Category: Madhya Pradesh

  • विदिशा होटल में अफरा-तफरी: शॉर्ट सर्किट से आग लगी, कर्मचारियों की सूझबूझ से बची बड़ी दुर्घटना

    विदिशा होटल में अफरा-तफरी: शॉर्ट सर्किट से आग लगी, कर्मचारियों की सूझबूझ से बची बड़ी दुर्घटना


    विदिशा । विदिशा शहर के माधवगंज चौराहे स्थित होटल राजावत में मंगलवार सुबह अचानक उस समय अफरा-तफरी मच गई जब होटल के मीटर बॉक्स से धुआं निकलता देखा गया। शुरुआती तौर पर कर्मचारियों को स्थिति समझ नहीं आई, लेकिन कुछ ही देर में चिंगारियां निकलने लगीं और आग ने विकराल रूप लेना शुरू कर दिया।

    होटल स्टाफ ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए स्थिति को संभालने की कोशिश की और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। साथ ही होटल में मौजूद अग्निशमन यंत्रों का उपयोग कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। कर्मचारियों की तत्परता के कारण आग को फैलने से पहले ही मीटर बॉक्स तक सीमित कर दिया गया।

    सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने होटल परिसर का निरीक्षण किया और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में पानी डालकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लिया। समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।

    होटल संचालक महिपाल सिंह ने बताया कि यदि मौके पर अग्निशमन यंत्र मौजूद नहीं होते तो आग तेजी से फैल सकती थी और होटल को भारी नुकसान हो सकता था। उन्होंने कर्मचारियों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता से बड़ी दुर्घटना होने से बच गई।

    संचालक ने अन्य व्यापारियों, होटल संचालकों और आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठानों और घरों में अग्निशमन यंत्र अवश्य रखें और समय-समय पर उनकी जांच कराते रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

  • सीहोर के बिजौरी गांव में प्रदर्शन: लंबे बिजली कटौती से पेयजल संकट और गर्मी ने बढ़ाई परेशानी

    सीहोर के बिजौरी गांव में प्रदर्शन: लंबे बिजली कटौती से पेयजल संकट और गर्मी ने बढ़ाई परेशानी


    सीहोर। सीहोर जिले के बिजौरी गांव में अघोषित बिजली कटौती और लगातार ट्रिपिंग की समस्या ने ग्रामीणों का गुस्सा भड़का दिया। भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली गुल रहने से परेशान लोग सड़क पर उतर आए और विद्युत वितरण कंपनी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

    ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बिजली आपूर्ति का कोई तय समय नहीं है। कभी भी बिजली गुल हो जाती है और लंबे समय तक बहाल नहीं होती। इससे लोगों की दैनिक दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। रात के समय जहां लोग ठीक से सो नहीं पा रहे हैं, वहीं दिन में जरूरी घरेलू और कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

    बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि मोटर और पंप बंद रहने से गांव में पानी की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। कई घरों में पीने के पानी तक की किल्लत हो रही है।

    इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। गर्मी और अंधेरे के कारण छात्र-छात्राएं ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, जबकि बुजुर्ग और बीमार लोग भी लगातार परेशान हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी समय पर बिल वसूलने में कोई देरी नहीं करती, लेकिन 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे जमीन पर दिखाई नहीं देते।

    लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कोई समाधान नहीं हुआ है। अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे बड़ा और उग्र आंदोलन करेंगे।

  • सतना में दर्दनाक मामला: खाना और शरबत पीने के बाद मासूम की मौत, एक ही परिवार के 4 लोग बीमार

    सतना में दर्दनाक मामला: खाना और शरबत पीने के बाद मासूम की मौत, एक ही परिवार के 4 लोग बीमार


    सतना । सतना जिले के उचेहरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत परसमनिया में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां संदिग्ध खाद्य विषाक्तता (फूड प्वॉइजनिंग) के कारण एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। इस घटना में 7 वर्षीय किशुन दहिया की मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य अभी भी निजी अस्पताल में भर्ती हैं।

    जानकारी के अनुसार परिवार ने रोटी और करेला की सब्जी खाने के बाद बेल का शरबत पिया था। कुछ ही समय बाद सभी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर सभी को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही 7 वर्षीय किशुन दहिया ने दम तोड़ दिया।

