Category: Madhya Pradesh

  • जब्त टैंकर से तेल उड़ गया हनुमना थाने की थ्योरी पर बवाल थाना प्रभारी पर आरोप

    जब्त टैंकर से तेल उड़ गया हनुमना थाने की थ्योरी पर बवाल थाना प्रभारी पर आरोप


    मऊगंज ।
    मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस व्यवस्था और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हनुमना थाना क्षेत्र के पिपराही चौकी में जब्त किया गया करीब दो हजार लीटर डीजल रहस्यमय तरीके से गायब हो गया और सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस का दावा है कि यह डीजल बंद टैंकर के भीतर से ही ‘उड़ गया’। यह घटना अब चर्चा और विवाद का केंद्र बन चुकी है।

    जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 में मऊगंज निवासी सुमित कुमार गुप्ता की पिकअप वाहन को पुलिस ने अवैध डीजल परिवहन के आरोप में जब्त किया था। वाहन में लगभग दो हजार लीटर डीजल भरा हुआ था। मामले को कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जहां लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद सुमित गुप्ता ने एक लाख इक्यासी हजार छह सौ तीस रुपये का जुर्माना जमा किया। उसे उम्मीद थी कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसकी गाड़ी और जब्त किया गया डीजल उसे वापस मिल जाएगा।

    लेकिन जब सुमित गुप्ता पिपराही चौकी पहुंचा तो उसके सामने एक चौंकाने वाली स्थिति आई। टैंकर बाहर से बंद था ताला भी सही सलामत था लेकिन अंदर से पूरा डीजल गायब था। टैंकर में एक बूंद तक नहीं बची थी। इस पर जब उसने पुलिस से जवाब मांगा तो कथित तौर पर उसे बताया गया कि डीजल ‘उड़ गया’। यह जवाब सुनकर पीड़ित ही नहीं बल्कि हर सुनने वाला हैरान है कि आखिर बंद टैंकर से इतनी बड़ी मात्रा में डीजल कैसे गायब हो सकता है।

    इस मामले में अब संदेह की सुई हनुमना थाना प्रभारी अनिल काकड़े की ओर घूम रही है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि उनके कार्यकाल के दौरान कई मामलों में विवाद सामने आ चुके हैं। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि संदिग्ध परिस्थितियों में मामलों का निपटारा किया जाता है और प्रभावशाली लोगों का संरक्षण उन्हें प्राप्त है हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    पीड़ित सुमित गुप्ता का कहना है कि वह पहले ही आर्थिक नुकसान झेल चुका है और अब उसे न्याय मिलने की उम्मीद भी कम होती जा रही है। उसका आरोप है कि उससे शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है जिससे पूरे मामले पर और भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

    यह घटना केवल एक व्यक्ति के नुकसान तक सीमित नहीं है बल्कि यह पुलिस की जिम्मेदारी और पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्न उठाती है। जब जब्त की गई संपत्ति सुरक्षित नहीं रह पा रही है तो आम जनता के मन में अविश्वास पैदा होना स्वाभाविक है।

    अब निगाहें जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में किस तरह की जांच करते हैं और क्या दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं। यह मामला साफ तौर पर बताता है कि जवाबदेही और पारदर्शिता के बिना व्यवस्था पर भरोसा कायम रखना मुश्किल होता जा रहा है।

  • रफ्तार बनी काल मऊगंज में बाइक रेस का खतरनाक अंत ट्रक से टकराकर तीन युवकों की मौत

    रफ्तार बनी काल मऊगंज में बाइक रेस का खतरनाक अंत ट्रक से टकराकर तीन युवकों की मौत


    मऊगंज । मध्यप्रदेश के मऊगंज में 14 अप्रैल को हुआ दर्दनाक सड़क हादसा अब एक नए पहलू के साथ सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे का एक लाइव वीडियो सामने आया है जो न केवल दिल दहला देने वाला है बल्कि रफ्तार और लापरवाही के खतरनाक अंजाम को भी साफ तौर पर दिखाता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे देखने वाला हर व्यक्ति सिहर उठ रहा है।

