Category: Madhya Pradesh

  • स्वास्थ्य विभाग अनजान: डिग्री का खेल उजागर, असली-नकली डॉक्टर का चौंकाने वाला मामला

    स्वास्थ्य विभाग अनजान: डिग्री का खेल उजागर, असली-नकली डॉक्टर का चौंकाने वाला मामला


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सरकारी व्यवस्थाओं की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही एमबीबीएस डिग्री के आधार पर दो अलग-अलग लोग वर्षों से सरकारी डॉक्टर बनकर काम कर रहे हैं। इनमें से एक असली डॉक्टर है, जबकि दूसरा बिना मेडिकल पढ़ाई के ही 15 साल से मरीजों का इलाज करता रहा और हैरानी की बात यह है कि विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी।
    बालाघाट से शुरू हुई जांच, खुलने लगे राज
    पूरे मामले की परतें बालाघाट जिले से खुलनी शुरू हुईं। यहां बिरसा के सरकारी अस्पताल में पदस्थ एक डॉक्टर की पहचान को लेकर संदेह पैदा हुआ। जांच में सामने आया कि संबंधित डॉक्टर कभी अस्पताल में तो कभी अपने गांव में निजी क्लीनिक चलाते हैं। स्थानीय लोगों ने पुष्टि की कि वे बिना किसी बोर्ड या आधिकारिक पहचान के घर के पास मरीजों का इलाज करते रहे हैं।
    दस्तावेजों में बड़ा खेल, अलग-अलग जगहों का जिक्र
    जब उनके दस्तावेजों की जांच की गई, तो कई विसंगतियां सामने आईं। कहीं उनका गृह जिला रीवा बताया गया, तो कहीं मुरैना और बालाघाट। इतना ही नहीं, उनके पास केवल प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन पाया गया, जबकि परमानेंट रजिस्ट्रेशन का रिकॉर्ड गायब था।
    देवास में मिला असली डॉक्टर
    जांच टीम ने देवास में पदस्थ दूसरे डॉक्टर से संपर्क किया। उन्होंने अपनी ओरिजिनल एमबीबीएस डिग्री और परमानेंट रजिस्ट्रेशन दिखाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बालाघाट में उपयोग की जा रही डिग्री उनकी ही है, लेकिन उस व्यक्ति को वे नहीं जानते। इससे साफ हो गया कि एक ही डिग्री की कॉपी का इस्तेमाल कर कोई दूसरा व्यक्ति सरकारी नौकरी कर रहा है।
    मेडिकल काउंसिल ने किया खुलासा
    मध्यप्रदेश मेडिकल काउंसिल में जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि परमानेंट रजिस्ट्रेशन नंबर एक ही व्यक्ति के नाम पर दर्ज है और वह देवास में कार्यरत डॉक्टर का है। इससे बालाघाट वाले डॉक्टर की स्थिति पूरी तरह संदिग्ध हो गई है।
    जिम्मेदार अधिकारी भी अनजान
    बालाघाट के सीएमएचओ ने माना कि उन्हें हाल ही में इस मामले की शिकायत मिली है और जांच जारी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं थी।
    विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में बड़ी चूक को दर्शाता है। अगर समय रहते जांच नहीं हुई, तो ऐसे कई और फर्जी डॉक्टर सिस्टम में सक्रिय हो सकते हैं।
    बड़ा सवाल मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़?
    सबसे गंभीर बात यह है कि जिस व्यक्ति के पास असली डिग्री नहीं है, वह वर्षों से मरीजों का इलाज करता रहा। इससे न केवल मरीजों की जान जोखिम में पड़ी, बल्कि पूरे स्वास्थ्य सिस्टम की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ गए हैं।

  • शादी में आया मासूम नाले में गिरा: ग्रामीण पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम, जांच शुरू

    शादी में आया मासूम नाले में गिरा: ग्रामीण पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम, जांच शुरू


