Category: Madhya Pradesh

  • 10 साल से बेटे के अगले गुरुवार का इंतजार, अब आश्रम ही परिवार; भारत भवन की कलाकार की कहानी ने झकझोरा

    10 साल से बेटे के अगले गुरुवार का इंतजार, अब आश्रम ही परिवार; भारत भवन की कलाकार की कहानी ने झकझोरा


    भोपाल  भोपाल के अपना घर वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों की जिंदगी बाहर से भले ही सामान्य नजर आए लेकिन उनके भीतर कई ऐसी कहानियां दबी हैं जो रिश्तों और बदलते पारिवारिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। हाल ही में आश्रम में रहने वाले 70 वर्षीय घनश्याम की मौत के बाद जब उनके चारों बच्चे अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे तो वहां रहने वाले दूसरे बुजुर्ग भी भावुक हो गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक घनश्याम का निधन 4 अगस्त 2026 को हुआ था। आश्रम प्रबंधन ने परिवार के आने का इंतजार किया लेकिन कोई नहीं पहुंचा। आखिरकार पुलिस की मदद से उनका अंतिम संस्कार कराया गया।

    घनश्याम की कहानी भी संघर्ष से भरी रही। वह इंदौर में टायर और ट्यूब का कारोबार करते थे और उन्होंने अपने चार बच्चों को पालने के लिए जीवनभर मेहनत की। बुजुर्गावस्था में वह भोपाल के अपना घर वृद्धाश्रम में रहने लगे। उनके निधन के बाद परिवार से संपर्क किया गया लेकिन किसी के नहीं पहुंचने पर दो दिन तक उनके शव को इस उम्मीद में रखा गया कि शायद कोई अपना अंतिम विदाई देने आ जाए। परिवार की ओर से अंतिम संस्कार आश्रम से कराने की बात कही गई। इस घटना ने आश्रम में रह रहे दूसरे बुजुर्गों के भीतर अपने भविष्य को लेकर चिंता पैदा कर दी।

    इसी आश्रम में रहने वाली 80 वर्षीय अंजली श्रीवास्तव की कहानी भी बेहद भावुक कर देने वाली है। अंजली को करीब एक दशक से आश्रम में रहते हुए बताया गया है। उन्होंने एक पुराने प्रसंग को याद करते हुए कहा कि जब उन्हें मोतियाबिंद की समस्या थी तब एक मिठाई कारोबारी उन्हें मंदिर के पास से उठाकर आश्रम छोड़ गया था। कुछ समय बाद उनका बेटा उनसे मिलने आया और अगले गुरुवार को वापस आने की बात कही। वह गुरुवार फिर कभी नहीं आया। अंजली की यह कहानी इंतजार और उम्मीद के उस दर्द को सामने लाती है जिसमें बुजुर्ग वर्षों तक अपनों के लौटने की राह देखते रहते हैं। वर्ष 2022 की एक रिपोर्ट में भी अंजली श्रीवास्तव ने बताया था कि वह अपना घर वृद्धाश्रम में करीब 11 वर्षों से रह रही थीं।

    आश्रम में रहने वाली रानी चंद्र सक्सेना की जिंदगी भी कभी कला और सम्मान से जुड़ी थी। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने भारत भवन से जुड़कर रंगमंच पर काम किया और रंग निर्देशक बाबा कारंत के साथ कई नाटकों में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने आकाशवाणी और दूरदर्शन में समाचार वाचक के तौर पर भी काम किया। उनके पति सरकारी मत्स्य विभाग में वरिष्ठ पद पर रहे थे। आज उनकी जिंदगी का एक बड़ा सहारा उनका बेटा है जो विदेश में रहता है लेकिन दूरी और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण रानी ने करीब 15 वर्ष पहले आश्रम को अपना ठिकाना बना लिया।

    रानी का कहना है कि अब आश्रम ही उनका परिवार है। उन्हें यह उम्मीद नहीं है कि विदेश में रहने वाला बेटा उनके पास लौटकर आएगा। उन्होंने आश्रम संचालिका माधुरी मिश्रा को अपने अंतिम समय की जिम्मेदारी भी सौंप दी है। यह बात केवल एक व्यक्ति की पीड़ा नहीं बल्कि उन अनेक बुजुर्गों की स्थिति को सामने लाती है जो उम्र के उस पड़ाव पर पहुंच चुके हैं जहां उन्हें सबसे ज्यादा अपनेपन और सहारे की जरूरत होती है।

    अपना घर वृद्धाश्रम की संचालिका माधुरी मिश्रा के मुताबिक कोई भी बुजुर्ग खुशी से अपना घर नहीं छोड़ता। उनके अनुसार कई बुजुर्ग परिस्थितियों से मजबूर होकर आश्रम पहुंचते हैं। जब किसी बुजुर्ग की मृत्यु के बाद परिवार का कोई सदस्य नहीं आता तो वहां रहने वाले दूसरे लोगों को भी अपने भविष्य की चिंता सताने लगती है। भोपाल में वर्षों से बुजुर्गों की सेवा कर रहा यह आश्रम अब कई लोगों के लिए केवल रहने की जगह नहीं बल्कि उनका अंतिम सहारा और परिवार बन चुका है।

