Category: Madhya Pradesh

  • NHAI सदस्य विपिनेश शर्मा ने मध्य प्रदेश में उज्जैन-गरोठ और तेजाजी नगर-बलवाड़ा हाईवे परियोजनाओं का निरीक्षण किया

    NHAI सदस्य विपिनेश शर्मा ने मध्य प्रदेश में उज्जैन-गरोठ और तेजाजी नगर-बलवाड़ा हाईवे परियोजनाओं का निरीक्षण किया

    मध्य प्रदेश: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सदस्य परियोजना विपिनेश शर्मा ने मध्य प्रदेश के दौरे के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने करीब 140 किलोमीटर लंबे उज्जैन-गरोठ कॉरिडोर के तीनों पैकेजों और इंदौर से खंडवा के बीच निर्माणाधीन 33.4 किलोमीटर लंबे तेजाजी नगर-बलवाड़ा प्रोजेक्ट का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और परियोजनाओं से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

    उज्जैन-गरोठ परियोजना के निर्माणाधीन पैकेज-1 के निरीक्षण के दौरान शर्मा ने अलग-अलग निर्माण गतिविधियों की स्थिति देखी। उन्होंने निर्माणाधीन RE Wall समेत विभिन्न संरचनात्मक कार्यों का जायजा लिया और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार काम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए स्पष्ट किया कि इस स्तर पर किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।

    शर्मा ने अधिकारियों और संबंधित एजेंसी को निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कार्यस्थल पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने, जरूरी सुरक्षा प्रबंधों को बनाए रखने और निर्माण गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उनके निरीक्षण में परियोजना की प्रगति के साथ काम की गुणवत्ता और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन को प्रमुखता दी गई।

    उज्जैन-गरोठ परियोजना के दो पूर्ण हो चुके पैकेजों का भी उन्होंने निरीक्षण किया। इस दौरान हाईवे की मौजूदा स्थिति, यातायात व्यवस्था और सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की गई। शर्मा ने हाईवे पर मौजूद अतिक्रमण को लेकर आपत्ति जताई और संबंधित अधिकारियों को इन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने हाईवे को पूरी तरह अतिक्रमण-मुक्त बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी और नियमित पेट्रोलिंग पर भी जोर दिया।

    उन्होंने कहा कि यह एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे है, इसलिए यातायात प्रबंधन और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुविधा से जुड़े निर्धारित मानकों का प्रभावी तरीके से पालन होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान हाईवे पर लगाए गए CCTV कैमरों से होने वाली निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। शर्मा ने कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर विभिन्न स्थानों पर कैमरों के माध्यम से की जा रही निगरानी की जानकारी ली और अधिकारियों को लगातार प्रभावी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।

    शर्मा ने हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों और NHAI एम्बुलेंस की उपलब्धता तथा उनके संचालन की व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में सड़क उपयोगकर्ताओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए सभी व्यवस्थाएं हमेशा तैयार और प्रभावी रहनी चाहिए। उन्होंने नियमित निगरानी के साथ त्वरित रिस्पॉन्स व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

    इसके बाद उन्होंने इंदौर से खंडवा के बीच निर्माणाधीन 33.4 किलोमीटर लंबे तेजाजी नगर-बलवाड़ा प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। इस दौरान परियोजना के महत्वपूर्ण हिस्सों और निर्माणाधीन टनल का जायजा लिया गया। उन्होंने टनल निर्माण की प्रगति तथा साइट पर चल रहे विभिन्न कार्यों की स्थिति की समीक्षा की।

    शर्मा ने निर्माण कार्यों में गति बनाए रखने के साथ बेहतर समन्वय और निरंतर मॉनिटरिंग पर जोर दिया। उन्होंने निर्धारित तकनीकी प्रक्रियाओं और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए परियोजना के काम को व्यवस्थित एवं प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ उन्होंने प्रगति और कार्ययोजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा भी की।

    निरीक्षण के दौरान उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, अधिकारियों के बीच प्रभावी समन्वय और परियोजना की नियमित समीक्षा के जरिए निर्माण गतिविधियों को गति देने पर भी जोर दिया गया।

  • हनुमान अंश की टीम का भोपाल में खास अंदाज में स्वागत कलाकारों से मिलेंगे दर्शक रविवार को भी शहर में रहेगा फिल्मी रंग

    हनुमान अंश की टीम का भोपाल में खास अंदाज में स्वागत कलाकारों से मिलेंगे दर्शक रविवार को भी शहर में रहेगा फिल्मी रंग


