Category: Madhya Pradesh

  • गुना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1 किलो अफीम के साथ राजस्थान के दो तस्कर गिरफ्तार

    गुना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1 किलो अफीम के साथ राजस्थान के दो तस्कर गिरफ्तार


    मध्य प्रदेश । गुना जिले के मृगवास थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1 किलो से अधिक अफीम के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह दोनों आरोपी राजस्थान से अवैध मादक पदार्थ की सप्लाई देने गुना पहुंचे थे।

    पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई SP हितिका वासल के निर्देशन में चल रहे अवैध मादक पदार्थ विरोधी अभियान के तहत की गई। ASP मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और चांचौड़ा SDOP मनोज कुमार झा के नेतृत्व में मृगवास थाना पुलिस और सानई चौकी टीम ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की।

    सूचना के अनुसार पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली थी कि राजस्थान की ओर से एक हीरो स्प्लेंडर बाइक (RJ28 ST 3530) पर दो व्यक्ति अफीम लेकर सानई क्षेत्र की ओर आने वाले हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम बंजारीकला के कच्चे रास्ते पर घेराबंदी कर इंतजार किया।

    कुछ ही समय बाद संदिग्ध बाइक को आते देख पुलिस ने बिना देरी किए घेराबंदी कर दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से थैले में रखा 1.010 किलोग्राम अफीम बरामद हुआ।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राधेश्याम (45) और जगदीश उर्फ भूरा (35), निवासी ग्राम मानपुरा, थाना हरनावदा शाहजी, जिला बारां (राजस्थान) के रूप में हुई है।

    पुलिस ने बरामद अफीम की कीमत लगभग 10 लाख रुपए और इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल की कीमत करीब 1 लाख रुपए बताते हुए कुल 11 लाख रुपए का माल जब्त किया है।

    आरोपियों के खिलाफ मृगवास थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि यह अफीम कहां से लाई गई थी और जिले में इसका नेटवर्क किन-किन लोगों तक फैला हुआ है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • गुना में जैन समाज का मौन आक्रोश: रीवा कांड की SIT जांच और संत सुरक्षा नीति की उठी मांग

    गुना में जैन समाज का मौन आक्रोश: रीवा कांड की SIT जांच और संत सुरक्षा नीति की उठी मांग


    मध्य प्रदेश । गुना में सोमवार को जैन समाज का आक्रोश शांत स्वर में लेकिन बेहद प्रभावी रूप में सड़कों पर दिखाई दिया। रीवा में जैन साध्वी आर्यिका श्रुतमति माताजी एवं उपशममति माताजी की सड़क दुर्घटना में हुई असामयिक समाधि को लेकर पूरे समाज में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। इसी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर गुना सहित प्रदेशभर में जैन समाज के हजारों लोग सड़क पर उतर आए।

    गुना शहर में मौन जुलूस की शुरुआत चौधरी मोहल्ला स्थित श्री पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से हुई। हाथों में तख्तियां, आंखों में आंसू और चेहरों पर गहरी पीड़ा लिए समाज के पुरुष, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। बिना नारेबाजी के यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों बताशा गली, हाट रोड, रपटा और हनुमान चौराहा से होते हुए कलेक्टोरेट पहुंचा।

    कलेक्ट्रेट परिसर में समाज के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि रीवा की घटना केवल एक सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं हो सकती, बल्कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो और परिस्थितियों को देखते हुए इसकी SIT या न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही पूरे प्रकरण में किसी भी तरह की साजिश या लापरवाही की आशंका को गंभीरता से जांच के दायरे में लिया जाए।

    समाज ने मांग की कि घटनास्थल के आसपास के सभी CCTV फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित किए जाएं और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि जांच में कोई सुनियोजित साजिश सामने आती है, तो संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    जैन समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि जैन साधु-संत पूरी तरह अहिंसक और निहत्थे होते हैं, जो पैदल विहार कर धर्म और शांति का संदेश देते हैं। ऐसे में उनके साथ हो रही लगातार दुर्घटनाएं और घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।

