Category: Madhya Pradesh

  • मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल राहुल गांधी के पोस्टर पर विवाद दिग्विजय सिंह का वीडियो वायरल मंत्री का ऑटो चलाना बना चर्चा का विषय

    मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल राहुल गांधी के पोस्टर पर विवाद दिग्विजय सिंह का वीडियो वायरल मंत्री का ऑटो चलाना बना चर्चा का विषय


    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश की राजनीति में शनिवार को कई घटनाएं चर्चा का विषय बनी रहीं। छतरपुर में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर लगे पोस्टर में राहुल गांधी के हाथ में संविधान की उलटी प्रति दिखाई देने से पार्टी विपक्ष के निशाने पर आ गई। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा जिसमें वह एक मशहूर फिल्मी डायलॉग पूरा नहीं कर सके। दूसरी ओर प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग का ऑटो चलाते हुए वीडियो भी लोगों का ध्यान खींचता रहा।

    छतरपुर में कांग्रेस ने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर प्रेस वार्ता आयोजित की थी। हालांकि कार्यक्रम के मुद्दों से ज्यादा चर्चा मंच पर लगे पोस्टर और बैनर की हुई। पोस्टर में राहुल गांधी के हाथ में संविधान की प्रति उलटी दिखाई दे रही थी। वहीं एक अन्य बैनर में उनके चेहरे पर केक लगा हुआ नजर आया। कांग्रेस नेताओं ने इसे प्रिंटिंग की तकनीकी गलती बताया लेकिन विपक्ष ने इस मुद्दे पर पार्टी की आलोचना की।

    इसी बीच भोपाल में मीसाबंदियों के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले पर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संविधान की सबसे अधिक अनदेखी और दुरुपयोग कांग्रेस के शासनकाल में हुआ है। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद पोस्टर विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।

    उधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी एक कार्यक्रम के दौरान अलग कारण से सुर्खियों में रहे। कार्यक्रम की एंकर ने पहले उनसे फिल्मों के शौक के बारे में पूछा जिस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि सिनेमा का शौक किसे नहीं होता। इसके बाद उनसे मशहूर फिल्मी डायलॉग ये ढाई किलो का हाथ पूरा करने के लिए कहा गया। सवाल सुनकर दिग्विजय सिंह हंस पड़े लेकिन उन्होंने डायलॉग पूरा करने के बजाय बात को टाल दिया। इसके बाद उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जाने लगा।

    इधर प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। अपने विधानसभा क्षेत्र में मीसाबंदी रहे बुजुर्ग रामकुमार पटेल से मुलाकात करने पहुंचे सारंग ने कुछ समय के लिए ऑटो की ड्राइविंग सीट संभाली और ऑटो चलाया। उन्होंने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा किया जिसके बाद यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

    इन घटनाओं के बीच राजनीतिक गलियारों में प्रशासनिक हलचल की भी चर्चा रही। बताया जा रहा है कि एक विभाग में नए डायरेक्टर के रूप में पदभार संभालने वाले युवा आईएएस अधिकारी ने लंबे समय से प्रभाव रखने वाले एक अधिकारी की जिम्मेदारियों और प्रभाव को सीमित करना शुरू कर दिया है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और यह चर्चा राजनीतिक तथा प्रशासनिक हलकों तक सीमित है।

    कुल मिलाकर प्रदेश की राजनीति में एक ही दिन पोस्टर विवाद नेताओं के वायरल वीडियो और प्रशासनिक चर्चाओं ने सियासी माहौल को गर्माए रखा।

  • मध्य प्रदेश में मानसून पर लगा ब्रेक 43 जिलों में बारिश की चेतावनी ग्वालियर चंबल को करना होगा सबसे ज्यादा इंतजार

    मध्य प्रदेश में मानसून पर लगा ब्रेक 43 जिलों में बारिश की चेतावनी ग्वालियर चंबल को करना होगा सबसे ज्यादा इंतजार


