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  • द स्पिरिट हंटर्स: मन, ऊर्जा और चेतना को जोड़कर हीलिंग की एक नई समग्र पहल

    द स्पिरिट हंटर्स: मन, ऊर्जा और चेतना को जोड़कर हीलिंग की एक नई समग्र पहल


    नई दिल्ली । उपचार की प्रक्रिया हमेशा केवल दवाओं, मशीनों या तय तकनीकों तक सीमित नहीं रही है। समय के साथ यह समझ गहरी होती गई है कि कई मानसिक और भावनात्मक समस्याओं की जड़ व्यक्ति के मन, भावनाओं और ऊर्जा के स्तर पर छिपी होती है। इसी सोच से जन्मी है द स्पिरिट हंटर्स नामक पहल, जो उपचार को एक समग्र और संवेदनशील दृष्टिकोण से देखने का प्रयास करती है।द स्पिरिट हंटर्स उन लोगों के लिए एक सुरक्षित और सहज स्पेस उपलब्ध कराता है, जो मानसिक तनाव, भावनात्मक उलझन, भीतर के भय या ऐसे अनुभवों से गुजर रहे होते हैं, जिन्हें वे स्वयं भी स्पष्ट शब्दों में व्यक्त नहीं कर पाते। यहाँ उद्देश्य किसी निष्कर्ष पर तुरंत पहुँचना नहीं, बल्कि व्यक्ति की स्थिति को गहराई, धैर्य और समझ के साथ सुनना और समझना है। यह मंच जजमेंट-फ्री माहौल में व्यक्ति को खुलकर अपनी बात रखने का अवसर देता है।

    इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता उपचार को देखने का उसका अलग नजरिया है। द स्पिरिट हंटर्स का मानना है कि हर व्यक्ति की समस्या अलग होती है इसलिए उसका समाधान भी एक जैसा नहीं हो सकता। यहाँ किसी तय ढाँचे या फॉर्मूले के बजाय व्यक्ति के अनुभव, मानसिक स्थिति और ऊर्जा संतुलन को ध्यान में रखकर मार्गदर्शन दिया जाता है। उपचार प्रक्रिया में मानसिक और भावनात्मक बातचीत ऊर्जा संतुलन से जुड़े सेशन्स, अवचेतन मन को समझने की तकनीकें और असहज या नकारात्मक प्रभावों की पहचान जैसे पहलू शामिल होते हैं। यह तरीका व्यक्ति को केवल तात्कालिक राहत नहीं देता, बल्कि आत्म-समझ और आंतरिक स्पष्टता की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करता है।

    द स्पिरिट हंटर्स में ऊर्जा और आध्यात्मिक संवेदनशीलता से जुड़ा मार्गदर्शन अंकिता के. द्वारा संभाला जाता है। उनका फोकस लोगों को उनकी आंतरिक ऊर्जा से दोबारा जोड़ने पर रहता है, ताकि वे अपने भीतर चल रहे असंतुलन को पहचान सकें। उनका दृष्टिकोण डर अंधविश्वास या रहस्य पर आधारित नहीं, बल्कि शांति संतुलन और आत्मिक स्थिरता पर केंद्रित है। कई मामलों में यह मार्गदर्शन व्यक्ति को भावनात्मक रूप से हल्का महसूस कराने और उलझे हुए विचारों को स्पष्ट करने में सहायक साबित होता है।वहीं मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक पक्ष को संतुलित करने का कार्य डॉ. अक्षय के. वी. करते हैं। मनोविज्ञान और काउंसलिंग की पृष्ठभूमि के साथ उनका दृष्टिकोण व्यक्ति के मन में चल रही प्रक्रियाओं को समझने और उन्हें व्यावहारिक तरीके से सुलझाने पर केंद्रित रहता है। इससे उपचार की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित स्थिर और ज़मीनी बनती है।

