Category: International

  • पाक में भारत विरोधी आतंकियों की हो रही रहस्यमयी मौतें, अब हाफिज सईद के करीबी अफरीदी का खात्मा

    पाक में भारत विरोधी आतंकियों की हो रही रहस्यमयी मौतें, अब हाफिज सईद के करीबी अफरीदी का खात्मा


    नई दिल्ली। पाकिस्तान में पिछले कुछ समय से भारत में वांटेड आतंकियों और उनके सहयोगियों की लगातार रहस्यमयी हत्याओं का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक बड़े नेता शेख यूसुफ अफरीदी की हत्या ने एक बार फिर सुरक्षा और खुफिया तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मामला 26 अप्रैल 2026 का है, जब पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लांडी कोतल क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने अफरीदी पर गोलियां चला दीं। इस हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हमलावर आसानी से फरार हो गए। अफरीदी को लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख चेहरे और हाफिज सईद का करीबी सहयोगी माना जाता था।

    सूत्रों के अनुसार, अफरीदी संगठन के लिए भर्ती और स्थानीय नेटवर्क संभालने में अहम भूमिका निभाता था। वह खैबर क्षेत्र में लश्कर की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सक्रिय था और प्रतिबंधित संगठन के ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता था। इससे पहले भी संगठन को बड़ा झटका लगा था, जब लश्कर-ए-तैयबा के सह-संस्थापक अमीर हमजा पर लाहौर में जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। माना जाता है कि वह कई बड़े आतंकी हमलों की रणनीति और प्रचार गतिविधियों से जुड़ा रहा है।

    पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों से भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों और उनके नेटवर्क से जुड़े लोगों की लगातार टारगेटेड हत्याएं हो रही हैं। इनमें कई कमांडर, फाइनेंसर और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले लोग शामिल हैं। हाल ही में सामने आए मामलों में कराची, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में कई आतंकियों की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या हुई है। इनमें लश्कर, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से जुड़े नाम शामिल बताए जाते हैं।

    इन घटनाओं का पैटर्न लगभग एक जैसा बताया जाता है अज्ञात हमलावर, सटीक निशाना, और वारदात के बाद बिना किसी जिम्मेदारी का दावा किए हमलावरों का फरार हो जाना। इन हत्याओं को लेकर अलग-अलग थ्योरी सामने आती रही हैं। कुछ विशेषज्ञ इसे आतंकी संगठनों के भीतर की आपसी रंजिश और शक्ति संघर्ष से जोड़ते हैं, जबकि कुछ इसे सुरक्षा एजेंसियों की रणनीतिक कार्रवाई मानते हैं। हालांकि किसी भी थ्योरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल यह सिलसिला पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ी चिंता का कारण बना हुआ है, क्योंकि एक के बाद एक प्रमुख नामों के निशाने पर आने से पूरे ढांचे में अस्थिरता और डर का माहौल देखा जा रहा है।

  • भरोसे से अदालत तक: मस्क ने ओपनएआई पर लगाया विश्वासघात का आरोप, सुनवाई शुरू

    भरोसे से अदालत तक: मस्क ने ओपनएआई पर लगाया विश्वासघात का आरोप, सुनवाई शुरू


    नई दिल्ली । अमेरिका में टेक दुनिया की सबसे चर्चित कानूनी लड़ाइयों में से एक ने अब अदालत का दरवाजा खटखटा दिया है जहां एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है कैलिफोर्निया के ओकलैंड स्थित फेडरल कोर्ट में इस हाई प्रोफाइल केस की सुनवाई शुरू हो चुकी है और इसके साथ ही पूरी दुनिया की नजरें इस मुकदमे पर टिक गई हैं

    इस मामले की अध्यक्षता जज यवोन गोंजालेज रोजर्स कर रही हैं जहां सबसे पहले जूरी चयन की प्रक्रिया शुरू हुई है माना जा रहा है कि यह ट्रायल मई के मध्य तक चल सकता है और इसमें कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं

    मामले की जड़ में वह आरोप है जिसमें मस्क ने OpenAI पर अपनी मूल गैर लाभकारी सोच से भटकने का आरोप लगाया है मस्क का कहना है कि जिस संस्था को मानवता के हित में काम करने के लिए बनाया गया था वह अब मुनाफा कमाने वाली कंपनी बन गई है जो उसके शुरुआती उद्देश्य के खिलाफ है

