन समझदारी से स्थिति संभाली जा सकती है।

    मिथुन राशि वालों के लिए दिन मेहनत के बाद सफलता दिलाने वाला रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं की सराहना होगी। व्यापार में नए संपर्क लाभदायक साबित हो सकते हैं। प्रेम जीवन में बातचीत से गलतफहमी दूर होगी। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का अच्छा समय है।

    कर्क राशि वालों को आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचना चाहिए। नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है लेकिन मेहनत का परिणाम भी मिलेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार के किसी बुजुर्ग की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।

    सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में नेतृत्व क्षमता का लाभ मिलेगा। कारोबार में नई योजना शुरू करने का विचार बन सकता है। धन संबंधी मामलों में लाभ के संकेत हैं लेकिन अनावश्यक खर्च से बचना जरूरी होगा। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी।

    कन्या राशि वालों को आज अपने काम में अनुशासन बनाए रखना होगा। नौकरी में किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारियों को लाभ का अवसर मिल सकता है। घर परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। यात्रा की योजना बन सकती है।

    तुला राशि के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन को प्रसन्न करेगी। प्रेम संबंधों में भरोसा बढ़ेगा।

    वृश्चिक राशि वालों को आज विरोधियों से सतर्क रहना चाहिए। किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे अच्छी तरह पढ़ लें। नौकरी में मेहनत का लाभ मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताने से तनाव कम होगा।

    धनु राशि वालों के लिए आज भाग्य का साथ मिल सकता है। लंबे समय से अटका काम पूरा होने की संभावना है। कारोबार में विस्तार की योजना बन सकती है। धन लाभ के अवसर मिलेंगे। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा।

    मकर राशि वालों को आज आर्थिक मामलों में संतुलन बनाकर चलना होगा। काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है। नौकरी में अधिकारी आपकी कार्यशैली से प्रभावित हो सकते हैं। परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद हो तो शांत रहकर बातचीत करें।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रह सकता है। करियर में नई दिशा मिलने के संकेत हैं। व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। किसी खास व्यक्ति से महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है।

    मीन राशि वालों के लिए आज का दिन मिलाजुला रहने वाला है। मेहनत करने पर सफलता जरूर मिलेगी लेकिन धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। धन संबंधी मामलों में जोखिम लेने से बचें। परिवार का सहयोग मिलेगा और मानसिक शांति के लिए धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है।

  • MP में बारिश का जोर, 16 जिलों में अलर्ट, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

    MP में बारिश का जोर, 16 जिलों में अलर्ट, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय होने से पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर जारी है। मानसून ट्रफ, चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया के असर से पिछले दो दिनों से कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। शनिवार को भी 16 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक सिवनी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा और अशोकनगर में भारी बारिश की चेतावनी है।

    24 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, प्रदेश में इस समय तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से पूर्वी हिस्से के साथ उत्तर और मध्य मध्यप्रदेश में भी बारिश हो रही है। अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर बना रहने की संभावना है।

    उन्होंने बताया कि 24 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्यप्रदेश की ओर बढ़ सकती हैं।

    रीवा में सड़कों पर पानी, नदियों का बढ़ा जलस्तर

    विंध्य क्षेत्र में लगातार बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। शुक्रवार शाम से शुरू हुआ बारिश का दौर देर रात तक चलता रहा। रीवा शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। कई सड़कें जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित हुआ है।

    लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। मऊगंज, सतना और चित्रकूट में नदियां उफान पर हैं।

    नागौद में एक दिन में 6.4 इंच बारिश

    सतना जिले के नागौद में पिछले 24 घंटे में 6.4 इंच बारिश दर्ज की गई। यह इस मानसून सीजन में जिले में एक दिन में हुई सबसे ज्यादा बारिश है।

    सतना में 1 जून से 21 अगस्त तक औसतन 32.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से करीब 5 इंच अधिक है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

