Category: Madhya Pradesh

  • नाबालिग की तस्वीर से रची गई गंदी साजिश, अश्लील कंटेंट वायरल करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

    नाबालिग की तस्वीर से रची गई गंदी साजिश, अश्लील कंटेंट वायरल करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार


    उज्जैन । उज्जैन में एक नाबालिग लड़की की तस्वीर का दुरुपयोग कर उसे बदनाम करने की साजिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोशल मीडिया के माध्यम से नाबालिग की छवि धूमिल करने और परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंवासा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक आरोपी अब भी फरार है जिसकी तलाश जारी है।

    जानकारी के अनुसार 21 जून को पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी नाबालिग बेटी की तस्वीर का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही है। वायरल किए गए फोटो और वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों का परिवार से कोई संबंध नहीं था लेकिन नाबालिग की तस्वीर जोड़कर उसे बदनाम करने का प्रयास किया गया।

    मामले की जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। जांच में सामने आया कि मतदाता संबंधी सरकारी दस्तावेज में लगी नाबालिग की पासपोर्ट साइज फोटो बीएलओ फखरुनिशा उर्फ बेबी द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से एहसान पटेल को भेजी गई थी। इसके बाद यह फोटो कई लोगों के बीच साझा होती रही और अंततः गलत हाथों में पहुंचकर उसका दुरुपयोग किया गया।

    पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने आपस में तस्वीर साझा की और बाद में फोटो एडिटिंग के जरिए नाबालिग की तस्वीर को किसी अन्य युवती की तस्वीर के साथ जोड़कर आपत्तिजनक सामग्री तैयार की गई। इसके बाद उस सामग्री को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कर दिया गया जिससे पीड़िता और उसके परिवार को मानसिक और सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचा।

    जांच के दौरान पुलिस ने मामले में इस्तेमाल किए गए चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन मोबाइल उपकरणों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सामग्री किन-किन प्लेटफॉर्म और लोगों तक पहुंचाई गई थी। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

    कार्रवाई के तहत पुलिस ने आबिद पटेल मुजफ्फर पटेल और एहसान पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं सरकारी दस्तावेज से फोटो साझा करने के मामले में बीएलओ फखरुनिशा उर्फ बेबी के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की गई है। मामले का एक अन्य आरोपी यूसुफ पटेल अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने कहा कि नाबालिग की पहचान और सम्मान की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है और जो भी व्यक्ति इस साजिश में शामिल पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता और संवेदनशीलता का ध्यान रखें।

  • आयुष्मान कार्ड का बड़ा लाभ, लाखों रुपये की एयर एम्बुलेंस सेवा मिली मुफ्त, बुजुर्ग की बची जान

    आयुष्मान कार्ड का बड़ा लाभ, लाखों रुपये की एयर एम्बुलेंस सेवा मिली मुफ्त, बुजुर्ग की बची जान


    नर्मदापुरम।नर्मदापुरम जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली जब पहली बार पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से एक गंभीर मरीज को त्वरित उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर नागपुर भेजा गया। इस अत्याधुनिक और महंगी चिकित्सा सुविधा का लाभ 83 वर्षीय बुजुर्ग रामगोपाल टोकसे को मिला जो गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। खास बात यह रही कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र होने के कारण मरीज को यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई गई जिससे लाखों रुपये का खर्च बच गया।

