Category: Madhya Pradesh

  • बैठक में गैरहाजिरी पर नोटिस, डॉक्टर ने लगाया मानसिक प्रताड़ना का आरोप

    बैठक में गैरहाजिरी पर नोटिस, डॉक्टर ने लगाया मानसिक प्रताड़ना का आरोप


    मध्य प्रदेश । दतिया के जिला स्वास्थ्य विभाग में एक कारण बताओ नोटिस ने नया प्रशासनिक विवाद खड़ा कर दिया है। एनक्वास (NQAS) बैठक में अनुपस्थित रहने पर सीएमएचओ डॉ. बीके वर्मा द्वारा जारी नोटिस के जवाब में डॉ. एसएस बाथम ने गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले को मानसिक प्रताड़ना और व्यक्तिगत द्वेष से प्रेरित बताया है।

    जानकारी के अनुसार, सीएमएचओ कार्यालय की ओर से 18 तारीख को आयोजित बैठक में अनुपस्थित रहने पर डॉ. बाथम को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके जवाब में डॉ. बाथम ने कई सवाल उठाते हुए पूछा कि उन्हें बैठक की सूचना कब और किस माध्यम से दी गई थी।

    डॉ. बाथम ने अपने जवाब में कहा कि यदि बैठक के संबंध में कोई आदेश जारी किया गया था, तो उसकी प्रति नोटिस के साथ संलग्न की जानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है और उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

    अपने पत्र में डॉ. बाथम ने यह भी लिखा कि वे कई बार कार्यालय संबंधी समस्याओं और स्टाफ की उपलब्धता पर चर्चा करने सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे, लेकिन हर बार उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि “साहब मीटिंग में हैं।” उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन सी लगातार चलने वाली बैठकें थीं, जिनके कारण उनसे चर्चा तक नहीं हो सकी।

    डॉक्टर ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी उनके खिलाफ अनर्गल पत्राचार कर छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में कुछ पत्र सोशल मीडिया ग्रुपों में साझा किए गए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई।

    डॉ. बाथम ने अपने जवाब में सीएमएचओ पर लंबे समय से व्यक्तिगत द्वेष रखने और पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि इस प्रकार का द्वेषपूर्ण पत्राचार जारी रहा, तो वे इसे मानसिक प्रताड़ना मानते हुए वैधानिक कार्रवाई करेंगे।

    मामले को गंभीर बनाते हुए डॉ. बाथम ने अपने जवाब की प्रतिलिपि राज्य मानवाधिकार आयोग, कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी है। वहीं दोनों अधिकारियों के बीच हुआ यह पत्राचार अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • पतारा जंगल में छापा: जुए के दतिया के पतारा जंगल में जुए के फड़ पर पुलिस का छापा: 8 गिरफ्तार, 6 फरार, 2.85 लाख नकद बरामदड़ से लाखों की नकदी और गाड़ियां जब्त

    पतारा जंगल में छापा: जुए के दतिया के पतारा जंगल में जुए के फड़ पर पुलिस का छापा: 8 गिरफ्तार, 6 फरार, 2.85 लाख नकद बरामदड़ से लाखों की नकदी और गाड़ियां जब्त


    मध्य प्रदेश । दतिया जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत सिविल लाइन थाना पुलिस ने रविवार रात बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। जिला अस्पताल के पीछे स्थित पतारा के जंगल में लंबे समय से चल रहे जुए के फड़ पर पुलिस ने अचानक दबिश दी और 8 जुआरियों को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस के अनुसार, मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर टीआई वैभव गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने इलाके की घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, जुआरियों में भगदड़ मच गई, लेकिन पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 8 लोगों को पकड़ लिया, जबकि 6 आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

    कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 2 लाख 85 हजार रुपए नकद, एक स्विफ्ट कार, एक बाइक और एक सोने की चेन सहित जुए से जुड़ा अन्य सामान भी जब्त किया है। बरामदगी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि जुआरी इस सुनसान जंगल क्षेत्र का इस्तेमाल इसलिए कर रहे थे ताकि देर रात तक बिना किसी रोक-टोक के अवैध गतिविधियां चलती रहें और किसी को इसकी जानकारी न हो सके।

    गिरफ्तार आरोपियों में नीरज कुशवाह (सीतापुर), ब्रजमोहन कुशवाह (कमथरा), दिनेश अहिरवार (सिद्धार्थ कॉलोनी), नरेश कुशवाह (ठंडी सड़क), राजेंद्र गोस्वामी (उनाव रोड), प्रवेंद्र जाटव (डबरा), जीतेन्द्र कुशवाह और श्रीराम कुशवाह (कुरथरा) शामिल हैं।

