Category: Madhya Pradesh

  • भीषण गर्मी से सतना में हालात गंभीर, दोपहर में घर से न निकलने की सलाह

    भीषण गर्मी से सतना में हालात गंभीर, दोपहर में घर से न निकलने की सलाह


    मध्य प्रदेश । सतना जिले में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को जिले के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों को लू से सतर्क रहने की चेतावनी दी है। पिछले 10 दिनों से तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

    सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया। दोपहर के समय बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर आम दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ देखने को मिली। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

    गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री रहा। हवा में नमी भी बेहद कम दर्ज की गई, जिससे गर्मी और ज्यादा तीखी महसूस हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान की तरफ से आ रही शुष्क और गर्म हवाएं (लू) इस भीषण गर्मी की मुख्य वजह हैं।

    रात के समय भी तापमान में खास गिरावट नहीं हो रही है, जिसके कारण लोगों को लगातार असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। पंखे, कूलर और एसी पर बढ़ती निर्भरता के चलते बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ गई है।

    मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। इस दौरान लू लगने का खतरा सबसे अधिक रहता है। लोगों को सलाह दी गई है कि यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को ढककर निकलें, हल्के सूती कपड़े पहनें और नियमित अंतराल पर पानी या शीतल पेय का सेवन करते रहें।

    स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए सावधानी बरतें और बुजुर्गों व बच्चों को दोपहर की गर्मी से दूर रखें।

  • संदिग्ध फूड पॉइजनिंग: एक मौत और तीन लोग बीमार, जांच में जुटा प्रशासन

    संदिग्ध फूड पॉइजनिंग: एक मौत और तीन लोग बीमार, जांच में जुटा प्रशासन


    मध्य प्रदेश । सतना जिले के उचेहरा ब्लॉक में फूड पॉइजनिंग का दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसमें 7 साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से बीमार हैं। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और स्वास्थ्य विभाग जांच में जुट गया है।

    परिजनों के मुताबिक, 20 मई की रात परिवार ने घर में बनी करेले की सब्जी और रोटी खाई थी। इसके बाद सभी ने बेल का शरबत भी पिया। कुछ ही घंटों बाद सभी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। सात साल के किशुन को तेज उल्टी-दस्त शुरू हुए और हालत इतनी बिगड़ गई कि सुबह अस्पताल ले जाने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

    परिवार के अन्य सदस्य दादा बाबूलाल दहिया, दादी शांति बाई और भाई शिवम भी उल्टी-दस्त और चक्कर की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से दो की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।

    डॉक्टरों के अनुसार यह स्पष्ट रूप से फूड पॉइजनिंग का मामला है और सभी मरीजों में सीवियर डायरिया के लक्षण पाए गए हैं। वहीं प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि जहर किस वजह से फैला।

    जांच में तीन अलग-अलग संभावनाएं सामने आ रही हैं। पहली आशंका यह है कि घर के पीछे लगी बगिया में जिन करेले के पौधों पर हाल ही में कीटनाशक का छिड़काव किया गया था, उन्हीं सब्जियों का उपयोग खाना बनाने में किया गया। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह सबसे मजबूत वजह हो सकती है।

    दूसरी तरफ परिजनों का कहना है कि सब्जी खाने के बाद बेल का शरबत पीने के तुरंत बाद सभी की हालत बिगड़ी, जिससे शरबत की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं गांव के कुछ लोग कुएं के दूषित पानी को भी संभावित कारण मान रहे हैं, हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने शुरुआती तौर पर इस थ्योरी को कम संभावना वाला बताया है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पीएचई और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंच चुकी है। कुएं के पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और बचे हुए स्रोतों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने, पानी उबालकर पीने और कीटनाशक लगे खेतों की सब्जियों का उपयोग तुरंत बंद करने की सलाह दी है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारण की पुष्टि हो सकेगी।

  • शाहपुर केस में पुलिस की सफलता: मारपीट कर हत्या करने वाले 3 आरोपी पकड़े गए

    शाहपुर केस में पुलिस की सफलता: मारपीट कर हत्या करने वाले 3 आरोपी पकड़े गए


    मध्य प्रदेश । Sagar जिले के शाहपुर क्षेत्र में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला शराब बेचने के संदेह में हुई मारपीट से जुड़ा है, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपियों को डिजिटल ट्रांजेक्शन और लोकेशन के आधार पर दबोचा है।

    पुलिस के अनुसार, 8 मई की रात नीरज प्रजापति अपने साथी सूरज अहिरवार के साथ गढ़ाकोटा से लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में बोलेरो सवार 10 से 12 लोगों ने उनकी गाड़ी रोककर हमला कर दिया। लाठी-डंडों और लात-घूंसों से की गई बेरहमी से पिटाई में नीरज गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि सूरज किसी तरह जान बचाकर भाग निकला। बाद में नीरज का शव बरेठा बाबा घाटी के पास सड़क किनारे मिला, जबकि सूरज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

    घटना को हादसा दिखाने की कोशिश, पुलिस जांच में खुलासा
    आरोपियों ने घटना को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को सड़क किनारे फेंक दिया था। मामले में पहले ही हत्या का केस दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

    जांच के दौरान पुलिस ने पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि तीन अन्य फरार चल रहे थे। अब मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भोपाल रोड जैसीनगर तिराहा के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।

    डिजिटल सबूत और बैंक ट्रांजेक्शन से खुली फरारी की साजि
    गिरफ्तार आरोपी सत्यपाल लोधी ने पूछताछ में खुलासा किया कि घटना में वह और उसके साथी शामिल थे। उसने बताया कि हत्या के बाद सभी फरार हो गए थे और बचने के लिए पैसों का ट्रांजेक्शन किया गया था।

    पुलिस जांच में सामने आया कि फरारी के दौरान शराब कंपनी के खाते से आरोपी ने अपने साथियों के खातों में रकम ट्रांसफर की थी। इसी डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। इसके अलावा मुख्य आरोपी के मोबाइल फोन से भी अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं, जो पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हैं।

    पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया
    तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने लाया गया, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

  • सागर में बड़ी चोरी: गहनों और नकदी से भरी पेटी लेकर फरार हुए चोर

    सागर में बड़ी चोरी: गहनों और नकदी से भरी पेटी लेकर फरार हुए चोर


    मध्य प्रदेश । Sagar जिले के देवरी क्षेत्र में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है, जहां चोर एक घर की छत के रास्ते अंदर घुसे और गहनों व नकदी से भरी पेटी लेकर फरार हो गए। वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

    देवरी के लक्ष्मी वार्ड में रहने वाले अनिल लखेरा के घर गुरुवार रात यह घटना हुई। परिवार रोज की तरह घर में सो रहा था, इसी दौरान चोर छत के रास्ते घर में दाखिल हुए। चोरों ने कमरे में रखी तख्त के नीचे से गहनों से भरी पेटी और एक गुल्लक उठाई और बिना किसी आहट के फरार हो गए।

    छत पर ले जाकर पेटी तोड़ी, गहने और नकदी लेकर भागे
    चोरों ने घर से चोरी की गई पेटी को छत पर ले जाकर खोला और उसमें रखे गहने और नकदी निकाल ली। इसके बाद खाली पेटी और गुल्लक को छत पर ही छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। सुबह जब परिवार के लोग जागे तो सामान बिखरा देख हड़कंप मच गया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
     
    लाखों के गहने और नकदी चोरी
    पीड़ित परिवार के अनुसार पेटी में सोने-चांदी के कई कीमती गहने रखे थे, जिनमें सोने की दो माला, हार, अंगूठी, झुमकी, टॉप्स, चैन, करधोनी, पायल सहित करीब डेढ़ लाख रुपए नकद शामिल थे। इसके अलावा बेटी की गुल्लक में भी लगभग 1500 रुपए थे, जिन्हें भी चोर ले गए।

    पुलिस और एफएसएल टीम जांच में जुटी
    घटना की सूचना पर पुलिस के साथ एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने खाली पेटी को जब्त कर लिया है और आसपास के क्षेत्र में जांच तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि मिले सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही वारदात का खुलासा किया जाएगा।

  • देशी कट्टे से गोली चलने पर युवक की मौत, एक ही गली के थे आरोपी और मृतक

    देशी कट्टे से गोली चलने पर युवक की मौत, एक ही गली के थे आरोपी और मृतक


    मध्य प्रदेश । सागर जिले में आपसी वर्चस्व को लेकर पुराना विवाद एक बार फिर खूनी संघर्ष में बदल गया, जहां देशी कट्टे से गोली मारकर एक युवक की हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    Sagar के मोतीनगर थाना क्षेत्र के विवेकानंद वार्ड स्थित गयादीन चौराहे पर गुरुवार देर रात यह वारदात हुई। जानकारी के अनुसार, रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच मयंक साहू और यश सोनी के बीच पहले से चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

    बताया गया कि विवाद के दौरान यश सोनी ने 315 बोर का देशी कट्टा निकालकर मयंक साहू पर बेहद नजदीक से फायर कर दिया। गोली सीधे चेहरे के पास नाक के किनारे लगी, जिससे मयंक गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन तुरंत उसे भाग्योदय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई बनी मौत की वजह
    पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक मयंक साहू और आरोपी यश सोनी के बीच लंबे समय से वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों एक ही गली के रहने वाले थे और क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने की लड़ाई कई बार टकराव का कारण बन चुकी थी।

    सूत्रों के अनुसार, यश सोनी का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और उस पर पहले भी अड़ीबाजी और लूटपाट जैसे मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि इस पूरे विवाद को एक पुराने पारिवारिक और आपसी रंजिश से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

    पुलिस की कार्रवाई, संदिग्ध हिरासत में
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे असली कारण की पुष्टि जांच और गिरफ्तारी के बाद ही हो सकेगी।

    इलाके में तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई
    घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया है ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।

  • पन्ना में बड़ा खुलासा: व्यापारी से 95 हजार वसूले, टीआई समेत 4 पर FIR

    पन्ना में बड़ा खुलासा: व्यापारी से 95 हजार वसूले, टीआई समेत 4 पर FIR

    मध्य प्रदेश । पन्ना में पुलिस विभाग को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सर्राफा व्यापारी से गांजा तस्करी के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 95 हजार रुपए वसूलने का गंभीर आरोप टीआई समेत चार लोगों पर लगा है। जांच के बाद आरोप सही पाए गए, जिसके बाद FIR दर्ज कर ली गई है और सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

    Panna में सामने आए इस मामले ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत के अनुसार, रीवा के तरहटी गांव निवासी सर्राफा व्यापारी मोहनलाल सोनी 14 मई को अपनी कार से बागेश्वर धाम जा रहे थे। इसी दौरान मड़ला क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप के पास सिविल ड्रेस में दो युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उन्हें रोका। दोनों ने व्यापारी पर गांजा तस्करी का आरोप लगाते हुए एक काली पॉलिथीन दिखाई और कहा कि यह मामला गंभीर है।

    इसके बाद आरोपियों ने व्यापारी को “मैटर निपटाने” की बात कहते हुए अपने साथ बैठा लिया और पास की शराब दुकान पर ले गए। यहां पहले से मौजूद एक पुलिसकर्मी वर्दी में पहुंचा और मामले को और गंभीर बताते हुए दबाव बनाया। व्यापारी को दुकान के पीछे ले जाकर करीब दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया।

    एक लाख की मांग, 95 हजार में तय हुआ सौदा
    पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उसे झूठे केस से बचाने के लिए एक लाख रुपए की मांग की। बाद में बातचीत के बाद यह रकम 95 हजार रुपए पर तय हुई। व्यापारी ने 45 हजार रुपए नकद दिए, जबकि 50 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। पैसे मिलने के बाद उसे छोड़ा गया। शिकायत में बताया गया कि इस पूरे घटनाक्रम में मड़ला थाना प्रभारी रचना पटेल, हेड कांस्टेबल रज्जाक खान, कांस्टेबल रामशरण अहिरवार और एक अन्य व्यक्ति बृजेश यादव शामिल थे।

    जांच में आरोप सही पाए गए, FIR दर्ज
    पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत एसपी को सौंपी। इसके बाद उच्च स्तरीय जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों और अन्य आरोपी के खिलाफ साजिश, अवैध वसूली और आपराधिक धमकी की धाराओं में FIR दर्ज की गई है। इससे पहले तीन पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच भी किया गया था। अब सभी आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

    व्यापारी का आरोप और पुलिस की कार्रवा
    व्यापारी का कहना है कि उन्हें पूरी तरह से झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और जबरन पैसे वसूले गए। मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर भी कार्रवाई की मांग उठी थी। एसपी ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच आगे बढ़ा दी है और विभागीय स्तर पर भी सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।

  • रीवा में ट्रांसफार्मर के नीचे मिला अज्ञात युवक का शव, जांच में जुटी पुलिस

    रीवा में ट्रांसफार्मर के नीचे मिला अज्ञात युवक का शव, जांच में जुटी पुलिस



    मध्य प्रदेश । रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बंजारी गांव में शुक्रवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई जब ग्रामीणों ने एक अज्ञात युवक का शव विद्युत ट्रांसफार्मर के नीचे पड़ा देखा। अचानक हुई इस घटना से पूरे गांव में दहशत और चर्चा का माहौल बन गया।

    सूचना मिलते ही गुढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की, लेकिन मृतक युवक की पहचान के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। शुरुआती जांच में युवक की उम्र लगभग 25 वर्ष के आसपास बताई जा रही है।

    इसके बाद पुलिस ने शव को डायल 112 की मदद से रीवा स्थित संजय गांधी अस्पताल की मर्चुरी में सुरक्षित रखवा दिया है, जहां आगे की कानूनी और पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया की जाएगी।

    पुलिस का कहना है कि युवक की पहचान उसके कपड़ों और हुलिये के आधार पर करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही आसपास के सभी थानों को सूचना भेज दी गई है, ताकि यदि किसी गुमशुदा व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज हो तो उसकी जानकारी से मिलान किया जा सके।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई है। क्या यह हादसा है या किसी अन्य कारण से हुई मौत, इस पर पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।

    गुढ़ थाना पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को इस युवक के बारे में कोई जानकारी हो या हाल ही में कोई युवक लापता हुआ हो, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। इसके लिए दो संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं-
    • सहायक उप निरीक्षक सुरेश साकेत: 62329 81933
    • प्रधान आरक्षक अयोध्या प्रजापति: 91746 97575

    पुलिस का कहना है कि आम नागरिकों की छोटी सी जानकारी भी किसी परिवार को उनके अपनों तक पहुंचाने में बड़ी मदद कर सकती है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस जल्द ही पहचान और मौत के कारणों का खुलासा करने की उम्मीद जता रही है।

  • उज्जैन में बोलेरो से 19 लाख कैश बरामद, इनकम टैक्स टीम करेगी जांच

    उज्जैन में बोलेरो से 19 लाख कैश बरामद, इनकम टैक्स टीम करेगी जांच


    मध्य प्रदेश । उज्जैन से लगभग 48 किलोमीटर दूर महिदपुर रोड क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस ने एक बोलेरो वाहन से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की। तलाशी के दौरान वाहन से करीब 19 लाख रुपए कैश मिला, जिससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

    पुलिस के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि एक वाहन में भारी मात्रा में नकदी ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन को रोका गया और गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान जब नकदी सामने आई तो पुलिस भी चौंक गई।

    बरामद रकम कहां से लाई जा रही थी और इसका गंतव्य क्या था, इस पर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। वाहन चालक से पूछताछ की जा रही है, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे आयकर विभाग तक पहुंचाया गया है। उज्जैन इनकम टैक्स विभाग की टीम तुरंत महिदपुर रोड के लिए रवाना हो गई है। टीम के पहुंचने के बाद पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी और कैश के स्रोत तथा उपयोग की पुष्टि की जाएगी।

    सूत्रों के मुताबिक, जिस बोलेरो वाहन से यह नकदी बरामद हुई है, वह नागदा स्थित गोल्डन केमिकल कंपनी से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    फिलहाल पुलिस और प्रशासन दोनों ही स्तर पर जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी रकम किस उद्देश्य से ले जाई जा रही थी और क्या इसके पीछे कोई वित्तीय अनियमितता या संदिग्ध लेनदेन शामिल है।

  • बाबा महाकाल की भस्म आरती: आभूषणों से हुआ भव्य श्रृंगार, भक्त हुए भावविभोर

    बाबा महाकाल की भस्म आरती: आभूषणों से हुआ भव्य श्रृंगार, भक्त हुए भावविभोर


    मध्य प्रदेश । विश्व प्रसिद्ध उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के भस्म आरती के दौरान एक बार फिर आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। जैसे ही मंदिर के कपाट खोले गए, पूरे परिसर में मंत्रोच्चार और घंटियों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा। सबसे पहले सभा मंडप में वीरभद्रजी के कान में स्वस्तिवाचन किया गया और भगवान से अनुमति लेकर चांदी के पट खोले गए।

    इसके बाद गर्भगृह में प्रवेश कर पुजारियों ने भगवान महाकाल का पारंपरिक श्रृंगार उतारा और पंचामृत पूजन की विधि शुरू की। दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से भगवान का अभिषेक किया गया, जिसके बाद कर्पूर आरती संपन्न हुई। नंदी हॉल में नंदी महाराज का स्नान, ध्यान और विधिवत पूजन कर वातावरण को और अधिक पवित्र बनाया गया।

