Category: Lifestyle

  • बिना काम के पूरे दिन थकान अनदेखा न करें हो सकती है इस विटामिन की कमी

    बिना काम के पूरे दिन थकान अनदेखा न करें हो सकती है इस विटामिन की कमी


    नई दिल्ली । काम के बाद थकान होना स्वाभाविक होता है लेकिन अगर इसका अहसास पूरे दिन बना रहता है तो इसे नजरअंदाज न करें। थकान के पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन बार-बार होने वाली थकान कमजोरी की निशानी है जो पूरे शरीर को बेजान बना देती है। शरीर की कमजोरी विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी का संकेत देती है।

    विटामिन बी कॉम्प्लेक्स बाकी विटामिन की तरह ही हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। विटामिन बी कॉम्प्लेक्स में एक नहीं बल्कि आठ अलग-अलग तरह के विटामिन होते हैं जिनमें विटामिन बी-1 बी-2 बी-3 बी-5 बी-6 बी-7 बी-9 और बी-12 होते हैं जो पूरे शरीर का ऊर्जा हाउस है। हर विटामिन शरीर के अलग-अलग हिस्सों को ऊर्जा देने का काम करता है।

    अगर इसमें से किसी भी विटामिन की कमी शरीर में होती है तो थकान बाल झड़ना चक्कर आना मस्तिष्क की नसों का कमजोर होना याददाश्त की समस्या स्किन से जुड़ी परेशानी हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन एनीमिया आंखों की रोशनी कमजोर होना डिप्रेशन रक्त वाहिकाओं में अत्याधिक जोर पड़ना और मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होते हैं।

    विटामिन बी कॉम्प्लेक्स हमारे भोजन को ऊर्जा में बदलने का काम करता है। ये पानी में घुलनशील विटामिन हैं जो शरीर को तेजी से ऊर्जा देने का काम करते हैं। अगर भोजन ऊर्जा में नहीं बदल पाता तो शरीर में बाकी पोषक तत्वों की कमी होती है। ऐसे में मन और तन दोनों की थकान महसूस होती है।

    अब सवाल आता है कि विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी को कैसे पूरा किया जा सकता है। आहार में बहुत कम ही विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है। शाकाहारी भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां साबुत अनाज दूध दही और कुछ फलों में ही विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है जबकि मांसाहारी भोजन में मांस मछली चिकन और अंडे में पाया जाता है।

    शरीर में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स का अवशोषण सही तरीके से हो सकता है। इसके लिए चाय और कॉफी का सेवन कम करें। डिब्बा बंद उत्पादों का सेवन भी करने से बचें और अगर फिर भी विटामिन की पूर्ति नहीं होती है तो डॉक्टर की सलाह के बाद सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।

  • दोस्तों के साथ नए साल की शुरुआत को बनाएं यादगार भारत की इन 5 जगहों पर करें न्यू ईयर ट्रिप प्लान

    दोस्तों के साथ नए साल की शुरुआत को बनाएं यादगार भारत की इन 5 जगहों पर करें न्यू ईयर ट्रिप प्लान


    नई दिल्ली । नया साल आने में अब गिनती के ही दिन बचे हैं और ऐसे में घूमने-फिरने की प्लानिंग जोरों पर है. ज्यादातर लोग चाहते हैं कि साल की शुरुआत किसी ऐसी जगह से हो जहां मस्ती सुकून और नए अनुभव एक साथ मिलें

    मनाली कसोल

    बर्फ से ढकी वादियां बोनफायर और पहाड़ी कैफे मनाली और कसोल नए साल के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन हैं. यहां दिन में स्नो एक्टिविटीज और रात में म्यूजिक व पार्टी का माहौल मिलता है.

    उदयपुर

    राजस्थान का रॉयल अंदाज न्यू ईयर को यादगार बना देता है. महलों में खास डिनर लोक कलाकारों की प्रस्तुति और आतिशबाजी सेलिब्रेशन को अलग रंग देती है.

    पुडुचेरी

    यहां नया साल शोर से नहीं बल्कि सुकून और खूबसूरती से मनाया जाता है. बीच के किनारे जश्न और व्हाइट टाउन की गलियां अलग ही अनुभव देती हैं.
    ग्रेट रण ऑफ कच्छ
    अगर कुछ हटकर करना चाहते हैं तो रण उत्सव बेहतरीन विकल्प है. सफेद रेगिस्तान लोक संगीत और टेंट स्टे न्यू ईयर को खास बनाते हैं.

