Category: Madhya Pradesh

  • अब तेजी से होगी 50 लाख हितग्राहियों की रजिस्ट्री एक अधिकारी को रोज 40 रजिस्ट्री का लक्ष्य

    अब तेजी से होगी 50 लाख हितग्राहियों की रजिस्ट्री एक अधिकारी को रोज 40 रजिस्ट्री का लक्ष्य


    भोपाल। मध्य प्रदेश में आबादी की जमीन और मकान पर मालिकाना हक पाने का इंतजार कर रहे लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश में 50 लाख से ज्यादा हितग्राहियों को जमीन और आवास का कानूनी मालिकाना हक दिलाने की प्रक्रिया 17 सितंबर से शुरू होने जा रही है। खास बात यह है कि हितग्राहियों को रजिस्ट्री के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से मुफ्त रजिस्ट्री का अभियान शुरू किया जाएगा। सरकार ने इस काम को तेजी से पूरा करने के लिए अब रजिस्ट्री कराने वाले अधिकारियों की संख्या भी बढ़ा दी है।

    स्वामित्व योजना के तहत पहले करीब 48.80 लाख हितग्राहियों का चयन किया गया था लेकिन अब यह संख्या 50 लाख से अधिक हो गई है। प्रदेश सरकार ने करीब तीन महीने पहले ही इन हितग्राहियों को मुफ्त रजिस्ट्री की सुविधा देने के फैसले को मंजूरी दी थी। अब इसके क्रियान्वयन की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से आबादी की जमीन पर रह रहे लोगों को उनके घर और जमीन का वैध मालिकाना हक उपलब्ध कराना है।

    रजिस्ट्री की प्रक्रिया को तेज करने के लिए सरकार ने राजस्व निरीक्षक और प्रभारी राजस्व निरीक्षक के साथ पंचायत समन्वय अधिकारी तथा सहायक विकास विस्तार अधिकारी को भी सब रजिस्ट्रार के अधिकार दे दिए हैं। नए नोटिफिकेशन के मुताबिक राजस्व निरीक्षक और प्रभारी राजस्व निरीक्षक को रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1908 की धारा 6 के तहत उप पंजीयक की शक्तियां दी गई हैं। वे अपने निर्धारित जिले और क्षेत्र में स्वामित्व योजना के पात्र हितग्राहियों की आबादी भूमि की मुफ्त रजिस्ट्री कर सकेंगे।

    इसी तरह पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पंचायत समन्वय अधिकारी और सहायक विकास विस्तार अधिकारी को उनके पदस्थ जिले के जनपद क्षेत्र में उप पंजीयक के रूप में रजिस्ट्री करने का अधिकार दिया गया है। इससे अलग अलग क्षेत्रों में एक साथ रजिस्ट्री का काम शुरू किया जा सकेगा और लोगों को रजिस्ट्री के लिए लंबी प्रक्रिया या इंतजार से राहत मिलने की उम्मीद है।

    सरकार ने रजिस्ट्री की रफ्तार बढ़ाने के लिए अधिकारियों के सामने लक्ष्य भी तय किया है। अधिकार प्राप्त प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को रोजाना कम से कम 40 रजिस्ट्री करने का लक्ष्य दिया गया है। रजिस्ट्रीकर्ता के रूप में संबंधित क्षेत्र के हल्का पटवारी का नाम दर्ज रहेगा। इससे बड़ी संख्या में हितग्राहियों की रजिस्ट्री कम समय में पूरी करने की योजना है।

    इससे पहले प्रदेश के सभी तहसीलदारों को भी स्वामित्व योजना के तहत मुफ्त रजिस्ट्री के लिए सब रजिस्ट्रार के अधिकार दिए जा चुके हैं। अब राजस्व और पंचायत विभाग के अन्य अधिकारियों को अधिकार मिलने से रजिस्ट्री कराने वाले अधिकारियों का दायरा और बढ़ गया है।

    हालांकि योजना के इस प्रावधान को लेकर पटवारियों में नाराजगी भी है। प्रदेश के पटवारी इस बात का विरोध कर रहे हैं कि रजिस्ट्रीकर्ता अधिकारी के तौर पर उनका नाम दर्ज किया जा रहा है। उनका कहना है कि भविष्य में रजिस्ट्री से संबंधित कोई कानूनी विवाद सामने आता है तो उनके बचाव की स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। ऐसे में उन्हें अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया में उलझना पड़ सकता है। सरकार के सामने अब एक ओर जहां लाखों लोगों को जल्द मालिकाना हक देने की चुनौती है वहीं दूसरी ओर रजिस्ट्री प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों की आशंकाओं का समाधान करना भी अहम होगा।