    इस विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब मस्क ने लगभग 134 अरब डॉलर के भारी भरकम हर्जाने की मांग कर दी हालांकि उन्होंने बाद में यह भी स्पष्ट किया कि यदि उन्हें कोई राशि मिलती है तो वह उसे ओपनएआई की चैरिटेबल शाखा को दान कर देंगे साथ ही मस्क ने ऑल्टमैन और सह संस्थापक ग्रेग ब्रॉकमैन को पद से हटाने की मांग भी की है

    दिलचस्प बात यह है कि ट्रायल शुरू होने से ठीक पहले मस्क ने अपने धोखाधड़ी के आरोप वापस ले लिए हैं अब यह मामला मुख्य रूप से विश्वासघात और अनुचित लाभ पर केंद्रित हो गया है वहीं दूसरी ओर ओपनएआई ने मस्क के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह मुकदमा व्यक्तिगत असफलताओं और प्रतिस्पर्धा से उपजी नाराजगी का परिणाम है इस केस में टेक इंडस्ट्री के कई बड़े नाम गवाही दे सकते हैं जिनमें सत्या नडेला का नाम भी शामिल है जिससे यह मुकदमा और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है

    एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार बचाव पक्ष यह साबित करने की कोशिश करेगा कि मस्क ने पहले खुद ओपनएआई को मुनाफा कमाने वाली कंपनी बनाने का समर्थन किया था बशर्ते इसे उनकी कंपनी Tesla में शामिल किया जाए मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी दावा किया है कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जो सभी को चौंका देंगे

    यह मामला सिर्फ दो व्यक्तियों के बीच की लड़ाई नहीं बल्कि यह टेक इंडस्ट्री के भविष्य और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नैतिक उपयोग पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है अब देखना होगा कि अदालत इस बहुचर्चित विवाद में क्या फैसला सुनाती है और इसका असर वैश्विक तकनीकी जगत पर किस रूप में पड़ता है

  • ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर पर लटकी जांच की तलवार… एपस्टीन के चक्कर में जा सकती है कुर्सी

    ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर पर लटकी जांच की तलवार… एपस्टीन के चक्कर में जा सकती है कुर्सी


    लंदन।
    अमेरिका (America) का बदनाम यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) के चक्कर में अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (British Prime Minister Keir Starmer) पर जांच की तलवार लटकी हुई है। जल्दी ही ब्रिटिश संसद इस बात पर वोटिं करने वाली है कि क्या एपस्टीन के सहयोगी की नियुक्ति करने के लिए स्टार्मर के खिलाफ जांच की जाए या फिर नहीं। दरअसल, स्टार्मर पर आरोप हैं कि उन्होंने एपस्टीन के पूर्व सहयोगी और ब्रिटिश सिविस सेवक पीटर मेंडेलसन के संबंध में संसद को गुमराह किया है।

    ब्रिटिश संसद के स्पीकर होयल ने इस वोटिंग के बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए बताया कि तमाम सांसदों ने इसकी मांग की थी। इसमें विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी के वरिष्ठ नेता केमी बेडेनॉक भी शामिल थे। विपक्षी पार्टी का आरोप है कि कीर स्टार्मर 2024 में मेंडलसन को अमेरिका में ब्रिटिश राजदूत नियुक्त किया था। इस दौरान स्टार्मर ने संसद को भरोसा दिलाया था कि मेंडेलसन के खिलाफ सभी जांच की जा चुकी हैं। लेकिन अब उसका नाम एपस्टीन फाइल्स में आया है। ऐसे में विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि या तो स्टार्मर ने जानबूझकर इस तथ्य को नजरअंदाज किया है। या फिर उन्होंने जांच के नाम पर संसद को गुमराह किया है।

    गौरतलब है कि 2025 में जेफ्री एपस्टीन फाइल्स में पीटर मेंडलसन का नाम सामने आने के बाद स्टार्मर ने ब्रिटिश विदेश विभाग के तमाम अधिकारियों पर ऐक्शन लिया था। स्टार्मर ने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों ने इस तथ्य को छिपाया था कि मेंडलसेन जांच रिपोर्ट में पास नहीं हुआ है। मेंडेलसन के ऊपर आरोप हैं कि उसने दस साल तक मंत्री पद पर रहते हुए अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन को गोपनीय जानकारी लीक की थी।

