Category: Madhya Pradesh

  • एमपी सरकार का बड़ा ऐलान गेहूं बिक्री के लिए अब ज्यादा समय और ज्यादा सुविधा

    एमपी सरकार का बड़ा ऐलान गेहूं बिक्री के लिए अब ज्यादा समय और ज्यादा सुविधा


    भोपाल । मध्यप्रदेश के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत भरा फैसला सामने आया है जहां राज्य सरकार ने गेहूं उपार्जन को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया है अब किसान 30 अप्रैल 2026 तक गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे यह निर्णय किसानों को अधिक समय और सुविधा देने के उद्देश्य से लिया गया है जिससे वे बिना किसी जल्दबाजी के अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर बेच सकें

    डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अवधि में 6 दिन की वृद्धि की है इसके साथ ही एक और अहम बदलाव करते हुए स्लॉट बुकिंग की क्षमता को भी बढ़ा दिया गया है पहले जहां एक स्लॉट में 1000 क्विंटल गेहूं की सीमा तय थी वहीं अब इसे बढ़ाकर 1500 क्विंटल कर दिया गया है इस फैसले से बड़े और मध्यम किसानों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है

    अब तक की स्थिति पर नजर डालें तो प्रदेश में गेहूं खरीदी का काम तेजी से चल रहा है आंकड़ों के मुताबिक अब तक 1 लाख 30 हजार 655 किसानों से 57 लाख 13 हजार 640 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है इसके एवज में किसानों के खातों में 355 करोड़ 3 लाख रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है यह भुगतान सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया है जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके

    वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने के लिए आगे आ रहे हैं अब तक 4 लाख 22 हजार 848 किसानों ने 1 करोड़ 82 लाख 96 हजार 810 क्विंटल गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक कराए हैं इससे साफ है कि इस बार गेहूं उपार्जन को लेकर किसानों में उत्साह देखने को मिल रहा है

    राज्य सरकार ने खरीदी प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए प्रदेशभर में 3171 उपार्जन केंद्र स्थापित किए हैं इन केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं जैसे छायादार बैठने की व्यवस्था स्वच्छ पेयजल बारदाने तौल कांटे सिलाई मशीन कंप्यूटर इंटरनेट और गुणवत्ता परीक्षण उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं इसके अलावा उपज की सफाई के लिए पंखे और छनने की व्यवस्था भी की गई है ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े

    वर्ष 2026 27 के लिए सरकार ने गेहूं की खरीदी 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से करने का निर्णय लिया है इसमें केंद्र सरकार द्वारा तय 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ राज्य सरकार की ओर से 40 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस भी शामिल है इस मूल्य से किसानों को उनकी उपज का बेहतर लाभ मिलने की उम्मीद है

    इस वर्ष गेहूं उपार्जन के लिए 19 लाख 4 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 3 लाख 60 हजार अधिक है यह आंकड़ा दर्शाता है कि सरकार की योजनाओं पर किसानों का भरोसा बढ़ा है पिछले साल जहां लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था वहीं इस साल 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है

    कुल मिलाकर सरकार का यह निर्णय किसानों के लिए राहत और सुविधा दोनों लेकर आया है जिससे उन्हें अपनी मेहनत की उपज का उचित मूल्य पाने में मदद मिलेगी और खरीदी प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बन सकेगी

  • शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर भोपाल में किया प्रदर्शन, TET अनिवार्यता का विरोध, बड़े आंदोलन की चेतावनी

    शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर भोपाल में किया प्रदर्शन, TET अनिवार्यता का विरोध, बड़े आंदोलन की चेतावनी


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार को शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। शिक्षकों ने एमपी नगर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

    दशहरा मैदान में जुटी भारी भीड़

    भोपाल के भेल स्थित दशहरा मैदान में आयोजित मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा के तहत अलग-अलग जिलों से आए करीब 50 हजार से अधिक शिक्षकों ने हिस्सा लिया। भारी भीड़ के चलते पंडाल छोटा पड़ गया, जिससे कई शिक्षकों को पेड़ों की छांव में बैठना पड़ा।

