Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर में जुए के विवाद ने लिया खूनी मोड़, बर्थडे पार्टी में युवक पर चाकू से हमला; पुलिस जांच में नए खुलासे

    इंदौर में जुए के विवाद ने लिया खूनी मोड़, बर्थडे पार्टी में युवक पर चाकू से हमला; पुलिस जांच में नए खुलासे


    इंदौर । इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र में बर्थडे पार्टी के दौरान हुआ विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। शुरुआत में इसे शराब पार्टी में हुई कहासुनी और मारपीट का मामला माना जा रहा था लेकिन अब जांच में इसके तार जुए के अड्डे और लेनदेन से जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और सामने आए नए तथ्यों के आधार पर मामले के विभिन्न पहलुओं को खंगाला जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार शुभ संप्रदा कॉलोनी निवासी राहुल धामेलिया ने शिकायत दर्ज कराई है कि वह अपने भाई लखन धामेलिया के साथ सीएनजी पंप के पास चोइथराम मंडी क्षेत्र में अपने परिचित शानू और शुभम से मिलने गया था। वहां पहले से सज्जू सिधवानी गिरी महाराज और अन्य लोग मौजूद थे जो एक बर्थडे पार्टी मना रहे थे। पार्टी के दौरान शराब पीने के बाद माहौल बिगड़ गया और मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।

    शिकायत के मुताबिक सज्जू सिधवानी ने पहले लखन के साथ गाली गलौज और अभद्रता की। विरोध करने पर उसने अपने साथियों को बुला लिया जिसके बाद सभी ने मिलकर राहुल और लखन के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान सज्जू ने चाकू निकालकर लखन के चेहरे और गले पर कई वार कर दिए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं एक अन्य आरोपी ने राहुल के सिर पर कांच की बोतल मार दी जिससे उसे भी चोटें आईं। दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

    घटना के बाद मामले को दबाने की कोशिश भी सामने आई। जानकारी के अनुसार घायल लखन को पहले एमवाय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने चोट का कारण पूछा तो परिजनों ने वाहन से गिरने की बात कही और पुलिस को सूचना देने से इनकार कर दिया। बाद में जब घटना की जानकारी बाहर आने लगी तो घायल को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।

    इस बीच पुलिस जांच में एक नया एंगल सामने आया है। सूत्रों के अनुसार हाल ही में क्राइम ब्रांच ने महालक्ष्मी नगर स्थित एक इमारत में संचालित जुए के अड्डे पर कार्रवाई की थी। जांच में यह बात भी सामने आई थी कि वहां पराग रघुवंशी शानू उर्फ कौआ और जीतू मिलकर जुए का संचालन करते थे। कार्रवाई के बाद कथित तौर पर भंवरकुआं क्षेत्र में नई बैठकों का सिलसिला शुरू हुआ था।

    पुलिस को आशंका है कि चाकूबाजी की यह घटना जुए के लेनदेन या उससे जुड़े विवाद का नतीजा हो सकती है। हालांकि फिलहाल दर्ज एफआईआर में इसे बर्थडे पार्टी के दौरान हुए विवाद के रूप में शामिल किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि घायल लखन ताश पहुंचाने का काम करता था और घटना वाले दिन अपने भाई के साथ वहीं पहुंचा था।

    पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में जुए के लेनदेन या अन्य आपराधिक गतिविधियों की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं में भी कार्रवाई की जा सकती है।

  • खजराना में खूनी विवाद, मीडियाकर्मी ने ठेकेदार को चाकू से गोदा; गिरफ्तारी के बाद सड़कों पर घुमाया आरोपी

    खजराना में खूनी विवाद, मीडियाकर्मी ने ठेकेदार को चाकू से गोदा; गिरफ्तारी के बाद सड़कों पर घुमाया आरोपी


    इंदौर । इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में आपसी विवाद ने शुक्रवार को हिंसक रूप ले लिया जब एक मीडियाकर्मी ने ठेकेदार पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का इलाके में जुलूस निकाला और फिर उसे न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं घायल ठेकेदार की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका शहर के निजी अस्पताल के आईसीयू में उपचार जारी है।