    रसूलिया शिवाजीनगर निवासी रामगोपाल टोकसे नर्मदापुरम के एक निजी अस्पताल में उपचाररत थे। उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी और वे ब्रेन हैमरेज तथा मल्टी ऑर्गन फेलियर जैसी जटिल स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। चिकित्सकों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में तत्काल रेफर करने की सलाह दी। इसके बाद परिजनों ने प्रशासन से पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरसिंह गहलोत और डिप्टी कलेक्टर डॉ. बबिता राठौर के मार्गदर्शन में प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। प्रारंभिक योजना के अनुसार हेलीकॉप्टर को नर्मदापुरम स्थित एसपीएम केंद्रीय विद्यालय मैदान में बनाए गए हेलीपैड पर उतरना था। हालांकि लगातार हो रही बारिश के कारण मैदान की स्थिति अनुकूल नहीं रही और अंतिम समय में स्थान परिवर्तन का निर्णय लेना पड़ा।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नर्मदापुरम प्रशासन ने सीहोर जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित किया और बुधनी स्थित ट्राइडेंट कंपनी के हेलीपैड को वैकल्पिक स्थल के रूप में चुना गया। प्रशासनिक टीमों की सक्रियता और बेहतर समन्वय के कारण एयर एम्बुलेंस गुरुवार सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर बुधनी पहुंची और मरीज को लेकर नागपुर के लिए रवाना हो गई।

    पूरे ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि एयर एम्बुलेंस ने महज 1 घंटा 15 मिनट में नागपुर पहुंचकर नया रिकॉर्ड बनाया। दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर हेलीकॉप्टर नागपुर पहुंचा और मात्र 15 मिनट बाद मरीज को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। समय पर मिले इस उपचार से मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी।

    मरीज के पुत्र ऋतिक टोकसे ने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि यह सुविधा नहीं मिलती तो परिवार के लिए इतना बड़ा खर्च वहन करना संभव नहीं था। उन्होंने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना की।

    नर्मदापुरम में पहली बार सफलतापूर्वक संचालित हुई पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा ने यह साबित कर दिया है कि आपातकालीन परिस्थितियों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती हैं। यह पहल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को नई दिशा देने के साथ आम लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।

  • नम आंखों से पंडित प्रदीप मिश्रा ने दी श्रद्धांजलि, लखनऊ हादसे में बच्चों की मौत पर जताया गहरा शोक

    नम आंखों से पंडित प्रदीप मिश्रा ने दी श्रद्धांजलि, लखनऊ हादसे में बच्चों की मौत पर जताया गहरा शोक


    सीहोर। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना पर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृत बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। हादसे की जानकारी मिलते ही वे बेहद भावुक हो गए और उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

    कथा के दौरान जारी अपने संदेश में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मासूम बच्चों का असमय इस दुनिया से चले जाना अत्यंत पीड़ादायक और दुखद है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने बच्चे को खोने का दुख शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। यह ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं होती। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं पूरी तरह से उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।

    पंडित मिश्रा ने दिवंगत बच्चों को श्रद्धांजलि देते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे सभी मासूम आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। साथ ही उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना की कि शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति और साहस मिले। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं पूरे समाज को भीतर तक झकझोर देती हैं और हर संवेदनशील व्यक्ति को पीड़ा पहुंचाती हैं।

    उन्होंने हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि ईश्वर सभी घायलों को जल्द स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें और उन्हें इस कठिन परिस्थिति से बाहर निकलने की शक्ति दें। उन्होंने लोगों से भी पीड़ित परिवारों के लिए प्रार्थना करने और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े रहने की अपील की।

    पंडित प्रदीप मिश्रा के इस भावुक संदेश के बाद देश और विदेश में मौजूद उनके लाखों अनुयायियों ने भी सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से हादसे पर शोक व्यक्त किया। श्रद्धालुओं ने दिवंगत बच्चों की आत्मा की शांति तथा पीड़ित परिवारों को संबल प्रदान करने के लिए प्रार्थनाएं कीं।

    लखनऊ की इस दुखद घटना ने एक बार फिर सभी को जीवन की अनिश्चितताओं का एहसास कराया है। पूरे देश में इस हादसे को लेकर शोक का माहौल है और लोग मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जता रहे हैं।

  • देवास में दर्दनाक हादसा: तेज बहाव वाले रपटे को पार करना पड़ा भारी, दो युवकों की मौत

    देवास में दर्दनाक हादसा: तेज बहाव वाले रपटे को पार करना पड़ा भारी, दो युवकों की मौत