    द स्पिरिट हंटर्स की खास बात यह है कि यहाँ विज्ञान और अध्यात्म को एक-दूसरे से अलग नहीं बल्कि पूरक के रूप में देखा जाता है। मानसिक समझ ऊर्जा और चेतना की संवेदनशीलता, व्यवहारिक मार्गदर्शन और गहराई से सुनने की प्रक्रिया ये सभी पहलू मिलकर व्यक्ति को संतुलित सहयोग प्रदान करते हैं। आज के तेज़ और दबाव भरे जीवन में जहाँ लोग अपनी समस्याओं को समझने और व्यक्त करने में भी कठिनाई महसूस करते हैं द स्पिरिट हंटर्स एक ऐसे हीलिंग स्पेस के रूप में उभरता है जहाँ बिना जल्दबाज़ी के सुना जाए और बिना जजमेंट के समझा जाए। यह पहल इस विचार को आगे बढ़ाती है कि उपचार केवल समस्या को ठीक करना नहीं बल्कि व्यक्ति को अपने भीतर संतुलन स्पष्टता और शांति की ओर ले जाना है।

  • छत्तीसगढ़ का बेस्ट टूरिस्ट विलेज: सरोधा-दादर की हरियाली और ठंडी हवाओं में मिलेगा हिमालय जैसी ठंडक

    छत्तीसगढ़ का बेस्ट टूरिस्ट विलेज: सरोधा-दादर की हरियाली और ठंडी हवाओं में मिलेगा हिमालय जैसी ठंडक



    नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में स्थित ‘सिल्वर विलेज’ सरोधा-दादर अपनी हरियाली, ठंडी हवाओं और शांत माहौल से मसूरी-शिमला जैसी अनुभूति कराता है। मैकल पर्वत की तलहटी में बसे इस गांव को 2023 में भारत के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार मिला है और यह प्रकृति प्रेमियों के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है।

    छत्तीसगढ़ को अक्सर घने जंगलों और आदिवासी संस्कृति के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां छिपे कुछ गांव अपनी खूबसूरती में पहाड़ी हिल स्टेशनों को भी मात देते हैं। ऐसा ही एक अनोखा और बेहद सुंदर गांव है सरोधा-दादर, जिसे छत्तीसगढ़ का ‘सिल्वर विलेज’ कहा जाता है। यह गांव न सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है, बल्कि अपनी सादगी, शांति और मेहमाननवाजी से हर आने वाले का दिल जीत लेता है।

    छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में स्थित यह गांव मैकल पर्वत की तलहटी में बसा हुआ है। चारों ओर फैली हरी-भरी पहाड़ियां, ठंडी हवाएं, साफ-सुथरा वातावरण और शांत घाटियां इसे किसी जन्नत से कम नहीं बनातीं।

    यहां पहुंचते ही लोगों को शिमला और मसूरी जैसी ठंडक और सुकून का अहसास होने लगता है, यही वजह है कि देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी पर्यटक इस गांव को देखने आते हैं।

    सरोधा-दादर की खूबसूरती और टिकाऊ पर्यटन मॉडल को देखते हुए साल 2023 में इसे भारत के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार भी मिल चुका है। यहां की पारंपरिक जीवनशैली, आदिवासी संस्कृति और प्रकृति के साथ तालमेल इसे बाकी पर्यटन स्थलों से अलग बनाता है। गांव के लोग पर्यटकों का दिल से स्वागत करते हैं, जिससे यहां आने वालों का अनुभव और भी खास बन जाता है।

    प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफी के शौकीनों और शांति की तलाश में निकले यात्रियों के लिए सरोधा-दादर एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है। अगर आप भी भीड़-भाड़ से दूर किसी शांत, हरे-भरे और खूबसूरत स्थान पर समय बिताना चाहते हैं, तो अगली ट्रिप में मसूरी-शिमला की जगह छत्तीसगढ़ के इस ‘सिल्वर विलेज’ को जरूर शामिल करें।
    प्रकृति के करीब समय बिताने वालों, फोटोग्राफी के शौकीनों और शांति की तलाश में रहने वालों के लिए सरोधा-दादर किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां न तो शहरों की भागदौड़ है और न ही भीड़-भाड़ का शोर। अगर आप भीड़ से दूर, शुद्ध हवा और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो छत्तीसगढ़ का यह ‘सिल्वर विलेज’ आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए।

  • आपको भी होती है नाइट क्रेविंग? तो 10 मिनट में बना लें ये चॉकलेटी पुडिंग..