  • शादी के 9 साल बाद अलग हुए हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी कोर्ट में सुलह की कोशिश भी रही नाकाम

    शादी के 9 साल बाद अलग हुए हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी कोर्ट में सुलह की कोशिश भी रही नाकाम


    भोपाल। शहडोल से भाजपा सांसद हिमाद्री सिंह और उनके पति नरेंद्र सिंह मरावी का वैवाहिक रिश्ता अब आधिकारिक रूप से खत्म हो गया है। अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम जिला न्यायालय ने दोनों की पारस्परिक सहमति के आधार पर विवाह विच्छेद की डिक्री पारित कर दी है। अदालत का यह आदेश 3 सितंबर 2026 को जारी हुआ। दोनों का विवाह 23 नवंबर 2017 को राजेंद्रग्राम में हिंदू रीति रिवाज के अनुसार हुआ था। इस तरह करीब नौ साल बाद दोनों अलग हो गए हैं।

    अदालत के सामने रखे गए तथ्यों के मुताबिक विवाह के बाद हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी कुछ समय तक साथ रहे और अपने वैवाहिक दायित्व निभाते रहे। इस दौरान 20 जून 2019 को उनकी बेटी गिरिशा सिंह का जन्म हुआ। इसके बाद पति पत्नी के बीच छोटी छोटी बातों को लेकर विवाद होने लगे। धीरे धीरे दोनों के बीच मतभेद बढ़ते गए और स्थिति ऐसी हो गई कि उनका एक दूसरे से मिलना जुलना भी बंद हो गया।

    दोनों 5 मई 2021 से अलग अलग रह रहे थे। लंबे समय तक अलग रहने के बाद दोनों ने अदालत में यह स्पष्ट किया कि अब उनके बीच वैवाहिक जीवन को दोबारा शुरू करने की कोई संभावना नहीं है। दोनों ने अपनी सहमति से विवाह विच्छेद की मांग की। मामले में किसी एक पक्ष पर गंभीर आरोप लगाने के बजाय यह बात सामने रखी गई कि उनके बीच वैवाहिक संबंध सामान्य रूप से आगे बढ़ाना संभव नहीं है।

    मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों को रिश्ते पर दोबारा विचार करने और साथ आने के लिए छह महीने का समय दिया था। न्यायालय की ओर से सुलह की कोशिश भी की गई लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका। छह महीने की अवधि पूरी होने के बाद दोनों ने अदालत को बताया कि वे पति पत्नी के रूप में दोबारा साथ नहीं रहना चाहते और अपनी इच्छा से तलाक चाहते हैं।

    इसके बाद अदालत ने दोनों की पारस्परिक सहमति को स्वीकार करते हुए हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 13 बी के तहत विवाह विच्छेद की डिक्री पारित कर दी। अदालत ने माना कि दोनों के लिए एक साथ रहकर वैवाहिक जीवन आगे बढ़ाना संभव नहीं है।

    तलाक के बाद उनकी बेटी गिरिशा सिंह हिमाद्री सिंह के साथ रहेगी। उसकी परवरिश शिक्षा स्वास्थ्य और अन्य जरूरी जिम्मेदारियां हिमाद्री सिंह संभालेंगी। अदालत के समक्ष हिमाद्री ने अपने और बेटी के लिए नरेंद्र मरावी से किसी तरह के भरण पोषण या गुजारा भत्ते की मांग नहीं करने की बात भी कही। दोनों पक्षों ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह के दौरान मिले उपहार और जेवरात को लेकर कोई विवाद बाकी नहीं है।

    तलाक की खबर सामने आने के बाद नरेंद्र मरावी ने कहा कि वह लगातार अलग अलग कार्यक्रमों में व्यस्त होने के कारण बाहर थे और उन्होंने अभी अदालत का आदेश नहीं देखा है। उन्होंने यह भी बताया कि तलाक की अर्जी हिमाद्री सिंह की ओर से दाखिल की गई थी। वहीं हिमाद्री सिंह से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

    इस तरह करीब पांच साल तक अलग रहने के बाद हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी का रिश्ता अब कानूनी रूप से समाप्त हो गया है। अदालत के फैसले के बाद दोनों अपने जीवन में अलग रास्ते पर आगे बढ़ेंगे।