    वहीं फरार आरोपियों में आनंद कुशवाह, विपिन यादव, राजेश उर्फ कल्लू कमरिया, दीपक कमरिया, रामलाल कुशवाह और बचन यादव के नाम सामने आए हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

    पुलिस का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि इस जुए के फड़ का मुख्य संचालक कौन था और यह गतिविधि कितने समय से चल रही थी। मामले में जुआ एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • दतिया में रेलवे मार्ग बंद होने पर बवाल, 1000 लोगों के सामने संकट

    दतिया में रेलवे मार्ग बंद होने पर बवाल, 1000 लोगों के सामने संकट


    मध्य प्रदेश । दतिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 के पास स्थित रामनगर डेरा, पीताम्बरा कॉलोनी, विला कॉलोनी और मिश्रा कॉलोनी के रहवासियों ने सोमवार सुबह कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए रेलवे प्रशासन द्वारा पुराने आवागमन मार्ग को बंद किए जाने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई।

    रहवासियों का आरोप है कि रेलवे विभाग उस रास्ते को बंद करने की तैयारी कर रहा है, जिसका उपयोग वर्षों से स्थानीय लोग आवागमन के लिए करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि इस मार्ग के बंद होने से करीब एक हजार से अधिक लोगों के सामने गंभीर आवागमन संकट खड़ा हो जाएगा।

    लोगों ने बताया कि यह मार्ग आजादी से पहले से उपयोग में है और पुराने रेलवे स्टेशन के टिकट घर के पास से रामनगर डेरा और बाजनी क्षेत्र की ओर जाने के लिए बनाया गया था। यह भूमि खसरा क्रमांक 613/701 में मध्यप्रदेश शासन के नाम दर्ज है, और लंबे समय से लोग इसी रास्ते का उपयोग कर रहे हैं।

    रहवासियों ने यह भी बताया कि नए रेलवे स्टेशन के निर्माण के दौरान पुराने रास्ते के स्थान पर एक वैकल्पिक मार्ग बनाया गया था, जिससे वर्तमान में कॉलोनियों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की आवाजाही हो रही है। लेकिन अब उसी वैकल्पिक मार्ग को भी बंद करने की तैयारी की जा रही है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौके पर गिट्टी, रेत और ईंट जैसे निर्माण सामग्री एकत्र की जा रही है, जिससे संकेत मिलता है कि रास्ता बंद करने का काम जल्द शुरू हो सकता है।

    प्रभावित कॉलोनियों में बड़ी संख्या में शासकीय कर्मचारी, व्यापारी और किसान परिवार रहते हैं। वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों और ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही भी इसी मार्ग पर निर्भर है। लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी सड़क भी इसी रास्ते से जुड़ी हुई है, ऐसे में रास्ता बंद होने पर पूरी कनेक्टिविटी प्रभावित हो जाएगी।

    रहवासियों ने कलेक्टर से मांग की है कि रेलवे द्वारा किए जा रहे किसी भी निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए और आमजन के लिए यह मार्ग सुरक्षित रखा जाए। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी और ग्रामीण मौजूद रहे।

  • राजस्थान की गर्म हवाओं से दतिया तपने लगा: नौतपा शुरू होते ही बढ़ी गर्मी, सीजन की सबसे गर्म रात में पारा 32°C पहुंचा

    राजस्थान की गर्म हवाओं से दतिया तपने लगा: नौतपा शुरू होते ही बढ़ी गर्मी, सीजन की सबसे गर्म रात में पारा 32°C पहुंचा


    मध्य प्रदेश । दतिया जिले में इन दिनों मौसम ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राजस्थान की ओर से आ रही सूखी और गर्म पश्चिमी हवाओं ने पूरे इलाके को तपन की चपेट में ले लिया है। नौतपा शुरू होते ही गर्मी का असर और तेज हो गया है, जिससे दिन के साथ-साथ रात में भी राहत मिलना मुश्किल हो गया है।

    रविवार और सोमवार की रात इस सीजन की सबसे गर्म रात दर्ज की गई, जब न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह पिछले वर्षों के मुकाबले काफी अधिक माना जा रहा है। वहीं दिन का अधिकतम तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जिससे चौबीस घंटे लू जैसे हालात बने हुए हैं।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं के कारण हवा में नमी लगभग खत्म हो गई है। सामान्यतः सूर्यास्त के बाद तापमान में गिरावट आती है, लेकिन इस बार रात देर तक गर्म हवाएं चलने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। रात 12 बजे तक भी सड़कों पर गर्म हवा के थपेड़े महसूस किए जा रहे हैं।

    गर्मी का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिख रहा है। कूलर और पंखे भी राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं, जबकि कई जगहों पर लोग पूरी रात बेचैनी में जागने को मजबूर हैं। बाजारों में भी दिन के समय सन्नाटा पसर रहा है और दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक शहर की रफ्तार लगभग थम सी गई है।

    किला चौक, टाउन हॉल और आनंद टॉकीज रोड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। प्रशासन ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर न निकलने तथा पर्याप्त पानी पीने की अपील की है।

    मौसम विभाग का कहना है कि नौतपा के दौरान तापमान और बढ़ सकता है और पारा 45 डिग्री से ऊपर जाने की संभावना बनी हुई है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि इस दौरान जितनी अधिक गर्मी पड़ेगी, मानसून के बेहतर रहने की संभावना उतनी ही अधिक हो सकती है। फिलहाल दतिया में भीषण गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है और लोग राहत की बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

  • आर्यिका माताजी हादसे पर दतिया में आक्रोश: जैन समाज का मौन जुलूस, SIT जांच और संत सुरक्षा नीति की मांग

    आर्यिका माताजी हादसे पर दतिया में आक्रोश: जैन समाज का मौन जुलूस, SIT जांच और संत सुरक्षा नीति की मांग


    मध्य प्रदेश । रीवा में सड़क हादसे में जैन आर्यिका माताजी की मृत्यु को लेकर प्रदेशभर में जैन समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को दतिया में भी जैन समाज ने शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकालकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

    श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर प्रबंध समिति और समस्त जैन समाज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाजजन एसपी कार्यालय पहुंचे। यहां एएसपी सुनील कुमार शिवहरे को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान समाज ने स्पष्ट कहा कि यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं मानी जा सकती और इसकी गहराई से जांच आवश्यक है।

    जैन समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की कि मामले की SIT अथवा न्यायिक जांच कराई जाए, साथ ही घटना स्थल के आसपास के सभी CCTV फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। समाज ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई की भी मांग की।

    मौन जुलूस के दौरान समाजजनों ने कहा कि जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक, निहत्थे और पैदल विहार करने वाले होते हैं, जो समाज को शांति और संयम का संदेश देते हैं। ऐसे में उनके साथ होने वाली घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।

    समाज ने विहार मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की मांग उठाई, जिसमें ट्रैफिक नियंत्रण, हाईवे पर चेतावनी संकेतक, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त और प्रशासनिक समन्वय शामिल है। इसके अलावा एक “संत सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन सेल” बनाने की भी मांग की गई।

    सबसे प्रमुख मांग के रूप में जैन समाज ने केंद्र सरकार से “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” लागू करने की अपील की है, ताकि पैदल विहार करने वाले संतों की सुरक्षा के लिए एक स्पष्ट SOP तैयार किया जा सके। समाज का कहना है कि संतों के खिलाफ होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाना चाहिए।

    प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और समाजजनों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

  • यूपी से दतिया तक का अनोखा सफर: कलेक्टर से मिलने की जिद में बिगड़ी तबीयत

    यूपी से दतिया तक का अनोखा सफर: कलेक्टर से मिलने की जिद में बिगड़ी तबीयत


    मध्य प्रदेश । मध्यप्रदेश के दतिया में सोमवार को एक अनोखा मामला सामने आया, जहां उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से आया एक युवक अपनी गर्लफ्रेंड की जिद पूरी करने के चक्कर में कलेक्ट्रेट परिसर में बेहोश हो गया। युवक का कहना है कि उसे सोशल मीडिया पर चर्चित दतिया कलेक्टर से मिलकर दिखाने की चुनौती दी गई थी।

    26 वर्षीय राजकुमार गुप्ता, जो पेशे से टैक्सी ड्राइवर है, अपनी गर्लफ्रेंड की शर्त पूरी करने के लिए यूपी से दतिया पहुंचा था। उसने बताया कि गर्लफ्रेंड ने कहा था कि अगर वह उसे सच में चाहता है तो दतिया जाकर कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े से मिलकर दिखाए। इसी चुनौती को पूरा करने के लिए वह ट्रेन और बस से यात्रा करते हुए दतिया पहुंचा।

    राजकुमार शुक्रवार को झांसी होते हुए दतिया पहुंचा और एक होटल में रुका। शनिवार को वह पहली बार कलेक्ट्रेट पहुंचा, लेकिन उस दिन अवकाश होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। रविवार को भी वह होटल में ही रुका रहा। सोमवार को जब वह दोबारा कलेक्ट्रेट पहुंचा, तो भीषण गर्मी और लगातार थकान के कारण उसकी हालत बिगड़ गई।

    गर्मी में पानी पीते समय उसे अचानक सीने में दर्द हुआ और वह कलेक्ट्रेट परिसर में बेहोश होकर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।

    युवक ने बताया कि इस पूरी यात्रा में उसके पैसे भी खत्म हो गए और होटल का किराया देने तक की स्थिति नहीं बची। उसने अपने परिचितों से मदद मांगी है।

    इस बीच दतिया कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें युवक की जानकारी मिली है और वे जल्द ही उससे मुलाकात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि युवक की तबीयत ठीक नहीं होती है तो वे स्वयं अस्पताल जाकर उससे मिलेंगे।

  • मुरैना में भीषण गर्मी का कहर: 45 डिग्री तापमान में ट्रांसफार्मर में लगी आग, धूल डालकर बुझाई गई लपटें

    मुरैना में भीषण गर्मी का कहर: 45 डिग्री तापमान में ट्रांसफार्मर में लगी आग, धूल डालकर बुझाई गई लपटें


    मध्य प्रदेश । मुरैना शहर में सोमवार सुबह भीषण गर्मी के बीच बड़ा हादसा हो गया। गोपीनाथ की पुलिया क्षेत्र में करीब 11:30 बजे एक बिजली ट्रांसफार्मर में अचानक आग भड़क उठी। उस समय जिले में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका था, जिससे हालात और भी गंभीर हो गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रांसफार्मर से अचानक तेज लपटें उठती देख इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। कुछ देर तक स्थिति बेहद तनावपूर्ण रही। हालांकि, आग थोड़ी कम होने पर स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए धूल और मिट्टी डालकर आग पर काबू पाया।

    बिजली विभाग के जानकारों का कहना है कि इन दिनों भीषण गर्मी के साथ-साथ बिजली की मांग भी काफी बढ़ गई है, जिससे ट्रांसफार्मरों पर अत्यधिक लोड पड़ रहा है। इसी ओवरलोड और तेज गर्मी के कारण ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आई और उसमें आग लग गई।

    घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके की बिजली सप्लाई तुरंत बंद कर दी गई, जिससे स्थानीय लोग भीषण गर्मी में परेशान हैं। कई घरों और दुकानों में बिजली न होने से जनजीवन प्रभावित हो गया है।

    बिजली विभाग के एसई सुरेश कुमार ने बताया कि गर्मी और ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर में आग लगने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को देखते हुए बिजली सप्लाई रोकी गई है और मरम्मत का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जल्द ही सप्लाई बहाल करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल इलाके में बिजली संकट के कारण लोग गर्मी से बेहाल हैं और राहत का इंतजार कर रहे हैं।

  • भिंड में BSP नेता पर FIR: सीवेज पाइप तोड़ने और धमकी देने का आरोप, राजनीतिक विवाद भी गरमाया

    भिंड में BSP नेता पर FIR: सीवेज पाइप तोड़ने और धमकी देने का आरोप, राजनीतिक विवाद भी गरमाया


    मध्य प्रदेश । भिंड जिले के गौरी तालाब क्षेत्र में निर्माणाधीन सीवेज पाइप लाइन को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। कोतवाली थाना पुलिस ने बीएसपी नेता रक्षपाल सिंह कुशवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उन पर सीवेज पाइप लाइन को नुकसान पहुंचाने, गाली-गलौज करने और कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं।

    पुलिस के अनुसार, रविवार देर शाम रक्षपाल कुशवाह अपने कुछ समर्थकों के साथ गौरी तालाब क्षेत्र में पहुंचे, जहां लंबे समय से निर्माणाधीन सीवेज लाइन का कार्य चल रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अधूरे कार्य और सड़क पर खोदे गए गड्ढों को लेकर क्षेत्र में पहले से ही असंतोष था।

