Category: Madhya Pradesh

  • फेसबुक कमेंट पर भड़का विवाद करैरा थाने का घेराव कई घंटे चला प्रदर्शन FIR के बाद शांत हुआ मामला

    फेसबुक कमेंट पर भड़का विवाद करैरा थाने का घेराव कई घंटे चला प्रदर्शन FIR के बाद शांत हुआ मामला


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के करैरा कस्बे में सोशल मीडिया पर किए गए एक कथित आपत्तिजनक कमेंट को लेकर रविवार को विवाद बढ़ गया। धार्मिक यात्रा से जुड़ी एक पोस्ट पर किए गए कमेंट से नाराज लोग बड़ी संख्या में करैरा थाने पहुंच गए और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। थाने के बाहर करीब डेढ़ घंटे तक लोगों की भीड़ जमा रही। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल थीं। लोगों का कहना था कि धार्मिक यात्रा से जुड़ी पोस्ट पर इस तरह की टिप्पणी से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं इसलिए पुलिस को मामले में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

    बताया गया है कि कुछ दिन पहले करैरा कस्बे से मां कैलादेवी करौली के लिए धार्मिक यात्रा निकाली गई थी। इस यात्रा से संबंधित एक पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर की गई थी। आरोप है कि करैरा निवासी आशीष गोयल ने इस पोस्ट पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। कमेंट सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। इसके बाद लोगों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एकजुट होकर थाने का रुख किया।

    प्रदर्शनकारी पुलिस से आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि सोशल मीडिया पर धार्मिक यात्रा से संबंधित पोस्ट पर की गई टिप्पणी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने और शांत कराने की कोशिश की लेकिन प्रदर्शनकारी एफआईआर दर्ज होने तक अपनी मांग पर अड़े रहे। इस दौरान थाने के बाहर काफी देर तक लोगों की भीड़ बनी रही।

    मामले में नरेंद्र साहू पुत्र स्वरूप नारायण साहू की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आशीष गोयल निवासी करैरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब सोशल मीडिया पर किए गए कमेंट और उससे जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने की जानकारी मिलने के बाद थाने के बाहर चल रहा प्रदर्शन समाप्त हो गया। इसके बाद लोगों की भीड़ वहां से हट गई और स्थिति सामान्य हो गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी से जुड़े तथ्यों को सामने लाने का प्रयास कर रही है। पुलिस की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर किसी भी धार्मिक या संवेदनशील विषय से जुड़ी टिप्पणी को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत को सामने रखा है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर की गई किसी भी टिप्पणी को लेकर कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल करैरा में मामला दर्ज होने के बाद स्थिति शांत है।

  • गरबा से पहले भोपाल में नई गाइडलाइन की मांग वराह पूजन और पंचगव्य के बाद प्रवेश को लेकर समिति का बड़ा ऐलान

    गरबा से पहले भोपाल में नई गाइडलाइन की मांग वराह पूजन और पंचगव्य के बाद प्रवेश को लेकर समिति का बड़ा ऐलान


    भोपाल । भोपाल में नवरात्रि से पहले गरबा आयोजनों को लेकर हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने आयोजकों से धार्मिक स्वरूप बनाए रखने की अपील की है। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि शहर में जहां भी गरबा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं वहां मां दुर्गा की प्रतिमा विधिवत स्थापित की जानी चाहिए और प्रतिदिन पूजा अर्चना के साथ सुबह और शाम आरती होनी चाहिए। उनका कहना है कि गरबा केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं बल्कि मां दुर्गा की आराधना से जुड़ा धार्मिक पर्व है इसलिए आयोजकों को इसकी परंपराओं और मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
    समिति की ओर से कहा गया है कि गरबा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा को प्रमुख स्थान दिया जाए। आरती के बाद धार्मिक गीतों और भजनों के साथ गरबा कराया जाए ताकि आयोजन का धार्मिक स्वरूप बना रहे। समिति ने आयोजकों से कार्यक्रमों में अश्लीलता या ऐसे किसी भी प्रकार के प्रदर्शन से बचने की अपील की है जिससे धार्मिक आयोजन की मर्यादा प्रभावित हो।

    हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने गरबा पंडालों के प्रवेश को लेकर भी एक सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि पंडाल के प्रवेश द्वार पर भगवान विष्णु के वराह अवतार की प्रतिमा स्थापित की जाए। उनके मुताबिक प्रवेश से पहले वराह भगवान का पूजन कराया जाना चाहिए। इसके साथ ही पंचगव्य ग्रहण कराने की बात भी कही गई है। समिति का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य गरबा आयोजन को धार्मिक परंपराओं से जोड़ना और उसकी पवित्रता बनाए रखना है।

    तिवारी ने बताया कि पंचगव्य में गाय का दूध दही घी गोबर और गोमूत्र शामिल होता है। उन्होंने दावा किया कि पंचगव्य ग्रहण करने से शुद्धिकरण होता है और इसके जरिए गरबा स्थल पर विधर्मियों के प्रवेश को रोका जा सकेगा। यह बयान सामने आने के बाद गरबा आयोजनों में प्रवेश व्यवस्था और आयोजन के स्वरूप को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    समिति ने गरबा आयोजकों से अपील की है कि वे नवरात्रि के दौरान होने वाले कार्यक्रमों को धार्मिक और पारंपरिक तरीके से आयोजित करें। आयोजकों से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने नियमित आरती कराने और धार्मिक गीतों के साथ गरबा आयोजित करने पर जोर दिया गया है। समिति की ओर से यह भी कहा गया है कि कार्यक्रम के दौरान ऐसी गतिविधियों से बचा जाए जो धार्मिक भावनाओं या आयोजन की मर्यादा के विपरीत हों।

    चंद्रशेखर तिवारी ने यह भी कहा कि यदि आयोजक इन बातों का ध्यान नहीं रखते हैं तो समिति को कार्रवाई के लिए बाध्य होना पड़ सकता है। नवरात्रि नजदीक आने के साथ ही भोपाल में गरबा आयोजनों की तैयारियां तेज हो गई हैं और ऐसे में समिति की इस अपील के बाद आयोजकों की व्यवस्थाओं पर नजर रहने की संभावना है। अब देखना होगा कि गरबा आयोजक इन सुझावों को किस तरह अपनाते हैं और आगामी नवरात्रि में शहर के गरबा पंडालों में धार्मिक परंपराओं और आयोजन व्यवस्था का स्वरूप कैसा रहता है।

  • अवैध प्लॉटिंग विवाद में कारोबारी को पहले धमकाया फिर घर पर बरसाईं गोलियां 6 ऑडियो से जांच में नया मोड़ भोपाल में धमकी के बाद फायरिंग से सनसनी

    अवैध प्लॉटिंग विवाद में कारोबारी को पहले धमकाया फिर घर पर बरसाईं गोलियां 6 ऑडियो से जांच में नया मोड़ भोपाल में धमकी के बाद फायरिंग से सनसनी


    भोपाल । भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के गोरेगांव में रियल एस्टेट कारोबारी के घर के बाहर फायरिंग का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। जमीन और कथित अवैध प्लॉटिंग से जुड़े विवाद में पहले कारोबारी को फोन पर धमकियां मिलने का दावा किया गया और इसके बाद देर रात उनके घर के बाहर गोलियां चलाने की घटना सामने आई। अब फरियादी पक्ष की ओर से जारी किए गए छह कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। इन ऑडियो में एक व्यक्ति कथित तौर पर कारोबारी को गाली गलौज करते हुए भोपाल में काम नहीं करने की धमकी देता सुनाई दे रहा है। वह खुद को मुरैना निवासी सौरभ चौहान बताता है और ग्वालियर से जमीन का काम करने की बात कहता है। हालांकि इन ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज और उनमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    मामला 60 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी संतोष सिंह तोमर से जुड़ा है। फरियादी के अनुसार गोरेगांव में कथित अवैध प्लॉटिंग को लेकर शिकायत करने के बाद उनका कुछ लोगों से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के बीच उन्हें कथित तौर पर फोन पर धमकियां दी गईं। इसके बाद 10 सितंबर की दरमियानी रात करीब ढाई बजे एक SUV में आधा दर्जन से ज्यादा लोग उनके घर पहुंचे। आरोप है कि घर के गेट के बाहर कई राउंड फायरिंग की गई और जान से मारने की धमकी देकर आरोपी मौके से फरार हो गए।

