Category: Madhya Pradesh

  • 4.72 करोड़ की मसूर खरीदी बनी विवाद: 6756 क्विंटल अमानक अनाज का मामला

    4.72 करोड़ की मसूर खरीदी बनी विवाद: 6756 क्विंटल अमानक अनाज का मामला


    मध्यप्रदेश। शिवपुरी जिले में समर्थन मूल्य खरीदी व्यवस्था के तहत बड़ी अनियमितता सामने आई है, जहां 4.72 करोड़ रुपये मूल्य की 6756 क्विंटल मसूर अमानक पाई गई है। उपार्जन केंद्रों से भंडारण के लिए भेजी गई इस मसूर में तय मानक से अधिक मात्रा में मिट्टी और कचरे की मौजूदगी पाई गई, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार, जिले में चना और मसूर की खरीदी मार्कफेड द्वारा की जा रही है, जबकि उपार्जन की जिम्मेदारी सेवा सहकारी संस्थाओं को सौंपी गई है। इन संस्थाओं ने निर्धारित गुणवत्ता मानकों की अनदेखी करते हुए भारी मात्रा में अमानक मसूर की खरीद कर ली। मानक के अनुसार उपज में अधिकतम 2 प्रतिशत तक ही कचरा और मिट्टी की अनुमति है, लेकिन जांच में 2.50 प्रतिशत से लेकर 5.50 प्रतिशत तक अशुद्धियां पाई गईं।

    गोदामों में भंडारण से पहले जब मार्कफेड सर्वेयरों ने सैंपल जांच की, तो बड़ी मात्रा में गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद 6756 क्विंटल मसूर को अमानक घोषित कर अलग स्टेक में सुरक्षित रखवा दिया गया है। साथ ही संबंधित संस्थाओं को पत्र जारी कर इस मसूर की अपग्रेडिंग यानी सफाई और सुधार की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

    अधिकारियों के अनुसार, अपग्रेडिंग पूरी होने तक इस मसूर के खिलाफ कोई भुगतान जारी नहीं किया जाएगा। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है, क्योंकि कुल लगभग 4.72 करोड़ रुपये का भुगतान फिलहाल अटक गया है। कई मामलों में यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कौन सी अमानक उपज किन किसानों से संबंधित है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।

    जिले में अब तक 2316 किसानों से 64,529 क्विंटल मसूर और 356 किसानों से 8,885 क्विंटल चना की खरीदी की जा चुकी है। कुल 31.60 करोड़ रुपये मूल्य की उपज में से 21.62 करोड़ रुपये के ईपीओ जारी किए गए हैं, जिनमें से 15.09 करोड़ रुपये किसानों के खातों में पहुंच चुके हैं।

    हालांकि, 10 प्रतिशत से अधिक मसूर अमानक पाए जाने के कारण किसानों के भुगतान पर संकट गहराता जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि जब तक पूरी उपज को मानक के अनुरूप अपग्रेड नहीं किया जाता, तब तक भुगतान प्रक्रिया रुकी रहेगी। वहीं चना और मसूर की खरीद 28 मई तक जारी रहने की जानकारी भी दी गई है।

    यह मामला न केवल खरीद प्रक्रिया की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि किसानों के भुगतान में देरी की गंभीर समस्या को भी उजागर करता है।

  • 10 फीट गड्ढे में फंसा सांड, नगर परिषद की टीम ने ऐसे निकाला बाहर

    10 फीट गड्ढे में फंसा सांड, नगर परिषद की टीम ने ऐसे निकाला बाहर


    मध्यप्रदेश। शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे में उस समय राहत भरी खबर सामने आई जब दो दिनों से 10 फीट गहरे गड्ढे में फंसे एक सांड को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह सांड नवीन सब्जी मंडी क्षेत्र स्थित आईटीआई कॉलेज के पास बनी पानी की टंकी के गड्ढे में गिर गया था, जिससे वह बाहर नहीं निकल पा रहा था।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, सांड करीब दो दिनों से उसी गड्ढे में फंसा हुआ था। लगातार कोशिशों के बावजूद वह बाहर नहीं निकल सका, जिसके बाद मामले की सूचना नगर परिषद और संबंधित संगठनों को दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत रेस्क्यू टीम सक्रिय हुई।

    सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और नगर परिषद के कर्मचारियों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। पहले सांड को सुरक्षित तरीके से शांत करने का प्रयास किया गया, ताकि उसे बिना किसी चोट के बाहर निकाला जा सके।

