Category: Madhya Pradesh

  • महाकाल की शरण में पहुंचे युजवेंद्र चहल, भस्म आरती में हुए शामिल; बोले- यह अनुभव शब्दों से परे

    महाकाल की शरण में पहुंचे युजवेंद्र चहल, भस्म आरती में हुए शामिल; बोले- यह अनुभव शब्दों से परे


    मध्यप्रदेश । भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल शुक्रवार सुबह धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचे, जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। चहल ने तड़के आयोजित होने वाली भस्म आरती में भाग लिया और करीब दो घंटे तक मंदिर परिसर में रहकर पूजा-अर्चना की। उनके मंदिर पहुंचने की खबर मिलते ही श्रद्धालुओं और क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह देखने को मिला।

    जानकारी के अनुसार, युजवेंद्र चहल सुबह करीब 3 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर के नंदी हॉल में बैठकर बाबा महाकाल की अलौकिक भस्म आरती का दर्शन किया। आरती के दौरान चहल पूरी तरह भक्ति भाव में डूबे नजर आए और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करते दिखाई दिए। महाकाल मंदिर की आध्यात्मिक और दिव्य वातावरण ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया।

    भस्म आरती में शामिल होने के बाद चहल ने नंदी महाराज का पूजन और अभिषेक किया। परंपरा के अनुसार उन्होंने नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना भी कही। इसके बाद चांदी द्वार से भगवान महाकाल को जल अर्पित किया गया। मंदिर के पुजारियों के माध्यम से उन्होंने विशेष पूजा कर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।

    दर्शन और पूजन के उपरांत श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से युजवेंद्र चहल का सम्मान किया गया। मंदिर प्रशासन ने उन्हें बाबा महाकाल का प्रसाद और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।

    महाकाल के दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में युजवेंद्र चहल ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि उन्हें जो आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हुआ है, उसे शब्दों में व्यक्त करना बेहद कठिन है। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से उन्हें अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। चहल ने यह भी कहा कि जब भी उन्हें बाबा महाकाल का बुलावा मिलेगा, वे दोबारा उज्जैन आकर दर्शन अवश्य करेंगे।

    गौरतलब है कि श्री महाकालेश्वर मंदिर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। क्रिकेट, फिल्म और राजनीति जगत की कई नामचीन हस्तियां भी समय-समय पर बाबा महाकाल के दरबार में मत्था टेकने आती रही हैं। अब इस कड़ी में भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल का नाम भी जुड़ गया है।

  • महाकाल नगरी में लापरवाही का वीडियो वायरल: ई-रिक्शा की छत पर बैठाकर घुमाया श्रद्धालु, पुलिस ने किया जब्त

    महाकाल नगरी में लापरवाही का वीडियो वायरल: ई-रिक्शा की छत पर बैठाकर घुमाया श्रद्धालु, पुलिस ने किया जब्त


    मध्यप्रदेश । उज्जैन में महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के बीच यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है। इसी बीच एक ई-रिक्शा चालक की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने न केवल यातायात नियमों की अनदेखी की बल्कि एक यात्री की जान भी जोखिम में डाल दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और संबंधित चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।

    वायरल वीडियो में ई-रिक्शा क्रमांक 4778 दिखाई दे रहा है, जिसमें निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई गई थीं। इतना ही नहीं, एक यात्री वाहन की छत पर बैठकर सफर करता नजर आया। सड़क पर चल रहे अन्य लोगों ने इस खतरनाक दृश्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया।

    वीडियो सामने आने के बाद उज्जैन यातायात पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच में वीडियो सही पाए जाने पर ई-रिक्शा को जब्त कर लिया गया और चालक के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।

    यातायात डीएसपी दिलीप परिहार ने बताया कि चालक द्वारा वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाना और यात्री को छत पर बैठाकर परिवहन करना गंभीर नियम उल्लंघन है। इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए वाहन का चालान तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

    पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे मामलों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

