Category: Madhya Pradesh

  • Khandwa में सड़क पर पड़े मुरूम के ढेर से दर्दनाक हादसा, बाइक टकराकर 28 वर्षीय युवक की मौत

    Khandwa में सड़क पर पड़े मुरूम के ढेर से दर्दनाक हादसा, बाइक टकराकर 28 वर्षीय युवक की मौत


    खंडवा। जिले के बीड़ रोड स्थित मूंदी मंडी के पास सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें शादी समारोह से लौट रहे तीन लोगों की बाइक सड़क किनारे पड़े मुरूम (गिट्टी-मिट्टी) के ढेर से टकरा गई। इस हादसे में 28 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
    शादी से लौटते समय हुआ हादसा
    जानकारी के अनुसार, ग्राम दैत निवासी विजय सिंह (28), जो टेलर का काम करता था, अपने साथी राजेंद्र सिंह (35) और 12 वर्षीय सूरज सिंह के साथ ग्राम मांडला में एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। देर रात तीनों एक ही बाइक से घर लौट रहे थे, तभी मूंदी मंडी के पास अंधेरे में सड़क किनारे पड़े मुरूम के ढेर से उनकी बाइक अनियंत्रित होकर टकरा गई।
    अस्पताल पहुंचते ही टेलर ने तोड़ा दम
    हादसा इतना भीषण था कि तीनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत मूंदी के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान विजय सिंह ने दम तोड़ दिया। वहीं, डॉक्टर शिखा चंद्रवंशी ने राजेंद्र सिंह और सूरज सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल खंडवा रेफर कर दिया।
    बिना सुरक्षा संकेत के पड़ा था मुरूम, लापरवाही के आरोप
    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सड़क किनारे मुरूम का ढेर बिना किसी चेतावनी संकेत या सुरक्षा व्यवस्था के रखा गया था। अंधेरे के कारण बाइक सवार उसे देख नहीं पाए और यह हादसा हो गया। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
    राजनीतिक दलों ने ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की
    घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। भाजपा नेता दिग्विजय सिंह तोमर और युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अनिल जाधव ने इस मामले में लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। दोनों नेताओं ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बताया है।
    पुलिस जांच में जुटी
    मूंदी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही की जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
    गांव में मातम का माहौल
    विजय सिंह की मौत की खबर से उसके गांव दैत में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

  • स्वास्थ्य निगरानी की नई पहल: Harda जेल में कैदियों की सेहत पर होगी विशेष जांच

    स्वास्थ्य निगरानी की नई पहल: Harda जेल में कैदियों की सेहत पर होगी विशेष जांच

    हरदा। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार जिला जेल हरदा में 25 अप्रैल को विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर का उद्देश्य जेल में निरुद्ध कैदियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच करना और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

    प्रधान जिला न्यायाधीश के मार्गदर्शन में होगा आयोजन

    यह विशेष शिविर प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा के अध्यक्ष अरविंद रघुवंशी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जेल परिसर में स्वास्थ्य एवं विधिक दोनों ही सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।

    हर कैदी को मिलेगा हेल्थ कार्ड

    शिविर के दौरान प्रत्येक कैदी का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और उन्हें एक विशेष हेल्थ कार्ड प्रदान किया जाएगा। इस हेल्थ कार्ड में संबंधित कैदी की बीमारी, वर्तमान उपचार, खान-पान संबंधी सलाह और आवश्यक सावधानियों का विस्तृत विवरण दर्ज रहेगा, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नियमित निगरानी रखी जा सकेगी।

    स्वास्थ्य के साथ विधिक साक्षरता पर भी जोर

    इस शिविर में केवल स्वास्थ्य परीक्षण ही नहीं बल्कि विधिक साक्षरता कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसके तहत कैदियों को नालसा (NALSA) और सालसा (SALSA) की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्हें उनके लंबित मामलों की स्थिति से अवगत कराया जाएगा और जरूरतमंद कैदियों को मुफ्त विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    कैदियों के पुनर्वास की दिशा में अहम कदम

    प्रशासन का मानना है कि इस तरह के शिविर न केवल कैदियों के स्वास्थ्य सुधार में मदद करेंगे, बल्कि उन्हें कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाकर उनके पुनर्वास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल

    इस आयोजन में जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त भागीदारी रहेगी। चिकित्सक टीम द्वारा कैदियों की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आगे के उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी।

  • शादी में खूनी बवाल: बाप-बेटे ने तलवार से किया हमला, दूल्हे के मामा की मौत

    शादी में खूनी बवाल: बाप-बेटे ने तलवार से किया हमला, दूल्हे के मामा की मौत


    नर्मदापुरम। जिले के शिवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नाहरकोला में रविवार रात एक शादी समारोह उस समय खूनी संघर्ष में बदल गया जब बाप-बेटे ने तलवार और चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस दिल दहला देने वाली वारदात में दूल्हे के मामा की मौत हो गई, वहीं बाद में एक अन्य घायल ने भी दम तोड़ दिया। इसके अलावा पुलिस आरक्षक सहित 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें एक आरक्षक पर 9 बार चाकू से वार किया गया।
    शादी का माहौल बना खून-खराबे का मैदान
    जानकारी के अनुसार, भगवान कीर की शादी का कार्यक्रम घर में चल रहा था। मंडप में खाना-पीना और डीजे की धुन के बीच पूरा परिवार और रिश्तेदार मौजूद थे। इसी दौरान पहले से विवादित रिश्तेदार अमर सिंह कीर अपने बेटे लोकेश के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि शराब के नशे में धुत अमर सिंह ने पहले बहस शुरू की और फिर अचानक घर से बाहर निकलकर हथियार लेकर लौट आया।
    तलवार-चाकू से हमला, जो सामने आया वही निशाना
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाप-बेटे हाथों में तलवार और चाकू लेकर आए और देखते ही देखते उत्पात मचाना शुरू कर दिया। बाहर खड़ी महिला क्षमा पर पहले वार किया गया, जिससे चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर कमरे में बंद पुरुष खिड़की तोड़कर बाहर निकले, लेकिन आरोपियों ने किसी को नहीं बख्शा और जो भी सामने आया उस पर हमला कर दिया।
    मामा की मौत, जीजा ने तोड़ा दम
    इस हमले में जय नारायण कीर (दूल्हे के जीजा) की इलाज के दौरान भोपाल में मौत हो गई। वहीं दौलतराम कीर (दूल्हे के मामा) की मौके पर हालत गंभीर होने के बाद जान चली गई। हरि नारायण कीर सहित अन्य घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
    पुलिस टीम पर भी हमला, आरक्षक पर 9 वार
    घटना की सूचना पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी लोकेश फरार हो गया। बाद में पीछा करने पर उसने आरक्षक ओम प्रकाश जाट पर भी बेरहमी से हमला कर दिया। बताया गया कि आरोपी ने आरक्षक पर पेट, सीने, गर्दन और हाथ-पैर पर कुल 9 बार चाकू से वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
    पुराना विवाद बना खूनखराबे की वजह
    ग्रामीणों के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच करीब 5 साल से विवाद चल रहा था और आपसी बातचीत बंद थी। शादी में आमंत्रण के बावजूद अमर सिंह ने पहले विवाद किया और फिर बेटे के साथ लौटकर हिंसा को अंजाम दिया।
    आरोपी हिरासत में, दूसरा फरार
    पुलिस ने मुख्य आरोपी अमर सिंह कीर को हिरासत में ले लिया है, जबकि उसका बेटा लोकेश अभी फरार है। उसकी तलाश में तीन टीमें गठित की गई हैं, जिनमें इंदौर तक दबिश दी जा रही है। आरोपी के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज होने की पुष्टि हुई है।
    इलाके में दहशत, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
    इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। शादी जैसा खुशी का अवसर हिंसा में बदल जाने से लोग स्तब्ध हैं। पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है एक हत्या का और दूसरा पुलिस पर जानलेवा हमले का।
  • गलत सूचना के आधार पर कार्रवाई का आरोप: कटनी स्टेशन पर मानव तस्करी शक में उतारे गए बच्चों पर विवाद

