Category: Madhya Pradesh

  • जेल अस्पताल में फांसी लगाकर बंदी ने दी जान, 2 साल से काट रहा था सजा

    जेल अस्पताल में फांसी लगाकर बंदी ने दी जान, 2 साल से काट रहा था सजा


    नई दिल्ली। जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र केंद्रीय जेल में सोमवार सुबह सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां एक बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 8:30 बजे जेल के अस्पताल वार्ड नंबर-3 के बाथरूम में बंदी का शव गमछे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही जेल अधीक्षक, जेलर और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

    2024 से जेल में था बंद, हत्या का मामला चल रहा था

    मृतक की पहचान गुड्डू उर्फ राजा विश्वकर्मा (58) के रूप में हुई है, जो 16 अगस्त 2024 से जेल में बंद था। वह संजीवनी नगर क्षेत्र का निवासी था और उसके खिलाफ हत्या समेत कई धाराओं में मामला दर्ज था। बताया जा रहा है कि वह शुगर जैसी बीमारी से भी पीड़ित था। फिलहाल उसका केस अदालत में विचाराधीन था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह जेल अस्पताल में भर्ती था, जहां उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।

    मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, परिजनों को दी गई सूचना

    घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिजनों को भी सूचना दे दी गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। जेल प्रशासन का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।

    एक दिन पहले भोपाल जेल में भी हुआ था ऐसा ही मामला

    इस घटना से एक दिन पहले भोपाल की सेंट्रल जेल में भी एक बंदी ने आत्महत्या कर ली थी। हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी ने जेल परिसर की गौशाला में पेड़ से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस मामले में गांधी मेडिकल कॉलेज में शव रखवाकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

  • क्रिकेट की एक गेंद ने ,छीनी दो जानें दोस्ती निभाने उतरे, और मौत ने घेरा

    क्रिकेट की एक गेंद ने ,छीनी दो जानें दोस्ती निभाने उतरे, और मौत ने घेरा


    देवास । देवास जिले के नेवरी इलाके में एक साधारण सा खेल अचानक ऐसी त्रासदी में बदल गया जिसने पूरे गांव को शोक और सन्नाटे में डुबो दिया खेत के पास बने एक खाली मैदान में बच्चे रोज की तरह क्रिकेट खेल रहे थे हंसी ठिठोली और खेल का उत्साह अपने चरम पर था तभी खेलते खेलते गेंद पास के एक पुराने कुएं में जा गिरी किसी ने नहीं सोचा था कि यही एक छोटी सी घटना दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लेगी

    करीब पंद्रह वर्षीय देवेंद्र सबसे पहले गेंद निकालने के लिए कुएं में उतरा बताया जा रहा है कि कुएं में पानी का स्तर काफी ज्यादा था और फिसलन भी थी जैसे ही वह नीचे पहुंचा उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में डूबने लगा ऊपर खड़े उसके साथियों के बीच अचानक चीख पुकार मच गई इसी बीच अपने दोस्त को बचाने की कोशिश में सोलह वर्षीय राजवीर बिना कुछ सोचे समझे कुएं में कूद पड़ा लेकिन यह बहादुरी दोनों के लिए भारी पड़ गई

    दोनों एक दूसरे को पकड़कर खुद को बचाने की कोशिश करते रहे लेकिन पानी की गहराई और घबराहट ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया कुछ ही पलों में दोनों पानी में समा गए ऊपर खड़े बच्चों की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया काफी मशक्कत के बाद दोनों को कुएं से बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया

    इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है हर तरफ सिर्फ सन्नाटा और मातम का माहौल है सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाली बात यह रही कि देवेंद्र का उसी दिन जन्मदिन था जिस दिन उसकी जिंदगी खत्म हो गई वह अपनी विधवा मां का इकलौता सहारा था पिता के निधन के बाद मां ने बेटे के सहारे ही जिंदगी को थाम रखा था लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था बेटे का शव देखते ही मां का विलाप हर किसी की आंखें नम कर गया

    राजवीर भी अपने परिवार का चहेता था और उसकी अचानक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया दोनों बच्चों की दोस्ती और एक दूसरे के लिए जान जोखिम में डालने की कोशिश अब गांव के हर व्यक्ति के दिल को चुभ रही है

    पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं को देखा जा रहा है पोस्टमार्टम के बाद दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार एक साथ किया जाएगा गांव में हर व्यक्ति इस हादसे को याद कर सहम उठा है और यह सवाल हर किसी के मन में है कि अगर थोड़ी सी सावधानी बरती जाती तो शायद ये दो जिंदगियां बच सकती थीं

    यह हादसा एक कड़वी सीख भी छोड़ गया है कि खुले कुएं और असुरक्षित स्थान बच्चों के लिए कितने खतरनाक हो सकते हैं एक छोटी सी लापरवाही कब बड़ी त्रासदी बन जाए इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है

  • ग्वालियर में सनसनीखेज वारदात, पोते ने दादी का हाथ चबाया; नशे में किया हंगामा

    ग्वालियर में सनसनीखेज वारदात, पोते ने दादी का हाथ चबाया; नशे में किया हंगामा


    नई दिल्ली। ग्वालियर के इंदरगंज थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां शराब के नशे में एक युवक ने अपनी ही 70 वर्षीय दादी पर बर्बर हमला कर दिया। खल्लासीपुरा इलाके में रहने वाली कलावती श्रीवास पर उनके पोते मनीष (22) ने ऐसा हमला किया कि उनका हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया और हड्डी तक नजर आने लगी। यह दिल दहला देने वाली घटना रविवार रात की बताई जा रही है, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।

    चाचा-चाची से शुरू हुआ विवाद, हिंसा में बदला माहौल

    जानकारी के अनुसार, आरोपी मनीष शराब के नशे में घर पहुंचा और किसी बात को लेकर अपने चाचा विनोद और चाची चेतना से झगड़ा करने लगा। विवाद इतना बढ़ गया कि उसने दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। घर का माहौल अचानक हिंसक हो गया और परिवार के लोग घबरा गए।

    बीच-बचाव करने आई दादी बनीं शिकार

    जब घर में झगड़ा बढ़ता देख बुजुर्ग दादी कलावती बीच-बचाव के लिए आगे आईं, तो आरोपी का गुस्सा उन पर टूट पड़ा। मनीष ने दादी के हाथ को दांतों से इस कदर काटा कि मांस तक निकल गया और हड्डी साफ दिखाई देने लगी। घटना की भयावहता ने परिवार के साथ-साथ आसपास के लोगों को भी स्तब्ध कर दिया।

    आरोपी फरार, पुलिस कर रही तलाश

    घटना के बाद घायल दादी और चाची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इंदरगंज थाना प्रभारी दीप्ति सिंह तोमर के मुताबिक, आरोपी घटना के बाद से फरार है और उसकी तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है।

  • अनिका की बीमारी बनी चुनौती, बढ़ते वजन के इलाज के लिए चाहिए 2.40 करोड़

    अनिका की बीमारी बनी चुनौती, बढ़ते वजन के इलाज के लिए चाहिए 2.40 करोड़


    नई दिल्ली। गंभीर बीमारी से जूझ रही मासूम अनिका शर्मा की जिंदगी इन दिनों समय और पैसों के खिलाफ एक कठिन लड़ाई बन गई है। अनिका स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-2 (SMA Type-2) नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है, जिसके इलाज के लिए उसे एक खास इंजेक्शन की जरूरत है, जिसकी कीमत करीब 9 करोड़ रुपए बताई जा रही है। परिवार ने समाज की मदद से अब तक 6 करोड़ 60 लाख रुपए जुटा लिए हैं, लेकिन अभी भी 2 करोड़ 40 लाख रुपए की कमी है। इस बीच अनिका का लगातार बढ़ता वजन माता-पिता की चिंता को और बढ़ा रहा है, क्योंकि यह इंजेक्शन 2 साल की उम्र या 13.5 किलो वजन से पहले लगना बेहद जरूरी है। हाल ही में जांच में अनिका का वजन 10 किलो 930 ग्राम तक पहुंच गया है, जिससे परिवार के सामने समय की चुनौती और गंभीर हो गई है।

    सेलिब्रिटियों तक पहुंचे माता-पिता, हर दरवाजे पर मदद की गुहार

    बेटी की जिंदगी बचाने के लिए अनिका के माता-पिता हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में वे हाल ही में मुंबई पहुंचे, जहां उन्होंने कई नामी हस्तियों से मुलाकात कर मदद की अपील की। इस दौरान वे सोनू सूद, प्रेम चोपड़ा, हिंदुस्तानी भाऊ और हुसैन मंसूरी जैसे लोगों से मिले। कुछ सेलिब्रिटीज ने उनकी अपील के वीडियो भी बनाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक मदद की गुहार पहुंच सके। वहीं, माता-पिता ने अभिनेता सलमान खान से मिलने की भी कोशिश की, लेकिन कई दिनों इंतजार के बावजूद मुलाकात नहीं हो सकी। इसके अलावा वे अलग-अलग जगहों पर कैंप लगाकर भी लोगों से सहयोग मांग रहे हैं।