    TET अनिवार्यता पर जताया विरोध
    संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य किए जाने का विरोध किया। उनका कहना है कि जो शिक्षक पहले से सेवा में हैं, उनसे दोबारा परीक्षा दिलवाना अनुचित है। उन्होंने मांग की कि यदि सरकार परीक्षा लेना चाहती है तो शिक्षकों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया जाए और उन्हें अन्य कार्यों, जैसे जनगणना, में न लगाया जाए।
    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार को शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। शिक्षकों ने एमपी नगर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

    दशहरा मैदान में जुटी भारी भीड़

    भोपाल के भेल स्थित दशहरा मैदान में आयोजित मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा के तहत अलग-अलग जिलों से आए करीब 50 हजार से अधिक शिक्षकों ने हिस्सा लिया। भारी भीड़ के चलते पंडाल छोटा पड़ गया, जिससे कई शिक्षकों को पेड़ों की छांव में बैठना पड़ा।

    TET अनिवार्यता पर जताया विरोध
    संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य किए जाने का विरोध किया। उनका कहना है कि जो शिक्षक पहले से सेवा में हैं, उनसे दोबारा परीक्षा दिलवाना अनुचित है। उन्होंने मांग की कि यदि सरकार परीक्षा लेना चाहती है तो शिक्षकों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया जाए और उन्हें अन्य कार्यों, जैसे जनगणना, में न लगाया जाए।

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढ़ी चिंता 
    शिक्षकों का दावा है कि हालिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 90 से 95 प्रतिशत शिक्षक प्रभावित हुए हैं, खासकर वे जो पहले अध्यापक संवर्ग में थे और बाद में शिक्षक बने। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर नई शर्तें लागू करना न्यायसंगत नहीं है।

    सेवा गणना और पेंशन को लेकर नाराजगी

    संयुक्त मोर्चा ने आरोप लगाया कि सरकार नियुक्ति की मूल तारीख से सेवा की गणना नहीं कर रही, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। साथ ही TET अनिवार्यता से भविष्य में पेंशन और ग्रेच्युटी पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई। शिक्षकों ने आखिर में एमपी नगर एसडीएम एल.के खरे को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की। इसके साथ ही दिन भर चला यह बड़ा प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया।

    जून में बड़े आंदोलन की चेतावनी

    अध्यापक संघ के अध्यक्ष भरत पटेल ने साफ कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया, तो जून में राज्यव्यापी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। बता दें कि इससे पहले 8 अप्रैल को जिला स्तर और 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर भी प्रदर्शन किए जा चुके हैं। उसी क्रम में भोपाल में यह राज्य स्तरीय आंदोलन आयोजित किया गया।

    शिक्षकों का दावा है कि हालिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 90 से 95 प्रतिशत शिक्षक प्रभावित हुए हैं, खासकर वे जो पहले अध्यापक संवर्ग में थे और बाद में शिक्षक बने। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर नई शर्तें लागू करना न्यायसंगत नहीं है।

    सेवा गणना और पेंशन को लेकर नाराजगी

    संयुक्त मोर्चा ने आरोप लगाया कि सरकार नियुक्ति की मूल तारीख से सेवा की गणना नहीं कर रही, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। साथ ही TET अनिवार्यता से भविष्य में पेंशन और ग्रेच्युटी पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई। शिक्षकों ने आखिर में एमपी नगर एसडीएम एल.के खरे को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की। इसके साथ ही दिन भर चला यह बड़ा प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया।

    जून में बड़े आंदोलन की चेतावनी

    अध्यापक संघ के अध्यक्ष भरत पटेल ने साफ कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया, तो जून में राज्यव्यापी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। बता दें कि इससे पहले 8 अप्रैल को जिला स्तर और 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर भी प्रदर्शन किए जा चुके हैं। उसी क्रम में भोपाल में यह राज्य स्तरीय आंदोलन आयोजित किया गया।

