Category: Madhya Pradesh

  • मिशन 2047 के नाम पर देशविरोधी साजिश ATS जांच में चौंकाने वाले खुलासे ब्रेनवॉश से टारगेट नेटवर्क तक का दावा

    मिशन 2047 के नाम पर देशविरोधी साजिश ATS जांच में चौंकाने वाले खुलासे ब्रेनवॉश से टारगेट नेटवर्क तक का दावा


    मध्यप्रदेश । भोपाल में आतंकवाद विरोधी दस्ते यानी ATS द्वारा की जा रही जांच में कथित आतंकी मॉड्यूल से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलू सामने आए हैं। एजेंसी की हिरासत में मौजूद आरोपियों से पूछताछ के दौरान ऐसे इनपुट मिले हैं जिनके आधार पर जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच जारी है और सामने आई जानकारियों का सत्यापन किया जा रहा है।

    जांच एजेंसियों के अनुसार बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार आरोपी इजहार उल हक से पूछताछ में एक कथित नेटवर्क और उसके उद्देश्यों को लेकर कई दावे सामने आए हैं। पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से बताया कि कुछ लोग एक विशेष एजेंडे के तहत काम कर रहे थे और सोशल मीडिया तथा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को जोड़ने की कोशिश की जा रही थी। एजेंसियां इन दावों की गहन जांच कर रही हैं।

    ATS के अनुसार जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपर्क में थे। टेलीग्राम और वॉट्सएप जैसे मैसेजिंग एप्लिकेशन का उपयोग कथित तौर पर संवाद और विचारों के आदान प्रदान के लिए किया जा रहा था। एजेंसी अब इन डिजिटल संपर्कों और चैट रिकॉर्ड की तकनीकी जांच कर रही है ताकि नेटवर्क की वास्तविक संरचना और उसके विस्तार का पता लगाया जा सके।

    पूछताछ में आरोपी फराज से भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने का दावा किया गया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक फराज पिछले कई वर्षों से कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्क में था। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि उसकी पहचान कुछ ऐसे लोगों से कराई गई थी जो विदेश में बैठे कथित हैंडलर्स से जुड़े बताए जा रहे हैं। एजेंसी अब इन संपर्कों की प्रामाणिकता और उनके संभावित प्रभाव की जांच कर रही है।

    जांच में यह भी सामने आया है कि सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में अक्सर वैचारिक प्रभाव डालकर लोगों को प्रभावित करने का प्रयास किया जाता है। इसी कारण डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।

    सूत्रों के अनुसार कुछ आरोपियों ने विभिन्न राज्यों के लोगों के संपर्क में होने की बात भी स्वीकार की है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह नेटवर्क किन क्षेत्रों तक सक्रिय था और इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

    ATS अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच प्रारंभिक चरण में है और सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। एजेंसी यह भी स्पष्ट कर चुकी है कि किसी भी आरोपी की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही किया जाएगा। इसी कारण जांच से जुड़ी जानकारियों को सावधानीपूर्वक परखा जा रहा है।

    इस मामले ने एक बार फिर डिजिटल माध्यमों के जरिए फैलाए जाने वाले कट्टरपंथी विचारों और संदिग्ध नेटवर्क की चुनौती को सामने ला दिया है। जांच एजेंसियां लगातार ऐसे तत्वों पर नजर बनाए हुए हैं और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही हैं कि किसी भी प्रकार की अवैध या राष्ट्रविरोधी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

  • सीनियर अफसरों की अनदेखी से बढ़ा विवाद एमएसएमई विभाग में जूनियर लिखेंगे वरिष्ठों की सीआर

    सीनियर अफसरों की अनदेखी से बढ़ा विवाद एमएसएमई विभाग में जूनियर लिखेंगे वरिष्ठों की सीआर


