Category: International

  • Ukraine War: धमाकों से दहला रूसी शहर सेंट पीटर्सबर्ग, सबसे बड़ा बाजार जलकर तबाह

    Ukraine War: धमाकों से दहला रूसी शहर सेंट पीटर्सबर्ग, सबसे बड़ा बाजार जलकर तबाह


    मास्को।
    रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध (Russia Ukraine War) में दोनों ही देश एक-दूसरे के ऊपर लगातार हमले कर रहे हैं। बुधवार रात को रूसी शहर सेंट पीटर्सबर्ग (Russian city Saint Petersburg) के सबसे बड़े बाजार में भी एक के बाद एक कई धमाके सुनाई दिए। यह धमाके इतने भयानक थे कि कई किलोमीटर दूर तक इनकी आवाज सुनाई दी। इन धमाकों और उसके बाद फैली आग में कई लोग घायल हो गए हैं, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई है।

    रूसी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक एक धमाके से पूरा शॉपिंग कॉम्पलेक्स जलकर तबाह हो गया। हालांकि, इस आग और धमाकों के पीछे क्या वजह थी। इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आ पाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, एक महिला को कार्बन मोनो ऑक्साइड की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ा है, वहीं एक व्यक्ति आग से बचने के लिए दूसरी मंजिल से कूद गया, जिसकी वजह से उसे गंभीर चोट आई है। सोशल मीडिया पर इस घटना की कुछ वीडियो भी सामने आई हैं, जिनमें भयानक धुआं उठता हुआ नजर आ रहा है।

    मॉस्को की तरफ जा रहे ड्रोन्स इंटरसेप्ट
    सेंट पीटर्सबर्ग में हुई इस घटना के बाद मॉस्को के मेयर ने भी जानकारी देते हुए बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने बुधवार रात को मॉस्को की तरफ आ रहे ड्रोन्स को मार गिराया है। सर्गेई सोब्यानिन ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा कि लगभग साढ़े तीन घंटों के समय में इन 31 ड्रोन्स को मार गिराया गया है। इसके अलावा दोपहर में भी एक ड्रोन गिराया गया था।

    इन ड्रोन्स को नेस्तनाबूद करने के बाद इमरजेंसी टीम को इनका मलबा एकत्र करने के लिए भेजा गया। इन ड्रोन्स की वजह से आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, इस हमले के बाद रूस के एविएशन मिनिस्ट्री ने मॉस्को में सभी एयरपोर्ट्स पर आवागमन रद्द कर दिया है। इन हवाई जहाजों का डायवर्ट कर सेंट पीटर्सबर्ग के पुलकोवो एयरपोर्ट की तरह भेज दिया गया है।

    गौरतलब है कि यह हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब रूस की राजधानी मॉस्को में नाजी जर्मनी पर जीत की 80 वी सालगिरह के उपलक्ष्य में एक परेड का आयोजन किया जा रहा है। मॉस्को के मेयर इस परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।

  • पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकार को आंख मारी… भड़के लोग

    पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकार को आंख मारी… भड़के लोग


    इस्लामाबाद।
    पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) की सेना के जनरल का एक वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। दरअसल इस वीडियो में पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (Inter-Services Public Relations of Pakistan) के डायरेक्टर जनरल (Director General) और सैन्य प्रवक्ता (Military spokesman) लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी (Lieutenant General Ahmed Sharif Chaudhry) एक महिला पत्रकार को आंख मारते नाराज आ रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक वायरल वीडियो कथित तौर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकार अबसा कोमल जनरल चौधरी से पाक के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर सवाल पूछ रही थीं। पत्रकार ने कहा, “आपने आज कहा कि वह (इमरान खान) राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं, देश विरोधी हैं और दिल्ली के इशारों पर काम कर रहे हैं। यह पहले से कैसे अलग है या क्या हम आगे इस पर कोई डेवलपमेंट की उम्मीद करें?”