    फरियादी पक्ष का दावा है कि फायरिंग की घटना अचानक नहीं हुई बल्कि इसके पहले से ही धमकियों का सिलसिला चल रहा था। जारी किए गए छह ऑडियो में कथित तौर पर जमीन विवाद को लेकर बातचीत और धमकी जैसी बातें सामने आती हैं। एक ऑडियो में खुद को सौरभ चौहान बताने वाला व्यक्ति कारोबारी को चुनौती देता सुनाई देता है। बातचीत में वह भोपाल में काम नहीं करने की बात कहता है। हालांकि पुलिस जांच में इन ऑडियो की वास्तविकता और कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि होना बाकी है।

    फायरिंग के बाद पुलिस को रात करीब 2 बजकर 55 मिनट पर डायल 112 के जरिए सूचना दी गई। इसके करीब आधे घंटे बाद फरियादी पक्ष रातीबड़ थाने पहुंच गया। इसके बावजूद FIR अगले दिन 11 सितंबर की शाम करीब 5 बजे दर्ज होने की बात सामने आई है। FIR में फिलहाल किसी आरोपी को नामजद नहीं किया गया है। पुलिस ने मामले में उस SUV के नंबर MP 13 ZD 5656 का उल्लेख किया है जिससे आरोपी मौके पर पहुंचे थे।

    फरियादी ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में भी शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। कारोबारी ने गांव में रहने वाले लखन मारण पर भी संदेह जताया है। पुलिस अब जमीन विवाद से लेकर धमकी वाले कथित ऑडियो और फायरिंग तक की पूरी कड़ी को जोड़ने में जुटी है। जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना होगा कि फायरिंग से पहले किन लोगों ने फरियादी से संपर्क किया था और वारदात के बाद किन नंबरों से उन्हें धमकी या दबाव देने की कोशिश की गई।

    इस मामले में पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। क्या फायरिंग जमीन विवाद के चलते हुई थी। कथित ऑडियो में आवाज किस व्यक्ति की है। SUV से मौके पर कौन लोग पहुंचे थे और फायरिंग में कितने हथियारों का इस्तेमाल हुआ। इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल धमकी के कथित ऑडियो और घर के बाहर हुई फायरिंग ने भोपाल के इस जमीन विवाद को गंभीर बना दिया है और पुलिस की जांच अब घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने पर केंद्रित है।

  • स्वाइन फ्लू को लेकर भोपाल में अलर्ट पहली मौत के बाद बढ़ी चिंता जानिए किन मरीजों को सबसे ज्यादा खतरा

    स्वाइन फ्लू को लेकर भोपाल में अलर्ट पहली मौत के बाद बढ़ी चिंता जानिए किन मरीजों को सबसे ज्यादा खतरा


    भोपाल । भोपाल में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण ने चिंता बढ़ा दी है। इस साल राजधानी में स्वाइन फ्लू से पहली मौत सामने आई है। एक निजी अस्पताल में भर्ती 80 वर्षीय राम सिंह की गंभीर सांस संबंधी बीमारी के चलते मौत हो गई। वे पहले से ही हृदय रोग हाई ब्लड प्रेशर और टाइप 2 डायबिटीज जैसी बीमारियों से पीड़ित थे। डॉक्टरों के मुताबिक उम्र के साथ पहले से मौजूद गंभीर बीमारियों के कारण ऐसे मरीजों में फ्लू का संक्रमण अधिक गंभीर रूप ले सकता है।

    भोपाल में अब तक स्वाइन फ्लू के कुल 65 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से 45 मरीज पिछले 12 दिनों के दौरान मिले हैं। यानी कुल मामलों का करीब 70 फीसदी हिस्सा बेहद कम समय में सामने आया है। मौसम में बदलाव नमी और ठंडक के बीच सर्दी खांसी बुखार और सांस से जुड़ी परेशानियों वाले मरीजों की संख्या भी अस्पतालों की ओपीडी में बढ़ रही है। ऐसे में वायरल रेस्पिरेटरी संक्रमण को लेकर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत बताई जा रही है।

    फिलहाल भोपाल में एच1एन1 की जांच सिर्फ एम्स में हो रही है। गांधी मेडिकल कॉलेज में नियमित जांच की सुविधा अभी शुरू नहीं हुई है। स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच गंभीर लक्षण वाले मरीजों की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। अब तक गंभीर लक्षण वाले 232 मरीजों की जांच की जा चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि हर सर्दी खांसी या बुखार वाले मरीज को एच1एन1 की जांच कराने की जरूरत नहीं होती। मरीज की उम्र उसकी मेडिकल हिस्ट्री और लक्षणों की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टर जांच की सलाह देते हैं।

