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  • 12 दिन बाद मिला एक्ट्रेस ट्विशा को अंतिम विदाई, भोपाल में हुआ अंतिम संस्कार

    12 दिन बाद मिला एक्ट्रेस ट्विशा को अंतिम विदाई, भोपाल में हुआ अंतिम संस्कार


    भोपाल। भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा का अंतिम संस्कार रविवार को भदभदा श्मशान घाट पर 12 दिन बाद संपन्न हुआ। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन और भावुक था। परिवार के सदस्यों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। अंतिम संस्कार में सबसे भावुक क्षण वह रहा जब ट्विशा के भाई मेजर हर्षित ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान मौजूद परिजन और करीबी लगातार रोते-बिलखते नजर आए।

    ट्विशा के अंतिम दर्शन और अंतिम यात्रा के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। अंतिम यात्रा भोपाल AIIMS से शुरू होकर भदभदा विश्राम घाट तक पहुंची, जहां पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।

    इससे पहले दिन में एक महत्वपूर्ण मेडिकल प्रक्रिया के तहत दिल्ली AIIMS की विशेष टीम ने भोपाल AIIMS परिसर में ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया। यह प्रक्रिया करीब तीन घंटे तक चली, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने सभी आवश्यक जांचें कीं। पोस्टमॉर्टम के दौरान लिए गए सैंपल और विसरा को सुरक्षित रूप से भोपाल AIIMS में सील कर रखा गया है। टीम अब अपनी विस्तृत रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंपेगी, जिसे जांच प्रक्रिया में अहम माना जा रहा है।

    यह मामला 12 मई की रात का है, जब भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। शुरुआती जांच के बाद मामला आत्महत्या और हत्या के आरोपों के बीच उलझ गया है। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया है, जबकि मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए पति और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। इस विरोधाभास ने पूरे मामले को और जटिल बना दिया है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। कोर्ट की कार्रवाई के तहत ट्विशा के पति समर्थ को पहले ही गिरफ्तार कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा जा चुका है। साथ ही अदालत ने उसका पासपोर्ट भी जब्त करने के आदेश दिए हैं, जिससे विदेश भागने की संभावना को रोका जा सके। वहीं सास की जमानत रद्द करने की मांग को लेकर भी अदालत में आवेदन दायर किया गया है, जिस पर सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित है।

    इसी बीच, इस हाई-प्रोफाइल मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए सोमवार को चीफ जस्टिस की बेंच में सुनवाई तय की है। माना जा रहा है कि शीर्ष अदालत इस मामले में जांच की दिशा और प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दे सकती है।

    इसके अलावा, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को सीबीआई को सौंपने पर सहमति जता दी है, जिससे जांच और तेज होने की उम्मीद है।

    अंतिम संस्कार के दौरान भदभदा घाट पर भारी भीड़ और पुलिस सुरक्षा के बीच पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। परिवार और रिश्तेदारों ने नम आंखों से ट्विशा को अंतिम विदाई दी। माहौल इतना भावुक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

    फिलहाल, पूरे मामले की जांच अलग-अलग स्तरों पर जारी है और आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और सीबीआई जांच की दिशा इस केस को और स्पष्ट कर सकती है।

  • जमीन विवाद में गोलियों की गूंज, पिता-बेटे को दी जान से मारने की धमकी

    जमीन विवाद में गोलियों की गूंज, पिता-बेटे को दी जान से मारने की धमकी


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के सीहोर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते फायरिंग की गंभीर घटना सामने आई है। यह पूरा विवाद खेत के रास्ते और रेत खदान के संचालन से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें एक ही परिवार के दो पक्ष आमने-सामने आ गए।

    ग्राम सीहोर निवासी जितेंद्र गुर्जर ने बताया कि करीब दो महीने पहले खेत के रास्ते को लेकर परिवार के ही प्रशांत गुर्जर से विवाद हुआ था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया और रंजिश गहरी होती चली गई।

    घटना 23 मई 2026 की रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब जितेंद्र अपने पिता औतार सिंह गुर्जर के साथ घर के बाहर बैठे हुए थे। उसी दौरान प्रशांत गुर्जर अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने कट्टे से कई हवाई फायर कर दहशत फैला दी।

    फायरिंग की आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों को आता देख आरोपी पक्ष ने जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच रेत खदान के संचालन को लेकर भी लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिससे तनाव लगातार बढ़ता जा रहा था।

    घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

    सीहोर थाना पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(ए), 125, 351(3) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

  • बिजली संकट पर सड़क पर उतरे लोग, डीसी ऑफिस के बाहर जोरदार विरोध

    बिजली संकट पर सड़क पर उतरे लोग, डीसी ऑफिस के बाहर जोरदार विरोध


    सीहोर। सीहोर जिले के अमलाहा क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से जारी रात्रिकालीन बिजली कटौती के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को सड़कों पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होकर अमलाहा डीसी कार्यालय पहुंचे और चक्का जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

    प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर तत्काल बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय बार-बार बिजली गुल होने से आमजन का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

    लोगों ने बताया कि लगातार अंधेरे के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं किसानों को सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा छोटे व्यापारी भी बिजली कटौती से परेशान हैं और उनका कामकाज ठप पड़ रहा है।

    प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ, हालांकि प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए ग्रामीणों को समझाइश देकर सड़क से हटाया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

    ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि अगले 72 घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वे बड़े और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन सतर्क है और बिजली विभाग से रिपोर्ट तलब की जा रही है।
  • कोनाझीर टोल के पास खौफनाक हादसा: CNG रिसाव से रास्ता बंद, यातायात प्रभावित

    कोनाझीर टोल के पास खौफनाक हादसा: CNG रिसाव से रास्ता बंद, यातायात प्रभावित

     
    सीहोर। सीहोर जिले में रविवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया, जब कोनाझीर टोल प्लाजा के पास इछावर की ओर से आ रहा CNG गैस से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। बताया जा रहा है कि ट्रक चालक ने सामने आए एक बाइक सवार को बचाने के प्रयास में नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते यह गंभीर हादसा हुआ।

    हादसे के तुरंत बाद ट्रक से गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित जोन घोषित कर दिया गया। संभावित खतरे को देखते हुए सीहोर-इछावर मुख्य मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया, जबकि यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट कर दिया गया।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड और तकनीकी टीम भी मौके पर पहुंची। गैस रिसाव को नियंत्रित करने के लिए लगातार पानी की बौछार की गई, जिससे लीकेज के प्रभाव को काफी हद तक कम करने में सफलता मिली। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को नो-एंट्री जोन घोषित कर दिया ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

    एडिशनल एसपी, सीएसपी और स्थानीय थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। पुलिस ने दो क्रेन की मदद से पलटे हुए ट्रक को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों के अनुसार स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, हालांकि पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

    सीएसपी के अनुसार, यह टैंकर गेल इंडिया कंपनी का था, जो इछावर से सीहोर की ओर जा रहा था। रास्ते में बाइक सवार को बचाने के प्रयास में यह दुर्घटना हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के सभी उपाय अपनाए जा रहे हैं और क्षेत्र में निगरानी लगातार जारी है।

  • फार्मर आईडी और सर्वर डाउन से अटकी खाद बुकिंग, सीहोर में बढ़ी मुश्किलें

    फार्मर आईडी और सर्वर डाउन से अटकी खाद बुकिंग, सीहोर में बढ़ी मुश्किलें


    सीहोर। सीहोर जिले में खाद वितरण की नई ई-टोकन व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। सरकार द्वारा खाद वितरण को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिए जाने और इसे फार्मर आईडी से जोड़ने के बाद किसानों को खाद खरीदने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब किसान सीधे दुकानों से खाद नहीं खरीद सकते, बल्कि उन्हें पहले ऑनलाइन बुकिंग करनी अनिवार्य कर दी गई है।

    इस बदलाव से जिले के किसान नाराज हैं और वे खुलकर इसका विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि अधिकांश के पास अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनी है, जिसके कारण वे खाद बुक करने से वंचित रह जा रहे हैं। उनका आरोप है कि बिना तैयारी के इस व्यवस्था को लागू कर दिया गया, जिससे खेती के सीजन में उन्हें भारी संकट झेलना पड़ रहा है।

    खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक होने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। किसान अपनी पुरानी उपज बेचकर खेतों की तैयारी कर चुके हैं और अब मानसून की बारिश का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में खाद की तत्काल आवश्यकता होगी, लेकिन नई प्रणाली ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

    किसानों का कहना है कि उनके खसरे आधार से लिंक नहीं हैं और कई खातों की केवाईसी भी पूरी नहीं हो पाई है। उनका तर्क है कि पहले सभी किसानों को फार्मर आईडी उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी, उसके बाद ही इस तरह की ऑनलाइन व्यवस्था लागू की जानी चाहिए थी।