    गोकर्ण


    कम भीड़ और शांत माहौल पसंद करने वालों के लिए गोकर्ण सही जगह है. यहां बीच पर म्यूजिक बोनफायर और दोस्तों के साथ लंबी बातचीत का मजा लिया जा सकता है. चाहे पहाड़ हों समंदर या रेगिस्तान ये डेस्टिनेशन नए साल की शुरुआत को यादगार बना सकती हैं.

  • स्विट्जरलैंड भी लगेगा फीका! भारत के इन 5 रेलवे रूट्स पर दिखती है 'जन्नत' खिड़की से दिखेंगी बर्फीली वादियों का नजारा

    स्विट्जरलैंड भी लगेगा फीका! भारत के इन 5 रेलवे रूट्स पर दिखती है 'जन्नत' खिड़की से दिखेंगी बर्फीली वादियों का नजारा


    नई दिल्ली । भारत में ट्रेन यात्राओं का अपना ही एक जादू हैपहियों की लयबद्ध खड़खड़ाहट खिड़की के बाहर लगातार बदलते नज़ारे और हर मील के साथ रोमांच का बढ़ता एहसास. विस्टाडोम कोच इस अनुभव को एक नए लेवल पर ले जाते हैं. घूमने वाली रिक्लाइनिंग सीटों कांच की छतों और बड़ी पैनोरमिक खिड़कियों के साथ ये कोच यात्रियों को प्रकृति की भव्यता में डूबने का मौका देते हैं. बर्फ से ढके पहाड़ों से लेकर हरी-भरी घाटियों और झरनों तक यहां भारत भर के कुछ सबसे खूबसूरत विस्टाडोम ट्रेन रूट दिए गए हैं. आइए जानते इन 5 रेलवे रूट्स के बारे में विस्तार से
    .
    जम्मू और कश्मीर विस्टाडोम स्पेशल कोच बडगाम से बनिहाल तक की यह 90 किलोमीटर की यात्रा यात्रियों को कश्मीर घाटी की लुभावनी सुंदरता में डुबो देती है. श्रीनगर अवंतीपोरा अनंतनाग और काजीगुंड से गुज़रते हुए ट्रेन बर्फ से ढकी चोटियों चमकती धाराओं और हरे-भरे घास के मैदानों के मनोरम दृश्य दिखाती है. 2023 में लॉन्च किया गया यह कांच की छत वाला कोच यात्रियों को प्रकृति का एक अभिन्न हिस्सा होने का एहसास कराता है जिससे यात्रा उतनी ही मनमोहक हो जाती है जितनी कि मंज़िल 
    डूअर्स न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस ​​यह ट्रेन न्यू जलपाईगुड़ी से अलीपुरद्वार जंक्शन तक 169 किलोमीटर की दूरी तय करती है और पश्चिम बंगाल के डूअर्स इलाके से गुज़रती है. खिड़कियों के बाहर घने जंगल फैले हुए चाय के बागान और पूर्वी हिमालय की खूबसूरत पहाड़ियाँ दिखाई देती हैं. वन्यजीवों को देखने से अनुभव और भी बेहतर हो जाता है और यह यात्रा भूटान का रास्ता जैसी लगती है. विस्टाडोम कोच हर मोड़ पर एक नया मनमोहक नज़ारा दिखाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं
    हिमाचल प्रदेश कालका-शिमला NG एक्सप्रेस ​​यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट कालका-शिमला लाइन इंजीनियरिंग और प्राकृतिक सुंदरता का एक शानदार उदाहरण है. 90 किलोमीटर से ज़्यादा की दूरी में ट्रेन 103 सुरंगों 800 पुलों और लगभग हज़ार मोड़ों से गुज़रती है. चीड़ के जंगल गहरी घाटियाँ और शानदार पहाड़ों के नज़ारे पूरे रास्ते की शोभा बढ़ाते हैं. विस्टाडोम कोच की चौड़ी कांच की छत और खिड़कियाँ इस ऐतिहासिक यात्रा को हिमाचली पहाड़ियों का एक शानदार पैनोरमिक अनुभव बना देती हैं
    गुजरात अहमदाबाद-केवडिया जन शताब्दी एक्सप्रेस ​​यह रूट अहमदाबाद को एकता नगर से जोड़ता है जो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का गेटवे है. यात्री नर्मदा नदी और आसपास के नज़ारों का शानदार व्यू देख सकते हैं. विस्टाडोम कोच इस अनुभव को और भी खास बनाते हैं जिससे एक आम ट्रेन यात्रा एक खूबसूरत एडवेंचर में बदल जाती है. भारत की सबसे ऊंची मूर्ति देखने जाने वालों के लिए यह यात्रा अपने आप में एक बड़ा आकर्षण बन जाती है
    असम न्यू हाफलोंग स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन गुवाहाटी से न्यू हाफलोंग तक की यह 269 किलोमीटर की यात्रा असम की प्राकृतिक सुंदरता के शानदार नज़ारे दिखाती है. पूरी यात्रा के दौरान यात्रियों को घुमावदार पहाड़ियाँ हरी-भरी घाटियाँ और शांत नदियाँ देखने को मिलती हैं. माइबोंग में रुकने से यात्रा में सांस्कृतिक अनुभव जुड़ जाता है जबकि विस्टाडोम कोच की बड़ी खिड़कियाँ इस क्षेत्र की अनछुई सुंदरता को दिखाती हैं. यह सिर्फ़ यात्रा का एक ज़रिया नहीं है; यह नॉर्थ-ईस्ट इंडिया के नज़ारों का एक चलता-फिरता कैनवस है