    पुलिस ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से अपील की है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें। कुछ समय बचाने या अधिक कमाई के लालच में नियमों की अनदेखी करना जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे ओवरलोड वाहनों में सफर न करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही दिखाई देने पर तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।

  • सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को मिली रफ्तार: उज्जैन में बन रहे 4 नए सबस्टेशन, 750 मेगावाट बिजली आपूर्ति का लक्ष्य

    सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को मिली रफ्तार: उज्जैन में बन रहे 4 नए सबस्टेशन, 750 मेगावाट बिजली आपूर्ति का लक्ष्य

    मध्यप्रदेश । उज्जैन शुक्रवार को एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास-शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर शहर के दौरे पर पहुंचेंगे। दोनों नेता विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ राज्य की महत्वपूर्ण विकास और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा भी करेंगे।

    जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ओंकारेश्वर दौरे के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद इंदौर एयरपोर्ट पर उन्हें विदाई देंगे। इसके बाद वे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ इंदौर में निर्धारित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और वहां से उज्जैन के लिए रवाना होंगे। दोनों नेताओं के शाम करीब 4:30 बजे उज्जैन पहुंचने की संभावना है।

    उज्जैन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रमों में कपिला गौशाला का दौरा भी प्रस्तावित माना जा रहा है। प्रशासन ने दोनों नेताओं के दौरे को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं।

    दौरे का मुख्य केंद्र प्रशासनिक संकुल भवन में आयोजित होने वाली दो महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकें रहेंगी। पहली बैठक शाम 6 बजे आयोजित होगी, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश में चल रहे कार्यों और उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स, कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई अभियान और जनभागीदारी के प्रयासों पर चर्चा की जाएगी।

    इसके बाद दूसरी बैठक पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) को लेकर होगी। इस बैठक में प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने, बिजली नुकसान कम करने, अधोसंरचना विकास और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने से जुड़े कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। ऊर्जा क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण योजना की समीक्षा में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

    केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी को देखते हुए इन बैठकों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों नेता प्रदेश में चल रही प्रमुख योजनाओं की प्रगति का आकलन करने के साथ आगामी कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा करेंगे।

    उज्जैन में होने वाली ये बैठकें न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि प्रदेश में स्वच्छता, शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं को गति देने की दिशा में भी अहम मानी जा रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन बैठकों से कई परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई दिशा तय होगी।

  • सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर आज उज्जैन में: स्वच्छ भारत मिशन और आरडीएसएस योजना की करेंगे समीक्षा

    सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर आज उज्जैन में: स्वच्छ भारत मिशन और आरडीएसएस योजना की करेंगे समीक्षा


    मध्यप्रदेश । उज्जैन शुक्रवार को एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास-शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर शहर के दौरे पर पहुंचेंगे। दोनों नेता विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ राज्य की महत्वपूर्ण विकास और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा भी करेंगे।

    जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ओंकारेश्वर दौरे के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद इंदौर एयरपोर्ट पर उन्हें विदाई देंगे। इसके बाद वे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ इंदौर में निर्धारित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और वहां से उज्जैन के लिए रवाना होंगे। दोनों नेताओं के शाम करीब 4:30 बजे उज्जैन पहुंचने की संभावना है।

    उज्जैन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रमों में कपिला गौशाला का दौरा भी प्रस्तावित माना जा रहा है। प्रशासन ने दोनों नेताओं के दौरे को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं।

    दौरे का मुख्य केंद्र प्रशासनिक संकुल भवन में आयोजित होने वाली दो महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकें रहेंगी। पहली बैठक शाम 6 बजे आयोजित होगी, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश में चल रहे कार्यों और उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स, कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई अभियान और जनभागीदारी के प्रयासों पर चर्चा की जाएगी।

    इसके बाद दूसरी बैठक पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) को लेकर होगी। इस बैठक में प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने, बिजली नुकसान कम करने, अधोसंरचना विकास और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने से जुड़े कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। ऊर्जा क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण योजना की समीक्षा में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

    केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी को देखते हुए इन बैठकों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों नेता प्रदेश में चल रही प्रमुख योजनाओं की प्रगति का आकलन करने के साथ आगामी कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा करेंगे।

    उज्जैन में होने वाली ये बैठकें न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि प्रदेश में स्वच्छता, शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं को गति देने की दिशा में भी अहम मानी जा रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन बैठकों से कई परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई दिशा तय होगी।

  • गोद भराई समारोह में जा रहे दो भाइयों की सड़क हादसे में मौत: ट्रैक्टर की टक्कर से परिवार की खुशियां मातम में बदलीं

    गोद भराई समारोह में जा रहे दो भाइयों की सड़क हादसे में मौत: ट्रैक्टर की टक्कर से परिवार की खुशियां मातम में बदलीं


    मध्यप्रदेश । उज्जैन जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। भांजे के घर आयोजित गोद भराई समारोह में शामिल होने जा रहे दो सगे भाइयों की ट्रैक्टर की टक्कर से मौत हो गई, जबकि उनके साथ बाइक चला रहा पोता गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और जिस घर में उत्सव की तैयारियां चल रही थीं, वहां मातम का माहौल छा गया।

    जानकारी के अनुसार मरंडवा गांव निवासी 80 वर्षीय पीरूलाल मोथलिया और उनके छोटे भाई 75 वर्षीय भागीरथ मोथलिया अपने पोते अभिषेक के साथ बाइक से उज्जैन जा रहे थे। अभिषेक बाइक चला रहा था। तीनों नागझिरी क्षेत्र में रहने वाले अपने भांजे के यहां आयोजित गोद भराई कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे। परिवार में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह का माहौल था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया।

    बताया जा रहा है कि गांव से लगभग 25 से 30 किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग पर पीछे से तेज रफ्तार में आए एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

    अस्पताल ले जाते समय पीरूलाल मोथलिया ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल भागीरथ मोथलिया को उज्जैन के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान देर शाम उनकी भी मौत हो गई। हादसे में घायल अभिषेक का इलाज जारी है और उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    परिजनों ने बताया कि पीरूलाल मोथलिया खेती-किसानी का कार्य करते थे, जबकि भागीरथ मोथलिया मध्य प्रदेश विद्युत मंडल (एमपीईबी) से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। परिवार सामाजिक और शासकीय क्षेत्र में भी सक्रिय रहा है। परिवार का एक सदस्य वर्तमान में उज्जैन में पटवारी के पद पर कार्यरत है।

    हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। शुक्रवार सुबह दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। अंतिम संस्कार के लिए दोनों शवों को उनके पैतृक गांव ले जाया गया, जहां पूरे गांव ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

    पुलिस ने मामले में दुर्घटना का प्रकरण दर्ज कर लिया है और फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करता है। एक परिवार जो खुशियों के समारोह में शामिल होने निकला था, वह कुछ ही पलों में अपनों को खोने के गहरे दुख में डूब गया।

  • रविवार को कुछ देर के लिए गायब हो जाएगी परछाई: 21 जून को दिखेगा ‘जीरो शैडो डे’, साल का सबसे बड़ा दिन भी होगा

    रविवार को कुछ देर के लिए गायब हो जाएगी परछाई: 21 जून को दिखेगा ‘जीरो शैडो डे’, साल का सबसे बड़ा दिन भी होगा


    मध्यप्रदेश । आसमान और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए 21 जून का दिन बेहद खास रहने वाला है। इस दिन उज्जैन सहित कर्क रेखा के आसपास स्थित क्षेत्रों में एक अनोखी खगोलीय घटना देखने को मिलेगी, जिसे ‘शून्य छाया दिवस’ यानी ‘जीरो शैडो डे’ कहा जाता है। इस दौरान कुछ क्षणों के लिए लोगों और वस्तुओं की परछाई लगभग गायब हो जाएगी। यह नजारा हर दिन देखने को नहीं मिलता, बल्कि पृथ्वी और सूर्य की विशेष स्थिति के कारण साल में चुनिंदा अवसरों पर ही दिखाई देता है।

