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  • केवल तुलसी ही नहीं, उसकी मंजरी भी है अमृत समान, जानिए इसके जबरदस्त स्वास्थ्य लाभ

    केवल तुलसी ही नहीं, उसकी मंजरी भी है अमृत समान, जानिए इसके जबरदस्त स्वास्थ्य लाभ


    नई दिल्ली। घर के आंगन में आसानी से मिलने वाली तुलसी सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक औषधि के रूप में भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। अक्सर लोग इसकी पत्तियों का उपयोग करते हैं, लेकिन तुलसी की मंजरी (फूलों का छोटा गुच्छा) भी उतनी ही शक्तिशाली और लाभकारी होती है।

    आयुर्वेद के अनुसार, इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीवायरल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण मौजूद होते हैं, जो शरीर को कई तरह के संक्रमणों से बचाने में मदद करते हैं।

    इम्युनिटी बढ़ाने में बेहद असरदार

    तुलसी की मंजरी का नियमित सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। यह सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल इंफेक्शन से बचाव में मदद करती है। बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों से शरीर को प्राकृतिक सुरक्षा मिलती है।

    सर्दी-खांसी और सांस की समस्याओं में राहत

    तुलसी मंजरी गले की खराश, बलगम और पुरानी खांसी में बेहद लाभकारी मानी जाती है। अस्थमा और एलर्जी के मरीजों के लिए भी यह फायदेमंद हो सकती है, क्योंकि यह श्वसन तंत्र को साफ और मजबूत बनाती है।

    पाचन तंत्र को रखे मजबूत

    यह गैस, अपच, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देती है। तुलसी मंजरी शरीर के मेटाबॉलिज्म को सुधारती है और पाचन क्रिया को संतुलित रखने में मदद करती है।

    तनाव कम करने और नींद सुधारने में सहायक

    तुलसी की खुशबू और इसके प्राकृतिक गुण मानसिक तनाव को कम करने में मदद करते हैं। यह दिमाग को शांत करती है और अच्छी नींद लाने में भी सहायक मानी जाती है।

    त्वचा और डिटॉक्स के लिए फायदेमंद

    तुलसी मंजरी शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है, जिससे खून साफ होता है। इसके सेवन से चेहरे पर निखार आता है और मुंहासे जैसी समस्याएं भी कम हो सकती हैं।

    तुलसी मंजरी का सेवन कैसे करें?

    इसे कई आसान तरीकों से उपयोग किया जा सकता है-

    सुबह खाली पेट 4–5 मंजरियां चबाएं
    तुलसी पत्तियों के साथ इसकी चाय बनाकर पिएं
    शहद के साथ इसका रस लें
    अदरक, काली मिर्च और लौंग के साथ काढ़ा बनाकर पिएं
    निष्कर्ष

    तुलसी की मंजरी एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावशाली घरेलू औषधि है, जो इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर तनाव कम करने और पाचन सुधारने तक कई लाभ देती है। सही तरीके से इसका सेवन करने पर यह संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक वरदान साबित हो सकती है।

  • Travel Tips: गर्मी से राहत पाने के लिए परफेक्ट हैं उत्तराखंड के ये हिल स्टेशन, बना लें ट्रैवल प्लान

    Travel Tips: गर्मी से राहत पाने के लिए परफेक्ट हैं उत्तराखंड के ये हिल स्टेशन, बना लें ट्रैवल प्लान


    नई दिल्ली। उत्तराखंड में ऐसी कई जगह है जो काफी अच्छी हैं वहां पर घूमने से आपका मन काफी अच्छा हो जाता है। आपने वहां कई जगह देखी होंगी, लेकिन जन्नत जैसी जगह कैसी दिखती है, उसका जवाब आपको अभी तक नहीं मिला होगा। हम बात नैनीताल, मसूरी या ऋषिकेश की नहीं कर रहे, हम बात कर रहे हैं देघाट की, जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते होंगे। देघाट उत्तराखंड की सबसे खूबसूरत जगह है, जो दिल्ली से 390 किमी दूर पड़ती है, यहां आपको नैनीताल और मसूरी जैसी भीड़ नहीं मिलेगी। तो चलिए इसके बारे में सारी जानकारी जानते हैं।

