Category: Madhya Pradesh

  • आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: इंदौर से 144 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार

    आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: इंदौर से 144 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार

    इंदौर । इंदौर में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है। शहर के तुलसी नगर क्षेत्र स्थित एक बंगले में संचालित अवैध शराब निर्माण इकाई पर छापा मारकर विभाग ने 144 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की है। कार्रवाई के दौरान मौके से विनोद तलइया नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां तैयार की जा रही शराब की सप्लाई केवल इंदौर तक सीमित नहीं थी बल्कि राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों तक भी की जा रही थी।

    आबकारी विभाग के कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि विभाग को मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि तुलसी नगर के एक बंगले में बड़े पैमाने पर अवैध शराब तैयार की जा रही है। सूचना की पुष्टि होने के बाद विशेष टीम का गठन कर मौके पर दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान टीम को भारी मात्रा में अवैध शराब के साथ शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और मशीनरी भी मिली। बरामद सामग्री को जब्त कर लिया गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

    पूछताछ में आरोपी विनोद तलइया ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। उसने स्वीकार किया कि तैयार शराब को इंदौर सहित राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता था। जांच अधिकारियों के अनुसार यह कारोबार लंबे समय से संचालित किया जा रहा था और इसके जरिए बड़ी मात्रा में अवैध कमाई की जा रही थी। प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि तैयार शराब को केसर कस्तूरी नाम से बाजार में बेचा जा रहा था।

    आबकारी विभाग को आशंका है कि बरामद शराब में ऐसे रसायनों का उपयोग किया गया हो सकता है जो मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक साबित हो सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए शराब के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि शराब में किन पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था और उसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    विभाग अब इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और शराब की सप्लाई किन-किन जिलों तथा राज्यों तक की जा रही थी। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

    आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल विभाग को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई कर जनस्वास्थ्य और कानून व्यवस्था को सुरक्षित रखा जा सके।

  • निर्जला एकादशी से चमकेगी इन 4 राशियों की किस्मत, श्रीहरि विष्णु की कृपा से बनेंगे सफलता और धन लाभ के योग

    निर्जला एकादशी से चमकेगी इन 4 राशियों की किस्मत, श्रीहरि विष्णु की कृपा से बनेंगे सफलता और धन लाभ के योग

    नई दिल्ली। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी का व्रत आज श्रद्धा और आस्था के साथ रखा जा रहा है। हिंदू धर्म में इसे सबसे महत्वपूर्ण और पुण्यदायी एकादशियों में से एक माना जाता है। भगवान विष्णु को समर्पित इस व्रत को लेकर मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक उपवास और पूजा-अर्चना करने से वर्षभर की सभी एकादशियों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, निर्जला एकादशी के प्रभाव से कुछ राशियों के जीवन में शुभ परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। इन राशियों पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा रहने के कारण करियर, धन और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं।

    वृषभ राशि

    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय लाभदायक साबित हो सकता है। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है और मेहनत का उचित फल मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। साथ ही भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में संतुलन और स्थिरता बनी रह सकती है।

    कर्क राशि
    निर्जला एकादशी के बाद कर्क राशि के लोगों को कई मामलों में राहत मिल सकती है। मानसिक तनाव कम होने के साथ पारिवारिक माहौल भी सुखद रह सकता है। कार्यक्षेत्र में बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है। नियमित रूप से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से शुभ फलों में वृद्धि हो सकती है।

    सिंह राशि
    सिंह राशि के जातकों के लिए यह अवधि उपलब्धियों से भरी रह सकती है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होने के योग हैं। आत्मविश्वास और परिश्रम के बल पर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की जा सकती है।

    तुला राशि
    तुला राशि वालों के लिए आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं। नौकरी और व्यवसाय से जुड़े नए अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से चली आ रही परेशानियां धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। धार्मिक गतिविधियों में भागीदारी और भगवान विष्णु की भक्ति इनके लिए विशेष लाभकारी साबित हो सकती है।