    मध्यप्रदेश मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री के बाद उसकी रफ्तार फिलहाल थम गई है। दक्षिण पूर्वी हिस्से के 15 जिलों तक पहुंचने के बाद पिछले तीन दिनों से मानसून आगे नहीं बढ़ पाया है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में परिस्थितियां अनुकूल बनने की संभावना जताई है। इसके साथ ही शनिवार को प्रदेश के 43 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार मानसून ने 24 जून को मध्य प्रदेश में प्रवेश किया था। इसके बाद आलीराजपुर इंदौर धार हरदा बैतूल खंडवा बुरहानपुर खरगोन छिंदवाड़ा पांढुर्णा सिवनी बालाघाट मंडला डिंडोरी और बड़वानी सहित 15 जिलों में इसकी आधिकारिक एंट्री दर्ज की गई। इसके बाद मानसून की प्रगति धीमी पड़ गई। विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून सबसे पहले भोपाल और उज्जैन संभाग की ओर आगे बढ़ सकता है जबकि ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में इसकी दस्तक सबसे आखिर में होने की संभावना है।

    शनिवार के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर झाबुआ आलीराजपुर धार बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन उज्जैन रतलाम आगर मालवा शाजापुर देवास नर्मदापुरम बैतूल हरदा जबलपुर कटनी नरसिंहपुर छिंदवाड़ा पांढुर्णा सिवनी बालाघाट मंडला डिंडोरी रीवा सतना सीधी सिंगरौली मऊगंज मैहर शहडोल उमरिया अनूपपुर सागर पन्ना दमोह और छतरपुर में बारिश की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा ग्वालियर श्योपुर मुरैना भिंड दतिया शिवपुरी गुना अशोकनगर नीमच मंदसौर निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों में भी कहीं कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। सिवनी में करीब दो इंच बारिश दर्ज की गई जबकि उज्जैन में डेढ़ इंच से अधिक पानी गिरा। शाजापुर के शुजालपुर और अकोदिया सहित कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा हुई। दतिया इंदौर राजगढ़ शिवपुरी मंडला रीवा सागर बालाघाट खंडवा आगर मालवा और मंदसौर सहित अनेक जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा।

    बारिश के बीच कुछ स्थानों पर हादसे भी हुए। बालाघाट जिले में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चों सहित तीन लोगों की मौत हो गई जबकि छह लोग झुलस गए। वहीं देवास जिले के खटांबा गांव में आंधी और बारिश के दौरान एक गैलरी गिरने से दो महिलाओं की जान चली गई और तीन लोग घायल हो गए।

    लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। खरगोन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा जबकि खंडवा सागर छिंदवाड़ा बैतूल सिवनी उमरिया धार और नर्मदापुरम में भी तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में भोपाल और इंदौर का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस उज्जैन का 33.5 डिग्री जबलपुर का 36.7 डिग्री जबकि ग्वालियर सबसे गर्म रहा जहां अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग का कहना है कि यदि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो अगले दो से तीन दिनों में मानसून एक बार फिर सक्रिय होगा और प्रदेश के शेष हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ेगा।

  • MLA रेस्ट हाउस विवाद ने लिया नया मोड़ आरोपी पक्ष ने थाने में पिटाई का लगाया आरोप अब होगी पुलिस जांच

    MLA रेस्ट हाउस विवाद ने लिया नया मोड़ आरोपी पक्ष ने थाने में पिटाई का लगाया आरोप अब होगी पुलिस जांच


    नई दिल्ली। भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित एमएलए रेस्ट हाउस के बाहर कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे देवराज सिंह गुर्जर से कथित मारपीट के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। घटना में आरोपी बनाए गए लक्की यादव की मां ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर पुलिस कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं। शिकायत के बाद पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

    आरोपी पक्ष की ओर से की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान पहले उनके बेटों के साथ एमएलए रेस्ट हाउस के बाहर मारपीट की गई। इसके बाद अरेरा हिल्स थाने में भी पुलिस की मौजूदगी में उनके बेटों के साथ कथित रूप से मारपीट हुई। शिकायत में कहा गया है कि दोनों युवकों के शरीर पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण उनकी शिकायत पर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई।

    पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने शिकायत मिलने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    दूसरी ओर विधायक पुत्र देवराज सिंह गुर्जर ने भी पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष रखा है। उनके अनुसार 24 जून की रात वह मालवीय नगर स्थित एमएलए रेस्ट हाउस स्थित अपने आवास की बालकनी में टहल रहे थे। इसी दौरान घर के बाहर कुछ युवक शराब पी रहे थे। उन्हें वहां से हटने के लिए कहने पर विवाद शुरू हो गया।

    देवराज का आरोप है कि विरोध करने पर चारों युवक उनके घर की सीढ़ियों तक पहुंच गए और शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे। मना करने पर उनके साथ मारपीट और छीनाझपटी की गई। उन्होंने बताया कि शोर सुनकर उनके दोस्त मौके पर पहुंचे और बीच बचाव कर उन्हें बचाया। आरोप है कि जाते समय युवक उन्हें धमकी देकर वहां से चले गए।

    घटना के बाद देवराज ने जेपी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया और अरेरा हिल्स थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उनकी शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।

    अब आरोपी पक्ष की ओर से लगाए गए नए आरोपों के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। पुलिस दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान क्या हुआ और किस पक्ष के आरोप सही हैं। फिलहाल पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है और कहा है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • एमपी में मानसून की रफ्तार थमी, एंट्री के बाद ठहरा, 43 जिलों में आज बारिश की चेतावनी

    एमपी में मानसून की रफ्तार थमी, एंट्री के बाद ठहरा, 43 जिलों में आज बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में 24 जून को दक्षिण-पूर्वी हिस्से के 15 जिलों में दस्तक देने के बाद मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है। पिछले तीन दिनों से मानसून आगे नहीं बढ़ा है और मौसम विभाग के अनुसार इसके अगले 2 से 3 दिन तक भी इसी स्थिति में रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि अनुकूल परिस्थितियां बनने पर मानसून सबसे पहले भोपाल और उज्जैन संभाग में आगे बढ़ेगा, जबकि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में इसकी एंट्री सबसे आखिर में होगी।

    24 जून को मानसून के प्रदेश में प्रवेश के साथ आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी जिलों में इसके पहुंचने की घोषणा की गई थी। इसके बाद से मानसून की प्रगति रुकी हुई है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश के अन्य हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना जताई है।

    आज 43 जिलों में बारिश के आसार
    शनिवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर में बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    शुक्रवार को कई जिलों में झमाझम बारिश
    शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला। सिवनी में करीब 2 इंच बारिश दर्ज की गई। शाजापुर जिले के शुजालपुर, अकोदिया और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई, जबकि उज्जैन में डेढ़ इंच से अधिक पानी बरसा। इसके अलावा दतिया, इंदौर, राजगढ़, शिवपुरी, मंडला, रीवा, सागर, बालाघाट, खंडवा, शाजापुर, आगर-मालवा और मंदसौर समेत कई जिलों में भी आंधी और बारिश का असर रहा।

    तापमान में आई गिरावट
    बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। खरगोन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा खंडवा में 30.1, सागर में 31.1, छिंदवाड़ा में 31.8, बैतूल में 32.7, सिवनी और उमरिया में 33.2, धार में 33.4 तथा नर्मदापुरम में 33.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल और इंदौर का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री, उज्जैन में 33.5 डिग्री, जबलपुर में 36.7 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बारिश के आंकड़ों में सुधार
    पिछले 72 घंटे से प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार बारिश होने से वर्षा के आंकड़ों में सुधार दर्ज किया गया है। कई स्थानों पर 4 इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 99 मिमी (करीब 4 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 58.5 मिमी (करीब 2.1 इंच) वर्षा हुई है। यह सामान्य से 41 प्रतिशत कम है। 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी, यानी हालिया बारिश से करीब 9 प्रतिशत का सुधार हुआ है। फिलहाल प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 68 प्रतिशत कम और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

  • पिता की मौत के छह महीने बाद बेटे ने उठाया आत्मघाती कदम, घर में फंदे पर मिला शव, कारणों की जांच जारी

    पिता की मौत के छह महीने बाद बेटे ने उठाया आत्मघाती कदम, घर में फंदे पर मिला शव, कारणों की जांच जारी


    मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक 19 वर्षीय युवक द्वारा कथित रूप से आत्महत्या किए जाने का’ मामला सामने आया है। अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र के बल्लभ नगर स्थित घर में युवक का शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि करीब छह महीने पहले युवक के पिता ने भी आत्महत्या की थी।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान आकाश गौतम के रूप में हुई है। वह बेरोजगार था और अपनी मां तथा छोटे भाई के साथ रहता था। शुक्रवार सुबह उसकी मां रोज की तरह घरों में काम करने चली गई थीं, जबकि छोटा भाई खेलने के लिए बाहर निकल गया था। दोपहर के समय जब छोटा भाई घर लौटा तो उसने आकाश को कमरे में फंदे पर लटका देखा। इसके बाद परिजनों और आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही अरेरा हिल्स थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। जांच अधिकारी का कहना है कि परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने बताया कि लगभग छह महीने पहले आकाश के पिता ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिवार का कहना है कि पिता की मृत्यु के बाद आकाश मानसिक तनाव में रहने लगा था। बताया गया कि इस दौरान उसे शराब की लत भी लग गई थी और समय के साथ उसकी स्थिति और बिगड़ती चली गई। हालांकि पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है और इन्हें अंतिम निष्कर्ष नहीं मान रही है।

    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है।

  • अवैध मिट्टी उत्खनन रोकने गई टीम पर माफिया का हमला, तहसीलदार को दी जान से मारने की धमकी, वीडियो वायरल, एफआईआर दर्ज

    अवैध मिट्टी उत्खनन रोकने गई टीम पर माफिया का हमला, तहसीलदार को दी जान से मारने की धमकी, वीडियो वायरल, एफआईआर दर्ज


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में अवैध मिट्टी उत्खनन रोकने गई राजस्व टीम पर खनन माफिया द्वारा खुलेआम धमकी देने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का गंभीर मामला सामने आया है। बदरवास तहसील के सड़बूड़ गांव में हुई इस घटना में तहसीलदार सचिन भार्गव और उनकी टीम को जान से मारने की धमकी दी गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया है।

    जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि सिंध नदी के पास सरकारी जमीन पर अवैध रूप से मिट्टी का उत्खनन किया जा रहा है। इस पर तहसीलदार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पाया गया कि भारी मशीनों की मदद से मिट्टी निकाली जा रही थी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए उसका अवैध परिवहन किया जा रहा था। टीम ने मौके पर कार्रवाई शुरू की, तभी स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

    कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने विरोध शुरू कर दिया और सरकारी अमले के साथ अभद्रता की। इसी दौरान मुख्य आरोपी जयमंडल यादव ने तहसीलदार को खुलेआम धमकी देते हुए कहा कि यदि कार्रवाई नहीं रोकी गई तो वह गोली चला देगा और जेल जाने के लिए भी तैयार है। इसके साथ ही उसने अपने बेटे को घर से हथियार लाने के लिए भी कहा, जिससे मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी दहशत में आ गए।

    घटना के दौरान अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और आरोपी पक्ष ने मौके से हाइड्रा मशीन और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को भगा दिया। हालांकि राजस्व टीम ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर बदरवास थाने में खड़ा करा दिया। अधिकारियों के अनुसार, सरकारी भूमि पर करीब 15-15 फीट गहरे गड्ढे बनाकर अवैध खनन किया गया था, जिससे बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन सामने आया है।

    कोटवार और मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने भी इस पूरी घटना की पुष्टि की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने न केवल गाली-गलौज की बल्कि जान से मारने की धमकी देकर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासनिक अमले में चिंता बढ़ गई है और अवैध खनन पर कार्रवाई को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है।

    यह मामला राज्य में अवैध खनन पर बढ़ते दबाव और प्रशासनिक टीमों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी उजागर करता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

  • रतलाम में मोहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन से टकराया ताजिया, करंट फैलने से 2 की मौत, कई लोग झुलसे

    रतलाम में मोहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन से टकराया ताजिया, करंट फैलने से 2 की मौत, कई लोग झुलसे