    नर्मदा-मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर

    पूर्वी मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। नर्मदा और मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। पन्ना में केन, मिढ़ासन, व्यारमा और पतने नदी में भी उफान है। तेंदुघाट बांध के पांच गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है।

    उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के दो गेट एक-एक मीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

    स्कूल बंद, कई गांवों का संपर्क टूटा

    बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मैहर और डिंडौरी में शुक्रवार को स्कूल बंद रहे थे। डिंडौरी में आंगनवाड़ियों को भी बंद रखा गया। पन्ना में लगातार बारिश के चलते शुक्रवार और शनिवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया।

    सीधी के रामपुर नैकिन में भवरसेन पहाड़ की मिट्टी और पत्थर सड़क पर आ जाने से यातायात बाधित हुआ। इससे करीब 30 गांवों का मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है।

    मैहर में 7 फीट पानी में फंसा ट्रक, पुलिस ने बचाया

    मैहर में गुरुवार देर रात मर्जुआ नाला पार करते समय एक ट्रक करीब 7 फीट गहरे पानी में फंस गया। सूचना मिलने पर मुकुंदपुर चौकी प्रभारी नागेश्वर मिश्रा मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से रस्से के जरिए ट्रक ड्राइवर राकेश साहू और क्लीनर इंद्रकमल द्विवेदी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    सतना में सेमरावल नदी का पानी पुल के ऊपर आने से सेमरिया रोड बंद है। वहीं कोठी क्षेत्र के पवैया विद्युत सब स्टेशन में बारिश का पानी भर गया। कोटर तहसील के अबेर गांव में अलहा तालाब की मेड़ टूटने से पानी बस्ती में घुस गया।

    MP में अब तक 24 इंच बारिश, फिर भी 11% कमी

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में 1 जून से अब तक 609.2 मिमी यानी करीब 24 इंच बारिश हो चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश 685.3 मिमी यानी करीब 27 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक करीब 3 इंच बारिश कम हुई है और ओवरऑल 11% बारिश की कमी है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 10% और पश्चिमी हिस्से में 12% कम बारिश हुई है।

    39 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 19% तक कम बारिश दर्ज की गई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में 5% से 60% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी मध्यप्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 37% तक कम बारिश हुई है।

    इन 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    अनूपपुर, डिंडौरी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • KGF 2 के बाद यश की बड़ी वापसी, Toxic की बंपर एडवांस बुकिंग से बढ़ी हलचल; पहले दिन हिंदी में होगी करोड़ों की कमाई

    KGF 2 के बाद यश की बड़ी वापसी, Toxic की बंपर एडवांस बुकिंग से बढ़ी हलचल; पहले दिन हिंदी में होगी करोड़ों की कमाई


    नई दिल्ली ।
    यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म Toxic सिनेमाघरों में दस्तक देने से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर अपना दम दिखाने लगी है। फिल्म की एडवांस बुकिंग शुरू होते ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। शुक्रवार सुबह एडवांस बुकिंग की शुरुआत के कुछ ही घंटों के भीतर फिल्म के हजारों टिकट बिक गए। शुरुआती आंकड़े इस बात का संकेत दे रहे हैं कि Toxic को लेकर दर्शकों में खासा क्रेज है और अगर यही रफ्तार रिलीज तक बनी रही तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी ओपनिंग हासिल कर सकती है।

    रिपोर्ट के मुताबिक सुबह करीब 8 बजे एडवांस बुकिंग शुरू होने के बाद शाम तक फिल्म के 91 हजार से ज्यादा टिकट बिक चुके थे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 91301 टिकटों की बिक्री दर्ज की गई और फिल्म को हजारों शोज भी मिल चुके थे। टिकट बिक्री के साथ फिल्म ने एडवांस बुकिंग से करोड़ों रुपये की कमाई भी दर्ज कर ली है। रिपोर्ट के अनुसार शाम तक टिकटों की बिक्री से करीब 4.36 करोड़ रुपये का कारोबार हो चुका था जबकि ब्लॉक सीटों को शामिल करने के बाद यह आंकड़ा करीब 9.47 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। रिलीज से पहले इतनी तेज बुकिंग फिल्म की लोकप्रियता और दर्शकों की उत्सुकता का संकेत मानी जा रही है।

