Author: bharati

  • ईरान के यूरेनियम भंडार को सुरक्षित करना मुख्य लक्ष्य…. आधे से आगे पहुंचा अभियान : नेतन्याहू

    ईरान के यूरेनियम भंडार को सुरक्षित करना मुख्य लक्ष्य…. आधे से आगे पहुंचा अभियान : नेतन्याहू


    तेल अवीव।
    इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) ने ईरान (Iran) के खिलाफ चल रहे अमेरिका-इस्राइल संयुक्त सैन्य अभियान (US-Israel Joint Military Operation) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन अब आधे से आगे पहुंच चुका है और इसका अगला मुख्य लक्ष्य ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार को सुरक्षित करना या हटाना है।

    एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने दावा किया कि इस अभियान में अब तक अहम सफलताएं हासिल हुई हैं। उनके मुताबिक, ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है।


    ईरान की सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान

    नेतन्याहू ने बताया कि अमेरिका और इस्राइल की सेनाओं ने मिलकर ईरान के मिसाइल सिस्टम, हथियार फैक्ट्रियों और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कई प्रमुख वैज्ञानिकों को निशाना बनाया है। इससे ईरान की युद्ध क्षमता को गंभीर झटका लगा है। उन्होंने कहा हमने उनकी मिसाइल क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया है, फैक्ट्रियां तबाह कर दी हैं और उनके परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अहम लोगों को खत्म किया है।


    अब यूरेनियम भंडार पर नजर

    इस्राइली प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब ऑपरेशन का फोकस ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार पर है, जो परमाणु हथियार बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस सामग्री को ईरान से हटाने और अंतरराष्ट्रीय निगरानी में देने की मांग की है।

    नेतन्याहू ने इस सैन्य कार्रवाई को सिर्फ मौजूदा खतरे से निपटने का नहीं, बल्कि भविष्य में संभावित बड़े संकट को रोकने का प्रयास बताया। उनका कहना है ईरान परमाणु हथियार बनाने और उन्हें अमेरिकी शहरों तक पहुंचाने की क्षमता विकसित कर रहा है। इस युद्ध का मकसद इसी खतरे को रोकना है।


    ईरान कमजोर, गठबंधन मजबूत

    नेतन्याहू ने दावा किया कि इस ऑपरेशन के चलते ईरान की स्थिति कमजोर हो रही है, जबकि अमेरिका-इस्राइल गठबंधन और मजबूत होकर उभर रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान के अंदर अस्थिरता बढ़ रही है। हालांकि, उन्होंने ऑपरेशन के खत्म होने की कोई समयसीमा नहीं बताई, लेकिन भरोसा जताया कि मिशन अपने लक्ष्य तक पहुंचने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।

  • बांग्लादेश में गहराया ऊर्जा संकट, भारत से भेजी मदद से मिली राहत, कर्ज की तलाश में पड़ोसी देश

    बांग्लादेश में गहराया ऊर्जा संकट, भारत से भेजी मदद से मिली राहत, कर्ज की तलाश में पड़ोसी देश

    ढाका । बांग्लादेश इस समय गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण देश में बिजली और ईंधन की कमी और गहरी हो गई है। स्थिति से निपटने के लिए बांग्लादेश भारत से पाइपलाइन के जरिए डीजल आयात कर रहा है और देश में बिजली व ईंधन बचाने के लिए कड़े सरकारी आदेश जारी किए गए हैं।

    भारत से डीजल की नई खेप

    भारत की असम स्थित नुमालीगढ़ रिफाइनरी से ‘भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन’ के माध्यम से बांग्लादेश को 7,000 टन डीजल की नई खेप प्राप्त हो रही है। इसकी सप्लाई शनिवार शाम से शुरू हो गई है और मंगलवार तक पूरी डिलीवरी की उम्मीद है। इससे पहले 25 मार्च को 5,000 टन की खेप और कुल मिलाकर 15,000 टन डीजल पाइपलाइन के जरिए पहले ही भेजा जा चुका है।

    जमाखोरी बनी बड़ी चिंता

    बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्री इकबाल हसन महमूद टुकू ने सोमवार को संसद में स्पष्ट किया कि वर्तमान संकट में ईंधन की आपूर्ति की कमी से बड़ी समस्या ‘जमाखोरी’ है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन समुद्री मार्गों के साथ पाइपलाइन के जरिए होने वाले आयात को प्राथमिकता दे रहा है ताकि आपूर्ति स्थिर रहे।

