Category: Madhya Pradesh

  • स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर नहीं माने इंटर्न डॉक्टर, MP में OPD का बहिष्कार: हमीदिया में इलाज प्रभावित, CM हाउस के रास्ते बंद

    स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर नहीं माने इंटर्न डॉक्टर, MP में OPD का बहिष्कार: हमीदिया में इलाज प्रभावित, CM हाउस के रास्ते बंद


    भोपाल । मध्यप्रदेश में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब और तेज हो गया है। सोमवार सुबह से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। पुलिस की कार्रवाई से नाराज इंटर्न डॉक्टरों ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद रखने का फैसला किया है। भोपाल के साथ ही इंदौर रतलाम और अन्य शहरों के सरकारी अस्पतालों में भी इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन का असर देखने को मिल रहा है। ओपीडी सेवाएं प्रभावित होने से इलाज और जांच के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है हालांकि इमरजेंसी सेवाओं को चालू रखा गया है।

    राजधानी भोपाल में इंटर्न डॉक्टर रातभर से कमला पार्क क्षेत्र की सड़क पर बैठे हुए हैं। डॉक्टरों ने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में विरोध दर्ज कराया। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर आधिकारिक रूप से बातचीत नहीं होती और स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने वाले रास्तों को बंद कर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में भी पुलिस बल तैनात किया गया है।

    भोपाल के हमीदिया अस्पताल में आंदोलन का सबसे ज्यादा असर ओपीडी सेवाओं पर दिखाई दे रहा है। प्रदर्शन के कारण ओपीडी पूरी तरह बंद रही जबकि ऑपरेशन थिएटर के काम का भी बहिष्कार किया जा रहा है। इलाज और जांच के लिए दूरदराज से पहुंचे मरीजों को परेशान होना पड़ा। अस्पताल के तीन गेटों में से केवल गेट नंबर दो से प्रवेश की व्यवस्था की गई है। इमरजेंसी गेट बंद होने के कारण आपातकालीन मरीजों को भी इसी गेट से अस्पताल में प्रवेश करना पड़ रहा है जिससे अस्पताल के बाहर वाहनों और लोगों की आवाजाही बढ़ गई है और ट्रैफिक पर भी दबाव बना हुआ है।

    इधर इंदौर में भी इंटर्न डॉक्टरों ने एमवाय अस्पताल परिसर में विरोध रैली निकालकर आंदोलन को समर्थन दिया। भोपाल में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई के विरोध में इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टर एकजुट हुए और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। डॉक्टरों का कहना है कि वे लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। उनका आरोप है कि भोपाल में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया जिसके विरोध में अब प्रदेश के अलग अलग शहरों में भी प्रदर्शन तेज हो गया है।

    आंदोलन के बीच डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला की अध्यक्षता में वरिष्ठ डॉक्टरों और अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई। बैठक में इंटर्न डॉक्टरों की दो प्रमुख मांगों पर चर्चा की गई जिसमें स्टाइपेंड बढ़ाने और प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा शामिल रहा। स्वास्थ्य मंत्री ने बातचीत को सकारात्मक बताया और कहा कि इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री के वापस आने के बाद इस मुद्दे पर फिर से चर्चा किए जाने की बात कही गई है।

    हालांकि इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे केवल मौखिक आश्वासन पर आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। उनका साफ कहना है कि स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आदेश मिलने तक उनका विरोध जारी रहेगा। डॉक्टरों ने यह भी तर्क दिया है कि उत्तर प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाया गया है इसलिए मध्यप्रदेश सरकार को भी इस दिशा में जल्द निर्णय लेना चाहिए।

    फिलहाल सरकार और इंटर्न डॉक्टरों के बीच बातचीत जारी है लेकिन आंदोलन समाप्त होने को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। एक ओर सरकार समाधान के लिए बातचीत कर रही है तो दूसरी ओर इंटर्न डॉक्टर लिखित आदेश की मांग पर अड़े हुए हैं। ऐसे में आंदोलन का सीधा असर सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों पर पड़ रहा है और लोगों की नजर अब सरकार और डॉक्टरों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर टिकी हुई है।

  • MP में 31.1 इंच तक गिर चुका पानी, 12 जिले सामान्य से आगे, 4 दिन रीवा-शहडोल में होगी तेज बारिश

    MP में 31.1 इंच तक गिर चुका पानी, 12 जिले सामान्य से आगे, 4 दिन रीवा-शहडोल में होगी तेज बारिश