    इस गंभीर सवाल का मजाकिया जवाब देते हुए जनरल ने कहा, “और एक चौथा पॉइंट जोड़ लें वह एक ‘जेहनी मरीज’ (मानसिक रोगी) भी हैं।” इसके बाद वह मुस्कुराए और पत्रकार को देख कर आंख मारी, जिसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान स्वतंत्र रूप से वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

    भड़के लोग
    पाकिस्तानी जनरल का वीडियो वायरल होते ही यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने इस पर आश्चर्य जताया है कि कोई वर्दी पहना हुआ शख्स, सार्वजनिक रूप से इस तरह की हरकत कैसे कर सकता है। एक यूजर ने लिखा, “ये कूल बनने की कोशिश कर रहे हैं। इनको ये नहीं पता कि इनको कोई सीरियसली नहीं लेता।”

    एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह दिखाता है कि उनकी सेना कितनी गैर-पेशेवर है। वर्दी में कोई इस तरह सार्वजनिक रूप से किसी को आंख कैसे मार सकता है?” वहीं एक अन्य ने लिखा कि इस तरह के लोग पाकिस्तान सेना के जनरल हैं तो कोई आश्चर्य नहीं है कि उनका देश किस स्थिति में हैं।

  • Pakistan की संसद में ईमानदारी के इम्तिहान… एक दर्जन से ज्यादा सांसद हुए फेल

    Pakistan की संसद में ईमानदारी के इम्तिहान… एक दर्जन से ज्यादा सांसद हुए फेल


    इस्लामाबाद।
    पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) की संसद में बैठे सांसद कितने ईमानदार (Honest MPs) हैं? इसकी जब परीक्षा हुई तो करीब एक दर्जन से ज्यादा सांसद उसमें फेल हो गए। यह सब हुआ ऑन कैमरा। अब उसका वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, हुआ यूं कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली (Pakistan National Assembly) के स्पीकर सरदार अयाज सादिक (Speaker Sardar Ayaz Sadiq) ने सांसदों की ईमानदारी का इम्तिहान लेने के लिए एक मजेदार तरकीब निकाला। उन्होंने कुछ कड़क-कड़क नोट लहराकर संसद में पूछा कि ये किसके हैं?

    वीडियो में दिख रहा है कि वह हाथों में नोट लहराते हुए पूछ रहे हैं कि ये किसी के पैसे गिर गए हैं, जिनके हैं हाथ खड़े करें। इसी बीच संसद में बैठे 12-13 सांसदों ने हाथ खड़े कर दिए। इस पर मुस्कुराते हुए स्पीकर ने कहा, “ये तो 10-12 हाथ खड़े हो गए हैं, पैसे उतने नहीं हैं, जितने लोगों के हाथ खड़े हुए हैं। ये तो सारे हाउस के हाथ खड़े हो गए हैं।” उसके बाद उन्होंने थैंक यू कहकर मामला समाप्त कर दिया। अब ये वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।


    रूपये असली मालिक को मिल गए

    पाकिस्तान के टीवी के मुताबिक, नेशनल असेंबली की ये घटना सोमवार की है। स्पीकर अयाज सादिक के हाथ में उस वक्त 5000 रुपये के कुल 10 नोट थे, जिन्हें वह लहरा रहे थे। यानी उनके हाथ में कुल 50,000 रुपये थे, जो किसी सांसद के संसद भवन में गिर गए थे। आखिरकार कैश अपने असली मालिक PTI के सांसद मुहम्मद इकबाल अफरीदी के पास पहुंच गया लेकिन पाक सोशल मीडिया पर इसको लेकर गरमागरम बहस छिड़ गई है।


    पाकिस्तानी सांसदों की हो रही खिंचाई

    जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर पॉपुलर हुआ, पाकिस्तानियों ने अपने सांसदों की खिंचाई शुरू कर दी। कुछ लोगों का कहना है कि जिन 12 MPs ने हाथ उठाए थे, उन्हें संसद का अपमान करने का दोषी मानकर सदन से निकाल देना चाहिए। एक मज़ाकिया यूज़र, महनूर आसिफ ने ट्वीट किया, “स्पीकर ने शरीफ भाइयों के 25 कॉल मिस कर दिए।” हालांकि, कुछ लोग इस घटना से हैरान नहीं हैं। एक और ने ट्वीट किया, “वे लाखों में सैलरी और भत्ते लेते हैं, फिर भी यह उनका हाल है।”