  • गणेश चतुर्थी पर भव्य होंगे बप्पा के दरबार खजराना में स्वर्ण आभूषण तो बड़ा गणपति में 101 किलो का भोग

    गणेश चतुर्थी पर भव्य होंगे बप्पा के दरबार खजराना में स्वर्ण आभूषण तो बड़ा गणपति में 101 किलो का भोग


    इंदौर । गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर आज मध्य प्रदेश में घर घर गणपति बप्पा विराजेंगे। शहरों से लेकर गांवों तक भगवान गणेश की स्थापना को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। इंदौर उज्जैन और प्रदेश के दूसरे प्रमुख गणेश मंदिरों में भी विशेष पूजा अर्चना और आकर्षक श्रृंगार की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है और पूरे माहौल में गणपति बप्पा के जयकारे गूंज रहे हैं।

    इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के मौके पर भगवान का बेहद भव्य श्रृंगार किया जाएगा। बप्पा को करीब 7 करोड़ रुपये के स्वर्ण आभूषण धारण कराए जाएंगे। इससे पहले ब्रह्म मुहूर्त में भगवान गणेश को हीरे जड़ित नेत्र धारण कराए गए। मंदिर में हर दिन अलग और आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा। गणेश चतुर्थी पर विशेष पूजा के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

    खजराना गणेश मंदिर में गणेशोत्सव को लेकर प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। गणेश चतुर्थी के मौके पर इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने मंदिर पहुंचकर ध्वज पूजन किया। अधिकारियों ने विधि विधान से पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

    इंदौर के ही पश्चिम क्षेत्र में स्थित बड़ा गणपति मंदिर भी इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। मंदिर की विशाल गणेश प्रतिमा करीब 25 फीट ऊंची और 14 फीट चौड़ी है। इस वर्ष मंदिर के 125 वर्ष पूरे होने के कारण गणेशोत्सव का उत्साह और भी खास है। गणेश चतुर्थी पर भगवान को करीब 101 किलो लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। यह भोग शुद्ध गाय के घी से तैयार किया गया है। इसमें अलग अलग आकार के लड्डू शामिल होंगे।

    बड़ा गणपति मंदिर में रोजाना रात 9 बजे एक घंटे की संगीतमय आरती होगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर में आने और जाने के लिए अलग अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। भक्तों को निर्धारित समय के अनुसार भगवान के दर्शन कराए जाएंगे ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

    उज्जैन के प्रसिद्ध चिंतामन गणेश मंदिर की परंपरा भी गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहती है। यहां भगवान की पीठ की ओर उल्टा स्वास्तिक बनाने की मान्यता है। श्रद्धालु मनोकामना लेकर मंदिर के पीछे उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं। खासतौर पर संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले लोग इस परंपरा का पालन करते हैं। मान्यता पूरी होने के बाद श्रद्धालु दोबारा मंदिर पहुंचकर सीधा स्वास्तिक बनाते हैं।

    चिंतामन गणेश मंदिर में श्रद्धालु रक्षा सूत्र भी बांधते हैं और मनोकामना पूरी होने के बाद उसे खोलने के लिए वापस आते हैं। मंदिर परिसर में तुलादान की भी परंपरा है। कई श्रद्धालु मनोकामना पूरी होने पर अनाज लड्डू या अन्य प्रसाद से तुलादान करते हैं। कुछ परिवार संतान प्राप्ति के बाद बच्चे के वजन के बराबर लड्डुओं का तुलादान कर प्रसाद भक्तों में बांटते हैं।

    इस तरह गणेश चतुर्थी पर मध्य प्रदेश के प्रमुख गणेश मंदिरों में आस्था और भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। घरों से लेकर मंदिरों तक हर जगह बप्पा के स्वागत की तैयारियां पूरी हैं और श्रद्धालु गणपति से सुख समृद्धि और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

  • हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी आज एक साथ बना खास संयोग सुबह निर्जला व्रत तो दोपहर में होगी बप्पा की स्थापना

    हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी आज एक साथ बना खास संयोग सुबह निर्जला व्रत तो दोपहर में होगी बप्पा की स्थापना


    भोपाल। भोपाल में आज धार्मिक आस्था का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन पड़ने से शहर में सुबह से लेकर रात तक धार्मिक आयोजनों की रौनक बनी रहेगी। दिन की शुरुआत महिलाओं के निर्जला व्रत से होगी। इसके बाद दोपहर में शुभ मुहूर्त में घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना की जाएगी। शाम को प्रदोष काल में महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती का विधि-विधान से पूजन करेंगी। इसके बाद रातभर जागरण और आराधना का सिलसिला चलेगा।

    तिथि भेद के कारण इस बार हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का यह विशेष संयोग बना है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 14 सितंबर की सुबह 7 बजकर 6 मिनट तक तृतीया तिथि रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि का आरंभ होगा। गणेश प्रतिमा स्थापना के लिए सुबह 11 बजकर 2 मिनट से दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक का समय शुभ बताया गया है। इसी अवधि में घरों और गणेश पंडालों में विधि-विधान से भगवान गणेश की स्थापना की जाएगी।

    हरतालिका तीज के अवसर पर महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखेंगी। शाम को प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाएगी। मान्यता के अनुसार महिलाएं इस दौरान सुखी दांपत्य जीवन और पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। पूजन के बाद रातभर जागरण कर तीज की पूजा और आराधना की जाएगी। इस वजह से आज शहर के कई इलाकों में देर रात तक धार्मिक गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

    गणेश उत्सव को लेकर भी भोपाल में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शहर में 300 से अधिक बड़े गणेश पंडाल सजकर तैयार हैं जबकि 700 से ज्यादा छोटी झांकियां और अन्य धार्मिक आयोजन भी बनाए गए हैं। रविवार सुबह से ही कई स्थानों पर गणपति बप्पा की अगवानी शुरू हो गई थी। सोमवार को शुभ मुहूर्त में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के साथ उत्सव का विधिवत आगाज होगा।

    टीटी नगर जहांगीराबाद जवाहर चौक कोलार मंगलवारा और बरखेड़ा पठानी सहित कई इलाकों में गणेश प्रतिमाओं की दुकानें सजी हुई हैं। रविवार को बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और पंडालों के लिए भगवान गणेश की प्रतिमाएं खरीदते नजर आए। बाजारों में गणेश प्रतिमाओं के साथ पूजा सामग्री और सजावट की वस्तुओं की भी मांग रही।

    वहीं हरतालिका तीज को लेकर भी शहर के प्रमुख बाजारों में महिलाओं की भीड़ दिखाई दी। न्यू मार्केट और दस नंबर समेत कई बाजारों में महिलाओं ने चूड़ी मेहंदी साड़ी और साज-श्रृंगार की सामग्री खरीदी। पूजन सामग्री की दुकानों पर भी दिनभर ग्राहकों की आवाजाही रही।

    तीज और गणेश चतुर्थी के बाद धार्मिक पर्वों का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। 15 सितंबर को ऋषि पंचमी मनाई जाएगी। इस दिन सप्त ऋषियों और अरुंधती का पूजन किया जाएगा। इसके बाद 19 सितंबर को राधा अष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में भी भोपाल में धार्मिक आयोजनों और आस्था से जुड़े कार्यक्रमों की रौनक बनी रहेगी

  • भोपाल में कमर्शियल गतिविधियों पर बड़ा अपडेट मास्टर प्लान आया तो भी चुकानी होगी डायवर्सन की कीमत

    भोपाल में कमर्शियल गतिविधियों पर बड़ा अपडेट मास्टर प्लान आया तो भी चुकानी होगी डायवर्सन की कीमत


    भोपाल । भोपाल में आवासीय इलाकों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। नगर निगम की नोटिस और सीलिंग कार्रवाई के बीच अब लोगों की नजर नए मास्टर प्लान पर टिक गई है। सरकार नए मास्टर प्लान को लागू करने की तैयारी में है लेकिन इसके लागू होने के बाद भी आवासीय इलाकों में चल रहे कमर्शियल कारोबार को तुरंत राहत मिलने की संभावना नहीं है। अर्बन प्लानिंग एक्सपर्ट सुयश कुलश्रेष्ठ के मुताबिक यदि सरकार अभी मास्टर प्लान की घोषणा करती है तो इसे लागू होने में कम से कम छह महीने का समय लग सकता है। वहीं मिक्स्ड लैंड यूज के तहत आने वाले भवनों के डायवर्सन के लिए भी संबंधित लोगों को निर्धारित राशि चुकानी पड़ सकती है।

