Category: Economy

  • एआई कंपनी का बड़ा आईपीओ फ्रैक्टल एनालिटिक्स रिटेल और एनआईआई निवेशकों के लिए समीक्षा

    एआई कंपनी का बड़ा आईपीओ फ्रैक्टल एनालिटिक्स रिटेल और एनआईआई निवेशकों के लिए समीक्षा


    नई दिल्ली।एआई सेक्टर का नया बड़ा आईपीओ फ्रैक्टल एनालिटिक्स अब खुल चुका है और निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बन गया है। फ्रैक्टल एनालिटिक्स का आईपीओ सोमवार 9 फरवरी 2026 को खुला और ये बुधवार 11 फरवरी तक जारी रहेगा। यह कंपनी भारत की बड़ी एआई और डेटा एनालिटिक्स फर्म है जो कंपनियों को डेटा से स्मार्ट और बेहतर फैसले लेने में मदद करती है। पहले दिन आईपीओ को कुल 9 फीसदी सब्सक्रिप्शन मिला जिसमें रिटेल निवेशकों ने 35 फीसदी हिस्सा भरा जबकि एनआईआई कैटेगरी में केवल 7 फीसदी हुआ और क्यूआईबी ने अभी तक कोई बोली नहीं लगाई थी। दूसरे दिन की शुरुआत में सब्सक्रिप्शन थोड़ा बढ़कर 11 फीसदी तक पहुंचा लेकिन कुल मिलाकर रिस्पॉन्स कमजोर ही रहा और बाजार में ज्यादा उत्साह नहीं दिखा।

    आईपीओ का प्राइस बैंड 857 से 900 रुपये प्रति शेयर है और लॉट साइज 16 शेयर का है जिसका मतलब है कि ऊपरी प्राइस पर कम से कम 14400 रुपये निवेश करने होंगे। कंपनी कुल 2833.90 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है जिसमें फ्रेश इश्यू से 1023.50 करोड़ और ऑफर फॉर सेल से 1810.40 करोड़ रुपये शामिल हैं। शेयर बीएसई और एनएसई दोनों पर 16 फरवरी को लिस्ट होंगे और अलॉटमेंट की घोषणा 12 फरवरी को होने की उम्मीद है।

    ग्रे मार्केट प्रीमियम की बात करें तो आज जीएमपी केवल 8 रुपये है जिसका मतलब है कि ऊपरी प्राइस 900 रुपये पर शेयर लगभग 908 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहे हैं जो सिर्फ 0.89 फीसदी प्रीमियम दर्शाता है। पहले दिन से ही जीएमपी कमजोर है और लिस्टिंग पर ज्यादा गेन दिखने की संभावना कम है।

    फ्रैक्टल एनालिटिक्स भारत की लीडिंग प्योर-प्ले एंटरप्राइज डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी है जो बड़ी कंपनियों को डेटा से स्मार्ट फैसले लेने में मदद करती है। कंपनी के पास मजबूत टेक्निकल स्किल्स और डोमेन एक्सपर्टीज हैं। फाइनेंशियल आंकड़े देखें तो FY23 से FY25 तक रेवेन्यू में 18 फीसदी का CAGR रहा। FY23 में कंपनी को 116 करोड़ का नुकसान हुआ था लेकिन FY24 में 73 करोड़ प्रॉफिट और FY25 में 350 करोड़ प्रॉफिट दर्ज किया गया जिसमें मार्जिन 12.7 फीसदी रहा। 6MFY26 में 200 करोड़ प्रॉफिट और 12.8 फीसदी मार्जिन देखा गया। ऑपरेटिंग कैश फ्लो में सुधार हो रहा है और प्रॉफिटेबिलिटी बेहतर हो रही है।

    ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार बीपी इक्विटीज ने आईपीओ को सब्सक्राइब रेटिंग दी है। ऊपरी प्राइस 900 रुपये पर FY26 एनुअलाइज्ड अर्निंग्स पर P/E 110 गुना है लेकिन एआई मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और कंपनी की पोजिशनिंग मजबूत है इसलिए मीडियम से लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह अच्छा विकल्प हो सकता है। जीईपीएल कैपिटल ने FY25 अर्निंग्स पर P/E 79 गुना बताया और कंपनी को भारत की लीडिंग प्योर-प्ले एआई फर्म मानते हुए सब्सक्राइब करने की सलाह दी है क्योंकि क्लाइंट बेस मजबूत है फाइनेंशियल परफॉर्मेंस सुधर रही है और टेक्निकल कैपेबिलिटीज भी मजबूती से मौजूद हैं।

