Category: Madhya Pradesh

  • मां की दवा बनी मौत की वजह पेट दर्द में खाई शुगर की गोली युवती की चली गई जान

    मां की दवा बनी मौत की वजह पेट दर्द में खाई शुगर की गोली युवती की चली गई जान


    भोपाल । भोपाल के बैरागढ़ इलाके से एक दर्दनाक घटना सामने आई है जहां दवा लेने में हुई कथित गलती एक युवती की जान पर भारी पड़ गई। पेट दर्द और ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान 28 वर्षीय युवती ने अपनी नियमित दवा के साथ गलती से मां की शुगर की दवा भी खा ली। इसके कुछ समय बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान वंदना मीणा के रूप में हुई है जो बैरागढ़ क्षेत्र के गांव बेटा की रहने वाली थी। वंदना अपने परिवार के साथ रहती थी और लंबे समय से ब्लड प्रेशर तथा पेट दर्द की समस्या से जूझ रही थी। परिजनों ने बताया कि रविवार देर रात उसे अचानक पेट दर्द की शिकायत हुई थी। इसके बाद उसने अपनी नियमित दवा ली लेकिन इसी दौरान गलती से अपनी मां की शुगर नियंत्रित करने वाली दवा भी खा ली।

    दवा लेने के कुछ समय बाद वंदना की हालत बिगड़ने लगी। उसे बेचैनी महसूस हुई और स्वास्थ्य तेजी से खराब होने लगा। परिवार के सदस्य घबरा गए और तत्काल उसे एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया और हालत को संभालने का प्रयास किया लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका।

    इलाज के दौरान सोमवार तड़के वंदना ने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रबंधन ने मामले की सूचना बैरागढ़ पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेजा गया जहां सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत का वास्तविक कारण क्या था और दवा के सेवन का इसमें कितना योगदान रहा।

    जानकारी के अनुसार वंदना के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। वह परिवार के छह भाई बहनों में शामिल थी। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उसका जीवन सामान्य रूप से चल रहा था लेकिन एक छोटी सी चूक ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। घटना के बाद घर में शोक का माहौल है और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अलग अलग बीमारियों की दवाओं को बिना जांचे परखे लेना खतरनाक साबित हो सकता है। विशेष रूप से मधुमेह और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों की दवाओं का असर शरीर पर अलग तरीके से पड़ता है। इसलिए दवा लेते समय पूरी सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

    फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर दवा सेवन में सतर्कता की आवश्यकता की गंभीर याद दिलाती है।

  • एमपी में चार दिन तक लू और उमस का कहर, 25 जून के बाद मानसून की दस्तक के संकेत

    एमपी में चार दिन तक लू और उमस का कहर, 25 जून के बाद मानसून की दस्तक के संकेत


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम के तेवर फिलहाल राहत देने वाले नहीं हैं। प्रदेश में 26 जून तक लू, उमस भरी गर्मी और कहीं-कहीं आंधी-बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। मानसून की एंट्री में देरी और प्री-मानसून गतिविधियों के कमजोर पड़ने से गर्मी का प्रभाव बढ़ गया है। पिछले दो दिनों से जबलपुर संभाग के कई इलाकों में हीटवेव का असर भी महसूस किया जा रहा है।

    मौसम विभाग के भोपाल केंद्र ने जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के जिलों के लिए अगले चार दिनों तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, उमरिया और डिंडौरी में दिन के समय गर्म हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि शाम के बाद कुछ क्षेत्रों में आंधी और बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, सीहोर, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भी गर्मी का असर बना रहने का अनुमान है।


    21 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश की संभावना

    हीटवेव और गर्मी के बीच प्रदेश के 21 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का दौर भी जारी रह सकता है। झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, मैहर, अनूपपुर, कटनी, दमोह, सागर, विदिशा और अशोकनगर में तेज आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

    रायसेन में सबसे ज्यादा बारिश
    रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। रायसेन में 61 मिमी यानी करीब ढाई इंच बारिश हुई। भोपाल में दोपहर के समय जोरदार बारिश हुई, जबकि सतना में लगभग पौन इंच पानी गिरा। जबलपुर, खजुराहो, नौगांव और सिवनी में भी बारिश का सिलसिला बना रहा।

