Category: Madhya Pradesh

  • जबलपुर में नकली DAP खाद बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, घर के अंदर चल रहा था अवैध कारोबार, नामचीन कंपनी के नाम पर बिक्री की थी तैयारी

    जबलपुर में नकली DAP खाद बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, घर के अंदर चल रहा था अवैध कारोबार, नामचीन कंपनी के नाम पर बिक्री की थी तैयारी

    मध्यप्रदेश: के जबलपुर जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली डीएपी खाद बनाने के एक अवैध कारोबार का खुलासा किया है। यह पूरा मामला पाटन क्षेत्र के ग्राम करौंदी का है, जहां एक घर के भीतर ही गुपचुप तरीके से नकली खाद तैयार की जा रही थी। छापेमारी के बाद सामने आया कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध गतिविधि को संचालित कर रहा था और किसानों तक घटिया गुणवत्ता की खाद पहुंचाने की योजना बना रहा था।

    कृषि विभाग की टीम को इस संबंध में पहले से सूचना मिली थी, जिसके आधार पर अचानक मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को घर के अंदर भारी मात्रा में नकली डीएपी खाद और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद हुई। इसके अलावा कई प्रकार के रसायन और पैकिंग से जुड़े उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

    जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से नामचीन कंपनी के ब्रांडेड बैग की नकल तैयार करता था और उन्हीं में नकली खाद को पैक कर बाजार में सप्लाई करने की योजना बना रहा था। इसका उद्देश्य किसानों को असली खाद बताकर अधिक कीमत पर बेचना था। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस तरह की गतिविधि लंबे समय से चल रही थी और धीरे-धीरे इसका नेटवर्क भी फैलाया जा रहा था।

    कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार खरीफ सीजन के दौरान डीएपी खाद की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर ऐसे गिरोह सक्रिय हो जाते हैं। किसान अपनी फसलों की बुवाई के लिए खाद पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में मिलावटी या नकली खाद उनकी फसल और आर्थिक स्थिति दोनों पर गंभीर असर डाल सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग लगातार निगरानी और जांच अभियान चला रहा है।

    छापेमारी के दौरान जब्त किए गए सभी नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि तैयार की जा रही खाद की गुणवत्ता कैसी थी और इसमें किन-किन रसायनों का उपयोग किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और सख्त की जाएगी।

    इस मामले में उर्वरक नियंत्रण आदेश और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस भी इस बात की जांच कर रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं और क्या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ है।

    कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खाद खरीदते समय केवल अधिकृत विक्रेताओं और प्रमाणित स्रोतों से ही सामग्री लें। साथ ही किसी भी संदिग्ध पैकेजिंग या कम कीमत वाले उत्पादों से सावधान रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • MP: CM मोहन यादव ने प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू में रात्रि चौपाल लगाकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

    MP: CM मोहन यादव ने प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू में रात्रि चौपाल लगाकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं


    बैतूल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने शनिवार को बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू (Kukru Hill Station) में रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। चौपाल के दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी ग्रामीण को पटवारी, थानेदार या अन्य अधिकारी द्वारा परेशान किया जाता है तो वे सीधे उन्हें अवगत कराएं. रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के सामने गांव में हाईस्कूल, पेयजल व्यवस्था और 20 बिस्तरों वाले अस्पताल की मांग रखी. मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी.उन्होंने पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए तालाब निर्माण के निर्देश दिए. वहीं बालिका छात्रावास, जामूखेड़ी मार्ग और बुंदियाखुर्द पुलिया निर्माण की स्वीकृति देने की घोषणा भी की।


    शुरू होगी ग्रामीण बस सेवा

    मुख्यमंत्री ने कुकरू को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कहते हुए बताया कि अगले माह से यहां ग्रामीण बस सेवा शुरू की जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को प्रदेश में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है. उन्होंने किसानों से खेती के साथ पशुपालन को अपनाने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की अपील की. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 25 गाय या 25 भैंस पालन के लिए 40 लाख रुपये तक की ऋण सहायता दी जाएगी, जिसमें 10 लाख रुपये सरकार वहन करेगी. साथ ही कोदो-कुटकी की समर्थन मूल्य पर खरीदी जारी रहने की बात भी कही।