    भोपाल । भोपाल में फिल्म हनुमान अंश को लेकर दर्शकों का उत्साह लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। फिल्म की टीम शनिवार को भोपाल पहुंच रही है जहां कलाकार सिनेमाघरों में दर्शकों के बीच जाकर उनसे सीधा संवाद करेंगे। टीम में फिल्म में पार्वती माई गोपाल बहेलिया और चांद चोर जैसे किरदार निभाने वाले कलाकार शामिल हैं। इस दौरान दर्शकों को फिल्म के कलाकारों से सीधे मिलने और फिल्म से जुड़े अनुभव साझा करने का मौका मिलेगा। फिल्म की टीम शनिवार शाम अवधपुरी स्थित रीगल सिनेमा पहुंचेगी जहां ऑडियंस के साथ खास बातचीत का कार्यक्रम रखा गया है।

    फिल्म में गोपाल बहेलिया का किरदार अभिनेता भगवानदास पटेल ने निभाया है जबकि पार्वती माई की भूमिका नेहा परांजपे ने निभाई है। चांद चोर के किरदार में अभिषेम मिश्रा नजर आए हैं। टीम के भोपाल दौरे को लेकर दर्शकों में खास उत्सुकता है क्योंकि फिल्म धार्मिक और आध्यात्मिक भावनाओं से जुड़ी कहानी को पर्दे पर प्रस्तुत करती है। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी भोपाल में हनुमान अंश फिल्म देखी थी। फिल्म देखने के बाद उन्होंने इसकी विषयवस्तु और कलाकारों के काम की सराहना की थी।

    हनुमान अंश की टीम केवल शनिवार को ही नहीं बल्कि रविवार को भी भोपाल में दर्शकों के बीच मौजूद रहेगी। रविवार सुबह 11.30 बजे टीम बंसल प्लाजा मल्टीप्लेक्स पहुंचेगी। इसके बाद दोपहर 2.30 बजे डीबी मॉल में दर्शकों से मुलाकात की जाएगी। इस दौरान फिल्म के कलाकार ऑडियंस के साथ बातचीत करेंगे और फिल्म से जुड़े अनुभव साझा करेंगे। श्री हनुमान भक्त मंडल भी इस पूरे कार्यक्रम में टीम के साथ मौजूद रहेगा। मंडल से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि फिल्म के कलाकारों के साथ दर्शकों के संवाद को लेकर विशेष तैयारी की गई है।

    फिल्म की खास बात यह भी है कि इसमें मध्य प्रदेश की प्रतिभाओं को महत्वपूर्ण जगह मिली है। सागर जिले के दिव्यांग गायक सुनील लोधी ने फिल्म के लिए बुंदेली भजन गाया है। उनकी प्रतिभा पहले ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंच चुकी थी। मुख्यमंत्री ने उन्हें मुख्यमंत्री निवास बुलाकर सम्मानित किया था और एक लाख रुपये की सम्मान निधि भी दी थी। इसके साथ ही उनकी आंखों की रोशनी वापस लाने के उपचार में मदद का भरोसा दिया गया था। अब उनकी आवाज फिल्म का हिस्सा बनकर प्रदेश की लोक संस्कृति और बुंदेली संगीत को बड़े पर्दे तक पहुंचा रही है।

    फिल्म से जुड़े कलाकारों का भी मध्य प्रदेश से गहरा रिश्ता है। गोपाल का किरदार निभाने वाले भगवानदास पटेल जबलपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने थिएटर में करीब छह साल काम करने के बाद टीवी और फिल्मों की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद उन्हें कई फिल्मों और वेब सीरीज में काम करने का अवसर मिला। मुझसे फ्रेंडशिप करोगे प्रेम रतन धन पायो थार रंगबाज और फोटोग्राफ जैसे प्रोजेक्ट में वे नजर आ चुके हैं। वहीं फिल्म से जुड़े गायक साधु तिवारी का संबंध ग्वालियर से है।

    इस तरह हनुमान अंश की टीम का भोपाल दौरा केवल फिल्म के प्रचार तक सीमित नहीं है बल्कि यह मध्य प्रदेश की स्थानीय प्रतिभाओं और धार्मिक आस्था से जुड़े कलाकारों को दर्शकों के करीब लाने का भी अवसर बन रहा है। टीम के लगातार दो दिन भोपाल में रहने से फिल्म के प्रशंसकों के बीच उत्साह और बढ़ने की उम्मीद है।

  • शराब के खिलाफ शिवपुरी में भड़का गुस्सा दुकान में घुसकर तोड़फोड़ और बोतलें फोड़ीं 15 लोगों पर केस उमा भारती बोलीं समर्थन करें

    शराब के खिलाफ शिवपुरी में भड़का गुस्सा दुकान में घुसकर तोड़फोड़ और बोतलें फोड़ीं 15 लोगों पर केस उमा भारती बोलीं समर्थन करें