    बता दें, ट्रंप के साथ बयानबाजी वाले संघर्ष में उलझे स्टार्मर के लिए यह मुद्दा भी संगीन होता जा रहा है। विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे पर लगातार इस्तीफे की मांग कर रहा है। अगर मतदान स्टार्मर के खिलाफ जाता है, तो उन्हें इस जांच का सामना करना पड़ सकता है। यह कमेटी दोषी पाए जाने पर स्टार्मर को पद छोड़ने के लिए भी कह सकती है। हालांकि, ब्रिटिश संसद में इस वक्त स्टार्मर के पास बहुमत है। ऐसे में वोटिंग में हारने के आशंका कम है।

    गौरतलब है कि जिस प्रिविलेजेस कमेटी के पास स्टार्मर को भेजे जाने का प्रस्ताव भेजा गया है। उसकी वजह से पूर्व ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी। 2023 कोविड काल के दौरान पार्टी गेट मामले में संसद ने उन पर गुमराह करने के आरोपों की जांच की थी। बाद में जब इस रिपोर्ट में उनके निलंबन की सिफारिश की जाने वाली थी, लेकिन उसके पहले ही जॉनसन ने इस्तीफा दे दिया था।

  • कोल एलन पर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश का आरोप, केस दर्ज, जांच में और खुलासों के संकेत

    कोल एलन पर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश का आरोप, केस दर्ज, जांच में और खुलासों के संकेत



    वॉशिंगटन । वॉशिंगटन डीसी में आयोजित संवाददाता डिनर के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश के मामले में 31 वर्षीय कोल थॉमस एलन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, उस पर राष्ट्रपति की हत्या का प्रयास, आपराधिक इरादे से हथियार रखने और फायरिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    यह वारदात शनिवार शाम वाशिंगटन हिल्टन होटल में हुई, जहां राष्ट्रपति ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। आरोपी एलन सुरक्षा जांच को चकमा देकर अंदर घुस गया। उसके पास एक लंबी बंदूक थी और मेटल डिटेक्टर पार करते ही उसने गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान सीक्रेट सर्विस के एक अधिकारी के सीने में गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से उनकी जान बच गई। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए हमलावर को पकड़ लिया।

    जांच में सामने आए तथ्य
    प्रारंभिक जांच से पता चला है कि एलन पूरी योजना के साथ इस हमले को अंजाम देने पहुंचा था। वह 21 से 24 अप्रैल के बीच लॉस एंजिल्स से शिकागो होते हुए ट्रेन के जरिए वाशिंगटन पहुंचा। घटना वाले दिन ही उसने होटल में कमरा बुक किया था। उसके पास से एक शॉटगन, पिस्टल और तीन चाकू बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि उसका निशाना सिर्फ राष्ट्रपति ही नहीं, बल्कि अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी थे।

    राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
    घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने हमलावर को कट्टरपंथी और मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया। उन्होंने कहा कि आरोपी के एक घोषणापत्र से संकेत मिलता है कि उसके विचारों में हाल के समय में बड़ा बदलाव आया था। ट्रंप ने सुरक्षाकर्मियों की तत्परता और बहादुरी की सराहना की और बताया कि खतरे के तुरंत बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।

    कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहती हैं। उन्होंने समाज में बढ़ती हिंसक भाषा और मीडिया के कुछ हिस्सों को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। एफबीआई इस मामले की गहन जांच कर रही है। आरोपी एलन फिलहाल हिरासत में है और उसकी अगली पेशी गुरुवार को निर्धारित है।

  • दक्षिण सूडान: उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद क्रैश हुआ विमान…. 14 यात्रियों की मौत

    दक्षिण सूडान: उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद क्रैश हुआ विमान…. 14 यात्रियों की मौत


    जुबा।
    दक्षिण सूडान (South Sudan) में यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त (Airplane Crash) हो गया, जिसमें सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। देश के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (SSCAA) ने इस हादसे की पुष्टि की है। अधिकारियों ने जांच के लिए एक टीम दुर्घटनास्थल पर भेजी है। रिपोर्ट के अनुसार, विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का कारण खराब मौसम माना जा रहा है। SSCAA ने अपने बयान में यह जानकारी दी।

    विमान स्थानीय समयानुसार सुबह 7:15 बजे जुबा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Juba International Airport) से उड़ा था और राजधानी से करीब 20 किलोमीटर दूर दुर्घटना का शिकार हो गया। दक्षिण सूडान के सिविल एविएशन अथॉरिटी ने बयान जारी कर बताया कि दुर्घटना में कोई भी बचा नहीं। दुर्घटना स्थल पर पहुंची यूएन बचाव टीम के एक सदस्य ने बताया कि शव इतने जल गए थे कि उन्हें पहचानना असंभव हो गया था। इस दुर्घटना में 12 दक्षिण सूडानी और 2 केन्याई नागरिक शामिल थे।

    दक्षिण सूडान पहले से ही अस्थिरता, संघर्ष और गरीबी की मार झेल रहा है, जहां परिवहन बुनियादी ढांचा बेहद कमजोर है। यहां अक्सर विमान अधिक वजन होने या मौसम की वजह से दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। यह घटना देश की उड़ान सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर रखरखाव, प्रशिक्षण और मौसम संबंधी चेतावनियों की कमी से ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं।

    पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण सूडान में कई बड़ी विमान दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जनवरी 2025 में उत्तरी सूडान में एक क्रैश में 20 लोग मारे गए थे। 2021 में विश्व खाद्य कार्यक्रम के ईंधन ले जा रहे कार्गो प्लेन दुर्घटना में 5 लोगों की जान गई। 2015 में जुबा में एक एंटोनोव विमान दुर्घटना में 36 लोग मारे गए थे, जबकि 2017 में एक और घटना में विमान रनवे से फिसल गया था, लेकिन चमत्कारिक रूप से सभी 37 यात्री बच गए। इस बार की दुर्घटना ने एक बार फिर देश की एयर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

  • पाकिस्तान में लश्कर कमांडर की हत्या, अज्ञात हमलावरों ने बरसाईं गोलियां

    पाकिस्तान में लश्कर कमांडर की हत्या, अज्ञात हमलावरों ने बरसाईं गोलियां


    इस्लामाबाद। पाकिस्तान में एक बार फिर ‘अननोन गनमैन’ की कार्रवाई सामने आई है। इस बार निशाना आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े वरिष्ठ कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी बने, जिन्हें अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया।
    पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अफरीदी पर अचानक अंधाधुंध फायरिंग की गई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी, हालांकि अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

    हाफिज सईद का करीबी बताया जाता था
    शेख यूसुफ अफरीदी को हाफिज सईद का करीबी सहयोगी माना जाता था।

    बताया जाता है कि वह लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहा था और खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में नेटवर्क संभालता था। आरोप है कि वह युवाओं को तैयार कर उन्हें कश्मीर समेत अन्य क्षेत्रों में भेजने में सक्रिय भूमिका निभाता था। अफरीदी कई मौकों पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी सईद के साथ नजर आ चुका था।

    टारगेट किलिंग का शक, जांच जारी
    स्थानीय पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह मामला टारगेट किलिंग का प्रतीत होता है।

    हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

    ‘अननोन गनमैन’ की घटनाएं बढ़ीं
    गौरतलब है कि पाकिस्तान में हाल के महीनों में अज्ञात हमलावरों द्वारा इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं, जिनमें कई विवादित और भारत-विरोधी गतिविधियों से जुड़े लोगों को निशाना बनाया गया है। हालांकि इन घटनाओं के पीछे किसका हाथ है, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है।

    भारत का स्पष्ट रुख
    इन घटनाओं को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहे हैं, लेकिन भारत सरकार ने हमेशा साफ किया है कि वह किसी भी देश की संप्रभुता का सम्मान करती है और ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं है।

    कुल मिलाकर, अफरीदी की हत्या ने पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी नेटवर्क से जुड़े समीकरणों को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • बांग्लादेश में मंदिर पुजारी की संदिग्ध मौत, पेड़ से लटका मिला शव; हत्या का आरोप

    बांग्लादेश में मंदिर पुजारी की संदिग्ध मौत, पेड़ से लटका मिला शव; हत्या का आरोप


    ढाका। बांग्लादेश में एक हिंदू मंदिर से जुड़े पुजारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घर से लापता होने के तीन दिन बाद उनका शव पेड़ से लटका मिला, जिसके बाद अल्पसंख्यक समुदाय ने इसे हत्या बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के अनुसार, कोक्स बाजार सदर उपजिला के खुरुशकुल यूनियन स्थित शिव-काली मंदिर के पुजारी और संरक्षक 40 वर्षीय नयन साधु का शव चटगांव जिले के दोहाजारी क्षेत्र के पास पहाड़ी इलाके में बरामद किया गया। वे मंदिर की देखरेख के साथ पूजा-अर्चना का कार्य भी संभालते थे।

    तीन दिन पहले हुए थे लापता

    स्थानीय पुलिस के मुताबिक 19 अप्रैल की शाम दो अज्ञात व्यक्ति नयन साधु को अपने साथ ले गए थे। इसके बाद से वह लापता थे। तीन दिन बाद गांव के बाहरी क्षेत्र में उनका शव मिला। पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का।

    समुदाय ने उठाए सवाल

    घटना के बाद बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

    परिषद से जुड़ी काजल देबनाथ ने सवाल उठाया कि एक छोटे और दूरदराज मंदिर के साधारण देखरेखकर्ता को निशाना बनाने के पीछे क्या कारण हो सकता है।

    वहीं बांग्लादेश पूजा उत्सव परिषद की कोक्स बाजार इकाई के महासचिव जॉनी धर ने कहा कि लापता होने के तीन दिन बाद शव मिलने से हत्या की आशंका और गहरी हो गई है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। नयन साधु की पत्नी ने 19 अप्रैल को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई।

    सांप्रदायिक घटनाओं पर चिंता

    गौरतलब है कि बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद की हालिया रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 की पहली तिमाही में देश में सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इससे अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।

    इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • कोलंबिया में बस में भीषण धमाका, 14 की मौत; सरकार ने बताया आतंकी हमला

    कोलंबिया में बस में भीषण धमाका, 14 की मौत; सरकार ने बताया आतंकी हमला


    नई दिल्ली! दक्षिण-पश्चिमी कोलंबिया में शनिवार को एक यात्री बस को निशाना बनाकर किए गए भीषण विस्फोट में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 38 से अधिक यात्री घायल हो गए। कोलंबियाई सेना ने इस घटना को आतंकी हमला बताया है।

    यह धमाका काउका क्षेत्र के काजिबियो नगर स्थित पैनअमेरिकन हाईवे पर उस समय हुआ, जब बस वहां से गुजर रही थी। स्थानीय प्रशासन के अनुसार विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि बस के परखच्चे उड़ गए और आसपास का इलाका दहल उठा।

    घायलों में बच्चे भी शामिल

    काउका क्षेत्र की स्वास्थ्य अधिकारी कैरोलिना कामार्गो ने बताया कि घायलों में पांच बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है, जबकि कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    आतंकी गुटों पर आरोप

    कोलंबिया सेना के कमांडर जनरल ह्यूगो लोपेज ने हमले के लिए इवान मोर्दिस्को गिरोह और जैमी मार्टिनेज गुट को जिम्मेदार ठहराया है। ये दोनों गुट पूर्व विद्रोही संगठन एफएआरसी (FARC) के असंतुष्ट धड़े माने जाते हैं, जिन्होंने वर्ष 2016 के शांति समझौते को स्वीकार नहीं किया था।

    राष्ट्रपति की कड़ी प्रतिक्रिया

    कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों, विशेषकर आदिवासी समुदाय के लोगों को निशाना बनाना आतंकवाद है। उन्होंने हमलावरों को मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े हिंसक गिरोह बताया।

    क्षेत्र में बढ़ रही हिंसा

    दक्षिण-पश्चिमी कोलंबिया में हाल के दिनों में हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दिनों में ही क्षेत्र में 26 से अधिक हिंसक घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें सार्वजनिक ढांचे और आम नागरिकों को निशाना बनाया गया।

    मेक्सिको में भी गोलीबारी

    इसी बीच मेक्सिको में भी एक अलग घटना सामने आई है। टियोटिहुआकन पिरामिड परिसर में एक हथियारबंद व्यक्ति ने पर्यटकों पर गोलीबारी कर दी। इस हमले में एक कनाडाई नागरिक की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। बाद में हमलावर ने खुद को गोली मार ली।

    घायलों में विभिन्न देशों के नागरिक शामिल हैं और सभी का उपचार जारी है।

  • लंदन में नीलामी के लिए तैयार जयपुर राजघराने का ‘सुपरकंप्यूटर’, 25 करोड़ तक लग सकती है बोली

    लंदन में नीलामी के लिए तैयार जयपुर राजघराने का ‘सुपरकंप्यूटर’, 25 करोड़ तक लग सकती है बोली


    जयपुर। राजस्थान के शाही इतिहास और वैज्ञानिक विरासत से जुड़ा एक दुर्लभ खगोलीय यंत्र ‘एस्ट्रोलेब’ अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 17वीं सदी का यह ऐतिहासिक उपकरण 29 अप्रैल को लंदन में नीलामी के लिए पेश किया जाएगा। विशेषज्ञ इसे उस दौर का ‘सुपरकंप्यूटर’ और ‘प्राचीन स्मार्ट डिवाइस’ बता रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि यह यंत्र कभी जयपुर राजघराने के शाही संग्रह का हिस्सा था। सवाई मानसिंह द्वितीय के निधन के बाद यह महारानी गायत्री देवी के पास रहा और बाद में निजी संग्रह में शामिल हो गया। अब पहली बार इसे सार्वजनिक नीलामी में उतारा जा रहा है।

    आकार, बनावट और कीमत खास

    पीतल से निर्मित यह एस्ट्रोलेब आकार और उपयोगिता दोनों में विशेष माना जा रहा है। इसका वजन करीब 8.2 किलोग्राम और ऊंचाई लगभग 46 सेंटीमीटर है, जो सामान्य यंत्रों की तुलना में काफी बड़ा है।

    विशेषज्ञों के अनुसार इसकी दुर्लभता और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसकी कीमत 1.5 से 2.5 मिलियन पाउंड (करीब 15 से 25 करोड़ रुपये) तक जा सकती है।

    17वीं सदी का बहुउपयोगी यंत्र

    जानकारों के मुताबिक, यह यंत्र अपने समय में कई जटिल गणनाओं के लिए उपयोग किया जाता था। इसके माध्यम से सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तारों की स्थिति, इमारतों की ऊंचाई तथा कुओं की गहराई तक मापी जा सकती थी।

    इसके अलावा धार्मिक दिशा निर्धारण और पंचांग आधारित ज्योतिषीय गणनाओं में भी इसका उपयोग होता था।

    मुगलकालीन विरासत की झलक

    यह एस्ट्रोलेब 17वीं सदी की शुरुआत में लाहौर के प्रसिद्ध कारीगर कायम मुहम्मद और मुहम्मद मुकीम द्वारा तैयार किया गया था। इसकी विशेषता यह है कि इसमें तारों के नाम फारसी भाषा तथा उनके संस्कृत समकक्ष देवनागरी लिपि में अंकित हैं, जो उस दौर में विज्ञान और संस्कृति के अद्भुत संगम को दर्शाते हैं।

    वैश्विक स्तर पर बढ़ी दिलचस्पी

    इस यंत्र में 94 शहरों के अक्षांश-देशांतर और 38 तारों के संकेतक अंकित हैं, जिन्हें आज भी काफी सटीक माना जाता है। यही वजह है कि दुनिया भर के संग्रहालयों और निजी कलेक्टरों में इसे लेकर खास रुचि देखी जा रही है।

  • ट्रंप का दावा- पुतिन और जेलेंस्की से ‘अच्छी बातचीत’, जल्द खत्म हो सकता है युद्ध

    ट्रंप का दावा- पुतिन और जेलेंस्की से ‘अच्छी बातचीत’, जल्द खत्म हो सकता है युद्ध


    वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक रही है तथा जल्द समाधान निकलने की उम्मीद है।

    फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम ‘द संडे ब्रीफिंग’ में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दोनों देशों के बीच हालात सामान्य करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी पुतिन और जेलेंस्की दोनों से बातचीत होती रही है, हालांकि आखिरी बातचीत कब हुई, इस पर उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी।

    ‘नफरत से नहीं सुलझेगा विवाद’

    ट्रंप ने दोनों नेताओं के बीच बढ़ती कटुता पर चिंता जताते हुए कहा कि आपसी नफरत किसी भी समाधान में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने इसे “हास्यास्पद और पागलपन” बताया तथा कहा कि शांति स्थापित करने के लिए संवाद ही सबसे जरूरी रास्ता है।

    गौरतलब है कि फरवरी 2022 में शुरू हुए रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने का वादा ट्रंप ने अपने चुनाव अभियान के दौरान किया था। हालांकि उनके दूसरे कार्यकाल में भी संघर्ष जारी है।

    जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण

    इधर युद्ध क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। यूक्रेन के निप्रो शहर पर रूस के ड्रोन और मिसाइल हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार हमले में एक मकान पूरी तरह नष्ट हो गया।

    वहीं रूस के बेलगोरोद क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमले में एक महिला की मौत और एक व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। यह घटनाएं हाल ही में युद्धबंदियों की अदला-बदली के बाद सामने आई हैं।

    रूस का दावा

    रूस के विशेष दूत रोदियोन मिरोशनिक ने दावा किया कि फरवरी 2022 से अब तक यूक्रेनी हमलों में 8 हजार से अधिक रूसी नागरिक मारे गए हैं और करीब 20 हजार घायल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेन ने नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया है।