Category: Madhya Pradesh

  • दुबई में गूंजी मध्यप्रदेश की शिल्प कला, मोहन यादव ने वैश्विक निवेशकों के सामने रखा MP का मॉडल

    दुबई में गूंजी मध्यप्रदेश की शिल्प कला, मोहन यादव ने वैश्विक निवेशकों के सामने रखा MP का मॉडल


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश और व्यापार के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल संयुक्त अरब अमीरात के दुबई पहुंचा है। चार दिवसीय दौरे के पहले दिन निवेश, व्यापार और औद्योगिक साझेदारी के साथ मध्यप्रदेश की पारंपरिक शिल्प एवं हथकरघा कला को भी अंतरराष्ट्रीय मंच मिला।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई के ताज होटल, बिजनेस बे में आयोजित वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) और जीआई उत्पाद प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को वैश्विक समुदाय के सामने पेश किया गया।

    छह विरासत उत्पादों ने खींचा ध्यान

    प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश के छह प्रमुख उत्पाद प्रदर्शित किए गए। इनमें बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर कारपेट शामिल हैं।

    इन उत्पादों के जरिए राज्य की सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक कारीगरों के हुनर को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य विदेशी खरीदारों तक इन उत्पादों की पहुंच बढ़ाने और स्थानीय कारीगरों के लिए नए कारोबारी अवसर तैयार करना है।

    प्रवासी भारतीयों ने किया मुख्यमंत्री का स्वागत

    दुबई पहुंचने पर भारतीय मिशन के अधिकारियों ने मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इसके बाद होटल फॉर्च्यून एट्रियम में यूएई में रहने वाले प्रवासी भारतीयों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। जितेंद्र वैद्य के नेतृत्व में करीब 50 प्रवासी भारतीय इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीय समुदाय को मध्यप्रदेश के विकास और राज्य की वैश्विक ब्रांडिंग का महत्वपूर्ण साझेदार बताया।

    भारतीय राजनयिकों के साथ निवेश पर चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और दुबई एवं नॉर्थ अमीरात में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी के साथ भी बैठक की। इसमें मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने और भारत-यूएई आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

    बैठक में राज्य की औद्योगिक भूमि, कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स, निवेशक-अनुकूल नीतियों और औद्योगिक अधोसंरचना को प्रमुखता से रखा गया। मुख्यमंत्री ने यूएई के सॉवरेन वेल्थ फंड, बड़े कॉरपोरेट समूहों और संस्थागत निवेशकों के साथ संपर्क बढ़ाने में भारतीय मिशन से सहयोग का आग्रह किया। साथ ही उन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में भाग लेने का न्योता दिया।

    अरब संसद के अध्यक्ष से भी हुई मुलाकात

    दौरे के दौरान अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही के सम्मान में आयोजित विशेष भोज में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हिस्सा लिया। इस दौरान मध्यप्रदेश और अरब देशों के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन तथा शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत हुई।

    मुख्यमंत्री ने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी अधोसंरचना से जुड़े निवेश अवसरों की जानकारी दी।

    खाद्य प्रसंस्करण, कृषि मूल्य श्रृंखला, कोल्ड चेन और कृषि लॉजिस्टिक्स को लेकर भी संभावित साझेदारी पर चर्चा हुई।

    22 देशों के संसदीय नेताओं को GIS-2027 का न्योता

    ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के लिए मध्य पूर्व और अफ्रीका के कई देशों के संसदीय नेताओं को आमंत्रित करने की पहल भी की गई। इनमें अल्जीरिया, बहरीन, कोमोरोस, जिबूती, मिस्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, लीबिया, मॉरिटानिया, मोरक्को, ओमान, फिलिस्तीन, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया, सूडान, सीरिया, ट्यूनीशिया, यूएई और यमन शामिल हैं।

    इस पहल का उद्देश्य निवेश, उद्योग, व्यापार, अवसंरचना, नवाचार और आर्थिक सहयोग के लिए मध्यप्रदेश के साथ इन देशों के रिश्तों को और मजबूत करना है।

    वैश्विक मीडिया के सामने रखा निवेश का रोडमैप

    मुख्यमंत्री ने मीडिया संवाद के दौरान मध्यप्रदेश की औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स क्षमता के साथ पर्यटन एवं अवसंरचना क्षेत्र की संभावनाओं को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य केवल निवेश हासिल करना नहीं, बल्कि निवेशकों के साथ लंबे समय की विकास साझेदारी स्थापित करना है।

    उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम, तेज स्वीकृति प्रक्रिया, प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को मध्यप्रदेश की प्रमुख ताकत बताया।

    AIM कांग्रेस के ‘टाइकून्स डिनर’ में वैश्विक निवेशकों से संवाद

    दुबई दौरे के पहले दिन का समापन AIM कांग्रेस 2026 के ‘टाइकून्स रात्रि भोज’ में मुख्यमंत्री की भागीदारी के साथ हुआ। कार्यक्रम की मेजबानी AIM कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी ने की।

    इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में सॉवरेन वेल्थ फंड, फैमिली ऑफिस, संस्थागत निवेशकों, वित्तीय संस्थानों, वैश्विक कंपनियों और विभिन्न देशों के नीति-निर्माताओं ने हिस्सा लिया।

    मुख्यमंत्री ने इस दौरान वैश्विक निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, शहरी अधोसंरचना, टेक्नोलॉजी और निर्यात आधारित उद्योगों में निवेश के अवसरों को रेखांकित किया।

    दुबई दौरे के पहले ही दिन मध्यप्रदेश ने एक तरफ अपनी पारंपरिक शिल्प विरासत को वैश्विक बाजार के सामने रखा, वहीं दूसरी ओर निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ आर्थिक साझेदारी का रोडमैप भी पेश किया। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन बैठकों और संवादों से मध्यप्रदेश में निवेश के कितने नए रास्ते खुलते हैं।

  • भोपाल में चाबी की चाल से चोरी का बड़ा खुलासा! किरायेदार युवती और नाबालिग पर 4 लाख उड़ाने का आरोप, 3.79 लाख

    भोपाल में चाबी की चाल से चोरी का बड़ा खुलासा! किरायेदार युवती और नाबालिग पर 4 लाख उड़ाने का आरोप, 3.79 लाख


    भोपाल । भोपाल के निशातपुरा इलाके में डुप्लीकेट चाबी के जरिए घर में घुसकर लाखों रुपए की चोरी करने के मामले का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। जिस घर में आने जाने और रहने वाले लोगों पर भरोसा किया जाता था उसी दायरे से चोरी की वारदात का सुराग मिलने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। पुलिस ने चोरी के आरोप में 20 वर्षीय किरायेदार युवती अरसी को गिरफ्तार किया है जबकि उसके साथ एक विधि विरुद्ध बालिका को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से 3 लाख 79 हजार 500 रुपए नकद और चोरी हुआ सोने का हार बरामद किया है। बरामद संपत्ति की कुल कीमत करीब 4 लाख 30 हजार रुपए बताई जा रही है।
    मामला निशातपुरा थाना क्षेत्र का है जहां एकता बिलाल कॉलोनी करोंद निवासी आवेश खान ने 3 सितंबर को थाने पहुंचकर घर से नकदी और सोने का हार चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार घर में रखे करीब 4 लाख रुपए नकद और सोने का हार गायब था। चोरी की यह वारदात इसलिए भी पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि घर में जबरन प्रवेश या ताला तोड़ने जैसी कोई स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई थी। ऐसे में जांच का फोकस उन लोगों पर गया जिन्हें घर में आने जाने की जानकारी थी और जिन्हें मेन गेट तथा घर की व्यवस्था के बारे में जानकारी हो सकती थी।

    पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि फरियादी की भतीजी लायबा और किरायेदार अरसी ने कथित तौर पर मेन गेट के ताले की डुप्लीकेट चाबी बनवाई थी। आरोप है कि इसी डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर दोनों घर के अंदर पहुंचीं और कमरे में रखी अलमारी के लॉकर तक पहुंचकर उसमें रखी नकदी और सोने का हार निकाल लिया। चोरी की वारदात को इस तरह अंजाम दिया गया कि शुरुआती तौर पर किसी को घर में जबरन घुसने का शक नहीं हुआ।

    शिकायत दर्ज होने के बाद निशातपुरा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। थाना प्रभारी मनोज पटवा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई। पुलिस ने घर से जुड़े लोगों और वारदात के बाद की परिस्थितियों की भी पड़ताल की। जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और किरायेदार युवती अरसी के साथ एक विधि विरुद्ध बालिका को पकड़ लिया।

    पूछताछ और आगे की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 लाख 79 हजार 500 रुपए नकद बरामद किए। इसके साथ ही चोरी हुआ सोने का हार भी पुलिस ने जब्त कर लिया। बरामद संपत्ति की कुल कीमत करीब 4 लाख 30 हजार रुपए बताई गई है। हालांकि पुलिस अब भी इस बात की जांच कर रही है कि चोरी की गई कुल रकम में से बाकी राशि कहां गई और क्या उसे खर्च कर दिया गया है या किसी अन्य व्यक्ति के पास पहुंचाया गया है।

    पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी वारदात में किसी और व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। डुप्लीकेट चाबी कब और कहां बनवाई गई तथा चोरी की योजना किस तरह तैयार की गई इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के बेहतर तालमेल से इस मामले का तेजी से खुलासा किया गया है। फिलहाल पुलिस आगे की जांच कर रही है और चोरी से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाने में लगी हुई है।

  • विदेशी निवेशकों को MP बुलाने दुबई पहुंचे मोहन यादव, बड़े उद्योग समूहों से वन-टू-वन बैठक; GIS 2027 पर रहेगा फोकस

    विदेशी निवेशकों को MP बुलाने दुबई पहुंचे मोहन यादव, बड़े उद्योग समूहों से वन-टू-वन बैठक; GIS 2027 पर रहेगा फोकस