    गलत सूचना के आधार पर कार्रवाई का आरोप: कटनी स्टेशन पर मानव तस्करी शक में उतारे गए बच्चों पर विवाद


    कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर 167 मुस्लिम बच्चों और उनके 8 शिक्षकों को मानव तस्करी के संदेह में ट्रेन से उतारे जाने का मामला अब बड़ा विवाद बन गया है। यह घटना 11 अप्रैल 2026 की बताई जा रही है, जब पटना–पुणे एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 17609) के स्लीपर कोच S2, S3 और S4 में यात्रा कर रहे बच्चों को अचानक रोक लिया गया। इस कार्रवाई के बाद मामला न केवल प्रशासनिक स्तर पर, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय भी बन गया है।

    मानव तस्करी के संदेह में रोकी गई ट्रेन, बच्चों को उतारा गया

    जानकारी के अनुसार, ट्रेन जब शाम करीब 6:30 बजे कटनी जंक्शन पर पहुंची, तभी पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने मानव तस्करी की आशंका जताते हुए कार्रवाई की। इस दौरान 6 से 15 वर्ष की उम्र के लगभग 167 बच्चों को उनके 8 शिक्षकों के साथ ट्रेन से उतार लिया गया। इसके बाद सभी को कटनी और जबलपुर स्थित बाल कल्याण समिति (CWC) केंद्रों में भेज दिया गया।

    मुस्लिम परिषद का आरोप बिना ठोस जांच हुई कार्रवाई

    इस घटना को लेकर मुस्लिम परिषद ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिषद का कहना है कि पूरी कार्रवाई बिना किसी ठोस साक्ष्य और पर्याप्त प्रारंभिक जांच के की गई, और तुरंत एफआईआर दर्ज कर दी गई। परिषद ने इसे गलत सूचना पर आधारित कार्रवाई बताते हुए कहा कि इससे बच्चों और उनके परिजनों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ी।

    बच्चों के वैध दस्तावेज होने का दावा

    प्रतिनिधिमंडल ने यह भी दावा किया है कि सभी बच्चों के पास वैध आरक्षित टिकट मौजूद थे और वे अपने परिजनों की लिखित सहमति के साथ शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र के लातूर जा रहे थे। परिषद के अनुसार, बच्चों की यात्रा पूरी तरह कानूनी और शैक्षणिक उद्देश्य से जुड़ी थी।

    ‘साजिश’ का आरोप, पहले भी रोके जाने का दावा

    मुस्लिम परिषद ने अपने ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया है कि यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकती है। परिषद का कहना है कि शंभू रजत नामक व्यक्ति ने इससे पहले भी इन बच्चों को पटना, मिर्जापुर और सतना रेलवे स्टेशनों पर रोकने का प्रयास किया था, लेकिन वहां के अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें आगे यात्रा की अनुमति दे दी थी।

    प्रतिनिधिमंडल की मांग बच्चों की सुरक्षित वापसी

    इस मामले को लेकर मुस्लिम समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने मऊगंज के कांग्रेस विधायक राहुल सिंह से मुलाकात की और प्रशासनिक कार्रवाई पर नाराजगी जताई। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि सभी बच्चों को या तो सम्मानपूर्वक उनके घरों तक वापस भेजा जाए या फिर उन्हें उनके मदरसों तक सुरक्षित पहुंचाया जाए।

    मामला बढ़ा, प्रशासन पर निगाहें

    घटना के बाद से ही प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं, दूसरी ओर बाल कल्याण समितियों में रखे गए बच्चों की स्थिति को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। मामला अब केवल एक सुरक्षा कार्रवाई न रहकर सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है, जिस पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।

  • स्टेट हाईवे-22 पर अवरोध: Madhya Pradesh में पेड़ गिरने से ट्रैफिक रुका, चालकों ने अपनाया वैकल्पिक रास्ता

    स्टेट हाईवे-22 पर अवरोध: Madhya Pradesh में पेड़ गिरने से ट्रैफिक रुका, चालकों ने अपनाया वैकल्पिक रास्ता