    जिले में करीब 1 लाख 45 हजार किसानों में से केवल 13,445 किसानों ने ही अब तक फार्मर आईडी बनवाई है, जिससे साफ है कि बड़ी संख्या में किसान अभी भी सिस्टम से बाहर हैं। इसके अलावा, तकनीकी समस्याएं भी लगातार सामने आ रही हैं। कई बार सर्वर डाउन होने के कारण ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही, जिससे किसान पर्ची जनरेट नहीं कर पा रहे हैं।

    किसानों की एक और समस्या यह है कि पर्ची जनरेट होने के बाद भी कई बार सोसायटियों में खाद उपलब्ध नहीं होता। निर्धारित समय में खाद न मिलने पर पर्ची स्वतः समाप्त हो जाती है, जिससे किसानों को दोबारा प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

    हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था खाद की कालाबाजारी रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए लागू की गई है। डीडीए अशोक उपाध्याय के अनुसार, किसान अब घर बैठे खाद बुक कर सकते हैं और लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि गांव-गांव में फार्मर आईडी बनाने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक किसान इस व्यवस्था से जुड़ सकें।

  • 1,991 पेटियों का खुलासा: सीहोर में शराब तस्करी पर पुलिस का बड़ा एक्शन

    1,991 पेटियों का खुलासा: सीहोर में शराब तस्करी पर पुलिस का बड़ा एक्शन

     

    सीहोर । सीहोर जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। भोपाल–इंदौर हाईवे पर जावर थाना क्षेत्र में एक लावारिस ट्रक से भारी मात्रा में अवैध बीयर जब्त की गई है। जब्त माल की बाजार कीमत करीब 62 लाख रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई से इलाके में अवैध शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।

    जानकारी के अनुसार, रविवार को पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि हाईवे पर सरहदी क्षेत्र के पास एक संदिग्ध ट्रक खड़ा है। सूचना मिलते ही जावर थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। जब पुलिस टीम वहां पहुंची तो निर्माणाधीन शेड के पास एक ट्रक संदिग्ध हालत में लावारिस खड़ा मिला, जिसके आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।

    पुलिस ने जब ट्रक की तलाशी ली तो उसमें बड़ी मात्रा में बीयर की पेटियां भरी हुई पाई गईं। जांच के दौरान कुल 1,991 पेटियां बरामद की गईं, जिनमें ‘पावरकूल’ ब्रांड की 47,784 बीयर केन रखी हुई थीं। इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिलने से पुलिस भी हैरान रह गई।

    पुलिस के अनुसार, जब्त की गई बीयर की कुल मात्रा लगभग 23,892 लीटर है। शुरुआती जांच में इसकी बाजार कीमत लगभग 62 लाख 11 हजार 920 रुपये आंकी गई है। ट्रक से न तो कोई ड्राइवर मिला और न ही कोई मालिकाना दावा करने वाला व्यक्ति सामने आया, जिससे यह मामला पूरी तरह संदिग्ध और अवैध तस्करी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।

    इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री के नशा मुक्ति अभियान और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के निर्देशों के तहत बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और आष्टा एसडीओपी के मार्गदर्शन में जावर थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीम ने यह कार्रवाई की।

    पुलिस ने अवैध शराब और ट्रक को जब्त कर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि यह शराब कहां से लाई गई थी और इसका अंतिम गंतव्य क्या था। पुलिस को शक है कि इसके पीछे कोई संगठित तस्करी गिरोह सक्रिय हो सकता है।

    स्थानीय पुलिस अब ट्रक के रजिस्ट्रेशन नंबर, रूट और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके। इस कार्रवाई को जिले में अवैध शराब के खिलाफ अब तक की बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है।

  • सतना में नदी बनी मौत का कारण: युवक की डूबने से दर्दनाक मौत

    सतना में नदी बनी मौत का कारण: युवक की डूबने से दर्दनाक मौत


    सतना । सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया एक 21 वर्षीय युवक देखते ही देखते गहरे पानी में समा गया और उसकी जान चली गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। दोस्तों ने अपनी जान जोखिम में डालकर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण सफलता नहीं मिल सकी। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीण गोताखोरों ने युवक को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

