Category: Madhya Pradesh

  • अब घुटना प्रत्यारोपण नहीं रहा मुश्किल आधुनिक रोबोटिक तकनीक से कम दर्द और तेजी से रिकवरी का दावा

    अब घुटना प्रत्यारोपण नहीं रहा मुश्किल आधुनिक रोबोटिक तकनीक से कम दर्द और तेजी से रिकवरी का दावा


    इंदौर । घुटनों के दर्द से परेशान मरीजों के लिए राहत देने वाली खबर इंदौर से सामने आई है। शहर में आयोजित मॉडर्न आर्थ्रोप्लास्टी कोर्स मेक 2026 के दौरान देशभर के जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञों ने बताया कि यदि मरीज शुरुआती चरण में ही विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार शुरू करा लें तो बड़ी सर्जरी से बचा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 40 से 60 प्रतिशत मामलों में पूरे घुटने को बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ती बल्कि केवल प्रभावित हिस्से का पार्शियल नी रिप्लेसमेंट कर मरीज को सामान्य और सक्रिय जीवन वापस दिया जा सकता है।

    एसोसिएशन ऑफ ऑर्थोपेडिक सर्जन्स ऑफ इंदौर के तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में नागपुर दिल्ली भोपाल और इंदौर सहित कई शहरों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की गई और तीन लाइव सर्जरी का प्रदर्शन भी किया गया ताकि चिकित्सकों को नई तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी मिल सके।

    कोर्स चेयरमैन और रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ विनय तंतुवाय ने बताया कि अधिकांश मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं जब घुटनों का दर्द काफी बढ़ चुका होता है। ऐसे में कई बार पूरा घुटना बदलना मजबूरी बन जाता है। यदि शुरुआती अवस्था में इलाज शुरू हो जाए तो केवल खराब हिस्से को बदलकर मरीज को राहत दी जा सकती है। इस प्रक्रिया के बाद मरीज पालथी मारकर बैठने और उकड़ू बैठने जैसी सामान्य गतिविधियां भी आसानी से कर सकता है। उन्होंने बताया कि सही तरीके से किया गया पार्शियल नी रिप्लेसमेंट 20 से 25 वर्षों तक प्रभावी रह सकता है।

    नागपुर के रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ डॉ उन्मेष महाजन ने बताया कि रोबोटिक तकनीक ने घुटना प्रत्यारोपण की सटीकता को नई ऊंचाई दी है। रोबोट की मदद से इम्प्लांट को बिल्कुल सही स्थान पर लगाया जाता है जिससे आसपास के लिगामेंट और ऊतकों को कम नुकसान पहुंचता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि मरीज को कम दर्द होता है और वह पहले की तुलना में तेजी से स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकता है। आधुनिक इम्प्लांट अब 25 से 30 वर्ष या उससे भी अधिक समय तक बेहतर परिणाम दे सकते हैं।

    दिल्ली के विशेषज्ञ डॉ निखिल वलसंकर ने बताया कि अब ऑपरेशन से पहले मरीज का सीटी स्कैन कर उसका थ्री डी मॉडल तैयार किया जाता है। इससे सर्जरी की पूरी योजना पहले ही बन जाती है और इम्प्लांट को सटीक स्थान पर लगाया जा सकता है। यही कारण है कि वर्तमान समय में घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी की सफलता दर 97 से 98 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

    विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि बदलती जीवनशैली बढ़ता मोटापा और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण अब कम उम्र के लोगों में भी घुटनों की समस्या तेजी से बढ़ रही है। सामान्य तौर पर 60 से 70 वर्ष की आयु में घुटना प्रत्यारोपण की जरूरत पड़ती है लेकिन गंभीर स्थिति होने पर 45 वर्ष की आयु के बाद भी यह सर्जरी की जा सकती है।