    देघाट में मिलेगा सुकून
    बता दें, ये अद्भुत जगह अल्मोड़ा जिले में मौजूद है। ये अल्मोड़ा मुख्य शहर से कुछ ही किमी दूर स्थित है। इसके अलावा, ये नैनीताल से करीबन 132 किमी और रानीखेत से महज 87 किमी दूर पड़ती है।देघाट बहुत ही कम लोग जानते होंगे। हिमालय की गोद में मौजूद देघाट की खूबसूरती देखने के बाद आप यही कहेंगे आप यहां पहले क्यों नहीं गए।

    घूमने के लिए परफेक्ट देघाट
    अगर आप कुछ ऐसी जगह एक्सप्लोरर करना चाहते हैं तो काफी खास हो और जहां भीड़ भी काम हो तो देघाट अच्छा ऑप्शन है।देघाट भले ही एक छोटा गांव है, लेकिन खूबसूरती के मामले में द्वाराहाट, रानीखेत जैसी जगहों को टक्कर दे देती है।बादलों से ढके ऊंचे-ऊंचे पहाड़, घास के मैदान, घने जंगल और झील-झरने देघाट की खूबसूरत में चार चांद लगा देते हैं। यहां की हरियाली भी पर्यटकों को काफी पसंद आती है। देघाट को प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग है।

    कैसे पहुंचे देघाट
    अल्मोड़ा से देघाट पहुंचना काफी आसान है, इसके लिए आप अल्मोड़ा चौक से टैक्सी या कैब लेकर देघाट जा सकते हैं। इसके अलावा, अल्मोड़ा चौक से स्कूटी रेंट पर लेकर भी घूम सकते हैं। आप नैनीताल से भी टैक्सी या कैब लेकर देघाट पहुंच सकते हैं।

  • यात्रा और ऑफिस रूटीन में भी पाएं ग्लोइंग स्किन, बस अपनाएं ये आसान स्किन केयर हैक्स

    यात्रा और ऑफिस रूटीन में भी पाएं ग्लोइंग स्किन, बस अपनाएं ये आसान स्किन केयर हैक्स


    नई दिल्ली। आज के समय में ऑफिस जाना ट्रैवल करना और उसके साथ-साथ अपनी स्क्रीन का ध्यान रखना काफी मुश्किल हो जाता है। अगर आप ट्रैवलिंग के साथ-साथ अपने स्क्रीन का ध्यान रखना चाहती हैं तब यह खबर आपके लिए काफी जरूरी है। जब भी हम कहीं बाहर जाते हैं, तो सोचते हैं कि अपने बैग में ऐसा क्या-क्या रखें। जिससे कि हमारा चेहरा फ्रेश और सुंदर बना रहा। तो चलिए आपको इससे जुड़ी खास जानकारी देते हैं।

    फेस क्लींजर या फेस वॉश
    सबसे जरूरी होता है कि अगर आप बाहर जा रहे हैं तब चेहरे की खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए जरूरी होता है स्किन को साफ रखना, ऑयल, दिनभर की धूल-मिट्टी और मेकअप को हटाने के लिए अच्छा फेस क्लींजर या फेस वॉश होना जरूरी है। इसलिए आप अपने स्किन टाइप के हिसाब से क्लींजर और फेस वॉश को रख सकती हैं। जो आपकी काफी मदद करेगा।

    फेस मास्क
    ऑफिस जाते समय या फिर आप कहीं और ट्रेवल कर रही हैं धूप और धूल की वजह से फेस पर गंदगी की परत जम जाती है। इसके लिए फेस मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। जब आप बाहर जाएं, तो बैग में फेस मास्क जरूर रख लें। यह ब्यूटी प्रोडक्ट आपके बहुत काम आएगा।

    लिप बाम
    फेस के साथ-साथ होंठों की देखभाल करना जरूरी है। फटे और ड्राय होंठ बहुत दर्द होते हैं और हमारा लुक भी खराब कर देते हैं। इसलिए लिप बाम को अपने पास जरूर रखना चाहिए। ताकि ये आपके होंठों की देखभाल सही ढंग से करें।