  • सर्दियों में आलस्य और पेट की समस्याओं से राहत देगा धनुरासन, जानें इसके अद्भुत फायदे

    सर्दियों में आलस्य और पेट की समस्याओं से राहत देगा धनुरासन, जानें इसके अद्भुत फायदे

    नई दिल्ली, 25 दिसंबर (आईएएनएस)। सर्दियों के आते ही शरीर में सुस्ती छा जाती है और तले-भुने भोजन की वजह से पेट संबंधी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। ऐसे में योग अभ्यास आपको ऊर्जावान और तंदुरुस्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसी कड़ी में धनुरासन एक ऐसा योगासन है, जो शरीर को ऊर्जावान बनाने के साथ फिट भी रखता है।

    ‘धनुरासन’ एक संस्कृत शब्द है, ‘धनुर’ का अर्थ ‘धनुष’ और ‘आसन’ का अर्थ ‘मुद्रा’ है। इस आसन को करने के दौरान शरीर धनुष की तरह झुकता है। यह आसन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करने, लचीलापन बढ़ाने और कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है।

    आयुष मंत्रालय के अनुसार, धनुरासन एक प्रभावी योगासन है, जिससे पेट और पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आता है। साथ ही, यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, कब्ज और अपच दूर करता है, रक्त संचार बढ़ाता है, वजन घटाने में मदद करता है, और मानसिक शांति प्रदान करता है, जिसके लिए पेट के बल लेटकर घुटनों को मोड़कर टखनों को हाथों से पकड़ते हुए छाती और जांघों को ऊपर उठाया जाता है।

    इसके अलावा, यह फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है। इसके नियमित अभ्यास से कमर दर्द, मधुमेह नियंत्रण और यहां तक कि हृदय स्वास्थ्य में सुधार देखा गया है। महिलाओं के लिए यह मासिक धर्म की अनियमितता दूर करने में भी उपयोगी है।

    इसको विधिवत करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं, पैरों को एक साथ और हाथों को शरीर के बगल में रखें। अब सांस छोड़ते हुए घुटनों को मोड़ें और एड़ियों को हाथों से पकड़ें। सांस लेते हुए जांघों, सिर और छाती को पेट के निचले हिस्से पर केंद्रित करते हुए जितना संभव हो ऊपर उठाएं। इस स्थिति को 10-20 सेकंड तक बनाए रखना चाहिए। इसके बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे प्रारंभिक स्थिति में वापस आ जाना चाहिए।

    इसके नियमित अभ्यास से शरीर को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं, लेकिन किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या पर इसे करने से परहेज करें या फिर किसी योग विशेषज्ञ की सलाह पर ही करें।

  • सर्दियों में चमकेगा बेजान पड़ा चेहरा! नेचुरल ग्लो के लिए अपनाएं ये देसी स्किनकेयर रूटीन

    सर्दियों में चमकेगा बेजान पड़ा चेहरा! नेचुरल ग्लो के लिए अपनाएं ये देसी स्किनकेयर रूटीन


    नई दिल्ली । सर्दियों में डल और ड्राई स्किन के साथ फटे होंठों से सभी परेशान रहते हैं. ऐसे में सर्दियों में स्किन केयर करने की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. मगर खूबसूरत चेहरे और ग्लोइंग स्किन के लिए क्रीम की जरूरत नहीं होती है बल्कि इंटरनल बैलेंस और बाहरी पोषण जरूरी होता है. अगर आप सर्दियों में इन देसी स्किन केयर रूटीन को फॉलो करते हैं तो पूरी ठंड आपकी स्किन दमकती रहेगी.