    नरसिंहपुर। मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में मंगलवार को उस समय यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई जब स्टेट हाईवे 22 पर करेली-गाडरवारा मार्ग के बीच करेली शुगर मिल के पास एक विशाल इमली का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। इस घटना के चलते मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
    अचानक गिरे पेड़ से हाईवे पर थमा यातायात
    जानकारी के अनुसार, यह घटना दिन के समय हुई जब सड़क पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी थी। तभी अचानक सड़क किनारे खड़ा विशाल इमली का पेड़ गिरकर सीधे मार्ग के बीचोंबीच आ गिरा। पेड़ के गिरते ही स्टेट हाईवे 22 पर पूरी तरह से यातायात रुक गया और स्थिति जाम में बदल गई।
    एक किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार, यात्रियों को परेशानी
    पेड़ गिरने के कारण सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों की लगभग एक किलोमीटर लंबी कतार लग गई। ट्रक, बसें और अन्य छोटे-बड़े वाहन घंटों तक फंसे रहे। इस दौरान यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोग गर्मी व जाम के कारण परेशान नजर आए।
    वैकल्पिक मार्ग से निकले वाहन
    स्थिति गंभीर होती देख कई वाहन चालकों ने वैकल्पिक मार्ग का सहारा लिया। चालकों ने बघुवार से बटेसरा मार्ग होकर अपने गंतव्य की ओर जाना शुरू किया, जिससे कुछ हद तक दबाव कम हुआ। हालांकि, मुख्य मार्ग बंद रहने से आवागमन पर असर लगातार बना रहा।
    पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे
    घटना की सूचना मिलते ही करेली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने यातायात को डायवर्ट करने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था भी संभाली। वहीं स्थानीय लोगों की मदद से सड़क पर गिरे पेड़ को हटाने का काम शुरू किया गया।
    जनहानि नहीं, राहत की बात
    इस पूरे घटनाक्रम में राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि या बड़ा नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, पेड़ के गिरने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
    जल्द बहाल होगा यातायात
    स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीम मिलकर पेड़ हटाने के कार्य में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मार्ग को साफ कर यातायात पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा।

  • अनूपपुर में हाथियों का आतंक जारी: 113 दिनों से डेरा, फसलों और घरों को नुकसान

    अनूपपुर में हाथियों का आतंक जारी: 113 दिनों से डेरा, फसलों और घरों को नुकसान


    अनूपपुर। छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। पिछले 113 दिनों से तीन हाथियों का एक झुंड क्षेत्र में लगातार विचरण कर रहा है, जबकि एक अन्य अकेला हाथी पिछले 16 दिनों से अलग-अलग इलाकों में सक्रिय है। अब सोमवार सुबह मरवाही-अनूपपुर सीमा पर एक और दंतैल हाथी की दस्तक ने ग्रामीणों और वन विभाग की चिंता और बढ़ा दी है। हाथियों के लगातार मूवमेंट से दर्जनों गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

    113 दिनों से डेरा जमाए हाथियों का झुंड, गांवों में बढ़ा खतरा

    जानकारी के अनुसार तीन हाथियों का समूह पिछले लगभग चार महीनों से अनूपपुर जिले के जंगलों में डटा हुआ है। यह झुंड दिनभर घने जंगलों में रहता है और शाम ढलते ही भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर लेता है। जैतहरी और अनूपपुर वन परिक्षेत्र के कई गांव इन हाथियों के सीधे प्रभाव में आ चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात होते ही घरों के आसपास हलचल बढ़ जाती है, जिससे लोग भयभीत रहते हैं।

    मकानों को नुकसान, खेतों की फसलें बर्बाद

    हाथियों के उत्पात से सबसे ज्यादा नुकसान ग्रामीणों को हुआ है। कई मकानों की दीवारें ढहा दी गई हैं, जबकि बाड़ियों में लगी धान, केला, कटहल और महुआ की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। ग्रामीणों की महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में तबाह हो रही है, जिससे आर्थिक संकट भी गहरा रहा है।

    घर के आंगन में घुसा हाथी, परिवार में मचा हड़कंप

    खांडा बांध क्षेत्र में मोहन सिंह के घर में उस समय दहशत फैल गई जब एक हाथी रात में सीधे आंगन में घुस आया। हाथी ने वहां रखी धान की फसल खाना शुरू कर दिया। घर के अंदर मौजूद महिलाएं और बच्चे डर के मारे चीखने लगे। गश्त कर रही वन विभाग की टीम और स्थानीय लोगों ने पटाखे फोड़कर किसी तरह हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा और परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला।

    वन विभाग का नुकसान, सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित

    वन परिक्षेत्राधिकारी विवेक मिश्रा ने बताया कि हाथियों के झुंड ने कुकुरगोड़ा और पड़रिया पंचायत में कई घरों को नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा चोलना बीट में वन विभाग के 40 से अधिक आरसीसी पोल और लगभग 100 मीटर लंबी फेंसिंग तार को भी हाथियों ने तोड़ दिया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो गई है।

    16 दिनों से अकेला हाथी भी सक्रिय

    जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर पोंड़ी और खांडा के जंगलों में एक अकेला हाथी पिछले 16 दिनों से डेरा डाले हुए है। यह हाथी भी लगातार मूवमेंट में है और आसपास के गांवों के लिए खतरा बना हुआ है।

    सीमा पर नया दंतैल हाथी, 48 घंटे में घुसने की आशंका

    सोमवार सुबह छत्तीसगढ़ के कटघोरा वन मंडल से होते हुए एक नया दंतैल हाथी मरवाही के माडाकोट पहाड़ तक पहुंच गया है। आशंका जताई जा रही है कि अगले 24 से 48 घंटों में यह हाथी भी अनूपपुर जिले की सीमा में प्रवेश कर सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    वन विभाग की अपील, ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह

    वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों से रात में घर से बाहर न निकलने और हाथियों के करीब न जाने की सख्त हिदायत दी है। गश्ती दल लगातार हाथियों की लोकेशन पर नजर बनाए हुए हैं और हालात पर निगरानी रखी जा रही है।

  • Umaria में सेंट्रल स्कूल का निरीक्षण: कलेक्टर ने नए भवन की जमीन देखी

    Umaria में सेंट्रल स्कूल का निरीक्षण: कलेक्टर ने नए भवन की जमीन देखी


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में मंगलवार को प्रशासनिक गतिविधि तेज हो गई जब कलेक्टर राखी सहाय ने केंद्रीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ वर्तमान स्कूल की स्थिति देखी, बल्कि प्रस्तावित नए भवन के लिए स्वीकृत भूमि का भी जायजा लिया।
    अचानक निरीक्षण से स्कूल में हलचल
    कलेक्टर के अचानक पहुंचने से विद्यालय परिसर में हलचल मच गई। उन्होंने प्राचार्य और स्टाफ के साथ बैठक कर बच्चों की पढ़ाई, पेयजल व्यवस्था, बैठने की सुविधा और अन्य मूलभूत जरूरतों की जानकारी ली।
    उन्होंने निर्देश दिए कि गर्मी और बारिश के मौसम में बच्चों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए कक्षाओं की छत पर सफेद चादर लगाने की व्यवस्था की जाए, ताकि तापमान नियंत्रित रहे।
    नए भवन की जमीन का निरीक्षण
    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नए भवन के लिए स्वीकृत भूमि का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि भूमि से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और अब निर्माण कार्य की जिम्मेदारी केंद्रीय विद्यालय संगठन के टेंडर प्रक्रिया पर निर्भर है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जबलपुर संभागीय आयुक्त से समन्वय कर निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाएं ताकि स्कूल भवन जल्द बन सके।
    सुविधाओं में सुधार के निर्देश
    छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल में वाटर कूलर और वाटर फिल्टर लगाने के साथ-साथ हर महीने पानी की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने को कहा।
    इसके अलावा पीएचई विभाग को बोरवेल के पानी को टंकी में संग्रहित कर आरओ सिस्टम के माध्यम से शुद्ध करने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
    खेल और बुनियादी ढांचे पर जोर
    कलेक्टर ने विद्यालय में खेल गतिविधियों की स्थिति की भी समीक्षा की और उन्हें और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्कूल को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत के लिए नगर पालिका अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद उन्होंने आरआई ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का भी दौरा किया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
  • टेंडर प्रक्रिया पूरी, फिर भी रुका काम: पार्षद ने उठाए सवाल, अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप

    टेंडर प्रक्रिया पूरी, फिर भी रुका काम: पार्षद ने उठाए सवाल, अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले में मंगलवार सुबह स्थानीय समस्याओं से नाराज लोगों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। वार्ड क्रमांक-1 सुबखार के निवासियों ने जबलपुर–अमरकंटक मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
    कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े लोग
    प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि वे जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका आरोप है कि पिछले कई वर्षों से क्षेत्र की समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
    पूर्व भाजपा विधायक दुलीचंद उरैती भी प्रदर्शन में शामिल रहे और उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड की सड़क, घाट, सीवरेज लाइन और अन्य विकास कार्य लंबे समय से अटके हुए हैं।
    10 साल से अधूरी समस्याएं, लोगों में नाराजगी
    स्थानीय लोगों का कहना है कि इमली कुटी से जबलपुर मार्ग तक सड़क निर्माण, मुक्तिधाम रोड, डैम घाट के पास स्नान घाट और सीवरेज लाइन जैसी मूलभूत सुविधाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि दो साल से लगातार आवेदन देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
    मौके पर प्रशासन, समझाइश के बाद खुला जाम
    स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार और नगर पालिका अमले ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी कलेक्टर के आने की मांग पर अड़े रहे।
    बाद में एसडीएम राम बाबू देवांगन मौके पर पहुंचे और वार्ड का निरीक्षण किया। उनकी समझाइश और जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त कर सड़क जाम खोल दिया गया।
    पार्षद का आरोप टेंडर होने के बावजूद काम रुका
    भाजपा पार्षद भागीरथ उरैती ने कहा कि सड़क कायाकल्प योजना के तहत कार्य की स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद काम शुरू नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण विकास कार्य अटका हुआ है।
    प्रशासन ने दिया जल्द कार्रवाई का भरोसा
    एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि सभी लंबित कार्यों की समीक्षा कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।

  • विधायक-मंत्री पर मनमानी का आरोप: पूर्व विधायक ने जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर जताई नाराजगी

    विधायक-मंत्री पर मनमानी का आरोप: पूर्व विधायक ने जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर जताई नाराजगी


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मंडला जिले में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम सियासी बयानबाजी का मंच बन गया। नैनपुर जनपद के इंद्री गांव में सोमवार को हुए इस आयोजन में 130 जोड़ों का विवाह तो संपन्न हुआ, लेकिन कई जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी ने विवाद खड़ा कर दिया।

    मंच से उठे सवाल, जनपद सदस्यों की अनुपस्थिति पर नाराजगी

    कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री देव सिंह सैयाम ने मंच से ही व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि यह जनपद स्तर का कार्यक्रम होने के बावजूद जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य तक मौजूद नहीं हैं।
    उन्होंने जनपद सीईओ को भी सलाह देते हुए कहा कि वे किसी भी राजनीतिक दबाव में आए बिना निष्पक्ष तरीके से काम करें।

    विधायक-मंत्री पर लगाए भेदभाव के आरोप

    सैयाम ने बिना नाम लिए स्थानीय विधायक और प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कार्यक्रमों में भेदभाव किया जा रहा है और सभी जनप्रतिनिधियों को समान सम्मान नहीं दिया जा रहा। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर जनप्रतिनिधि की भागीदारी जरूरी है, लेकिन यहां कुछ लोगों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है।

    पुराने कार्यक्रम का भी किया जिक्र

    पूर्व मंत्री ने पिछले साल टिकरवारा में हुए सामूहिक कन्यादान कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि उस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मौजूद थे, लेकिन उन्हें मंच पर जगह नहीं दी गई। उन्होंने इसे व्यक्तिगत उपेक्षा बताते हुए कहा कि जिस योजना की शुरुआत उन्होंने मंत्री रहते की थी, उसी में उन्हें दरकिनार किया गया।

    सरपंचों की समस्याओं को भी उठाया

    अपने संबोधन में सैयाम ने सरपंचों की परेशानियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से कई सरपंच आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और सामग्री भुगतान के लिए उन्हें अपनी जमीन तक बेचनी पड़ी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिले में पहले के कार्यकाल के दौरान करीब डेढ़ करोड़ रुपए वापस चले गए, जिन्हें अब तक वापस नहीं लाया जा सका है।

    130 जोड़ों का हुआ विवाह, सरकार ने दी सहायता

    विवाद के बीच कार्यक्रम में 130 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया। नवविवाहितों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता और गृहस्थी का सामान भी प्रदान किया गया।

  • स्वास्थ्य विभाग अनजान: डिग्री का खेल उजागर, असली-नकली डॉक्टर का चौंकाने वाला मामला

    स्वास्थ्य विभाग अनजान: डिग्री का खेल उजागर, असली-नकली डॉक्टर का चौंकाने वाला मामला


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सरकारी व्यवस्थाओं की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही एमबीबीएस डिग्री के आधार पर दो अलग-अलग लोग वर्षों से सरकारी डॉक्टर बनकर काम कर रहे हैं। इनमें से एक असली डॉक्टर है, जबकि दूसरा बिना मेडिकल पढ़ाई के ही 15 साल से मरीजों का इलाज करता रहा और हैरानी की बात यह है कि विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी।
    बालाघाट से शुरू हुई जांच, खुलने लगे राज
    पूरे मामले की परतें बालाघाट जिले से खुलनी शुरू हुईं। यहां बिरसा के सरकारी अस्पताल में पदस्थ एक डॉक्टर की पहचान को लेकर संदेह पैदा हुआ। जांच में सामने आया कि संबंधित डॉक्टर कभी अस्पताल में तो कभी अपने गांव में निजी क्लीनिक चलाते हैं। स्थानीय लोगों ने पुष्टि की कि वे बिना किसी बोर्ड या आधिकारिक पहचान के घर के पास मरीजों का इलाज करते रहे हैं।
    दस्तावेजों में बड़ा खेल, अलग-अलग जगहों का जिक्र
    जब उनके दस्तावेजों की जांच की गई, तो कई विसंगतियां सामने आईं। कहीं उनका गृह जिला रीवा बताया गया, तो कहीं मुरैना और बालाघाट। इतना ही नहीं, उनके पास केवल प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन पाया गया, जबकि परमानेंट रजिस्ट्रेशन का रिकॉर्ड गायब था।
    देवास में मिला असली डॉक्टर
    जांच टीम ने देवास में पदस्थ दूसरे डॉक्टर से संपर्क किया। उन्होंने अपनी ओरिजिनल एमबीबीएस डिग्री और परमानेंट रजिस्ट्रेशन दिखाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बालाघाट में उपयोग की जा रही डिग्री उनकी ही है, लेकिन उस व्यक्ति को वे नहीं जानते। इससे साफ हो गया कि एक ही डिग्री की कॉपी का इस्तेमाल कर कोई दूसरा व्यक्ति सरकारी नौकरी कर रहा है।
    मेडिकल काउंसिल ने किया खुलासा
    मध्यप्रदेश मेडिकल काउंसिल में जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि परमानेंट रजिस्ट्रेशन नंबर एक ही व्यक्ति के नाम पर दर्ज है और वह देवास में कार्यरत डॉक्टर का है। इससे बालाघाट वाले डॉक्टर की स्थिति पूरी तरह संदिग्ध हो गई है।
    जिम्मेदार अधिकारी भी अनजान
    बालाघाट के सीएमएचओ ने माना कि उन्हें हाल ही में इस मामले की शिकायत मिली है और जांच जारी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं थी।
    विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में बड़ी चूक को दर्शाता है। अगर समय रहते जांच नहीं हुई, तो ऐसे कई और फर्जी डॉक्टर सिस्टम में सक्रिय हो सकते हैं।
    बड़ा सवाल मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़?
    सबसे गंभीर बात यह है कि जिस व्यक्ति के पास असली डिग्री नहीं है, वह वर्षों से मरीजों का इलाज करता रहा। इससे न केवल मरीजों की जान जोखिम में पड़ी, बल्कि पूरे स्वास्थ्य सिस्टम की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ गए हैं।