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब तक सीजन के सामान्य बारिश के कोटे का 83.5% पूरा कर चुका है। प्रदेश में औसतन 31.1 इंच यानी 790.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है। भोपाल समेत 12 जिलों में बारिश सामान्य से अधिक है, जबकि 31 जिले अभी भी औसत से पीछे चल रहे हैं। अगले कुछ दिनों में बारिश का फोकस प्रदेश के पूर्वी हिस्से में रहने की संभावना है।

    12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    अब तक सामान्य से अधिक बारिश वाले जिलों में भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज और उमरिया शामिल हैं।

    वहीं उमरिया, अनूपपुर, आगर-मालवा, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, ग्वालियर, गुना, दतिया, खरगोन और बुरहानपुर में सामान्य बारिश का 90% से ज्यादा कोटा पूरा हो चुका है।

    पूर्वी MP में सबसे ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में सबसे कम पानी

    पूरे मानसून सीजन में बारिश के लिहाज से प्रदेश के पूर्वी हिस्से की स्थिति बेहतर रही है। इसके उलट इंदौर-उज्जैन संभाग वाले पश्चिमी हिस्से में सबसे कम बारिश हुई है।

    जिलेवार आंकड़ों में मऊगंज सबसे आगे है, जहां अब तक करीब 53 इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं आलीराजपुर में सबसे कम 13.6 इंच पानी गिरा है।

    11 सितंबर तक रीवा-शहडोल में बारिश

    मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के मुताबिक, 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में इस दौरान हल्की बारिश होने का अनुमान है।

    मौसम विभाग के अनुसार 12 सितंबर के बाद नया सिस्टम सक्रिय होने पर प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    सामान्य से 2 इंच कम, कुल कमी 6%

    मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 790.8 मिमी यानी 31.1 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 840.6 मिमी यानी 33.1 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक करीब 2 इंच कम बारिश हुई है और ओवरऑल कमी 6% है।

    क्षेत्रवार देखें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से 1% ज्यादा, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम पानी गिरा है।

    31 जिलों में 3% से 54% तक कमी

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश करीब 1% तक कम है। वहीं बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 3% से 23% तक कम बारिश हुई है।

    हालांकि, पिछले एक सप्ताह में पूर्वी हिस्से के आंकड़ों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इस दौरान कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने, जिससे बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ा। सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्सा बारिश के मामले में सामान्य से आगे पहुंचा है और सोमवार तक यहां 1% ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

    पश्चिमी हिस्से के कई जिले अब भी पीछे

    पश्चिमी मध्य प्रदेश में स्थिति अभी भी कमजोर है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य के मुकाबले 7% से 54% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

  • दुबई में AIM-2026 के मंच से सीएम मोहन यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश आने और रोजगार बढ़ाने का दिया निमंत्रण

    दुबई में AIM-2026 के मंच से सीएम मोहन यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश आने और रोजगार बढ़ाने का दिया निमंत्रण

    मध्यप्रदेश: के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 सितंबर को दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 में भाग लिया। Annual Investment Meeting के इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं और रोजगार के अवसरों को लेकर निवेशकों से संवाद किया। उन्होंने भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में शामिल होने के लिए निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया।

    एआईएम कांग्रेस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश और कारोबारी अवसरों के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। कार्यक्रम में 180 से अधिक देशों के करीब 20 हजार प्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी दी गई। इसमें विभिन्न देशों की सरकारों के साथ बड़े निवेशक, कंपनियां और सोवरिन वेल्थ फंड्स निवेश से जुड़े अवसरों पर चर्चा कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने दुबई प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश के स्थानीय उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार के सामने रखा। बिजनेस बे स्थित ताज दुबई में आयोजित वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और भौगोलिक संकेतक उत्पादों की प्रदर्शनी का उन्होंने उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी के जरिए राज्य की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की संभावनाएं सामने आईं।

    प्रदर्शनी में बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर का कारपेट प्रदर्शित किया गया। इन उत्पादों के जरिए मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के साथ स्थानीय कारीगरों की उत्पादन क्षमता और निर्यात की संभावनाओं को भी सामने रखा गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अरब देशों के निवेशकों को मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े अवसरों की जानकारी दी।

    बैठक के दौरान अरब व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश आने और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में भाग लेने का निमंत्रण भी दिया गया। राज्य सरकार की कोशिश है कि अंतरराष्ट्रीय निवेश को मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास, स्थानीय कारोबार और रोजगार सृजन से जोड़ा जाए।