    डॉ निखिल वलसंकर ने कहा कि शुरुआती चरण में ओजोन थेरेपी और पीआरपी जैसी वैकल्पिक उपचार पद्धतियों का उपयोग किया जा सकता है लेकिन इनके परिणामों को लेकर अभी पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए किसी भी प्रकार का उपचार शुरू करने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।

    जीआरएमसी के डीन डॉ आरकेएस धाकड़ ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित योजना रोबोटिक तकनीक और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों ने घुटना प्रत्यारोपण को पहले से अधिक सुरक्षित सटीक और कम दर्द वाला बना दिया है। नई तकनीकों की मदद से मरीजों को तेजी से राहत मिल रही है और उनके जीवन की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।

  • यशवंत क्लब चुनाव में जीतू जैन की जीत, हैप्पी वायसी पैनल का चार प्रमुख पदों पर कब्जा

    यशवंत क्लब चुनाव में जीतू जैन की जीत, हैप्पी वायसी पैनल का चार प्रमुख पदों पर कब्जा


    इंदौर । इंदौर के प्रतिष्ठित यशवंत क्लब के द्विवार्षिक चुनाव में इस बार हैप्पी वायसी पैनल का दबदबा देखने को मिला। क्लब के अध्यक्ष पद पर हैप्पी वायसी पैनल के जितेंद्र (जीतू) जैन ने ग्लोरियस वायसी पैनल के परमजीत सिंह (पम्मी) छाबड़ा को 65 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। चुनाव परिणाम सामने आते ही क्लब परिसर में समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और विजयी प्रत्याशियों का भव्य स्वागत किया।

    अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। शुरुआती राउंड में जीतू जैन ने बढ़त बना ली थी, लेकिन तीसरे और चौथे चरण की मतगणना में पम्मी छाबड़ा ने अंतर काफी कम कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया। हालांकि अंतिम राउंड की गिनती के बाद जीतू जैन को 1363 वोट मिले, जबकि पम्मी छाबड़ा 1298 वोट हासिल कर सके। इस तरह जीतू जैन ने 65 मतों के अंतर से अध्यक्ष पद अपने नाम किया।

    यशवंत क्लब के कुल 5124 सदस्यों में से 2687 सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतगणना के दौरान 26 मत निरस्त घोषित किए गए। मतदान प्रतिशत और करीबी मुकाबले ने चुनाव को बेहद रोचक बना दिया।

    सचिव पद पर भी हैप्पी वायसी पैनल को सफलता मिली। त्रिकोणीय मुकाबले में विजय कुमार कस्तूरी ने 982 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की। उन्होंने ग्लोरियस वायसी पैनल के अतुल शेठ को 929 वोटों और निर्दलीय प्रत्याशी कुलविंदर सिंह गिल को 751 वोटों पर रोक दिया।

    सहसचिव पद पर तेजवीर जुनेजा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1622 वोट हासिल किए और अपने प्रतिद्वंद्वी पंकज कुकरेजा को 577 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया। वहीं कोषाध्यक्ष पद पर रूपल पारेख ने 1828 वोट प्राप्त कर सतीश मंगलानी को 986 वोटों के भारी अंतर से हराया।

    कार्यकारिणी सदस्य पदों पर भी हैप्पी वायसी पैनल का दबदबा कायम रहा। गुनीत सिंह चड्डा, राजेश तलवार, वैभव दुआ, भारती बारोडिया और विकास थम्मन ने जीत दर्ज कर नई कार्यकारिणी में अपनी जगह बनाई। चुनाव परिणामों से स्पष्ट हो गया कि क्लब के अधिकांश सदस्यों ने इस बार हैप्पी वायसी पैनल पर भरोसा जताया है।

    परिणाम घोषित होने के बाद क्लब परिसर में उत्सव जैसा माहौल बन गया। विजयी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य किया, एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और देर रात तक जीत का जश्न मनाया।