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में शराब दुकानों के विरोध का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। जिले के अलग अलग गांवों में महिलाएं और ग्रामीण शराब बिक्री के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच इंदार थाना क्षेत्र के कुटवारा गांव में शराब दुकान में तोड़फोड़ और शराब की बोतलें फोड़ने का मामला सामने आया है। सेल्समैन की शिकायत पर पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों में महिलाएं भी शामिल बताई गई हैं।

    बताया गया कि 11 सितंबर की शाम करीब साढ़े पांच बजे कुटवारा गांव स्थित शराब दुकान पर सेल्समैन बल्लू शिवहरे अपने साथी मनोज शिवहरे के साथ मौजूद था। इसी दौरान करीब 15 से 20 महिला और पुरुष लाठी डंडे लेकर वहां पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने शराब दुकान बंद कराने की मांग की और कथित तौर पर गाली गलौज भी की। इसके बाद कुछ लोग दुकान के अंदर घुस गए और वहां रखी शराब की पेटियों को बाहर निकालने लगे।

    सेल्समैन के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने शराब की कांच की बोतलों को जमीन पर पटककर तोड़ दिया। दुकान में देशी शराब के साथ अंग्रेजी शराब और बीयर की पेटियां भी रखी थीं। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने कई पेटियां तोड़कर शराब नष्ट कर दी। सेल्समैन और उसके साथी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन भीड़ ने विरोध जारी रखा।

    इस घटना से शराब ठेकेदार को करीब चार लाख रुपये के नुकसान का दावा किया गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना में शामिल लोगों की पहचान तथा उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि तोड़फोड़ में कितने लोग शामिल थे और वास्तविक नुकसान कितना हुआ है।

    शिवपुरी में शराब दुकानों के खिलाफ विरोध केवल कुटवारा तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ दिनों से जिले के कई गांवों में महिलाएं शराब बिक्री और कथित अवैध शराब के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। कई स्थानों पर महिलाओं ने शराब की पेटियां दुकानों से बाहर निकालकर नष्ट की हैं। कुछ जगहों पर सड़क जाम करने और थानों तक प्रदर्शन करने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

    इस पूरे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का बयान भी सामने आया है। उन्होंने शिवपुरी में शराब के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और लोगों से इन महिलाओं का समर्थन करने की अपील की। उमा भारती लंबे समय से शराबबंदी और शराब की बिक्री को लेकर मुखर रही हैं। उनके समर्थन से शिवपुरी में चल रहे इस विरोध को राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा मिल गई है।

    हालांकि शराब दुकानों के खिलाफ विरोध कर रहे लोगों की मांगों को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से अलग अलग स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की है। दूसरी ओर शराब कारोबारियों ने भी दुकानों और कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। कुछ ठेकेदारों ने सुरक्षा नहीं मिलने की स्थिति में लाइसेंस सरेंडर करने तक की चेतावनी दी है।

    शिवपुरी में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने शराब बिक्री को लेकर स्थानीय स्तर पर बढ़ते असंतोष को सामने ला दिया है। अब पुलिस की जांच के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की शिकायतों और शराब दुकानों से जुड़े नियमों पर क्या कदम उठाता है।

  • शिवपुरी में फर्जी अस्पतालों पर शिकंजा मरीजों के लिए लगाए थे पलंग और इलाज की व्यवस्था पंजीयन के कागज नहीं मिले तो दोनों संस्थान सील

    शिवपुरी में फर्जी अस्पतालों पर शिकंजा मरीजों के लिए लगाए थे पलंग और इलाज की व्यवस्था पंजीयन के कागज नहीं मिले तो दोनों संस्थान सील


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में बिना जरूरी पंजीयन के संचालित किए जा रहे स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत कोलारस में शुक्रवार शाम स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो मेडिकल स्टोर और उनसे जुड़े अस्पतालों की जांच की। जांच के दौरान दोनों स्थानों पर मरीजों के इलाज और उन्हें भर्ती करने जैसी व्यवस्थाएं मिलीं। हालांकि जब टीम ने अस्पताल संचालन से संबंधित पंजीयन के दस्तावेज मांगे तो संचालक इन्हें प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद विभाग ने दोनों मेडिकल स्टोर और उनसे जुड़े अस्पतालों को सील कर दिया।

    यह कार्रवाई कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर की गई। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रोहित भदकारिया के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम सबसे पहले फूल राज होटल के सामने स्थित धाकड़ मेडिकल स्टोर पहुंची। टीम ने मेडिकल स्टोर की जांच के साथ उसके पास संचालित किए जा रहे एएस अस्पताल का भी निरीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पताल डॉ. पुष्पेंद्र सिंह के नाम पर बताया गया था लेकिन मौके पर एक ऐसा व्यक्ति मरीजों का इलाज करता मिला जो इसके लिए पात्र नहीं था।