    दुबई यात्रा के दौरान कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश की संभावनाओं को महत्वपूर्ण बताया गया। संयुक्त अरब अमीरात खाद्य जरूरतों के बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे बाजार में मध्यप्रदेश अपने कृषि उत्पादों और प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री के लिए संभावित अवसर तलाश सकता है।

    आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार मध्यप्रदेश दाल उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। राज्य अनाज उत्पादन में दूसरे स्थान पर है और देश के कुल अनाज उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 13.04 प्रतिशत बताई गई है। मक्का उत्पादन में मध्यप्रदेश पहले और गेहूं उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। गेहूं में राज्य की हिस्सेदारी 20.78 प्रतिशत बताई गई है।

    मध्यप्रदेश सोयाबीन उत्पादन के लिए भी देश में प्रमुख राज्य है और राज्य को ‘सोया प्रदेश’ के रूप में पहचान मिली है। दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कृषि उत्पादों की मांग को देखते हुए खाद्य प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, भंडारण, ग्रेडिंग और लॉजिस्टिक्स में निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

    मुख्यमंत्री की इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य निवेश आकर्षित करने के साथ मध्यप्रदेश के उत्पादों और कारोबारी क्षमताओं को वैश्विक बाजार से जोड़ना है। सरकार को उम्मीद है कि नए निवेश से उद्योगों का विस्तार होगा, स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। इसके साथ ही किसानों और कारीगरों को भी बड़े बाजारों से जुड़ने का लाभ मिल सकता है।

  • रीवा में तालाब में नहाते समय 22 वर्षीय युवक डूबा, कई घंटे की तलाश के बाद मिला शव, गांव में पसरा मातम

    रीवा में तालाब में नहाते समय 22 वर्षीय युवक डूबा, कई घंटे की तलाश के बाद मिला शव, गांव में पसरा मातम

    मध्य प्रदेश: के रीवा जिले में तालाब में नहाने के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई। हादसा पनवार थाना क्षेत्र के देवरी गांव में हुआ, जहां 22 वर्षीय रामेश्वर कोल दोपहर के समय गांव के पास स्थित तालाब में नहाने गया था। नहाते समय वह अचानक गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते पानी में डूब गया।

    घटना के समय तालाब के आसपास मौजूद लोगों ने युवक को पानी में डूबते देखा। उन्होंने तत्काल उसके परिजनों और गांव के अन्य लोगों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब के पास पहुंच गए। इसके बाद युवक की तलाश शुरू की गई।

    ग्रामीणों ने काफी देर तक तालाब में अलग अलग स्थानों पर युवक को खोजने का प्रयास किया। पानी की गहराई अधिक होने के कारण तलाश में परेशानी सामने आई। लगातार कोशिशों के बावजूद शुरुआती दौर में युवक का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद घटना की जानकारी पनवार पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलने पर पनवार थाना प्रभारी कन्हैया सिंह बघेल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों ने दोबारा तालाब में युवक की तलाश शुरू की। कई घंटे तक चले प्रयास के बाद आखिरकार रामेश्वर कोल का शव तालाब से बरामद कर लिया गया।

    शव मिलने की जानकारी जैसे ही परिवार के लोगों को हुई, वहां चीख पुकार मच गई। युवक की अचानक मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। हादसे की खबर गांव में फैलने के बाद पूरे देवरी क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया। ग्रामीण भी घटना से दुखी नजर आए।

    बताया गया कि रामेश्वर कोल गांव का रहने वाला था और सामान्य रूप से तालाब में नहाने के लिए गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में पहुंच गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सका और डूब गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल उसकी तलाश शुरू की, लेकिन सफलता कई घंटे बाद मिली।

    पुलिस ने युवक के शव को आवश्यक कार्रवाई के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जवा भेज दिया। यहां शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस ने घटना से संबंधित आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

    इस हादसे ने एक बार फिर गांवों में स्थित तालाबों और जलाशयों में नहाने के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बारिश के मौसम में तालाबों और अन्य जलस्रोतों में पानी का स्तर बढ़ने के साथ गहराई और फिसलन का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे स्थानों पर सावधानी नहीं बरतने की स्थिति में हादसे की आशंका बनी रहती है।

    देवरी गांव में हुए इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी शोक है। ग्रामीणों का कहना है कि युवक की मौत से परिवार को बड़ा सदमा लगा है। पुलिस की कार्रवाई के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस ने शव बरामद कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