    तापमान में आई गिरावट
    बारिश के असर से रविवार को अधिकतम तापमान में कुछ कमी दर्ज की गई। भोपाल में तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 37.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.7 डिग्री, उज्जैन में 36 डिग्री और जबलपुर में 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। वहीं सिवनी और शिवपुरी में 35 डिग्री, रायसेन में 36 डिग्री तथा सागर और टीकमगढ़ में 36.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। दतिया प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां पारा 40.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    मानसून की दस्तक में अभी और इंतजार

    मध्य प्रदेश में मानसून निर्धारित समय से करीब सात दिन देरी से चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून को प्रदेश में प्रवेश करने में अभी लगभग चार दिन और लग सकते हैं। अनुमान है कि 25 जून के बाद मानसून प्रदेश में दस्तक देगा। वहीं 23 जून तक इसके छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की ओर आगे बढ़ने की संभावना है।

  • आज का मौसम अपडेट: दिनभर गर्मी का असर, दोपहर बाद बारिश की हल्की राहत की संभावना

    आज का मौसम अपडेट: दिनभर गर्मी का असर, दोपहर बाद बारिश की हल्की राहत की संभावना


    मध्यप्रदेश । आज सुबह से ही मौसम ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने के कारण तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। गर्म हवाओं के चलते आम जनजीवन प्रभावित नजर आ रहा है और घर से बाहर निकलने वाले लोग धूप से बचने के उपाय करते दिख रहे हैं। सुबह के समय ही गर्मी का असर इतना तेज रहा कि वातावरण में नमी और उमस ने लोगों को और अधिक परेशान कर दिया।

    दोपहर में पारा 35 डिग्री के पार, गर्म हवाओं का असर जारी
    जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ रहा है, तापमान में भी लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। दोपहर के समय पारा लगभग 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जिससे गर्मी का असर और अधिक तीव्र हो सकता है। वातावरण में मौजूद नमी के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को ज्यादा असहज कर रही है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह मौसम थोड़ा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

     दोपहर बाद बदल सकता है मौसम का मिजाज, बारिश की हल्की संभावना
    मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार, दिन के दूसरे हिस्से में आसमान में बादल छाने लगेंगे और कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है। हालांकि यह बारिश व्यापक नहीं होगी, लेकिन जहां भी बारिश होगी वहां तापमान में थोड़ी गिरावट देखने को मिलेगी और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

    हवा में नमी बरकरार, रात में भी रहेगी हल्की गर्मी
    दिनभर हवा में नमी का स्तर ऊंचा बना रहेगा, जिससे मौसम पूरी तरह ठंडा होने की संभावना कम है। रात के समय भी हल्की गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है। हालांकि बारिश होने की स्थिति में तापमान में कुछ गिरावट संभव है, लेकिन मौसम पूरी तरह ठंडा नहीं होगा।

     मौसम से जुड़ी सावधानियां जरूरी
    आज के मौसम को देखते हुए विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि लोग दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। पानी का सेवन अधिक करें और हल्के, ढीले कपड़े पहनें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है क्योंकि गर्मी और उमस का असर उनके स्वास्थ्य पर जल्दी पड़ सकता है।

    कुल मिलाकर आज का मौसम मिश्रित प्रभाव वाला रहेगा, जहां एक ओर तेज धूप और उमस लोगों को परेशान करेगी, वहीं दूसरी ओर दोपहर बाद हल्की बारिश थोड़ी राहत लेकर आ सकती है। मौसम का यह बदलता मिजाज पूरे दिन लोगों को सतर्क और सावधान रहने का संकेत देता है।

  • सीहोर में किसानों-कांग्रेस नेताओं ने रोका शिवराज का काफिला, बोले- “आप हमारे भी प्रतिनिधि”; नीमच में विधायक को जनता का विरोध झेलना पड़ा