    सरकारी कर्मचारियों के लिए कड़े आदेश

    17 करोड़ की आबादी वाला बांग्लादेश अपनी तेल और गैस की 95 प्रतिशत जरूरतें आयात पर निर्भर करता है। लोक प्रशासन मंत्रालय के अधिकारी सखावत हुसैन ने बताया कि रविवार देर रात कार्यालयों में बिजली और ईंधन बचाने के लिए कई सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।

    बांग्लादेश सरकार के निर्देश
    – कार्यालयों में केवल आवश्यक संख्या में लाइट, पंखे, एयर कंडीशनर (AC) और अन्य उपकरण का इस्तेमाल।
    – कर्मचारी दफ्तर से निकलते समय लाइटें अनिवार्य रूप से बंद करें।
    – एयर कंडीशनर का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पर सेट करें।

    कर्ज की तलाश

    ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश सरकार बहुपक्षीय दाताओं से लगभग 2 अरब डॉलर का ऋण पाने की कोशिश कर रही है। ईंधन की खपत नियंत्रित करने के लिए पहले ही कई कदम उठाए गए हैं। जिनमें आम लोगों के लिए ईंधन खरीद पर सीमा तय की गई है। अधिकांश उर्वरक कारखानों में उत्पादन रोक दिया गया है। पेट्रोल पंपों पर पुलिस गश्त और नियमों का पालन सुनिश्चित किया गया है।

    भारत के सहयोग से बांग्लादेश को पाइपलाइन के जरिए 7,000 टन डीजल की खेप मिल रही है। ऊर्जा मंत्री के अनुसार पश्चिम एशिया संकट से आपूर्ति में कमी उतनी बड़ी समस्या नहीं है, जितनी बड़ी समस्या देश में ईंधन की जमाखोरी है। 17 करोड़ आबादी वाले बांग्लादेश में तेल और गैस की कुल खपत का 95 प्रतिशत हिस्सा खाड़ी देशों और अन्य देशों से आयात किया जाता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव बढ़ा है।

  • PM मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री से की बात… ग्रीन हाइड्रोजन और सेमीकंडक्टर पर जोर

    PM मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री से की बात… ग्रीन हाइड्रोजन और सेमीकंडक्टर पर जोर


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने सोमवार को नीदरलैंड (Netherlands) के अपने समकक्ष रॉब जेटेन (PM Rob Jetten) से फोन पर बात की, जिसमें सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, व्यापार और रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके अलावा, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें पीएम मोदी ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता को शीघ्र बहाल किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में मोदी ने कहा कि उन्होंने और जेटेन ने भारत-नीदरलैंड संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमने सेमीकंडक्टर, वृहद जल परियोजनाएं, ग्रीन हाइड्रोजन समेत विभिन्न क्षेत्रों में हमारी साझेदारी की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। मोदी ने कहा कि हमने पश्चिम एशिया के हालात पर भी विचार-विमर्श किया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता शीघ्र बहाल किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    वहीं, नीदरलैंड के प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत के साथ हमारे संबंध और भी मजबूत हो रहे हैं। इस साल की शुरुआत में यूरोपीय संघ और भारत ने एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए, तथा नीदरलैंड और भारत रक्षा, जल प्रबंधन, नवाचार और व्यापार सहित एक रणनीतिक साझेदारी विकसित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया में जो कुछ भी हो रहा है, उसे देखते हुए, अब हमारे सहयोग को मजबूत करने का समय है।

    जेटेन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मैंने आज फोन पर बातचीत में इस विषय पर चर्चा की। मैं जल्द ही नीदरलैंड में उनका स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं, ताकि हम इन मुद्दों पर आगे और चर्चा कर सकें। जनवरी में प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपीय संघ के नेतृत्व के बीच हुई शिखर वार्ता के बाद भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दिया।

  • फारस की खड़ी में फंसे हैं भारत के लिए ईंधन ला रहे कुल 28 जहाज… इनमें 18 भारतीय और 10 विदेशी

    फारस की खड़ी में फंसे हैं भारत के लिए ईंधन ला रहे कुल 28 जहाज… इनमें 18 भारतीय और 10 विदेशी