    मॉइस्चराइजिंग क्रीम
    स्किन को कोमल और मुलायम बनाने के लिए आपके पास मॉइस्चराइजिंग क्रीम होना जरूरी है। इसलिए इसको बाहर जाते समय मॉइस्चराइजिंग क्रीम ले जाना न भूलें। के साथ ही अगर आप रात में ट्रेवल कर रही हैं तो कोई नाइट क्रीम या फिर सीरम जरूर अपने पास रखें।इससे आपका फेस अगली सुबह फ्रेश और ग्लोइंग रहेगा।

  • किचन का देसी जादू: मटर के छिलकों से बनती है लाजवाब सब्जी, जानें आसान रेसिपी

    किचन का देसी जादू: मटर के छिलकों से बनती है लाजवाब सब्जी, जानें आसान रेसिपी


    नई दिल्ली। मटर में काफी प्रोटीन होता है इसलिए लोग उसे खाना ज्यादा पसंद करते हैं। हम मटर से काफी कुछ बनाते है जैसे सब्जी, पराठा और निमोना। आमतौर पर लोग मटर को तो इस्तेमाल कर लेते हैं, पर उसके छिलकों को फेंक देते हैं। लोगों को लगता है कि मटर के छिलके किसी काम के नहीं हैं। पर ये सच नहीं हैं। मटर के छिलके से भी आप स्वादिष्ट सब्जी बना सकते हैं तो चलिए इसकी रेसिपी जानते हैं।

    सेहत के लिए भी अच्छी है ये सब्जी
    मटर के छिलकों की सब्जी काफी अच्छी होती है। यह रेसिपी न केवल स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें फाइबर और पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। तो चलिए इसके बारे में सारी जानकरी जानते हैं।

    बनाने के लिए सामग्री
    2 कप मटर के ताजे छिलके
    1 प्याज (बारीक कटा हुआ)
    1 टमाटर (कटा हुआ)
    2 हरी मिर्च
    1/2 चम्मच जीरा
    1/2 चम्मच हल्दी पाउडर
    1 चम्मच धनिया पाउडर
    1/2 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
    नमक स्वादानुसार
    2 चम्मच तेल
    हरा धनिया (गार्निश के लिए)

    बनाने की विधि
    सबसे पहले मटर के छिलकों को अच्छी तरह धो लें और उनके किनारों के सख्त धागे निकाल दें। अब इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इसके बाद इसको थोड़ी देर के लिए पानी में उबाल लें। इसके बाद एक कढ़ाई में तेल गरम करें और उसमें जीरा डालें। जब जीरा चटकने लगे, तो उसमें कटा हुआ प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें।

    इसके बाद हरी मिर्च डालें। इसके बाद उसमें हल्दी पाउडर डालें और टमाटर डाल कर नरम होने तक पकाएं।इसके साथ ही आप इसमें स्वाद अनुसार नमक भी डालें। फिर धनिया पाउडर, लाल मिर्च डालकर मसाले को अच्छे से भून लें।

    जब मसाले से तेल अलग होने लगे, तब इसमें कटे हुए मटर के छिलके डाल दें।छिलकों को मसाले में अच्छी तरह मिलाएं और ढककर धीमी आंच पर 10–15 मिनट तक पकने दें।

    बीच-बीच में चलाते रहें ताकि सब्जी जले नहीं। अगर जरूरत लगे तो थोड़ा पानी भी डाल सकते हैं।जब छिलके नरम हो जाएं और मसाले अच्छी तरह मिल जाएं, तब गैस बंद कर दें। ऊपर से हरा धनिया डालकर गार्निश करें।

  • लेमन ग्रास: सेहत और स्किन के लिए वरदान, जानिए इसके सेवन के हैरान करने वाले फायदे

    लेमन ग्रास: सेहत और स्किन के लिए वरदान, जानिए इसके सेवन के हैरान करने वाले फायदे


    नई दिल्ली। गर्मियों के मौसम में हल्के, ताजगी देने वाले और सेहतमंद पेय की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में लेमन ग्रास (Lemongrass) एक ऐसी औषधीय जड़ी-बूटी है, जो न सिर्फ स्वाद में सुगंधित होती है बल्कि शरीर को अंदर से स्वस्थ रखने में भी मदद करती है। आयुर्वेद में इसे प्राकृतिक डिटॉक्स और हीलिंग हर्ब माना गया है।

    भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा भी इसके औषधीय गुणों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसके लाभों को अपनाएं और इसे अपने घरों में आसानी से उगाएं।

    क्या है लेमन ग्रास की खासियत?

