Category: Madhya Pradesh

  • मुरैना में फायरिंग का रहस्य खुला: स्कूटर पर लोडिंग के दौरान चली गोली

    मुरैना में फायरिंग का रहस्य खुला: स्कूटर पर लोडिंग के दौरान चली गोली


    मुरैना। मुरैना में मंगलवार सुबह हुई गोलीकांड की घटना ने शुरुआत में जहां हमले का शक पैदा किया था, वहीं पुलिस जांच में इसका एक चौंकाने वाला सच सामने आया है। अब साफ हो गया है कि यह कोई सुनियोजित हमला नहीं था, बल्कि युवकों की लापरवाही के चलते हुआ एक गंभीर हादसा था।

    गर्ल्स स्कूल रोड पर स्कूटर से जा रहे दो छात्रों पर फायरिंग की खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया था। शुरुआती सूचना में इसे बदमाशों द्वारा किया गया हमला माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में तस्वीर पूरी तरह बदल गई।

    डीएसपी विजय भदौरिया के अनुसार, घायल छात्रों की पहचान राहुल सिकरवार (22) और निखिल तिवारी (22) के रूप में हुई है। दोनों छात्र एक ही स्कूटर पर सवार थे और रास्ते में पीछे बैठे युवक ने पिस्टल निकाल ली। बताया जा रहा है कि वह पिस्टल को लोड कर रहा था, तभी अचानक ट्रिगर दब गया और फायरिंग शुरू हो गई।

    इस दौरान एक के बाद एक गोलियां चलीं, जिससे दोनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, दोनों को तीन-तीन गोलियां लगी हैं। घायलों को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। शुरुआती बयानों और घटनास्थल की स्थिति में विरोधाभास सामने आने के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। फुटेज देखने पर साफ हुआ कि किसी बाहरी व्यक्ति ने हमला नहीं किया था, बल्कि गोली स्कूटर पर ही गलती से चली थी।

    इस खुलासे के बाद पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि छात्रों के पास पिस्टल कहां से आई और वे उसे लेकर किस उद्देश्य से यात्रा कर रहे थे। हथियार के लाइसेंस और स्रोत को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    घटना के बाद स्कूटर पर खून के निशान और मौके की स्थिति ने शुरुआत में इसे क्राइम केस बना दिया था, लेकिन सीसीटीवी ने पूरी सच्चाई सामने ला दी। पुलिस ने दोनों घायलों के बयान भी दर्ज कर लिए हैं और मामले की जांच आगे बढ़ा दी है।

    फिलहाल दोनों छात्र ग्वालियर में इलाजरत हैं और उनकी हालत पर डॉक्टरों की टीम नजर बनाए हुए है। यह घटना लापरवाही और अवैध हथियारों के उपयोग को लेकर एक बड़ा सवाल छोड़ गई है, जिसकी जांच पुलिस द्वारा जारी है।

  • नौतपा की शुरुआत से पहले इंदौर तपने लगा: उमस और गर्म हवाओं ने बढ़ाई बेचैनी, तापमान में हल्का उछाल

    नौतपा की शुरुआत से पहले इंदौर तपने लगा: उमस और गर्म हवाओं ने बढ़ाई बेचैनी, तापमान में हल्का उछाल


    नई दिल्ली । इंदौर में नौतपा की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अपना मिजाज जरूर दिखाया, लेकिन इस बार भीषण गर्मी की बजाय उमस और गर्म हवाओं ने लोगों को ज्यादा परेशान किया। नौतपा के पहले ही दिन शहर में तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन यह बढ़ोतरी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी।

    सोमवार को इंदौर का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में लगभग एक डिग्री अधिक रहा। वहीं रात के तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिली और यह 27.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि रात में तापमान थोड़ा कम होने के बावजूद उमस ने लोगों को राहत नहीं दी और वातावरण में बेचैनी बनी रही।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय नहीं है, जिसके कारण मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना कम है। इसी वजह से तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन तेज गर्मी या हीटवेव जैसे हालात फिलहाल बनने की संभावना कम बताई जा रही है।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना फिलहाल कम है, लेकिन उमस और गर्म हवाओं का असर लगातार बना रहेगा। धूप निकलते ही दोपहर के समय गर्मी का प्रभाव और ज्यादा महसूस किया जा रहा है।

    विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के अनुसार दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सबसे ज्यादा गर्मी का असर रहता है, इसलिए इस समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी कहना है कि हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना इस मौसम में जरूरी है। लगातार बढ़ती उमस के कारण डिहाइड्रेशन और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

    पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इंदौर में मई के महीने में कई बार तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वर्ष 1994 में 46.6 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे अधिक माना जाता है।

    हालांकि इस बार मौसम का रुख थोड़ा अलग दिखाई दे रहा है। दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव के बावजूद भीषण लू जैसे हालात फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं, लेकिन उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

  • हॉस्टल में बवाल के बाद सख्ती: उत्पात मचाने वाले छात्रों के पैरेंट्स तलब, एफिडेविट लिया जा रहा, डांस-तोड़फोड़ पर एक्शन

    हॉस्टल में बवाल के बाद सख्ती: उत्पात मचाने वाले छात्रों के पैरेंट्स तलब, एफिडेविट लिया जा रहा, डांस-तोड़फोड़ पर एक्शन


    इंदौर । इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के IET विभाग का हॉस्टल एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां कुछ दिन पहले फाइनल ईयर के छात्रों द्वारा की गई अनुशासनहीनता का मामला अब सख्त कार्रवाई तक पहुंच गया है। हॉस्टल में अर्धनग्न होकर डांस करने और तोड़फोड़ करने वाले छात्रों के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच के आधार पर 17 छात्रों की पहचान की गई। इसके बाद संबंधित छात्रों को नोटिस जारी कर उनके पेरेंट्स को डिपार्टमेंट में बुलाया जा रहा है। अब तक चार छात्रों के पेरेंट्स यूनिट में पहुंच चुके हैं, जहां प्रशासन के साथ उनकी विस्तृत चर्चा हुई है।

    मौके पर पहुंचे पेरेंट्स ने अपने बच्चों की हरकत पर शर्मिंदगी जताई और कई लोग स्थिति को लेकर कुछ भी स्पष्ट रूप से कहने से बचते नजर आए। प्रशासन के अनुसार यह मामला केवल अनुशासन का उल्लंघन नहीं, बल्कि संस्थान की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है।

    IET के डायरेक्टर डॉ. प्रतोष बंसल ने जानकारी दी कि छात्रों और उनके पेरेंट्स से एक लिखित एफिडेविट लिया जा रहा है, जिसमें कई शर्तें शामिल हैं। एफिडेविट में यह भी उल्लेख है कि छात्र भविष्य में ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगे जिससे संस्थान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे। साथ ही उनसे यह भी अपेक्षा की गई है कि वे समाजहित में कार्य करेंगे और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में व्यवहार करेंगे।

    इसके अलावा प्रत्येक छात्र पर ₹25,000 की आर्थिक पेनाल्टी भी लगाई गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि जब तक यह पेनाल्टी जमा नहीं की जाएगी, तब तक संबंधित छात्रों का रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्हें पहले ही परीक्षा देने से रोका जा चुका है, और जांच पूरी होने के बाद ही शेष परीक्षाओं की अनुमति दी जाएगी।

    यह पूरा मामला तब सामने आया जब हॉस्टल परिसर में छात्रों द्वारा अर्धनग्न होकर “दारू बदनाम कर दी” गाने पर डांस किया गया और साथ ही जमकर तोड़फोड़ की गई। इस दौरान टेबल-कुर्सियां, पानी की टंकी और खिड़कियों के कांच भी तोड़ दिए गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी थी।

    घटना के बाद छात्रों ने माफी मांगते हुए वीडियो भी जारी किया था, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कड़ी कार्रवाई का फैसला लिया। विश्वविद्यालय का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    फिलहाल सभी 17 छात्रों पर निगरानी रखी जा रही है और उनके पेरेंट्स के साथ लगातार संवाद किया जा रहा है। यह मामला अब पूरे कैंपस में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • इंदौर में आज बड़ा प्रदर्शन: कांग्रेस का राजबाड़ा पर हल्ला बोल, महापौर के इस्तीफे की मांग के साथ विरोध तेज