  • देवास में पुलिस को देखकर नदी में फेंकी अवैध पिस्टल, कांटाफोड़ और सतवास पुलिस ने पानी में उतरकर हथियार किया बरामद

    देवास में पुलिस को देखकर नदी में फेंकी अवैध पिस्टल, कांटाफोड़ और सतवास पुलिस ने पानी में उतरकर हथियार किया बरामद


    मध्य प्रदेश:
    के देवास जिले में अवैध हथियार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पुलिस से बचने और सबूत छिपाने के इरादे से अपने पास रखी अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी थी। हालांकि पुलिस ने पीछा जारी रखा और दोनों को पकड़ने के बाद नदी में उतरकर हथियार भी बरामद कर लिया।

    मामला सतवास थाना क्षेत्र में पीपलकोटा के पास का बताया गया है। कांटाफोड़ थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति अवैध हथियार लेकर कांटाफोड़ से खातेगांव की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्धों की तलाश शुरू की और उनका पीछा किया।

    पुलिस की गतिविधि की जानकारी मिलने के बाद दोनों आरोपियों ने बच निकलने की कोशिश की। पीछा किए जाने के दौरान वे सतवास क्षेत्र की ओर बढ़े। इस बीच कांटाफोड़ पुलिस ने सतवास थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद सतवास पुलिस ने भी कार्रवाई शुरू कर दी।

    सतवास पुलिस ने पीपलकोटा के पास घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पकड़े जाने से पहले अपने पास मौजूद अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी थी। उन्हें उम्मीद थी कि नदी में हथियार डालने के बाद पुलिस के हाथ कोई महत्वपूर्ण सबूत नहीं लगेगा।

    लेकिन पुलिस ने आरोपियों की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। हथियार की तलाश के लिए कांटाफोड़ और सतवास पुलिस के जवान नदी में उतरे। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने पानी के भीतर से अवैध देशी पिस्टल बरामद कर ली। हथियार मिलने के बाद पुलिस की कार्रवाई मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई और बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए।

    इस कार्रवाई में कांटाफोड़ और सतवास थाना पुलिस की संयुक्त भूमिका रही। पुलिस ने पहले आरोपियों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की और इसके बाद नदी में फेंके गए हथियार को तलाशकर बरामद किया। इससे मामले में अवैध हथियार से जुड़ा महत्वपूर्ण साक्ष्य भी पुलिस के कब्जे में आ गया।

    पकड़े गए दोनों आरोपियों के संबंध में सामने आई जानकारी के मुताबिक, एक आरोपी देवास जिले के कवलासा क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि दूसरा सीहोर जिले के जामुनियाकला का निवासी बताया गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ सतवास थाने में प्राथमिकी दर्ज की है।

    मामले में पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। अब पुलिस मामले में अवैध हथियार की उपलब्धता और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

    घटना ने यह भी दिखाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी द्वारा सबूत छिपाने की कोशिश हमेशा सफल नहीं होती। नदी में हथियार फेंके जाने के बावजूद पुलिस ने मौके पर तलाशी अभियान चलाकर पिस्टल बरामद कर ली। इससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है कि उनके पास अवैध हथियार कहां से आया था और उसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।

  • दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से मध्य प्रदेश के छात्र की जान गई, कटनी स्थित घर में पसरा गम का माहौल

    दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से मध्य प्रदेश के छात्र की जान गई, कटनी स्थित घर में पसरा गम का माहौल

    नई दिल्ली । दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस क्षेत्र के सत्य निकेतन में हुई इमारत गिरने की घटना में मध्य प्रदेश के कटनी निवासी 19 वर्षीय छात्र अक्षत यादव की मौत हो गई। हादसे की जानकारी सामने आने के बाद कटनी स्थित उसके परिवार में शोक की स्थिति है। परिवार के सदस्य दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं और अब शव को गृह नगर लाने की तैयारी की जा रही है।

    मृतक छात्र की पहचान कटनी की दुबे कॉलोनी निवासी अक्षत यादव के रूप में हुई है। अक्षत दिल्ली में रहकर दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम की पढ़ाई कर रहा था। परिवार के अनुसार वह उच्च शिक्षा हासिल कर अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली में रह रहा था। पढ़ाई के दौरान हुई इस दुर्घटना ने परिवार को गहरा सदमा दिया है।