    भस्म आरती के इस विशेष अवसर पर भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार रजत चंद्र, त्रिशूल और मुकुट से किया गया। साथ ही उन्हें रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष माला और सुगंधित पुष्पों से सजाया गया। भांग, चंदन, सूखे मेवे और भस्म अर्पित कर विशेष पूजा संपन्न की गई। इसके बाद भगवान को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्ति रस में डूब गया।

    इस अवसर पर महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से परंपरा अनुसार भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार स्वरूप से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं, जिसे श्रद्धालु अत्यंत शुभ और दुर्लभ मानते हैं।

    भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। भक्तों के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। यह दृश्य हर दिन की तरह इस दिन भी श्रद्धा, आस्था और परंपरा की जीवंत मिसाल बन गया।

  • पेट्रोल-डीजल को लेकर हड़कंप: एमपी में बढ़ी खपत, वितरण पर कड़ा नियंत्रण

    पेट्रोल-डीजल को लेकर हड़कंप: एमपी में बढ़ी खपत, वितरण पर कड़ा नियंत्रण


    मध्य प्रदेश । भोपाल समेत पूरे मध्य प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत के बीच अब तेल कंपनियों ने अपने सिस्टम को और सख्त कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब यदि किसी पेट्रोल पंप से एक बार में ₹5000 से अधिक का पेट्रोल या ₹10,000 से ज्यादा का डीजल दिया जाता है, तो उसकी पूरी जानकारी दर्ज करनी होगी कि ईंधन किसे और किस उद्देश्य से दिया गया है। इस कदम के बाद प्रदेश के पेट्रोल पंपों पर निगरानी और तेज हो गई है।

    तेल कंपनियों का कहना है कि प्रदेश में किसी भी तरह की ईंधन की कमी नहीं है, बल्कि कुछ जगहों पर अचानक मांग बढ़ने के कारण पंप अस्थायी रूप से खाली हो रहे हैं। कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह स्थिति “शॉर्टेज” नहीं मानी जाएगी।

    इस पूरे सिस्टम में अब इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम जैसी कंपनियां बड़े ट्रांजैक्शन पर खास नजर रख रही हैं। मप्र पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के अनुसार इंडियन ऑयल ₹10,000 और बीपीसीएल ₹19,000 से अधिक के डीजल वितरण पर विशेष मॉनिटरिंग कर रही हैं। उनका कहना है कि कई भारी वाहनों और टैंकरों की क्षमता ज्यादा होती है, ऐसे में बड़ी मात्रा में ईंधन भरना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन अब हर ट्रांजैक्शन पर पूछताछ हो रही है।

    कंपनियों ने साफ निर्देश दिए हैं कि रिटेल पंपों से औद्योगिक उपयोग के लिए बल्क सप्लाई नहीं दी जाए। इसके साथ ही हर पंप से होने वाली बिक्री पर अब ऑनलाइन निगरानी रखी जा रही है, जिससे हर लेन-देन का रिकॉर्ड सीधे कंपनियों तक पहुंच रहा है।

    वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंप संचालक इस व्यवस्था से नाराज हैं। उनका कहना है कि नियमों का बोझ केवल उन्हीं पर डाला जा रहा है, जबकि कंपनियां एक तरफ सप्लाई पर्याप्त होने का दावा करती हैं और दूसरी तरफ लिमिटेशन लागू कर रही हैं। संचालकों का आरोप है कि कई बार बड़े वाहन एक ही बार में ज्यादा ईंधन भरवाते हैं, जिससे ग्राहकों से विवाद की स्थिति बन जाती है।

    पंप संचालकों ने यह भी बताया कि अब क्रेडिट सिस्टम पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पहले तेल कंपनियां सप्लाई के लिए क्रेडिट देती थीं, लेकिन अब पहले भुगतान और इंडेंट दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि शाम 5 बजे तक भुगतान नहीं होता, तो अगले दिन टैंकर नहीं भेजा जाता। इससे कई जगह सप्लाई प्रभावित हो रही है।

    कई पंप संचालकों का यह भी कहना है कि समय पर टैंकर न मिलने की वजह से कुछ पंप अस्थायी रूप से ड्राय हो रहे हैं। हालांकि कंपनियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है।

    फिलहाल स्थिति यह है कि एक ओर कंपनियां निगरानी और नियंत्रण को जरूरी बता रही हैं, वहीं दूसरी ओर पंप संचालक इसे अतिरिक्त दबाव मान रहे हैं। बढ़ती मांग और सख्त नियमों के बीच सिस्टम की यह खींचतान अब प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है।