    घटना नेशनल हाईवे 135 पर पथरिहा मोड़ के पास की है जहां पांच दोस्त दो बाइकों पर सवार होकर तेज रफ्तार में एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगे हुए थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक सड़क पर स्टंट करते हुए एक दूसरे को ओवरटेक कर रहे थे और इस पूरे घटनाक्रम को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड भी कर रहे थे। उस समय शायद उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह रोमांच कुछ ही सेकंड में मौत के तांडव में बदल जाएगा।

    कुछ ही पलों बाद कैमरे में एक भयावह टक्कर कैद हो जाती है जिसमें सामने खड़े ईंटों से लदे ट्रेलर से उनकी सीधी भिड़ंत हो जाती है। रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि युवकों को संभलने या ब्रेक लगाने का मौका तक नहीं मिला। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान उपलक्ष कोल अमरीश कोल और हेमराज कोल के रूप में हुई है जो आपस में सगे भाई थे। एक ही परिवार के तीन बेटों की मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।

    इस हादसे में दूसरी बाइक पर सवार प्रशांत और प्रदीप द्विवेदी गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि पीछे बैठा युवक पूरी रेसिंग को रिकॉर्ड कर रहा था जो अब इस हादसे का सबसे बड़ा सबूत बन गया है।

    हादसे का  अब केवल एक वायरल क्लिप नहीं बल्कि समाज के लिए चेतावनी बनकर सामने आया है। यह दिखाता है कि सड़क पर स्टंटबाजी और तेज रफ्तार का जुनून किस तरह कुछ ही सेकंड में जिंदगियों को खत्म कर सकता है। जिस उत्साह और रोमांच के साथ यह युवक रेस कर रहे थे वही उनके लिए काल बन गया।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना ने उन्हें अंदर तक हिला दिया है और आज  सामने आया है तो पुराने जख्म फिर से ताजा हो गए हैं। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में गहरा मातम पसरा हुआ है।

    यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब युवा सड़क सुरक्षा नियमों को गंभीरता से लेंगे। यह वीडियो एक सख्त संदेश देता है कि रफ्तार कोई खेल नहीं बल्कि जानलेवा खतरा है। जरूरत इस बात की है कि युवाओं को समय रहते जागरूक किया जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

  • एमपी में नारी शक्ति वंदन पर सियासी घमासान कल से पदयात्रा विधानसभा में निंदा प्रस्ताव की तैयारी

    एमपी में नारी शक्ति वंदन पर सियासी घमासान कल से पदयात्रा विधानसभा में निंदा प्रस्ताव की तैयारी


    भोपाल । भोपाल में नारी शक्ति वंदन को लेकर मध्यप्रदेश की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है जहां सत्ताधारी दल ने इस मुद्दे पर बड़ा जनआंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। प्रदेश बीजेपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने विपक्ष पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इसे लेकर प्रदेशभर में व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में कल से नारी शक्ति वंदन पदयात्रा शुरू की जाएगी जो गांव गांव और शहर शहर तक पहुंचेगी। इसके साथ ही विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की भी तैयारी है। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि समाज की आधी आबादी के सम्मान से जुड़ा विषय है और इसे लेकर जनता के बीच जाकर सच्चाई रखी जाएगी।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सदन में जो व्यवहार देखने को मिला वह निंदनीय है और इससे महिलाओं के प्रति उनकी सोच उजागर होती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के हर प्रयास का विरोध करना एक तरह की अलगाववादी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने अवसरवादिता दिखाते हुए अपने रुख बदल लिए और महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर भी राजनीति की।

    इस मुद्दे को लेकर प्रदेश में बड़े स्तर पर जनजागरण अभियान चलाने की रणनीति बनाई गई है। नेताओं ने बताया कि केवल पदयात्रा ही नहीं बल्कि नगर निगम से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक विरोध और निंदा प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इसके जरिए जनता को यह बताया जाएगा कि कौन महिला सशक्तिकरण के पक्ष में है और कौन इसके खिलाफ खड़ा है।