    इंदौर में आज बड़ा प्रदर्शन: कांग्रेस का राजबाड़ा पर हल्ला बोल, महापौर के इस्तीफे की मांग के साथ विरोध तेज


    इंदौर। इंदौर शहर में लगातार बढ़ रही पानी की समस्या को लेकर अब राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। शहर की कई कॉलोनियों और बस्तियों में पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं, और टैंकरों के जरिए भी पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस मुद्दे को लेकर अब कांग्रेस ने नगर निगम प्रशासन और महापौर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

    कांग्रेस ने मंगलवार को राजबाड़ा पर बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन शाम 5 बजे से शुरू होगा, जिसमें कांग्रेस के नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक शामिल होंगे। इस प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नगर निगम नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे के साथ-साथ पीसीसी चीफ जीतू पटवारी भी मौजूद रहेंगे।

    कांग्रेस का आरोप है कि शहर में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है, लेकिन नगर निगम और महापौर की ओर से इस समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। इसी कारण जनता को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। कई इलाकों में हालात इतने खराब हैं कि लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है।

    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस महापौर के इस्तीफे की मांग करेगी। चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया है कि वर्तमान महापौर शहर की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं और प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि शहर की जनता “त्राहिमाम” कर रही है, लेकिन समाधान के नाम पर केवल आश्वासन मिल रहे हैं।

    प्रदर्शन की रूपरेखा के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ता राजबाड़ा पर धरना देंगे, नारेबाजी करेंगे और सरकार के खिलाफ विरोध जताएंगे। इसके बाद यह प्रदर्शन नगर निगम कार्यालय की ओर बढ़ेगा, जहां प्रतीकात्मक रूप से खाली मटके फोड़े जाएंगे। यह कदम पानी संकट और प्रशासन की कथित लापरवाही के खिलाफ विरोध का प्रतीक माना जा रहा है।

    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल शुरुआत है और यदि जल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और भी व्यापक किया जाएगा। उनका आरोप है कि शहर में बढ़ती आबादी के अनुरूप जल प्रबंधन व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, जिसके कारण यह संकट लगातार गहराता जा रहा है।

    इधर, प्रशासन का पक्ष अभी सामने नहीं आया है, लेकिन शहर में पानी की आपूर्ति को लेकर शिकायतों में वृद्धि को देखते हुए यह मुद्दा पहले से ही चर्चा में है। ऐसे में राजबाड़ा पर होने वाला यह प्रदर्शन राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुल मिलाकर इंदौर में पानी संकट अब सिर्फ जनसमस्या नहीं बल्कि राजनीतिक संघर्ष का बड़ा मुद्दा बन गया है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

  • इंदौर में खूनी विवाद: युवकों के बीच चाकू चले, दो घायल; पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह

    इंदौर में खूनी विवाद: युवकों के बीच चाकू चले, दो घायल; पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह


    इंदौर। इंदौर शहर में एक बार फिर चाकूबाजी की घटनाओं ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तिलक नगर इलाके में देर रात पुरानी रंजिश और नशे की हालत में हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

    जानकारी के अनुसार, विशाल सोलंकी निवासी श्रृंदा कॉलोनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में पवन (संविद नगर), आयुष वर्मा, छोटू और उनके साथियों पर चाकू और पत्थर से हमला करने का आरोप लगाया गया है। घटना सोमवार देर रात उस समय हुई जब विशाल की मुलाकात आयुष वर्मा से हुई, जो उस समय नशे की हालत में था।

    बताया जा रहा है कि मुलाकात के दौरान आयुष ने अचानक गाली-गलौज शुरू कर दी, जिससे विवाद बढ़ गया। इसी दौरान पवन भी मौके पर पहुंच गया और स्थिति और बिगड़ गई। आरोप है कि आयुष ने चाकू से विशाल के पैर पर वार किया, जबकि पवन ने भी हमला किया जो पैर में लगा। इसी दौरान छोटू ने पत्थर से मारपीट की। बीच-बचाव करने आए निखिल के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की और बाद में मौके से फरार हो गए।

    घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    इसी बीच शहर के आजाद नगर इलाके से भी चाकूबाजी की एक और घटना सामने आई है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यहां पिता और कुछ युवकों के बीच हुई कहासुनी के बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और बेटे पर चाकू से हमला कर दिया गया।

    अजय बछानिया की शिकायत पर पुलिस ने अनुराग (पालदा चौक), शिवा और विजय के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात अजय के पिता रमेश से आरोपियों की कहासुनी हुई थी, जिसके बाद विवाद बढ़ता गया और फिर बेटे पर हमला कर दिया गया।

    पुलिस ने दोनों मामलों में गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जा रही है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सनसनी: गला घोंटकर हत्या के बाद आत्महत्या की पुष्टि

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सनसनी: गला घोंटकर हत्या के बाद आत्महत्या की पुष्टि


    इंदौर। इंदौर के मेघदूत नगर में हुए दंपती की संदिग्ध मौत के मामले में अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे घटनाक्रम से पर्दा हटा दिया है। पुलिस को सोमवार को मिली रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि पहले पत्नी रोशनी की गला दबाकर हत्या की गई और उसके बाद उसके पति हल्केवीर सिंह ने आत्महत्या कर ली। इस खुलासे के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और पुलिस जांच और तेज कर दी गई है।

    हीरानगर थाना प्रभारी सुशील पटेल के अनुसार, दोनों के पोस्टमार्टम में हत्या और आत्महत्या की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि रोशनी के शरीर पर मारपीट के निशान भी पाए गए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि घटना से पहले दोनों के बीच संघर्ष हुआ था। हालांकि, पुलिस अभी तक दोनों परिवारों के बयान दर्ज नहीं कर सकी है, जिन्हें जल्द ही रिकॉर्ड किया जाएगा ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

    घटना के बाद हल्केवीर के परिवार ने भी हैरानी जताई है और वे लगातार आसपास के लोगों और किरायेदारों से जानकारी जुटा रहे हैं। परिजन यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में यह दर्दनाक घटना हुई।

    इस पूरे मामले में एक और व्यक्ति सतीश सांवले का नाम भी सामने आया है, जिसने जांच को और पेचीदा बना दिया है। बताया जा रहा है कि सतीश को दंपती की मौत की जानकारी फोन पर मिली, जिसके बाद उसने अपने मोबाइल को बंद कर दिया। इसके बाद उसने नई सिम लेने की कोशिश की और दुकानदार से यह भी पूछा कि क्या नई सिम लेने पर लोकेशन ट्रेस की जा सकती है। दुकानदार द्वारा जवाब मिलने पर वह घबरा गया और उसने जहर खरीदकर खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

    पुलिस के अनुसार सतीश पिछले करीब 15 वर्षों से पीथमपुर में काम कर रहा था और उसका परिवार भी वहीं रहता है। उसकी अचानक मौत ने जांच को और जटिल बना दिया है। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम के हर एंगल की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इन मौतों के पीछे असल वजह क्या थी और क्या किसी तरह का मानसिक दबाव या विवाद इसके पीछे था।

    इधर, पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे हल्केवीर ने कथित तौर पर छोड़ा था। हालांकि, इसकी भी फोरेंसिक जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रही है, जिसमें पारिवारिक विवाद, व्यक्तिगत संबंध और मानसिक तनाव जैसे बिंदु शामिल हैं।

    फिलहाल पुलिस ने दोनों परिवारों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बयान और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही इस केस की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग अभी भी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर एक साथ इतने दर्दनाक घटनाक्रम कैसे सामने आए।

  • ट्विशा केस की जांच तेज: CBI की दबिश, बेल्ट-फंदे को FSL भेजा गया, आज कोर्ट में अहम सुनवाई