  • भारी कर्ज और कुप्रबंधन में डूबा पाकिस्तान… IMF-ADB ने खोली अर्थव्यवस्था की पोल

    भारी कर्ज और कुप्रबंधन में डूबा पाकिस्तान… IMF-ADB ने खोली अर्थव्यवस्था की पोल


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान (Pakistan) के लिए बुधवार को आई दो रिपोर्टें बेहद चौंकाने वाली और उसकी अर्थव्यवस्था (Economy) की कलई खोलने वाली हैं। पहली रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) (International Monetary Fund – IMF) की है जिसके नवीनतम अनुमानों से पता चलता है कि यह देश अब भी भारी कर्ज, कमजोर निवेश और धीमी रोजगार वृद्धि से जूझ रहा है। दूसरी रिपोर्ट एशियाई विकास बैंक (एडीबी) (Asian Development Bank -ADB) की है जिसमें चेताया गया है कि पाकिस्तान कुप्रबंधन में डूबा है और जल संकट गंभीरतम हालत में है।

    आईएमएफ ने पाकिस्तान को 1.2 अरब डॉलर की नई राशि देने के बीच चेताया कि देश की आर्थिक वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025 में 2.6% से बढ़कर 2026 तक 3.2% हो जाएगी, जो 24 करोड़ की आबादी वृद्धि की दर से लगभग मेल नहीं खाती। मुद्रास्फीति भी घटकर 4.5% रह गई है जो अस्थिरता का संकेत देती है। उधर, एडीबी ने कहा- पाकिस्तान में 80% से अधिक आबादी स्वच्छ पेयजल से वंचित है। देश अनियंत्रित आबादी व कुप्रबंधन से भारी दबाव में है।

    कमजोर रोजगार सृजन क्षमता का शिकार
    आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की जनसंख्या मध्य 2025 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2.55% है, जबकि विश्व बैंक के आंकड़े 1.8-1.9% दर्शाते हैं। बेरोजगारी दर वित्त वर्ष 2026 में मामूली रूप से 7.5% रहने का अनुमान है, जो वर्तमान विकास पथ की कमजोर रोजगार सृजन क्षमता को दर्शाता है। राजकोषीय मोर्चे पर, सरकारी राजस्व और अनुदान 2026 तक 16.3% होने का अनुमान है, जबकि व्यय जीडीपी के करीब 20% के आसपास ही रह सकेगा।

    सार्वजनिक ऋण के बोझ तले दबा है पाकिस्तान
    अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के मुताबिक, पाकिस्तान सार्वजनिक ऋण के बोझ तले बुरी तरह से दबा हुआ है। आईएमएफ दायित्वों सहित कुल सामान्य सरकारी ऋण जीडीपी के लगभग 72-73% तक रहने का अनुमान है, जबकि सरकारी व गारंटीकृत ऋण करीब 76% रहने की उम्मीद है। घरेलू ऋण जीडीपी का लगभग आधा हिस्सा है, जिससे घरेलू उधार दरों में वृद्धि के कारण ब्याज लागत अधिक बनी हुई है। ये हालात अर्थव्यवस्था के बेहद संकट में रहने का संकेत देते हैं।

    पाकिस्तानी नीतियों पर चेतावनी
    पाकिस्तान में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता 1972 में 3,500 घन मीटर से गिरकर 2020 में मात्र 1,100 घन मीटर रह गई है, जिससे यह पूर्ण कमी की दहलीज के खतरनाक रूप से करीब पहुंच गया है। एडीबी ने कहा कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय जल नीति योजना और कार्यान्वयन के बीच गंभीर अंतर से ग्रस्त है। इसे लेकर एडीबी ने पाकिस्तानी नीतियों पर चेतावनी भी जारी की।

    जल प्रबंधन अक्षमता और संस्थागत विखंडन से ग्रस्त
    एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने अपनी नवीनतम एशियाई जल विकास आउटलुक (एडब्ल्यूडीओ) रिपोर्ट में चेतया है कि पाकिस्तान में जल संकट गंभीर बना हुआ है। इसके पीछे देश में कुप्रबंधन की सबसे बड़ी भूमिका है। इस कारण पाकिस्तान के जल संसाधन अत्यधिक दबाव में हैं। रिपोर्ट में असुरक्षित पानी और कृषि में भूजल के अत्यधिक उपयोग से होने वाली व्यापक जलजनित बीमारियों का भी जिक्र है। इसी के चलते भूजल का क्षरण व आर्सेनिक प्रदूषण हुआ है। एडीबी ने कहा, पाकिस्तानी जल प्रबंधन अभी भी अक्षमता, संस्थागत विखंडन और अपर्याप्त निधि से ग्रस्त है।

  • ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के टीनएजर्स के लिए सोशल मीडिया बैन कियाकंपनियों पर जुर्माना लगाने का आदेश

    ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के टीनएजर्स के लिए सोशल मीडिया बैन कियाकंपनियों पर जुर्माना लगाने का आदेश