    प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण विषय है लेकिन विपक्ष ने इसे गंभीरता से लेने के बजाय राजनीतिक अवसर के रूप में देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके नेताओं ने इस मुद्दे पर जिस तरह का रुख अपनाया वह महिलाओं के प्रति उनकी सोच को दर्शाता है।

    उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े ऐसे विषय पर जश्न मनाना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। पार्टी इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह गंभीर है और हर स्तर पर इसका विरोध दर्ज कराएगी।

    नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेशभर में आक्रोश रैलियां आयोजित की जाएंगी और व्यापक स्तर पर लोगों को इस मुद्दे से जोड़ा जाएगा। पंचायत स्तर तक आंदोलन को ले जाने की योजना बनाई गई है ताकि हर वर्ग तक यह संदेश पहुंचे कि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए सरकार और संगठन पूरी मजबूती से खड़े हैं।

    कुल मिलाकर नारी शक्ति वंदन का मुद्दा अब मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बड़ा जनआंदोलन बनने की ओर बढ़ रहा है जिसमें सियासी बयानबाजी के साथ साथ जमीनी स्तर पर भी सक्रियता देखने को मिलेगी।

  • भोपाल में दर्दनाक हादसा एलपीजी टैंकर दीवार तोड़कर घर में घुसा मासूम की मौत परिवार घायल

    भोपाल में दर्दनाक हादसा एलपीजी टैंकर दीवार तोड़कर घर में घुसा मासूम की मौत परिवार घायल


    भोपाल ।
    राजधानी के छोला मंदिर क्षेत्र में शनिवार देर रात एक भयावह सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया जब एक एलपीजी टैंकर अनियंत्रित होकर रिहायशी इलाके में घुस गया और दीवार तोड़ते हुए सीधे एक घर के अंदर जा घुसा। यह हादसा रात लगभग दो बजकर बीस मिनट पर हुआ जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे और अचानक हुए तेज धमाके ने पूरे मोहल्ले में अफरा तफरी मचा दी।

    हादसे के दौरान घर में सो रही सात वर्षीय मासूम बच्ची खुशी गेहार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। टैंकर के पहिये और मलबे के बीच वह करीब एक घंटे तक फंसी रही जिसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से उसका शव बाहर निकाला जा सका। इस हृदयविदारक घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।

    हादसे में बच्ची के पिता मोनू गेहार मां मनीषा गेहार और भाई आरुष सहित कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और लगातार निगरानी में रखा गया है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एलपीजी टैंकर तेज रफ्तार में था और चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा जिसके बाद वह सीधे रिहायशी बस्ती की ओर बढ़ गया और घर की दीवार तोड़ते हुए अंदर घुस गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आसपास के दो अन्य मकानों को भी नुकसान पहुंचा है जिससे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बन गया।

    घटना के बाद मौके पर भारी अफरा तफरी मच गई। स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलते ही छोला मंदिर और निशातपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस ने टैंकर को कब्जे में ले लिया है जबकि चालक घटना के बाद फरार बताया जा रहा है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार वाहन की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा मानवीय लापरवाही का परिणाम था या फिर किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ। वहीं प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।

    स्थानीय लोगों ने इस हादसे के बाद प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग भी की जा रही है।

    एसीपी अक्षय चौधरी ने बताया कि हादसे में बच्ची खुशी गेहार की मौत हुई है जबकि चार लोग घायल हैं और सभी का इलाज जारी है। उन्होंने कहा कि आरोपी चालक की तलाश की जा रही है और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    यह हादसा एक बार फिर शहर में भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

  • उज्जैन में प्रसव दिवस बना प्रेरणा का उत्सव, गुरुजी ने नवजातों को दिया आशीर्वाद

    उज्जैन में प्रसव दिवस बना प्रेरणा का उत्सव, गुरुजी ने नवजातों को दिया आशीर्वाद


    उज्जैन । उज्जैन में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर इस वर्ष एक विशेष और भावनात्मक आयोजन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया जहां चरक अस्पताल में प्रसव दिवस के रूप में एक अनोखी पहल की गई। यह आयोजन कृष्णा मिश्रा जिन्हें लोग श्रद्धा से गुरुजी कहते हैं उनके नेतृत्व में लगातार छठे वर्ष आयोजित किया गया जिसमें नवजात शिशुओं और माताओं के सम्मान को केंद्र में रखा गया।

