Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल पीएम आवास मल्टी में नकाबपोश बदमाशों का आतंक लाखों की चोरी से दहशत

    भोपाल पीएम आवास मल्टी में नकाबपोश बदमाशों का आतंक लाखों की चोरी से दहशत


    भोपाल । भोपाल के छोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अयोध्या बायपास भानपुर स्थित पीएम आवास मल्टी में बीती रात हुई वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। लगभग आधा दर्जन हथियारबंद और नकाबपोश बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से परिसर को निशाना बनाते हुए जमकर उत्पात मचाया और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। बदमाशों ने एक सूने मकान को पूरी तरह से खंगालते हुए वहां से लाखों रुपये के कीमती जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने परिसर के लगभग दस अन्य घरों के ताले तोड़ने का प्रयास किया और कई घरों को निशाना बनाया लेकिन वहां चोरी करने में सफल नहीं हो सके।

    घटना का समय रात करीब दो बजे से सुबह पांच बजे के बीच बताया जा रहा है। इस दौरान चोर बेखौफ होकर पूरे परिसर में घूमते रहे और एक के बाद एक घरों के ताले तोड़ते गए। जिस घर में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया वहां परिवार के लोग मौजूद नहीं थे। इसका फायदा उठाते हुए बदमाशों ने घर के भीतर रखी नकदी और सोने चांदी के गहनों को खंगाल लिया और बड़ी आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।

    स्थानीय निवासियों के अनुसार पिछले तीन महीनों में इसी मल्टी में यह चौथी बड़ी चोरी की घटना है जिससे लोगों में भारी आक्रोश और भय का माहौल बन गया है। लगातार हो रही वारदातों के बावजूद सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जाने से रहवासी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि परिसर में गश्त और निगरानी की व्यवस्था बेहद कमजोर है जिसका फायदा असामाजिक तत्व लगातार उठा रहे हैं।

    सुबह जब लोग नींद से जागे तो कई घरों के टूटे हुए ताले और बिखरा सामान देखकर हड़कंप मच गया। तुरंत ही पुलिस को सूचना दी गई और छोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया ताकि नकाबपोश बदमाशों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

    घटना के समय मल्टी के कई रहवासी शहर से बाहर गए हुए थे जिससे अभी तक सभी घरों में हुए नुकसान का पूरा आकलन नहीं हो पाया है। कुछ पीड़ित परिवार अभी थाने पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में हैं। लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

  • भोपाल में सनसनी: BHEL कर्मचारी ने मौत से पहले अपनों को भेजा खुदकुशी का मैसेज, नाले में लहुलूहान मिली लाश से उठे कई गंभीर सवाल

    भोपाल में सनसनी: BHEL कर्मचारी ने मौत से पहले अपनों को भेजा खुदकुशी का मैसेज, नाले में लहुलूहान मिली लाश से उठे कई गंभीर सवाल


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बरखेड़ा पठानी क्षेत्र में उस वक्त भारी सनसनी फैल गई जब शनिवार शाम से रहस्यमयी ढंग से लापता भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड BHEL के एक कर्मचारी का शव रविवार को एक नाले से बरामद किया गया। मृतक की पहचान सुनील प्रसाद के रूप में हुई है जो भेल में कार्यरत थे और जिनकी मौत ने पूरे इलाके सहित उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटनास्थल का नजारा बेहद खौफनाक था जहाँ मृतक के हाथ की नस कटी हुई थी और पुलिस को शव के ठीक पास से ही एक खून से सनी ब्लेड भी बरामद हुई है। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद से ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है और वह मामले की तह तक जाने के लिए हत्या व आत्महत्या दोनों ही एंगल्स को ध्यान में रखकर बेहद बारीकी से अपनी तफ्तीश को आगे बढ़ा रही है।