    नई दिल्ली।
    सरकार (Government) ने सोमवार को एक अहम जानकारी देते हुए बताया कि ऊर्जा उत्पादों से लदे और भारत (India) आ रहे 10 विदेशी झंडे वाले जहाज (10 Foreign-Flagged Ships) इस समय फारस की खाड़ी (Persian Gulf ) में फंसे हुए हैं। इसके अलावा, 18 भारतीय जहाज भी वर्तमान में इसी क्षेत्र में मौजूद हैं। कुल मिलाकर 28 जहाजों पर संकट अभी भी मंडरा रहा है। जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश सिन्हा ने मौजूदा हालात पर सवालों के जवाब देते हुए स्थिति को स्पष्ट किया।


    फंसे हुए विदेशी जहाजों की डिटेल

    विशेष सचिव ने बताया कि भारत आ रहे इन 10 विदेशी जहाजों में महत्वपूर्ण ऊर्जा उत्पाद मौजूद हैं।
    3 जहाज: एलपीजी (LPG) से लदे हैं।
    4 जहाज: कच्चा तेल (Crude Oil) लेकर आ रहे हैं।
    3 जहाज: एलएनजी (LNG) से भरे हुए हैं।

    इनके अलावा, भारतीय ध्वज वाले जहाज भी हैं। इनमें एलपीजी के तीन टैंकर, एक एलएनजी वाहक और कच्चे तेल के चार टैंकर शामिल हैं। एक खाली टैंकर में एलपीजी भरी जा रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच संकरे जलडमरूमध्य में फंसे लगभग 500 जहाजों में ये जहाज भी शामिल हैं। अब तक, भारतीय ध्वज वाले आठ जहाज सुरक्षित रूप से निकल चुके हैं।


    भारतीय ध्वज वाले 18 जहाज फंसे

    सिन्हा ने बताया कि जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में भारतीय ध्वज वाले 18 जहाज हैं, जिनमें 485 नाविक सवार हैं। दो अन्य जहाज पूर्वी हिस्से में फंसे हुए हैं। पश्चिमी हिस्से में मौजूद जहाजों में एलपीजी जहाज जग विक्रम, ग्रीन आशा और ग्रीन सानवी शामिल हैं। एक खाली जहाज में एलपीजी भरी जा रही है। इस क्षेत्र में मौजूद अन्य भारतीय ध्वज वाले जहाजों में एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) टैंकर, चार कच्चे तेल के टैंकर, एक रासायनिक उत्पाद परिवहन करने वाला जहाज, तीन कंटेनर जहाज और दो ‘बल्क’ कैरियर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, एक जहाज ड्रेजर है और तीन जहाज नियमित रखरखाव के लिए बंदरगाह पर हैं। जब पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ा था, तब होर्मुज जलडमरूमध्य में मूल रूप से 28 भारतीय ध्वज वाले जहाज थे। इनमें से 24 जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में और चार पूर्वी हिस्से में थे। पिछले कुछ दिनों में, पश्चिमी हिस्से से छह और पूर्वी हिस्से से दो जहाज सुरक्षित स्थान पर पहुंचने में सफल रहे हैं।


    सरकार की प्राथमिकता

    राजेश सिन्हा ने जोर देकर कहा कि इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय झंडे वाले जहाज जो भारत के लिए माल ला रहे हैं, उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और बिना किसी बाधा के गुजरने दिया जाए। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले और ईरान की व्यापक जवाबी कार्रवाई ने जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन को लगभग ठप कर दिया है। यह संकरा समुद्री मार्ग खाड़ी देशों से दुनिया भर में तेल और गैस के निर्यात का प्रमुख मार्ग है। हालांकि, ईरान ने पिछले सप्ताह कहा था कि ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय के बाद ‘गैर-शत्रु’ देशों के पोत जलमार्ग से गुजर सकते हैं।


    राहत की खबर: दो जहाज सुरक्षित निकले

    एक सकारात्मक अपडेट शेयर करते हुए बताया गया कि लगभग 94,000 टन रसोई गैस ले जाने वाले दो एलपीजी जहाजों ने शनिवार को सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर लिया है। उम्मीद है कि ये दोनों जहाज अगले दो दिनों के भीतर मुंबई पोर्ट और न्यू मैंगलोर पोर्ट पर लंगर डालेंगे। इनमें दो एलपीजी वाहक पोत, बीडब्ल्यू टीवाईआर और बीडब्ल्यू ईएलएम शामिल हैं, जिनमें लगभग 94,000 टन एलपीजी का संयुक्त कार्गो है। ये पोत पिछले कुछ दिनों में युद्धग्रस्त क्षेत्र से सुरक्षित रूप से निकल चुके हैं।