    उज्जैन की जीवाजी वेधशाला के अनुसार यह दुर्लभ घटना 21 जून को दोपहर 12 बजकर 28 मिनट पर दिखाई देगी। इस समय सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध में अपनी अधिकतम उत्तरी स्थिति के करीब होगा और उसकी किरणें लगभग सीधी धरती पर पड़ेंगी। परिणामस्वरूप खड़ी वस्तुओं की छाया बेहद छोटी होकर लगभग शून्य हो जाएगी। वेधशाला में शंकु यंत्र के माध्यम से इस खगोलीय घटना का प्रत्यक्ष अवलोकन भी कराया जाएगा।

    21 जून को केवल जीरो शैडो डे ही नहीं, बल्कि वर्ष का सबसे बड़ा दिन भी माना जाता है। इस दिन सूर्य की स्थिति ऐसी होती है कि उत्तरी गोलार्द्ध में दिन की अवधि सबसे अधिक और रात सबसे छोटी होती है। उज्जैन में सूर्योदय सुबह 5:42 बजे और सूर्यास्त शाम 7:16 बजे होगा। यानी दिन की कुल अवधि 13 घंटे 34 मिनट रहेगी, जबकि रात केवल 10 घंटे 26 मिनट की होगी।

    खगोलविदों के अनुसार पृथ्वी अपनी धुरी पर लगभग 23.5 डिग्री झुकी हुई है और सूर्य की परिक्रमा करती है। इसी कारण वर्षभर सूर्य की स्थिति बदलती हुई दिखाई देती है। 21 जून को सूर्य कर्क रेखा के सबसे निकट पहुंच जाता है। चूंकि उज्जैन कर्क रेखा के करीब स्थित है, इसलिए यहां सूर्य की किरणें लगभग लंबवत पड़ती हैं। यही वजह है कि दोपहर के समय परछाई सिकुड़कर लगभग समाप्त हो जाती है।

    इस खगोलीय घटना का वैज्ञानिक महत्व भी काफी बड़ा है। जीरो शैडो डे पृथ्वी की गति, उसकी धुरी के झुकाव और सूर्य की स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। स्कूलों, कॉलेजों और विज्ञान प्रेमियों के लिए यह दिन एक प्राकृतिक प्रयोगशाला की तरह होता है, जहां खगोलीय सिद्धांतों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा जा सकता है।

    वैज्ञानिकों के अनुसार 21 जून के बाद सूर्य की आभासी गति दक्षिण दिशा की ओर दिखाई देने लगेगी, जिसे दक्षिणायन कहा जाता है। इसके साथ ही उत्तरी गोलार्द्ध में दिन धीरे-धीरे छोटे और रातें लंबी होने लगेंगी। आगामी 23 सितंबर को शरद विषुव के अवसर पर दिन और रात लगभग बराबर हो जाएंगे।

    इस तरह 21 जून केवल कैलेंडर का एक दिन नहीं, बल्कि प्रकृति और ब्रह्मांड के अद्भुत संतुलन को करीब से देखने और समझने का दुर्लभ अवसर भी है।

  • MP के 81 लाख किसानों को मिलेगी 1,634 करोड़ की सौगात: पीएम किसान की 23वीं किस्त कल जारी, शिवराज बोले- खरीफ से पहले बड़ी राहत

    MP के 81 लाख किसानों को मिलेगी 1,634 करोड़ की सौगात: पीएम किसान की 23वीं किस्त कल जारी, शिवराज बोले- खरीफ से पहले बड़ी राहत


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के लाखों किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 23वीं किस्त शुक्रवार, 20 जून को किसानों के खातों में पहुंच जाएगी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से देशभर के किसानों के लिए 23वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत मध्यप्रदेश के 81.67 लाख किसानों के खातों में 1,634 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी।

    शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खरीफ सीजन की शुरुआत से ठीक पहले मिलने वाली यह आर्थिक सहायता किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे बीज, खाद और अन्य कृषि कार्यों के लिए किसानों को समय पर आर्थिक मदद मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से अब तक देशभर के किसानों को 22 किस्तों में लगभग 4.28 लाख करोड़ रुपए की सहायता सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई जा चुकी है।

    केंद्रीय मंत्री के अनुसार 23वीं किस्त के तहत देश के करीब 9 करोड़ किसानों के खातों में 18,800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि हस्तांतरित की जाएगी। इस अवसर को खास बनाने के लिए पूरे देश में “पीएम किसान उत्सव दिवस” मनाया जाएगा। कृषि विज्ञान केंद्रों, आईसीएआर संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों और पंचायत स्तर तक विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अनुमान है कि लगभग 4 करोड़ किसान विभिन्न स्थानों से प्रधानमंत्री का संबोधन सुनेंगे और कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

    पश्चिम बंगाल के किसानों को लेकर भी शिवराज सिंह चौहान ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहले राज्य के किसानों को योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था, लेकिन अब वहां के 44.42 लाख किसानों को भी पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिलेगा। इससे छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

    कृषि मंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर दलहन खरीदी को लेकर भी संकेत दिए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने पीएम-आशा योजना के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और गुजरात को मूंग, उड़द और मसूर की खरीदी एमएसपी पर करने की अनुमति दे दी है। मध्यप्रदेश के मामले में राज्य सरकार के साथ चर्चा जारी है और जल्द ही इस संबंध में फैसला लिया जाएगा।

    इस दौरान मानसून और अल नीनो के संभावित प्रभाव पर भी चर्चा हुई। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मध्यप्रदेश के 16 जिलों में अल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए विशेष कंटीजेंसी प्लान तैयार किया जा रहा है। कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देने, वैकल्पिक खेती के विकल्प उपलब्ध कराने और बेहतर बीज उपलब्ध कराने की रणनीति पर काम चल रहा है।

    उन्होंने कहा कि यदि सामान्य से कम बारिश होती है या वर्षा में लंबा अंतराल आता है, तो किसानों को नुकसान से बचाने के लिए जिला स्तर पर विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी। साथ ही पराली प्रबंधन को लेकर भी राज्यों को पहले से आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

    राजनीतिक सवालों पर भी शिवराज सिंह चौहान ने अपनी शैली में जवाब दिया। कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के सत्याग्रह से जुड़े सवाल पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत।” उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।

    कुल मिलाकर, पीएम किसान की 23वीं किस्त किसानों के लिए आर्थिक राहत लेकर आ रही है, वहीं सरकार खरीफ सीजन, मानसून और संभावित मौसमीय चुनौतियों से निपटने के लिए भी व्यापक तैयारी में जुटी हुई है।

  • NEET-UG 2026 के लिए हाई अलर्ट: सेंटरों पर CCTV-जैमर, डॉक्टर और टाइम डिस्प्ले की व्यवस्था, छात्रों के लिए स्पेशल ट्रेन भी चलेगी

    NEET-UG 2026 के लिए हाई अलर्ट: सेंटरों पर CCTV-जैमर, डॉक्टर और टाइम डिस्प्ले की व्यवस्था, छात्रों के लिए स्पेशल ट्रेन भी चलेगी


    मध्यप्रदेश । देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए मध्य प्रदेश में व्यापक तैयारियां की गई हैं। 21 जून को आयोजित होने वाली इस परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस और रेलवे समेत सभी संबंधित विभाग हाई अलर्ट पर हैं। प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे और सिग्नल जैमर लगाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की नकल या तकनीकी गड़बड़ी की संभावना को खत्म किया जा सके।

    राजधानी भोपाल में इस बार 13,774 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसके लिए 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिला कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सभी केंद्र प्रभारियों के साथ वन-टू-वन बैठक कर परीक्षा प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि कई बार एक जैसे नाम वाले केंद्रों के कारण अभ्यर्थी भ्रमित हो जाते हैं, इसलिए केंद्रों के नाम और लोकेशन स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए दिशा-सूचक बोर्ड भी लगाए जाएंगे।

