Category: Madhya Pradesh

  • मध्य प्रदेश में मानसून का असर तेज: 50 जिलों में बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने से दो की मौत, बैतूल में नदी बनी काल

    मध्य प्रदेश में मानसून का असर तेज: 50 जिलों में बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने से दो की मौत, बैतूल में नदी बनी काल


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली। राजधानी भोपाल, सीहोर और पांढुर्णा समेत कई जिलों में सुबह से बादल छाए रहे और कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने प्रदेश के 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब चार इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    बारिश के बीच कई जिलों से हादसों की खबरें भी सामने आई हैं। खरगोन जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में मजदूर राधेश्याम और गृहिणी केनू शामिल हैं। केनू अपने पीछे तीन साल के बेटे को छोड़ गई हैं। उधर बैतूल जिले के चिचोली क्षेत्र में चंपा नदी उफान पर होने के कारण सोमवार रात बड़ा हादसा हो गया। सिप्लाई गांव के राजेश बिहारे और दद्दू धुर्वे बाइक सहित नदी के रपटे से बह गए थे। रातभर चले तलाश अभियान के बाद मंगलवार सुबह दोनों के शव रपटे से करीब एक किलोमीटर दूर झाड़ियों में मिले।

    पांढुर्णा जिले में सोमवार रात से लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है। मंगलवार सुबह मुंगणापार-मोहगांव मार्ग पर एक बड़ा पेड़ बिजली के तारों पर गिर गया जिससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ और आसपास के आठ गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। प्रशासन ने पेड़ हटाने और बिजली व्यवस्था बहाल करने का काम शुरू कर दिया है।

    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कुल 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में हल्की बारिश की संभावना है।

    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में मानसून की एंट्री 24 जून को हुई थी और शुरुआती दौर में 15 जिलों तक इसकी आधिकारिक पहुंच दर्ज की गई थी। हालांकि इसके बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई और वह एक ही क्षेत्र में ठहर गया। इसी कारण प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का असर भी बना रहा। फिलहाल मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के संकेत नहीं मिले हैं लेकिन अगले कुछ दिनों तक अधिकांश जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    एक जून से अब तक प्रदेश में औसतन 124.2 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी जबकि अभी तक केवल 75.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इस तरह प्रदेश में औसत से करीब 39 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 68 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी 11 प्रतिशत है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों से दूर रहने, आकाशीय बिजली के समय खुले स्थानों में नहीं जाने और प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।

  • नगर निकाय चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक बदलाव बैतूल को नगर निगम बनाने की तैयारी तेज 26 पंचायतों का सर्वे शुरू

    नगर निकाय चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक बदलाव बैतूल को नगर निगम बनाने की तैयारी तेज 26 पंचायतों का सर्वे शुरू


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में अगले वर्ष प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव से पहले बैतूल को नगर निगम का दर्जा दिए जाने की तैयारी तेज हो गई है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने प्रस्तावित नगर निगम की सीमा तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कलेक्टर को उन ग्राम पंचायतों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है जिन्हें नई नगर निगम सीमा में शामिल किया जाना प्रस्तावित है। इसी रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी।

    बैतूल को नगर निगम बनाने की चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और स्थानीय विधायक हेमंत खंडेलवाल का विधानसभा क्षेत्र है। प्रशासनिक स्तर पर इस दिशा में गतिविधियां तेज होने के बाद इस प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर भी चर्चाएं बढ़ गई हैं।

    नगर निगम गठन की प्रक्रिया के तहत जनपद पंचायत बैतूल की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने प्रस्तावित ग्राम पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों का विस्तृत ब्यौरा तैयार कराया है। इसमें पंचायत सचिव रोजगार सहायक और अन्य कर्मचारियों की जानकारी एकत्र की गई है। यह रिपोर्ट संबंधित एसडीएम और राजस्व अधिकारियों के माध्यम से कलेक्टर को भेजी जा चुकी है ताकि प्रशासनिक मूल्यांकन पूरा किया जा सके।

    जानकारी के अनुसार इस विषय पर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बैठक भी आयोजित की गई है जिसमें प्रस्तावित क्षेत्रों को नगर निगम सीमा में शामिल करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके बाद संबंधित गांवों की प्रशासनिक स्थिति आबादी और अन्य आवश्यक मानकों का परीक्षण शुरू किया गया है।