  • सीहोर में खौफनाक वारदात, बेटे ने पिता को पीट पीटकर मार डाला घर में पसरा मातम

    सीहोर में खौफनाक वारदात, बेटे ने पिता को पीट पीटकर मार डाला घर में पसरा मातम


    सीहोर । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने मानवीय रिश्तों की मर्यादा और विश्वास को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। जिला मुख्यालय के समीपस्थ गंज क्षेत्र में शुक्रवार को एक बेटे ने अपने ही पिता की इतनी बेरहमी से पिटाई की कि उनकी जान चली गई। जिस आंगन में पिता की छांव में बच्चे सुरक्षित महसूस करते हैं उसी आंगन में एक बेटे का जल्लाद रूप देखकर पूरा इलाका दहल उठा है। यह घटना केवल एक हत्या नहीं बल्कि एक हसंते-खेलते परिवार के उजड़ने और सामाजिक ताने-बाने के बिखरने की एक दुखद कहानी है।

    मामला गंज क्षेत्र के कोली मोहल्ला का है जहाँ शुक्रवार का दिन एक सामान्य दिन की तरह शुरू हुआ था लेकिन शाम ढलते-ढलते यहाँ मातम पसर गया। पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यहाँ रहने वाले सोनू शाक्य का अपने पिता सुभाष शाक्य के साथ किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। शुरुआत में यह बहस सामान्य लग रही थी लेकिन देखते ही देखते विवाद इतना उग्र हो गया कि सोनू अपना आपा खो बैठा। आवेश में आकर सोनू ने अपने वृद्ध पिता पर जानलेवा हमला बोल दिया।

    चश्मदीदों और परिजनों की मानें तो विवाद के दौरान सोनू के सिर पर खून सवार था। उसने अपने पिता की इतनी निर्दयता से पिटाई की कि वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। चीख-पुकार सुनकर जब आसपास के लोग और परिवार के अन्य सदस्य वहाँ पहुंचे तो सुभाष शाक्य अचेत अवस्था में पड़े थे। घर में मौजूद माँ की स्थिति सबसे दयनीय थी जो अपनी आंखों के सामने अपने सुहाग को अपने ही बेटे के हाथों उजड़ते देख रही थी। वह बदहवास होकर रोती रही लेकिन गुस्से में अंधा हो चुका बेटा तब तक अनर्थ कर चुका था।

    स्थानीय लोग और परिजन आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल सुभाष शाक्य को उठाकर जिला अस्पताल ले गए। रास्ते भर सबकी यही प्रार्थना थी कि वे बच जाएं लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि डॉक्टरों का हर प्रयास विफल रहा। प्राथमिक परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से आई मौत की खबर ने कोली मोहल्ले में सन्नाटा पसरा दिया। लोग यह यकीन नहीं कर पा रहे थे कि सोनू जैसा युवक ऐसी जघन्य वारदात को अंजाम दे सकता है।

    घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई और तत्काल मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार होने की फिराक में लगे आरोपी पुत्र सोनू शाक्य को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त में है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। हालाँकि अभी तक हत्या के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है लेकिन प्राथमिक जांच में इसे पारिवारिक क्लेश और आवेश में किया गया अपराध माना जा रहा है।

    सीहोर की इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर युवा पीढ़ी में धैर्य की इतनी कमी क्यों होती जा रही है? पुलिस अब मोहल्ले वालों और परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज कर रही है ताकि विवाद की उस जड़ तक पहुँचा जा सके जिसने एक बेटे को अपने ही पिता का कातिल बना दिया। फिलहाल सुभाष शाक्य का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है और पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

  • बंगाल में बदलाव की हुंकार सीएम मोहन यादव बोले जंगलराज से मुक्ति दिलाएगी भाजपा

    बंगाल में बदलाव की हुंकार सीएम मोहन यादव बोले जंगलराज से मुक्ति दिलाएगी भाजपा

    कोलकाता/भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जोरदार चुनाव प्रचार किया। उन्होंने कमरहाटी क्षेत्र के वार्ड 24 और 112 में घर घर पहुंचकर लोगों से मुलाकात की और दुकानों पर जाकर आम नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में बदलाव और विकास के नाम पर भाजपा को समर्थन देने की अपील की।

    कोलकाता में जनसंपर्क अभियान के दौरान डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अब पश्चिम बंगाल की जनता ठहराव नहीं बल्कि विकास चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य विकास की दौड़ में पीछे छूटता जा रहा है जबकि देश के अन्य राज्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार बंगाल को फिर से प्रगति के रास्ते पर लाने के लिए भाजपा की सरकार बनना जरूरी है।