    पुलिस के अनुसार घटना तंजीम नगर इलाके की है जहां रहने वाले मीडियाकर्मी आरिफ बरकाती और ठेकेदार शानू के बीच एक दिन पहले किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। उस समय दोनों के बीच विवाद तो हुआ लेकिन मामला शांत हो गया। हालांकि अगले ही दिन यह विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि शानू आरिफ के घर के बाहर पहुंचा और दोनों के बीच फिर से बहस शुरू हो गई। इसी दौरान माहौल इतना बिगड़ गया कि आरिफ घर के भीतर गया और चाकू लेकर बाहर आया। इसके बाद उसने शानू पर लगातार कई वार कर दिए जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा।

    हमले के बाद आसपास के लोगों में अफरा तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल शानू को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए आईसीयू में भर्ती कर लिया। चिकित्सकों के अनुसार उसके पेट में गंभीर चोटें आई हैं और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    घटना के बाद खजराना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी आरिफ बरकाती की तलाश शुरू की और कुछ ही समय में उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी को पहले सीधे जेल भेजने की तैयारी थी लेकिन जैसे ही मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची उन्होंने आरोपी को वापस बुलाने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने इलाके में आरोपी का पैदल जुलूस निकाला ताकि कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश दिया जा सके। जुलूस के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

    पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जाएगी। प्रारंभिक जांच में दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश की बात भी सामने आई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

  • इंदौर से मिले ग्रीन फ्यूचर के संकेत EV कॉन्क्लेव में निवेश नवाचार और क्लीन ट्रांसपोर्ट पर बड़ा मंथन

    इंदौर से मिले ग्रीन फ्यूचर के संकेत EV कॉन्क्लेव में निवेश नवाचार और क्लीन ट्रांसपोर्ट पर बड़ा मंथन


                                                         
    इंदौर । इंदौर एक बार फिर नवाचार और भविष्य की तकनीकों का केंद्र बनकर उभरा है। शहर में आयोजित ईवी और ग्रीन एनर्जी कॉन्क्लेव ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी स्वच्छ ऊर्जा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के क्षेत्र में नए अवसरों की मजबूत तस्वीर पेश की। शेराटन ग्रैंड पैलेस में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से आए निवेशकों स्टार्टअप संस्थापकों उद्योग विशेषज्ञों कॉरपोरेट प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं ने भाग लेकर हरित विकास की दिशा में नई रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।

    ह्युन्स ऑफ ईवी द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव में 200 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी निवेशक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए। इंदौर नगर निगम ने सिटी होस्ट पार्टनर के रूप में आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि शहर स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

    कार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम बैटरी और ऊर्जा प्रबंधन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी क्लाइमेट टेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे अहम विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भविष्य की चुनौतियों निवेश की संभावनाओं और नई तकनीकों के बेहतर उपयोग पर विस्तृत मंथन किया।

    कॉन्क्लेव का सबसे आकर्षक हिस्सा स्टार्टअप्स की लाइव पिच प्रस्तुति रही। देशभर से मिले लगभग 2400 आवेदनों में से बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद केवल नौ स्टार्टअप्स को निवेशकों के सामने अपने इनोवेशन और बिजनेस मॉडल पेश करने का अवसर मिला। इस दौरान निवेशकों और स्टार्टअप्स के बीच कई महत्वपूर्ण व्यावसायिक चर्चाएं हुईं और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

    कार्यक्रम में कई अग्रणी कंपनियों और उद्योग समूहों की भागीदारी रही। इस मंच ने स्टार्टअप्स उद्योग और निवेशकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ नए निवेश और तकनीकी सहयोग का रास्ता भी खोला। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन भारत में स्वच्छ परिवहन और ग्रीन एनर्जी सेक्टर को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएंगे।

    एचईवी के सीईओ डॉ ललित सिंह ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और क्लीन ट्रांसपोर्ट तेजी से विस्तार कर रहे हैं। ऐसे मंच स्टार्टअप्स को नवाचार के साथ निवेशकों तक पहुंचने का अवसर देते हैं और उद्योग के विकास को गति प्रदान करते हैं। वहीं सलाहकार स्वप्निल बंसल ने कहा कि इंदौर जैसे टियर टू और टियर थ्री शहर अब स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए मजबूत केंद्र बनते जा रहे हैं जहां नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और निवेश दोनों मिल रहे हैं।

    डायरेक्टर आभा सिंह और एडिटर दिव्या ठक्कर ने कहा कि यह आयोजन इस बात का संकेत है कि ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल आधारित नवाचार अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं हैं। मध्य भारत भी तेजी से इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है और आने वाले समय में इस क्षेत्र में नई तकनीकों निवेश और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।