    जांच के दौरान अस्पताल के अंदर मरीजों को भर्ती करने के लिए 10 पलंग भी रखे हुए मिले। इससे स्पष्ट हुआ कि वहां केवल सामान्य मेडिकल स्टोर का संचालन नहीं हो रहा था बल्कि मरीजों के इलाज और भर्ती की व्यवस्था भी बनाई गई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संचालक से अस्पताल के पंजीयन सहित अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे लेकिन मौके पर संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद विभाग ने एएस अस्पताल के साथ धाकड़ मेडिकल स्टोर को भी सील कर दिया।

    इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम कटरा मोहल्ले में स्थित गोपाल मेडिकल स्टोर पहुंची। यहां भी जांच के दौरान मेडिकल स्टोर के पास बने कमरों में अस्पताल जैसी व्यवस्था दिखाई दी। इन कमरों में मरीजों को भर्ती करने के लिए पलंग मौजूद थे। इसके अलावा मरीजों को बोतल चढ़ाने और इलाज करने की व्यवस्था भी मिली। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में संचालक रंजन अधिकारी से अस्पताल के पंजीयन से जुड़े दस्तावेज मांगे लेकिन वह भी जरूरी कागजात टीम के सामने प्रस्तुत नहीं कर सके।

    दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गोपाल मेडिकल स्टोर और उसके पास संचालित हो रहे अस्पताल को भी सील कर दिया। विभाग की इस कार्रवाई के बाद इलाके में बिना अनुमति या पंजीयन के स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषीश्वर ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर जिले में अवैध स्वास्थ्य संस्थानों की लगातार जांच की जा रही है। विभाग का उद्देश्य ऐसे संस्थानों पर कार्रवाई करना है जहां नियमों का पालन किए बिना मरीजों का इलाज किया जा रहा है। कार्रवाई करने वाली टीम में खंड चिकित्सा अधिकारी कोलारस डॉ. संजय राठौड़ और फार्मासिस्ट बालेंदु रघुवंशी भी शामिल रहे।

    स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से यह सवाल भी सामने आया है कि बिना पंजीयन और आवश्यक दस्तावेजों के मरीजों के इलाज तथा भर्ती की व्यवस्था किस तरह संचालित हो रही थी। विभाग अब जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की जांच जारी रखने की तैयारी में है।

  • शिवपुरी में आकाशीय बिजली ने मचाई तबाही मां और 5 साल के बेटे को लगा करंट 70 हजार से ज्यादा का नुकसान

    शिवपुरी में आकाशीय बिजली ने मचाई तबाही मां और 5 साल के बेटे को लगा करंट 70 हजार से ज्यादा का नुकसान


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में तीन दिन तक तेज धूप रहने के बाद शुक्रवार को एक बार फिर मौसम ने करवट ली। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और शाम के समय जिले के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। इसी दौरान बैराड़ नगर के वार्ड क्रमांक 11 में शाखा स्कूल के पास रहने वाले हेमंत यादव के मकान पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। तेज कड़कड़ाहट के साथ गिरी बिजली से घर की दूसरी मंजिल पर जोरदार असर हुआ और देखते ही देखते घर की वायरिंग तथा कई बिजली के उपकरण खराब हो गए। परिवार के अनुसार इस घटना में 70 हजार रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है।

    हेमंत यादव के मुताबिक शुक्रवार शाम मौसम बदला हुआ था और आसमान में बादल छाए हुए थे। इसी दौरान अचानक तेज आवाज के साथ उनके मकान की दूसरी मंजिल पर आकाशीय बिजली गिरी। बिजली गिरने के बाद घर के भीतर विद्युत व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। स्विच बोर्ड और वायरिंग में तेज झटका लगा जिसके कारण कई जगह तार जल गए। घर में लगे बिजली के उपकरण भी इसकी चपेट में आ गए।

    बताया गया है कि बिजली गिरने से घर के करीब आठ पंखे दो कूलर और लगभग 28 लाइटें खराब हो गईं। इसके अलावा एलईडी ट्यूब लाइट चार्जर और अन्य विद्युत उपकरण भी जल गए। हादसे के बाद परिवार में अफरा तफरी मच गई। तेज आवाज सुनकर आसपास रहने वाले लोग भी तुरंत मौके पर पहुंचे और परिवार की मदद की। घर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने के कारण परिवार के सामने तत्काल मरम्मत की समस्या खड़ी हो गई।