    खाली जहाजों की वापसी पर स्थिति

    जब यह सवाल पूछा गया कि नए सिरे से माल लादने के लिए कितने खाली जहाजों को वापस फारस की खाड़ी भेजा जाएगा, तो सिन्हा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान हालात को देखते हुए खाली जहाजों को वापस भेजने का समय अभी नहीं आया है। उन्होंने कहा- हम अभी उस चरण तक नहीं पहुंचे हैं जहां हम उन्हें (भारतीय झंडे वाले जहाजों को) वापस भेजना शुरू करें।


    बीमा प्रीमियम में भारी बढ़ोतरी

    जहाजों के फंसे होने के अलावा, इस तनाव का सीधा असर व्यापारिक लागत पर भी पड़ रहा है। सिन्हा ने बताया कि खतरा केवल होर्मुज जलडमरूमध्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके आस-पास के बाहरी इलाके भी अब ‘हाई-रिस्क एरिया’ (HRA) की श्रेणी में आ गए हैं। युद्ध और तनाव से पहले कमर्शियल बीमा प्रीमियम बीमित राशि (Insured Value) का मात्र 0.04% हुआ करता था। लेकिन अब इसमें भारी वृद्धि हुई है। सिन्हा ने एक विशिष्ट मामले का उदाहरण देते हुए बताया कि अब यह प्रीमियम बढ़कर बीमित राशि का 0.7% हो गया है, और आने वाले समय में इसके और भी अधिक बढ़ने की आशंका है।

  • 11 अप्रैल से बनेगा नीचभंग राजयोग, बुध के राशि परिवर्तन से इन 3 राशियों के खुलेंगे तरक्की के रास्ते

    11 अप्रैल से बनेगा नीचभंग राजयोग, बुध के राशि परिवर्तन से इन 3 राशियों के खुलेंगे तरक्की के रास्ते

    नई दिल्ली । ज्योतिष शास्त्र में नीचभंग राजयोग को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जब भी यह योग बनता है, तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर देखने को मिलता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, वर्तमान में बुध कुंभ राशि में स्थित हैं, लेकिन 11 अप्रैल 2026 को रात 1 बजकर 20 मिनट पर वे मीन राशि में प्रवेश करेंगे। वैदिक ज्योतिष के अनुसार मीन राशि बुध की नीच राशि मानी जाती है, इसलिए सामान्य परिस्थितियों में इसे कमजोर स्थिति कहा जाता है।

    इस बार क्यों खास है बुध का गोचर

    हालांकि इस बार स्थिति सामान्य से अलग है। मीन राशि के स्वामी गुरु (बृहस्पति) कुंडली के केंद्र भाव में विराजमान हैं, जिसके कारण नीचभंग राजयोग का निर्माण हो रहा है। यही वजह है कि जहां कुछ लोगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, वहीं कुछ राशियों के लिए यह समय बेहद लाभकारी साबित होगा। बुध 30 अप्रैल 2026 तक मीन राशि में रहेंगे और इस दौरान सूर्य और शनि के साथ मिलकर अन्य महत्वपूर्ण योग भी बनाएंगे।

    कैसे बनता है नीचभंग राजयोग

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कोई ग्रह अपनी नीच राशि में स्थित हो, लेकिन उस राशि का स्वामी केंद्र (1, 4, 7, 10) या त्रिकोण (1, 5, 9) भाव में मजबूत स्थिति में हो, तब नीचभंग राजयोग बनता है। इस स्थिति में ग्रह की कमजोरी कम हो जाती है और वह सकारात्मक परिणाम देने लगता है।

    वृषभ राशि: आर्थिक स्थिति होगी मजबूत

    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह योग लाभकारी साबित हो सकता है। इस दौरान आमदनी में वृद्धि के संकेत हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने के योग बन रहे हैं। व्यापारियों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है और नई योजनाएं सफल हो सकती हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए भी नए अवसर सामने आ सकते हैं। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है और लव लाइफ में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

    मिथुन राशि: करियर में मिलेगी सराहना

    मिथुन राशि के लोगों के लिए यह समय करियर और व्यक्तिगत जीवन दोनों के लिए अनुकूल रहेगा। सोचने और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होगा, जिससे आप सही फैसले ले पाएंगे। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारी आपसे संतुष्ट रहेंगे। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं। प्रॉपर्टी या वाहन से जुड़े कार्य भी पूरे होने के योग बन रहे हैं।

    मीन राशि: सोच और फैसलों में आएगा सुधार

    मीन राशि के लिए यह योग विशेष प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि बुध इसी राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इससे आपकी सोचने और समझने की क्षमता बेहतर हो सकती है। यदि आप धैर्य और समझदारी से काम करेंगे, तो सफलता मिलने के प्रबल योग हैं। व्यापार में नए लोगों से जुड़ने के अवसर मिलेंगे, जो भविष्य में लाभकारी साबित हो सकते हैं। परिवार, विशेषकर माता का सहयोग मिलेगा, जिससे आपके निर्णय और मजबूत होंगे।

  • एमपी में 20 से अधिक जिलों में हुई आंधी-बारिश, अगले 24 घंटों के लिए 16 जिलों में अलर्ट

    एमपी में 20 से अधिक जिलों में हुई आंधी-बारिश, अगले 24 घंटों के लिए 16 जिलों में अलर्ट

    भोपाल । मध्य प्रदेश में मार्च के अंतिम दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश में आंधी-बारिश का मजबूत सिस्टम सक्रिय हो गया है। सोमवार को 8 जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। हालांकि, कुछ शहरों में गर्मी का असर भी बना रहा। नर्मदापुरम और खजुराहो में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया।

    आज भी रहेगा मिला-जुला मौसम, 16 जिलों में अलर्ट

    मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी प्रदेश में मौसम का मिजाज मिला-जुला रहेगा। भोपाल मौसम केंद्र ने अगले 24 घंटों के लिए ग्वालियर सहित 16 जिलों में गरज-चमक, आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है।

    3 अप्रैल तक सक्रिय रहेंगे दो मौसम सिस्टम

    मौसम विभाग के मुताबिक टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण प्रदेश में मौसम में यह बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि 3 अप्रैल तक दो मौसम सिस्टम सक्रिय रहेंगे, जिससे आंधी-बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    इन जिलों में गिरे ओले, कई जगह दिखा असर

    सोमवार को उज्जैन, नीमच, मंदसौर, बैतूल, धार और सीहोर में ओले गिरे। वहीं भोपाल, मैहर, श्योपुर, छिंदवाड़ा, नीमच, मंदसौर, बैतूल, बालाघाट, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, खंडवा, देवास, खरगोन, पांढुर्णा, सिवनी और अनूपपुर सहित 20 से अधिक जिलों में कहीं बारिश तो कहीं तेज आंधी और बादल छाए रहे।

    2 अप्रैल को फिर बदलेगा मौसम

    मौसम विभाग का कहना है कि 2 अप्रैल को एक नया सिस्टम सक्रिय होगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा।

    बारिश से पहले पड़ी तेज गर्मी

    सोमवार को आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से पहले प्रदेश में तेज गर्मी दर्ज की गई। खजुराहो में अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    इसके अलावा मंडला में 39.7, रतलाम में 39.6, उमरिया में 39.3, खंडवा में 39.1, दमोह, खरगोन, सतना, रीवा और रायसेन में 39 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। सिवनी और धार में 38.9, सीधी में 38.6, सागर और छिंदवाड़ा में 38.5 तथा मलाजखंड और गुना में 38 डिग्री तापमान रहा।

    बड़े शहरों का तापमान

    प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में सबसे अधिक तापमान जबलपुर में 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 37.4, इंदौर में 36.5, ग्वालियर में 35.8 और उज्जैन में 37 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

  • आज का राशिफल: 31 मार्च 2026 – मेष से मीन तक जानें अपनी दिनचर्या और भाग्य

    आज का राशिफल: 31 मार्च 2026 – मेष से मीन तक जानें अपनी दिनचर्या और भाग्य

    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल से कल का दिन कुछ राशियों के लिए शुभ रहेगा तो कुछ के लिए सामान्य परिणाम ला सकता है। पढ़ें मेष से लेकर मीन राशि तक का हाल:

    मेष (Aries) – दिन भागदौड़ वाला रहेगा। काम की रफ्तार तेज रहेगी, लेकिन महंगाई और घर के मामलों में सतर्क रहें। शाम को थोड़ी राहत और सुकून मिलेगा।

    वृष (Taurus) – चीजें धीरे-धीरे आगे बढ़ेंगी। धैर्य रखना जरूरी है। पुराने काम से फायदा हो सकता है। महंगाई के फैसले सोच-समझकर लें।

    मिथुन (Gemini) – दिन आपके पक्ष में रहेगा। नए संपर्क और दोस्ती के मौके मिलेंगे। ऑफिस में मेहनत का फल मिलेगा। खर्च पर नियंत्रण रखें।

    कर्क (Cancer) – मन उलझा रहेगा। काम का दबाव रहेगा, लेकिन धीरे-धीरे सब ठीक होगा। परिवार को समय दें। महंगाई के मामले में बड़ा फैसला टालें।

    सिंह (Leo) – आत्मविश्वास अच्छा रहेगा। अटके हुए काम में हलचल आएगी। ऑफिस में कामयाब मिल सकती है। खर्च जरूरी चीजों पर ही करें। दिन पॉजिटिव रहेगा।

    कन्या (Virgo) – बुजुर्गों का दबाव रहेगा। मेहनत रंग लाएगी। सीनियर्स का सपोर्ट मिलेगा। बुजुर्गों की सोच-समझ कर करें। दिन के अंत में राहत मिलेगी।

    तुला (Libra) – काम में प्लानिंग जरूरी। मेहनत का नुकसान पहुंचा सकती है। ऑफिस में दबाव रहेगा लेकिन संभाल लेंगे। महंगाई और खान-पान पर ध्यान दें।

    वृश्चिक (Scorpio) – दिन अच्छा रहेगा। नई प्लानिंग पर काम कर सकते हैं। आइडिया और सहयोग मिलेगा। खर्च थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन मैनेज हो जाएगा।

    धनु (Sagittarius) – संतुलित दिन। काम और घर दोनों ठीक चलेंगे। ऑफिस में सहयोग मिलेगा। पार्टनर के साथ समय अच्छा गुजरेगा। मन शांत रहेगा।

    मकर (Capricorn) – संभलकर चलें। छोटी बात विवाद में बदल सकती है। काम में फोकस बनाए रखें। महंगाई में रिस्क न लें। दिन के दूसरे हिस्से में हालात सामान्य होंगे।

    कुंभ (Aquarius) – दिन अच्छा रहेगा। काम में तरक्की होगी। नए मौके सामने आएंगे। आत्मविश्वास बना रहेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। यात्रा के योग बन सकते हैं।

    मीन (Pisces) – थोड़ा कंफ्यूजन रहेगा। निर्णय में जल्दबाजी न करें। फलों में सतर्क रहें। दिन के अंत में चीजें स्पष्ट होने लगेंगी। अकेले समय उन्नतिशील लाभकारी रहेगा।

  • लगातार आंखों की सूजन का इग्नोर करना खतरनाक, किडनी समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है

    लगातार आंखों की सूजन का इग्नोर करना खतरनाक, किडनी समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है


    नई दिल्ली। सुबह उठते ही अगर आंखों के आसपास हल्की सूजन नजर आए, तो इसे हल्के में लेना खतरे की घंटी हो सकती है। खासकर जब यह सूजन बार-बार दिखे या लंबे समय तक बनी रहे, तो यह शरीर में चल रही किसी बड़ी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।

    आंखों की त्वचा और तरल पदार्थ का संतुलन

    विज्ञान के अनुसार, आंखों के आसपास की त्वचा बहुत पतली होती है। शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन में मामूली बदलाव भी यहां जल्दी दिखाई देता है। यही वजह है कि किडनी से जुड़ी समस्याओं का असर सबसे पहले आंखों के पास सूजन के रूप में दिख सकता है।

    गुर्दे का मुख्य कार्य खून को साफ करना और शरीर में तरल पदार्थ का संतुलन बनाए रखना होता है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो खून में मौजूद जरूरी प्रोटीन पेशाब के रास्ते बाहर निकलने लगते हैं। यह प्रोटीन शरीर में पानी संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाता है। उनकी कमी से शरीर में पानी टिशूज में जमा होने लगता है और आंखों के नीचे सूजन दिखाई देती है।

    सुबह सूजन क्यों ज्यादा दिखती है

    रात भर नींद समय शरीर एक ही स्थिति में रहता है। इस दौरान तरल पदार्थ चेहरे और आंखों के आसपास जमा हो सकता है। सुबह उठते ही यही जमा हुआ तरल सूजन के रूप में दिखाई देता है। जैसे-जैसे हम चलते-फिरते हैं, यह तरल शरीर के अन्य हिस्सों, खासकर पैरों की ओर खिसक जाता है और आंखों की सूजन कम होने लगती है।

    सामान्य कारण भी हो सकते हैं

    हर बार आंखों की सूजन का मतलब किडनी की बीमारी नहीं होता। इसके पीछे कई सामान्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे:

    पर्याप्त नींद न लेना
    एलर्जी होना
    ज्यादा नमक का सेवन
    शरीर में पानी की कमी

    ये कारण अस्थायी होते हैं और थोड़े समय में ठीक हो जाते हैं। लेकिन अगर सूजन रोजाना बनी रहे या इसके साथ अन्य लक्षण दिखाई दें, तो सतर्क हो जाना चाहिए।

    किडनी से जुड़ी समस्या के अन्य संकेत

    अगर सूजन किडनी से जुड़ी समस्या की वजह से है, तो इसके साथ कुछ और लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं:

    पेशाब में झाग आना
    टखनों या पैरों में सूजन
    बार-बार थकान या कमजोरी महसूस होना
    ब्लड शुगर या ब्लड प्रेशर का असंतुलित होना
    ऐसे लक्षण अगर आंखों की सूजन के साथ दिखें, तो डॉक्टर से तुरंत जांच करवाना जरूरी है।

    सावधानी और सही कदम

    आँखों की सूजन को धुंधला करना जोखिम भरा हो सकता है। स्वस्थ रहने के लिए:

    पर्याप्त नींद लें
    नमक का सेवन नियंत्रित करें
    पर्याप्त पानी पिएं
    नियमित जांच कराएं, खासकर जब सूजन लगातार बनी रहे

  • क्या आप सच में निरोगी हैं? जानें स्वस्थ शरीर के 7 जरूरी संकेत

    क्या आप सच में निरोगी हैं? जानें स्वस्थ शरीर के 7 जरूरी संकेत


    नई दिल्ली। शरीर अपने स्वास्थ्य और बीमारियों का संकेत खुद देता है। अक्सर हम इनएक्टिव को अनदेखा कर देते हैं और तब पता चलता है कि कहीं न कहीं स्वास्थ्य में समस्या है। लेकिन पूरी तरह स्वस्थ शरीर भी कुछ संकेत देता है, जो बताता है कि आपका शरीर निरोगी और तंदरुस्त है। अगर आप इनएक्टिव में से सबसे ज़्यादा महसूस कर रहे हैं, तो समझ लीजिए कि आप स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।

    1. आराम से और गहरी नींद

    स्वस्थ शरीर का पहला और सबसे अहम संकेत है बिस्तर पर लेटने के 15 मिनट के अंदर नींद आना। अगर आप बिना किसी परेशानी के जल्दी सो जाते हैं और सुबह बिना अलार्म के समय पर जाग जाते हैं, तो यह आपके शरीर और दिमाग की तंदरुस्ती का संकेत है। अच्छी नींद शरीर को रिकवर करती है, मानसिक तनाव कम करती है और ऊर्जा बनाए रखती है।

    2. पूरे दिन ऊर्जा से भरा रहना

    दूसरा संकेत है पूरे दिन ऊर्जा से भरा रहना। अगर दिनभर थकान, सुस्ती या आलस महसूस नहीं होता और काम आसानी से निस्तारित होता है, तो यह शारीरिक स्वास्थ्य का एक मजबूत संकेत है। निरंतर ऊर्जा शरीर की मेटाबॉलिज्म और हृदय स्वास्थ्य का भी द्योतक है।

    3. पाचन तंत्र का सही काम करना

    तीसरा संकेत है पाचन क्रिया का सही होना। अगर भोजन के बाद पेट भारी नहीं होता, गैस या अपच जैसी समस्या नहीं रहती और दिनभर खाने के बाद थकान नहीं लगती, तो इसका मतलब है कि आपका पाचन तंत्र स्वस्थ है। अच्छे पाचन से पोषण सही तरह से पोषण होता है और शरीर मजबूत बनता है।

    4. साफ चेहरा और गुलाबी जीभ

    स्वस्थ शरीर का चौथा संकेत है चेहरे की त्वचा और जीभ का स्वास्थ्य। स्वस्थ लोग चेहरे पर एक प्राकृतिक चमक और साफ त्वचा रखते हैं। वहीं जीभ गुलाबी और साफ रहती है। यदि पाचन में समस्या हो, तो चेहरे पर मुंहासे या एक्ने हो सकते हैं और जीभ पर छाले बन सकते हैं।

    5. मन की शांति और एकाग्रता

    पांचवां संकेत है मन की शांति और एकाग्रता। स्वस्थ शरीर का मतलब है कि मन भी संतुलित और खुश रहता है। आप अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं और मानसिक तनाव कम होता है। बीमार शरीर वाले लोग अक्सर मन की शांति खो देते हैं और काम में मन नहीं लगता।

    6. बीमारी से जल्दी उबरना

    छठा संकेत है रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना। स्वस्थ शरीर मौसमी बदलाव या छोटे संक्रमणों से जल्दी ठीक हो जाता है। बुखार, खांसी या जुकाम जैसी समस्याएं लंबे समय तक परेशान नहीं करती। यह शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होने का स्पष्ट संकेत है।

    7. समय पर भूख लगना

    सातवां और आखिरी संकेत है समय पर भूख लगना और संतुलित भोजन करना। अगर आपके पाचन तंत्र सही हैं, तो पेट समय पर भूख महसूस करता है। हल्का या समय से पहले भोजन करना स्वास्थ्य की कमजोरी का संकेत हो सकता है।

  • मप्र में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक, खाद्य मंत्री बोले- अफवाहों पर न दें ध्यान

    मप्र में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक, खाद्य मंत्री बोले- अफवाहों पर न दें ध्यान


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। किसी प्रकार की कमी नहीं हैं। लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।

    खाद्य मंत्री राजपूत ने सोमवार को एक बयान में कहा कि देश में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और देश व प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही हैं। इससे पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति निरंतर बनी हुई है और किसी प्रकार की रुकावट की स्थिति नहीं है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पीएनजी कनेक्शन लेने का भी आग्रह किया, जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हो और स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त भंडार बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के अनुरूप एलपीजी सिलेंडरों का निरंतर वितरण किया जा रहा है। कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को शासन द्वारा निर्धारित प्राथमिकता क्रम और आवंटन प्रतिशत के आधार पर गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सतत रूप से की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं तथा जिला स्तर तक बॉटलिंग प्लांट और वितरकों के पास उपलब्धता एवं वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है।

    उन्होंने बताया कि प्रदेश की सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल और डीजल (एमएस/एचएसडी) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) पर भी पेट्रोल और डीजल की किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। कंपनियों के डिपो से पेट्रोल और डीजल की लगातार आपूर्ति की जा रही है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है। बढ़ी हुई मांग को देखते हुए ऑयल कंपनियों के डिपो अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं जिससे मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

    खाद्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2,110 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 2,933 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए तथा 9 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके अतिरिक्त 391 पेट्रोल पंपों की जांच की गई, जिसमें एक प्रकरण दर्ज कर एफआईआर कराई गई है। प्रदेश के सभी जिला आपूर्ति नियंत्रकों और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को पेट्रोल पंपों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाओं द्वारा घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन से संबंधित मांग एवं शिकायतों के पंजीयन और उनके निराकरण के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। प्रदेश के जिन शहरों में पाइपलाइन नेटवर्क उपलब्ध है, वहां पाइपलाइन के आसपास के घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। अन्य जिलों में पाइपलाइन विस्तार के बाद पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही सीजीडी संस्थाओं को विभिन्न अनुमतियां प्राप्त करने के लिए सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने की सुविधा भी प्रदान की गई है। इन संस्थाओं द्वारा संबंधित शहरों के लिए दूरभाष नंबर भी जारी किए गए हैं, जिन पर उपभोक्ता संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इनमें अवंतिका गैस लिमिटेड द्वारा पीथमपुर, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर के लिए संपर्क नंबर उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि गैल गैस लिमिटेड द्वारा देवास, रायसेन, शाजापुर और सीहोर के लिए संपर्क सुविधा दी गई है।

    इसी प्रकार नवेरिया गैस लिमिटेड द्वारा धार, थिंक गैस द्वारा भोपाल, राजगढ़ और शिवपुरी, आईओसीएल द्वारा गुना, मऊगंज, रीवा, अशोकनगर और मुरैना, बीपीसीएल द्वारा मैहर, सतना, शहडोल, सीधी और सिंगरौली तथा गुजरात गैस लिमिटेड द्वारा उज्जैन, देवास, इंदौर, रतलाम और झाबुआ क्षेत्रों के लिए दूरभाष नंबर जारी किए गए हैं, जिनके माध्यम से उपभोक्ता अपनी मांग या शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

    उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकता अनुसार ही पेट्रोल और डीजल की खरीद करें तथा अनावश्यक संग्रह से बचें। ऑयल कंपनियों ने भी यह स्पष्ट किया है कि एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।