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में हाल ही में जारी प्रभार आदेशों ने विभागीय व्यवस्था को लेकर नए विवाद को जन्म दे दिया है। वाणिज्यिक कर विभाग में तबादलों को लेकर उठे सवालों के बाद अब एमएसएमई विभाग के भीतर भी असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। अधिकारियों का आरोप है कि वरिष्ठता और योग्यता की अनदेखी करते हुए जूनियर अधिकारियों को उच्च पदों का प्रभार सौंप दिया गया है जिससे विभागीय पदक्रम और प्रशासनिक संतुलन प्रभावित हो रहा है।

    विवाद की शुरुआत 15 और 16 जून को जारी किए गए प्रभार आदेशों से हुई। इन आदेशों के तहत कुछ ऐसे अधिकारियों को जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्रों के महाप्रबंधक का प्रभार दिया गया है जो मूल रूप से सहायक प्रबंधक पद पर नियुक्त हैं और वर्तमान में प्रभारी प्रबंधक के रूप में कार्यरत थे। विभाग के भीतर इसे चार्ज के ऊपर चार्ज की व्यवस्था बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह स्थिति प्रशासनिक दृष्टि से असामान्य है और इससे विभाग में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

    जिन अधिकारियों को महाप्रबंधक का प्रभार सौंपा गया है उनमें सुबोध कुमार श्रीवास्तव को मंडीदीप जेपी तिवारी को रीवा शिवशंकर सिंह को निवाड़ी सुरेश कुमार गोस्वामी को भिंड राममूर्ति खरे को अनूपपुर अजय तिवारी को शिवपुरी तथा बीएल अहिरवार को दमोह की जिम्मेदारी दी गई है। इन नियुक्तियों को लेकर विभाग के भीतर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

    अधिकारियों का कहना है कि विभाग में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित वर्ष 2016 2017 और 2019 बैच के 60 से अधिक वर्ग दो राजपत्रित अधिकारी कार्यरत हैं। इनमें प्रबंधक और सहायक संचालक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसके बावजूद उन्हें जिम्मेदारी न देकर प्रभारी प्रबंधकों को महाप्रबंधक का प्रभार देना कई अधिकारियों को समझ से परे लग रहा है। उनका मानना है कि जब योग्य और नियमित रूप से चयनित अधिकारी उपलब्ध हैं तो उन्हें नजरअंदाज करने का कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है।

    नाराजगी का एक बड़ा कारण लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया भी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वर्षों से पदोन्नति के मामले लंबित हैं और अधिकारियों को उनके अधिकारिक पद नहीं मिल पा रहे हैं। दूसरी ओर जूनियर अधिकारियों को उच्च पदों का प्रभार देकर वरिष्ठ अधिकारियों की उपेक्षा की जा रही है। इससे कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है और विभाग में असंतोष का माहौल बन रहा है।

    विवाद का सबसे संवेदनशील पहलू गोपनीय चरित्रावली यानी सीआर से जुड़ा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कई जिलों में अब ऐसे हालात बन सकते हैं जहां वर्ग दो राजपत्रित अधिकारी उन अधिकारियों के अधीन कार्य करेंगे जो मूल रूप से वर्ग तीन सेवा श्रेणी से आते हैं। ऐसी स्थिति में जूनियर अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों की सीआर लिखेंगे। अधिकारियों का मानना है कि यह न केवल सेवा संरचना के सिद्धांतों के विपरीत है बल्कि प्रशासनिक दृष्टि से भी उचित नहीं माना जा सकता।

    विभाग के भीतर यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि यदि नियमित और वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध हैं तो फिर प्रभारी व्यवस्था के माध्यम से उच्च पदों की जिम्मेदारी देने के पीछे क्या प्रशासनिक तर्क अपनाया गया है। फिलहाल विभाग की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है लेकिन आदेशों को लेकर विरोध और चर्चा लगातार तेज होती जा रही है।

    एमएसएमई विभाग में बढ़ते असंतोष ने एक बार फिर सरकारी विभागों में तबादला और प्रभार व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यदि विभाग इस मामले पर स्पष्टता नहीं देता है तो विवाद और गहराने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

  • करंट का कहर और सिस्टम की लापरवाही सड़कों पर फैले तारों के जाल में उलझ रही जिंदगियां