    आकाशीय बिजली का असर केवल बिजली के उपकरणों तक सीमित नहीं रहा। इसकी चपेट में आने से हेमंत यादव की पत्नी सुरक्षा यादव और उनके पांच साल के बेटे वंशू को भी बिजली का झटका लगा। बताया गया है कि वंशू के पैर में चोट आई है। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई और परिवार के किसी सदस्य को गंभीर नुकसान नहीं हुआ।

    हेमंत यादव खुर्रका में सचिव के पद पर तैनात हैं। परिवार ने बिजली गिरने के बाद हुए नुकसान का आकलन करते हुए इसे 70 हजार रुपए से अधिक बताया है। अचानक हुई इस घटना से परिवार को आर्थिक नुकसान के साथ कुछ समय के लिए घरेलू बिजली व्यवस्था से भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    इधर शिवपुरी जिले में इस साल अब तक बारिश का आंकड़ा भी काफी महत्वपूर्ण रहा है। भू अभिलेख अधीक्षक के अनुसार 1 जून 2026 से अब तक जिले में 907.37 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की जा चुकी है। पिछले साल इसी अवधि में 1376.47 मिलीमीटर औसत बारिश रिकॉर्ड हुई थी। जिले की औसत वार्षिक बारिश 816.3 मिलीमीटर है जबकि वर्ष 2025 में कुल 1585.86 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।

    तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार शिवपुरी में 944.80 मिलीमीटर बैराड़ में 988 मिलीमीटर पोहरी में 930 मिलीमीटर नरवर में 920 मिलीमीटर करैरा में 903.60 मिलीमीटर पिछोर में 944 मिलीमीटर कोलारस में 780.90 मिलीमीटर बदरवास में 958.50 मिलीमीटर और खनियाधाना में 796.50 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। मौसम में बदलाव के बीच आकाशीय बिजली की घटना ने एक बार फिर बारिश के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है।

  • शिवपुरी में प्राचार्य के कमरे की तलाशी में मिली स्मैक की 14 पुड़िया विभाग ने किया निलंबित पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत शुरू की कार्रवाई

    शिवपुरी में प्राचार्य के कमरे की तलाशी में मिली स्मैक की 14 पुड़िया विभाग ने किया निलंबित पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत शुरू की कार्रवाई


    शिवपुरी । शिवपुरी में सरकारी कृषि प्रशिक्षण केंद्र से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शासकीय कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य लक्ष्मीनारायण चौरसिया की टेबल की दराज से स्मैक की 14 पुड़िया बरामद होने के बाद विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राचार्य की टेबल से नशीला पदार्थ मिलने की खबर सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की गई है।

    पुलिस के अनुसार 9 सितंबर को कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र में स्मैक की पुड़िया रखी हुई हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और केंद्र परिसर में जांच शुरू की। इसके बाद प्राचार्य के कमरे की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान प्राचार्य की टेबल की दराज में सफेद पॉलिथीन के भीतर कागज में लिपटी हुई 14 पुड़िया मिलीं। पुलिस ने मौके पर ही बरामद पदार्थ की जांच और तौल की प्रक्रिया पूरी की।

    पुलिस के मुताबिक पुड़ियों के भीतर भूरे रंग का पाउडर मिला जिसका कुल वजन 1.66 ग्राम बताया गया है। पुलिस ने इसे स्मैक बताते हुए जब्त कर लिया। बरामदगी की पूरी कार्रवाई को रिकॉर्ड करने के लिए वीडियोग्राफी भी कराई गई। मामले में पुलिस ने जब्ती की प्रक्रिया पूरी करने के साथ ही संबंधित दस्तावेज भी तैयार किए।

    कार्रवाई के दौरान प्राचार्य लक्ष्मीनारायण चौरसिया से पंचनामा जब्ती पत्र और नोटिस पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया गया। पुलिस के अनुसार प्राचार्य ने इन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उनके हस्ताक्षर नहीं करने की स्थिति को भी अलग पंचनामा के माध्यम से दर्ज किया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि टेबल की दराज में मिली स्मैक वहां कैसे पहुंची और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं।

    कोतवाली पुलिस ने मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। नशीले पदार्थ की बरामदगी सरकारी संस्थान के परिसर से होने के कारण मामला और भी गंभीर माना जा रहा है। पुलिस बरामद पदार्थ की जांच और मामले से जुड़े तथ्यों को आगे बढ़ा रही है।

    इधर पुलिस कार्रवाई के बाद विभाग ने भी प्राचार्य के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। विभागीय कार्रवाई के बाद अब मामले की जांच पुलिस के साथ प्रशासनिक स्तर पर भी आगे बढ़ सकती है। फिलहाल पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि बरामद 14 पुड़िया किसके लिए रखी गई थीं और इनका इस्तेमाल या आपूर्ति किस उद्देश्य से की जानी थी। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