    इसके बाद जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से गड्ढे के आसपास की स्थिति को नियंत्रित किया गया। काफी मशक्कत और सावधानीपूर्वक प्रयासों के बाद आखिरकार सांड को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिल गई। पूरे ऑपरेशन के दौरान स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर मौजूद रही और राहत की सांस ली गई।

    यह रेस्क्यू अभियान लगभग दो दिनों तक चला, जिसमें सभी टीमों ने मिलकर धैर्य और सूझबूझ के साथ काम किया। सफल रेस्क्यू के बाद सांड को सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया।

    इस घटना ने स्थानीय स्तर पर राहत का माहौल बनाया और यह भी दिखाया कि आपसी सहयोग से मुश्किल से मुश्किल स्थिति को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

  • जैक खिसका और खत्म हो गई जिंदगी: वेयरहाउस के पास ट्रक ड्राइवर की दर्दनाक मौत

    जैक खिसका और खत्म हो गई जिंदगी: वेयरहाउस के पास ट्रक ड्राइवर की दर्दनाक मौत


    मध्यप्रदेश। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र अंतर्गत सिरसौद गांव के पास शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसमें एक ट्रक चालक की जान चली गई। यह हादसा उस समय हुआ जब सरकारी गेहूं से लदा ट्रक वेयरहाउस के पास पहुंचा हुआ था और उसी दौरान वाहन के टायर में तकनीकी खराबी आ गई।

    जानकारी के अनुसार, ट्रक चालक सुरेंद्र पाल, जो गजऊआ गांव (थाना बैराड़) का निवासी था, टायर बदलने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान उसने ट्रक को जैक के सहारे खड़ा कर टायर में हवा भरने की कोशिश की, लेकिन अचानक जैक खिसक गया। इसी लापरवाही और असंतुलन के चलते भारी-भरकम ट्रक आगे की ओर सरक गया और चालक सीधे उसके नीचे दब गया।

    ट्रक स्टाफ के सदस्य भगवान सिंह पाल ने बताया कि टायर बदलने के दौरान सुरक्षा के लिए कोई अतिरिक्त सपोर्ट या ओट नहीं लगाई गई थी, जिसके कारण वाहन असंतुलित होकर आगे बढ़ गया और यह बड़ा हादसा हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायल चालक को बाहर निकालने की कोशिश की।

    गंभीर रूप से घायल सुरेंद्र पाल को आनन-फानन में एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। बताया गया कि शिवपुरी शहर पहुंचने से पहले ही चालक ने रास्ते में दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    घटना की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर भारी वाहनों के रखरखाव और सुरक्षा उपायों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • कड़ी सुरक्षा और जैमर के बीच परीक्षा, मोबाइल-बैग सहित इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर पूरी पाबंदी

    कड़ी सुरक्षा और जैमर के बीच परीक्षा, मोबाइल-बैग सहित इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर पूरी पाबंदी


    मध्यप्रदेश। ग्वालियर शहर में रविवार को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शुरू हुआ। शहर के कुल 21 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की जा रही है, जिसमें 6652 अभ्यर्थी अपने भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक में शामिल हो रहे हैं।

    सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। सभी परीक्षार्थियों को सख्त चेकिंग प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही परीक्षा हॉल में प्रवेश दिया गया। प्रशासन ने परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था की है।

    परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, बैग, जूते और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यहां तक कि परीक्षा हॉल में जूते-मोजे पहनकर प्रवेश भी वर्जित किया गया है, जबकि अभ्यर्थियों को केवल चप्पल पहनकर अंदर जाने की अनुमति दी गई है। साथ ही पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति दी गई है।

    परीक्षा को दो सत्रों में आयोजित किया जा रहा है। पहला सत्र सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक संपन्न होगा। सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक नकल या संचार की संभावना को रोका जा सके।

    प्रशासन ने कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक-113 में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए लगातार सक्रिय रहेगा। यह कंट्रोल रूम सुबह 7 बजे से लेकर परीक्षा समाप्ति तक कार्यरत रहेगा।

    इसके अलावा परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या सुझाव के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, जिससे अभ्यर्थी और उनके परिजन संपर्क कर सकते हैं। परीक्षा के पर्यवेक्षण के लिए संघ लोक सेवा आयोग द्वारा दो अधिकारियों को विशेष पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है।

    कड़े अनुशासन और सुरक्षा के बीच चल रही यह परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, और प्रशासन इसे पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सतर्क नजर रखे हुए है।