    भोपाल । मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने और प्रदेश को वैश्विक कारोबारी नक्शे पर और मजबूती से स्थापित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को चार दिवसीय दुबई दौरे पर रवाना हो गए। मुख्यमंत्री 6 से 9 सितंबर तक संयुक्त अरब अमीरात में रहेंगे और इस दौरान दुनिया के प्रमुख निवेशकों उद्योग समूहों तथा कारोबारी प्रतिनिधियों से सीधे संवाद करेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश में नए निवेश आकर्षित करना कारोबार के नए अवसर तलाशना और वैश्विक कंपनियों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी को बढ़ावा देना है।

    दुबई पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री प्रवासी भारतीय समुदाय से संवाद करेंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने के लिए एक जिला एक उत्पाद के स्टॉल का उद्घाटन भी किया जाएगा। इस स्टॉल पर बेल मेटल चंदेरी माहेश्वरी बाटिक जरी जरदोजी और ग्वालियर कारपेट जैसे प्रदेश के पारंपरिक और स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके जरिए मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के साथ उसके कारोबारी और निर्यात संभावनाओं को भी सामने रखा जाएगा।

    मुख्यमंत्री यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और दुबई के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यम्माही के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री उन्हें मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के लिए आमंत्रित करेंगे।

    दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री एआईएम कांग्रेस के आमंत्रण आधारित टाइकून्स कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में संप्रभु संपदा कोष फैमिली ऑफिस और बड़े कॉरपोरेट संस्थानों से जुड़े करीब 500 प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में मुख्यमंत्री के सामने मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता और उद्योगों के लिए उपलब्ध अवसरों को सीधे बड़े कारोबारी समूहों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मौका होगा।

    7 सितंबर को एआईएम कांग्रेस 2026 के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री हिस्सा लेंगे और लीडर्स सेशन को संबोधित करेंगे। इसी दौरान मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन किया जाएगा जहां प्रदेश की औद्योगिक क्षमता निवेश नीतियों पर्यटन और प्रमुख क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री रास अल खैमाह के शासक शेख सऊद बिन सक्र अल कासिमी से भी मुलाकात करेंगे और उन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 का न्योता देंगे। इसके अलावा तातारस्तान के गवर्नर और यूएई के शीर्ष कारोबारी नेतृत्व के साथ भी बैठकें प्रस्तावित हैं।

    8 सितंबर को मुख्यमंत्री का पूरा फोकस निवेशकों के साथ सीधे संवाद पर रहेगा। इस दौरान राणा होल्डिंग्स जेम्स एजुकेशन क्रेसेंट ग्रुप प्योर हेल्थ शराफ ग्रुप डीपी वर्ल्ड ब्यूमर्क कॉरपोरेशन वेस्ट जोन केजीके ग्रुप और वीएफएस ग्लोबल समेत कई बड़े कारोबारी समूहों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें होंगी। शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल बैठक भी होगी।

    रियल एस्टेट शहरी विकास और पर्यटन के क्षेत्र में भी संभावनाएं तलाशने पर जोर रहेगा। मुख्यमंत्री बीआह ग्रुप और दुबई के प्रमुख कारोबारी समूह इमार के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों के जरिए मध्यप्रदेश में निवेश और संभावित कारोबारी साझेदारी के रास्ते तलाशे जाएंगे।

    दौरे के अंतिम दिन 9 सितंबर को इन्वेस्ट मध्यप्रदेश निवेश अवसरों पर संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें यूएई के व्यवसाय और परोपकार के लिए विशेष दूत बद्र जाफर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री इस मंच से मध्यप्रदेश की औद्योगिक ताकत पर्यटन क्षमता और निवेश के अनुकूल माहौल को निवेशकों के सामने रखेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री दुबई से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। माना जा रहा है कि यह दौरा मध्यप्रदेश के आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के लिए अंतरराष्ट्रीय निवेश जुटाने की दिशा में अहम कड़ी साबित हो सकता है।

  • नेताजी ने गड्ढे में बैठकर मनाया जन्मदिन, सांसद की गाड़ी ट्रैक्टर से निकली; भोपाल में चमकती सड़कें बनीं सवाल

    नेताजी ने गड्ढे में बैठकर मनाया जन्मदिन, सांसद की गाड़ी ट्रैक्टर से निकली; भोपाल में चमकती सड़कें बनीं सवाल


    भोपाल । मध्यप्रदेश में बारिश के बाद सड़कों की हालत को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। प्रदेश के अलग अलग शहरों और गांवों से सामने आ रही तस्वीरें बता रही हैं कि कहीं सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं तो कहीं कच्चे रास्ते बारिश के बाद कीचड़ में बदल गए हैं। हालात ऐसे हैं कि आम लोगों के साथ अब जनप्रतिनिधियों को भी इन खराब रास्तों का सामना करना पड़ रहा है। बीना में सड़क के गड्ढे में बैठकर नेता ने विरोध जताया तो मंडला में भाजपा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते का काफिला कीचड़ में फंस गया। इसके बाद भोपाल की सड़कों को लेकर भी सरकार से सवाल पूछे जा रहे हैं।