    करंट का कहर और सिस्टम की लापरवाही सड़कों पर फैले तारों के जाल में उलझ रही जिंदगियां


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक भले ही धीमी हो लेकिन लोगों की जान पर मंडरा रहा खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़कों पर जलभराव और गड्ढों की समस्या के बीच अब बिजली के लटकते तार भी मौत का कारण बन रहे हैं। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई शहरों में बिजली व्यवस्था की बदहाली साफ दिखाई दे रही है जहां बाजारों कॉलोनियों और मुख्य मार्गों पर तारों का जाल लोगों की सुरक्षा को चुनौती दे रहा है।

    मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की हालिया रिपोर्ट ने हालात की गंभीरता को और स्पष्ट कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024-25 में प्रदेशभर में 1963 विद्युत दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इन हादसों में 1102 लोगों की मौत हुई जबकि 329 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इतना ही नहीं 1492 पशुओं की भी करंट लगने से जान चली गई। आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में औसतन हर दिन तीन लोगों की मौत बिजली हादसों में हो रही है और लगभग हर आठ घंटे में एक व्यक्ति करंट का शिकार बन रहा है।

    भोपाल की स्थिति भी किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त इलाकों में बिजली के तार खुलेआम लटकते दिखाई देते हैं। न्यू मार्केट जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में जहां प्रतिदिन हजारों लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं वहां खंभों और दुकानों के बीच फैले तार दुर्घटना को आमंत्रण देते नजर आते हैं। पुराने भोपाल की संकरी गलियों में कई स्थानों पर बिजली के तार मकानों की बालकनियों से सटे हुए हैं जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

    शहर के अन्य हिस्सों में भी हालात चिंताजनक हैं। रोशनपुरा चौराहे पर बिजली के तार खंभों से नीचे जमीन तक झूलते दिखाई देते हैं। कमलापति रेलवे स्टेशन के सामने कई जगह तार लोगों के सिर तक पहुंच रहे हैं। एमपी नगर के कोचिंग हब क्षेत्र में छात्रों की भीड़ के बीच सड़कों के ऊपर उलझे तार सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। वहीं 10 नंबर मार्केट क्षेत्र में एक तार जमीन से महज चार फीट की ऊंचाई पर लटका हुआ देखा गया जो किसी भी राहगीर के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान ऐसे खुले और झूलते तारों से खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बारिश के पानी और नमी के कारण करंट फैलने की आशंका बढ़ जाती है जिससे आम नागरिकों के साथ पशुओं की जान भी जोखिम में पड़ जाती है। इसके बावजूद कई इलाकों में लंबे समय से शिकायतों के बाद भी सुधार कार्य नहीं हो पाए हैं।

    मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा नियमों की अनदेखी जारी रही तो बिजली अधिनियम 2003 की धारा 142 के तहत संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि जमीनी स्तर पर इसका असर अभी तक दिखाई नहीं दे रहा है।

    प्रदेश में बढ़ते बिजली हादसे इस बात का संकेत हैं कि केवल निर्देश और चेतावनियां पर्याप्त नहीं हैं। जरूरत है कि प्रशासन और बिजली कंपनियां तत्काल प्रभाव से जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर सुधार कार्य शुरू करें। क्योंकि जब तक सड़कों पर लटकते ये मौत के तार हटाए नहीं जाते तब तक हर बारिश के साथ किसी नई दुर्घटना का खतरा बना रहेगा।

  • एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के सामने जल उठा नगर निगम का ट्रक आधे घंटे तक नहीं पहुंची दमकल सामने आई बड़ी लापरवाही

    एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के सामने जल उठा नगर निगम का ट्रक आधे घंटे तक नहीं पहुंची दमकल सामने आई बड़ी लापरवाही


    भोपाल । भोपाल के रायसेन रोड पर रविवार रात उस समय अफरा तफरी मच गई जब नगर निगम का एक कंटेनरनुमा ट्रक अचानक आग की चपेट में आ गया। घटना एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के सामने की है जहां से गुजर रहे ट्रक के केबिन से अचानक धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते धुआं आग की लपटों में बदल गया और ट्रक का अगला हिस्सा जलने लगा। घटना के दौरान सड़क पर मौजूद लोगों और ट्रक कर्मचारियों ने साहस दिखाते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई।