    भोपाल में फिलहाल वर्ष 2005 के मास्टर प्लान के आधार पर ही शहर का विकास हो रहा है। यानी करीब 21 साल पुराने प्लान के हिसाब से शहर की व्यवस्थाएं संचालित हो रही हैं जबकि इस दौरान आबादी और शहर का विस्तार काफी तेजी से हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक नया मास्टर प्लान समय पर लागू नहीं होने के कारण कई आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ती चली गईं। अगर शहर के विस्तार के साथ नया मास्टर प्लान लागू होता तो कमर्शियल क्षेत्रों के लिए पहले से जगह तय होती और उसी हिसाब से सड़कें पार्किंग सीवेज बिजली और पानी जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाता।

    अब मिक्स्ड लैंड यूज को संभावित समाधान के तौर पर देखा जा रहा है। यदि सरकार अरेरा कॉलोनी बावड़ियाकलां रोहित नगर समेत कुछ बड़े इलाकों को मिक्स्ड लैंड यूज में शामिल करती है तो इसका मतलब यह नहीं होगा कि वहां चल रहे सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान अपने आप वैध हो जाएंगे। इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। संबंधित इलाकों में पार्किंग सीवेज बिजली पानी और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था भी करनी होगी।

    इसके अलावा जिन भवनों को कमर्शियल उपयोग के दायरे में लाया जाएगा उनके डायवर्सन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए सरकार की ओर से निर्धारित शुल्क चुकाना पड़ सकता है। यह राशि कितनी होगी इसका फैसला सरकार करेगी। विशेषज्ञ के अनुसार डायवर्सन की प्रक्रिया में भी करीब चार से छह महीने का समय लग सकता है। यानी मास्टर प्लान की घोषणा होने के बाद भी व्यावसायिक गतिविधियों को तत्काल राहत मिलना आसान नहीं होगा।

    पूरे मामले में अब सुप्रीम कोर्ट की 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई भी बेहद अहम मानी जा रही है। आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही सख्त रुख अपना चुका है। कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से बनाई गई 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगाई थी। साथ ही हाईकोर्ट से दुकान संचालकों को मिले राहत वाले आदेश भी निरस्त कर दिए गए थे। नगर निगम को अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट भी अदालत में पेश करनी है।

    इसी के चलते भोपाल में नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई तेज हुई। एक सप्ताह में आठ हजार से ज्यादा नोटिस जारी किए गए जबकि करीब 190 प्रतिष्ठान स्वेच्छा से या सीलिंग के जरिए बंद किए गए। निगम को कुल 62 हजार नोटिस जारी करने थे लेकिन शुरुआती कार्रवाई में ही व्यापारियों और रहवासियों का विरोध सामने आ गया।

    निगम की कार्रवाई के खिलाफ व्यापारी कई बार सड़कों पर उतर चुके हैं। रोशनपुरा और न्यू मार्केट में प्रदर्शन हुआ तो कोलार रोड समेत कई इलाकों में बाजार बंद रखे गए। अवधपुरी और रायसेन रोड पर भी विरोध देखने को मिला। अब सभी की निगाहें सरकार के नए मास्टर प्लान और सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश पर हैं। फिलहाल इतना साफ है कि मास्टर प्लान की घोषणा होने के बाद भी राहत की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगी और मिक्स्ड लैंड यूज के तहत आने वाले भवनों को नियमों के साथ डायवर्सन की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है।

  • "समुद्र न होता तो अरब तक चुनाव लड़ने पहुंच जाते" CM मोहन यादव का गांधी परिवार पर तीखा तंज

    "समुद्र न होता तो अरब तक चुनाव लड़ने पहुंच जाते" CM मोहन यादव का गांधी परिवार पर तीखा तंज


    आगर मालवा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस के नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी और उनके परिवार के चुनावी क्षेत्रों को लेकर तीखा तंज कसा। आगर मालवा में सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि यह परिवार दिल्ली से चुनाव लड़ने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों से चुनाव लड़ता रहा है। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर बीच में समुद्र नहीं होता तो चुनाव लड़ने के लिए अरब देशों तक पहुंच जाते।

    मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और उनके परिवार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो दिल्ली से चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने दावा किया कि जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और परिवार के अन्य नेताओं ने दिल्ली से चुनाव नहीं लड़ा, क्योंकि वहां के लोग उन्हें अच्छी तरह जानते थे।

    रायबरेली-अमेठी से वायनाड तक तंज

    राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के केरल की वायनाड सीट से चुनाव लड़ने का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि गांधी परिवार अब उत्तर प्रदेश की रायबरेली और अमेठी से आगे निकल चुका है।