  • आंधी के आसार के बीच तपिश बरकरार, ग्वालियर में बढ़ी मुश्किलें

    आंधी के आसार के बीच तपिश बरकरार, ग्वालियर में बढ़ी मुश्किलें


    मध्यप्रदेश। ग्वालियर शहर इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां तापमान लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। रविवार को सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। सुबह 5:30 बजे जहां तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वहीं मात्र तीन घंटे के भीतर यानी 8:30 बजे तक यह बढ़कर 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि दिन चढ़ने के साथ गर्मी और भी अधिक तीव्र रूप ले रही है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो इस सीजन के सबसे गर्म दिनों में से एक रहा। वहीं रविवार को न्यूनतम तापमान भी 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे रातों में भी राहत नहीं मिल पा रही है। लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

    हवाओं में नमी की कमी के कारण गर्मी और अधिक तीखी महसूस की जा रही है। लोगों को अधिक प्यास लग रही है और पानी की खपत में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दोपहर के समय स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि शहर की प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग केवल अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

    मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि शाम के समय आंधी चलने की संभावना है, लेकिन इससे तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। विभाग का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह तक गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है और पारा और भी बढ़ सकता है।

    भीषण गर्मी का असर न केवल इंसानों पर बल्कि पशु-पक्षियों पर भी देखने को मिल रहा है। ग्वालियर चिड़ियाघर में जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उनकी डाइट में पानी से भरपूर फल और सब्जियां बढ़ाई गई हैं, साथ ही बाड़ों में पर्याप्त पानी और ठंडक की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। कुल मिलाकर, ग्वालियर में गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है और आने वाले दिनों में राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

  • ग्वालियर में किराएदार पर रेप का आरोप, घर में बुलाकर की वारदात

    ग्वालियर में किराएदार पर रेप का आरोप, घर में बुलाकर की वारदात


    मध्यप्रदेश।  ग्वालियर शहर के झांसी रोड थाना क्षेत्र स्थित नाका चंद्रवदनी इलाके में उस समय सनसनी फैल गई जब एक शादीशुदा महिला के साथ उसके ही पड़ोसी किराएदार द्वारा दुष्कर्म किए जाने का गंभीर मामला सामने आया। यह घटना न केवल इलाके में भय का माहौल पैदा कर गई है, बल्कि किराएदार और मकान मालिक के बीच बने भरोसे के रिश्ते पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।

    पुलिस के अनुसार, 29 वर्षीय पीड़िता अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहती है और घरों में खाना बनाने का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती है। उसी मकान के दूसरे हिस्से में विजय सोनी नाम का युवक भी किराए पर रहता था। एक ही मकान में रहने के कारण दोनों परिवारों के बीच सामान्य मेल-जोल था और इसी भरोसे का आरोपी ने गलत फायदा उठाया।

    पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में बताया गया कि शनिवार रात आरोपी विजय सोनी ने उसे किसी काम का बहाना बनाकर अपने कमरे में बुलाया। महिला बिना किसी शक के वहां पहुंच गई, लेकिन थोड़ी ही देर में हालात बदल गए। बातचीत के दौरान आरोपी ने अचानक महिला के साथ जबरदस्ती शुरू कर दी।

    जब महिला ने विरोध किया और खुद को बचाने की कोशिश की तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की, थप्पड़ मारा और उसका मुंह दबाकर उसे चुप करा दिया। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने करीब रात 1:30 बजे से लेकर तड़के 4 बजे के बीच लगातार उसके साथ दुष्कर्म किया।

    घटना के बाद भी आरोपी का क्रूर व्यवहार खत्म नहीं हुआ। जब महिला अपने कमरे में जाने लगी तो उसे रोककर धमकाया गया कि अगर उसने किसी को इस घटना के बारे में बताया या पुलिस में शिकायत की तो उसे जान से मार दिया जाएगा। इस धमकी से डरी महिला किसी तरह सुबह अपने पति को पूरी घटना बताने में सफल रही।

    इसके बाद पीड़िता अपने पति के साथ झांसी रोड थाने पहुंची और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी विजय सोनी के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं वारदात के बाद से आरोपी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश और भय का माहौल है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • ठगी के आरोप में अनोखा फैसला, पड़ोसी युवक से कराई गई शादी

    ठगी के आरोप में अनोखा फैसला, पड़ोसी युवक से कराई गई शादी


    मध्यप्रदेश।  ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के नाका चंद्रवदनी इलाके में शादी के नाम पर बड़े ठगी गिरोह का खुलासा हुआ है। एक निजी अस्पताल में काम करने वाले रतन शर्मा को गरीब परिवार की लड़की बताकर शादी के लिए फंसाया गया, जबकि दुल्हन पहले से शादीशुदा निकली।
    सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिस व्यक्ति ने खुद को भाई बताकर कन्यादान कराया, वही दुल्हन का असली पति निकला।