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के दुगलई गांव में एक दर्दनाक हादसे ने खुशियों के माहौल को मातम में बदल दिया। मामा के यहां शादी में शामिल होने आए 15 वर्षीय दिव्यांश इनवाती की नाले में डूबने से मौत हो गई। घटना सोमवार शाम की है, जिसके बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।

    शादी की खुशियां पल भर में बदलीं गम में

    जानकारी के अनुसार, टाकाबर्रा निवासी दिव्यांश अपने माता-पिता और बहन के साथ 14 अप्रैल को मामा के यहां शादी समारोह में शामिल होने दुगलई आया था। 20 अप्रैल को माता-पिता और बहन वापस लौट गए, जबकि दिव्यांश मामा के यहां ही रुक गया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह फैसला उसके लिए जानलेवा साबित होगा।

    दोस्तों के साथ गया था नाले पर

    सोमवार दोपहर दिव्यांश अपने हमउम्र दोस्तों के साथ बकरियां चराने नाले की ओर गया था। इसी दौरान बकरियां दूर चली गईं, जिन्हें वापस लाने के लिए एक दोस्त वहां से चला गया। मौके पर मौजूद दिव्यांश और उसका साथी रोहित नाले में नहाने लगे।

    गहरे पानी में गया, नहीं बच सकी जान

    नहाते समय अचानक दिव्यांश गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। साथी रोहित ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। घबराकर वह गांव पहुंचा और परिजनों को सूचना दी। जब तक परिवार के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

    परिजनों ने निकाला शव, पुलिस को दी सूचना

    परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से नाले से दिव्यांश का शव बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रात अधिक होने के कारण उसी दिन पोस्टमार्टम नहीं हो सका।

    अगले दिन हुआ पोस्टमार्टम, जांच जारी

    मंगलवार को जिला अस्पताल में पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम किया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी।

    सावधानी की जरूरत, बार-बार हो रहे ऐसे हादसे

    गर्मी के मौसम में नदियों और नालों में नहाने के दौरान इस तरह के हादसे लगातार सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को बिना निगरानी के जल स्रोतों के पास नहीं जाने देना चाहिए, क्योंकि गहराई का अंदाजा न होने से ऐसे हादसे हो सकते हैं।

  • 5 दमकल वाहनों ने पाया काबू: Junnardeo में आग से भारी नुकसान

    5 दमकल वाहनों ने पाया काबू: Junnardeo में आग से भारी नुकसान


    नई दिल्ली। छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात एक बड़ी आगजनी की घटना सामने आई, जहां एक किराना दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया और अंदर रखा लगभग सारा सामान जलकर खाक हो गया। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे आसपास की दुकानों और मकानों को बचा लिया गया।

     अचानक भड़की आग, मच गया हड़कंप
    घटना देर रात की है, जब लोगों ने दुकान से उठती लपटें देखीं। आग तेजी से फैलती गई और कुछ ही देर में पूरी दुकान धू-धू कर जलने लगी। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि उस पर काबू पाना संभव नहीं हो सका।

     5 दमकल वाहन, 3 घंटे की मशक्कत
    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। आग बुझाने के लिए एक-दो नहीं बल्कि 5 दमकल वाहनों को लगाना पड़ा। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका।
    दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोका, जिससे आसपास की दुकानें और मकान सुरक्षित बच गए।

    लाखों का नुकसान, कारण अज्ञात
    इस हादसे में दुकान मालिक को लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान है, क्योंकि दुकान में रखा लगभग पूरा सामान जल गया। हालांकि, फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या अन्य तकनीकी कारणों की आशंका जताई जा रही है।

    जांच में जुटी पुलिस और प्रशासन
    घटना की सूचना के बाद पुलिस और संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

     समय रहते टला बड़ा हादसा
    यदि आग समय रहते नियंत्रित नहीं होती, तो यह आसपास की कई दुकानों और मकानों को अपनी चपेट में ले सकती थी। स्थानीय लोगों और दमकल टीम की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।