    प्रस्ताव के अनुसार कुल 26 ग्राम पंचायतों को बैतूल नगर निगम की सीमा में शामिल किया जा सकता है। इनमें कढ़ाई दनोरा बड़ोरा आरूल बाजपुर भैंसदेही खेड़ली मरामझिरी टेमनी जामठी खेड़ला डहरगांव खेड़ी सांवलीगढ़ महदगांव भड़ूस कुम्हारटेक भोगीतेड़ा रोढ़ा सूरगांव भरकावाड़ी खंडारा मलकापुर मिलानपुर बयावाड़ी ढोड़वाड़ा और खड़ला शामिल हैं। इन क्षेत्रों के शामिल होने से नगर निगम की आबादी और क्षेत्रफल दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

    यदि राज्य सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो नगर निगम गठन से पहले कैबिनेट की स्वीकृति आवश्यक होगी। इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायतों को पंचायत क्षेत्र से हटाकर नगर निगम सीमा में शामिल किया जाएगा। साथ ही इन क्षेत्रों के मतदाताओं के नाम पंचायत मतदाता सूची से हटाकर नगर निगम की मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। पूरी प्रक्रिया समय पर पूरी करना आवश्यक होगा ताकि अगले नगरीय निकाय चुनाव नई व्यवस्था के तहत कराए जा सकें।

    वर्तमान में मध्य प्रदेश में 16 नगर निगम हैं। इनमें भोपाल इंदौर ग्वालियर जबलपुर उज्जैन सागर रीवा सतना सिंगरौली छिंदवाड़ा रतलाम मुरैना कटनी देवास खंडवा और बुरहानपुर शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री पहले ही विदिशा को नगर निगम बनाने की घोषणा कर चुके हैं हालांकि वहां प्रक्रिया अभी अंतिम चरण तक नहीं पहुंची है। अब बैतूल को लेकर भी प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होने से आने वाले महीनों में महत्वपूर्ण फैसला होने की संभावना जताई जा रही है।

  • IPL क्रिकेटर शशांक सिंह और रिटायर्ड IPS पिता पर भोपाल में FIR कुक से मारपीट और गाली गलौज के आरोप जांच शुरू

    IPL क्रिकेटर शशांक सिंह और रिटायर्ड IPS पिता पर भोपाल में FIR कुक से मारपीट और गाली गलौज के आरोप जांच शुरू


    नई दिल्ली। भोपाल में आईपीएल क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता रिटायर्ड स्पेशल डीजी शैलेष सिंह के खिलाफ कुक से कथित मारपीट और गाली गलौज के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। रातीबड़ थाना पुलिस ने शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    शिकायतकर्ता रीवा निवासी विपेंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया है कि उन्हें परिचित के माध्यम से भोपाल बुलाया गया था। उनके अनुसार उन्हें शैलेष सिंह के घर खाना बनाने की नौकरी का प्रस्ताव दिया गया था और भविष्य में सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा भी दिया गया था। तय वेतन के साथ रहने और खाने की व्यवस्था का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने काम शुरू किया।

    विपेंद्र का आरोप है कि काम शुरू करने के कुछ ही समय बाद उनसे लगातार काम कराया जाने लगा। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने काम छोड़ने की इच्छा जताई तो उनके साथ गाली गलौज की गई। शिकायत के अनुसार उनका मोबाइल भी छीन लिया गया और उन्हें जबरन काम करने के लिए कहा गया। पीड़ित का कहना है कि वह डरकर कमरे में चला गया था लेकिन बाद में उनके साथ कथित रूप से मारपीट की गई।

    शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस दौरान शैलेष सिंह उनके बेटे शशांक सिंह और एक कर्मचारी ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने शरीर और चेहरे पर चोट आने का भी दावा किया है। घटना के बाद विपेंद्र ने रोते हुए एक वीडियो भी जारी किया जिसमें उन्होंने अपने साथ हुई कथित घटना का जिक्र किया। हालांकि वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    रातीबड़ थाना पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद फरियादी और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर शैलेष सिंह शशांक सिंह और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

    इस मामले में एक और पहलू भी सामने आया है। इससे पहले विदिशा निवासी एक युवक ने भी रिटायर्ड अधिकारी शैलेष सिंह के खिलाफ नौकरी के दौरान कथित रूप से बंधक बनाने मारपीट करने और धमकी देने जैसी शिकायत दर्ज कराई थी। उस शिकायत में भी मोबाइल और सामान वापस नहीं करने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि उन आरोपों की कानूनी स्थिति और अंतिम निष्कर्ष अलग जांच प्रक्रिया का विषय हैं।