    परीक्षार्थियों को समय का सही अंदाजा रहे, इसके लिए प्रत्येक केंद्र के बाहर बड़ी डिजिटल घड़ी लगाई जाएगी। वहीं किसी छात्र की तबीयत खराब होने की स्थिति में तुरंत उपचार उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टर और मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    भोपाल के अलावा छिंदवाड़ा में 4,303, गुना में 1,839, विदिशा में 1,709, नर्मदापुरम में 1,283 और अशोकनगर में 865 अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। ग्वालियर में 25 केंद्रों पर करीब 5 हजार छात्र परीक्षा देंगे। यहां बायोमैट्रिक अटेंडेंस, CCTV निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दोपहर 1 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

    परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इंदौर, भोपाल और रतलाम के बीच विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन 20 जून को संचालित होगी, जिससे विभिन्न शहरों से आने वाले छात्र समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकेंगे। ट्रेन में 13 स्लीपर, 2 जनरल और 2 एसएलआर कोच सहित कुल 17 कोच लगाए जाएंगे।

    जबलपुर में पहली बार परीक्षार्थियों के लिए विशेष बस सेवा शुरू की जा रही है। यहां 23 परीक्षा केंद्रों पर 10 हजार से अधिक छात्र परीक्षा देंगे। अभिभावकों के लिए शेड, बैठने की व्यवस्था, कूलर, पंखे और अस्थायी कैंटीन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। सभी केंद्रों पर 20 जून को सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं का ट्रायल भी किया जाएगा।

    प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्रों की आवाजाही बेहद सुरक्षित तरीके से होगी। सुरक्षा व्यवस्था में वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी रहेगी और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए विशेष कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेगा। कुल मिलाकर NEET-UG 2026 को लेकर प्रदेश में अभूतपूर्व तैयारियां की गई हैं, ताकि लाखों छात्रों का भविष्य तय करने वाली यह परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में संपन्न हो सके।

  • MP के खिलाड़ियों को बड़ी सौगात: पुलिस में होगी सीधी भर्ती, 10 SI और 50 आरक्षक पदों पर मिलेगा मौका

    MP के खिलाड़ियों को बड़ी सौगात: पुलिस में होगी सीधी भर्ती, 10 SI और 50 आरक्षक पदों पर मिलेगा मौका


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी सौगात दी है। अब खेल मैदान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी हासिल करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती से संबंधित नियमों में संशोधन करते हुए नई व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत उप निरीक्षक (SI) के 10 और आरक्षक के 50 पदों पर खिलाड़ियों की सीधी भर्ती की जाएगी।

    खास बात यह है कि वर्ष 2021 के बाद पहली बार खिलाड़ियों के लिए यह भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा रही है। सरकार का उद्देश्य खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और उन्हें खेल उपलब्धियों के आधार पर सरकारी सेवा में अवसर प्रदान करना है। नए नियमों के अनुसार अब यह भर्ती प्रक्रिया नियमित रूप से हर वर्ष आयोजित की जाएगी।

    संशोधित नियम 2026 के तहत उप निरीक्षक (SI) पद के लिए केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी पात्र होंगे। ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, विश्व कप और विश्व चैंपियनशिप जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले या पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधी भर्ती का अवसर मिलेगा। इन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    वहीं आरक्षक पद के लिए पात्रता का दायरा अपेक्षाकृत व्यापक रखा गया है। राष्ट्रीय खेलों और अधिकृत राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खिलाड़ी आरक्षक भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके अलावा जो खिलाड़ी SI पद की पात्रता पूरी करते हैं, उन्हें आरक्षक पद के लिए स्वतः पात्र माना जाएगा।