    इन कहानियों का सबसे बड़ा संदेश यही है कि बुजुर्गों को केवल आर्थिक मदद नहीं बल्कि समय अपनापन और सम्मान भी चाहिए। जिंदगी की भागदौड़ में परिवार कितना भी दूर क्यों न हो जाए लेकिन माता पिता के जीवन के आखिरी पड़ाव पर उनकी मौजूदगी और संवेदनशीलता सबसे बड़ी जरूरत बन जाती है।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीथमपुर में दो बड़े उद्योगों का किया उद्घाटन, धार में निवेश और रोजगार को मिलेगी नई गति

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीथमपुर में दो बड़े उद्योगों का किया उद्घाटन, धार में निवेश और रोजगार को मिलेगी नई गति

    मध्य प्रदेश: के धार जिले के पीथमपुर में औद्योगिक विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में एडवांस ऑप्टिकल फाइबर और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स का उद्घाटन किया गया। इन दोनों औद्योगिक इकाइयों के शुरू होने से प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, इन उद्योगों से 30 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।

    पीथमपुर लंबे समय से मध्य प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल रहा है और अब यहां नई तकनीक से जुड़े उद्योगों के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। ऑप्टिकल फाइबर निर्माण से दूरसंचार और डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़े क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है, जबकि बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट ऊर्जा भंडारण और आधुनिक औद्योगिक जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों क्षेत्रों में भविष्य में मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए इन संयंत्रों की शुरुआत को औद्योगिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

    उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नए उद्योगों की स्थापना से मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। उन्होंने औद्योगिक निवेश को प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे राज्य के विकास के साथ देश की आर्थिक प्रगति को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए किए गए समझौतों को अब जमीन पर उतारने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने धार जिले के औद्योगिक बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बीते एक महीने के दौरान वह दूसरी बार इस क्षेत्र में आए हैं और इससे पहले भी कई उद्योगों का लोकार्पण किया गया था। उनके मुताबिक, पिछले समय में किए गए कई समझौते अब वास्तविक औद्योगिक परियोजनाओं में बदल रहे हैं। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां भी तेज हो रही हैं।

    धार जिले को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र कभी पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था, लेकिन अब औद्योगिक विकास की वजह से इसकी तस्वीर बदल रही है। जनजातीय बहुल धार और पीथमपुर क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ने वाले इलाकों में शामिल हो रहे हैं। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से स्थानीय कारोबार, परिवहन, निर्माण, सेवा और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

    ऑप्टिकल फाइबर और बैटरी निर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश को राज्य के औद्योगिक विस्तार के साथ तकनीकी क्षमता बढ़ाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं को नए प्रकार के कौशल और रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही उद्योगों के आसपास सहायक इकाइयों और सेवा क्षेत्र के विस्तार की संभावना भी बनेगी।

    सरकार का जोर प्रदेश में बड़े निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ रोजगार आधारित औद्योगिक विकास पर है। पीथमपुर में शुरू हुए दोनों प्लांट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माने जा रहे हैं। आने वाले समय में इन परियोजनाओं से उत्पादन बढ़ने और रोजगार के अवसरों में विस्तार होने की उम्मीद है। इससे धार जिले की औद्योगिक पहचान और मजबूत होने के साथ मध्य प्रदेश के आर्थिक विकास को भी नई गति मिल सकती है।

  • बारिश से फिर भीगेगा मध्य प्रदेश 20 अगस्त को इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भोपाल समेत कई जिलों में बढ़ी मौसम की हलचल

    बारिश से फिर भीगेगा मध्य प्रदेश 20 अगस्त को इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भोपाल समेत कई जिलों में बढ़ी मौसम की हलचल


    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है और 20 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है जबकि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां धीरे धीरे मध्य और पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

    20 अगस्त को टीकमगढ़ और सागर समेत कुछ इलाकों में भारी से बेहद भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 21 अगस्त को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर बना रहेगा। ग्वालियर दतिया और शिवपुरी सहित कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना बताई गई है। इस दौरान गरज चमक और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है।

    राजधानी भोपाल की बात करें तो 20 अगस्त को मौसम मुख्य रूप से बादलों से घिरा रहने और बारिश के आसार बने रहने की संभावना है। मौसम पूर्वानुमान में दिन का तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। अगले कुछ दिनों में भी भोपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना दिखाई दे रही है।

    प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में नदी नालों और जलाशयों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने और खेतों में पानी जमा होने जैसी स्थिति भी सामने आ सकती है।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश की गतिविधि के पीछे सक्रिय मानसूनी सिस्टम का प्रभाव अहम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का जोर रहने के बाद यह गतिविधि मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकती है। ऐसे में इंदौर उज्जैन भोपाल सागर जबलपुर रीवा और ग्वालियर चंबल संभाग के मौसम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि किसी एक शहर में बारिश की तीव्रता अलग अलग हो सकती है इसलिए स्थानीय मौसम चेतावनी पर ध्यान देना जरूरी है।

    बारिश के साथ बिजली गिरने और गरज चमक का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसे मौसम में खुले मैदान खेत या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सड़क पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचना बेहतर होगा क्योंकि कई बार कम समय में हुई तेज बारिश से पानी तेजी से बढ़ सकता है।

    कुल मिलाकर 20 अगस्त को मध्य प्रदेश में मौसम सक्रिय रहने वाला है। कई जिलों में बारिश का दौर तेज हो सकता है जबकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखनी चाहिए। आने वाले दिनों में भी प्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी रहने के संकेत हैं।

  • MP में फिर एक्टिव हुआ मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम, 5 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी

    MP में फिर एक्टिव हुआ मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम, 5 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। ट्रफ और डिप्रेशन के असर से पूर्वी हिस्से में बारिश का जोर है। मौसम विभाग ने सागर संभाग के टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर और दमोह में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में 8 इंच तक पानी गिर सकता है। दतिया, भिंड, निवाड़ी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी, मैहर और सतना में भारी बारिश की चेतावनी है। भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    मौसम विभाग के अनुसार, 18 से 24 अगस्त के बीच प्रदेश में बारिश का मिजाज बदलता रहेगा। 19 अगस्त को विंध्य और महाकौशल में भारी से अति भारी बारिश हुई। अब 20 से 24 अगस्त के दौरान बारिश का असर धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने के संकेत हैं।

    चित्रकूट में गुप्त गोदावरी उफनी, गुफाएं बंद

    बुधवार को पूर्वी मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश से कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने। सतना के तराई क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बाद चित्रकूट की गुप्त गोदावरी में पानी बढ़ गया। पहाड़ी का पानी गुफाओं के ऊपर से बहने लगा। सुरक्षा को देखते हुए चित्रकूट नगर परिषद ने दोनों गुफाएं बंद कर पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी।

    सतना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के भुमकहर गांव में 55 वर्षीय चरवाहा नाले में बह गया। सूचना मिलने के बाद SDERF की टीम मौके पर पहुंची और उसकी तलाश शुरू की।

    डिंडौरी में नदी-नाले उफने, 12 से ज्यादा गांवों का संपर्क टूटा

    डिंडौरी में बुधवार सुबह से तेज बारिश जारी है। नदी-नाले उफान पर हैं और 12 से ज्यादा गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। पन्ना के बृजपुर क्षेत्र के कई गांवों में पानी भर गया। सिमरिया के बोदा गांव में भी जलभराव हुआ। घरों में रखा खाद्य सामग्री भी बारिश के पानी से भीग गई।

    उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के तीन गेट 4 मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

    MP में अब तक 23 इंच बारिश, फिर भी 12% कम

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में 1 जून से अब तक 583.4 मिमी यानी करीब 23 इंच बारिश हो चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश 663.7 मिमी यानी 26.1 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक करीब 3.1 इंच यानी 12% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 14% और पश्चिमी हिस्से में 10% कम बारिश दर्ज की गई है।

    39 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 19% तक कम बारिश हुई है। 18 जिलों में बारिश 4% से 58% तक कम है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के 21 जिलों में भी सामान्य से 5% से 39% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    इसके विपरीत अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है।

    जून में कमी, जुलाई में कोटा पूरा; अगस्त में फिर तेज हुआ मानसून

    मौसम विभाग के अनुसार, जून में प्रदेश में सामान्य से 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश हुई, लेकिन इसके बाद मानसून दो बार कमजोर पड़ा और कई दिनों तक बारिश थमी रही।

    अगस्त में मानसून ने फिर जोर पकड़ा और महीने के दूसरे हिस्से में स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय हुआ। इससे बारिश के आंकड़े में सुधार आया, लेकिन जून की कमी अब तक पूरी नहीं हो पाई है। पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में औसतन 37.3 इंच बारिश होती है, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है।

  • मध्यप्रदेश में चार IAS अधिकारियों का तबादला, गृह से पर्यटन और खनिज से उच्च शिक्षा विभाग में बदली जिम्मेदारी

    मध्यप्रदेश में चार IAS अधिकारियों का तबादला, गृह से पर्यटन और खनिज से उच्च शिक्षा विभाग में बदली जिम्मेदारी

    मध्यप्रदेश: में प्रशासनिक स्तर पर एक बार फिर फेरबदल किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने 19 अगस्त 2026 को चार भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। इस बदलाव के तहत अधिकारियों को गृह, उच्च शिक्षा, पर्यटन और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सभी पदस्थापनाएं अस्थाई रूप से स्थानापन्न पद पर की गई हैं और यह व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।

    तबादला आदेश के अनुसार 2012 बैच की IAS अधिकारी भारती जाटव ओगरे को नई जिम्मेदारी दी गई है। वे इससे पहले खनिज साधन विभाग में अपर सचिव के पद पर कार्यरत थीं। अब उन्हें उच्च शिक्षा विभाग में अपर सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी नई पदस्थापना 17 जून 2026 को जारी पुराने आदेश में संशोधन के तहत की गई है।

    2013 बैच की IAS अधिकारी मनीषा सेतिया की जिम्मेदारी में भी बदलाव किया गया है। वे अब तक गृह विभाग में अपर सचिव के रूप में कार्य कर रही थीं। नए आदेश के तहत उन्हें गृह विभाग से हटाकर पर्यटन विभाग में अपर सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पर्यटन विभाग के प्रशासनिक कामकाज में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

    इसी क्रम में 2016 बैच की IAS अधिकारी शुचिस्मिता सक्सेना को भी नई जिम्मेदारी मिली है। वे पहले लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में उप सचिव के पद पर कार्यरत थीं। अब उन्हें गृह विभाग में उप सचिव बनाया गया है। गृह विभाग राज्य प्रशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यहां उनकी नई पदस्थापना प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    2017 बैच के IAS अधिकारी विवेक कुमार को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। वे फिलहाल पदस्थापना का इंतजार कर रहे थे। अब उन्हें नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी नई पदस्थापना के बाद विभाग से जुड़े प्रशासनिक कार्यों में उनकी भूमिका तय होगी।

    सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से जारी किया गया है। आदेश पर मुख्य सचिव अशोक बर्नवाल के हस्ताक्षर हैं। आदेश की प्रतियां संबंधित अधिकारियों और विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों को भेजी गई हैं। इनमें राज्यपाल कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग तथा मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली सहित संबंधित विभाग शामिल हैं।

    गृह, उच्च शिक्षा और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। खासतौर पर गृह विभाग में अधिकारी स्तर पर बदलाव होने से विभागीय कामकाज की जिम्मेदारियों का नया वितरण हुआ है। वहीं उच्च शिक्षा विभाग में नई पदस्थापना से शिक्षा प्रशासन से जुड़े कार्यों में नई भूमिका तय होगी।

    पर्यटन विभाग में मनीषा सेतिया की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और विभिन्न पर्यटन स्थलों की सुविधाओं को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। दूसरी ओर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग में विवेक कुमार की नियुक्ति ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

    सरकार की ओर से इन तबादलों के पीछे किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार यह प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों की नवीन पदस्थापना है। अब संबंधित अधिकारी अपनी नई जिम्मेदारियों के अनुसार विभागों में कार्यभार संभालेंगे और उनके कार्यभार ग्रहण करने के बाद विभागीय कामकाज में बदलाव दिखाई देगा।

  • मूविंग सीट से लेकर रोलर कोस्टर राइड तक इंदौर जू का 14D थिएटर बना नया आकर्षण पहले दिन सभी शो फुल

    मूविंग सीट से लेकर रोलर कोस्टर राइड तक इंदौर जू का 14D थिएटर बना नया आकर्षण पहले दिन सभी शो फुल


    इंदौर इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में शुरू हुआ 14D थिएटर आम लोगों के लिए खुलते ही शहरवासियों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है। मंगलवार को पहले दिन थिएटर के लगभग सभी शो हाउसफुल रहे और बड़ी संख्या में लोग परिवार तथा बच्चों के साथ यहां पहुंचे। सामान्य सिनेमा हॉल से बिल्कुल अलग अनुभव देने वाले इस थिएटर में दर्शकों को मूविंग सीट्स के साथ विजुअल इफेक्ट्स और अलग अलग राइडिंग इफेक्ट्स का अनुभव कराया जा रहा है। यही वजह रही कि पहले ही दिन थिएटर को देखने और इसमें फिल्म का रोमांच महसूस करने के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह नजर आया।

    14D थिएटर में फिल्म देखने के दौरान दर्शकों को केवल स्क्रीन पर दृश्य देखने तक सीमित नहीं रहना पड़ता बल्कि स्क्रीन पर दिखाई जा रही गतिविधियों के साथ सीटों की मूवमेंट और अलग अलग इफेक्ट्स का अनुभव भी मिलता है। कभी सीट आगे पीछे होती है तो कभी अचानक ऊपर नीचे की हलचल महसूस होती है। कई दृश्यों में ऐसा अनुभव कराया जाता है जैसे दर्शक खुद उसी घटना का हिस्सा हों। बच्चों के लिए यह अनुभव खास तौर पर रोमांचक रहा। पहले दिन थिएटर पहुंचे परिवारों में महिलाओं और बच्चों की संख्या काफी ज्यादा नजर आई।

    शो खत्म होने के बाद बच्चों में थिएटर के अनुभव को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। कई बच्चों ने बताया कि उन्होंने इससे पहले ऐसा थिएटर नहीं देखा था। उनके लिए सबसे ज्यादा रोमांचक रोलर कोस्टर जैसी राइड रही। सीटों का अचानक हिलना डुलना और स्क्रीन पर चल रहे दृश्यों के साथ शरीर को मिलने वाला मूवमेंट बच्चों को खूब पसंद आया। कुछ बच्चों के लिए यह अनुभव किसी मनोरंजन पार्क की राइड जैसा रहा और उन्होंने इसे दोबारा देखने की इच्छा भी जताई।

    बच्चों के साथ थिएटर पहुंचे अभिभावकों ने भी इसे सामान्य फिल्म देखने से अलग अनुभव बताया। कई माता पिता का कहना था कि बच्चों के साथ समय बिताने और उन्हें कुछ नया अनुभव कराने के लिहाज से यह जगह काफी अच्छी है। दर्शकों ने सीटों की मूवमेंट विजुअल इफेक्ट्स और अलग अलग राइडिंग इफेक्ट्स को थिएटर की सबसे बड़ी खासियत बताया। कुछ लोगों ने इसे पैसा वसूल अनुभव करार दिया। उनका कहना था कि इंदौर आने वाले रिश्तेदारों और बाहर से आने वाले मेहमानों को भी अब इस थिएटर का अनुभव कराया जा सकता है।

    14D थिएटर को लेकर युवाओं में भी खासा उत्साह दिखाई दिया। युवाओं ने बताया कि शहर में मनोरंजन के कई विकल्प मौजूद हैं लेकिन इस तरह का अनुभव अलग है। खास तौर पर सीटों की मूवमेंट और स्क्रीन पर दिखाई देने वाले दृश्यों के साथ होने वाले इफेक्ट्स ने उन्हें प्रभावित किया। पहले दिन बड़ी संख्या में युवाओं के पहुंचने से यह भी साफ हुआ कि थिएटर सिर्फ बच्चों तक सीमित आकर्षण नहीं है बल्कि अलग तरह के मनोरंजन की तलाश करने वाले लोगों को भी आकर्षित कर रहा है।

    हालांकि वर्चुअल जंगल सफारी को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया पूरी तरह एक जैसी नहीं रही। कुछ लोगों को इसका अनुभव अच्छा लगा जबकि कुछ दर्शकों को यह उनकी उम्मीद के मुताबिक प्रभावी नहीं लगा। इसके बावजूद 14D थिएटर के मुख्य अनुभव को लेकर ज्यादातर दर्शकों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही।

    वहीं कुछ अभिभावकों ने छोटे बच्चों के टिकट की कीमत को लेकर भी सुझाव दिया। एक महिला दर्शक ने कहा कि छोटे बच्चों के लिए टिकट की दर कम होनी चाहिए क्योंकि अचानक होने वाली सीटों की तेज मूवमेंट और इफेक्ट्स से कुछ छोटे बच्चे डर सकते हैं। ऐसी स्थिति में माता पिता को शो बीच में छोड़कर बच्चे को बाहर लाना पड़ सकता है। इसके लिए छोटे बच्चों के टिकट पर अलग दर तय करने की मांग भी सामने आई।

    पहले ही दिन मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद कमला नेहरू जू का 14D थिएटर इंदौर में मनोरंजन के नए आकर्षण के तौर पर उभरता दिखाई दे रहा है। परिवार बच्चों और युवाओं की मौजूदगी ने इसकी लोकप्रियता की शुरुआत को खास बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि शुरुआती उत्साह के बाद भी दर्शकों की भीड़ इसी तरह बनी रहती है या नहीं।

  • 19 अगस्त को भोपाल में बरसेंगे बादल या मिलेगी राहत? मौसम विभाग के अलर्ट के बीच जानें दिनभर का हाल

    19 अगस्त को भोपाल में बरसेंगे बादल या मिलेगी राहत? मौसम विभाग के अलर्ट के बीच जानें दिनभर का हाल


    भोपाल  भोपाल में 19 अगस्त बुधवार को मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ सकता है। राजधानी में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अब भी मानसून सक्रिय बना हुआ है और मध्य प्रदेश समेत मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। मौसम से जुड़े ताजा पूर्वानुमानों में 19 अगस्त को मध्य प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बने रहने के संकेत हैं। ऐसे में भोपाल के लोगों को बुधवार को बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज चमक का सामना करना पड़ सकता है।

    भोपाल में पिछले दिनों लगातार हुई बारिश ने शहर की रफ्तार पर भी असर डाला था। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी और लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम में कुछ समय के लिए राहत जरूर मिली लेकिन बारिश का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। स्थानीय मौसम रिपोर्टों में भी भोपाल में आगे बारिश की संभावना बनी रहने की बात सामने आई है। ऐसे में 19 अगस्त को भी शहर में मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद कम है।

    बुधवार की शुरुआत बादलों के बीच हो सकती है। दिन चढ़ने के साथ कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मानसूनी परिस्थितियों के कारण एक ही समय में पूरे शहर में समान बारिश होना जरूरी नहीं है। राजधानी के किसी हिस्से में तेज बौछारें पड़ सकती हैं तो दूसरे इलाके में केवल बादल छाए रहने या हल्की बारिश होने की स्थिति बन सकती है। इसी वजह से घर से बाहर निकलने वाले लोगों को अचानक बदलने वाले मौसम के लिए तैयार रहना बेहतर होगा।

    बारिश के दौरान तापमान में भी राहत मिलने की उम्मीद रहती है। बादल और बारिश की वजह से दिन में गर्मी का असर कम हो सकता है और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना महसूस हो सकता है। हालांकि बारिश रुकने के बाद उमस बढ़ सकती है। अगर बुधवार को तेज बारिश होती है तो शहर की सड़कों पर पानी जमा होने से ट्रैफिक की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है। खासतौर पर निचले इलाकों और उन रास्तों पर लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए जहां बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है।

    गरज चमक के दौरान सावधानी रखना भी जरूरी होगा। खुले मैदानों में रहने या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। दोपहिया वाहन से सफर करने वाले लोगों के लिए बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन और कम दृश्यता परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में जरूरी होने पर ही तेज बारिश के दौरान यात्रा करना बेहतर रहेगा।

    मौसम विभाग के व्यापक पूर्वानुमानों के मुताबिक 19 अगस्त को देश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी की गतिविधियां बनी रह सकती हैं और मध्य प्रदेश भी प्रभावित राज्यों में शामिल है। इसलिए भोपाल में रहने वाले लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

    कुल मिलाकर 19 अगस्त को भोपाल में मौसम का मिजाज मिलाजुला रहने की संभावना है। आसमान में बादलों का डेरा रहने के साथ बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। हालांकि बारिश कितनी तेज होगी और शहर के किन हिस्सों में ज्यादा असर रहेगा यह स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। इसलिए बुधवार को बाहर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी देखना और बारिश की स्थिति में जरूरी सावधानी बरतना समझदारी होगी।

  • बर्थडे मनाने निकला परिवार, लौटकर आई मौत! 8 साल के मासूम ने बताया- पापा ने मां को चाकू मारा, बहन को तालाब में डुबोया

    बर्थडे मनाने निकला परिवार, लौटकर आई मौत! 8 साल के मासूम ने बताया- पापा ने मां को चाकू मारा, बहन को तालाब में डुबोया


    इंदौर इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र के झलारिया गांव में हुई एक खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद अपने ही दो बच्चों को तालाब में फेंक दिया। इस घटना में 10 साल की बेटी माही की मौत हो गई जबकि 8 साल का बेटा अजय किसी तरह पानी से बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा। इसके बाद बच्चा किसी तरह पुलिस तक पहुंचा और उसने जो घटनाक्रम बताया उससे पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने आरोपी पिता सुनील चौहान को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान 32 वर्षीय अनीता बाई के रूप में हुई है। उसका पति सुनील चौहान करीब 37 साल का है और पेशे से ड्राइवर है। बताया जा रहा है कि परिवार कुछ समय पहले ही झलारिया गांव में किराए के मकान में रहने आया था। मकान मालिक विक्रम चौधरी के मुताबिक घटना वाली रात सुनील अपनी पत्नी को जन्मदिन मनाने की बात कहकर रात करीब साढ़े नौ से दस बजे के बीच घर से बाहर लेकर गया था। उस समय दोनों बच्चे घर पर ही थे। कुछ देर बाद सुनील वापस आया और दोनों बच्चों को भी अपने साथ ले गया।

    इसके बाद घटनाक्रम ने बेहद भयावह रूप ले लिया। 8 साल के अजय के मुताबिक उसके माता-पिता के बीच पैसों को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद उसके पिता ने उसकी मां के साथ मारपीट की और चाकू से हमला किया। बच्चे ने पुलिस को बताया कि उसकी मां गंभीर रूप से घायल होकर तड़प रही थी और इसके बाद उसके पिता ने कथित तौर पर उसका गला भी दबाया। हालांकि हत्या की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम और पुलिस जांच के बाद ही होगी।

    अजय के मुताबिक इसके बाद उसका पिता उसे और उसकी बहन माही को हिंगोनिया के पास स्थित तालाब पर ले गया। वहां दोनों बच्चों को पानी में फेंक दिया गया। अजय किसी तरह पानी से बाहर निकलने में सफल रहा। इसके बाद वह अकेला पुलिस तक पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी। बच्चे की सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी और कुछ समय बाद उसे झलारिया गांव से पकड़ लिया।

    पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर अनीता का शव बरामद किया गया। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने तालाब में सर्च ऑपरेशन चलाया। रातभर चले तलाशी अभियान के बाद 10 साल की माही का शव भी तालाब से बरामद कर लिया गया। शुरुआती जांच में अनीता के शरीर पर चाकू के निशान मिलने की बात सामने आई है। पुलिस को गला घोंटने के भी संकेत मिले हैं। वहीं माही की मौत पानी में डूबने से होने की आशंका है। मौत की सटीक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद सामने आएगी।

    मृतका के मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि अनीता और सुनील के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। अनीता के पिता सुखराम के मुताबिक सुनील पहले भी उनकी बेटी के साथ मारपीट करता था और कई साल पहले उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी की गई थी। परिजनों का कहना है कि विवाद नया नहीं था और घरेलू हिंसा की घटनाएं पहले भी सामने आती रही थीं।

    परिजनों के अनुसार सुनील अनीता पर शक करता था और उसके दूसरे लोगों से बातचीत करने को लेकर विवाद करता था। करीब 20 दिन पहले भी मारपीट के बाद अनीता बच्चों के साथ इंदौर आई थी। परिवार की एक और बेटी अनुष्का भी सुनील के साथ नहीं रहती थी और दादा-दादी के पास रहती थी। परिजनों का आरोप है कि उसके साथ भी मारपीट की जाती थी।

    वहीं सुनील की रिश्तेदार मालती कौशल ने अनीता के चरित्र को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि अनीता का व्यवहार अच्छा था और उन्होंने कभी उसके चरित्र को लेकर ऐसी कोई बात नहीं देखी। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार अलग-अलग रहता था इसलिए उन्हें घटना की पूरी जानकारी नहीं है।

    पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या अचानक हुए विवाद के बाद हुई या आरोपी ने पहले से इसकी योजना बनाई थी। पुलिस घटना की पूरी टाइमलाइन के साथ हत्या के कारण और आरोपी के बयानों की भी जांच कर रही है। इस दर्दनाक घटना में एक मां और उसकी 10 साल की बेटी की जान चली गई जबकि 8 साल का बेटा इस भयावह घटना का प्रत्यक्षदर्शी बन गया है।

  • बच्चों के पोषण पर संकट गहराया! प्रदेश के सभी 7 पोषण आहार प्लांट बंद, तय लक्ष्य से 130 दिन कम मिला आहार

    बच्चों के पोषण पर संकट गहराया! प्रदेश के सभी 7 पोषण आहार प्लांट बंद, तय लक्ष्य से 130 दिन कम मिला आहार


    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश में कुपोषण के खिलाफ चल रही योजनाओं के बीच पोषण व्यवस्था को लेकर चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। मिशन पोषण 2.0 के तहत गर्भवती महिलाओं स्तनपान कराने वाली माताओं और 6 वर्ष तक के बच्चों को साल में कम से कम 300 दिन पोषण आहार दिया जाना चाहिए। लेकिन प्रदेश की करीब 97 हजार आंगनबाड़ियों में जुलाई तक लगभग 170 दिन ही नियमित पोषण आहार पहुंच सका। यानी जिन बच्चों और महिलाओं को सालभर पर्याप्त पोषण मिलना चाहिए था उन्हें तय अवधि के मुकाबले काफी कम दिनों तक आहार मिल पाया।