    कार्यक्रम के दौरान अस्पताल में जन्मे नवजात शिशुओं का पारंपरिक और भावनात्मक तरीके से स्वागत किया गया। कृष्णा मिश्रा ने नवजातों के चरण स्पर्श कर उन्हें आशीर्वाद दिया और उनके परिजनों से मुलाकात कर खुशी साझा की। पूरे माहौल में एक आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली जहां हर नवजात को जीवन के नए सफर के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

    इस अवसर पर प्रसव के बाद अस्पताल में भर्ती माताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्हें बेबी किट वितरित किए गए जिनमें नवजात शिशु की आवश्यक देखभाल से जुड़ी सामग्री शामिल थी। साथ ही माताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें पोषण के लिए ड्राई फ्रूट लड्डू भी प्रदान किए गए जिससे उनके स्वास्थ्य लाभ में सहायता मिल सके।

    यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था बल्कि इसमें सेवा और समाजसेवा की गहरी भावना झलकती रही। कार्यक्रम का उद्देश्य नवजात जीवन के महत्व को समाज में सम्मान दिलाना और मातृत्व को विशेष पहचान देना था। आयोजन में उपस्थित सभी लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

    कार्यक्रम में चरक अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ कल्पना पवार और उनकी टीम ने गुरुजी का स्वागत किया और आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। अस्पताल के स्टाफ ने भी पूरी तत्परता से कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    कृष्णा मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि नवजात शिशु केवल परिवार की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी होते हैं और उनका सम्मान करना समाज की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से परंपरा और सेवा भावना को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जाए।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे जिनमें भारती मंडलोई तृप्ति बजाज राकेश बजाज राजेश पंडित पिंकू यादव और नितेश पटेल सहित अन्य लोग शामिल थे। सभी ने इस पहल को समाज के लिए उपयोगी और प्रेरक बताया।

    अक्षय तृतीया के इस अवसर पर आयोजित प्रसव दिवस ने न केवल नवजीवन का स्वागत किया बल्कि सेवा और मानवता की भावना को भी एक नई दिशा दी जिससे यह आयोजन उज्जैन में चर्चा का विषय बन गया।

  • तेज रफ्तार ने ली चार जिंदगियां ,अनूपपुर में ट्रैक्टर गड्ढे में पलटा ,बड़ा हादसा

    तेज रफ्तार ने ली चार जिंदगियां ,अनूपपुर में ट्रैक्टर गड्ढे में पलटा ,बड़ा हादसा


    अनूपपुर । अनूपपुर जिले में रविवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया जब एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरे गड्ढे में जा पलटा। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर के इंजन और ट्रॉली के बीच दबकर चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई और ग्रामीण बड़ी संख्या में वहां एकत्र हो गए।

    जानकारी के अनुसार यह हादसा करन पठार थाना क्षेत्र के अंतर्गत ठाड़ पाथर गांव के पास हुआ। डिंडौरी जिले के भीमकुंडी गांव से चार दोस्त सुबह लगभग साढ़े पांच बजे ट्रैक्टर लेकर अनूपपुर के पौनी गांव गिट्टी लेने के लिए निकले थे। ट्रैक्टर में ट्रॉली खाली थी और सभी युवक रोजमर्रा के काम के लिए निर्माण सामग्री लेने जा रहे थे।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही ट्रैक्टर ठाड़ पाथर गांव के पास एक मोड़ पर पहुंचा वहां सड़क का संतुलन बिगड़ गया और तेज रफ्तार के कारण वाहन अचानक नीचे उतर गया। देखते ही देखते ट्रैक्टर गहरे गड्ढे में पलट गया और उसमें सवार सभी युवक भारी मशीनरी के नीचे दब गए। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।