    क्रिकेट की बात करें तो शशांक सिंह ने आईपीएल में पंजाब किंग्स सहित कई टीमों का प्रतिनिधित्व किया है। उन्हें 2024 सीजन में शानदार प्रदर्शन के बाद पहचान मिली थी जबकि 2026 का सीजन उनके लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने इस सीजन में सीमित रन बनाए और टीम के लिए अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके।

    फिलहाल इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच जारी है। आरोपों की सत्यता का अंतिम फैसला पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • E20 पेट्रोल पर बढ़ीं वाहन मालिकों की चिंताएं लंबे समय तक खड़ी गाड़ियों में क्यों आ रही हैं फ्यूल सिस्टम की दिक्कतें जानिए

    E20 पेट्रोल पर बढ़ीं वाहन मालिकों की चिंताएं लंबे समय तक खड़ी गाड़ियों में क्यों आ रही हैं फ्यूल सिस्टम की दिक्कतें जानिए


    नई दिल्ली। देश में इथेनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार लगातार कदम उठा रही है। हाल ही में केंद्र सरकार ने 100 प्रतिशत इथेनॉल को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही देशभर में E20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है। इस पहल का उद्देश्य पेट्रोल पर निर्भरता कम करना विदेशी मुद्रा की बचत करना और प्रदूषण घटाना है। हालांकि इसके बढ़ते इस्तेमाल के बीच कुछ वाहन मालिकों और मैकेनिकों ने नई चिंताएं भी सामने रखी हैं।

    भोपाल के कई ऑटो मैकेनिकों का कहना है कि E20 पेट्रोल का उपयोग करने वाली कुछ गाड़ियों में पहले की तुलना में फ्यूल पंप जल्दी खराब होने की शिकायतें बढ़ी हैं। उनका दावा है कि जिन वाहनों में पहले फ्यूल पंप वर्षों तक बिना किसी समस्या के चलता था अब कुछ मामलों में उसे कम समय में बदलना पड़ रहा है। हालांकि यह अनुभव सभी वाहनों पर समान रूप से लागू नहीं होता और यह वाहन के मॉडल रखरखाव तथा निर्माता की तकनीक पर भी निर्भर करता है।

    मैकेनिकों के अनुसार जिन गाड़ियों का लंबे समय तक उपयोग नहीं होता उनमें फ्यूल टैंक में मौजूद इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नमी को अधिक आकर्षित कर सकता है। इससे कुछ परिस्थितियों में फ्यूल सिस्टम में जमाव या अन्य तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होने की संभावना बढ़ जाती है। यदि वाहन कई सप्ताह या महीनों तक बिना चलाए खड़ा रहे तो फ्यूल लाइन और पंप पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि नई पीढ़ी की E20 अनुकूल गाड़ियों को इसी प्रकार के ईंधन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इन वाहनों में ऐसे रबर सील फ्यूल पाइप और अन्य पुर्जे लगाए जाते हैं जो इथेनॉल मिश्रित ईंधन के साथ बेहतर तरीके से काम कर सकें। लेकिन पुराने मॉडल के कुछ वाहनों में यदि निर्माता ने E20 की मंजूरी नहीं दी है तो वाहन मालिकों को कंपनी के दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए।

    वाहन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि गाड़ी लंबे समय तक खड़ी रखनी हो तो समय समय पर इंजन स्टार्ट करना और कुछ दूरी तक चलाना बेहतर रहता है। इससे फ्यूल सिस्टम सक्रिय रहता है और ईंधन के लंबे समय तक एक ही स्थान पर रहने से होने वाली संभावित समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है। साथ ही समय पर सर्विस कराना फ्यूल फिल्टर की जांच कराना और केवल भरोसेमंद पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाना भी जरूरी है।

    सरकार का मानना है कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन से कार्बन उत्सर्जन कम होगा किसानों को गन्ने और अन्य फसलों का बेहतर बाजार मिलेगा तथा कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी। दूसरी ओर वाहन उद्योग भी लगातार ऐसे इंजन विकसित कर रहा है जो E20 और भविष्य में अधिक इथेनॉल मिश्रित ईंधन के साथ बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