    सरकार का कहना है कि नियमों में किए गए संशोधन से चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और प्रभावी बनाया गया है। इससे खिलाड़ियों को खेल उपलब्धियों का उचित सम्मान मिलेगा और युवाओं में खेलों के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।

    प्रदेश सरकार ने इस संशोधित नियम को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है, जिससे यह आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। इसके साथ ही पात्रता और चयन से जुड़े विस्तृत मापदंड भी निर्धारित कर दिए गए हैं।

    उल्लेखनीय है कि हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस भर्ती व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रदेश में पुलिस भर्ती बोर्ड गठित करने की घोषणा भी की है। सरकार के अनुसार आगामी तीन वर्षों में पुलिस विभाग के 21 हजार से अधिक रिक्त पदों को भरा जाएगा। इनमें से लगभग 7,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया इसी वर्ष शुरू होने की संभावना है।

    खेल जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि यह फैसला प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक साबित होगा और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

  • मानसून की देरी से बढ़ी किसानों की मुश्किलें: खरगोन में हाईवे जाम, बड़वानी में 36 लाख की केले की फसल बर्बाद

    मानसून की देरी से बढ़ी किसानों की मुश्किलें: खरगोन में हाईवे जाम, बड़वानी में 36 लाख की केले की फसल बर्बाद


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक में हो रही देरी अब किसानों के लिए गंभीर चिंता का कारण बन गई है। प्रदेश के कई जिलों में खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है, जबकि कहीं मौसम की मार किसानों की तैयार फसलों को तबाह कर रही है। शुक्रवार को खरगोन और बड़वानी से सामने आई तस्वीरों ने किसानों की परेशानी को और उजागर कर दिया।

    खरगोन जिले में जल संकट से परेशान किसानों ने नहर का पानी छोड़ने की मांग को लेकर खंडवा-बड़ौदा हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। सुबह करीब 11:30 बजे 200 से अधिक किसान बैलगाड़ियां लेकर सड़क पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि क्षेत्र की वेदा, कुंदा और खारक नदियां लगभग सूख चुकी हैं, जिससे खेतों में सिंचाई का संकट गहरा गया है।

    प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि मृग नक्षत्र शुरू हुए करीब दो सप्ताह होने को हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में नमी नहीं बन पा रही है। अधिकांश किसानों ने खेतों की जुताई और अन्य तैयारियां पूरी कर ली हैं, लेकिन बारिश नहीं होने के कारण बुवाई शुरू नहीं हो पा रही है। किसानों को डर है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा।

    दूसरी ओर बड़वानी जिले के खड़की क्षेत्र में मौसम की बेरुखी ने दो किसान भाइयों को भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज आंधी और बारिश के कारण अंबाराम और गंगाराम की करीब 9 एकड़ में लगी केले की तैयार फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। बाजार में बिक्री के लिए तैयार लगभग 1500 केले के पौधे जमीन पर गिर गए।

    किसानों के अनुसार इस फसल पर करीब 14 लाख रुपए की लागत आई थी, जबकि कुल नुकसान 36 लाख रुपए तक पहुंच गया है। अचानक हुए इस भारी नुकसान का सदमा किसान अंबाराम सहन नहीं कर पाए और उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल राजपुर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से फसल सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।

    प्रदेश में कम बारिश के कारण खरीफ सीजन की प्रमुख फसलें जैसे सोयाबीन, उड़द, मूंग और तुअर की बुवाई भी प्रभावित हो रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सफल बुवाई के लिए जमीन में पर्याप्त नमी जरूरी है। इसके लिए कम से कम 100 मिलीमीटर बारिश की आवश्यकता होती है। ऐसे में किसानों को जल्दबाजी में बोवनी करने से बचना चाहिए, क्योंकि पर्याप्त नमी नहीं होने पर बीज खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।

    मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से अब तक मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 39 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में स्थिति और अधिक चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण आने वाले दिनों में कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक यदि अगले कुछ दिनों में मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो खरीफ सीजन पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है। फिलहाल प्रदेशभर के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे हैं।