    मध्य प्रदेश: के रतलाम जिले में मोहर्रम के अवसर पर निकाला जा रहा ताजिया जुलूस गुरुवार रात एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। पिपलौदा थाना क्षेत्र के हतनारा गांव में ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया, जिससे पूरे ताजिए में करंट फैल गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग झुलस गए और घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब साढ़े दस बजे गांव में मोहर्रम का ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। बड़ी संख्या में लोग धार्मिक आस्था के साथ जुलूस में शामिल थे। इसी दौरान ताजिया ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। संपर्क होते ही तेज करंट फैल गया और ताजिया उठा रहे लोगों सहित आसपास मौजूद कई श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए। अचानक हुई घटना से जुलूस में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

    हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को निजी वाहनों और उपलब्ध साधनों की मदद से रतलाम मेडिकल कॉलेज तथा जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान हतनारा निवासी राशिद खान (32) और सड्डू मोहम्मद हुसैन (40) को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है।

    घायलों में कई लोगों को करंट लगने से गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कुछ लोग भगदड़ और गिरने के कारण भी घायल हुए हैं। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का प्रयास किया। हादसे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग घायलों की मदद करते और उन्हें अस्पताल पहुंचाते दिखाई दे रहे हैं।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आने से यह हादसा हुआ। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि दुर्घटना के कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके।

    धार्मिक आयोजन के दौरान हुई इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। प्रशासन ने भी धार्मिक आयोजनों और जुलूसों के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

  • निर्मला सप्रे दल-बदल मामले में कांग्रेस को झटका, विधायकी रद्द करने की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की..

    निर्मला सप्रे दल-बदल मामले में कांग्रेस को झटका, विधायकी रद्द करने की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की..

    मध्य प्रदेश: की राजनीति में चर्चित विधायक निर्मला सप्रे के कथित दल-बदल मामले में कांग्रेस को बड़ा कानूनी झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध रिकॉर्ड में ऐसे पर्याप्त और आधिकारिक साक्ष्य नहीं हैं, जिनके आधार पर यह माना जा सके कि विधायक ने औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है या उन्हें कांग्रेस से निष्कासित किया गया है। ऐसे में इस स्तर पर हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता।

    यह मामला कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा दायर याचिका से जुड़ा था। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश देने की मांग की थी कि बीना विधानसभा क्षेत्र की विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता दल-बदल कानून के तहत समाप्त की जाए। उनका तर्क था कि विधायक ने लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के पक्ष में सक्रिय प्रचार किया और पार्टी से जुड़ी गतिविधियों में भाग लिया, जिससे उनकी सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए।

    मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे यह प्रमाणित हो कि निर्मला सप्रे को आधिकारिक रूप से कांग्रेस से निष्कासित किया गया है। अदालत ने यह भी कहा कि भाजपा की विधिवत सदस्यता ग्रहण करने का भी कोई प्रमाण रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं है। केवल आरोपों या सार्वजनिक गतिविधियों के आधार पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश देना उचित नहीं माना जा सकता।

    अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि दल-बदल से संबंधित कार्यवाही पहले से विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित है। ऐसे मामलों में निर्णय लेने का अधिकार संविधान और कानून के तहत विधानसभा अध्यक्ष को प्राप्त है। इसलिए न्यायालय इस स्तर पर विधानसभा अध्यक्ष को किसी निश्चित समय सीमा में निर्णय लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। अदालत ने माना कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की कोई ऐसी असाधारण परिस्थिति नहीं है, जो न्यायिक आदेश की आवश्यकता पैदा करे।

    पूरा विवाद वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान सामने आया था। कांग्रेस का आरोप था कि निर्मला सप्रे ने भाजपा के पक्ष में चुनाव प्रचार किया और पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मई 2024 में विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी। जब इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ तो मामला हाईकोर्ट पहुंचा।