  • शादी की शान बनी घोड़ी पर क्रूरता का वार डंडे से पिटाई का VIDEO वायरल पुलिस से कार्रवाई की मांग

    शादी की शान बनी घोड़ी पर क्रूरता का वार डंडे से पिटाई का VIDEO वायरल पुलिस से कार्रवाई की मांग


    इंदौर । इंदौर में एक घोड़ी के साथ कथित क्रूरता का मामला सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी फैल गई है। शहर के नृसिंह बाजार चौराहे के पास एक घोड़ी को डंडों से पीटकर जबरन नचाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना को अमानवीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंच चुकी है और वीडियो की जांच शुरू कर दी गई है।

    जानकारी के अनुसार घटना 25 जून की रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में एक युवक घोड़ी को नियंत्रित करने और उससे जबरन प्रदर्शन कराने के लिए लगातार डंडे मारता दिखाई दे रहा है। इस दौरान आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे लेकिन किसी ने भी घोड़ी को बचाने या युवक को रोकने का प्रयास नहीं किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी।

    पशु कल्याण के क्षेत्र में कार्य करने वाले नीडीटेल फाउंडेशन के प्रियांश जैन ने पंढरीनाथ थाना पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घोड़ी को दर्द और भय के जरिए प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने पुलिस से मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

    इस घटना से जुड़ा एक और वीडियो भी सामने आया है जिसमें उसी घोड़ी को सड़क पर नचाते हुए देखा जा सकता है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जानवर को उसकी इच्छा के विरुद्ध प्रताड़ित कर प्रदर्शन कराया गया जिससे उसे शारीरिक और मानसिक पीड़ा पहुंची।

    कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि जांच में यह साबित होता है कि घोड़ी को अनावश्यक पीड़ा पहुंचाई गई या उसे बेरहमी से पीटा गया तो आरोपियों के खिलाफ पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। इस कानून के तहत किसी भी पशु को मारना पीटना या अनावश्यक कष्ट पहुंचाना दंडनीय अपराध है।

    इसके अलावा यदि जांच में यह सामने आता है कि घोड़ी को गंभीर चोट पहुंची है या उसे स्थायी नुकसान हुआ है तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। इस प्रावधान के तहत पशु को घायल करने या अपंग बनाने पर पांच वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

    फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर पशुओं के साथ होने वाली क्रूरता और उनके संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने पहुंचा युवक धराया 40 हजार के जाली नोट और प्रिंटिंग मशीन बरामद

    इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने पहुंचा युवक धराया 40 हजार के जाली नोट और प्रिंटिंग मशीन बरामद


    इंदौर । इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने की एक कोशिश ने जाली करेंसी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। एक युवक रेस्टोरेंट में नकली नोट देकर भुगतान करने पहुंचा था लेकिन संचालक की सतर्कता के कारण उसकी चालाकी सफल नहीं हो सकी। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 40 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने की कोशिश कर रहा था।

    गांधी नगर थाना पुलिस के अनुसार 25 जून को राजनगर स्थित सांवरिया रेस्टोरेंट पर संचालक यशवंत यादव मौजूद थे। इसी दौरान दीपक नाम का युवक वहां पहुंचा और भुगतान के लिए 200 रुपये का नोट दिया। नोट को देखते ही संचालक को उस पर शक हुआ। उन्होंने कर्मचारियों की मदद से युवक को वहीं रोक लिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस पूछताछ में दीपक ने अपने साथी संजय का नाम बताया। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए संजय और उसके साथी रवि को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 40 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन जब्त की गई। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने नकली नोट बाजार में चलाए हैं और इनके संपर्क में कौन कौन लोग थे।

    जांच में सामने आया कि दीपक और संजय पहले एक शराब दुकान पर सेल्समैन के रूप में साथ काम करते थे। वहीं दोनों की पहचान हुई थी। इसी दौरान संजय ने दीपक को बताया था कि उसका एक परिचित बिल्कुल असली जैसे दिखने वाले नकली नोट तैयार करता है। कुछ समय बाद दीपक ने नौकरी छोड़ दी और ट्रक ड्राइवर बन गया जबकि संजय इंदौर आ गया। बाद में दोनों के बीच फिर संपर्क हुआ और नकली नोटों के कारोबार की योजना बनाई गई।

    पुलिस के अनुसार दोनों के बीच ऐसा सौदा तय हुआ था जिसमें एक हजार रुपये देने पर चार हजार रुपये के नकली नोट उपलब्ध कराए जाते थे। दीपक पहली बार ही नकली नोट लेकर उन्हें बाजार में चलाने निकला था लेकिन रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता के कारण वह पकड़ा गया और पूरा मामला सामने आ गया।

    जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी संजय के खिलाफ पहले से ही एसटीएफ में नकली नोटों से जुड़े दो मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं और नकली नोट तैयार करने का सामान कहां से लाया जाता था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों को इस नेटवर्क के जरिए जाली करेंसी उपलब्ध कराई गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

  • जिसे पुलिस ने बताया MD ड्रग्स वह निकला यूरिया बर्खास्त पुलिसकर्मी बरी अब अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

    जिसे पुलिस ने बताया MD ड्रग्स वह निकला यूरिया बर्खास्त पुलिसकर्मी बरी अब अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप


    इंदौर । इंदौर में कथित एमडी ड्रग्स बरामदगी के चर्चित मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जिस पदार्थ को पुलिस ने करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग्स बताकर बड़ी कार्रवाई का दावा किया था वह दोनों सरकारी फॉरेंसिक जांच में साधारण यूरिया निकला। इसके बाद अदालत ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मी समेत तीनों आरोपियों को बरी कर दिया। अब बर्खास्त पुलिसकर्मी ने दो आईपीएस अधिकारियों सहित 19 पुलिसकर्मियों पर झूठे मामले में फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है।

    करीब 16 महीने पहले इंदौर पुलिस ने विजय पाटीदार और शाहनवाज शेख को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 198 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद होने का दावा किया था। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिसकर्मी लखन गुप्ता का नाम लिया जिसके बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाद में विभागीय कार्रवाई करते हुए लखन गुप्ता को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।

    मामले की जांच के दौरान जब्त किए गए पदार्थ के नमूने भोपाल स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजे गए। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि जब्त पदार्थ किसी भी प्रकार का मादक पदार्थ नहीं बल्कि सामान्य यूरिया है। इसके बाद पुलिस ने दोबारा हैदराबाद की केंद्रीय प्रयोगशाला से भी परीक्षण कराया लेकिन वहां भी रिपोर्ट में पदार्थ यूरिया ही पाया गया।

    दोनों प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट अदालत के सामने पेश की गई जिसके आधार पर विशेष अदालत ने लखन गुप्ता सहित तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। अदालत के फैसले के बाद लखन गुप्ता ने इंदौर जिला कोर्ट की विशेष अदालत में परिवाद दायर कर दो आईपीएस अधिकारियों सहित 19 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    लखन गुप्ता का आरोप है कि उन्हें सुनियोजित साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया। उनका कहना है कि कुछ पुलिस अधिकारियों ने मुखबिर के जरिए पहले से गिरफ्तार आरोपियों से उनका नाम कहलवाया और फिर उन्हें आजाद नगर क्षेत्र से उठाकर तेजाजी नगर थाने ले जाया गया। वहां पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और बाद में नौकरी से भी बर्खास्त कर दिया गया।

    लखन गुप्ता के अधिवक्ता नितिन पाराशर के अनुसार अदालत में दायर परिवाद में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। विशेष अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 27 जून की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान अदालत जांच के आदेश एफआईआर दर्ज कराने या अन्य कानूनी कार्रवाई को लेकर निर्णय ले सकती है।

    यह मामला अब इंदौर पुलिस की जांच प्रक्रिया और कार्रवाई की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। मामले में आगे अदालत के आदेश और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

  • शिवपुरी में अवैध खनन कार्रवाई के दौरान बवाल युवक को थप्पड़ मारते खनिज निरीक्षक का VIDEO वायरल

    शिवपुरी में अवैध खनन कार्रवाई के दौरान बवाल युवक को थप्पड़ मारते खनिज निरीक्षक का VIDEO वायरल


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हुए विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में खनिज निरीक्षक ऋषभ दीक्षित एक युवक को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

    जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले खनिज निरीक्षक ऋषभ दीक्षित अपनी टीम के साथ पिछोर क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर ट्रॉली को रोककर जांच की। चालक के पास वैध रॉयल्टी और परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर ट्रैक्टर ट्रॉली को जब्त कर लिया गया।

    जब जब्त वाहन को पुलिस बल की मौजूदगी में थाने ले जाया जा रहा था तभी मौके पर मौजूद कुछ लोगों और अधिकारियों के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान धक्का मुक्की और तीखी बहस की स्थिति बन गई। घटना के बाद खनिज निरीक्षक ने पिछोर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि मंगल लोधी और उसके साथियों ने शासकीय कार्य में बाधा डाली पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और जब्त वाहन छुड़ाने का प्रयास किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।

    अब सामने आए वायरल वीडियो में खनिज निरीक्षक पहले युवक मंगल लोधी से मोबाइल मांगते दिखाई देते हैं। कुछ ही क्षण बाद वे युवक को थप्पड़ मार देते हैं जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का मुक्की और कहासुनी शुरू हो जाती है। वीडियो के वायरल होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जाएगा कि थप्पड़ मारने से पहले क्या हुआ था और विवाद किस वजह से बढ़ा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि दोनों पक्षों की भूमिका क्या रही। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है और सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

  • शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा पोहरी SDM के रीडर की पत्नी की मौत खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से टकराई कार

    शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा पोहरी SDM के रीडर की पत्नी की मौत खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से टकराई कार


    शिवपुरी  शिवपुरी में देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से तेज रफ्तार कार टकरा गई जिससे पोहरी एसडीएम कार्यालय के रीडर श्याम सिंह दोहरे की पत्नी मनीषा दोहरे की मौत हो गई। हादसे में श्याम सिंह दोहरे सहित चार अन्य लोग घायल हुए हैं जिनका मेडिकल कॉलेज शिवपुरी में उपचार जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार पोहरी एसडीएम कार्यालय में पदस्थ रीडर श्याम सिंह दोहरे का हाल ही में भिंड तबादला हुआ था। शुक्रवार को जिला मुख्यालय शिवपुरी से कार्यमुक्त होने के बाद वे अपने परिवार और परिचितों के साथ कार से पोहरी लौट रहे थे। कार में उनकी पत्नी मनीषा दोहरे के अलावा एक शिक्षक उनकी पत्नी और उनका बच्चा भी सवार थे।

    बताया जा रहा है कि शिवपुरी पोहरी मुख्य मार्ग की खराब स्थिति के कारण उन्होंने झिरी मार्ग से जाने का फैसला किया। शुक्रवार देर रात करीब साढ़े बारह बजे मुद्गल पेट्रोल पंप के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज शिवपुरी पहुंचाया गया। इलाज के दौरान मनीषा दोहरे ने दम तोड़ दिया जबकि श्याम सिंह दोहरे और अन्य घायलों का इलाज जारी है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है।

    शनिवार को मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से कार की टक्कर मानी जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि ट्रैक्टर ट्रॉली सड़क पर किस परिस्थिति में खड़ी थी तथा सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क किनारे बिना पर्याप्त संकेतों के खड़े भारी वाहनों से होने वाले खतरों की ओर इशारा करता है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।

  • सागर मेडिकल कॉलेज की बड़ी लापरवाही ऑपरेशन से एक दिन पहले लगा हाई रिस्क इंजेक्शन मरीज की गई जान

    सागर मेडिकल कॉलेज की बड़ी लापरवाही ऑपरेशन से एक दिन पहले लगा हाई रिस्क इंजेक्शन मरीज की गई जान


    सागर  सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हुई एक मरीज की मौत ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस एनेस्थीसिया इंजेक्शन का उपयोग ऑपरेशन के दौरान मरीज को बेहोश करने के लिए किया जाना था उसे निर्धारित समय से एक दिन पहले ही नस के जरिए लगा दिया गया। घटना के बाद मरीज की हालत तेजी से बिगड़ी और कई दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद उसकी मौत हो गई। मामले में ड्यूटी पर तैनात नर्स को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है।