    आपको भी होती है नाइट क्रेविंग? तो 10 मिनट में बना लें ये चॉकलेटी पुडिंग..


    नई दिल्ली । कई बार ऐसा होता है कि रात के वक्त अचानक कुछ मीठा खाने की जबरदस्त क्रेविंग होने लगती है। पेट तो भरा होता है लेकिन मन मीठा मांगे बिना मानता ही नहीं। ऐसे में बाहर से कुछ ऑर्डर करना या भारी मिठाई खाना सेहत के लिए सही नहीं होता। अगर आप भी इस परेशानी से जूझते हैं तो घर पर बनी आसान चॉकलेट पुडिंग आपकी नाइट क्रेविंग का सबसे अच्छा समाधान है।यह रेसिपी न सिर्फ जल्दी बन जाती है बल्कि इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी आमतौर पर हर किचन में मिल जाती है। क्रीमी टेक्सचर गाढ़ा चॉकलेटी स्वाद और हल्की मिठास इसे बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी का फेवरेट बना देती है।

    Chocolate Pudding Recipeसामग्री: 

    दूध – 1 कप
    कोको पाउडर – 2 टेबलस्पून

    चीनी – 2 से 3 टेबलस्पून (स्वादानुसार)

    कॉर्नफ्लोर – 1 टेबलस्पून

    डार्क चॉकलेट या चॉकलेट चिप्स – 1/4 कप

    वनीला एसेंस – 1/2 टीस्पून

    बनाने की विधि:
    सबसे पहले एक छोटे बाउल में 2–3 टेबलस्पून दूध लें और उसमें कॉर्नफ्लोर को अच्छी तरह घोल लें ताकि कोई गांठ न बने।
    अब एक पैन में बचा हुआ दूध डालें और मध्यम आंच पर गर्म करें। दूध में कोको पाउडर और चीनी डालकर लगातार चलाते रहें।
    जब दूध हल्का गर्म हो जाए तब इसमें कॉर्नफ्लोर वाला मिश्रण डाल दें और आंच धीमी कर दें।
    लगातार चलाते रहें कुछ ही मिनटों में मिश्रण गाढ़ा होने लगेगा।
    अब इसमें डार्क चॉकलेट या चॉकलेट चिप्स डालें और तब तक मिलाएं जब तक चॉकलेट पूरी तरह पिघल न जाए।
    गैस बंद कर दें और आखिर में वनीला एसेंस मिलाएं।आपकी चॉकलेट पुडिंग तैयार है। इसे आप गरमागरम भी खा सकते हैं या ठंडा करके भी सर्व कर सकते हैं।

    गार्निशिंग और हेल्दी टिप्स:
    ऊपर से ड्राई फ्रूट्स चॉकलेट शेविंग्स या बिस्किट क्रम्ब्स डालकर सजाएं।

    हेल्दी ऑप्शन के लिए चीनी की जगह शहद या गुड़ पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    ज्यादा क्रीमी टेक्सचर के लिए दूध की जगह आधा दूध और आधा क्रीम लें।

    रात की मीठी क्रेविंग के लिए यह चॉकलेट पुडिंग हल्की स्वादिष्ट और झटपट बनने वाली परफेक्ट रेसिपी है।

  • सर्दियों में रूखी और बेजान त्वचा से छुटकारा पाएं, अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे

    सर्दियों में रूखी और बेजान त्वचा से छुटकारा पाएं, अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे



    नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम जितना सुहावना होता है, उतना ही त्वचा के लिए चुनौतीपूर्ण भी। ठंडी हवाएं, कम नमी और धूप की कमी त्वचा की प्राकृतिक नमी को छीन लेती हैं, जिससे स्किन रूखी, खिंची हुई और बेजान नजर आने लगती है। कई लोगों को इस दौरान खुजली, फटना और जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि, थोड़ी सी समझदारी और सही घरेलू देखभाल से सर्दियों में भी त्वचा को मुलायम, स्वस्थ और चमकदार बनाए रखा जा सकता है।

    मॉइस्चराइजिंग है सबसे जरूरी कदम
    सर्दियों में त्वचा को अतिरिक्त नमी की जरूरत होती है।