    देसी घी का पानी पिएं

    सबसे पहले हर रोज एक चम्मच देसी घी को गर्म पानी और दूध के साथ पिएं. यह स्किन के टिशूज को गहराई से पोषण देता है और रूखेपन को रोकने में मदद करता है. इससे स्किन ड्राई कम होती है और सॉफ्ट रहती है. देसी घी सिर्फ हमारे खाने को टेस्टी नहीं बनाता है बल्कि हमारी स्किन को भी सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाने में मदद करता है.
    रोज खाएं 1 आंवला
    सर्दियों में रोजाना 1 आंवला खाने से कोलेजन और इम्युनिटी बढ़ती है और चेहरे को नेचुरल ग्लो भी मिलता है. यह विटामिन सी का सबसे बेहतरीन सोर्स माना जाता है और इसे आप कई तरीके से अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं इसका अचार या आंवला शॉट भी आपकी मदद कर सकता है.

    खजूर किशमिश और फल खाएं
    खजूर किशमिश और सीजनल फलों को सर्दियों में जरूर खाएं इनसे आपकी स्किन को काफी फायदा मिलता है. इन सबको खाने से स्किन हाइड्रेटेड रहती है. खजूर और किशमिश को दूध में मिलाकर आप रात को सोने से पहले ले सकते हैं.
    तेल से मालिश
    ठंड में अगर आप नहाने से पहले अपनी बॉडी की तिल या बादाम के तेल से मालिश करते हैं तो यह आपके शरीर में मॉइस्चराइज को लॉक करता है. इसके अलावा ब्लड सर्कुलेशन भी सही होता है. वैसे शरीर की तेल से मसाज करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है.
    गर्म पानी से नहीं नहाना चाहिए
    सर्दियों में लोग गर्म पानी से नहाना शुरू कर देते हैं लेकिन यह आपकी स्किन के लिए सही नहीं होता है. इसलिए ठंड के मौसम में हमेशा हल्का गुनगुना पानी से ही नहाना चाहिए. गुनगुना पानी आपकी स्किन को नुकसान नहीं पहुंचाता है और स्किन ड्राई नहीं होती है.
    घरेलू फेस पैक लगाएं
    सर्दियों में आप अपने चेहरे की चमक को बनाए रखने के लिए मुलेठी एलोवेरा चावल का आटा दूध और शहद से बना घरेलू फेस पैक लगाएं. चावल का आटा और एलोवेरा दोनों ही स्किन के लिए सबसे बेहतरीन फेस पैक माने जाते हैं और इनके साथ दूध और शहद भी स्किन के लिए शानदार काम करते हैं
    .
    दूध-उबटन से चेहरा साफ करें
    चेहरे पर साबुन लगाने से अक्सर ही एक्सपर्ट मना करते हैं और खासतौर पर सर्दियों में तो साबुन नहीं लगाना चाहिए. इसकी जगह आप अपने चेहरे को रॉ मिल्क या घरेलू उबटन से साफ करें. इससे चेहरे की नेचुरल क्लींजिंग होती है और पोषण भी मिलता है. इससे स्किन की नमी बनी रहती है और चेहरा रूखा नहीं लगता है.

  • Natural Skin Care Habits: अगर महंगी क्रीम और स्किन केयर प्रोडक्ट्स भी आपके चेहरे पर असर नहीं दिखा पा रहे हैं,

    Natural Skin Care Habits: अगर महंगी क्रीम और स्किन केयर प्रोडक्ट्स भी आपके चेहरे पर असर नहीं दिखा पा रहे हैं,


    नई दिल्‍ली । कई बार ऐसा होता है कि हम महंगी से महंगी क्रीम, सीरम और फेस पैक इस्तेमाल करते हैं, फिर भी चेहरे पर वो निखार नहीं आता जिसकी उम्मीद होती है। तब मन में सवाल उठता है कि आखिर कमी कहां रह गई। असल में स्किन की सेहत सिर्फ बाहर से लगाए गए प्रोडक्ट्स पर नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की आदतों पर टिकी होती है। सही दिनचर्या अपनाकर, बिना ज्यादा खर्च किए भी चेहरे पर नैचुरल पिंक ग्लो लाया जा सकता है।अगर नींद पूरी नहीं होती, तो उसका असर सबसे पहले चेहरे पर दिखता है। डलनेस, डार्क सर्कल और पिंपल्स की बड़ी वजह खराब स्लीप साइकल मानी जाती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक रोज 7-8 घंटे की गहरी नींद स्किन सेल्स को रिपेयर करने में मदद करती है। अच्छी नींद से चेहरा फ्रेश दिखता है और नेचुरल ग्लो अपने आप नजर आने लगता है।

