Category: Madhya Pradesh

  • शिवपुरी में मानसून फिर मेहरबान दोपहर से रुक-रुककर बारिश जारी औसत बारिश का आंकड़ा पहुंचा इतने करीब

    शिवपुरी में मानसून फिर मेहरबान दोपहर से रुक-रुककर बारिश जारी औसत बारिश का आंकड़ा पहुंचा इतने करीब


    शिवपुरी । शिवपुरी में शुक्रवार को एक बार फिर मौसम ने करवट ली और दोपहर बाद बारिश का दौर शुरू हो गया। आसमान में बादल छाने के बाद दोपहर से रुक-रुककर बारिश होती रही। देर शाम तक कई इलाकों में बूंदाबांदी और बारिश का सिलसिला जारी रहा। लगातार बदलते मौसम के बीच शहरवासियों को उमस और गर्मी से राहत मिली। शिवपुरी में फिलहाल मानसून सक्रिय बना हुआ है और मौसम विभाग के पूर्वानुमान में भी आने वाले दिनों में बारिश की संभावना बनी हुई है।

    बारिश शुरू होने के साथ ही शहर का मौसम सुहाना हो गया। दोपहर में अचानक बादल घिरने के बाद बारिश हुई और इसके बाद कुछ समय के अंतराल पर फिर पानी बरसता रहा। बारिश की वजह से सड़कों पर भी नमी बढ़ गई और मौसम में ठंडक महसूस की गई। शिवपुरी में शुक्रवार को तापमान भी अपेक्षाकृत कम रहा। मौसम संबंधी ताजा जानकारी के मुताबिक दिन का अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री के करीब रहने का अनुमान है।

    इस बारिश को सितंबर में सक्रिय हुए मानसूनी सिस्टम से जोड़कर देखा जा रहा है। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में इस समय बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग से जुड़े पूर्वानुमानों के अनुसार 4 और 5 सितंबर को प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश का असर बढ़ सकता है। भोपाल उज्जैन नर्मदापुरम और ग्वालियर चंबल समेत कई संभागों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।

    शिवपुरी में इस सीजन अब तक औसत बारिश का आंकड़ा भी लगातार बढ़ा है। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार जिले में जून से अब तक 600 मिलीमीटर से ज्यादा औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। एक स्थानीय अपडेट में यह आंकड़ा 606.52 मिलीमीटर बताया गया है। वहीं बाद के अपडेट में कुल वर्षा 626.90 मिलीमीटर तक पहुंचने का उल्लेख है। इससे साफ है कि सितंबर की बारिश ने जिले के कुल वर्षा आंकड़े में भी इजाफा किया है।

    बारिश के बीच किसानों की नजर भी मौसम पर बनी हुई है। ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही बारिश खेती के लिए अहम मानी जा रही है हालांकि ज्यादा बारिश होने पर खेतों में जलभराव और फसलों को नुकसान का खतरा भी बढ़ सकता है। शहर में भी निचले इलाकों और खराब जल निकासी वाले रास्तों पर बारिश का पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है।

    फिलहाल शिवपुरी में बारिश का दौर पूरी तरह थमता नजर नहीं आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भी बारिश की संभावना है जबकि रविवार को भी शिवपुरी में बारिश का पूर्वानुमान है। ऐसे में अगले दो दिनों तक जिले में बादल और बारिश का असर बना रह सकता है।

  • भोपाल में 8 हजार कारोबारियों को नोटिस, 190 दुकानें सील: चौथे दिन बदली तस्वीर, मामला सुप्रीम कोर्ट में

    भोपाल में 8 हजार कारोबारियों को नोटिस, 190 दुकानें सील: चौथे दिन बदली तस्वीर, मामला सुप्रीम कोर्ट में


    भोपाल । राजधानी भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रहे कारोबार के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई अचानक धीमी पड़ गई है। तीन दिनों तक लगातार कार्रवाई करते हुए नगर निगम ने 190 प्रतिष्ठानों को बंद कराया लेकिन चौथे दिन शहर में एक भी सीलिंग नहीं हुई। कार्रवाई रुकने के साथ ही छोटे व्यापारियों और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अलग-अलग कार्रवाई को लेकर विवाद और तेज हो गया है। उधर रहवासियों नगर निगम और नगरीय प्रशासन के अधिकारी अपने-अपने पक्ष के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