    घटना के बाद गांव में दहशत और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने शुरुआती दौर में दूषित पानी से बीमारी फैलने की आशंका जताई थी, जिसके बाद प्रशासन और पीएचई विभाग ने जांच शुरू की।

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा किए गए जल परीक्षण में बाबूलाल दहिया के कुएं के पानी की जांच की गई। रिपोर्ट में पानी में ई-कोलाई और टोटल कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया नहीं पाए गए, और सभी भौतिक व रासायनिक मानक सामान्य सीमा में पाए गए। इसके बाद विभाग ने पानी को सुरक्षित घोषित कर दिया है।

    पानी को क्लीनचिट मिलने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की जांच फूड प्वॉइजनिंग की दिशा में केंद्रित हो गई है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि करेला की सब्जी में कीटनाशक का प्रभाव हो सकता है, जिससे यह गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई। फिलहाल तीनों बीमार मरीजों का इलाज जारी है और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।

  • सतना में नौतपा की शुरुआत झुलसाने वाली: 44.9 डिग्री तापमान, रेड अलर्ट जारी, बिजली ट्रिपिंग ने बढ़ाई परेशानी

    सतना में नौतपा की शुरुआत झुलसाने वाली: 44.9 डिग्री तापमान, रेड अलर्ट जारी, बिजली ट्रिपिंग ने बढ़ाई परेशानी


    सतना । सतना में नौतपा की शुरुआत इस बार भीषण गर्मी के साथ हुई है। सोमवार को जिले में अधिकतम तापमान 44.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री अधिक है। बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं के चलते मौसम विभाग ने जिले में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। आने वाले दिनों में भी लू के तेज़ प्रभाव को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    सुबह से ही गर्म हवाओं का असर दिखने लगा था और 9 बजे के बाद से ही तेज धूप और लू ने हालात और खराब कर दिए। दोपहर होते-होते शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया और आमतौर पर भीड़भाड़ वाले इलाके भी सूने नजर आए। केवल जरूरी कामों के लिए ही लोग घरों से बाहर निकले।

    भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों पर भी देखा गया, जो पानी और छांव की तलाश में भटकते नजर आए। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मंगलवार को भी सतना में रेड अलर्ट जारी रहेगा, जिसके बाद हालात थोड़े स्थिर होकर ऑरेंज अलर्ट में बदल सकते हैं।

    रात के समय भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली। न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा। लगातार कई दिनों से तापमान 40 डिग्री से ऊपर बने रहने के कारण वातावरण में नमी भी बेहद कम हो गई है।

    गर्मी के साथ-साथ बिजली संकट ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बढ़ती मांग के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में ट्रिपिंग और ओवरलोडिंग की समस्या सामने आ रही है। कई स्थानों पर शॉर्ट सर्किट और आर्मर्ड केबल में आग लगने की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं।

    खूथी, जवाहर नगर, धवारी, एमपी नगर, प्रेमनगर, नजीराबाद, बजरहा टोला और नई बस्ती जैसे क्षेत्रों में लगातार बिजली ट्रिपिंग से लोग परेशान हैं। भीषण गर्मी और बिजली संकट ने मिलकर जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

  • नागौद में बिजली चोरी से हड़कंप: बदमाश काट ले गए हाईटेंशन लाइन के तार, ग्रामीण इलाकों की सप्लाई ठप

    नागौद में बिजली चोरी से हड़कंप: बदमाश काट ले गए हाईटेंशन लाइन के तार, ग्रामीण इलाकों की सप्लाई ठप


    उज्जैन । उज्जैन में सोमवार से शुरू हुई मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा का भव्य समापन मंगलवार को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर रामघाट पर होने जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे शहर में आस्था और उत्साह का माहौल बना हुआ है। परिक्रमा यात्रा के समापन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से शामिल होंगे और मां शिप्रा को लगभग 300 फीट लंबी भव्य चुनरी अर्पित करेंगे।

    यह आयोजन धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का अद्भुत संगम माना जा रहा है। रामघाट पर होने वाले इस कार्यक्रम में भारतीय नौसेना का बैंड अपनी देशभक्ति और भक्ति संगीत की धुनों से वातावरण को और भी भव्य बनाएगा। वहीं प्रसिद्ध भजन गायिका मैथिली ठाकुर की विशेष प्रस्तुति श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगी।