    Toxic को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसके संभावित हिंदी कलेक्शन की हो रही है। फिल्म की एडवांस बुकिंग की रफ्तार को देखते हुए ट्रेड से जुड़े अनुमानों में दावा किया जा रहा है कि यह फिल्म हिंदी बाजार में भी जबरदस्त शुरुआत कर सकती है। कुछ रिपोर्टों में अनुमान लगाया गया है कि फिल्म अपने पहले दिन हिंदी भाषा में करीब 45 से 55 करोड़ रुपये तक का कारोबार कर सकती है। हालांकि यह केवल शुरुआती अनुमान हैं और वास्तविक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन फिल्म के रिलीज होने के बाद ही स्पष्ट होगा। स्क्रीन की संख्या टिकटों की कीमत दर्शकों की प्रतिक्रिया और शो की ऑक्यूपेंसी जैसे कई कारक अंतिम कमाई पर असर डालेंगे।

    Toxic की एक खास बात यह भी है कि यह किसी पुरानी फ्रेंचाइजी का अगला भाग नहीं बल्कि एक नई कहानी पर आधारित फिल्म है। इसके बावजूद फिल्म को लेकर जिस तरह का उत्साह देखने को मिल रहा है वह यश की लोकप्रियता को दर्शाता है। KGF Chapter 2 के बाद यश करीब चार साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। KGF 2 ने देशभर में शानदार प्रदर्शन किया था और उसके बाद से ही दर्शक उनकी अगली फिल्म का इंतजार कर रहे थे। अब Toxic को लेकर बढ़ती एडवांस बुकिंग ने उस उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

    फिल्म में यश के साथ कियारा आडवाणी तारा सुतारिया नयनतारा रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है। अलग शैली की कहानी और बड़े स्टारकास्ट के कारण फिल्म को लेकर दक्षिण भारतीय सिनेमा के साथ हिंदी दर्शकों के बीच भी दिलचस्पी बनी हुई है।

    फिल्म की एडवांस बुकिंग की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए Toxic साल 2026 की चर्चित रिलीज में शामिल होती नजर आ रही है। अगर बुकिंग का सिलसिला इसी तरह आगे बढ़ता है और दर्शकों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रहती है तो फिल्म अपने ओपनिंग डे पर बड़ा आंकड़ा हासिल कर सकती है। खासकर हिंदी बाजार में 45 से 55 करोड़ रुपये की संभावित ओपनिंग का अनुमान इसे बड़े रिकॉर्ड की दौड़ में ला सकता है। हालांकि बॉक्स ऑफिस की असली परीक्षा रिलीज के बाद होगी। फिलहाल इतना जरूर है कि Toxic ने रिलीज से पहले ही टिकट खिड़की पर हलचल पैदा कर दी है और यश के फैंस के साथ फिल्म कारोबार पर नजर रखने वालों की निगाहें अब 26 अगस्त पर टिक गई हैं।

  • 32 IAS अफसरों का फेरबदल, चर्चित नामों को मिली नई कमान; सृष्टि देशमुख रीवा तो अभिषेक चौधरी ग्वालियर पहुंचे

    32 IAS अफसरों का फेरबदल, चर्चित नामों को मिली नई कमान; सृष्टि देशमुख रीवा तो अभिषेक चौधरी ग्वालियर पहुंचे

    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में शुक्रवार 21 अगस्त को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS के 32 अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। इस प्रशासनिक बदलाव में जिला पंचायत CEO नगर निगम आयुक्त अपर कलेक्टर और SDM स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। लंबे समय से अलग अलग मैदानी पदों पर काम कर रहे कई अधिकारियों को अब नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं जिससे प्रदेश के कई जिलों और नगर निगमों में प्रशासनिक नेतृत्व का चेहरा बदल गया है।