    जानकारी के अनुसार नगर निगम का यह ट्रक आदमपुर स्थित कचरा खंती से वापस लौट रहा था। रात के समय जब वाहन रायसेन रोड पर एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के सामने पहुंचा तब चालक को केबिन से धुआं निकलता दिखाई दिया। उसने तुरंत वाहन रोका और नीचे उतरकर देखा तो केबिन के निचले हिस्से में आग लग चुकी थी। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।

    आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास मौजूद लोग मदद के लिए आगे आए। कुछ लोगों ने अपनी गाड़ियों में रखी पानी की बड़ी बोतलें निकालकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। कर्मचारियों और राहगीरों ने मिलकर आग पर पानी डाला लेकिन आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि उसे नियंत्रित करना आसान नहीं था। कुछ ही मिनटों में आग ने ट्रक के अगले हिस्से और टायरों को अपनी चपेट में ले लिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के बाद काफी समय तक दमकल वाहन मौके पर नहीं पहुंचा। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब आधे घंटे तक आग धधकती रही और लोग अपने स्तर पर उसे बुझाने की कोशिश करते रहे। इस दौरान सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ और आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई।

    घटना के बाद जब ट्रक के दस्तावेजों की जांच की गई तो एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र वर्ष 2021 में ही समाप्त हो चुका था। इसके अलावा ट्रक का इंश्योरेंस वर्ष 2019 से नवीनीकृत नहीं कराया गया था। इतना ही नहीं वाहन का परमिट भी वैध नहीं पाया गया। इस खुलासे ने नगर निगम के वाहन प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित फिटनेस जांच और समय पर रखरखाव से ऐसे हादसों की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है। यदि वाहन की तकनीकी जांच समय पर होती रहे तो शॉर्ट सर्किट जैसी समस्याओं का पहले ही पता लगाया जा सकता है।

    फिलहाल घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है जो राहत की बात है। हालांकि इस हादसे ने नगर निगम की व्यवस्थाओं और पुराने वाहनों के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की संभावना जताई जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

  • मां की दवा बनी मौत की वजह पेट दर्द में खाई शुगर की गोली युवती की चली गई जान

    मां की दवा बनी मौत की वजह पेट दर्द में खाई शुगर की गोली युवती की चली गई जान


    भोपाल । भोपाल के बैरागढ़ इलाके से एक दर्दनाक घटना सामने आई है जहां दवा लेने में हुई कथित गलती एक युवती की जान पर भारी पड़ गई। पेट दर्द और ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान 28 वर्षीय युवती ने अपनी नियमित दवा के साथ गलती से मां की शुगर की दवा भी खा ली। इसके कुछ समय बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान वंदना मीणा के रूप में हुई है जो बैरागढ़ क्षेत्र के गांव बेटा की रहने वाली थी। वंदना अपने परिवार के साथ रहती थी और लंबे समय से ब्लड प्रेशर तथा पेट दर्द की समस्या से जूझ रही थी। परिजनों ने बताया कि रविवार देर रात उसे अचानक पेट दर्द की शिकायत हुई थी। इसके बाद उसने अपनी नियमित दवा ली लेकिन इसी दौरान गलती से अपनी मां की शुगर नियंत्रित करने वाली दवा भी खा ली।

    दवा लेने के कुछ समय बाद वंदना की हालत बिगड़ने लगी। उसे बेचैनी महसूस हुई और स्वास्थ्य तेजी से खराब होने लगा। परिवार के सदस्य घबरा गए और तत्काल उसे एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया और हालत को संभालने का प्रयास किया लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका।

    इलाज के दौरान सोमवार तड़के वंदना ने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रबंधन ने मामले की सूचना बैरागढ़ पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेजा गया जहां सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत का वास्तविक कारण क्या था और दवा के सेवन का इसमें कितना योगदान रहा।

    जानकारी के अनुसार वंदना के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। वह परिवार के छह भाई बहनों में शामिल थी। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उसका जीवन सामान्य रूप से चल रहा था लेकिन एक छोटी सी चूक ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। घटना के बाद घर में शोक का माहौल है और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अलग अलग बीमारियों की दवाओं को बिना जांचे परखे लेना खतरनाक साबित हो सकता है। विशेष रूप से मधुमेह और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों की दवाओं का असर शरीर पर अलग तरीके से पड़ता है। इसलिए दवा लेते समय पूरी सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

    फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर दवा सेवन में सतर्कता की आवश्यकता की गंभीर याद दिलाती है।

  • एमपी में चार दिन तक लू और उमस का कहर, 25 जून के बाद मानसून की दस्तक के संकेत

    एमपी में चार दिन तक लू और उमस का कहर, 25 जून के बाद मानसून की दस्तक के संकेत


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम के तेवर फिलहाल राहत देने वाले नहीं हैं। प्रदेश में 26 जून तक लू, उमस भरी गर्मी और कहीं-कहीं आंधी-बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। मानसून की एंट्री में देरी और प्री-मानसून गतिविधियों के कमजोर पड़ने से गर्मी का प्रभाव बढ़ गया है। पिछले दो दिनों से जबलपुर संभाग के कई इलाकों में हीटवेव का असर भी महसूस किया जा रहा है।

    मौसम विभाग के भोपाल केंद्र ने जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के जिलों के लिए अगले चार दिनों तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, उमरिया और डिंडौरी में दिन के समय गर्म हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि शाम के बाद कुछ क्षेत्रों में आंधी और बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, सीहोर, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भी गर्मी का असर बना रहने का अनुमान है।


    21 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश की संभावना

    हीटवेव और गर्मी के बीच प्रदेश के 21 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का दौर भी जारी रह सकता है। झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, मैहर, अनूपपुर, कटनी, दमोह, सागर, विदिशा और अशोकनगर में तेज आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

    रायसेन में सबसे ज्यादा बारिश
    रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। रायसेन में 61 मिमी यानी करीब ढाई इंच बारिश हुई। भोपाल में दोपहर के समय जोरदार बारिश हुई, जबकि सतना में लगभग पौन इंच पानी गिरा। जबलपुर, खजुराहो, नौगांव और सिवनी में भी बारिश का सिलसिला बना रहा।

    तापमान में आई गिरावट
    बारिश के असर से रविवार को अधिकतम तापमान में कुछ कमी दर्ज की गई। भोपाल में तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 37.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.7 डिग्री, उज्जैन में 36 डिग्री और जबलपुर में 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। वहीं सिवनी और शिवपुरी में 35 डिग्री, रायसेन में 36 डिग्री तथा सागर और टीकमगढ़ में 36.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। दतिया प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां पारा 40.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    मानसून की दस्तक में अभी और इंतजार

    मध्य प्रदेश में मानसून निर्धारित समय से करीब सात दिन देरी से चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून को प्रदेश में प्रवेश करने में अभी लगभग चार दिन और लग सकते हैं। अनुमान है कि 25 जून के बाद मानसून प्रदेश में दस्तक देगा। वहीं 23 जून तक इसके छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की ओर आगे बढ़ने की संभावना है।

  • आज का मौसम अपडेट: दिनभर गर्मी का असर, दोपहर बाद बारिश की हल्की राहत की संभावना

    आज का मौसम अपडेट: दिनभर गर्मी का असर, दोपहर बाद बारिश की हल्की राहत की संभावना


    मध्यप्रदेश । आज सुबह से ही मौसम ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने के कारण तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। गर्म हवाओं के चलते आम जनजीवन प्रभावित नजर आ रहा है और घर से बाहर निकलने वाले लोग धूप से बचने के उपाय करते दिख रहे हैं। सुबह के समय ही गर्मी का असर इतना तेज रहा कि वातावरण में नमी और उमस ने लोगों को और अधिक परेशान कर दिया।

