Category: Madhya Pradesh

  • ग्वालियर के अचलेश्वर मंदिर में 3 हजार लीटर दूध की खीर का महाभोग, 20 हजार श्रद्धालुओं को मिलेगा प्रसाद

    ग्वालियर के अचलेश्वर मंदिर में 3 हजार लीटर दूध की खीर का महाभोग, 20 हजार श्रद्धालुओं को मिलेगा प्रसाद


    ग्वालियर । शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर ग्वालियर के प्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव मंदिर में भगवान अचलनाथ को मेवा और केसर से तैयार विशेष खीर का महाभोग लगाया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां की गई हैं। खीर बनाने के लिए ग्वालियर चंबल अंचल के 50 से अधिक गांवों से करीब 3 हजार लीटर दूध एकत्र किया गया है। इस महाभोग के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। मंदिर समिति को उम्मीद है कि आयोजन में 15 से 20 हजार श्रद्धालु पहुंचेंगे। शरद पूर्णिमा पर भगवान शिव के दर्शन और विशेष प्रसाद पाने के लिए भक्तों में उत्साह है।

    अचलेश्वर मंदिर में खीर तैयार करने का काम रात 12 बजे से शुरू किया जाएगा। इसके लिए करीब 40 हलवाई और अन्य कर्मचारियों की टीम लगाई जाएगी। खीर बनाने में लगभग 300 किलो चावल और 500 किलो शक्कर का इस्तेमाल होगा। इसके अलावा मेवा और केसर भी मिलाए जाएंगे ताकि प्रसाद को विशेष रूप दिया जा सके। इतनी बड़ी मात्रा में खीर तैयार करने के लिए सामग्री की व्यवस्था पहले से की गई है। आयोजन की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके लिए आसपास के दर्जनों गांवों से दूध एकत्र करने की व्यवस्था बनाई गई।

    मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेश ऐरन के मुताबिक आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं और समिति के सदस्यों के लिए अलग अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर समिति के करीब 3800 सदस्यों के लिए विशेष इंतजाम रहेगा। प्रत्येक सदस्य को 500 ग्राम खीर देने की व्यवस्था बनाई गई है। इसके अतिरिक्त अन्य श्रद्धालुओं के लिए 5000 कूपन तैयार किए गए हैं। प्रसाद वितरण के दौरान भीड़ को नियंत्रित रखने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए टोकन प्रणाली अपनाई जाएगी। इससे श्रद्धालुओं को प्रसाद प्राप्त करने में सुविधा होने की उम्मीद है।

    शरद पूर्णिमा पर खीर का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। परंपरा के अनुसार इस दिन खीर बनाकर भगवान को अर्पित की जाती है और फिर प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। इसी आस्था के चलते देश के कई हिस्सों में मंदिरों और घरों में विशेष पूजा की जाती है। ग्वालियर के अचलेश्वर महादेव मंदिर में होने वाला यह आयोजन भी श्रद्धालुओं के लिए खास महत्व रखता है। यहां भगवान अचलनाथ को खीर का महाभोग लगाने के बाद भक्तों के बीच प्रसाद बांटा जाएगा।

    आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रसाद वितरण को व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मंदिर समिति की ओर से सदस्यों दानदाताओं और श्रद्धालुओं के सहयोग से कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने की तैयारी है। खीर की उपलब्धता से लेकर पैकिंग और वितरण तक की व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन के दौरान कतारों के प्रबंधन और टोकन व्यवस्था की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी ताकि भीड़ के बीच अव्यवस्था न हो।

    करीब 3 हजार लीटर दूध और बड़ी मात्रा में अन्य सामग्री से तैयार होने वाला यह महाभोग अचलेश्वर मंदिर के शरद पूर्णिमा आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। 50 से अधिक गांवों के सहयोग से जुटाई गई सामग्री इस आयोजन में स्थानीय सहभागिता को भी दर्शाती है। मंदिर समिति को उम्मीद है कि श्रद्धालु भगवान अचलनाथ के दर्शन कर खीर का प्रसाद प्राप्त करेंगे और धार्मिक आयोजन में शामिल होंगे। शरद पूर्णिमा के अवसर पर ग्वालियर में यह आयोजन आस्था और सामूहिक सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण बनने जा रहा है।

  • ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का भूमिपूजन फिर टला, अमित शाह का दौरा अब दिवाली के बाद

    ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का भूमिपूजन फिर टला, अमित शाह का दौरा अब दिवाली के बाद


    ग्वालियर । ग्वालियर में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के भूमिपूजन का इंतजार एक बार फिर बढ़ गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 29 अक्टूबर को प्रस्तावित ग्वालियर दौरा फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का भूमिपूजन किया जाना था। दौरा दूसरी बार टलने से आयोजन की तैयारियों पर भी असर पड़ा है। अब दिवाली के बाद कार्यक्रम की नई तारीख तय होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन के अनुसार एक से दो दिन में नई प्रस्तावित तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

    ग्वालियर के साडा क्षेत्र में प्रस्तावित यह परियोजना औद्योगिक विकास और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके लिए पहले 12 अक्टूबर को भूमिपूजन का कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया था लेकिन अमित शाह की व्यस्तता के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद 29 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी। इस बार भी कार्यक्रम आगे बढ़ने से परियोजना के औपचारिक शुभारंभ का इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक आयोजन की नई तारीख अभी अंतिम रूप से घोषित नहीं हुई है।