    धार्मिक मान्यता
    ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, निर्जला एकादशी का दिन भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए व्रत, दान और पूजा से शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता है।

  • मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, आज 46 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी

    मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, आज 46 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी

    भोपाल। मध्य प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र के 15 जिलों में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों में मानसून प्रदेश के शेष हिस्सों को भी कवर कर लेगा। हालांकि ग्वालियर-चंबल संभाग में मानसून सबसे आखिर में पहुंचने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 46 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं सीधी जिले में लू चलने की आशंका है। इसके अलावा नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, रीवा और सिंगरौली में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है।

    विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, सतना, सीधी, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी के साथ बारिश होने का अनुमान है।

    इन जिलों में पहुंच चुका है मानसून

    आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी जिलों में मानसून के आगमन की घोषणा की जा चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से चार दिनों के भीतर मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा।

    इस बार सामान्य से कम बारिश के संकेत

    मौसम केंद्र (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। प्रदेश में औसत 37.3 इंच बारिश के मुकाबले 30 से 32 इंच तक वर्षा दर्ज होने का अनुमान लगाया गया है।

    मानसून की देरी से बारिश में 50 प्रतिशत की कमी

    मानसून के विलंब से पहुंचने के कारण 24 जून तक प्रदेश में सूखे जैसे हालात बने रहे। एक जून से अब तक जहां औसतन 84.8 मिमी (3.6 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, वहीं केवल 42 मिमी (1.6 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 50 प्रतिशत कम है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर समेत प्रदेश के 48 जिलों में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

  • दिव्यांगों की आवाज बने राहुल शाह, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; शिक्षा, रोजगार और सुविधाओं की उठाई मांग

    दिव्यांगों की आवाज बने राहुल शाह, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; शिक्षा, रोजगार और सुविधाओं की उठाई मांग


    नई दिल्ली ।सिंगरौली जिले के मूकबधिर एवं अन्य दिव्यांगजनों ने अपनी समस्याओं और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर नवागत कलेक्टर गौरव बैनल से मुलाकात की। दिव्यांगजनों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और विशेष सुविधाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से आग्रह किया कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए प्रभावी एवं जमीनी स्तर पर कदम उठाए जाएं।

    बैठक के दौरान दिव्यांग समुदाय का नेतृत्व कर रहे राहुल शाह ने कलेक्टर को अपनी जिम्मेदारियों और कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने अपने दस्तावेज और प्रमाण पत्र प्रस्तुत करते हुए बताया कि उन्हें दिव्यांग व्यक्तियों से जुड़े मामलों में सहयोग और मार्गदर्शन के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा अधिकृत किया गया है। राहुल शाह ने कहा कि उनका उद्देश्य देशभर के मूकबधिर और दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करना तथा उनकी समस्याओं को संबंधित संस्थाओं और न्यायिक मंचों तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य के तहत वे सिंगरौली के मूकबधिर समुदाय की आवाज बनकर कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं।

    प्रतिनिधिमंडल की सबसे प्रमुख मांग जिले में बंद पड़े मूकबधिर बच्चों के विशेष विद्यालय को दोबारा शुरू करने की रही। राहुल शाह ने बताया कि पूर्व में संचालित यह विद्यालय कई कारणों से बंद हो गया था, जिससे जिले के दिव्यांग बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के पुनः संचालन से सैकड़ों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य का अवसर मिल सकेगा।

    इसके अलावा दिव्यांगजनों ने जिले में संचालित औद्योगिक कंपनियों के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड के माध्यम से कौशल विकास और स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम दिव्यांग युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    बैठक में मौजूद अन्य दिव्यांगजनों ने रोजगार के अवसर बढ़ाने, विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने, बेरा टेस्ट की सुलभ सुविधा उपलब्ध कराने, साइन लैंग्वेज विशेषज्ञों की नियुक्ति करने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के सीधे दिव्यांगजनों तक पहुंचाने की मांग की। साथ ही खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए मंच उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया गया ताकि दिव्यांग प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

    कलेक्टर गौरव बैनल ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को इन पर आवश्यक परीक्षण और कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का भरोसा दिलाया।