    नई दिल्ली ।
    ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के टीनएजर्स के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बैन कर दिया है। यह कदम दुनिया में इस तरह का पहला कदम हैजो 10 दिसंबर से लागू हो चुका है। अब से 16 साल से छोटे बच्चे और किशोर फेसबुकइंस्टाग्रामयूट्यूबटिकटॉक जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। सोशल मीडिया कंपनियों को आदेश दिए गए हैं कि वे इन प्लेटफॉर्म्स पर छोटे उम्र के यूजर्स के अकाउंट डिलीट करें और ऐसा नहीं करने पर भारी पैनल्टी का सामना करना पड़ेगा। हालांकिपेरेंट्स और टीनएजर्स पर कोई पैनल्टी नहीं लगेगी।

    ऑस्ट्रेलिया में नया कानून

    ऑस्ट्रेलिया ने यह नया कानून लागू कर दिया हैजो 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया के उपयोग से प्रतिबंधित करता है। इसका उद्देश्य बच्चों और किशोरों को सोशल मीडिया की लत और उसके नकरात्मक प्रभावों से बचाना है। इस कानून के लागू होने से अब 16 साल से कम उम्र के यूजर्स को फेसबुकइंस्टाग्रामटिकटॉक और यूट्यूब जैसी प्रमुख सोशल मीडिया साइट्स का इस्तेमाल करना प्रतिबंधित होगा। इन प्लेटफॉर्म्स को यह आदेश दिया गया है कि वे इन उम्र के यूजर्स के अकाउंट्स को तुरंत डिलीट करें और यदि ऐसा नहीं किया गया तो उन कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

    कंपनियों पर होगा जुर्माना

    ऑस्ट्रेलिया सरकार ने सभी प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों को आदेश जारी किए हैं कि वे रात 12 बजे तक 16 साल से कम उम्र के बच्चों का एक्सेस इन प्लेटफॉर्म्स से पूरी तरह से ब्लॉक कर दें। यदि कोई कंपनी इन आदेशों का पालन नहीं करतीतो उस पर 4.95 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलरकरीब 296 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कदम सोशल मीडिया कंपनियों के लिए एक सख्त चेतावनी है कि वे बच्चों की सुरक्षा को गंभीरता से लें और उन्हें सोशल मीडिया के संभावित खतरों से बचाने के लिए कदम उठाएं।

    यूजर्स के मिले-जुले रिएक्शन

    ऑस्ट्रेलिया के इस नए कानून के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही हैं। जहां एक तरफ बड़ी टेक कंपनियां और आजादी समर्थक संगठन इस कदम की आलोचना कर रहे हैंवहीं दूसरी तरफ कई पैरेंट्स और समाज के कुछ वर्ग इसे सकारात्मक कदम मान रहे हैं। पैरेंट्स का कहना है कि यह कदम उनके बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैक्योंकि सोशल मीडिया के अधिक उपयोग से बच्चों में अवसादचिंताऔर आत्मसम्मान में कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

    दूसरी ओरकुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने वाला कदम मान रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों को सोशल मीडिया से पूरी तरह से अलग करना भी सही नहीं हो सकताक्योंकि यह प्लेटफॉर्म्स कई अवसर और जानकारी प्रदान करते हैंजो बच्चों के विकास के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

    सामाजिक प्रभाव और बहस

    ऑस्ट्रेलिया का यह कदम सोशल मीडिया की भूमिका और इसके बच्चों पर पड़ने वाले प्रभावों पर वैश्विक स्तर पर बहस को और बढ़ा देगा। सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल के बारे में कई विशेषज्ञ पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यह बच्चों के मानसिक स्वास्थ्यआत्मविश्वास और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। सोशल मीडिया कंपनियों के लिए यह भी चुनौती होगी कि वे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाती हैंजबकि उनकी प्राइवेसी और स्वतंत्रता को बनाए रखें।

    इस नए कानून से अन्य देशों में भी एक उदाहरण पेश हो सकता हैजो सोशल मीडिया के इस्तेमाल के बारे में सख्त दिशा-निर्देशों की ओर कदम बढ़ाते हैं। लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या इस तरह के कानून पूरी दुनिया में लागू किए जा सकते हैंया फिर यह केवल ऑस्ट्रेलिया के लिए एक विशेष मामला होगा। ऑस्ट्रेलिया का यह कदम बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैलेकिन इसके सामाजिक और कानूनी प्रभावों को लेकर अभी और चर्चाएं जारी रहेंगी।

