Category: Madhya Pradesh

  • शिवपुरी में दर्दनाक हादसा: सेंटरिंग से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली खाई में पलटी, युवक की मौत

    शिवपुरी में दर्दनाक हादसा: सेंटरिंग से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली खाई में पलटी, युवक की मौत


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Shivpuri जिले के इंदार थाना क्षेत्र में शनिवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। इंदार गांव के बाहर पुलिया के पास सेंटरिंग सामग्री से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि ट्रॉली के नीचे दबने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

    ग्रामीणों और पुलिस ने चलाया रेस्क्यू, तब तक हो चुकी थी मौत

    घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद ट्रॉली के नीचे दबे युवक को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    मकान की छत के लिए ला रहा था सेंटरिंग का सामान

    मृतक की पहचान खरेह गांव निवासी 33 वर्षीय कृष्णवीर लोधी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वह अपने जीजा के यहां ईसागढ़ से मकान की छत डालने के लिए सेंटरिंग का सामान लेकर लौट रहा था। उसके जीजा सेंटरिंग का काम करते हैं। इसी दौरान पुलिया के पास ट्रॉली अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी।

    पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच

    Madhya Pradesh Police की इंदार थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण वाहन का संतुलन बिगड़ना माना जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग के खतरे की ओर इशारा करता है। थोड़ी सी लापरवाही या तकनीकी खामी भी जानलेवा साबित हो सकती है।

  • अंडरग्राउंड भोपाल मेट्रो का बड़ा कदम दुर्गावती ने बनाई 10 मीटर सुरंग दूसरी मशीन भी तैयार

    अंडरग्राउंड भोपाल मेट्रो का बड़ा कदम दुर्गावती ने बनाई 10 मीटर सुरंग दूसरी मशीन भी तैयार


    भोपाल । भोपाल मेट्रो परियोजना अब जमीन के नीचे नए चरण में प्रवेश कर चुकी है जहां अत्याधुनिक तकनीक के साथ सुरंग निर्माण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है टनल बोरिंग मशीन दुर्गावती ने 24 मीटर की गहराई में उतरने के बाद 10 मीटर से अधिक सुरंग तैयार कर ली है जिसमें 7 मीटर अस्थायी और 3 दशमलव 3 मीटर स्थायी संरचना शामिल है इस उपलब्धि के साथ ही परियोजना को नई गति मिली है और अब दूसरी टीबीएम को भी जमीन के भीतर उतारने की तैयारी की जा रही है जिससे दोनों दिशाओं से खुदाई का काम एक साथ शुरू हो सकेगा

    इस परियोजना के तहत कुल 3 दशमलव 39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड सुरंग का निर्माण किया जाना है जिसमें दो प्रमुख स्टेशन भी विकसित किए जाएंगे मेट्रो अधिकारियों के अनुसार अगले दो वर्षों में इस अंडरग्राउंड कॉरिडोर को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है गहराई में सुरंग निर्माण का सबसे बड़ा फायदा यह है कि सतह पर कंपन बेहद कम महसूस होता है जिससे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी बिना बाधा के काम संभव हो पाता है पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्नत मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए सुरक्षा और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है

    प्रदेश में पहली बार दो टनल बोरिंग मशीनों का एक साथ उपयोग किया जा रहा है जो इस परियोजना को तकनीकी दृष्टि से खास बनाता है यह सुरंग ऐशबाग से सिंधी कॉलोनी के बीच बनाई जा रही है जो भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे अहम क्षेत्रों को जोड़ेगी टीबीएम तकनीक को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह संवेदनशील और घनी शहरी आबादी के नीचे भी सटीकता और सुरक्षा के साथ कार्य कर सके

    भोपाल नगर निगम लोक निर्माण विभाग रेलवे पुलिस प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से यह प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है शहर में एम्स से करोंद चौराहे तक ऑरेंज लाइन पर काम जारी है जिसमें सुभाषनगर से एम्स तक 6 किलोमीटर लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर पहले से संचालित हो रहा है अब सुभाषनगर से करोंद के बीच दूसरे चरण में अंडरग्राउंड सेक्शन तैयार किया जा रहा है जहां टीबीएम को रेड सी प्लाजा के पास से आगे बढ़ाया गया है