    उन्होंने कहा कि बंगाल अब जंगलराज से मुक्ति चाहता है और यहां की जनता बदलाव के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आगामी चुनाव में जनता प्रचंड बहुमत से भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में लाने का मन बना चुकी है। उन्होंने भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल को विकास और समृद्धि का प्रतीक बताते हुए लोगों से इसे चुनने का आग्रह किया।

    इस दौरान उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का भी जिक्र किया और कहा कि देश के कई राज्यों में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। मध्यप्रदेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी विकास की गति लगातार बढ़ी है और इसी मॉडल को बंगाल में भी लागू किया जा सकता है।

    जनसंपर्क के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों की समस्याएं भी सुनीं और भरोसा दिलाया कि भाजपा की सरकार बनने पर जनकल्याण योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना ही उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए मजबूत और स्थिर सरकार जरूरी है।

    डॉ. मोहन यादव का यह दौरा दो दिनों का बताया जा रहा है जिसमें वे विभिन्न क्षेत्रों में जनसभाएं और संपर्क अभियान चला रहे हैं। राजनीतिक रूप से यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसके जरिए भाजपा बंगाल में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

  • एमपी में बड़ा बदलाव ,कॉलेजों की शिकायतें अब प्राचार्य नहीं, कलेक्टर और कमिश्नर करेंगे जांच

    एमपी में बड़ा बदलाव ,कॉलेजों की शिकायतें अब प्राचार्य नहीं, कलेक्टर और कमिश्नर करेंगे जांच


    भोपाल । मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश ने सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से जुड़ी शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया में अहम परिवर्तन करते हुए नया आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत अब प्राचार्य और क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक शिकायतों का निराकरण नहीं कर सकेंगे।

    नए निर्देशों के अनुसार कॉलेज और यूनिवर्सिटी से संबंधित सभी प्रकार की शिकायतों की जांच और समाधान का अधिकार अब जिला कलेक्टर और संभागीय कमिश्नर को दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी स्तर पर प्राप्त शिकायतों पर प्राचार्य या क्षेत्रीय अधिकारी स्वयं निर्णय नहीं लेंगे बल्कि उन्हें संबंधित कलेक्टर और कमिश्नर को भेजना अनिवार्य होगा।

    अब तक की व्यवस्था में कॉलेज प्राचार्य और क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक ही छात्रों शिक्षकों और अन्य संबंधित पक्षों से मिलने वाली शिकायतों की जांच करते थे और उनका समाधान भी उसी स्तर पर किया जाता था। लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह जिम्मेदारी उच्च प्रशासनिक अधिकारियों के पास चली गई है।

    विभाग का मानना है कि इस बदलाव से शिकायत निवारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ेगी। कई बार स्थानीय स्तर पर पक्षपात या दबाव की आशंका रहती थी जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अब जिला और संभाग स्तर पर गठित कमेटी शिकायतों की जांच करेगी और उसी आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी।

    सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अक्सर शैक्षणिक प्रशासनिक और अनुशासन से जुड़े कई तरह के मामले सामने आते हैं। इनमें छात्रों की समस्याएं शिक्षकों से जुड़े विवाद परीक्षा और मूल्यांकन से संबंधित शिकायतें शामिल होती हैं। नई व्यवस्था के तहत इन सभी मामलों को अब सीधे उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा।

    इस फैसले को उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि इससे प्राचार्यों की भूमिका सीमित हो जाएगी लेकिन विभाग को उम्मीद है कि इससे शिकायतों के निष्पक्ष समाधान में सुधार आएगा और छात्रों तथा शिक्षकों का भरोसा भी मजबूत होगा।

  • प्रदर्शन पड़ा भारी ,केन बेतवा प्रोजेक्ट के विरोध, में 50 लोगों पर केस दर्ज

    प्रदर्शन पड़ा भारी ,केन बेतवा प्रोजेक्ट के विरोध, में 50 लोगों पर केस दर्ज


    छतरपुर । मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में चल रहे प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। इस मामले में यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार समेत करीब 50 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कार्रवाई के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