    कुल मिलाकर फ्रैक्टल एनालिटिक्स का आईपीओ एआई सेक्टर में लॉन्ग टर्म निवेश का अवसर प्रस्तुत करता है लेकिन पहले दिन कमजोर सब्सक्रिप्शन और म्यूटेड जीएमपी से शॉर्ट टर्म गेन कम नजर आता है। यदि आप लॉन्ग टर्म में एआई कंपनी में निवेश करने का सोच रहे हैं तो इस आईपीओ को सब्सक्राइब किया जा सकता है लेकिन पूरी रिसर्च के बाद ही निर्णय लें और अधिक जानकारी के लिए ऑफिशियल साइट या अपने ब्रोकर से संपर्क करें।

  • शेयर बाजार गिरा लेकिन निवेशकों का भरोसा बना, जनवरी में खुले 36.2 लाख नए डीमैट खाते

    शेयर बाजार गिरा लेकिन निवेशकों का भरोसा बना, जनवरी में खुले 36.2 लाख नए डीमैट खाते


    नई दिल्ली। जनवरी महीने में भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद निवेशकों का उत्साह कम नहीं हुआ बल्कि बढ़ गया। एनएसडीएल और सीडीएसएल के आंकड़े बताते हैं कि जनवरी में कुल 36.2 लाख नए डीमैट खाते खोले गए। यह पिछले 16 महीनों का सबसे ऊंचा आंकड़ा है और सितंबर 2024 के बाद का सबसे बड़ा उछाल माना जा रहा है। खास बात यह है कि यह लगातार दूसरा महीना है जब नए डीमैट खातों की संख्या 30 लाख से अधिक रही, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे और बाजार में उनकी दिलचस्पी को दर्शाता है।

    दिलचस्प बात यह है कि इसी दौरान प्रमुख शेयर सूचकांक कमजोर रहे। सेंसेक्स में लगभग 3.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई जबकि निफ्टी करीब 3.1 प्रतिशत नीचे आया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते 2025 की शुरुआत बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण रही। हालांकि इस अस्थिरता ने खुदरा निवेशकों को रोक नहीं पाया।

    विशेषज्ञ मानते हैं कि बाजार की हालिया गिरावट ने कई कंपनियों के शेयरों को सस्ते स्तर पर ला दिया। लंबे समय तक निवेश करने वाले निवेशक इसे अवसर मानते हैं। इस गिरावट का फायदा उठाकर कई खुदरा निवेशकों ने जनवरी में सस्ते शेयरों में निवेश किया। WealthMills Securities के इक्विटी स्ट्रैटेजी निदेशक क्रांति बाथिनी का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल ऐप और आसान खाता खोलने की प्रक्रिया ने नए निवेशकों को बाजार से जोड़ने में मदद की है।

    यदि पिछले महीनों के आंकड़ों को देखें तो तस्वीर और स्पष्ट हो जाती है। सितंबर 2024 में नए डीमैट खाते 4.55 मिलियन थे, इसके बाद अक्टूबर से दिसंबर 2024 के बीच यह क्रमशः 3.45 मिलियन, 3.15 मिलियन और 3.26 मिलियन पर आया। जनवरी 2025 में गिरावट तेज हुई और नए खाते घटकर 2.83 मिलियन हुए। फरवरी और मार्च में क्रमशः 2.26 मिलियन और 1.84 मिलियन नए खाते खुले। यह संकेत देता है कि उस समय निवेशकों का भरोसा कमजोर था।

    हालांकि अप्रैल 2025 से धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला। अप्रैल में 2.22 मिलियन, मई में 2.17 मिलियन, जून में 2.53 मिलियन और जुलाई में 2.98 मिलियन नए खाते खुले। अगस्त और सितंबर में यह आंकड़ा थोड़ा नरम रहा। अक्टूबर से दिसंबर तक फिर तेजी देखने को मिली और जनवरी 2026 में यह उछाल 3.62 मिलियन तक पहुंच गया।

    इस उछाल ने साबित कर दिया कि भारतीय खुदरा निवेशक अब पहले से ज्यादा जागरूक और साहसी हो चुके हैं। वे बाजार में गिरावट को डर के बजाय अवसर मान रहे हैं। डिजिटलाइजेशन, आसान खाता खोलने की प्रक्रिया और ऑनलाइन निवेश के विकल्प ने निवेशकों की भागीदारी बढ़ाई है। बाजार की अस्थिरता के बावजूद निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है, और यह संकेत देता है कि शेयर बाजार में लंबी अवधि के निवेशक लगातार बढ़ रहे हैं।

  • Income Tax व्यवस्था में होने जा रहा सबसे बड़ा बदलाव… एक अप्रैल से लागू होंगे नए नियम

    Income Tax व्यवस्था में होने जा रहा सबसे बड़ा बदलाव… एक अप्रैल से लागू होंगे नए नियम



    नई दिल्ली।
    एक अप्रैल से आयकर व्यवस्था (Income Tax Regime) में सबसे अहम बदलाव होने जा रहा है। इनकम टैक्स रिटर्न की प्रक्रिया (Income Tax Return Process) को सरल बनाने के लिए फॉर्म-16 को भी पहले की तुलना में आधे पेजों को किया जा रहा है। इस बदलाव के तहत आयकर के नियम 511 से घटकर 333 रह जाएंगे। जबकि कर फॉर्म की संख्या 399 से घटकर 190 हो जाएगी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की तरफ कहा गया है कि आयकर नियम-2026 और फॉर्मों को मार्च के पहले सप्ताह तक अधिसूचित कर दिया जाएगा, लेकिन उससे पहले आम लोगों और विशेषज्ञों से सुझाव मांगे गए हैं।


    एक अप्रैल से लागू होंगे: नए नियम

    आयकर अधिनियम 2025 के अनुसार बनाए गए हैं, जो 1 अप्रैल से लागू होंगे। नई व्यवस्था के तहत आईटीआर फॉर्म पहले से भरा होगा। बस फॉर्म भरते वक्त करदाता को देखना होगा कि कहीं कोई संशोधन तो नहीं करना है। अगर करदाता को लगता है कि फॉर्म में दी जा रही जानकारी अधूरी है या फिर कोई बदलाव की जरूरत है तो उसमें संशोधन करके ऑनलाइन सब्मिट कर सकेगा।

    सूत्रों के अनुसार, नए ढांचे में नौकरी से मिलने वाले अतिरिक्त लाभ से जुड़े बदलाव पुराने और नए यानी दोनों कर व्यवस्थाओं में लागू होंगे। इससे सभी तरह के करदाताओं को राहत मिलेगी। ड्राफ्ट नियम और फॉर्म 15 दिनों तक (22 फरवरी) सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहेंगे। इस दौरान आम लोग और विशेषज्ञ अपनी राय और सुझाव दे सकते हैं।


    प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने की कोशिश :

    विभाग का कहना है कि इससे नियम बनाने की प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। नए नियमों की भाषा को आसान बनाया गया है। समझ बढ़ाने के लिए कई जगह फॉर्मूले और टेबल जोड़े गए हैं और पुराने नियमों में मौजूद बेवजह की दोहराव वाली बातों को हटाया गया है। कर फॉर्म को भी सरल बनाया गया है, जिससे करदाताओं पर बोझ कम हो। सभी फॉर्म में एक जैसी जानकारी को मानक बनाया गया है, जिससे बार-बार जानकारी भरने की जरूरत न पड़े। नए स्मार्ट फॉर्म में ऑटोमैटिक मिलान और भरी हुई जानकारी की सुविधा होगी।


    करदाता संख्या बढ़ाना उद्देश्य :

    सीबीडीटी के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि नए कानून और नियमों का मुख्य उद्देश्य कर भरने वाले लोगों की बढ़ाना और कर भरने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। फिलहाल देश में करीब 9 करोड़ लोग आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं, जबकि करीब 12 करोड़ लोग अलग-अलग तरीकों से कर देते हैं। इससे पता चलता है कि कई लोग अभी भी नियमित रूप से रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं। इसलिए हमारा लक्ष्य यह है कि धीरे-धीरे ज्यादा लोगों को रिटर्न फाइलिंग से जोड़ा जाए। नए व्यवस्था में फॉर्म को इसी लिए आसान बनाया गया है।


    शून्य टीडीएस और सैलरी वाला टीडीएस फार्म अलग :

    टीडीएस से जुड़े कई फॉर्म्स की नंबरिंग भी बदली गई है। अब कम या शून्य टीडीएस के लिए आवेदन फॉर्म 128 में किया जाएगा, जबकि सैलरी से जुड़ा टीडीएस सर्टिफिकेट अब फॉर्म 130 कहलाएगा। इसके साथ ही, टीडीएस रिटर्न के पुराने फॉर्म 24क्यू, 26क्यू और 27क्यू को भी नया नंबर दिया गया है।

    सालाना कर विवरण यानी 26एएस का नाम अब फार्म 168 : सालाना टैक्स स्टेटमेंट, जिसे आमतौर पर फॉर्म 26एएस कहा जाता है, अब फॉर्म 168 के नाम से जाना जाएगा। इसी तरह, वित्तीय लेनदेन की जानकारी देने वाला फॉर्म 61ए अब फॉर्म 165 हो जाएगा। इसके साथ ही विदेश भेजे जाने वाले पैसों से जुड़े फॉर्म्स में भी बदलाव किया गया है।


    ऑडिट और अंतरराष्ट्रीय टैक्स फॉर्म को जोड़ा गया

    कई ज्यादा इस्तेमाल होने वाले ऑडिट और अंतरराष्ट्रीय टैक्स फॉर्म्स को एक साथ जोड़ा गया है या उनका नंबर बदल दिया गया है। अब टैक्स ऑडिट रिपोर्ट, जो पहले 3सीए, 3सीबी और 3सीडी फॉर्म में भरी जाती थी, वह अब एक ही फॉर्म 26 में दी जाएगी। ट्रांसफर प्राइसिंग से जुड़ी ऑडिट रिपोर्ट अब फॉर्म 3सीईबी की जगह फॉर्म 48 में दी जाएगी। वहीं, मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (एमएटी) से जुड़ा सर्टिफिकेट अब फॉर्म 29बी की जगह फॉर्म 66 में जमा किया जाएगा। टैक्स रेजिडेंसी सर्टिफिकेट के लिए फॉर्म 10एफए की जगह फॉर्म 42 का इस्तेमाल करना होगा।


    ड्राफ्ट के साथ नए फॉर्म टेम्पलेट भी जारी

    इस ड्राफ्ट के साथ नए फॉर्म टेम्पलेट भी जारी किए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अब तक इस्तेमाल हो रहे पुराने फॉर्म नंबर कई दशकों में बदलते-बदलते काफी जटिल हो गए थे। नई नंबरिंग से टैक्स फाइल करते समय होने वाली उलझन कम होगी। नई व्यवस्था से टैक्स से जुड़ी जानकारी को डिजिटल सिस्टम के साथ बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा। इससे रीयल-टाइम डेटा मिलान और जांच में मदद मिलेगी। हालांकि, इसके कारण नियोक्ताओं, टैक्स सलाहकारों, रजिस्ट्रार और कंपनियों को अपने सिस्टम में जल्दी बदलाव करना होगा।


    एचआरए की श्रेणी-1 में बेंगलुरु समेत तीन और शहर

    मसौदा नियम में आवास किराया भत्ते का दावा करने के मकसद से बेंगलुरु, पुणे, अहमदाबाद और हैदराबाद को शामिल करने के लिए श्रेणी-1 महानगरों की सूची का विस्तार किया गया है। इस सूची में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई शामिल हैं। मसौदे में क्रिप्टो एक्सचेंज के लिए कर विभाग के साथ जानकारी साझा करना अनिवार्य करने का भी प्रस्ताव है। इसमें केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी को इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के स्वीकृत तरीके के तौर पर भी शामिल किया गया है। मसौदा नियमों में क्रिप्टो-संपत्ति सेवा प्रदाताओं के लिए विस्तृत रिपोर्टिंग और जांच-पड़ताल की जिम्मेदारियों का भी प्रस्ताव है।

  • इस्पात मंत्रालय ने 85 विशेष इस्पात परियोजनाओं के लिए 11,887 करोड़ रुपये के निवेश वाले एमओयू पर किए हस्ताक्षर

    इस्पात मंत्रालय ने 85 विशेष इस्पात परियोजनाओं के लिए 11,887 करोड़ रुपये के निवेश वाले एमओयू पर किए हस्ताक्षर


    नई दिल्‍ली।
    इस्पात मंत्रालय (Ministry of Steel) ने 85 विशेष इस्पात परियोजनाओं (Special Steel Projects) के लिए 11,887 करोड़ रुपये के निवेश वाले एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) (Memorandum of Understanding – MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। मंत्रालय ने सोमवार को विशेष इस्पात के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) योजना 1.2 के तहत 55 कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।

    इस्पात मंत्रालय ने जारी एक बयान में बताया कि नई दिल्ली के विज्ञान भवन में इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी तथा इस्पात मंत्रालय के अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में विशेष इस्पात के लिए उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना 1.2 के तीसरा चरण के तहत 55 कंपनियों की 85 परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

    केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने इस अवसर पर उद्योग की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना भारत सरकार का एक प्रमुख सुधार है जिसका उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि हालांकि भारत ने पहले ही विशेष और मिश्र धातु इस्पात विनिर्माण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। इन नए निवेशों के साथ भारत अपनी क्षमताओं को और गहरा करेगा, आयात निर्भरता कम करेगा, विदेशी मुद्रा संरक्षित करेगा तथा विश्व के लिए उच्च-मूल्य वाले इस्पात के एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरेगा।

    इस अवसर पर इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंडरिक ने इस बात का उल्लेख किया कि योजना की सफलता भाग लेने वाली कंपनियों द्वारा समय पर निवेश, कमीशनिंग तथा उत्पादन की निरंतरता पर निर्भर करती है। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि मंत्रालय भाग लेने वाली कंपनियों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगा।

    इस्‍पात मंत्रालय के मुताबिक पीएलआई 1.2 के तीसरा चरण का शुभारंभ भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ दृष्टिकोण को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस चरण में भाग लेने वाली कंपनियों ने 11,887 करोड़ रुपये का निवेश तथा डाउनस्ट्रीम इस्पात और मिश्र धातु निर्माण में 87 लाख टन की प्रतिबद्ध क्षमता का वचन दिया है।

    उल्‍लेखनीय है कि विशेष इस्पात के लिए उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को जुलाई, 2021 में इस्पात क्षेत्र के डाउनस्ट्रीम खंड में विनिर्माण को बढ़ावा देने, पूंजी निवेश आकर्षित करने तथा प्रौद्योगिकी उन्नयन का समर्थन करने के लिए शुरू किया गया था।

  • बैंक ऑफ बड़ौदा ने कार लोन पर ब्याज दर 0.30 फीसदी घटाई, नई दरें लागू

    बैंक ऑफ बड़ौदा ने कार लोन पर ब्याज दर 0.30 फीसदी घटाई, नई दरें लागू


    नई दिल्‍ली।
    सार्वजनिक क्षेत्र (Public Sector) के बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) (Bank of Baroda – BOB) ने सोमवार को अपनी कार लोन पर ब्याज की दरों में 0.30 फीसदी की कटौती करने का ऐलान किया है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।

    बैंक ऑफ बड़ौदा के मुताबिक परिवर्तनशील (फ्लोटिंग) ब्याज दर अब 7.6 फीसदी सालाना से शुरू होगी। इसके अलावा बैंक ने ‘बड़ौदा कार लोन’ पर आकर्षक निश्चित ब्याज दर की भी पेशकश की है, जो 8.5 फीसदी प्रति वर्ष से शुरू होती है। बैंक के मुताबिक 7.6 फीसदी की शुरुआती ब्याज की दर नई कार की खरीद पर उपलब्ध होगी और यह कर्ज लेने वाले व्यक्ति के क्रेडिट प्रोफाइल (सिबिल स्कोर आदि) से जुड़ी होगी। ब्याज दरों में कटौती के साथ ही बैंक व्यक्तिगत कर्जदारों को फ्लोटिंग रेट वाले कार ऋण पर समय पूर्व भुगतान या आंशिक भुगतान पर लगने वाले शुल्क से राहत देगा।

    बॉब ने बताया कि ‘बड़ौदा कार लोन’ (निश्चित और परिवर्तनशील दोनों) पर ब्याज की गणना ‘डेली रिड्यूसिंग बैलेंस’ (दैनिक घटते शेष) पद्धति के आधार पर की जाती है, जो इसे ग्राहकों के लिए और भी किफायती बनाता है। बैंक के मुताबिक ग्राहक 84 महीनों तक की विस्तारित पुनर्भुगतान अवधि (रिपेमेंट टेन्योर) का लाभ भी उठा सकते हैं, जिससे उन्हें भुगतान में अधिक लचीलापन मिलेगा।

  • भारत अमेरिका समझौते ने बदली बाजार की चाल सेंसेक्स निफ्टी में शानदार तेजी

    भारत अमेरिका समझौते ने बदली बाजार की चाल सेंसेक्स निफ्टी में शानदार तेजी


    नई दिल्ली :भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में मजबूत तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर साझा बयान सामने आने के बाद निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। दिन के अंत में सेंसेक्स 485.35 अंक की तेजी के साथ 84,065.75 के स्तर पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 173.60 अंक चढ़कर 25,867.30 पर पहुंच गया।

    कारोबार के दौरान लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स पीएसयू बैंक रियल्टी इंडिया डिफेंस मेटल फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों का रुझान जोखिम लेने की ओर दिखाई दिया जिससे बाजार को व्यापक समर्थन मिला।

    सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों की बात करें तो एसबीआई टाइटन टाटा स्टील अल्ट्राटेक सीमेंट इटरनल बीईएल कोटक महिंद्रा बैंक ट्रेंट इंडिगो एमएंडएम एलएंडटी अदाणी पोर्ट्स और एशियन पेंट्स में मजबूत तेजी दर्ज की गई। इन शेयरों में खरीदारी ने सेंसेक्स को ऊपरी स्तरों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    वहीं दूसरी ओर पावर ग्रिड आईटीसी एनटीपीसी आईसीआईसीआई बैंक इन्फोसिस एचडीएफसी बैंक टेक महिंद्रा और मारुति जैसे शेयरों में दबाव देखा गया और ये शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इसके बावजूद बाजार की समग्र धारणा सकारात्मक बनी रही।

    बाजार में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर जारी साझा बयान को माना जा रहा है। रविवार सुबह जारी इस बयान के अनुसार भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा कई उत्पादों पर ड्यूटी को शून्य रखा गया है। इस फैसले से भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है और इसी उम्मीद ने बाजार को नई ऊर्जा दी।

    लार्जकैप शेयरों के साथ साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 938.45 अंक की तेजी के साथ 60,441.15 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 447.25 अंक चढ़कर 17,385.90 के स्तर पर पहुंच गया। यह दर्शाता है कि बाजार में तेजी व्यापक आधार पर रही।

    एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च प्रमुख सुदीप शाह ने बाजार की चाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बाजार की शुरुआत मजबूत रही थी हालांकि शुरुआती कारोबार में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली। इसके बाद बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता रहा और अंत में निफ्टी 25,867 के स्तर पर बंद हुआ।

    उन्होंने आगे बताया कि निफ्टी के लिए 25,970 से 26,000 का स्तर एक अहम रुकावट है। यदि निफ्टी इस स्तर को पार करता है तो आने वाले सत्रों में 26,200 और 26,400 तक जाने की संभावना बन सकती है। वहीं गिरावट की स्थिति में 25,780 से 25,750 के बीच मजबूत सपोर्ट देखा जा सकता है।कुल मिलाकर भारत अमेरिका ट्रेड डील से जुड़े सकारात्मक संकेतों ने शेयर बाजार में नई जान फूंक दी है और निवेशकों को आगे भी बाजार से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद नजर आ रही है।

  • भारतीय अर्थव्यवस्था की गणना में बड़ा बदलाव: जीडीपी, सीपीआई और आईआईपी के लिए नया आधार वर्ष तय, जानें कब जारी होंगे सटीक आंकड़े

    भारतीय अर्थव्यवस्था की गणना में बड़ा बदलाव: जीडीपी, सीपीआई और आईआईपी के लिए नया आधार वर्ष तय, जानें कब जारी होंगे सटीक आंकड़े


    नई दिल्ली :भारतीय अर्थव्यवस्था की चाल को मापने और उसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अधिक करीब लाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय MoSPI ने मुख्य आर्थिक आंकड़ों-जीडीपी सीपीआई और आईआईपी की प्रासंगिकता और सटीकता को बेहतर बनाने के लिए एक व्यापक समीक्षा पूरी कर ली है। सोमवार को संसद में राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने आधिकारिक रूप से घोषणा की कि सरकार अब नए आधार वर्ष Base Year पर आधारित आर्थिक आंकड़ों की नई सीरीज जारी करने के लिए तैयार है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य गणना के तरीकों में सुधार करना और तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था विशेषकर सेवा और अनौपचारिक क्षेत्र की अधिक सटीक गणना सुनिश्चित करना है।

    मंत्रालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार सकल घरेलू उत्पाद GDP के नए आंकड़े 27 फरवरी को पेश किए जाएंगे। वहीं महंगाई को मापने वाले उपभोक्ता मूल्य सूचकांक CPI के आंकड़े 12 फरवरी को और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक IIP की नई सीरीज 28 मई को जारी की जाएगी। सरकार ने जीडीपी और आईआईपी का नया आधार वर्ष 2022-23 तय किया है जबकि सीपीआई का बेस ईयर अब 2024 होगा। आधार वर्ष को अपडेट करना इसलिए अनिवार्य हो गया था क्योंकि पुराना डेटा अब वर्तमान उपभोग पैटर्न और औद्योगिक उत्पादन की नई तकनीकों को सही ढंग से नहीं दर्शा पा रहा था।

    संसद में जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया तकनीकी सलाहकार समितियों की देखरेख में संपन्न हुई है। इन समितियों में प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ आरबीआई RBI के जानकार और केंद्र व राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। गणना की इस नई पद्धति में न केवल डेटा के स्रोतों को बढ़ाया गया है बल्कि वस्तुओं और सेवाओं के “वजन” Weightage को भी वर्तमान जरूरतों के हिसाब से अपडेट किया गया है। सरकार का मानना है कि इन सुधारों से भारत के आर्थिक आंकड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष IMF के विशेष डेटा प्रसार मानकों SDDS के और अधिक अनुरूप हो जाएंगे।

    नए आधार वर्ष के लागू होने से न केवल डेटा की पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि यह नीति निर्माताओं और निवेशकों को भी निवेश संबंधी निर्णय लेने में मदद करेगा। खासकर सीपीआई का बेस ईयर 2024 करने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की बदलती खपत की आदतों का सही अंदाजा लग सकेगा। सरकार के अनुसार ये सुधार देश की आर्थिक नीतियों को तैयार करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में मील का पत्थर साबित होंगे। कुल मिलाकर नई सीरीज का आगमन यह सुनिश्चित करेगा कि भारत के सांख्यिकीय आंकड़े वैश्विक स्तर पर सबसे भरोसेमंद और उपयोगी बने रहें।

  • नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स 2025 में भारत की बड़ी छलांग चार पायदान सुधार के साथ 45वें स्थान पर पहुंचा देश

    नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स 2025 में भारत की बड़ी छलांग चार पायदान सुधार के साथ 45वें स्थान पर पहुंचा देश


    नई दिल्ली :भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी डिजिटल और नेटवर्क से जुड़ी तैयारियों में एक बार फिर मजबूती दिखाई है। नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स 2025 में भारत ने चार पायदान की छलांग लगाते हुए 45वां स्थान हासिल किया है। यह जानकारी सरकार की ओर से साझा की गई है। इस रिपोर्ट में भारत ने न केवल अपनी रैंकिंग बेहतर की है बल्कि कई अहम वैश्विक संकेतकों में शीर्ष स्थान भी प्राप्त किया है।

    यह रिपोर्ट वॉशिंगटन डीसी स्थित स्वतंत्र और गैर लाभकारी शोध संस्थान पोर्टुलंस इंस्टीट्यूट द्वारा जारी की गई है। इसमें दुनिया के 127 देशों की डिजिटल टेक्नोलॉजी नेटवर्क कनेक्टिविटी और शासन व्यवस्था की तैयारियों का आकलन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत का कुल स्कोर वर्ष 2024 में 53.63 था जो 2025 में बढ़कर 54.43 हो गया है।

    नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स में देशों का मूल्यांकन चार प्रमुख आधारों पर किया जाता है। इनमें टेक्नोलॉजी लोग शासन व्यवस्था और प्रभाव शामिल हैं। इन चार स्तंभों के अंतर्गत कुल 53 संकेतकों का अध्ययन किया गया है। रिपोर्ट बताती है कि भारत ने कई क्षेत्रों में दुनिया के अन्य देशों से बेहतर प्रदर्शन किया है।

    रिपोर्ट के अनुसार भारत टेलीकॉम सेवाओं में सालाना निवेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े वैज्ञानिक शोध पत्र आईटी और संचार सेवाओं के निर्यात और ई कॉमर्स कानून जैसे क्षेत्रों में पहले स्थान पर रहा है। इसके अलावा फाइबर इंटरनेट कनेक्शन देश के भीतर मोबाइल इंटरनेट उपयोग और अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट क्षमता के मामले में भारत को दूसरा स्थान मिला है। घरेलू बाजार के आकार और आय असमानता जैसे संकेतकों में भारत तीसरे स्थान पर रहा है।

    संचार मंत्रालय ने कहा कि भारत की नेटवर्क से जुड़ी तैयारियां उसके आय स्तर से भी बेहतर हैं। कम आय वाले मध्यम वर्ग के देशों की श्रेणी में भारत दूसरे स्थान पर है। यह उपलब्धि देश में डिजिटल समावेशन और तकनीकी पहुंच को दर्शाती है।

    केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में कहा था कि भारत में दुनिया का सबसे सस्ता डेटा उपलब्ध है और डेटा का उपयोग भी वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक किया जा रहा है। मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते देश में 120 करोड़ से अधिक मोबाइल उपयोगकर्ता हैं। सरकार का लक्ष्य है कि जून तक 4जी नेटवर्क देश के हर गांव तक पहुंच जाए।

    सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल ने अब तक 97068 4जी साइट्स स्थापित की हैं जिनमें से 93511 साइट्स चालू हो चुकी हैं। बीएसएनएल आने वाले महीनों में अपने सभी 4जी टावरों को 5जी में बदलने की योजना पर काम कर रही है।

    देश में 5जी सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5जी सेवाएं शुरू हो चुकी हैं और वर्तमान में ये सेवाएं देश के 99.9 प्रतिशत जिलों में उपलब्ध हैं। टेलीकॉम कंपनियों ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कुल 5.08 लाख 5जी बेस ट्रांससीवर स्टेशन स्थापित किए हैं।नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स 2025 में भारत की यह प्रगति डिजिटल इंडिया पहल मजबूत टेलीकॉम नेटवर्क और तकनीकी नवाचार का प्रमाण है। यह उपलब्धि वैश्विक मंच पर भारत की डिजिटल शक्ति को और मजबूत बनाती है।

  • सोने-चांदी के भाव में तेज उछाल भोपाल में आज के रेट में बड़ी बढ़त..

    सोने-चांदी के भाव में तेज उछाल भोपाल में आज के रेट में बड़ी बढ़त..


    नई दिल्ली :देशभर में सोने और चांदी के बाजार में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। खासकर इस शादी के सीजन में सोने और चांदी के भाव ने निवेशकों और खरीदारों की ध्यान खींचा है। पिछले दो हफ्तों में गोल्ड मार्केट ने ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की थी। इस गिरावट के दौरान सोने का भाव पिछले एक हफ्ते में 13 हजार रुपए सस्ता हुआ जबकि चांदी 94 हजार रुपए तक सस्ती हुई।

    इसी बीच आज बाजार खुलते ही सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आई है। भोपाल में आज 24 कैरेट सोने के दाम 157,610 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किए गए हैं। वहीं चांदी का भाव 261,380 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है। यह बढ़त निवेशकों और खरीदारों के लिए राहत की खबर है क्योंकि पिछले सप्ताह की गिरावट के बाद बाजार में हड़कंप मचा हुआ था।

    देशभर में आज सोने का भाव 157,530 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 260,040 रुपए प्रति किलो पर कारोबार कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उतार-चढ़ाव वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव और घरेलू मांग में वृद्धि के कारण हो रहा है। निवेशक इस समय सोने और चांदी में तेजी से ट्रेडिंग कर रहे हैं और खरीदारी के लिए सावधानी बरत रहे हैं।

    सोने और चांदी के बाजार में निवेश करते समय हॉलमार्क पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। भारत में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स BIS हॉलमार्क निर्धारित करता है। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि सोना शुद्ध और मिलावट रहित हो। 24 कैरेट सोने में विशेष अंक होते हैं जिन्हें देखकर खरीदार असली सोना पहचान सकते हैं। बिना हॉलमार्क की गहने खरीदना जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि इसमें मिलावट होने की संभावना रहती है।

    विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक या खरीदार बाजार की हलचल को देखकर जल्दबाजी में फैसला न लें। सोने और चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव आम बात है और यह वैश्विक आर्थिक स्थिति, डॉलर के भाव और मांग पर निर्भर करता है। आज की बढ़त के बाद निवेशकों में थोड़ी राहत है और खरीदार सोने-चांदी की कीमतों को देखकर खरीदारी के अवसर तलाश रहे हैं।

    भोपाल में आज के रेट के अनुसार यदि आप सोने की खरीदी का विचार कर रहे हैं तो 24 कैरेट सोने का भाव 157,610 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 261,380 रुपए प्रति किलो है। यह कीमतें स्थानीय बाजार में थोड़ी अलग हो सकती हैं। इसके अलावा गहने खरीदते समय हमेशा हॉलमार्क जांचना और शुद्धता पर ध्यान देना जरूरी है।

    इस प्रकार इस समय सोने और चांदी के बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। निवेशक और खरीदार दोनों को सावधानी बरतते हुए बाजार की खबरों पर नजर रखनी चाहिए। खरीदारी करने से पहले कीमतों और शुद्धता की पुष्टि करना जरूरी है। बाजार में आज की तेजी ने निवेशकों के बीच नई उम्मीद जगाई है और खरीदारों को फैसला लेने के लिए अवसर दिया है।