    बताया गया कि रविवार को सत्य निकेतन क्षेत्र में करीब 40 वर्ष पुरानी इमारत अचानक ढह गई। इमारत गिरने के दौरान कई लोग मलबे की चपेट में आ गए। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया तथा मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। इसी दौरान अक्षत को भी मलबे से निकाला गया।

    हादसे में अक्षत गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी जान बचाने की कोशिश की। हालांकि गंभीर चोटों के कारण उसकी हालत नहीं संभल सकी और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बाद में शवों की पहचान की प्रक्रिया के दौरान अक्षत के परिजनों को उसकी मौत की पुष्टि हुई।

    इस हादसे में अब तक छह लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद इमारत की स्थिति, निर्माण संबंधी पहलुओं और हादसे के कारणों को लेकर जांच की जा रही है। संबंधित स्तर पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पुरानी इमारत की स्थिति कैसी थी और उसके गिरने के पीछे किन परिस्थितियों की भूमिका रही।

    अक्षत की मौत की खबर कटनी पहुंचते ही दुबे कॉलोनी में मातम छा गया। परिवार के घर पर रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। अचानक सामने आई इस दुखद खबर से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसियों के मुताबिक अक्षत पढ़ाई के लिए दिल्ली गया था और परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं।

    परिजन अब दिल्ली पहुंचकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। उनका प्रयास है कि अक्षत के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द कटनी लाया जा सके, ताकि अंतिम संस्कार गृह नगर में किया जा सके। हादसे की खबर के बाद स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर चिंता और दुख का माहौल है।

    सत्य निकेतन जैसे छात्र बहुल क्षेत्र में पुरानी इमारतों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। घटना ने ऐसे भवनों की सुरक्षा और उनकी नियमित जांच की जरूरत को सामने ला दिया है। फिलहाल हादसे के कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। अक्षत की मौत ने उसके परिवार के सामने ऐसी क्षति छोड़ दी है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।

  • धार में मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से मारी टक्कर, बच्चों समेत 12 मजदूर घायल

    धार में मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से मारी टक्कर, बच्चों समेत 12 मजदूर घायल

    मध्यप्रदेश । धार जिले के अमझेरा थाना क्षेत्र में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार देर रात मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। यह हादसा आतेड़ी फाटा और खाखेड़ी फाटा के बीच रात करीब 12 बजकर 32 मिनट पर हुआ। टक्कर के बाद ट्रॉली में सवार कई मजदूर नीचे गिर गए। हादसे में बच्चों समेत करीब 10 से 12 मजदूर घायल हुए हैं।

    जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार सभी मजदूर गुजरात के दाहोद से महाराष्ट्र के नागपुर मजदूरी करने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर पीछे से आ रहे ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही ट्रॉली में बैठे कई मजदूर नीचे गिर पड़े और मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

    हादसे के दौरान राहत की बात यह रही कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी नहीं। ट्रॉली के पलटने की स्थिति में हादसा और गंभीर हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सहायता वाहन के अमझेरा टीम के सैनिक रतन भाभर और पायलट नरेंद्र सिंह पटेल तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों ने बिना समय गंवाए घायल मजदूरों को उपचार के लिए अमझेरा अस्पताल पहुंचाया।

    अमझेरा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के बाद सभी घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकीय जांच के दौरान कुछ घायलों को गंभीर चोटें आने की बात सामने आई। इसके बाद पांच गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए धार जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें एक घायल की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, अन्य घायल मजदूरों का उपचार अमझेरा अस्पताल में ही जारी है।

    हादसे में बच्चों के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है। मजदूरी के लिए गुजरात के दाहोद से महाराष्ट्र के नागपुर जा रहे इन मजदूरों की यात्रा के दौरान यह दुर्घटना हुई। ट्रक की टक्कर के बाद ट्रॉली में बैठे लोगों के नीचे गिरने से कई लोगों को चोटें आईं। हादसे के बाद पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

    घटना के संबंध में अमझेरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने हादसे के बाद आगे की वैधानिक जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना देर रात राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मारी। फिलहाल घायल मजदूरों में पांच को धार जिला अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया है, जबकि बाकी घायलों का इलाज अमझेरा स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।

    इस सड़क हादसे के बाद घायल मजदूरों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया। पुलिस ने मामले को दर्ज करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच शुरू कर दी है। हादसे में शामिल मजदूर दाहोद से नागपुर मजदूरी के लिए जा रहे थे और दुर्घटना धार जिले के अमझेरा थाना क्षेत्र में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई।