    ग्रामीणों ने अपनी ओर से ट्रैक्टर को हटाने की कोशिश की लेकिन भारी वजन और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर करन पठार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद सुबह साढ़े छह बजे चारों शवों को ट्रैक्टर के नीचे से बाहर निकाला जा सका।

    हादसे में जान गंवाने वालों में अंकुश उइके उम्र चौबीस वर्ष जो ट्रैक्टर का चालक और मालिक था शामिल है। इसके अलावा ब्रजेश पेंदो उम्र अठारह वर्ष रवींद्र कुमार गोयल उम्र अठारह वर्ष और प्रकाश मार्को उम्र सत्रह वर्ष भी इस दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए। सभी मृतक डिंडौरी जिले के भीमकुंडी गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।

    घटना की जानकारी जैसे ही मृतकों के गांव भीमकुंडी पहुंची पूरे गांव में कोहराम मच गया। एक साथ चार युवकों की मौत से गांव में मातम का माहौल छा गया और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि सभी युवक मेहनतकश थे और रोजाना काम के लिए आसपास के क्षेत्रों में जाते थे।

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और मोड़ पर नियंत्रण खोना माना जा रहा है हालांकि पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है ताकि वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके।

    यह हादसा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और ग्रामीण मार्गों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ऐसे खतरनाक मोड़ों पर सुरक्षा उपाय किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

  • बारात में रास्ते को लेकर बड़ा बवाल ,शाजापुर में दो पक्ष भिड़े छह घायल ,पांच थानों का पुलिस बल तैनात

    बारात में रास्ते को लेकर बड़ा बवाल ,शाजापुर में दो पक्ष भिड़े छह घायल ,पांच थानों का पुलिस बल तैनात


    शाजापुर । शाजापुर जिले के बेरछा क्षेत्र में शनिवार रात एक बारात के दौरान उपजा मामूली सा विवाद देखते ही देखते बड़े हिंसक टकराव में बदल गया। घटना रात लगभग नौ से दस बजे के बीच की बताई जा रही है जब बेरछा बायपास स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के पास से हिंदू समाज की बारात गुजर रही थी। इसी दौरान रास्ते से एक ट्रक निकालने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई जो धीरे धीरे उग्र हो गई और मारपीट में तब्दील हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने सामने आ गए और लाठी डंडों के साथ हमला शुरू हो गया। इस घटना में छह बाराती घायल हो गए जिन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए।

    फरियादी रवि समोरा उम्र बत्तीस वर्ष निवासी बेरछा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि ट्रक चालक शाहरूख शेख ने पहले बारात के लोगों से गाली गलौज की और कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। इसके बाद वह कुछ अन्य लोगों को साथ लेकर वापस आया और बारातियों पर हमला कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान सूरज भिलाला पर चाकू से वार किया गया जबकि राजू मिस्त्री द्वारा अरिहंत जैन पर हमला किया गया जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ गई।

    घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है जिनमें शाहरूख शेख, फखरूद्दीन का बेटा, वसीम पिता हनीफ खां, पप्पू पिता शरीफ खां, राजू पिता नसीरूद्दीन, इकरार पिता अकरम खां, अनिश पिता हन्नु पटेल, सद्दाम मंसूरी और ताजउद्दीन पिता अकबर खां शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार इनमें से चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और सुरक्षा कारणों से उन्हें अन्य थाने में रखा गया है।

    एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय ने बताया कि यह विवाद वाहन को रास्ता देने को लेकर शुरू हुआ था जिसमें एक वाहन मुस्लिम समाज के चालक द्वारा चलाया जा रहा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बढ़ा और बाद में मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस के अनुसार घायल पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है।

    घटना के बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तुरंत भारी पुलिस बल तैनात किया। सुंदरसी, सलसलाई, सुनेरा, अकोदिया और शाजापुर थानों से अतिरिक्त बल बुलाया गया जिससे पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। रात करीब एक बजे एसडीएम मनीषा वास्कले और नायब तहसीलदार गौरव पोरवाल भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