    निवर्तमान अध्यक्ष टोनी सचदेवा ने कहा कि सदस्यों ने उनकी टीम पर विश्वास जताया है और नई कार्यकारिणी क्लब के विकास के लिए तैयार किए गए मास्टर प्लान को आगे बढ़ाएगी। वहीं निवर्तमान सचिव संजय गोरानी ने भरोसा दिलाया कि नई टीम पूरी प्रतिबद्धता के साथ क्लब को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कार्य करेगी।

  • उर्दू कक्षा को लेकर बढ़ा विवाद, शिक्षक से कथित मारपीट के बाद सख्त कार्रवाई की उठी मांग

    उर्दू कक्षा को लेकर बढ़ा विवाद, शिक्षक से कथित मारपीट के बाद सख्त कार्रवाई की उठी मांग

    नई दिल्ली: तेलंगाना के निजामाबाद जिले में एक स्कूल में उर्दू की कक्षा के दौरान हुए विवाद ने प्रदेश की राजनीति को भी गर्मा दिया है। आरोप है कि कुछ लोग स्कूल परिसर में जबरन घुस गए और पढ़ाई कर रहे शिक्षक के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की। घटना के बाद पुलिस ने बिना अनुमति स्कूल में प्रवेश करने, डराने-धमकाने और मारपीट समेत विभिन्न आरोपों में 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले को लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।

    बताया जा रहा है कि यह घटना अरमूर स्थित भारत चंद्र स्कूल की है, जहां एक शिक्षक छात्रों को उर्दू पढ़ा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने स्कूल पहुंचकर इस बात पर आपत्ति जताई कि गैर-मुस्लिम छात्रों को उर्दू भाषा सिखाई जा रही है। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और शिक्षक के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

    वायरल वीडियो में एक व्यक्ति शिक्षक को पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में थप्पड़ मारता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा जगत और विभिन्न सामाजिक संगठनों में नाराजगी देखने को मिली। कई लोगों ने इसे कानून-व्यवस्था और शिक्षकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    घटना के विरोध में कई शिक्षक और अल्पसंख्यक संगठनों ने निजामाबाद बंद का आह्वान किया। उनका कहना है कि ड्यूटी के दौरान किसी शिक्षक के साथ इस तरह का व्यवहार पूरी शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। संगठनों ने प्रशासन से स्कूल स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

    इस मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। कांग्रेस नेता डॉ. शमा मोहम्मद ने राज्य सरकार से पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि किसी भी शिक्षक के साथ कानून हाथ में लेकर हिंसक व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने शिक्षा संस्थानों में सुरक्षित माहौल बनाए रखने पर भी जोर दिया।

    दूसरी ओर, विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि छात्रों को उर्दू भाषा के साथ धार्मिक सामग्री और गीत भी पढ़ाए जा रहे थे, जिस पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और वायरल वीडियो सहित सभी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

  • महज 3 साल 9 महीने की जुड़वां बहनों ने रचा इतिहास दुनिया की सबसे कम उम्र की फीमेल ड्रमर बनकर लंदन में जीता सम्मान

    महज 3 साल 9 महीने की जुड़वां बहनों ने रचा इतिहास दुनिया की सबसे कम उम्र की फीमेल ड्रमर बनकर लंदन में जीता सम्मान


    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की जुड़वां बहनें सान्वी नाहर और समन्वी नाहर ने बेहद कम उम्र में ऐसी उपलब्धि हासिल की है जिसने पूरे देश का नाम रोशन कर दिया है। महज 3 वर्ष 9 माह की उम्र में दोनों बच्चियों ने दुनिया की सबसे कम उम्र की फीमेल ड्रमर बनने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराया है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन की ओर से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ब्रिटेन की संसद के हाउस ऑफ कॉमंस में आयोजित हुआ जहां दोनों बच्चियों को प्रमाण पत्र मेडल और ट्रॉफी प्रदान की गई।

    सान्वी और समन्वी ने 21 मार्च 2026 को निर्धारित नियमों के अनुसार ड्रम सेट पर एक विशेष ट्रैक को लगातार 1 मिनट 20 सेकंड तक सफलतापूर्वक बजाकर यह रिकॉर्ड बनाया। उनकी प्रस्तुति का मूल्यांकन करने के बाद वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने इसे आधिकारिक रूप से स्वीकार किया और दोनों का नाम अपने रिकॉर्ड में दर्ज किया। उनकी उपलब्धि संस्था के डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधिकारिक प्रकाशनों में भी शामिल की गई है।

    बच्चियों की मां डॉ निकिता नाहर ने बताया कि ड्रमिंग संगीत की सबसे कठिन विधाओं में गिनी जाती है। इसमें दोनों हाथों और दोनों पैरों का एक साथ तालमेल बनाना पड़ता है। सामान्य तौर पर बच्चों को पांच वर्ष की आयु के बाद ही ड्रम सीखने की सलाह दी जाती है लेकिन सान्वी और समन्वी ने सवा तीन साल की उम्र से ही इसकी शुरुआत कर दी थी। नियमित अभ्यास और समर्पण की बदौलत उन्होंने बहुत कम समय में ऐसा कौशल विकसित किया कि विश्व रिकॉर्ड बना डाला।

    इस उपलब्धि के पीछे उनके प्रशिक्षक युग नामदेव की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। बच्चियों के माता पिता उन्हें ड्रम सिखाने के लिए कई संगीत शिक्षकों के पास पहुंचे लेकिन लगभग सभी ने इतनी कम उम्र का हवाला देते हुए प्रशिक्षण देने से इनकार कर दिया। ऐसे समय में युग नामदेव ने इस चुनौती को स्वीकार किया और दोनों बच्चियों को शुरुआती स्तर से प्रशिक्षण देना शुरू किया। मात्र दो महीने में दोनों ने ड्रम की मूल तकनीकों पर अच्छी पकड़ बना ली और बाद में एक स्कूल कार्यक्रम में उनकी प्रस्तुति ने सभी को प्रभावित किया। इसी प्रस्तुति का वीडियो वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तक पहुंचा और रिकॉर्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

    रिकॉर्ड के लिए दोनों बहनों ने करीब एक महीने तक प्रतिदिन एक ही ट्रैक का लगातार अभ्यास किया। आखिरकार उन्होंने निर्धारित समय तक बिना रुके प्रस्तुति देकर सभी शर्तें पूरी कर लीं। आवश्यक वीडियो और दस्तावेज भेजने के बाद उनका रिकॉर्ड स्वीकृत हो गया।

    सान्वी और समन्वी चिकित्सक परिवार से संबंध रखती हैं। उनके दादा डॉ अक्षय नाहर ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं जबकि पिता डॉ सक्षम नाहर सर्जन और मां डॉ निकिता नाहर दंत चिकित्सक हैं। परिवार का कहना है कि उन्होंने बच्चियों की रुचि को पहचानकर उन्हें सही वातावरण और लगातार प्रोत्साहन दिया। प्रशिक्षक युग नामदेव के अनुसार इतनी कम उम्र में विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली यह भारत की पहली जुड़वां फीमेल ड्रमर हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास मिले तो उम्र कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती।

  • MP: दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव को दी चेतावनी… बोले- अपने पास दर्जनभर विभाग रखोगे तो फंस जाओगे

    MP: दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव को दी चेतावनी… बोले- अपने पास दर्जनभर विभाग रखोगे तो फंस जाओगे


    भोपाल।
    कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Senior leader Digvijaya Singh) ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें दर्जनभर विभाग अपने पास नहीं रखने चाहिए, नहीं तो किसी दिन फंस जाएंगे।

    उन्होंने शनिवार को मुख्यमंत्री यादव एक मिल मजदूर के बेटे हैं लेकिन वह अगर गड़बड़ी करेंगे तो उन्हें बख्शा भी नहीं जाएगा। कांग्रेस ने एक खबर का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री यादव पर उज्जैन में कथित तौर पर जमीन घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी ने इसे ‘महाकाल’ की जमीन की लूट’ करार दिया था और मुख्यमंत्री यादव के इस्तीफे और आरोपों की न्यायिक जांच की मांग की है।