    भोपाल में 31 अगस्त से शुरू हुई कार्रवाई के पहले दिन नगर निगम ने 109 प्रतिष्ठानों को बंद कराया था। इसके बाद 1 सितंबर को 61 प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की गई जबकि 2 सितंबर को केवल 20 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई हुई। इस तरह तीन दिनों में कुल 190 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। लेकिन चौथे दिन 3 सितंबर को शहर में कहीं भी सीलिंग नहीं हुई। अधिकारियों का कहना है कि टीम हाईकोर्ट में जमीन से जुड़े मामलों में व्यस्त रही जिसके कारण सीलिंग की कार्रवाई नहीं हो सकी। हालांकि लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद कार्रवाई में आई इस अचानक नरमी को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

    मामले में रहवासियों ने नगर निगम की कार्रवाई पर पक्षपात का आरोप लगाया है। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी का कहना है कि अरेरा कॉलोनी के जिन बड़े मॉल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर रहवासियों ने शिकायतें की थीं उन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जबकि छोटे व्यापारियों और दुकानदारों पर नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। इसी आधार पर रहवासियों ने सुप्रीम कोर्ट में दस्तावेज पेश कर अधिकारियों की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के मामले में छोटे और बड़े प्रतिष्ठानों के बीच कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।

    इस बीच नगरीय प्रशासन और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी दिल्ली पहुंच गए हैं। सूत्रों के अनुसार सरकार और निगम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने इस मामले में वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों से भी चर्चा की है। 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई में नगर निगम कार्रवाई को लेकर रिपोर्ट और आगे की स्थिति स्पष्ट कर सकता है।

    सीलिंग कार्रवाई के बीच नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना है कि इस कार्रवाई से भोपाल के व्यापारी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा रास्ता तलाशने का प्रयास कर रही है जिससे कानून का पालन भी हो और आम लोगों तथा व्यापारियों को अनावश्यक नुकसान भी न उठाना पड़े। मंत्री ने भोपाल के मास्टर प्लान को जल्द जारी करने की बात भी कही है। ऐसे में सीलिंग विवाद के बीच मास्टर प्लान को लेकर सरकार का अगला फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    नगर निगम अब तक एक महीने के भीतर 8 हजार से अधिक दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को नोटिस जारी कर चुका है। कई स्थानों पर 24 घंटे के भीतर रहवासी भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद कई दुकानदारों ने प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद करने के पोस्टर और बैनर भी लगा दिए।

    यह मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों से जुड़ा हुआ है। अगस्त के पहले सप्ताह में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी और हाईकोर्ट से दुकानदारों को मिले राहत आदेश भी निरस्त कर दिए थे। अब 15 सितंबर की सुनवाई में यह साफ हो सकता है कि भोपाल में सीलिंग कार्रवाई दोबारा तेज होगी या सरकार और प्रभावित व्यापारियों के लिए कोई नया समाधान निकाला जाएगा। फिलहाल 190 सीलिंग के बाद चौथे दिन की जीरो कार्रवाई ने इस पूरे विवाद को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।

  • मध्यप्रदेश में कान्हा की भक्ति का महासंगम: 7500+ मंदिरों में आज गूंजेगा जय श्रीकृष्ण

    मध्यप्रदेश में कान्हा की भक्ति का महासंगम: 7500+ मंदिरों में आज गूंजेगा जय श्रीकृष्ण

    भोपाल। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को पूरा मध्यप्रदेश कृष्ण भक्ति के रंग में रंगा नजर आएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जन-जन का पर्व बनाने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग के श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की ओर से प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर श्रीकृष्ण पर्व का आयोजन किया जा रहा है। घर-घर गोकुल घर-घर गोपाल की संकल्पना के साथ 55 जिलों के 111 स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस दौरान प्रदेश के 7500 से अधिक श्रीकृष्ण मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है और श्रद्धालुओं के लिए भव्य दर्शन की व्यवस्थाएं की गई हैं।