    अमित शाह के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी थीं। एयरपोर्ट से मेला ग्राउंड तक सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की योजना बनाई जा रही थी। वीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों के बीच समन्वय और आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा था। कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी साडा के साथ मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम को सौंपी गई है। दौरा स्थगित होने के बाद अब नई तारीख के अनुसार व्यवस्थाओं को दोबारा तैयार करना होगा।

    प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की सबसे बड़ी खासियत इसका आकार और तकनीकी क्षेत्र पर केंद्रित होना है। योजना के तहत साडा क्षेत्र में करीब 170 एकड़ जमीन पर टेलीकॉम टेक्नोलॉजी से जुड़ा एकीकृत इकोसिस्टम विकसित किया जाना है। मध्यप्रदेश सरकार और केंद्रीय दूरसंचार विभाग के बीच हुए समझौता ज्ञापन के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य दूरसंचार उपकरणों के निर्माण और आधुनिक डिजिटल तकनीक से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

    परियोजना में 5जी और भविष्य की 6जी तकनीक से संबंधित उपकरणों के निर्माण पर विशेष जोर दिया जाएगा। शुरुआती स्तर पर करीब 2000 करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 4500 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों की घोषणा की गई है। भविष्य में इस क्षेत्र में आठ से नौ हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर विकसित करने का लक्ष्य भी रखा गया है। यदि योजना के मुताबिक औद्योगिक गतिविधियां आगे बढ़ती हैं तो ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में तकनीकी कौशल वाले युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

    टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन से स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ आपूर्ति श्रृंखला और सहायक कारोबार के विस्तार की भी संभावना है। हालांकि इन संभावित लाभों को जमीन पर उतारने के लिए परियोजना का समय पर विकास और निवेश का वास्तविक क्रियान्वयन अहम होगा। फिलहाल सभी की नजर भूमिपूजन की नई तारीख पर टिकी है। दिवाली के बाद अमित शाह के ग्वालियर दौरे की तारीख तय होने के साथ ही आयोजन और परियोजना के अगले चरण को लेकर स्थिति साफ होने की उम्मीद है।

  • भोपाल में शरद पूर्णिमा पर आस्था का महासंगम, रावतपुरा सरकार के सानिध्य में होगा कोटि हरिद्रा कुमकुम अर्चन

    भोपाल में शरद पूर्णिमा पर आस्था का महासंगम, रावतपुरा सरकार के सानिध्य में होगा कोटि हरिद्रा कुमकुम अर्चन


    भोपाल । शरद पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मां श्री राजराजेश्वरी को समर्पित भव्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। सद्गुरु देव रावतपुरा सरकार के आयोजन में श्री राजराजेश्वरी कोटि हरिद्रा कुमकुम अर्चन यानी एक करोड़ अर्चन का विशेष पूजन होगा। इस कार्यक्रम को लेकर लाल परेड ग्राउंड में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि भोपाल सहित मध्यप्रदेश के अलग अलग जिलों से करीब 25 हजार श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने पहुंचेंगे। बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बदलाव की तैयारी की है।

    कार्यक्रम की शुरुआत सोमवार शाम 6 बजे से होगी। श्रद्धालुओं को शाम 5 बजकर 50 मिनट से पहले आयोजन स्थल पर पहुंचने की सलाह दी गई है। अनुष्ठान में मां राजराजेश्वरी को अर्पित की जाने वाली पूजन और हवन सामग्री देश के विभिन्न राज्यों के साथ पड़ोसी देश नेपाल से भी विशेष रूप से मंगवाई गई है। आयोजन में करीब 238 तरह की पूजन सामग्री का उपयोग किया जाएगा। आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपने साथ चावल का एक दाना भी लेकर न आएं। अनुष्ठान की विशेष व्यवस्था और धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल पर तैयारियां की गई हैं।

    शरद पूर्णिमा को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया जाता है। इस अवसर पर मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर पूजा अर्चना तथा विभिन्न अनुष्ठान किए जाते हैं। भोपाल में होने वाला यह आयोजन भी इसी धार्मिक आस्था से जुड़ा है। मां राजराजेश्वरी की आराधना और कोटि हरिद्रा कुमकुम अर्चन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। आयोजन स्थल पर लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए यातायात पुलिस ने विशेष योजना तैयार की है।

    श्रद्धालुओं की भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए सोमवार दोपहर 3 बजे से लाल परेड ग्राउंड के आसपास यातायात डायवर्ट किया जाएगा। शहर के सात प्रमुख चौराहों और आसपास के मार्गों पर जरूरत के अनुसार ट्रैफिक व्यवस्था बदली जाएगी। संगम टॉकीज तिराहा भारत टॉकीज चौराहा लिली तिराहा जिन्सी चौराहा एमपी नगर चौराहा रोशनपुरा और मछली घर क्षेत्र में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। इन मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने की आशंका है।

    एमपी नगर और हबीबगंज की ओर से वीआईपी रोड पॉलिटेक्निक और एयरपोर्ट जाने वाले वाहन लिंक रोड नंबर एक रोशनपुरा बाणगंगा और पॉलिटेक्निक मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। वहीं हमीदिया रोड से रोशनपुरा की ओर जाने वाले यात्री और व्यावसायिक वाहन संगम तिराहा बजरिया 80 फीट रोड अशोका गार्डन प्रभात चौराहा सुभाष ओवरब्रिज डीबी मॉल और बोर्ड ऑफिस होकर जा सकेंगे।

    रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों के लिए भी वैकल्पिक रास्ते निर्धारित किए गए हैं। प्लेटफॉर्म नंबर छह और नादरा बस स्टैंड जाने वाले वाहन पॉलिटेक्निक रेतघाट रॉयल मार्केट और हमीदिया रोड का रास्ता अपना सकेंगे। प्लेटफॉर्म नंबर एक जाने के लिए सुभाष ओवरब्रिज प्रभात चौराहा और 80 फीट रोड का उपयोग किया जा सकता है। एयरपोर्ट और वीआईपी रोड की ओर जाने वाले वाहन लिंक रोड नंबर एक और बाणगंगा मार्ग से निकल सकेंगे।

    यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपने मार्ग की जानकारी लें और संभव हो तो वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें। आयोजन के दौरान एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध नहीं रहेगा। धार्मिक आयोजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन यातायात व्यवस्था पर नजर रखेगा।

  • भोपाल में कहां चल रहा था कच्ची शराब का धंधा, आधी रात छापे में टंकियों से मिला 1600 लीटर शराब का भंडार

    भोपाल में कहां चल रहा था कच्ची शराब का धंधा, आधी रात छापे में टंकियों से मिला 1600 लीटर शराब का भंडार

    भोपाल । राजधानी भोपाल में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने रविवार रात शहर के अलग अलग इलाकों में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान होटल ढाबों और रेस्टोरेंट में दबिश देकर अवैध शराब जब्त की गई। विभाग की कार्रवाई में एक ही दिन में 30 से ज्यादा प्रकरण बनाए गए। सबसे चौंकाने वाला मामला ग्राम बगोनिया से सामने आया जहां टंकियों में पानी की जगह हाथ भट्टी से तैयार की गई शराब भरकर रखी गई थी। आबकारी टीम ने मौके से करीब 1600 लीटर हाथ भट्टी शराब और लहान जब्त किया।

    आबकारी विभाग की यह कार्रवाई उपायुक्त आबकारी केसी अग्निहोत्री और सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र कुमार धाकड़ के निर्देश पर की गई। कंट्रोलर वर्षा उइके ने कार्रवाई के लिए अलग अलग टीमें गठित की थीं। ये टीमें रविवार रात शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचीं और संदिग्ध स्थानों पर जांच शुरू की। अभियान का उद्देश्य अवैध शराब की बिक्री और परिवहन पर रोक लगाना था। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर जांच की गई और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रकरण दर्ज किए गए।

    भीम नगर की झुग्गी बस्ती और टीला जमालपुरा क्षेत्र में भी आबकारी विभाग की टीम ने कार्रवाई की। सहायक जिला आबकारी अधिकारी शेखर लिखार ने भीम नगर क्षेत्र में जांच की जबकि सीमा कशीसिया की टीम ने टीला जमालपुरा में कार्रवाई की। इसी दौरान टीला जमालपुरा निवासी रमेश अडवाणी को ऑटो में देशी शराब ले जाते हुए पकड़ा गया। विभाग ने शराब के परिवहन से जुड़े मामले में कार्रवाई की।

    इस अभियान में ग्राम बगोनिया की कार्रवाई सबसे अहम रही। आबकारी उप निरीक्षक स्वाति बघेल ने टीम के साथ यहां दबिश दी। जांच के दौरान राहुल पिता प्रेम अहिरवार के पास से 1600 लीटर हाथ भट्टी शराब और लहान बरामद किया गया। जानकारी के मुताबिक शराब को टंकियों में भरकर रखा गया था। इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिलने के बाद विभाग ने जब्ती की कार्रवाई की। हाथ भट्टी शराब के निर्माण और भंडारण से जुड़े इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की गई।

    आबकारी विभाग ने भोपाल इंदौर रोड पर संचालित होटलों में भी जांच की। सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति उइके की टीम ने बैरागढ़ क्षेत्र के होटल रौनक होटल पटेल दआर्क किंग्स क्लबक बाना और बिग चिल की जांच की। टीम ने यहां शराब से संबंधित नियमों का परीक्षण किया और कार्रवाई की। इसके अलावा एमपी नगर क्षेत्र में होटल दिल्ली दरबार होटल वाइड और होटल एवेन्यू सहित अरेरा कॉलोनी के कुसीन कल्चर में भी जांच की गई।

    शरद मिश्रा और उनकी टीम ने इन स्थानों पर कार्रवाई की। विभाग के मुताबिक होटल और रेस्टोरेंट में की गई जांच के दौरान 26 प्रकरण दर्ज किए गए। अन्य इलाकों में हुई कार्रवाई को मिलाकर एक ही दिन में 30 से ज्यादा केस बनाए गए। इस अभियान के जरिए आबकारी विभाग ने अवैध शराब के भंडारण परिवहन और बिक्री के मामलों पर निगरानी बढ़ाने का संकेत दिया है।

    भोपाल में देर रात हुई इस कार्रवाई के बाद अब अवैध शराब के कारोबार से जुड़े मामलों पर विभाग की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। बड़ी मात्रा में हाथ भट्टी शराब और लहान की बरामदगी ने ग्रामीण क्षेत्र में अवैध शराब तैयार करने और उसे जमा करके रखने के मामले को सामने ला दिया है। वहीं शहर के होटलों और ढाबों में जांच से शराब संबंधी नियमों के पालन पर भी ध्यान केंद्रित हुआ है। आबकारी विभाग का यह अभियान अवैध शराब के कारोबार पर नियंत्रण की दिशा में की गई कार्रवाई के रूप में सामने आया है।

  • सऊदी में उड़ानें रद्द होने से भारतीय यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, होटल और खाने पर रोज हजारों खर्च, सुरक्षित वापसी की मांग

    सऊदी में उड़ानें रद्द होने से भारतीय यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, होटल और खाने पर रोज हजारों खर्च, सुरक्षित वापसी की मांग


    भोपाल । मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव और उड़ानों के रद्द होने से उमराह करने सऊदी अरब गए हजारों भारतीय यात्रियों की वापसी मुश्किल हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 4 हजार भारतीयों की यात्रा प्रभावित हुई है। इनमें मध्य प्रदेश के 300 से ज्यादा और भोपाल तथा इंदौर के 120 से अधिक लोगों के शामिल होने की आशंका जताई गई है। वापसी की उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को अतिरिक्त समय तक सऊदी अरब में रुकना पड़ रहा है। इससे होटल भोजन और स्थानीय परिवहन पर खर्च लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने केंद्र सरकार से यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष व्यवस्था करने की मांग की है।

    उड़ानें रद्द होने से बढ़ी परेशानी

    अब्बास हफीज के मुताबिक सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी अरब के लिए कई उड़ानें रद्द की हैं। घोषित कार्यक्रम के अनुसार रियाद और दम्माम की उड़ानें 7 नवंबर 2026 तक निलंबित रहेंगी जबकि जेद्दा की उड़ानें 31 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी। ऐसे में जिन यात्रियों ने पहले से वापसी के टिकट बुक कराए थे उनकी यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

    हफीज ने बताया कि उनकी अपनी उड़ान भी रद्द हो गई थी। इसके बाद उन्हें तीन से चार दिन तक परेशानी का सामना करना पड़ा और आखिरकार दूसरी एयरलाइन से किसी अन्य देश के रास्ते भारत लौटने का विकल्प अपनाना पड़ा। उनका कहना है कि बाकी यात्रियों की वापसी के लिए भी वैकल्पिक उड़ानों और विशेष विमानों की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए।

    रोजाना हजारों रुपये का बढ़ रहा खर्च

    उड़ानें रद्द होने का सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ रहा है जिनका बजट सीमित है। होटल में रुकने भोजन और स्थानीय परिवहन पर रोजाना प्रति व्यक्ति करीब 4 से 5 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च होने का दावा किया गया है। कई परिवारों के लिए यह आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। दूसरी ओर वैकल्पिक उड़ानों के टिकट सामान्य किराए से कई गुना महंगे मिलने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

    भोपाल के खानू गांव निवासी अनस खान अपने परिवार के 11 सदस्यों के साथ उमराह करने मदीना गए हैं। उनका 29 अक्टूबर का इंडिगो का वापसी टिकट था लेकिन उड़ान रद्द होने के बाद उन्हें दूसरी फ्लाइट नहीं मिल सकी। अनस के मुताबिक ट्रैवल एजेंसी अब दूसरे देश के रास्ते भारत लौटने का विकल्प तलाश रही है। इस व्यवस्था के लिए परिवार को पुराने टिकट के अतिरिक्त करीब 20 से 22 हजार रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।

    सरकार से विशेष उड़ानों की मांग

    अब्बास हफीज ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से प्रभावित यात्रियों की वापसी के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल हेल्पलाइन नंबर जारी करने और वीजा अवधि बढ़ाने में मदद देने से यात्रियों की समस्या पूरी तरह हल नहीं होगी। सरकार को एयरलाइंस के साथ समन्वय करके उपलब्ध वैकल्पिक उड़ानों की जानकारी और जरूरत पड़ने पर विशेष विमान की व्यवस्था पर विचार करना चाहिए।

    टूर ऑपरेटरों ने भी यात्रियों को हो रही परेशानी पर चिंता जताई है। बर्रा ट्रैवल्स के मैनेजर हमजा नदवी के मुताबिक उड़ानें रद्द होने से होटल और खाने की व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि कई यात्रियों को महंगे टिकट खरीदने के लिए कर्ज लेना पड़ा या अपनी गाड़ी और सामान तक बेचना पड़ा। टूर ऑपरेटरों का कहना है कि लंबे समय तक यात्रियों के रुकने से कारोबारियों को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

    रिफंड मिलने पर भी वापसी की गारंटी नहीं

    एयर इंडिया ने निर्धारित शर्तों के तहत 24 अक्टूबर या उससे पहले की कन्फर्म बुकिंग वाले पात्र यात्रियों को मुफ्त रीबुकिंग और टिकट रद्द कराने पर पूरा रिफंड देने की घोषणा की है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी पात्र यात्रियों के लिए एक बार मुफ्त रीबुकिंग का विकल्प दिया है। हालांकि रिफंड या रीबुकिंग की सुविधा मिलने का मतलब यह नहीं है कि यात्रियों को तुरंत दूसरी उड़ान में सीट मिल जाएगी। उड़ानों की उपलब्धता और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियां उनकी वापसी को प्रभावित कर सकती हैं।

    मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण उमराह यात्रियों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी और जल्द वापसी की व्यवस्था अहम मुद्दे बन गए हैं। प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि संबंधित एजेंसियां और सरकार मिलकर ऐसा रास्ता निकालेंगी जिससे वे सुरक्षित भारत लौट सकें और उन पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम किया जा सके।

  • इंदौर में रणजी मुकाबले का रोमांच शुरू, बिहार के 2 विकेट जल्दी गिरे, रजत पाटीदार की पिछली पारी पर भी नजर

    इंदौर में रणजी मुकाबले का रोमांच शुरू, बिहार के 2 विकेट जल्दी गिरे, रजत पाटीदार की पिछली पारी पर भी नजर


    इंदौर । इंदौर के होलकर स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप ए मुकाबले में मध्य प्रदेश और बिहार की टीमें आमने-सामने हैं। मुकाबले की शुरुआत बिहार के लिए मुश्किल रही। पहले बल्लेबाजी करने उतरी बिहार की टीम ने पहले ही ओवर में महज एक रन के स्कोर पर अपने दो विकेट गंवा दिए। शुरुआती झटकों के बाद टीम ने पारी को संभालने की कोशिश की और शुरुआती 10 ओवर में स्कोर 36 रन तक पहुंचाया। घरेलू मैदान पर खेल रही मध्य प्रदेश की टीम इस मुकाबले में जीत दर्ज कर अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी।

    शुरुआती ओवर में बिहार को दो बड़े झटके

    मैच की शुरुआत में मध्य प्रदेश के गेंदबाजों ने बिहार के बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया। पहले ही ओवर में एक रन के स्कोर पर दो विकेट गिरने से बिहार की टीम बैकफुट पर आ गई। शुरुआती विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजों के सामने पारी को संभालने और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने की चुनौती रही। शुरुआती 10 ओवर के बाद बिहार का स्कोर 36 रन था। मुकाबले में आगे टीम कितनी मजबूती से वापसी करती है यह उसकी बल्लेबाजी और मध्य प्रदेश की गेंदबाजी पर निर्भर करेगा।

    मध्य प्रदेश को पहली जीत की तलाश

    मध्य प्रदेश की टीम इस रणजी सत्र में अब तक अपने शुरुआती दोनों मुकाबले ड्रॉ खेल चुकी है। जम्मू-कश्मीर के खिलाफ पहला मैच बराबरी पर समाप्त हुआ था। वहीं पुडुचेरी के खिलाफ मुकाबले में पहली पारी में बढ़त के आधार पर मध्य प्रदेश को अंक मिले थे। टीम अब अपने घरेलू मैदान पर जीत हासिल करने के इरादे से उतरी है। बिहार के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन मध्य प्रदेश के लिए अंक तालिका में अपनी स्थिति बेहतर करने का अवसर हो सकता है।

    पिछले मैच में रजत पाटीदार का शतक

    मध्य प्रदेश के पिछले मुकाबले में बल्लेबाज रजत पाटीदार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 122 रन की शतकीय पारी खेली थी। उनकी इस पारी ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। चंचल राठौर ने भी 78 रन बनाकर योगदान दिया था। दोनों बल्लेबाजों की पारियों की मदद से मध्य प्रदेश ने पहली पारी में 345 रन बनाए थे। इससे पहले टीम के गेंदबाजों ने प्रभावी प्रदर्शन करते हुए पुडुचेरी की पहली पारी 177 रन पर समेट दी थी। अब बिहार के खिलाफ भी मध्य प्रदेश को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

    बिहार के सामने पहली जीत दर्ज करने की चुनौती

    बिहार की टीम अपने शुरुआती दोनों मुकाबले हार चुकी है और अंक तालिका में आठवें स्थान पर बताई गई है। ऐसे में इंदौर का यह मुकाबला उसके लिए वापसी का अवसर है। शुरुआती झटकों के बाद टीम को संभलकर बल्लेबाजी करनी होगी ताकि वह मध्य प्रदेश के सामने चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर सके। दूसरी ओर मध्य प्रदेश की नजर बिहार को कम स्कोर पर रोककर मैच में बढ़त बनाने पर होगी।

    होलकर स्टेडियम में जारी यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश जहां जीत के जरिए अपने अभियान को मजबूती देना चाहेगा वहीं बिहार की कोशिश हार के सिलसिले को तोड़कर पहली जीत दर्ज करने की होगी। शुरुआती ओवरों में मिले विकेटों ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। अब आगे का खेल तय करेगा कि बिहार वापसी कर पाता है या मध्य प्रदेश घरेलू मैदान पर जीत की ओर कदम बढ़ाता है।

  • Gen-Z के सवालों का जवाब देंगे कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय, संस्कार जीवन और करियर पर होगी खुली चर्चा

    Gen-Z के सवालों का जवाब देंगे कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय, संस्कार जीवन और करियर पर होगी खुली चर्चा


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में युवाओं के लिए Gen-Z चर्चा का आयोजन किया जा रहा है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के तक्षशिला परिसर स्थित ऑडिटोरियम में प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि युवा केवल उनके विचार सुनने तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि अपने मन में उठ रहे सवाल भी सीधे उनके सामने रख सकेंगे। करियर रिश्ते संस्कार जीवन के उद्देश्य और व्यक्तिगत विकास जैसे विषयों पर चर्चा के जरिए युवाओं को अपने सवालों पर विचार करने का अवसर मिलेगा। आयोजकों ने कार्यक्रम में युवाओं के लिए प्रवेश निशुल्क रखा है।