    पानी की कमी छीन लेती है चेहरे की चमक

    दिनभर कम पानी पीने से शरीर ही नहीं, स्किन भी डिहाइड्रेट हो जाती है। जब स्किन में नमी की कमी होती है, तो चेहरा बेजान और रूखा लगने लगता है। रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और स्किन अंदर से हाइड्रेट रहती है। यही आदत चेहरे पर पिंक और हेल्दी ग्लो लाने में मदद करती है।
    संतुलित डाइट है नेचुरल ब्यूटी का राज
    स्किन की सेहत का सीधा कनेक्शन हमारे खाने से होता है। ज्यादा तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड स्किन प्रॉब्लम्स बढ़ा सकता है। वहीं फल, सब्जियां, नट्स और प्रोटीन से भरपूर डाइट स्किन को जरूरी पोषण देती है। विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर खाना स्किन को अंदर से मजबूत बनाता है।

    चेहरे की सही सफाई भी है जरूरी

    दिनभर धूल-मिट्टी और पॉल्यूशन चेहरे पर जम जाता है। अगर स्किन को ठीक से साफ न किया जाए, तो पोर्स बंद हो सकते हैं और पिंपल्स की समस्या बढ़ सकती है। दिन में दो बार हल्के क्लींजर से फेस वॉश करना स्किन को साफ रखता है और नेचुरल ग्लो बनाए रखने में मदद करता है।

    धूप से बचाव भी है स्किन के लिए जरूरी

    बिना धूप से बचाव के बाहर निकलना स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है। सूरज की तेज किरणें स्किन एजिंग और पिगमेंटेशन बढ़ा सकती हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बाहर जाते समय सन प्रोटेक्शन अपनाना स्किन को लंबे समय तक हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखता है।

    तनाव कम करेंगे तो चेहरा खुद बोलेगा
    ज्यादा तनाव सिर्फ दिमाग ही नहीं, स्किन को भी प्रभावित करता है। स्ट्रेस हार्मोनल बदलाव लाकर स्किन प्रॉब्लम्स बढ़ा सकता है। रोज थोड़ा वक्त खुद के लिए निकालना, रिलैक्स करना और पॉजिटिव रहना चेहरे पर साफ नजर आता है।

  • ठंड में घूम आओ दक्षिण भारत के 5 खूबसूरत हिल स्टेशन सर्दियों में ट्रैवल का मजा हो जाता है डबल

    ठंड में घूम आओ दक्षिण भारत के 5 खूबसूरत हिल स्टेशन सर्दियों में ट्रैवल का मजा हो जाता है डबल

    नई दिल्ली । दक्षिण भारत के 5 खूबसूरत हिल स्टेशन सर्दियों का मौसम आते ही मन करता है कहीं ठंडी और सुकून भरी जगह पर घूमने निकल जाएं। अक्सर लोग उत्तर भारत के हिल स्टेशनों की तरफ रुख करते हैं लेकिन दक्षिण भारत के हिल स्टेशन भी इस मौसम में किसी जन्नत से कम नहीं लगते। यहां न ज्यादा कड़ाके की ठंड होती है और न ही भीड़-भाड़ का दबाव। हरियाली बादलों से ढके पहाड़ कॉफी-चाय के बागान और शांत माहौल सर्दियों में ट्रैवल का मजा दोगुना कर देते हैं। आइए जानते हैं दक्षिण भारत के ऐसे ही 5 हिल स्टेशनों के बारे में जो सर्दियों में और भी खूबसूरत हो जाते हैं।