    दोपहर में पारा 35 डिग्री के पार, गर्म हवाओं का असर जारी
    जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ रहा है, तापमान में भी लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। दोपहर के समय पारा लगभग 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जिससे गर्मी का असर और अधिक तीव्र हो सकता है। वातावरण में मौजूद नमी के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को ज्यादा असहज कर रही है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह मौसम थोड़ा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

     दोपहर बाद बदल सकता है मौसम का मिजाज, बारिश की हल्की संभावना
    मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार, दिन के दूसरे हिस्से में आसमान में बादल छाने लगेंगे और कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है। हालांकि यह बारिश व्यापक नहीं होगी, लेकिन जहां भी बारिश होगी वहां तापमान में थोड़ी गिरावट देखने को मिलेगी और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

    हवा में नमी बरकरार, रात में भी रहेगी हल्की गर्मी
    दिनभर हवा में नमी का स्तर ऊंचा बना रहेगा, जिससे मौसम पूरी तरह ठंडा होने की संभावना कम है। रात के समय भी हल्की गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है। हालांकि बारिश होने की स्थिति में तापमान में कुछ गिरावट संभव है, लेकिन मौसम पूरी तरह ठंडा नहीं होगा।

     मौसम से जुड़ी सावधानियां जरूरी
    आज के मौसम को देखते हुए विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि लोग दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। पानी का सेवन अधिक करें और हल्के, ढीले कपड़े पहनें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है क्योंकि गर्मी और उमस का असर उनके स्वास्थ्य पर जल्दी पड़ सकता है।

    कुल मिलाकर आज का मौसम मिश्रित प्रभाव वाला रहेगा, जहां एक ओर तेज धूप और उमस लोगों को परेशान करेगी, वहीं दूसरी ओर दोपहर बाद हल्की बारिश थोड़ी राहत लेकर आ सकती है। मौसम का यह बदलता मिजाज पूरे दिन लोगों को सतर्क और सावधान रहने का संकेत देता है।

  • सीहोर में किसानों-कांग्रेस नेताओं ने रोका शिवराज का काफिला, बोले- “आप हमारे भी प्रतिनिधि”; नीमच में विधायक को जनता का विरोध झेलना पड़ा

    सीहोर में किसानों-कांग्रेस नेताओं ने रोका शिवराज का काफिला, बोले- “आप हमारे भी प्रतिनिधि”; नीमच में विधायक को जनता का विरोध झेलना पड़ा


    सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर और नीमच जिलों में रविवार को जनप्रतिनिधियों को जनता के तीखे विरोध और सवालों का सामना करना पड़ा। एक ओर सीहोर में किसानों और कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan का काफिला रोककर अपनी समस्याएं सामने रखीं, तो दूसरी ओर नीमच में भाजपा विधायक ओमप्रकाश सकलेचा को ग्रामीणों के भारी विरोध के चलते अपना कार्यक्रम बीच में ही छोड़ना पड़ा।

    सीहोर में इछावर के आजाद मैदान की ओर जा रहे शिवराज सिंह चौहान का काफिला अचानक उस समय रुक गया जब कांग्रेस नेताओं और किसानों के एक समूह ने रास्ते में उन्हें घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि वे राजनीतिक रूप से भले ही कांग्रेस से जुड़े हों, लेकिन जनप्रतिनिधि के रूप में शिवराज सभी के प्रतिनिधि हैं, इसलिए वे अपनी समस्याएं उनके सामने रखना चाहते हैं।

    इस दौरान किसानों ने बताया कि पिछले कई दिनों से वे खाद और कृषि संबंधी कार्यों के लिए परेशान हैं। डिजिटल पोर्टल के सर्वर डाउन होने के कारण किसानों को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, जिससे उनकी समस्याएं बढ़ रही हैं। किसानों ने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा।

    किसानों की बात सुनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा और सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे जनता के प्रतिनिधि हैं और हर नागरिक की समस्या का समाधान करना उनकी जिम्मेदारी है।

    बाद में जनकल्याण शिविर में पहुंचे शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी जनता के कामों में बाधा डाल रहे हैं और पात्र लोगों को योजनाओं से बाहर किया जा रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी आवेदनों की निष्पक्ष जांच हो और किसी गरीब का हक न छीना जाए।

    इसी बीच नीमच जिले के जावद क्षेत्र में स्थिति अलग रही, जहां विधायक ओमप्रकाश सकलेचा को जनता के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। वे बांगरेड गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए।

    ग्रामीणों का कहना था कि अस्पताल तो बन रहा है, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। जब विधायक ने जवाब देने की कोशिश की, तो भीड़ और अधिक आक्रोशित हो गई और ‘विधायक वापस जाओ’ के नारे लगाने लगी। स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षाकर्मियों के बीच हस्तक्षेप के बाद विधायक को कार्यक्रम बीच में छोड़कर जाना पड़ा। यह घटनाएं दर्शाती हैं कि जनता अब अपने मुद्दों को लेकर अधिक मुखर हो रही है और जनप्रतिनिधियों से सीधे जवाब की अपेक्षा रखती है।

  • इंदौर ने रचा योग इतिहास: 10 हजार साधकों ने 3 मिनट तक किया सामूहिक भ्रामरी प्राणायाम, बना रिकॉर्ड

    इंदौर ने रचा योग इतिहास: 10 हजार साधकों ने 3 मिनट तक किया सामूहिक भ्रामरी प्राणायाम, बना रिकॉर्ड


    इंदौर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को मध्य प्रदेश का इंदौर शहर एक बार फिर योग के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरा, जहां हजारों लोगों ने एक साथ मिलकर योग और प्राणायाम का भव्य प्रदर्शन किया। शहर के गोपुर चौराहे पर आयोजित इस विशाल योग कार्यक्रम में करीब 10 हजार से अधिक साधकों ने सामूहिक रूप से भ्रामरी प्राणायाम किया और इसे 3 मिनट से अधिक समय तक जारी रखते हुए एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की।

    इस भव्य आयोजन का संचालन नगर निगम इंदौर द्वारा चलाए जा रहे योगमित्र अभियान के अंतर्गत किया गया, जिसमें शहरभर की योग संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” के अनुरूप कार्यक्रम में स्वास्थ्य, संतुलन और दीर्घायु जीवन का संदेश दिया गया।

    कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के कई मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें Durgadas Uikey और Kailash Vijayvargiya प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भी योगाभ्यास में भाग लेकर इस आयोजन को और भव्य बना दिया।

    सुबह 6 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में पहले शहर की विभिन्न योग संस्थाओं ने आकर्षक और भक्तिमय योग प्रस्तुतियां दीं, जिसने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार सामूहिक योगाभ्यास कराया गया, जिसमें हजारों लोगों ने एक साथ विभिन्न योगासन किए।

    योग सत्र का संचालन योग प्रशिक्षक राकेश चौधरी और इंदौर की बेटी तथा मिसेज इंडिया-2023 चेतना जोशी ने किया, जिन्होंने प्रतिभागियों को भ्रामरी प्राणायाम और अन्य श्वसन तकनीकों का अभ्यास कराया। पूरे मैदान में एक साथ गूंजते “ॐ” और भ्रामरी की ध्वनि ने एक अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण तैयार कर दिया।

    कार्यक्रम में 70 से अधिक योग संस्थाएं और 150 से अधिक सामाजिक संगठन शामिल हुए, जिससे यह आयोजन एक जनआंदोलन के रूप में दिखाई दिया। हजारों लोगों की एकजुटता ने इंदौर को योग के क्षेत्र में एक बार फिर देशभर में चर्चा का केंद्र बना दिया।

    इस अवसर पर योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वरिष्ठ योग गुरुओं, योग खिलाड़ियों और योग प्रचारकों को ‘योग अलंकरण’ से सम्मानित भी किया गया। साथ ही योगमित्र अभियान की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया गया, जिससे अब शहर की सभी योगशालाओं और योग गतिविधियों की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध हो सकेगी।

    कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नियमित योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल एक रिकॉर्ड बना गया, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन और सामूहिक चेतना का भी प्रतीक बन गया।