  • उज्जैन में अंतिम राजसी सवारी को लेकर तैयारी पूरी, दो हजार जवानों और अधिकारियों की तैनाती के बीच निकलेगी पालकी

    उज्जैन में अंतिम राजसी सवारी को लेकर तैयारी पूरी, दो हजार जवानों और अधिकारियों की तैनाती के बीच निकलेगी पालकी

    उज्जैन।  में श्रावण-भाद्रपद माह में निकलने वाली भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी के क्रम में भाद्रपद माह की दूसरी, अंतिम और प्रमुख राजसी सवारी सोमवार 7 सितंबर को शाम चार बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर से निकलेगी। यह श्रावण-भादों माह की छठी और अंतिम राजसी सवारी होगी। सवारी को लेकर प्रशासन और पुलिस स्तर पर तैयारियां की गई हैं। राजसी सवारी के दौरान करीब दो हजार जवानों सहित अधिकारी तैनात रहेंगे।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर की पालकी शाम चार बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर से प्रारंभ होगी। इसके बाद पालकी महाकाल रोड, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी और हरसिद्धि पाल होते हुए रामघाट पहुंचेगी। रामघाट पर मां शिप्रा के तट पर पालकी में विराजित भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर और गजराज पर आरूढ़ भगवान श्री मनमहेश का पूजन-अर्चन किया जाएगा। इसके साथ ही आरती भी होगी।

    भाद्रपद माह की दूसरी और अंतिम सवारी को प्रमुख राजसी सवारी के रूप में निकाला जाएगा। इस दौरान भगवान श्री महाकालेश्वर अपने भक्तों को छह अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन देंगे। राजसी सवारी के दौरान निकलने वाले इन स्वरूपों में भगवान के अलग-अलग रथ और पालकी शामिल रहेंगी।

    रजत पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर विराजित होंगे, जबकि हाथी पर श्री मनमहेश का स्वरूप रहेगा। गरुड़ रथ पर श्री शिवतांडव और नंदी रथ पर श्री उमा-महेश विराजित रहेंगे। डोल रथ पर श्री होल्कर स्टेट के मुखारविंद तथा छठी सवारी में श्री सप्तधान के मुखारविंद शामिल रहेंगे। इस तरह राजसी सवारी के दौरान श्रद्धालुओं को भगवान श्री महाकालेश्वर के छह स्वरूपों के दर्शन प्राप्त होंगे।

    राजसी सवारी के नगर भ्रमण से पहले श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर का विधिवत पूजन-अर्चन किया जाएगा। पूजन के बाद भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर को रजत पालकी में विराजित किया जाएगा। इसके पश्चात पालकी मंदिर से बाहर निकलकर नगर भ्रमण के लिए रवाना होगी।

    सवारी के दौरान निर्धारित मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम रहेंगे। करीब दो हजार पुलिस जवानों के साथ अधिकारी भी तैनात रहेंगे। राजसी सवारी के दौरान व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

    सवारी के मंदिर से निकलने से पहले मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर की पालकी को सलामी दी जाएगी। इसके साथ ही भगवान को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया जाएगा। इसके बाद राजसी सवारी अपने निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ेगी।

    राजसी सवारी के रामघाट पहुंचने पर मां शिप्रा के तट पर भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर और गजराज पर विराजित भगवान श्री मनमहेश का पूजन-अर्चन और आरती की जाएगी। इसके साथ ही भाद्रपद माह की दूसरी और अंतिम प्रमुख राजसी सवारी का महत्वपूर्ण धार्मिक क्रम पूरा होगा। सवारी के दौरान भगवान के छह स्वरूपों के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण रहेंगे।

  • निवेश के लिए मध्यप्रदेश बना देश का नया ग्रोथ हब : मुख्यमंत्री यादव

    निवेश के लिए मध्यप्रदेश बना देश का नया ग्रोथ हब : मुख्यमंत्री यादव


    भोपाल।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेश, उद्योग और रोजगार के नए केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग, वस्त्र, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा, ड्रोन, रक्षा और साइंस सिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र की स्थानीय क्षमता को चिन्हित कर उसे उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसरों में बदला जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात दुबई प्रवास के पहले दिन मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद के दौरान कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में व्यापार सुगमता के लिए किए गए सुधारों को मध्यप्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। राज्य सरकार ने कई अप्रासंगिक कानून समाप्त किए हैं और 25 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं। इन सुधारों से प्रदेश में उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को गति मिली है और निवेशकों के लिए कारोबारी वातावरण बेहतर हुआ है।