    इस अंडरग्राउंड कॉरिडोर में भोपाल और नादरा नाम के दो स्टेशन बनाए जाएंगे जिनकी लंबाई करीब 180 मीटर होगी सुरंग निर्माण पूरा होने के बाद नादरा स्टेशन के आगे 143 मीटर लंबे स्लोप के जरिए मेट्रो फिर से जमीन के ऊपर आएगी इन स्टेशनों को तीन स्तरों में विकसित किया जाएगा जहां ग्राउंड लेवल पर प्रवेश और निकास के साथ टिकट काउंटर और दुकानें होंगी कॉनकोर्स लेवल पर टिकटिंग ऑटोमेटिक गेट और प्रतीक्षालय की सुविधा मिलेगी जबकि प्लेटफॉर्म लेवल पर यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रेन प्लेटफॉर्म तैयार किए जाएंगे इस तरह भोपाल मेट्रो परियोजना न केवल शहर के यातायात को नई दिशा दे रही है बल्कि आधुनिक तकनीक और सटीक योजना के साथ भविष्य के शहरी विकास की मजबूत नींव भी रख रही है

  • फलदान में हर्ष फायरिंग पड़ी भारी, दूल्हे पर केस दर्ज; बारात पर मंडराया संकट

    फलदान में हर्ष फायरिंग पड़ी भारी, दूल्हे पर केस दर्ज; बारात पर मंडराया संकट


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कड़ेसरा गांव में शादी से पहले आयोजित फलदान कार्यक्रम में हर्ष फायरिंग करना एक युवक को भारी पड़ गया। डीजे पर डांस के दौरान युवक ने बंदूक से हवाई फायर किए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही पुलिस हरकत में आई और दूल्हे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।

    दूल्हे ने किए दो फायर, जश्न बना कानूनी झंझट

    जानकारी के अनुसार, कड़ेसरा गांव निवासी ममलेश यादव ने 17 अप्रैल को अपने घर पर फलदान कार्यक्रम रखा था। इसी दौरान उन्होंने उत्साह में आकर डांस करते हुए बंदूक से एक के बाद एक दो फायर कर दिए। वहां मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।

    मां के नाम लाइसेंसी बंदूक, फिर भी कार्रवाई

    बताया जा रहा है कि जिस बंदूक से फायरिंग की गई, वह आरोपी की मां सुमत यादव के नाम पर लाइसेंसी है। बावजूद इसके, नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। हर्ष फायरिंग को कानूनन अपराध माना जाता है, चाहे हथियार लाइसेंसी ही क्यों न हो।

    बारात से पहले दूल्हे पर केस, बढ़ी परेशानी

    मामले की खास बात यह है कि युवक की बारात 19 अप्रैल को निकलनी तय है। ऐसे में शादी से ठीक पहले हुई इस कानूनी कार्रवाई ने पूरे परिवार की चिंता बढ़ा दी है। खुशियों का माहौल अब तनाव में बदल गया है।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला, गिरफ्तारी की तैयारी

    तेंदुआ थाना प्रभारी नीतू सिंह धाकड़ ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपी ममलेश यादव के खिलाफ अपराध क्रमांक 58/26 के तहत बीएनएस की धारा 110 में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब शस्त्र जब्त करने और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।

    यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि जश्न के नाम पर की गई छोटी सी लापरवाही भी बड़ी कानूनी परेशानी में बदल सकती है। प्रशासन लगातार हर्ष फायरिंग के खिलाफ सख्ती बरत रहा है, लेकिन इसके बावजूद ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।

  • आखिरी 100 मीटर बना जिंदगी का अंत शादी से लौटते तीन युवकों की सड़क हादसे में मौत

    आखिरी 100 मीटर बना जिंदगी का अंत शादी से लौटते तीन युवकों की सड़क हादसे में मौत


    आलीराजपुर । मध्यप्रदेश के आलीराजपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जहां खुशियों से भरी एक रात अचानक मातम में बदल गई बोरी गांव में देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई सबसे दर्दनाक बात यह रही कि हादसा उनके घर से महज 100 मीटर की दूरी पर हुआ