    बीना में कांग्रेस नेता इंदर सिंह ठाकुर ने सड़क की बदहाली के खिलाफ अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि उन्होंने अपना जन्मदिन भी इसी विरोध के बीच मनाया। समर्थकों के साथ सड़क पर पहुंचे नेता ने शासन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और बारिश के पानी से भरे गड्ढे में बैठ गए। इसके बाद वह गड्ढे में लेटते और तैरते हुए भी नजर आए। उनका कहना था कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों का निकलना मुश्किल है। प्रदर्शन के बाद तहसीलदार ने फोन पर समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिया। आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ लेकिन सड़क की मरम्मत कब होगी इसका इंतजार अब भी है। यानी जन्मदिन पर नेता जी सुर्खियों में आ गए लेकिन सड़क को अभी सुधार का इंतजार है।

    उधर मंडला में सड़क की बदहाली की ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने विकास के दावों पर ही सवाल खड़े कर दिए। भाजपा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते एक गांव में सामुदायिक भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता नहीं होने के कारण बारिश के बाद कच्चा रास्ता पूरी तरह कीचड़ में बदल गया था। जैसे ही सांसद का काफिला वहां पहुंचा वाहनों के पहिए कीचड़ में धंस गए। कुछ देर में स्थिति ऐसी हो गई कि सांसद और अधिकारियों को अपनी गाड़ियों से उतरना पड़ा। इसके बाद ग्रामीण आगे आए और ट्रैक्टर की मदद से एक एक करके वाहनों को कीचड़ से बाहर निकाला गया।

    इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी खुद खराब रास्ते में फंस गए हैं तो क्या अब इस इलाके में सड़क निर्माण की समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा। जिस रास्ते से ग्रामीण लंबे समय से गुजरने को मजबूर हैं उसी रास्ते पर सांसद के काफिले के फंसने से सड़क की जरूरत और ज्यादा सामने आ गई है।

    राजधानी भोपाल की तस्वीर भी पूरी तरह राहत देने वाली नहीं है। शहर के कई इलाकों में बारिश के बाद सड़कें गड्ढों से भर गई हैं। कहीं सड़क पर बड़े गड्ढे हैं तो कहीं पानी जमा होने के कारण सड़क और गड्ढे के बीच अंतर करना मुश्किल हो रहा है। सवाल इसलिए भी उठ रहा है क्योंकि भोपाल में ही प्रदेश सरकार के मंत्री और बड़े अधिकारी बैठते हैं। इसके बावजूद आम लोगों को खराब सड़कों और जलभराव से जूझना पड़ रहा है।

    इसी बीच मंत्रियों और विधायकों के निवास वाले इलाकों की बेहतर सड़कों को लेकर भी तुलना की जा रही है। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के बंगले के सामने की सड़क को लेकर कहा जा रहा है कि वहां सड़क की स्थिति बेहतर दिखाई देती है जबकि शहर के दूसरे हिस्सों में गड्ढे लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। मंत्री ने सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होने और अच्छी सड़कें बनाए जाने की बात कही है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि ये दावे जमीन पर कब दिखाई देंगे।

    बीना के गड्ढे से लेकर मंडला के कीचड़ और भोपाल की जर्जर सड़कों तक सामने आई तस्वीरों ने सड़क व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। लोगों की मांग साफ है कि बारिश के बाद सिर्फ गड्ढों पर मिट्टी या अस्थायी मरम्मत न हो बल्कि मजबूत और टिकाऊ सड़कें बनाई जाएं। क्योंकि सड़क पर चलने वाला आम आदमी हो या फिर सांसद का काफिला आखिर रास्ता सभी को एक ही मिलता है।

  • कल्पना मिश्रा मौत मामले में मजिस्ट्रियल जांच पर उठे सवाल, CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी

    कल्पना मिश्रा मौत मामले में मजिस्ट्रियल जांच पर उठे सवाल, CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी


    भोपाल । रीवा की कल्पना मिश्रा की मौत का मामला अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गया है। मामले की CBI जांच की मांग को लेकर विंध्य नागरिक अधिकार मंच ने रविवार को गांधी प्रतिमा के सामने एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। मंच के अध्यक्ष दिलीप तिवारी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में विंध्य क्षेत्र से आए नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान सरकार और स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी की गई तथा कल्पना मिश्रा को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई।

    प्रदर्शनकारियों ने कल्पना मिश्रा को न्याय दो और CBI जांच लागू करो जैसे नारे लगाए। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। मंच का कहना है कि कल्पना ने मौत से पहले इलाज और मदद के लिए गुहार लगाई थी लेकिन उनकी आवाज पर समय रहते उचित ध्यान नहीं दिया गया। मंच ने इस पूरे प्रकरण को केवल एक परिवार से जुड़ा मामला नहीं बल्कि विंध्य क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल बताया।

    मंच अध्यक्ष दिलीप तिवारी ने कहा कि यदि सरकार जल्द मामले की CBI जांच कराने की दिशा में कदम नहीं उठाती है तो विंध्य क्षेत्र के लोग भोपाल में एकजुट होकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से जवाबदेही तय करने की मांग भी की। धरने में अनीश शर्मा भूपेन्द्र मिश्रा अभिषेक तिवारी प्रवीण शर्मा सुरजन संदीप विश्वकर्मा देवराज राणा अंकित रघुवंशी और धीरेंद्र राणा सहित कई लोग मौजूद रहे।

