Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर में दंपती के शव मिलने से सनसनी, हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका

    इंदौर में दंपती के शव मिलने से सनसनी, हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका


    मध्यप्रदेश। इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र के मेघदूत नगर में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक दंपती के शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पहले पति ने अपनी पत्नी की हत्या की और फिर जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

    घटना का खुलासा उस समय हुआ जब सुबह घर से लगातार एक मासूम बच्ची के रोने की आवाज आ रही थी। पड़ोसियों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां पति-पत्नी दोनों मृत अवस्था में पाए गए।

    पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान हल्के वीर पटेल और उनकी पत्नी रोशनी के रूप में हुई है। दंपती की एक छोटी बेटी भी है, जो घटना के समय घर में मौजूद थी। हल्के वीर पटेल पीथमपुर की एक पेस्टिसाइड कंपनी में कार्यरत था और परिवार मूल रूप से होशंगाबाद का रहने वाला बताया जा रहा है।

    जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। पुलिस के मुताबिक पत्नी के कथित प्रेम संबंध पीथमपुर निवासी सतीश साहू से थे, जिसकी जानकारी पति को हो गई थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा था।

    बताया जा रहा है कि घटना से एक दिन पहले भी हल्के वीर अपने एक रिश्तेदार के साथ सतीश साहू से मिलने गया था। इसके बाद रविवार सुबह यह दर्दनाक घटना सामने आई।

    पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें पति ने पत्नी पर धोखा देने और दूसरे व्यक्ति से संबंध होने का आरोप लगाया है। नोट में यह भी लिखा गया है कि दोनों ने जहर खाकर जान दी है और बेटी की जिम्मेदारी उसकी साली को दी जाए। साथ ही संपत्ति बेटी के 18 वर्ष की होने पर उसे सौंपने की बात भी लिखी गई है।

    हालांकि पुलिस जांच में एक अहम सवाल भी सामने आया है। सुसाइड नोट में जहर खाने की बात लिखी गई है, लेकिन पत्नी रोशनी के गले पर चोट के निशान मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई हो सकती है।

    पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल यह मामला घरेलू विवाद, शक और रिश्तों में तनाव से जुड़ा एक गंभीर अपराध बनकर सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया है।

  • इंदौर में पानी संकट पर बवाल, ‘पानी दो-पानी दो’ के नारे लगाकर चक्काजाम

    इंदौर में पानी संकट पर बवाल, ‘पानी दो-पानी दो’ के नारे लगाकर चक्काजाम


    मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत अब जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। शहर के कई वार्डों और कॉलोनियों में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोग पिछले चार दिनों से नहाने तक के लिए पानी नहीं जुटा पा रहे हैं। इसी के विरोध में शुक्रवार को कई इलाकों में जोरदार प्रदर्शन और चक्काजाम देखने को मिला।

    पालदा चौराहे पर कांग्रेस पार्षद कुणाल सोलंकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में रहवासी सड़क पर उतर आए और “पानी दो-पानी दो” के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम प्रशासन, टैंकर व्यवस्था और नर्मदा लाइन की धीमी सप्लाई को लेकर नाराजगी जताई। इस दौरान सड़क पर लंबा जाम लग गया और कई घंटों तक सिटी बसों में यात्री फंसे रहे।

    इसी तरह दीनदयाल उपाध्याय चौराहा और सुखलिया जोन-5 क्षेत्र में भी स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई इलाकों में पहले जो निःशुल्क पानी वितरण व्यवस्था थी, उसे बंद कर दिया गया है, जिससे संकट और बढ़ गया है। लोगों को अब मजबूरी में महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ रहा है।

    वार्ड-27 में पार्षद राजू भदौरिया के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यहां भी महापौर और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। लोगों का कहना है कि पानी की आपूर्ति नियमित नहीं है और टैंकर भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराए जा रहे।

    इससे पहले भी कांग्रेस ने शहर के सभी 22 जोनल कार्यालयों पर पानी संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। कई इलाकों में लोग सड़कों पर उतरकर चक्काजाम और धरना दे चुके हैं। हाल ही में बड़ी संख्या में लोग “पानी दो-पानी दो” के नारे लगाते हुए पैदल विधायक रमेश मेंदोला के निवास तक पहुंच गए थे, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ गया था।