  • MP Weather Update: भोपाल में शनिवार को फिर बरसेंगे बादल बारिश के साथ तेज हवा और गरज चमक का अलर्ट जैसा रहेगा मौसम

    MP Weather Update: भोपाल में शनिवार को फिर बरसेंगे बादल बारिश के साथ तेज हवा और गरज चमक का अलर्ट जैसा रहेगा मौसम

    भोपाल । भोपाल में सितंबर के दूसरे सप्ताह में मौसम का मिजाज लगातार बदलता नजर आ रहा है। राजधानी में शुक्रवार को भी बारिश का दौर देखने को मिल रहा है और शनिवार 12 सितंबर को भी मौसम राहत देने के बजाय लोगों को फिर से भिगो सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 12 सितंबर को भोपाल में आसमान में बादल छाए रहने के साथ बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के शहरवार पूर्वानुमान में शनिवार के लिए न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री और अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री रहने का अनुमान जताया गया है।

    मौसम के इस बदलाव का असर सुबह से लेकर शाम तक देखने को मिल सकता है। राजधानी में कुछ समय के लिए बादल घने हो सकते हैं और इसके बाद अचानक बारिश का दौर शुरू हो सकता है। गरज चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। ऐसे में खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। शनिवार को बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में सड़कें गीली होने और यातायात की रफ्तार प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

    भोपाल में बीते दिनों से मौसम में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कभी तेज धूप निकल रही है तो कुछ ही समय बाद बादल घिरने लगते हैं। इसी वजह से दिन के तापमान में भी ज्यादा स्थिरता नहीं दिखाई दे रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 13 सितंबर को भी बारिश के कुछ दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है जबकि 14 और 15 सितंबर को भी हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम में कुछ राहत मिलने के संकेत हैं।

    शनिवार को बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को जरूरी काम के लिए निकलते समय मौसम का अपडेट देखते रहने की जरूरत है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को बारिश के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। बिजली चमकने या तेज गरज के समय खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना बेहतर होगा। किसानों के लिए भी बदलता मौसम महत्वपूर्ण है क्योंकि बारिश का सीधा असर खेतों में खड़ी फसलों पर पड़ सकता है।

    कुल मिलाकर 12 सितंबर को भोपाल का मौसम सुहावना रहने के साथ बीच बीच में बारिश का रंग दिखा सकता है। तापमान में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना नहीं है लेकिन उमस और बादलों के बीच मौसम लगातार करवट ले सकता है। राजधानीवासियों के लिए शनिवार का दिन बारिश और बादलों के नाम रहने की संभावना है।

  • MP की सियासत में एक दिन में तीन बड़े सीन ट्रंप के ऐलान से शिवराज ट्रेंड में CM मोहन ने हेमंत को बीच में बैठाया दिग्विजय ने भाजपा पर साधा निशाना

    MP की सियासत में एक दिन में तीन बड़े सीन ट्रंप के ऐलान से शिवराज ट्रेंड में CM मोहन ने हेमंत को बीच में बैठाया दिग्विजय ने भाजपा पर साधा निशाना


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजनीति में शुक्रवार को अलग अलग घटनाओं ने सियासी माहौल को खासा दिलचस्प बना दिया। एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ऐलान के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे तो दूसरी तरफ प्रदेश भाजपा में सत्ता और संगठन के बीच कथित मनमुटाव की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एक मंच पर साथ नजर आए। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भाजपा को लेकर पूछे गए सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा भाड़ में जाए।

    दरअसल ट्रंप ने कहा है कि अगर उनकी रिपब्लिकन पार्टी चुनाव जीतती है तो हर अमेरिकी वयस्क को 5000 डॉलर दिए जाएंगे। इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर शिवराज सिंह चौहान की लाड़ली बहना योजना से जोड़कर कई पोस्ट और तस्वीरें वायरल होने लगीं। शिवराज समर्थकों ने इसे मामा के मॉडल की वैश्विक चर्चा से जोड़ दिया। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ट्रेंड में आ गए।

    जब उनसे पूछा गया कि सोशल मीडिया पर यह चर्चा है कि ट्रंप भी आपके मॉडल को अपना रहे हैं तो शिवराज ने कहा कि लाड़ली बहना योजना सस्ती लोकप्रियता के लिए नहीं लाई गई थी। उनका कहना था कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को उनका अधिकार और न्याय दिलाना था। इसके बाद सोशल मीडिया पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और लोगों ने ट्रंप के ऐलान को लाड़ली बहना योजना से जोड़कर अपनी राय जाहिर की।

    इधर मध्य प्रदेश भाजपा में सत्ता और संगठन के बीच कथित खटपट की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने साथ आकर अलग संदेश देने की कोशिश की। दोनों नेता भाजपा कार्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक साथ नजर आए। जब दोनों की दोस्ती को लेकर सवाल किया गया तो मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी दोस्ती तो पहले से ही प्रगाढ़ है। इस दौरान दोनों नेता मुस्कुराते दिखाई दिए।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले भी दोनों नेताओं की मुलाकात हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के घर पहुंचे। वहां दोनों के बीच बंद कमरे में बातचीत हुई। इसके बाद दोनों एक ही वाहन से भाजपा कार्यालय पहुंचे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी मुख्यमंत्री ने प्रदेश अध्यक्ष को बीच की कुर्सी पर बैठने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि आप प्रदेश अध्यक्ष हैं इसलिए यहां बैठिए। इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा के भीतर एकजुटता का संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

    उधर दतिया में कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी सनातन स्वाभिमान यात्रा को लेकर जानकारी दे रहे थे। इसी दौरान भाजपा की ओर से यात्रा पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर उनसे सवाल किया गया। पत्रकार के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा भाड़ में जाए और इसके बाद वहां से चले गए।

    इसी बीच सागर के जहरीली शराबकांड की न्यायिक जांच से जुड़ी फाइल को लेकर भी मंत्रालय के गलियारों में चर्चा है। सरकार ने मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय आयोग बनाने का ऐलान किया है लेकिन दावा किया जा रहा है कि जांच से संबंधित फाइल वल्लभ भवन की चौथी मंजिल पर पिछले कुछ दिनों से आगे नहीं बढ़ी है। अब सवाल उठ रहे हैं कि जब सरकार जांच का ऐलान कर चुकी है तो प्रक्रिया में देरी क्यों हो रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • गुना में गाय को पैर मारने पर बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति से नाक रगड़कर मंगवाई माफी, VIDEO वायरल

    गुना में गाय को पैर मारने पर बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति से नाक रगड़कर मंगवाई माफी, VIDEO वायरल


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के गुना जिले के जामनेर कस्बे में गाय को पैर से हटाने की घटना के बाद विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि कुछ हिंदूवादी संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने गाय को पैर मारने वाले बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति से उसके सामने जमीन पर झुककर माफी मंगवाई। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बुजुर्ग गाय के सामने नतमस्तक होकर माफी मांगते दिखाई दे रहे हैं।

    मामला सामने आने के बाद बुजुर्ग ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि शिकायत लेकर थाने पहुंचने पर उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उन पर दबाव बनाया गया। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, इसलिए प्रकरण दर्ज नहीं किया गया।

    सामान उतारते समय रास्ते में खड़ी थी गाय
    जानकारी के अनुसार, कैंट गुना निवासी जमीलउद्दीन शटर आदि लगाने का काम करते हैं। कुछ दिन पहले वह पिकअप वाहन से सामान लेकर जामनेर में एक परिवार के यहां काम करने पहुंचे थे। सामान उतारने के दौरान रास्ते में एक गाय खड़ी थी।

    बताया जा रहा है कि रास्ता खाली कराने के लिए जमीलउद्दीन ने गाय को पैर मारा। पास लगे CCTV कैमरे में यह घटना रिकॉर्ड हो गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। देखते ही देखते मामला फैल गया और हिंदूवादी संगठन से जुड़े कुछ कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए।

    माहौल बिगड़ने पर लोगों ने सुरक्षित रखा
    घटना को लेकर विवाद बढ़ने के बाद इलाके में माहौल तनावपूर्ण हो गया। बताया जा रहा है कि स्थिति को देखते हुए आसपास के कुछ लोगों ने जमीलउद्दीन को कुछ समय के लिए अपने यहां सुरक्षित रखा। इसके बाद उनसे गाय के सामने माफी मंगवाई गई। इसी दौरान का वीडियो अब सामने आया है। इसमें बुजुर्ग गाय के सामने जमीन पर झुककर माफी मांगते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है।

    बुजुर्ग का आरोप- पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की
    जमीलउद्दीन ने जामनेर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद वह शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे थे, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उन पर दबाव बनाया गया।

    जमीलउद्दीन का आरोप है कि पुलिस ने उनसे लिखवा लिया कि वह किसी तरह की कार्रवाई नहीं चाहते और वह माफी मांग चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से करेंगे। साथ ही उन्होंने अपने साथ किए गए व्यवहार की भी जांच की मांग की है।

    पुलिस बोली- दोनों पक्षों से नहीं मिली लिखित शिकायत
    जामनेर थाना प्रभारी मनोज मेहरा ने मामले में अलग पक्ष रखा है। उनके मुताबिक, जमीलउद्दीन काम के सिलसिले में जामनेर आए थे और रास्ते से गाय को हटाने के उद्देश्य से उन्होंने उसे पैर मारा था। मौके पर मौजूद बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया और उनसे पूछताछ की।

    थाना प्रभारी के अनुसार, इसके बाद जमीलउद्दीन ने गाय के सामने माफी मांग ली। पुलिस का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, इसलिए फिलहाल कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया गया। पुलिस के मुताबिक, यदि किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत मिलती है तो मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में
    बुजुर्ग से माफी मंगवाने का वीडियो सामने आने के बाद पूरा मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। एक ओर पुलिस लिखित शिकायत नहीं मिलने की बात कह रही है, वहीं बुजुर्ग पुलिस पर दबाव बनाकर माफीनामा लिखवाने का आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल मामले में किसी पक्ष की लिखित शिकायत सामने नहीं आई है। शिकायत मिलने और पुलिस की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

  • भोपाल की कॉलेज कैंटीन में खाद्य सुरक्षा की खुली पोल सड़ी सब्जियों से लेकर एक्सपायर्ड ब्रेड तक मिलीं कई गंभीर खामियां

    भोपाल की कॉलेज कैंटीन में खाद्य सुरक्षा की खुली पोल सड़ी सब्जियों से लेकर एक्सपायर्ड ब्रेड तक मिलीं कई गंभीर खामियां


    भोपाल । भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों के लिए संचालित कैंटीन में खाद्य सुरक्षा और साफ सफाई को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान कैंटीन में सड़ी हुई प्याज मिली जबकि सैंडविच तैयार करने के लिए ऐसी ब्रेड का इस्तेमाल किया जा रहा था जिसकी बेस्ट बिफोर अवधि करीब 10 दिन पहले ही समाप्त हो चुकी थी। कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों के लिए भोजन तैयार करने वाली कैंटीन में इस तरह की अनियमितताएं मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने संचालकों को सुधार सूचना पत्र जारी कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

    जानकारी के मुताबिक खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने कॉलेज परिसर में संचालित नवीन कैंटीन का निरीक्षण किया था। इस दौरान खाद्य पदार्थों के निर्माण और उनके भंडारण से जुड़ी व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा गया। जांच के दौरान कैंटीन में साफ सफाई और हाइजीन की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखने की उचित व्यवस्था भी नहीं थी। इसके अलावा भोजन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता और उसके भंडारण को लेकर भी कई कमियां सामने आईं।

    निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर मामला सैंडविच ब्रेड से जुड़ा सामने आया। कैंटीन में ऐसी ब्रेड का इस्तेमाल किया जा रहा था जिसकी बेस्ट बिफोर अवधि लगभग 10 दिन पहले समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद उससे विद्यार्थियों के लिए सैंडविच तैयार किए जा रहे थे। कैंटीन में सड़ी हुई प्याज भी रखी मिली। खाद्य सामग्री की ऐसी स्थिति विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है क्योंकि कॉलेज कैंटीन में रोजाना बड़ी संख्या में छात्र भोजन और नाश्ता करते हैं।

    अधिकारियों ने कैंटीन में इस्तेमाल होने वाले पेयजल की व्यवस्था की भी जांच की। इसके लिए आरओ और वॉटर फिल्ट्रेशन सिस्टम तथा पानी की गुणवत्ता से संबंधित व्यवस्थाओं को देखा गया। निरीक्षण के दौरान कॉलेज परिसर में संचालित एक अन्य कैंटीन में भी स्वच्छता और खाद्य सामग्री के भंडारण से जुड़ी कमियां सामने आईं। यहां भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों की वेशभूषा भी निर्धारित स्वच्छता मानकों के अनुरूप नहीं मिली।

    खाद्य सुरक्षा विभाग ने दोनों कैंटीन संचालकों को कमियों को गंभीरता से लेते हुए सुधार सूचना पत्र जारी किया है। अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से संबंधित व्यवस्थाओं को नियमानुसार सुधारने के निर्देश दिए हैं। साथ ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए दोनों कैंटीन से भोजन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के नमूने भी लिए गए हैं।

    जांच के दौरान मटर का आटा और रिफाइंड सोयाबीन तेल के नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत लिए गए हैं। इन नमूनों को खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद उसमें सामने आने वाले निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी कार्रवाई के बाद अब कैंटीन संचालकों पर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही विद्यार्थियों की सेहत से जुड़े खाद्य मानकों को लेकर कॉलेज परिसर में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की जरूरत भी सामने आई है।