    इस तबादला सूची में कुछ चर्चित IAS अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। 2019 बैच की IAS सृष्टि देशमुख गौड़ा को खंडवा के अपर कलेक्टर पद से हटाकर जिला पंचायत रीवा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। उनके सामने अब ग्रामीण विकास और पंचायत स्तर की योजनाओं के क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। इसी फेरबदल में उनके पति IAS डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा को भी खंडवा से स्थानांतरित किया गया है। उन्हें जिला पंचायत खंडवा के CEO पद से हटाकर नगर निगम सतना का आयुक्त बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें सतना स्मार्ट सिटी के CEO का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

    ग्वालियर नगर निगम में भी बड़ा बदलाव हुआ है। नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय को अब ग्वालियर से हटाकर जिला पंचायत सिंगरौली का CEO बनाया गया है। वहीं 2018 बैच के IAS अधिकारी अभिषेक चौधरी को जिला पंचायत धार के CEO पद से स्थानांतरित कर ग्वालियर नगर निगम का आयुक्त बनाया गया है। इस बदलाव के बाद ग्वालियर नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था में नया नेतृत्व देखने को मिलेगा। ग्वालियर में नगर निगम से जुड़ी विकास योजनाओं शहर की व्यवस्थाओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कामकाज की जिम्मेदारी अब अभिषेक चौधरी के पास होगी।

    इंदौर नगर निगम को भी नया आयुक्त मिला है। 2022 बैच के IAS अधिकारी विशाल धाकड़ को कुक्षी में SDM के पद से स्थानांतरित कर नगर पालिक निगम इंदौर का आयुक्त बनाया गया है। वहीं अक्षय कुमार तेम्रवाल को जिला पंचायत दतिया के CEO पद से हटाकर भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। इन बदलावों से प्रदेश के प्रमुख नगरीय निकायों में भी प्रशासनिक स्तर पर नई टीम सामने आएगी।

    जिला पंचायत CEO स्तर पर भी बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। जगदीश कुमार गोमे को सिंगरौली से हटाकर सागर जिला पंचायत का CEO बनाया गया है। नवीत कुमार धुर्वे को टीकमगढ़ से स्थानांतरित कर देवास जिला पंचायत CEO की जिम्मेदारी दी गई है। ऐश्वर्य वर्मा को डिंडोरी के शहपुरा में SDM पद से हटाकर सीधी जिला पंचायत CEO बनाया गया है। आशीष को सेंधवा से हटाकर खंडवा जिला पंचायत CEO की जिम्मेदारी दी गई है। कार्तिकेय जायसवाल को वारासिवनी से श्योपुर जिला पंचायत CEO बनाया गया है। वहीं अर्पित गुप्ता और तनुश्री मीणा को भी क्रमशः बड़वानी और बालाघाट जिला पंचायत CEO की जिम्मेदारी मिली है।

    इस तबादला सूची में 2024 बैच के प्रशिक्षु IAS अधिकारियों को भी मैदानी प्रशासन में नई जिम्मेदारी दी गई है। इन अधिकारियों को सहायक कलेक्टर पद से हटाकर अलग अलग क्षेत्रों में SDM बनाया गया है। आशीष कुमार को बीना अनिकेत शांडिल्य को बैहर आकाश अग्रवाल को मझौली पाटिल आशीष अशोक को कुक्षी सुशिर श्रीकृष्ण श्रीराम को देवसर कुलदीप पटेल को बिछिया जामदार फरहान इरफान को शहपुरा ठाकरे ऋषिकेष विजय को बिजावर और नवकिरण कौर को डबरा SDM की जिम्मेदारी दी गई है।