    वर्तमान स्थिति में सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई वार्डों में नर्मदा लाइन की सप्लाई अब तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाई है। स्थानीय पार्षद कुणाल सोलंकी ने बताया कि नगर निगम से टैंकरों की कमी के कारण पानी वितरण व्यवस्था चरमराई हुई है और लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित हो रही हैं।

    प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए हालात तनावपूर्ण भी रहे, लेकिन एंबुलेंस को रास्ता देकर प्रदर्शनकारियों ने मानवता का परिचय दिया और उसे तुरंत निकलने दिया गया। फिलहाल शहर में जल संकट को लेकर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है और प्रशासन पर तत्काल समाधान का दबाव भी तेज हो गया है।

  • राज्यसभा टिकट पर बयान से गरमाई सियासत, पूर्व मंत्री वर्मा ने बीजेपी पर साधा निशाना

    राज्यसभा टिकट पर बयान से गरमाई सियासत, पूर्व मंत्री वर्मा ने बीजेपी पर साधा निशाना


    मध्यप्रदेश। भोपाल में राज्यसभा चुनावों की सरगर्मी के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया और उम्मीदवार चयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    वर्मा ने आरोप लगाया कि बीजेपी राज्यसभा को “पवित्र सदन” मानने के बजाय इसे राजनीतिक संतुलन साधने का माध्यम बना रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी को हॉर्स ट्रेडिंग जैसी प्रवृत्ति की आदत पड़ चुकी है और मध्य प्रदेश को राजनीतिक प्रयोगशाला या “चारागाह” की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।

    पूर्व मंत्री ने विशेष रूप से बाहरी नेताओं के चयन पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जो नेता अपने ही राज्यों में चुनाव हार चुके हैं, ऐसे “हरल्ले” नेताओं को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजना स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय है। वर्मा ने कुरियन और मुरुगन जैसे नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि इससे जमीनी स्तर पर मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है।

    उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि बीजेपी हाईकमान मध्य प्रदेश के समर्पित और वर्षों से काम कर रहे कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर रहा है, जबकि बाहरी चेहरों को प्राथमिकता दी जा रही है। उनका कहना था कि राज्यसभा में प्रतिनिधित्व केवल स्थानीय और योग्य नेताओं को ही मिलना चाहिए।

    यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। जल्द ही 21 जून को कई सांसदों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, जिनमें दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह, बीजेपी के जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी शामिल हैं।

    इन सीटों के लिए 18 जून को मतदान प्रस्तावित है, जिससे दोनों प्रमुख दलों—बीजेपी और कांग्रेस—में अंदरूनी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। कांग्रेस जहां अपनी एक सीट को सुरक्षित मानकर चल रही है, वहीं बीजेपी दो सीटों पर मजबूत स्थिति में बताई जा रही है।

    हालांकि, इस पूरे राजनीतिक माहौल में “स्थानीय बनाम बाहरी” का मुद्दा अब चुनावी बहस का केंद्र बन गया है। कांग्रेस इसे भावनात्मक और संगठनात्मक मुद्दे के तौर पर उठा रही है, जबकि बीजेपी खेमे में भी दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव संख्या बल के हिसाब से तय भले हों, लेकिन ऐसे बयान आने वाले दिनों में सियासी तापमान और बढ़ा सकते हैं।

  • पेट्रोल-डीजल EMI वाले बयान पर सफाई, कहा- गलत तरीके से पेश किया गया

    पेट्रोल-डीजल EMI वाले बयान पर सफाई, कहा- गलत तरीके से पेश किया गया


    मध्यप्रदेश। भोपाल में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और खजुराहो से सांसद वीडी शर्मा की पत्नी स्तुति मिश्रा का सोशल मीडिया पोस्ट राजनीतिक और सोशल मीडिया दोनों जगह चर्चा का विषय बन गया है। शनिवार सुबह उन्होंने महंगाई और बढ़ते ईंधन दामों को लेकर एक तंज भरा पोस्ट साझा किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि भविष्य में शायद पेट्रोल-डीजल भी ईएमआई पर मिलने लगे।

