Category: Madhya Pradesh

  • करोड़ों कमाने के लालच में खौफनाक साजिश! 17 वर्षीय किशोर की हत्या मामले में 20 साल का युवक और तीन नाबालिग पकड़े गए

    करोड़ों कमाने के लालच में खौफनाक साजिश! 17 वर्षीय किशोर की हत्या मामले में 20 साल का युवक और तीन नाबालिग पकड़े गए


    भोपाल । भोपाल में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक एक कथित फर्जी डॉक्टर ने करोड़ों रुपये कमाने का लालच देकर किशोर की हत्या की साजिश रची और इस वारदात को अंजाम देने के लिए तीन नाबालिगों समेत अन्य आरोपियों का इस्तेमाल किया। मामले में 20 वर्षीय जोहेब खान 18 वर्षीय आमिर कुरैशी और तीन विधि-विरुद्ध बालकों को पकड़ा गया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन लोग शामिल थे।

    पुलिस के अनुसार मृतक किशोर इकबाल मैदान और मोती मस्जिद इलाके में पेन तथा चाबी के छल्ले बेचता था। उसकी मां मजदूर नगर स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स में सफाई का काम करती है। आरोपियों ने करीब एक महीने पहले किशोर से दोस्ती की थी। पुलिस का कहना है कि इसी दोस्ती का फायदा उठाकर उसे वारदात वाली जगह तक ले जाने की योजना बनाई गई।

    बताया गया कि 6 अगस्त को दो नाबालिग किशोर के पास पहुंचे और उसे खट्टापुरा के पास कुछ लड़कों से विवाद होने की बात बताई। उन्होंने किशोर से अपने साथ चलने को कहा और बदले में पैसे देने का लालच दिया। पुलिस के मुताबिक किशोर उनके साथ चला गया। रास्ते में एक और नाबालिग उनके साथ जुड़ गया। इसके बाद वे किशोर को गिन्नौरी और किलोल पार्क होते हुए छोटे तालाब के धोबीघाट की तरफ ले गए।

    पुलिस के अनुसार इस दौरान मुख्य आरोपी जोहेब मोबाइल फोन के जरिए आरोपियों के संपर्क में था। सुनसान जगह पहुंचने के बाद आरोपियों ने किशोर पर हमला कर दिया। पुलिस का दावा है कि इसके बाद उस पर चाकू से वार किए गए जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर वीडियो कॉल के जरिए जोहेब से संपर्क किया और आगे के निर्देश लिए।

    पुलिस पूछताछ में सामने आया कि जोहेब खुद को डॉक्टर बताता था। पुलिस के मुताबिक उसने अपने साथियों को एक वीडियो दिखाकर किशोर के शरीर के एक अंग के बदले बड़ी रकम मिलने का लालच दिया था। इसी कथित लालच को वारदात की मुख्य वजह बताया जा रहा है। पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है कि वास्तव में इस तरह के किसी सौदे की योजना थी या आरोपियों को किसी अन्य मकसद से गुमराह किया गया था।

    श्यामला हिल्स पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस मोबाइल फोन की जांच कर रही है ताकि हत्या से पहले और बाद में हुई बातचीत की जानकारी सामने आ सके। आरोपियों के मोबाइल फोन और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस उनके बयानों का मिलान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच सामग्री से कर रही है।

    पुलिस को 10 अगस्त को किशोर का शव मिला था। पहचान नहीं होने के कारण शव को दफना दिया गया था। बाद में कपड़ों चप्पलों और हाथ पर बने निशान के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान की। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और अब शव को कब्र से निकालकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की कार्रवाई की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्या की पूरी साजिश उसके पीछे की वजह और संभावित अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश जारी है। मामले में सामने आए आरोप पुलिस जांच का हिस्सा हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • भोपाल में अब 20 ई-बसों से आसान होगा सफर! रोज 10 से 12 हजार यात्रियों को फायदा दिव्यांगों के लिए भी खास सुविधा

    भोपाल में अब 20 ई-बसों से आसान होगा सफर! रोज 10 से 12 हजार यात्रियों को फायदा दिव्यांगों के लिए भी खास सुविधा


    भोपाल  भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मंगलवार से राजधानी की सड़कों पर 10 नई इलेक्ट्रिक बसें दौड़ना शुरू करेंगी। इसके साथ ही भोपाल में ई-बसों की कुल संख्या बढ़कर 20 हो जाएगी। नई बसों के संचालन से बैरागढ़ कोलार रोड बावड़ियाकलां और शहर के कई प्रमुख इलाकों के बीच सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि सभी ई-बसें एमपी नगर से होकर गुजरेंगी। इससे नौकरीपेशा लोगों के साथ स्कूल कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और रोजाना सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की संभावना है।