    नहाने के तुरंत बाद शरीर और चेहरे पर नारियल तेल या बादाम तेल लगाने से स्किन लंबे समय तक हाइड्रेटेड रहती है। ये तेल त्वचा को पोषण देने के साथ-साथ ड्राइनेस को भी दूर करते हैं। अगर आपकी त्वचा बहुत ज्यादा रूखी है, तो रात में सोने से पहले हल्की मालिश करना बेहद फायदेमंद साबित होता है।

    शहद और दूध से पाएं नेचुरल ग्लो
    शहद एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है, जो त्वचा की नमी को लॉक करता है और उसे सॉफ्ट बनाता है। हफ्ते में दो से तीन बार चेहरे पर शुद्ध शहद लगाकर 15 मिनट बाद गुनगुने पानी से धोने से स्किन में निखार आता है।

    शहद में थोड़ी मात्रा में कच्चा दूध मिलाकर लगाने से त्वचा की रंगत और भी बेहतर होती है।

    दूध और मलाई से हटाएं डेड स्किन
    कच्चे दूध में रुई भिगोकर चेहरे पर हल्के हाथों से लगाने से त्वचा साफ और कोमल होती है। वहीं, मलाई में नींबू की कुछ बूंदें मिलाकर लगाने से डेड स्किन हटती है और स्किन की नमी बरकरार रहती है। यह उपाय खासतौर पर बहुत रूखी त्वचा वालों के लिए कारगर है।

    एलोवेरा जेल देगा ठंडक और नमी
    एलोवेरा जेल सर्दियों में त्वचा के लिए रामबाण माना जाता है। यह स्किन को ठंडक देता है और ड्राइनेस को कम करता है। रात में सोने से पहले चेहरे पर एलोवेरा जेल लगाकर छोड़ दें और सुबह हल्के पानी से धो लें, इससे त्वचा तरोताजा महसूस होती है।

    खानपान और पानी भी है जरूरी
    सर्दियों में लोग अक्सर कम पानी पीते हैं, जिससे त्वचा और ज्यादा रूखी हो जाती है। दिन में कम से कम 7–8 गिलास पानी जरूर पिएं। इसके साथ ही हरी सब्जियां, मौसमी फल, ड्राई फ्रूट्स और विटामिन E से भरपूर आहार त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं।

    इन गलतियों से रहें दूर
    सर्दियों में बहुत गर्म पानी से नहाने और हार्श साबुन के इस्तेमाल से बचें, क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है। हल्के फेसवॉश और नियमित घरेलू देखभाल अपनाकर आप सर्दियों में भी अपनी त्वचा को स्वस्थ, मुलायम और दमकता बनाए रख सकते हैं।

  • यात्रा से पहले ये नियम जानना जरूरी, भारत की इन जगहों पर बिना परमिट नहीं मिलती एंट्री

    यात्रा से पहले ये नियम जानना जरूरी, भारत की इन जगहों पर बिना परमिट नहीं मिलती एंट्री


    नई दिल्ली। भारत में घूमने की योजना बनाते समय ज्यादातर लोग ट्रैवल टिकट होटल बुकिंग और घूमने की लिस्ट तैयार कर लेते हैं  लेकिन कई बार एक जरूरी कागज पर ध्यान देना भूल जाते हैं। देश में कई ऐसी खूबसूरत और चर्चित जगहें हैं  जहां पहुंचने से पहले सरकारी अनुमति यानी परमिट लेना अनिवार्य होता है। अगर आपके पास यह परमिट नहीं हुआ  तो मौके पर ही आपकी यात्रा रोक दी जा सकती है।आमतौर पर ये स्थान अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के नजदीक स्थित होते हैं या फिर सुरक्षा और पर्यावरण के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में यात्रा से पहले नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

    अरुणाचल प्रदेश
    प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर अरुणाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए इनर लाइन परमिट (ILP) जरूरी है। चीन और म्यांमार की सीमा से सटे होने के कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। बिना ILP के राज्य में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती।

    नागालैंड

    नागालैंड अपनी जनजातीय संस्कृति  लोक परंपराओं और खूबसूरत पहाड़ियों के लिए जाना जाता है। यहां भी अन्य राज्यों के यात्रियों को इनर लाइन परमिट लेना अनिवार्य होता है। यह नियम स्थानीय संस्कृति और सामाजिक संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया गया है।