    जानकारी के मुताबिक, सरिया टोला माधवगढ़ निवासी अर्चित सिंह रविवार सुबह अपने पांच दोस्तों के साथ माधवगढ़ स्थित नदी के एनीकेट पर नहाने गया था। भीषण गर्मी के बीच सभी दोस्त नदी में मस्ती कर रहे थे। लगभग डेढ़ घंटे तक नहाने के बाद एक-एक कर सभी युवक पानी से बाहर निकलने लगे। इसी दौरान अर्चित का संतुलन बिगड़ गया और उसका पैर फिसल गया। देखते ही देखते वह गहरे पानी में चला गया।

    अर्चित को डूबता देख दोस्तों में अफरा-तफरी मच गई। दोस्तों ने तुरंत नदी में छलांग लगाई और उसे खोजने की कोशिश शुरू की, लेकिन पानी ज्यादा गहरा होने के कारण उसका कोई पता नहीं चल सका। दोस्तों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोर भी नदी किनारे पहुंच गए और युवक की तलाश शुरू की गई।

    करीब आधे घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गोताखोरों ने अर्चित को पानी से बाहर निकाला। युवक की हालत गंभीर थी। परिजन और दोस्त उसे तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    घटना की सूचना मिलते ही कोलगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में हादसा पैर फिसलने के कारण होना बताया जा रहा है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में युवक नदी और एनीकेट में नहाने पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से अक्सर हादसे हो जाते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खतरनाक जलाशयों के आसपास चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

  • परिवार के बाहर जाते ही सूना घर बना निशाना, गहने और नकदी लेकर फरार चोर

    परिवार के बाहर जाते ही सूना घर बना निशाना, गहने और नकदी लेकर फरार चोर


    सतना  सतना शहर में चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। कोलगवां थाना क्षेत्र में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात अज्ञात बदमाशों ने दो सूने घरों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपए की चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। दोनों घटनाओं के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

    पहली घटना शुक्ला बर्दाडीह इलाके में रहने वाले एक ऑटोमोबाइल कंपनी के मैनेजर शैलेंद्र सिंह बघेल के घर हुई। घटना के समय शैलेंद्र सिंह जबलपुर गए हुए थे, जबकि उनकी पत्नी और बच्चे मायके में थे। घर पूरी तरह सूना होने का फायदा उठाकर बदमाश रात के अंधेरे में पहुंचे और मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर घुस गए। इसके बाद चोरों ने घर के कमरों को खंगालते हुए अलमारी का लॉक तोड़ा और उसमें रखे सोने-चांदी के जेवर, नगदी और अन्य कीमती सामान समेटकर फरार हो गए।

    सुबह पड़ोसियों को घर का ताला टूटा दिखाई दिया तो उन्होंने तुरंत शैलेंद्र सिंह को सूचना दी। खबर मिलते ही वे जबलपुर से सतना पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

    इसी रात दूसरी वारदात भी शुक्ला बर्दाडीह इलाके में तलैया के पास रहने वाली शिवकली त्रिपाठी के घर में हुई। शिवकली अपने मायके कुआं गांव गई हुई थीं, जबकि उनके दोनों बेटे भोपाल में रहते हैं। सूने मकान का फायदा उठाते हुए चोर घर में घुस गए और अलमारी का ताला तोड़कर उसमें रखे करीब 75 हजार रुपए नकद और लगभग 3 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए।

    रविवार सुबह जब शिवकली घर लौटीं तो घर का सामान बिखरा देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत डायल-112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया।

    एक ही रात में दो बड़ी चोरियों की घटना ने पुलिस की गश्त व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में रात के समय सुरक्षा व्यवस्था कमजोर रहती है, जिसका फायदा बदमाश उठा रहे हैं।

    फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

  • बच्चों पर मंडराया खतरा: सतना में मीजल्स के 7 केस, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

    बच्चों पर मंडराया खतरा: सतना में मीजल्स के 7 केस, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट


    मध्यप्रदेश।  सतना जिले में मीजल्स यानी खसरे का संक्रमण एक बार फिर चिंता का कारण बन गया है। पहले नागौद ब्लॉक के गिंजारा गांव में मामला सामने आने के बाद अब शहरी क्षेत्र में भी इसके नए केस दर्ज किए गए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चुनौती और बढ़ गई है।