    करियर से रिश्तों तक हर सवाल पर होगी बात

    आज की युवा पीढ़ी के सामने करियर चुनने से लेकर भविष्य की योजना बनाने तक कई तरह की चुनौतियां हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद किस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए रिश्तों में विश्वास और समझदारी कैसे बनाए रखनी चाहिए और जीवन में अपनी प्राथमिकताएं कैसे तय करनी चाहिए जैसे सवाल युवाओं के मन में रहते हैं। इसके साथ ही परिवार की अपेक्षाओं और अपनी पसंद के बीच संतुलन बनाना भी कई युवाओं के लिए चुनौती बन जाता है। Gen-Z चर्चा में इन विषयों पर खुलकर बातचीत होने की उम्मीद है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को अपने सवाल सामने रखने और अलग-अलग नजरियों से जीवन को समझने का अवसर देना है।

    सिर्फ प्रवचन नहीं सवाल-जवाब होगा खास आकर्षण

    इस आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा प्रश्नोत्तर सत्र रहेगा। आमतौर पर धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में श्रोता वक्ता के विचार सुनते हैं लेकिन यहां युवाओं को अपनी जिज्ञासाएं सीधे रखने का मौका मिलेगा। वे जीवन में आने वाली उलझनों रिश्तों में पैदा होने वाली परेशानियों और भविष्य को लेकर अपनी चिंताओं पर सवाल पूछ सकेंगे। कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय अपने विचारों और आध्यात्मिक दृष्टिकोण के जरिए इन सवालों पर बात करेंगे। इस तरह कार्यक्रम युवाओं और आध्यात्मिक विचारों के बीच संवाद का मंच बनेगा।

    डिजिटल दौर में संस्कार और जीवन मूल्यों पर चर्चा

    Gen-Z यानी नई युवा पीढ़ी की सोच जीवनशैली और प्राथमिकताएं इन दिनों व्यापक चर्चा का विषय हैं। सोशल मीडिया और इंटरनेट ने युवाओं को जानकारी के नए अवसर दिए हैं लेकिन इसके साथ तुलना तनाव भविष्य की चिंता और रिश्तों में बदलते व्यवहार जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं। ऐसे समय में जीवन मूल्यों संस्कारों और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों पर बातचीत महत्वपूर्ण हो जाती है। इस कार्यक्रम में युवाओं को अपने अनुभव साझा करने और जीवन के विभिन्न पहलुओं को आध्यात्मिक नजरिए से समझने का अवसर मिलेगा। इसका मकसद नई पीढ़ी के सवालों को समझना और उनके साथ सार्थक संवाद करना है।

    सुबह से शुरू होगा कार्यक्रम

    आयोजकों की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार सुबह 9:30 बजे प्रतिभागियों का चेक इन होगा। सुबह 10:15 बजे बैठने और स्वागत की व्यवस्था की जाएगी। सुबह 10:30 बजे इंद्रेश उपाध्याय के आगमन और दीप प्रज्वलन का कार्यक्रम रखा गया है। इसके बाद सुबह 11 बजे Gen-Z चर्चा की शुरुआत होगी। दोपहर 12 बजे प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया जाएगा और 12:15 बजे समापन संबोधन होगा। दोपहर 12:30 बजे कार्यक्रम समाप्त होगा।

    इंदौर में आयोजित यह चर्चा युवाओं को अपने सवाल खुलकर रखने का अवसर देगी। करियर रिश्तों संस्कारों और जीवन के उद्देश्य जैसे विषयों पर होने वाला संवाद नई पीढ़ी की सोच और उसकी प्राथमिकताओं को समझने का माध्यम बन सकता है। युवाओं के लिए यह कार्यक्रम अपनी जिज्ञासाओं को सामने रखने और जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार करने का अवसर होगा।
  • इंदौर के हेड कॉन्स्टेबल की 51 प्रॉपर्टी का खुलासा, कीमत 68 करोड़ रुपये, अब ED की जांच की संभावना

    इंदौर के हेड कॉन्स्टेबल की 51 प्रॉपर्टी का खुलासा, कीमत 68 करोड़ रुपये, अब ED की जांच की संभावना


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल ड्राइवर फिरोज खान से जुड़े आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है। लोकायुक्त पुलिस की जांच में अब तक 51 अचल संपत्तियों का पता चला है। इन संपत्तियों का अनुमानित बाजार मूल्य 68.01 करोड़ रुपये बताया गया है। मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की संभावित एंट्री को लेकर भी चर्चा है। हालांकि अभी ईडी की जांच शुरू होने की पुष्टि नहीं है और आगे की कार्रवाई लोकायुक्त की विवेचना तथा कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

    लोकायुक्त पुलिस फिलहाल संपत्तियों के दस्तावेज बैंक खातों निवेश और आय के स्रोतों की पड़ताल कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित संपत्तियां किस रकम से खरीदी गईं और क्या उनकी खरीद के लिए इस्तेमाल किया गया पैसा फिरोज खान की ज्ञात वैध आय से मेल खाता है। यदि आय और संपत्तियों के बीच अंतर मिलता है तो उसके कारणों की जांच की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि संपत्तियों में किसी अन्य व्यक्ति या कंपनी की भूमिका रही है या नहीं।

    लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद ईडी पर नजर

    14 अक्टूबर को लोकायुक्त की टीम ने इंदौर और देवास सहित कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस कार्रवाई के बाद से मामले में सामने आ रही संपत्तियों और निवेश को लेकर जांच तेज है। अब तक सामने आई 51 अचल संपत्तियों का अनुमानित बाजार मूल्य 68.01 करोड़ रुपये बताया गया है। जांच एजेंसी के सामने यह महत्वपूर्ण सवाल है कि इन संपत्तियों को खरीदने के लिए धन कहां से आया और संबंधित लोगों की घोषित आय कितनी थी।

    ईडी की संभावित जांच का आधार मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम यानी पीएमएलए के प्रावधान हो सकते हैं। हालांकि केवल बड़ी संपत्ति का सामने आना या आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगना अपने आप में मनी लॉन्ड्रिंग साबित नहीं करता। इसके लिए अपराध से अर्जित रकम और संबंधित संपत्तियों के बीच कानूनी रूप से जरूरी संबंध स्थापित करना होगा।

    परिवार और परिचितों के नाम वाली संपत्तियां भी जांच में

    लोकायुक्त की जांच में परिवार के सदस्यों परिचितों और संबंधित कंपनियों के नाम पर दर्ज संपत्तियों की जानकारी भी सामने आई है। देवास जिले के राजोदा गांव में दो महिलाओं रोशनी वर्मा और रानू कुशवाह के नाम पर 1.15 हेक्टेयर कृषि भूमि दर्ज मिली है। इसका पंजीयन मूल्य करीब 1.65 करोड़ रुपये और अनुमानित बाजार मूल्य 2.30 करोड़ रुपये बताया गया है।

    ऐसी संपत्तियों की जांच में यह पता लगाना जरूरी होगा कि जमीन खरीदने के लिए रकम किसने दी। भुगतान किन बैंक खातों से हुआ और संपत्ति पर वास्तविक नियंत्रण किसका है। केवल किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर संपत्ति दर्ज होने से उसे बेनामी या अपराध से जुड़ी संपत्ति नहीं माना जा सकता। इसके लिए वित्तीय लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की पुष्टि जरूरी है।

    पीएमएलए के तहत कब हो सकती है कार्रवाई

    भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लोकसेवक द्वारा आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़ा अपराध पीएमएलए की अनुसूची में शामिल है। यदि जांच में आवश्यक कानूनी शर्तें पूरी होती हैं और अपराध से प्राप्त संपत्ति का संबंध स्थापित होता है तो ईडी मामले की जांच कर सकता है। कानून के अनुसार पर्याप्त आधार मिलने पर संपत्ति की अस्थायी कुर्की और अभियोजन जैसी कार्रवाई भी संभव हो सकती है।

    फिलहाल इस मामले में लोकायुक्त पुलिस की जांच महत्वपूर्ण चरण में है। संपत्तियों की खरीद लागत वैध आय बैंक खातों ऋण और अन्य वित्तीय स्रोतों का सत्यापन किया जाना बाकी है। आगे की जांच में सामने आने वाले साक्ष्य ही तय करेंगे कि मामला पीएमएलए के दायरे में आता है या नहीं। फिलहाल 51 संपत्तियों और 68.01 करोड़ रुपये के अनुमानित बाजार मूल्य का खुलासा जांच का अहम पहलू बना हुआ है।

  • इंदौर में पानी की बर्बादी अब नहीं चलेगी, दो-तीन बार चेतावनी के बाद कटेगा चालान, जानें निगम की नई तैयारी

    इंदौर में पानी की बर्बादी अब नहीं चलेगी, दो-तीन बार चेतावनी के बाद कटेगा चालान, जानें निगम की नई तैयारी


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए नगर निगम ने जागरूकता के साथ सख्ती करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब घरों में जरूरत से ज्यादा पानी बहाने और पीने योग्य पानी का अनावश्यक इस्तेमाल करने वालों को सावधान रहना होगा। नगर निगम की ओर से ऐसे लोगों को पहले दो से तीन बार समझाइश दी जाएगी। इसके बावजूद यदि पानी की बर्बादी जारी रहती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वीडियो बनाकर नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाएगी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सोमवार को शहर की अलग-अलग कॉलोनियों में पहुंचकर लोगों से पानी बचाने की अपील की और जरूरत के मुताबिक पानी इस्तेमाल करने की सलाह दी।

    महापौर पार्श्वनाथ विनय नगर जैन कॉलोनी और लोकमान्य नगर सहित कई इलाकों में पहुंचे। यहां उन्होंने रहवासियों से बातचीत कर पानी के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में पानी की जरूरत बढ़ जाती है और ऐसे समय में पानी की बर्बादी पूरे शहर के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। पानी की कमी का असर आखिरकार शहर के लोगों पर ही पड़ता है। इसलिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पानी का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए। छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके भी बड़ी मात्रा में पानी बचाया जा सकता है।

    पहले समझाइश फिर होगी चालानी कार्रवाई

    नगर निगम की योजना के मुताबिक पानी की बर्बादी करते पाए जाने वाले लोगों को शुरुआत में दो से तीन बार समझाया जाएगा। इसके लिए अभियान से जुड़ी एनजीओ की टीम को भी निर्देश दिए गए हैं। यदि बार-बार समझाने के बाद भी कोई व्यक्ति पानी व्यर्थ बहाता है तो उसकी गतिविधि का वीडियो बनाया जाएगा और नियमों के अनुसार चालान काटने की कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं बल्कि लोगों को पानी बचाने के प्रति जिम्मेदार बनाना भी है। निगम चाहता है कि लोग कार्रवाई के डर से ही नहीं बल्कि पानी की अहमियत समझकर भी इसकी बर्बादी रोकें।