    सरकार के इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल से प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और नगर निकायों में अधिकारियों की भूमिका बदल गई है। अब नई पदस्थापना के बाद अधिकारियों के सामने अपने अपने क्षेत्रों में विकास योजनाओं को गति देने और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की चुनौती होगी। खास तौर पर ग्वालियर सतना इंदौर भोपाल रीवा सिंगरौली और खंडवा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हुए बदलाव पर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी। नई जिम्मेदारियों के साथ इन अधिकारियों का कामकाज आने वाले समय में इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के असर को तय करेगा।

  • 24 कैरेट सोना 1.62 लाख और चांदी 2.45 लाख रुपये पहुंची, निवेशकों के सामने खरीदारी या इंतजार का सवाल

    24 कैरेट सोना 1.62 लाख और चांदी 2.45 लाख रुपये पहुंची, निवेशकों के सामने खरीदारी या इंतजार का सवाल

    नई दिल्ली ।सर्राफा बाजार में 21 अगस्त 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। घरेलू बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव एक दिन में करीब 4300 रुपये बढ़कर 1 लाख 62 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत में भी 10 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी तेजी दर्ज की गई और इसका भाव 2 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।

    सोने के भाव में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब कीमती धातुओं के बाजार पर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर लगातार बना हुआ है। 20 अगस्त को 24 कैरेट सोना करीब 1 लाख 58 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। अगले कारोबारी दिन इसमें अचानक 4300 रुपये की बढ़ोतरी हुई। मौजूदा स्तर पिछले करीब तीन महीनों में सोने के सबसे ऊंचे भावों में शामिल है।

    इससे पहले 26 मई को सोना लगभग इसी स्तर पर पहुंचा था। उस समय 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1 लाख 62 हजार 400 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था। ऐसे में मौजूदा तेजी ने एक बार फिर निवेशकों और आभूषण खरीदारों का ध्यान सोने की कीमतों की ओर खींचा है।

    चांदी के बाजार में भी तेज हलचल देखने को मिली। 20 अगस्त को चांदी करीब 2 लाख 35 हजार रुपये प्रति किलोग्राम पर थी, जो 21 अगस्त को 10 हजार रुपये बढ़कर 2 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इस स्तर पर चांदी करीब सात सप्ताह के उच्चतम भाव पर पहुंच गई है। इससे पहले 3 जुलाई को चांदी ने 2 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर छुआ था।

    कीमती धातुओं में तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों को महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में कमजोरी ने सोने की मांग को प्रभावित किया है। जब डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट आती है, तो निवेशकों के बीच सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों के प्रति आकर्षण बढ़ सकता है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ घरेलू बाजार पर भी पड़ता है।

    अमेरिका और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने भी वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ाई है। ईरान को लेकर अमेरिकी प्रतिबंधों की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों के मुकाबले सुरक्षित निवेश विकल्पों पर अधिक ध्यान दे सकते हैं।

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सोने और चांदी की कीमतों में इतनी तेज बढ़ोतरी के बाद खरीदारी की जाए या कुछ समय इंतजार किया जाए। इसका जवाब खरीदार के उद्देश्य पर निर्भर करता है। अगर जरूरत शादी, पारिवारिक आयोजन या किसी तय अवसर के लिए है, तो पूरी खरीदारी एक साथ करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदना कीमतों के उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम कर सकता है।

    वहीं केवल निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वाले लोगों के लिए एक दिन की तेज तेजी के बाद जल्दबाजी से बचना महत्वपूर्ण हो सकता है। बाजार में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है। इसलिए खरीदारी से पहले अपनी जरूरत, निवेश अवधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।

    सोने और चांदी की कीमतों में स्थानीय बाजार, शुद्धता, मेकिंग चार्ज, टैक्स और अन्य लागतों के कारण वास्तविक खरीद मूल्य अलग हो सकता है। इसलिए आभूषण खरीदते समय केवल प्रति 10 ग्राम या प्रति किलोग्राम दर देखने के बजाय अंतिम बिल और सभी शुल्कों की जानकारी लेना भी जरूरी है।