    जानकारी के अनुसार ग्राम ढोड़न में परियोजना के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा था जहां स्थिति उस समय बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान शासकीय कार्य में बाधा डाली गई कर्मचारियों के साथ अभद्रता की गई और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। इन आरोपों के आधार पर बमीठा थाने में गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।

    बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई की शुरुआत चंद्रनगर रेंजर की शिकायत के बाद हुई। मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब प्रदर्शन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह वीडियो कथित तौर पर अभिषेक परमार की ओर से अपलोड किया गया था जिसके आधार पर पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों की पहचान शुरू की। अब तक 15 से 20 लोगों की पहचान की जा चुकी है और आगे भी जांच जारी है।

    बमीठा थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे के मुताबिक वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेंद्र तिवारी ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। FIR में सरकारी कर्मचारी पर हमला शासकीय कार्य में बाधा डालना और लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 (1) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

    पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आरोपियों की पहचान की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में है और इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

    यह मामला अब सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि राजनीतिक रंग भी लेता नजर आ रहा है। एक ओर जहां प्रशासन इसे कानून के उल्लंघन का मामला बता रहा है वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारी इसे अपने अधिकारों की आवाज बता रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।

  • राजगढ़ कुक्षी रोड पर सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर पलटी बस, 14 लोग घायल

    राजगढ़ कुक्षी रोड पर सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर पलटी बस, 14 लोग घायल


    कुक्षी । मध्य प्रदेश के राजगढ़ कुक्षी मार्ग पर शनिवार सुबह एक गंभीर सड़क हादसा हो गया। आंबासोटी घाट के पास एक निजी यात्री बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में 14 से अधिक लोग घायल हो गए।

    घाट पर नियंत्रण खोने से पलटी बस

    जानकारी के अनुसार, बस राजगढ़ से टांडा बाग होते हुए मनावर जा रही थी। सुबह करीब 9:30 बजे रिंगनौद के आगे टांडा घाट क्षेत्र में चालक ने बस पर नियंत्रण खो दिया, जिससे वह सड़क किनारे पलट गई। हादसे के तुरंत बाद चालक मौके से फरार हो गया।

    एक युवक की हालत गंभीर

    हादसे में संजय नामक युवक के दोनों पैर बस के नीचे दबकर बुरी तरह कुचल गए। घटना के बाद उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। डॉक्टरों के मुताबिक, संजय की स्थिति गंभीर है और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रेफर किया गया है। उनकी पत्नी भी घायल हुई हैं और उनका इलाज जारी है।

    तुरंत शुरू हुआ राहत-बचाव कार्य
    घटना की सूचना मिलते ही रिंगनौद चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत कार्य शुरू किया गया। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

    अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी

    पुलिस के अनुसार, कुल 14 यात्री घायल हुए हैं। इनमें से 7 को राजगढ़ के कंचन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी 7 का इलाज टांडा के शासकीय अस्पताल में चल रहा है। सभी को सामान्य से मध्यम चोटें आई हैं। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और फरार बस चालक की तलाश की जा रही है।

  • महू में चिप्स फैक्ट्री में बॉयलर ब्लास्ट, धमाके से मचा हड़कंप, बच्चे का चेहरा झुलसा

    महू में चिप्स फैक्ट्री में बॉयलर ब्लास्ट, धमाके से मचा हड़कंप, बच्चे का चेहरा झुलसा


    महू । मध्य प्रदेश के महू क्षेत्र के कोदरिया गांव में शनिवार सुबह एक आलू चिप्स फैक्ट्री में जोरदार धमाका हो गया। इस हादसे में बॉयलर फटने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना में फैक्ट्री परिसर में रहने वाला एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया।

    गंभीर हालत में बच्चे को किया रेफर
    घायल बच्चे की पहचान शुभम, पिता जितेंद्र मकवाना के रूप में हुई है। धमाके के तुरंत बाद उसे महू के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर इंदौर रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि उसका चेहरा बुरी तरह झुलस गया है।

    धमाके की आवाज से दहला इलाका
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट इतना तेज था कि उसकी गूंज दूर तक सुनाई दी। धमाके के बाद बॉयलर से निकलती भाप ने हालात को और भयावह बना दिया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में घबराहट फैल गई। शुभम अपने परिवार के साथ इसी फैक्ट्री परिसर में रहता था, जहां उसके पिता भी काम करते हैं।