    ऐसे में यदि आपका वाहन नया है और निर्माता ने E20 ईंधन की अनुमति दी है तो सामान्य रूप से चिंता की जरूरत नहीं है। वहीं यदि वाहन पुराना है तो कंपनी की गाइडलाइन के अनुसार ही ईंधन का चयन करना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। नियमित रखरखाव और समय पर जांच किसी भी ईंधन के साथ वाहन की बेहतर कार्यक्षमता बनाए रखने की सबसे महत्वपूर्ण शर्त है।

  • ट्विशा शर्मा केस में जांच तेज CBI ने कोर्ट से मांगी आरोपियों की हिरासत बढ़ाने की अनुमति डिजिटल सबूतों की जांच जारी

    ट्विशा शर्मा केस में जांच तेज CBI ने कोर्ट से मांगी आरोपियों की हिरासत बढ़ाने की अनुमति डिजिटल सबूतों की जांच जारी


    नई दिल्ली। बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में मंगलवार को एक बार फिर अदालत में सुनवाई हुई जहां केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट आरती आदित्य बांदिल की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा के पिता और भाई भी अदालत पहुंचे और पूरी कार्यवाही के दौरान मौजूद रहे। इस संवेदनशील मामले पर अब सभी की नजर अदालत के अंतिम आदेश पर टिकी हुई है।

    सीबीआई ने अदालत से आरोपी पति समर्थ सिंह और सास रिटायर्ड जज गिरिबाला की न्यायिक हिरासत 14 जुलाई तक बढ़ाने का अनुरोध किया। एजेंसी ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच जारी है। ऐसे में आरोपियों का न्यायिक अभिरक्षा में रहना जांच की निष्पक्षता और प्रगति के लिए आवश्यक है।

    जांच एजेंसी के अनुसार मामले में अभी कई गवाहों के बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं। इसके साथ ही जब्त किए गए मोबाइल फोन लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी जारी है। सीबीआई का कहना है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से जांच को नई दिशा मिल सकती है इसलिए सभी तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को यह भी बताया कि समर्थ सिंह के लैपटॉप तक पहुंच जांच का अहम हिस्सा है लेकिन उसका पासवर्ड अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। एजेंसी के अनुसार लैपटॉप में मौजूद संभावित डिजिटल जानकारी और अन्य दस्तावेजों की जांच के लिए पासवर्ड जरूरी है। इसके बिना कई महत्वपूर्ण जानकारियों तक पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा है जिससे जांच प्रभावित हो सकती है।

    सीबीआई ने अदालत को यह भी संकेत दिया कि यदि जांच के दौरान जरूरत महसूस हुई तो दोनों आरोपियों की दोबारा पुलिस रिमांड भी मांगी जा सकती है। एजेंसी का कहना है कि जांच लगातार आगे बढ़ रही है और सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इससे पहले अदालत ने 16 जून को दोनों आरोपियों को 30 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। अब एजेंसी ने हिरासत की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है ताकि लंबित जांच पूरी की जा सके। अदालत के आदेश के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों आरोपी आगे भी न्यायिक हिरासत में रहेंगे या नहीं।

    गौरतलब है कि ट्विशा शर्मा की 11 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी बीच हाल ही में आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर चोरी की घटना भी सामने आई थी जिसमें कुछ दस्तावेज और जेवरात चोरी करने का प्रयास किया गया था हालांकि पुलिस की सक्रियता के चलते आरोपी सामान छोड़कर फरार हो गए थे। अब पूरे मामले में अदालत के फैसले का इंतजार है क्योंकि उसी के आधार पर जांच की अगली दिशा तय होगी।

  • भोपाल में धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान राम मंदिर दान मामले की निष्पक्ष जांच की मांग इंडोनेशिया मॉडल का किया जिक्र

    भोपाल में धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान राम मंदिर दान मामले की निष्पक्ष जांच की मांग इंडोनेशिया मॉडल का किया जिक्र


    नई दिल्ली। भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राम मंदिर से जुड़े दान विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के धाम से जुड़ा कोई भी मामला केवल एक मंदिर तक सीमित नहीं होता बल्कि यह पूरे सनातन समाज की भावनाओं और विश्वास से जुड़ा विषय है। उनके अनुसार यदि किसी ने भगवान के धाम में रहकर अनुचित कार्य किया है तो उसे कानून के साथ साथ ईश्वर का भी महादंड मिलेगा।

    उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच पहले से विशेष जांच एजेंसियां और एसआईटी कर रही हैं इसलिए बिना तथ्यों के किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए। जब उनसे राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े आरोपों और कुछ नामों पर एफआईआर नहीं होने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है इसलिए जांच एजेंसियों को निष्पक्ष तरीके से अपना काम करने देना चाहिए।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सनातन परंपरा से जुड़े लोगों के मन में इस पूरे प्रकरण को लेकर पीड़ा है। उन्होंने बताया कि विदेश यात्रा के दौरान भी उनसे इस विषय पर चर्चा हुई थी और उन्होंने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में भी इस मुद्दे का उल्लेख किया था। उनके अनुसार भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत दुनिया भर के लोगों के लिए प्रेरणा का विषय है इसलिए इससे जुड़े मामलों में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखना जरूरी है।

    मंदिरों के प्रबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि देश में कुछ धर्म विरोधी ताकतें ऐसा माहौल तैयार कर रही हैं जिससे मंदिरों और संत समाज पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों की सेवा और प्रबंधन ऐसे लोगों के हाथ में होना चाहिए जो पूरी निष्ठा के साथ सनातन परंपरा भगवान और धार्मिक मूल्यों के प्रति समर्पित हों। इससे मंदिरों की गरिमा और श्रद्धालुओं का विश्वास दोनों सुरक्षित रहेंगे।

    अपने संबोधन के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भारत के मुसलमानों के संदर्भ में इंडोनेशिया का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी होने के बावजूद वहां धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक समरसता देखने को मिलती है। उनके अनुसार वहां पांच वक्त की नमाज पढ़ने वाले लोग दीपावली जैसे त्योहार भी मनाते हैं और रामकथा जैसे धार्मिक आयोजनों में भी शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में भी सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करने की जरूरत है।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भोपाल में हबीबगंज स्थित कैंसर हीलर सेंटर के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि समय पर जांच और बेहतर इलाज से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। कार्यक्रम में चिकित्सा विशेषज्ञों समाजसेवियों जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजकों के अनुसार यह सेंटर भोपाल सहित आसपास के जिलों के मरीजों को आधुनिक कैंसर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • MP को मिली दो सोलर प्रोजेक्ट की सौगात…, नीमच में मिलेगी दुनिया की सबसे सस्ती ₹2.14 में बिजली

    MP को मिली दो सोलर प्रोजेक्ट की सौगात…, नीमच में मिलेगी दुनिया की सबसे सस्ती ₹2.14 में बिजली


    नीमच/शाजापुर।
    केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी (Union Minister Pralhad Joshi) ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कुल 950 मेगावाट क्षमता वाली दो सोलर पावर परियोजनाओं (Two Solar Power Projects) का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि नीमच सोलर पार्क का टैरिफ 2.14 रुपये प्रति यूनिट है, जो शायद दुनिया में किसी ‘वैनिला सोलर’ प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम है।

    एनर्जी सेक्टर में ‘वैनिला सोलर’ शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर उन सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाता है जो सिर्फ सोलर पैनल से बिजली बनाते हैं और जिनमें बैटरी स्टोरेज जैसी अतिरिक्त सुविधाएं नहीं होती हैं।

    जोशी ने एक भव्य समारोह में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स नीमच में 500 मेगावाट का सोलर पार्क और शाजापुर में 450 मेगावाट का सोलर पार्क का उद्घाटन किया. इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद थे।

    नीमच सोलर पार्क में बनने वाली बिजली का टैरिफ 2.14 रुपये, 2.149 रुपये और 2.15 रुपये प्रति यूनिट है. यह पार्क तीन यूनिट में फैला है और कुल 2500 एकड़ जमीन पर बना है. उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट भारतीय रेलवे और राज्य ग्रिड को साफ-सुथरी बिजली सप्लाई करेगा।

    उद्घाटन समारोह में बोलते हुए नए और रिन्यूएबल एनर्जी मंत्री जोशी ने कहा, “नीमच सोलर पार्क में बहुत अच्छा काम हुआ है. जहां तक मुझे पता है, 2.14 रुपये प्रति यूनिट का टैरिफ शायद वैनिला सोलर प्रोजेक्ट से बनने वाली बिजली के लिए सबसे कम है – न सिर्फ देश में, बल्कि पूरी दुनिया में.” उन्होंने रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में राज्य सरकार की कोशिशों की तारीफ़ की और कहा कि मध्य प्रदेश एक ‘ग्रीन एनर्जी पावरहाउस’ बन रहा है।

    जोशी ने कहा कि राज्य की कुल 38 गीगावाट बिजली उत्पादन क्षमता में से लगभग 12 गीगावाट क्षमता रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों पर आधारित है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उम्मीदों के अनुसार, राज्य की कुल बिजली उत्पादन क्षमता में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी कम से कम 50 प्रतिशत होनी चाहिए. केंद्र सरकार की स्टडीज़ के अनुसार, राज्य में लगभग 55 गीगावाट विंड एनर्जी पैदा करने की क्षमता है।

    उन्होंने कहा कि अभी राज्य में 3.7 गीगावाट विंड एनर्जी क्षमता लगी हुई है और 1.3 गीगावाट क्षमता वाले प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है. जोशी ने कहा, “अगर अगले दो सालों के लिए लक्ष्य तय करके राज्य में पवन ऊर्जा उत्पादन को कम से कम 10 गीगावाट तक बढ़ाया जाता है, तो बिजली की लागत काफी कम हो जाएगी. इससे राज्य के किसानों और उद्योगों को फायदा होगा और नए औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा.”

    केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य की हर सरकारी इमारत में सोलर पावर प्रोजेक्ट होना चाहिए. इस कार्यक्रम में जोशी और मुख्यमंत्री यादव ने लगभग 1554 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाले 38 औद्योगिक प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया. अधिकारियों ने बताया कि इन प्रोजेक्ट्स से 3200 से ज्यादा लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा।

  • भोपाल में IPL क्रिकेटर शशांक सिंह और पूर्व IPS पिता पर FIR, कुक से मारपीट का आरोप

    भोपाल में IPL क्रिकेटर शशांक सिंह और पूर्व IPS पिता पर FIR, कुक से मारपीट का आरोप


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें IPL खिलाड़ी शशांक सिंह और उनके रिटायर्ड IPS पिता शैलेश सिंह पर अपने घरेलू रसोइए के साथ मारपीट, गाली-गलौज और अवैध रूप से बंधक बनाने के आरोप लगे हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में परिवार के ड्राइवर को भी सह-आरोपी बनाया गया है। घटना भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के मेंदोरी गांव स्थित आवास की बताई जा रही है।

    कुक ने दर्ज कराई शिकायत
    रीवा जिले के रहने वाले 31 वर्षीय कुक विपेंद्र सिंह तोमर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उन्हें 15,000 रुपये मासिक वेतन, रहने-खाने की सुविधा और भविष्य में सरकारी नौकरी दिलाने के आश्वासन पर नौकरी पर रखा गया था।

    शिकायत के अनुसार, काम शुरू होने के कुछ ही घंटों में खाने की गुणवत्ता को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद उन पर दबाव बनाया गया और गाली-गलौज की गई।

    मोबाइल छीना, कमरे में बंद होने का आरोप
    पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने नौकरी छोड़कर घर लौटने की बात कही तो स्थिति बिगड़ गई। उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया ताकि वह किसी से संपर्क न कर सकें। इसके बाद उन्हें जबरन काम करने के लिए मजबूर किया गया।

    कुक के अनुसार, खुद को बचाने के लिए उन्होंने एक कमरे में खुद को बंद कर लिया, लेकिन आरोप है कि पिता-पुत्र और ड्राइवर ने दरवाजा खोलकर उनके साथ मारपीट की। पुलिस के अनुसार, मेडिकल जांच में पीड़ित के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे मारपीट की पुष्टि हुई है।

    FIR दर्ज, BNS की धाराएं लागू
    रातीबड़ पुलिस ने शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। यह केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(B), 115(2) और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

  • एमपी के 50 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, 2 जुलाई से नया सिस्टम होगा सक्रिय

    एमपी के 50 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, 2 जुलाई से नया सिस्टम होगा सक्रिय


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, जिन 15 जिलों में मानसून पहुंच चुका है, उनमें से बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों में चार इंच तक बारिश हो सकती है।

    2 जुलाई से और तेज होगा बारिश का दौर

    मौसम विभाग के अनुसार, 2 जुलाई से प्रदेश में एक नया मौसम तंत्र (वेदर सिस्टम) सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