    7 मई को हुई शादी, 7 लाख रुपए खर्च कर बनाया गया फर्जी रिश्ता
    पीड़ित रतन शर्मा की शादी 7 मई 2026 को पाटनकर चौराहा स्थित एक होटल में हिंदू रीति-रिवाज से कराई गई थी। इस शादी में करीब 7 लाख रुपए खर्च हुए। शादी से पहले 27 अप्रैल को गोद भराई की रस्म भी कराई गई, जिसमें आरोपी खुद को लड़की का भाई बताकर शामिल हुआ।

    फर्जी परिवार ने निभाई रस्में, कन्यादान भी निकला धोखा
    शादी में दुल्हन की मां बनकर आरोपी की मां माया देवी ने कन्यादान किया, जबकि अन्य सदस्य भी नकली रिश्तेदार बनकर मौजूद रहे। शादी के बाद दुल्हन को ससुराल लाया गया और सब कुछ सामान्य लग रहा था।

    व्हाट्सऐप चैट से खुला राज, असली पति निकला पड़ोसी का साथी
    शक होने पर जब रतन ने पत्नी का मोबाइल चेक किया तो व्हाट्सऐप चैट से पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। पता चला कि कन्यादान कराने वाला सोनू उर्फ अजय चौहान ही दुल्हन का असली पति है और दोनों ने पहले ही आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया था।

    जेवर और नकदी लूटने की साजिश का आरोप
    पीड़ित परिवार का कहना है कि यह पूरा गिरोह शादी के बहाने जेवर और नकदी ठगने की साजिश में था। मामले का खुलासा होने पर दुल्हन को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
    पुलिस ने दुल्हन राधा उर्फ दीक्षा, उसके असली पति सोनू उर्फ अजय चौहान सहित 7 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पहले भी इसी तरह की ठगी कर चुका है, और अब सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    फर्जी शादी गिरोह पर उठे सवाल
    इस घटना ने एक बार फिर शादी के नाम पर हो रही ठगी और संगठित गिरोहों की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

  • नेत्र और त्वचा दान के साथ देहदान अभियान ने दिखाई नई दिशा

    नेत्र और त्वचा दान के साथ देहदान अभियान ने दिखाई नई दिशा


    मध्यप्रदेश।  मध्यप्रदेश की इंदौर नगरी एक बार फिर मानवता की मिसाल बनकर सामने आई है। शहर में 11 मई से 20 मई के बीच 10 दिनों में 9 लोगों ने देहदान कर समाज को प्रेरित किया है।

    इनमें रमेश बिल्लोरे, जीवनसिंह गिल, शंकरलाल यादव, महेंद्र केकरे, हेमलता नाहर, रामचंद्र जैसवानी, शैला चौरड़िया, शिशुपाल जुनेजा और हेमंत चौहान जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी मामलों में परिजनों ने मृत्यु के बाद अपने प्रियजनों के शरीर को मेडिकल शिक्षा और शोध कार्य के लिए समर्पित कर दिया।

    देहदान से पहले नेत्र और त्वचा दान, कई लोगों को मिला नया जीवन
    देहदान से पहले सभी मामलों में नेत्र और त्वचा दान भी किया गया, जिससे जरूरतमंद मरीजों को नई रोशनी और जीवन का सहारा मिला। यह पहल मानव सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके बाद देह को मेडिकल कॉलेजों और शोध संस्थानों को सौंपा गया, ताकि भविष्य के डॉक्टरों को अध्ययन में सहायता मिल सके।

    देहदान में पुलिस का ‘गार्ड ऑफ ऑनर’, सम्मान के साथ अंतिम विदाई
    मध्यप्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार सभी देहदानों के दौरान पुलिस द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया, जिससे दिवंगतों को सम्मानजनक विदाई दी गई। हालांकि एक मामले में शैला चौरड़िया के परिजनों ने सादगी को प्राथमिकता देते हुए यह सम्मान लेने से इनकार किया।

    मेडिकल संस्थानों और संगठनों की अहम भूमिका
    इस पूरी प्रक्रिया में एमजीएम मेडिकल कॉलेज, श्री अरविंदो मेडिकल कॉलेज, इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, एम वाय अस्पताल, शंकरा आई बैंक, एमके इंटरनेशनल आई बैंक सहित कई संस्थानों ने सहयोग दिया। सामाजिक संगठन मुस्कान ग्रुप सहित अन्य संस्थाओं ने भी लगातार जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को देहदान के लिए प्रेरित किया।

    एक दशक में 350 से अधिक देहदान, बढ़ी सामाजिक जागरूकता
    इंदौर में पिछले 10 वर्षों में 350 से अधिक देहदान दर्ज किए गए हैं। हाल ही में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ की व्यवस्था लागू होने के बाद देहदान की संख्या में तीन गुना वृद्धि देखी गई है। अब देहदान और अंगदान करने वाले परिवारों को राष्ट्रीय पर्वों जैसे 26 जनवरी और 15 अगस्त पर भी सम्मानित करने की योजना है।

    मानवता का संदेश
    देहदान केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह मानव सेवा, संवेदनशीलता और समाज के प्रति समर्पण का प्रतीक बन चुका है। इंदौर का यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
  • सड़क हादसे के बाद भिड़े दो पक्ष, लात-घूंसे चले, पुलिस जांच में जुटी

    सड़क हादसे के बाद भिड़े दो पक्ष, लात-घूंसे चले, पुलिस जांच में जुटी


    मध्यप्रदेश। इंदौर के तुकोगंज थाना क्षेत्र स्थित रेसकोर्स रोड के पास शनिवार देर रात दो बाइकों की टक्कर के बाद मामला अचानक हिंसक हो गया। टक्कर के बाद दोनों पक्षों के युवक आपस में भिड़ गए और सड़क पर ही लात-घूंसे चलने लगे।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद रॉन्ग साइड से बाइक टकराने को लेकर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। काफी देर तक सड़क पर हंगामा चलता रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अब वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

    गंग वाल बस स्टैंड पर शराबी युवकों का हंगामा, बैरिकेड तोड़कर भागने की कोशिश
    इसी दौरान इंदौर के गंगवाल बस स्टैंड इलाके में शनिवार देर रात पुलिस द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। करीब डेढ़ बजे गुजरात नंबर की एक कार में सवार चार युवकों ने अचानक बैरिकेड तोड़कर भागने की कोशिश की।

    हालांकि पुलिस ने पीछा कर कुछ दूरी पर ही कार को रोक लिया और सभी युवकों को पकड़ लिया। मौके पर थाना प्रभारी और पुलिस बल पहुंचा और युवकों को थाने ले जाया गया। इस दौरान युवकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा किया और आरोप लगाया कि उन्हें गलत तरीके से रोका गया है। कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया, लेकिन बाद में जब शराब पीकर वाहन चलाने की पुष्टि हुई तो वे वहां से हट गए।

    पुलिस ने सभी आरोपियों को छत्रीपुरा थाने भेजकर उनके खिलाफ शराब पीकर वाहन चलाने और प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की है।इंदौर में एक ही रात में दो अलग-अलग घटनाओं सड़क पर मारपीट और नशे में वाहन चलाने ने सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब दोनों मामलों की विस्तृत जांच में जुटी है।

  • जन्मदिन मनाने जा रहे दोस्तों की कार पलटी, सांवरिया सेठ यात्रा बनी हादसा

    जन्मदिन मनाने जा रहे दोस्तों की कार पलटी, सांवरिया सेठ यात्रा बनी हादसा


    मध्यप्रदेश। उज्जैन जिले में इंदौर रोड पर शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें जन्मदिन और धार्मिक यात्रा पर निकले दोस्तों का सफर मातम में बदल गया। सांवरिया सेठ के दर्शन के लिए इंदौर से रवाना हुए 8 युवकों की कार नाराखेड़ा क्षेत्र में अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

    जानकारी के अनुसार, सभी युवक 25 तारीख को जन्मदिन मनाने और दर्शन करने के उद्देश्य से इंदौर से रवाना हुए थे। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में पहुंचते ही यह भीषण हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि सड़क पर अंधेरा था और आगे एक मृत गाय पड़ी हुई थी, साथ ही निर्माण कार्य भी चल रहा था। इसी दौरान चालक ने वाहन को साइड में लेने की कोशिश की, जिससे कार संतुलन खो बैठी और पलट गई।

    हादसे में ग्राम मांगलिया लसुड़िया मोरी निवासी 18 वर्षीय विशाल परिहार की मौत हो गई। विशाल इंदौर की एक कैफे में शेफ के रूप में काम करता था और अपने परिवार का सहारा था। उसके परिवार में एक बहन और बड़ा भाई है, जो वर्तमान में जेल में बंद बताया जा रहा है। पिता पचोर के रहने वाले हैं, जबकि परिवार इंदौर में रह रहा है।

    इस दुर्घटना में निलेश, पीयूष, चंदन, जीवन, ओम, आयुष और मिलन घायल हुए हैं। इनमें से निलेश और पीयूष की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर कर दिया गया है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और रात के समय हाईवे पर सावधानी की जरूरत को उजागर करता है, जहां छोटी सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन जाती है।