    श्रीकृष्ण पर्व के दौरान 1500 से अधिक स्थानीय कलाकार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं भक्ति लोक परंपराओं और जीवन दर्शन पर आधारित प्रस्तुतियां देंगे। नृत्य-नाटिका रासलीला भजन लोकगायन और शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से श्रीकृष्ण के जीवन के अलग-अलग प्रसंग मंच पर जीवंत किए जाएंगे। प्रदेश के 82 मंदिरों में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तावित हैं। इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ मध्यप्रदेश की समृद्ध लोक और सांस्कृतिक परंपराओं को भी व्यापक मंच प्रदान करना है।

    मुख्यमंत्री निवास पर श्रीकृष्ण पर्व का विशेष आयोजन आकर्षण का केंद्र रहेगा। यहां 101 से अधिक बच्चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में शामिल होंगे। जन्मोत्सव के दौरान मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बच्चों को माखन-मिश्री लड्डू गोपाल की प्रतिमा और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर केंद्रित पुस्तक भेंट करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री महू के जानापाव पहुंचकर परशुराम-श्रीकृष्ण लोक का भूमिपूजन करेंगे। यहां भगवान परशुराम द्वारा श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किए जाने के प्रसंग पर आधारित नृत्य-नाटिका और प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।

    भोपाल में इस्कॉन पटेल नगर हरे कृष्ण लैंड रायसेन रोड पर जन्माष्टमी महोत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा। यहां करीब एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है। मंदिर को जैसलमेर की पारंपरिक थीम पर सजाया जा रहा है और थाईलैंड से मंगाए गए विशेष ऑर्किड फूलों का उपयोग भी किया जाएगा। हरे कृष्ण महामंत्र का निरंतर कीर्तन होगा जबकि श्रीकृष्ण कथा और रुक्मिणी कल्याणम् नामक भक्तिमय नाट्य प्रस्तुति प्रमुख आकर्षण रहेगी।

    उज्जैन के नारायणा धाम में पांच दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन के दौरान श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता गुरु सांदीपनि आश्रम माखन चोरी जन्म और बाल लीलाओं से लेकर गीता उपदेश तक के प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। सांदीपनि आश्रम में गुरु-शिष्य परंपरा और श्रीकृष्ण द्वारा 64 कलाओं व 14 विद्याओं का ज्ञान प्राप्त करने की परंपरा को नृत्य-नाटिका के जरिए जीवंत किया जाएगा।

    पन्ना अमझेरा और महिदपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भी श्रीकृष्ण के अलग-अलग प्रसंगों पर आधारित कार्यक्रम होंगे। मथुरा प्रवेश गोवर्धन धारण सुदामा मिलन और कालियानाग मानमर्दन जैसे प्रसंग लोक प्रस्तुतियों और नृत्य-नाटिकाओं के माध्यम से मंचित किए जाएंगे। ग्वालियर रायसेन इंदौर गुना छतरपुर शिवपुरी झाबुआ नीमच मंदसौर और मुरैना सहित कई जिलों में शाम को विशेष कार्यक्रम होंगे।

    जन्माष्टमी की रात भोपाल के इस्कॉन मंदिरों गोपाल मंदिर बांके बिहारी मंदिर बिड़ला मंदिर करुणा धाम और अन्य कृष्ण मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। मंदिरों में विशेष श्रृंगार अभिषेक भजन-कीर्तन और जन्मोत्सव के आयोजन होंगे। कुल मिलाकर इस बार श्रीकृष्ण पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत लोक कला और नई पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन मूल्यों से जोड़ने का एक बड़ा प्रयास भी बनेगा।

  • Janmashtami 2026: MP के इंदौर जिले का अनोखा मंदिर…. जहां विराजमान हैं मूछों वाले कृष्ण

    Janmashtami 2026: MP के इंदौर जिले का अनोखा मंदिर…. जहां विराजमान हैं मूछों वाले कृष्ण


    इंदौर।
    देशभर में आज भगवान श्रीकृष्ण (Lord Shri Krishna) के जन्मोत्सव (Janmashtami 2026) की धूम मची हुई है. सभी मंदिरों में विशेष साज-सज्जा की गई है और कान्हा के जन्म की तैयारियां चल रही हैं. लेकिन आज हम आपको मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर जिले (Indore district) के एक ऐसे अनोखे कृष्ण मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। आइए जानते हैं इस मंदिर की खासियत….