    कलेक्टर की ओर से मिले आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन जल्द ही विशेष विद्यालय के पुनः संचालन, रोजगार सृजन और अन्य सुविधाओं की दिशा में ठोस कदम उठाएगा। इससे जिले के दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी के नए अवसर प्राप्त हो सकेंगे।

  • MP में UCC को जबरदस्त समर्थन: 93% लोगों ने कहा हां, मुस्लिम महिलाओं ने भी दिखाई सहमति

    MP में UCC को जबरदस्त समर्थन: 93% लोगों ने कहा हां, मुस्लिम महिलाओं ने भी दिखाई सहमति


    नई दिल्ली ।मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई है। राज्य सरकार द्वारा आम जनता से सुझाव आमंत्रित किए गए थे और अब सामने आए आंकड़ों ने इस मुद्दे को नई दिशा दे दी है। सरकार के अनुसार प्रदेश भर से 9.5 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए जिनमें से करीब 8.9 लाख लोगों ने यूसीसी के समर्थन में अपनी राय दी। यह कुल सुझावों का लगभग 93 प्रतिशत है।

    सरकारी आंकड़ों के मुताबिक महिलाओं का समर्थन पुरुषों की तुलना में अधिक रहा। लगभग 4 लाख महिलाओं में से 3.8 लाख यानी 95 प्रतिशत ने यूसीसी के पक्ष में राय दी। वहीं 5.5 लाख पुरुषों में से 5.1 लाख यानी 92 प्रतिशत ने इसका समर्थन किया। हिंदू समुदाय में समर्थन का प्रतिशत और भी अधिक रहा जहां पुरुषों में 95 प्रतिशत तथा महिलाओं में 97 प्रतिशत लोगों ने यूसीसी के पक्ष में अपनी राय रखी।

    सबसे अधिक चर्चा मुस्लिम समुदाय से मिले सुझावों को लेकर हो रही है। आंकड़ों के अनुसार मुस्लिम समुदाय के 29 हजार पुरुषों में से लगभग 38 प्रतिशत ने यूसीसी का समर्थन किया जबकि 15 हजार मुस्लिम महिलाओं में से 71 प्रतिशत महिलाओं ने इसके पक्ष में राय दी। इन आंकड़ों को सरकार सामाजिक बदलाव और महिलाओं के अधिकारों के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत मान रही है।

    सरकार को करीब दो हजार संस्थागत सुझाव भी प्राप्त हुए हैं जिनका परीक्षण और विश्लेषण किया जा रहा है। प्राप्त सभी सुझावों को 30 जून तक अंतिम मसौदे में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यूसीसी पर जनमत जुटाने के लिए राज्य सरकार ने 3.5 करोड़ से अधिक एसएमएस भी भेजे थे। बताया जा रहा है कि 5 जुलाई तक उच्च स्तरीय समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है जिसके बाद जुलाई में होने वाले विधानसभा सत्र में यूसीसी विधेयक पेश किया जा सकता है।

    भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने यूसीसी को महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा कानून बताते हुए कहा कि यह समाज में समानता स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम महिलाओं का समर्थन इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है और इससे उन्हें अपने अधिकारों के साथ सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा।

    हालांकि विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों ने इन आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने सरकार के दावों को भ्रामक बताते हुए कहा कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को साथ लेकर व्यापक चर्चा होनी चाहिए थी। वहीं हाजी मोहम्मद हारून ने भी सरकार के समर्थन संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यूसीसी जैसे संवेदनशील विषय पर सभी समुदायों की सहमति आवश्यक है।

    अब सबकी निगाहें जुलाई विधानसभा सत्र पर टिकी हैं जहां मध्य प्रदेश सरकार यूसीसी विधेयक पेश कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो उत्तराखंड के बाद मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने वाला देश का प्रमुख राज्य बन सकता है।

  • सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल, इंदौर में अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान गई; पुलिस CCTV फुटेज के सहारे जांच में जुटी

    सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल, इंदौर में अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान गई; पुलिस CCTV फुटेज के सहारे जांच में जुटी


    मध्य प्रदेश:  की आर्थिक राजधानी इंदौर में मंगलवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने एक बार फिर यातायात सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में हुए इन हादसों में एक महिला और एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों मामलों में वाहन चालक घटनास्थल से फरार हो गए, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर उनकी तलाश तेज कर दी है।

    पहला हादसा शहर के व्यस्त लवकुश चौराहे के समीप हुआ, जहां सड़क पार कर रही एक महिला को तेज रफ्तार आयशर वाहन ने टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला वाहन के नीचे आ गई और उसके ऊपर से पहिए गुजर गए। दुर्घटना के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    पुलिस जांच में मृतक महिला की पहचान खरगोन निवासी रीना के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह सड़क पार कर रही थीं, तभी तेज गति से आ रहे वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि दुर्घटना में शामिल वाहन को जब्त कर लिया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन के दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चालक की पहचान की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी सड़क पर बढ़ती लापरवाही और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की आवश्यकता जताई है।

    इसी दिन शहर के आजाद नगर क्षेत्र में तीन इमली के पास दूसरा गंभीर हादसा सामने आया। यहां स्कूटी से घर लौट रहे दो युवकों को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।

    दुर्घटना में जीत नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी संजू गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार दोनों युवक पालदा क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में कार्यरत थे और ड्यूटी समाप्त होने के बाद स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे।

    जांच के दौरान पता चला कि दुर्घटना को अंजाम देने वाला वाहन घटनास्थल से भाग निकला। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाना शुरू कर दिया है। फुटेज के आधार पर वाहन और चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जल्द ही आरोपी तक पहुंचा जा सकेगा।

    लगातार सामने आ रहे सड़क हादसे शहर में यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता को लेकर चिंता बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना और नियमों की अनदेखी ऐसे हादसों की प्रमुख वजह बन रही है। फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस की जांच जारी है और फरार चालकों की तलाश के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है।

  • इंदौर की ज्वेलरी दुकान में दिनदहाड़े ठगी: ग्राहक बनकर आया युवक सोने की चेन और अंगूठियां लेकर बाइक से हुआ फरार

    इंदौर की ज्वेलरी दुकान में दिनदहाड़े ठगी: ग्राहक बनकर आया युवक सोने की चेन और अंगूठियां लेकर बाइक से हुआ फरार


    मध्य प्रदेश:
    के इंदौर शहर में एक ज्वेलरी दुकान पर हुई सुनियोजित ठगी और चोरी की वारदात ने व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कनाड़िया थाना क्षेत्र स्थित एक प्रतिष्ठित ज्वेलरी शोरूम में ग्राहक बनकर पहुंचे युवक ने बड़ी चतुराई से दुकान संचालक और स्टाफ को बातचीत में उलझाया तथा मौका मिलते ही करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण लेकर फरार हो गया। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।

    घटना कनाड़िया रोड स्थित एक ज्वेलरी दुकान की है, जहां सोमवार को एक युवक ग्राहक बनकर पहुंचा। उसने खुद को खरीददार बताते हुए सोने की दो अंगूठियां और एक चेन देखने की इच्छा जताई। युवक ने काफी देर तक आभूषणों को देखा और उनके बारे में जानकारी हासिल की। उसने दुकानदार को भरोसा दिलाया कि वह यह सामान किसी को उपहार देने के लिए खरीदना चाहता है और भुगतान नकद करेगा। बातचीत के बाद उसने एटीएम से पैसे निकालकर आने की बात कही और वहां से चला गया।

    दुकान संचालक और स्टाफ को उस समय किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ क्योंकि युवक सामान्य ग्राहक की तरह व्यवहार कर रहा था। शाम के समय वह दोबारा दुकान पहुंचा और पहले पसंद किए गए आभूषणों को फिर से दिखाने की मांग की। उसने नकद भुगतान करने की बात दोहराई, जिसके बाद काउंटर पर मौजूद कर्मचारी ने उसे सोने की चेन और अंगूठियों का बॉक्स दिखाया।

    बताया जा रहा है कि युवक लगातार बातचीत कर माहौल को सामान्य बनाए हुए था। इसी दौरान उसने दुकान संचालक से आभूषणों का वजन कराने का अनुरोध किया। जैसे ही संचालक अपनी सीट से उठे और दूसरी ओर गए, आरोपी ने मौके का फायदा उठाया। उसने गहनों से भरा बॉक्स उठाया और तेजी से दुकान के बाहर निकल गया। जब तक दुकान का स्टाफ स्थिति को समझ पाता, वह बाहर खड़ी बाइक पर सवार होकर फरार हो चुका था।

    घटना के तुरंत बाद दुकान कर्मचारियों ने उसका पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी तेजी से मौके से निकल गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर ली।

    जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मास्क और टोपी पहन रखी थी। प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि उसने वारदात से पहले दुकान की रेकी की थी और पूरी योजना के साथ वहां पहुंचा था। पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि आरोपी जिस बाइक से आया था, उसकी नंबर प्लेट हटाई गई थी, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो सके।

    पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के इलाकों के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है ताकि उसके आने और जाने के रास्तों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की उम्मीद है।

    इस घटना ने शहर के व्यापारियों को सतर्क कर दिया है। पुलिस ने भी दुकानदारों से अपील की है कि महंगे सामान दिखाने के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखें ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

  • तुअर दाल के कारोबार में मुनाफे का झांसा देकर 65 लाख की ठगी, स्टॉक के फोटो दिखाकर कारोबारी को फंसाया; दो पर केस दर्ज

    तुअर दाल के कारोबार में मुनाफे का झांसा देकर 65 लाख की ठगी, स्टॉक के फोटो दिखाकर कारोबारी को फंसाया; दो पर केस दर्ज


    मध्य प्रदेश:
    की आर्थिक राजधानी इंदौर में व्यापारिक निवेश के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। तुअर दाल के कारोबार में अधिक मुनाफा दिलाने का भरोसा देकर एक कारोबारी से 65 लाख रुपए की राशि हासिल कर ली गई। आरोप है कि रकम लेने के बाद न तो माल की आपूर्ति की गई और न ही निवेश की गई राशि लौटाई गई। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार भंवरकुआं थाना क्षेत्र निवासी कारोबारी गिरीश रामनानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी पहचान महाराष्ट्र के सोलापुर निवासी गुरुशांतलिंग कुंभार और सोमनाथ हलगोदे से कई वर्ष पहले हुई थी। दोनों व्यापारियों से पूर्व में भी विभिन्न स्थानों पर व्यापारिक लेन-देन हो चुका था। इसी पुराने परिचय और विश्वास का फायदा उठाकर आरोपियों ने उन्हें नए व्यापारिक निवेश का प्रस्ताव दिया।

    शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने खुद को तुअर दाल के बड़े कारोबारी के रूप में प्रस्तुत किया और अपनी फर्म के माध्यम से व्यापार में निवेश करने पर आकर्षक मुनाफा मिलने का दावा किया। फरवरी 2026 में एक आरोपी इंदौर पहुंचा और कारोबारी से मुलाकात की। इस दौरान उसने मोबाइल फोन पर बड़े पैमाने पर तुअर दाल के स्टॉक की तस्वीरें और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े विवरण दिखाए। साथ ही निवेश करने पर कम समय में अच्छा लाभ मिलने का भरोसा भी दिलाया।

    व्यापारिक अवसर को लाभदायक मानते हुए गिरीश रामनानी ने निवेश का निर्णय लिया। शिकायत के अनुसार उन्होंने विभिन्न बैंकों से ऋण लेकर कुल 65 लाख रुपए की व्यवस्था की। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में यह पूरी राशि आरोपियों द्वारा संचालित फर्म के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। लेन-देन के दौरान कारोबारी को भरोसा दिलाया गया था कि तय समय के भीतर माल की आपूर्ति कर दी जाएगी और व्यापारिक लाभ भी मिलेगा।

    फरियादी का आरोप है कि रकम जमा होने के बाद आरोपियों का व्यवहार बदलने लगा। निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद तुअर दाल की खेप नहीं भेजी गई। जब माल की आपूर्ति को लेकर लगातार संपर्क किया गया तो आरोपियों ने विभिन्न कारण बताते हुए समय मांगना शुरू कर दिया। कई बार बातचीत के बावजूद न तो व्यापार पूरा हुआ और न ही निवेश की गई राशि वापस की गई।

    समय बीतने के साथ कारोबारी को संदेह हुआ कि उनके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई है। उन्होंने अपने स्तर पर आरोपियों से संपर्क कर समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की और उपलब्ध दस्तावेज, बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी तथा अन्य साक्ष्य जांच एजेंसी को सौंपे।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए तथ्यों और बैंकिंग रिकॉर्ड का परीक्षण किया गया है। शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां अब धनराशि के लेन-देन, व्यापारिक दस्तावेजों और आरोपियों की गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं।

    यह मामला व्यापारिक निवेश के दौरान सतर्कता बरतने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े वित्तीय लेन-देन से पहले संबंधित व्यक्ति, फर्म और कारोबार की स्वतंत्र जांच करना आवश्यक है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका तथा धनराशि के उपयोग से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • ट्रेनों में चोरी कर देशभर में फरार होता था शातिर चोर, इंदौर जीआरपी ने दबोचा, 15 लाख के जेवर बरामद

    ट्रेनों में चोरी कर देशभर में फरार होता था शातिर चोर, इंदौर जीआरपी ने दबोचा, 15 लाख के जेवर बरामद


    मध्य प्रदेश: के इंदौर में रेलवे पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देकर लंबे समय से पुलिस को चकमा देने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के कब्जे से करीब 15 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी न केवल कई राज्यों में सक्रिय था, बल्कि वारदात के बाद अपनी पहचान छिपाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए हवाई यात्रा का सहारा भी लेता था।

    रेलवे पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान उत्तराखंड निवासी जितेंद्र चावला उर्फ जीतू के रूप में हुई है। उस पर देश के विभिन्न हिस्सों में चोरी की अनेक घटनाओं को अंजाम देने के आरोप हैं। हाल ही में उसने अहमदाबाद से इंदौर आ रही ट्रेन में यात्रा कर रही एक महिला का पर्स चोरी कर लिया था। पर्स में बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण रखे हुए थे, जिनकी कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई थी। घटना सामने आने के बाद पीड़िता ने रेलवे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की। आरोपी की पहचान और लोकेशन का पता लगाने के लिए कई राज्यों में फैले सीसीटीवी नेटवर्क का सहारा लिया गया। जांच दल ने फरीदाबाद, बरेली, मुरादाबाद, बदायूं सहित विभिन्न शहरों के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल ट्रैकिंग और लगातार निगरानी के आधार पर आखिरकार आरोपी तक पहुंच बनाई गई। पुलिस ने उसे नीमच क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। इनमें सोने का हार, कंगन, अंगूठियां और अन्य कीमती गहने शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद आभूषणों की पहचान संबंधित पीड़िता द्वारा की गई है। इससे मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं।

    पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि वह अपने महंगे शौक और आलीशान जीवनशैली को बनाए रखने के लिए ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। भीड़भाड़ वाली ट्रेनों और लंबी दूरी की यात्राओं को वह अपना आसान निशाना बनाता था। यात्रियों की असावधानी का फायदा उठाकर वह कीमती सामान लेकर फरार हो जाता था।

    जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया का भी व्यापक उपयोग करता था। वह फेसबुक के माध्यम से विभिन्न महिलाओं और युवतियों से संपर्क स्थापित करता था। दोस्ती बढ़ाने के बाद वह अलग-अलग शहरों में उनसे मिलने जाता और इसी दौरान क्षेत्र की रेकी कर चोरी की संभावनाएं तलाशता था। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने इसी तरीके से कई राज्यों में अपना नेटवर्क तैयार किया था।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ करीब 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें चोरी और संपत्ति संबंधी अपराध प्रमुख रूप से शामिल हैं। तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में उसकी गतिविधियों की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां अब उसके पुराने मामलों का रिकॉर्ड जुटा रही हैं ताकि अन्य लंबित अपराधों का भी खुलासा किया जा सके।

    रेलवे पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय चोरी की कई घटनाओं का पर्दाफाश हो सकता है। साथ ही यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि रेल यात्रा के दौरान अपने कीमती सामान और आभूषणों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतें।

  • इंदौर के शिशुकुंज स्कूल में बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला गंभीर, किचन सील; गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डिहाइड्रेशन के मिले लक्षण

    इंदौर के शिशुकुंज स्कूल में बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला गंभीर, किचन सील; गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डिहाइड्रेशन के मिले लक्षण


    मध्य प्रदेश: के इंदौर स्थित शिशुकुंज स्कूल में विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने के मामले ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। स्कूल में लंच करने के बाद 150 से अधिक बच्चों के बीमार पड़ने की घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रभावित बच्चों की स्थिति पर नजर रखने के लिए डॉक्टरों की टीम घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है, जबकि मामले के कारणों का पता लगाने के लिए खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच जारी है।

    घटना के बाद स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच भी सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन द्वारा स्कूल की रसोई सील किए जाने के बाद प्रबंधन ने अभिभावकों से बच्चों के लिए घर से भोजन भेजने का अनुरोध किया है। इसके बाद अधिकांश विद्यार्थी टिफिन लेकर स्कूल पहुंचे। घटना के प्रभाव के चलते स्कूल में विद्यार्थियों की उपस्थिति भी सामान्य दिनों की तुलना में कम दर्ज की गई।

    स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रभावित बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मंगलवार को चिकित्सकों की टीम कई बच्चों के घर पहुंची और उनकी स्वास्थ्य जांच की। इस दौरान डॉक्टरों ने बच्चों के अभिभावकों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी बच्चे की स्थिति गंभीर नहीं है। विभाग का कहना है कि प्रभावित विद्यार्थियों की निगरानी आगामी दिनों में भी जारी रहेगी ताकि किसी भी संभावित स्वास्थ्य जोखिम को समय रहते रोका जा सके।

    जानकारी के अनुसार बच्चों में पेट दर्द, उल्टी, घबराहट, कमजोरी और शरीर में पानी की कमी जैसे लक्षण देखने को मिले थे। चिकित्सकीय जांच में कई बच्चों में गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डिहाइड्रेशन के संकेत पाए गए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी भी बच्चे की स्थिति गंभीर नहीं बताई गई है और सभी की हालत स्थिर बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अधिकांश बच्चों को प्राथमिक उपचार और आवश्यक सलाह देने के बाद घर पर ही निगरानी में रखा गया है।

    घटना के बाद अभिभावकों में भी चिंता का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। प्रभावित विद्यार्थियों में अधिकांश बच्चे प्राथमिक कक्षाओं के बताए जा रहे हैं। अभिभावकों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई है।

    स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक कुछ विद्यार्थियों को अस्वस्थ महसूस होने पर एहतियातन घर भेजा गया था। इसके अलावा कई अभिभावकों ने बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें प्रशासन और स्कूल प्रबंधन तक पहुंचाईं। इसके आधार पर पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत निगरानी अभियान शुरू किया है।

    मामले की जांच के दौरान जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने स्कूल परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रसोई में कुछ खाद्य सामग्री निर्धारित उपयोग अवधि से अधिक समय तक रखी हुई पाई गई। इसके बाद एहतियाती कदम उठाते हुए स्कूल की किचन को सील कर दिया गया। जांच टीम ने भोजन, मसाले, डेयरी उत्पाद, पानी और अन्य खाद्य सामग्री सहित कुल 23 नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे हैं।

    अब पूरे मामले की दिशा प्रयोगशाला रिपोर्ट पर निर्भर मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने के पीछे खाद्य पदार्थ, पानी या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से मामले की निगरानी कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।