    सीहोर में किसानों-कांग्रेस नेताओं ने रोका शिवराज का काफिला, बोले- “आप हमारे भी प्रतिनिधि”; नीमच में विधायक को जनता का विरोध झेलना पड़ा


    सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर और नीमच जिलों में रविवार को जनप्रतिनिधियों को जनता के तीखे विरोध और सवालों का सामना करना पड़ा। एक ओर सीहोर में किसानों और कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan का काफिला रोककर अपनी समस्याएं सामने रखीं, तो दूसरी ओर नीमच में भाजपा विधायक ओमप्रकाश सकलेचा को ग्रामीणों के भारी विरोध के चलते अपना कार्यक्रम बीच में ही छोड़ना पड़ा।

    सीहोर में इछावर के आजाद मैदान की ओर जा रहे शिवराज सिंह चौहान का काफिला अचानक उस समय रुक गया जब कांग्रेस नेताओं और किसानों के एक समूह ने रास्ते में उन्हें घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि वे राजनीतिक रूप से भले ही कांग्रेस से जुड़े हों, लेकिन जनप्रतिनिधि के रूप में शिवराज सभी के प्रतिनिधि हैं, इसलिए वे अपनी समस्याएं उनके सामने रखना चाहते हैं।

    इस दौरान किसानों ने बताया कि पिछले कई दिनों से वे खाद और कृषि संबंधी कार्यों के लिए परेशान हैं। डिजिटल पोर्टल के सर्वर डाउन होने के कारण किसानों को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, जिससे उनकी समस्याएं बढ़ रही हैं। किसानों ने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा।

    किसानों की बात सुनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा और सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे जनता के प्रतिनिधि हैं और हर नागरिक की समस्या का समाधान करना उनकी जिम्मेदारी है।

    बाद में जनकल्याण शिविर में पहुंचे शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी जनता के कामों में बाधा डाल रहे हैं और पात्र लोगों को योजनाओं से बाहर किया जा रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी आवेदनों की निष्पक्ष जांच हो और किसी गरीब का हक न छीना जाए।

    इसी बीच नीमच जिले के जावद क्षेत्र में स्थिति अलग रही, जहां विधायक ओमप्रकाश सकलेचा को जनता के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। वे बांगरेड गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए।

    ग्रामीणों का कहना था कि अस्पताल तो बन रहा है, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। जब विधायक ने जवाब देने की कोशिश की, तो भीड़ और अधिक आक्रोशित हो गई और ‘विधायक वापस जाओ’ के नारे लगाने लगी। स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षाकर्मियों के बीच हस्तक्षेप के बाद विधायक को कार्यक्रम बीच में छोड़कर जाना पड़ा। यह घटनाएं दर्शाती हैं कि जनता अब अपने मुद्दों को लेकर अधिक मुखर हो रही है और जनप्रतिनिधियों से सीधे जवाब की अपेक्षा रखती है।

  • इंदौर ने रचा योग इतिहास: 10 हजार साधकों ने 3 मिनट तक किया सामूहिक भ्रामरी प्राणायाम, बना रिकॉर्ड

    इंदौर ने रचा योग इतिहास: 10 हजार साधकों ने 3 मिनट तक किया सामूहिक भ्रामरी प्राणायाम, बना रिकॉर्ड


    इंदौर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को मध्य प्रदेश का इंदौर शहर एक बार फिर योग के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरा, जहां हजारों लोगों ने एक साथ मिलकर योग और प्राणायाम का भव्य प्रदर्शन किया। शहर के गोपुर चौराहे पर आयोजित इस विशाल योग कार्यक्रम में करीब 10 हजार से अधिक साधकों ने सामूहिक रूप से भ्रामरी प्राणायाम किया और इसे 3 मिनट से अधिक समय तक जारी रखते हुए एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की।

    इस भव्य आयोजन का संचालन नगर निगम इंदौर द्वारा चलाए जा रहे योगमित्र अभियान के अंतर्गत किया गया, जिसमें शहरभर की योग संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” के अनुरूप कार्यक्रम में स्वास्थ्य, संतुलन और दीर्घायु जीवन का संदेश दिया गया।

    कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के कई मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें Durgadas Uikey और Kailash Vijayvargiya प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भी योगाभ्यास में भाग लेकर इस आयोजन को और भव्य बना दिया।

    सुबह 6 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में पहले शहर की विभिन्न योग संस्थाओं ने आकर्षक और भक्तिमय योग प्रस्तुतियां दीं, जिसने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार सामूहिक योगाभ्यास कराया गया, जिसमें हजारों लोगों ने एक साथ विभिन्न योगासन किए।

    योग सत्र का संचालन योग प्रशिक्षक राकेश चौधरी और इंदौर की बेटी तथा मिसेज इंडिया-2023 चेतना जोशी ने किया, जिन्होंने प्रतिभागियों को भ्रामरी प्राणायाम और अन्य श्वसन तकनीकों का अभ्यास कराया। पूरे मैदान में एक साथ गूंजते “ॐ” और भ्रामरी की ध्वनि ने एक अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण तैयार कर दिया।

    कार्यक्रम में 70 से अधिक योग संस्थाएं और 150 से अधिक सामाजिक संगठन शामिल हुए, जिससे यह आयोजन एक जनआंदोलन के रूप में दिखाई दिया। हजारों लोगों की एकजुटता ने इंदौर को योग के क्षेत्र में एक बार फिर देशभर में चर्चा का केंद्र बना दिया।

    इस अवसर पर योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वरिष्ठ योग गुरुओं, योग खिलाड़ियों और योग प्रचारकों को ‘योग अलंकरण’ से सम्मानित भी किया गया। साथ ही योगमित्र अभियान की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया गया, जिससे अब शहर की सभी योगशालाओं और योग गतिविधियों की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध हो सकेगी।

    कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नियमित योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल एक रिकॉर्ड बना गया, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन और सामूहिक चेतना का भी प्रतीक बन गया।

  • भोपाल पीएम आवास मल्टी में नकाबपोश बदमाशों का आतंक लाखों की चोरी से दहशत

    भोपाल पीएम आवास मल्टी में नकाबपोश बदमाशों का आतंक लाखों की चोरी से दहशत


    भोपाल । भोपाल के छोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अयोध्या बायपास भानपुर स्थित पीएम आवास मल्टी में बीती रात हुई वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। लगभग आधा दर्जन हथियारबंद और नकाबपोश बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से परिसर को निशाना बनाते हुए जमकर उत्पात मचाया और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। बदमाशों ने एक सूने मकान को पूरी तरह से खंगालते हुए वहां से लाखों रुपये के कीमती जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने परिसर के लगभग दस अन्य घरों के ताले तोड़ने का प्रयास किया और कई घरों को निशाना बनाया लेकिन वहां चोरी करने में सफल नहीं हो सके।

    घटना का समय रात करीब दो बजे से सुबह पांच बजे के बीच बताया जा रहा है। इस दौरान चोर बेखौफ होकर पूरे परिसर में घूमते रहे और एक के बाद एक घरों के ताले तोड़ते गए। जिस घर में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया वहां परिवार के लोग मौजूद नहीं थे। इसका फायदा उठाते हुए बदमाशों ने घर के भीतर रखी नकदी और सोने चांदी के गहनों को खंगाल लिया और बड़ी आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।

    स्थानीय निवासियों के अनुसार पिछले तीन महीनों में इसी मल्टी में यह चौथी बड़ी चोरी की घटना है जिससे लोगों में भारी आक्रोश और भय का माहौल बन गया है। लगातार हो रही वारदातों के बावजूद सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जाने से रहवासी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि परिसर में गश्त और निगरानी की व्यवस्था बेहद कमजोर है जिसका फायदा असामाजिक तत्व लगातार उठा रहे हैं।

    सुबह जब लोग नींद से जागे तो कई घरों के टूटे हुए ताले और बिखरा सामान देखकर हड़कंप मच गया। तुरंत ही पुलिस को सूचना दी गई और छोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया ताकि नकाबपोश बदमाशों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