    समाज ने देशभर में “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” और “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने की भी मांग की है। इसमें विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, ट्रैफिक नियंत्रण, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त और विशेष चेतावनी संकेतक लगाने की बात शामिल है। इसके साथ ही संत सुरक्षा समन्वय प्रकोष्ठ और आपातकालीन संपर्क व्यवस्था स्थापित करने की मांग भी रखी गई।

    इस मौन जुलूस में पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह सलूजा, वैश्य समाज अध्यक्ष राजेश मोहन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में सामाजिक प्रतिनिधि और नागरिक शामिल हुए। पूरे जिले में आरोन, राघौगढ़, बीनागंज और कुंभराज सहित कई क्षेत्रों में भी इसी तरह ज्ञापन सौंपे गए और विरोध दर्ज कराया गया।

  • गुना में दहेज का दर्दनाक मामला: 5 लाख की बाइक की मांग बनी मौत की वजह

    गुना में दहेज का दर्दनाक मामला: 5 लाख की बाइक की मांग बनी मौत की वजह


    गुना। मध्यप्रदेश के गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां 24 वर्षीय नवविवाहिता भावना यादव ने लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान होकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतका के पति गिर्राज यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सास, ससुर और देवर फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।

    ढाई साल पहले हुई थी शादी, दहेज के लिए बढ़ता दबाव
    मृतका भावना यादव की शादी करीब ढाई साल पहले अशोकनगर जिले के कदवाया निवासी परिवार से म्याना के नसीरा गांव में हुई थी। परिजनों के अनुसार शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा 5 लाख रुपये की मोटरसाइकिल और अन्य दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों ने आरोप लगाया कि 13 मई को जब भावना का भाई उसे मायके लाने पहुंचा, तो ससुराल में उसके साथ मारपीट की गई। इसी दौरान वह मानसिक रूप से टूट गई और दोपहर में जहरीला पदार्थ खा लिया।

    मारपीट और धमकी का आरोप, अस्पताल ले जाते समय भी बर्बरता
    मृतका के भाई अभिषेक ने बताया कि जब वह बहन को लेने पहुंचा तो पति और ससुर ने उसके साथ भी मारपीट की। ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद उसे बाहर निकाला गया, लेकिन कुछ ही देर बाद ससुराल पक्ष ने बताया कि भावना ने जहर खा लिया है। परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में उसे अस्पताल ले जाने में भी देरी की गई और बाद में रास्ते में भाई को गाड़ी से उतार दिया गया। जब परिवार अस्पताल पहुंचा, तो भावना को मृत घोषित कर दिया गया।

    ऑडियो से खुला राज: 5 लाख की बाइक की मांग
    इस मामले में एक ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें पति गिर्राज यादव अपनी पत्नी से 5 लाख रुपये की मोटरसाइकिल की मांग करते हुए सुनाई दे रहा है। ऑडियो में वह धमकी देता है कि पैसे न मिलने पर रिश्ता खत्म समझा जाए। यह ऑडियो मामले में अहम सबूत माना जा रहा है, जिसने दहेज प्रताड़ना के आरोपों को और मजबूत कर दिया है।

    पुलिस जांच में चारों पर केस दर्ज, पति गिरफ्तार
    एसडीओपी स्तर की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पति, सास, ससुर और देवर मिलकर नवविवाहिता को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने चारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पति गिर्राज यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

  • 65 लाख लोगों की ऑक्सीजन के ‘रक्षक’ बने पक्षी: गांधीसागर के जंगलों में पर्यावरण संतुलन संभाल रहे कठफोड़वा

    65 लाख लोगों की ऑक्सीजन के ‘रक्षक’ बने पक्षी: गांधीसागर के जंगलों में पर्यावरण संतुलन संभाल रहे कठफोड़वा