    हर दिन बढ़ती चुनौती, परिवार के पास ‘आखिरी मौका’

    अनिका की मां सरिता शर्मा के मुताबिक, बच्ची की तबीयत भी इन दिनों ठीक नहीं चल रही है, जिससे चिंता और बढ़ गई है। बढ़ता वजन इलाज की समयसीमा को तेजी से करीब ला रहा है, ऐसे में परिवार के पास यह एक तरह से आखिरी मौका है। डॉक्टरों के अनुसार, तय सीमा के बाद यह महंगा इंजेक्शन असरदार नहीं रहेगा, इसलिए समय रहते इलाज होना बेहद जरूरी है। यही वजह है कि परिवार हर दिन, हर पल पैसे जुटाने की जद्दोजहद में लगा हुआ है।

    पिता की अपील 24 हजार लोग आगे आएं तो बच सकती है बेटी की जान

    अनिका के पिता प्रवीण शर्मा ने भावुक अपील करते हुए कहा कि अगर 24 हजार लोग सिर्फ 1-1 हजार रुपए की मदद कर दें, तो बाकी के 2 करोड़ 40 लाख रुपए आसानी से जुटाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक जो रकम जुटी है, वह आम लोगों के सहयोग से ही संभव हो पाई है। परिवार को उम्मीद है कि आगे भी इसी तरह लोगों का समर्थन मिलता रहा तो उनकी बेटी का इलाज समय पर हो सकेगा। आने वाले दिनों में वे दिल्ली जाकर अनिका की जांच करवाने वाले हैं, ताकि इलाज की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

  • उम्रकैद की सजा काट रहे बंदी का सुसाइड, जेल प्रशासन में हड़कंप

    उम्रकैद की सजा काट रहे बंदी का सुसाइड, जेल प्रशासन में हड़कंप


    नई दिल्ली। राजधानी Bhopal की Bhopal Central Jail में रविवार शाम एक बंदी द्वारा आत्महत्या किए जाने से हड़कंप मच गया। हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा 58 वर्षीय गुड्डू आदिवासी जेल परिसर की गौशाला में पेड़ से लटका मिला।

    गौशाला में काम के दौरान उठाया खौफनाक कदम

    पुलिस के अनुसार, गुड्डू आदिवासी वर्ष 2017 से जेल में बंद था और गौशाला में गौसेवक के रूप में कार्य करता था। रविवार को वह रोज की तरह अन्य बंदियों के साथ काम करने गया था। शाम करीब 5:30 बजे जब वह बाकी बंदियों के साथ लौट रहा था, तब पानी का पंप बंद करने के लिए उसे वापस भेजा गया यही उसका आखिरी पल साबित हुआ।

    प्रहरी ने देखा फंदे पर लटका शव

    काफी देर तक वापस न लौटने पर जेल प्रहरी अंदर गया, जहां गुड्डू पेड़ से रस्सी के सहारे लटका मिला। उसने गायों को बांधने वाली रस्सी से ही फंदा बनाया था। तुरंत जेल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई।

    परिजनों से दूरी और मानसिक तनाव की आशंका

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक से उसके परिजन मिलने नहीं आते थे और वह कभी पैरोल पर भी नहीं गया था। ऐसे में मानसिक तनाव और अकेलेपन को आत्महत्या की वजह माना जा रहा है। वहीं, कुछ सूत्रों के अनुसार जेल अधिकारियों से उसका विवाद भी चल रहा था।

    पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम आज

    Gandhi Medical College की मर्चुरी में शव रखवाया गया है। सोमवार सुबह परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा। Gandhinagar Police Station ने मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    भोपाल सेंट्रल जेल की यह घटना जेल प्रशासन और बंदियों की मानसिक स्थिति पर कई सवाल खड़े करती है। जांच के बाद ही आत्महत्या के पीछे की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।

  • शिवपुरी में रेत माफिया पर प्रहार, शिकायत के बाद टीम ने मौके पर की बड़ी कार्रवाई

    शिवपुरी में रेत माफिया पर प्रहार, शिकायत के बाद टीम ने मौके पर की बड़ी कार्रवाई


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Shivpuri जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर नरवर तहसील के ग्राम अंदौरा में छापेमारी कर अवैध खनन में लगी पनडुब्बी मशीन को मौके पर ही जलाकर नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

    शिकायतों के बाद टीम ने मारा छापा

    ग्राम अंदौरा के नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर एसडीएम अनुराग निंगवाल और तहसीलदार ललित शर्मा के नेतृत्व में राजस्व व प्रशासनिक टीम ने रविवार शाम अचानक दबिश दी। मौके पर पनडुब्बी मशीन के जरिए अवैध उत्खनन करते हुए लोगों को पाया गया।

    मौके पर ही मशीन जब्त कर जलाई गई

    कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने अवैध खनन में उपयोग हो रही पनडुब्बी मशीन को तत्काल जब्त कर आग के हवाले कर दिया। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की सख्ती से अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी और दोषियों में भय पैदा होगा।

    प्रशासन का स्पष्ट संदेश ‘बर्दाश्त नहीं होगा अवैध खनन’

    अधिकारियों ने साफ कहा है कि जिले में किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन सहन नहीं किया जाएगा। इसमें शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

    पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

    गौरतलब है कि इससे पहले करैरा तहसील क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते एक ट्रैक्टर को भी जब्त कर पुलिस के हवाले किया गया था। लगातार हो रही कार्रवाइयों से अवैध खनन माफियाओं पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।

    शिवपुरी में प्रशासन की यह सख्ती साफ संदेश देती है कि अवैध खनन के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। आने वाले दिनों में ऐसी और कार्रवाइयों की संभावना है।

  • एमपी में भीषण गर्मी का प्रकोप, जबलपुर में टूटा रिकॉर्ड, नौगांव में सबसे अधिक 44.3 डिग्री तापमान दर्ज

    एमपी में भीषण गर्मी का प्रकोप, जबलपुर में टूटा रिकॉर्ड, नौगांव में सबसे अधिक 44.3 डिग्री तापमान दर्ज

    भोपाल। मध्य प्रदेश में गर्मी ने तेजी से तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को जबलपुर में तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो अप्रैल महीने में पिछले तीन साल का सबसे अधिक रिकॉर्ड है। वहीं, छतरपुर जिले के नौगांव में पारा 44.3 डिग्री दर्ज किया गया। निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ क्षेत्रों में लू का असर भी देखने को मिला।

    सोमवार को भी जारी रहेगा गर्मी का कहर

    मौसम विभाग (आईएमडी) मुताबिक, सोमवार को भी प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर बना रहेगा। निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, कटनी, उमरिया, जबलपुर, मंडला और छतरपुर जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तापमान 44 डिग्री के पार जा सकता है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर सहित अन्य शहरों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना रहेगा।

    छतरपुर का नौगांव सबसे ज्यादा गर्म

    रविवार को पूरे प्रदेश में गर्मी का असर साफ नजर आया। छतरपुर के नौगांव में सबसे अधिक 44.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जो इस सीजन में पहली बार 44 डिग्री के पार गया। मंडला 43.9 डिग्री के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा खजुराहो में 43.4 डिग्री, दतिया, उमरिया और सतना में 43.1 डिग्री, दमोह में 43 डिग्री, नर्मदापुरम में 42.8 डिग्री, सीधी और सागर में 42.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।

    अन्य शहरों में मलाजखंड 42.5 डिग्री, रीवा 42.4 डिग्री, धार 42.2 डिग्री और टीकमगढ़ व श्योपुर में 42 डिग्री तापमान रहा।

    बड़े शहरों में भी तेज गर्मी

    अगर बड़े शहरों की बात करें, तो जबलपुर में 42.5 डिग्री, ग्वालियर में 42.4 डिग्री, भोपाल में 41.8 डिग्री, इंदौर में 40.6 डिग्री और उज्जैन में 41.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    कुछ इलाकों में बादल, लेकिन राहत नहीं

    रविवार को जहां अधिकतर जिलों में गर्मी रही, वहीं दक्षिणी हिस्सों—खरगोन, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में गरज-चमक के साथ बादल छाए रहे। भोपाल में भी दिनभर बादल बने रहे, लेकिन इससे तापमान में कोई खास राहत नहीं मिली। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से मौसम साफ हो जाएगा और गर्मी का असर और बढ़ेगा।

    मौसम में बदलाव की वजह

    पिछले दो दिनों से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता देखी जा रही है, जिसके कारण बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार, 23 अप्रैल को एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, हालांकि इसका असर मध्य प्रदेश में सीमित रहेगा।

    गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सलाह

    मौसम विभाग ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए एडवायजरी जारी की है। लोगों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। दोपहर के समय धूप में ज्यादा देर तक रहने से बचें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

  • करैरा पर गरमाई राजनीति, विधायक प्रीतम लोधी का SDOP पर तीखा बयान

    करैरा पर गरमाई राजनीति, विधायक प्रीतम लोधी का SDOP पर तीखा बयान


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Shivpuri जिले में एक सड़क हादसे के बाद सियासी और प्रशासनिक टकराव खुलकर सामने आ गया है। पिछोर से भाजपा विधायक Pritam Lodhi ने करैरा के एसडीओपी आयुष जाखड़ पर तीखा हमला बोलते हुए एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए अधिकारियों को “औकात में रहने” की नसीहत दी।

    ‘करैरा तेरे डैडी का नहीं’-वीडियो में भड़के विधायक

    रविवार देर शाम सामने आए वीडियो में Pritam Lodhi अपने बेटे दिनेश लोधी के मामले में कार्रवाई को लेकर नाराज नजर आए। उन्होंने कहा, “करैरा तेरे डैडी का नहीं है। बेटा आएगा भी और चुनाव भी लड़ेगा, दम है तो रोक लेना।”
    उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे कानून के दायरे में काम करें और पक्षपात न करें।

    शिवपुरी में विधायक प्रीतम लोधी ने बेटे के एक्सीडेंट केस में पुलिस कार्रवाई पर SDOP को आड़े हाथों लिया। पुलिस ने नियमों के तहत कार्रवाई बताते हुए आरोपों को खारिज किया।पूरा मामला 16 अप्रैल को हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है, जब विधायक के बेटे दिनेश लोधी की थार गाड़ी ने बाइक सवारों और पैदल चल रही महिलाओं को टक्कर मार दी थी। इस घटना में पांच लोग घायल हुए थे। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर वाहन जब्त किया और बाद में पूछताछ के लिए दिनेश को थाने बुलाया।

    पुलिस की कार्रवाई-चालान और लाइसेंस पर कार्रवाई

    जांच के दौरान पुलिस को वाहन में हूटर और काली फिल्म मिली, जिस पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान किया गया। साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की गई। एसडीओपी ने साफ किया कि पूरी कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और किसी को ठेस पहुंचाने वाली कोई बात नहीं कही गई।

    विधायक के आरोप-‘गरीबों के मामलों में नहीं होती कार्रवाई’

    विधायक लोधी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई सड़क हादसे लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक आदिवासी महिला की मौत के मामले में पुलिस मौके पर तक नहीं पहुंची, क्योंकि वहां “कोई फायदा नहीं था”।

    प्रशासनिक कार्रवाई बनाम राजनीतिक बयानबाजी

    इस पूरे मामले में एक ओर जहां पुलिस अपनी कार्रवाई को नियमसम्मत बता रही है, वहीं विधायक का आरोप है कि उनके बेटे के मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। इस बयानबाजी ने मामले को और तूल दे दिया है।

    शिवपुरी का यह मामला कानून और राजनीति के टकराव की तस्वीर पेश करता है। जहां एक तरफ प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई का दावा कर रहा है, वहीं जनप्रतिनिधि इसे पक्षपातपूर्ण बता रहे हैं। आगे की जांच और कार्रवाई से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • MP: शिवपुरी में पत्नी ने मारा थप्पड़ तो पति ने बेरहमी से पीटा… गला दबाकर उतारा मौत के घाट

    MP: शिवपुरी में पत्नी ने मारा थप्पड़ तो पति ने बेरहमी से पीटा… गला दबाकर उतारा मौत के घाट


    शिवपुरी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी जिले (Shivpuri district) के करैरा (Karaira) में शादी के बाद एक 23 साल की विवाहिता (Married Woman) की उसके ही पति ने पहले मारपीट की और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। घटना के वक्त घर में देवर और देवरानी भी मौजूद थे, जिन्हें पुलिस ने सहआरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के एक 4 साल का बेटा भी है।

    नंदनी साहू की शादी करीब 5 साल पहले टीला रोड निवासी संदीप साहू से हुई थी। बाहर से सामान्य दिखने वाले इस परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोपी पति संदीप साहू अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था ।इसी शक के चलते दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते थे। घटना से दो दिन पहले भी दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि गुस्से में संदीप ने पत्नी का मोबाइल तोड़ दिया था। इस घटना की जानकारी मिलने पर नंदनी के मायके पक्ष के लोग उसे समझाने के लिए ससुराल भी पहुंचे थे, लेकिन हालात नहीं सुधरे।

    दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि नंदनी घर छोड़कर जाने लगी। इसी दौरान संदीप ने उसे रोकने की कोशिश की, जिस पर दोनों के बीच हाथापाई हो गई। बताया जा रहा है कि नंदनी ने गुस्से में पति को थप्पड़ मार दिया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। गुस्से में बेकाबू हुए संदीप साहू ने पहले पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद कमरे में बिस्तर पर उसे दबोचकर गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान घर में देवर और देवरानी भी मौजूद थे।


    चेहरे और गले पर नाखून के निशान

    परिजनों के अनुसार नंदनी के गले और चेहरे पर नाखून के कई निशान मिले हैं, जबकि पीठ पर भी चोट के निशान पाए गए। वहीं आरोपी पति के हाथों पर काटने के निशान थे, जिससे साफ है कि घटना के दौरान दोनों के बीच जोरदार संघर्ष हुआ। घटना के बाद आरोपी संदीप साहू ने खुद नंदनी के भाई मदन साहू को फोन कर हत्या की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां नंदनी का शव कमरे में पलंग पर पड़ा मिला। आरोपी ने परिजनों के सामने भी अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

    घटना के समय घर में मौजूद देवर मोनू साहू और देवरानी रूचि साहू को भी पुलिस ने आरोपी बनाया है। पुलिस का मानना है कि घटना के दौरान उनकी भूमिका संदिग्ध है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल पैनल से कराया है। एसडीओपी आयुष जाखड़ के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है।फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

  • जहरीली गैस बनी काल टैंकर के अंदर काम कर रहे दो मजदूरों की थमी सांसें

    जहरीली गैस बनी काल टैंकर के अंदर काम कर रहे दो मजदूरों की थमी सांसें

    छतरपुर । मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में एक दर्दनाक हादसे ने मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं जहां एक साधारण दिखने वाला काम दो मजदूरों के लिए जानलेवा साबित हो गया। गढ़ीमलेहरा क्षेत्र स्थित एक कारखाने में पानी के टैंकर की पेंटिंग के दौरान दो मजदूरों की दम घुटने से मौके पर ही मौत हो गई जिससे पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल बन गया है।

    जानकारी के अनुसार कारखाने में एक बड़े पानी के टैंकर पर रंगाई पुताई का काम चल रहा था। इसी दौरान मजदूर अरमान और गुलाब अनुरागी टैंकर के अंदर जाकर पेंटिंग कर रहे थे। काम के दौरान अचानक दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते वे बेहोश होकर गिर पड़े। वहां मौजूद अन्य लोगों को पहले समझ ही नहीं आया कि आखिर क्या हुआ लेकिन कुछ ही क्षणों में स्थिति गंभीर हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टैंकर के भीतर पेंटिंग के दौरान जहरीली गैस और केमिकल की गंध तेजी से फैल गई थी जिससे मजदूरों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। बंद जगह होने के कारण उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका और दम घुटने से उनकी हालत बिगड़ती चली गई। घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई और कारखाने के अन्य कर्मचारियों ने तुरंत दोनों को बाहर निकालने की कोशिश की।

    कारखाने के मालिक द्वारा तत्काल दोनों मजदूरों को अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर डॉक्टरों ने मौत की वजह दम घुटना बताया है हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। दोनों शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

    यह हादसा औद्योगिक कार्यस्थलों पर सुरक्षा उपायों की अनदेखी की गंभीर तस्वीर पेश करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बंद टैंकर या सीमित स्थानों में काम करते समय पर्याप्त वेंटिलेशन और सुरक्षा उपकरणों का होना बेहद जरूरी है लेकिन अक्सर इन नियमों की अनदेखी की जाती है जो इस तरह की घटनाओं को जन्म देती है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित सुरक्षा इंतजाम किए जाते तो शायद इन मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी। यह घटना एक चेतावनी है कि काम के दौरान लापरवाही और सुरक्षा की अनदेखी किस तरह घातक साबित हो सकती है।