    लेमन ग्रास एक सुगंधित घास है, जिसे आसानी से घर के गमले या बगीचे में उगाया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पर्यावरण को भी शुद्ध करने में मदद करती है और साथ ही सेहत को कई तरह से लाभ पहुंचाती है।

    लेमन ग्रास के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ

    1. इम्युनिटी बूस्टर
    लेमन ग्रास में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा कम होता है।

    2. पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
    यह पाचन शक्ति को बेहतर बनाती है, भूख बढ़ाती है और पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस और अपच में राहत देती है।

    3. त्वचा को रखे साफ और स्वस्थ
    इसके एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण त्वचा को साफ रखने में मदद करते हैं। यह मुंहासे, फंगल इंफेक्शन और त्वचा की सूजन में भी उपयोगी है।

    4. सर्दी-जुकाम और बुखार में राहत
    लेमन ग्रास की चाय पीने से सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याओं में आराम मिलता है। यह शरीर को गर्माहट और राहत प्रदान करती है।

    5. तनाव कम करने में सहायक
    इसकी सुगंध और चाय मानसिक तनाव को कम करने में मदद करती है और मन को शांत रखती है।

    6. शरीर का डिटॉक्स
    लेमन ग्रास शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है, जिससे शरीर अंदर से साफ रहता है।

    अन्य संभावित लाभ

    आयुर्वेद के अनुसार लेमन ग्रास का उपयोग जोड़ों के दर्द, पीरियड्स की समस्याओं और कमजोरी में भी लाभकारी माना गया है। इसके अलावा इसके कुछ गुणों पर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को लेकर भी शोध जारी है।

    कैसे करें सेवन?

    लेमन ग्रास का सबसे आम उपयोग इसकी चाय के रूप में किया जाता है। इसकी पत्तियों को पानी में उबालकर चाय तैयार की जाती है, जिसे दिन में एक या दो बार पीना फायदेमंद माना जाता है।

    लेमन ग्रास एक प्राकृतिक, सुगंधित और औषधीय जड़ी-बूटी है, जो शरीर को डिटॉक्स करने, इम्युनिटी बढ़ाने और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करती है। सही तरीके से इसका सेवन करने पर यह सेहत के लिए एक सरल लेकिन प्रभावी घरेलू उपाय साबित हो सकती है।

  • आयुर्वेदिक रहस्य: सुबह जीरा पानी पीने से क्या बदलती है सेहत? जानें सही तरीका

    आयुर्वेदिक रहस्य: सुबह जीरा पानी पीने से क्या बदलती है सेहत? जानें सही तरीका


    नई दिल्ली। आयुर्वेद में जीरे को केवल मसाला नहीं, बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर प्राकृतिक औषधि माना गया है। जीरा पानी को “डाइजेस्टिव टॉनिक” कहा जाता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पेट की अग्नि (मेटाबॉलिज्म) को सक्रिय करता है और शरीर में जमा विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक होता है।

    आज के समय में फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए लोग जीरा पानी, मेथी पानी, अजवाइन पानी और सौंफ पानी जैसी घरेलू औषधियों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। खासतौर पर जीरा पानी को वजन घटाने और पेट की समस्याओं में बेहद असरदार माना जा रहा है।

    जीरा पानी बनाने का सही तरीका क्या है?

    जीरा पानी बनाने के लिए सबसे पहले एक चम्मच जीरा रातभर पानी में भिगोकर रख दें। सुबह इस पानी को हल्का उबाल लें, ताकि जीरे के पोषक तत्व पानी में अच्छे से मिल जाएं। उबालने के बाद जब पानी हल्का गुनगुना रह जाए, तभी इसका सेवन करना चाहिए। ध्यान रखें कि पानी न बहुत ज्यादा गर्म हो और न ठंडा, क्योंकि गुनगुना पानी शरीर द्वारा जल्दी अवशोषित किया जाता है और इसका प्रभाव बेहतर होता है।

    कब और कैसे करें सेवन?