    घटना के समय मल्टी के कई रहवासी शहर से बाहर गए हुए थे जिससे अभी तक सभी घरों में हुए नुकसान का पूरा आकलन नहीं हो पाया है। कुछ पीड़ित परिवार अभी थाने पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में हैं। लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

  • भोपाल में सनसनी: BHEL कर्मचारी ने मौत से पहले अपनों को भेजा खुदकुशी का मैसेज, नाले में लहुलूहान मिली लाश से उठे कई गंभीर सवाल

    भोपाल में सनसनी: BHEL कर्मचारी ने मौत से पहले अपनों को भेजा खुदकुशी का मैसेज, नाले में लहुलूहान मिली लाश से उठे कई गंभीर सवाल


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बरखेड़ा पठानी क्षेत्र में उस वक्त भारी सनसनी फैल गई जब शनिवार शाम से रहस्यमयी ढंग से लापता भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड BHEL के एक कर्मचारी का शव रविवार को एक नाले से बरामद किया गया। मृतक की पहचान सुनील प्रसाद के रूप में हुई है जो भेल में कार्यरत थे और जिनकी मौत ने पूरे इलाके सहित उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटनास्थल का नजारा बेहद खौफनाक था जहाँ मृतक के हाथ की नस कटी हुई थी और पुलिस को शव के ठीक पास से ही एक खून से सनी ब्लेड भी बरामद हुई है। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद से ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है और वह मामले की तह तक जाने के लिए हत्या व आत्महत्या दोनों ही एंगल्स को ध्यान में रखकर बेहद बारीकी से अपनी तफ्तीश को आगे बढ़ा रही है।

    इस दिल दहला देने वाली घटना के पीछे की कहानी बेहद दर्दनाक और उलझी हुई नजर आती है। पुलिस और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुनील प्रसाद शनिवार की शाम से ही अचानक लापता हो गए थे लेकिन घर से निकलने से पहले उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के मोबाइल पर एक ऐसा मैसेज भेजा जिसने सबके पैरों तले जमीन खिसका दी। इस आखिरी मैसेज में उन्होंने साफ तौर पर “खुदकुशी करने की बात” लिखी थी। इस संदेश को पढ़ते ही बदहवास परिजन अनहोनी की आशंका से घबरा गए और पूरी रात उन्हें हर संभावित जगह पर तलाशते रहे मगर उनका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार रविवार की सुबह उनकी यह तलाश बरखेड़ा पठानी के पास स्थित एक नाले पर जाकर थमी जहाँ सुनील प्रसाद का बेजान और लहूलुहान शव तैरता हुआ पाया गया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मुआयना शुरू किया। शुरुआती फॉरेंसिक जांच और पंचनामे में यह बात सामने आई है कि मृतक के हाथ की नस बेरहमी से कटी हुई थी। बताया जा रहा है कि सुनील प्रसाद पिछले काफी समय से मानसिक मोर्चे पर एक बेहद कठिन दौर से गुजर रहे थे और गंभीर “अवसाद यानी डिप्रेशन” का शिकार थे। कयासों का बाजार गर्म है कि इसी मानसिक तनाव और अवसाद के चलते उन्होंने शायद यह आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में इतनी जल्दी किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहते हैं। पुलिस ने अभी तक किसी भी तरह की गहरी साजिश या सोची-समझी हत्या की आशंका से पूरी तरह इनकार नहीं किया है और हर सुराग को खंगाला जा रहा है।

    इस पूरी त्रासदी का सबसे दुखद पहलू यह है कि सुनील प्रसाद के घर में बहुत जल्द ही खुशियों की शहनाइयां गूंजने वाली थीं लेकिन इस वज्रपात ने पूरे हंसते-खेलते परिवार को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। घर में आगामी नवंबर महीने में उनके इकलौते बेटे की शादी तय थी जिसकी तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही थीं और हर कोई इस मांगलिक कार्य को लेकर बेहद उत्साहित था। इतना ही नहीं इसके ठीक अगले महीने यानी दिसंबर में सुनील प्रसाद भेल से अपनी लंबी और सम्मानीय सेवा के बाद सेवानिवृत्त (Retire) होने वाले थे। एक तरफ जहाँ घर में बहू के स्वागत का जश्न होना था और दूसरी तरफ रिटायरमेंट के बाद सुकून के दिन बिताने की योजनाएं थीं ठीक उससे पहले हुए इस खौफनाक हादसे ने कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेज दिया है और मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा कि यह वाकई डिप्रेशन में की गई खुदकुशी है या फिर इसके पीछे कोई गहरी आपराधिक साजिश छिपी है।

  • बीनागंज बाईपास पर दर्दनाक हादसा, कंटेनर में लगी आग से एक की मौत, एक घायल

    बीनागंज बाईपास पर दर्दनाक हादसा, कंटेनर में लगी आग से एक की मौत, एक घायल

    गुना । मध्य प्रदेश के गुना जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया जहां नेशनल हाईवे-46 पर बीनागंज बाईपास के पास एक तेज रफ्तार कंटेनर अनियंत्रित होकर पुलिया में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि गिरते ही वाहन में आग लग गई और देखते ही देखते पूरा कंटेनर आग की लपटों में घिर गया।

    इस हादसे में कंटेनर चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जबकि क्लीनर गंभीर रूप से झुलस गया। बताया जा रहा है कि चालक को वाहन से बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और वह आग की चपेट में आ गया। घायल क्लीनर की पहचान मनीष बघेल के रूप में हुई है जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल गुना रेफर किया गया जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

    जानकारी के अनुसार राजस्थान पासिंग नंबर का यह कंटेनर शिवपुरी से गुना होते हुए भोपाल की ओर जा रहा था। इसी दौरान बीनागंज बाईपास पर चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और यह भीषण दुर्घटना हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

    एसडीओपी चाचौड़ा-बीनागंज के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अगर चाहें तो मैं इसे टीवी एंकर स्क्रिप्ट या ब्रेकिंग न्यूज़ स्टाइल हेडलाइन पैक में भी बदल सकता हूँ।

  • CBN की बड़ी कार्रवाई: सिकंदरा टोल पर दबोची कार, 115 किलो अफीम बरामद

    CBN की बड़ी कार्रवाई: सिकंदरा टोल पर दबोची कार, 115 किलो अफीम बरामद


    नीमच/इंदौर। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो CBN की मध्य प्रदेश इकाई ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। एजेंसी ने 115.160 किलोग्राम अफीम की भारी खेप जब्त करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के आगरा-जयपुर हाईवे पर स्थित सिकंदरा टोल प्लाजा के पास की गई।

    सूत्रों के अनुसार CBN नीमच को सूचना मिली थी कि झारखंड नंबर की एक हुंडई क्रेटा कार के जरिए गुवाहाटी से जोधपुर तक बड़ी मात्रा में अवैध अफीम की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने 19 जून से ही निगरानी शुरू कर दी और संदिग्ध वाहन की गतिविधियों पर करीब 2000 किलोमीटर तक लगातार नजर रखी गई।

    लंबी निगरानी के बाद 20 जून 2026 को सिकंदरा टोल प्लाजा पर वाहन को रोका गया। तलाशी के दौरान कार की डिक्की में रखी तीन बोरियों से 109 पैकेट बरामद हुए जिनमें कुल 115.160 किलोग्राम अफीम पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि तस्करों ने गंध छिपाने के लिए वाहन के अंदर भारी मात्रा में परफ्यूम का इस्तेमाल किया था।

    CBN ने मौके पर ही एक आरोपी को एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत गिरफ्तार कर लिया और अफीम की खेप के साथ वाहन को भी जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह खेप गुवाहाटी से जोधपुर तक पहुंचाई जा रही थी हालांकि इसके पीछे पूरे नेटवर्क की कड़ियों की जांच जारी है।

    एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह अवैध मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष अब तक कई मामलों में कार्रवाई करते हुए दर्जनों तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है और नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के प्रयास जारी हैं।