    अवैध फैक्ट्रियों पर उठे सवाल
    घटना के बाद स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में संचालित फैक्ट्रियों की वैधता पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कोदरिया और आसपास कई यूनिट बिना अनुमति के चल रही हैं, जिन पर प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। हादसे के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई और जांच पर सभी की नजर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध फैक्ट्रियों पर सख्ती की जाती, तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता था।

  • मैहर में दर्दनाक हादसा: तालाब में नहाने गई चार लड़कियां डूबीं, दो की मौत, दो की जान बची

    मैहर में दर्दनाक हादसा: तालाब में नहाने गई चार लड़कियां डूबीं, दो की मौत, दो की जान बची

    मैहर । मध्य प्रदेश के मैहर जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां तालाब में नहाने गई चार लड़कियां डूब गईं। इस घटना में दो लड़कियों की मौत हो गई, जबकि दो को ग्रामीणों ने समय रहते बचा लिया।

    नहाने के दौरान हुआ हादसा

    कोतवाली थाना क्षेत्र के पटेहरा तालाब में यह घटना हुई। जानकारी के अनुसार, पटेहरा बीड़ी कॉलोनी की एक युवती और तीन नाबालिग किशोरियां सुबह नहाने के लिए तालाब पहुंची थीं। इसी दौरान एक किशोरी का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई।

    बचाने की कोशिश बनी जानलेवा

    पहली किशोरी को बचाने के प्रयास में बाकी तीनों भी आगे बढ़ीं, लेकिन संतुलन बिगड़ने से चारों पानी में डूबने लगीं। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और दो लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, दो की जान नहीं बचाई जा सकी।

    मृतकों की पहचान

    हादसे में जान गंवाने वाली लड़कियों की पहचान पूनम चौधरी (10) और आंचल चौधरी (20) के रूप में हुई है, जो पटेहरा बीड़ी कॉलोनी की निवासी थीं। दोनों के शवों को सिविल अस्पताल मैहर भेजा गया है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम दिव्या पटेल, तहसीलदार जितेंद्र पटेल और थाना प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    इलाके में पसरा मातम

    इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। एक छोटी सी चूक ने दो जिंदगियां छीन लीं, जिससे स्थानीय लोग स्तब्ध हैं।

  • इंदौर में स्विफ्ट कार बनी आग का गोला समय रहते बाहर निकला परिवार टला बड़ा हादसा

    इंदौर में स्विफ्ट कार बनी आग का गोला समय रहते बाहर निकला परिवार टला बड़ा हादसा


    इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में एक बड़ा हादसा होते होते टल गया जब रेडिसन चौराहा के पास बॉम्बे हॉस्पिटल रोड पर एक चलती मारुति स्विफ्ट कार में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना के दौरान कार में एक पूरा परिवार सवार था जिसमें पति पत्नी, उनकी बुजुर्ग मां और लगभग तीन साल की बच्ची शामिल थी।

    जानकारी के अनुसार जैसे ही कार आगे बढ़ रही थी तभी अचानक उसमें से धुआं निकलने लगा और कुछ ही पलों में आग की लपटें दिखाई देने लगीं। स्थिति को भांपते हुए चालक ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और कार को सड़क किनारे रोक दिया। बिना देर किए पूरे परिवार ने समय रहते वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।

    घटना के दौरान सड़क से गुजर रहे राहगीरों ने भी तत्परता दिखाई। मौके पर मौजूद एक पानी के टैंकर चालक ने तुरंत स्थिति को समझते हुए आग बुझाने का प्रयास किया और पानी डालकर आग पर काफी हद तक काबू पाया। उनकी इस तेजी और सूझबूझ की वजह से आग और ज्यादा फैलने से रोक ली गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चपेट में आ गया। अगर परिवार समय रहते बाहर नहीं निकलता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही विजयनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। एसीपी पराग सैनी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए जांच जारी है।

    इस घटना में राहत की बात यह रही कि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और पूरा परिवार सुरक्षित बच गया। स्थानीय लोगों और राहगीरों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि तकनीकी खराबी के अलावा कोई अन्य कारण तो जिम्मेदार नहीं था।