    सिक्किम

    सिक्किम के अधिकतर पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए खुले हैं  लेकिन कुछ सीमावर्ती और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने के लिए विशेष परमिट जरूरी होता है। खासकर भारत-चीन सीमा से सटे इलाकों में प्रशासन पर्यटकों की आवाजाही को नियंत्रित करता है।

    लक्षद्वीप
    समंदर के बीच बसे लक्षद्वीप द्वीप समूह तक पहुंचने के लिए पहले से परमिट हासिल करना जरूरी होता है। इसकी प्रक्रिया में समय लग सकता है  इसलिए बिना पूर्व योजना के यहां यात्रा करना मुश्किल हो सकता है। पर्यावरण संरक्षण के कारण यहां सख्त नियम लागू हैं।

    लद्दाख
    लद्दाख के कुछ इलाके सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। इन क्षेत्रों में घूमने के लिए Restricted Area Permit (RAP) लेना जरूरी होता है। यह नियम पर्यटकों की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है।

    यात्रा से पहले रखें ये बात ध्यान
    भारत की ये जगहें जितनी खूबसूरत हैं  उतनी ही नियमों के लिए भी जानी जाती हैं। अगर आप इन स्थानों की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं  तो परमिट से जुड़ी जानकारी पहले ही जुटा लें। कई परमिट अब ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं   जिससे प्रक्रिया आसान हो गई है।सही दस्तावेजों के साथ की गई यात्रा न सिर्फ आसान और सुरक्षित होती है बल्कि किसी भी तरह की परेशानी से भी बचाती है। बेहतर यही है कि ट्रिप प्लान करते समय परमिट को भी उतनी ही अहमियत दें जितनी टिकट और होटल बुकिंग को देते हैं।

  • बेजान त्वचा में लौटेगा नेचुरल पिंक ग्लो, जानिए ड्रैगन फ्रूट लगाने के असरदार तरीके

    बेजान त्वचा में लौटेगा नेचुरल पिंक ग्लो, जानिए ड्रैगन फ्रूट लगाने के असरदार तरीके


    नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खानपान और बढ़ते प्रदूषण का असर सबसे पहले हमारी त्वचा पर दिखाई देता है। चेहरा बेजान, रूखा और थका हुआ नजर आने लगता है। ऐसे में अगर आप केमिकल-फ्री और नेचुरल स्किन केयर चाहती हैं, तो ड्रैगन फ्रूट आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।ड्रैगन फ्रूट, जिसे पिताया भी कहा जाता है, विटामिन-सी एंटीऑक्सीडेंट्स और जरूरी मिनरल्स से भरपूर होता है। ये तत्व त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं डलनेस कम करते हैं और चेहरे पर नेचुरल पिंक ग्लो लाने में मदद करते हैं। यही वजह है कि आजकल स्किन केयर रूटीन में ड्रैगन फ्रूट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।

    स्किन को नमी देने के लिए ड्रैगन फ्रूट जे
    ड्रैगन फ्रूट का गूदा निकालकर मिक्सी में पीस लें, जिससे जेल जैसी कंसिस्टेंसी बन जाए। इस जेल को चेहरे पर लगाकर 15 मिनट तक छोड़ दें और फिर सादे पानी से धो लें। यह उपाय त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करता है, रूखेपन को कम करता है और स्किन को सॉफ्ट व स्मूद बनाता है।

    एजिंग के असर कम करने वाला फेस मास्क
    एक टेबलस्पून ड्रैगन फ्रूट पल्प में एक टीस्पून दही मिलाएं और चेहरे पर लगाएं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स फाइन लाइन्स और झुर्रियों को कम करने में मदद करते हैं, जबकि दही का लैक्टिक एसिड त्वचा को टाइट और फ्रेश बनाता है। हफ्ते में दो बार इसका इस्तेमाल करें।