    प्रदर्शन के दौरान मामले में चल रही मजिस्ट्रियल जांच को लेकर भी सवाल उठाए गए। मंच का तर्क है कि जिन प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं उन्हीं से जुड़ी व्यवस्था के स्तर पर होने वाली जांच से निष्पक्षता को लेकर लोगों के मन में संदेह बना रह सकता है। इसी वजह से मंच ने मामले की जांच किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग रखी है।

    विंध्य नागरिक अधिकार मंच ने रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी कई गंभीर आरोप लगाए। मंच का आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं और इलाज नहीं मिल पा रहा है जबकि कुछ डॉक्टर निजी नर्सिंग होम में अधिक ध्यान दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी अस्पतालों से मरीजों को कथित तौर पर निजी अस्पतालों की ओर भेजने और इलाज के नाम पर वसूली के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की।

    मंच ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में रिकॉर्ड और दस्तावेजों के रखरखाव को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में सरकारी रिकॉर्ड में ऐसी विसंगतियां सामने आ रही हैं जिनमें मृत व्यक्ति का इलाज दर्ज होने और जीवित व्यक्ति को मृत दिखाए जाने जैसी स्थिति बताई गई है। हालांकि ये मंच की ओर से लगाए गए आरोप हैं जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में नहीं हुई है।

    मामले की शुरुआत 25 अगस्त को हुई थी जब रीवा जिले के हटवा गांव की 25 वर्षीय कल्पना मिश्रा डिलीवरी के लिए गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंची थीं। परिवार के अनुसार यह उनकी पहली डिलीवरी थी और गर्भावस्था के दौरान उनकी हालत सामान्य थी। 26 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे उनका सी-सेक्शन हुआ। बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद कल्पना और नवजात दोनों की मौत हो गई।

    मौत से पहले का एक वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। वीडियो में कल्पना अस्पताल में मदद और वहां से ले जाने की गुहार लगाती नजर आई थीं। इसके बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे। मामले में दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग स्टाफ को निलंबित किया गया जबकि अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को पद से हटाकर डॉ. प्रियंक शर्मा को जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद जच्चा-बच्चा की मौत की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए।

    अब विंध्य नागरिक अधिकार मंच इस जांच से संतुष्ट नहीं है और CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की बात कह रहा है। मंच का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के साथ स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। आने वाले दिनों में सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है इस पर सभी की नजर रहेगी।

  • मध्यप्रदेश के सागर में संदिग्ध जहरीली शराब से मौतों पर सरकार सख्त, कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

    मध्यप्रदेश के सागर में संदिग्ध जहरीली शराब से मौतों पर सरकार सख्त, कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

    मध्यप्रदेश। के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 11 तक पहुंच गई है। हालांकि, इस बढ़े हुए आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। घटना के बाद प्रशासन और सरकार की सक्रियता बढ़ गई है।

    बताया जा रहा है कि संदिग्ध शराब के सेवन के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ी थी। इसके बाद प्रभावित लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना में कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि संदिग्ध शराब कहां से आई तथा इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जहरीली या अवैध शराब के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन को मामले की तह तक जाकर जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    उपमुख्यमंत्री एवं आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने घटना को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने सागर के कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी हासिल की। स्थिति का जायजा लेने और जांच की निगरानी के लिए आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को मौके पर भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है।

    घटना के बाद क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज किए जाने की बात कही गई है। प्रशासन की ओर से संदिग्ध ठिकानों पर जांच और छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का उद्देश्य अवैध शराब की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क का पता लगाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है। मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस बीच घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के कारण अवैध शराब का कारोबार बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार के सुशासन के दावों पर भी सवाल उठाए।

    कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में पहले भी शराब से जुड़े गंभीर हादसे सामने आ चुके हैं और इसके बावजूद अवैध शराब के नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाया है। पार्टी ने सरकार से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा पूरे नेटवर्क की जांच कराने की मांग की है।

    हालांकि, कांग्रेस के इन राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल प्रशासन का मुख्य फोकस घटना की वास्तविक वजह पता लगाने, संदिग्ध शराब की जांच कराने, प्रभावित लोगों को उपचार उपलब्ध कराने और जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने पर है। मौतों के अंतिम आंकड़े और हादसे की पूरी तस्वीर आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

  • 120 साल से नहीं टूटी देवास की ये शाही परंपरा, पालकी में विराजे लड्डू गोपाल तो जयकारों से गूंजा शहर

    120 साल से नहीं टूटी देवास की ये शाही परंपरा, पालकी में विराजे लड्डू गोपाल तो जयकारों से गूंजा शहर