    इस दिल दहला देने वाली घटना के पीछे की कहानी बेहद दर्दनाक और उलझी हुई नजर आती है। पुलिस और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुनील प्रसाद शनिवार की शाम से ही अचानक लापता हो गए थे लेकिन घर से निकलने से पहले उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के मोबाइल पर एक ऐसा मैसेज भेजा जिसने सबके पैरों तले जमीन खिसका दी। इस आखिरी मैसेज में उन्होंने साफ तौर पर “खुदकुशी करने की बात” लिखी थी। इस संदेश को पढ़ते ही बदहवास परिजन अनहोनी की आशंका से घबरा गए और पूरी रात उन्हें हर संभावित जगह पर तलाशते रहे मगर उनका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार रविवार की सुबह उनकी यह तलाश बरखेड़ा पठानी के पास स्थित एक नाले पर जाकर थमी जहाँ सुनील प्रसाद का बेजान और लहूलुहान शव तैरता हुआ पाया गया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मुआयना शुरू किया। शुरुआती फॉरेंसिक जांच और पंचनामे में यह बात सामने आई है कि मृतक के हाथ की नस बेरहमी से कटी हुई थी। बताया जा रहा है कि सुनील प्रसाद पिछले काफी समय से मानसिक मोर्चे पर एक बेहद कठिन दौर से गुजर रहे थे और गंभीर “अवसाद यानी डिप्रेशन” का शिकार थे। कयासों का बाजार गर्म है कि इसी मानसिक तनाव और अवसाद के चलते उन्होंने शायद यह आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में इतनी जल्दी किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहते हैं। पुलिस ने अभी तक किसी भी तरह की गहरी साजिश या सोची-समझी हत्या की आशंका से पूरी तरह इनकार नहीं किया है और हर सुराग को खंगाला जा रहा है।

    इस पूरी त्रासदी का सबसे दुखद पहलू यह है कि सुनील प्रसाद के घर में बहुत जल्द ही खुशियों की शहनाइयां गूंजने वाली थीं लेकिन इस वज्रपात ने पूरे हंसते-खेलते परिवार को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। घर में आगामी नवंबर महीने में उनके इकलौते बेटे की शादी तय थी जिसकी तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही थीं और हर कोई इस मांगलिक कार्य को लेकर बेहद उत्साहित था। इतना ही नहीं इसके ठीक अगले महीने यानी दिसंबर में सुनील प्रसाद भेल से अपनी लंबी और सम्मानीय सेवा के बाद सेवानिवृत्त (Retire) होने वाले थे। एक तरफ जहाँ घर में बहू के स्वागत का जश्न होना था और दूसरी तरफ रिटायरमेंट के बाद सुकून के दिन बिताने की योजनाएं थीं ठीक उससे पहले हुए इस खौफनाक हादसे ने कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेज दिया है और मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा कि यह वाकई डिप्रेशन में की गई खुदकुशी है या फिर इसके पीछे कोई गहरी आपराधिक साजिश छिपी है।

  • बीनागंज बाईपास पर दर्दनाक हादसा, कंटेनर में लगी आग से एक की मौत, एक घायल

    बीनागंज बाईपास पर दर्दनाक हादसा, कंटेनर में लगी आग से एक की मौत, एक घायल

    गुना । मध्य प्रदेश के गुना जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया जहां नेशनल हाईवे-46 पर बीनागंज बाईपास के पास एक तेज रफ्तार कंटेनर अनियंत्रित होकर पुलिया में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि गिरते ही वाहन में आग लग गई और देखते ही देखते पूरा कंटेनर आग की लपटों में घिर गया।

    इस हादसे में कंटेनर चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जबकि क्लीनर गंभीर रूप से झुलस गया। बताया जा रहा है कि चालक को वाहन से बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और वह आग की चपेट में आ गया। घायल क्लीनर की पहचान मनीष बघेल के रूप में हुई है जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल गुना रेफर किया गया जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

    जानकारी के अनुसार राजस्थान पासिंग नंबर का यह कंटेनर शिवपुरी से गुना होते हुए भोपाल की ओर जा रहा था। इसी दौरान बीनागंज बाईपास पर चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और यह भीषण दुर्घटना हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

    एसडीओपी चाचौड़ा-बीनागंज के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अगर चाहें तो मैं इसे टीवी एंकर स्क्रिप्ट या ब्रेकिंग न्यूज़ स्टाइल हेडलाइन पैक में भी बदल सकता हूँ।

  • CBN की बड़ी कार्रवाई: सिकंदरा टोल पर दबोची कार, 115 किलो अफीम बरामद

    CBN की बड़ी कार्रवाई: सिकंदरा टोल पर दबोची कार, 115 किलो अफीम बरामद


    नीमच/इंदौर। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो CBN की मध्य प्रदेश इकाई ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। एजेंसी ने 115.160 किलोग्राम अफीम की भारी खेप जब्त करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के आगरा-जयपुर हाईवे पर स्थित सिकंदरा टोल प्लाजा के पास की गई।

    सूत्रों के अनुसार CBN नीमच को सूचना मिली थी कि झारखंड नंबर की एक हुंडई क्रेटा कार के जरिए गुवाहाटी से जोधपुर तक बड़ी मात्रा में अवैध अफीम की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने 19 जून से ही निगरानी शुरू कर दी और संदिग्ध वाहन की गतिविधियों पर करीब 2000 किलोमीटर तक लगातार नजर रखी गई।

    लंबी निगरानी के बाद 20 जून 2026 को सिकंदरा टोल प्लाजा पर वाहन को रोका गया। तलाशी के दौरान कार की डिक्की में रखी तीन बोरियों से 109 पैकेट बरामद हुए जिनमें कुल 115.160 किलोग्राम अफीम पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि तस्करों ने गंध छिपाने के लिए वाहन के अंदर भारी मात्रा में परफ्यूम का इस्तेमाल किया था।

    CBN ने मौके पर ही एक आरोपी को एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत गिरफ्तार कर लिया और अफीम की खेप के साथ वाहन को भी जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह खेप गुवाहाटी से जोधपुर तक पहुंचाई जा रही थी हालांकि इसके पीछे पूरे नेटवर्क की कड़ियों की जांच जारी है।

    एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह अवैध मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष अब तक कई मामलों में कार्रवाई करते हुए दर्जनों तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है और नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के प्रयास जारी हैं।

  • मध्य प्रदेश के पन्ना में दर्दनाक लापरवाही, एंबुलेंस और पोस्टमार्टम व्यवस्था पर उठे सवाल

    मध्य प्रदेश के पन्ना में दर्दनाक लापरवाही, एंबुलेंस और पोस्टमार्टम व्यवस्था पर उठे सवाल


    पन्ना । मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही ने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक महिला की समय पर उपचार न मिलने और एंबुलेंस की देरी के कारण मौत हो गई जिसके बाद भी परिजनों को अस्पताल में लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा।

    घटना पड़रहा गांव की है जहां 40 वर्षीय विद्या कुशवाहा ने कथित तौर पर अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों के अनुसार महिला पहले से ही मानसिक तनाव में थी क्योंकि इसी वर्ष उनके बेटे की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिजनों ने तुरंत ‘108’ एंबुलेंस सेवा को कॉल किया लेकिन आरोप है कि एंबुलेंस करीब ढाई घंटे बाद मौके पर पहुंची।

    महिला को पहले अजयगढ़ अस्पताल ले जाया गया जहां से गंभीर हालत देखते हुए उसे जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि यहां भी एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी जिसके चलते वे निजी वाहन से महिला को लेकर निकले लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

    इसके बाद भी परिजनों की परेशानियां खत्म नहीं हुईं। सुबह पुलिस द्वारा पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया लेकिन आरोप है कि वहां करीब तीन घंटे तक कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुआ। परिजन लगातार अस्पताल परिसर में अधिकारियों और डॉक्टरों से गुहार लगाते रहे लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हो सकी।

    लंबे इंतजार और लगातार अनदेखी से नाराज परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा किया जिसके बाद आनन-फानन में डॉक्टर को बुलाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। यह पूरा मामला एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं आपातकालीन एंबुलेंस व्यवस्था और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

  • योग दिवस पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी, स्वस्थ वृद्धावस्था पर जोर

    योग दिवस पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी, स्वस्थ वृद्धावस्था पर जोर


    मध्यप्रदेश । मंदसौर के नूतन स्टेडियम में रविवार को International Yoga Day 2026 के अवसर पर भव्य जिला स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई, जिसके तहत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश दिया।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद सुधीर गुप्ता और कलेक्टर अदिति गर्ग उपस्थित रहे। इनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, पूर्व मंत्री कैलाश चावला, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी योगाभ्यास में भाग लिया।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता में दिए गए योग दिवस संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने ध्यानपूर्वक सुना। इसके साथ ही राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के योग कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया गया।

    इस आयोजन की विशेषता यह रही कि जैन संत प्रणमय सागर ने स्वयं मंच पर योगासन कराए और उपस्थित लोगों को योग के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराते हुए बताया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मिक और मानसिक संतुलन का भी साधन है।

    योगाभ्यास के बाद सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया। कलेक्टर अदिति गर्ग ने नागरिकों से अपील की कि वे योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, क्योंकि यह स्वस्थ और संतुलित जीवन की कुंजी है।

    सांसद सुधीर गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा आज पूरे विश्व के लिए प्रेरणा बन चुकी है। उन्होंने बताया कि ऋग्वेद और महर्षि पतंजलि के योग सूत्रों में योग का विस्तृत वर्णन मिलता है, जिसे आधुनिक समय में वैश्विक पहचान मिली है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2015 के बाद योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली और आज करोड़ों लोग इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए योग अत्यंत आवश्यक है।

    सांसद ने किसानों से जैविक खेती अपनाने और रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने की भी अपील की, यह कहते हुए कि “जब भूमि स्वस्थ होगी तभी समाज भी स्वस्थ रहेगा।”

    कुल मिलाकर, मंदसौर का यह योग कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का प्रतीक बना, बल्कि इसमें आध्यात्मिकता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संदेश का भी सुंदर समावेश देखने को मिला।

  • योग दिवस पर शुजालपुर में उत्साह, सामूहिक योग से दिया फिटनेस का संदेश

    योग दिवस पर शुजालपुर में उत्साह, सामूहिक योग से दिया फिटनेस का संदेश


    मध्यप्रदेश । शुजालपुर में International Yoga Day 2026 के अवसर पर शहरभर में योग को लेकर उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। इस वर्ष “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के तहत विभिन्न स्थानों पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

    श्री जटाशंकर महादेव मंदिर परिसर में आयुष्मान आरोग्य मंदिर आयुष शुजालपुर मंडी की ओर से विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 90 लोगों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षक देवेंद्र सिंह परमार सहित आयुष विभाग के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया।

    इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों, समाजसेवियों और बच्चों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह आयोजन एक सामुदायिक स्वास्थ्य अभियान का रूप लेता नजर आया। सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग को अपनाकर निरोगी जीवन जीने का संकल्प लिया।

    इसी प्रकार, जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में क्रीड़ा विभाग और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय योग कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, स्वयंसेवकों और स्टाफ सदस्यों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग दिवस संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिसे छात्रों और उपस्थित लोगों ने ध्यानपूर्वक सुना। इसमें योग को दैनिक जीवन में अपनाने और इसे स्वस्थ भारत के निर्माण का आधार बनाने पर जोर दिया गया।

    दोनों प्रमुख कार्यक्रमों में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम को केंद्र में रखते हुए प्रतिभागियों को बताया गया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और समग्र स्वास्थ्य का साधन है। नियमित योग, प्राणायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने से जीवन को अधिक स्वस्थ और सक्रिय बनाया जा सकता है।

    कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। शहर में योग दिवस के अवसर पर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिसने पूरे आयोजन को सफल और प्रेरणादायक बना दिया।

  • योग दिवस पर देवास में अनोखा आयोजन, श्रम योग से दिखी परंपरा और स्वास्थ्य की झलक

    योग दिवस पर देवास में अनोखा आयोजन, श्रम योग से दिखी परंपरा और स्वास्थ्य की झलक


    मध्यप्रदेश । देवास में International Yoga Day 2026 के अवसर पर महिलाओं ने एक अनोखा और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध योग प्रदर्शन प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को भारतीय जीवनशैली की गहराई से परिचित कराया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योग को केवल आसनों तक सीमित न मानकर उसे एक संपूर्ण जीवन पद्धति के रूप में प्रस्तुत करना था।

    इस विशेष आयोजन में पृथ्वी वंदना, शिव वंदना और श्रम योग जैसे पारंपरिक अभ्यासों को शामिल किया गया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्राचीन भारतीय जीवनशैली स्वयं में ही योग का एक स्वरूप थी, जिसमें शरीर, मन और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहता था।

    कार्यक्रम में महिलाओं ने श्रम योग का जीवंत प्रदर्शन करते हुए बताया कि पुराने समय में दैनिक जीवन की गतिविधियां ही वास्तविक योग का आधार थीं। खेतों में काम करना, हाथों से घरेलू कार्य करना, जमीन पर बैठकर भोजन करना और पैदल चलना जैसी आदतें शरीर को प्राकृतिक रूप से सक्रिय और स्वस्थ बनाए रखती थीं।

    इस प्रस्तुति के माध्यम से यह भी दर्शाया गया कि आधुनिक जीवनशैली में इन परंपरागत आदतों के धीरे-धीरे समाप्त होने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। शारीरिक निष्क्रियता और मशीनों पर बढ़ती निर्भरता ने जीवन को आसान जरूर बनाया है, लेकिन स्वास्थ्य पर इसका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ा है।

    योग संचालिका गौरी शेकटकर ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति में हर दैनिक क्रिया अपने आप में एक प्रकार का योग थी। उन्होंने बताया कि हमारे पूर्वज बिना किसी विशेष प्रशिक्षण या योग कक्षाओं के भी स्वस्थ जीवन जीते थे, क्योंकि उनकी दिनचर्या प्रकृति और श्रम से गहराई से जुड़ी हुई थी।

    उन्होंने यह भी कहा कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता यह है कि हम अपनी जड़ों की ओर लौटें और भारतीय जीवन मूल्यों को पुनः अपनाएं। योग को केवल व्यायाम के रूप में नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति के रूप में समझना जरूरी है।

    कार्यक्रम के अंत में यह संदेश प्रमुखता से उभरा कि योग केवल शरीर को फिट रखने का साधन नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, अनुशासन और संतुलित जीवन का आधार भी है। प्रतिभागियों और दर्शकों ने इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे अत्यंत प्रेरणादायक बताया।

  • योग दिवस पर शिवपुरी में उमड़ा जनसैलाब, मंत्री ने जनचौपाल में सुनीं समस्याएं

    योग दिवस पर शिवपुरी में उमड़ा जनसैलाब, मंत्री ने जनचौपाल में सुनीं समस्याएं


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले में रविवार को International Yoga Day 2026 बड़े उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया गया। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” के अनुरूप जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें हजारों लोगों ने भाग लेकर योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

    जिला मुख्यालय स्थित तात्या टोपे खेल परिसर (पोलो ग्राउंड) में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां पूर्व विधायक प्रहलाद भारती, एडीएम दिनेश चंद्र शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाओं का अभ्यास किया।

    कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने यह संदेश दिया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और स्वस्थ जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण साधन है। उपस्थित लोगों ने नियमित योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

    इसी क्रम में खोड़ स्थित धार महादेव मंदिर प्रांगण में भी भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ विधायक देवेंद्र जैन और भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव ने भी योगाभ्यास किया।

    इस कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि योग के बाद प्रभारी मंत्री ने जन चौपाल लगाकर स्थानीय नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने लोगों से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतों और सुझावों को गंभीरता से लिया, जिससे कार्यक्रम केवल योग तक सीमित न रहकर जनसंपर्क का माध्यम भी बन गया।

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस अवसर पर कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने की एक प्रभावी जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि नियमित योग से व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक रूप से भी अधिक मजबूत बनता है।

    उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करें, ताकि एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण हो सके।

    कुल मिलाकर, शिवपुरी में आयोजित यह योग कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का प्रतीक बना, बल्कि इसमें जनभागीदारी और प्रशासनिक संवाद का भी सुंदर संगम देखने को मिला।

  • शिप्रा की लहरों पर योग का कमाल, बारिश के बीच नन्हें तैराकों ने दिखाया अद्भुत संतुलन

    शिप्रा की लहरों पर योग का कमाल, बारिश के बीच नन्हें तैराकों ने दिखाया अद्भुत संतुलन


    मध्यप्रदेश । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन उज्जैन में एक ऐसा आयोजन देखने को मिला जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया। शनिवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से एक दिन पहले उज्जैन के रामघाट पर मां शिप्रा तैराक दल के नन्हें तैराकों ने शिप्रा नदी की लहरों के बीच जल योग का अद्भुत प्रदर्शन कर योग और तैराकी के अनूठे संगम को प्रस्तुत किया।

    सुबह से मौसम खराब था और रुक-रुक कर बारिश हो रही थी, लेकिन इसका असर बच्चों के उत्साह पर बिल्कुल भी नहीं पड़ा। बारिश की फुहारों और शिप्रा नदी के प्रवाह के बीच बच्चों ने जिस आत्मविश्वास और संतुलन का परिचय दिया, वह देखने लायक था। नन्हें तैराकों ने पानी में योगासन करते हुए यह साबित कर दिया कि योग केवल जमीन पर ही नहीं, बल्कि जल में भी उतनी ही प्रभावशाली तरीके से किया जा सकता है।

    कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अनुलोम-विलोम, ब्रीदिंग एक्सरसाइज, विभिन्न योग मुद्राओं और योग पिरामिड का प्रदर्शन किया। पानी में संतुलन बनाते हुए तैयार की गई आकर्षक आकृतियां दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। नदी की लहरों पर योगाभ्यास करते बच्चों की प्रस्तुति ने वहां मौजूद लोगों को रोमांचित कर दिया और सभी ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

    मां शिप्रा तैराक दल के सचिव एवं प्रशिक्षक संतोष सोलंकी ने बताया कि उनकी संस्था पिछले कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जल योग का आयोजन करती आ रही है। हर वर्ष संस्था का प्रयास रहता है कि योग दिवस पर कुछ नया और प्रेरणादायक संदेश दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस बार बच्चों ने प्रतिकूल मौसम के बावजूद जिस समर्पण और अनुशासन का प्रदर्शन किया, वह सराहनीय है।

    महिला प्रशिक्षक सपना माली के मार्गदर्शन में वैष्णवी बारोड, खुशी कहार, भारती कहार, राघव बारोड, युग बारोड, भोला कहार, याग्निक धकिते, वेदांश कोठार, अविनाश शर्मा और मुस्कान कहार सहित कई बच्चों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने अपने कौशल और संतुलन का शानदार प्रदर्शन कर यह संदेश दिया कि नियमित योग और तैराकी से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

    शिप्रा नदी में आयोजित यह जल योग कार्यक्रम केवल एक प्रदर्शन नहीं था, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन, सकारात्मक सोच और प्रकृति के साथ सामंजस्य का संदेश भी था। बारिश के बीच नन्हें बच्चों का यह उत्साह लोगों के लिए प्रेरणा बन गया। कार्यक्रम ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की भावना को और अधिक मजबूत करते हुए समाज को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।