    मंदसौर। मध्यप्रदेश के गांधीसागर अभयारण्य के घने जंगलों में एक अनोखा प्राकृतिक संतुलन देखने को मिलता है, जहां पक्षियों की कई प्रजातियां पर्यावरण की रक्षा में अहम भूमिका निभा रही हैं। खासकर ब्लैक-रम्प्ड फ्लेमबैक यानी सुनहरा कठफोड़वा पेड़ों की छाल में छिपे हानिकारक कीटों को नष्ट कर उन्हें बीमार होने से बचा रहा है। वन विशेषज्ञों के अनुसार, ये पक्षी पेड़ों के तनों में मौजूद लकड़ी भेदक भृंग, दीमक और अन्य कीटों को खाकर जंगल को स्वस्थ बनाए रखते हैं। इससे पेड़ों की जीवन अवधि बढ़ती है और वनों का प्राकृतिक संतुलन कायम रहता है।

    1.5 करोड़ पेड़, 177 करोड़ किलो ऑक्सीजन प्रकृति का विशाल नेटवर्क
    पर्यावरण विशेषज्ञों का अनुमान है कि एक विकसित पेड़ सालभर में लगभग 118 किलो ऑक्सीजन छोड़ता है। इसी आधार पर गांधीसागर क्षेत्र के करीब 1.5 करोड़ पेड़ हर वर्ष लगभग 177 करोड़ किलो ऑक्सीजन उत्सर्जित करते हैं। यह ऑक्सीजन करीब 65 लाख से अधिक लोगों की जरूरत को पूरा करने में सक्षम है। इस पूरे पारिस्थितिक तंत्र को बनाए रखने में कठफोड़वा और अन्य कीटभक्षी पक्षियों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।

    कई प्रजातियां निभा रही अहम भूमिका
    गांधीसागर के जंगलों में केवल कठफोड़वा ही नहीं, बल्कि कई अन्य पक्षी भी प्राकृतिक कीट नियंत्रण में योगदान दे रहे हैं-

    नटहैच: पेड़ों के तनों पर उल्टा चलकर कीड़े ढूंढते हैं
    ट्रीक्रीपर: छाल के भीतर छिपे कीड़ों को खाते हैं
    बार्बेट: फल और कीट दोनों का सेवन करते हैं
    वार्बलर: पत्तियों पर लगे छोटे कीटों को खत्म करते हैं
    फ्लाईकैचर: हवा में उड़ते कीड़ों को पकड़ते हैं
    टिट (चिड़िया): टहनियों से कीड़े चुनकर खाते हैं

    पेड़ों के ‘कीट डॉक्टर’ हैं कठफोड़वा
    वनस्पति विशेषज्ञों के अनुसार, पेड़ों को सबसे अधिक नुकसान लकड़ी भेदक कीटों, दीमक और पत्तियों का रस चूसने वाले कीटों से होता है। ये कीट पेड़ों के भीतर सुरंग बनाकर उन्हें खोखला कर देते हैं और धीरे-धीरे सुखा देते हैं। ऐसे में कठफोड़वा जैसे पक्षी इन कीटों को खाकर प्राकृतिक कीटनाशक की भूमिका निभाते हैं और जंगलों को लंबे समय तक हरा-भरा बनाए रखते हैं।

    पर्यावरण संतुलन में अहम योगदान
    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन पक्षियों की संख्या में गिरावट आती है तो जंगलों में कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है, जिससे पेड़ों की संख्या घटने लगेगी और ऑक्सीजन उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। इसलिए इन प्रजातियों का संरक्षण बेहद जरूरी है। गांधीसागर अभयारण्य में यह प्राकृतिक तंत्र पर्यावरण संरक्षण का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है, जहां पक्षी स्वयं जंगल के “रक्षक” बनकर कार्य कर रहे हैं।

  • मंदसौर: तालाब में डूबे 16 वर्षीय किशोर का शव 13 घंटे बाद बरामद, एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू

    मंदसौर: तालाब में डूबे 16 वर्षीय किशोर का शव 13 घंटे बाद बरामद, एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू


    मंदसौर। जिले के संजीत कस्बे में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां रविवार शाम से लापता 16 वर्षीय किशोर चेतन का शव सोमवार दोपहर तालाब से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार चेतन (पिता जगदीश बाली), जो वाल्मीकि समाज से था, रविवार शाम करीब 5 बजे घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की तो तालाब किनारे उसकी चप्पलें मिलीं, जिससे डूबने की आशंका गहरा गई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

    रात में शुरू हुआ रेस्क्यू, अंधेरे के कारण रोका गया ऑपरेशन
    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से शाम करीब 6 बजे सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। कई घंटे की तलाश के बावजूद सफलता नहीं मिली तो एसडीआरएफ (SDERF) टीम को बुलाया गया। रात करीब 10:30 बजे तक टीम ने तालाब के अलग-अलग हिस्सों में सर्चिंग की, लेकिन कम दृश्यता और अंधेरे के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा।

    सुबह फिर शुरू हुआ सर्च, दो घंटे में मिला शव
    सोमवार सुबह एक बार फिर एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सुबह 10:30 बजे से सघन तलाशी अभियान चलाया गया और करीब पौने दो घंटे की मेहनत के बाद दोपहर 12:15 बजे किशोर का शव तालाब से बाहर निकाल लिया गया। शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में मातम छा गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस जांच में जुटी, हर एंगल से पड़ताल जारी
    नाहरगढ़ थाना पुलिस इस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। फिलहाल प्रारंभिक रूप से इसे डूबने की घटना माना जा रहा है।

  • रेल यात्रियों को बड़ी राहत: बांद्रा टर्मिनस-जबलपुर और अजमेर-बांद्रा टर्मिनस ट्रेनें अब नियमित होंगी

    रेल यात्रियों को बड़ी राहत: बांद्रा टर्मिनस-जबलपुर और अजमेर-बांद्रा टर्मिनस ट्रेनें अब नियमित होंगी


    रतलाम। यात्रियों की बढ़ती मांग और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेलवे ने बड़ा निर्णय लिया है। अब स्पेशल ट्रेन के रूप में चल रही दो प्रमुख ट्रेनों को नियमित सेवा में शामिल कर दिया गया है। इनमें ट्रेन संख्या 20163/20164 बांद्रा टर्मिनस-जबलपुर एक्सप्रेस और 19625/19626 अजमेर-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस शामिल हैं। इस फैसले से मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को स्थायी और सुगम रेल सेवा उपलब्ध होगी।

    बांद्रा टर्मिनस-जबलपुर एक्सप्रेस का नया शेड्यूल
    ट्रेन संख्या 20163 बांद्रा टर्मिनस-जबलपुर एक्सप्रेस 30 मई से हर शनिवार को बांद्रा टर्मिनस से शाम 4:30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन रतलाम (02:45/02:50 रविवार) और उज्जैन (05:10/05:15) होते हुए अगले दिन दोपहर 3:10 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वहीं, वापसी में ट्रेन संख्या 20164 जबलपुर-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस 29 मई से हर शुक्रवार को जबलपुर से शाम 5:00 बजे चलेगी और रतलाम (03:50/03:55 शनिवार) तथा उज्जैन (02:10/02:12) होते हुए अगले दिन दोपहर 2:15 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। इस ट्रेन में एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के कोच उपलब्ध रहेंगे।

    इन प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहराव
    दोनों दिशाओं में इस ट्रेन का ठहराव बोरीवली, वापी, सूरत, वडोदरा, रतलाम, उज्जैन, संत हिरदाराम नगर, भोपाल, नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया और नरसिंहपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर होगा।

    अजमेर-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस का संचालन भी नियमित
    रेलवे ने ट्रेन संख्या 19625 अजमेर-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस को भी नियमित किया है, जो रविवार को अजमेर से सुबह 6:35 बजे रवाना होकर रतलाम (17:30/17:40) होते हुए सोमवार को बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी।

    वापसी में ट्रेन संख्या 19626 बांद्रा टर्मिनस-अजमेर एक्सप्रेस सोमवार को बांद्रा टर्मिनस से सुबह 8:35 बजे चलेगी और रतलाम (21:05/21:15) होते हुए मंगलवार सुबह 9:10 बजे अजमेर पहुंचेगी।

    यात्रियों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
    इन दोनों ट्रेनों के नियमित होने से मुंबई, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। अब यात्रियों को स्पेशल ट्रेन की अनिश्चितता से नहीं गुजरना पड़ेगा और नियमित शेड्यूल के साथ यात्रा आसान हो जाएगी। रेलवे के इस फैसले को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और यात्री सुविधा के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है।

  • संत सुरक्षा की मांग तेज: रतलाम में जैन समाज ने उठाई सख्त कार्रवाई की आवाज

    संत सुरक्षा की मांग तेज: रतलाम में जैन समाज ने उठाई सख्त कार्रवाई की आवाज

    मध्य प्रदेश । रतलाम में रीवा जिले की दर्दनाक घटना के बाद जैन समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिला। सकल जैन श्री संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाजजन कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए जैन संतों की सुरक्षा के लिए विशेष “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने की मांग की। समाजजनों ने इस घटना को केवल सड़क दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे “संदिग्ध और गंभीर मामला” बताया। ज्ञापन अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव को सौंपा गया। इस दौरान समाज के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ-साथ हिंदू संगठन और व्यापारी वर्ग के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

    ‘यह हादसा नहीं, हत्या है’ – समाज का आरोप
    ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया कि रीवा में 20 मई को हुई घटना एक साधारण सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही या सुनियोजित कृत्य हो सकता है। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की कि मामले में हत्या का केस दर्ज किया जाए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
    समाज ने आरोप लगाया कि पैदल विहार कर रहे निहत्थे साधु-संतों की सुरक्षा के लिए अब ठोस नीति बनाना जरूरी हो गया है, क्योंकि लगातार इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय बन रही हैं।

    सुरक्षा व्यवस्था को लेकर 7 प्रमुख मांगें रखी गईं
    ज्ञापन में प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं, जिनमें शामिल हैं-
    घटना की SIT या न्यायिक जांच कराई जाए
    सभी CCTV और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जाएं
    दोषियों पर कठोरतम धाराओं में कार्रवाई हो
    यदि षड्यंत्र के संकेत मिलें तो हत्या का केस दर्ज किया जाए
    “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” तत्काल लागू किया जाए
    राष्ट्रीय स्तर पर संत सुरक्षा नीति और गाइडलाइन बनाई जाए
    विहार मार्गों पर पुलिस सहायता, संकेतक और ट्रैफिक नियंत्रण बढ़ाया जाए
    इसके अलावा समाज ने मांग की कि पैदल विहार करने वाले संतों के लिए रात्रि विश्राम की व्यवस्था सरकारी स्कूलों और पंचायत भवनों में की जाए।

    रीवा हादसे में दो साध्वियों की मौत, एक गंभीर
    रीवा में 20 मई को हुए हादसे में तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे विहार कर रही जैन साध्वियों को टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में श्रुति मति माता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य साध्वी ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। एक साध्वी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है। घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है, जिसमें कार को तेज रफ्तार में साध्वियों को टक्कर मारते देखा गया। इसके बाद प्रदेशभर में जैन समाज में आक्रोश फैल गया।

    प्रदेशभर में विरोध, प्रशासन पर बढ़ा दबाव
    रतलाम में ज्ञापन के बाद अब यह मुद्दा प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया है। समाजजन लगातार मांग कर रहे हैं कि संतों की सुरक्षा के लिए स्थायी और सख्त नीति बनाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

  • मैदा मिल में भीषण अग्निकांड, लाखों का नुकसान लेकिन टली बड़ी जनहानि

    मैदा मिल में भीषण अग्निकांड, लाखों का नुकसान लेकिन टली बड़ी जनहानि


    मध्य प्रदेश । सीहोर जिले के ग्राम पिपलिया मीरा में बीती रात एक मैदा मिल में अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया और आसपास खड़ी कई चीजें भी जलकर राख हो गईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि मिल के पास खड़ा एक ऑटो पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इसके साथ ही मिल परिसर में रखे कई महंगे कृषि यंत्र और उपकरण भी आग की चपेट में आ गए, जिससे भारी आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

    घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश शुरू की, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही थी। इसके बाद तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी गई।

    दमकल की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई के कारण आग आसपास की अन्य इमारतों या खेतों तक नहीं फैल सकी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। शुरुआती अनुमान के अनुसार शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी को वजह माना जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासन की टीम मामले की जांच में जुट गई है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

  • नौतपा का कहर: सतना में पारा 44 डिग्री के पार, भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित, रिकॉर्ड टूटने की आशंका

    नौतपा का कहर: सतना में पारा 44 डिग्री के पार, भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित, रिकॉर्ड टूटने की आशंका


    मध्य प्रदेश । सतना में नौतपा की शुरुआत के साथ ही भीषण गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। 25 मई से 2 जून तक चलने वाले नौतपा के दौरान जिले में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और पिछले सात दिनों से अधिकतम पारा 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

    तेज धूप और गर्म हवाओं का असर इतना तीखा है कि सुबह 9 बजे के बाद ही लू चलने लगती है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गर्मी की इस मार का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है, जो छांव और पानी की तलाश में भटकते नजर आ रहे हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में तापमान में 1 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं रात का तापमान भी 2 डिग्री बढ़कर 30.2 डिग्री सेल्सियस हो गया है, जिससे दिन के साथ-साथ रात में भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।

    लगातार बढ़ते तापमान के कारण सतना में हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक बढ़ सकती है। यदि यही स्थिति बनी रहती है, तो 2024 में दर्ज 47.1 डिग्री सेल्सियस के ऐतिहासिक तापमान का रिकॉर्ड भी टूट सकता है।

    मौसम विभाग ने जिले में अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि 25 और 26 मई को रेड अलर्ट रहेगा, जबकि 27 और 28 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान भीषण गर्मी और लू चलने की पूरी संभावना जताई गई है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है, ताकि लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

    नौतपा के इस प्रचंड असर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि गर्मियों का यह समय कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जिसमें सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

  • सतना में भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला: “विचारधारा नहीं होने से बार-बार हुआ विघटन”

    सतना में भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला: “विचारधारा नहीं होने से बार-बार हुआ विघटन”


    मध्य प्रदेश । मध्यप्रदेश के सतना में रविवार को भारतीय जनता पार्टी के जिलास्तरीय ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग’ का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर सीधा राजनीतिक हमला बोला।

    कांग्रेस पर तीखा वार: “विचारधारा ही नहीं”
    हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस की अपनी कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं रही, इसी वजह से वह कई बार विभाजित हुई। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत भाजपा हमेशा अपने सिद्धांतों और वैचारिक आधार पर मजबूती से खड़ी रही है और आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का संगठन कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण पर टिका है, जिसने पार्टी को मजबूती दी है।

    “राष्ट्र प्रथम” की विचारधारा पर जोर
    प्रशिक्षण वर्ग में ‘वैचारिक अधिष्ठान’ विषय पर बोलते हुए संगठन के संभागीय प्रभारी विजय दुबे ने कहा कि भाजपा एक विचारधारा आधारित दल है, जो “राष्ट्र प्रथम” की अवधारणा पर काम करता है। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर सेवा कार्य कर रहे हैं और जनहित को सर्वोपरि रख रहे हैं।

    🇮🇳 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
    सांसद गणेश सिंह ने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है।

    संगठन को मजबूत करने पर फोकस
    कार्यक्रम में नेताओं ने स्पष्ट किया कि इस प्रशिक्षण वर्ग का उद्देश्य अनुशासित और प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं का निर्माण करना है, जो जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करें। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे और संगठन विस्तार व जनसंपर्क रणनीति पर विचार साझा किए गए।