    ट्विशा केस की जांच तेज: CBI की दबिश, बेल्ट-फंदे को FSL भेजा गया, आज कोर्ट में अहम सुनवाई


    नई दिल्ली । एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले ने अब कानूनी और जांच दोनों स्तरों पर गंभीर मोड़ ले लिया है। मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को लेकर आज भोपाल जिला अदालत में अहम सुनवाई होनी है। इस सुनवाई पर पूरे केस की दिशा काफी हद तक निर्भर मानी जा रही है।

    ट्विशा के परिवार की ओर से अधिवक्ता अंकुर पांडे ने कोर्ट में आवेदन देकर CDR सुरक्षित रखने की मांग की है, जबकि आरोपी पक्ष की ओर से सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का आवेदन दायर किया गया है। दोनों पक्षों की दलीलों पर मंगलवार को सुनवाई प्रस्तावित है, जिसमें कोर्ट रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों को संरक्षित करने को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर सकता है।

    इस बीच, सीबीआई ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमवार को कटारा हिल्स थाने में दर्ज एफआईआर को री-रजिस्टर कर दिया है। अब इस केस में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। सीबीआई ने अपनी जांच में दहेज के रूप में 20 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग के आरोपों को आधार बनाया है।

    सोमवार देर शाम सीबीआई की टीम भोपाल पहुंची और जांच को तेज कर दिया। एजेंसी ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ पूछताछ शुरू की और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी जुटाई। इसी दौरान SIT की टीम ने भी समर्थ सिंह के घर पहुंचकर करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की और स्पॉट वेरिफिकेशन कराया।

    जांच के दौरान समर्थ सिंह ने पुलिस को बताया कि ट्विशा गर्भपात के बाद मानसिक तनाव में थी। हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, मामले को प्रभावित करने की कोशिश की गई और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका जताई गई है।

    इसी बीच, एक अहम विवाद उस बेल्ट को लेकर भी सामने आया है, जिसे कथित तौर पर फांसी लगाने में इस्तेमाल किया गया था। डीसीपी विकास कुमार शहवाल ने स्पष्ट किया कि जिमनास्टिक बेल्ट को पहले ही 7 दिन पूर्व सागर FSL लैब भेजा जा चुका है और उसकी जांच प्रक्रिया जारी है।

    मामले में यह भी सामने आया है कि पुलिस को सूचना देने में देरी हुई थी, जिसकी जांच अब सीबीआई कर रही है। आरोप है कि अस्पताल में मृत्यु की पुष्टि के बाद भी समय पर पुलिस को सूचना नहीं दी गई, जिससे केस के शुरुआती साक्ष्यों पर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

    ट्विशा की मौत 12 मई की रात कथित तौर पर फांसी लगाने से हुई थी, जबकि 13 मई की सुबह मामला दर्ज किया गया। इस देरी को लेकर भी जांच एजेंसियां सक्रिय हैं और संबंधित डॉक्टरों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।

    उधर, सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए टिप्पणी की है और मीडिया को संवेदनशीलता बरतने की सलाह दी है। कोर्ट ने कहा है कि न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखा जाए और जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ने दिया जाए। अब सभी की नजरें भोपाल कोर्ट की आज होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां CDR और CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने को लेकर अहम फैसला आ सकता है।

  • जेब पर फिर बोझ: MP में CNG की कीमतों में लगातार उछाल, भोपाल में दूसरे हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम

    जेब पर फिर बोझ: MP में CNG की कीमतों में लगातार उछाल, भोपाल में दूसरे हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम


    भोपाल    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आम जनता और वाहन चालकों को एक बार फिर महंगे ईंधन का झटका लगा है। शहर में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) के दामों में ₹1 प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद नए रेट 94.75 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। यह बढ़ोतरी 10 दिनों के भीतर दूसरी बार हुई है, जिससे सीएनजी पर निर्भर वाहन चालकों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।

    यह नई बढ़ोतरी थिंक गैस एजेंसी द्वारा की गई है, जो भोपाल समेत आसपास के कई जिलों में सीएनजी की सप्लाई करती है। इससे पहले 16 मई को भी करीब ₹3 प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी। यानी पिछले लगभग दो महीनों में तीन बार कीमतें बढ़ाई जा चुकी हैं और कुल मिलाकर सीएनजी करीब 6 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है।

    जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन पर दबाव के चलते यह वृद्धि देखने को मिल रही है। हालांकि इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, खासकर उन लोगों पर जो सीएनजी वाहनों का इस्तेमाल रोजमर्रा के आवागमन या व्यावसायिक कार्यों के लिए करते हैं।

    भोपाल में वर्तमान में करीब 25 सीएनजी स्टेशन सक्रिय हैं, जिनमें मैनिट, नीलबड़, होशंगाबाद रोड और बैरागढ़ रोड जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। शहर के कुल 152 पेट्रोल पंपों में से कुछ पर सीएनजी की सुविधा उपलब्ध है। इन स्टेशनों पर बढ़े हुए दामों का असर साफ दिखाई दे रहा है।

    सीएनजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद पिछले कुछ वर्षों में इसके उपयोग में तेजी आई है। भोपाल में बीते तीन सालों में सीएनजी वाहनों की बिक्री लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ी है। रोजाना शोरूम से 10 से 15 सीएनजी बेस्ड वाहन बिक रहे हैं, जिसकी मुख्य वजह पेट्रोल-डीजल की तुलना में बेहतर माइलेज और अपेक्षाकृत कम लागत मानी जाती रही है। लेकिन अब सीएनजी के दाम बढ़ने से यह लाभ धीरे-धीरे कम होता नजर आ रहा है।

    इसी बीच प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में 11 दिनों के भीतर पेट्रोल-डीजल में चार बार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भोपाल में पेट्रोल 114.65 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.74 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। कई अन्य शहरों जैसे उज्जैन, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में भी कीमतें इसी तरह के उच्च स्तर पर बनी हुई हैं।

    लगातार बढ़ते ईंधन दामों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सीएनजी, पेट्रोल और डीजल तीनों के दामों में उछाल ने परिवहन लागत को प्रभावित किया है, जिसका असर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में वाहन चालकों के लिए आने वाला समय और चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

  • भोपाल में पानी को लेकर बड़ा दावा: RO की जरूरत नहीं, मेयर का बयान चर्चा में

    भोपाल में पानी को लेकर बड़ा दावा: RO की जरूरत नहीं, मेयर का बयान चर्चा में


    भोपाल । भोपाल में मंगलवार को नगर निगम के जल प्रबंधन सिस्टम की एक अहम झलक देखने को मिली, जब महापौर मालती राय ने विधानसभा के सामने स्थित फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एमआईसी सदस्य, नगर निगम अधिकारी और बीजेपी जिलाध्यक्ष रविंद्र यती भी मौजूद रहे। पूरे निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य बड़े तालाब से आने वाले पानी की शुद्धिकरण प्रक्रिया को समझना और उसकी गुणवत्ता की जांच करना था।

    निरीक्षण के दौरान महापौर ने फिल्टर प्लांट में पहुंचकर एक-एक प्रक्रिया को करीब से देखा। उन्होंने यह समझा कि बड़े तालाब से आने वाला कच्चा पानी किस तरह विभिन्न चरणों से गुजरकर पीने योग्य बनाया जाता है। प्लांट में मौजूद तकनीकी स्टाफ ने पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी, जिसमें फिल्ट्रेशन, क्लोरीनेशन और लैब टेस्टिंग शामिल रही।

    इसके बाद पानी की गुणवत्ता की जांच नगर निगम की लैब में कराई गई। टेस्ट के दौरान पानी को मानकों के अनुरूप पाया गया और उसे पीने योग्य घोषित किया गया। इसी मौके पर महापौर मालती राय ने कहा कि शहर में गर्मी के चलते पानी की खपत काफी बढ़ गई है, जिससे कुछ इलाकों में कम प्रेशर की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम लगातार व्यवस्था सुधारने में जुटा है।