  • फ्लोरिडा हाईवे पर क्रैश-लैंडिंग: विमान कार से टकराया, हादसे का LIVE VIDEO वायरल

    फ्लोरिडा हाईवे पर क्रैश-लैंडिंग: विमान कार से टकराया, हादसे का LIVE VIDEO वायरल


    अमेरिका, फ्लोरिडा: सोमवार शाम फ्लोरिडा के I-95 हाईवे पर एक छोटे विमान की क्रैश-लैंडिंग ने हड़कंप मचा दिया। विमान अचानक हाईवे पर उतरते हुए एक कार से टकरा गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    हादसे का पूरा विवरण

    विमान: Beechcraft 55 मॉडल

    पायलट: 27 वर्षीय और साथी, दोनों सुरक्षित

    कार: 2023 मॉडल Toyota Camry, चलाती 57 वर्षीय महिला

    समय: सोमवार शाम 5:45 बजे

    जगह: मेरिट आईलैंड, I-95 हाईवे

    पायलट को विमान में तकनीकी खराबी आने के कारण इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। हाईवे पर उतरते समय विमान Toyota Camry से टकरा गया।

    नतीजा:

    कार चालक को मामूली चोटें आईं, उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    विमान हाईवे पर ही रुक गया।

    इलाके में ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

    हाईवे बंद और राहत कार्य

    हादसे के बाद I-95 के दक्षिणी लेन को 201 माइल मार्कर के पास पूरी तरह बंद कर दिया गया। राहत और बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच और राहत कार्य शुरू किया। हाईवे कई घंटे बंद रहा और सुबह करीब 9 बजे फिर खोला गया।

    उसी दिन फ्लोरिडा में दूसरा विमान हादसा

    दिलचस्प बात यह है कि फ्लोरिडा में उसी दिन दूसरा विमान हादसा भी हुआ।

    स्थान: ऑरलैंडो से 46 मील दूर DeLand

    विमान: Cessna 172

    इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान दो लोग घायल हुए, लेकिन दोनों की हालत स्थिर है।

    विशेषज्ञ टिप्पणी

    फ्लोरिडा हाइवे पेट्रोल (FHP) के अनुसार, Beechcraft 55 में दोनों इंजनों में अचानक पावर लॉस हो गया था, जिससे पायलट को तुरंत हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। पायलट की त्वरित प्रतिक्रिया ने बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।

    फ्लोरिडा हाईवे पर विमान की क्रैश-लैंडिंग एक सुरक्षित चमत्कार के रूप में देखी जा रही है। दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई, हालांकि वाहन चालक को मामूली चोटें आईं। घटना के लाइव वीडियो ने सोशल मीडिया पर भी बड़ी चर्चा छेड़ दी है।

  • जज साहब के घर से 2 सेब चोरी, पड़ोसी मुल्क में अजब-गजब मामला; पुलिस महकमा जांच में जुटा

    जज साहब के घर से 2 सेब चोरी, पड़ोसी मुल्क में अजब-गजब मामला; पुलिस महकमा जांच में जुटा


    नई दिल्ली। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से हाल ही में एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे सुन कर आप भी अपना सिर पकड़ लेंगे। हाल ही में यहां की पुलिस ने 2 सेब चोरी होने पर FIR दर्ज कर लिया और पूरा महकमा इस मामले की जांच में भी जुट गया है। मामला पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का है। पाक के एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ने मामले पर तंज कसते हुए इसे पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा चोरी का मामला कहा है।
    जानकारी के मुताबिक लाहौर में एक सेशंस जज के चेंबर से 2 सेब और एक हैंडवाश की बोतल की चोरी हो गई। इसके बाद पंजाब प्रांत की पुलिस एक्शन में आ गई। पुलिस ने मंगलवार को बताया है कि FIR लाहौर के इस्लामपुरा पुलिस स्टेशन में जज के रीडर की शिकायत पर दर्ज की गई है। वहीं रीडर ने कहा है कि जज ने खुद उसे शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया था।
    FIR के मुताबिक 5 दिसंबर को एडिशनल सेशंस जज नूर मुहम्मद बसमल के चैंबर से दो सेब और एक हैंडवॉश की बोतल चोरी हो गई थी। इसमें कहा गया है कि चोरी हुए सामान की कुल कीमत 1,000 पाकिस्तानी रुपए हैं। लाहौर पुलिस ने पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 380 के तहत मामला दर्ज किया है। इस धारा के तहत, दोषी को सात साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