    भोपाल में फिलहाल 10 ई-बसें तीन प्रमुख रूट पर संचालित की जा रही हैं। इन बसों में रोजाना औसतन करीब 4500 यात्री सफर कर रहे हैं। इनमें छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की संख्या भी अच्छी खासी बताई गई है। अब 10 नई बसें जुड़ने के बाद रोजाना करीब 10 से 12 हजार यात्रियों के सफर करने की उम्मीद है। यानी ई-बस सेवा का विस्तार शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को और मजबूत करेगा।

    नई व्यवस्था में बैरागढ़ से सलैया तक जाने वाला B35 रूट महत्वपूर्ण है। यह बस चिरायु अस्पताल और बैरागढ़ मार्केट से शुरू होकर लालघाटी कलेक्ट्रेट हमीदिया अस्पताल रॉयल मार्केट पीर गेट कमला पार्क रोशनपुरा और एमपी नगर होते हुए बावड़िया चौराहा आकृति ईको सिटी और सलैया तक जाएगी। इस रूट से पुराने शहर के कई हिस्सों को नए विकसित इलाकों से जोड़ने में मदद मिलेगी।

    B36 रूट कोच फैक्ट्री से कोलार रोड तक रहेगा। यह बस कोच फैक्ट्री भोपाल रेलवे स्टेशन पुष्पा नगर अशोका गार्डन सुभाष नगर चेतक ब्रिज बोर्ड ऑफिस और एमपी नगर से होते हुए 1100 क्वार्टर मनीषा मार्केट बंसल अस्पताल चूनाभट्टी मंदाकिनी चौराहा और गेहूंखेड़ा होते हुए कोलार रोड तक जाएगी। इस रूट से शहर के मध्य हिस्से और कोलार क्षेत्र के बीच आने जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सकती है।

    वहीं B37 रूट बैरागढ़ ई-बस डिपो से आईएसबीटी तक रहेगा। यह बस बैरागढ़ मार्केट लालघाटी कलेक्ट्रेट हमीदिया अस्पताल रॉयल मार्केट शाहजहांनाबाद नादरा बस स्टैंड भारत टॉकीज जहांगीराबाद पीएचक्यू मिंटो हॉल बिड़ला मंदिर वल्लभ भवन जिला न्यायालय और डीबी मॉल होते हुए आईएसबीटी पहुंचेगी।

    इन ई-बसों की एक खासियत दिव्यांग यात्रियों के लिए दी गई सुविधा भी है। बस में हाइड्रोलिक डोर की व्यवस्था की गई है जिसके जरिए व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल इस्तेमाल करने वाले यात्री आसानी से चढ़ और उतर सकेंगे। हाइड्रोलिक डोर के सामने दो व्हीलचेयर या ट्राइसाइकिल खड़ी करने जितनी जगह भी उपलब्ध कराई गई है। इससे सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक और समावेशी बनाने में मदद मिलेगी।

    भोपाल के ट्रैफिक को देखते हुए ई-बसों का आकार भी महत्वपूर्ण है। इनकी लंबाई करीब 9 मीटर है जबकि शहर में चलने वाली कई पारंपरिक सिटी बसों की लंबाई 12 मीटर तक होती है। कम लंबाई वाली ई-बसें अपेक्षाकृत तंग सड़कों और अधिक ट्रैफिक वाले इलाकों में संचालन के लिहाज से उपयोगी साबित हो सकती हैं। ई-बसों की संख्या बढ़ने से राजधानी में सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मजबूत होगा और आने वाले समय में यात्रियों को ज्यादा सुविधाजनक सफर मिलने की उम्मीद है।

  • भिंड में भीषण सड़क हादसा, गायों को बचाने के चक्कर में ट्रक से टकराई पिकअप, 8 मजदूरों की मौत- 23 घायल

    भिंड में भीषण सड़क हादसा, गायों को बचाने के चक्कर में ट्रक से टकराई पिकअप, 8 मजदूरों की मौत- 23 घायल


    भिंड/ग्वालियर । मध्य प्रदेश के भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार देर रात करीब 1 बजे सड़क पर बैठी गायों को बचाने के प्रयास में तेज रफ्तार पिकअप सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 लोग घायल हो गए। पिकअप में सवार सभी 29 मजदूर ग्वालियर से धान की रोपाई का काम निपटाकर अपने घर उत्तर प्रदेश लौट रहे थे।

    मध्य प्रदेश के भिंड जिले में गोहद के छीमका गांव के पास नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार देर रात करीब 1 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। ग्वालियर से धान की रोपाई का काम पूरा कर उत्तर प्रदेश लौट रहे मजदूरों से भरी एक तेज रफ्तार पिकअप सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 लोग घायल हो गए। घायलों में ट्रक ड्राइवर भी शामिल है।

    गोहद चौराहा थाना प्रभारी रामनरेश यादव के मुताबिक, पिकअप की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा होने का अनुमान है। छीमका गांव के पास हाईवे पर कुछ गायें सड़क पर बैठी थीं। अचानक सामने आए मवेशियों को बचाने के प्रयास में ड्राइवर ने पिकअप मोड़ी, जिससे वह अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप के परखचे उड़ गए और उसमें सवार मजदूरों को गंभीर चोटें आईं। शुरुआती जांच में सड़क पर बैठी गायों को बचाने की कोशिश को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

    घायल नंदलाल पिता छेन बिहारी ने बताया कि पिकअप में कुल 29 मजदूर सवार थे, जो अलग-अलग गांवों के रहने वाले थे। ये सभी मजदूर ग्वालियर क्षेत्र में धान की रोपाई के लिए आए थे और काम खत्म कर यूपी के लखीमपुर खीरी स्थित अपने गांव लौट रहे थे। हादसे के तुरंत बाद पहले चार मजदूरों की मौत और 25 के घायल होने की जानकारी आई थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई।

    हादसे की सूचना मिलते ही गोहद चौराहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। मृतकों में से पांच शवों को गोहद और तीन शवों को ग्वालियर के अस्पताल में रखा गया है, जहां उनकी पहचान की जा रही है। हादसे के बाद कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर बहाल कराया।

  • रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वी MP में स्ट्रॉन्ग सिस्टम

    रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वी MP में स्ट्रॉन्ग सिस्टम


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय स्ट्रॉन्ग सिस्टम के चलते रीवा और बालाघाट समेत 14 जिलों में मंगलवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के मुताबिक, अगले तीन दिन प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। 24 घंटे के दौरान कुछ जिलों में 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।

    रीवा-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट
    मंगलवार को रीवा और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, कटनी, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, डिंडौरी, सतना, मऊगंज, मैहर, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    पहली बार खुलेंगे बरगी बांध के 9 गेट
    मंडला, डिंडौरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते इस साल पहली बार बरगी बांध के गेट खोले जाएंगे। मंगलवार 18 अगस्त को सुबह 11 बजे बांध के 9 गेट 0.78 मीटर की औसत ऊंचाई तक खोले जाएंगे। इससे 1,031 क्यूमेक पानी छोड़ा जाएगा। 17 अगस्त की रात 8 बजे बांध का जलस्तर 420.80 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि बांध में पानी की आवक 1,620 क्यूमेक बनी हुई थी।

    40 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ में सामान्य से 4% से 58% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 1% से 49% तक कम बारिश हुई है।

    15 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
    IMD के अनुसार, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    कई मौसम प्रणालियां सक्रिय
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके अलावा ऊपरी हिस्से में दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं और दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन गुजर रहा है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में तेज बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग ने 17 से 21 अगस्त के दौरान प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है।

  • ऑर्डनेंस फैक्ट्री में बारूद से जुड़े काम के दौरान हादसा: कर्मचारी घायल, जांच के लिए बनाई गई कमेटी

    ऑर्डनेंस फैक्ट्री में बारूद से जुड़े काम के दौरान हादसा: कर्मचारी घायल, जांच के लिए बनाई गई कमेटी


    जबलपुर । जबलपुर की ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में सोमवार सुबह काम के दौरान एक कर्मचारी हादसे का शिकार हो गया। फैक्ट्री के फीलिंग-2 सेक्शन में बारूद से जुड़े काम के दौरान अचानक चिंगारी निकलने से कर्मचारी का बायां हाथ झुलस गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। घायल कर्मचारी को तत्काल फैक्ट्री हॉस्पिटल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। राहत की बात यह है कि कर्मचारी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    मिली जानकारी के मुताबिक घायल कर्मचारी की पहचान वासुदेव राम के रूप में हुई है। उसके साथी कर्मचारी शिवेंद्र रजक के अनुसार वासुदेव राम खोखे में बारूद भरने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक चिंगारी निकल गई जिसकी चपेट में आने से उनका हाथ झुलस गया। घटना के तुरंत बाद साथी कर्मचारियों ने उन्हें उपचार के लिए फैक्ट्री अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    फैक्ट्री के जनसंपर्क अधिकारी अविनाश शंकर ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि सोमवार सुबह करीब 10 बजे वासुदेव राम बम के लिए ट्रेसर से संबंधित काम कर रहे थे। इसी दौरान चिंगारी निकलने से उनका बायां हाथ झुलस गया। उन्होंने बताया कि कर्मचारी की हालत खतरे से बाहर है और उसका उपचार कराया जा रहा है।

    हादसे के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। मामले की वास्तविक वजह सामने लाने के लिए बोर्ड ऑफ इन्क्वायरी का गठन किया गया है। जांच के दौरान हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और काम के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं इन सभी बिंदुओं की पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।

    इधर साथी कर्मचारियों ने फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि कई बार सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल फैक्ट्री प्रबंधन का पूरा ध्यान घायल कर्मचारी के इलाज और हादसे की वजह पता करने पर है।

    जबलपुर की ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में पहले भी बड़े हादसे सामने आ चुके हैं। कुछ समय पहले फैक्ट्री के एफ-6 सेक्शन की बिल्डिंग नंबर 200 में भीषण ब्लास्ट हुआ था जिसमें दो कर्मचारियों की मौत हो गई थी जबकि 10 से अधिक कर्मचारी झुलस गए थे। इनमें दो कर्मचारियों की हालत गंभीर बताई गई थी। पुराने हादसे की पृष्ठभूमि में ताजा घटना ने फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

    फिलहाल वासुदेव राम की हालत स्थिर बताई जा रही है। बोर्ड ऑफ इन्क्वायरी की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चिंगारी निकलने की वजह क्या थी और हादसे के लिए कोई तकनीकी या मानवीय कारण जिम्मेदार था या नहीं।

  • महाकाल परिसर के नागचंद्रेश्वर मंदिर में अचानक मची अफरातफरी, दो श्रद्धालु अस्पताल में भर्ती, स्थिति संभालने में जुटा प्रशासन

    महाकाल परिसर के नागचंद्रेश्वर मंदिर में अचानक मची अफरातफरी, दो श्रद्धालु अस्पताल में भर्ती, स्थिति संभालने में जुटा प्रशासन

    मध्य प्रदेश। के उज्जैन में महाकाल मंदिर परिसर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर में सोमवार को श्रद्धालुओं के बीच अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया और कई श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लोगों के बीच फैली अफवाह को इस स्थिति की वजह बताया जा रहा है।

    घटना महाकाल परिसर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर में उस समय हुई, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए मौजूद थे। अचानक कुछ लोगों के बीच अफवाह फैलने के बाद भीड़ में हलचल बढ़ गई। देखते ही देखते श्रद्धालुओं में आगे निकलने और सुरक्षित स्थान की ओर जाने की कोशिश शुरू हो गई, जिससे स्थिति बिगड़ गई।

    भगदड़ जैसी स्थिति बनने के दौरान कई श्रद्धालु गिर गए और उन्हें चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। घटना की सूचना मिलते ही मंदिर प्रबंधन और प्रशासन भी सक्रिय हो गया तथा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई।

    उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि महाकालेश्वर नागचंद्रेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बनने के बाद लोगों के घायल होने की खबर है। उन्होंने बताया कि दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस और प्रशासन की ओर से घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    प्रारंभिक तौर पर अफवाह को घटना की वजह माना जा रहा है, हालांकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने के लिए प्रशासनिक स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है। भीड़ के बीच किसी भी तरह की अफवाह तेजी से फैलने पर ऐसी परिस्थितियां गंभीर रूप ले सकती हैं। इसी वजह से मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं को संयम बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था के निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया जा रहा है।

    घटना के बाद महाकाल परिसर में प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने सतर्कता बढ़ा दी है। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों की प्राथमिकता घायलों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ परिसर में सामान्य स्थिति बनाए रखना है।

    नागचंद्रेश्वर मंदिर उज्जैन के महाकाल परिसर का महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान भीड़ प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। किसी भी अफवाह या अचानक पैदा हुई स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन और सुरक्षा कर्मचारियों को लगातार निगरानी रखनी पड़ती है।

    फिलहाल घटना में घायल श्रद्धालुओं की स्थिति और घायलों की कुल संख्या को लेकर विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है। प्रशासन की ओर से घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। जैसे-जैसे आधिकारिक स्तर पर और तथ्य सामने आएंगे, घटना की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

    इस घटना ने धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और अफवाहों पर तत्काल नियंत्रण की आवश्यकता को एक बार फिर सामने ला दिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की ओर से परिसर में निगरानी और व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

  • घर में घुसा पड़ोसी युवक और युवती से दुष्कर्म का आरोप, विरोध पर बदनाम करने की धमकी; भाई से मारपीट का भी मामला

    घर में घुसा पड़ोसी युवक और युवती से दुष्कर्म का आरोप, विरोध पर बदनाम करने की धमकी; भाई से मारपीट का भी मामला


    शिवपुरी । शिवपुरी के कोतवाली थाना क्षेत्र में 21 वर्षीय युवती ने अपने पड़ोसी युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि युवक उसके घर में जबरदस्ती घुसा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने उसे बदनाम करने की धमकी दी और इसी के सहारे उसका लगातार शारीरिक शोषण करता रहा। युवती ने 16 अगस्त की रात पुलिस के सामने शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पीड़िता के आरोपों के मुताबिक आरोपी युवक उसके पड़ोस में रहता है। युवती ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसके घर में घुसकर उसके साथ जबरदस्ती की। इसके बाद वह उसे बदनाम करने की धमकी देने लगा। युवती का आरोप है कि आरोपी की धमकियों के कारण वह लंबे समय तक परेशान रही और उसका शारीरिक शोषण जारी रहा। मामले की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़िता के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच शुरू की है।

    मामले में आरोपी युवक पर पीड़िता के भाई के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि बीते शाम आरोपी धर्मेंद्र पर पीड़िता के भाई के साथ विवाद और मारपीट करने का आरोप लगा। इसके बाद पीड़िता के भाई ने भी पुलिस को अपनी शिकायत दी। इस तरह मामले में युवती के आरोपों के साथ उसके भाई की शिकायत भी पुलिस जांच का हिस्सा बन गई है।

    पुलिस ने युवती और उसके भाई की शिकायत के आधार पर धर्मेंद्र शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म समेत कई संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने के साथ घटनास्थल और अन्य परिस्थितियों की भी पड़ताल करेगी।

    पुलिस का कहना है कि मामले में पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दुष्कर्म के आरोप से जुड़े मामलों में पुलिस की जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों और आरोपी की भूमिका को लेकर सभी पहलुओं की जांच की जाती है।

    फिलहाल इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती की शिकायत में घर में घुसकर दुष्कर्म करने और बाद में धमकी देकर शारीरिक शोषण जारी रखने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं उसके भाई की शिकायत में मारपीट का आरोप सामने आया है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • शहर के करीब तेंदुए की मूवमेंट से मचा हड़कंप, सिंधिया छत्री पर बैठा दिखा Leopard; वन विभाग सतर्क

    शहर के करीब तेंदुए की मूवमेंट से मचा हड़कंप, सिंधिया छत्री पर बैठा दिखा Leopard; वन विभाग सतर्क


    शिवपुरी शिवपुरी में एक बार फिर तेंदुए की मूवमेंट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार को बाजा हाउस के पास स्थित सिंधिया छत्री की दीवार पर एक तेंदुआ बैठा हुआ दिखाई दिया। तेंदुए को देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें तेंदुआ कुछ देर तक छत्री की दीवार पर बैठा नजर आता है और इसके बाद जंगल की ओर भाग जाता है। शहर के रिहायशी इलाके के इतने करीब तेंदुआ दिखाई देने से स्थानीय लोगों के साथ सुबह की सैर करने वालों में भी डर का माहौल है।

    बताया जा रहा है कि सुबह के समय दो बत्ती चौराहे से लेकर बाजा हाउस तक बड़ी संख्या में लोग मॉर्निंग वॉक के लिए निकलते हैं। इसी रास्ते के नजदीक तेंदुए की मौजूदगी सामने आने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है। आमतौर पर इस इलाके में सुबह के समय लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में वन्यजीव के दिखाई देने के बाद लोग सतर्क हो गए हैं और कई लोगों ने सुबह अकेले निकलने से भी परहेज करना शुरू कर दिया है।

    बाजा हाउस और सिंधिया छत्री का क्षेत्र माधव टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है। जंगल से नजदीकी होने के कारण इस इलाके में वन्यजीवों की आवाजाही पहले भी सामने आती रही है। हालांकि इस बार तेंदुआ शहर के ज्यादा आबादी वाले और रिहायशी इलाके के करीब दिखाई दिया है। यही वजह है कि स्थानीय लोगों में इसे लेकर ज्यादा चिंता देखी जा रही है। तेंदुए के दिखाई देने का वीडियो सामने आने के बाद आसपास के लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

    शिवपुरी में तेंदुए की मौजूदगी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले नॉन कोल्हू की पुलिया और झांसी लिंक रोड के आसपास भी तेंदुए को देखे जाने की सूचना सामने आ चुकी है। इन इलाकों में कई बार तेंदुए की मूवमेंट दर्ज होने के बाद वन विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की अपील की थी। जंगल से लगे इलाकों में वन्यजीवों की आवाजाही को देखते हुए विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह देता रहा है।

    वन विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में लोगों से कहा गया है कि यदि तेंदुआ या कोई अन्य जंगली जानवर दिखाई दे तो उसके करीब जाने की कोशिश बिल्कुल न करें। वन्यजीव को देखने के लिए भीड़ लगाने से भी बचना चाहिए। कई बार लोग मोबाइल से वीडियो बनाने के लिए जानवर के काफी करीब पहुंच जाते हैं जिससे वन्यजीव खुद को खतरे में महसूस कर सकता है और हमला करने की स्थिति बन सकती है।

    विभाग ने लोगों से यह भी अपील की है कि तेंदुए को घेरने पकड़ने या उसका रास्ता रोकने का प्रयास न करें। वन्यजीव दिखाई देने की स्थिति में सुरक्षित दूरी बनाए रखना और संबंधित विभाग को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित कदम है। सिंधिया छत्री के आसपास तेंदुआ नजर आने के बाद स्थानीय लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    खासकर सुबह और देर शाम के समय जंगल से सटे इलाकों में अकेले जाने से बचने और बच्चों को ऐसे स्थानों पर अकेले न भेजने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल तेंदुआ सिंधिया छत्री की दीवार से जंगल की ओर चला गया लेकिन रिहायशी इलाके के करीब उसकी मौजूदगी ने लोगों को सतर्क कर दिया है। अब स्थानीय लोगों की नजर वन विभाग की गतिविधियों और तेंदुए की अगली मूवमेंट पर बनी हुई है।

  • पातालपानी-कालाकुंड के सफर का इंतजार खत्म होने वाला, बीकानेर से मेंटेन होकर इंदौर पहुंचा रैक; ट्रायल के बाद शुरू होगी ट्रेन

    पातालपानी-कालाकुंड के सफर का इंतजार खत्म होने वाला, बीकानेर से मेंटेन होकर इंदौर पहुंचा रैक; ट्रायल के बाद शुरू होगी ट्रेन


    इंदौर। 15 अगस्त का लॉन्ग वीकेंड गुजर चुका है लेकिन इंदौर और आसपास के पर्यटकों के लिए बारिश के मौसम की सबसे खास सैर यानी पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इस समय पातालपानी का झरना पूरे वेग से बह रहा है। पहाड़ घने हरे रंग में ढके हैं और घाटियों में बादलों का खूबसूरत डेरा नजर आ रहा है। ऐसे मौसम में पर्यटक इस ऐतिहासिक ट्रेन के शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। रेलवे भी अब ट्रेन संचालन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। हेरिटेज ट्रेन का पूरा रैक मेंटेनेंस के बाद बीकानेर से इंदौर पहुंच चुका है और रविवार सुबह यह लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन पहुंचा।

    अब रेलवे इस रैक को महू के रास्ते पातालपानी ले जाएगा। वहां क्रेन की मदद से कोचों को ट्रैक पर उतारा जाएगा। इसके बाद कोचों को इंजन के साथ जोड़कर उनकी अलाइनमेंट और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। इन तैयारियों के बाद रेलवे की ओर से ट्रायल रन किया जाएगा। ट्रायल के दौरान रैक की स्थिति के साथ ट्रैक संचालन व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों को परखा जाएगा। यदि सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई जाती हैं तो यात्री संचालन की अनुमति दी जाएगी। रेलवे की मौजूदा तैयारी अगले सप्ताह शनिवार से हेरिटेज ट्रेन शुरू करने की है।

    इस साल ट्रेन के शुरू होने में हुई देरी की मुख्य वजह रैक का मेंटेनेंस बताया जा रहा है। आमतौर पर मानसून के दौरान पातालपानी और कालाकुंड का इलाका पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बन जाता है। बारिश के साथ यहां की प्राकृतिक खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। पहाड़ों से गिरते झरने घने जंगल घुमावदार रेल ट्रैक और बादलों से घिरी घाटियां इस सफर को रोमांचक बना देती हैं। यही वजह है कि हेरिटेज ट्रेन के संचालन का इंतजार हर साल पर्यटकों को रहता है।

    पिछले साल हेरिटेज ट्रेन का संचालन 26 जुलाई से शुरू होकर 16 नवंबर 2025 तक हुआ था। इस बार अगस्त का आधा महीना बीत जाने के बाद भी यात्री सेवा शुरू नहीं हो पाई। ऐसे में अब रैक के इंदौर पहुंचने के बाद उम्मीद बढ़ी है कि जल्द ही ट्रायल रन पूरा कर ट्रेन को यात्रियों के लिए शुरू किया जा सकता है। हालांकि अंतिम तारीख रेलवे की ओर से आधिकारिक घोषणा और ट्रायल के बाद ही स्पष्ट होगी।

    पातालपानी-कालाकुंड रेलखंड सिर्फ पर्यटन के लिहाज से ही नहीं बल्कि इतिहास के लिहाज से भी बेहद खास है। करीब 155 साल पुराने इस रेलखंड की शुरुआत वर्ष 1870 में इंदौर रियासत के महाराजा तुकोजीराव होलकर द्वितीय की पहल से हुई थी। वर्ष 1878 तक होलकर स्टेट रेलवे के तहत इसका निर्माण पूरा हो गया था। बाद में यह रेलखंड राजपुताना-मालवा रेलवे का हिस्सा बना। समय के साथ आसपास की कई मीटरगेज रेल लाइनों को ब्रॉडगेज में बदल दिया गया लेकिन पहाड़ी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यह रेलखंड अपनी पुरानी पहचान के साथ सुरक्षित रहा।

    रेलवे ने इस ऐतिहासिक ट्रैक को संरक्षित रखते हुए 25 दिसंबर 2018 को पहली बार हेरिटेज ट्रेन शुरू की थी। पातालपानी से कालाकुंड तक करीब 9.5 किलोमीटर का यह सफर छोटा जरूर है लेकिन रोमांच से भरपूर है। इस मार्ग में चार सुरंगें करीब 24 तीखे मोड़ छह बड़े और 35 छोटे पुल आते हैं। ट्रेन जैसे ही पहाड़ों के बीच आगे बढ़ती है एक तरफ घने जंगल और पहाड़ दिखाई देते हैं जबकि दूसरी ओर गहरी घाटियां सफर को रोमांचक बना देती हैं।

    मानसून के दौरान इस पूरे रेलखंड का नजारा बेहद आकर्षक हो जाता है। पातालपानी का झरना तेज बहाव के साथ नजर आता है और चारों ओर हरियाली छा जाती है। घाटियों में तैरते बादल और घुमावदार ट्रैक यात्रियों के लिए यादगार अनुभव बनते हैं। अब मेंटेन रैक के इंदौर पहुंचने के बाद पर्यटकों की नजर रेलवे के ट्रायल रन और आधिकारिक संचालन तारीख पर टिकी है। अगर तकनीकी और सुरक्षा जांच तय मानकों के अनुसार पूरी होती है तो अगले शनिवार से पातालपानी-कालाकुंड की खूबसूरत हेरिटेज ट्रेन एक बार फिर पटरी पर दौड़ती नजर आ सकती है।

  • शादी में आई नहीं, परिवार से संपर्क भी नहीं था, फिर भी दहेज केस में आरोपी बनी साध्वी; कोर्ट ने आरोप किए निरस्त

    शादी में आई नहीं, परिवार से संपर्क भी नहीं था, फिर भी दहेज केस में आरोपी बनी साध्वी; कोर्ट ने आरोप किए निरस्त


    इंदौर । इंदौर में दहेज प्रताड़ना के एक मामले में अदालत ने ऐसा फैसला सुनाया है जिसने पुलिस जांच और आरोप तय करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मामले में शिकायतकर्ता महिला के पति की बहन को भी दहेज प्रताड़ना का आरोपी बनाया गया था जबकि बचाव पक्ष के मुताबिक वह महिला वर्ष 1980 में ही बाल साध्वी के रूप में सांसारिक जीवन छोड़ चुकी थी। वैराग्य अपनाने के बाद उसका अपने परिवार से लंबे समय तक कोई संपर्क नहीं रहा। यहां तक कि वह शिकायतकर्ता की शादी में भी शामिल नहीं हुई थी। इसके बावजूद एरोड्रम पुलिस ने उसे मामले में आरोपी बनाकर चालान कोर्ट में पेश कर दिया।