    एमएसएमई क्षेत्र में 1.10 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। एमएसएमई क्षेत्र में 1 करोड़ 10 लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं। राज्य में बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा है और निर्यात के क्षेत्र में भी प्रदेश अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। वर्ष 2026-27 में मध्यप्रदेश से 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ है।

    उन्होंने कहा कि सरकार की व्यापार हितैषी नीतियों का उद्देश्य बड़े निवेश को आकर्षित करने के साथ स्थानीय उद्यमों को विस्तार के अवसर देना भी है। इसके लिए उद्योगों की स्थापना और संचालन के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं।

    कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा, ड्रोन और रक्षा क्षेत्र पर जोर

    डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा, ड्रोन और रक्षा जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। रीवा, इंदौर और उज्जैन में तीन नए आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से तकनीकी उद्योगों, स्टार्टअप और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

    प्रदेश में साइंस सिटी भी विकसित की जा रही है। इससे विज्ञान, तकनीक, नवाचार और नई पीढ़ी के कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।

    भूमि, बिजली और पानी की पर्याप्त उपलब्धता

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के लिए आवश्यक बुनियादी संसाधनों के मामले में मध्यप्रदेश की स्थिति मजबूत है। प्रदेश के पास पर्याप्त भूमि और लैंड बैंक, अतिरिक्त बिजली तथा जल संसाधन उपलब्ध हैं। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने कहा कि सस्ती बिजली, ग्रीन एनर्जी, पर्याप्त भूमि और पानी के साथ बेहतर आधारभूत ढांचा एवं परिवहन सुविधाएं प्रदेश को निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी बनाती हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार मध्यप्रदेश में दुनिया की सबसे सस्ती बिजली बन रही है। इन सुविधाओं के कारण प्रदेश देशभर के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है।

    नीतिगत सुधारों का लाभ निवेशकों तक पहुंचा

    डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने केवल नीतियां बनाने पर जोर नहीं दिया, बल्कि उनके माध्यम से निवेशकों को मिलने वाले लाभ को जमीन पर उपलब्ध कराया है। व्यापार हितैषी नीतियों और आवश्यक सुविधाओं के कारण प्रदेश में बड़े उद्योगों की स्थापना को गति मिली है और निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।

    रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बाद जिला स्तर पर विस्तार

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के अवसर मिले हैं। अब सरकार का ध्यान जिला स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करने पर है।

    उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले और क्षेत्र के स्थानीय संसाधनों तथा क्षमताओं को चिन्हित कर उन्हें उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा रहा है। इससे औद्योगिक विकास बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिलों और स्थानीय क्षेत्रों तक पहुंचेगा।

    शिक्षा और स्वास्थ्य को रोजगार से जोड़ने की तैयारी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के साथ कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी मजबूत किया जा रहा है, जिससे बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ इस क्षेत्र में निवेश और रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकें।

    भोपाल-इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, चार नए हवाईअड्डों की तैयारी

    डॉ. यादव ने कहा कि निवेश और पर्यटन के विकास के लिए बेहतर हवाई संपर्क आवश्यक है। भोपाल और इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन हो रहा है। प्रदेश में चार नए हवाईअड्डे विकसित करने की तैयारी है। ग्वालियर और जबलपुर भी हवाई संपर्क के लिहाज से तैयार हैं तथा भविष्य में यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की संभावनाएं हैं।

    उन्होंने कहा कि सड़क, रेल और हवाई संपर्क बेहतर होने से मध्यप्रदेश देश और दुनिया से तेजी से जुड़ रहा है। इसका लाभ उद्योग, व्यापार, निवेश और पर्यटन को मिल रहा है।

    महाकाल लोक के बाद पर्यटन में बढ़ी गतिविधियां

    मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक निवेश के साथ मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मध्यप्रदेश में करीब 14 करोड़ बाहरी पर्यटकों का आगमन हुआ है।

    पर्यटन के विस्तार से होटल, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद, फूड प्रोसेसिंग और सेवा क्षेत्र में रोजगार एवं निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

    स्थानीय क्षमता को निवेश और रोजगार में बदलने का लक्ष्य

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में फूड प्रोसेसिंग, वस्त्र, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा, ड्रोन, रक्षा और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। पर्याप्त भूमि, बिजली, पानी, ग्रीन एनर्जी, लैंड बैंक, बेहतर आधारभूत ढांचा और विकसित हो रही हवाई कनेक्टिविटी प्रदेश की प्रमुख ताकत हैं।

    उन्होंने कहा कि सरकार ने नीतिगत सुधारों के साथ ऐसा निवेश वातावरण तैयार किया है, जिसमें स्थानीय संसाधनों और संभावनाओं को उद्योगों से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश का लक्ष्य स्पष्ट है कि स्थानीय क्षमता को निवेश, निवेश को उत्पादन और उत्पादन को रोजगार में परिवर्तित किया जाए।

  • उज्जैन पहुंचीं उमा भारती ने नागपंचमी हादसे पर जताया दुख, CJP बयान का जवाब दिया और शराबबंदी पर रखी अपनी बात

    उज्जैन पहुंचीं उमा भारती ने नागपंचमी हादसे पर जताया दुख, CJP बयान का जवाब दिया और शराबबंदी पर रखी अपनी बात


     मध्यप्रदेश: की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती सोमवार दोपहर उज्जैन पहुंचीं। यहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। उन्होंने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना भी की। दर्शन के बाद उमा भारती ने नागपंचमी पर हुए हादसे, सिंहस्थ की तैयारियों, सीएम डॉ. मोहन यादव, कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP और सागर शराब कांड को लेकर अपनी बात रखी।

    महाकाल मंदिर पहुंचने पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने गर्भगृह में बाबा महाकाल का पूजन और अभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर ध्यान लगाया और भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। इस दौरान वे भक्ति में लीन नजर आईं। दर्शन के बाद उन्होंने नंदी के कानों में अपनी मनोकामना कही और नंदी को दुलार भी किया। इसके बाद उन्होंने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

    मीडिया से बातचीत के दौरान उमा भारती ने कहा कि जब भी वह महाकाल मंदिर आती हैं, उन्हें अच्छी व्यवस्था मिलती है। हालांकि, उन्होंने नागपंचमी पर हुए हादसे पर दुख भी जताया। उन्होंने कहा कि कई भगवानों की पूजा लोग घर पर ही कर सकते हैं और परिस्थितियों को देखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उनके मुताबिक व्यवस्था, पुलिस और प्रशासन की भी अपनी एक सीमा होती है। कई बार ये सीमाएं लोगों की आस्था के सामने टूट जाती हैं। इसलिए लोगों को भी सुव्यवस्थित तरीके से चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ अनुमान गलत हुए थे और यह घटना आगे के लिए सबक है। उन्हें विश्वास है कि प्रशासन भविष्य में इसका ध्यान रखेगा।

    सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर उमा भारती ने कहा कि काम अच्छी तरह चल रहा है। उन्होंने बताया कि लैंड पुलिंग को उज्जैन की भूमि से बाहर कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है। उमा भारती ने डॉ. मोहन यादव को महाकाल का बालक बताया और कहा कि उन पर भगवान का आशीर्वाद बना रहे।

    CJP को लेकर पूछे गए सवाल पर उमा भारती ने ‘कॉकरोच चप्पल और हिट छिड़कने से मर जाएंगे’ वाले बयान पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कॉकरोच गंदगी से पैदा होते हैं और यदि गंदगी रहेगी तो वे फिर पैदा हो जाएंगे। उनके अनुसार सिस्टम की गंदगी खत्म करने की जरूरत है। अगर सिस्टम में गंदगी बनी रहेगी तो चप्पल और हिट से कुछ नहीं होने वाला।

    सागर शराब कांड पर उमा भारती ने दुख जताते हुए कहा कि शराब पीना ही नहीं चाहिए और अवैध शराब की बिक्री भी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब की बिक्री होने पर समाज को सख्ती बरतनी चाहिए। उन्होंने सरपंच, पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष, नगर पंचायत सदस्य और अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य और अध्यक्ष, पार्षद, विधायक तथा सांसद की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि ऐसा क्यों हो रहा है और क्या उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या वे अपना कर्तव्य नहीं निभा रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को भी अपना काम करना चाहिए।

    उमा भारती ने कहा कि मोहन सरकार सख्ती बरतेगी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को शराब से सख्त नफरत है। उन्होंने कहा कि यदि मोहन के हाथ में हो तो पूरे हिंदुस्तान में आदमी शराब न पी सके। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान भी इसी तरह थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी नीति को लागू करने के लिए जनसहयोग भी पूरी तरह जरूरी है।