  • Satna में टक्कर के बहाने चेन स्नेचिंग, डायल-112 को चकमा देकर UP की ओर फरार आरोपी

    Satna में टक्कर के बहाने चेन स्नेचिंग, डायल-112 को चकमा देकर UP की ओर फरार आरोपी


    नई दिल्ली। सतना जिले के चित्रकूट क्षेत्र में मंगलवार तड़के एक फिल्मी अंदाज में चेन स्नैचिंग की वारदात सामने आई। बगदरा घाटी में 4-5 बदमाशों ने दो गाड़ियों से पीछा करते हुए कार को टक्कर मारकर रोकने की कोशिश की और मौका मिलते ही युवक के गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो गए। वारदात के बाद आरोपी पुलिस को चकमा देकर उत्तर प्रदेश की ओर भाग निकले।
     घाटी में पीछा, टक्कर मारकर रुकवाने की कोशिश

    जानकारी के मुताबिक, रैपुरा निवासी प्रदीप कुमार अपने तीन दोस्तों के साथ सीधी से चित्रकूट लौट रहे थे। जब उनकी कार बगदरा घाटी से गुजर रही थी, तभी पीछे से आई दो संदिग्ध गाड़ियों ने उनकी कार को टक्कर मारकर रोकने की कोशिश की। हालांकि, खतरा भांपते हुए प्रदीप ने घाटी में वाहन नहीं रोका और सीधे गोदावरी मोड़ तक पहुंच गए।

     गाड़ी रुकते ही झपटी चेन

    जैसे ही पीड़ित गोदावरी मोड़ पर रुके, दोनों संदिग्ध गाड़ियां भी वहां पहुंच गईं। एक वाहन के पास आते ही उसमें सवार बदमाश ने झटके से प्रदीप के गले से सोने की चेन छीन ली और तुरंत फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों गाड़ियों में 4 से 5 आरोपी सवार थे, जिन्होंने पूरी वारदात को बेहद तेजी से अंजाम दिया।

     पुलिस को चकमा देकर बॉर्डर पार

    घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस ने जानकीकुंड अस्पताल के पास घेराबंदी की, लेकिन बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए।

    बताया जा रहा है कि आरोपी मध्यप्रदेश की सीमा पार कर उत्तर प्रदेश में दाखिल हो गए। पीड़ित पक्ष ने भी अपनी कार से उनका पीछा किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

     CCTV और वीडियो के आधार पर जांच तेज

    इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी वाहन भागते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और वाहनों के नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

     हाईवे पर बढ़ती वारदातें, सुरक्षा पर सवाल

    इस तरह की घटनाओं ने हाईवे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और सीमा पार समन्वय के जरिए कार्रवाई की जा रही है।

  • Rewa में लग्जरी कारों से गांजा तस्करी का भंडाफोड़, आधा दर्जन आरोपी गिरफ्तार

    Rewa में लग्जरी कारों से गांजा तस्करी का भंडाफोड़, आधा दर्जन आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली। रीवा में पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार देर रात संयुक्त पुलिस टीम ने की, जिसमें बिछिया, रायपुर कर्चुलियान और गुढ़ थाना पुलिस शामिल रही। आरोपी दो लग्जरी कारों में अवैध मादक पदार्थ की तस्करी कर रहे थे और पूरे विंध्य क्षेत्र में अपना नेटवर्क फैला चुके थे।

     घेराबंदी कर रंगे हाथ पकड़े गए तस्कर
    पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग गांजा की बड़ी खेप लेकर सौदे के लिए पहुंचने वाले हैं। इसके बाद खड्डा रीठी तलाब भीटा के पास घेराबंदी की गई। जैसे ही आरोपी वहां लेनदेन के लिए रुके, पुलिस टीम ने दबिश देकर सभी को मौके से पकड़ लिया।