    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर मौजूद तस्वीरें एवं वीडियो विधायक के भाजपा से जुड़ाव को दर्शाते हैं। हालांकि अदालत ने माना कि इस प्रकार की सामग्री अपने आप में औपचारिक सदस्यता का पर्याप्त कानूनी प्रमाण नहीं मानी जा सकती। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दल-बदल से जुड़े मामलों में निर्णय तथ्यों और वैधानिक प्रक्रिया के आधार पर ही लिया जाएगा।

    निर्मला सप्रे ने वर्ष 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर सागर जिले की बीना विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची थीं। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार महेश राय को 6,155 मतों के अंतर से पराजित किया था। हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद फिलहाल उनकी विधानसभा सदस्यता बरकरार रहेगी, जबकि दल-बदल से जुड़ी आगे की प्रक्रिया विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष जारी रहेगी।

  • ग्वालियर की बेटी कृष्णा शर्मा ने बढ़ाया मध्य प्रदेश का गौरव, भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में चयन के साथ यूनाइटेड किंगडम दौरे का मिला मौका

    ग्वालियर की बेटी कृष्णा शर्मा ने बढ़ाया मध्य प्रदेश का गौरव, भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में चयन के साथ यूनाइटेड किंगडम दौरे का मिला मौका

    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर की युवा हॉकी खिलाड़ी कृष्णा शर्मा ने अपनी प्रतिभा और लगातार मेहनत के दम पर भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में जगह बनाकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनका चयन आगामी यूनाइटेड किंगडम दौरे के लिए घोषित भारतीय टीम में हुआ है। अब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्कॉटलैंड और इंग्लैंड में आयोजित होने वाले टेस्ट मुकाबलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। इस उपलब्धि से ग्वालियर ही नहीं, पूरे मध्य प्रदेश में खुशी का माहौल है।

    भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम पांच जुलाई से शुरू होने वाले यूनाइटेड किंगडम दौरे पर स्कॉटलैंड, इंग्लैंड, अमेरिका और बेल्जियम की जूनियर टीमों के खिलाफ कई टेस्ट मैच खेलेगी। इस दौरे को युवा खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। कृष्णा शर्मा भी इसी टीम का हिस्सा बनकर अपने प्रदर्शन से भारतीय हॉकी में नई पहचान बनाने की तैयारी कर रही हैं।

    कृष्णा शर्मा की सफलता का सफर आसान नहीं रहा। शुरुआती दिनों में उन्हें सामाजिक सोच और कई तरह की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। हॉकी खेलते समय स्कर्ट पहनने को लेकर लोगों ने ताने भी दिए, लेकिन उन्होंने इन चुनौतियों को अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने अपना पूरा ध्यान खेल और प्रदर्शन पर केंद्रित रखा। आज वही संघर्ष उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया है और वह भारतीय टीम की जर्सी पहनने जा रही हैं।

    साधारण परिवार से आने वाली कृष्णा को उनके परिवार का हर कदम पर पूरा सहयोग मिला। उनके पिता सुनील शर्मा ने सीमित संसाधनों के बावजूद बेटी के सपनों को कभी रुकने नहीं दिया। परिवार के प्रोत्साहन और अपनी मेहनत के बल पर कृष्णा ने लगातार आगे बढ़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सपना भी साकार कर लिया है।

    कृष्णा ने वर्ष 2019 में मध्य प्रदेश महिला हॉकी अकादमी से अपने खेल करियर की शुरुआत की थी। अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास के दम पर उन्होंने कम समय में शानदार प्रदर्शन किया। वर्ष 2023 में उन्हें भारतीय अंडर-18 टीम के साथ नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित टेस्ट सीरीज में खेलने का अवसर मिला। इस अनुभव ने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया तथा आगे बढ़ने की नई दिशा दी।

    पिछले कुछ वर्षों में कृष्णा ने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। सब जूनियर राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के साथ दो बार प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स, चरनजीत राय नेहरू गर्ल्स हॉकी टूर्नामेंट, हॉकी इंडिया जूनियर वेस्ट ज़ोन चैंपियनशिप और इंटर ज़ोन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। कई प्रतियोगिताओं में उन्हें सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का सम्मान भी मिला, जिसने उनके खेल करियर को नई ऊंचाई दी।

    भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में चयन के बाद ग्वालियर और पूरे मध्य प्रदेश में खुशी की लहर है। खेल जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि कृष्णा आने वाले वर्षों में सीनियर भारतीय महिला हॉकी टीम में भी अपनी जगह बना सकती हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयास के बल पर सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। कृष्णा शर्मा की उपलब्धि प्रदेश की हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो खेल के क्षेत्र में अपने सपनों को साकार करना चाहती हैं।

  • मध्य प्रदेश में आज रहेगा सियासी और प्रशासनिक हलचल का दिन, सीएम के कार्यक्रम, बीजेपी की ऑनलाइन परीक्षा और राज्यपाल के कार्यकाल पर रहेगी नजर

    मध्य प्रदेश में आज रहेगा सियासी और प्रशासनिक हलचल का दिन, सीएम के कार्यक्रम, बीजेपी की ऑनलाइन परीक्षा और राज्यपाल के कार्यकाल पर रहेगी नजर


    मध्य प्रदेश:  में शुक्रवार का दिन राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिनभर राजधानी भोपाल में आयोजित विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। वहीं लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह, भारतीय जनता पार्टी के डिजिटल प्रशिक्षण अभियान, राज्यपाल के कार्यकाल को लेकर संभावित चर्चाओं और प्रशासनिक समीक्षा बैठकों से जुड़े मुद्दों पर भी पूरे प्रदेश की नजर बनी रहेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दिन दोपहर से शुरू होने वाले कई सार्वजनिक कार्यक्रमों से व्यस्त रहेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह दोपहर 12 बजे रविंद्र भवन पहुंचकर लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके बाद शाम साढ़े चार बजे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में भाग लेंगे। शाम पांच बजे आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी रहेगी, जबकि शाम छह बजे मानस भवन में आयोजित एक स्थानीय कार्यक्रम में भी मुख्यमंत्री सहभागिता करेंगे।

    आपातकाल दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल में लोकतंत्र सेनानियों और मीसाबंदी परिवारों के सम्मान के लिए विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में करीब दो हजार मीसाबंदी परिवारों के सदस्य शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदियों और उनके परिजनों का सम्मान करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में योगदान देने वाले लोगों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना है।

    भारतीय जनता पार्टी भी शुक्रवार को अपने संगठनात्मक अभियान के तहत बड़े स्तर पर डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेगी। बूथ और मंडल स्तर के लगभग सात लाख कार्यकर्ताओं की ऑनलाइन परीक्षा संगठन के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इस प्रशिक्षण में पार्टी की विचारधारा, संगठन का विकास, केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाएं और नेतृत्व से जुड़े विषय शामिल किए गए हैं। पार्टी का लक्ष्य छह जुलाई तक पूरे प्रदेश में डिजिटल प्रशिक्षण अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करना है।

    प्रदेश की राजनीति में राज्यपाल के पद को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। वर्तमान राज्यपाल मंगूभाई पटेल का कार्यकाल छह जुलाई को पूरा होने जा रहा है। करीब डेढ़ दशक बाद ऐसा अवसर आया है जब मध्य प्रदेश का कोई राज्यपाल अपना निर्धारित पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा करेगा। अब यह निर्णय राष्ट्रपति स्तर पर लिया जाएगा कि मंगूभाई पटेल को दूसरा कार्यकाल दिया जाएगा या राज्य को नया राज्यपाल मिलेगा। इस विषय पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है।

    इधर प्रशासनिक स्तर पर भी हाल ही में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर सम्मेलन की चर्चा जारी है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान कई जिलों के प्रदर्शन पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्वास्थ्य संकेतकों में अपेक्षित सुधार नहीं होने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में कमी पर अधिकारियों को गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को लेकर अधिकारियों से जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

    कुल मिलाकर शुक्रवार को मध्य प्रदेश में शासन, प्रशासन और राजनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आने वाले हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों से लेकर संगठनात्मक गतिविधियों, प्रशासनिक समीक्षा और संवैधानिक पदों से जुड़े संभावित निर्णयों तक, पूरे दिन प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियां सुर्खियों में बनी रहने की संभावना है।