    इंदौर जिले के सबसे आखिरी गांव गिरोता में भगवान श्रीकृष्ण का एक ऐसा मंदिर है, जहां कान्हा अपने सामान्य स्वरूप से बिल्कुल अलग मूंछों वाले कृष्ण के रूप में विराजमान हैं. ये मूंछें आन-बान-शान का प्रतीक मानी जाती हैं. मूंछें आत्मसम्मान और मर्यादा का भी प्रतीक मानी जाती हैं. इसी रूप में यहां भगवान श्रीकृष्ण विराजमान हैं. इतना ही नहीं, इस मंदिर को लेकर कई ऐसी मान्यताएं और कथाएं प्रचलित हैं, जो इसे बेहद खास बनाती हैं।


    अनोखी प्रतिमा विराजमान

    गांव के मुख्य चौराहे पर स्थित इस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की अनोखी प्रतिमा विराजमान है. भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा में मूंछें हैं. यही वजह है कि यहां कान्हा को ‘मूंछों वाले कृष्ण’ के नाम से जाना जाता है. गांव के मुख्य चौराहे पर स्थित होने के कारण इस मंदिर को ‘चौराहे वाले बा के मंदिर’ के रूप में भी श्रद्धा के साथ पूजा जाता है।


    मंदिर से जुड़ी मान्यताएं

    इस मंदिर से जुड़ी कई मान्यताएं और कथाएं भी हैं. इसको लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों पहले गांव में ज्यादातर घर लकड़ी के बने हुआ करते थे. इसी दौरान एक बार गांव में अचानक भीषण आग लग गई. आग की लपटों ने मंदिर के आसपास बने कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि मंदिर भी लकड़ी का होने के बावजूद आग से सुरक्षित रहा. बताया जाता है कि जब पुजारी ने आग की लपटों को बढ़ते देखा तो भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को वहां से हटाने का प्रयास किया, लेकिन प्रतिमा अपने स्थान से नहीं हिली. इसके बाद लोगों की आस्था इस मंदिर के प्रति और भी मजबूत हो गई।


    मंदिर की बनावट अलग

    इस मंदिर की बनावट भी इसे दूसरे मंदिरों से अलग दिखती है. मंदिर एक तरह से द्वार के आकार में बना हुआ है. यही वजह है कि गांव के लोग मंदिर के नीचे से होकर गुजरते हैं. स्थानीय मान्यता है कि मंदिर के नीचे से होकर गुजरने से भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद मिलता है और श्रद्धालुओं के मनोरथ एवं कार्य सिद्ध होते हैं।


    जन्माष्टमी पर आयोजन

    मंदिर के पुजारी का कहना है कि वैसे तो मंदिर में प्रतिदिन पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहता है, लेकिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और एकादशी के मौके पर यहां विशेष आयोजन किए जाते हैं. जन्माष्टमी पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए पहुंचते हैं और रात तक भजन-कीर्तन का दौर चलता है।


    बारिश से जुड़ी मान्यता

    इस मंदिर से जुड़ी एक और बेहद खास मान्यता है. बताया जाता है कि जब आसपास के इलाकों में बारिश नहीं होती और लोग परेशान हो जाते हैं, तब मंदिर में विशेष रूप से डोल सजाया जाता है. श्रद्धालु इस डोल के आसपास कुछ दिनों तक फेरे लगाते हैं और ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ का संकीर्तन करते हैं. स्थानीय लोगों की मान्यता है कि इस धार्मिक अनुष्ठान के बाद क्षेत्र में अच्छी बारिश होती है।

  • 4 सितंबर को भोपाल में जमकर बरसेंगे बादल IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट दिनभर छाए रहेंगे बादल

    4 सितंबर को भोपाल में जमकर बरसेंगे बादल IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट दिनभर छाए रहेंगे बादल


    भोपाल। भोपाल में 4 सितंबर को मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक राजधानी में शुक्रवार को आमतौर पर बादल छाए रहने और भारी बारिश होने की संभावना है। भोपाल एयरपोर्ट के लिए जारी शहर के पूर्वानुमान में 4 सितंबर को न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री और अधिकतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया है। इसके साथ ही भारी बारिश की चेतावनी भी दर्ज की गई है।

    मानसून की सक्रियता के बीच भोपाल और आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कभी तेज बारिश तो कभी बादलों के बीच हल्की बौछारों का दौर देखने को मिल रहा है। अब 4 सितंबर को बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और दिन के दौरान कई हिस्सों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में भारी बारिश के साथ स्थानीय स्तर पर गरज चमक की स्थिति बनने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