     दो लग्जरी कारों से भारी मात्रा में गांजा बरामद
    तलाशी के दौरान पुलिस ने दोनों कारों से कुल 28 किलो 930 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया। इसके साथ ही आरोपियों के पास से नकदी, मोबाइल फोन सहित करीब 4 लाख 20 हजार रुपए का सामान भी जब्त किया गया है।
    पुलिस के अनुसार, आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल कर तस्करी कर रहे थे, ताकि किसी को शक न हो।

     यूपी और एमपी के आरोपी शामिल
    गिरफ्तार आरोपियों में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई लोग शामिल हैं। इनमें रीवा, सीधी और बांदा जिले के निवासी आरोपी शामिल हैं, जो आपस में मिलकर इस नेटवर्क को चला रहे थे।
    बताया जा रहा है कि यूपी के कुछ आरोपी खासतौर पर खरीददारी के लिए रीवा आए थे।

     पूरे विंध्य में फैला था नेटवर्क
    प्रशिक्षु आईपीएस एवं बिछिया थाना प्रभारी राजीव अग्रवाल के अनुसार, यह सिर्फ एक सप्लाई नहीं बल्कि बड़ा नेटवर्क है, जो विंध्य क्षेत्र में सक्रिय था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और गांजा की सप्लाई कहां से हो रही थी।

     एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
    पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन को खंगालने के लिए जांच तेज कर दी गई है।

     संगठित अपराध पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
    इस कार्रवाई को विंध्य क्षेत्र में नशे के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में ऐसे नेटवर्क पर और सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

  • ढोंगी बाबा गिरफ्तार: पति पर संकट का डर दिखाकर महिला का मंगलसूत्र लेकर फरार

    ढोंगी बाबा गिरफ्तार: पति पर संकट का डर दिखाकर महिला का मंगलसूत्र लेकर फरार


    नई दिल्ली। सागर जिले के जैसीनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे ढोंगी बाबा को गिरफ्तार किया है, जो महिलाओं को झांसे में लेकर उनके गहने ठगता था। आरोपी ने महिला को पति पर संकट का डर दिखाकर पूजा के बहाने उसका मंगलसूत्र रुमाल में रखवाया और मौका मिलते ही फरार हो गया था। पुलिस पूछताछ में उसने एक और वारदात कबूल की है।

     ‘संकट’ का डर दिखाकर रचा पूरा खेल
    भदभदा खमरिया रोड निवासी मालती प्रजापति ने 17 अप्रैल को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति बाबा के वेश में घर आया और उनके पति पर संकट आने की बात कहकर डराया।
    आरोपी ने पूजा का झांसा देते हुए मंगलसूत्र रुमाल में रखने को कहा। महिला जैसे ही पूजा में व्यस्त हुई, वह रुमाल लेकर फरार हो गया। बाद में जब रुमाल खोला गया, तो मंगलसूत्र गायब मिला।

     एक और वारदात का भी किया खुलासा
    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इसी तरह की ठगी 8 अप्रैल को धाऊ गांव में भी हुई थी, जहां हेमलता पटेल के साथ भी आरोपी ने यही तरीका अपनाया था।
    दोनों मामलों को जोड़ते हुए पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज की और टीमों को सक्रिय किया।

     मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, आरोपी गिरफ्तार
    सोमवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बेरखेड़ी के पास देखा गया है। इस पर पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से घेराबंदी की और आरोपी बालमुकुंद उर्फ हलुआ को गिरफ्तार कर लिया।

     सोने-चांदी के गहने बरामद
    थाने लाकर पूछताछ करने पर आरोपी ने दोनों वारदातें कबूल कर लीं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बड़ी मात्रा में गहने जब्त किए हैं, जिनमें 36 सोने के गुरिया, 2 सोने के पेंडल, 10 इलायची आकार के सोने के दाने, पायल और सोने की चेन शामिल हैं।

     अन्य वारदातों के खुलासे की उम्मीद
    जैसीनगर थाना प्रभारी शशिकांत गुर्जर के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है और आशंका है कि वह इस तरह की और भी ठगी की घटनाओं में शामिल रहा है। पुलिस अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क की जांच कर रही है।

     सतर्क रहें: ऐसे झांसे से बचें
    इस तरह के मामलों में पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अजनबी बाबा या साधु के बहकावे में न आएं और घर में कीमती सामान देने से पहले सतर्क रहें।

  • कूलर की आवाज में सोता रहा परिवार, चोर उड़ा ले गए नया ट्रैक्टर; CCTV में कैद वारदात

    कूलर की आवाज में सोता रहा परिवार, चोर उड़ा ले गए नया ट्रैक्टर; CCTV में कैद वारदात


    नई दिल्ली। जबलपुर जिले के पाटन थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली चोरी सामने आई है, जहां चोरों ने बड़ी सफाई से किसान का नया ट्रैक्टर पार कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि बाड़े में खड़े दो ट्रैक्टरों में से चोरों ने पुराने को हाथ तक नहीं लगाया और सीधे नए ट्रैक्टर को स्टार्ट कर फरार हो गए। पूरी वारदात CCTV कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुटी है।

     रात में कूलर की हवा में सोता रहा परिवार, चोर ले गए ट्रैक्टर
    ग्राम टिमरी निवासी किसान नरेंद्र कुमार साहू के अनुसार, 16 अप्रैल की शाम वे खेत से लौटे और अपने दोनों ट्रैक्टर घर के पास बने बाड़े में खड़े कर दिए। रात करीब ढाई बजे पूरा परिवार घर के अंदर कूलर चलाकर सो रहा था।
    इसी दौरान अज्ञात चोर चुपचाप बाड़े में घुसे और करीब डेढ़ साल पहले 4 लाख रुपए में खरीदे गए नए ट्रैक्टर को स्टार्ट कर ले गए। पुराना ट्रैक्टर वहीं खड़ा रह गया।

     चोरों की नजर सिर्फ नए ट्रैक्टर पर
    इस वारदात में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि चोरों ने बिना किसी जल्दबाजी के दोनों ट्रैक्टरों को देखा, लेकिन उनकी नजर सीधे नए ट्रैक्टर पर ही टिकी। उन्होंने आराम से बाड़े का गेट खोला और ट्रैक्टर लेकर निकल गए, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उन्हें पहले से पूरी जानकारी थी।

     100 से ज्यादा CCTV खंगाले, मंडला रूट पर मिला सुराग
    17 अप्रैल की सुबह जब किसान बाड़े में पहुंचा तो ट्रैक्टर गायब देखकर उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत आसपास तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
    इसके बाद किसान और उसके साथियों ने पाटन से जबलपुर और बरेला तक 100 से ज्यादा CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में एक व्यक्ति ट्रैक्टर को मंडला की ओर ले जाते हुए दिखाई दिया है।

    50 हजार का इनाम घोषित, पुलिस एक्टिव
    18 अप्रैल को किसान ने पाटन थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। साथ ही उसने ट्रैक्टर का पता बताने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।
    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज के आधार पर चोरों के रूट को ट्रैक किया जा रहा है और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है।

     बढ़ रही चोरी की घटनाएं, किसानों में डर
    इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। किसानों का कहना है कि अगर इस तरह घर के पास खड़े वाहन भी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह बड़ी चिंता की बात है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रैक्टर बरामद किया जाएगा।

  • चयन प्रक्रिया पूरी तो विवाद खत्म: ABV-IIITM मामले में जॉइनिंग के बाद जांच पर रोक

    चयन प्रक्रिया पूरी तो विवाद खत्म: ABV-IIITM मामले में जॉइनिंग के बाद जांच पर रोक


    नई दिल्ली। अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान में सहायक रजिस्ट्रार पद की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत ने साफ कहा है कि जब चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो और उसे बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की मंजूरी मिल चुकी हो, तब बार-बार जांच के दायरे में लाना न सिर्फ अनुचित है बल्कि कर्मचारी के अधिकारों का उल्लंघन भी है।

     चयन प्रक्रिया पूरी, अब विवाद खत्म
    कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि किसी भी नियुक्ति को वैधानिक प्रक्रिया के तहत अंतिम रूप दिए जाने के बाद उसे अनावश्यक रूप से विवादित नहीं किया जा सकता। यदि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई है और सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृति मिल चुकी है, तो बाद में तकनीकी आधार पर उसे चुनौती देना न्यायसंगत नहीं है।

    इंटरव्यू आधारित चयन को सही ठहराया
    सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि सहायक रजिस्ट्रार पद के लिए लिखित परीक्षा केवल क्वालिफाइंग थी, जबकि अंतिम चयन इंटरव्यू के आधार पर किया गया। कोर्ट ने इसे नियमों के अनुरूप माना और कहा कि चयन प्रक्रिया में कोई गंभीर खामी सामने नहीं आई।

     किसी अभ्यर्थी ने नहीं दी चुनौती
    अदालत ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि चयन प्रक्रिया के खिलाफ न तो किसी असफल उम्मीदवार ने आपत्ति जताई और न ही पक्षपात या अनियमितता का कोई ठोस प्रमाण पेश किया गया। ऐसे में बार-बार जांच बैठाना उचित नहीं है।

     SBI नौकरी छोड़कर जॉइन किया था पद
    यह मामला संदीप उपाध्याय की नियुक्ति से जुड़ा है, जिन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नौकरी छोड़कर वर्ष 2019 में इस पद को जॉइन किया था। जॉइनिंग के बाद संस्थान में कुछ शिकायतों के आधार पर कई जांच समितियां बनाई गईं, जिन्होंने चयन प्रक्रिया, वेतन सुरक्षा (पे प्रोटेक्शन) और प्रोबेशन अवधि पर सवाल उठाए।

     जांच समितियों की सिफारिशों पर कोर्ट सख्त
    कुछ समितियों ने नियुक्ति रद्द करने तक की सिफारिश की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इन पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि नियुक्ति के बाद इस तरह की बार-बार जांच कर्मचारी के लिए अस्थिरता पैदा करती है और यह न्यायसंगत नहीं है।

     कर्मचारियों के अधिकारों को दी प्राथमिकता
    कोर्ट ने अपने फैसले में यह संदेश भी दिया कि एक बार चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कर्मचारी को स्थिरता और सुरक्षा मिलनी चाहिए। बार-बार जांच से न सिर्फ संस्थान की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है, बल्कि कर्मचारियों का मनोबल भी गिरता है।

  • पिस्टल दिखाकर प्रताड़ना: Gwalior में कारोबारी से गाली दिलवाकर बनाए वीडियो, पुलिस जांच में जुटी

    पिस्टल दिखाकर प्रताड़ना: Gwalior में कारोबारी से गाली दिलवाकर बनाए वीडियो, पुलिस जांच में जुटी


    नई दिल्ली। ग्वालियर में एक बेहद सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के एक प्रॉपर्टी कारोबारी के साथ बदमाशों ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि उसे बंधक बनाकर अमानवीय हरकत को अंजाम दिया। पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने पिस्टल अड़ाकर उसके साथ जबरदस्ती की, वीडियो बनाए और 30 लाख रुपए के चेक भी साइन करवा लिए।

     लेन-देन के बहाने बुलाया, फिर बनाया बंधक
    पीड़ित 48 वर्षीय कारोबारी ने बताया कि वह कंस्ट्रक्शन और प्रॉपर्टी का काम करता है। 15 अप्रैल को उसे पुराने परिचित ओमकार सिकरवार ने लेन-देन की बात करने के लिए बुलाया। वह पीतांबरा धर्मकांटा स्थित ऑफिस पहुंचा, जहां पहले से 5-6 लोग मौजूद थे।
    जैसे ही वह अंदर पहुंचा, आरोपियों ने उसे घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए धमकाया कि अब वह जिंदा नहीं जाएगा।

     पिस्टल के दम पर की दरिंदगी, बनाए वीडियो
    पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने पिस्टल अड़ाकर उसके साथ गलत काम किया। इस दौरान एक आरोपी मोबाइल से वीडियो बनाता रहा। इतना ही नहीं, उन्होंने कारोबारी से अपने दुश्मन के खिलाफ गालियां दिलवाकर वीडियो रिकॉर्ड किए और उसके मोबाइल से भेज भी दिए।

     बेटे से मंगवाई चेक बुक, 30 लाख के चेक साइन
    बदमाशों ने कारोबारी को धमकाकर उसके बेटे से चेक बुक मंगवाई। इसके बाद 10-10 लाख रुपए के तीन चेक जबरन साइन कराए गए। एक चेक उसकी पत्नी के अकाउंट से और दो उसके खुद के अकाउंट से जुड़े थे।
    इसके अलावा, आरोपियों ने ऑनलाइन पेमेंट करवाकर शराब भी मंगवाई और पीड़ित के साथ मारपीट जारी रखी।

     3 घंटे तक बनाया बंधक, फिर छोड़ा
    करीब साढ़े तीन घंटे तक कारोबारी को कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसे धमकाया और पीटा गया। बाद में आरोपियों ने उसका वीडियो बनाकर कहलवाया कि उसने चेक अपनी मर्जी से दिए हैं।
    रात करीब 9 बजे उसे छोड़ा गया, जिसके बाद वह सीधे पुलिस के पास पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई।

     पुराने विवाद से जुड़ा मामला, आरोपियों की तलाश जारी
    पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले के पीछे पुराना विवाद सामने आया है। आरोपियों और पीड़ित के बिजनेस पार्टनर के बीच पहले से रंजिश चल रही थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी ओमकार सिकरवार और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश जारी है।

     कानून-व्यवस्था पर सवाल
    इस घटना ने एक बार फिर शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दिनदहाड़े इस तरह की वारदात से लोगों में डर का माहौल है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • DA की मांग पर सड़क पर उतरे BSNL कर्मचारी, सरकार से जल्द फैसले की मांग

    DA की मांग पर सड़क पर उतरे BSNL कर्मचारी, सरकार से जल्द फैसले की मांग


    नई दिल्ली। उज्जैन में मंगलवार को Bharat Sanchar Nigam Limited (बीएसएनएल) के अधिकारी और कर्मचारियों ने महंगाई भत्ते (आईडीए) को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। All Unions and Associations of BSNL (एयूएबी) के बैनर तले देवासगेट स्थित बीएसएनएल कार्यालय के सामने भोजनावकाश के दौरान नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया गया।
    5.2 प्रतिशत आईडीए बढ़ोतरी, फिर भी आदेश लंबित
    एयूएबी के स्थानीय संयोजक मनोज शर्मा ने बताया कि सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए जनवरी 2026 से 3.5% और अप्रैल 2026 से 1.7% औद्योगिक महंगाई भत्ता (IDA) बढ़ाया गया है। इस तरह कुल 5.2% की बढ़ोतरी बनती है, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से इसके आधिकारिक आदेश जारी नहीं किए गए हैं।
    कर्मचारियों में बढ़ रही नाराजगी
    प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में भत्ते का समय पर भुगतान न होना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द आदेश जारी करने की मांग की, ताकि उन्हें बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ मिल सके।
    बड़ी संख्या में शामिल हुए कर्मचारी
    प्रदर्शन में मनोज शर्मा के अलावा नवीन कारपेंटर, गिरीश राठौर, मदन जुनेजा, हितेश अखंड, आरएस कुशवाह सहित 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।
    आगे भी जारी रहेगा आंदोलन
    कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही महंगाई भत्ते के आदेश जारी नहीं किए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। एयूएबी ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के हितों के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेंगे।