Category: Madhya Pradesh

  • MP के 15 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, इंदौर-जबलपुर समेत 4 संभागों में रहेगा असर

    MP के 15 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, इंदौर-जबलपुर समेत 4 संभागों में रहेगा असर


    भोपाल। ब्रेक के बाद फिर सक्रिय हुए मानसूनी सिस्टम ने मध्यप्रदेश में बारिश का दौर शुरू कर दिया है। शुक्रवार को भोपाल, दमोह, टीकमगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में बारिश हुई। भोपाल में तेज आंधी के साथ हुई बारिश के दौरान विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम रह गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। वहीं, दमोह के निचले इलाकों में पानी भर गया।

    शनिवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें उज्जैन, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, देवास, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट और छतरपुर शामिल हैं। मौसम का असर अगले तीन दिन तक बने रहने की संभावना है।

    41 जिलों में हल्की से तेज बारिश के आसार

    मौसम केंद्र के मुताबिक भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, आलीराजपुर, बुरहानपुर, झाबुआ, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, रतलाम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है।

    3-4 दिन के ब्रेक से बढ़ी गर्मी-उमस

    प्रदेश के कई जिलों में पिछले तीन से चार दिन से बारिश नहीं हुई थी। इसके चलते गर्मी और उमस का असर बढ़ गया था। अब बारिश का दौर शुरू होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

    सीजन में अब तक 31.5 इंच बारिश

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 801.3 मिमी यानी 31.5 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 868.6 मिमी यानी 34.2 इंच बारिश होती है। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक सामान्य से 2.7 इंच कम यानी 8% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से करीब 1%, जबकि पश्चिमी हिस्से में 14% कम बारिश दर्ज की गई है।

    33 जिलों में 1 से 56% तक बारिश कम

    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 1% कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य के मुकाबले 3% से 26% तक कम बारिश हुई है।

    हालांकि, पिछले एक सप्ताह में बारिश के कारण स्थिति में काफी सुधार आया है। इस दौरान पूर्वी हिस्से के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने, जिससे बारिश का आंकड़ा सुधरा। सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्से का आंकड़ा सामान्य के करीब पहुंचा है।

    वहीं पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 56% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    इन 22 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • मध्य प्रदेश में फिर बढ़ी सियासी हलचल, CM मोहन यादव समेत कई बड़े भाजपा नेता दिल्ली में, समन्वय बैठक की चर्चाएं तेज

    मध्य प्रदेश में फिर बढ़ी सियासी हलचल, CM मोहन यादव समेत कई बड़े भाजपा नेता दिल्ली में, समन्वय बैठक की चर्चाएं तेज


    मध्य प्रदेश: में राजनीतिक हलचल के बीच भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के दिल्ली पहुंचने से चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के भी नई दिल्ली पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया के दिल्ली बुलाए जाने की बात कही जा रही है।

    कई वरिष्ठ नेताओं के एक ही समय पर दिल्ली में मौजूद होने से मध्य प्रदेश भाजपा के राजनीतिक और संगठनात्मक समीकरणों को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और कैलाश विजयवर्गीय पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। इस तरह प्रदेश से जुड़े कई प्रमुख नेताओं की राजधानी में मौजूदगी को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

    दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय को लेकर बैठक होने की चर्चा भी है। हालांकि, इस संभावित बैठक को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी या इसका निश्चित एजेंडा क्या होगा, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

    इसी बीच भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद मध्य प्रदेश भाजपा के भीतर राजनीतिक चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है। वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में मौजूदगी और अलग-अलग स्तर पर हो रही मुलाकातों को देखते हुए संगठन तथा आपसी समन्वय से जुड़े मुद्दों पर संभावनाएं जताई जा रही हैं।

    हालांकि, सभी नेताओं के दिल्ली पहुंचने की वजह एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं है। बताया जा रहा है कि कुछ नेता ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों के सिलसिले में भी राजधानी पहुंचे हैं। ऐसे में दिल्ली में मौजूद सभी नेताओं के दौरे को सीधे तौर पर मध्य प्रदेश की राजनीति से जोड़ना फिलहाल जल्दबाजी होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे प्रमुख नेताओं की एक साथ दिल्ली में मौजूदगी ने फिर भी राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। प्रदेश भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के राजधानी पहुंचने से संगठन और सरकार के बीच समन्वय से जुड़े संभावित विमर्श को लेकर चर्चा बढ़ी है।

    मध्य प्रदेश में भाजपा की राजनीति से जुड़े मामलों में वरिष्ठ नेताओं की बैठकों और मुलाकातों को लेकर अक्सर राजनीतिक कयास लगाए जाते रहे हैं। मौजूदा स्थिति में भी संभावित समन्वय बैठक की चर्चा के कारण कई तरह की अटकलें सामने आ रही हैं। हालांकि, बैठक के एजेंडे या उसमें होने वाली संभावित चर्चा को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    फिलहाल इतना स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश भाजपा के कई बड़े नेता एक साथ दिल्ली में हैं और इस वजह से प्रदेश की राजनीति में हलचल महसूस की जा रही है। ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों के कारण कुछ नेताओं की दिल्ली यात्रा होने की बात भी सामने आई है। इसलिए मौजूदा घटनाक्रम को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी होगा।

  • मध्य प्रदेश में बैंक कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल, तीन दिन प्रभावित रहेगा कामकाज; नकदी, चेक क्लीयरेंस और लोन सेवाएं

    मध्य प्रदेश में बैंक कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल, तीन दिन प्रभावित रहेगा कामकाज; नकदी, चेक क्लीयरेंस और लोन सेवाएं


    मध्य प्रदेश : बैंक कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर शुरू हुई प्रदेशव्यापी हड़ताल का असर मध्य प्रदेश में बैंकिंग सेवाओं पर पड़ा है। जबलपुर समेत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बैंक कर्मचारियों के आंदोलन के कारण सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ है। हड़ताल के चलते शुक्रवार से रविवार तक लगातार तीन दिन बैंकिंग सेवाओं पर असर रहेगा।

    इस दौरान नकदी से जुड़े लेन-देन, चेक क्लीयरेंस, लोन से संबंधित कार्य और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। बैंक कर्मचारियों के संगठनों ने लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया है। कर्मचारियों का कहना है कि इन मांगों पर अपेक्षित स्तर पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

    बैंक कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन कामकाज लागू करना शामिल है। कर्मचारी चाहते हैं कि शनिवार और रविवार को अवकाश रखते हुए पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू की जाए। इसके अलावा पेंशन के अपडेट और उसमें जरूरी सुधार की मांग भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है।

    कर्मचारियों की एक अन्य मांग महंगाई भत्ते यानी DA की समान गणना से जुड़ी है। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना यानी OPS का विकल्प दिए जाने की मांग भी उठाई गई है। कर्मचारियों का कहना है कि इन मुद्दों पर लंबे समय से उनकी ओर से मांग रखी जा रही है।

    हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारी शिवांगी राय खरे ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उनके अनुसार, लगातार मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

    बैंक कर्मचारी संजय खरे ने भी सरकार और बैंक प्रबंधन से कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उनका कहना है कि कर्मचारियों की ओर से उठाई जा रही मांगों पर जल्द समाधान किया जाना चाहिए।

    तीन दिनों तक बैंकिंग कामकाज प्रभावित रहने के कारण बैंक ग्राहकों को अपनी जरूरतों के लिए एटीएम और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं पर अधिक निर्भर रहना पड़ सकता है। हालांकि, हड़ताल का मुख्य असर बैंक शाखाओं में होने वाले नियमित कामकाज पर पड़ रहा है।

    जबलपुर सहित प्रदेश में बैंक कर्मचारियों के आंदोलन के कारण शाखाओं में होने वाले कई जरूरी काम प्रभावित होने की स्थिति है। नकदी लेन-देन, चेक क्लीयरेंस और लोन से जुड़े कामों के साथ अन्य बैंकिंग गतिविधियों पर भी हड़ताल का असर पड़ रहा है।

    बैंक कर्मचारियों का यह आंदोलन उनकी लंबित मांगों को लेकर है। कर्मचारी संगठनों की ओर से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था, पेंशन अपडेट, महंगाई भत्ते की समान गणना और पुरानी पेंशन योजना का विकल्प दिए जाने जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए हैं।

    शुक्रवार से शुरू हुआ यह तीन दिवसीय बैंक बंदी का दौर रविवार तक जारी रहेगा। लगातार तीन दिन बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित होने से बैंक ग्राहकों को अपने जरूरी कामों की योजना उसी के अनुसार बनानी होगी। कर्मचारियों ने सरकार और प्रबंधन से उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला लेने की मांग की है।

  • इंदौर से MP के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नई दिशा 2030 तक का विजन तैयार PPP मॉडल और AI से बदलेगा बसों का संचालन

    इंदौर से MP के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नई दिशा 2030 तक का विजन तैयार PPP मॉडल और AI से बदलेगा बसों का संचालन

    इंदौर । मध्य प्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार से दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट 2026 की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समिट का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश में ऐसी परिवहन व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है जो आधुनिक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल हो। सरकार का फोकस पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल के जरिए यात्री परिवहन को मजबूत करने पर रहेगा।

    समिट में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल समेत देशभर से आए परिवहन विशेषज्ञ निजी बस ऑपरेटर राज्य परिवहन उपक्रमों आईटी कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में मध्य प्रदेश में यात्री परिवहन के भविष्य को लेकर विस्तार से मंथन किया जाएगा।

    समिट का प्रमुख केंद्र मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा है। सरकार मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड यानी MPYPIL के माध्यम से परिवहन व्यवस्था में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही आधुनिक आईटी सिस्टम और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन को भी बढ़ावा देने की योजना है। इसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के साथ ही परिवहन व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ बनाना है।

    समिट के दौरान इंडस्ट्री एक्सपो और हैकाथॉन का भी शुभारंभ किया जा रहा है। एक्सपो में बस निर्माता कंपनियों आईटी कंपनियों वित्तीय संस्थानों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने अपने तकनीकी समाधान और नए प्रयोग प्रदर्शित किए हैं। इस मौके पर MPYPIL के नए लोगो और विशेष पुस्तिका का विमोचन भी किया जाएगा।

    दो दिवसीय समिट में कुल आठ प्रमुख सत्र आयोजित होंगे। इनमें MP मोबिलिटी विजन 2030 PPP मॉडल के जरिए निवेश बस संचालन में वित्तीय आत्मनिर्भरता रोजगार और उद्यमिता यात्री सुरक्षा AI आधारित रूट प्लानिंग ग्रीन मोबिलिटी और एकीकृत टिकटिंग सिस्टम जैसे विषयों पर चर्चा होगी। विशेषज्ञ इस बात पर भी सुझाव देंगे कि प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को किस तरह तकनीक से जोड़ा जाए ताकि यात्रियों को कम समय में बेहतर और सुरक्षित सेवा मिल सके।

    ग्रीन मोबिलिटी पर भी खास जोर रहेगा। समिट में इलेक्ट्रिक हाइड्रोजन और फ्लेक्स फ्यूल बसों को लेकर संभावनाओं पर चर्चा होगी। इनके संचालन के लिए चार्जिंग और रिफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की जरूरत पर भी विशेषज्ञ विचार रखेंगे। इसके अलावा AI और रियल टाइम डेटा के इस्तेमाल से बसों के रूट और शेड्यूल को बेहतर बनाने पर मंथन होगा।

    समिट में टाटा मोटर्स ईकेए मोबिलिटी ग्रीनसेल मोबिलिटी वोल्वो आयशर स्विच मोबिलिटी रैपिडो चलो मोबिलिटी यश टेक्नोलॉजीज SBI और इंडियन ऑयल समेत कई प्रमुख संस्थान हिस्सा ले रहे हैं। WRI इंडिया BITS पिलानी CEPT अहमदाबाद KPMG और DIMTS के विशेषज्ञ भी अपने अनुभव साझा करेंगे। माना जा रहा है कि इस समिट से मध्य प्रदेश में यात्री परिवहन व्यवस्था के लिए नई नीति और निवेश के रास्ते मजबूत होंगे।

  • इंदौर में ब्यूटीशियन की संदिग्ध मौत होटल से शव ले जाने का VIDEO सामने आया फंदे के एंगल की जांच में जुटी पुलिस

    इंदौर में ब्यूटीशियन की संदिग्ध मौत होटल से शव ले जाने का VIDEO सामने आया फंदे के एंगल की जांच में जुटी पुलिस