    बारिश का असर शहर की सड़कों और निचले इलाकों में भी दिखाई दे सकता है। तेज बारिश होने की स्थिति में कुछ स्थानों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हो सकता है। सड़कों पर फिसलन बढ़ने के कारण दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। बारिश के दौरान खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को भी मौसम के अचानक बदलने पर सुरक्षित स्थान का रुख करना चाहिए।

    मध्य प्रदेश में इस समय मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं। हालिया मौसम रिपोर्टों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने और अगले दिनों में पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना जताई गई थी। भोपाल भी इस मौसम प्रणाली के प्रभाव वाले इलाकों में शामिल है।

    4 सितंबर के बाद भी भोपाल में मौसम पूरी तरह साफ होने के संकेत नहीं हैं। शहर के लिए उपलब्ध IMD पूर्वानुमान में 5 सितंबर को भी बारिश या गरज चमक की संभावना बताई गई है। इसके बाद 6 और 7 सितंबर को भी बादल और बारिश की गतिविधि बने रहने का अनुमान है। यानी राजधानी में मानसून की सक्रियता आने वाले दिनों में भी दिखाई दे सकती है।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों को बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और जरूरी होने पर ही सावधानी के साथ घर से निकलने की सलाह दी जा सकती है। वाहन चालकों को पानी भरी सड़कों पर धीमी गति से वाहन चलाना चाहिए और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को भी स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

    कुल मिलाकर 4 सितंबर को भोपाल में बारिश का दिन रहने के आसार हैं। बादलों की मौजूदगी के साथ भारी बारिश मौसम को सुहाना जरूर बनाएगी लेकिन कई इलाकों में जलभराव और यातायात जैसी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में राजधानी के लोगों के लिए मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखना और बारिश के दौरान सावधानी बरतना सबसे जरूरी होगा।

  • MP में आज 28 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले दो दिन रहेगा सिस्टम का ज्‍यादा असर

    MP में आज 28 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले दो दिन रहेगा सिस्टम का ज्‍यादा असर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में बारिश का दौर लगातार जारी है। मंदाकिनी नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है, जबकि नर्मदा भी उफान पर है। छतरपुर, सतना, मंडला और मैहर समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। छतरपुर के कुटनी और जबलपुर के बरगी बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। राजधानी भोपाल में भी गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात बारिश हुई।

    मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले 48 घंटे के दौरान भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रदेश में अब तक 741.2 मिमी यानी 29.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन के कोटे की करीब 78% है।

    पूर्वी हिस्से में तेज बारिश, अगले दो दिन सिस्टम का असर
    गुरुवार को ट्रफ और स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय रहा। इसके प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में कई स्थानों पर तेज बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक अगले दो दिनों तक भोपाल, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। मौसम सिस्टम का असर 4 और 5 सितंबर को ज्यादा रहने का अनुमान है। इसके बाद 6 और 7 सितंबर को भी ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज बारिश हो सकती है।

    इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
    मौसम विभाग ने शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश की चेतावनी है।

    इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, रतलाम, हरदा, मुरैना, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।

    चित्रकूट में मंदाकिनी खतरे के निशान के ऊपर
    गुरुवार को चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर 138.52 मीटर तक पहुंच गया और यह खतरे के निशान के करीब रहा। SDERF ने करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। छतरपुर में बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। लवकुशनगर की गुढ़ाकला ग्राम पंचायत में मूसलाधार बारिश के दौरान एक कच्चा मकान ढह गया।

    मैहर में पुल डूबे, मंडला में नर्मदा उफान पर
    मैहर में पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण मुकुंदपुर रोड बंद रहा। मंडला में नर्मदा का जलस्तर 436.1 मीटर पहुंच गया। जबलपुर में बरगी बांध का जलभराव 93.33% होने के बाद पांच गेट करीब एक मीटर तक खोले गए हैं। इससे नर्मदा के घाटों पर जलस्तर करीब 4 फीट तक बढ़ने की संभावना जताई गई है।

    सीजन में अब तक 29.2 इंच बारिश
    मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 741.2 मिमी यानी 29.2 इंच बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 31.8 इंच यानी 808.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक 2.6 इंच कम और ओवरऑल 8% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 1% कम, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 17% कम बारिश दर्ज की गई है।

    34 जिलों में 1% से 23% तक कम बारिश
    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में इस सीजन में अब तक करीब 1% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में सामान्य से 1% से 23% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    हालांकि पिछले एक सप्ताह से पूर्वी हिस्से के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इसके चलते सीजन में पहली बार आंकड़ों के लिहाज से पूर्वी हिस्सा बेहतर स्थिति में आया है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 6% से 54% तक कम बारिश हुई है।

    21 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • शिवपुरी में हादसे से मचा हड़कंप बाइक सवार पिता-पुत्र को कार ने कुचला नाबालिग के वाहन चलाने का दावा

    शिवपुरी में हादसे से मचा हड़कंप बाइक सवार पिता-पुत्र को कार ने कुचला नाबालिग के वाहन चलाने का दावा


    शिवपुरी । शिवपुरी में गुरुवार को तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा विष्णु मंदिर के पास पुलिया पर हुआ जहां नीलगर चौराहे की तरफ से आ रही कार ने बाइक को साइड से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार दोनों सड़क पर गिर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद दोनों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद पिता की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया।

    हादसे में घायल धर्मेंद्र रजक उम्र 38 वर्ष ने बताया कि वह इंद्रा कॉलोनी में रहते हैं और अपनी बाइक से न्यू ब्लॉक स्थित दुकान की ओर जा रहे थे। उनके पिता भजनलाल रजक बाइक की पिछली सीट पर बैठे थे। दोनों सामान्य तरीके से अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। इसी दौरान विष्णु मंदिर के पास पुलिया पर सामने से आ रही कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

    धर्मेंद्र के मुताबिक कार तेज रफ्तार में थी और चालक ने वाहन को लापरवाही से चलाते हुए बाइक को टक्कर मारी। दुर्घटना में धर्मेंद्र के बाएं पैर में गंभीर चोट लगी और काफी खून बहने लगा। वहीं उनके पिता भजनलाल के पसली के अलावा दोनों पैरों और कंधे में भी गंभीर चोटें आई हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया और आसपास मौजूद लोगों की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

    धर्मेंद्र ने हादसे की जानकारी अपने बड़े भाई परमानंद रजक को दी। इसके बाद दोनों घायलों को शिवपुरी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने दोनों का उपचार शुरू किया। धर्मेंद्र के पैर में गंभीर चोट होने के कारण प्लास्टर चढ़ाया गया जबकि उनके पिता की हालत अधिक गंभीर बताई गई। प्राथमिक उपचार के बाद भजनलाल को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया गया।

    घायल धर्मेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में एक अहम आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि जिस समय कार ने उनकी बाइक को टक्कर मारी उस वक्त कार एक नाबालिग लड़की चला रही थी। हालांकि पुलिस ने अभी इस आरोप की पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने कार नंबर MP 33 C 9001 और अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

    पुलिस अब दुर्घटना की परिस्थितियों के साथ कार कौन चला रहा था और हादसे के समय वाहन की रफ्तार कितनी थी जैसे बिंदुओं की जांच करेगी। साथ ही घायल पिता-पुत्र के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हादसे के कारण बाइक सवार परिवार में चिंता का माहौल है और घायल पिता को ग्वालियर रेफर किए जाने के बाद परिजन उनके इलाज को लेकर परेशान हैं।

  • गणेश उत्सव से पहले उज्जैन में अनोखी पहल स्कूलों में बच्चों को सिखा रहे मिट्टी के गणेश बनाना

    गणेश उत्सव से पहले उज्जैन में अनोखी पहल स्कूलों में बच्चों को सिखा रहे मिट्टी के गणेश बनाना


    उज्जैन । गणेश चतुर्थी से पहले उज्जैन में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक खास पहल शुरू की गई है। शहर के स्कूलों में बच्चों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के साथ गणेश उत्सव में मिट्टी की प्रतिमाओं को बढ़ावा देना है। इसी अभियान के तहत गुरुवार को ढांचा भवन स्थित मॉडल स्कूल में गणेश प्रतिमा निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें बड़ी संख्या में छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया।

    कार्यशाला में बच्चों ने अपने हाथों से मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं तैयार कीं। इस दौरान उज्जैन के विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा और एसपी प्रदीप शर्मा भी बच्चों के साथ प्रतिमा बनाने में शामिल हुए। जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी को बच्चों के साथ बैठकर मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाते देख विद्यार्थियों में खास उत्साह नजर आया। बच्चों ने पूरी रुचि के साथ प्रतिमा निर्माण की बारीकियां सीखीं और आकर्षक गणेश प्रतिमाएं तैयार कीं।

    इस अभियान का आयोजन लोकमान्य तिलक गणेशोत्सव महाआयोजन समिति की ओर से किया जा रहा है। समिति पिछले 12 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण और शास्त्रोक्त पूजन परंपरा को बढ़ावा देने के लिए अलग अलग गतिविधियां संचालित कर रही है। समिति के सहसंयोजक जगदीश पांचाल ने बताया कि समिति संयोजक विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा के मार्गदर्शन में स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से बच्चों और आम लोगों को मिट्टी के गणेश बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

    विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा ने कहा कि मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा पर्यावरण और जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गणेश उत्सव के दौरान प्रतिमा विसर्जन के बाद मिट्टी पानी में आसानी से घुल जाती है। इससे जलस्रोतों में प्रदूषण का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने बच्चों से भी पर्यावरण हितैषी तरीके से त्योहार मनाने की अपील की।

    एसपी प्रदीप शर्मा ने भी अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब बच्चे खुद अपने हाथों से गणेश प्रतिमा तैयार करेंगे तो उनमें प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होगी। कार्यशाला के बाद बच्चे इन्हीं प्रतिमाओं का पूजन करेंगे और विसर्जन के समय भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश लोगों तक पहुंचेगा।

    इससे पहले बुधवार को इंदिरा नगर स्थित नूतन कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भी प्रतिमा निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया था। अभियान को आगे शहर के अन्य स्कूलों तक ले जाने की तैयारी है। आयोजकों का कहना है कि बच्चों को शुरुआत से ही पर्यावरण के अनुकूल परंपराओं से जोड़ना जरूरी है ताकि आने वाले समय में त्योहारों के साथ प्रकृति की सुरक्षा का संदेश भी मजबूत हो सके।

  • वाटरफॉल में इंसानियत शर्मसार चोरी के शक में दो बच्चों को पीटा कपड़े उतरवाकर बनाया वीडियो

    वाटरफॉल में इंसानियत शर्मसार चोरी के शक में दो बच्चों को पीटा कपड़े उतरवाकर बनाया वीडियो

    जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बगदरी फॉल पर दो नाबालिग बच्चों के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। करीब 12 साल के दोनों बच्चे बुधवार को पाटन से वाटरफॉल घूमने पहुंचे थे। इसी दौरान तेंदूखेड़ा से बाइक पर आए कुछ युवकों ने बच्चों पर चोरी करने का आरोप लगा दिया। इसके बाद युवकों ने दोनों बच्चों के साथ मारपीट शुरू कर दी। बच्चे लगातार खुद को निर्दोष बताते रहे और युवकों से उन्हें छोड़ने की गुहार लगाते रहे लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद उनके साथ मारपीट जारी रही।

    बताया जा रहा है कि युवक वाटरफॉल के पास अपने कपड़े और सामान रखकर नहाने गए थे। इसी दौरान वहां मौजूद दोनों बच्चों पर कपड़ों से रुपए निकालने का आरोप लगाया गया। युवकों ने बच्चों से पूछताछ के नाम पर उनके साथ मारपीट की। बच्चे बार बार कहते रहे कि उन्होंने कोई चोरी नहीं की है और अपने पिता को फोन लगाने की बात भी कहते रहे। इसके बावजूद युवकों ने उनकी बात नहीं मानी।

    मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि दोनों बच्चों के कपड़े उतरवा दिए गए और उन्हें निर्वस्त्र कर घुमाया गया। इसी दौरान एक युवक मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो बनाता रहा। वीडियो में बच्चे चोरी से इनकार करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वे लगातार युवकों से छोड़ने की अपील करते रहे। इस दौरान बच्चों के साथ मौजूद लोगों के सामने भी कथित तौर पर अभद्र और अमानवीय व्यवहार किया गया।

    बच्चों के मुताबिक उनके पास मोबाइल फोन भी था जिसे युवकों ने छीन लिया। आरोप है कि उनसे रुपए भी लिए गए और शराब के लिए पैसे मांगने की बात कही गई। घटना के बाद बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस तक मामला पहुंचा और अधिकारियों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।

    एएसपी सूर्यकांत शर्मा के मुताबिक सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए पुलिस को घटना की जानकारी मिली है। वीडियो में दो नाबालिग बच्चों के साथ मारपीट और उन्हें निर्वस्त्र किए जाने की बात सामने आई है। मामले की जांच पाटन थाना प्रभारी को सौंपी गई है। पुलिस वीडियो के आधार पर घटना में शामिल युवकों की पहचान करने में जुटी है।

    इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा और पर्यटन स्थलों पर निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी बच्चे पर चोरी का संदेह होने की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना देना जरूरी है। बच्चों के साथ मारपीट करना और कथित तौर पर उन्हें निर्वस्त्र कर वीडियो बनाकर प्रसारित करना गंभीर मामला है। पुलिस अब वायरल वीडियो और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

  • जर्जर मकान की छत ने उजाड़ दिया परिवार 2 साल के बेटे और मां की मौत पिता समेत दो बेटियां अस्पताल में भर्ती

    जर्जर मकान की छत ने उजाड़ दिया परिवार 2 साल के बेटे और मां की मौत पिता समेत दो बेटियां अस्पताल में भर्ती


    ग्वालियर । ग्वालियर के डबरा में बुधवार रात बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। जंगीपुरा इलाके में एक जर्जर दो मंजिला कच्चे मकान की छत अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। उस समय परिवार के पांच सदस्य घर के अंदर मौजूद थे और सो रहे थे। छत का मलबा सीधे उनके ऊपर जा गिरा जिससे सभी लोग उसमें दब गए। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास रहने वाले लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला गया।
    हादसे के बाद घायलों को तत्काल डबरा सिविल अस्पताल ले जाया गया। रास्ते में दो साल के आदित्य रजक उर्फ गुन्नू ने दम तोड़ दिया। उसकी मां सीमा को भी गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं परिवार के मुखिया जागेंद्र रजक उम्र 38 वर्ष और उनकी बेटियां वैशाली उम्र 5 वर्ष तथा रागनी उम्र 8 वर्ष गंभीर रूप से घायल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है।

    हादसे की सूचना मिलते ही परिवार के रिश्तेदार और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। इसी दौरान परिजनों और पड़ोसियों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया। पड़ोसी वीरू रजक का दावा है कि जब सीमा को अस्पताल लाया गया था तब उनकी सांसें चल रही थीं। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर बेहतर उपचार मिलता तो शायद सीमा की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि इलाज में लापरवाही के आरोपों की आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

    अस्पताल में हंगामे की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम नवकिरण कौर एसडीओपी सौरभ कुमार और तहसीलदार नवीन भारद्वाज ने अस्पताल पहुंचकर परिवार से मुलाकात की। अधिकारियों ने परिजनों को मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। साथ ही परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने की बात भी कही गई।

    बताया जा रहा है कि रजक परिवार करीब 15 साल से इसी मकान में किराए पर रह रहा था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। जागेंद्र ग्वालियर की एक जूता फैक्ट्री में काम करते थे और रोजाना ट्रेन से आना जाना करते थे। उनकी पत्नी सीमा घरों में झाड़ू पोंछा लगाने का काम करती थीं। लंबे समय से जर्जर हालत में रह रहे मकान की छत आखिरकार बारिश के दौरान परिवार पर ही कहर बनकर टूट पड़ी।

    इस हादसे में परिवार की दो बेटियां नैंसी और गौरी सुरक्षित बच गईं। हादसे के समय दोनों अपने चाचा राघवेंद्र रजक के घर पर थीं। अगर वे भी उसी मकान में मौजूद होतीं तो हादसे का असर और भयावह हो सकता था।

    बारिश के मौसम में जर्जर मकानों को लेकर लगातार खतरा बना रहता है। डबरा की यह घटना एक बार फिर ऐसे मकानों की सुरक्षा जांच और कमजोर परिवारों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब प्रशासनिक जांच के साथ अस्पताल में लगाए गए आरोपों की जांच का इंतजार है। वहीं परिवार के लिए यह हादसा ऐसा दुख छोड़ गया है जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी।