Category: Madhya Pradesh

  • एमपी में मानसून की रफ्तार सुस्त, 48 जिले बारिश में पिछड़े, आज 30 जिलों में वर्षा और 4 जिलों में लू का अलर्ट

    एमपी में मानसून की रफ्तार सुस्त, 48 जिले बारिश में पिछड़े, आज 30 जिलों में वर्षा और 4 जिलों में लू का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की देरी का असर साफ दिखाई दे रहा है। जून के अधिकांश दिन सूखे गुजरने से प्रदेश में अब तक सामान्य से 52 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 70.9 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि केवल 34.3 मिमी वर्षा ही रिकॉर्ड की गई है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर सहित 48 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है।

    मानसून में देरी बनी कम बारिश की बड़ी वजह

    प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार तय समय से 8 दिन बाद भी मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया है। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में मानसून के आगमन की संभावना जताई है। आमतौर पर मानसून के जल्द सक्रिय होने पर तेज बारिश का दौर शुरू हो जाता है, जिससे वर्षा के आंकड़ों में तेजी आती है।

    हालांकि पूरे जून माह में प्री-मानसूनी गतिविधियां जारी हैं, फिर भी पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में औसत से 71 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औसत से 33 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

    इन जिलों में बारिश सामान्य से कम

    अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, बुरहानपुर, दतिया, देवास, धार, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, सीहोर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई।

    इन जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा

    भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, गुना, मंदसौर, नीमच और श्योपुर ऐसे जिले रहे जहां औसत से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।

    प्री-मानसून सक्रिय, कई जिलों में बरसे बादल

    सोमवार को प्रदेश में प्री-मानसूनी गतिविधियां तेज रहीं। धार में करीब 2 इंच और भोपाल में लगभग पौन इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, खंडवा, रायसेन, राजगढ़, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सतना, सिवनी, बड़वानी, शाजापुर और सीहोर समेत कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला।

    पचमढ़ी रहा सबसे ठंडा, दतिया सबसे गर्म

    सोमवार को पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धार में 32.9, सिवनी में 34.2, रायसेन में 35.4 और शाजापुर में 35.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं दतिया सबसे गर्म रहा, जहां पारा 42.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सीधी, खजुराहो, टीकमगढ़-नौगांव और नरसिंहपुर में भी तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में इंदौर का तापमान 34.7 डिग्री, उज्जैन 35 डिग्री, भोपाल 35.2 डिग्री, जबलपुर 36 डिग्री और ग्वालियर 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    आज का मौसम: 4 जिलों में लू, 30 जिलों में बारिश की संभावना

    मौसम विभाग ने मंगलवार को जबलपुर, मंडला, दमोह और उमरिया जिलों में हीटवेव (लू) का अलर्ट जारी किया है। वहीं ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, भोपाल, सीहोर, हरदा, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, इंदौर, धार, बड़वानी, आलीराजपुर और झाबुआ में तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है।

    इसके अलावा नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गर्मी का असर बना रह सकता है।

  • इंदौर में MCA छात्रा ने लगाई फांसी: परीक्षा के तनाव में उठाया खौफनाक कदम, कमरे में मिला शव

    इंदौर में MCA छात्रा ने लगाई फांसी: परीक्षा के तनाव में उठाया खौफनाक कदम, कमरे में मिला शव


    मध्यप्रदेश । इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए अपने घर से दूर रहकर पढ़ाई कर रही एक 22 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में परीक्षा के दबाव और मानसिक तनाव को इस घटना की संभावित वजह माना जा रहा है। घटना के बाद छात्रा के परिवार और दोस्तों में गहरा शोक व्याप्त है।

    पुलिस के अनुसार मृतक छात्रा रेखा गाढे बुरहानपुर की रहने वाली थी और पिछले करीब एक वर्ष से इंदौर में रहकर MCA की पढ़ाई कर रही थी। वह चमेली देवी कॉलेज की छात्रा थी और वर्तमान में सेकंड सेमेस्टर की परीक्षाएं दे रही थी। पढ़ाई में मेहनती मानी जाने वाली रेखा पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रही थी।

    जानकारी के मुताबिक रविवार शाम उसकी सहेलियों ने उसे राजबाड़ा घूमने चलने के लिए कहा था, लेकिन उसने जाने से इनकार कर दिया। सहेलियां उसे अकेला छोड़कर घूमने चली गईं। देर रात जब वे वापस लौटीं तो कमरे का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। रेखा कमरे में फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी। सहेलियों ने तत्काल आसपास के लोगों और पुलिस को सूचना दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही परदेशीपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने छात्रा के कमरे की तलाशी ली, लेकिन वहां से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    पुलिस द्वारा सहेलियों और परिचितों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि रेखा परीक्षा को लेकर काफी तनाव में थी। उसके कुछ पेपर उम्मीद के मुताबिक नहीं हुए थे, जिससे वह निराश और चिंतित रहने लगी थी। सहेलियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह पढ़ाई पर ठीक से ध्यान नहीं दे पा रही थी और अक्सर उदास दिखाई देती थी।

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। परिजन इंदौर पहुंच रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

    यह घटना एक बार फिर विद्यार्थियों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव और मानसिक तनाव की गंभीर समस्या को सामने लाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा में अपेक्षित प्रदर्शन न होने पर छात्रों को निराशा के बजाय परिवार, मित्रों और शिक्षकों से संवाद करना चाहिए। मानसिक तनाव की स्थिति में समय रहते परामर्श और सहायता प्राप्त करना बेहद आवश्यक है।

    फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्रा ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। पूरे मामले ने कॉलेज और छात्र समुदाय को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।

  • इंदौर में विजयवर्गीय का मुस्लिम समुदाय पर तंज: विकास चाहिए तो भेदभाव की राजनीति छोड़नी होगी

    इंदौर में विजयवर्गीय का मुस्लिम समुदाय पर तंज: विकास चाहिए तो भेदभाव की राजनीति छोड़नी होगी


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में आयोजित एक विकास कार्यक्रम के दौरान ऐसा बयान दिया है जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजयवर्गीय ने विकास कार्यों के भूमिपूजन के दौरान कहा कि कुछ मुस्लिम भाई उन्हें और उनकी विचारधारा से जुड़े लोगों को काफिर कहते हैं। उन्होंने कहा कि यदि वे काफिर हैं तो उनकी बनाई सड़कों पर नहीं चलना चाहिए और सरकार की योजनाओं का लाभ भी नहीं लेना चाहिए।

    विजयवर्गीय ने कहा कि जिस क्षेत्र में विकास कार्य किए जा रहे हैं वहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग रहते हैं। उन्होंने मंच से कहा कि कई मुस्लिम भाई हमें काफिर कहते हैं। यदि हम काफिर हैं तो हमारी बनाई सड़क पर मत चलो। यदि आपके घर में लाड़ली बहना या लाड़ली लक्ष्मी योजना का पैसा पहुंच रहा है तो उसे भी मत लो। उनके इस बयान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

    हालांकि अपने संबोधन में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार और पार्टी की नीति किसी प्रकार के भेदभाव की नहीं रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास और सबका प्रयास के सिद्धांत पर काम किया है। सरकार ने कभी यह नहीं देखा कि कौन किस धर्म या समुदाय से जुड़ा है। विकास कार्यों का लाभ सभी नागरिकों तक समान रूप से पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

    मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता की सेवा करना उनका दायित्व है। जनता उन्हें वोट दे या न दे लेकिन विकास कार्य रुकेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि यदि जनता राजनीतिक समर्थन देती है तो और अधिक उत्साह के साथ काम किया जाएगा लेकिन समर्थन न मिलने की स्थिति में भी विकास की गति जारी रहेगी। उनका कहना था कि जनता की सेवा करना राजनीति से ऊपर की जिम्मेदारी है।

    यह बयान उस समय आया जब विजयवर्गीय दो दिवसीय विकास कार्यक्रम के दूसरे दिन क्षेत्रीय दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने वार्ड क्रमांक-1 और वार्ड क्रमांक-5 में लगभग 2 करोड़ 39 लाख 80 हजार रुपए की लागत से होने वाले 10 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।

    अपने संबोधन में विजयवर्गीय ने भाजपा कार्यकर्ता होने को अपना पहला सौभाग्य और जनप्रतिनिधि बनकर जनता की सेवा करने को दूसरा सौभाग्य बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा करना होना चाहिए।

    विजयवर्गीय का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में राजनीतिक दलों के बीच सामाजिक समरसता और विकास के मुद्दों पर लगातार बहस जारी है। उनके बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं। हालांकि उन्होंने अपने पूरे भाषण में विकास कार्यों और जनता की सेवा को प्राथमिकता देने की बात दोहराई तथा यह संदेश देने का प्रयास किया कि सरकार की योजनाएं सभी नागरिकों के लिए समान रूप से उपलब्ध हैं।

  • NQAS टीम की सख्ती से अस्पताल में मचा हड़कंप: गंदगी और शराब की बोतलों पर जताई नाराजगी, बंद बगीचे का खुलवाया ताला

    NQAS टीम की सख्ती से अस्पताल में मचा हड़कंप: गंदगी और शराब की बोतलों पर जताई नाराजगी, बंद बगीचे का खुलवाया ताला


    मध्यप्रदेश । उज्जैन के जिला अस्पताल चरक भवन में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) की राष्ट्रीय मूल्यांकन टीम री-सर्टिफिकेशन के लिए निरीक्षण करने पहुंची। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) दिल्ली के निर्देश पर पहुंचे इस दल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और कई स्थानों पर गंभीर खामियां मिलने पर अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

    मूल्यांकन दल में महाराष्ट्र की डॉ. स्वर्णा पंजाब की रुपिंदर कौर और पटना के डॉ. विजय चंद्र झा शामिल थे। टीम ने अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार से निरीक्षण की शुरुआत की। इस दौरान अस्पताल परिसर में कई स्थानों पर गंदगी देखी गई जिस पर टीम ने कड़ा रुख अपनाया। अधिकारियों और सफाई व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा गया कि उन्हें किसी का परिचय पत्र देखने में रुचि नहीं है बल्कि एक घंटे के भीतर अस्पताल पूरी तरह साफ दिखाई देना चाहिए।

    निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर और मुख्य गेट के आसपास शराब की खाली बोतलें तथा अन्य अनुपयोगी सामग्री बिखरी मिली। यह दृश्य देखकर टीम के सदस्य नाराज हो गए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से सवाल किया कि मरीजों और उनके परिजनों के लिए बने परिसर में इस प्रकार की सामग्री कैसे पहुंच रही है। साथ ही नियमित निगरानी और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

    निरीक्षण के दौरान टीम की नजर अस्पताल परिसर में स्थित एक बंद बगीचे पर भी पड़ी। बगीचा लंबे समय से बंद था और उस पर ताला लगा हुआ था। टीम ने तुरंत ताला खुलवाया और अंदर जाकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों से पूछा गया कि सार्वजनिक उपयोग के लिए बने इस स्थान को बंद क्यों रखा गया है। निरीक्षण के बाद टीम ने निर्देश दिए कि बगीचे को व्यवस्थित किया जाए और मरीजों तथा उनके परिजनों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए ताकि उन्हें बेहतर वातावरण मिल सके।

    राष्ट्रीय मूल्यांकन दल ने अस्पताल की शासकीय भोजनशाला का भी निरीक्षण किया। यहां मेन्यू बोर्ड प्रदर्शित नहीं मिला जिस पर टीम ने तत्काल मेन्यू बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा शिकायत पेटी की व्यवस्था उसकी चाबी किसके पास रहती है और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तृत जानकारी ली गई।

    टीम ने अस्पताल में लगाए गए सिटीजन चार्टर का भी अवलोकन किया और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी का परीक्षण किया। इसके साथ ही कचरा संग्रहण वाहन का निरीक्षण किया गया और उसकी तस्वीरें लेकर रिकॉर्ड तैयार किया गया। निरीक्षण के दौरान टीम ने अस्पताल प्रशासन को साफ संदेश दिया कि गुणवत्ता मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं बनाए रखना जरूरी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

    NQAS री-सर्टिफिकेशन के लिए हो रहे इस निरीक्षण को अस्पताल प्रबंधन के लिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इसके आधार पर अस्पताल की गुणवत्ता और सेवाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। टीम के निर्देशों के बाद अस्पताल प्रशासन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गया है।

  • महाकाल दरबार में श्रद्धा का विशेष उपहार: परिवार सहित पहुंचे भक्त ने चढ़ाया चांदी का दिव्य छत्र

    महाकाल दरबार में श्रद्धा का विशेष उपहार: परिवार सहित पहुंचे भक्त ने चढ़ाया चांदी का दिव्य छत्र


    मध्यप्रदेश । विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के दरबार में एक बार फिर श्रद्धा और समर्पण का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। राजस्थान के जयपुर से आए एक भक्त परिवार ने बाबा महाकाल के चरणों में अपनी आस्था अर्पित करते हुए लाखों रुपए मूल्य का चांदी का भव्य छत्र समर्पित किया। इस विशेष भेंट ने न केवल मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया बल्कि यह भी साबित किया कि महाकाल के प्रति भक्तों का विश्वास और समर्पण समय के साथ और अधिक मजबूत होता जा रहा है।

    जयपुर के सन सिटी नीदड़ निवासी भागचंद बलेसरा लंबे समय से भगवान महाकाल के प्रति गहरी श्रद्धा रखते हैं। इसी श्रद्धा भाव के साथ उन्होंने विशेष रूप से 1 किलो 300 ग्राम चांदी से एक सुंदर और कलात्मक छत्र तैयार करवाया। इस छत्र की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 25 हजार रुपए बताई जा रही है। भागचंद बलेसरा अपने पूरे परिवार के साथ उज्जैन पहुंचे और विधिवत पूजा-अर्चना के बाद इस दिव्य छत्र को बाबा महाकाल को अर्पित किया।

    इस धार्मिक अवसर पर उनकी धर्मपत्नी सीता देवी, पुत्र गोविंद बलेसरा और सीताराम बलेसरा, पुत्रियां ममता, सुमन और अनिता तथा पौत्र महावीर बलेसरा भी मौजूद रहे। पूरे परिवार ने बाबा महाकाल के दर्शन कर सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।

    महाकालेश्वर मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक धार्मिक विधि-विधान के साथ छत्र का पूजन कराया। इसके बाद विशेष अनुष्ठान संपन्न कर यह चांदी का छत्र भगवान महाकाल के मुखमंडल पर धारण कराया गया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने इस दिव्य क्षण को श्रद्धा और भक्ति के साथ देखा। पूजा के दौरान वातावरण हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।

    छत्र अर्पण के बाद मंदिर समिति की ओर से भागचंद बलेसरा और उनके परिवार का सम्मान भी किया गया। श्रद्धालु परिवार ने इसे अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से उन्हें जीवन में अनेक उपलब्धियां और खुशियां मिली हैं। इसी कृतज्ञता और आस्था के भाव से उन्होंने यह विशेष भेंट समर्पित की है।

    महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा सोने-चांदी के आभूषण, मुकुट, छत्र और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करने की परंपरा वर्षों पुरानी है। देश और विदेश से आने वाले भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान को बहुमूल्य उपहार भेंट करते हैं। विशेष बात यह है कि सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने के बावजूद धार्मिक दान और भेंट की भावना में कोई कमी नहीं आई है।

    महाकालेश्वर मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां प्रतिदिन हजारों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। जयपुर से आए इस श्रद्धालु परिवार द्वारा अर्पित किया गया चांदी का छत्र भी इसी अटूट विश्वास और भक्ति का प्रतीक बनकर सामने आया है।

  • भस्म आरती बुकिंग पर सख्ती: एक मोबाइल नंबर से बार-बार नहीं होगी एंट्री, महाकाल मंदिर समिति का फैसला

    भस्म आरती बुकिंग पर सख्ती: एक मोबाइल नंबर से बार-बार नहीं होगी एंट्री, महाकाल मंदिर समिति का फैसला


    मध्यप्रदेश । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में होने वाली भस्म आरती में शामिल होने के लिए अब श्रद्धालुओं को नई व्यवस्था का पालन करना होगा। मंदिर समिति ने भस्म आरती की अनुमति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी श्रद्धालु को एक ही मोबाइल नंबर से तीन माह के भीतर दोबारा भस्म आरती की अनुमति नहीं मिलेगी। यह नियम सामान्य श्रद्धालुओं के साथ-साथ प्रोटोकॉल के माध्यम से अनुमति प्राप्त करने वालों पर भी समान रूप से लागू रहेगा।

    महाकाल मंदिर में प्रतिदिन तड़के होने वाली भस्म आरती देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। सीमित संख्या में उपलब्ध अनुमति के कारण लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग एक ही मोबाइल नंबर या पहचान का उपयोग कर बार-बार अनुमति प्राप्त कर लेते हैं जबकि कई श्रद्धालु वर्षों तक भस्म आरती के दर्शन का अवसर नहीं पा पाते। इसी समस्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

    दरअसल वर्ष 2024 में भी भस्म आरती की अनुमति को लेकर लगातार शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद तत्कालीन कलेक्टर नीरज सिंह ने ऑनलाइन बुकिंग करने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक आधार कार्ड और एक मोबाइल नंबर से तीन माह बाद ही दोबारा अनुमति देने का नियम लागू किया था। कुछ समय तक यह व्यवस्था प्रभावी रही लेकिन बाद में इसका पालन अपेक्षित स्तर पर नहीं हो पाया। अब फिर से शिकायतें मिलने के बाद मंदिर समिति ने इस नियम को सख्ती के साथ लागू करने का फैसला किया है।

    नई व्यवस्था के अनुसार अब कोई भी श्रद्धालु चाहे वह ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से आवेदन करे या किसी विशेष प्रोटोकॉल के तहत अनुमति प्राप्त करने का प्रयास करे उसे एक ही मोबाइल नंबर से बार-बार अनुमति नहीं मिलेगी। एक बार भस्म आरती में शामिल होने के बाद उसी नंबर से अगली अनुमति प्राप्त करने के लिए कम से कम तीन माह का इंतजार करना होगा।

    मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को भस्म आरती में शामिल होने का अवसर मिलेगा और अनुमति प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही लंबे समय से उठ रहे पक्षपात और बार-बार अनुमति मिलने जैसे आरोपों पर भी रोक लग सकेगी।

    महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि यह व्यवस्था पहले से लागू है लेकिन अब इसे और अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है। उनका कहना है कि एक ही मोबाइल नंबर का बार-बार उपयोग रोकने से वास्तविक श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा और भस्म आरती की अनुमति प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष बन सकेगी।

    महाकाल मंदिर समिति के इस फैसले को श्रद्धालुओं के बीच सकारात्मक कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि नई व्यवस्था से भस्म आरती में शामिल होने की इच्छा रखने वाले अधिक लोगों को अवसर मिल सकेगा और व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और संतुलित बनेगी।

  • उज्जैन में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार डंपर ने तीन मजदूरों को रौंदा, एक की मौत, दो जिंदगी की जंग लड़ रहे

    उज्जैन में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार डंपर ने तीन मजदूरों को रौंदा, एक की मौत, दो जिंदगी की जंग लड़ रहे


    मध्यप्रदेश । उज्जैन जिले के नरवर क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार का सहारा छीन लिया और दो लोगों को जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने पर मजबूर कर दिया। मजदूरी करने के लिए घर से निकले तीन मजदूरों की यात्रा उस समय हादसे में बदल गई जब उनकी बाइक को एक तेज रफ्तार डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए।

    जानकारी के अनुसार नरवर निवासी धर्मेंद्र शेरवाल, कालू नागवंशी और रोशन रोज की तरह मजदूरी के लिए उज्जैन जा रहे थे। तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर सुबह घर से निकले थे। जब वे सेमलिया फंटे के पास फोरलेन सड़क पार कर रहे थे तभी देवास की ओर से तेज गति से आ रहे डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और डंपर की चपेट में आ गए।

    हादसे में 39 वर्षीय धर्मेंद्र शेरवाल की मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। गंभीर रूप से घायल कालू नागवंशी और रोशन को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कालू की हालत नाजुक होने के कारण उसे देवास के अमलतास अस्पताल रेफर किया गया है जबकि रोशन का इलाज उज्जैन के चरक अस्पताल में जारी है।

    घटना की खबर मिलते ही गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और हादसे के लिए जिम्मेदार डंपर चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। गुस्साए ग्रामीणों ने कुछ समय के लिए देवास रोड पर प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। लोगों का कहना था कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लंबे समय से दुर्घटनाओं का कारण बन रही है लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

    सूचना मिलने पर नरवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कराया गया।

    पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त डंपर को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। वहीं मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाह ड्राइविंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते प्रभावी कदम उठाए तो ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और कई परिवारों को उजड़ने से बचाया जा सकता है।

  • सरकारी भवनों पर कब्जे का शिकंजा 38 लाख की लैब में बस गया परिवार आंगनबाड़ी पर 6 साल से दबंग का ताला

    सरकारी भवनों पर कब्जे का शिकंजा 38 लाख की लैब में बस गया परिवार आंगनबाड़ी पर 6 साल से दबंग का ताला


    मध्यप्रदेश । सरकारी जमीनों और भवनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के दावे करने वाला प्रशासन शिवपुरी जिले में अपनी ही संपत्तियों को कब्जे से मुक्त नहीं करा पा रहा है। हालात यह हैं कि बदरवास में लाखों रुपए की लागत से बनी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला पिछले सात वर्षों से एक परिवार के कब्जे में है जबकि कोलारस क्षेत्र के एक गांव में आंगनबाड़ी केंद्र पर छह साल से ताला लटका हुआ है। इन दोनों मामलों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    बदरवास तहसील कार्यालय के पीछे वर्ष 2018 में मंडी बोर्ड द्वारा कृषि विभाग के लिए आधुनिक मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण कराया गया था। करीब 38 लाख रुपए की लागत से तैयार इस भवन का उद्देश्य किसानों को मिट्टी की जांच की सुविधा उपलब्ध कराना था ताकि वे अपनी फसलों के लिए वैज्ञानिक सलाह प्राप्त कर सकें। लेकिन प्रयोगशाला शुरू होने से पहले ही भवन पर एक परिवार ने कब्जा जमा लिया और धीरे-धीरे उसे अपने आवास में तब्दील कर दिया। आज स्थिति यह है कि जिस भवन में किसानों के हित से जुड़ी अत्याधुनिक सुविधाएं शुरू होनी थीं वहां घरेलू गतिविधियां संचालित हो रही हैं।

    कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भवन खाली कराने के कई प्रयास किए गए लेकिन सफलता नहीं मिली। विभाग का आरोप है कि कब्जाधारी के खिलाफ कार्रवाई करने में कई तरह की बाधाएं सामने आती रही हैं। इस संबंध में राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। परिणामस्वरूप लाखों रुपए की सरकारी संपत्ति वर्षों से बेकार पड़ी हुई है और किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा।

    दूसरी ओर कोलारस विकासखंड के ग्राम सेसईखुर्द में स्थित शासकीय आंगनबाड़ी केंद्र भी वर्षों से अपने मूल उद्देश्य से भटका हुआ है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में आए एक तेज तूफान के बाद एक स्थानीय व्यक्ति ने आंगनबाड़ी भवन का ताला तोड़कर उसमें अपना सामान रख लिया और धीरे-धीरे पूरे भवन पर कब्जा कर लिया। बताया जाता है कि बाद में भवन की संरचना में भी बदलाव कर दिया गया। इसके चलते आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन प्रभावित हो गया और बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ बाधित हो गया।

    स्थानीय स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन वैकल्पिक व्यवस्था के तहत किया जा रहा है लेकिन सरकारी भवन पर कब्जा होने से व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारू नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला है।

    इन दोनों मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी भवनों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो करोड़ों रुपए की सार्वजनिक संपत्तियां इसी तरह अतिक्रमण और लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेंगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा जरूर दिया है लेकिन अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि जमीन पर परिणाम कब दिखाई देते हैं।

  • शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बुजुर्ग की मौत दो युवक गंभीर

    शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बुजुर्ग की मौत दो युवक गंभीर


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में रविवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर अटलपुर गांव के समीप तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई जबकि बाइक पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहगीरों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

    जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे हुई। मोहनपुर निवासी 60 वर्षीय ओंकार सिंह पटेलिया सड़क किनारे खड़े थे। इसी दौरान तेज गति से आ रही एक बाइक अनियंत्रित होकर उनसे जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बुजुर्ग दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं बाइक पर सवार दोनों युवक भी सड़क पर गिरकर बुरी तरह घायल हो गए।

    हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायल ओंकार सिंह पटेलिया को शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

    दुर्घटना में घायल बाइक सवार दोनों युवकों की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए गुना रेफर किया गया है। समाचार लिखे जाने तक दोनों की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस उनकी शिनाख्त करने और परिजनों तक सूचना पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

    घटना के बाद मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने मामले की जानकारी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोमवार को मृतक का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बाइक की गति कितनी थी तथा हादसे के पीछे लापरवाही या अन्य कोई कारण तो नहीं था।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों की वजह से हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की जरूरत को रेखांकित करता है। तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना न केवल चालक बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।

  • धारा 370 से राष्ट्र प्रथम तक भाजपा का वैचारिक महाअभियान मध्यप्रदेश में बूथ गौरव दिवस के साथ होंगे हजारों कार्यक्रम

    धारा 370 से राष्ट्र प्रथम तक भाजपा का वैचारिक महाअभियान मध्यप्रदेश में बूथ गौरव दिवस के साथ होंगे हजारों कार्यक्रम


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी आगामी 23 जून से 6 जुलाई तक व्यापक जनसंपर्क और वैचारिक जागरण अभियान चलाने जा रही है। जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने और भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित होने वाले इस विशेष अभियान को पार्टी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी संस्मरण पक्ष नाम दिया है। इसके तहत प्रदेश के बूथ स्तर से लेकर जिला और राज्य स्तर तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

    भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों को जन जन तक पहुंचाना और संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय बनाना है। मध्यप्रदेश भाजपा इस पूरे पखवाड़े को बूथ गौरव दिवस के रूप में मनाएगी। इसके लिए प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

    अभियान का प्रमुख केंद्र जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के फैसले को बनाया गया है। भाजपा कार्यकर्ता विभिन्न व्याख्यानों और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को बताएंगे कि किस प्रकार यह निर्णय देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। कार्यक्रमों में राष्ट्र प्रथम की अवधारणा को भी प्रमुखता से रखा जाएगा। पार्टी का मानना है कि डॉ. मुखर्जी के विचारों और उनके सपनों को साकार करने की दिशा में यह ऐतिहासिक निर्णय महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

    प्रदेश के सभी जिलों में जिला कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों में प्रबुद्ध वक्ता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन दर्शन सामाजिक योगदान राजनीतिक यात्रा और भारतीय जनसंघ की स्थापना में उनकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे। इसके साथ ही स्वतंत्र भारत के निर्माण में उनके योगदान और राष्ट्रहित से जुड़े उनके विचारों पर भी चर्चा की जाएगी।

    युवा वर्ग को जोड़ने के लिए भारतीय जनता युवा मोर्चा को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश के प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों और विश्वविद्यालयों के आसपास छात्र सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया और डॉ. मुखर्जी के विचारों से जोड़ना है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार ये आयोजन शैक्षणिक परिसरों के बाहर आयोजित होंगे।

    अभियान के दौरान सामाजिक और पर्यावरणीय गतिविधियों को भी प्रमुखता दी जाएगी। प्रदेश के विभिन्न शहरों और नगरों में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर मार्ग उद्यान अथवा प्रमुख स्थलों का नामकरण किया जाएगा। कई स्थानों पर उनकी प्रतिमा अथवा चित्र का अनावरण भी प्रस्तावित है। इसके अलावा मानसून को देखते हुए बूथ स्तर तक व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। भाजपा का लक्ष्य है कि पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जनभागीदारी के माध्यम से मजबूत किया जाए।

    भाजपा संगठन का मानना है कि यह अभियान केवल एक स्मृति कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्रवाद संगठन सशक्तिकरण और जनजागरण का व्यापक अभियान होगा। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से पार्टी अपने वैचारिक आधार को मजबूत करने के साथ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने का प्रयास करेगी। आने वाले दिनों में प्रदेशभर में इस अभियान से जुड़ी गतिविधियां राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती नजर आएंगी।