    आयुर्वेद के अनुसार जीरा पानी का सबसे सही समय सुबह खाली पेट माना गया है। सुबह उठकर सबसे पहले इसे पीने से पाचन तंत्र सक्रिय हो जाता है और दिनभर पेट से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं।

    यदि कोई व्यक्ति खाली पेट नहीं पी सकता, तो इसे भोजन के बाद भी लिया जा सकता है। लेकिन इसे धीरे-धीरे, घूंट-घूंट कर पीना चाहिए ताकि यह शरीर में सही तरीके से अवशोषित हो सके।

    जीरा पानी के प्रमुख फायदे

    जीरा पानी नियमित रूप से पीने से शरीर को कई लाभ मिल सकते हैं-

    पाचन तंत्र मजबूत होता है
    पेट फूलना और गैस की समस्या में राहत मिलती है
    मेटाबॉलिज्म तेज होता है
    शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलते हैं
    वजन घटाने में मदद मिलती है
    गर्मियों में पेट की जलन और एसिडिटी कम होती है

    आयुर्वेद में इसे एक प्राकृतिक डिटॉक्स ड्रिंक माना गया है, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के शरीर को संतुलित रखने में मदद करता है।

    गलत तरीके से सेवन से हो सकता है नुकसान

    विशेषज्ञों के अनुसार, कई लोग जल्दी परिणाम पाने के चक्कर में दिनभर जीरा पानी पीते रहते हैं या बहुत अधिक मात्रा में इसका सेवन कर लेते हैं। यह तरीका सही नहीं है। अत्यधिक सेवन से शरीर में पानी का संतुलन बिगड़ सकता है और अपेक्षित लाभ भी नहीं मिलते।

    जीरा पानी एक सरल लेकिन बेहद प्रभावी घरेलू उपाय है, जिसे सही तरीके से अपनाकर पाचन और संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है। सुबह की यह छोटी सी आदत लंबे समय में शरीर को मजबूत और ऊर्जावान बनाने में मदद कर सकती है।

  • पवित्र अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारी शुरू: जानिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, यात्रा मार्ग और जरूरी नियम

    पवित्र अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारी शुरू: जानिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, यात्रा मार्ग और जरूरी नियम


    नई दिल्ली। 2026 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इस साल यह पवित्र यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगी। यानी कुल 57 दिनों तक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। खास बात यह है कि यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है, जिसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से पूरा किया जा सकता है।

    हर साल लाखों श्रद्धालु इस कठिन लेकिन आस्था से भरी यात्रा में शामिल होते हैं। प्रशासन ने इस बार भी सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से पूरी हो सके।

    Amarnath Yatra 2026 के रजिस्ट्रेशन और पात्रता नियम
    अमरनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। श्रद्धालु अधिकृत बैंक शाखाओं या ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए Compulsory Health Certificate (CHC) जरूरी होता है, जो यह साबित करता है कि यात्री उच्च पर्वतीय क्षेत्र की यात्रा के लिए फिट है।

    आयु सीमा भी तय की गई है। आमतौर पर 13 से 70 वर्ष के बीच के लोग ही यात्रा के लिए पात्र होते हैं। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यात्रा के दौरान RFID कार्ड रखना भी अनिवार्य किया गया है, जिससे सुरक्षा और ट्रैकिंग आसान हो सके।

    दो मुख्य रूट और जरूरी गाइडलाइन
    अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए दो प्रमुख मार्ग हैं—पहलगाम और बालटाल। पहलगाम रूट लंबा लेकिन अपेक्षाकृत आसान है, जबकि बालटाल रूट छोटा लेकिन ज्यादा कठिन माना जाता है। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी रूट का चयन कर सकते हैं।

    यात्रा के दौरान मौसम बेहद अनिश्चित रहता है, इसलिए गर्म कपड़े, रेनकोट और जरूरी दवाइयां साथ रखना जरूरी है। प्रशासन ने यात्रियों को ऊंचाई वाले इलाकों में सावधानी बरतने, समूह में चलने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

    कुल मिलाकर, अमरनाथ यात्रा 2026 आस्था और रोमांच का संगम होने वाली है, लेकिन इसमें शामिल होने से पहले पूरी तैयारी और नियमों की जानकारी बेहद जरूरी है।

  • बदलते मौसम में बच्चों की सेहत का रखें खास ध्यान, अपनाएं ये आसान उपाय

    बदलते मौसम में बच्चों की सेहत का रखें खास ध्यान, अपनाएं ये आसान उपाय

    नई दिल्ली। अप्रैल का महीना जहां मौसम को सुहावना बनाता है, वहीं बच्चों की सेहत के लिए यह चुनौतीपूर्ण भी साबित हो सकता है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक बारिश के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव होता रहता है, जिससे बच्चों का शरीर जल्दी तालमेल नहीं बिठा पाता।

    दिन में गर्मी और रात में ठंड के कारण सर्दी-जुकाम, गले में खराश और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा हवा में बढ़ती नमी और धूल से एलर्जी और त्वचा संबंधी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं। ऐसे में बच्चों की देखभाल के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

    मौसम के अनुसार पहनाएं कपड़े
    इस समय बच्चों को न ज्यादा भारी और न ही बहुत हल्के कपड़े पहनाने चाहिए। बेहतर होगा कि उन्हें लेयरिंग में कपड़े पहनाएं, ताकि जरूरत के अनुसार कपड़े कम या ज्यादा किए जा सकें। घर से बाहर निकलते समय शॉल या हल्की जैकेट साथ रखना खासकर शाम के समय फायदेमंद रहता है।

    पौष्टिक आहार से बढ़ाएं इम्युनिटी
    बदलते मौसम में बच्चों का खानपान बेहद अहम भूमिका निभाता है। उनके आहार में ताजे फल और हरी सब्जियां शामिल करें, जो विटामिन्स से भरपूर हों। ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स से परहेज करना बेहतर होता है। साथ ही बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना जरूरी है, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे।

    सफाई और दिनचर्या पर दें ध्यान
    इस मौसम में संक्रमण का खतरा अधिक होता है, इसलिए बच्चों को साफ-सफाई की आदत सिखाना जरूरी है। बाहर से आने के बाद हाथ-पैर धोना, नियमित नहाना और साफ कपड़े पहनना उनकी सेहत के लिए लाभदायक होता है। इसके अलावा पर्याप्त नींद भी जरूरी है। समय पर सोने से बच्चों की इम्युनिटी बेहतर होती है और वे बीमारियों से दूर रहते हैं।

    लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
    अगर सभी सावधानियों के बावजूद बच्चे में सर्दी, खांसी या किसी भी तरह की परेशानी नजर आए, तो उसे नजरअंदाज न करें। समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, ताकि बीमारी बढ़ने से पहले ही उसका इलाज हो सके।

  • भारतीय ‘राजमा-चावल’ का वैश्विक जलवा: दुनिया की टॉप बीन्स डिशेज में बनाई जगह

    भारतीय ‘राजमा-चावल’ का वैश्विक जलवा: दुनिया की टॉप बीन्स डिशेज में बनाई जगह

    नई दिल्ली। भारतीय खानपान के लिए गर्व की बात है कि घर-घर में पसंद किया जाने वाला साधारण लेकिन स्वादिष्ट ‘राजमा-चावल’ अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है। अपने गाढ़े स्वाद और घरेलू अंदाज के लिए मशहूर यह नॉर्थ इंडियन व्यंजन दुनिया की बेहतरीन बीन्स डिशेज में शामिल हो गया है। यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि अब भारतीय घरेलू व्यंजन भी वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहे हैं और लोगों के दिलों में अपनी जगह बना रहे हैं।

    ग्लोबल रैंकिंग में मिली जगह
    हाल ही में फूड रेटिंग प्लेटफॉर्म TasteAtlas द्वारा जारी सूची में राजमा और राजमा-चावल को दुनिया के टॉप 100 बीन्स डिशेज में स्थान दिया गया है। यह रैंकिंग दुनियाभर के हजारों यूजर्स की पसंद के आधार पर तैयार की गई है, जो भारतीय स्वाद की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।

    रैंकिंग में शानदार प्रदर्शन

    इस सूची में राजमा को 14वां स्थान मिला है, जबकि राजमा-चावल की जोड़ी 25वें पायदान पर रही। खास बात यह है कि इस लिस्ट में ब्राजील, पुर्तगाल, मैक्सिको और तुर्की जैसे देशों के पारंपरिक व्यंजन भी शामिल हैं, जिनके बीच भारतीय डिश का यह स्थान काफी अहम माना जा रहा है।

    सिर्फ खाना नहीं, एक एहसास
    राजमा-चावल एक सरल लेकिन बेहद लोकप्रिय डिश है, जिसमें मसालों में पके लाल राजमा को चावल के साथ परोसा जाता है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब और दिल्ली जैसे क्षेत्रों में यह केवल भोजन नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा स्वाद है, जो लोगों को घर और बचपन की याद दिलाता है।

    सादगी में छिपा है असली स्वाद

    इस डिश की खासियत इसकी पारंपरिक तैयारी में है। राजमा को रातभर भिगोकर प्याज, टमाटर, अदरक, लहसुन और मसालों के साथ धीमी आंच पर पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और खुशबू गहराई तक विकसित होती है। चावल के साथ परोसे जाने पर यह स्वाद और पोषण का बेहतरीन मेल बन जाता है।

    टॉप पर रही पुर्तगाल की डिश
    जहां भारतीय राजमा-चावल ने सूची में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई, वहीं पहला स्थान पुर्तगाल की मशहूर डिश Sopa da pedra को मिला। इसके अलावा टॉप 10 में ब्राजील की फेजोआदा, मैक्सिको की सोपा तारास्का और मिस्र की फुल मेडामेस जैसी डिशेज भी शामिल हैं।

  • घर पर बनाएं बाजार जैसी गाढ़ी और स्वादिष्ट लस्सी, जानिए आसान टिप्स और सही तरीका..

    घर पर बनाएं बाजार जैसी गाढ़ी और स्वादिष्ट लस्सी, जानिए आसान टिप्स और सही तरीका..

    नई दिल्ली। गर्मियों में ठंडे पेय की चाह बढ़ जाती है, लेकिन बाजार में मिलने वाले सॉफ्ट ड्रिंक्स और कोल्ड ड्रिंक्स में मौजूद केमिकल्स सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। ऐसे में देसी पेय ‘लस्सी’ एक बेहतरीन और हेल्दी विकल्प है, जो न सिर्फ शरीर को ठंडक देती है बल्कि पोषण भी प्रदान करती है।

    अक्सर लोगों को लगता है कि बाजार जैसी गाढ़ी और स्वादिष्ट लस्सी घर पर बनाना मुश्किल है, लेकिन सही तरीके और कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है।

    अच्छी लस्सी के लिए दही का सही चयन जरूरी

    लस्सी बनाने के लिए ताजा और हल्का खट्टा दही सबसे उपयुक्त माना जाता है। बहुत ज्यादा खट्टा दही स्वाद को बिगाड़ सकता है। दही जितना फ्रेश होगा, लस्सी उतनी ही स्वादिष्ट बनेगी। लस्सी बनाने से पहले दही को अच्छी तरह फेंट लें, ताकि उसमें कोई गांठ न रहे और टेक्सचर स्मूद बने।

    मीठी और नमकीन लस्सी का सही संतुलन
    लस्सी को अपनी पसंद के अनुसार मीठा या नमकीन बनाया जा सकता है।
    – मीठी लस्सी के लिए चीनी, इलायची पाउडर और थोड़ा सा गुलाब जल मिलाएं।
    – नमकीन लस्सी के लिए काला नमक, भुना जीरा पाउडर और पुदीना डालने से स्वाद और बढ़ जाता है।
    लस्सी को मथते समय ध्यान रखें कि इसे ज्यादा देर तक ब्लेंड न करें, वरना इसका गाढ़ापन कम हो सकता है।

    ठंडक और परोसने का सही तरीका

    लस्सी को ठंडा बनाने के लिए बर्फ डाली जा सकती है, लेकिन अधिक बर्फ डालने से स्वाद हल्का हो जाता है। बेहतर है कि पहले से ठंडा दही इस्तेमाल करें। परोसते समय ऊपर से मलाई या ड्राय फ्रूट्स डालकर इसे और भी स्वादिष्ट बनाया जा सकता है। अगर देसी अंदाज में लस्सी का मजा लेना चाहते हैं, तो इसे मिट्टी के कुल्हड़ में सर्व करना एक अच्छा विकल्प है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। इस तरह कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप घर पर ही बाजार जैसी गाढ़ी, ठंडी और स्वादिष्ट लस्सी तैयार कर सकते हैं।