    इसी मुद्दे पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, मोहन यादव जी, आपने 12-12 विभाग अपने पास रख रखे हैं। बहुत गलती कर रहे हो। फंस जाओगे। गलती करेगा अधिकारी, पैसा खाएगा अधिकारी और फंसोगे आप। मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास वर्तमान में सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज साधन, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय, एवं ऐसे अन्य समस्त विभाग हैं जो किसी अन्य मंत्री को न सौंपा गया है।

    सिंह ने कहा कि वह भी 10 साल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं लेकिन कभी उन पर कोई आरोप नहीं लगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान (केंद्रीय कृषि मंत्री) ने एक-एक फाइल ढूंढी लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा, मोहन यादव जी आप भी उसकी जांच कर लें, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि मेरे पास कोई विभाग ही नहीं था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह इस पूरे मामले की जांच-पड़ताल कर रहे हैं ताकि पता चल सके कि इसमें इनकी कौन-कौन सी कंपनियां हैं और कौन-कौन लोग इनके इस कथित भूमि घोटाले में शामिल हैं।


    दिग्विजय सिंह बोले- हम बख्शेंगे नहीं

    उन्होंने आगे कहा,मैं तो मोहन यादव जी को राय-मशविरा देने के लिए आया हूं। ऐसा मत करो! आप एक मिल मजदूर के बेटे हो। मुख्यमंत्री बने हो, नाम कमाओ! पैसा जो कमा रहे हो न, जिसका हिसाब पता नहीं किस-किस को देना पड़ रहा है आपको। हमारी सहानुभूति है इस मामले में। दिग्विजय सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री पर यदि आरोप लगते हैं तो हम लोग आपको बख्शेंगे नहीं।

    उन्होंने कहा, यह मत समझना कि हमको आप खरीद लोगे। हम कोई बिकाऊ माल नहीं हैं, हम टिकाऊ माल हैं। बिकाऊ माल जो था, गया भाजपा में। ये सब कांग्रेसी जो यहां बैठे हैं, सब टिकाऊ माल हैं। लड़ाई लड़ने के लिए हम तैयार हैं और लड़ाई लड़ेंगे।

  • MP के 6 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, 40 जिलों में अब भी नहीं पहुंचा मानसून

    MP के 6 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, 40 जिलों में अब भी नहीं पहुंचा मानसून


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल थमी हुई है। प्रदेश के केवल 15 जिलों तक ही मानसून पहुंच पाया है, जबकि 40 जिलों में अब भी इसकी दस्तक का इंतजार है। इसी बीच मौसम विभाग ने सोमवार को उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान चार इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है।

    इसके अलावा भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम केंद्र (IMD) ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर और टीकमगढ़ में तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, नीमच और मंदसौर में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि इन जिलों में अभी तक मानसून नहीं पहुंचा है।

    रविवार को कई जिलों में हुई बारिश
    रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहा। मंदसौर और रतलाम में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि रतलाम में आधा इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा गुना, श्योपुर, बड़वानी, शाजापुर, सीहोर, उज्जैन और छतरपुर सहित कई जिलों में भी बारिश हुई।