    सर्दियों में और भी निखर जाती है ‘क्वीन ऑफ हिल्स
    तमिलनाडु की ऊटी को यूं ही पहाड़ों की रानी नहीं कहा जाता। सर्दियों में यहां की ठंडी हवा हरे-भरे गार्डन और चाय के बागान अलग ही सुकून देते हैं। सुबह की हल्की धुंध और शाम की ठंडक घूमने का मजा बढ़ा देती है। बोटैनिकल गार्डन और ऊटी लेक इस मौसम में खास तौर पर आकर्षक लगते हैं।
    चाय के बागानों के बीच सर्दियों का सुकून
    केरल का मुन्नार सर्दियों में और भी खूबसूरत नजर आता है। चारों तरफ फैले चाय के बागान ठंडी हवाएं और बादलों से ढकी पहाड़ियां मन को शांति देती हैं। यहां का मौसम सर्दियों में घूमने के लिए बिल्कुल परफेक्ट रहता है। नेचर लवर्स और कपल्स के लिए यह जगह किसी सपने से कम नहीं।
    बादलों और झीलों का रोमांटिक संगम
    तमिलनाडु का कोडाइकनाल सर्दियों में बेहद शांत और रोमांटिक हो जाता है। यहां की झीलें झरने और घुमावदार सड़कें सफर को यादगार बना देती हैं। ठंडी हवा और हल्की धूप के बीच टहलना यहां का खास अनुभव है। यही वजह है कि सर्दियों में यहां पर्यटकों की पसंद और बढ़ जाती है।
    कॉफी की खुशबू और सर्दियों की ठंडक
    कर्नाटक का कूर्ग सर्दियों में हरियाली और ठंडी फिजा के लिए जाना जाता है। कॉफी के बागान पहाड़ों से गिरते झरने और शांत वातावरण यहां की पहचान हैं। सर्दियों में मौसम इतना सुहावना होता है कि घूमने के साथ-साथ आराम करने का भी भरपूर मौका मिलता है।
    भीड़ से दूर सुकून भरी जगह
    अगर आप सर्दियों में भीड़-भाड़ से दूर किसी शांत जगह पर जाना चाहते हैं तो यरकौड एक अच्छा विकल्प है। तमिलनाडु का यह हिल स्टेशन सर्दियों में ठंडी हवा और हरियाली से भर जाता है। यहां का शांत माहौल और प्राकृतिक खूबसूरती ट्रैवल को खास बना देती है।
    अब सर्दियों में घूम आओ
    दक्षिण भारत के ये हिल स्टेशन सर्दियों में न सिर्फ खूबसूरत लगते हैं बल्कि यहां का मौसम भी घूमने के लिए बेहद आरामदायक होता है। अगर आप इस सर्दी कुछ अलग और सुकून भरा ट्रैवल अनुभव चाहते हैं तो इन जगहों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें। यहां आकर सच में ट्रैवल का मजा डबल हो जाता है।

  • प्रिंस एंड्रयू का रॉयल लॉज 30 कमरे शाही स्विमिंग पूल और 200 साल पुराना इतिहास जानें इसकी खासियत

    प्रिंस एंड्रयू का रॉयल लॉज 30 कमरे शाही स्विमिंग पूल और 200 साल पुराना इतिहास जानें इसकी खासियत


    नई दिल्ली । ब्रिटेन के किंग चार्ल्स ने हाल ही में अपने भाई प्रिंस एंड्रयू से उनके प्रिंस टाइटल को वापस लेने और रॉयल लॉज को खाली करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद रॉयल लॉज एक बार फिर चर्चा में आ गया है। जेफ्री एपस्टीन विवाद के कारण यह संपत्ति अब एक नई दिशा में आगे बढ़ने को तैयार है। आइए जानते हैं इस भव्य रॉयल लॉज के बारे में जो 200 साल पुरानी ऐतिहासिकता और शाही ठाठ-बाट का प्रतीक है।

    रॉयल लॉज की विशेषताएँ

    विंडसर ग्रेट पार्क के भीतर स्थित रॉयल लॉज एक विशाल संपत्ति है जिसमें 30 कमरे और कई शानदार सुविधाएं हैं। यह भव्य मैंसन 40 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और आधिकारिक रूप से Crown Estate के स्वामित्व में है। यहां शाही स्विमिंग पूल एवियरी पक्षी घर छह लॉज कॉटेज माली का घर और शाही सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के लिए अलग आवास मौजूद हैं। रॉयल लॉज की सुरक्षा उच्च स्तर की है क्योंकि यह विंडसर कासल और अन्य शाही निवासों के बेहद करीब स्थित है।

    प्रिंस एंड्रयू को कैसे मिला रॉयल लॉज

    प्रिंस एंड्रयू को यह शानदार रॉयल लॉज दिवंगत महारानी एलिजाबेथ-II ने दिया था। 2003 में प्रिंस एंड्रयू ने रॉयल लॉज के लिए 1 मिलियन पाउंड का भुगतान किया और 75 साल की लीज ली जो 2078 तक वैध थी। इस लीज की शर्तों के अनुसार उन्हें लॉज के मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई थी। एंड्रयू ने इस संपत्ति पर लगभग 7.5 मिलियन पाउंड की राशि खर्च की और इसे 2005 तक रेनोवेट किया।यह लीज में दिलचस्प बात यह है कि सालाना किराया अगर मांगा जाए के रूप में एक  तुलसी के बीज निर्धारित किया गया था। इसका मतलब यह था कि यदि Crown Estate ने किराया मांगा तो उसे नाममात्र की राशि ही चुकानी पड़ती थी।