    महापौर ने स्पष्ट रूप से कहा कि बड़े तालाब से आने वाला पानी पूरी तरह शुद्ध है और जिन क्षेत्रों में यह सप्लाई किया जा रहा है, वहां के लोगों को RO लगाने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि फिल्टर प्लांट से गुजरने के बाद पानी पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है और इसकी गुणवत्ता लगातार मॉनिटर की जाती है।

    निरीक्षण के दौरान एक रोचक दृश्य भी देखने को मिला, जब लैब टेस्ट में पास हुए पानी को महापौर के सामने ही बीजेपी जिलाध्यक्ष रविंद्र यती और अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग ने पीकर उसकी गुणवत्ता पर भरोसा जताया। इस कदम को प्रशासनिक स्तर पर जनता के भरोसे को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

    महापौर ने आगे बताया कि भोपाल शहर में पानी की सप्लाई मुख्य रूप से चार स्रोतों से होती है। इनमें कोलार डैम प्रमुख है, जो शहर के बड़े हिस्से को पानी उपलब्ध कराता है। इसके अलावा केरवा डैम, बड़े तालाब और नर्मदा नदी से भी अलग-अलग इलाकों में जलापूर्ति की जाती है। कोलार रोड और आसपास के क्षेत्रों में केरवा डैम का पानी पहुंचता है, जबकि लालघाटी और कोहेफिजा क्षेत्र में बड़े तालाब का पानी सप्लाई होता है। होशंगाबाद रोड और उससे जुड़ी कॉलोनियों में नर्मदा का पानी दिया जाता है।

    निरीक्षण के बाद महापौर ने भरोसा जताया कि नगर निगम शहरवासियों को स्वच्छ और पर्याप्त जल आपूर्ति देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की जल गुणवत्ता में समझौता नहीं किया जाएगा।

  • एमपी में भीषण गर्मी का कहर, 45 जिले हीटवेव की गिरफ्त में, 28 मई से प्री-मानसून के आसार

    एमपी में भीषण गर्मी का कहर, 45 जिले हीटवेव की गिरफ्त में, 28 मई से प्री-मानसून के आसार

     
    भोपाल । मध्यप्रदेश में इस बार नौतपा की शुरुआत तेज गर्मी के साथ आंधी और बारिश से हुई है। पहले ही दिन भोपाल, उमरिया, दमोह समेत 15 से अधिक जिलों में उमस भरी गर्मी और हल्की बारिश का असर देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार 28 मई से प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने के संकेत हैं। इस दौरान उत्तर और दक्षिण क्षेत्र के 14 जिलों में बारिश हो सकती है।

    मंगलवार को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव सबसे अधिक गर्म रहे, जहां तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है। भोपाल और ग्वालियर सहित प्रदेश के कुल 45 जिले हीटवेव की चपेट में हैं। वहीं इंदौर और नर्मदापुरम में गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग ने अगले चार दिनों का पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि 28 मई को ग्वालियर, चंबल, सागर और जबलपुर संभाग के 14 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इससे पहले 25 मई को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई थी। पश्चिमी क्षेत्र से गुजर रहे ट्रफ के कारण मौसम में यह बदलाव देखा जा रहा है।

    भोपाल में बीते 14 वर्षों में नौतपा के दौरान सात बार बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि दो बार केवल बूंदाबांदी हुई थी। इस बार भी शुरुआत में ही हल्की बारिश दर्ज हो चुकी है। वर्ष 2018 और 2019 में नौतपा के दौरान सबसे अधिक गर्मी पड़ी थी, जब औसत तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था।

    सोमवार को नौतपा के पहले दिन प्रदेश में कहीं बारिश तो कहीं भीषण गर्मी का असर रहा। खजुराहो में तापमान रिकॉर्ड 47.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। नौगांव में 46.8 डिग्री, दतिया में 45.6 डिग्री, मंडला में 45.5 डिग्री और टीकमगढ़ में 45.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    प्रदेश के बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। भोपाल में 43.4 डिग्री, जबलपुर में 43.9 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और इंदौर में 41.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विभाग के अनुसार 31 मई तक प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी रह सकता है। हालांकि 28 मई को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है।