    मानसून की रफ्तार थमी, 40 जिले अब भी इंतजार में
    मौसम विभाग के अनुसार 24 जून को मध्य प्रदेश में मानसून ने प्रवेश किया था। इसके बाद अलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी सहित 15 जिलों में इसकी आधिकारिक दस्तक दर्ज की गई। इसके बाद मानसून आगे नहीं बढ़ सका और एक ही स्थान पर ठहर गया है। प्रदेश में जून महीने के दौरान अब तक सामान्य से 38 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    नौगांव सबसे गर्म, खंडवा सबसे ठंडा
    बारिश के असर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पांच प्रमुख शहरों में उज्जैन का अधिकतम तापमान सबसे कम 33.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इंदौर में 33.8 डिग्री, भोपाल में 34.6 डिग्री, जबलपुर में 38.3 डिग्री और ग्वालियर में 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश में सबसे कम अधिकतम तापमान खंडवा में 30.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खरगोन में 30.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 32.1 डिग्री, पचमढ़ी में 32.6 डिग्री, रतलाम में 33.2 डिग्री, सिवनी में 33.4 डिग्री, रायसेन में 33.6 डिग्री, बैतूल में 34 डिग्री और धार में 34.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, नौगांव सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    गर्मी का असर अब भी बरकरार
    मानसून की धीमी रफ्तार के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में उमस और गर्मी बनी हुई है। विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में दिन और रात दोनों समय तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की गतिविधियां तेज होने पर प्रदेश के शेष हिस्सों में भी इसकी प्रगति हो सकती है।

  • ट्विशा केस में नया मोड़ आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर चोरी की कोशिश अहम दस्तावेजों पर भी थी नजर

    ट्विशा केस में नया मोड़ आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर चोरी की कोशिश अहम दस्तावेजों पर भी थी नजर


    भोपाल भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। इस मामले की आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर शनिवार देर रात चोरी का प्रयास किया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार बदमाश घर से सोने के जेवरात और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से जुड़ी एक फाइल लेकर भागने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि पुलिस की समय पर हुई कार्रवाई के कारण वे अपना इरादा पूरा नहीं कर सके और सामान छोड़कर मौके से फरार हो गए।

    पुलिस के अनुसार घटना उस समय हुई जब गिरिबाला के भाई घर के भीतर मौजूद थे। बताया जा रहा है कि देर रात बदमाश घर के पिछले हिस्से से अंदर दाखिल हुए। जिस रास्ते से वे घर में पहुंचे वहां से किसी को उनकी मौजूदगी का आभास नहीं हुआ। इसी दौरान इलाके में नियमित गश्त कर रही चार्ली पुलिस की टीम घर के पास पहुंची और सायरन बजाया। सायरन की आवाज सुनते ही घर के भीतर मौजूद बदमाश घबरा गए और जल्दबाजी में चोरी किया गया सामान वहीं छोड़कर भाग निकले।

    गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने संदिग्धों को भागते हुए देखा और उनका पीछा भी किया लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर वे वहां से निकलने में सफल रहे। घटना के बाद पुलिस ने मौके की तलाशी ली जहां से सोने के जेवरात और महत्वपूर्ण दस्तावेजों वाली फाइल बरामद कर ली गई। इसके बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी गई।

    जांच के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध गतिविधियां भी दिखाई दी हैं जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। रविवार को पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि उनसे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि चोरी का मकसद केवल कीमती सामान हासिल करना था या फिर ट्विशा शर्मा मामले से जुड़े दस्तावेजों तक पहुंचना भी योजना का हिस्सा था।

    यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि गिरिबाला पहले से ही ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी हैं। ऐसे में महत्वपूर्ण दस्तावेजों वाली फाइल को निशाना बनाए जाने की आशंका ने जांच एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि अभी तक पुलिस ने किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज फोरेंसिक साक्ष्यों और हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। यदि जांच में यह सामने आता है कि चोरी का उद्देश्य किसी विशेष दस्तावेज को हासिल करना था तो मामले की दिशा बदल सकती है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित एंगल पर काम कर रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • अनूपपुर के कोतमा स्टेशन के पास दर्दनाक हादसा: चलती ट्रेन के आगे कूदा 21 वर्षीय युवक, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

    अनूपपुर के कोतमा स्टेशन के पास दर्दनाक हादसा: चलती ट्रेन के आगे कूदा 21 वर्षीय युवक, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती


    मध्य प्रदेश:
    के अनूपपुर जिला अंतर्गत कोतमा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज हादसा सामने आया है, जहां लहसुई फाटक के समीप एक 21 वर्षीय युवक चलती ट्रेन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है, जब शहडोल से अंबिकापुर की ओर जाने वाली यात्री ट्रेन वहां से गुजर रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन की रफ्तार काफी तेज थी और उसी दौरान यह युवक अचानक ट्रैक पर आ गया। ट्रेन से जोरदार टक्कर लगने के कारण युवक उछलकर दूर जा गिरा, जिससे उसे बेहद गंभीर चोटें आई हैं। पहली नजर में स्थानीय लोगों और चश्मदीदों द्वारा इस पूरे मामले को आत्महत्या के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

    हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई और इलाके में हड़कंप मच गया। इस संकट की घड़ी में वहां मौजूद स्थानीय युवाओं और रेलवे पुलिस बल के जवानों ने अनुकरणीय सतर्कता और मानवीय संवेदना का परिचय दिया। बिना एक पल गंवाए खून से लथपथ घायल युवक को संभाला गया और तुरंत एम्बुलेंस व वाहनों की व्यवस्था कर उसे नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में ले जाया गया। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों की एक विशेष टीम तुरंत उपचार में जुट गई। चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक युवक की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है और उसे सघन निगरानी में रखा गया है। स्थानीय लोगों की इस त्वरित प्रतिक्रिया को युवक की जान बचाने में सबसे अहम माना जा रहा है।

    इधर घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेलवे के आला अधिकारी भी सक्रिय हो गए। पुलिस बल ने तत्काल अस्पताल पहुंचकर घायल की स्थिति का जायजा लिया और इसके साथ ही मौका-ए-वारदात पर जाकर साक्ष्य एकत्रित किए। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि युवक ने यह आत्मघाती कदम किन परिस्थितियों में और क्यों उठाया। जांच टीम इस बिंदु पर भी काम कर रही है कि यह वाकई आत्महत्या की कोशिश थी या फिर ट्रैक पार करते समय हुआ कोई अप्रत्याशित हादसा था। चूंकि मामला रेलवे ट्रैक और वन क्षेत्र के आस-पास का है, इसलिए प्रशासनिक सतर्कता के साथ सभी कोणों से जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

    वर्तमान में घायल युवक की पहचान सुनिश्चित करने और उसके परिजनों का पता लगाने के प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं ताकि उन्हें इस अनहोनी की सूचना दी जा सके। पुलिस आस-पास के गांवों और बस्तियों में युवक की तस्वीर और हुलिए के आधार पर पूछताछ कर रही है। कानूनगो और जांच अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के सामने आने और युवक की स्थिति में थोड़ा सुधार होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है और रेलवे प्रशासन द्वारा पटरियों के आस-पास सुरक्षा और निगरानी को और कड़ा कर दिया गया है।

  • डबरा में घरेलू विवाद ने लिया भयावह रूप, पति और ससुर पर खौलता पानी फेंका, दोनों गंभीर रूप से झुलसे, जांच में जुटी पुलिस

    डबरा में घरेलू विवाद ने लिया भयावह रूप, पति और ससुर पर खौलता पानी फेंका, दोनों गंभीर रूप से झुलसे, जांच में जुटी पुलिस

     मध्य प्रदेश: के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में घरेलू विवाद ने एक गंभीर और हिंसक घटना का रूप ले लिया। पिछोर तिराहा इलाके में पारिवारिक कलह के दौरान हुए झगड़े में एक महिला पर अपने पति और ससुर पर खौलता हुआ पानी फेंकने का आरोप लगा है। इस घटना में दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    जानकारी के अनुसार पीड़ित पति लंबे समय से नशे की आदत और पारिवारिक विवादों को लेकर तनावपूर्ण स्थिति में था। परिवार में आए दिन होने वाले झगड़ों के चलते स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। घटना वाले दिन भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत के लिए मायके पक्ष को बुलाया गया था, लेकिन समझौता होने के बजाय विवाद और बढ़ गया।