    जानकारी के अनुसार देवेंद्र पाठक को गले में गांठ की समस्या के चलते बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में भर्ती कराया गया था। अगले दिन उनकी बायोप्सी होनी थी। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन में उपयोग होने वाला हाई रिस्क एनेस्थीसिया इंजेक्शन नर्स ने पहले ही मरीज को लगा दिया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनट बाद मरीज की सांसें उखड़ने लगीं और उसकी हार्टबीट रुक गई। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर देकर उसे बचाने की कोशिश की और बाद में वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया। इलाज के दौरान कुछ समय के लिए हालत में सुधार जरूर हुआ लेकिन 23 जून की सुबह मरीज ने दम तोड़ दिया।

    मृतक की पत्नी रीता पाठक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि इंजेक्शन लगाते समय संबंधित नर्स मोबाइल फोन और ब्लूटूथ इयरफोन पर बातचीत में व्यस्त थी। इसी लापरवाही के कारण गलत समय पर दवा दे दी गई जिससे मरीज की जान चली गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    कॉलेज प्रशासन ने परिजनों की शिकायत और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर नर्स शिखा पटले को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस भी पूरे मामले की अलग से जांच कर रही है।

    घटना पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एनेस्थीसिया जैसी हाई अलर्ट दवाएं केवल निर्धारित प्रक्रिया और विशेषज्ञ डॉक्टर की निगरानी में ही दी जानी चाहिए। यदि किसी स्वास्थ्यकर्मी को दवा को लेकर जरा भी संदेह हो तो पहले वरिष्ठ डॉक्टर या नर्सिंग अधिकारी से पुष्टि करना अनिवार्य होता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला केवल व्यक्तिगत लापरवाही तक सीमित नहीं हो सकता बल्कि दवा वितरण प्रणाली डबल वेरिफिकेशन सुपरविजन प्रशिक्षण और अस्पताल की मानक संचालन प्रक्रिया में संभावित खामियों की भी गंभीर जांच की जानी चाहिए।

  • भोपाल में बंद मकान से रिटायर्ड दंपती के शव मिलने से सनसनी शरीर पर चोट के निशान हत्या के एंगल से जांच शुरू

    भोपाल में बंद मकान से रिटायर्ड दंपती के शव मिलने से सनसनी शरीर पर चोट के निशान हत्या के एंगल से जांच शुरू


    भोपाल भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र में एक बंद मकान से रिटायर्ड दंपती के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। दो दिन तक घर से बाहर नहीं निकलने और मकान से तेज दुर्गंध आने पर किराए पर रहने वाले छात्रों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो पति पत्नी मृत अवस्था में मिले। शवों पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस ने हत्या की आशंका सहित सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।

    मृतकों की पहचान 64 वर्षीय हेमंत बारीक और उनकी 62 वर्षीय पत्नी शकुंतला बारीक के रूप में हुई है। हेमंत बारीक भारतीय रेलवे से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे जबकि उनकी पत्नी शकुंतला बारीक कस्तूरबा अस्पताल में नर्स के पद से रिटायर हुई थीं। दंपती ऐशबाग के सुदामा नगर स्थित अपने मकान में रहते थे। मकान के एक हिस्से में कुछ छात्र किराए पर रहते हैं। दंपती की कोई संतान नहीं थी।

    छात्रों के अनुसार पिछले दो दिनों से दोनों घर से बाहर नहीं निकले थे। शुक्रवार को मकान से तेज दुर्गंध आने लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बंद मकान का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। अंदर दोनों के शव पड़े मिले जिनकी स्थिति काफी खराब हो चुकी थी।

    एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि शव पूरी तरह से डीकंपोज हो चुके हैं और उनके शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस हत्या की संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

    पुलिस ने घटनास्थल को सील कर फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। साथ ही एक्सरे और अन्य वैज्ञानिक परीक्षण भी कराए जा रहे हैं ताकि मौत के कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।

    परिजनों से पूछताछ में पता चला कि शकुंतला बारीक ने बुधवार को आखिरी बार अपनी भाभी से फोन पर बातचीत की थी। उस दौरान उन्होंने बताया था कि उनके पति की आंख में परेशानी है और वह उन्हें कस्तूरबा अस्पताल लेकर जा रही हैं। बातचीत में उन्होंने किसी तरह के खतरे या विवाद का जिक्र नहीं किया था। हालांकि परिजनों के अनुसार पति पत्नी के बीच अक्सर घरेलू विवाद होते रहते थे लेकिन उनकी किसी से पुरानी रंजिश की जानकारी सामने नहीं आई है।

    फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ कर रही है। साथ ही घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है ताकि मामले की सच्चाई जल्द सामने आ सके।