    रॉयल लॉज का ऐतिहासिक महत्व

    रॉयल लॉज का इतिहास 1660 के दशक से जुड़ा हुआ है। यह संपत्ति शिकार लॉज के रूप में शुरू हुई थी और 19वीं सदी की शुरुआत में जॉर्ज IV ने इसे एक निजी रिट्रीट और शिकार लॉज के रूप में बदल दिया था। तब से इसे रॉयल लॉज नाम मिला। इस रॉयल लॉज में 1930 के दशक में फिर से निर्माण किया गया और यहां ब्रिटेन की रानी एलिजाबेथ-II ने अपने बचपन के कुछ साल बिताए थे जब वे अपने माता-पिता ड्यूक और डचेस ऑफ यॉर्क के साथ यहां रहते थे। यहां तक कि क्वीन मदर ने भी इसे 2002 तक अपनी मृत्यु तक अपना विंडसर निवास बनाए रखा था। इसलिए रॉयल लॉज शाही परिवार के इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसका ऐतिहासिक और भावनात्मक मूल्य भी है।

    प्रिंस एंड्रयू द्वारा किए गए बदलाव

    प्रिंस एंड्रयू ने रॉयल लॉज में कई संरचनात्मक बदलाव किए थे। इन बदलावों में मुख्य रूप से अंदरूनी छत में सुधार बाहरी पेंटिंग और गेट एंट्रेंस पर नई टारमैकिन्ग शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने सुरक्षा के उपायों को मजबूत करने के लिए लाइटिंग और सिक्योरिटी कैमरे भी लगाए। रॉयल लॉज में पुलिस आवास और कंजर्वेटरी के निर्माण की अनुमति पहले से दी जा चुकी थी जो सुरक्षा बढ़ाने में मदद करती है।

    किंग चार्ल्स का फैसला

    हालांकि किंग चार्ल्स के आदेश के बाद प्रिंस एंड्रयू को रॉयल लॉज खाली करना पड़ा है लेकिन यह संपत्ति अब भी शाही परिवार के इतिहास का अहम हिस्सा है। इसके भविष्य को लेकर अब तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई है लेकिन इसे लेकर चर्चा और योजनाएं लगातार चल रही हैं।
    रॉयल लॉज की शाही धरोहर और प्रिंस एंड्रयू के साथ जुड़ी इस संपत्ति की कहानी ब्रिटिश शाही परिवार के इतिहास और संस्कृति को दर्शाती है।

  • रोजाना 1 चम्मच चिया सीड्स खाने से मिलेंगे 5 जबरदस्त फायदे जानें सही तरीका

    रोजाना 1 चम्मच चिया सीड्स खाने से मिलेंगे 5 जबरदस्त फायदे जानें सही तरीका


    नई दिल्ली । चिया सीड्स एक छोटे आकार के बीज होते हैं जो पोषण से भरपूर होते हैं और इन्हें सुपरफूड के रूप में जाना जाता है। अगर आप रोजाना 1 चम्मच चिया सीड्स का सेवन करते हैं तो आपको एक महीने में ही कई शारीरिक बदलाव नजर आने लगते हैं। ये बीज शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं और सेहत में सुधार करते हैं। तो आइए जानते हैं चिया सीड्स के सेवन से मिलने वाले 5 जबरदस्त फायदे:

    वजन तेजी से कंट्रोल होता है

    चिया सीड्स में उच्च मात्रा में फाइबर होता है जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है। इससे बार-बार भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग से बचाव होता है। नियमित रूप से 1 चम्मच चिया सीड्स खाने से वजन कम करने में मदद मिलती है और यह शरीर के मेटाबोलिज्म को भी बेहतर बनाता है।

    पाचन तंत्र मजबूत होता है

    अगर आपको कब्ज गैस या ब्लोटिंग की समस्या रहती है तो चिया सीड्स आपके लिए एक बेहतरीन उपाय हो सकते हैं। इन बीजों में प्रचुर मात्रा में फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो आंतों की सफाई करते हैं और पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं।

    ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है

    चिया सीड्स डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं। ये ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोकते हैं और शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारने में मदद करते हैं। इससे डायबिटीज का जोखिम कम होता है और ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है।

    दिल की सेहत में सुधार होता है

    चिया सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स होते हैं जो दिल के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। ये खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं जिससे दिल की सेहत बेहतर रहती है। इसके नियमित सेवन से हार्ट अटैक और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा भी घटता है।