    राखी बंधवाई, भजन गाया और ग्रामीणों के साथ बिताया समय

    रात्रि चौपाल के दौरान स्थानीय कोरकू समाज के कलाकारों ने पारंपरिक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए. मुख्यमंत्री भी ग्रामीणों के साथ घुलमिल गए और ‘गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो’ भजन गाकर सभी का मन मोह लिया. इस दौरान शिपा शनवारे ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी. मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की और उन्हें स्नेहपूर्वक दुलार किया।


    महिलाओं की सराहना, योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश

    स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वो कृषि सखी, जेंडर सखी, बकरी पालन, भैंस पालन, मुर्गी पालन और सूक्ष्म उद्योगों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं और कई महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं. मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए किसान सम्मान निधि और लाडली बहना योजना की जानकारी ली और पात्र किसानों की ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए. उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को सूक्ष्म व लघु उद्योगों से जोड़ने, आजीविका भवन और कोदो-कुटकी प्रसंस्करण इकाई के लिए ऋण सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।


    सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने की अपील

    मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से विवाह समारोहों में अनावश्यक खर्च से बचने, सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने और मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है. रात्रि चौपाल के बाद मुख्यमंत्री ने एक ग्रामीण के घर भोजन किया और रात्रि विश्राम के लिए कुकरू स्थित फॉरेस्ट रेस्ट हाउस पहुंचे. इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री एवं सांसद दुर्गादास उइके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, संभागायुक्त श्रीकांत बनोठ, आईजी मिथलेश कुमार शुक्ला, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।

  • एमपी के 45 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, 3-4 दिन में मानसून आगे बढ़ने के आसार

    एमपी के 45 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, 3-4 दिन में मानसून आगे बढ़ने के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून के आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल मानसून 15 जिलों तक पहुंचने के बाद ठहर गया है। हालांकि, इसके बावजूद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। रविवार को भोपाल समेत 45 जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर में आंधी और बारिश की संभावना है।

    वहीं, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में हल्की बारिश के आसार हैं। इन जिलों में दिन के समय धूप रहने की संभावना है, लेकिन शाम के बाद मौसम का मिजाज बदल सकता है।

    ग्वालियर-चंबल में अब भी गर्मी का असर

    ग्वालियर-चंबल संभाग सहित प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून अभी तक नहीं पहुंचा है। इसके चलते यहां गर्मी का असर बना हुआ है। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है।

    भोपाल समेत कई जिलों में बारिश का असर

    शनिवार रात राजधानी भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। उधर, शिवपुरी में मानसून की पहली तेज बारिश और आंधी ने व्यापक नुकसान पहुंचाया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। रतलाम में भारी बारिश से सड़कें और अंडरब्रिज जलमग्न हो गए, जबकि झाबुआ में भी कई इलाकों में जोरदार बारिश दर्ज की गई। विदिशा में दिनभर की उमस और गर्मी के बाद शाम को गरज-चमक के साथ बारिश होने से लोगों को राहत मिली।

    सामान्य से अब भी 41 फीसदी कम बारिश

    प्रदेश में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। कई जिलों में चार इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जिससे प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़ों में सुधार हुआ है। 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 107.3 मिमी (4.2 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 63.5 मिमी (2.5 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 41 प्रतिशत कम है।

    हालांकि, 24 जून तक बारिश की कमी 50 प्रतिशत थी, जिसमें अब 9 प्रतिशत का सुधार हुआ है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में औसत से 67 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में वर्षा की कमी घटकर 16 प्रतिशत रह गई है।

  • सीहोर में किसान की फसल पर चढ़ा दिए ट्रैक्टर: रोकने पर दबंग बोले- कोई पटवारी नहीं आएगा, यहीं से निकलेगी गाड़ी

    सीहोर में किसान की फसल पर चढ़ा दिए ट्रैक्टर: रोकने पर दबंग बोले- कोई पटवारी नहीं आएगा, यहीं से निकलेगी गाड़ी


    सीहोर सीहोर जिले के अहमदपुर थाना क्षेत्र के पीपलखेड़ा गांव में एक किसान की मेहनत पर दबंगों ने ट्रैक्टर चलाकर पानी फेर दिया। आपसी रंजिश के चलते गांव के कुछ लोगों ने खेत में जबरन ट्रैक्टर और खेती के उपकरण उतार दिए तथा बोई हुई फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया। जब किसान और उसके परिजनों ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने खुलेआम दादागिरी दिखाते हुए गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी तक दे डाली। पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।

    वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक ही खेत में कई ट्रैक्टर कल्टीवेटर और बोनी मशीन के साथ लोग जबरन जुताई कर रहे हैं। किसान पक्ष के लोग ट्रैक्टर रोकने की कोशिश करते हैं लेकिन आरोपी उन्हें धक्का देकर हटाने का प्रयास करते हैं। विरोध के दौरान एक युवक ट्रैक्टर के सामने जमीन पर बैठ जाता है ताकि फसल को बचाया जा सके लेकिन दबंग बेखौफ होकर कहते हैं कि ट्रैक्टर इसी रास्ते से जाएगा और जो होना है हो जाने दो। जब पीड़ित पक्ष पटवारी की मौजूदगी में फैसला कराने की बात करता है तो आरोपी साफ शब्दों में कहते हैं कि कोई पटवारी नहीं आएगा और ट्रैक्टर यहीं चलेगा। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस धक्का मुक्की और मारपीट जैसी स्थिति बन जाती है।

    पीड़ित किसान मानसिंह ने अहमदपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि गांव के राजू महेंद्र चंदरसिंह अरविंद और योगेंद्र ने पुरानी रंजिश के चलते उनकी कृषि भूमि में घुसकर जानबूझकर ट्रैक्टर चलाया जिससे बोई हुई फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसान का कहना है कि विरोध करने पर आरोपियों ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और भविष्य में भी खेत को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।

    घटना के बाद किसान ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा फसल के नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवाद और आपसी रंजिश के कारण किसानों को होने वाले नुकसान की गंभीर तस्वीर सामने लाती है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • कंटेनर के अचानक ब्रेक से बड़ा हादसा: ट्रक के केबिन में फंसा चालक, रस्सियों से गेट तोड़कर बचाई जान

    कंटेनर के अचानक ब्रेक से बड़ा हादसा: ट्रक के केबिन में फंसा चालक, रस्सियों से गेट तोड़कर बचाई जान


    देवास । देवास जिले के टोंककला क्षेत्र में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया जिसमें ट्रक चालक की जान बाल बाल बच गई। कंटेनर के अचानक ब्रेक लगाने के कारण पीछे से आ रहा ट्रक उससे जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन के भीतर स्टेयरिंग और बॉडी के बीच बुरी तरह फंस गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई और आसपास मौजूद ग्रामीणों तथा राहगीरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया।

    जानकारी के अनुसार अनीश पाल नामक चालक ट्रक लेकर देवास से मक्सी की ओर जा रहा था। इसी दौरान आगे चल रहे कंटेनर के सामने अचानक मवेशी आ गए। मवेशियों को बचाने के प्रयास में कंटेनर चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। पीछे चल रहा ट्रक समय पर नहीं रुक सका और तेज रफ्तार में कंटेनर से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का केबिन बुरी तरह पिचक गया और चालक अंदर ही फंस गया।

    हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर मदद के लिए मौके पर पहुंचे। चालक को बाहर निकालने के कई प्रयास किए गए लेकिन केबिन पूरी तरह दब जाने के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए रस्सियों की मदद से केबिन और उसके गेट को बांधकर खींचने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गेट खुल सका और चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    हादसे में चालक के पैर में गंभीर चोट आई है। प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए देवास जिला अस्पताल भेजा गया जहां उसका उपचार जारी है। समय पर राहत कार्य शुरू होने और स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण चालक की जान बचाई जा सकी।

    टोंककला चौकी प्रभारी मलखान सिंह भाटी ने बताया कि कंटेनर और ट्रक दोनों देवास से मक्सी की ओर जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कंटेनर के सामने अचानक मवेशी आने के कारण ब्रेक लगाए गए जिससे पीछे से आ रहा ट्रक टकरा गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

  • देवास हादसे में उजड़ा परिवार: एक ही दिन पत्नी और बेटी को खोने का दर्द, अंतिम विदाई में छलक पड़े आंसू

    देवास हादसे में उजड़ा परिवार: एक ही दिन पत्नी और बेटी को खोने का दर्द, अंतिम विदाई में छलक पड़े आंसू


    देवास । देवास के खटांबा गांव में सूरज पूजा के दौरान हुए दर्दनाक हादसे के बाद शनिवार को मां-बेटी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। छज्जा गिरने से जान गंवाने वाली 41 वर्षीय लक्ष्मी और उनकी मां के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे गए। जिला अस्पताल में उस समय माहौल बेहद भावुक हो गया, जब बुजुर्ग पिता धारूलाल सोलंकी ने कफन में लिपटी अपनी बेटी का अंतिम बार चेहरा देखा और कांपते हाथों से उसके चरण स्पर्श कर विदा दी। वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। इसके बाद लक्ष्मी का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए उज्जैन रवाना किया गया, जहां उनका ससुराल है।

    इस हादसे ने एक ही परिवार की खुशियां पलभर में उजाड़ दीं। बेटी को विदा करने के बाद धारूलाल सोलंकी को अपनी पत्नी के शव से भी अंतिम विदाई लेनी पड़ी। पत्नी का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम रूम से बाहर लाया गया तो वे खुद को संभाल नहीं सके। परिजनों ने उन्हें ढांढस बंधाया और शव को अंतिम संस्कार के लिए देवास के संजय नगर ले जाया गया। एक ही दिन में पत्नी और बेटी को खो देने का यह दर्द पूरे परिवार पर भारी पड़ता दिखाई दिया।

    शुक्रवार दोपहर खटांबा गांव में सूरज पूजा और मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। धार्मिक अनुष्ठान के बाद बड़ी संख्या में लोग भोजन कर रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। खराब मौसम के बीच मकान की छत का छज्जा अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा और उसके नीचे बैठी कई महिलाएं दब गईं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने मां और बेटी को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घायलों का इलाज जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर छज्जा गिरने के कारणों की जानकारी जुटाई।

    शनिवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए। लक्ष्मी के शव को अंतिम संस्कार के लिए उज्जैन भेजा गया, जबकि उनकी मां का अंतिम संस्कार देवास के संजय नगर में किया जाएगा। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग भी परिवार के दुख में शामिल हुए और अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद रहे। एक धार्मिक आयोजन में हुआ यह हादसा कई परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दर्द बन गया।

  • महाकाल मंदिर में अलौकिक भस्म आरती रजत मुकुट त्रिशूल डमरू और रुद्राक्ष माला से निखरा बाबा का श्रृंगार

    महाकाल मंदिर में अलौकिक भस्म आरती रजत मुकुट त्रिशूल डमरू और रुद्राक्ष माला से निखरा बाबा का श्रृंगार


    मध्यप्रदेश । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल के दिव्य और अलौकिक दर्शन हुए। प्रातः चार बजे मंदिर के पट खुलते ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद गर्भगृह में विराजित सभी देवी देवताओं का विधि विधान से पूजन संपन्न हुआ। पंडे पुजारियों ने भगवान महाकाल का दूध दही घी शक्कर और फलों के रस से तैयार पंचामृत से अभिषेक किया। प्रथम घंटा बजाकर हरिओम जल अर्पित किया गया और पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बन गया।

    अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का भव्य राजा स्वरूप श्रृंगार किया गया। उन्हें रजत ॐ बिल्वपत्र युक्त मुकुट धारण कराया गया। रुद्राक्ष की माला रजत मुंडमाल और सुगंधित पुष्पमालाओं से बाबा का दिव्य श्रृंगार किया गया। मस्तक पर त्रिपुंड अंकित किया गया तथा त्रिशूल डमरू और शेषनाग से अलंकृत रजत मुकुट से उनका स्वरूप और भी आकर्षक दिखाई दिया।

    पूजन के दौरान भगवान गणेश माता पार्वती और भगवान कार्तिकेय की भी विधिवत आराधना की गई। इसके बाद भगवान महाकाल को फल और मिष्ठान का नैवेद्य अर्पित किया गया। कपूर आरती के पश्चात महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को पवित्र भस्म अर्पित की गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी मान्यता के चलते देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भस्म आरती में शामिल होने के लिए उज्जैन पहुंचते हैं।

    भस्म आरती के दौरान पूरा मंदिर महाकाल के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन कर सुख समृद्धि और मंगल की कामना की। हर दिन की तरह शनिवार की भस्म आरती भी अत्यंत श्रद्धा आस्था और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुई जिसने भक्तों को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया।

  • उज्जैन से दिग्विजय सिंह का केंद्र और राम मंदिर ट्रस्ट पर तीखा प्रहार बोले चंपत राय पर हो केस दर्ज

    उज्जैन से दिग्विजय सिंह का केंद्र और राम मंदिर ट्रस्ट पर तीखा प्रहार बोले चंपत राय पर हो केस दर्ज


    मध्यप्रदेश । उज्जैन दौरे पर पहुंचे मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर में कथित दान चोरी के मामले को लेकर केंद्र सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किया गया था इसलिए ट्रस्ट की जवाबदेही भी केंद्र सरकार की बनती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर में चांदी की ईंटों जेवरात नकदी और विदेशी चंदे के प्रबंधन में गड़बड़ियां हुई हैं जिनकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

    उज्जैन के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन संगठनों का धर्म और धार्मिक कार्यों से कोई सरोकार नहीं है बल्कि उनका उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना है। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर के नाम पर सनातन समाज की भावनाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने चंपत राय को संघ का प्रचारक बताते हुए कहा कि उन्हें धार्मिक परंपराओं से कोई संबंध नहीं है और उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

    दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि धार्मिक परंपराओं का पालन नहीं किया गया और पूजा की प्रक्रिया शास्त्रीय नियमों के अनुरूप नहीं थी। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले में ट्रस्ट के सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका की जांच कराई जाए और आवश्यक होने पर उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए।

    उन्होंने ऐलान किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल प्रेस वार्ताओं तक सीमित नहीं रखेगी बल्कि गांव गांव और घर घर तक पहुंचाएगी। उन्होंने बताया कि उज्जैन जिले की 609 पंचायतों में कांग्रेस ने दल और मंडल स्तर पर समितियां गठित की हैं जो लोगों के बीच जाकर राम मंदिर दान चोरी के मामले की जानकारी देंगी और पूरे घटनाक्रम को जनता के सामने रखेंगी।

    प्रेस वार्ता के दौरान दिग्विजय सिंह ने महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं और मंदिर की जमीन को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि महाकाल मंदिर की जमीन आरएसएस से जुड़ी संस्थाओं को दी गई और वहां गेस्ट हाउस बनाए गए जबकि साधु संतों की उपेक्षा की गई। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान व्यवस्था में आम श्रद्धालुओं और संत समाज को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    इंदौर उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन के नामकरण को लेकर चल रहे विवाद पर भी उन्होंने अपनी राय रखी। उनका कहना था कि इस क्षेत्र के नाम में इंदौर का नाम पहले होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव को सलाह देते हुए कहा कि प्रशासनिक स्तर पर होने वाली गड़बड़ियों की जिम्मेदारी आखिरकार सरकार पर ही आती है इसलिए अधिकारियों पर प्रभावी नियंत्रण रखना जरूरी है।

    प्रेस वार्ता के दौरान दिग्विजय सिंह ने कुछ दस्तावेज भी दिखाए और दावा किया कि उनके पास जमीन घोटाले से जुड़े नए साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की पूरी जांच के बाद संबंधित लोगों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे और पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

  • सिंहस्थ-2028 होगा दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन, सीएम मोहन यादव ने दिए व्यापक तैयारियों के निर्देश

    सिंहस्थ-2028 होगा दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन, सीएम मोहन यादव ने दिए व्यापक तैयारियों के निर्देश

     
    मध्यप्रदेश । उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर आयोजित कार्यशाला में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगामी महापर्व को विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन बताते हुए सभी विभागों को अभी से व्यापक तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में अधोसंरचना विकास से लेकर यातायात, आवास, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं तक हर व्यवस्था को समय रहते मजबूत करना होगा।

    मुख्यमंत्री शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर उज्जैन पहुंचे जहां उन्होंने सिंहस्थ-2016 का संकल्प सिंहस्थ-2028 का संकल्प विषय पर आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में वर्ष 2016 के सिंहस्थ के दौरान जिम्मेदारी संभाल चुके अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए और आगामी आयोजन को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए सुझाव दिए। उज्जैन संभाग के आयुक्त आशीष सिंह ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और विकास कार्यों पर विस्तृत प्रस्तुति भी दी। कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सिंहस्थ में सबसे बड़ी चुनौती यातायात और भीड़ प्रबंधन रही थी। कई स्थानों पर लंबा जाम लगने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस बार ऐसी स्थिति से बचने के लिए मध्य प्रदेश की सीमाओं से जुड़े राज्यों के साथ पहले से समन्वय स्थापित करना होगा ताकि विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन को व्यवस्थित किया जा सके।

    उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 की तुलना में अब उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में सड़क और रेल नेटवर्क काफी बेहतर हो चुका है। फतेहाबाद रेलवे ट्रैक शुरू हो चुका है और अधिकांश प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण भी पूरा हो गया है। इन सुविधाओं का बेहतर उपयोग करते हुए श्रद्धालुओं की आवाजाही को अधिक सुगम बनाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ केवल क्षिप्रा नदी में स्नान तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि श्रद्धालु पूरे उज्जैन के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन भी करेंगे। इसे ध्यान में रखते हुए शहर के सभी प्रमुख मंदिरों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर धार्मिक अनुभव मिल सके।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उज्जैन से लगभग 100 किलोमीटर के दायरे में स्थित ढाबों, होटलों और अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जाए। उनका कहना था कि श्रद्धालुओं को पर्याप्त आवास, भोजन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकारी इंतजामों के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि सरकार का प्रयास रहेगा कि श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाओं के लिए निजी व्यवस्थाओं पर निर्भर न रहना पड़े।

    मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास और पड़ोसी राज्यों के सहयोग से सिंहस्थ-2028 को पहले से अधिक भव्य, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक बनाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर सभी तैयारियां तय समय सीमा में पूरी करने का आह्वान किया।

  • मध्य प्रदेश में डीपफेक का कहर, उज्जैन की छात्रा और भोपाल की मां-बेटी बनीं AI साजिश का शिकार

    मध्य प्रदेश में डीपफेक का कहर, उज्जैन की छात्रा और भोपाल की मां-बेटी बनीं AI साजिश का शिकार


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग के दो चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं जिन्होंने साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है। उज्जैन और भोपाल में सामने आई इन घटनाओं में लोगों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए एआई की मदद से अश्लील तस्वीरें और वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल किए गए। दोनों मामलों में पुलिस जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

    पहला मामला उज्जैन के पंवासा थाना क्षेत्र का है जहां एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही एक छात्रा को सुनियोजित साजिश का शिकार बनाया गया। छात्रा की तस्वीर को अश्लील वीडियो के साथ जोड़कर डीपफेक कंटेंट तैयार किया गया और उसे सोशल मीडिया तथा गांव के व्हाट्सएप ग्रुपों में वायरल कर दिया गया। इस घटना के बाद छात्रा के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके आधार पर जांच शुरू हुई।

    पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी साजिश के पीछे छात्रा का ही एक रिश्तेदार था जिसका उद्देश्य छात्रा के पिता को समाज में बदनाम करना था। जांच में यह भी पता चला कि छात्रा की तस्वीर सरकारी रिकॉर्ड से हासिल की गई थी। आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान जमा कराई गई फोटो एक महिला बीएलओ के माध्यम से आरोपियों तक पहुंची जिसके बाद उसी तस्वीर का इस्तेमाल कर डीपफेक वीडियो तैयार किया गया।

    इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक आरोपी अब भी फरार है। महिला बीएलओ को अदालत से जमानत मिल चुकी है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। शुरुआती जांच में पारिवारिक और चुनावी रंजिश को इस घटना की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

    दूसरा मामला भोपाल के करोंद इलाके का है जहां शादी से इनकार करने पर एक युवती ने बदला लेने के उद्देश्य से युवक के परिवार को निशाना बनाया। आरोप है कि युवती ने एआई तकनीक की मदद से युवक की मां और 18 वर्षीय बहन की अश्लील तस्वीरें और वीडियो तैयार किए और फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर उन्हें वायरल कर दिया।

    पीड़ित परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद उनकी बेटी मानसिक तनाव से गुजर रही है और पूरा परिवार सामाजिक बदनामी का सामना कर रहा है। परिवार ने पहले स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस कमिश्नर कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    इन दोनों घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आधुनिक एआई और डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा सामाजिक जीवन और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। साइबर विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वे अपनी निजी तस्वीरें और व्यक्तिगत जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते समय पूरी सावधानी बरतें। यदि किसी व्यक्ति को अपने नाम या तस्वीर का दुरुपयोग होने की जानकारी मिले तो बिना देर किए पुलिस और साइबर सेल में शिकायत दर्ज करानी चाहिए ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।