    जानकारी के अनुसार तीनों युवक एक शादी समारोह में शामिल होकर देर रात करीब 2 बजे बाइक से अपने गांव लौट रहे थे रास्ते में जैसे ही वे घर के पास पहुंचे तभी तेज रफ्तार से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया

    मृतकों की पहचान रोशन उम्र 17 वर्ष अनिल उम्र 14 वर्ष और सावन उम्र 15 वर्ष के रूप में हुई है तीनों अलग अलग परिवारों से थे लेकिन आपस में गहरे दोस्त थे शादी में साथ जाना और साथ लौटना उनकी दोस्ती की पहचान थी लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा

    हादसे की खबर मिलते ही गांव में अफरा तफरी मच गई स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को संभाला जा सके

    इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है जिन घरों में कुछ घंटे पहले तक खुशियां थीं वहां अब रोने की आवाजें गूंज रही हैं परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है

    पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी गई है आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्ध वाहनों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है

    यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग के खतरनाक परिणामों को उजागर करता है कुछ ही पलों की लापरवाही ने तीन परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं और पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया

  • 15 लाख कैश और सोने के साथ दबोचा गया लुटेरा सिंगरौली बैंक कांड में पुलिस को बड़ी सफलता

    15 लाख कैश और सोने के साथ दबोचा गया लुटेरा सिंगरौली बैंक कांड में पुलिस को बड़ी सफलता


    सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में हुई सनसनीखेज बैंक डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है 17 अप्रैल को दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था लेकिन अब जांच में अहम प्रगति सामने आई है पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है जिसके पास से भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद हुआ है

    यह डकैती बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बैढ़न शाखा में हुई थी जहां पांच हथियारबंद बदमाशों ने बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया था गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान कमलेश कुमार के रूप में हुई है जो बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला बताया जा रहा है

    आवेदक को रेलवे सुरक्षा बल ने बिहार के रोहतास जिले स्थित डेहरी-ऑन-सोन रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। वह पटना सिंगरौली एक्सप्रेस ट्रेन से अपने गांव लौट आया। कोशिश कर रहा था तलाशी के दौरान उसके पास से 15 लाख 72 हजार रुपये नकद और 61 ग्राम सोना बरामद किया गया जिसकी कुल कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी जा रही है पूछताछ में आरोपी ने डकैती में शामिल होने की बात कबूल कर ली है पुलिस के अनुसार वारदात के बाद वह अपने हिस्से का माल लेकर फरार हो गया था और अब पकड़ा गया है

    घटना के दिन दोपहर में पांच बदमाश हथियारों से लैस होकर बैंक में घुसे थे उनके पास पिस्टल और देशी कट्टे थे उन्होंने महज 15 से 20 मिनट के भीतर पूरी डकैती को अंजाम दे दिया बैंक में घुसते ही उन्होंने कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बना लिया और सभी के मोबाइल फोन छीनकर एक जगह रखवा दिए विरोध करने या आवाज उठाने पर हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाई गई

    बदमाशों ने बैंक मैनेजर को धमकाकर लॉकर की चाबियां निकलवाईं और गोल्ड लोन से जुड़े पांच लॉकर खोलकर करीब ढाई किलो सोने के आभूषण लूट लिए इसके अलावा कैश काउंटर से भी बड़ी रकम लेकर फरार हो गए वारदात के बाद आरोपी दो बाइकों पर सवार होकर मौके से भाग निकले
    घटनास्थल से एक देशी कट्टा बरामद हुआ है जबकि बैंक के सीसीटीवी कैमरों में तीन आरोपियों के चेहरे साफ नजर आए हैं जिससे जांच को गति मिली है

    मामले की गंभीरता को देखते हुए कैलाश मकवाना ने खुद मोर्चा संभाला है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में सघन चेकिंग शुरू कर दी है और विशेष टीमों का गठन कर लगातार दबिश दी जा रही है अब तक इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि तीन अभी भी फरार हैं पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार आरोपी से मिले सुरागों के आधार पर बाकी आरोपियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा

    प्रारंभिक जांच में यह साफ हुआ है कि यह डकैती पूरी तरह से योजनाबद्ध थी आरोपियों को बैंक की संरचना और लॉकर सिस्टम की पहले से जानकारी थी फिलहाल पुलिस पूरे गिरोह तक पहुंचने और लूट का बाकी सामान बरामद करने में जुटी हुई है

  • भोपाल से चंदेरी और ओरछा अब आसमान के रास्ते सीएम ने लॉन्च की पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा

    भोपाल से चंदेरी और ओरछा अब आसमान के रास्ते सीएम ने लॉन्च की पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा


    भोपाल । मध्यप्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजधानी भोपाल से पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा की शुरुआत की इस नई पहल के तहत भोपाल से ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के दो प्रमुख स्थलों चंदेरी और ओरछा को सीधे हवाई मार्ग से जोड़ा गया है

    स्टेट हैंगर से सेवा का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने यात्रियों को बोर्डिंग पास वितरित किए और इस योजना को प्रदेशवासियों के लिए एक बड़ी सौगात बताया उन्होंने कहा कि यह सेवा न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देगी बल्कि यात्रियों का समय भी काफी बचाएगी जिससे लोग कम समय में ज्यादा स्थानों की यात्रा कर सकेंगे

    यह हेली सेवा सप्ताह में पांच दिन बुधवार से रविवार तक संचालित होगी जिससे पर्यटकों को लचीला विकल्प मिलेगा किराए की बात करें तो भोपाल से चंदेरी के लिए 5500 रुपये और भोपाल से ओरछा के लिए 6500 रुपये तय किए गए हैं वहीं 14500 रुपये के विशेष पैकेज में टैक्सी वीआईपी दर्शन प्रसाद और अन्य सुविधाएं शामिल की गई हैं जो यात्रियों को एक संपूर्ण और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करेंगी

    इसके अलावा स्थानीय पर्यटकों और रोमांच के शौकीनों के लिए चंदेरी और ओरछा में 3500 रुपये में जॉय राइड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है जिससे लोग इन ऐतिहासिक शहरों का हवाई दृश्य भी देख सकेंगे यह पहल खासतौर पर उन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी जो कम समय में अनोखा अनुभव लेना चाहते हैं

    इस सेवा को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत संचालित किया जा रहा है जिसमें सुरक्षा और सुविधा दोनों का विशेष ध्यान रखा गया है यात्रियों के लिए 6 सीटों वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जा रहा है साथ ही होटल बुकिंग भोजन और स्थानीय भ्रमण के लिए गाइड की व्यवस्था पहले से तय रहेगी ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े

    बुकिंग के लिए यात्रियों को ऑनलाइन सुविधा भी दी गई है वे आसानी से IRCTC पोर्टल और फ्लायओला वेबसाइट के माध्यम से अपनी सीट आरक्षित कर सकते हैं जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सरल बनती है

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह सेवा भगवान परशुराम की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को समर्पित की गई है उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों को हवाई सेवा से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा में सुविधा मिल सके

    उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मध्यप्रदेश पहले ही एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू कर देश में अग्रणी भूमिका निभा चुका है और अब हेली पर्यटन सेवा के जरिए राज्य को चारों दिशाओं से हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है कुल मिलाकर यह पहल मध्यप्रदेश में पर्यटन के विकास के साथ साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी और राज्य को एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी

  • एमपी में 3 जिलों में लू का अलर्ट, 6 में बारिश की संभावना, रतलाम में पारा 44°C पहुंचा

    एमपी में 3 जिलों में लू का अलर्ट, 6 में बारिश की संभावना, रतलाम में पारा 44°C पहुंचा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में तेज गर्मी के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शनिवार को जहां लू जैसी गर्म हवाएं चलीं, वहीं कई जिलों में बादलों की आवाजाही भी बनी रही। रतलाम में तापमान रिकॉर्ड 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे। रविवार को निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही 6 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    अप्रैल महीने में यह दूसरी बार है जब प्रदेश में मौसम बदलने के संकेत मिले हैं। इससे पहले 1 से 9 अप्रैल के दौरान पूरे राज्य में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिला था। इसके बाद तेज गर्मी ने जोर पकड़ लिया। अब करीब 10 दिन बाद मौसम विभाग, भोपाल ने फिर से बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