     त्वचा में नेचुरल ग्लो आता है

    चिया सीड्स में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और उसे चमकदार बनाते हैं। इसके सेवन से त्वचा स्वस्थ सॉफ्ट और ग्लोइंग नजर आने लगती है। इसके अलावा ये त्वचा को हाइड्रेट भी करते हैं जिससे उम्र बढ़ने के लक्षण कम होते हैं।

    चिया सीड्स खाने का सही तरीका

    चिया सीड्स को कभी भी सूखा न खाएं।  चम्मच चिया सीड्स को एक गिलास पानी में भिगोकर 20-30 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद आप इसे सुबह खाली पेट या किसी स्मूदी दही या सलाद में मिलाकर खा सकते हैं। चिया सीड्स का सेवन बहुत आसान है और अगर आप इसे अपनी डाइट में शामिल करते हैं तो आप एक महीने में इसके अद्भुत लाभ देख सकते हैं। तो बिना किसी मेहनत के अपनी सेहत में सुधार के लिए रोजाना 1 चम्मच चिया सीड्स जरूर शामिल करें।

  • 1 महीने तक सुबह खाली पेट खजूर खाने से क्या होंगे फायदे? जानें 7 हैरान कर देने वाले लाभ

    1 महीने तक सुबह खाली पेट खजूर खाने से क्या होंगे फायदे? जानें 7 हैरान कर देने वाले लाभ


    नई दिल्ली । खजूर एक सुपरफूड के रूप में जाना जाता है जो न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। अगर आप हर सुबह खाली पेट 1 महीने तक खजूर खाते हैं तो आपके शरीर में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। खजूर में वह सभी पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ विभिन्न बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं खजूर के सेवन से मिलने वाले 7 महत्वपूर्ण फायदे ।
    पाचन तंत्र को मजबूत बनाएं
    खजूर में उच्च मात्रा में फाइबर होता है जो पाचन को बेहतर बनाता है। रोज सुबह खजूर खाने से आंतों की सफाई होती है और कब्ज गैस एसिडिटी जैसी समस्याएं कम होती हैं। इससे पेट साफ रहता है और पाचन क्रिया बेहतर होती है।

    शरीर को मिलती है भरपूर ऊर्जा
    खजूर में प्राकृतिक शुगर ग्लूकोज फ्रक्टोज और सुक्रोज होता है जो तुरंत शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। इससे पूरे दिन थकान या कमजोरी का अनुभव नहीं होता और आप दिनभर सक्रिय रहते हैं।

    वजन बढ़ाने या घटाने में मदद

    जो लोग दुबले-पतले हैं उनके लिए खजूर वजन बढ़ाने में मदद करता है क्योंकि यह उच्च कैलोरी वाला होता है। वहीं सीमित मात्रा में सेवन करने पर खजूर मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाकर वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है।

    खून की कमी एनीमिया को दूर करता है

    खजूर आयरन से भरपूर होता है जो खून की कमी को दूर करता है। रोजाना खजूर खाने से हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है जिससे एनीमिया चक्कर आना और कमजोरी जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।

    दिल को स्वस्थ रखता है

    खजूर में पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखते हैं। इसके सेवन से दिल की सेहत बेहतर रहती है और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है।

    दिमाग और याददाश्त को तेज करता है

    खजूर में एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन्स होते हैं जो दिमाग को सक्रिय रखते हैं। इसका नियमित सेवन याददाश्त को बेहतर बनाता है और मानसिक तनाव को कम करता है। यह दिमाग को तेज रखने में भी सहायक होता है।

    हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत बनाता है
    खजूर में कैल्शियम फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स होते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। इसके सेवन से जोड़ों के दर्द में भी राहत मिलती है और हड्डियां मजबूत होती हैं।

    खजूर खाने का सही तरीका

    सुबह खाली पेट 2–3 खजूर खाएं। आप चाहें तो रात में खजूर को पानी में भिगोकर सुबह इसका सेवन कर सकते हैं। इसके बाद एक गिलास गुनगुना पानी पीना फायदेमंद होता है। अगर आपको डायबिटीज है तो खजूर का सेवन सीमित मात्रा में करें और डॉक्टर की सलाह लें। अगर आप सिर्फ 1 महीने तक सुबह खाली पेट खजूर खाना शुरू कर देते हैं तो शरीर में अंदर से मजबूत बदलाव दिखने लगेंगे और कई बीमारियों से भी राहत मिल सकती है।