    आरओ के बचे हुए पानी को फेंकने से बचें

    महापौर ने घरों में इस्तेमाल होने वाले आरओ से निकलने वाले अतिरिक्त पानी को भी उपयोगी बनाने की सलाह दी। आमतौर पर कई घरों में आरओ से निकलने वाला पानी बिना इस्तेमाल किए नाली में बहा दिया जाता है। जबकि इस पानी का उपयोग कई दूसरे कामों में किया जा सकता है। इसे पौधों में डालने गाड़ी धोने और कपड़े धोने जैसे कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि पानी की गुणवत्ता के अनुसार ही उसका उपयोग करना चाहिए। इस तरह पीने योग्य पानी को गैरजरूरी कामों में खर्च होने से बचाया जा सकता है।

    दीपावली तक होगी निगरानी

    नगर निगम ने इस अभियान को दीपावली तक नियमित रूप से चलाने की तैयारी की है। महापौर ने एनजीओ की टीम को अभियान का कार्यक्रम तैयार कर लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जिन स्थानों पर हरी घास दिखाई दे रही है वहां भी दो-दो दिन की समय-सीमा तय कर घास की कटाई कराने को कहा गया है। अभियान के दौरान जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू पार्षद योगेश गेदर और निगम के जोनल अधिकारी भी मौजूद रहे।

    इंदौर में पानी की बर्बादी रोकने की यह पहल ऐसे समय में की जा रही है जब भविष्य में जल संकट से बचने के लिए पानी का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी है। यदि नागरिक घरों में नल खुला छोड़ने से बचें आरओ के अतिरिक्त पानी का दोबारा उपयोग करें और जरूरत के अनुसार ही पानी खर्च करें तो काफी हद तक बर्बादी रोकी जा सकती है। अब देखना होगा कि जागरूकता और निगरानी का यह अभियान शहर में पानी बचाने की आदत को कितना मजबूत बना पाता है।

  • MP: निकायों में सामग्री खरीद मामले में 392 अधिकारी-कर्मचारियों पर सरकार का सख्त एक्शन…., 7 निलंबित

    MP: निकायों में सामग्री खरीद मामले में 392 अधिकारी-कर्मचारियों पर सरकार का सख्त एक्शन…., 7 निलंबित


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नगरीय निकायों (Urban Local Bodies) में सरकारी खरीद (Public Procurement) के दौरान वित्तीय अनियमितताओं (Financial Irregularities) के मामलों में कार्रवाई की गई है. नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे के मुताबिक, अलग-अलग स्तर के 392 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है. इनमें करीब 135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) भी शामिल हैं. अब तक सात अधिकारियों-कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है, जबकि करीब 3 से 4 करोड़ रुपये की वसूली की गई है।

    विभाग ने गलत दरों पर सामग्री उपलब्ध कराने के मामलों में 80 से ज्यादा ठेकेदारों और सप्लायर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की है. संजय दुबे ने कहा कि अनियमितताओं और लापरवाही के मामलों में कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    392 अधिकारियों-कर्मचारियों पर अलग-अलग कार्रवाई
    ACS संजय दुबे के अनुसार, कार्रवाई में अलग-अलग स्तर के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं. मामलों की गंभीरता के आधार पर संबंधित लोगों की वेतन वृद्धि रोकने, पदावनति, बर्खास्तगी और सरकारी नुकसान की वसूली जैसे कदम उठाए गए हैं.

    उन्होंने कहा कि जिस मामले में जितनी बड़ी अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, उसके अनुरूप कार्रवाई की जाती है. विभाग का कहना है कि सरकारी धन के उपयोग में नियमों का पालन करना और जवाबदेही तय करना प्राथमिकता है.


    80 से ज्यादा ठेकेदारों और सप्लायर्स पर भी एक्शन

    कार्रवाई केवल सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों तक सीमित नहीं है. विभाग के मुताबिक, गलत दरों पर सामान उपलब्ध कराने से जुड़े मामलों में 80 से अधिक ठेकेदारों और सप्लायर्स के खिलाफ भी कदम उठाए गए हैं.

    नगरीय निकायों की खरीद प्रक्रिया में सामने आए मूल्य अंतर और वित्तीय अनियमितताओं की पहचान के लिए विभाग डिजिटल रिकॉर्ड और सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के आंकड़ों का इस्तेमाल कर रहा है. विभागीय निगरानी में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी सहारा लिया जा रहा है.


    सरकारी खरीद में पारदर्शिता पर जोर

    ACS संजय दुबे के मुताबिक, उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नगरीय निकायों के पास उपलब्ध सरकारी धन और उनकी आय का इस्तेमाल नागरिकों के हित में हो. खरीद और भुगतान की प्रक्रिया में अनियमितता मिलने पर जांच और कार्रवाई की जाती है. तकनीक और AI से निगरानी जारी है. सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि जनता के पैसे का पारदर्शी उपयोग और नागरिकों तक उसका पूरा लाभ पहुंचे.