  • भारत में 1.5 लाख करोड़ का निवेश करेगा माइक्रोसॉफ्ट, सत्य नडेला ने किया ऐलान

    भारत में 1.5 लाख करोड़ का निवेश करेगा माइक्रोसॉफ्ट, सत्य नडेला ने किया ऐलान


    नई दिल्ली।
    माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के सीईओ सत्य नडेला (CEO Satya Nadella) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के साथ अपनी मुलाकात के बाद भारत (India) के लिए बड़ा ऐलान किया है। सत्य नडेला ने कहा है कि टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट भारत में 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने जा रही है, जो एशिया में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। सत्य नडेला के इस ऐलान से भारत के ‘AI ड्रीम’ को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

    सत्य नडेला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इस निवेश को लेकर जानकारी साझा की है। साथ ही उन्होंने PM मोदी के साथ अपनी एक तस्वीर भी साझा की। सत्य नडेला ने लिखा, “भारत में AI के अवसरों पर प्रेरणादायक बातचीत के लिएधन्यवाद, PM नरेंद्र मोदी जी। देश की महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट 17.5 बिलियन डॉलर का निवेश करने जा रहा है।”

    सत्य नडेला ने बताया है कि यह कंपनी का एशिया में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। उन्होंने लिखा, “यह एशिया में हमारा अब तक का सबसे बड़ा निवेश है, जिससे भारत के AI फर्स्ट फ्यूचर के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा, कौशल और क्षमताओं को विकसित करने में मदद मिल सके।”

    वहीं माइक्रोसॉफ्ट ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा है कि भारत में माइक्रोसॉफ्ट का निवेश तीन स्तंभों पर केंद्रित है, जो प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप है। बयान के मुताबिक, “माइक्रोसॉफ्ट और साथ मिलकर आने वाले दशक में नए बेंचमार्क स्थापित करने और देश को डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से AI पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर ले जाने के लिए तैयार हैं। हम एक ऐसे भविष्य को आकार दे रहे हैं जो ज्यादा न्यायसंगत है।” बयान में आगे कहा गया है, “भारत में माइक्रोसॉफ्ट का निवेश तीन स्तंभों, स्केल, स्किल और संप्रभुता, पर केंद्रित है, जो प्रधानमंत्री केविजन के अनुरूप है।”

  • Somalia में बड़ा आतंकी हमला, मोगादिशु के हयात होटल में घुसे आतंकवादी, 10 लोगों की मौत

    Somalia में बड़ा आतंकी हमला, मोगादिशु के हयात होटल में घुसे आतंकवादी, 10 लोगों की मौत


    मोगादिशु।
    सोमालिया (Somalia) में आतंकी समूह अल-शबाब (Al-Shabaab) के बंदूकधारियों ने एक होटल (Hotel) पर हमला कर दिया. इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गई है तो वहीं करीब 9 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना मोहादिशु (Mogadishu) की है जहां हयात होटल पर बंदूकधारियों ने गोलियों की बौछार कर दो कारों में विस्फोट किया. वहीं, अल-कायदा (Al-Qaeda) से जुड़े अल-शबाब समूह ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

    एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि, होटल हयात (Hotel Hyatt) में अब भी आतंकी घुसे हुए हैं और सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ जारी है. उन्होंने बताया होटल हयात पर हमले की सूचना मिलने पर मौके पर सुरक्षा बल पहुंचा जिसके बाद जिहादी समूह लड़ाकों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई. इन बंदूकधारियों के हयात होटल में घुसने से करीब एक मिनट पहले बड़ा धमाका हुआ था।


    दो सुरक्षा अधिकारी घायल हुए

    वहीं, पुलिस मेजर हसन दाहिर ने बताया कि, सुरक्षा बल और जिहादी समूह लड़ाकों के बीच हुई मुठभेड़ में मोगादिशु के खुफिया प्रमुख मुहीदीन मोहम्मद समेत दो सुरक्षा अधिकारी घायल हो गए हैं. वहीं, घटना के वक्त मौजूद लोगों के मुताबिक, पहले विस्फोट के कुछ मिनट बाद दूसरा विस्फोट हुआ. इन विस्फोटो के चलते सुरक्षा बलों के कुछ सदस्य और नागरिक हताहत हुए. एक शख्स ने बताया, घटना के बाद से इलाके भर में घेराबंदी कर दी गई है।


    पहला भी कर चुका है आतंकी समूह हमला

    वहीं, इस पूरी घटना की अल-कायदा से जुड़े अल-शबाब समूह ने जिम्मेदारी ली है. आतंकी समूह ने समर्थक वेबसाइट पर एक बयान में कहा, अल शबाब हमलावरों का एक समूह मोगादिशु में होटल हयात में घुस गया है और इस वक्त वो गोलीबारी कर रहे हैं. बता दें, सोमालिया सरकार के खिलाफ आतंकी संगठन का ये पहला हमला नहीं है. इससे पहले भी कई भयानक विस्फोटों को ये आतंकी समूह अंजाम दे चुका है।

  • बांग्लादेश के कच्चे कपास बाजार का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना ब्राजीन, भारत को छोड़ा पीछे

    बांग्लादेश के कच्चे कपास बाजार का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना ब्राजीन, भारत को छोड़ा पीछे


    ढाका।
    बांग्लादेश (Bangladesh) के कच्चे कपास बाजार (Raw Cotton Market) में बड़ा उलटफेर हो गया है। दशकों से इस बाजार पर कब्जा जमाए भारत (India) को अब ब्राजील (Brazil) ने पीछे छोड़ दिया है। अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 के विपणन वर्ष में ब्राजील ने 25% हिस्सेदारी के साथ बांग्लादेश का सबसे बड़ा कच्चा कपास आपूर्तिकर्ता बन गया है, जबकि भारत महज 15% के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गया है।

    हालांकि एक क्षेत्र में भारत अभी भी मजबूती से कायम है, वह है सूती धागा (कॉटन यार्न)। 2024-25 विपणन वर्ष में बांग्लादेश अपने कुल सूती धागा आयात का 82% हिस्सा भारत से ही लिया। जुलाई 2025 में रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रेडीमेड गारमेंट सेक्टर बांग्लादेश के कुल निर्यात का 80% से अधिक और जीडीपी का करीब 10% योगदान देता है। इस सेक्टर में 40 लाख लोग रोजगार पाते हैं।


    2024-25 विपणन वर्ष (अगस्त 2024 – जुलाई 2025) के आंकड़े

    बांग्लादेश ने रिकॉर्ड 82.8 लाख गांठें (1 गांठ = 480 पौंड) कच्चे कपास का आयात किया। इनमें…
    ब्राजील: 19 लाख गांठें (25% हिस्सेदारी)
    भारत: 14 लाख गांठें (15% हिस्सेदारी)

    एक साल पहले (2023-24) भारत ही 17.9 लाख गांठें (23% हिस्सेदारी) के साथ पहले स्थान पर था। इस साल कुल आयात पिछले साल के 78 लाख गांठों से 5.2% अधिक है। इसके अलावा अन्य बड़े आपूर्तिकर्ता हैं- अमेरिका (7%), ऑस्ट्रेलिया और पश्चिम अफ्रीकी देश, लेकिन कोई भी ब्राज़ील के करीब नहीं पहुंचा। 2025-26 में कच्चे कपास का आयात और 1.4% बढ़कर 84 लाख गांठें होने का अनुमान है।


    राजनीतिक उथल-पुथल का असर

    USDA रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024-25 का बाजार वर्ष ठीक उसी समय शुरू हुआ जब शेख हसीना सरकार के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हो रहे थे। 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना सैन्य हेलीकॉप्टर से भारत चली गई थीं और तब से दिल्ली में ही हैं। अगस्त 2024 में नई अंतरिम सरकार बनने के बाद शुरुआती कुछ व्यवधान आए, लेकिन मई 2025 तक कपास आयात पूरी तरह स्थिर रहा। आरएमजी सेक्टर बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना हुआ है।


    सूती धागे में भारत अभी भी नंबर-1

    जुलाई 2025 तक भारत ने बांग्लादेश के कुल कॉटन यार्न आयात का 82% हिस्सा सप्लाई किया। वहीं दूसरे नंबर पर चीन (केवल 7.5%) है। इसका कारण बताया जा रहा है कि भारत की सबसे बड़ी स्पिनिंग क्षमता। इसके अलावा कोलकाता-बेनापोल जैसे तेज डिलीवरी रूट और कम लॉजिस्टिक्स लागत भी है।