    इसी दौरान विवाद की स्थिति बन गई और आरोप है कि नेता ने मौके पर सीवेज पाइप लाइन को नुकसान पहुंचाया तथा कर्मचारियों को धमकाया। लगभग 20 से 30 मिनट तक मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जिसके बाद मामला कोतवाली थाने पहुंचा। सीवेज कार्य से जुड़े कर्मचारियों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि रक्षपाल सिंह कुशवाह पर इससे पहले भी बरेठा टोल प्लाजा आंदोलन के दौरान सीसीटीवी कैमरा तोड़ने का आरोप लग चुका है। उस मामले में भी उनके खिलाफ महाराजपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिससे यह मामला और चर्चा में आ गया है।

    वहीं दूसरी ओर बीएसपी नेता रक्षपाल कुशवाह ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और यह कार्रवाई एक जनप्रतिनिधि से चल रहे राजनीतिक मतभेदों के कारण कराई गई है।

    फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की आगे जांच कर रही है। घटना ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक माहौल को भी गर्मा दिया है।

  • संतों संग दिखे विधायक-पूर्व विधायक, जैन समाज के स्वागत कार्यक्रम में भारी भीड़

    संतों संग दिखे विधायक-पूर्व विधायक, जैन समाज के स्वागत कार्यक्रम में भारी भीड़


    मध्य प्रदेश । भिंड में सोमवार सुबह धार्मिक आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज सहित 25 जैन मुनियों का शहर में आगमन हुआ। उमरी स्थित महावीर स्वामी तीर्थ स्थल के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे संतों के स्वागत के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ सड़कों पर उमड़ पड़ी।

    जैन मुनियों का विहार मानपुरा से शुरू होकर अटेर रोड के रास्ते भिंड शहर में प्रवेश हुआ। रास्तेभर श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर दर्शन किए और “जयकारों” से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शहर के विभिन्न स्थानों पर फूलों की वर्षा की गई और रंगोलियों से मार्ग सजाया गया, जिससे पूरा शहर आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया।

    लहार चुंगी क्षेत्र में विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने जैन संतों का स्वागत किया और अपने निवास पर चरण पखारकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद सैनिक कल्याण बोर्ड कार्यालय के पास पूर्व विधायक संजीव सिंह कुशवाह ने भी संतों की सेवा-पूजन कर सम्मान व्यक्त किया।

    इस दौरान एक भावनात्मक और चर्चित दृश्य भी सामने आया, जब विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और पूर्व विधायक संजीव सिंह कुशवाह दोनों संतों के साथ पैदल चलते नजर आए। दोनों जनप्रतिनिधि लगभग दो किलोमीटर तक जैन मुनियों के साथ विहार में शामिल रहे, जिसने श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा और आकर्षण का केंद्र बना दिया।

    विहार के बाद संतों का काफिला उदोतगढ़ स्थित रोशनलाल दैपुरिया कॉलेज पहुंचा, जहां दोपहर में विश्राम किया गया। जानकारी के अनुसार जैन मुनियों का अगला विहार शाम को आगे की यात्रा के लिए निर्धारित है। पूरे आयोजन ने भिंड शहर को धार्मिक उत्साह, अनुशासन और आस्था के रंग में सराबोर कर दिया।

  • अशोकनगर में सनसनी: स्कूल में मिला युवक का फंदे पर लटका शव, गांव में मातम

    अशोकनगर में सनसनी: स्कूल में मिला युवक का फंदे पर लटका शव, गांव में मातम


    मध्य प्रदेश । अशोकनगर जिले के रिजौदा गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गांव के ही 34 वर्षीय भरत यादव का शव सरकारी स्कूल के रोशनदान में फांसी के फंदे से लटका मिला। मृतक चार बेटियों का पिता था।

    घटना की शुरुआत उस समय हुई जब सुबह लगभग 7 बजे एक बच्ची ने स्कूल की तरफ देखा और रोशनदान में किसी व्यक्ति को लटका हुआ पाया। घबराई बच्ची ने तुरंत ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में शव को नीचे उतारकर जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    जानकारी के अनुसार, भरत यादव रविवार रात को परिवार के साथ सामान्य रूप से खाना खाकर सोया था। सुबह करीब 5 बजे वह बिना किसी को बताए घर से निकल गया था। परिजनों ने बताया कि रात तक उसकी किसी भी तरह की मानसिक परेशानी या तनाव की जानकारी नहीं थी, जिससे घटना और भी रहस्यमय हो गई है।

    घटना के बाद स्कूल परिसर और गांव में मातम का माहौल है। चार बेटियों के सिर से पिता का साया उठ जाने से परिवार गहरे सदमे में है। ग्रामीणों की भारी भीड़ अस्पताल और गांव दोनों जगह जुटी रही।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा तैयार किया। इसके बाद पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है और गांव में गहरा शोक व्याप्त है।