    पिंपल्स और एक्ने के लिए नेचुरल उपाय
    अगर आपको एक्ने या पिंपल्स की समस्या है, तो ड्रैगन फ्रूट का पेस्ट सीधे प्रभावित जगह पर लगाएं। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण सूजन कम करते हैं और बैक्टीरिया से राहत दिलाते हैं। इसे रात में स्पॉट ट्रीटमेंट के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

    सनबर्न और टैन हटाने में असरदार
    धूप से जली त्वचा के लिए ड्रैगन फ्रूट और खीरे का रस बेहतरीन उपाय है। दोनों को मिलाकर चेहरे पर लगाएं। यह त्वचा को ठंडक देता है, जलन कम करता है और विटामिन-सी की मदद से स्किन रिपेयरिंग को तेज करता है।

    नेचुरल ब्राइटनिंग फेस पैक
    एक टेबलस्पून ड्रैगन फ्रूट पल्प में कुछ बूंदें नींबू के रस की मिलाएं। इसे 10–12 मिनट तक चेहरे पर लगाकर ठंडे पानी से धो लें। यह डार्क स्पॉट्स, टैनिंग और पिगमेंटेशन को हल्का कर त्वचा को ब्राइट बनाता है।

    ड्रैगन फ्रूट और शहद से ग्लो पैक
    ड्रैगन फ्रूट के गूदे में एक टीस्पून शहद मिलाएं और चेहरे पर लगाएं। 15 मिनट बाद धो लें। यह पैक त्वचा को गहराई से पोषण देता है और नेचुरल शाइन लाता है। शहद के एंटीबैक्टीरियल गुण स्किन को हेल्दी बनाए रखते हैं।ड्रैगन फ्रूट स्किन के लिए एक नेचुरल ब्यूटी बूस्टर की तरह काम करता है। इसके घरेलू नुस्खे न सिर्फ चेहरे की चमक बढ़ाते हैं, बल्कि एक्ने, पिगमेंटेशन और एजिंग जैसी समस्याओं को भी कम करने में मदद करते हैं। अगर आप केमिकल-फ्री स्किन केयर अपनाना चाहती हैं, तो इन आसान उपायों को अपनी रूटीन में जरूर शामिल करें।

  • कोहरे में सुरक्षित सफर के लिए 'लाइफ-सेविंग' टिप्स

    कोहरे में सुरक्षित सफर के लिए 'लाइफ-सेविंग' टिप्स


    नई दिल्ली ।सुनने की शक्ति का करें इस्तेमाल जब कोहरा इतना घना हो कि आँखें जवाब दे जाएं, तो अपने कान खोलें। अपनी गाड़ी का म्यूजिक सिस्टम बंद कर दें और खिड़कियों के शीशे थोड़े नीचे गिरा दें। इससे आपको दूसरी गाड़ियों के हॉर्न, सायरन या इंजन की आवाजें साफ सुनाई देंगी। विशेषकर चौराहों और मोड़ पर यह तकनीक आपको किसी भी अनचाही टक्कर से बचा सकती है। लो-बीम लाइट और फॉग लैम्प्स का प्रयोग अक्सर लोग गलती करते हैं कि कोहरे में हेडलाइट को ‘हाई-बीम’ पर कर देते हैं। हाई-बीम की रोशनी कोहरे की बूंदों से टकराकर परावर्तित (Reflect) होती है, जिससे सामने कुछ भी दिखना बंद हो जाता है। हमेशा लो-बीम का उपयोग करें और अपनी गाड़ी के फॉग लैम्प्स जलाकर रखें।

    पार्किंग लाइट और इंडिकेटर का सही उपयोग कोहरे में गाड़ी चलाते समय चारों इंडिकेटर जलाकर न चलें, क्योंकि इससे पीछे वाले ड्राइवर को यह समझ नहीं आता कि आप मुड़ने वाले हैं या खड़े हैं। इंडिकेटर का इस्तेमाल केवल मुड़ने के लिए करें। यदि कोहरा बहुत ज्यादा है, तो सड़क के किनारे सफेद पट्टी को गाइड मानकर चलें।रफ्तार पर नियंत्रण और सुरक्षित दूरी कोहरे में रफ्तार का रोमांच जानलेवा हो सकता है। अपनी गति कम रखें और आगे चल रही गाड़ी से सामान्य से दोगुनी दूरी बनाए रखें। अचानक ब्रेक लगाने से बचें, क्योंकि गीली सड़क और कोहरे के कारण टायर फिसल सकते हैं और पीछे वाली गाड़ी आपसे टकरा सकती है। डिफॉगर का करें इस्तेमाल सर्दियों में गाड़ी के अंदर और बाहर के तापमान में अंतर होने के कारण शीशों पर धुंध जम जाती है। गाड़ी के डिफॉगर को चालू रखें ताकि विंडशील्ड साफ रहे। यदि डिफॉगर नहीं है, तो एसी चलाकर हवा को शीशों की तरफ मोड़ दें।