    इस पोस्ट के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई और विपक्ष ने इसे सरकार पर अप्रत्यक्ष हमला बताते हुए मुद्दा बनाना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर भी यह बयान तेजी से वायरल हो गया और लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

    हालात बिगड़ते देख स्तुति मिश्रा ने तुरंत अपने बयान पर सफाई देते हुए यू-टर्न लिया। उन्होंने एक लंबा स्पष्टीकरण जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी पोस्ट को गलत संदर्भ में समझा गया है और इसका उद्देश्य किसी सरकार या संस्था की आलोचना करना नहीं था।

    उन्होंने अपने नए बयान में लिखा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात के कारण तेल आपूर्ति पर असर पड़ता है, जिसका बोझ आम जनता को उठाना पड़ता है। उन्होंने इसे एक चेतावनी और जागरूकता संदेश बताते हुए कहा कि नागरिकों को प्रधानमंत्री के आह्वान के अनुसार ऊर्जा संरक्षण और नियमों का पालन करना चाहिए।

    स्तुति मिश्रा ने आगे कहा कि यदि लोग मिलकर ईंधन की खपत कम करें तो कीमतों पर दबाव कम हो सकता है, और यह समय देश के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बात को कुछ लोगों ने गलत तरीके से पेश किया, जबकि यह एक सामाजिक संदेश था।

    विवाद की शुरुआत उस पोस्ट से हुई थी जिसमें उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा था कि वह दिन दूर नहीं जब बैंक होम लोन और कार लोन के साथ पेट्रोल-डीजल लोन भी देने लगेंगे, वो भी 10 प्रतिशत ईएमआई पर। इस टिप्पणी को महंगाई पर तीखा तंज माना गया और यह तेजी से चर्चा में आ गया।

    पोस्ट के बाद उठे राजनीतिक विवाद और आलोचना को देखते हुए उनका स्पष्टीकरण सामने आया, जिसमें उन्होंने खुद को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी मंशा किसी को निशाना बनाना नहीं था बल्कि एक सामाजिक संदेश देना था।

    फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है और राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच यह पोस्ट लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

  • भोपाल AIIMS में एक्ट्रेस ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम, सुरक्षा बढ़ाई गई

    भोपाल AIIMS में एक्ट्रेस ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम, सुरक्षा बढ़ाई गई


    मध्यप्रदेश। भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में दिल्ली एम्स की 4 सदस्यीय मेडिकल टीम ने भोपाल एम्स परिसर में उनके शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम शुरू कर दिया है। इस दौरान पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है और मॉर्च्यूरी के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

    सूत्रों के अनुसार, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया बेहद सतर्कता और निगरानी के बीच की जा रही है। परिजन भी इस दौरान मौजूद रहे और उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।

    ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने एक बार फिर स्पष्ट रूप से कहा है कि उन्हें इस पूरे मामले में गहरी आशंका है और इसलिए केस को जल्द से जल्द CBI को ट्रांसफर किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं और सच सामने आना जरूरी है।

    इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया था। अब सोमवार को CJI की बेंच में इस केस की सुनवाई होनी है, जिससे जांच की दिशा और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

    उधर, पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह को 7 दिन की रिमांड पर लिया है। पूछताछ में उन्होंने दावा किया है कि शादी के बाद रिश्ते सामान्य थे, हालांकि प्रेग्नेंसी के बाद ट्विशा के व्यवहार में बदलाव आया और घरेलू जीवन को लेकर तनाव बढ़ा। पुलिस इन बयानों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।

    घटना 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में हुई थी, जहां ट्विशा की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या बताया गया था, लेकिन मायके पक्ष ने इसे हत्या का मामला बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

    परिवार का यह भी कहना है कि घटना से पहले ट्विशा की मानसिक स्थिति और परिस्थितियों को लेकर कई अहम संकेत थे, जिन्हें नजरअंदाज किया गया। वहीं पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।

    भोपाल कोर्ट में भी इस मामले से जुड़ी कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। सास गिरिबाला की जमानत पर सुनवाई और अन्य याचिकाओं पर भी नजर रखी जा रही है।

    इस बीच, राज्य सरकार की ओर से भी संकेत मिले हैं कि यदि आवश्यकता पड़ी तो जांच एजेंसी बदली जा सकती है, ताकि मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सके।

    कुल मिलाकर, दोबारा पोस्टमॉर्टम और CBI जांच की मांग के बीच यह केस अब हाई-प्रोफाइल जांच का रूप लेता जा रहा है।

  • एमपी में गर्मी का कहर जारी, 37 जिलों में लू का अलर्ट, अगले 4 दिन राहत के आसार नहीं

    एमपी में गर्मी का कहर जारी, 37 जिलों में लू का अलर्ट, अगले 4 दिन राहत के आसार नहीं

     
    भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और लोगों को तेज गर्मी व लू का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को छतरपुर जिले के नौगांव और खजुराहो सबसे गर्म स्थान रहे। नौगांव में अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि खजुराहो में पारा 45.4 डिग्री तक पहुंच गया।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले चार दिनों तक प्रदेश में गर्मी का प्रकोप बना रहेगा और फिलहाल राहत मिलने की संभावना नहीं है। IMD भोपाल ने रविवार के लिए कई जिलों में हीटवेव और सीवियर हीटवेव का अलर्ट जारी किया है।

    4 जिलों में रेड अलर्ट
    मौसम विभाग ने टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में तीव्र लू को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में अत्यधिक गर्म हवाएं चलने और तापमान में और बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है।

    11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
    दतिया, निवाड़ी, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    22 जिलों में येलो अलर्ट
    ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, नीमच, मंदसौर और रतलाम में लू का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    इन जिलों में उमस और तेज गर्मी
    भोपाल, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भी तेज गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है।

    नौतपा में और बढ़ेगी तपिश
    मौसम विभाग के मुताबिक 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो रही है और 31 मई तक गर्मी अपने चरम पर बनी रह सकती है। अगले चार दिनों तक पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी रहने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई बड़े शहरों में तापमान लगातार ऊंचा बना रहेगा।

  • लू का प्रकोप जारी, एमपी के कई जिलों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति

    लू का प्रकोप जारी, एमपी के कई जिलों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में गर्मी का कहर लगातार जारी है और हालात दिन-ब-दिन गंभीर होते जा रहे हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के 42 जिलों में हीटवेव (लू) की चेतावनी जारी की है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग आवश्यक कार्यों के अलावा घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।

    प्रदेश में सबसे अधिक तापमान नौगांव में दर्ज किया गया है, जहां पारा सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया। इसके अलावा ग्वालियर, खजुराहो, टीकमगढ़ और रीवा जैसे इलाकों में भी लू का असर तेज बना हुआ है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि गर्मी के इस मौसम में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते तापमान में बढ़ोतरी जारी रह सकती है।

    भीषण गर्मी के कारण ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या भी बढ़ने लगी है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बिजली की मांग बढ़ने से कई जगहों पर आपूर्ति पर भी दबाव देखा जा रहा है।

    कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

  • ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर बड़ा बयान, रतलाम में केंद्रीय मंत्री ने साधा निशाना

    ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर बड़ा बयान, रतलाम में केंद्रीय मंत्री ने साधा निशाना


    मध्यप्रदेश । रतलाम में आयोजित 19वें रोजगार मेले के दौरान केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री Savitra Thakur ने एक विवादित बयान देते हुए सोशल मीडिया पर सक्रिय “कॉकरोच जनता पार्टी” को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की ताकतों के पीछे “विदेशी अदृश्य शक्तियां” काम कर रही हैं और ये लोग भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

    कार्यक्रम सैलाना रोड स्थित रुद्र पैलेस में आयोजित किया गया था, जहां 134 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री चेतन्य काश्यप सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का लाइव प्रसारण भी किया गया।

    अपने संबोधन में मंत्री ठाकुर ने कहा कि भारत तेजी से प्रगति कर रहा है और कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान देश ने न केवल अपने नागरिकों की रक्षा की, बल्कि अन्य देशों को वैक्सीन भी उपलब्ध कराई। उन्होंने दावा किया कि कुछ छोटे राजनीतिक समूह भारत के विकास को नकारात्मक रूप में पेश करने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनका प्रभाव लंबे समय तक नहीं रहता।

    इसी कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने भी रोजगार मेले को लेकर संबोधन दिया और कहा कि चयनित अभ्यर्थी अब “कर्मयोगी” के रूप में राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर मिलना देश के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    कार्यक्रम के दौरान कुल 51 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को देश के विभिन्न शहरों में नियुक्ति पत्र दिए गए, जबकि रतलाम में 134 युवाओं को रोजगार मिला। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

  • शांतिलाल पारगी हत्याकांड में परिजनों का प्रदर्शन, गिरफ्तारी की मांग तेज

    शांतिलाल पारगी हत्याकांड में परिजनों का प्रदर्शन, गिरफ्तारी की मांग तेज


    मध्यप्रदेश । झाबुआ जिले के करवड़ पुलिस चौकी क्षेत्र में शांतिलाल पारगी की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार को चौकी परिसर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

    मृतक शांतिलाल पारगी का शव 18 मई को जीवरी नाका मोर के पास मिला था। उनके चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए थे, जिससे यह मामला हत्या का प्रतीत होता है। शांतिलाल 17 मई की रात से लापता थे और बाद में उनका शव बरामद हुआ।

    मामले में मृतक की पत्नी रामुडी बाई और परिजनों ने पेटलावद टीआई Nirbhay Singh Bhuriya को ज्ञापन सौंपकर चंवरापाड़ा निवासी मानसिंह, दिनेश, मड़िया और सुखराम पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि आरोपियों द्वारा लंबे समय से परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं।

    परिवार ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि शांतिलाल ने पहले ही 29 मार्च 2026 को करवड़ चौकी में लिखित आवेदन देकर अपनी जान को खतरा बताया था, लेकिन उस समय पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो यह हत्या नहीं होती।

    इसके अलावा परिजनों ने दावा किया कि जांच के दौरान खोजी कुत्तों की टीम का सुराग मुख्य आरोपी के घर तक पहुंचा था, लेकिन अब तक केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।

    पुलिस प्रशासन की ओर से बताया गया है कि मामले में एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और ग्रामीण लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।

  • निवाली के खेड़ी में कृषक संगोष्ठी: प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर

    निवाली के खेड़ी में कृषक संगोष्ठी: प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर


    मध्यप्रदेश । बड़वानी जिले की निवाली तहसील के ग्राम खेड़ी में “कृषक कल्याण वर्ष 2026” के तहत रात्रि चौपाल सह कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और खेती को अधिक लाभदायक बनाना रहा।

    कार्यक्रम में पानसेमल विधायक Shyam Barde और कलेक्टर Jayati Singh सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। कलेक्टर ने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और खेती से जुड़े सुझाव साझा किए।

    कलेक्टर ने अपने संबोधन में कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए कई आधुनिक तकनीकों पर जोर दिया। उन्होंने हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम (HDPS), उन्नत बीजों का उपयोग, मृदा परीक्षण और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने प्राकृतिक खेती और जैविक कृषि अपनाने की अपील की, जिससे रासायनिक खादों पर निर्भरता कम हो सके और मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहे।

    कार्यक्रम के दौरान किसानों को कृषि यंत्र और उन्नत मूंगफली बीज भी वितरित किए गए। अधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी भी दी, ताकि अधिक से अधिक किसान इनका लाभ उठा सकें।

    विधायक ने कहा कि सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए काम कर रही है। इस तरह के आयोजनों से किसानों को नई तकनीकों की जानकारी मिलती है और वे बेहतर उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ते हैं।

    इस कृषक संगोष्ठी को ग्रामीण कृषि विकास और जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे किसानों को सीधे प्रशासन और विशेषज्ञों से जुड़ने का अवसर मिला।