    ताजा जानकारी के अनुसार सतना अर्बन क्षेत्र के राजेंद्र नगर गली नंबर-16 समेत अलग-अलग इलाकों में कुल 7 नए मीजल्स केस सामने आए हैं। इनमें से 4 मामले अकेले राजेंद्र नगर से हैं। सभी संक्रमित बच्चे 5 वर्ष से कम उम्र के हैं और फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मई माह में संदिग्ध लक्षण दिखने पर 22 बच्चों के सैंपल जांच के लिए आईसीएमआर लैब, जबलपुर भेजे गए थे। इनकी रिपोर्ट 23 मई को प्राप्त हुई, जिसमें 8 बच्चों में मीजल्स संक्रमण की पुष्टि हुई, जिनमें एक मामला नागौद ब्लॉक से संबंधित था।

    संक्रमित बच्चों में अधिकांश बच्चियां शामिल हैं, जो हनुमान नगर, नई बस्ती, बजरहा टोला, राजेंद्र नगर और गिंजारा जैसे क्षेत्रों से हैं। इस साल अब तक सतना और मैहर मिलाकर लगभग 40 मीजल्स केस दर्ज किए जा चुके हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं।

    इससे पहले गिंजारा गांव में मीजल्स के कारण एक 2 वर्षीय मासूम बच्ची की मौत भी हो चुकी है। बच्ची को शुरुआत में बुखार और शरीर पर दाने निकले थे, लेकिन समय पर सही इलाज न मिलने और झाड़-फूंक पर भरोसा करने के कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई और अंततः उसकी मौत हो गई।

    अब उसी परिवार में बड़ी बहन की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वह अब खतरे से बाहर है। संक्रमित बच्ची को भी बहन से संक्रमण फैलने की आशंका जताई जा रही है।

    स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे अभियान तेज कर दिया है। जिला टीकाकरण अधिकारी के अनुसार, जहां-जहां केस सामने आए हैं, वहां बच्चों को एमआर वैक्सीन की अतिरिक्त डोज और विटामिन-ए सिरप देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

    सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन निगरानी बढ़ा दी गई है। संदिग्ध बच्चों की जांच, टीकाकरण और सर्वे कार्य लगातार जारी रहेगा ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

  • सतना एयरपोर्ट पर अव्यवस्था: वेटिंग हॉल का AC ट्रिप, यात्रियों को गर्मी में राहत

    सतना एयरपोर्ट पर अव्यवस्था: वेटिंग हॉल का AC ट्रिप, यात्रियों को गर्मी में राहत


    मध्यप्रदेश। सतना एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे के दौरान तैयारियों और व्यवस्थाओं की गंभीर खामियां सामने आ गईं। 31 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एयरपोर्ट पर उस समय अव्यवस्था का माहौल बन गया जब वेटिंग हॉल में क्षमता से तीन गुना अधिक भीड़ जमा हो गई।

    जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट के वेटिंग हॉल की क्षमता लगभग 50 लोगों की है, लेकिन मुख्यमंत्री की अगवानी के दौरान करीब 150 लोग वहां पहुंच गए। बाहर तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने और अंदर अत्यधिक भीड़ के कारण सेंट्रल एसी सिस्टम पर दबाव बढ़ गया और वह बार-बार ट्रिप होने लगा, जिससे कूलिंग पूरी तरह ठप हो गई।

    भीषण गर्मी और उमस के बीच यात्रियों और मौजूद लोगों को राहत देने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन को आनन-फानन में चार जंबो कूलर लगाने पड़े। इसके बावजूद स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी।

    यह घटना केवल तकनीकी खराबी तक सीमित नहीं रही, बल्कि एयरपोर्ट की तैयारियों और मूलभूत सुविधाओं पर भी सवाल खड़े कर गई। बताया जा रहा है कि यह एयरपोर्ट अभी तक पूरी तरह विकसित नहीं हो पाया है और यहां तक कि 6 सीटर छोटे विमान भी सुरक्षित रूप से नहीं उतर पा रहे हैं।

    इसी वजह से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भोपाल से विमान द्वारा रीवा पहुंचना पड़ा और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए सतना आना पड़ा। यह स्थिति एयरपोर्ट की कार्यक्षमता पर गंभीर सवाल उठाती है।

    गौरतलब है कि पिछले वर्ष 31 मई को इस एयरपोर्ट का ऑनलाइन लोकार्पण किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत में अभी भी कई सुविधाएं अधूरी हैं। बड़े-बड़े दावों के बावजूद एयरपोर्ट पर मूलभूत व्यवस्थाएं अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई हैं।