    अगर गाड़ी खराब हो जाए या रुकना पड़े

    यदि कोहरा इतना ज्यादा है कि आगे बढ़ना संभव नहीं है, तो गाड़ी को सड़क से काफी दूर सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें। अपनी हजार्ड लाइट्स चालू कर दें ताकि दूसरों को आपकी मौजूदगी का पता चल सके। सड़क के बिल्कुल किनारे गाड़ी खड़ी करना खतरनाक हो सकता है।

  • दिल की बात कहने के कुछ 'स्मार्ट' और रोमांटिक तरीके

    दिल की बात कहने के कुछ 'स्मार्ट' और रोमांटिक तरीके


    नई दिल्ली ।संकेतों और बॉडी लैंग्वेज का सहारा लें सीधे आई लव यू’ कहने से पहले अपनी हरकतों से उन्हें अहसास दिलाएं। उनकी छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखना, उनकी पसंद-नापसंद को याद रखना और मुश्किल वक्त में उनके साथ खड़े रहना यह जता देता है कि वो आपके लिए कितने खास हैं। कई बार बिना कहे भी बहुत कुछ कह दिया जाता है।

    लिखावट का जादू आज के डिजिटल दौर में हाथ से लिखा हुआ एक छोटा सा नोट या लेटर किसी भी महंगे गिफ्ट से ज्यादा कीमती होता है। अगर आप बोलने में हिचकिचा रहे हैं, तो अपनी भावनाओं को कागज पर उतारें। एक प्यारा सा कार्ड या छोटा सा मैसेज उनके डेस्क या किताब में छोड़ देना एक बेहद ‘क्यूट’ तरीका हो सकता है।एक यादगार ‘डेट’ प्लान करें जरूरी नहीं कि वह कोई फाइव स्टार होटल हो। किसी शांत जगह पर वॉक, उनकी पसंदीदा जगह पर कॉफी या सूर्यास्त देखते हुए दिल की बात कहना माहौल को रोमांटिक बना देता है। जब माहौल खुशनुमा होता है, तो सामने वाले का जवाब सकारात्मक होने की संभावना बढ़ जाती है।

    दोस्तों की मदद लें, लेकिन संभलकर अगर आप बहुत ज्यादा शर्मीले हैं, तो अपने किसी भरोसेमंद कॉमन फ्रेंड की मदद ले सकते हैं। वे बातों-बातों में यह जान सकते हैं कि सामने वाले के मन में आपके लिए क्या चल रहा है। लेकिन ध्यान रहे, इज़हार आपको खुद ही करना चाहिए क्योंकि आपकी आँखों की सच्चाई कोई और बयां नहीं कर सकता। क्रिएटिविटी दिखाएं अगर आप संगीत, पेंटिंग या कुकिंग के शौकीन हैं, तो अपनी कला का इस्तेमाल करें। उनके लिए कोई गाना गाना या उनकी पसंद का खाना बनाकर ‘सरप्राइज’ देना आपके प्यार की गहराई को दर्शाता है।

    इन बातों का रखें खास ख्याल

    जल्दबाजी न करें: इज़हार करने से पहले यह पक्का कर लें कि आप दोनों के बीच एक अच्छी समझ बन चुकी है। प्राइवेसी का सम्मान: सबके सामने इज़हार करने से बचें, इससे सामने वाला दबाव महसूस कर सकता है। एकांत में बात करना हमेशा बेहतर होता है। परिणाम के लिए तैयार रहें: प्यार में ‘हाँ’ और ‘ना’ दोनों की गुंजाइश होती है। अगर जवाब आपकी उम्मीद के मुताबिक न हो, तब भी सामने वाले की पसंद का सम्मान करें और गरिमा बनाए रखें।