    विवाद के बाद थाने पर भी भारी भीड़ जमा हो गई जहां प्रदर्शन और नारेबाजी की स्थिति बन गई। कुछ लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए तीखी टिप्पणी की और कार्रवाई की मांग की। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

    थाने में देर रात तक हंगामे और बहस का माहौल बना रहा। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के जुलूस की मांग की जिसे लेकर अधिकारियों और भीड़ के बीच कई बार तीखी बहस भी हुई। बाद में पुलिस अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका और लोग शांत होकर वापस लौटे।

  • सीएम मोहन यादव का उज्जैन दौरा: सड़क लोकार्पण से लेकर सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी

    सीएम मोहन यादव का उज्जैन दौरा: सड़क लोकार्पण से लेकर सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav रविवार को Ujjain के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे शहर में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगे और विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे।

    हेलीपेड परिसर में नए गेस्ट हाउस का लोकार्पण

    मुख्यमंत्री सबसे पहले पुलिस लाइन स्थित हेलीपेड परिसर पहुंचेंगे, जहां अतिथियों की सुविधा के लिए बनाए गए नवीन गेस्ट हाउस का लोकार्पण करेंगे। इससे पहले इस परिसर में स्थायी बैठने और ठहरने की व्यवस्था नहीं थी, जिसे अब बेहतर बनाया गया है।

    Akshaya Tritiya पर सामूहिक विवाह-निकाह समारोह

    इसके बाद मुख्यमंत्री कार्तिक मेला ग्राउंड पहुंचेंगे, जहां Akshaya Tritiya के अवसर पर आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह समारोह में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में कुल 112 जोड़ों (100 विवाह और 12 निकाह) का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक जोड़े को 49 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

    ‘जीरो वेस्ट इवेंट’ के रूप में आयोजन

    नगर निगम द्वारा इस कार्यक्रम को पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ‘जीरो वेस्ट इवेंट’ के रूप में आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे और आयोजन की सराहना भी करेंगे।

    देवास रोड पर नई सड़क का लोकार्पण

    शाम 5 बजे मुख्यमंत्री देवास रोड पर कोठी रोड से विक्रम नगर तक बनी नई कनेक्टिविटी सड़क का लोकार्पण करेंगे। करीब 2100 मीटर लंबी और 18 से 24 मीटर चौड़ी इस सड़क के निर्माण पर लगभग 18 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। मार्ग पर डिवाइडर, पाथवे और आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था की गई है।

    प्रशासन ने पूरी की तैयारियां

    मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने सभी जरूरी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सकें।

    यह दौरा उज्जैन में विकास कार्यों को गति देने और सामाजिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

  • आगर मालवा में खतरनाक रिफाइनरी का खुलासा, जहरीले रसायनों से चल रहा था गुप्त कारोबार

    आगर मालवा में खतरनाक रिफाइनरी का खुलासा, जहरीले रसायनों से चल रहा था गुप्त कारोबार


    आगर मालवा । आगर मालवा जिले के खिरनी तकिया क्षेत्र में फैली लगातार तेज और असहनीय दुर्गन्ध ने आखिरकार एक बड़े अवैध कारोबार का पर्दाफाश कर दिया। यह मामला शहर के मस्जिद गली स्थित एक मकान से जुड़ा है जहां गुप्त रूप से बिना किसी लाइसेंस के चांदी रिफाइनिंग का काम लंबे समय से चल रहा था। स्थानीय लोगों ने कई दिनों से इलाके में फैल रही बदबू और स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर की शिकायतें की थीं जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।

    कोतवाली पुलिस को मिली सूचना के आधार पर जब टीम ने संबंधित मकान पर छापा मारा तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। मकान के पीछे बने एक बड़े हाल में चांदी गलाने की पूरी अवैध फैक्ट्री संचालित हो रही थी। वहां भारी मात्रा में खतरनाक रसायन और आधुनिक मशीनरी मौजूद थी जिनका उपयोग चांदी के शुद्धिकरण और गलाने के लिए किया जा रहा था।

    पुलिस जांच में सामने आया कि इस अवैध यूनिट में नाइट्रिक एसिड हाइड्रोक्लोरिक एसिड और सल्फ्यूरिक एसिड जैसे अत्यंत खतरनाक रसायनों का उपयोग किया जा रहा था। इसके अलावा कास्टिक सोडा यूरिया और विभिन्न प्रकार के औद्योगिक पाउडर भी बड़ी मात्रा में पाए गए। मौके से गैस भट्टियां तराजू धातु के सांचे और गैस सिलेंडर भी बरामद किए गए जो इस अवैध कारोबार को संचालित करने में इस्तेमाल हो रहे थे।

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने लगभग 1500 लीटर खतरनाक रसायन जब्त किए और पूरी यूनिट को सील कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि रासायनिक अपशिष्ट को सीधे नालियों में बहाया जा रहा था जिससे इलाके में प्रदूषण फैल रहा था और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा था।

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मोहम्मद आबिद उम्र 30 वर्ष और उसके पिता मोजुद्दीन उम्र 50 वर्ष को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने बिना किसी वैध अनुमति के चांदी रिफाइनिंग का काम करने की बात स्वीकार की है। अधिकारियों के अनुसार यह पूरा संचालन पूरी तरह गैरकानूनी था और पर्यावरण सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन किया जा रहा था।

    फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध कारोबार का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें और कौन कौन लोग शामिल हो सकते हैं। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है और पुलिस की तत्परता की सराहना की जा रही है।

  • जबलपुर अपार्टमेंट में गुंडों का उत्पात, मारपीट-गाली से दहशत में रहवासी

    जबलपुर अपार्टमेंट में गुंडों का उत्पात, मारपीट-गाली से दहशत में रहवासी


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Jabalpur के गोरखपुर थाना क्षेत्र स्थित नर्मदा एवेन्यू अपार्टमेंट में बदमाशों के आतंक से रहवासी खौफ में हैं। अपार्टमेंट में रहने वाले 50 से अधिक परिवारों ने एसपी और एएसपी से शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। रहवासियों ने आरोपियों के खिलाफ सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपे हैं।

    अपार्टमेंट में घुसकर गाली-गलौज और मारपीट

    रहवासियों के मुताबिक, गोरखपुर निवासी शैवाल नायक उर्फ बमबम अपने साथियों के साथ देर रात अपार्टमेंट में घुस आता है और गाली-गलौज करता है। विरोध करने पर सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की जाती है। 9 अप्रैल की रात करीब 11:10 बजे आरोपी नशे की हालत में परिसर में घुसा और हंगामा शुरू कर दिया।

    महिलाओं और बच्चों के सामने अभद्रता

    घटना के दौरान महिलाएं और बच्चे भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि बदमाशों ने उनके सामने भी अभद्र व्यवहार किया, जिससे पूरे परिसर में दहशत फैल गई। करीब 15 मिनट तक गार्ड संजय झारिया—जो आंशिक रूप से दिव्यांग हैं के साथ मारपीट होती रही। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

    डायल 112 पर सूचना, लेकिन देर से पहुंची पुलिस

    स्थानीय लोगों ने रात 11:16 बजे डायल 112 पर सूचना दी, लेकिन पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो गए। इस देरी को लेकर भी रहवासियों में नाराजगी है।

    पहले भी हो चुकी हैं कई घटनाएं

    रहवासियों का कहना है कि 15 जनवरी से 10 अप्रैल के बीच इस तरह की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। इसकी शिकायत गोरखपुर थाने, एसपी कार्यालय और नगर निगम में भी की गई, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    डर का माहौल, कुछ परिवार छोड़ रहे फ्लैट

    लगातार हो रही घटनाओं से अपार्टमेंट में भय का माहौल बन गया है। कई परिवारों ने फ्लैट खाली करने की तैयारी शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

    Pallavi Shukla का आश्वासन-जांच कर होगी सख्त कार्रवाई

    एएसपी Pallavi Shukla ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मिल चुकी है। वे खुद मौके पर जाकर जांच करेंगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    यह मामला शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अपार्टमेंट जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थानों में इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं।