Category: Economy

  • वैश्विक तनाव से सोने-चांदी की कीमतों में उछाल वैश्विक तनाव और डॉलर की कमजोरी ने निवेशकों को सोना-चांदी की ओर खींचा

    वैश्विक तनाव से सोने-चांदी की कीमतों में उछाल वैश्विक तनाव और डॉलर की कमजोरी ने निवेशकों को सोना-चांदी की ओर खींचा

    नई दिल्ली । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी के बाद वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया है, जिससे सुरक्षित निवेश की मांग पर सीधा असर पड़ा। गुरुवार को कीमती धातुओं की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। केंद्रीय बैंकों द्वारा खरीदारी और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने भी सोना-चांदी की कीमतों में तेजी को बढ़ावा दिया। निवेशकों का भरोसा इन सुरक्षित संपत्तियों पर और मजबूत हो गया है।

    एमसीएक्स पर सोना-चांदी की तेजी

    एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना दोपहर 12:02 बजे 6.98 प्रतिशत यानी 11,575 रुपए बढ़कर 1,77,490 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी 23,633 रुपए यानी 6.13 प्रतिशत चढ़कर 4,08,999 रुपए प्रति किलो हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही। इस साल अब तक चांदी की कीमतों में 60 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हो चुकी है, जिसका मुख्य कारण सप्लाई की कमी बताया गया है।

    अमेरिकी फैसलों का प्रभाव

    कीमती धातुओं में यह तेज उछाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व के उस फैसले के बाद आया, जिसमें ब्याज दरों को बिना बदलाव के बनाए रखने का ऐलान किया गया। इसके अलावा अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई और ईरान पर उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव बनाया। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी बाजार में अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव 300 डॉलर बढ़कर 5,588.71 डॉलर प्रति औंस के पार चले गए।

    विशेषज्ञों का नजरिया

    विशेषज्ञों के अनुसार पहले 5,600 डॉलर के आसपास जो स्तर रुकावट माना जाता था, अब वही मजबूत सपोर्ट बन गया है। अमेरिका और सहयोगी देशों के बीच बढ़ता टैरिफ तनाव और शटडाउन की आशंका ने भी सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ा दी है। वैश्विक आर्थिक सुस्ती, बढ़ता अमेरिकी कर्ज और डॉलर की कमजोरी लंबे समय में सोने-चांदी के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

    फेडरल रिजर्व की ओर से लंबे समय तक कम ब्याज दरों के संकेत मिलने से बाजार में तरलता बनी रहेगी। ऐसे में अगर कीमतों में थोड़ी गिरावट आती है, तो निवेशक उसे खरीदारी का अवसर मानेंगे। निवेशक और व्यापारी इसे सुरक्षित निवेश के लिए उपयुक्त समय मान रहे हैं और सोने-चांदी में तेजी के रुझान को बरकरार देख रहे हैं।

    वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की कमजोरी ने निवेशकों को सोना-चांदी का सहारा लेने पर मजबूर किया है। चांदी की कीमत 4 लाख रुपए के पार पहुंच गई है, जबकि सोने ने 1.77 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम का स्तर पार कर लिया। विशेषज्ञ मानते हैं कि वैश्विक तनाव और आर्थिक परिस्थितियां लंबे समय तक कीमती धातुओं के लिए तेजी बनाए रख सकती हैं।

  • अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार लघु वित्त क्षेत्र में भी मजबूती

    अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार लघु वित्त क्षेत्र में भी मजबूती

    नई दिल्ली । देश के अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) की परिसंपत्ति गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में जानकारी दी कि कुल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात (जीएनपीए) और कुल एनपीए अनुपात कई दशकों की निम्नतम सीमा और रिकॉर्ड निम्न स्तर पर पहुंच गए हैं। यही नहीं, एनपीए रिकवरी दर वित्त वर्ष 2018 के 13.2 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 26.2 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वर्षों की तुलना में लगभग दोगुनी है। एनपीए रिकवरी में सुधार का प्रमुख कारण दिवालिया और दिवालियापन संहिता 2016 (आईबीसी कोड) को बताया गया।

    पूंजी-जोखिम-भारित परिसंपत्ति अनुपात मजबूत

    आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी बताया गया कि सितंबर 2025 तक एससीबी का पूंजी-जोखिम-भारित परिसंपत्ति अनुपात (सीआरएआर) 17.2 प्रतिशत पर मजबूत बना हुआ है। इससे बैंकों की वित्तीय मजबूती और जोखिम सहनशीलता स्पष्ट होती है। सरकारी पहलों के कारण क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के प्रदर्शन में भी सुधार आया है। चार चरणों में आरआरबी के समेकन से उनकी संख्या 1 मई 2025 तक 196 से घटकर 28 रह गई। इससे ग्रामीण बैंकों की वित्तीय स्थिति बेहतर हुई और वे अधिक स्थिर हुए।

    ग्रामीण बैंकों और लाभ में सुधार

    वित्त वर्ष 2024 में ग्रामीण बैंकों ने 7.6 हजार करोड़ रुपए का रिकॉर्ड समेकित कुल लाभ अर्जित किया। वित्त वर्ष 2025 में यह लाभ 6.8 हजार करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वर्षों के मुकाबले दूसरी सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आरआरबी के इस सुधार से ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय स्थिरता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।

    लघु वित्त क्षेत्र में तेजी

    आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी उल्लेख किया गया कि लघु वित्त क्षेत्र में पिछले दशक में लगातार वृद्धि हुई है। सक्रिय ऋण प्राप्तकर्ताओं की संख्या वित्त वर्ष 2014 के 330 लाख से बढ़कर 2025 में 627 लाख हो गई। इसी अवधि में एमएफआई के सकल ऋण में लगभग सात गुना वृद्धि हुई, जो वित्त वर्ष 2014 के 33,517 करोड़ रुपए से बढ़कर 2,38,198 करोड़ रुपए हो गया। एमएफआई शाखा नेटवर्क भी 11,687 से बढ़कर 37,380 शाखाओं तक पहुंच गया।

    वित्तीय क्षेत्र में सुधार के प्रभाव

    एससीबी और आरआरबी के सुधार के साथ-साथ लघु वित्त क्षेत्र की तेजी ने देश में बैंकिंग और वित्तीय स्थिरता को मजबूती दी है। एनपीए में कमी और रिकवरी दर में वृद्धि ने बैंकों के परिसंपत्ति पोर्टफोलियो को स्वस्थ बनाया है। ग्रामीण और लघु वित्त क्षेत्र में विस्तार ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया है और छोटे ऋणधारकों को लाभ पहुंचाया है।

    इस प्रकार आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने यह स्पष्ट किया है कि बैंकिंग क्षेत्र की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार और वित्तीय समावेशन के प्रयास देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।

  • आम बजट 2026-27: लंबाई बढ़ाने के बजाय ग्रीन और इलेक्ट्रिक नेशनल हाईवे को प्राथमिकता

    आम बजट 2026-27: लंबाई बढ़ाने के बजाय ग्रीन और इलेक्ट्रिक नेशनल हाईवे को प्राथमिकता

    नई दिल्ली। इस बार आम बजट 2026-27 (General Budget 2026-27) में पारंपरिक नेशनल हाईवे (Conventional National Highway.) की लंबाई बढ़ाने के बजाय ग्रीन और इलेक्ट्रिक नेशनल हाईवे (Green and Electric National Highway) को प्राथमिकता दी जाएगी। यही कारण है गत वर्ष की अपेक्षा सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की बजटीय सहायता में महज 2-3 फीसदी की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

    मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार आम बजट में बड़े नीतिगत बदलाव किए जा सकते हैं। इसमें सड़क निर्माण के साथ-साथ ग्रीन एनर्जी और ई-मोबिलिटी को पहली प्राथमिकता दी जा सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट से इस बार विभाग को 2.92 लाख करोड़ रुपये (पिछले वर्ष से 1.8 फीसदी ज्यादा) की बजटीय सहायता मिल सकती है। सरकार का पीपीपी मोड के तहत अधिक से अधिक राशि जुटाने का प्रयास होगा।


    इलेक्ट्रिक नेशनल हाईवे के लिए 5000 करोड़ का विशेष फंड

    सरकार सड़कों के मुद्रीकरण से अतिरिक्त 35,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखेगी। इसे सीधे ग्रीन प्रोजेक्ट्स में निवेश किया जाएगा। बजट में इलेक्ट्रिक नेशनल हाईवे के लिए 5000 करोड़ का विशेष फंड का प्रावधान किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि आम बजट में दिल्ली-जयपुर और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के चुनिंदा सेक्शन को पायलट इलेक्ट्रिक नेशनल हाईवे के रूप में विकसित करने के लिए एक विशेष प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की जा सकती है।

    इसमें स्वीडन और जर्मनी की तर्ज पर ओवरहेड केबल तकनीक, भारी ट्रकों के लिए ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइनों का ट्रायल अब बड़े स्तर पर शुरू किया जाएगा। हर 40-50 किलोमीटर पर सड़क किनारे फास्ट चार्जिंग स्टेशनों के लिए निजी ऑपरेटरों को 20-25 फीसदी की कैपिटल सब्सिडी मिलने की उम्मीद है। बजट में 10,000 से 11,000 किलोमीटर हाईवे निर्माण का लक्ष्य रखा जा सकता है। यानी प्रतिदिन 27 से 30 किलोमीटर सड़कों का निर्माण होगा।


    सड़क निर्माण में कचरे का उपयोग

    सरकार अब सर्कुलर इकोनॉमी के तहत नई सड़कों के निर्माण में नगर निगम के कचरे और प्लास्टिक के अनिवार्य उपयोग के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। इसमें सड़क बनाने वाली कंपनियों को कार्बन क्रेडिट दिए जाएंगे, जिन्हें वे बाजार में बेच सकेंगी।


    सैटेलाइट से टोल कलेक्शन

    इस साल मंत्रालय सैटेलाइट टोलिंग योजना शुरू करेगा। इसके तहत टोल प्लाजा के बजाय सैटेलाइट से टोल टैक्स कलेक्शन किया जाएगा। इससे ईंधन की बचत होगी और ट्रैफिक जाम नहीं होगा। सड़क बनाने से पहले उसका डिजिटल मॉडल तैयार होगा, जो निर्माण की गलतियों में कमी और पारदर्शिता लाएगा। सरकार नया बिजनेस मॉडल ला सकती है, जहां निजी कंपनियां हाईवे पर बिजली की बुनियादी संरचना लगाएंगी और ट्रकों से बिजली खपत के आधार पर शुल्क वसूलेंगी।

  • Gold Price Today: सोने-चांदी में तूफानी तेजी, गोल्ड ने बनाया नया रिकॉर्ड, चांदी 4 लाख के पार

    Gold Price Today: सोने-चांदी में तूफानी तेजी, गोल्ड ने बनाया नया रिकॉर्ड, चांदी 4 लाख के पार

    नई दिल्ली। घरेलू वायदा बाजार में गुरुवार, 29 जनवरी को सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी ने भी नया शिखर छू लिया। निवेशकों की मजबूत खरीदारी, वैश्विक अनिश्चितताओं और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के चलते कीमती धातुओं में यह उछाल देखा जा रहा है।

    एमसीएक्स पर सोने ने लगाई लंबी छलांग

    MCX पर 5 फरवरी 2026 एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर गुरुवार को 1,69,882 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। इससे पहले के कारोबारी सत्र में सोना 1,65,915 रुपये पर बंद हुआ था। सुबह करीब 10 बजे सोना तेज उछाल के साथ 1,80,300 रुपये पर ट्रेड करता दिखा, यानी एक ही दिन में लगभग 14,300 रुपये की बढ़त दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में गोल्ड का उच्चतम स्तर 1,80,501 रुपये रहा।

    चांदी भी रिकॉर्ड जोन में

    सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। MCX पर 5 मार्च 2026 एक्सपायरी वाली चांदी 4,04,879 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी, जो पिछले बंद भाव से करीब 19,500 रुपये ज्यादा है। कारोबार के दौरान चांदी ने 4,07,456 रुपये का हाई लेवल भी छू लिया, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई।

    शहरों में क्या हैं सोने के ताजा भाव

    गुड रिटर्न के मुताबिक, देश के प्रमुख शहरों में सोने के भाव भी नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं।

    दिल्ली और लखनऊ में 24 कैरेट सोना 1,79,000 रुपये, 22 कैरेट 1,64,100 रुपये और 18 कैरेट 1,34,290 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है।

    मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद में 24 कैरेट सोने का भाव 1,78,850 रुपये, 22 कैरेट 1,63,950 रुपये और 18 कैरेट 1,34,140 रुपये है।

    चेन्नई में सोना सबसे महंगा नजर आ रहा है, जहां 24 कैरेट का भाव 1,83,280 रुपये, 22 कैरेट 1,68,000 रुपये और 18 कैरेट 1,39,000 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

    अहमदाबाद और पटना में 24 कैरेट सोना 1,78,900 रुपये, 22 कैरेट 1,64,000 रुपये और 18 कैरेट 1,34,190 रुपये पर पहुंच गया है।

    खरीदारी से पहले जानना जरूरी

    विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और डॉलर में कमजोरी के चलते सोने-चांदी को सुरक्षित निवेश माना जा रहा है। यही वजह है कि कीमतों में तेज उछाल दिख रहा है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो अपने शहर के ताजा भाव जरूर जांच लें, क्योंकि कीमतों में उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रह सकता है।

  • सैमसंग के आगामी गैलेक्सी स्मार्टफोन में मिलेगा नया इनबिल्ट प्राइवेसी फीचर

    सैमसंग के आगामी गैलेक्सी स्मार्टफोन में मिलेगा नया इनबिल्ट प्राइवेसी फीचर

    नई दिल्ली | सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने घोषणा की है कि उसके आने वाले गैलेक्सी स्मार्टफोन में एक नया इनबिल्ट प्राइवेसी फीचर दिया जाएगा, जिससे यूजर्स अपनी स्क्रीन पर दिखने वाली जानकारी को दूसरों की नजर से सुरक्षित रख सकेंगे। खास बात यह है कि इसके लिए फोन पर किसी अतिरिक्त प्राइवेसी फिल्म या परत लगाने की जरूरत नहीं होगी।

    ‘शोल्डर सर्फिंग’ से मिलेगी राहत

    कंपनी के मुताबिक, यह फीचर डिस्प्ले की दृश्यता को यूजर की जरूरत के अनुसार बदलने की सुविधा देगा। इससे सार्वजनिक जगहों पर फोन इस्तेमाल करते समय कंधे के ऊपर से झांककर देखने (शोल्डर सर्फिंग) की समस्या से बचा जा सकेगा।

    सैमसंग ने बताया कि यूजर यह तय कर सकेंगे कि उनकी स्क्रीन दूसरों को कितनी साफ दिखे।

    ऐप-वाइज भी किया जा सकेगा कंट्रोल

    कंपनी की विज्ञप्ति के अनुसार—

    इस फीचर में डिस्प्ले विज़िबिलिटी के कई विकल्प होंगे

    यूजर अलग-अलग ऐप्स के लिए अलग प्राइवेसी सेटिंग्स तय कर सकेंगे

    निजी और संवेदनशील जानकारी को बेहतर सुरक्षा मिलेगी

    सैमसंग का कहना है कि इस फीचर को विकसित करने में पांच साल से ज्यादा समय लगा है, जिसमें इंजीनियरिंग, टेस्टिंग और लगातार सुधार किए गए।

    गैलेक्सी S26 अल्ट्रा में मिलने की उम्मीद

    योनहाप न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सैमसंग फरवरी में गैलेक्सी S26 सीरीज के लिए एक खास लॉन्च इवेंट आयोजित करने जा रहा है।
    सूत्रों का कहना है कि यह नया प्राइवेसी फीचर गैलेक्सी S26 अल्ट्रा मॉडल में सबसे पहले देखने को मिल सकता है।

    गैलेक्सी Z Flip 7 ओलंपिक एडिशन भी पेश

    इसी बीच सैमसंग ने गैलेक्सी Z Flip 7 ओलंपिक एडिशन भी लॉन्च किया है।

    यह फोन मिलान-कोर्टिना विंटर ओलंपिक और पैरालंपिक में भाग लेने वाले

    90 देशों के करीब 3,800 खिलाड़ियों को दिया जाएगा

    खेलों की शुरुआत 6 फरवरी से होगी

    फोन का डिजाइन इटली के नीले रंग और ओलंपिक की एकता व खेल भावना से प्रेरित है।

    खिलाड़ियों के लिए खास फीचर्स

    सैमसंग के अनुसार—

    गोल्डन मेटल फ्रेम जीत और उत्कृष्टता का प्रतीक है

    फोन में ट्रांसलेशन ऐप, गैलेक्सी एथलीट कार्ड जैसे फीचर्स दिए गए हैं

    खिलाड़ी आसानी से आपस में जानकारी साझा कर सकेंगे

    इसके अलावा, कंपनी ‘विक्ट्री सेल्फी’ इवेंट भी आयोजित करेगी, जिसमें पदक विजेता खिलाड़ी मंच पर ही सेल्फी लेंगे।

    प्रोफेशनल फोटोग्राफी में होगा Galaxy S25 Ultra का इस्तेमाल

    सैमसंग ने बताया कि ओलंपिक के दौरान

    पेशेवर फोटोग्राफर गैलेक्सी S25 अल्ट्रा स्मार्टफोन का इस्तेमाल करेंगे

    करीब 490 खिलाड़ियों की तस्वीरें ली जाएंगी, जिन्होंने इसके लिए सहमति दी है

    सैमसंग का नया इनबिल्ट प्राइवेसी फीचर यूजर्स को बिना किसी अतिरिक्त परत के स्क्रीन सुरक्षा देगा।
    गैलेक्सी S26 अल्ट्रा में इसके आने की उम्मीद के साथ, स्मार्टफोन प्राइवेसी एक नए स्तर पर पहुंचने वाली है।

  • भारत की डिफेंस टेक फंडिंग 2025 में ऑल-टाइम हाई, 247 मिलियन डॉलर तक पहुंची

    भारत की डिफेंस टेक फंडिंग 2025 में ऑल-टाइम हाई, 247 मिलियन डॉलर तक पहुंची

    नई दिल्ली | भारत के डिफेंस टेक इकोसिस्टम ने 2025 में नया रिकॉर्ड कायम किया है। इस सेक्टर में फंडिंग 247 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा वार्षिक स्तर है। यह जानकारी बुधवार को जारी डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ट्रैक्सन की रिपोर्ट में दी गई।

    2016 से 2025 तक फंडिंग में जबरदस्त उछाल

    रिपोर्ट के मुताबिक,

    2016 में जहां वार्षिक फंडिंग सिर्फ 5 मिलियन डॉलर थी

    वहीं 2025 में यह बढ़कर 247 मिलियन डॉलर के शिखर पर पहुंच गई

    अब तक डिफेंस टेक सेक्टर में

    232 इक्विटी राउंड

    कुल 711 मिलियन डॉलर की फंडिंग हो चुकी है

    मेगा राउंड बना फंडिंग उछाल की बड़ी वजह

    2025 में फंडिंग राउंड की संख्या घटकर 30 रह गई, लेकिन इसके बावजूद कुल निवेश में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

    इसका प्रमुख कारण रहा

    100 मिलियन डॉलर का मेगा फंडिंग राउंड, जिसने सालभर की कुल फंडिंग को ऊंचाई पर पहुंचा दिया

    शुरुआती चरण की कंपनियों को मिला सबसे ज्यादा सपोर्ट

    रिपोर्ट में बताया गया कि फंडिंग का बड़ा हिस्सा शुरुआती चरण की कंपनियों को मिला—

    सीड-स्टेज:

    174 राउंड

    लगभग 118 मिलियन डॉलर

    अर्ली-स्टेज:

    56 राउंड

    527 मिलियन डॉलर

    लेट-स्टेज:

    5 राउंड

    66 मिलियन डॉलर

    इंफ्रास्ट्रक्चर और नॉन-कॉम्बैट सिस्टम्स पर निवेश का फोकस

    पूंजी वितरण से साफ है कि निवेशकों का झुकाव बुनियादी ढांचे और सपोर्ट सिस्टम्स की ओर ज्यादा रहा—

    नॉन-कॉम्बैट सिस्टम्स: 551 मिलियन डॉलर

    कॉम्बैट वेपन सिस्टम्स: 106 मिलियन डॉलर

    डिफेंस सपोर्ट और एनेबलमेंट सिस्टम्स: 27 मिलियन डॉलर

    ट्रेनिंग और सिमुलेशन सॉल्यूशंस: 27 मिलियन डॉलर

    बेंगलुरु बना डिफेंस टेक फंडिंग का हब

    शहरों के लिहाज से फंडिंग में—

    बेंगलुरु

    61 राउंड

    216 मिलियन डॉलर

    नोएडा

    19 राउंड

    168 मिलियन डॉलर

    चेन्नई

    26 राउंड

    88 मिलियन डॉलर

    इंटीग्रेटेड डिफेंस सिस्टम्स की ओर बढ़ रहा भारत

    ट्रैक्सन के अनुसार, भारत का डिफेंस टेक इकोसिस्टम अब

    बिखरे हुए नवाचार से निकलकर

    निष्पादन-आधारित, इंटीग्रेटेड कैपेबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बढ़ रहा है

    आज डिफेंस टेक केवल अलग-अलग प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें

    AI,

    ऑटोनॉमी,

    ISR,

    सिक्योर कम्युनिकेशन,

    और मैन्युफैक्चरिंग कैपेबिलिटी जैसे अत्याधुनिक तत्व शामिल हैं।

    2025 में भारत की डिफेंस टेक फंडिंग 247 मिलियन डॉलर के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई।
    यह संकेत है कि भारत तेजी से एक मजबूत, टेक-ड्रिवन और आत्मनिर्भर रक्षा इकोसिस्टम की ओर बढ़ रहा है।

  • भारत-ईयू एफटीए से यूरोप के 572.3 अरब डॉलर के दवा बाजार के द्वार खुले

    भारत-ईयू एफटीए से यूरोप के 572.3 अरब डॉलर के दवा बाजार के द्वार खुले

    नई दिल्ली | भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से भारतीय दवा और मेडिकल उपकरण उद्योग को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत भारत को यूरोप के 572.3 अरब डॉलर के फार्मा और मेडिकल डिवाइस बाजार तक सीधी पहुंच मिली है। सरकार का कहना है कि इससे भारत की वैश्विक फार्मा ताकत और मजबूत होगी।

    भारतीय दवा उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ

    रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अनुसार, यह एफटीए भारतीय दवा कंपनियों को अपने कारोबार का विस्तार करने, नई नौकरियां पैदा करने और भारत को एक भरोसेमंद वैश्विक दवा आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
    मंत्रालय ने कहा कि इससे भारत की पहचान ‘दुनिया की फार्मेसी’ के रूप में और सुदृढ़ होगी।

    रोजगार और एमएसएमई को मिलेगा बढ़ावा

    मंत्रालय के मुताबिक, इस समझौते से—

    कुशल और औद्योगिक रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

    छोटे और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) की भागीदारी मजबूत होगी

    भारत का वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ाव और गहरा होगा

    जेपी नड्डा बोले— नए अवसरों के दरवाजे खुले

    केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह एफटीए दवा और मेडिकल उपकरण उद्योग के लिए नए अवसरों के द्वार खोलता है।

    उन्होंने कहा,

    “यूरोप के 572.3 अरब डॉलर के फार्मा और मेडिकल टेक्नोलॉजी बाजार तक पहुंच और भारतीय मेडिकल उपकरणों पर कम टैरिफ से इस सेक्टर की तेजी से वृद्धि होगी।”

    नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वास्थ्य और निर्माण क्षेत्र में एक विश्वसनीय वैश्विक साझेदार के रूप में लगातार अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है।

    ‘मेड इन इंडिया’ को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन

    इस एफटीए से—

    ‘मेड इन इंडिया’ मेडिकल उपकरणों पर टैरिफ कम होगा

    रसायन, उर्वरक, दवाएं, कॉस्मेटिक, साबुन और डिटर्जेंट जैसे क्षेत्रों में तेज विकास होगा

    उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और एमएसएमई क्लस्टर विकसित होंगे

    राज्यों और निर्यात केंद्रों को फायदा

    यह समझौता गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के औद्योगिक केंद्रों के लिए भी नए अवसर लाएगा।
    समुद्री तटीय निर्यात केंद्रों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार, प्रोसेसिंग और निर्यात आधारित उद्योगों को मजबूती मिलेगी।

    रणनीतिक साझेदारी की दिशा में अहम कदम

    मंत्रालय ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए साझा मूल्यों को मजबूत करता है, नवाचार को बढ़ावा देता है और भारत व यूरोप दोनों के लिए समावेशी, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार विकास की नींव रखता है।

    भारत-ईयू एफटीए से भारतीय दवा उद्योग को यूरोप के 572.3 अरब डॉलर के विशाल बाजार तक सीधी पहुंच मिली है।
    इस समझौते से रोजगार, एमएसएमई, निर्यात और ‘मेड इन इंडिया’ को बड़ी ताकत मिलने की उम्मीद है।

  • बीते 10 वर्षों में विमानों की संख्या दोगुनी, अब एविएशन मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा भारत: राम मोहन नायडू

    बीते 10 वर्षों में विमानों की संख्या दोगुनी, अब एविएशन मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा भारत: राम मोहन नायडू

    नई दिल्ली | केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने बुधवार को कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत में एयरपोर्ट्स और विमानों की संख्या दोगुनी हो चुकी है और अब देश का फोकस नागरिक विमानों के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को विकसित करने पर होगा।

    ‘विंग्स इंडिया 2026’ में भारत दिखाएगा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता

    हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पर आयोजित नागरिक विमानन सम्मेलन ‘विंग्स इंडिया 2026’ का उद्घाटन करते हुए मंत्री ने कहा कि आने वाले 10–20 वर्षों में यह इकोसिस्टम केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत को वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में भी स्थापित करेगा।

    उन्होंने कहा कि इस बार के सम्मेलन में भारत नागरिक विमानन क्षेत्र, खासकर एविएशन मैन्युफैक्चरिंग, में अपनी बढ़ती क्षमता का प्रदर्शन करेगा।

    ‘उड़ान’ योजना से बदली देश की एविएशन तस्वीर

    राम मोहन नायडू ने कहा कि देश में एयरपोर्ट्स, यात्रियों और विमानों की संख्या में आई तेज़ वृद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना का नतीजा है।

    “पिछले एक दशक में भारत का नागरिक विमानन क्षेत्र अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ा है,” उन्होंने कहा।

    एम्ब्रेयर–अदाणी एयरोस्पेस करार से मिलेगा बड़ा बूस्ट

    मंत्री ने बताया कि मंगलवार को ब्राजील की कंपनी एम्ब्रेयर और अदाणी एयरोस्पेस के बीच देश में विमान निर्माण को लेकर करार हुआ है।

    दोनों कंपनियां मिलकर भारत में मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करेंगी

    इस साझेदारी की समयसीमा अगले महीने तय होगी

    ब्राजील के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी से बातचीत के बाद इसकी रूपरेखा स्पष्ट होगी

    उन्होंने कहा,

    “यह नया भारत है, जो एविएशन सेक्टर में एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार बनकर उभर रहा है।”

    अगले दो वर्षों में दिखेगी ठोस प्रगति

    राम मोहन नायडू ने उम्मीद जताई कि अगले दो वर्षों में एविएशन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ठोस और सकारात्मक प्रगति देखने को मिलेगी।

    बोइंग 787-9 का निरीक्षण, एयर इंडिया को पहली डिलीवरी

    विमानों की प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मंत्री ने बोइंग 787-9 विमान का निरीक्षण किया।

    उन्होंने बताया,

    “यह विमान विशेष रूप से एयर इंडिया के लिए तैयार किया गया है और यह इसकी पहली डिलीवरी है।”

    विमानों की उपलब्धता बड़ी चुनौती

    मंत्री ने कहा कि विमानन उद्योग की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक विमानों की उपलब्धता है।

    बोइंग और एयरबस को बड़ी संख्या में ऑर्डर दिए जा चुके हैं

    डिलीवरी इस साल से शुरू हो चुकी है

    अगले साल भारत के यात्रियों के लिए खास तौर पर डिजाइन किए गए विमान मिलने से सेक्टर को मजबूती मिलेगी

    भारत से 2 अरब डॉलर तक के पुर्जे खरीद रहीं बोइंग–एयरबस

    राम मोहन नायडू ने बताया कि बोइंग और एयरबस पहले से ही भारत से 2 अरब डॉलर तक के विमान पुर्जे खरीद रही हैं।

    देश के अलग-अलग हिस्सों में कई एविएशन मैन्युफैक्चरिंग सेंटर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे भारत की वैश्विक भूमिका और मजबूत होगी।

    पिछले 10 वर्षों में भारत में विमानों और एयरपोर्ट्स की संख्या दोगुनी हो गई है।
    अब भारत एविएशन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देकर खुद को वैश्विक निर्यात हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

  • अस्थिर वैश्विक माहौल में भारत का तेज़ी से आगे बढ़ना एक दुर्लभ उदाहरण: कुमार मंगलम बिड़ला

    अस्थिर वैश्विक माहौल में भारत का तेज़ी से आगे बढ़ना एक दुर्लभ उदाहरण: कुमार मंगलम बिड़ला

    नई दिल्ली | आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा है कि मौजूदा अस्थिर वैश्विक हालात के बीच भारत की अर्थव्यवस्था का मजबूती से आगे बढ़ना एक दुर्लभ और उल्लेखनीय मामला है। ऐसे समय में जब दुनिया राजनीतिक अनिश्चितता, व्यापारिक नियमों में बदलाव और भू-राजनीतिक तनावों से गुजर रही है, भारत आर्थिक स्थिरता का उदाहरण पेश कर रहा है।

    वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की मजबूती

    अपने ‘वार्षिक चिंतन’ नोट के सातवें संस्करण में बिड़ला ने कहा कि वैश्विक वातावरण अस्थिर बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद भारत की आर्थिक रफ्तार लगातार स्थिर और मजबूत बनी हुई है।

    उन्होंने इस नोट को एक व्यक्तिगत अभ्यास बताते हुए कहा कि यह उनके लिए दुनिया, अपने व्यवसाय और अपने बदलते विचारों पर सोचने का एक ‘अनुशासित विराम’ है।

    “दुनिया अब भू-राजनीतिक बाजार बन चुकी है”

    बिड़ला ने लिखा,

    “वैश्विक राजनीति अब निश्चित नियमों से नहीं, बल्कि लगातार बदलती बातचीत और समझौतों से संचालित होती है।”

    उन्होंने कहा कि आज की दुनिया एक भू-राजनीतिक बाजार की तरह काम कर रही है, जहां—

    ऊर्जा क्षेत्र में आज के साझेदार,

    तकनीक के क्षेत्र में सहयोगी न भी हों,

    और आज के मित्र, कल समान प्राथमिकताएं साझा न करें।

    इससे देशों और कंपनियों के लिए फैसले लेना पहले से कहीं ज्यादा जटिल और कम पूर्वानुमानित हो गया है।

    बड़ी आबादी भारत की ग्रोथ की सबसे बड़ी ताकत

    कुमार मंगलम बिड़ला के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की विकास यात्रा मजबूत बनी हुई है। इसकी प्रमुख वजहें हैं-

    विशाल जनसंख्या

    तेज़ी से बढ़ता बुनियादी ढांचा

    अर्थव्यवस्था का बढ़ता औपचारिकरण

    लोगों और व्यवसायों में बढ़ती महत्वाकांक्षा

    उन्होंने कहा,

    “ऐसी दुनिया में जहां बड़े पैमाने पर सौदेबाजी हावी है, भारत आकार, विश्वसनीयता और निरंतरता प्रदान करता है।”

    भारत के साथ-साथ बढ़ा आदित्य बिड़ला ग्रुप

    आदित्य बिड़ला समूह की यात्रा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रुप ने भारत की विकास कहानी में केवल लाभार्थी की भूमिका नहीं निभाई, बल्कि एक सक्रिय योगदानकर्ता के रूप में भी खुद को स्थापित किया है।

    उन्होंने कहा,

    “समूह का हमेशा यही लक्ष्य रहा है कि वह जिस राष्ट्र की सेवा करता है, उसके साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़े।”

    MSME लोन में जबरदस्त बढ़ोतरी

    बिड़ला ने पिछले एक दशक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को दिए गए कर्ज में तेज़ वृद्धि पर भी रोशनी डाली।

    देश में MSME लोन पिछले 10 वर्षों में तीन गुना बढ़ा

    वहीं आदित्य बिड़ला समूह की NBFC लोन बुक

    ₹17,000 करोड़ से बढ़कर

    लगभग ₹1.5 लाख करोड़ तक पहुंच गई

    कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति एक दुर्लभ उदाहरण है।
    बड़ी आबादी, मजबूत बुनियादी ढांचा और बढ़ती महत्वाकांक्षा भारत की ग्रोथ को लगातार सपोर्ट दे रही है।

  • Share Market Today: लगातार दूसरे दिन बाजार में तेजी, सेंसेक्स 487 अंक उछला, डिफेंस शेयर चमके

    Share Market Today: लगातार दूसरे दिन बाजार में तेजी, सेंसेक्स 487 अंक उछला, डिफेंस शेयर चमके

    नई दिल्ली |  भारतीय शेयर बाजार बुधवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 487.20 अंक (0.60%) की तेजी के साथ 82,344.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 167.35 अंक (0.66%) चढ़कर 25,342.75 पर पहुंच गया।

    डिफेंस शेयर बने बाजार की जान
    बाजार में तेजी की अगुवाई डिफेंस सेक्टर ने की।
    निफ्टी डिफेंस इंडेक्स 6.95 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ बंद हुआ।
    डेटा पैटर्न्स, बीईएमएल, सोलार इंडस्ट्रीज और बीईएल आज के सबसे ज्यादा चढ़ने वाले डिफेंस शेयर रहे।

    PSU, मेटल और ऑयल एंड गैस शेयरों में मजबूती
    अन्य सेक्टोरल इंडेक्स में भी अच्छी तेजी देखने को मिली-

    निफ्टी PSE: +4.61%

    निफ्टी ऑयल एंड गैस: +3.40%

    निफ्टी मेटल: +2.34%

    निफ्टी कमोडिटी: +2.26%

    निफ्टी मीडिया: +2.13%

    निफ्टी PSU बैंक: +1.68%

    निफ्टी रियल्टी: +1.57%

    FMCG और फार्मा शेयरों पर दबाव
    दूसरी ओर कुछ सेक्टरों में कमजोरी रही—

    निफ्टी FMCG: -0.71%

    निफ्टी फार्मा: -0.22%

    निफ्टी हेल्थकेयर: -0.20%

    मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जबरदस्त तेजी
    लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी दिखी।

    निफ्टी स्मॉलकैप 100: 2.26% या 371.60 अंक की तेजी के साथ 16,790.95

    निफ्टी मिडकैप 100: 1.66% या 954.95 अंक की बढ़त के साथ 58,438.60

    बाजार क्यों चढ़ा? जानिए वजह
    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मंगलवार को भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
    इसका सीधा फायदा मेटल, फाइनेंशियल और ऑयल एंड गैस शेयरों को मिला।
    वहीं, वैश्विक बाजारों में निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव की संभावना बेहद कम है।

    आगे क्या रहेगा फोकस?
    जानकारों के अनुसार, आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर फेड की ब्याज दरों पर कमेंट्री और वैश्विक संकेतों पर बनी रहेगी।

    भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन मजबूती के साथ बंद हुआ, सेंसेक्स 487 और निफ्टी 167 अंक चढ़ा।
    डिफेंस, PSU और मेटल शेयरों में जोरदार खरीदारी रही, जबकि FMCG और फार्मा शेयर दबाव में रहे।