  • दुबलेपन से परेशान? ये सुपरफूड्स बिना सप्लीमेंट वजन बढ़ाने का हेल्दी तरीका हैं

    दुबलेपन से परेशान? ये सुपरफूड्स बिना सप्लीमेंट वजन बढ़ाने का हेल्दी तरीका हैं


    नई दिल्ली । आज के समय में मोटापा एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुका हैलेकिन वहीं कुछ लोग दुबलेपन से भी परेशान हैं। पतले शरीर वाले लोगों को अक्सर समाज में इतने कमजोर क्यों हो? जैसे अनचाहे सवाल और ताने सुनने पड़ते हैंजो आत्मविश्वास को प्रभावित करते हैं। ऐसे में वजन बढ़ाना उनके लिए सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक जरूरत भी बन जाता है। कई लोग महंगे सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैंलेकिन नेचुरल फूड्स की मदद से भी हेल्दी और स्थायी वेट गेन किया जा सकता है।

    अंडे: मसल्स ग्रोथ का आधार

    अंडे वजन बढ़ाने के लिए सबसे बेहतरीन फूड्स में से एक हैं। इनमें प्रोटीन और हेल्दी फैट्स की भरपूर मात्रा होती हैजो मांसपेशियों के विकास और शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करता है। दिन में तीन अंडे तक आसानी से खाए जा सकते हैं। अंडे न सिर्फ मसल्स बढ़ाते हैंबल्कि एनर्जी भी प्रदान करते हैं।

    नट्स और बीज: कैलोरी और पोषण का पावरहाउस

    बादामअखरोटपिस्ता और कद्दू के बीज जैसी चीजें हेल्दी फैट्सप्रोटीन और कैलोरी का अच्छा स्रोत हैं। इन्हें स्नैक्स के रूप में या दहीस्मूदी में डालकर खाया जा सकता है। नट्स न सिर्फ वजन बढ़ाने में मदद करते हैं बल्कि दिल और मस्तिष्क के लिए भी फायदेमंद हैं।

    अवोकाडो: हेल्दी फैट से भरपूर

    अवोकाडो में मोनोसैचुरेटेड फैट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैंजो वजन बढ़ाने के लिए जरूरी हैं। इसे सैंडविचसलाद या स्मूदी में मिलाकर खाया जा सकता है। अवोकाडो पेट को लंबे समय तक संतुष्ट रखता है और शरीर में स्वस्थ फैट का स्तर बढ़ाता है।

    ओट्स और होल ग्रेन: कार्ब्स का हेल्दी सोर्स

    ओट्सब्राउन राइसक्विनोआ और होल ग्रेन ब्रेड जैसी चीजें वजन बढ़ाने के लिए जरूरी कार्ब्स देती हैं। ये धीरे-धीरे एनर्जी रिलीज करते हैं और शरीर को जरूरी कैलोरी प्रदान करते हैं। इनका सेवन नाश्ते में दूध या दही के साथ करना सबसे अच्छा है।

    मांस और चिकन: प्रोटीन और फैट का कॉम्बिनेशन
    यदि आप नॉन-वेज खाते हैंतो चिकनमछली और लाल मांस भी हेल्दी वेट गेन के लिए बेहतरीन हैं। इनमें प्रोटीन और हेल्दी फैट्स होते हैंजो मसल्स बिल्डिंग और शरीर के आकार को बढ़ाने में मदद करते हैं।

    दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स: कैल्शियम और प्रोटीन का लाभ

    दूधपनीर और दही वजन बढ़ाने के लिए आसान और हेल्दी विकल्प हैं। इसमें मौजूद प्रोटीन और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और मसल्स ग्रोथ को बढ़ावा देते हैं।

    संक्षिप्त टिप्स

    दिन में 5-6 छोटे भोजन करें। सप्लीमेंट्स की बजाय प्राकृतिक फूड्स पर ध्यान दें। वर्कआउट के साथ प्रोटीन और फैट युक्त फूड्स का सेवन करें। नियमित रूप से वजन और मसल्स मास पर ध्यान दें।