    परिक्रमा यात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए मंच लगाए। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए ठंडा पानी, शरबत, फल और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई, जिससे हजारों श्रद्धालुओं को सुविधा मिली।

    सोमवार शाम दत्त अखाड़ा घाट पर इंदौर के कलाकार श्रेयांश शुक्ला और जबलपुर की लोक गायिका संजो बघेल ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें श्रद्धालुओं ने खूब सराहा।

    यह पूरी यात्रा शिप्रा लोक संस्कृति समिति के संयोजन में महाराज विक्रमादित्य रिसर्च इंस्टीट्यूट, उज्जैन विकास प्राधिकरण, रामघाट तीर्थ पुरोहित सभा अवंतिकापुरी और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित की गई।

    यात्रा का पहला चरण रामघाट से शुरू होकर नृसिंह घाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला, महामृत्युंजय द्वार और प्रशांतिधाम होते हुए दत्त अखाड़ा तक पहुंचा, जहां रात्रि विश्राम किया गया। दूसरे दिन यह यात्रा रणजीत हनुमान, कालभैरव, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, गढ़कालिका, भर्तृहरि गुफा और वाल्मीकि धाम होते हुए पुनः रामघाट पर समापन करेगी। पूरा आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण बन गया है।

  • जमीन विवाद में खूनी झड़प: तलवार, चाकू और डंडों से हमला, फौजी समेत 5 पर केस दर्ज

    जमीन विवाद में खूनी झड़प: तलवार, चाकू और डंडों से हमला, फौजी समेत 5 पर केस दर्ज


    सतना । सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के कंदवा गांव में जमीन विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जब दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मामला तलवार, चाकू और डंडों से हमले तक पहुंच गया। इस झड़प में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जबकि पूरे गांव में तनाव का माहौल बन गया।

    घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और हथियारों का इस्तेमाल दिखाई दे रहा है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक पक्ष की शिकायत पर फौजी समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है।

    पहले पक्ष के राजकिशोर तिवारी ने आरोप लगाया कि उनके परिवार और गांव के ही दूसरे पक्ष के लोगों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 25 मई की शाम करीब 6 बजे विवाद ने उग्र रूप ले लिया, जब दूसरे पक्ष के लोग गाली-गलौज करते हुए घर में घुस आए।

    शिकायत के अनुसार, हमलावरों में से एक व्यक्ति तलवार लेकर आया था, जबकि अन्य लोग चाकू और डंडों से लैस थे। आरोप है कि उन्होंने घर के बाहर बैठी तुलसी देवी और अन्य परिजनों पर हमला किया। विरोध करने पर पूरे परिवार को बेरहमी से पीटा गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई।

    घटना के बाद घायल पक्ष थाने पहुंचा और रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें फौजी पंकज तिवारी, मनीष तिवारी, मुनेंद्र तिवारी, दिनेश तिवारी और अभिषेक तिवारी शामिल हैं।

    वहीं, दूसरे पक्ष ने भी पलटवार करते हुए शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि छुट्टी पर घर आए फौजी पंकज तिवारी पर पहले हमला किया गया। इस शिकायत में राजकिशोर तिवारी सहित पांच अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल, वीडियो फुटेज और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में तनाव बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की नई हिंसा न हो।

  • कलेक्ट्रेट में हंगामा: रामचरितमानस जलाने की कोशिश के बाद आत्मदाह का प्रयास, युवक हिरासत में

    कलेक्ट्रेट में हंगामा: रामचरितमानस जलाने की कोशिश के बाद आत्मदाह का प्रयास, युवक हिरासत में


    सागर । सागर में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक ने धार्मिक ग्रंथ रामचरितमानस को आग के हवाले कर दिया और बाद में खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली, जिससे बड़ी घटना टल गई।

    घटना के बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया है। उसकी पहचान जैसीनगर के घोघरी गांव निवासी बहादुर चढ़ार (37) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गोपालगंज थाने में रखकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, बहादुर ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2015 में उसके साथ गंभीर मारपीट हुई थी और इस मामले में आरोपी मुन्ना के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसका कहना है कि वह लंबे समय से पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहा था, लेकिन सुनवाई न होने से वह मानसिक रूप से आहत था।

    युवक ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया था, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी और हताशा में उसने यह कदम उठाया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक अपने साथ पेट्रोल के अलावा पटाखे भी लेकर आया था। जैसे ही उसने रामचरितमानस को आग लगाई, मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने तुरंत उसे रोक लिया।

    घटना के बाद प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने युवक से बातचीत कर उसके आरोपों को सुना और मामले की जांच का आश्वासन दिया।

    वहीं, इस घटना के बाद कुछ लोगों ने धार्मिक ग्रंथ जलाने के विरोध में आरोपी युवक पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल की जा रही है।

  • साध्वियों को कुचलने वाले मामले में सख्त रुख: एक्सपर्ट बोले-‘अनकंट्रोल नहीं थी कार’, ड्राइवर पर हत्या का आरोप मानने की मांग

    साध्वियों को कुचलने वाले मामले में सख्त रुख: एक्सपर्ट बोले-‘अनकंट्रोल नहीं थी कार’, ड्राइवर पर हत्या का आरोप मानने की मांग


    रीवा । रीवा में तेज रफ्तार कार से कुचलकर दो जैन साध्वियों की मौत के मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज और विशेषज्ञों की राय ने इस पूरे प्रकरण को एक साधारण सड़क दुर्घटना के बजाय एक संदिग्ध मामला बना दिया है। इसी के चलते जैन समाज ने आरोपी पर दर्ज ‘गैर इरादतन हत्या’ की धारा को हटाकर सीधे ‘हत्या’ का मामला दर्ज करने की मांग तेज कर दी है।

    घटना में पूज्य श्रुति मति माता और उपसमिति माता की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य आर्यिका माता गंभीर रूप से घायल हैं और उनका उपचार जारी है। शुरुआती पुलिस जांच में इसे सड़क दुर्घटना माना गया था, लेकिन CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामले की दिशा बदल गई है।

    फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कार मेन रोड पर सामान्य गति से चल रही थी और अचानक मोड़ लेकर पैदल चल रही साध्वियों को कुचल देती है। इसके बाद वाहन तेज गति से मौके से निकल जाता है। इसी आधार पर एक्सपर्ट्स ने सवाल उठाए हैं कि यह घटना अनियंत्रित वाहन का परिणाम नहीं बल्कि नियंत्रण में चल रही कार द्वारा की गई कार्रवाई प्रतीत होती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, यदि चालक को झपकी आई होती या वाहन अनियंत्रित होता, तो कार का मूवमेंट अलग प्रकार का होता और वह या तो सीधा आगे बढ़ती या अधिक कोण पर मुड़ती। लेकिन फुटेज में वाहन का सटीक मोड़ लेकर साध्वियों की ओर जाना इस मामले को संदिग्ध बनाता है।

    घटना शहर के वीआईपी क्षेत्र में हुई, जहां कलेक्ट्रेट, पुलिस कंट्रोल रूम, सिविल लाइन थाना और एसपी कार्यालय कुछ ही दूरी पर स्थित हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी घटना होना प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

    जैन समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कहा है कि जब घटना CCTV में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, तो इसे सड़क दुर्घटना मानना उचित नहीं है। समाज ने आरोपियों पर हत्या की धाराएं लगाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    पुलिस ने आरोपी रशीद आबाद अली शाह को गिरफ्तार कर लिया है, जो नागपुर का रहने वाला बताया गया है। घटना के बाद वह फरार हो गया था और बाद में उसे जबलपुर के बहोरीपार टोल नाके से पकड़ा गया।

    एडिशनल एसपी के अनुसार, पूरे मामले की जांच CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल जैन समाज की मांग है कि मामले में SIT या न्यायिक जांच कराई जाए और साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए।

  • डायल-112 सिस्टम पर सवाल: रीवा में शराब सप्लाई का वीडियो सामने आते ही कार्रवाई, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

    डायल-112 सिस्टम पर सवाल: रीवा में शराब सप्लाई का वीडियो सामने आते ही कार्रवाई, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड


    रीवा । रीवा जिले के गंगेव क्षेत्र से पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सामने आया है, जिसमें डायल-112 आपातकालीन वाहन के पास एक युवक शराब दुकान से बोतलें और बियर लेकर पहुंचता दिखाई दे रहा है। आरोप है कि यह पूरी घटना ड्यूटी के दौरान हुई और वाहन में मौजूद पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में शराब मंगवाई गई।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, डायल-112 वाहन मौके पर खड़ा था और इसी दौरान सायरन बजने के बाद भी एक युवक शराब दुकान से सीधे वाहन तक शराब पहुंचाता दिखाई दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और आपातकालीन सेवा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठने लगे।

    वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई और लोगों ने पुलिस व्यवस्था पर नाराजगी जताई। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी और इसे डायल-112 सेवा की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला मामला बताया।

    मामले को गंभीरता से लेते हुए रीवा पुलिस अधीक्षक ने तत्काल जांच के आदेश दिए। इसके बाद एसडीओपी स्तर पर पूरे प्रकरण की जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में दोनों कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर कार्रवाई करते हुए आरक्षक समर पटेल और वाहन चालक अनूप विश्वकर्मा को निलंबित कर दिया गया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। एएसपी ने बताया कि वीडियो के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और यदि अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी इसमें शामिल पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना सामने आने के बाद डायल-112 सेवा की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

  • गंगा दशहरा उत्सव की तैयारियां पूरी: सीएम करेंगे शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का समापन, 300 फीट चुनरी अर्पण कार्यक्रम आकर्षण

    गंगा दशहरा उत्सव की तैयारियां पूरी: सीएम करेंगे शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का समापन, 300 फीट चुनरी अर्पण कार्यक्रम आकर्षण


    उज्जैन। उज्जैन में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मंगलवार को आस्था और भक्ति का भव्य दृश्य देखने को मिलेगा, जब मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा का समापन रामघाट पर किया जाएगा। दो दिन से चल रही यह धार्मिक यात्रा मंगलवार को अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच भक्ति, संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम दिखाई देगा।

    इस भव्य समापन कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे। वे रामघाट पर मां शिप्रा को करीब 300 फीट लंबी विशाल चुनरी अर्पित करेंगे। इस अवसर पर घाट क्षेत्र पूरी तरह धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहेगा। प्रशासन और आयोजन समितियों द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारु और भव्य तरीके से संपन्न हो सके।

    कार्यक्रम में भारतीय नौसेना का बैंड भी विशेष प्रस्तुति देगा, जो देशभक्ति और सांस्कृतिक धुनों के साथ माहौल को और भव्य बनाएगा। वहीं प्रसिद्ध भजन गायिका मैथिली ठाकुर अपनी प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेंगी। उनके भजनों से रामघाट पर आध्यात्मिक माहौल और भी गहरा होगा।

    शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा सोमवार को रामघाट से प्रारंभ हुई थी। यह यात्रा नृसिंह घाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला, महामृत्युंजय द्वार और प्रशांति धाम होते हुए दत्त अखाड़ा तक पहुंची, जहां रात्रि विश्राम किया गया। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। जगह-जगह सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा स्वागत मंच लगाए गए थे, जहां श्रद्धालुओं के लिए ठंडा पानी, शरबत, फल और प्रसाद की व्यवस्था की गई।

    दूसरे दिन यात्रा दत्त अखाड़ा से आगे बढ़कर रणजीत हनुमान, कालभैरव, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, गढ़कालिका, भर्तृहरि गुफा और वाल्मीकि धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों से होकर पुनः रामघाट पर पहुंचेगी, जहां इसका विधिवत समापन होगा।

    इस पूरे आयोजन का संचालन शिप्रा लोक संस्कृति समिति के साथ महाराजा विक्रमादित्य रिसर्च इंस्टीट्यूट, उज्जैन विकास प्राधिकरण, रामघाट तीर्थ पुरोहित सभा और जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और घाट क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई है।

    गंगा दशहरा के इस पावन पर्व पर उज्जैन एक बार फिर आस्था, संस्कृति और परंपरा का जीवंत केंद्र बन गया है। रामघाट पर चुनरी अर्पण और भक्ति संगीत के साथ यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनने जा रहा है।