    इन 50 जिलों में बारिश की चेतावनी

    मौसम केंद्र, भोपाल ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित अन्य जिलों में बारिश की संभावना जताई है।

    इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।

    सोमवार को कई जिलों में हुई अच्छी बारिश

    सोमवार को इंदौर, गुना, बालाघाट, शिवपुरी, जबलपुर, खरगोन, राजगढ़, छिंदवाड़ा, सीधी, खंडवा, सीहोर और देवास समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बालाघाट में डेढ़ इंच से अधिक वर्षा हुई, जबकि शिवपुरी में करीब पौन इंच और जबलपुर में आधा इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश से कई जिलों में लोगों को गर्मी से राहत मिली, हालांकि कुछ इलाकों में तापमान अब भी ऊंचा बना हुआ है।

    कुछ शहरों में अब भी गर्मी का असर

    खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा नौगांव में 40.5 डिग्री और ग्वालियर में 40.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं भोपाल में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री, इंदौर में 33.2 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर खंडवा, सिवनी, बैतूल, खरगोन, पचमढ़ी, धार, छिंदवाड़ा और गुना में तापमान अपेक्षाकृत कम रहा।

  • हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा केस के आरोपी परिवार के घर चोरों का धावा, बड़ी वारदात नाकाम, CCTV के सहारे तलाश तेज

    हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा केस के आरोपी परिवार के घर चोरों का धावा, बड़ी वारदात नाकाम, CCTV के सहारे तलाश तेज

     मध्य प्रदेश: की राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा हत्याकांड से जुड़े एक और घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था और जांच को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। मामले की मुख्य आरोपी और पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के कटारा हिल्स स्थित आवास पर देर रात चोरी का प्रयास किया गया। हालांकि पुलिस की समय पर हुई गश्त के कारण बदमाश अपनी योजना को पूरा नहीं कर सके और मौके पर ही कीमती सामान छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार घटना देर रात करीब दो बजे की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुल छह बदमाश चोरी की नीयत से घर पहुंचे थे। इनमें से चार लोग मकान के पिछले हिस्से से पहली मंजिल तक पहुंचे और घर के भीतर प्रवेश कर गए, जबकि दो अन्य बाहर निगरानी करते रहे। घर के अंदर घुसने के बाद आरोपियों ने अलमारियों की तलाशी ली और सोने का हार, चांदी के कुछ सामान तथा अन्य वस्तुओं को एक झोले में भर लिया।

    इसी दौरान क्षेत्र में नियमित गश्त कर रही पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग टीम वहां पहुंच गई। सन्नाटे में पुलिस वाहन का सायरन सुनते ही बदमाश घबरा गए और जल्दबाजी में चोरी का सामान वहीं छोड़कर भाग निकले। पुलिसकर्मियों ने संदिग्ध गतिविधि देखते ही उनका पीछा भी किया, लेकिन अंधेरे और संकरी गलियों का फायदा उठाकर सभी आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने घटनास्थल से बरामद झोले को अपने कब्जे में लेकर उसमें रखे सोने के आभूषण, चांदी के सामान और अन्य वस्तुओं को सुरक्षित जब्त कर लिया है।

    घटना के समय घर के एक हिस्से में पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के भाई और सेवानिवृत्त कर्नल रणवीर सिंह भदौरिया मौजूद थे। उन्हें सुबह चोरी के प्रयास की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    यह मकान पहले से ही चर्चित ट्विशा शर्मा मृत्यु प्रकरण के कारण संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में घटना के बाद यह चर्चा भी शुरू हो गई कि कहीं मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज या कानूनी रिकॉर्ड चोरी तो नहीं हुए। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की केस फाइल, दस्तावेज या जांच से संबंधित सामग्री गायब नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार यह केवल चोरी का प्रयास था और इसका जांच से जुड़े रिकॉर्ड से कोई संबंध सामने नहीं आया है।

    गौरतलब है कि इसी मकान में 12 मई को 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। मृतका के परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच के दौरान पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके पुत्र समर्थ सिंह को गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में दोनों न्यायिक हिरासत में हैं और पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण एजेंसी कर रही है।

    पुलिस का कहना है कि घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की जा रही है। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल चोरी के प्रयास और उससे जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच जारी है।