    देवास ।मध्य प्रदेश के देवास जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। सतवास थाना क्षेत्र के कोथमीर रपटे पर उफनते नाले को पार करने की कोशिश कर रहे बाइक सवार दो युवक तेज बहाव में बह गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीणों ने रातभर संयुक्त सर्च अभियान चलाया। कई घंटों की तलाश के बाद दोनों युवकों के शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और गम का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार मृतक धर्मेंद्र उम्र 34 वर्ष और अमित उम्र 24 वर्ष कन्नौद के निवासी थे। दोनों पीपलकोटा स्थित एक निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत थे। मंगलवार शाम काम खत्म करने के बाद दोनों बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीपलकोटा और कोथमीर के बीच स्थित खेत वाले रपटे पर पहुंचे तो वहां नाले में तेज बहाव था। स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने और पानी कम होने तक इंतजार करने की सलाह दी, लेकिन दोनों ने जोखिम उठाते हुए नाले को पार करने का प्रयास किया।

    तेज बहाव के बीच बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दोनों युवक बाइक समेत पानी में बह गए। देखते ही देखते वे नाले के तेज प्रवाह में ओझल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सतवास और कन्नौद पुलिस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही एसडीआरएफ देवास की टीम को भी बुलाया गया। रातभर अंधेरे और खराब मौसम के बीच राहत एवं बचाव कार्य जारी रहा।

    सर्च अभियान के दौरान घटनास्थल से कुछ दूरी पर दोनों युवकों की बाइक बरामद कर ली गई थी, लेकिन युवकों का कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह तलाश अभियान को और तेज किया गया। काफी प्रयासों के बाद धर्मेंद्र का शव घटनास्थल से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर मिला, जबकि अमित का शव करीब 6 से 7 किलोमीटर दूर बरामद किया गया। दोनों शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सतवास शासकीय अस्पताल भेजा गया।

    घटना की सूचना मिलते ही कन्नौद-खातेगांव क्षेत्र के विधायक आशीष शर्मा भी सतवास शासकीय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें ढांढस बंधाया। विधायक ने आश्वासन दिया कि शासन स्तर पर पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    बारिश के मौसम में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जहां लोग जल्दबाजी या जोखिम उठाने के कारण अपनी जान गंवा बैठते हैं। प्रशासन ने एक बार फिर नागरिकों से अपील की है कि उफनते नालों, पुल-पुलियों और रपटों को पार करने का प्रयास न करें। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। यह हादसा भी इसी बात की दर्दनाक याद दिलाता है कि प्राकृतिक परिस्थितियों के सामने सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

  • मंदसौर में भीषण सड़क हादसा: एक्सप्रेस-वे पर ट्रक से टकराई कार, चार की जान गई, दो गंभीर

    मंदसौर में भीषण सड़क हादसा: एक्सप्रेस-वे पर ट्रक से टकराई कार, चार की जान गई, दो गंभीर

    मंदसौर ।मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसे ने चार लोगों की जिंदगी छीन ली। सीतामऊ थाना क्षेत्र के तीतरोद गांव के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक से पीछे जा टकराई। टक्कर इतनी भयावह थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिनका उपचार अस्पताल में जारी है।

    जानकारी के अनुसार दुर्घटना दोपहर करीब 11 बजे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुई। महाराष्ट्र के औरंगाबाद से दिल्ली जा रही कार तेज गति से आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान तीतरोद गांव के समीप कार चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार सामने चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और राहत दल को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही सीतामऊ थाना पुलिस और आपातकालीन सहायता दल मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल सीतामऊ अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका उपचार शुरू किया गया। वहीं मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    पुलिस ने हादसे में जान गंवाने वाले दो लोगों की पहचान रविन्द्र काले निवासी शास्त्री नगर जवाहर कॉलोनी औरंगाबाद तथा सचिन गंगाधर गजभारे निवासी नाहर क्लिनिक के सामने औरंगाबाद महाराष्ट्र के रूप में की है। अन्य दो मृतकों और दोनों घायलों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस उनकी पहचान करने और परिजनों को सूचना देने का प्रयास कर रही है।

    प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन से नियंत्रण खोना हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस अब एक्सप्रेस-वे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और ट्रक की पहचान कर चालक तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर लगातार बढ़ते सड़क हादसे एक बार फिर चिंता का विषय बन गए हैं। तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण होने वाली दुर्घटनाएं कई परिवारों की खुशियां छीन रही हैं। इस हादसे ने न केवल मृतकों के परिजनों को गहरा आघात पहुंचाया है बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल भी पैदा कर दिया है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे एक्सप्रेस-वे पर निर्धारित गति सीमा का पालन करें और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता बरतें ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।

  • पानी भरने की बात पर भड़की पुरानी रंजिश: मैहर में खूनी संघर्ष, 7 महिलाओं समेत 14 लोग गंभीर घायल

    पानी भरने की बात पर भड़की पुरानी रंजिश: मैहर में खूनी संघर्ष, 7 महिलाओं समेत 14 लोग गंभीर घायल

    मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में जमीनी विवाद ने बुधवार रात हिंसक और खूनी रूप ले लिया। अमरपाटन थाना क्षेत्र के कहरी गांव में दो पड़ोसी परिवारों के बीच लंबे समय से चल रही रंजिश एक बार फिर भड़क उठी और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद कुछ ही मिनटों में इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडे और धारदार हथियार निकल आए। दोनों ओर से हुए हमले में 7 महिलाओं सहित कुल 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।

    पुलिस के अनुसार कहरी गांव में रहने वाले बंसल समाज के दो परिवारों के बीच जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। बुधवार रात विवादित जमीन पर पानी भरने को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई। पहले तीखी नोकझोंक हुई और फिर देखते ही देखते मामला हिंसक संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर एक-दूसरे पर टूट पड़े। गांव में अचानक मची चीख-पुकार और हंगामे से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों ने बीच-बचाव का प्रयास किया लेकिन तब तक कई लोग गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो चुके थे।

    घटना के बाद घायल किसी तरह अमरपाटन थाने पहुंचे। थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने घायलों की हालत गंभीर देखते हुए तत्काल एंबुलेंस और शासकीय वाहन की व्यवस्था कर सभी को अमरपाटन सिविल अस्पताल भिजवाया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियां भी उजागर हो गईं। एक साथ 14 गंभीर घायलों के पहुंचने पर अस्पताल में पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं थे। मजबूरन डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को कई घायलों का उपचार अस्पताल के बरामदे और फर्श पर करना पड़ा। घायल महिलाओं और पुरुषों को जमीन पर लिटाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। उन्हें वहीं पट्टियां बांधी गईं और ड्रिप तथा इंजेक्शन लगाए गए।

    मारपीट में दोनों पक्षों के लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। प्रथम पक्ष से सरिता बंसल, जितेंद्र, फूलचंद, साक्षी, आरती और प्रिया बंसल घायल हुए हैं। वहीं दूसरे पक्ष से समीर, बड्डी, सोमबाई, सुरेश, पार्वती, रमेश, मुकेश और तिजियाबाई बंसल को चोटें आई हैं। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों की हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया है।

    थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पुराना जमीनी विवाद ही इस हिंसक घटना की मुख्य वजह है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल में घायलों के बयान लिए जा रहे हैं और घटनास्थल से भी जरूरी साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

  • आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: इंदौर से 144 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार

    आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: इंदौर से 144 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार

    इंदौर । इंदौर में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है। शहर के तुलसी नगर क्षेत्र स्थित एक बंगले में संचालित अवैध शराब निर्माण इकाई पर छापा मारकर विभाग ने 144 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की है। कार्रवाई के दौरान मौके से विनोद तलइया नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां तैयार की जा रही शराब की सप्लाई केवल इंदौर तक सीमित नहीं थी बल्कि राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों तक भी की जा रही थी।

    आबकारी विभाग के कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि विभाग को मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि तुलसी नगर के एक बंगले में बड़े पैमाने पर अवैध शराब तैयार की जा रही है। सूचना की पुष्टि होने के बाद विशेष टीम का गठन कर मौके पर दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान टीम को भारी मात्रा में अवैध शराब के साथ शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और मशीनरी भी मिली। बरामद सामग्री को जब्त कर लिया गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

    पूछताछ में आरोपी विनोद तलइया ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। उसने स्वीकार किया कि तैयार शराब को इंदौर सहित राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता था। जांच अधिकारियों के अनुसार यह कारोबार लंबे समय से संचालित किया जा रहा था और इसके जरिए बड़ी मात्रा में अवैध कमाई की जा रही थी। प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि तैयार शराब को केसर कस्तूरी नाम से बाजार में बेचा जा रहा था।

    आबकारी विभाग को आशंका है कि बरामद शराब में ऐसे रसायनों का उपयोग किया गया हो सकता है जो मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक साबित हो सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए शराब के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि शराब में किन पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था और उसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    विभाग अब इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और शराब की सप्लाई किन-किन जिलों तथा राज्यों तक की जा रही थी। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

    आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल विभाग को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई कर जनस्वास्थ्य और कानून व्यवस्था को सुरक्षित रखा जा सके।

  • निर्जला एकादशी से चमकेगी इन 4 राशियों की किस्मत, श्रीहरि विष्णु की कृपा से बनेंगे सफलता और धन लाभ के योग

    निर्जला एकादशी से चमकेगी इन 4 राशियों की किस्मत, श्रीहरि विष्णु की कृपा से बनेंगे सफलता और धन लाभ के योग

    नई दिल्ली। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी का व्रत आज श्रद्धा और आस्था के साथ रखा जा रहा है। हिंदू धर्म में इसे सबसे महत्वपूर्ण और पुण्यदायी एकादशियों में से एक माना जाता है। भगवान विष्णु को समर्पित इस व्रत को लेकर मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक उपवास और पूजा-अर्चना करने से वर्षभर की सभी एकादशियों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, निर्जला एकादशी के प्रभाव से कुछ राशियों के जीवन में शुभ परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। इन राशियों पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा रहने के कारण करियर, धन और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं।

    वृषभ राशि

    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय लाभदायक साबित हो सकता है। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है और मेहनत का उचित फल मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। साथ ही भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में संतुलन और स्थिरता बनी रह सकती है।

    कर्क राशि
    निर्जला एकादशी के बाद कर्क राशि के लोगों को कई मामलों में राहत मिल सकती है। मानसिक तनाव कम होने के साथ पारिवारिक माहौल भी सुखद रह सकता है। कार्यक्षेत्र में बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है। नियमित रूप से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से शुभ फलों में वृद्धि हो सकती है।

    सिंह राशि
    सिंह राशि के जातकों के लिए यह अवधि उपलब्धियों से भरी रह सकती है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होने के योग हैं। आत्मविश्वास और परिश्रम के बल पर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की जा सकती है।

    तुला राशि
    तुला राशि वालों के लिए आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं। नौकरी और व्यवसाय से जुड़े नए अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से चली आ रही परेशानियां धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। धार्मिक गतिविधियों में भागीदारी और भगवान विष्णु की भक्ति इनके लिए विशेष लाभकारी साबित हो सकती है।

    धार्मिक मान्यता
    ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, निर्जला एकादशी का दिन भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए व्रत, दान और पूजा से शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता है।

  • मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, आज 46 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी

    मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, आज 46 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी

    भोपाल। मध्य प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र के 15 जिलों में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों में मानसून प्रदेश के शेष हिस्सों को भी कवर कर लेगा। हालांकि ग्वालियर-चंबल संभाग में मानसून सबसे आखिर में पहुंचने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 46 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं सीधी जिले में लू चलने की आशंका है। इसके अलावा नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, रीवा और सिंगरौली में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है।

    विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, सतना, सीधी, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी के साथ बारिश होने का अनुमान है।

    इन जिलों में पहुंच चुका है मानसून

    आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी जिलों में मानसून के आगमन की घोषणा की जा चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से चार दिनों के भीतर मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा।

    इस बार सामान्य से कम बारिश के संकेत

    मौसम केंद्र (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। प्रदेश में औसत 37.3 इंच बारिश के मुकाबले 30 से 32 इंच तक वर्षा दर्ज होने का अनुमान लगाया गया है।

    मानसून की देरी से बारिश में 50 प्रतिशत की कमी

    मानसून के विलंब से पहुंचने के कारण 24 जून तक प्रदेश में सूखे जैसे हालात बने रहे। एक जून से अब तक जहां औसतन 84.8 मिमी (3.6 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, वहीं केवल 42 मिमी (1.6 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 50 प्रतिशत कम है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर समेत प्रदेश के 48 जिलों में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

  • दिव्यांगों की आवाज बने राहुल शाह, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; शिक्षा, रोजगार और सुविधाओं की उठाई मांग

    दिव्यांगों की आवाज बने राहुल शाह, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; शिक्षा, रोजगार और सुविधाओं की उठाई मांग


    नई दिल्ली ।सिंगरौली जिले के मूकबधिर एवं अन्य दिव्यांगजनों ने अपनी समस्याओं और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर नवागत कलेक्टर गौरव बैनल से मुलाकात की। दिव्यांगजनों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और विशेष सुविधाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से आग्रह किया कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए प्रभावी एवं जमीनी स्तर पर कदम उठाए जाएं।

    बैठक के दौरान दिव्यांग समुदाय का नेतृत्व कर रहे राहुल शाह ने कलेक्टर को अपनी जिम्मेदारियों और कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने अपने दस्तावेज और प्रमाण पत्र प्रस्तुत करते हुए बताया कि उन्हें दिव्यांग व्यक्तियों से जुड़े मामलों में सहयोग और मार्गदर्शन के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा अधिकृत किया गया है। राहुल शाह ने कहा कि उनका उद्देश्य देशभर के मूकबधिर और दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करना तथा उनकी समस्याओं को संबंधित संस्थाओं और न्यायिक मंचों तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य के तहत वे सिंगरौली के मूकबधिर समुदाय की आवाज बनकर कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं।

    प्रतिनिधिमंडल की सबसे प्रमुख मांग जिले में बंद पड़े मूकबधिर बच्चों के विशेष विद्यालय को दोबारा शुरू करने की रही। राहुल शाह ने बताया कि पूर्व में संचालित यह विद्यालय कई कारणों से बंद हो गया था, जिससे जिले के दिव्यांग बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के पुनः संचालन से सैकड़ों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य का अवसर मिल सकेगा।

    इसके अलावा दिव्यांगजनों ने जिले में संचालित औद्योगिक कंपनियों के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड के माध्यम से कौशल विकास और स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम दिव्यांग युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    बैठक में मौजूद अन्य दिव्यांगजनों ने रोजगार के अवसर बढ़ाने, विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने, बेरा टेस्ट की सुलभ सुविधा उपलब्ध कराने, साइन लैंग्वेज विशेषज्ञों की नियुक्ति करने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के सीधे दिव्यांगजनों तक पहुंचाने की मांग की। साथ ही खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए मंच उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया गया ताकि दिव्यांग प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

    कलेक्टर गौरव बैनल ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को इन पर आवश्यक परीक्षण और कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का भरोसा दिलाया।

    कलेक्टर की ओर से मिले आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन जल्द ही विशेष विद्यालय के पुनः संचालन, रोजगार सृजन और अन्य सुविधाओं की दिशा में ठोस कदम उठाएगा। इससे जिले के दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी के नए अवसर प्राप्त हो सकेंगे।