    पहली बार 44 डिग्री के पार पहुंचा तापमान

    इस सीजन में पहली बार प्रदेश का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, रतलाम में सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया। उमरिया में 43.8 डिग्री और मंडला में 43.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।

    खजुराहो (छतरपुर) में 42.9 डिग्री, गुना में 42.8 डिग्री, दतिया में 42.6 डिग्री, दमोह और नौगांव में 42.5 डिग्री, जबकि टीकमगढ़ और सतना में तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 41.9 डिग्री तक पहुंचा। भोपाल में 41.4 डिग्री, जबलपुर में 41.7 डिग्री, इंदौर में 40.4 डिग्री और उज्जैन में 40.6 डिग्री दर्ज किया गया।

    तेज गर्मी से बचाव के लिए सलाह जारी

    गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए मौसम विभाग ने एडवायजरी भी जारी की है। लोगों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और खुद को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। दोपहर के समय तेज धूप में ज्यादा देर तक बाहर न रहने, हल्के और सूती कपड़े पहनने की भी अपील की गई है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
  • MP: ग्वालियर में खुले पड़े सीवर चैंबर में गिरने से एक मजदूर की मौत

    MP: ग्वालियर में खुले पड़े सीवर चैंबर में गिरने से एक मजदूर की मौत


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में ग्वालियर (Gwalior) के झांसी रोड थाना क्षेत्र में दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां खुले पड़े सीवर चैंबर (Open Sewer Chamber) में गिरने से एक मजदूर की जान चली गई. मृतक की पहचान सौरभ बाथम (Saurabh Batham) के रूप में हुई है, मजदूरी कर गुजारा करता था. स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सीवर चैंबर लंबे समय से खुला पड़ा था. बार-बार शिकायतों के बावजूद नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की. ऐसे में सवाल है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी किस हादसे का इंतजार कर रहे थे?

    यह घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र की गणेश कॉलोनी ओफो की बगिया की है. यहां शुक्रवार की शाम सनसनी फैल गई. एक खुले हुए सीवर चैंबर में संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक गिर गया. स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद सौरभ को बाहर निकाला. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी- डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि सौरभ शराब पीने का आदी था।

    आशंका जताई जा रही है कि नशे की हालत में वह खुले चैंबर को देख नहीं पाया और उसमें गिर गया. इस घटना के बाद इलाके में नगर निगम की लापरवाही को लेकर लोगों में आक्रोश है. स्थानीय लोगों का कहना है कि चैंबर लंबे समय से खुला पड़ा था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. अगर समय रहते चैंबर को ढका गया होता तो शायद सौरभ की जान बच जाती।

    घटना के बाद इलाके में गुस्सा फूट पड़ा है. स्थानीय लोगों ने नगर निगम के खिलाफ नाराजगी जताई और इसे लापरवाही बताया. वहीं इस मामले की सूचना मिलते ही झांसी रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा होगा।

  • MP: नीमच में सनसनीखेज घटना… घर की छत पर बिना कपड़े-खाने के तड़पती मिली महिला

    MP: नीमच में सनसनीखेज घटना… घर की छत पर बिना कपड़े-खाने के तड़पती मिली महिला


    नीमच।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नीमच जिले (Neemuch district) से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 40 साल की महिला (40 Year Old Woman) को उसके ही घर की छत पर बेहद विचलित कर देने वाली स्थिति में पाया गया। सीमा सोनी नाम की यह महिला पिछले पांच महीनों से चिलचिलाती धूप में बिना कपड़ों के, एक गंदी चादर के सहारे जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी। जब महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम मौके पर पहुंची, तो उसकी हालत इतनी नाजुक थी कि वह मुश्किल से बोल पा रही थी। जब अधिकारियों ने उसे पुकारा तो उसके मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला- खाना।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, पड़ोसियों और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीमा पहले काफी मिलनसार स्वभाव की थी, लेकिन मानसिक बीमारी की चपेट में आने के बाद उसने खुद को दुनिया से अलग कर लिया था। कई लोगों को तो यह तक लगा कि वह कहीं बाहर चली गई है।


    कैसे हुआ खुलासा?

    विभाग की परियोजना अधिकारी दीपिका नामदेव ने बताया कि उन्हें वीडियो फुटेज और कॉल्स के जरिए इस भयावह स्थिति की सूचना मिली थी। जब टीम इंदिरा नगर भगवानपुरा इलाके में पहुंची, तो सीमा को गंभीर रूप से कुपोषित और डिप्रेशन की स्थिति में पाया गया। उन्हें तुरंत खाना और पानी दिया गया और फिर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    दूसरी ओर, सीमा के पति अजीत सोनी ने इन आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि परिवार उनकी देखभाल कर रहा था। पति के अनुसार, सीमा साल 2016 से ही मानसिक बीमारी से जूझ रही हैं और उनका इलाज अहमदाबाद और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में कराया जा चुका है। उन्होंने छत पर रहने की बात को जायज ठहराते हुए तर्क दिया कि घर में निर्माण कार्य चल रहा था, जिस कारण उन्हें वहां रखा गया था। फिलहाल, प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सीमा की जान बचाना है।

  • एमपी बोर्ड सेकेंड एग्जाम का मौका 10वीं 12वीं के छात्रों के लिए आवेदन शुरू 7 मई से परीक्षा

    एमपी बोर्ड सेकेंड एग्जाम का मौका 10वीं 12वीं के छात्रों के लिए आवेदन शुरू 7 मई से परीक्षा


    भोपाल । मध्यप्रदेश में बोर्ड परीक्षा से जुड़े छात्रों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है जहां मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं की द्वितीय परीक्षा को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है इस फैसले के तहत उन छात्रों को बड़ा अवसर मिला है जो मुख्य परीक्षा में असफल रहे हैं या अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं

    बोर्ड द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार द्वितीय परीक्षा 7 मई 2026 से शुरू होगी इस परीक्षा में न केवल फेल हुए विद्यार्थी बल्कि वे छात्र भी शामिल हो सकेंगे जो अपने प्राप्त अंकों को बेहतर करना चाहते हैं यानी श्रेणी सुधार के इच्छुक छात्र भी इस मौके का लाभ उठा सकते हैं

    आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है छात्र एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 22 अप्रैल 2026 तक आवेदन कर सकते हैं बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होगा इसके बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा

    परीक्षा कार्यक्रम की बात करें तो 10वीं कक्षा की द्वितीय परीक्षा 7 मई से शुरू होकर 19 मई 2026 तक चलेगी वहीं 12वीं कक्षा की परीक्षा 7 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित की जाएगी इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 5 लाख विद्यार्थी इस द्वितीय परीक्षा में शामिल हो सकते हैं जो इसे एक बड़ा आयोजन बनाता है

    बोर्ड का यह कदम उन छात्रों के लिए राहत भरा है जो किसी कारणवश मुख्य परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए थे अब उन्हें बिना एक साल गंवाए अपनी स्थिति सुधारने का अवसर मिल रहा है इससे छात्रों का शैक्षणिक वर्ष भी सुरक्षित रहेगा और उनके करियर पर नकारात्मक प्रभाव भी कम होगा

    शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की द्वितीय परीक्षा प्रणाली छात्रों के लिए सकारात्मक पहल है क्योंकि इससे उन्हें एक और मौका मिलता है अपनी तैयारी को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने का साथ ही यह व्यवस्था शिक्षा प्रणाली को अधिक लचीला और छात्र हितैषी बनाती है कुल मिलाकर मध्यप्रदेश बोर्ड की यह पहल हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है जो अपने परिणाम को सुधारना चाहते हैं या आगे की पढ़ाई में बिना रुकावट के बढ़ना चाहते हैं