    उन्होंने कहा कि लोग यह भी कहते हैं कि बीच में समुद्र आ गया, वरना ये नेता चुनाव लड़ने के लिए अरब देशों या किसी और जगह तक पहुंच जाते।

    राहुल पर ‘पप्पू’ वाले बयान से हमला

    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर न्यायपालिका और सशस्त्र बलों पर सवाल उठाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भारत नई तकनीक के इस्तेमाल के साथ लोकतंत्र में आगे बढ़ रहा है, लेकिन राहुल गांधी इसे मानने के लिए तैयार नहीं हैं।

    इसी दौरान यादव ने राहुल गांधी को लेकर ‘पप्पू’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा कि नाम ही ‘पप्पू’ है तो काम भी उसी तरह करेंगे, इसमें क्या किया जा सकता है।

    इंदौर के कांग्रेस कार्यक्रम को लेकर भी निशाना

    मोहन यादव ने इंदौर में 19 सितंबर को प्रस्तावित कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भी राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों और युवाओं की बात करने के नाम पर राहुल गांधी मध्य प्रदेश में ‘झूठ का पुलिंदा’ लेकर आ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा है कि राज्य सरकार ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में गलत जानकारी फैला रही है।

    यादव ने राहुल गांधी से मध्य प्रदेश की जनता से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस की पिछली सरकारें राज्य में डकैतों और नक्सलवाद की समस्या को रोकने में नाकाम रही थीं। उनके मुताबिक, भाजपा सरकार ने राज्य से डकैतों और नक्सलियों दोनों का सफाया कर दिया है।

    लाड़ली बहना के खातों में 1,835 करोड़

    सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना के तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिला लाभार्थियों के खातों में 1,835 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। कार्यक्रम में सरकार की योजनाओं और महिला लाभार्थियों को दी जा रही आर्थिक सहायता का भी उल्लेख किया गया।

  • MP में फिर सक्रिय मानसून: उज्जैन समेत 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 15 से कमजोर होगा सिस्टम

    MP में फिर सक्रिय मानसून: उज्जैन समेत 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 15 से कमजोर होगा सिस्टम


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। पश्चिमी हिस्से में सक्रिय तीन मौसमी सिस्टम के असर से रविवार को कई जिलों में तेज बारिश हुई। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में बारिश का असर ज्यादा रहा। बड़वानी में नदी-नाले और तालाब उफान पर आ गए, जबकि मुरैना में चंबल नदी में नहाते समय पिता-पुत्र डूब गए। सोमवार को उज्जैन समेत 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। हालांकि 15 सितंबर के बाद बारिश की तीव्रता और दायरा घटने का अनुमान है।

    मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के अनुसार, प्रदेश में लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के साथ ट्रफ समेत तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से अब तक अपेक्षाकृत कम बारिश वाले इंदौर और उज्जैन संभाग में भी अच्छी बारिश हुई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 14 सितंबर को भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

    बड़वानी में तालाब ओवरफ्लो, बांध के गेट खोले

    रविवार को भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। बड़वानी के सेंधवा क्षेत्र में नदी-नाले और तालाब उफान पर रहे। रलावती में जिले का सबसे बड़ा तालाब ओवरफ्लो हो गया।

    टीकमगढ़ में तेज बारिश के बाद बान सुजारा बांध के चार गेट खोलने पड़े। हरदा के वन क्षेत्र में लाखादेह की पहाड़ी नदी भी उफान पर रही। इंदौर के महू, ओंकारेश्वर, रतलाम समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई। शाजापुर के मक्सी, झाबुआ के पेटलावद, खरगोन के कसरावद और खंडवा में भी मूसलधार बारिश हुई।

    चंबल में पिता-पुत्र डूबे

    मुरैना में रविवार को चंबल नदी में नहाने के दौरान पिता और पुत्र डूब गए। दोनों बाबू महाराज मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। हादसे के बाद उनकी तलाश की गई।

    सोमवार को इन 7 जिलों में भारी बारिश

    मौसम विभाग ने सोमवार को उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, गुना और श्योपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने का अनुमान है।

    14 सितंबर को भी पश्चिमी MP में असर

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, 14 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। निम्न दबाव क्षेत्र के राजस्थान-गुजरात की ओर बढ़ने के दौरान पश्चिमी जिलों में इसका असर बना रह सकता है।

    हालांकि 15 सितंबर के बाद प्रदेश में बारिश की तीव्रता और इसका प्रसार धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। अगले सात दिनों के पूर्वानुमान में पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।

    32 जिलों में 2% से 52% तक बारिश कम

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा 1% तक कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2% से 25% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    पिछले एक सप्ताह में पूर्वी मध्य प्रदेश की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बनने से बारिश का आंकड़ा तेजी से सुधरा था। इसके चलते सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्से की स्थिति बेहतर हुई थी, लेकिन रविवार तक यह आंकड़ा फिर 1% कम पर पहुंच गया।

    पश्चिमी हिस्से में आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 7% से 52% तक कम बारिश हुई है।

    इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    IMD के आंकड़ों के अनुसार अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • जमीन का काम कर लौट रहे थे तीन युवक तभी पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर एक की गई जान

    जमीन का काम कर लौट रहे थे तीन युवक तभी पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर एक की गई जान


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के लुकवासा चौकी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर शनिवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। लुकवासा बायपास पर जगन्नाथ होटल के पास तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार तीन लोगों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घटनास्थल से मिली कार की टूटी हुई नंबर प्लेट के आधार पर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक बदरवास थाना क्षेत्र के सांडर गांव निवासी भूरा उर्फ चंद्रभान यादव अपने साथियों मुकेश शर्मा और रामकुमार शर्मा के साथ बाइक से कोलारस तहसील गए थे। तीनों जमीन से जुड़े काम के सिलसिले में कोलारस पहुंचे थे। जरूरी काम पूरा करने के बाद तीनों बाइक से वापस अपने गांव बदरवास लौट रहे थे। इसी दौरान शनिवार शाम जब वे लुकवासा बायपास पर जगन्नाथ होटल के पास पहुंचे तभी पीछे से तेज रफ्तार कार आई और उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को संभाला और घटना की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल शिवपुरी भेजा गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने चंद्रभान यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं मुकेश शर्मा और रामकुमार शर्मा को हादसे में फ्रैक्चर हुआ है। दोनों का अस्पताल में इलाज जारी है।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस को कार की टूटी हुई नंबर प्लेट मिली। पुलिस के लिए यह नंबर प्लेट अब फरार कार और उसके चालक तक पहुंचने में अहम सुराग बन गई है। पुलिस नंबर प्लेट के आधार पर कार की पहचान करने में जुटी है। साथ ही आसपास के इलाके में कार के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

    पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद से मृतक चंद्रभान यादव के परिवार में मातम पसरा हुआ है। रविवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के समय कार की रफ्तार कितनी थी और टक्कर के बाद चालक मौके से फरार होकर किस दिशा में गया। टूटी नंबर प्लेट के आधार पर पुलिस जल्द ही कार चालक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

  • 9 कमरों वाले स्पा सेंटर में पुलिस की दबिश 5 कमरों में मिले युवक युवतियां ग्राहक बनकर पहुंची थी पुलिस टीम

    9 कमरों वाले स्पा सेंटर में पुलिस की दबिश 5 कमरों में मिले युवक युवतियां ग्राहक बनकर पहुंची थी पुलिस टीम


    भोपाल । भोपाल में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे कथित अनैतिक देह व्यापार का पुलिस ने खुलासा किया है। पिपलानी थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी स्थित Pink Vibes Spa में पुलिस ने शनिवार रात छापा मारकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की थी। कार्रवाई के दौरान स्पा सेंटर के पांच कमरों में युवक युवतियां आपत्तिजनक परिस्थितियों में मिले। पुलिस ने मौके से 8800 रुपये नकद मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की है।

    पुलिस के मुताबिक इंद्रपुरी इलाके में संचालित स्पा सेंटर को लेकर लगातार जानकारी मिल रही थी कि वहां मसाज सेंटर की आड़ में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पहले अपने स्तर पर इसकी पुष्टि करने की योजना बनाई। इसके लिए पुलिस टीम ने एक व्यक्ति को ग्राहक बनाकर स्पा सेंटर के अंदर भेजा। अंदर पहुंचने के बाद जब संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि हुई तो पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्पा सेंटर पर दबिश दी।

    पुलिस की तलाशी के दौरान स्पा सेंटर के कुल नौ कमरों में से पांच कमरों में युवक और युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में मिले। मौके पर मौजूद महिलाओं से महिला पुलिसकर्मियों की मदद से पूछताछ की गई। पूछताछ और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को स्पा सेंटर में अनैतिक देह व्यापार संचालित किए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने वहां मौजूद संदिग्ध लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।