    गांधी मेडिकल कॉलेज में आरआईआरडी के अधीक्षक और पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. लोकेंद्र दवे के अनुसार मौसम में बदलाव और नमी के कारण वायरल रेस्पिरेटरी बीमारियों के मामले बढ़ सकते हैं। एच1एन1 भी इसी तरह के संक्रमण का एक कारण है। हालांकि मौजूदा स्थिति को महामारी जैसी स्थिति नहीं माना जा रहा है। विशेषज्ञ के मुताबिक इंफ्लूएंजा के करीब 95 फीसदी मामले बिना अस्पताल में भर्ती हुए ठीक हो जाते हैं।

    फिर भी बुजुर्गों और हृदय रोग डायबिटीज या अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसे मरीजों में संक्रमण बढ़ने पर निमोनिया जैसी जटिलता हो सकती है। सांस लेने में परेशानी ऑक्सीजन का स्तर कम होना या लक्षणों का तेजी से बढ़ना गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ऑक्सीजन की कमी वाले गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर आईसीयू सपोर्ट की जरूरत भी पड़ सकती है।

    स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर मरीज को खुद को अन्य लोगों से अलग रखना चाहिए। पर्याप्त आराम करने के साथ तरल पदार्थों का सेवन करना जरूरी है। मास्क लगाने और हाथों को नियमित रूप से साफ रखने से संक्रमण के फैलाव को कम करने में मदद मिल सकती है। सर्दी खांसी या बुखार होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से दवा लेना उचित नहीं है। एंटीवायरल दवा डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेनी चाहिए और निर्धारित दवा का पूरा कोर्स करना जरूरी है।

    एच1एन1 से बचाव के लिए इंफ्लूएंजा वैक्सीन भी उपलब्ध है। विशेषज्ञों के अनुसार हाई रिस्क वाले लोग डॉक्टर की सलाह से वैक्सीन लगवा सकते हैं। इसका सुरक्षा प्रभाव करीब 60 से 70 फीसदी तक बताया जाता है। एग एलर्जी वाले लोगों को वैक्सीन लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। राजधानी में तेजी से सामने आ रहे मामलों को देखते हुए खासकर बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी जा रही है।

  • ब्रिक्स बाजार में विदेशी मेहमानों को पसंद आई मप्र की बाग प्रिंट कला, कपड़ों पर खुद लगाए ठप्पे

    ब्रिक्स बाजार में विदेशी मेहमानों को पसंद आई मप्र की बाग प्रिंट कला, कपड़ों पर खुद लगाए ठप्पे


    नई दिल्ली।
    नई दिल्ली (New Delhi) स्थित भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में आयोजित 18वां ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन. इस अवसर पर सजे ‘ब्रिक्स बाजार’ (‘BRICS Market’) में बाग प्रिंट (Bagh Print) कला आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी गई. प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के बारीक नक्काशीदार ब्लॉक्स से तैयार होने वाली इस हस्तशिल्प कला का इंटरनेशनल मंच पर जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है. यहां पहुंचने वाले देश-विदेश के उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों को बाग प्रिंट की विशिष्ट छपाई तकनीक, प्राकृतिक रंगों के वैज्ञानिक उपयोग और लकड़ी के ब्लॉक्स से कपड़े पर छपाई की सदियों पुरानी प्रक्रिया से परिचित कराया जा रहा है।

    ब्रिक्स बाजार का अवलोकन करने पहुंचे सदस्य और आमंत्रित देशों के प्रतिनिधियों ने बाग प्रिंट स्टॉल पर पहुंचकर ब्लॉक प्रिंटिंग की प्रक्रिया को बेहद करीब से देखा. इस वैश्विक अवसर के लिए विशेष रूप से ‘BRICS’ लोगो वाले लकड़ी के ब्लॉक्स तैयार किए गए थे।

    मध्य प्रदेश के धार जिले की विश्व प्रसिद्ध इस कला को प्रतिनिधियों ने न सिर्फ सराहा, बल्कि स्वयं लकड़ी के नक्काशीदार ठप्पों को प्राकृतिक रंगों में डुबोकर कपड़ों पर प्रिंट भी किया. प्रतिनिधियों ने अपने हाथों से तैयार किए गए इन प्रिंटेड कपड़ों को यादगार स्मृति-चिह्न के रूप में अपने साथ ले गए।

    18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर मध्य प्रदेश के धार जिले के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित मास्टर क्राफ्ट्समैन मोहम्मद बिलाल खत्री की ओर से बाग प्रिंट का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है.

    तमाम देशों से आए प्रतिनिधियों द्वारा इस पारंपरिक कला की बारीकियों को समझना और इसमें सहभागिता करना मध्य प्रदेश की समृद्ध शिल्प परंपरा के लिए एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि माना जा रहा है।

    ग्लोबल मंच पर 11 से अधिक देशों के कलाकारों का जमावड़ा
    ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के उपलक्ष्य में आयोजित इस ब्रिक्स बाजार में भारत के अलावा ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, वियतनाम, ईरान, कजाकिस्तान, इंडोनेशिया, मलेशिया, बेलारूस और इथियोपिया सहित दर्जनों देशों के प्रसिद्ध कलाकार व शिल्पकार भाग ले रहे हैं, जहां मप्र की बाग प्रिंट अपनी अमिट छाप छोड़ रही है।

  • एमपी के 18 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, धार-बड़वानी में रहेगा ज्यादा असर

    एमपी के 18 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, धार-बड़वानी में रहेगा ज्यादा असर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। पश्चिमी हिस्से, खासकर इंदौर और उज्जैन संभाग में मानसूनी सिस्टम का असर ज्यादा रहने वाला है। शनिवार को इंदौर, धार, बड़वानी, रतलाम और भोपाल समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया। मौसम केंद्र (IMD) ने रविवार को 18 जिलों में अति भारी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    अगले 24 घंटे में धार और बड़वानी में अति भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं इंदौर, उज्जैन, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, हरदा, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, नीमच, आगर-मालवा, शाजापुर, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

    बंगाल की खाड़ी का लो प्रेशर सिस्टम सक्रिय

    मौसम विभाग के अनुसार, इस समय बंगाल की खाड़ी की ओर निम्न दाब क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) सक्रिय है। इसके साथ मानसून ट्रफ प्रदेश के दक्षिणी हिस्से से होकर गुजर रही है। दोनों सिस्टम के असर से प्रदेश में अगले दो दिन बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में सिस्टम का प्रभाव ज्यादा रहने के आसार हैं।

    पूर्वी हिस्से में बारिश का आंकड़ा सुधरा

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग की औसत बारिश अब करीब 1% कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में औसत से 2% से 26% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    हालांकि, पिछले एक सप्ताह में पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश के आंकड़े में काफी सुधार हुआ है। इस दौरान कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने, जिससे सीजन की बारिश का अंतर कम हुआ। आंकड़ों के लिहाज से पहली बार पूर्वी हिस्सा बेहतर स्थिति में पहुंचा था, हालांकि बुधवार तक यहां बारिश का आंकड़ा फिर करीब 1% कम रहा।

    पश्चिमी हिस्से के 22 जिलों में बारिश कम

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 1% से 55% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    इन 22 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश

    IMD के अनुसार अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है।

  • भोपाल-इंदौर मास्टर प्लान पर जीतू पटवारी का अल्टीमेटम, तीन महीने में जारी नहीं हुआ तो 50 हजार लोग निकालेंगे पदयात्रा

    भोपाल-इंदौर मास्टर प्लान पर जीतू पटवारी का अल्टीमेटम, तीन महीने में जारी नहीं हुआ तो 50 हजार लोग निकालेंगे पदयात्रा

    मध्य प्रदेश : कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर सरकार को तीन महीने का समय देने की बात कही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में दोनों शहरों का मास्टर प्लान जारी नहीं किया गया और जनता तथा व्यापारियों की समस्याएं बनी रहीं, तो कांग्रेस इंदौर से भोपाल तक 50 हजार लोगों के साथ पदयात्रा निकालेगी।

    पटवारी भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा द्वारा भोपाल मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर आयोजित 31 घंटे के उपवास कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस कार्यक्रम को अपना समर्थन दिया। इस दौरान कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

    पटवारी ने कहा कि भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रही है। उनके मुताबिक, भोपाल में मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने उपवास किया है। इससे पहले व्यापारियों और विधायक आरिफ मसूद की ओर से भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन किया गया है।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अलग-अलग अवसरों पर सरकार से भोपाल और इंदौर का मास्टर प्लान लागू करने की मांग करती रही है। अब पार्टी ने नगरीय प्रशासन मंत्री, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि अगले तीन महीने के भीतर दोनों शहरों का मास्टर प्लान जारी किया जाए।

    पटवारी का कहना है कि मास्टर प्लान के अभाव में दोनों शहरों का विकास बेतरतीब तरीके से हो रहा है। इसका असर आम जनता और व्यापारियों पर पड़ रहा है और उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार तय अवधि में मास्टर प्लान नहीं लाती है तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि इंदौर से भोपाल तक प्रस्तावित पदयात्रा केवल मास्टर प्लान की मांग तक सीमित नहीं रहेगी। पटवारी के अनुसार, इसमें प्रदेश में फैल रहे भ्रष्टाचार और बेतरतीब विकास के खिलाफ भी जनआंदोलन का रूप देने की कोशिश की जाएगी।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने जनता से वोट लिए हैं। यदि वही जनता मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्थित विकास के लिए संघर्ष करने को मजबूर है तो इसे जनता के साथ अन्याय माना जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता और व्यापारियों की आवाज बनकर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।

    पटवारी ने राहुल गांधी के 19 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के ऐसे पहले नेता प्रतिपक्ष हैं, जो किसी गैर-राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। इसके बावजूद सरकार ने कार्यक्रम के लिए मैदान के उपयोग के नाम पर 10 लाख रुपये का शुल्क लिया है।

    उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह नेता प्रतिपक्ष के रूप में भोपाल आते थे, तब कांग्रेस सरकार उन्हें कार्यक्रम की अनुमति देती थी और स्वयं भी उनके कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें सुनती थी। पटवारी ने राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए मैदान का शुल्क लिए जाने को दोनों सरकारों की सोच के बीच अंतर बताया।

    उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का कार्यक्रम छात्रों और युवाओं से जुड़ा है और इसमें बड़ी संख्या में युवा अपनी बात रखने के लिए शामिल होंगे। पटवारी ने सरकार से राजनीतिक दुर्भावना से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक परंपराओं और जनभावनाओं का सम्मान करने की अपील की।

  • MP News: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से की मुलाकात, निवेश और विकास परियोजनाओं पर हुई चर्चा

    MP News: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से की मुलाकात, निवेश और विकास परियोजनाओं पर हुई चर्चा

    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्य एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया और केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात की। इन बैठकों में मध्यप्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों के साथ राज्य में निवेश और विकास परियोजनाओं को गति देने पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के बीच हुई मुलाकात में मध्यप्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बातचीत के दौरान युवाओं के कौशल विकास और राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करने से जुड़े विषय प्रमुख रहे।

    मुख्यमंत्री ने युवाओं के कौशल विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर केंद्रीय मंत्री के साथ चर्चा की। इसके साथ ही रोजगार के नए अवसरों के सृजन को लेकर भी विचार साझा किए गए। मुलाकात में मध्यप्रदेश के विकास को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर सार्थक बातचीत हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से उनके नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित आवास पर मुलाकात की। इस दौरान मध्यप्रदेश में वस्त्र एवं टेक्सटाइल उद्योग में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

    बैठक में मध्यप्रदेश की वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र की क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ। राज्य में इस क्षेत्र से जुड़ी निवेश संभावनाओं और रोजगार सृजन के अवसरों पर भी चर्चा की गई।

    मुख्यमंत्री और केंद्रीय वस्त्र मंत्री के बीच बातचीत में मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में और अधिक सशक्त बनाने से जुड़े विषयों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। इस दौरान राज्य की मौजूदा वस्त्र एवं परिधान क्षमता को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने और निवेश की संभावनाओं को गति देने पर विचार हुआ।

    चर्चा का एक प्रमुख पक्ष वस्त्र क्षेत्र के माध्यम से रोजगार के अवसरों से भी जुड़ा रहा। मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल और परिधान उद्योग की संभावनाओं को देखते हुए निवेश और रोजगार सृजन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई इन मुलाकातों में राज्य के विकास से जुड़े अलग-अलग विषय सामने रहे। एक ओर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्य एवं खेल मंत्री के साथ युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई, वहीं केंद्रीय वस्त्र मंत्री के साथ टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश और रोजगार की संभावनाओं पर बातचीत हुई।

    वस्त्र क्षेत्र को लेकर हुई चर्चा में मध्यप्रदेश की क्षमता को और मजबूत करने तथा राज्य को देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने से जुड़े विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श किया गया। निवेश की संभावनाओं और रोजगार सृजन के पहलुओं को भी बातचीत में शामिल किया गया।

    मुख्यमंत्री की इन बैठकों का उद्देश्य मध्यप्रदेश के विकास से जुड़े विषयों को आगे बढ़ाने और राज्य में निवेश तथा विकास परियोजनाओं को गति देने से संबंधित पहलुओं पर चर्चा करना रहा। केंद्रीय मंत्रियों के साथ मुलाकात में युवाओं, रोजगार, कौशल विकास और टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े विषयों पर बातचीत हुई।

    इस दौरान देश के समावेशी विकास को गति देने और मध्यप्रदेश के वस्त्र क्षेत्र की क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के दिल्ली प्रवास में हुई इन बैठकों में राज्य में निवेश और रोजगार की संभावनाओं को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने रहे।

  • MIC में जीतू यादव की वापसी से भड़के कमलेश कालरा देवी अहिल्या की प्रतिमा के नीचे परिवार संग बैठे धरने पर उठाए कई सवाल

    MIC में जीतू यादव की वापसी से भड़के कमलेश कालरा देवी अहिल्या की प्रतिमा के नीचे परिवार संग बैठे धरने पर उठाए कई सवाल


    इंदौर । इंदौर में भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पार्षद कमलेश कालरा ने जीतू यादव की मेयर इन काउंसिल यानी MIC में दोबारा नियुक्ति के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को कालरा अपनी पत्नी अरुणा मां देवकी और बेटे के साथ राजबाड़ा पहुंचे और देवी अहिल्या की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए। हाथों में तख्तियां लेकर परिवार ने न्याय की मांग की। कालरा का कहना है कि जिस व्यक्ति पर उनके परिवार से जुड़े गंभीर मामले में आरोप लगे थे उसे दोबारा पार्टी में जगह देने के बाद MIC जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देना उचित नहीं है।

    दरअसल महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार देर रात आदेश जारी कर जीतू यादव को एक बार फिर MIC का सदस्य नियुक्त किया है। उन्हें विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग का प्रभार भी सौंपा गया है। जीतू यादव की वापसी के साथ ही करीब डेढ़ साल पुराना कालरा और जीतू विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस विवाद के बाद भाजपा ने जीतू यादव को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया था और उनकी MIC सदस्यता भी समाप्त कर दी गई थी। बाद में पुलिस की ओर से क्लीन चिट मिलने के बाद उनकी भाजपा में वापसी हुई और अब उन्हें MIC में भी दोबारा जिम्मेदारी मिल गई है।

    कमलेश कालरा का कहना है कि जनवरी 2025 में उनके घर पर हमला हुआ था और इस मामले में जीतू यादव के समर्थकों के नाम सामने आए थे। कालरा ने आरोप लगाया कि हमले के दौरान उनके परिवार को डराया गया और उनके बच्चे के साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उन्होंने लगातार न्याय की मांग की है लेकिन अब जीतू यादव को पार्टी में वापस लाने के साथ ही MIC में महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी दे दी गई है।

    कालरा ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी मामले में पुलिस ने चालान पेश किया है तो अंतिम निर्णय अदालत को करना होता है। उनका कहना है कि उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। अब वे इस पूरे मामले को कानूनी तरीके से आगे बढ़ाने की बात कह रहे हैं। उनका सवाल है कि आखिर जीतू यादव को पार्टी में वापसी और MIC की जिम्मेदारी देने का फैसला किन आधारों पर किया गया।

    कालरा ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष से व्यक्तिगत दुश्मनी के तौर पर नहीं है बल्कि वे इसे न्याय की लड़ाई मानते हैं। उन्होंने कहा कि वह भाजपा के निर्वाचित पार्षद हैं और पार्टी के भीतर अपनी बात रखने का अधिकार रखते हैं। उनके मुताबिक यदि एक पक्ष की बात सुनी जा रही है तो पीड़ित पक्ष की शिकायतों और सवालों पर भी गंभीरता से विचार होना चाहिए।

    राजबाड़ा पर परिवार के साथ धरने पर बैठने के बाद कालरा ने संकेत दिया कि उनका विरोध अभी खत्म नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी बात पार्टी और सरकार के जिम्मेदार लोगों तक नहीं पहुंचती तब तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे। जरूरत पड़ने पर वे प्रदेश से लेकर दिल्ली तक पार्टी नेतृत्व के सामने अपना पक्ष रखने की बात भी कह चुके हैं।

    जीतू यादव की MIC में वापसी के बाद शुरू हुआ यह नया विवाद इंदौर भाजपा की राजनीति में आने वाले दिनों में और हलचल पैदा कर सकता है। एक तरफ संगठन ने जीतू यादव को फिर से जिम्मेदारी दी है वहीं दूसरी तरफ भाजपा के ही निर्वाचित पार्षद कमलेश कालरा खुले तौर पर इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व कालरा के विरोध और उनकी न्याय की मांग पर क्या रुख अपनाता है।

  • तेज रफ्तार थार ने तोड़ी ब्रिज की रेलिंग फिर 50 फीट नीचे गिरी कार में फंसे चार लोगों की ऐसे बची जान

    तेज रफ्तार थार ने तोड़ी ब्रिज की रेलिंग फिर 50 फीट नीचे गिरी कार में फंसे चार लोगों की ऐसे बची जान


    इंदौर। इंदौर में देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने लोगों को हैरान कर दिया। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में प्रतीक सेतु ब्रिज पर तेज रफ्तार थार अचानक अनियंत्रित हो गई और ब्रिज की रेलिंग तोड़ते हुए करीब 50 फीट नीचे जा गिरी। हादसा इतना जोरदार था कि थार नीचे गिरने के बाद पलट गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना के समय कार में चार लोग सवार थे जो वाहन के अंदर ही फंस गए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे लोगों और पुलिस की मदद से चारों घायलों को बाहर निकाला गया जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर काफी देर तक लोगों की भीड़ जमा रही।

    जानकारी के मुताबिक हादसा रात करीब साढ़े तीन बजे हुआ। ब्लैक कलर की थार अन्नपूर्णा की तरफ से बिजलपुर की ओर जा रही थी। प्रतीक सेतु ब्रिज पर पहुंचते ही कार की रफ्तार अधिक होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। देखते ही देखते थार ब्रिज की रेलिंग से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि रेलिंग टूट गई और कार करीब 50 फीट नीचे जा गिरी। नीचे पहुंचने के बाद थार पलट गई। हादसे के दौरान कार के एयरबैग भी खुल गए जिससे सवार लोगों को कुछ राहत मिली।

    हादसे में कार सवार आरती उम्र 25 वर्ष अभिजीत उम्र 20 वर्ष आदित्य और लावण्या घायल हुए हैं। हादसे के बाद चारों लोग कार के अंदर फंस गए थे। आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी और इसके बाद रेस्क्यू कर सभी को वाहन से बाहर निकाला गया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल उनकी हालत को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    हादसे की तस्वीरें सामने आने के बाद दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। थार पूरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आई। जिस जगह से कार नीचे गिरी उसके पास ही रेलवे ट्रैक भी मौजूद है। ऐसे में हादसा और भी गंभीर हो सकता था। गनीमत रही कि जिस समय थार ब्रिज से नीचे गिरी उस वक्त सड़क पर कोई दूसरा वाहन नहीं था। यदि उसी समय वहां से कोई वाहन गुजर रहा होता तो स्थिति और ज्यादा भयावह हो सकती थी।

    एसीपी निधि सक्सेना के अनुसार प्रतीक सेतु ब्रिज पर हुए इस हादसे में चार लोग घायल हुए हैं और सभी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार को हादसे की वजह माना जा रहा है लेकिन चालक हादसे के समय नशे में था या नहीं इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए दुर्घटना की परिस्थितियों का पता लगा रही है।

    यह हादसा एक बार फिर रात के समय तेज रफ्तार वाहन चलाने के खतरे को सामने लाता है। ब्रिज जैसे स्थानों पर थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है। इस घटना में चार लोग घायल हुए हैं लेकिन राहत की बात यह है कि सभी को समय रहते वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया गया।