    स्थिति की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि प्रदेश में पोषण आहार तैयार करने वाले सभी 7 प्लांट बंद हो चुके हैं। रीवा सागर देवास शिवपुरी और होशंगाबाद समेत अलग-अलग जिलों में संचालित इन प्लांटों के बंद होने की वजह भारी आर्थिक घाटा बताया जा रहा है। नई व्यवस्था शुरू करने के लिए अभी तक टेंडर जारी नहीं होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में आंगनबाड़ियों तक नियमित पोषण आहार पहुंचाने की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    पोषण की स्थिति से जुड़े आंकड़े भी चिंता बढ़ा रहे हैं। एनएफएचएस-6 के आंकड़ों के मुताबिक देश के स्तर पर कुपोषण से जुड़े कई संकेतकों में सुधार दिखाई दिया है लेकिन मध्य प्रदेश में कुछ प्रमुख मानकों पर स्थिति कमजोर हुई है। प्रदेश में वेस्टिंग यानी बच्चे की लंबाई के अनुपात में कम वजन की स्थिति करीब 6 प्रतिशत बढ़ी है। अब लगभग हर चौथा बच्चा वेस्टिंग से प्रभावित बताया जा रहा है। स्टंटिंग यानी उम्र के हिसाब से कम लंबाई वाले बच्चों के आंकड़े में करीब 2 प्रतिशत सुधार हुआ है लेकिन अब भी 33.3 प्रतिशत बच्चे इस स्थिति से प्रभावित हैं।

    ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और ज्यादा चिंताजनक बताई गई है। यहां अंडरवेट यानी उम्र के अनुपात में कम वजन वाले बच्चों का आंकड़ा पिछले सर्वे में करीब 33 प्रतिशत था जो बढ़कर 42 प्रतिशत से अधिक हो गया है। इसका मतलब है कि ग्रामीण इलाकों में हर 10 बच्चों में 4 से ज्यादा बच्चे कम वजन की समस्या से जूझ रहे हैं। यह आंकड़ा पोषण व्यवस्था की प्रभावशीलता और आंगनबाड़ी सेवाओं की पहुंच को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

    पोषण से जुड़ी सरकारी योजनाओं के बीच महिलाओं के लाभ को लेकर भी एक अलग मुद्दा सामने आया है। बैगा भारिया और सहरिया जनजातियों की महिला मुखिया को आहार अनुदान योजना के तहत पहले 1000 रुपए और अब 1500 रुपए प्रतिमाह दिए जाते हैं। दूसरी ओर लाड़ली बहना योजना के नियमों के अनुसार दूसरी योजना से 1500 रुपए या उससे अधिक की राशि पाने वाली महिला पात्र नहीं होती। इसी वजह से इन जनजातीय समुदायों की 3 लाख से अधिक पात्र महिलाओं के लाड़ली बहना योजना से बाहर होने की बात कही गई है।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आहार अनुदान का उद्देश्य पोषण उपलब्ध कराना है जबकि लाड़ली बहना योजना महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता से जुड़ी है। उनका तर्क है कि दोनों योजनाओं का उद्देश्य अलग है इसलिए एक योजना का लाभ मिलने के आधार पर दूसरी योजना से महिलाओं को बाहर नहीं किया जाना चाहिए।

    मध्य प्रदेश में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की आबादी भी काफी बड़ी है। देश में 75 जनजातीय समूहों को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के तौर पर चिन्हित किया गया है। मध्य प्रदेश में डिंडोरी मंडला बालाघाट अनूपपुर और उमरिया में बैगा समुदाय श्योपुर में सहरिया और छिंदवाड़ा के पातालकोट क्षेत्र में भारिया समुदाय की बड़ी आबादी रहती है। देश में करीब 45 लाख विशेष रूप से कमजोर जनजातीय आबादी में लगभग 12 लाख लोगों के मध्य प्रदेश में होने का दावा किया गया है।

    कुपोषण की जमीनी स्थिति दतिया से सामने आए एक मामले से भी समझी जा सकती है। सलैया पमार आदिवासी डेरा की 16 महीने की नीलू आदिवासी को उल्टी और दस्त के बाद 10 अगस्त को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसका वजन 5.2 किलो बताया गया जबकि इस उम्र में सामान्य वजन करीब 10 किलो के आसपास होना चाहिए। हालत में सुधार के बाद परिवार उसे घर ले गया लेकिन बाद में तबीयत बिगड़ने से बच्ची की मौत हो गई।

    बताया गया कि गांव में छह अन्य बच्चे भी अतिकुपोषित हैं। बावजूद इसके बच्ची की मौत के बाद स्वास्थ्य टीम के समय पर गांव नहीं पहुंचने को लेकर सवाल उठे हैं। बीएमओ डॉ. राहुल चऊदा ने टीम भेजने की बात कही है जबकि कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने मामले की जांच कराने की बात कही है।

    गांव की स्थिति में स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं की दूसरी कमियां भी सामने आई हैं। स्थानीय स्तर पर उपस्वास्थ्य केंद्र बंद मिला। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के अनुसार गांव में करीब 70 बच्चे हैं लेकिन पोषण ट्रैकर एप पर केवल 20 बच्चों का रिकॉर्ड दर्ज है। समग्र आईडी और आधार से जुड़ी दिक्कतों के कारण बाकी बच्चों को पोषण आहार नहीं मिलने की बात सामने आई है। गर्भवती महिलाओं को मिलने वाला टेक होम राशन भी करीब पांच महीने से नहीं पहुंचने का दावा किया गया है।

    यह स्थिति बताती है कि कुपोषण से लड़ाई सिर्फ योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रह सकती। बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक समय पर पोषण आहार पहुंचना स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना और पात्र हितग्राहियों का सही रिकॉर्ड तैयार करना भी उतना ही जरूरी है। जब पोषण आहार की निर्धारित अवधि 300 दिनों की हो और वितरण करीब 170 दिनों तक सीमित रह जाए तो व्यवस्था की निरंतरता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ऐसे में बंद पड़े प्लांटों को लेकर जल्द निर्णय और आंगनबाड़ी स्तर पर नियमित पोषण व्यवस्था बहाल करना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है।

  • ग्रुप-3 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, MP में बंपर पदों पर मौका; आवेदन शुल्क से लेकर परीक्षा तक जानें पूरी डिटेल

    ग्रुप-3 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, MP में बंपर पदों पर मौका; आवेदन शुल्क से लेकर परीक्षा तक जानें पूरी डिटेल


    मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की ओर से ग्रुप-3 के तहत 1040 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इस भर्ती में सब इंजीनियर ड्राफ्ट्समैन प्रयोगशाला तकनीशियन समेत कई पद शामिल हैं। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 18 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 1 सितंबर निर्धारित की गई है। भर्ती के लिए संयुक्त परीक्षा 6 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। ऐसे में उम्मीदवारों के पास आवेदन करने के साथ परीक्षा की तैयारी के लिए भी सीमित समय है।

    ग्रुप-3 भर्ती में अलग-अलग विभागों और संस्थानों के कई पद शामिल किए गए हैं। इनमें भोपाल विकास प्राधिकरण में सब इंजीनियर के 36 पद और इंदौर विकास प्राधिकरण में सब इंजीनियर के 44 पद बताए गए हैं। इसके अलावा ड्राफ्ट्समैन प्रयोगशाला तकनीशियन और अन्य समकक्ष पदों पर भी नियुक्तियां की जाएंगी। पदों की योग्यता और संबंधित तकनीकी शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले भर्ती से जुड़ी आधिकारिक जानकारी और अपने पद की पात्रता जरूर जांचनी चाहिए।

    इस भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है। पात्र आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष तक की छूट दी जाएगी। आवेदन शुल्क की बात करें तो सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 500 रुपए शुल्क निर्धारित है जबकि OBC EWS दिव्यांगजन SC और ST वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 250 रुपए प्रति प्रश्नपत्र शुल्क रखा गया है। आवेदन करते समय उम्मीदवारों को शुल्क और अन्य प्रक्रिया की जानकारी ध्यान से जांचनी चाहिए।

    ग्रुप-3 की संयुक्त भर्ती परीक्षा 6 अक्टूबर 2026 से आयोजित की जाएगी। परीक्षा की तारीख शिफ्ट और परीक्षा केंद्र से जुड़ी जानकारी उम्मीदवारों को प्रवेश पत्र के माध्यम से मिलेगी। इसलिए आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद अभ्यर्थियों को कर्मचारी चयन मंडल की ओर से जारी होने वाले अपडेट पर लगातार नजर रखनी होगी। परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी होने के बाद उसमें दिए गए केंद्र और समय की जानकारी को ध्यान से देखना जरूरी होगा।

    परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए पहचान और दस्तावेजों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियम भी हैं। आधार कार्ड का UIDAI से सत्यापन होना जरूरी बताया गया है। इसके अलावा वोटर आईडी PAN कार्ड आधार ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट में से किसी एक मूल पहचान पत्र को साथ रखना होगा। उम्मीदवार को आधार कार्ड या ई आधार की कॉपी भी अपने साथ रखनी होगी। आधार नंबर या VID की आवश्यकता पड़ सकती है।

    परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था रहेगी। इसके लिए उम्मीदवारों को आधार का Unlock Status सुनिश्चित रखना होगा। परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया जा सकता है इसलिए उम्मीदवारों को निर्धारित समय से पहले केंद्र पहुंचना चाहिए। परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन कैलकुलेटर डिजिटल वॉच और अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना मान्य नहीं होगा।

    उम्मीदवारों को आवेदन क्रमांक सुरक्षित रखना चाहिए क्योंकि आगे की प्रक्रिया में इसकी जरूरत पड़ सकती है। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र और काला बॉल पेन साथ ले जाना जरूरी होगा। परीक्षा शुरू होने के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। नियुक्ति के समय संबंधित प्रमाण पत्रों और दस्तावेजों की जांच की जाएगी इसलिए आवेदन में दी गई जानकारी और दस्तावेजों में किसी तरह की गलती नहीं होनी चाहिए।

    मध्य प्रदेश के रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन भी भर्ती से जुड़ी पात्रता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए अभ्यर्थियों को अपने रोजगार पंजीयन की स्थिति पहले ही जांच लेनी चाहिए। बैगा सहरिया और भारिया जनजाति के उम्मीदवारों को इस भर्ती परीक्षा से अलग से छूट नहीं दी गई है। ऐसे अभ्यर्थियों को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं।

    सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती महत्वपूर्ण अवसर है क्योंकि एक साथ 1040 पदों पर नियुक्ति का मौका मिल रहा है। आवेदन की अंतिम तारीख नजदीक होने के कारण उम्मीदवारों को अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन पूरा कर लेना चाहिए। साथ ही परीक्षा की तारीख को ध्यान में रखते हुए विषयवार तैयारी शुरू करना भी जरूरी है। आवेदन से पहले उम्मीदवार आधिकारिक भर्ती नियम पात्रता पदवार योग्यता और दस्तावेजों की शर्तों को अच्छी तरह पढ़ लें ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।