    मामला अदालत पहुंचने के बाद साध्वी समेत अन्य आरोपियों ने कार्रवाई को चुनौती दी। अपर सत्र न्यायालय ने 13 अगस्त को निचली अदालत द्वारा तय किए गए आरोपों का रिकॉर्ड देखा और उन्हें निरस्त कर दिया। अदालत ने पाया कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया जिससे यह साबित हो कि साध्वी जेठ या जेठानी ने शिकायतकर्ता को दहेज के लिए प्रताड़ित किया था। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि कथित प्रताड़ना कब कहां और किस तरह हुई इसका स्पष्ट आधार रिकॉर्ड पर मौजूद नहीं है।

    मामला उस समय सामने आया जब शिकायतकर्ता महिला ने एरोड्रम थाने में दहेज प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में पति के राजस्थान में रहने वाले भाई भाभी और उसकी बहन को भी आरोपी बनाया गया। परिवार की ओर से पुलिस को यह जानकारी दिए जाने का दावा किया गया कि संबंधित रिश्तेदारों का शिकायतकर्ता से कोई संपर्क नहीं रहा था। इसके बावजूद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और आरोपियों के खिलाफ चालान कोर्ट में पेश कर दिया।

    इसके बाद प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने चालान के आधार पर आरोप तय कर दिए। इसी कार्रवाई को चुनौती देते हुए बचाव पक्ष ने अपर सत्र न्यायालय का रुख किया। आरोपी पक्ष की ओर से एडवोकेट महेंद्र मौर्य ने अदालत में तर्क दिया कि पति की बहन ने वर्ष 1980 में ही बाल साध्वी के रूप में वैराग्य अपना लिया था। सांसारिक जीवन छोड़ने के बाद वह परिवार से अलग रही और उसका शिकायतकर्ता से कोई नियमित संपर्क नहीं था।

    बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि संबंधित साध्वी शिकायतकर्ता की शादी में शामिल तक नहीं हुई थी। ऐसे में शादी के समय दहेज को लेकर किसी तरह की मांग या प्रताड़ना में उसकी भूमिका होने का सवाल ही नहीं उठता। इसी तरह मामले में आरोपी बनाए गए जेठ और जेठानी भी राजस्थान में रहते थे और वे भी शिकायतकर्ता की शादी में शामिल नहीं हुए थे। बचाव पक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता और प्रत्येक आरोपी की व्यक्तिगत भूमिका की पर्याप्त जांच किए बिना ही कार्रवाई आगे बढ़ाई।

    मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश मनीष लोवंशी की अदालत में हुई। कोर्ट ने केस रिकॉर्ड और उपलब्ध सामग्री का परीक्षण करने के बाद पाया कि साध्वी जेठ और जेठानी द्वारा शिकायतकर्ता को दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने का कोई ठोस प्रमाण रिकॉर्ड पर नहीं है। अदालत के सामने यह स्पष्ट नहीं हो सका कि कथित आरोपियों ने शिकायतकर्ता को कब कैसे और कहां दहेज के लिए प्रताड़ित किया।

    अदालत ने माना कि केवल आरोप लगाए जाने के आधार पर आरोप तय करने के लिए पर्याप्त ठोस आधार जरूरी है। रिकॉर्ड में आरोपियों की कथित भूमिका को लेकर पर्याप्त सामग्री नहीं मिलने के कारण निचली अदालत द्वारा आरोप तय करने में त्रुटि हुई। इसके बाद अपर सत्र न्यायालय ने साध्वी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ तय किए गए आरोपों को निरस्त कर दिया।

    यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें अदालत के सामने आरोपी महिला की सामाजिक और पारिवारिक स्थिति से जुड़े तथ्य भी सामने आए। वर्ष 1980 में वैराग्य अपना चुकी साध्वी के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया गया जबकि बचाव पक्ष के अनुसार वह शिकायतकर्ता की शादी में शामिल नहीं हुई थी और लंबे समय से परिवार से अलग जीवन जी रही थी। अदालत के फैसले ने फिलहाल उसके खिलाफ तय आरोपों को खत्म कर दिया है और मामले में आरोपियों की वास्तविक भूमिका के लिए ठोस साक्ष्य की आवश्यकता को रेखांकित किया है।