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  • ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर पर लटकी जांच की तलवार… एपस्टीन के चक्कर में जा सकती है कुर्सी

    ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर पर लटकी जांच की तलवार… एपस्टीन के चक्कर में जा सकती है कुर्सी


    लंदन।
    अमेरिका (America) का बदनाम यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) के चक्कर में अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (British Prime Minister Keir Starmer) पर जांच की तलवार लटकी हुई है। जल्दी ही ब्रिटिश संसद इस बात पर वोटिं करने वाली है कि क्या एपस्टीन के सहयोगी की नियुक्ति करने के लिए स्टार्मर के खिलाफ जांच की जाए या फिर नहीं। दरअसल, स्टार्मर पर आरोप हैं कि उन्होंने एपस्टीन के पूर्व सहयोगी और ब्रिटिश सिविस सेवक पीटर मेंडेलसन के संबंध में संसद को गुमराह किया है।

    ब्रिटिश संसद के स्पीकर होयल ने इस वोटिंग के बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए बताया कि तमाम सांसदों ने इसकी मांग की थी। इसमें विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी के वरिष्ठ नेता केमी बेडेनॉक भी शामिल थे। विपक्षी पार्टी का आरोप है कि कीर स्टार्मर 2024 में मेंडलसन को अमेरिका में ब्रिटिश राजदूत नियुक्त किया था। इस दौरान स्टार्मर ने संसद को भरोसा दिलाया था कि मेंडेलसन के खिलाफ सभी जांच की जा चुकी हैं। लेकिन अब उसका नाम एपस्टीन फाइल्स में आया है। ऐसे में विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि या तो स्टार्मर ने जानबूझकर इस तथ्य को नजरअंदाज किया है। या फिर उन्होंने जांच के नाम पर संसद को गुमराह किया है।

    गौरतलब है कि 2025 में जेफ्री एपस्टीन फाइल्स में पीटर मेंडलसन का नाम सामने आने के बाद स्टार्मर ने ब्रिटिश विदेश विभाग के तमाम अधिकारियों पर ऐक्शन लिया था। स्टार्मर ने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों ने इस तथ्य को छिपाया था कि मेंडलसेन जांच रिपोर्ट में पास नहीं हुआ है। मेंडेलसन के ऊपर आरोप हैं कि उसने दस साल तक मंत्री पद पर रहते हुए अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन को गोपनीय जानकारी लीक की थी।

    बता दें, ट्रंप के साथ बयानबाजी वाले संघर्ष में उलझे स्टार्मर के लिए यह मुद्दा भी संगीन होता जा रहा है। विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे पर लगातार इस्तीफे की मांग कर रहा है। अगर मतदान स्टार्मर के खिलाफ जाता है, तो उन्हें इस जांच का सामना करना पड़ सकता है। यह कमेटी दोषी पाए जाने पर स्टार्मर को पद छोड़ने के लिए भी कह सकती है। हालांकि, ब्रिटिश संसद में इस वक्त स्टार्मर के पास बहुमत है। ऐसे में वोटिंग में हारने के आशंका कम है।

    गौरतलब है कि जिस प्रिविलेजेस कमेटी के पास स्टार्मर को भेजे जाने का प्रस्ताव भेजा गया है। उसकी वजह से पूर्व ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी। 2023 कोविड काल के दौरान पार्टी गेट मामले में संसद ने उन पर गुमराह करने के आरोपों की जांच की थी। बाद में जब इस रिपोर्ट में उनके निलंबन की सिफारिश की जाने वाली थी, लेकिन उसके पहले ही जॉनसन ने इस्तीफा दे दिया था।

  • कोल एलन पर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश का आरोप, केस दर्ज, जांच में और खुलासों के संकेत

    कोल एलन पर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश का आरोप, केस दर्ज, जांच में और खुलासों के संकेत



    वॉशिंगटन । वॉशिंगटन डीसी में आयोजित संवाददाता डिनर के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश के मामले में 31 वर्षीय कोल थॉमस एलन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, उस पर राष्ट्रपति की हत्या का प्रयास, आपराधिक इरादे से हथियार रखने और फायरिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    यह वारदात शनिवार शाम वाशिंगटन हिल्टन होटल में हुई, जहां राष्ट्रपति ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। आरोपी एलन सुरक्षा जांच को चकमा देकर अंदर घुस गया। उसके पास एक लंबी बंदूक थी और मेटल डिटेक्टर पार करते ही उसने गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान सीक्रेट सर्विस के एक अधिकारी के सीने में गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से उनकी जान बच गई। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए हमलावर को पकड़ लिया।

    जांच में सामने आए तथ्य
    प्रारंभिक जांच से पता चला है कि एलन पूरी योजना के साथ इस हमले को अंजाम देने पहुंचा था। वह 21 से 24 अप्रैल के बीच लॉस एंजिल्स से शिकागो होते हुए ट्रेन के जरिए वाशिंगटन पहुंचा। घटना वाले दिन ही उसने होटल में कमरा बुक किया था। उसके पास से एक शॉटगन, पिस्टल और तीन चाकू बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि उसका निशाना सिर्फ राष्ट्रपति ही नहीं, बल्कि अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी थे।

    राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
    घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने हमलावर को कट्टरपंथी और मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया। उन्होंने कहा कि आरोपी के एक घोषणापत्र से संकेत मिलता है कि उसके विचारों में हाल के समय में बड़ा बदलाव आया था। ट्रंप ने सुरक्षाकर्मियों की तत्परता और बहादुरी की सराहना की और बताया कि खतरे के तुरंत बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।

    कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहती हैं। उन्होंने समाज में बढ़ती हिंसक भाषा और मीडिया के कुछ हिस्सों को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। एफबीआई इस मामले की गहन जांच कर रही है। आरोपी एलन फिलहाल हिरासत में है और उसकी अगली पेशी गुरुवार को निर्धारित है।

  • दक्षिण सूडान: उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद क्रैश हुआ विमान…. 14 यात्रियों की मौत

    दक्षिण सूडान: उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद क्रैश हुआ विमान…. 14 यात्रियों की मौत


    जुबा।
    दक्षिण सूडान (South Sudan) में यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त (Airplane Crash) हो गया, जिसमें सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। देश के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (SSCAA) ने इस हादसे की पुष्टि की है। अधिकारियों ने जांच के लिए एक टीम दुर्घटनास्थल पर भेजी है। रिपोर्ट के अनुसार, विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का कारण खराब मौसम माना जा रहा है। SSCAA ने अपने बयान में यह जानकारी दी।

    विमान स्थानीय समयानुसार सुबह 7:15 बजे जुबा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Juba International Airport) से उड़ा था और राजधानी से करीब 20 किलोमीटर दूर दुर्घटना का शिकार हो गया। दक्षिण सूडान के सिविल एविएशन अथॉरिटी ने बयान जारी कर बताया कि दुर्घटना में कोई भी बचा नहीं। दुर्घटना स्थल पर पहुंची यूएन बचाव टीम के एक सदस्य ने बताया कि शव इतने जल गए थे कि उन्हें पहचानना असंभव हो गया था। इस दुर्घटना में 12 दक्षिण सूडानी और 2 केन्याई नागरिक शामिल थे।

    दक्षिण सूडान पहले से ही अस्थिरता, संघर्ष और गरीबी की मार झेल रहा है, जहां परिवहन बुनियादी ढांचा बेहद कमजोर है। यहां अक्सर विमान अधिक वजन होने या मौसम की वजह से दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। यह घटना देश की उड़ान सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर रखरखाव, प्रशिक्षण और मौसम संबंधी चेतावनियों की कमी से ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं।

    पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण सूडान में कई बड़ी विमान दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जनवरी 2025 में उत्तरी सूडान में एक क्रैश में 20 लोग मारे गए थे। 2021 में विश्व खाद्य कार्यक्रम के ईंधन ले जा रहे कार्गो प्लेन दुर्घटना में 5 लोगों की जान गई। 2015 में जुबा में एक एंटोनोव विमान दुर्घटना में 36 लोग मारे गए थे, जबकि 2017 में एक और घटना में विमान रनवे से फिसल गया था, लेकिन चमत्कारिक रूप से सभी 37 यात्री बच गए। इस बार की दुर्घटना ने एक बार फिर देश की एयर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

  • पाकिस्तान में लश्कर कमांडर की हत्या, अज्ञात हमलावरों ने बरसाईं गोलियां

    पाकिस्तान में लश्कर कमांडर की हत्या, अज्ञात हमलावरों ने बरसाईं गोलियां


    इस्लामाबाद। पाकिस्तान में एक बार फिर ‘अननोन गनमैन’ की कार्रवाई सामने आई है। इस बार निशाना आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े वरिष्ठ कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी बने, जिन्हें अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया।
    पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अफरीदी पर अचानक अंधाधुंध फायरिंग की गई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी, हालांकि अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

    हाफिज सईद का करीबी बताया जाता था
    शेख यूसुफ अफरीदी को हाफिज सईद का करीबी सहयोगी माना जाता था।

    बताया जाता है कि वह लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहा था और खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में नेटवर्क संभालता था। आरोप है कि वह युवाओं को तैयार कर उन्हें कश्मीर समेत अन्य क्षेत्रों में भेजने में सक्रिय भूमिका निभाता था। अफरीदी कई मौकों पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी सईद के साथ नजर आ चुका था।

    टारगेट किलिंग का शक, जांच जारी
    स्थानीय पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह मामला टारगेट किलिंग का प्रतीत होता है।

    हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

    ‘अननोन गनमैन’ की घटनाएं बढ़ीं
    गौरतलब है कि पाकिस्तान में हाल के महीनों में अज्ञात हमलावरों द्वारा इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं, जिनमें कई विवादित और भारत-विरोधी गतिविधियों से जुड़े लोगों को निशाना बनाया गया है। हालांकि इन घटनाओं के पीछे किसका हाथ है, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है।

    भारत का स्पष्ट रुख
    इन घटनाओं को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहे हैं, लेकिन भारत सरकार ने हमेशा साफ किया है कि वह किसी भी देश की संप्रभुता का सम्मान करती है और ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं है।

    कुल मिलाकर, अफरीदी की हत्या ने पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी नेटवर्क से जुड़े समीकरणों को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • बांग्लादेश में मंदिर पुजारी की संदिग्ध मौत, पेड़ से लटका मिला शव; हत्या का आरोप

    बांग्लादेश में मंदिर पुजारी की संदिग्ध मौत, पेड़ से लटका मिला शव; हत्या का आरोप


    ढाका। बांग्लादेश में एक हिंदू मंदिर से जुड़े पुजारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घर से लापता होने के तीन दिन बाद उनका शव पेड़ से लटका मिला, जिसके बाद अल्पसंख्यक समुदाय ने इसे हत्या बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के अनुसार, कोक्स बाजार सदर उपजिला के खुरुशकुल यूनियन स्थित शिव-काली मंदिर के पुजारी और संरक्षक 40 वर्षीय नयन साधु का शव चटगांव जिले के दोहाजारी क्षेत्र के पास पहाड़ी इलाके में बरामद किया गया। वे मंदिर की देखरेख के साथ पूजा-अर्चना का कार्य भी संभालते थे।

    तीन दिन पहले हुए थे लापता

    स्थानीय पुलिस के मुताबिक 19 अप्रैल की शाम दो अज्ञात व्यक्ति नयन साधु को अपने साथ ले गए थे। इसके बाद से वह लापता थे। तीन दिन बाद गांव के बाहरी क्षेत्र में उनका शव मिला। पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का।

    समुदाय ने उठाए सवाल

    घटना के बाद बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

    परिषद से जुड़ी काजल देबनाथ ने सवाल उठाया कि एक छोटे और दूरदराज मंदिर के साधारण देखरेखकर्ता को निशाना बनाने के पीछे क्या कारण हो सकता है।

    वहीं बांग्लादेश पूजा उत्सव परिषद की कोक्स बाजार इकाई के महासचिव जॉनी धर ने कहा कि लापता होने के तीन दिन बाद शव मिलने से हत्या की आशंका और गहरी हो गई है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। नयन साधु की पत्नी ने 19 अप्रैल को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई।

    सांप्रदायिक घटनाओं पर चिंता

    गौरतलब है कि बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद की हालिया रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 की पहली तिमाही में देश में सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इससे अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।

    इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • कोलंबिया में बस में भीषण धमाका, 14 की मौत; सरकार ने बताया आतंकी हमला

    कोलंबिया में बस में भीषण धमाका, 14 की मौत; सरकार ने बताया आतंकी हमला


    नई दिल्ली! दक्षिण-पश्चिमी कोलंबिया में शनिवार को एक यात्री बस को निशाना बनाकर किए गए भीषण विस्फोट में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 38 से अधिक यात्री घायल हो गए। कोलंबियाई सेना ने इस घटना को आतंकी हमला बताया है।

    यह धमाका काउका क्षेत्र के काजिबियो नगर स्थित पैनअमेरिकन हाईवे पर उस समय हुआ, जब बस वहां से गुजर रही थी। स्थानीय प्रशासन के अनुसार विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि बस के परखच्चे उड़ गए और आसपास का इलाका दहल उठा।

    घायलों में बच्चे भी शामिल

    काउका क्षेत्र की स्वास्थ्य अधिकारी कैरोलिना कामार्गो ने बताया कि घायलों में पांच बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है, जबकि कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    आतंकी गुटों पर आरोप

    कोलंबिया सेना के कमांडर जनरल ह्यूगो लोपेज ने हमले के लिए इवान मोर्दिस्को गिरोह और जैमी मार्टिनेज गुट को जिम्मेदार ठहराया है। ये दोनों गुट पूर्व विद्रोही संगठन एफएआरसी (FARC) के असंतुष्ट धड़े माने जाते हैं, जिन्होंने वर्ष 2016 के शांति समझौते को स्वीकार नहीं किया था।

    राष्ट्रपति की कड़ी प्रतिक्रिया

    कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों, विशेषकर आदिवासी समुदाय के लोगों को निशाना बनाना आतंकवाद है। उन्होंने हमलावरों को मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े हिंसक गिरोह बताया।

    क्षेत्र में बढ़ रही हिंसा

    दक्षिण-पश्चिमी कोलंबिया में हाल के दिनों में हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दिनों में ही क्षेत्र में 26 से अधिक हिंसक घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें सार्वजनिक ढांचे और आम नागरिकों को निशाना बनाया गया।

    मेक्सिको में भी गोलीबारी

    इसी बीच मेक्सिको में भी एक अलग घटना सामने आई है। टियोटिहुआकन पिरामिड परिसर में एक हथियारबंद व्यक्ति ने पर्यटकों पर गोलीबारी कर दी। इस हमले में एक कनाडाई नागरिक की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। बाद में हमलावर ने खुद को गोली मार ली।

    घायलों में विभिन्न देशों के नागरिक शामिल हैं और सभी का उपचार जारी है।

  • लंदन में नीलामी के लिए तैयार जयपुर राजघराने का ‘सुपरकंप्यूटर’, 25 करोड़ तक लग सकती है बोली

    लंदन में नीलामी के लिए तैयार जयपुर राजघराने का ‘सुपरकंप्यूटर’, 25 करोड़ तक लग सकती है बोली


    जयपुर। राजस्थान के शाही इतिहास और वैज्ञानिक विरासत से जुड़ा एक दुर्लभ खगोलीय यंत्र ‘एस्ट्रोलेब’ अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 17वीं सदी का यह ऐतिहासिक उपकरण 29 अप्रैल को लंदन में नीलामी के लिए पेश किया जाएगा। विशेषज्ञ इसे उस दौर का ‘सुपरकंप्यूटर’ और ‘प्राचीन स्मार्ट डिवाइस’ बता रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि यह यंत्र कभी जयपुर राजघराने के शाही संग्रह का हिस्सा था। सवाई मानसिंह द्वितीय के निधन के बाद यह महारानी गायत्री देवी के पास रहा और बाद में निजी संग्रह में शामिल हो गया। अब पहली बार इसे सार्वजनिक नीलामी में उतारा जा रहा है।

    आकार, बनावट और कीमत खास

    पीतल से निर्मित यह एस्ट्रोलेब आकार और उपयोगिता दोनों में विशेष माना जा रहा है। इसका वजन करीब 8.2 किलोग्राम और ऊंचाई लगभग 46 सेंटीमीटर है, जो सामान्य यंत्रों की तुलना में काफी बड़ा है।

    विशेषज्ञों के अनुसार इसकी दुर्लभता और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसकी कीमत 1.5 से 2.5 मिलियन पाउंड (करीब 15 से 25 करोड़ रुपये) तक जा सकती है।

    17वीं सदी का बहुउपयोगी यंत्र

    जानकारों के मुताबिक, यह यंत्र अपने समय में कई जटिल गणनाओं के लिए उपयोग किया जाता था। इसके माध्यम से सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तारों की स्थिति, इमारतों की ऊंचाई तथा कुओं की गहराई तक मापी जा सकती थी।

    इसके अलावा धार्मिक दिशा निर्धारण और पंचांग आधारित ज्योतिषीय गणनाओं में भी इसका उपयोग होता था।

    मुगलकालीन विरासत की झलक

    यह एस्ट्रोलेब 17वीं सदी की शुरुआत में लाहौर के प्रसिद्ध कारीगर कायम मुहम्मद और मुहम्मद मुकीम द्वारा तैयार किया गया था। इसकी विशेषता यह है कि इसमें तारों के नाम फारसी भाषा तथा उनके संस्कृत समकक्ष देवनागरी लिपि में अंकित हैं, जो उस दौर में विज्ञान और संस्कृति के अद्भुत संगम को दर्शाते हैं।

    वैश्विक स्तर पर बढ़ी दिलचस्पी

    इस यंत्र में 94 शहरों के अक्षांश-देशांतर और 38 तारों के संकेतक अंकित हैं, जिन्हें आज भी काफी सटीक माना जाता है। यही वजह है कि दुनिया भर के संग्रहालयों और निजी कलेक्टरों में इसे लेकर खास रुचि देखी जा रही है।

  • ट्रंप का दावा- पुतिन और जेलेंस्की से ‘अच्छी बातचीत’, जल्द खत्म हो सकता है युद्ध

    ट्रंप का दावा- पुतिन और जेलेंस्की से ‘अच्छी बातचीत’, जल्द खत्म हो सकता है युद्ध


    वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक रही है तथा जल्द समाधान निकलने की उम्मीद है।

    फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम ‘द संडे ब्रीफिंग’ में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दोनों देशों के बीच हालात सामान्य करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी पुतिन और जेलेंस्की दोनों से बातचीत होती रही है, हालांकि आखिरी बातचीत कब हुई, इस पर उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी।

    ‘नफरत से नहीं सुलझेगा विवाद’

    ट्रंप ने दोनों नेताओं के बीच बढ़ती कटुता पर चिंता जताते हुए कहा कि आपसी नफरत किसी भी समाधान में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने इसे “हास्यास्पद और पागलपन” बताया तथा कहा कि शांति स्थापित करने के लिए संवाद ही सबसे जरूरी रास्ता है।

    गौरतलब है कि फरवरी 2022 में शुरू हुए रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने का वादा ट्रंप ने अपने चुनाव अभियान के दौरान किया था। हालांकि उनके दूसरे कार्यकाल में भी संघर्ष जारी है।

    जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण

    इधर युद्ध क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। यूक्रेन के निप्रो शहर पर रूस के ड्रोन और मिसाइल हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार हमले में एक मकान पूरी तरह नष्ट हो गया।

    वहीं रूस के बेलगोरोद क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमले में एक महिला की मौत और एक व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। यह घटनाएं हाल ही में युद्धबंदियों की अदला-बदली के बाद सामने आई हैं।

    रूस का दावा

    रूस के विशेष दूत रोदियोन मिरोशनिक ने दावा किया कि फरवरी 2022 से अब तक यूक्रेनी हमलों में 8 हजार से अधिक रूसी नागरिक मारे गए हैं और करीब 20 हजार घायल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेन ने नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया है।

  • वॉशिंगटन के होटल में गोलीबारी से पहले ट्रंप-एपस्टीन तस्वीरों का विरोध प्रदर्शन, वीडियो वायरल

    वॉशिंगटन के होटल में गोलीबारी से पहले ट्रंप-एपस्टीन तस्वीरों का विरोध प्रदर्शन, वीडियो वायरल

    वॉशिंगटन । अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन स्थित वॉशिंगटन हिल्टन होटल में हुई गोलीबारी की घटना के बाद अब एक नया घटनाक्रम चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले से कुछ घंटे पहले होटल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिसमें होटल की बाहरी दीवार पर प्रोजेक्शन के जरिए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जेफरी एपस्टीन से जुड़ी तस्वीरें तथा दस्तावेज दिखाए गए।
    बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान एक ऑडियो क्लिप भी चलाई गई, जिसमें कथित ईमेल पढ़कर सुनाए गए। इस अनोखे प्रदर्शन को देखने के लिए होटल के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

    इसके कुछ समय बाद होटल में गोलीबारी की घटना सामने आई।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति सुरक्षा घेरा पार करने की कोशिश में पकड़ा गया। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत अन्य शीर्ष अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

    घटना में एक सुरक्षा अधिकारी घायल हुआ, जिसे बुलेट-रेसिस्टेंट जैकेट होने के कारण गंभीर चोट नहीं आई। संदिग्ध को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद ट्रंप और एपस्टीन से जुड़े पुराने विवाद एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गए हैं।

  • US: ट्रंप के डिनर हमले को लेकर नया खुलासा, हमलावर ने गोलीबारी से पहले परिवार को भेजा था मैसेज

    US: ट्रंप के डिनर हमले को लेकर नया खुलासा, हमलावर ने गोलीबारी से पहले परिवार को भेजा था मैसेज


    वाशिंगटन।
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) के डिनर कार्यक्रम (Dinner program) में हुए हमले को लेकर नए खुलासे हो रहे हैं। हमलावर ने गोलीबारी करने के कुछ मिनट पहले अपने परिवार को एक संदेश भेजा था। इसमें उसने हमला करने की वजह को भी लिखा था। इस संदेश के मुताबिक काश पटेल को छोड़कर ट्रंप प्रशासन की पूरी टीम उसके निशाने पर थी।

    न्यूयॉर्क पोस्ट ने हमलावर एलन के द्वारा परिवार को भेजे गए इस मैसेज को प्रकाशित किया है। इस मैसेज में वह साफ तौर पर कहता हुआ नजर आता है कि काश पटेल को छोड़कर ट्रंप प्रशासन के सभी अधिकारी मेरे निशाने पर हैं। उसने लिखा, “मैं अब यह और स्वीकार करने को तैयार नहीं हूं कि एक पीडोफाइल, बलात्कारी और गद्दार मेरे हाथों को उसके अपराधों से रंगे।” कथित तौर पर इस मैसेज में एलन ने सीधे तौर पर ट्रंप का नाम नहीं लिया। लेकिन ट्रंप का नाम यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ लगातार जोड़ा जाता रहा है। ऐसे में संभव है कि वह ट्रंप की ही बात कर रहा हो।

    न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा देखे गए इस मैसेज में कोल ने लिखा, “ट्रंप प्रशासन के सभी अधिकारी, पटेल को छोड़कर मेरे निशाने पर हैं। और उन्हें इसमें उनके पद के अनुसार प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही उसने यह भी लिखा कि संयुक्त राज्य सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स को केवल जरूरत पड़ने पर ही निशाना बनाया जाएगा। अगर वह नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं करते हैं, तो उन्होंने गैर घातक तरीके से रास्ते से हटाया जाएगा।


    होटल की सुरक्षा पर भी बात

    हमले के ठीक पहले परिवार को भेजे गए इस मैसेज में एलन ने होटल में मौजूद सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भी लिखा। उसने लिखा कि यहां कि सुरक्षा व्यवस्था केवल प्रदर्शनकारियों को रोकने तक ही सीमित थी। उसने लिखा, “मैं कई हथियारों के साथ अंदर चला जाता हूँ और वहाँ कोई भी यह नहीं सोचता कि मैं खतरा हो सकता हूं।” एलन ने अंत में संभावित तौर पर ट्रंप को निशाना बनाते हुए लिखा, “इस स्तर पर ऐसी अक्षमता पागलपन हैं। मैं ईमानदारी के साथ उम्मीद करता हूं कि जब इस देश को वास्तव में सक्षम नेतृत्व मिलेगा, तब तक इसे सुधार लिया जाएगा।”

    इससे पहले, रविवार को एक वाइट हाउस की तरफ से होटल में आयोजित इस डिनर में लगभग अमेरिकी प्रशासन के सभी बड़े लोग मौजूद थे। उसी वक्त वहां पर गोलियों की आवाज सुनाई दी। हमला होने का संकेत मिलते हैं वहां पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने सभी राजनेताओं और उनके साथियों को वहां से बाहर निकाल दिया। हमलावर कोल एलन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में इस हमले को लेकर ट्रंप ने कहा कि हमलावर में ईसाइयों को लेकर नफरत भरी हुई है।

    बता दें, यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप के ऊपर जानलेवा हमला करने की कोशिश हुई हो। 2024 में चुनावी रैली के दौरान भी ट्रंप के ऊपर हमला हुआ था। इस हमले में गोली ट्रंप के कान को घायल करती हुई निकल गई थी। इसके कुछ समय बाद ट्रंप के घर के बाहर भी हमला हुआ था। और अब यह तीसरी बार उनके ऊपर जानलेवा हमला करने की कोशिश हुई है।