    बताया जा रहा है कि इसी दौरान रसोई में रखा उबलता पानी विवाद का केंद्र बन गया और गुस्से में महिला ने उसे पति और ससुर पर फेंक दिया। इस हमले में दोनों को गंभीर जलन की चोटें आईं, जिनमें पति की स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

    स्थानीय निवासियों के अनुसार घटना अचानक हुई और किसी को भी इस तरह की हिंसा की उम्मीद नहीं थी। झुलसे हुए दोनों व्यक्तियों का अस्पताल में इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि जलने की चोटें गंभीर हैं और उपचार में समय लग सकता है।

    घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि हमले के बाद घर से कुछ कीमती सामान और नकदी भी गायब हो गई। इस पूरे मामले ने स्थानीय क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग पारिवारिक विवाद के इस खतरनाक रूप को लेकर चिंतित हैं।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर इसे घरेलू विवाद से जुड़ी गंभीर हिंसा का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • मध्य प्रदेश की सियासत में बयान से बवाल, RSS बनाम प्रशासनिक तटस्थता पर गरमाई बहस, कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने

    मध्य प्रदेश की सियासत में बयान से बवाल, RSS बनाम प्रशासनिक तटस्थता पर गरमाई बहस, कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने

    मध्य प्रदेश: में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। बयान में उन्होंने प्रशासनिक तंत्र में अधिकारियों के स्वयं को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जोड़ने की प्रवृत्ति का उल्लेख किया था, जिसके बाद प्रदेश में सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस ने इस बयान को गंभीर संवैधानिक मुद्दा बताते हुए प्रशासनिक निष्पक्षता और तटस्थता पर सवाल खड़े किए हैं।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि प्रशासनिक ढांचे में किसी संगठन विशेष से जुड़ाव की प्रवृत्ति बढ़ रही है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने इसे भारतीय प्रशासनिक सेवा की निष्पक्षता से जोड़ते हुए कहा कि संविधान हर अधिकारी से अपेक्षा करता है कि वह किसी वैचारिक या राजनीतिक संगठन के बजाय केवल संवैधानिक मूल्यों के प्रति निष्ठावान रहे।

    कांग्रेस की ओर से यह भी मांग उठाई गई कि इस बयान को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा जाए और संवैधानिक संस्थाओं को इसकी जांच करनी चाहिए कि प्रशासनिक व्यवस्था में किसी प्रकार का वैचारिक प्रभाव तो नहीं बढ़ रहा है। इस मुद्दे ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है और विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है।

    वहीं, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कैलाश विजयवर्गीय के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि प्रशासनिक तंत्र में वैचारिक प्रभाव की चर्चा पहले से होती रही है। उन्होंने इसे सरकार और संगठन के लंबे समय से जुड़े रहने का परिणाम बताया और आरोप लगाया कि कई बार अवसरवादी तत्व व्यवस्था में जगह बना लेते हैं, जिससे प्रशासनिक संतुलन प्रभावित होता है।

    बीजेपी की ओर से इस विवाद पर अलग रुख अपनाया गया है। पार्टी नेता डॉ. हितेश बाजपेयी ने कहा कि मंत्री के बयान को सतही तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक एक ही वैचारिक ढांचे के साथ सरकार चलने पर कुछ लोग अवसरवादी तरीके से व्यवस्था में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे संगठनात्मक चुनौतियां उत्पन्न होती हैं। बीजेपी ने स्पष्ट किया कि बयान का आशय किसी संस्था पर सीधा आरोप नहीं था, बल्कि प्रशासनिक और वैचारिक संतुलन की आवश्यकता की ओर संकेत था।

    इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जहां एक तरफ प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बयान की व्याख्या को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद गहराते जा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि विपक्ष इसे संवैधानिक विमर्श के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी में है।