    पुलिस जांच में स्पा सेंटर से होने वाली कथित अवैध कमाई के बंटवारे को लेकर भी जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों को अलग अलग प्रतिशत के हिसाब से कमीशन दिया जाता था। जांच में भुवन सिंह चंदेल को 20 प्रतिशत दीपक ठाकुर को 10 प्रतिशत पंकज त्रिपाठी को 15 प्रतिशत और देवीसिंह रजक को 5 प्रतिशत कमीशन मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

    कार्रवाई के बाद पुलिस ने भुवन सिंह चंदेल दीपक ठाकुर पंकज त्रिपाठी और देवीसिंह रजक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की धारा 3 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि स्पा सेंटर का संचालन कब से किया जा रहा था और इसमें अन्य कौन कौन लोग शामिल थे।

    इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब स्पा सेंटर से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर भी है कि सेंटर पर आने वाले ग्राहकों और वहां काम करने वाले लोगों के बीच किस तरह संपर्क होता था तथा कथित अवैध गतिविधियों से होने वाली कमाई का नेटवर्क किस तरह संचालित किया जा रहा था। पुलिस जब्त मोबाइल फोन और अन्य सामान की भी जांच कर सकती है ताकि मामले से जुड़े दूसरे लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।

    पिपलानी थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई ने स्पा सेंटरों की गतिविधियों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिलने पर आगे भी इसी तरह कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जता रही है।

  • शिवपुरी में वन भूमि पर चला प्रशासन का बुलडोजर 8 से 10 झोपड़ियां हटाईं मौके से मिली कच्ची शराब

    शिवपुरी में वन भूमि पर चला प्रशासन का बुलडोजर 8 से 10 झोपड़ियां हटाईं मौके से मिली कच्ची शराब


    शिवपुरी। शिवपुरी शहर के देहात थाना क्षेत्र में वन भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कब्रिस्तान के पास वन भूमि पर बनी करीब 8 से 10 झोपड़ियों को संयुक्त टीम ने जेसीबी की मदद से हटाया। कार्रवाई के दौरान मौके पर कच्ची शराब भी मिली जिसे आबकारी विभाग की टीम ने जब्त कर लिया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद इलाके में काफी देर तक हलचल बनी रही।

    जानकारी के अनुसार वन भूमि पर कुछ परिवारों ने झोपड़ियां बनाकर रहना शुरू कर दिया था। प्रशासन को इन लोगों के खिलाफ शिकायतें मिली थीं। शिकायतों में वन भूमि पर अतिक्रमण करने के साथ ही बाहर से कच्ची शराब लाकर बेचने और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल होने की बात कही गई थी। शिकायतों के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग वन विभाग आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम बनाई।

    संयुक्त टीम जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर मौके पर पहुंची। अधिकारियों की मौजूदगी में वन भूमि पर बनी झोपड़ियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। जेसीबी की मदद से करीब 8 से 10 झोपड़ियों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। प्रशासन की टीम ने मौके पर मौजूद सामान और आसपास के क्षेत्र की भी जांच की।

    इसी दौरान आबकारी विभाग की टीम को मौके से बड़ी मात्रा में कच्ची शराब मिली। शराब बरामद होने के बाद उसे जब्त कर लिया गया। आबकारी विभाग ने मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि बरामद शराब किसकी थी और इसे कहां से लाकर यहां रखा या बेचा जा रहा था।

    प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के बाद वन भूमि से अतिक्रमण पूरी तरह हटाने का दावा किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं अवैध शराब से जुड़े मामलों में आबकारी विभाग भी जांच कर रहा है।

    इस पूरी कार्रवाई में राजस्व विभाग वन विभाग आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त भूमिका रही। जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ पहुंची टीम ने पहले मौके का निरीक्षण किया और इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। झोपड़ियां हटाए जाने के बाद क्षेत्र को खाली कराया गया।

    वन भूमि पर अतिक्रमण और अवैध शराब की शिकायतों को लेकर हुई इस कार्रवाई से प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जे और अवैध गतिविधियों को लेकर सख्ती बरती जाएगी। फिलहाल आबकारी विभाग द्वारा दर्ज मामले की जांच जारी है। पुलिस और संबंधित विभाग यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि इस पूरे मामले में कौन लोग शामिल थे।