    इंदौर । इंदौर के तिलक नगर स्थित एलएक्स होटल में 32 वर्षीय ब्यूटीशियन सोनिला शर्मा की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। होटल के कमरे में महिला की मौत के बाद सामने आए CCTV फुटेज ने पुलिस की जांच को नया मोड़ दे दिया है। फुटेज में होटल के बाहर एक सफेद कार दिखाई दे रही है जिसके आसपास कुछ युवक मौजूद हैं। इनमें से दो युवक महिला के शव को कार में रखते हुए नजर आ रहे हैं। कारोबारी दीपक खंडेलवाल भी कार के पास खड़ा दिखाई देता है। पुलिस अब होटल में महिला के पहुंचने से लेकर उसे अस्पताल ले जाने तक की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

    जानकारी के मुताबिक सोनिला बुधवार दोपहर दीपक खंडेलवाल के साथ होटल पहुंची थी। दोनों होटल के कमरा नंबर 101 में गए थे। सोनिला के पहुंचने के करीब एक घंटे बाद दीपक होटल आया था। इसके बाद वह करीब 40 मिनट तक कमरे में रुका। कमरे से बाहर निकलने के बाद उसने होटल स्टाफ को बताया कि सोनिला बेहोश है। इसके बाद महिला को अस्पताल ले जाने की तैयारी शुरू हुई।

    CCTV फुटेज में होटल के बाहर की गतिविधियां भी रिकॉर्ड हुई हैं। सफेद कार के आसपास कई युवक दिखाई दे रहे हैं। दो लोग महिला के शव को कार में रखते नजर आते हैं। इसी दौरान कारोबारी होटल के एक कर्मचारी को अपने साथ चलने का इशारा करता है लेकिन कर्मचारी उसके साथ जाने से मना कर देता है। महिला को बाद में अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद सोनिला के परिजन भी अस्पताल पहुंचे। बताया गया है कि वहां उनकी दीपक खंडेलवाल से कहासुनी हुई थी। इसके बाद दीपक अस्पताल से चला गया। घटना के बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस मोबाइल लोकेशन और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों के जरिए उसकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

    सोनिला के पति संजय ने बताया कि उनकी शादी करीब 14 साल पहले हुई थी और दोनों की दो बेटियां हैं। कुछ समय पहले परिवार इंदौर में रहने लगा था लेकिन पिछले करीब एक साल से संजय ब्यावरा में रह रहा था जबकि सोनिला इंदौर में रहती थी। दीपक को लेकर पूछे जाने पर संजय ने कहा कि वह उसे जानता है लेकिन फिलहाल इस मामले में बात नहीं करना चाहता। उसने करीब आठ दिन बाद पूरी बात बताने की बात कही है। परिवार की ओर से अभी तक दीपक पर कोई सीधा आरोप नहीं लगाया गया है।

    पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस और डॉक्टरों के बीच हुई चर्चा में फंदे से मौत का एंगल सामने आया है। हालांकि मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और साफ होने की उम्मीद है। पुलिस ने विसरा भी जांच के लिए भेजा है। शुरुआती जानकारी में जहर खाने की आशंका की भी चर्चा हुई थी लेकिन पुलिस फिलहाल सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    पुलिस ने होटल से DVR और जरूरी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। CCTV फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि सोनिला होटल में किस परिस्थिति में पहुंची थी। दीपक कमरे में कितनी देर रहा और उसके बाहर निकलने के बाद महिला की स्थिति क्या थी। इसके अलावा अस्पताल तक पहुंचने के दौरान कौन कौन लोग मौजूद थे इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।

    एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के मुताबिक मामले की जांच जारी है और पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। दीपक खंडेलवाल पालदा क्षेत्र में पाइप का कारोबार करता है और घटना के बाद से पुलिस उसकी तलाश में कई टीमें लगा चुकी है। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और CCTV जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि होटल के कमरे में आखिर हुआ क्या था।

  • MP में 40 हजार बैंक कर्मचारी हड़ताल पर शाखाओं के नहीं खुले ताले 5 डे वीक की मांग से आज से 3 दिन तक रहेगा असर

    MP में 40 हजार बैंक कर्मचारी हड़ताल पर शाखाओं के नहीं खुले ताले 5 डे वीक की मांग से आज से 3 दिन तक रहेगा असर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल के चलते बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह यानी 5 डे वीक लागू करने की मांग को लेकर प्रदेश के करीब 40 हजार बैंक कर्मचारी काम से दूर रहे। इसके चलते भोपाल सहित कई शहरों में बैंक शाखाओं के ताले नहीं खुले। भोपाल के एमपी नगर में बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। हालांकि हड़ताल केवल एक दिन की है लेकिन इसका असर लगातार तीन दिनों तक देखने को मिल सकता है क्योंकि शनिवार और रविवार को बैंकिंग अवकाश रहेगा।

    यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले आयोजित इस हड़ताल में मध्य प्रदेश के बैंक कर्मचारी भी शामिल हुए हैं। कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर आम लोगों के बैंकिंग कामकाज पर पड़ रहा है। बैंक शाखाएं बंद रहने से चेक जमा करने और उनके क्लियरेंस जैसे काम प्रभावित होंगे। इसके अलावा शाखाओं से जुड़े कई दूसरे नियमित काम भी अटक सकते हैं। ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल भुगतान सेवाएं अलग माध्यम से जारी रह सकती हैं लेकिन जिन कामों के लिए शाखा जाना जरूरी है उनके लिए ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

    हड़ताल से पहले बैंक यूनियनों और सरकार के बीच बातचीत भी हुई थी लेकिन किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद यूनियनों ने हड़ताल को जारी रखने का फैसला किया। बैंक कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग हर शनिवार को बैंक अवकाश घोषित कर पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की है। फिलहाल बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है जबकि अन्य शनिवार को सामान्य कामकाज होता है।

    यूनियनों का प्रस्ताव है कि शनिवार की छुट्टी के बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना कामकाज का समय करीब 40 मिनट बढ़ाया जा सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू होने के बावजूद बैंकिंग कामकाज और ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाओं पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

    यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 5 डे वीक के साथ स्केल चार और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए लागू परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI योजना को वापस लेने की मांग भी उठाई है। यूनियनों का आरोप है कि यह योजना बैंक कर्मचारियों के बीच असमानता बढ़ाने वाली है। उनका कहना है कि अधिकारियों के एक सीमित वर्ग को ज्यादा लाभ देने वाली इस व्यवस्था को लागू करने के बजाय कर्मचारियों से जुड़े लंबित मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

    बैंक कर्मचारियों की ओर से पेंशन अपडेट करने और पेंशनभोगियों के एक्स ग्रेशिया की समीक्षा की मांग भी उठाई जा रही है। इसके अलावा NPS को OPS में बदलने और सभी पेंशनभोगियों के लिए समान महंगाई भत्ता व्यवस्था लागू करने की मांग लंबित बताई गई है। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकों में पर्याप्त संख्या में क्लर्क सब स्टाफ और आर्म्ड गार्ड की भर्ती भी जरूरी है।

    सितंबर के आखिरी सप्ताह में भी बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है। 26 और 27 सितंबर को शनिवार और रविवार का अवकाश है जबकि 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल का आह्वान किया गया है। ऐसे में लगातार पांच दिन बैंक शाखाएं बंद रह सकती हैं। इससे पहले शुक्रवार की हड़ताल ने ही ग्राहकों को बैंक से जुड़े जरूरी काम जल्द निपटाने की चुनौती दे दी है।

  • विद्या भारती की अखिल भारतीय बैठक में शिक्षा को लेकर बड़ा मंथन स्थानीय जरूरतों के हिसाब से तैयार होंगे नए शिक्षण मॉडल

    विद्या भारती की अखिल भारतीय बैठक में शिक्षा को लेकर बड़ा मंथन स्थानीय जरूरतों के हिसाब से तैयार होंगे नए शिक्षण मॉडल


    जबलपुर । जबलपुर में विद्या भारती की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारिणी बैठक शुक्रवार से शुरू हो गई है। शास्त्री ब्रिज स्थित सरस्वती शिक्षा परिषद में आयोजित इस बैठक में देशभर के अलग अलग प्रांतों से करीब 210 शिक्षाविद् और शिक्षा शास्त्री शामिल हुए हैं। 11 से 13 सितंबर तक चलने वाली इस बैठक में देश की शिक्षा व्यवस्था के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार विमर्श किया जा रहा है। बैठक का मुख्य केंद्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भारतीय ज्ञान परंपरा राष्ट्रीय शिक्षा नीति और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप बच्चों के लिए बेहतर शिक्षण व्यवस्था तैयार करना है।

    कार्यकारिणी बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखा जाए बल्कि उन्हें कौशल आधारित और व्यवहारिक शिक्षा भी उपलब्ध कराई जाए। बदलती तकनीक और रोजगार की जरूरतों को देखते हुए शिक्षा के ऐसे मॉडल तैयार करने पर चर्चा हो रही है जिनसे विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ साथ आवश्यक कौशल भी विकसित हो सकें। इसके साथ ही प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में नए मॉड्यूल तैयार करने पर भी मंथन किया जा रहा है।

    बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी रणनीति पर चर्चा की जा रही है। शिक्षा नीति के प्रावधानों को कक्षा स्तर तक तेजी से पहुंचाने के साथ शिक्षकों को उसके अनुरूप प्रशिक्षित करने की जरूरत पर विचार किया जा रहा है। शिक्षकों की भूमिका को मजबूत बनाने और उन्हें नई शिक्षण पद्धतियों से जोड़ने को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    विद्या भारती की कार्यकारिणी बैठक में शिक्षा को देश के अलग अलग क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप ढालने पर भी जोर दिया जा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों से लेकर दूरदराज के गांवों और महानगरीय क्षेत्रों तक विद्यार्थियों की जरूरतें अलग होती हैं। ऐसे में स्थानीय परिस्थितियों संस्कृति और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए शिक्षण मॉडल विकसित करने पर चर्चा हो रही है। उद्देश्य यह है कि क्षेत्र चाहे कोई भी हो हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

    बैठक में शिक्षा के जरिए वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में भी विचार किया जा रहा है। शिक्षाविद् इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि विद्यार्थियों में जिम्मेदारी संवेदनशीलता और समाज के प्रति सकारात्मक सोच कैसे विकसित की जाए। भारतीय मूल्यों और आधुनिक आवश्यकताओं के बीच बेहतर संतुलन बनाने को भी शिक्षा के भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है।

    बैठक के दौरान विद्या भारती के आगामी 75वें वर्ष यानी अमृत महोत्सव की तैयारियों की रूपरेखा पर भी चर्चा हो रही है। इसी क्रम में 25 सितंबर को सुबह 11 बजे देशभर में एक साथ वंदे मातरम् के सामूहिक गायन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों शिक्षकों और समाज में राष्ट्रभावना तथा देश के प्रति श्रद्धा को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा। जबलपुर में चल रही यह बैठक आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था को लेकर विद्या भारती की दिशा और प्राथमिकताओं को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

  • पुलिस की भनक लगते ही जंगल में भागा शराब तस्कर बाइक मौके पर छोड़ी 55 लीटर शराब मिली 600 लीटर लाहन किया नष्ट

    पुलिस की भनक लगते ही जंगल में भागा शराब तस्कर बाइक मौके पर छोड़ी 55 लीटर शराब मिली 600 लीटर लाहन किया नष्ट


    जबलपुर । जबलपुर के पनागर इलाके में पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगल में चल रहे शराब बनाने के अड्डे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि पनागर से करीब 25 से 30 किलोमीटर दूर तिलगमा और भौरहा गांव के बीच घने जंगल में हाथ भट्टी लगाकर महुआ शराब तैयार की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में पहुंचकर जंगल और नाले के आसपास तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस की गतिविधि देखते ही वहां मौजूद एक आरोपी बाइक छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला।

    पुलिस टीम जब बताए गए स्थान पर पहुंची तो एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति वहां मौजूद था। पुलिस को देखते ही उसने बाइक वहीं छोड़ दी और घने जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने मौके पर छोड़ी गई मोटरसाइकिल को अपने कब्जे में ले लिया। बाइक की तलाशी लेने पर उसमें करीब 55 लीटर हाथ भट्टी से तैयार की गई महुआ शराब मिली। शराब को जब्त कर पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू की।

    इसके बाद पुलिस टीम ने जंगल के अंदर और नाले के किनारे मौजूद संभावित ठिकानों की तलाश की। तलाशी के दौरान तीन बड़े ड्रम मिले जिनमें शराब बनाने के लिए सामग्री छिपाकर रखी गई थी। पुलिस को मौके पर करीब 600 लीटर लाहन मिला। इसके अलावा शराब तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाली भट्टियां और अन्य उपकरण भी वहां रखे हुए थे। इससे साफ हुआ कि जंगल में लंबे समय से अवैध शराब बनाने का काम चल रहा था।

    पुलिस ने मौके पर ही शराब बनाने के इस पूरे ठिकाने को नष्ट करने की कार्रवाई शुरू की। करीब 600 लीटर लाहन को मौके पर नष्ट कर दिया गया। इसके साथ ही अवैध शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली भट्टियों और अन्य सामान को भी हटाया गया ताकि दोबारा वहां शराब बनाने की गतिविधि शुरू न हो सके। पुलिस ने जब्त 55 लीटर महुआ शराब और मोटरसाइकिल को अपने कब्जे में ले लिया है।

    पुलिस ने मामले में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपी की पहचान के लिए मौके से जब्त मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन नंबर की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि बाइक किसके नाम पर दर्ज है और जंगल में शराब बनाने के इस कारोबार से उसका क्या संबंध है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अवैध शराब के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जंगल के भीतर लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार पर कार्रवाई के बाद पुलिस ने साफ किया है कि क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

  • एक हफ्ते से पानी भरे प्लॉट में छिपा था मगरमच्छ: सड़क पर निकलते ही मचा हड़कंप वन विभाग ने किया रेस्क्यू

    एक हफ्ते से पानी भरे प्लॉट में छिपा था मगरमच्छ: सड़क पर निकलते ही मचा हड़कंप वन विभाग ने किया रेस्क्यू


    जबलपुर। जबलपुर के पनागर स्थित द्वारका परिसर में करीब एक सप्ताह से दहशत का कारण बना मगरमच्छ आखिरकार वन विभाग की टीम के हाथ लग गया। करीब 5 फीट लंबे मगरमच्छ के कॉलोनी के एक खाली प्लॉट में भरे पानी में छिपे होने की जानकारी सामने आने के बाद से ही वन विभाग की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही थी। शुक्रवार सुबह पानी खाली करने की प्रक्रिया के दौरान मगरमच्छ अचानक प्लॉट से निकलकर सड़क की ओर आने लगा। पहले से तैयार वन विभाग की टीम ने उसे घेर लिया और सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर लिया। मगरमच्छ के पकड़े जाने के बाद कॉलोनी के रहवासियों ने राहत की सांस ली।

    बताया गया है कि द्वारका परिसर में 5 सितंबर को मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना वन विभाग को मिली थी। इसके बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी सौरभ शर्मा के निर्देश पर 12 सदस्यीय रेस्क्यू टीम बनाई गई। टीम ने खाली प्लॉट के आसपास लगातार निगरानी शुरू की। प्लॉट में काफी मात्रा में पानी भरा होने के कारण मगरमच्छ को पकड़ना आसान नहीं था। वह पानी के भीतर छिपा रहता था और टीम के पहुंचने पर दिखाई नहीं देता था।

    वन कर्मी शैलेश कुमार गौतम के मुताबिक शुरुआती तौर पर आशंका जताई गई कि मानसून के दौरान परियट नदी और आसपास की नहरों में तेज बहाव के कारण मगरमच्छ बहकर रिहायशी इलाके तक पहुंचा होगा। पानी के बहाव के साथ वह कॉलोनी के खाली प्लॉट में पहुंच गया और वहां जमा पानी में छिप गया। मगरमच्छ की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद आसपास रहने वाले लोगों में भी डर का माहौल था।

    रेस्क्यू टीम ने मगरमच्छ को पकड़ने के लिए कई प्रयास किए। टीम के सदस्य कमर तक पानी में उतरकर जाल लेकर उसे तलाशते रहे। कई बार जाल डालकर उसे पकड़ने की कोशिश की गई लेकिन मगरमच्छ पानी में छिपकर टीम को चकमा देता रहा। इसके बाद प्लॉट का पानी पंप की मदद से खाली कराने की योजना बनाई गई। लगातार कई दिनों तक निगरानी और प्रयास के बावजूद मगरमच्छ पकड़ में नहीं आया।

    शुक्रवार सुबह जब प्लॉट का पानी बाहर निकाला जा रहा था तभी मगरमच्छ पानी से बाहर निकल आया। वह सड़क की ओर बढ़ने लगा। वन विभाग की टीम पहले से मौके पर मौजूद थी इसलिए कर्मचारियों ने तुरंत उसे चारों तरफ से घेर लिया। सावधानी के साथ जाल की मदद से मगरमच्छ को पकड़ लिया गया। रेस्क्यू के दौरान टीम ने यह भी सुनिश्चित किया कि मगरमच्छ को किसी तरह की चोट न पहुंचे और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा भी बनी रहे।

    मगरमच्छ के सुरक्षित पकड़े जाने के बाद वन विभाग की टीम उसे परियट नदी के पास ले गई। अधिकारियों के मुताबिक रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ को शुक्रवार सुबह ही सुरक्षित तरीके से परियट नदी में छोड़ दिया गया। करीब एक सप्ताह से चली आ रही तलाश पूरी होने के बाद कॉलोनी के लोगों ने राहत की सांस ली। इस दौरान वन विभाग की टीम ने लगातार निगरानी और सावधानी के साथ अभियान चलाया और आखिरकार मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने में सफलता हासिल की।

  • बहन से विवाद कर रहा था जीजा बचाव करने पहुंचे साले के पेट में घोंपा चाकू हमला करने के बाद मौके से फरार हुआ आरोपी

    बहन से विवाद कर रहा था जीजा बचाव करने पहुंचे साले के पेट में घोंपा चाकू हमला करने के बाद मौके से फरार हुआ आरोपी


    शिवपुरी । शिवपुरी में पारिवारिक विवाद ने गुरुवार रात हिंसक रूप ले लिया। श्रीराम कॉलोनी के बाल्मीकि मोहल्ले में एक युवक पर उसके जीजा ने चाकू से हमला कर दिया। पेट में चाकू लगने से 30 वर्षीय अनिल उर्फ अन्नी बाल्मीकि गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र करोसिया के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

    बताया गया है कि विवाद की शुरुआत आरोपी धर्मेंद्र करोसिया और उसकी पत्नी के बीच पुराने पारिवारिक विवाद को लेकर हुई थी। अनिल की पत्नी काजल बाल्मीकि के मुताबिक उसकी ननद की शादी अशोकनगर निवासी धर्मेंद्र करोसिया से हुई थी। बाद में दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि उनका तलाक हो गया। तलाक के बाद अनिल की ननद करीब सात महीने से शिवपुरी में अपने भाई और भाभी के साथ रह रही थी। आरोप है कि इसी बात को लेकर धर्मेंद्र नाराज रहता था और अक्सर शिवपुरी आकर विवाद करता था।

    गुरुवार रात करीब 8 बजे धर्मेंद्र एक बार फिर उनके घर पहुंचा। वहां उसने अपनी पूर्व पत्नी से विवाद शुरू कर दिया। घर में विवाद बढ़ता देख अनिल भी मौके पर पहुंच गया। अनिल के मुताबिक धर्मेंद्र उसकी बहन पर चाकू से हमला करने की कोशिश कर रहा था। बहन को बचाने के लिए वह दोनों के बीच आ गया। इसी दौरान धर्मेंद्र ने कथित तौर पर चाकू से अनिल के पेट में वार कर दिया।

    चाकू लगते ही अनिल गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। हमले के बाद आरोपी धर्मेंद्र मौके से फरार हो गया। घटना के बाद घर में अफरा तफरी मच गई। परिजन घायल अनिल को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। पेट में चाकू लगने के कारण उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने घायल युवक के बयान दर्ज किए हैं। इसके आधार पर आरोपी धर्मेंद्र करोसिया के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी है।

    पुलिस इस पूरे मामले में पारिवारिक विवाद और तलाक के बाद चल रहे तनाव को भी जांच का हिस्सा बना रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार आरोपी और उसकी पूर्व पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के दौरान अनिल के बीच में आने पर उस पर चाकू से हमला किया गया।

    फिलहाल घायल युवक का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। घटना ने इलाके में भी सनसनी फैला दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को भी सामने लाया जाएगा।