    देवास । देवास में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस बार भी आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा के साथ मनाया गया। शहर में जन्माष्टमी के अवसर पर देवास राज परिवार की 120 साल पुरानी दिंडी यात्रा निकाली गई। शनिवार 5 सितंबर की शाम आयोजित इस ऐतिहासिक यात्रा में भगवान लड्डू गोपाल को विशेष रूप से सजाई गई पालकी में विराजित किया गया। पालकी के साथ राज परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा जिस रास्ते से होकर गुजरी वहां भक्तों का उत्साह और भगवान के दर्शन की लालसा साफ दिखाई दी।

    देवास में दिंडी यात्रा की यह परंपरा संत तुकाराम महाराज की प्रेरणा से शुरू होने की बात कही जाती है। राज परिवार द्वारा पिछले 119 वर्षों से इस परंपरा को लगातार निभाया जाता रहा है और इस वर्ष यह यात्रा 120वीं बार आयोजित की गई। इतनी लंबी अवधि से चली आ रही यह परंपरा देवास की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। हर वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालु इस यात्रा का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

    जन्माष्टमी के दिन शाम करीब 6 बजे सीनियर राजवाड़े स्थित मंदिर में भगवान लड्डू गोपाल की विधिवत पूजा अर्चना की गई। इसके बाद उन्हें पालकी में विराजित किया गया। जन्माष्टमी को देखते हुए राजवाड़े के मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। पूजा के बाद जैसे ही भगवान लड्डू गोपाल की पालकी यात्रा के लिए निकली तो श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया। लोगों ने भगवान के दर्शन किए और सुख समृद्धि की कामना की।

    इस धार्मिक यात्रा में राज परिवार के सदस्य विक्रमसिंह पवार सहित शाही परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हुए। उनके साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु और धर्मप्रेमी नागरिक यात्रा का हिस्सा बने। शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए दिंडी यात्रा आगे बढ़ी। रास्ते में श्रद्धालुओं ने भगवान लड्डू गोपाल के दर्शन किए और धार्मिक भाव के साथ यात्रा का स्वागत किया। पालकी के साथ चल रहे श्रद्धालुओं के कारण पूरे मार्ग पर भक्तिमय माहौल बना रहा।

    दिंडी यात्रा सीनियर राजवाड़े से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मीठा तालाब पहुंची। यहां भगवान लड्डू गोपाल की दोबारा पूजा अर्चना की गई। इसके बाद धार्मिक आयोजन का समापन हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और लोगों ने भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

    देवास की यह 120वीं दिंडी यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही ऐतिहासिक परंपरा की झलक भी है। बदलते समय के बावजूद राज परिवार और श्रद्धालुओं द्वारा इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाया जाना शहर की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है। जन्माष्टमी के मौके पर निकली इस यात्रा ने एक बार फिर देवास में भक्ति और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिला।

  • निशान और भव्य झांकियों के साथ निकला गोगादेव महाराज का चल समारोह, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

    निशान और भव्य झांकियों के साथ निकला गोगादेव महाराज का चल समारोह, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु


    देवास । देवास में गोगा नवमी के अवसर पर शनिवार रात लोक आराध्य जाहरवीर गोगादेव महाराज के सम्मान में भव्य चल समारोह निकाला गया। धार्मिक आस्था और उत्साह से भरे इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाजजन शामिल हुए। पूरे मार्ग पर गोगादेव महाराज के जयकारों से माहौल भक्तिमय नजर आया। समारोह में पारंपरिक निशानों के साथ कई आकर्षक झांकियां शामिल की गईं जिन्हें देखने के लिए शहर के अलग अलग हिस्सों से लोग पहुंचे।

    चल समारोह का आयोजन वाल्मीकि समाज छोटी पाती देवास की ओर से किया गया। आयोजन की शुरुआत उज्जैन रोड स्थित गुरु गोरखनाथ मंदिर से हुई। यहां से श्रद्धालुओं और समाजजनों के साथ चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गों की ओर रवाना हुआ। जुलूस के आगे और पीछे बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। जैसे जैसे समारोह शहर के बीच पहुंचा वैसे वैसे झांकियों के दर्शन करने के लिए लोगों की भीड़ बढ़ती गई।

    इस दौरान माता बाछल की गोद में बाल स्वरूप में विराजित वीर गोगादेव महाराज की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। झांकी में गोगादेव महाराज के बाल स्वरूप को बेहद मनमोहक तरीके से प्रस्तुत किया गया था। माता बाछल की गोद में विराजित बाल गोगादेव की छवि देखकर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। बड़ी संख्या में लोगों ने झांकी के दर्शन किए और गोगादेव महाराज से सुख समृद्धि की कामना की।

    चल समारोह में भगवान सांवलिया सेठ की झांकी भी शामिल की गई थी। इस झांकी ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। शहर के जिन जिन मार्गों से समारोह गुजरा वहां श्रद्धालु पहले से ही झांकियों के स्वागत और दर्शन के लिए मौजूद रहे। कई स्थानों पर लोगों ने धार्मिक भाव के साथ चल समारोह का स्वागत किया। गोगादेव महाराज के जयकारों और भक्ति गीतों के बीच पूरा वातावरण उत्सवमय बना रहा।

    गोगादेव महाराज को लोक आस्था में जाहरवीर के नाम से भी जाना जाता है। गोगा नवमी के अवसर पर देश के कई हिस्सों में उनकी पूजा और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। देवास में भी इस परंपरा के तहत हर वर्ष श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिलता है। इस बार भी चल समारोह में समाज के लोगों के साथ अन्य धर्मप्रेमी नागरिकों ने भाग लेकर आयोजन को भव्यता प्रदान की।

    गुरु गोरखनाथ मंदिर से शुरू हुआ यह चल समारोह एमजी रोड सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए देर रात मीठा तालाब पहुंचा। यहां धार्मिक उत्साह के बीच समारोह का समापन किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की मौजूदगी और झांकियों की भव्यता ने गोगा नवमी के पर्व को खास बना दिया। माता बाछल की गोद में बाल गोगादेव की झांकी विशेष रूप से लोगों के बीच चर्चा का विषय रही और श्रद्धालु बड़ी संख्या में इसके दर्शन के लिए जुटे।

  • 6 महीने तक पसीना बहाया और 65 की उम्र में रच दिया कमाल! हैदराबाद मैराथन में इंदौर के धावक ने जीता गोल्ड

    6 महीने तक पसीना बहाया और 65 की उम्र में रच दिया कमाल! हैदराबाद मैराथन में इंदौर के धावक ने जीता गोल्ड


    नई दिल्ली ।उम्र अगर सिर्फ एक संख्या है तो इंदौर के 65 वर्षीय वरिष्ठ धावक प्रेम नारायण शर्मा ने इसे अपने प्रदर्शन से साबित कर दिया है। जिस उम्र में अधिकांश लोग आराम और सेहत को लेकर अधिक सावधानी बरतते हैं उस उम्र में प्रेम नारायण शर्मा ने दौड़ के मैदान में अपनी फिटनेस और मजबूत इरादों का शानदार परिचय दिया। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में आयोजित हैदराबाद मैराथन 2026 में उन्होंने 10 किलोमीटर दौड़ की अपनी आयु वर्ग श्रेणी में पहला स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी यह उपलब्धि न केवल इंदौर बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो उम्र को अपने सपनों और जुनून के रास्ते में बाधा मान लेते हैं।

    हैदराबाद मैराथन 2026 में इंदौर के करीब 30 धावकों ने हिस्सा लिया और अलग अलग श्रेणियों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए शहर का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता में 42 किलोमीटर फुल मैराथन 21 किलोमीटर हाफ मैराथन और 10 किलोमीटर दौड़ का आयोजन किया गया। इंदौर के धावकों ने हर श्रेणी में पूरे उत्साह और तैयारी के साथ भाग लिया और कठिन चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा किया।

    10 किलोमीटर दौड़ में प्रेम नारायण शर्मा का प्रदर्शन सबसे खास रहा। 65 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने आयु वर्ग के अन्य प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया और गोल्ड मेडल जीत लिया। उनके साथ इस श्रेणी में इंदौर के विकास बांगर विशाल बांगर और नेतिक जायसवाल ने भी हिस्सा लिया और सफलतापूर्वक अपनी दौड़ पूरी की। प्रेम नारायण शर्मा की सफलता ने यह संदेश दिया कि फिटनेस और खेल के प्रति समर्पण के लिए उम्र कोई सीमा नहीं होती।

    मैराथन की सबसे कठिन श्रेणी 42 किलोमीटर फुल मैराथन मानी जाती है। इस चुनौतीपूर्ण दौड़ में भी इंदौर के खिलाड़ियों ने अपनी मजबूत तैयारी का परिचय दिया। विनोद चौधरी राजीव लाठ सौरभ जुनेजा दीपक जायसवाल अरविंद दुबे अमृतेश मोदी और अम्वेश कुमार राजपूत ने फुल मैराथन में हिस्सा लेकर शानदार प्रदर्शन किया। लंबी दूरी और लगातार शारीरिक क्षमता की मांग करने वाली इस दौड़ को पूरा करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

    21 किलोमीटर हाफ मैराथन में भी इंदौर के धावकों ने जबरदस्त दमखम दिखाया। जयश्री नाहटा हार्दिक पांडे मोहन पांडे यवल लड्ढा पीयूस लड्ढा अर्पित मुंदड़ा कपिल सोनी और ज्योत्सना वाडिया ने अपनी गति और सहनशक्ति के दम पर दौड़ पूरी की। इन धावकों के प्रदर्शन ने साबित किया कि इंदौर में मैराथन और फिटनेस को लेकर लोगों का जुनून लगातार बढ़ रहा है।

    इस सफलता के पीछे खिलाड़ियों की महीनों की कड़ी मेहनत भी शामिल रही। धावकों के कोच मनीष गौड़ के अनुसार सभी खिलाड़ियों ने हैदराबाद मैराथन के लिए लगभग छह महीने तक लगातार कठिन प्रशिक्षण लिया था। नियमित अभ्यास लंबी दूरी की दौड़ फिटनेस और सहनशक्ति पर काम करने के बाद खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इसी अनुशासन और मेहनत का परिणाम है कि इंदौर के धावकों ने अलग अलग श्रेणियों में शानदार प्रदर्शन किया।

    प्रेम नारायण शर्मा की स्वर्णिम सफलता खास तौर पर इसलिए भी प्रेरक है क्योंकि उन्होंने 65 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की है। उनका प्रदर्शन उन लोगों के लिए एक बड़ा संदेश है जो बढ़ती उम्र के साथ अपने शरीर और सपनों को सीमित मानने लगते हैं। सही दिनचर्या लगातार मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ किसी भी उम्र में नई उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

    हैदराबाद मैराथन में इंदौर के धावकों की इस उपलब्धि पर शहर के खेल प्रेमियों ने खुशी जताई है। 65 वर्षीय प्रेम नारायण शर्मा का गोल्ड मेडल और अन्य धावकों का शानदार प्रदर्शन इंदौर के लिए गर्व का क्षण बन गया है। छह महीने की मेहनत के बाद मिली यह सफलता एक बार फिर साबित करती है कि मंजिल तक पहुंचने के लिए उम्र नहीं बल्कि हौसले की जरूरत होती है।

  • सागर में जहरीली शराब का कहर: 12 लोगों की मौत, 20 से ज्यादा बीमार, 8 की हालत गंभीर

    सागर में जहरीली शराब का कहर: 12 लोगों की मौत, 20 से ज्यादा बीमार, 8 की हालत गंभीर


    सागर।
    मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बंडा तहसील के घूघर, नौराज, गूगरा खुर्द, बराज और आसपास के गांवों में शराब पीने के बाद अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं करीब 24 मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनमें आठ की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी), सागर रेफर किया गया है। घटना के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

    शराब पीने के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत

    जानकारी के मुताबिक शनिवार रात कई गांवों में कुछ लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके कुछ ही समय बाद लोगों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजन मरीजों को बंडा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ लोगों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद सागर भेजा गया।

    अस्पताल पहुंचे कुछ मरीजों के शरीर नीले पड़ने और अकड़न जैसी शिकायतें भी सामने आईं। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर शराब पीने वाले लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं।

    प्रशासन ने छह शराब दुकानें कराईं सील

    घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर प्रतिभा पाल, एसपी अनुराग सुजानिया समेत वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी प्रभावित इलाकों में पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज की स्थिति की जानकारी ली।

    एहतियात के तौर पर क्षेत्र की छह शराब दुकानों को सील कर दिया गया है। शराब के नमूने लेने और उनकी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। बंडा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। प्रशासन ने अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

    24 से 48 घंटे में शराब पीने वालों की स्क्रीनिंग

    कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि जिन लोगों ने पिछले 24 से 48 घंटे में किसी भी तरह की शराब का सेवन किया है, वे किसी तरह के लक्षण नहीं होने पर भी स्क्रीनिंग जरूर कराएं।

    उल्टी, सिरदर्द, बुखार या तबीयत बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सिविल अस्पताल पहुंचने की सलाह दी गई है। प्रशासन को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ सकती है।

    ग्रामीण ने सुनाई खौफनाक कहानी

    बमुराबेड़ा गांव के रामकुमार दांगी के मुताबिक उनके गांव में भी चार लोगों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने साथ बैठकर शराब पी थी, जिसके बाद उनकी हालत तेजी से खराब होने लगी। शरीर ठंडा पड़ने और तबीयत बिगड़ने के बाद कुछ लोगों की जल्द ही मौत हो गई।

    आबकारी विभाग पर भी उठे सवाल

    घटना के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय सूत्रों और कुछ शराब ठेकेदारों का दावा है कि इलाके में नकली और अवैध शराब की बिक्री को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं। हालिया बैठक में लाइसेंसी ठेकेदारों की ओर से भी अवैध शराब के कारोबार का मुद्दा उठाए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    मृतकों में 45 वर्षीय गोलू उर्फ चमन भी शामिल

    पुलिस के मुताबिक मृतकों में गोलू उर्फ चमन लोधी (45), दिग्विजय लोधी (28), करतार सिंह लोधी (30), उजियार सिंह लोधी (56), रोशन लोधी (30), राजेंद्र लोधी (32), हरनाम राय (42), उत्तम नत्थू नायक (42), सुमेर सिंह दांगी (47), राजकुमार लोधी (47) और सुरेंद्र अहिरवार (35) समेत अन्य लोग शामिल हैं। गोलू उर्फ चमन के पहले से कैंसर से पीड़ित होने की जानकारी भी सामने आई है।

    गंभीर मरीजों का बीएमसी में इलाज

    गंभीर हालत वाले मरीजों में हरनाम राय, उत्तम नत्थू नायक, मंगल रजक, परम आदिवासी, धनसिंह आदिवासी, चंद्रभान लोधी, अजय लोधी, विनोद और राघवेंद्र लोधी समेत अन्य शामिल हैं। इन्हें बेहतर इलाज के लिए बीएमसी सागर रेफर किया गया है।

    फिलहाल प्रशासन शराब के स्रोत और उसमें किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी की जांच में जुटा है। मौतों की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और शराब के सैंपल की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।