Category: Madhya Pradesh

  • ग्राहक अधिकारों की बड़ी जीत: होटल रेडिसन पर जुर्माना, अतिरिक्त वसूली और मानसिक प्रताड़ना का देना होगा हर्जाना

    ग्राहक अधिकारों की बड़ी जीत: होटल रेडिसन पर जुर्माना, अतिरिक्त वसूली और मानसिक प्रताड़ना का देना होगा हर्जाना


    भोपाल। भोपाल में उपभोक्ताओं के अधिकारों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने प्रतिष्ठित होटल रेडिसन के खिलाफ फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट संदेश दिया है कि ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क वसूलने के मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी। करीब चार वर्ष पुराने इस मामले में आयोग ने होटल प्रबंधन को अतिरिक्त वसूली गई राशि लौटाने के साथ ही उपभोक्ता को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।

    मामला वर्ष 2022 का है जब हुकुम सिंह अपने चार साथियों के साथ भोपाल स्थित होटल रेडिसन में ठहरे थे। होटल में ठहरने के दौरान उन्होंने पानी की एक बोतल खरीदी जिसके लिए उनसे 175 रुपये वसूले गए जबकि बोतल पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य केवल 60 रुपये था। ग्राहक ने मौके पर इस पर आपत्ति दर्ज कराई लेकिन होटल प्रबंधन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने उपभोक्ता आयोग की शरण ली।

    लंबी सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने मामले का निपटारा करते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की। आयोग ने माना कि होटल और रेस्तरां जैसी संस्थाएं अपने यहां उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं सेवा गुणवत्ता और माहौल के आधार पर कुछ उत्पादों के लिए एमआरपी से अधिक कीमत वसूल सकती हैं। हालांकि आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि अतिरिक्त वसूली गई राशि पर मनमाने तरीके से जीएसटी लगाना नियमों के अनुरूप नहीं है और ऐसा करना उपभोक्ता हितों के खिलाफ माना जाएगा।

    आयोग ने होटल रेडिसन की सेवा में कमी पाते हुए उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया। आदेश के अनुसार होटल को ग्राहक से अतिरिक्त वसूली गई 10.80 रुपये की राशि वापस करनी होगी। इसके अलावा मानसिक परेशानी और असुविधा के लिए 5000 रुपये का मुआवजा तथा कानूनी प्रक्रिया में हुए खर्च के रूप में 3000 रुपये का भुगतान भी करना होगा। इस तरह होटल को कुल मिलाकर लगभग 8000 रुपये की राशि उपभोक्ता को देनी होगी।

    उपभोक्ता आयोग ने अपने आदेश में यह भी कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है तो होटल प्रबंधन को पूरी राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। यह फैसला न केवल संबंधित उपभोक्ता के लिए राहत लेकर आया है बल्कि उन सभी ग्राहकों के लिए एक उदाहरण बन गया है जो अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और गलत वसूली के खिलाफ आवाज उठाना चाहते हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय उपभोक्ता संरक्षण कानूनों की प्रभावशीलता को दर्शाता है और व्यावसायिक संस्थानों को भी यह संदेश देता है कि ग्राहकों के साथ पारदर्शिता और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उपभोक्ता आयोग का यह फैसला आने वाले समय में ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण नजीर साबित हो सकता है और उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग बनाएगा।

  • कानून व्यवस्था बनाए रखने प्रशासन का बड़ा फैसला, BNSS धारा 163 लागू, उल्लंघन पर होगी FIR

    कानून व्यवस्था बनाए रखने प्रशासन का बड़ा फैसला, BNSS धारा 163 लागू, उल्लंघन पर होगी FIR

    ग्वालियर। ग्वालियर जिले में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रुचिका चौहान द्वारा जारी आदेश के अनुसार पूरे जिले में बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, रैली और जुलूस के आयोजन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जारी किया गया है और आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा।

    प्रशासन का कहना है कि यह कदम जिले में शांति, सौहार्द और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले बाजारों, प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों, मॉल और संवेदनशील स्थानों पर किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

    जारी निर्देशों के मुताबिक किसी भी संगठन, संस्था या व्यक्ति को सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने से पहले प्रशासनिक अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यदि कार्यक्रम किसी एक अनुविभाग की सीमा में आयोजित किया जाना है तो संबंधित एसडीएम से अनुमति प्राप्त करनी होगी। वहीं यदि कार्यक्रम का दायरा एक से अधिक अनुविभागों में आता है तो आयोजन के लिए अपर जिला दंडाधिकारी से लिखित स्वीकृति लेना आवश्यक होगा।

    प्रशासन ने सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भड़काऊ, भ्रामक, अफवाह फैलाने वाली अथवा सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली पोस्ट पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस और आईटी सेल ऐसे मामलों पर लगातार नजर रखेंगे। यदि कोई व्यक्ति धर्म, जाति, समुदाय या सामाजिक समूहों की भावनाओं को आहत करने वाली सामग्री प्रसारित करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों को किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी। बिना अनुमति धरना, प्रदर्शन, जुलूस या रैली आयोजित करने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत मामला दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    प्रशासन का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से नियमों का पालन करने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।

    कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी इस आदेश के बाद अब जिले में किसी भी सार्वजनिक आयोजन से पहले अनुमति प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होगा। प्रशासन ने नागरिकों से शांति, सौहार्द और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया है।

  • मध्य प्रदेश में आदिवासी मुद्दों पर कांग्रेस सक्रिय, जल-जंगल-जमीन संरक्षण के लिए बनाई हाई लेवल कमेटी

    मध्य प्रदेश में आदिवासी मुद्दों पर कांग्रेस सक्रिय, जल-जंगल-जमीन संरक्षण के लिए बनाई हाई लेवल कमेटी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ी पहल की है। जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा तथा आदिवासी समुदाय के हितों को मजबूत करने के उद्देश्य से पार्टी ने एक विशेष उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति का गठन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर किया गया है और इसे प्रदेश में आदिवासी हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी की ओर से गठित इस समिति में पार्टी के कई वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को शामिल किया गया है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को समिति में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। इसके अलावा पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया तथा आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया को भी सदस्य बनाया गया है।

    कांग्रेस का मानना है कि आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दे प्रदेश की राजनीति और सामाजिक संरचना दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसी उद्देश्य से समिति को विभिन्न क्षेत्रों में अध्ययन कर सुझाव देने और पार्टी की भावी रणनीति तैयार करने का दायित्व सौंपा गया है। समिति प्रदेश के आदिवासी अंचलों में जाकर जमीनी स्तर की समस्याओं का आकलन भी करेगी।

    समिति का प्रमुख फोकस जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों की रक्षा पर रहेगा। इसके साथ ही आदिवासी समुदाय को मिले संवैधानिक और पारंपरिक अधिकारों के संरक्षण के लिए भी यह समिति कार्य करेगी। वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करना और उससे जुड़े मुद्दों को सामने लाना भी इसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

    इसके अलावा आदिवासी क्षेत्रों में भूमि विवाद, वन भूमि के पट्टों, विस्थापन और अधिकारों से जुड़े मामलों का अध्ययन कर पार्टी को सुझाव दिए जाएंगे। समिति इन विषयों पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर कांग्रेस की रणनीति भी तैयार करेगी ताकि आदिवासी वर्ग की आवाज को प्रभावी तरीके से उठाया जा सके।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मध्य प्रदेश में आदिवासी मतदाताओं का बड़ा प्रभाव है और कांग्रेस इस वर्ग के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। विशेष समिति का गठन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में समिति की रिपोर्ट और सुझावों के आधार पर कांग्रेस आदिवासी हितों से जुड़े मुद्दों को सड़क से लेकर विधानसभा तक मजबूती से उठाने की तैयारी कर सकती है।

    कांग्रेस का यह कदम न केवल आदिवासी समाज के अधिकारों को लेकर उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति का भी संकेत माना जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य है कि जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर व्यापक जनजागरण अभियान चलाकर आदिवासी समुदाय की समस्याओं को प्रमुखता से सामने लाया जाए।

  • सुरक्षा बल के अधिकारी भी नहीं सुरक्षित, साइबर अपराधियों ने BSF इंस्पेक्टर को बनाया शिकार

    सुरक्षा बल के अधिकारी भी नहीं सुरक्षित, साइबर अपराधियों ने BSF इंस्पेक्टर को बनाया शिकार


    ग्वालियर । ग्वालियर में साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां सीमा सुरक्षा बल के एक अधिकारी को ही साइबर ठगों ने अपना शिकार बना लिया। टेकनपुर स्थित बीएसएफ प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ एक इंस्पेक्टर का मोबाइल फोन हैक कर शातिर बदमाशों ने उनके बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से 3 लाख 10 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली। घटना के बाद पुलिस और साइबर सेल की टीम जांच में जुट गई है।

    जानकारी के अनुसार बिहार के समस्तीपुर निवासी 34 वर्षीय अविनाश कुमार वर्तमान में एसटीसी बीएसएफ टेकनपुर में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उनके पास आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई और यस बैंक के क्रेडिट कार्ड तथा बैंकिंग सुविधाएं थीं। 17 जून की रात अज्ञात साइबर अपराधियों ने किसी तकनीकी माध्यम से उनके मोबाइल फोन का ऑनलाइन एक्सेस हासिल कर लिया।

    मोबाइल पर नियंत्रण मिलते ही ठगों ने बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बनाई। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर डाले। अलग-अलग किस्तों में किए गए इन लेनदेन के जरिए कुल 3 लाख 10 हजार रुपये खाते और क्रेडिट कार्ड से निकाल लिए गए। पूरी वारदात बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई, जिससे शुरुआती दौर में पीड़ित को इसकी भनक तक नहीं लगी।

    घटना का खुलासा तब हुआ जब इंस्पेक्टर अविनाश कुमार के मोबाइल पर लगातार ट्रांजैक्शन संबंधी संदेश आने लगे। बैंक खातों से रकम निकलने की जानकारी मिलते ही उनके होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल संबंधित बैंक अधिकारियों से संपर्क किया और बाद में बिलौआ थाना पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार साइबर सेल की टीम ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, बैंकिंग डेटा और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही लेनदेन में उपयोग किए गए आईपी एड्रेस और डिजिटल ट्रेल को भी खंगाला जा रहा है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

    विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी अब रिमोट एक्सेस ऐप, फर्जी लिंक, स्क्रीन शेयरिंग और मालवेयर जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों के मोबाइल और बैंक खातों तक पहुंच बना रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने या ओटीपी और बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचना बेहद जरूरी है।

    इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी किसी को भी निशाना बना सकते हैं। आम नागरिकों के साथ-साथ सुरक्षा बलों के अधिकारी भी इनके जाल में फंस रहे हैं। ऐसे में डिजिटल सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

  • नाबालिग की तस्वीर से रची गई गंदी साजिश, अश्लील कंटेंट वायरल करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

    नाबालिग की तस्वीर से रची गई गंदी साजिश, अश्लील कंटेंट वायरल करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार


    उज्जैन । उज्जैन में एक नाबालिग लड़की की तस्वीर का दुरुपयोग कर उसे बदनाम करने की साजिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोशल मीडिया के माध्यम से नाबालिग की छवि धूमिल करने और परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंवासा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक आरोपी अब भी फरार है जिसकी तलाश जारी है।

    जानकारी के अनुसार 21 जून को पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी नाबालिग बेटी की तस्वीर का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही है। वायरल किए गए फोटो और वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों का परिवार से कोई संबंध नहीं था लेकिन नाबालिग की तस्वीर जोड़कर उसे बदनाम करने का प्रयास किया गया।

    मामले की जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। जांच में सामने आया कि मतदाता संबंधी सरकारी दस्तावेज में लगी नाबालिग की पासपोर्ट साइज फोटो बीएलओ फखरुनिशा उर्फ बेबी द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से एहसान पटेल को भेजी गई थी। इसके बाद यह फोटो कई लोगों के बीच साझा होती रही और अंततः गलत हाथों में पहुंचकर उसका दुरुपयोग किया गया।

    पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने आपस में तस्वीर साझा की और बाद में फोटो एडिटिंग के जरिए नाबालिग की तस्वीर को किसी अन्य युवती की तस्वीर के साथ जोड़कर आपत्तिजनक सामग्री तैयार की गई। इसके बाद उस सामग्री को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कर दिया गया जिससे पीड़िता और उसके परिवार को मानसिक और सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचा।

    जांच के दौरान पुलिस ने मामले में इस्तेमाल किए गए चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन मोबाइल उपकरणों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सामग्री किन-किन प्लेटफॉर्म और लोगों तक पहुंचाई गई थी। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

    कार्रवाई के तहत पुलिस ने आबिद पटेल मुजफ्फर पटेल और एहसान पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं सरकारी दस्तावेज से फोटो साझा करने के मामले में बीएलओ फखरुनिशा उर्फ बेबी के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की गई है। मामले का एक अन्य आरोपी यूसुफ पटेल अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने कहा कि नाबालिग की पहचान और सम्मान की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है और जो भी व्यक्ति इस साजिश में शामिल पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता और संवेदनशीलता का ध्यान रखें।

  • आयुष्मान कार्ड का बड़ा लाभ, लाखों रुपये की एयर एम्बुलेंस सेवा मिली मुफ्त, बुजुर्ग की बची जान

    आयुष्मान कार्ड का बड़ा लाभ, लाखों रुपये की एयर एम्बुलेंस सेवा मिली मुफ्त, बुजुर्ग की बची जान


    नर्मदापुरम।नर्मदापुरम जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली जब पहली बार पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से एक गंभीर मरीज को त्वरित उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर नागपुर भेजा गया। इस अत्याधुनिक और महंगी चिकित्सा सुविधा का लाभ 83 वर्षीय बुजुर्ग रामगोपाल टोकसे को मिला जो गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। खास बात यह रही कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र होने के कारण मरीज को यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई गई जिससे लाखों रुपये का खर्च बच गया।

    रसूलिया शिवाजीनगर निवासी रामगोपाल टोकसे नर्मदापुरम के एक निजी अस्पताल में उपचाररत थे। उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी और वे ब्रेन हैमरेज तथा मल्टी ऑर्गन फेलियर जैसी जटिल स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। चिकित्सकों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में तत्काल रेफर करने की सलाह दी। इसके बाद परिजनों ने प्रशासन से पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरसिंह गहलोत और डिप्टी कलेक्टर डॉ. बबिता राठौर के मार्गदर्शन में प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। प्रारंभिक योजना के अनुसार हेलीकॉप्टर को नर्मदापुरम स्थित एसपीएम केंद्रीय विद्यालय मैदान में बनाए गए हेलीपैड पर उतरना था। हालांकि लगातार हो रही बारिश के कारण मैदान की स्थिति अनुकूल नहीं रही और अंतिम समय में स्थान परिवर्तन का निर्णय लेना पड़ा।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नर्मदापुरम प्रशासन ने सीहोर जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित किया और बुधनी स्थित ट्राइडेंट कंपनी के हेलीपैड को वैकल्पिक स्थल के रूप में चुना गया। प्रशासनिक टीमों की सक्रियता और बेहतर समन्वय के कारण एयर एम्बुलेंस गुरुवार सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर बुधनी पहुंची और मरीज को लेकर नागपुर के लिए रवाना हो गई।

    पूरे ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि एयर एम्बुलेंस ने महज 1 घंटा 15 मिनट में नागपुर पहुंचकर नया रिकॉर्ड बनाया। दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर हेलीकॉप्टर नागपुर पहुंचा और मात्र 15 मिनट बाद मरीज को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। समय पर मिले इस उपचार से मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी।

    मरीज के पुत्र ऋतिक टोकसे ने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि यह सुविधा नहीं मिलती तो परिवार के लिए इतना बड़ा खर्च वहन करना संभव नहीं था। उन्होंने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना की।

    नर्मदापुरम में पहली बार सफलतापूर्वक संचालित हुई पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा ने यह साबित कर दिया है कि आपातकालीन परिस्थितियों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती हैं। यह पहल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को नई दिशा देने के साथ आम लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।

  • नम आंखों से पंडित प्रदीप मिश्रा ने दी श्रद्धांजलि, लखनऊ हादसे में बच्चों की मौत पर जताया गहरा शोक

    नम आंखों से पंडित प्रदीप मिश्रा ने दी श्रद्धांजलि, लखनऊ हादसे में बच्चों की मौत पर जताया गहरा शोक


    सीहोर। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना पर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृत बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। हादसे की जानकारी मिलते ही वे बेहद भावुक हो गए और उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

    कथा के दौरान जारी अपने संदेश में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मासूम बच्चों का असमय इस दुनिया से चले जाना अत्यंत पीड़ादायक और दुखद है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने बच्चे को खोने का दुख शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। यह ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं होती। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं पूरी तरह से उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।

    पंडित मिश्रा ने दिवंगत बच्चों को श्रद्धांजलि देते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे सभी मासूम आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। साथ ही उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना की कि शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति और साहस मिले। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं पूरे समाज को भीतर तक झकझोर देती हैं और हर संवेदनशील व्यक्ति को पीड़ा पहुंचाती हैं।

    उन्होंने हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि ईश्वर सभी घायलों को जल्द स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें और उन्हें इस कठिन परिस्थिति से बाहर निकलने की शक्ति दें। उन्होंने लोगों से भी पीड़ित परिवारों के लिए प्रार्थना करने और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े रहने की अपील की।

    पंडित प्रदीप मिश्रा के इस भावुक संदेश के बाद देश और विदेश में मौजूद उनके लाखों अनुयायियों ने भी सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से हादसे पर शोक व्यक्त किया। श्रद्धालुओं ने दिवंगत बच्चों की आत्मा की शांति तथा पीड़ित परिवारों को संबल प्रदान करने के लिए प्रार्थनाएं कीं।

    लखनऊ की इस दुखद घटना ने एक बार फिर सभी को जीवन की अनिश्चितताओं का एहसास कराया है। पूरे देश में इस हादसे को लेकर शोक का माहौल है और लोग मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जता रहे हैं।

  • देवास में दर्दनाक हादसा: तेज बहाव वाले रपटे को पार करना पड़ा भारी, दो युवकों की मौत

    देवास में दर्दनाक हादसा: तेज बहाव वाले रपटे को पार करना पड़ा भारी, दो युवकों की मौत

    देवास ।मध्य प्रदेश के देवास जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। सतवास थाना क्षेत्र के कोथमीर रपटे पर उफनते नाले को पार करने की कोशिश कर रहे बाइक सवार दो युवक तेज बहाव में बह गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीणों ने रातभर संयुक्त सर्च अभियान चलाया। कई घंटों की तलाश के बाद दोनों युवकों के शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और गम का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार मृतक धर्मेंद्र उम्र 34 वर्ष और अमित उम्र 24 वर्ष कन्नौद के निवासी थे। दोनों पीपलकोटा स्थित एक निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत थे। मंगलवार शाम काम खत्म करने के बाद दोनों बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीपलकोटा और कोथमीर के बीच स्थित खेत वाले रपटे पर पहुंचे तो वहां नाले में तेज बहाव था। स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने और पानी कम होने तक इंतजार करने की सलाह दी, लेकिन दोनों ने जोखिम उठाते हुए नाले को पार करने का प्रयास किया।

    तेज बहाव के बीच बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दोनों युवक बाइक समेत पानी में बह गए। देखते ही देखते वे नाले के तेज प्रवाह में ओझल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सतवास और कन्नौद पुलिस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही एसडीआरएफ देवास की टीम को भी बुलाया गया। रातभर अंधेरे और खराब मौसम के बीच राहत एवं बचाव कार्य जारी रहा।

    सर्च अभियान के दौरान घटनास्थल से कुछ दूरी पर दोनों युवकों की बाइक बरामद कर ली गई थी, लेकिन युवकों का कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह तलाश अभियान को और तेज किया गया। काफी प्रयासों के बाद धर्मेंद्र का शव घटनास्थल से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर मिला, जबकि अमित का शव करीब 6 से 7 किलोमीटर दूर बरामद किया गया। दोनों शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सतवास शासकीय अस्पताल भेजा गया।

    घटना की सूचना मिलते ही कन्नौद-खातेगांव क्षेत्र के विधायक आशीष शर्मा भी सतवास शासकीय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें ढांढस बंधाया। विधायक ने आश्वासन दिया कि शासन स्तर पर पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    बारिश के मौसम में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जहां लोग जल्दबाजी या जोखिम उठाने के कारण अपनी जान गंवा बैठते हैं। प्रशासन ने एक बार फिर नागरिकों से अपील की है कि उफनते नालों, पुल-पुलियों और रपटों को पार करने का प्रयास न करें। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। यह हादसा भी इसी बात की दर्दनाक याद दिलाता है कि प्राकृतिक परिस्थितियों के सामने सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

  • मंदसौर में भीषण सड़क हादसा: एक्सप्रेस-वे पर ट्रक से टकराई कार, चार की जान गई, दो गंभीर

    मंदसौर में भीषण सड़क हादसा: एक्सप्रेस-वे पर ट्रक से टकराई कार, चार की जान गई, दो गंभीर

    मंदसौर ।मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसे ने चार लोगों की जिंदगी छीन ली। सीतामऊ थाना क्षेत्र के तीतरोद गांव के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक से पीछे जा टकराई। टक्कर इतनी भयावह थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिनका उपचार अस्पताल में जारी है।

    जानकारी के अनुसार दुर्घटना दोपहर करीब 11 बजे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुई। महाराष्ट्र के औरंगाबाद से दिल्ली जा रही कार तेज गति से आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान तीतरोद गांव के समीप कार चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार सामने चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और राहत दल को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही सीतामऊ थाना पुलिस और आपातकालीन सहायता दल मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल सीतामऊ अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका उपचार शुरू किया गया। वहीं मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    पुलिस ने हादसे में जान गंवाने वाले दो लोगों की पहचान रविन्द्र काले निवासी शास्त्री नगर जवाहर कॉलोनी औरंगाबाद तथा सचिन गंगाधर गजभारे निवासी नाहर क्लिनिक के सामने औरंगाबाद महाराष्ट्र के रूप में की है। अन्य दो मृतकों और दोनों घायलों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस उनकी पहचान करने और परिजनों को सूचना देने का प्रयास कर रही है।

    प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन से नियंत्रण खोना हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस अब एक्सप्रेस-वे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और ट्रक की पहचान कर चालक तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर लगातार बढ़ते सड़क हादसे एक बार फिर चिंता का विषय बन गए हैं। तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण होने वाली दुर्घटनाएं कई परिवारों की खुशियां छीन रही हैं। इस हादसे ने न केवल मृतकों के परिजनों को गहरा आघात पहुंचाया है बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल भी पैदा कर दिया है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे एक्सप्रेस-वे पर निर्धारित गति सीमा का पालन करें और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता बरतें ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।

  • पानी भरने की बात पर भड़की पुरानी रंजिश: मैहर में खूनी संघर्ष, 7 महिलाओं समेत 14 लोग गंभीर घायल

    पानी भरने की बात पर भड़की पुरानी रंजिश: मैहर में खूनी संघर्ष, 7 महिलाओं समेत 14 लोग गंभीर घायल

    मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में जमीनी विवाद ने बुधवार रात हिंसक और खूनी रूप ले लिया। अमरपाटन थाना क्षेत्र के कहरी गांव में दो पड़ोसी परिवारों के बीच लंबे समय से चल रही रंजिश एक बार फिर भड़क उठी और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद कुछ ही मिनटों में इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडे और धारदार हथियार निकल आए। दोनों ओर से हुए हमले में 7 महिलाओं सहित कुल 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।

    पुलिस के अनुसार कहरी गांव में रहने वाले बंसल समाज के दो परिवारों के बीच जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। बुधवार रात विवादित जमीन पर पानी भरने को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई। पहले तीखी नोकझोंक हुई और फिर देखते ही देखते मामला हिंसक संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर एक-दूसरे पर टूट पड़े। गांव में अचानक मची चीख-पुकार और हंगामे से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों ने बीच-बचाव का प्रयास किया लेकिन तब तक कई लोग गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो चुके थे।

    घटना के बाद घायल किसी तरह अमरपाटन थाने पहुंचे। थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने घायलों की हालत गंभीर देखते हुए तत्काल एंबुलेंस और शासकीय वाहन की व्यवस्था कर सभी को अमरपाटन सिविल अस्पताल भिजवाया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियां भी उजागर हो गईं। एक साथ 14 गंभीर घायलों के पहुंचने पर अस्पताल में पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं थे। मजबूरन डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को कई घायलों का उपचार अस्पताल के बरामदे और फर्श पर करना पड़ा। घायल महिलाओं और पुरुषों को जमीन पर लिटाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। उन्हें वहीं पट्टियां बांधी गईं और ड्रिप तथा इंजेक्शन लगाए गए।

    मारपीट में दोनों पक्षों के लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। प्रथम पक्ष से सरिता बंसल, जितेंद्र, फूलचंद, साक्षी, आरती और प्रिया बंसल घायल हुए हैं। वहीं दूसरे पक्ष से समीर, बड्डी, सोमबाई, सुरेश, पार्वती, रमेश, मुकेश और तिजियाबाई बंसल को चोटें आई हैं। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों की हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया है।

    थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पुराना जमीनी विवाद ही इस हिंसक घटना की मुख्य वजह है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल में घायलों के बयान लिए जा रहे हैं और घटनास्थल से भी जरूरी साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।